यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,258 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (504) · उद्योग, निवेश एवं MSME (456) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (293) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (293) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (271) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (188) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (138) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (115)
चर्चा में क्यों: भारत सरकार SEBI की न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए LIC के शेयरों का महत्वपूर्ण विनिवेश शुरू कर रही है।
सरकार की योजना LIC में 382 रुपये प्रति शेयर की दर से 6.5% तक की हिस्सेदारी बेचने की है, जिसका लक्ष्य 31,000 करोड़ रुपये जुटाना है। इस बिक्री में 2.5% इक्विटी विनिवेश के साथ 4% ग्रीन शू विकल्प शामिल है, जिससे सरकार की हिस्सेदारी 96.5% से कम हो जाएगी।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यऑफर के लिए LIC का शेयर मूल्य: ₹382 प्रति शेयर।
तथ्यबिक्री से कुल अपेक्षित आय: ₹31,000 करोड़।
संस्थाDIPAM: Department for Promotion of Industry and Internal Trade (उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग)।
तथ्यLIC में वर्तमान सरकार की हिस्सेदारी 96.5% है।
तथ्यग्रीन शू ऑप्शन (Green shoe option): बिक्री के लिए उपलब्ध अतिरिक्त 4% इक्विटी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के राजकोषीय स्वास्थ्य के संदर्भ में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के विनिवेश के महत्व और सार्वजनिक निरीक्षण बनाए रखने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: SEBI ने प्रदर्शन डेटा प्रमाणन के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए निवेश सलाहकारों (IAs) और अनुसंधान विश्लेषकों (RAs) के लिए PaRRVA प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण की समय-सीमा को बढ़ा दिया है।
PaRRVA 4 मई, 2025 को कार्यात्मक हो गया। SEBI ने नामांकन की समय-सीमा को 3 अगस्त, 2026 से बढ़ाकर 3 सितंबर, 2026 कर दिया है। जो संस्थाएं नामांकन करने में विफल रहेंगी, उन्हें ग्राहकों के साथ प्रमाणित पिछले प्रदर्शन डेटा को साझा करने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाSEBI: भारत में प्रतिभूतियों और पूंजी बाजारों का प्राथमिक नियामक।
तथ्यPaRRVA: निवेश सलाहकारों (Investment Advisers) और अनुसंधान विश्लेषकों (Research Analysts) के लिए पंजीकरण करने और पिछले प्रदर्शन डेटा को प्रमाणित करने के लिए एक मंच।
तथ्यअनिवार्य नामांकन के लिए समय सीमा: 3 सितंबर, 2026 तक विस्तारित।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निवेश सलाहकारों और अनुसंधान विश्लेषकों के विनियमन किस प्रकार निवेशकों के संरक्षण और भारतीय पूंजी बाजारों की अखंडता में योगदान देते हैं, चर्चा कीजिए।
निवेशक संरक्षण
परफॉरमेंस डेटा में पारदर्शिता
मार्केट इंटीग्रिटी
रेगुलेटरी ओवरसाइट
मुख्य शब्द: निवेशक संरक्षण · मार्केट इंटीग्रिटी · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · पारदर्शिता · कैपिटल मार्केट्स
चर्चा में क्यों: भारत सरकार सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 'Offer for Sale (OFS) के माध्यम से LIC में 6.5% तक की इक्विटीबेच रही है।
सरकार LIC में 6.5% तक की इक्विटी बेच रही है, जिसमें 2.5% आधार और 4% ग्रीन शू विकल्प शामिल है। प्रति शेयर न्यूनतम मूल्य 382 रुपये निर्धारित किया गया है, जिसमें OFS की शुरुआत सर्वप्रथम गैर-खुदरा निवेशकों के लिए होगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यLIC इक्विटी बिक्री में उच्च मांग को समायोजित करने के लिए 4% ग्रीन शू विकल्प शामिल है।
तथ्यLIC इक्विटी बिक्री के लिए फ्लोर प्राइस ₹382 प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।
