यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,263 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (504) · उद्योग, निवेश एवं MSME (458) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (293) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (293) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (272) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (189) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (139) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (115)
चर्चा में क्यों: IRDAI ने परिचालन लचीलेपन और पॉलिसीधारकों के संरक्षण को बढ़ानेके उद्देश्य से प्रमुख बीमा क्षेत्र सुधारों को मंजूरी दी और ProTec General Insurance Ltd को पंजीकृत किया।
29 जुलाई, 2026 को, IRDAI ने 'पॉलिसीधारकों शिक्षा एवं संरक्षण कोष' के सृजन सहित विभिन्न सुधारों को अनुमोदित किया। ProTec General Insurance Ltd वर्ष 2026 में पंजीकृत होने वाली चौथी सामान्य बीमा कंपनी बनी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाIRDAI: भारत में बीमा और पुनर्बीमा उद्योगों को विनियमित और प्रोत्साहित करने के लिए जिम्मेदार वैधानिक निकाय।
तथ्यProTec General Insurance Ltd: 2026 में IRDAI द्वारा पंजीकृत चौथी सामान्य बीमा कंपनी।
विज्ञान-तकनीकपॉलिसीहोल्डर्स एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (Policyholders’ Education and Protection Fund): उपभोक्ता जागरूकता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए IRDAI की एक नई पहल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बीमा क्षेत्र में नियामक सुधारों के माध्यम से परिचालन संबंधी लचीलेपन की आवश्यकता और नीतिधारकों के सुदृढ़ संरक्षण की अनिवार्यता के बीच संतुलन स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने घरेलू चिप निर्माण और आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ करने के लिए ₹1.27 लाख करोड़ के परिव्यय के साथ भारत के सेमीकंडक्टर मिशन (ISM 2.0) को स्वीकृति प्रदान की है।
ISM 2.0 पहल के अंतर्गत चिप निर्माण, उपकरण, सामग्री और डिजाइन उपकरणों को सब्सिडी प्रदान करने हेतु छह वर्षों की अवधि में ₹1.27 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। इसका उद्देश्य वर्ष 2029 तक 70-75% अनुप्रयोगों के लिए घरेलू उत्पादन क्षमता प्राप्त करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनाISM 2.0: चिप निर्माण आपूर्ति श्रृंखलाओं पर केंद्रित भारत के सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा संस्करण।
तथ्यISM 2.0 परिव्यय: छह वर्षों की अवधि में ₹1.27 लाख करोड़।
तथ्यलक्ष्य: 2029 तक 70-75% अनुप्रयोगों के लिए घरेलू चिप उत्पादन प्राप्त करना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के वैश्विक केंद्र और तकनीकी संप्रभुता के लक्ष्य को प्राप्त करने में 'सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: Giottus.com के CEO ने रेखांकित किया कि भारत में क्रिप्टो कर संबंधी विवाद मुख्य रूप से Virtual Digital Assets (VDAs) के दोषपूर्ण रिकॉर्ड-कीपिंग के कारण उत्पन्न होते हैं, न कि जानबूझकर किए गए कर चोरी के कारण।
भारत आभासी डिजिटल परिसंपत्तियों (VDAs) से होने वाले लाभ पर 30% कर आरोपित करता है। इन परिसंपत्तियों से संबंधित निर्दिष्ट लेनदेन पर 1% स्रोत पर कर कटौती (TDS) लागू होती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यVirtual Digital Assets (VDAs) से होने वाले लाभ पर भारत की कर दर 30% है।
तथ्यवर्चुअल डिजिटल एसेट्स (virtual digital assets) से जुड़े निर्दिष्ट लेनदेन पर 1% TDS लागू होता है।
विज्ञान-तकनीकVirtual Digital Assets (VDAs) में क्रिप्टोकरेंसी और non-fungible tokens (NFTs) शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: क्रिप्टोकरेंसी बाजार को विनियमित करने में भारतीय कर प्रशासन के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और अनुपालन एवं पारदर्शिता में सुधार के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: प्रमुख भारतीय निजी बैंक (ICICI, HDFC, Kotak) 32 बिलियन डॉलर से अधिक के फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट (FCNR) जमा की बढ़ती लागत के कारण मार्जिन दबाव का सामना कर रहे हैं।
17 जुलाई, 2026 तक, FCNR जमा योजना के अंतर्गत 32 बिलियन डॉलर से अधिक की पूंजी जुटा ली गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा किया जाने वाला स्वैप केवल मूल राशि को कवर करता है, जिसके परिणामस्वरूप बैंकों के लिए प्रभावी जमा लागत 6.5% से अधिक हो गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य17 जुलाई, 2026 तक जुटाए गए FCNR जमा: $32 बिलियन से अधिक।
तथ्यFCNR फंड के लिए प्रभावी जमा लागत: स्वैप सीमाओं के कारण 6.5% से अधिक।
संस्थाभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) FCNR जमा योजना और स्वैप कवर का नियमन करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय निजी बैंकों के शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) पर उच्च-लागत वाली विदेशी मुद्रा जमा राशि के प्रभाव और विदेशी ऋण से जुड़े जोखिमों का विश्लेषण कीजिए।
इंटरेस्ट रेट में उतार-चढ़ाव: ग्लोबल रेट्स में बदलाव से FCNR फंड की लागत और घरेलू लेंडिंग यील्ड पर असर
लिक्विडिटी-प्रॉफिटेबिलिटी ट्रेड-ऑफ: ओवरसीज लोन पर कम मार्जिन से हाई-कॉस्ट डिपॉजिट मोबिलाइजेशन की प्रॉफिटेबिलिटी कम होने का जोखिम
रेगुलेटरी ओवरसाइट: प्रिंसिपल अमाउंट पर RBI स्वैप कवर की सीमाएं कमर्शियल बैंकों के लिए प्रभावी लागत बढ़ा रही हैं
चर्चा में क्यों: अनियमित मानसून वर्षा और खरीफ बुवाई में हो रही देरी से मुद्रास्फीति का जोखिम उत्पन्न हो रहा है और ग्रामीण आय प्रभावित हो रही है, जो संभावित रूप से RBI के आगामी मौद्रिक नीति निर्णय को प्रभावित कर सकता है।
पूर्व-उत्तर-पूर्वी और उत्तर-मध्य क्षेत्रों में असमान वर्षा के कारण खरीफ फसल के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सूक्ष्म उद्यमों और ₹50,000 से कम के व्यक्तिगत ऋणों में तनाव देखा जा रहा है, विशेष रूप से फिनटेक (fintech) क्षेत्र के भीतर।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यवर्तमान में प्रमुख क्षेत्रों में खरीफ की बुवाई ऐतिहासिक औसत से पीछे है।
तथ्य₹50,000 से कम के व्यक्तिगत ऋण (personal loans) में ऋण तनाव (loan stress) विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
