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भाग I · स्था. 11.2025 
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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भारत में 750 और पायलटों को ट्रेनिंग देंगे: केंद्र ने शुरू किए 11 फ्लाइंग स्कूल

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· Infrastructure (energy, ports, roads, railways)· Prelims·

चर्चा में क्यों

केंद्र सरकार ने भारत की वार्षिक पायलट प्रशिक्षण क्षमता में 750 कैडेटों की वृद्धि करने के उद्देश्य से 11 नए फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन्स (FTOs) के लिए 'लेटर ऑफ इंटेंट' जारी किए हैं।

पृष्ठभूमि

सरकार, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा संचालित सात हवाई अड्डों पर 11 नए उड़ान प्रशिक्षण संगठन (FTOs) स्थापित कर रही है। इस पहल का उद्देश्य वर्ष 2024 के 1,347 से वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस (CPL) की संख्या में वृद्धि कर वर्ष 2025 तक इसे 1,652 तक पहुँचाना है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • संस्थाAirports Authority of India (AAI): नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधीन एक सांविधिक निकाय।
  • तथ्यप्रशिक्षण विमानों की संख्या 324 से बढ़कर 385 हो रही है।
  • तथ्यवार्षिक पायलट प्रशिक्षण क्षमता में लक्षित वृद्धि 750 कैडेट्स है।
  • पदराम मोहन नायडू: नागरिक उड्डयन मंत्री।

मेन्स के लिए

Q. भारत को एक वैश्विक विमानन केंद्र (ग्लोबल एविएशन हब) के रूप में सुदृढ़ करने में विमानन बुनियादी ढांचे के विस्तार और पायलट प्रशिक्षण क्षमता के महत्व पर चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • aviation ecosystem growth
  • manufacturing of trainer aircraft
  • skill development
  • logistics efficiency

कीवर्ड: aviation infrastructure · capacity building · manufacturing ecosystem · skill development

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँस्रोत: The Hindu ↗यह भी: GS2 · Government policies & schemes

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।