संस्थाLIC (Life Insurance Corporation of India) एक सरकारी स्वामित्व वाली सूचीबद्ध कंपनी है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के पूंजी बाजार और आर्थिक विकास के संदर्भ में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) में विनिवेश और सार्वजनिक हिस्सेदारी में वृद्धि के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: ईरान संघर्ष के कारण उत्पन्न घरेलू आपूर्ति और मूल्य अस्थिरता को नियंत्रित करनेके लिए केंद्र सरकार ने ईंधन निर्यात पर विंडफॉल टैक्स (windfall taxes) में वृद्धि की है।
पेट्रोल पर निर्यात शुल्क ₹2.5 से बढ़कर ₹3.5 प्रति लीटर हो गया है। डीजल पर निर्यात शुल्क ₹15.5 से बढ़कर ₹25.5 प्रति लीटर हो गया है, और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर यह शुल्क ₹14.5 से बढ़कर ₹22 प्रति लीटर हो गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यपेट्रोल निर्यात शुल्क में वृद्धि: ₹2.5 से ₹3.5 प्रति लीटर।
तथ्यडीजल निर्यात शुल्क में वृद्धि: ₹15.5 से ₹25.5 प्रति लीटर।
तथ्यATF निर्यात शुल्क में वृद्धि: ₹14.5 से ₹22 प्रति लीटर।
संस्थाविंडफॉल टैक्स (Windfall tax) तेल और कोयले जैसी वस्तुओं से होने वाले 'अतिरिक्त' लाभ पर लगाया जाने वाला एक कर है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों के दौरान ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और घरेलू बाजारों को स्थिर करने में विंडफॉल टैक्स (windfall tax) जैसे राजकोषीय उपकरणों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
ऊर्जा सुरक्षा
स्टेबलाइज़र के रूप में फिस्कल पॉलिसी
जियोपॉलिटिकल अस्थिरता का घरेलू महंगाई पर असर
मुख्य शब्द: विंडफॉल टैक्स · ऊर्जा सुरक्षा · राजकोषीय नीति · बाज़ार में उतार-चढ़ाव · सप्लाई-साइड मैनेजमेंट
चर्चा में क्यों: SEBI ने संपत्तियों के अनधिकृत गिरवी रखने और ऑडिट निष्कर्षों के अनुपालन न करने के कारण ZEEL के संस्थापकों और CEO को प्रतिभूति बाजार (securities market) से प्रतिबंधित कर दिया है।
SEBI ने ZEEL की हैदराबाद स्थित भूमि को अनधिकृत रूप से गिरवी रखने के लिए सुभाष चंद्र और पुनीत गोएंका पर 1.48 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई Deloitte ऑडिट के उस निष्कर्ष के बाद की गई है जिसमें पाया गया कि मूल स्वामित्व विलेख (title deeds) गायब थे और उन्हें 2018 में Indiabulls Housing Finance के पास जमा कर दिया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाSEBI (Securities and Exchange Board of India) भारत में प्रतिभूति बाजार (securities market) का प्राथमिक नियामक है।
तथ्यSEBI द्वारा ZEEL के संस्थापकों पर ₹1.48 करोड़ का जुर्माना लगाया गया।
तथ्यअनधिकृत गिरवी रखना Essel Group के 726 करोड़ रुपये के ऋण से संबंधित था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कॉर्पोरेट गवर्नेंस सुनिश्चित करने और अनधिकृत परिसंपत्ति गिरवी रखने से अल्पसंख्यक शेयरधारकों के हितों की रक्षा करने में प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा नियामक निरीक्षण के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने पंजाब सरकार को छह लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित महंगाई भत्ता (DA) के ₹14,191 करोड़ के बकाया का भुगतान करने का आदेश दिया है।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने 15 दिनों के भीतर ₹14,191 करोड़ की बकाया DA राशि के भुगतान का निर्देश दिया है। न्यायालय ने एक माह से अधिक की देरी के लिए 6% ब्याज का दंड आरोपित किया है और बकाया राशि के निपटान तक गैर-अनिवार्य व्यय पर रोक लगा दी है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यकुल DA बकाया राशि जिसे चुकाया जाना है: ₹14,191 करोड़।
तथ्यप्रभावित कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की संख्या: लगभग छह लाख।
तथ्यएक महीने से अधिक की देरी के लिए ब्याज दंड: 6%।
संस्थापंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय: पंजाब और हरियाणा के लिए राज्य उच्च न्यायालय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राजकोषीय देनदारियों के प्रबंधन में राज्य सरकारों के समक्ष आने वाली चुनौतियों और कर्मचारियों के लाभों के समयबद्ध वितरण को सुनिश्चित करने में न्यायपालिका की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय घाटा के प्रभाव