संस्थाRBI (Reserve Bank of India) नीतिगत दर (policy rate) निर्धारित करने के लिए प्राथमिक संस्था है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मानसून आधारित कृषि संबंधी अस्थिरता ग्रामीण ऋण चक्रों और भारतीय अर्थव्यवस्था के व्यापक मुद्रास्फीति पथ को किस प्रकार प्रभावित करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: SEBI ने खुदरा निवेशकों के लिए प्रवेश बाधाओं को कम करने हेतु केवल म्यूचुअल फंड-आधारित पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (PMS) के लिए एक नए नियामक ढांचे का प्रस्ताव दिया है।
SEBI ने केवल म्यूचुअल फंड आधारित PMS के लिए न्यूनतम निवेश सीमा को ₹50 लाख से घटाकर ₹25 लाख करने का प्रस्ताव दिया है। पोर्टफोलियो प्रबंधकों के लिए शुद्ध संपत्ति (net-worth) की आवश्यकता को घटाकर ₹2 करोड़ करने का प्रस्ताव है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यकेवल म्यूचुअल फंड-आधारित PMS के लिए न्यूनतम निवेश को घटाकर ₹25 लाख करने का प्रस्ताव है।
तथ्यपोर्टफोलियो प्रबंधकों के लिए प्रस्तावित शुद्ध संपत्ति (net-worth) की आवश्यकता ₹2 करोड़ है।
संस्थाSEBI (Securities and Exchange Board of India) भारत में पूंजी बाजार का प्राथमिक नियामक है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (PMS) के लिए प्रवेश बाधाओं को कम करने से धन प्रबंधन का लोकतंत्रीकरण किस प्रकार संभव है और यह भारत में खुदरा निवेश परिदृश्य को कैसे प्रभावित करेगा? चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) के लिए रिकॉर्ड लाभ और खराब ऋणों (bad loans) में कई दशकों के न्यूनतम स्तर की रिपोर्ट दी है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) ने 1.98 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लाभ दर्ज किया है। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRBs) ने 10,177 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 49% की वृद्धि को दर्शाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यवर्ष 2025-26 की अवधि में PSB ऋण वृद्धि 16% थी।
तथ्यरिपोर्ट की गई अवधि के दौरान PSB जमा में 46% की वृद्धि हुई।
तथ्यRRB का लाभ बढ़कर 10,177 करोड़ रुपये हो गया, जो साल-दर-साल 49% की वृद्धि है।
तथ्यचार साल की अवधि में PSB ऋण वृद्धि में 71% की वृद्धि हुई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता और लाभप्रदता में सुधार में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ऋण प्रवाह पर इसके निहितार्थों का मूल्यांकन कीजिए।
चर्चा में क्यों: हरियाणा सरकार ने राज्य बजट 2026-27 में इलेक्ट्रिक वाहनों और महिलाओं के स्वामित्व वाले वाहनों के लिए महत्वपूर्ण मोटर वाहन कर छूट और रियायतें घोषित की हैं।
हरियाणा कैबिनेट ने 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए 100% कर छूट और उससे अधिक मूल्य वाले वाहनों के लिए 50% छूट को मंजूरी प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के नाम पर पंजीकृत 20 लाख रुपये तक के गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए 1% की छूट का प्रावधान किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यहरियाणा EV Tax Exemption: ₹30 लाख तक की कीमत वाले वाहनों के लिए 100% छूट।
तथ्यहरियाणा EV टैक्स छूट: ₹30 लाख से अधिक मूल्य वाले इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 50%।
तथ्यमहिला वाहन छूट: महिलाओं के नाम पर पंजीकृत 20 लाख रुपये तक के गैर-व्यावसायिक वाहनों पर 1% कर छूट।
तथ्यबजट वर्ष: ये उपाय हरियाणा राज्य बजट 2026-27 का हिस्सा हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय राज्यों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर संक्रमण को गति देने और लैंगिक-समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में राजकोषीय प्रोत्साहन और कर छूट किस प्रकार प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में गुजरात कैबिनेट ने जलभराव के विरुद्ध स्थायित्व बढ़ानेके उद्देश्य से आंतरिक और ग्रामीण सड़कों के निर्माण हेतु डामर के स्थान पर सीमेंट-कंक्रीट के उपयोग को मंजूरी दी है।
गुजरात सरकार रखरखाव लागत को कम करने के उद्देश्य से सड़क निर्माण सामग्री को सीमेंट-कंक्रीट में परिवर्तित कर रही है। राज्य सरकार अहमदाबाद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सूरत बाढ़-राहत मॉडल को भी प्रतिरूपित कर रही है, जिसके अंतर्गत इन क्षेत्रों को कर छूट और व्यापारिक सहायता प्रदान की जा रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यजलभराव की समस्या से निपटने के लिए गुजरात में आंतरिक और ग्रामीण सड़कों के लिए डामर (asphalt) के स्थान पर सीमेंट-कंक्रीट को अपनाया जा रहा है।
स्थानगुजरात में अहमदाबाद और सूरत वे प्रमुख शहर हैं जिन्हें विशिष्ट बाढ़-राहत वित्तीय पैकेज प्राप्त हो रहे हैं।
पदभूपेंद्र पटेल वर्तमान में गुजरात के मुख्यमंत्री हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तेजी से विकसित हो रहे राज्यों में जलवायु-प्रेरित बाढ़ के विरुद्ध शहरी लचीलेपन को बढ़ाने में बुनियादी ढांचा सामग्री चयन और स्थानीय आपदा राहत मॉडल की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
मटेरियल ड्यूरेबिलिटी: भारी बारिश वाले इलाकों में सीमेंट-कंक्रीट की जलभराव के प्रति बेहतर प्रतिरोध एस्फाल्ट के मुकाबले
राजकोषीय विकेंद्रीकरण: अन्य शहरी केंद्रों में आपदा प्रतिक्रिया को मानकीकृत करने के लिए सूरत के सफल सिटी-स्पेसिफिक रिलीफ मॉडल को अपनाना
मेंटेनेंस एफिशिएंसी: ग्रामीण और आंतरिक सड़क नेटवर्क में हाई-ड्यूराबिलिटी मटेरियल को प्राथमिकता देकर लंबे समय के फिस्कल बोझ को कम करना
मुख्य शब्द: अर्बन रेज़िलिएंस · क्लाइमेट एडैप्टेशन · इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती · आपदा न्यूनीकरण · राजकोषीय नीति
चर्चा में क्यों: बैंकों ने $32 बिलियन की जमा राशि जुटाई, जिसमें का एक महत्वपूर्ण हिस्सा FCNR(B) खातों से प्राप्त हुआ, जबकि 5 जून, 2024 से सरकारी प्रतिभूतियों में $7 बिलियन का प्रवाह हुआ।
बैंकों ने मुख्य रूप से FCNR(B) खातों के माध्यम से लगभग $32 बिलियन की जमा राशि को गतिशील बनाया। 5 जून, 2024 से, उच्च ब्याज दरों और RBI की रियायती स्वैप सुविधाओं के कारण $7 बिलियन से अधिक की राशि सरकारी प्रतिभूतियों में प्रवाहित हुई। भारतीय रुपया लगभग 96.15 के अपने अब तक के न्यूनतम स्तर के निकट बना हुआ है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यFCNR(B) deposits: गैर-निवासियों द्वारा विदेशी मुद्रा में जमा राशि रखने के लिए उपयोग किए जाने वाले Foreign Currency Non-Resident Bank खाते।
तथ्यFCNR(B) डिपॉजिट विंडो: 30 सितंबर, 2024 तक खुली रहेगी।
तथ्यECB और OFCB विंडो: 31 दिसंबर, 2024 तक प्रभावी।
तथ्यरुपये का मूल्य: USD के मुकाबले लगभग 96.15 के सर्वकालिक निम्नतम स्तर के करीब कारोबार कर रहा है।
संस्थाRBI: तरलता और सरकारी प्रतिभूतियों के प्रबंधन के लिए रियायती स्वैप (concessional swaps) हेतु समर्पित सुविधाएं प्रदान करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय रुपये की स्थिरता पर उच्च विदेशी मुद्रा मांग और ब्याज दर के अंतर के प्रभाव तथा इस संदर्भ में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के हस्तक्षेप तंत्र की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: विद्युत मंत्रालय ने संसद को सूचित किया है कि AI डेटा केंद्रों के कारण 2031-32 तक बिजली की मांग में 26.3 GW की वृद्धि होगी, जो पिछले अनुमानों की तुलना में लगभग दोगुनी है।
भारत की डेटा सेंटर क्षमता के 2020 में 375 MW से बढ़कर 2025 तक 1.5 GW होने का अनुमान है। विद्युत मंत्रालय ने 2031-32 तक 26.3 GW के अतिरिक्त भार का अनुमान लगाया है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण और तीव्र विद्युत भार (spiky power loads) के प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्य2031-32 तक AI डेटा केंद्रों से अनुमानित बिजली की मांग: 26.3 GW।
तथ्यभारत की वर्तमान डेटा सेंटर क्षमता (2025 का अनुमान): 1.5 GW।
तथ्यWood Mackenzie का अनुमान: भारत की परिचालन डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक 12 GW तक पहुँच सकती है।
विज्ञान-तकनीकAI-समर्पित क्षमता के 2030 तक लगभग 24 गुना विस्तार होने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की हरित ऊर्जा और ग्रिड स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता के साथ एआई-संचालित डेटा बुनियादी ढांचे के तीव्र विस्तार के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
ग्रिड स्टेबिलिटी के जोखिम: AI-डेडिकेटेड डेटा सेंटर्स से मिलने वाले हाई-फ़्रीक्वेंसी 'स्पाइकी' पावर लोड और शार्प रैंप्स को मैनेज करना
ट्रांसमिशन बॉटलनैक्स: शहरी IT हब के पास डेटा सेंटर्स के जमाव से होने वाली भीड़ बनाम विकेंद्रीकरण
रिन्यूएबल इंटीग्रेशन: 26.3 GW बिजली की ज़रूरत और ग्रीन एनर्जी स्रोतों की उपलब्धता के बीच संतुलन
स्पेशियल प्लानिंग: ग्रीन एनर्जी स्रोतों के पास डेटा सेंटर बनाना बनाम शहरी मांग के करीब रखना, पॉलिसी ट्रेड-ऑफ्स
मुख्य शब्द: ग्रिड स्टेबिलिटी · रिन्यूएबल इंटीग्रेशन · ट्रांसमिशन कंजेशन · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · ऊर्जा की मांग · विकेंद्रीकृत शक्ति
चर्चा में क्यों: सहयोग मंत्रालय के सचिव ने छोटे शहरों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देनेके लिए RBI से शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) को लाइसेंस देने की प्रक्रिया को पुनः शुरू करने का आग्रह किया है।
वर्तमान में, 1,450 शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) में से केवल 300 महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक के बाहर स्थित हैं। RBI ने वर्ष 2004 से नए UCB लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी है, किंतु हाल ही में नए लाइसेंसिंग मानदंडों पर एक चर्चा पत्र (discussion paper) जारी किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाRBI: सहकारी बैंकों के लिए प्राथमिक नियामक निकाय और भारत का केंद्रीय बैंक।
तथ्यUCB वितरण: भारत के 1,450 UCBs में से केवल ~20% तीन प्रमुख राज्यों (MH, GJ, KA) के बाहर स्थित हैं।
तथ्यगुजरात पायलट प्रोजेक्ट: इसके परिणामस्वरूप ₹20,000 करोड़ की जमा राशि में वृद्धि हुई और 8 लाख Kisan Credit Cards जारी किए गए।
तथ्यलाइसेंसिंग फ्रीज: RBI ने 2004 के बाद से कोई नया UCB लाइसेंस जारी नहीं किया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी अर्थव्यवस्थाओं में ऋण प्रवाह सुनिश्चित करने में शहरी सहकारी बैंकों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 'स्वास्थ्य सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर अधिनियम, 2025' को रद्द कर दिया है और यह निर्णय दिया है कि वास्तविक उत्पादन के बजाय मशीन क्षमता पर कर लगाना असंवैधानिक है।
उच्च न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि उपकर (cess) का अधिरोपण तर्कसंगत वर्गीकरण के अभाव में और मनमाने छूट नियमों के कारण किया गया था। न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया कि वर्तमान नियमों के अंतर्गत, किसी मशीन की मासिक उपकर देयता सैद्धांतिक रूप से उसके वास्तविक उत्पादन मूल्य से अधिक हो सकती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाकर्नाटक उच्च न्यायालय: कुछ मामलों पर मूल क्षेत्राधिकार वाला राज्य न्यायिक निकाय।
तथ्यHealth Security National Security Cess Act, 2025: असंवैधानिक अधिशीलन विधियों के कारण कानून को रद्द कर दिया गया।
संविधानअनुच्छेद 14: समानता के सिद्धांत और गैर-मनमानी (non-arbitrariness) का उपयोग से सेस (cess) को रद्द किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: संघ सरकार द्वारा कर और उपकर अधिरोपित करने के संदर्भ में 'तर्कसंगत संबंध' (rational nexus) की संवैधानिक आवश्यकताओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
टैक्सेशन में मनमानी: वास्तविक उत्पादन के बजाय संभावित क्षमता पर सेस लगाना आनुपातिकता के सिद्धांत का उल्लंघन है
विधायी निगरानी: स्पष्ट एबैटमेंट नियमों की कमी से औद्योगिक इकाइयों के लिए 'टैक्सेशन एक्ससीडिंग वैल्यू' का जोखिम पैदा होता है
जुडिशियल रिव्यू: यह सुनिश्चित करने में कोर्ट की भूमिका कि राजकोषीय उपाय जबरन वसूली वाले या भेदभावपूर्ण न हों
मुख्य शब्द: तर्कसंगत वर्गीकरण · मनमाना शुल्क · न्यायिक समीक्षा · राजकोषीय नीति · संवैधानिक वैधता
चर्चा में क्यों: FIEO ने भारतीय निर्यातकों को अमेरिका द्वारा बढ़ी हुई निगरानी और धारा 301 के तहत 10% अतिरिक्त शुल्क के संबंध में चेतावनी जारी की है, जिसके कारण आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) के दस्तावेजीकरण को अधिक सख्त बनाने की आवश्यकता है।
अमेरिकी सरकार ने धारा 301 के अंतर्गत 60 देशों पर वैश्विक शुल्कों के स्थान पर नए शुल्क लागू किए हैं। भारत को 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' (MFN) दरों पर अतिरिक्त 10% शुल्क का सामना करना पड़ रहा है, जो विशेष रूप से कपास, पॉलीसिलिकॉन और खनिजों जैसे उच्च-जोखिम वाले इनपुट को प्रभावित कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यUS Section 301 की जांच के तहत, भारत को MFN दरों पर अतिरिक्त 10% टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है।
संस्थाFIEO (Federation of Indian Export Organisations) वह निकाय है जो भारतीय निर्यातकों को अनुपालन (compliance) पर सलाह देता है।