जुडिशियल एक्टिविज्म बनाम एग्जीक्यूटिव ऑटोनॉमी
लोक सेवा के मनोबल पर प्रभाव
आगे का रास्ता: व्यवस्थित पेरोल मैनेजमेंट
मुख्य शब्द: राजकोषीय दायित्व · न्यायिक निगरानी · सार्वजनिक व्यय · महंगाई भत्ता · राज्य वित्त
चर्चा में क्यों: 8वें वेतन आयोग ने सिफारिशों का प्रारूप तैयार करनेप्रक्रिया शुरू करनेके लिए कर्मचारियों के वेतन ढांचे और भत्तों से संबंधित डेटा जमा करने की अवधि समाप्त कर दी है।
आयोग मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों से कर्मचारियों के विवरण, वेतन संरचना, भत्तों और रिक्तियों के संबंध में आंकड़े एकत्र कर रहा है। श्रमिक संघों और पेंशनभोगियों के साथ परामर्श की प्रक्रिया दिल्ली, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में आयोजित की जाएगी।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्य8th Pay Commission का कार्य केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन ढांचे की समीक्षा करना और उसमें संशोधन की सिफारिश करना है।
संस्थाभारत सरकार द्वारा केंद्र सरकार के कर्मचारियों के पारिश्रमिक और भत्तों की समीक्षा के लिए Pay Commissions की स्थापना की जाती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सिविल सेवकों के मनोबल को बनाए रखने में वेतन आयोगों की भूमिका और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर समय-समय पर होने वाले वेतन संशोधनों के राजकोषीय निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय घाटा का असर
महंगाई के हिसाब से जीवन स्तर
सिविल सेवा की प्रेरणा
बजट की कमी
मुख्य शब्द: राजकोषीय प्रभाव · वेतन और भत्ते · पे स्ट्रक्चर · बजटीय आवंटन · सिविल सेवा मनोबल
चर्चा में क्यों: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने FCNR(B) के महत्वपूर्ण अंतर्प्रवाह (inflows) की सूचना दी है, जिसमें विशेषज्ञों ने भुगतान संतुलन (balance of payments) को सुदृढ़ करनेके लिए वर्ष के अंत के जमा अनुमानों में वृद्धि की है।
RBI ने 31 जुलाई तक 40.81 बिलियन डॉलर के विदेशी मुद्रा प्रवाह की सूचना दी है। 8 जून से FCNR(B) जमा 36.72 बिलियन डॉलर तक पहुँच गए हैं, जबकि संशोधित पूर्वानुमानों के अनुसार 31 दिसंबर तक कुल 90 बिलियन डॉलर की संभावित राशि का अनुमान है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य31 जुलाई तक FCNR(B) जमा $36.72 बिलियन तक पहुँच गए।
तथ्यFCNR(B) अंतर्वाह के संशोधित पूर्वानुमान कुल $90 बिलियन तक का सुझाव देते हैं।
विज्ञान-तकनीकFCNR(B) का अर्थ Foreign Currency Non-Resident (Bank) जमा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के भुगतान संतुलन के प्रबंधन और घरेलू मुद्रा को स्थिर करने में FCNR(B) जमा की महत्ता का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत के लिए IMF द्वारा प्रस्तुत GDP अनुमान और भू-राजनीतिक तनाव एवं AI व्यवधान का कॉर्पोरेट आय तथा शेयर बाजार के मूल्यांकन पर प्रभाव।
IMF ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.4% अनुमानित की है। टैरिफ, AI व्यवधान और कमजोर अर्निंग गाइडेंस के कारण हाल ही में IT क्षेत्र में 23% की गिरावट दर्ज की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यIMF ने FY27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर 6.4% अनुमानित की है।
तथ्यIT शेयरों में हाल ही में 23% की गिरावट (correction) देखी गई।
विज्ञान-तकनीकEnterprise AI की तैनाती से डेटा इंजीनियरिंग, साइबर सुरक्षा और क्लाउड इंटीग्रेशन की मांग बढ़ रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) जैसे तकनीकी व्यवधानों और भू-राजनीतिक संघर्षों का भारत के कॉर्पोरेट मुनाफे और दीर्घकालिक आर्थिक विकास पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
तकनीकी व्यवधान बनाम पारंपरिक राजस्व
कॉरपोरेट अर्निंग्स के लिए जियोपॉलिटिकल रिस्क
कैपिटल मार्केट्स में डाइवर्सिफिकेशन रणनीतियां
मुख्य शब्द: जीडीपी प्रोजेक्शन · AI व्यवधान · कॉरपोरेट अर्निंग्स · मार्केट में उतार-चढ़ाव · रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो
चर्चा में क्यों: नेट निकासी की अवधि के पश्चात, जुलाई 2026 में FPIs ने भारतीय इक्विटी में ₹49,340 करोड़ का निवेश कर एक महत्वपूर्ण सकारात्मक बदलाव (टर्नअराउंड) दर्ज किया।
जुलाई माह में, FPIs द्वारा इक्विटी में ₹49,340 करोड़ और ऋण (सामान्य और पूर्णतः सुलभ मार्ग) में ₹32,245 करोड़ का निवेश किया गया। यह निवेश जनवरी और जून 2026 के मध्य हुए ₹2.54 लाख करोड़ के शुद्ध बहिर्गमन के पश्चात दर्ज किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यFPIs ने जुलाई 2026 में भारतीय इक्विटी में ₹49,340 करोड़ का निवेश किया।
तथ्यजनवरी से जून 2026 तक ₹2.54 लाख करोड़ की शुद्ध निकासी (Net withdrawal) हुई।
तथ्यऋण में FPI निवेश में 'general route' और 'fully accessible route' दोनों शामिल हैं।
तथ्यRBI की मौद्रिक नीति बैठक 5 अगस्त के लिए निर्धारित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय पूंजी बाजारों में प्रत्यक्ष विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के प्रवाह को प्रभावित करने वाले कारकों और व्यापक आर्थिक स्थिरता पर उनके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने वाणिज्यिक LPG की कीमतों में ₹200 की कटौती की है, जबकि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में वृद्धि की है, जिससे औद्योगिक लागत और विमानन रसद (aviation logistics) प्रभावित होंगे।
तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने संपूर्ण भारत में प्रति सिलेंडर वाणिज्यिक LPG की कीमतों में लगभग ₹200 की कटौती की है। विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF) की कीमतों में ₹5 प्रति लीटर की वृद्धि हुई, जिससे यह ₹115 प्रति लीटर तक पहुँच गई। इस समायोजन के दौरान घरेलू LPG की कीमतों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यदिल्ली और कोलकाता में वाणिज्यिक LPG की कीमतें क्रमशः गिरकर ₹2,738 और ₹2,872.5 हो गईं।
तथ्य₹5 की वृद्धि के बाद Aviation Turbine Fuel (ATF) की कीमत ₹115 प्रति लीटर तक पहुँच गई।
तथ्य5 किलो वाले फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर की कीमतें ₹46 कम हो गईं।
तथ्यOil Marketing Companies (OMCs) भारत में LPG के वितरण और मूल्य निर्धारण के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार संस्थाएं हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ऊर्जा की कीमतों, विशेष रूप से एलपीजी (LPG) और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) में होने वाले उतार-चढ़ाव भारत के औद्योगिक विकास और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
मैन्युफैक्चरिंग लागत पर असर
एविएशन पर इन्फ्लेशनरी प्रेशर
सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन
कम वसूली के राजकोषीय प्रभाव
मुख्य शब्द: सप्लाई चेन · महंगाई का दबाव · लागत प्रबंधन · कम वसूली · ऊर्जा सुरक्षा
चर्चा में क्यों: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने यातायात को सुव्यवस्थित करने और उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से NH-48 पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग प्रणाली शुरू की है।
MLFF प्रणाली को NH-48 (मानेसर-जयपुर) पर स्थित शाहजहाँपुर प्लाजा पर शुरू किया गया है। यह प्रणाली FASTag और स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) तकनीक का उपयोग करती है। यदि भुगतान 72 घंटों के भीतर पूर्ण नहीं किया जाता है, तो चालकों पर दोहरे टोल शुल्क का प्रावधान लागू होता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाNHAI: National Highways Authority of India राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास और रखरखाव के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार निकाय है।
विज्ञान-तकनीकANPR: Automatic Number Plate Recognition, वाहनों की नंबर प्लेटों की पहचान करने के लिए Optical Character Recognition (OCR) का उपयोग करता है।
तथ्यMLFF: Multi-Lane Free Flow वाहनों को बिना रुके टोल प्लाजा से गुजरने की अनुमति देता है।