तथ्यअमेरिका ने जुलाई 2026 तक Section 301 के तहत 60 देशों पर नए टैरिफ लगाए हैं।
तथ्यजाँच के लिए पहचाने गए उच्च-जोखिम वाले इनपुट में कपास, polysilicon और खनिज शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक बाजार में भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता पर गैर-टैरिफ बाधाओं और नैतिक आपूर्ति श्रृंखलाओं (ethical supply chains) पर आधारित व्यापारिक जांच के प्रभावों की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: वित्त राज्य मंत्री ने पुष्टि की है कि मुद्रा की स्थायित्व क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से RBI द्वारा 3,000 करोड़ रुपये मूल्य के 10 रुपये और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों का परीक्षण किया जाएगा।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा ₹10 और ₹20 के मूल्यवर्ग के प्रत्येक नोटों की 100 करोड़ की संख्या जारी करने की योजना है। इन नोटों के लिए उपयोग होने वाली पॉलिमर शीट की आपूर्ति, RBI की सहायक कंपनी BRBNMPL द्वारा जारी किए जाने वाले वैश्विक निविदा के माध्यम से की जाएगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाBRBNMPL: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की एक सहायक कंपनी जो बैंकनोट निर्माण में शामिल है।
तथ्यRBI, ₹10 और ₹20 के प्रत्येक मूल्यवर्ग के 100 करोड़ टुकड़े परीक्षण करने की योजना बना रहा है।
तथ्यपरीक्षण किए जाने वाले पॉलिमर नोटों का कुल मूल्य 3,000 करोड़ रुपये है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में बहुलक (पॉलिमर) मुद्रा की शुरुआत के तार्किक और आर्थिक निहितार्थों पर चर्चा कीजिए, जिसमें नोटों के स्थायित्व की आवश्यकता और जालसाजी की चुनौतियों एवं डिजिटल परिवर्तन के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की मजबूती के साथ Sensex में 776 अंकों की उछाल दर्ज की गई, वहीं CBDT ने OECD मानकों के अनुरूप क्रिप्टो-एसेट रिपोर्टिंग पर नए दिशा-निर्देश जारी किए।
CBDT का क्रिप्टो-परिसंपत्ति रिपोर्टिंग मार्गदर्शन, OECD के क्रिप्टो-परिसंपत्ति रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क (CARF) के अनुरूप है। रिपोर्टिंग के दिन, Sensex 776 अंक ऊपर बंद हुआ और Nifty में 228 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यरिपोर्टिंग के दिन Sensex में 776 अंकों और Nifty में 228 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई।
तथ्यभारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.13 पर मजबूत हुआ।
संस्थाCBDT (Central Board of Direct Taxes) वह निकाय है जो क्रिप्टो-रिपोर्टिंग संबंधी दिशा-निर्देश जारी करता है।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनOECD का CARF (Crypto-Asset Reporting Framework) क्रिप्टो रिपोर्टिंग के लिए वैश्विक मानक है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में घरेलू क्रिप्टो-परिसंपत्ति रिपोर्टिंग को ओईसीडी (OECD) के 'क्रिप्टो-एसेट रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क' (CARF) जैसे अंतर्राष्ट्रीय ढाँचों के साथ संरेखित करना, वित्तीय नवाचार और विनियामक जवाबदेही के बीच संतुलन स्थापित करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजारों में $1.5 बिलियन का निवेश किया है, जबकि RBI कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और नए US टैरिफ से उत्पन्न मुद्रास्फीति के दबाव से निपटने की तैयारी कर रहा है।
RBI ने नई नीतिगत उपायों के पश्चात $20.7 बिलियन के पूंजी प्रवाह की सूचना दी है। पश्चिम एशियाई संघर्षों के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल तक पहुंच गईं, जिससे भारत की कच्चे तेल की टोकरी की कीमत $103.33 प्रति बैरल हो गई।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यविदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) का प्रवाह: हाल के हफ्तों में $1.5 बिलियन।
तथ्यRBI द्वारा रिपोर्ट किए गए कुल पूंजी प्रवाह (capital inflows): $20.7 बिलियन।
तथ्यभारत की कच्चे तेल की टोकरी (crude oil basket) की कीमत: $103.33 प्रति बैरल।
तथ्यUS Section 301 जांच: इसके परिणामस्वरूप भारतीय वस्तुओं पर 10% टैरिफ लगाया गया।
संस्थाRBI: मौद्रिक नीति और पूंजी प्रवाह के प्रबंधन के लिए उत्तरदायी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों और व्यापारिक बाधाओं का भारत के चालू खाता स्थिरता और मौद्रिक नीति ढांचे पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग ने हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास संपन्न किया है, जिसके परिणामस्वरूप निर्वाचक नामा की शुचिता सुनिश्चित करनेके लिए 9.7 लाख मतदाताओं को बाहर कर दिया गया है।
हरियाणा में SIR अभ्यास का लक्ष्य कुल 2.06 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं को लक्षित करना था। गुड़गांव और फरीदाबाद में डिजिटलीकरण की दर, राज्य के 83.61% के औसत की तुलना में उल्लेखनीय रूप से कम (लगभग 70-72%) रही।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाElection Commission of India (ECI) संसद और राज्य विधानमंडलों के चुनावों के संचालन के लिए उत्तरदायी एक संवैधानिक निकाय है।
तथ्यSIR अभ्यास के दौरान हरियाणा की मतदाता सूची से 9.7 लाख से अधिक मतदाताओं को बाहर कर दिया गया।
तथ्यहरियाणा की मतदाता सूची का राज्यव्यापी डिजिटलीकरण पूर्णता दर 83.61% तक पहुंच गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुचिता सुनिश्चित करने में निर्वाचन नामावली के आवधिक संशोधन के महत्व और शहरी मतदाता डिजिटलीकरण के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
डेटा इंटीग्रिटी: फील्ड एनुमरेशन के जरिए डुप्लीकेट एंट्री और 'घोस्ट वोटर्स' के जोखिम को कम करना
शहरी-ग्रामीण असमानता: गुड़गांव और फरीदाबाद जैसे शहरी केंद्रों में भारी आबादी की आवाजाही के कारण कम डिजिटलीकरण दर
प्रशासनिक बाधा: इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में प्रवासी आबादी के लिए वोटर डेटा को रियल-टाइम अपडेट करने में चुनौतियां
मुख्य शब्द: चुनावी अखंडता · जनसांख्यिकीय बदलाव · डेटा डिजिटलीकरण · संवैधानिक आदेश · मतदाता जागरूकता
चर्चा में क्यों: ओडिशा सरकार ने डिजिटल बुनियादी ढांचे और रोजगार को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से HCLTech के साथ एक AI डेटा सेंटर और ग्लोबल डिलीवरी सेंटर स्थापित करने हेतु एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस परियोजना में HCLTech द्वारा ओडिशा में लगभग ₹14,257 करोड़ का निवेश शामिल है। इसका उद्देश्य 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना और AI संचालन के लिए सुरक्षित डिजिटल बुनियादी ढांचा प्रदान करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यओडिशा AI Data Centre के लिए निवेश राशि ₹14,257 करोड़ है।
तथ्यइस परियोजना से 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होने की उम्मीद है।
पदरोशनी नदार मल्होत्रा HCLTech की चेयरपर्सन हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के पूर्वी राज्यों में एआई (AI) डेटा केंद्रों का विकास किस प्रकार औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को उत्प्रेरित कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
डिजिटल डिवाइड: टियर-1 शहरों और ओडिशा जैसे पूर्वी राज्यों के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर के अंतर को कम करना
स्किल मिसमैच: 5,000 नौकरी सृजन का लक्ष्य पूरा करने के लिए हाई-एंड AI ट्रेनिंग की ज़रूरत
डेटा संप्रभुता: बड़े पैमाने पर AI डेटा प्रोसेसिंग को मैनेज करते हुए सुरक्षित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · रोज़गार सृजन · AI डेटा सेंटर · निवेश प्रोत्साहन · इकोनॉमिक कॉरिडोर
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री पेमसिनी चंद्र शेखर ने गुंटूर में आधुनिकीकृत डाकघरों का उद्घाटन किया, जिसमें उन्होंने डिजिटल सुधारों के माध्यम से इंडिया पोस्ट के राजस्व में ₹2,100 करोड़ से अधिक की वृद्धि को रेखांकित किया।
आधुनिकीकरण के परिणामस्वरूप इंडिया पोस्ट का राजस्व ₹200 करोड़ से बढ़कर ₹2,100 करोड़ से अधिक हो गया है। प्रमुख पहलों में IT 2.0, जेन-जी (Gen-Z) डाकघर और निजी कंपनियों के साथ लॉजिस्टिक्स साझेदारी शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यआधुनिकीकरण सुधारों के बाद India Post का राजस्व ₹2,100 करोड़ से अधिक हो गया है।
विज्ञान-तकनीकIT 2.0 और Gen-Z post offices डिजिटल परिवर्तन और युवा-केंद्रित सेवाओं के लिए विशिष्ट पहल हैं।
संस्थाIndia Post, संचार और ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: डिजिटल परिवर्तन और निजी भागीदारी के माध्यम से भारतीय डाक सेवा के आधुनिकीकरण से भारत में ग्रामीण वित्तीय समावेशन और लॉजिस्टिक्स दक्षता को किस प्रकार सुदृढ़ किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लागत दक्षता और तीव्र कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए 4,000 किलोमीटर के बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए एक मानक डिजाइन अपनाने की योजना की घोषणा की।
रेल मंत्रालय ने केंद्रीय बजट 2026-27 के हिस्से के रूप में सात नए गलियारों के लिए डिजाइनों के मानकीकरण की योजना बनाई है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) इन स्वदेशी उच्च गति रेल मानकों को विकसित करने के लिए मुंबई-अहमदाबाद परियोजना का लाभ उठा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाNHSRCL: National High Speed Rail Corporation Limited भारत में हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं के लिए एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (special purpose vehicle) है।
तथ्यमुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर 508 km की लंबाई में फैला है।
तथ्यमुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के लिए लक्षित परिचालन तिथि अगस्त 2027 है।
तथ्यसरकार कुल 4,000 किमी के बुलेट ट्रेन नेटवर्क के लिए डिजाइनों को मानकीकृत करने की योजना बना रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उच्च गति रेल बुनियादी ढांचे के मानकीकरण से भारत की लॉजिस्टिक दक्षता किस प्रकार सुदृढ़ हो सकती है और यह एक बहु-आयामी परिवहन नेटवर्क के लक्ष्य में किस प्रकार योगदान दे सकता है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: SEBI ने ढांचे के आधुनिकीकरण और विदेशी एवं अनलिस्टेड प्रतिभूतियों में निवेश की अनुमति देने के उद्देश्य से 'पोर्टफोलियो मैनेजर रेगुलेशंस, 2020' की व्यापक समीक्षा का प्रस्ताव दिया है।
SEBI ने पिछले छह वर्षों में PMS क्षेत्र में प्रबंधन के अधीन परिसंपत्तियों (AUM) के दोगुना होने के मुद्दे के समाधान हेतु 23 जुलाई, 2024 को सुधारों का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस प्रस्ताव में एक नई 'केवल म्यूचुअल फंड' श्रेणी और लघु प्रबंधकों के लिए अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं में कटौती शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाSEBI: Securities and Exchange Board of India, भारत में प्रतिभूति बाजार (securities market) का प्राथमिक नियामक।
तथ्यPMS Assets: 2024 तक की छह साल की अवधि में PMS क्षेत्र के तहत प्रबंधन के अधीन परिसंपत्तियाँ (Assets under management) दोगुनी से अधिक हो गई हैं।
विज्ञान-तकनीकअनलिस्टेड सिक्योरिटीज: स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध न होने वाली कंपनियों के शेयर, जिन्हें अब PMS पोर्टफोलियो में शामिल करने का प्रस्ताव है।
तथ्यMutual Fund-only Category: निवेश के लोकतंत्रीकरण हेतु कम क्लाइंट निवेश आवश्यकताओं के साथ एक प्रस्तावित नई श्रेणी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (PMS) में प्रस्तावित सेबी (SEBI) सुधारों के उन उद्देश्यों का विश्लेषण कीजिए, जो निवेशकों के संरक्षण और बाजार के आधुनिकीकरण एवं पूंजी की गतिशीलता की आवश्यकता के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास करते हैं। चर्चा कीजिए।
रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: स्टैंडर्डाइज्ड वैल्यूएशन प्रोटोकॉल के बिना अनलिस्टेड सिक्योरिटी एक्सपोजर से सिस्टमिक अस्थिरता का जोखिम
कंप्लायंस का बोझ: छोटे पोर्टफोलियो मैनेजमेंट फर्म्स के लिए ऑपरेशनल कॉस्ट और सख्त निगरानी के बीच संतुलन बनाना
मुख्य शब्द: रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · कैपिटल मार्केट का आधुनिकीकरण · निवेशक संरक्षण · एसेट मैनेजमेंट · मार्केट लिक्विडिटी
चर्चा में क्यों: आर्थिक मामलों की मंत्रिमण्डलीय समिति ने माल ढुलाई क्षमता और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से बल्लारी-गुंतकल खंड की तीसरी और चौथी रेलवे लाइनों के निर्माण हेतु 1,264 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है।
यह परियोजना कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के तीन जिलों में 46 किलोमीटर तक विस्तृत है। इसका उद्देश्य माल ढुलाई यातायात में 16.22 MTPA की वृद्धि करना है और इसे 2028-29 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यBallari-Guntakal खंड के लिए परियोजना लागत: Rs 1,264 करोड़।