तथ्यदंड: 72 घंटों के भीतर टोल भुगतान करने में विफलता के परिणामस्वरूप दोगुना टोल शुल्क लिया जाएगा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में मल्टी-लेन फ्री-फ्लो टोलिंग (Multi-Lane Free Flow tolling) के कार्यान्वयन से बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और पर्यावरणीय स्थिरता में होने वाले योगदानों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: वित्त मंत्रालय ने राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ का प्रारंभिक अतिरिक्त कर हस्तांतरण जारी किया है, जो ऊर्ध्वाधर हस्तांतरण (vertical devolution) की राजकोषीय व्यवस्था को रेखांकित करता है।
संघ सरकार द्वारा एकत्रित किए गए करों का 41% राज्यों के साथ साझा किया जाता है। यह हस्तांतरण सामान्यतः 14 वार्षिक किश्तों में वितरित किया जाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यकेंद्र वर्तमान में अपने कर संग्रह का 41% राज्य सरकारों के साथ साझा करता है।
तथ्यकर हस्तांतरण (Tax devolution) एक वित्त वर्ष के दौरान 14 किश्तों में वितरित किया जाता है।
तथ्य1 अगस्त, 2026 को जारी की गई अतिरिक्त हस्तांतरण राशि ₹1,09,019 करोड़ थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में राजकोषीय संघवाद को बनाए रखने में कर हस्तांतरण (tax devolution) के महत्व और राज्य की आवश्यकताओं तथा केंद्र की राजकोषीय सुदृढ़ता के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
लंबवत और क्षैतिज विकेंद्रीकरण
राज्यों की राजकोषीय स्वायत्तता
इंफ्रास्ट्रक्चर और कल्याणकारी फंड
राजकोषीय घाटा प्रबंधन
मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · टैक्स डिवोल्यूशन · वर्टिकल शेयरिंग · राजकोषीय क्षमता · अंतर-सरकारी संबंध
चर्चा में क्यों: भारत ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जो अपने बढ़ते कार्यबल के लिए निर्धारित रोजगार सृजन लक्ष्यों को प्राप्त करने में विफलता की जांच के बीच आयोजित हुआ।
BRICS संक्षिप्त नाम को सर्वप्रथम वर्ष 2001 में गोल्डमैन सैक्स द्वारा प्रस्तुत किया गया था। भारत की दसवीं पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य 100 मिलियन रोजगार के अवसर सृजित करना था, किंतु नियामक और सुधार संबंधी बाधाओं के कारण वास्तविक रोजगार सृजन पूर्वानुमानों से कम रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यBRICS मूल रूप से Brazil, Russia, India, और China के लिए था।
तथ्यभारत ने 2025 में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की।
तथ्यदसवीं पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना और 100 मिलियन रोजगार सृजित करना था।
संस्थाGoldman Sachs ने 2001 में BRICS संक्षिप्त नाम (acronym) पेश किया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ब्रिक्स (BRICS) समूह में शामिल होने के बावजूद, भारत द्वारा अपने जनसांख्यिकीय लाभांश को व्यापक रोजगार के अवसरों में परिवर्तित करने के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी ने भोगपुरम में 'अल्लूरी सीताराम राजू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे' का उद्घाटन किया, जो आंध्र प्रदेश के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को रेखांकित करता है।
भोगापुरम हवाई अड्डे का निर्माण GMR विशाखापट्टनम इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड द्वारा ₹5,640 करोड़ की लागत से किया गया है। इसे प्रतिवर्ष छह मिलियन यात्रियों को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है और यह विशाखापट्टनम आर्थिक क्षेत्र में व्यापक बुनियादी ढांचा विकास पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानभोगापुरम एयरपोर्ट आंध्र प्रदेश में स्थित है।
तथ्ययह हवाई अड्डा प्रतिवर्ष छह मिलियन यात्रियों को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
तथ्यक्षेत्र में शुरू की गई कुल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत ₹17,900 करोड़ से अधिक थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: क्षेत्रीय विमानन केंद्रों और औद्योगिक गलियारों का विकास भारत की $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था प्राप्त करने के लक्ष्य में किस प्रकार योगदान देता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