तथ्यमाल ढुलाई क्षमता में वृद्धि: 16.22 MTPA (Million Tonnes Per Annum)।
योजनाPM-Gati Shakti: एकीकृत मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान।
स्थानबल्लारी-गुंतकल खंड: यह कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में फैला हुआ है।
तथ्यपूर्ण होने का लक्ष्य: 2028-29।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान भारत के मालवाहक गलियारों (फ्रेट कॉरिडोर) में मौजूद लॉजिस्टिक बाधाओं को दूर करने में किस प्रकार सहायक है और राष्ट्रीय कार्बन पदचिह्न (कार्बन फुटप्रिंट) को कम करने में इसकी क्या भूमिका है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने लगभग 1.2 करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए संशोधित वेतनमान और पेंशन से संबंधित संघ की मांगों के समाधान हेतु परामर्श प्रक्रिया पुनः प्रारंभ की है।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने 7 और 10 अगस्त को दिल्ली में परामर्श प्रक्रिया पुनः प्रारंभ की। आयोग को लगभग 1.2 करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे और पेंशन लाभों की समीक्षा करने का उत्तरदायित्व सौंपा गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाCentral Pay Commission (CPC): केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे की समीक्षा करने और उसमें परिवर्तन की सिफारिश करने के लिए भारत सरकार द्वारा गठित एक निकाय।
तथ्य8th CPC लगभग 1.2 करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को कवर करता है।
पदमन्जीत सिंह पटेल: ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के राजकोषीय घाटे के लक्ष्यों के संदर्भ में, केंद्र सरकार के कार्यबल के लिए समय-समय पर होने वाले वेतन संशोधन के राजकोषीय निहितार्थों और प्रशासनिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: केरल उच्च न्यायालय ने तत्काल बुकिंग के लिए IRCTC द्वारा आधार-आधारित OTP के उपयोग को बरकरार रखा है, साथ ही सुरक्षा और सुलभता के बीच संतुलन बनाए रखनेके लिए PAN Card को एक वैकल्पिक विकल्प के रूप में सुझाया है।
24 जुलाई, 2026 को, केरल उच्च न्यायालय ने तत्काल टिकटों के लिए आधार-आधारित OTP प्रमाणीकरण को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया। न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि यद्यपि थोक बुकिंग में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए आधार का उपयोग उचित है, तथापि IRCTC को PAN कार्ड सहित द्वि-स्तरीय प्रमाणीकरण विकल्पों की संभावनाओं का अन्वेषण करना चाहिए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाIRCTC: भारतीय रेलवे की एक सहायक कंपनी जो ऑनलाइन टिकटिंग और कैटरिंग के लिए उत्तरदायी है।
तथ्यआधार: UIDAI द्वारा जारी एक 12-अंकों वाली विशिष्ट पहचान संख्या।
तथ्यPAN: आयकर विभाग द्वारा जारी किया गया 10-अंकों का एक अल्फ़ान्यूमेरिक (alphanumeric) पहचानकर्ता।
मेन्स के लिए
प्रश्न: टिकटों की कालाबाजारी को रोकने के लिए बायोमेट्रिक/डिजिटल पहचान के उपयोग और सभी नागरिकों के लिए सुलभ सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के अधिकार के बीच संतुलन के नैतिक और सुरक्षा निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
डिजिटल डिवाइड: लगातार इंटरनेट या स्मार्टफोन की सुविधा न होने के कारण ग्रामीण आबादी को OTP-आधारित बुकिंग में आने वाली बाधाएं
डेटा प्राइवेसी: आधार जैसे संवेदनशील व्यक्तिगत पहचानकर्ताओं को कमर्शियल रेलवे बुकिंग डेटाबेस से जोड़ने के जुड़े जोखिम
मुख्य शब्द: डिजिटल पहचान · सार्वजनिक बुनियादी ढांचा · डेटा प्राइवेसी · स्कैल्पिंग रोकथाम · रेगुलेटरी बैलेंस
चर्चा में क्यों: यह लेख भुगतान संतुलन (BoP) संकट के दौरान शुरू किए गए भारत के 1991 के LPG सुधारों और उसके पश्चात मार्च 2026 तक RBI के स्वर्ण भंडार के 880.52 मीट्रिक टन तक पहुँचने पर प्रकाश डालता है।
24 जुलाई, 1991 को भारत ने भुगतान संतुलन के गंभीर संकट के समाधान हेतु उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण (LPG) सुधारों की शुरुआत की। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान से 405 मिलियन डॉलर की आपातकालीन विदेशी मुद्रा सुरक्षित करनेके लिए 46.91 टन स्वर्ण की प्रतिभूति प्रदान की।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यमार्च 2026 तक RBI के स्वर्ण भंडार 880.52 मीट्रिक टन तक पहुँच गए।
तथ्यभारत के स्वर्ण भंडार का 77% घरेलू स्तर पर संग्रहित है।
तथ्यभारत ने आपातकालीन विदेशी मुद्रा के रूप में $405 मिलियन सुरक्षित करने के लिए 1991 में 46.91 टन सोने का वचन दिया था।
संस्थाभारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारत के स्वर्ण भंडार का प्रबंधन करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 1991 के एलपीजी (LPG) सुधारों ने भारत की अर्थव्यवस्था को एक बंद प्रणाली से एक वैश्विक निवेश केंद्र में संरचनात्मक रूप से कैसे परिवर्तित किया, इसका विश्लेषण कीजिए।
स्ट्रक्चरल शिफ्ट: राज्य के नेतृत्व वाले संरक्षणवाद से मार्केट-ड्रिवन लिबरलाइजेशन और प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी की ओर बदलाव
बाहरी स्थिरता: बैलेंस ऑफ पेमेंट्स की अस्थिरता के खिलाफ रणनीतिक बफर के रूप में गोल्ड रिज़र्व की भूमिका
इन्वेस्टमेंट का रास्ता: इमरजेंसी फॉरेक्स उधार से लेकर FDI के लिए टॉप डेस्टिनेशन बनने तक का सफर
मुख्य शब्द: LPG सुधार · भुगतान संतुलन · स्वर्ण भंडार · आर्थिक उदारीकरण · विदेशी मुद्रा
चर्चा में क्यों: वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने औपचारिक विधान लंबित होने की स्थिति में क्रिप्टो उद्योग की निगरानी करने और निवेशकों के हितों की रक्षा करने के लिए एक स्व-नियामक संगठन (SRO) मॉडल की सिफारिश की है।
समिति ने प्रस्ताव दिया है कि SRO की निगरानी या तो RBI या SEBI द्वारा की जानी चाहिए। यह अनुशंसा क्रिप्टोकरेंसी, नॉन-फंजिबल टोकन (NFTs) और डिसेंट्रलाइज्ड फाइनेंस (DeFi) टोकन को सम्मिलित करती है, साथ ही इसमें प्रौद्योगिकी तटस्थता पर विशेष बल दिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाSRO: एक गैर-सरकारी निकाय जो किसी विशिष्ट उद्योग के भीतर अपने सदस्यों के आचरण को विनियमित करता है।
संस्थाRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक नीति और बैंकिंग विनियमन के लिए उत्तरदायी है।
संस्थाSEBI: भारत में प्रतिभूतियों और पूंजी बाजारों को विनियमित करने वाली वैधानिक संस्था।
तथ्यभारत में क्रिप्टोकरेंसी वर्तमान में एक समर्पित कानूनी ढांचे के अभाव के बावजूद कराधान के अधीन है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में निवेशक संरक्षण और तकनीकी नवाचार के बीच संतुलन बनाए रखते हुए क्रिप्टोकरेंसी और डीएफआई (DeFi) टोकन जैसे विकेंद्रीकृत डिजिटल परिसंपत्तियों के विनियामक तंत्र से जुड़ी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: NSE की 'मार्केट पल्स' रिपोर्ट भारत के पूंजी बाजारों में एक जनसांख्यिकीय परिवर्तन को रेखांकित करती है, जिसमें उत्तर भारत पंजीकृत निवेशक आधार में सबसे बड़ा योगदानकर्ता के रूप में उभर रहा है।
जुलाई 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर भारत देश के पंजीकृत निवेशक आधार का 36.8% हिस्सा कवर करता है। महाराष्ट्र 15.5% के साथ अग्रणी राज्य बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश ने गुजरात को पछाड़ते हुए दूसरे सबसे बड़े योगदानकर्ता के रूप में अपनी स्थिति स्थापित कर ली है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यजुलाई 2024 तक पंजीकृत निवेशकों में उत्तर भारत की हिस्सेदारी: 36.8%।
तथ्यनिवेशक आधार में महाराष्ट्र का योगदान: 15.5%।
तथ्यउत्तर भारत में निवेशक आधार का विस्तार: FY19 से FY27 (अब तक) तक 6.3 गुना वृद्धि।
संस्थाNSE (National Stock Exchange) ने Market Pulse रिपोर्ट जारी की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में पूंजी बाजारों के लोकतंत्रीकरण को गति देने वाले कारकों और समावेशी आर्थिक विकास पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
डिजिटल डिवाइड: मोबाइल-फर्स्ट ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और हाई-स्पीड इंटरनेट की पहुंच से रिटेल भागीदारी में विस्तार
क्षेत्रीय असमानता: कुछ खास राज्यों में कैपिटल मार्केट की भागीदारी बनाम ग्रामीण इलाकों में निवेश की पहुंच
फाइनेंशियल लिटरेसी: संस्थागत से रिटेल-आधारित निवेश की ओर बदलाव और मज़बूत इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क की ज़रूरत
मुख्य शब्द: पूंजी का लोकतंत्रीकरण · रिटेल भागीदारी · वित्तीय समावेशन · डिजिटल पहुंच · मार्केट सेंटीमेंट
चर्चा में क्यों: अडानी पावर अपने 2035 के परमाणु क्षमता लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मध्य प्रदेश में मौजूदा तापीय ऊर्जा स्थलों को परमाणु ऊर्जा केंद्रों में परिवर्तित करने की संभावना का मूल्यांकन कर रहा है।
अडानी पावर मध्य प्रदेश में परमाणु परियोजनाओं हेतु बीना और निग्रि स्थलों का मूल्यांकन कर रही है। वर्तमान में इन स्थलों पर जयप्रकाश एसोसिएट्स से अधिग्रहित ताप विद्युत संयंत्र स्थित हैं। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2035 तक 10 GWe परमाणु क्षमता प्राप्त करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यAdani Power का लक्ष्य: 2035 तक 10 GWe परमाणु क्षमता।
स्थानबिना और निग़री: मध्य प्रदेश में परमाणु ऊर्जा रूपांतरण के लिए चिन्हित स्थान।
विज्ञान-तकनीकपरमाणु ऊर्जा: नेट-जीरो उत्सर्जन प्राप्त करने के भारत के लक्ष्य का एक प्रमुख घटक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में मौजूदा तापीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे को परमाणु ऊर्जा उत्पादन के लिए पुन: उपयोग करने में आने वाली लॉजिस्टिक और विनियामक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: BPCL के निदेशक (वित्त) ने चेतावनी दी है कि पश्चिम एशिया संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले प्रवाह में कमी के कारण रूसी तेल पर मिलने वाली छूट समाप्त हो गई है।
BPCL में वित्त निदेशक, वेत्सा रामकृष्ण गुप्ता ने 23 जुलाई, 2026 को रूसी तेल पर मिलने वाली छूट के समाप्त होने की सूचना दी। इस परिवर्तन का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न तार्किक बाधाएं हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट।
तथ्यBPCL: भारत सरकार के स्वामित्व वाली एक प्रमुख भारतीय तेल विपणन कंपनी।
विज्ञान-तकनीकरूसी कच्चा तेल: पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत रूसी तेल का एक प्रमुख आयातक बना हुआ है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अस्थिरता और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री चोकपॉइंट्स भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार गतिशीलता को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री ने संसद को सूचित किया कि E20 पेट्रोल इंजन के लिए सुरक्षित है और सरकार ने निर्धारित समय से पांच वर्ष पूर्व ही मिश्रण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है।
E20 पेट्रोल में 80% गैसोलीन के साथ 20% इथेनॉल का मिश्रण होता है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य CO2 उत्सर्जन को कम करना, विदेशी मुद्रा की बचत करना और इथेनॉल खरीद के माध्यम से किसानों के लिए अतिरिक्त आय सुनिश्चित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यE20 पेट्रोल में 20% इथेनॉल का मिश्रण होता है।
तथ्यसरकार ने मूल निर्धारित समय से पांच वर्ष पहले E20 सम्मिश्रण (blending) लक्ष्य हासिल कर लिया है।
तथ्यइथेनॉल सम्मिश्रण (Ethanol blending) CO2 उत्सर्जन को कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने की एक प्रमुख रणनीति है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ईंधन क्षेत्र में एथेनॉल सम्मिश्रण को बढ़ावा देने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता के लक्ष्यों में किस प्रकार योगदान मिलता है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: रेल मंत्रालय ने उत्तर-दक्षिण रेल मार्ग पर भीड़भाड़ को कम करनेके उद्देश्य से 22 जुलाई, 2026 को 203-किमी का काजीपेट-बलहर्षह तीसरी लाइन परियोजना का कार्य पूर्ण कर लिया है।
यह परियोजना दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) क्षेत्र के अंतर्गत स्थित है और इसकी अनुमानित लागत 3,000 करोड़ रुपये है। इसमें पूर्ण विद्युतीकरण और 203 किलोमीटर का खंड शामिल है, जिसका अंतिम 11 किलोमीटर का खंड 22 जुलाई, 2026 को पूर्ण हो जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यपरियोजना लागत: Rs 3,000 करोड़।
स्थानकाज़ीपेट-बलहर्षड तीसरा मार्ग South Central Railway (SCR) ज़ोन के अंतर्गत आता है।
तथ्यपूर्ण हो चुकी तीसरी लाइन की कुल लंबाई: 203 km।