लॉजिस्टिक्स दक्षता
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी
नौकरी सृजन और इंडस्ट्रियल हब
मुख्य शब्द: इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · आर्थिक केंद्र · लॉजिस्टिक्स
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रेखांकित किया कि E20 पेट्रोल की ओर संक्रमण के कारण पुराने BS-III वाहनों में भौतिक क्षरण (material degradation) की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
ARAI 2021 के अध्ययन में यह पाया गया कि E20 पेट्रोल के उपयोग से PVC/NBR, एपिक्लोरोहाइड्रिन, PBT और PA66 से निर्मित सील और होज़ में कठोरता, शक्ति की हानि और सूजन उत्पन्न होती है। यह प्रभाव 1 अप्रैल, 2005 और 2016 के मध्य निर्मित वाहनों को प्रभावित करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यE20 पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण होता है।
संस्थाARAI (Automotive Research Association of India) वह संस्था है जिसने इस अध्ययन को संचालित किया।
तथ्यवर्ष 2005 और 2016 के बीच निर्मित BS-III वाहनों को विशेष रूप से उच्च-जोखिम (high-risk) के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के ईंधन मिश्रण में पुराने वाहनों के बेड़े के लिए उच्च इथेनॉल मिश्रण की ओर संक्रमण से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और इसके सामाजिक-आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: RBI प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले रुपये के अवमूल्यन के मुद्दे पर चर्चा हेतु बैठक कर रही है, जबकि अर्थशास्त्री वैश्विक ब्याज दर के रुझानों पर अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल (non-farm payrolls) के प्रभाव का विश्लेषण कर रहे हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) 5.25% की आधार ब्याज दर बनाए हुए है। खुदरा मुद्रास्फीति के निर्धारित लक्ष्यों को पार करने के कारण, भारतीय रुपया वर्तमान में इस वर्ष की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली एशियाई मुद्राओं में शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक नीति और मुद्रा स्थिरता के लिए उत्तरदायी है।
तथ्यबेंचमार्क ब्याज दर: वर्तमान में 5.25% है।
तथ्यUS Non-farm Payrolls: एक प्रमुख आर्थिक संकेतक जिसका उपयोग Federal Reserve द्वारा रोजगार के स्तर को मापने और ब्याज दर के निर्णयों को प्रभावित करने के लिए किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक मौद्रिक परिवर्तनों के बीच मुद्रास्फीति नियंत्रण और भारतीय रुपये को स्थिर करने की आवश्यकता के बीच संतुलन बनाए रखने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: ब्लूमबर्ग इंडेक्स सर्विसेज (BISL) ने परिचालन और बाजार-आधारभूत संरचना संबंधी बाधाओं के कारण अपने ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स में भारतीय संप्रभु बॉन्ड (sovereign bonds) के समावेश को स्थगित कर दिया है।
ब्लूमबर्ग इंडेक्स सर्विसेज (BISL) ने पूर्णतः स्वचालित व्यापार कार्यप्रवाह (trading workflows) के अभाव, व्यापार-पश्चात करों के लिए निपटान/पुनर्प्रवर्तन समयसीमा, और जटिल कोष पंजीकरण को स्थगन के कारणों के रूप में उद्धृत किया है। ग्लोबल एग्रीगेट इंडेक्स निवेश-श्रेणी के $70 ट्रिलियन से अधिक के बॉन्ड की निगरानी करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यGlobal Aggregate index $70 ट्रिलियन से अधिक मूल्य के बॉन्ड को ट्रैक करता है।
तथ्यसमावेशन से होने वाले संभावित प्रवाह का अनुमान $10-15 बिलियन के बीच लगाया गया था।
तथ्यभारतीय बॉन्ड वर्तमान में तीन अन्य प्रमुख उभरते बाजार सूचकांकों (emerging-market indexes) का हिस्सा हैं।
तथ्यBISL ने पूर्णतः स्वचालित ट्रेडिंग वर्कफ़्लो (automated trading workflows) के अभाव और जटिल फंड पंजीकरण को प्रमुख बाधाओं के रूप में पहचाना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक बॉन्ड सूचकांकों (global bond indices) में भारत के शामिल होने का भारतीय पूंजी बाजारों के लिए महत्व का विश्लेषण कीजिए और दीर्घकालिक विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचागत सुधारों पर चर्चा कीजिए।
यील्ड कर्व पर प्रभाव
विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) का प्रवाह
इंफ्रास्ट्रक्चर: ऑटोमेशन और सेटलमेंट
मार्केट डेप्थ और लिक्विडिटी
मुख्य शब्द: सॉवरेन बॉन्ड्स · कैपिटल मार्केट्स · मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर · यील्ड कर्व · विदेशी पूंजी का आगमन
चर्चा में क्यों: भूमि की कमी की समस्या को दूर करनेके उद्देश्य से, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2030-31 तक 5,000 MW की फ्लोटिंग सोलर पावर विकसित करनेके लिए 'प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना' को स्वीकृति प्रदान की है।
इस योजना में ₹5,070 करोड़ का निवेश शामिल है, जिसमें प्रति मेगावाट (MW) ₹1 करोड़ तक की सब्सिडी का प्रावधान है। इसका कार्यान्वयन सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) द्वारा किया जाएगा और इसमें कम से कम दो घंटे के बैटरी भंडारण की अनिवार्यता निर्धारित की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाप्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना: फ्लोटिंग सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए एक सरकारी पहल।
संस्थाSECI (Solar Energy Corporation of India): योजना के कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी।
तथ्यलक्ष्य क्षमता: 2030-31 तक 5,000 MW फ्लोटिंग सोलर पावर।
तथ्यवित्तीय परिव्यय: ₹5,070 करोड़, जिसमें ₹1 करोड़ प्रति MW की सब्सिडी शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की महत्वाकांयी नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों और भूमि की कमी की दोहरी चुनौतियों के समाधान में फ्लोटिंग सोलर पावर (तैरते हुए सौर ऊर्जा संयंत्र) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने नियोजित ₹30,000 करोड़ के IPO से पूर्व, को-लोकेशन और डार्क फाइबर संबंधी मुद्दों के संबंध में SEBI को ₹1,491.21 करोड़ का निपटान शुल्क (settlement) भुगतान किया है।
NSE ने 3 अगस्त, 2024 को SEBI को ₹1,491.21 करोड़ का निपटान शुल्क (settlement) भुगतान किया। यह निपटान को-लोकेशन और डार्क फाइबर सेवाओं से संबंधित मुद्दों से संबंधित है। यह भुगतान 2 अगस्त को SEBI द्वारा संशोधित शर्तों के सैद्धांतिक अनुमोदन के पश्चात किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाSEBI (Securities and Exchange Board of India) भारत में प्रतिभूति बाजार (securities market) का प्राथमिक नियामक है।
संस्थाNSE (National Stock Exchange) विश्व के सबसे बड़े इक्विटी, करेंसी और डेरिवेटिव्स एक्सचेंजों में से एक है।
तथ्यसमझौते की राशि को ₹1,387.39 करोड़ के प्रारंभिक प्रस्ताव से बढ़ाकर ₹1,491.21 करोड़ कर दिया गया।
तथ्यNSE ने लगभग ₹30,000 करोड़ के अनुमानित IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय पूंजी बाजारों में बाजार की अखंडता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए, विशेष रूप से एक्सचेंजों द्वारा बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी के उपयोग के संदर्भ में। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत की ऊर्जा आयात पर निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से अपतटीय तेल और गैस अन्वेषण को बढ़ावा देनेके लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'समुद्र मंथन' योजना को स्वीकृति प्रदान की है।
इस योजना का कुल परिव्यय 84,084 करोड़ रुपये है और इसका उद्देश्य 600 मिलियन टन से अधिक तेल और समकक्ष गैस के संचय को उत्प्रेरित करना है। यह योजना वित्त वर्ष 2030-31 तक अन्वेषणात्मक ड्रिलिंग, डेटा अधिग्रहण, बुनियादी ढांचा विकास और विनिर्माण क्षेत्रों को कवर करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनासमुद्र मंथन: अपतटीय (offshore) तेल और गैस अन्वेषण के लिए एक सरकारी योजना।
तथ्यसमुद्र मंथन योजना का कुल परिव्यय Rs 84,084 करोड़ है।
तथ्यलक्षित आरक्षित संचय (Target reserve accretion) तेल और समकक्ष गैस का 600 मिलियन टन से अधिक है।