तथ्यअंतिम 11-किमी खंड के पूर्ण होने की तिथि: 22 जुलाई, 2026।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रेलवे बुनियादी ढांचे के विस्तार और समर्पित माल ढुलाई गलियारों (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) के माध्यम से भारत की लॉजिस्टिक दक्षता और औद्योगिक विकास को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: SOFI 2026 की रिपोर्ट भारत में कुपोषित जनसंख्या में 42% की कमी को रेखांकित करती है, साथ ही यह भी स्पष्ट करती है कि 520 मिलियन लोग अभी भी आहार संबंधी सामर्थ्य (dietary unaffordability) की समस्या का सामना कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र की पांच एजेंसियों द्वारा जारी 'स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन' (SOFI) 2026 की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि 2019 के बाद से भारत में एक स्वस्थ आहार की लागत PPP (पर्चेजिंग पावर पैरिटी) के संदर्भ में एक तिहाई से अधिक बढ़कर $4.11 प्रति व्यक्ति प्रतिदिन हो गई है। प्रगति के बावजूद, 520 मिलियन भारतीय अभी भी नियमित रूप से स्वस्थ आहार प्राप्त करने में असमर्थ हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
रिपोर्ट / सूचकांकSOFI 2026: वैश्विक खाद्य सुरक्षा और पोषण पर पांच UN एजेंसियों की रिपोर्ट।
तथ्यपिछले दो दशकों में भारत की अल्पपोषित जनसंख्या में 42% की कमी आई है।
तथ्यभारत में स्वस्थ आहार की लागत: 2026 तक PPP शर्तों में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन $4.11।
तथ्यवर्तमान में 520 मिलियन भारतीय नियमित रूप से स्वस्थ आहार का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कुपोषण को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति के बावजूद, भारत में स्वस्थ आहार की वहनीयता के संबंध में 'छिपी हुई भूख' (hidden hunger) का संकट क्यों बना हुआ है? इस स्थिति का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारतीय औषधीय निर्यात पर संभावित 200% US टैरिफ के कारण Nifty Pharma सूचकांक में गिरावट आई है, जो वैश्विक जेनेरिक दवा आपूर्ति श्रृंखला में भारत की संवेदनशीलता को रेखांकित करता है।
अमेरिकी बाजार में संभावित 200% टैरिफ की सूचना के पश्चात निफ्टी फार्मा सूचकांक में 1.3% की गिरावट दर्ज की गई। उत्पादन लागत में वृद्धि से उत्पन्न जोखिमों के कारण ल्यूपिन और पिरामल फार्मा जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों की कीमतों में 2.5% से 4.3% तक की कमी देखी गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यटैरिफ समाचार के जवाब में Nifty Pharma इंडेक्स में 1.3% की गिरावट आई।
तथ्यभारतीय दवाओं पर संभावित US टैरिफ 200% होने का अनुमान है।
तथ्यLupin और Piramal Pharma फार्मा क्षेत्र के सबसे अधिक प्रभावित शेयरों में शामिल थे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं द्वारा अपनाई गई संरक्षणवादी व्यापार नीतियों का भारत के औषधि निर्माण क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की सुदृढ़ता बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: आर्थिक स्थिरता और रुपये के प्रति विश्वास को सुदृढ़ करने वाले RBI के उपायों के कारण भारत वैश्विक निवेश को आकर्षित कर रहा है।
वैश्विक परिसंपत्ति आवंटक तेल-आयात करने वाले देशों से पूंजी को एशियाई बाजारों, विशेष रूप से भारत की ओर स्थानांतरित कर रहे हैं। उच्च मूल्यांकन के बावजूद, बैंकिंग और ऊर्जा क्षेत्रों द्वारा संचालित होने के कारण भारत में 12 महीने की अवधि में मध्य-किशती (mid-teens) रिटर्न प्राप्त होने का अनुमान है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यवैश्विक निवेशकों के लिए 12 महीने की अवधि में भारत में mid-teens रिटर्न मिलने का अनुमान है।
संस्थाभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) रुपये को स्थिर करने के लिए जिम्मेदार केंद्रीय मौद्रिक प्राधिकरण है।
तथ्यपूँजी का प्रवाह वर्तमान में तेल-आयात करने वाले देशों से भारत सहित एशियाई बाजारों की ओर स्थानांतरित हो रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उच्च बाजार मूल्यांकन के बावजूद, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में भारत की बढ़ती सुदृढ़ता में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: RBI का अध्ययन वैश्विक अस्थिरता के बावजूद विदेशी निवेशकों के पुनर्जीवित होते विश्वास और पोर्टफोलियो बहिर्वाह (outflows) में कमी को रेखांकित करता है, जिसे भारत-UK व्यापार समझौते से और बल मिला है।
RBI ने बढ़ते तेल मूल्यों के प्रबंधन हेतु मई माह में $6.1 बिलियन की शुद्ध बिक्री दर्ज की, जबकि विदेशी मुद्रा भंडार को पर्याप्त स्तर पर बनाए रखा गया। उच्च-आवृत्ति संकेतक Q1 2026-27 में सुदृढ़ औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन के साथ मजबूत बाह्य व्यापार वृद्धि को दर्शाते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यRBI ने तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव को प्रबंधित करने के लिए मई में $6.1 बिलियन की शुद्ध बिक्री (net sale) दर्ज की।
तथ्यQ1 2026-27 में बाह्य व्यापार (External trade) में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
संस्थाReserve Bank of India (RBI) विदेशी मुद्रा भंडार और मौद्रिक स्थिरता बनाए रखने के लिए जिम्मेदार केंद्रीय बैंक है।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनभारत-UK व्यापार समझौता निवेश और व्यापार प्रवाह को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक द्विपक्षीय ढांचा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के विरुद्ध भारत की सुदृढ़ता में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और प्रत्यक्ष विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) को आकर्षित करने में द्विपक्षीय व्यापार समझौतों की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
चर्चा में क्यों: वैश्विक आर्थिक दबावों के कारण मई 2024 में भारतीय रुपया 96.96 प्रति USD के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया, जिसके परिणामस्वरूप RBI ने विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया।
RBI ने सूचित किया है कि मई 2024 के अंत तक शुद्ध बकाया फॉरवर्ड डॉलर बिक्री $106.6 बिलियन रही। मुद्रा को स्थिर करनेके उद्देश्य से, RBI ने मई 2024 में $22.2 बिलियन की विदेशी मुद्रा खरीदी और $28.3 बिलियन की विदेशी मुद्रा बेची।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यरुपये का रिकॉर्ड निम्न स्तर: मई 2024 में 1 USD के लिए 96.96।
तथ्यमई 2024 के अंत तक शुद्ध बकाया फॉरवर्ड डॉलर बिक्री: $106.6 बिलियन।
संस्थाRBI: केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार (forex reserves) का प्रबंधन करता है और विनिमय दर को स्थिर करनेके लिए हस्तक्षेप करता है।
प्रश्न: भारतीय रुपये की अस्थिरता को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और विनिमय दर की स्थिरता बनाए रखने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के हस्तक्षेपवादी उपायों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।