तथ्यइस योजना की समय-सीमा वित्त वर्ष (FY) 2030-31 तक विस्तारित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने और आयात पर निर्भरता को कम करने में घरेलू अपतटीय ऊर्जा अन्वेषण (offshore energy exploration) को बढ़ाने के महत्व की चर्चा कीजिए।
ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता
कम होते आयात बिलों का आर्थिक प्रभाव
इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग विकास
ऑफशोर ड्रिलिंग में पर्यावरणीय पहलू
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · आयात पर निर्भरता · आरक्षित क्षेत्र · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · रणनीतिक स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: मंत्री नितिन गडकरी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग टोल संग्रह में 14.45% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की है, जो FASTag और वार्षिक पास योजनाओं के प्रभाव को रेखांकित करती है।
वित्त वर्ष 2026 में टोल संग्रह ₹70,278 करोड़ तक पहुँच गया। कुल राजस्व में पाँच राज्यों (उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु) का योगदान लगभग 50% रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यवित्त वर्ष 2026 में कुल टोल संग्रह Rs 70,278 करोड़ तक पहुँच गया।
तथ्यपिछले वित्त वर्ष में टोल संग्रह की वृद्धि दर 14.45% थी।
योजनाFASTag एक इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली है जिसका उपयोग प्रतीक्षा समय और भीड़ को कम करने के लिए किया जाता है।
तथ्यभारत के कुल राजमार्ग टोल संग्रह का लगभग आधा हिस्सा UP, Rajasthan, Maharashtra, Gujarat और Tamil Nadu से आता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: टोल संग्रह के माध्यम से बुनियादी ढांचा वित्तपोषण किस प्रकार भारत की लॉजिस्टिक्स दक्षता में योगदान देता है और विभिन्न राज्यों में समान बुनियादी ढांचा विकास की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु ने खुरदरे पत्थर और निर्माण सामग्री के अंतरराज्यीय परिवहन पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे केरल की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर प्रभाव पड़ा है।
तमिलनाडु सरकार ने 30 जुलाई, 2026 से खुरदरे पत्थर, M-Sand और निर्माण समुच्चय (construction aggregates) के अंतर-राज्यीय परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय केरल राज्य को प्रभावित करेगा, जो इन निर्माण सामग्रियों के लिए भारी रूप से तमिलनाडु पर निर्भर है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यM-Sand का अर्थ Manufactured Sand है, जो नदी की रेत या कुचले हुए पत्थर का एक संसाधित रूप है।
स्थानयह प्रतिबंध तमिलनाडु और केरल के बीच निर्माण सामग्री के अंतर-राज्यीय आवागमन को प्रभावित करता है।
तथ्ययह प्रतिबंध आधिकारिक रूप से 30 जुलाई, 2026 से लागू किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतर-राज्यीय बुनियादी ढांचा विकास पर राज्य-स्तरीय संसाधन प्रतिबंधों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और निर्बाध लॉजिस्टिक कॉरिडोर सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चेन्नई में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और R&D सुविधाओं की स्थापना हेतु वैश्विक फर्मों के साथ MoUs पर हस्ताक्षर किए हैं।
तमिलनाडु सरकार ने Chubb, Nordex और MotiveLink सहित विभिन्न कंपनियों के साथ चार समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों का उद्देश्य 2,920 रोजगार सृजित करना है और इनमें यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया द्वारा एक अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय परिसर की स्थापना शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यचार MoUs से कुल अपेक्षित नौकरियों की संख्या: 2,920।
स्थाननिवेश का स्थान: चेन्नई, तमिलनाडु।
संस्थाUGC के नियमों के तहत University of Western Australia द्वारा भारत में एक कैंपस स्थापित किया जाएगा।
तथ्यप्रमुख शामिल संस्थाएं: Chubb, Nordex, MotiveLink और University of Western Australia।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक क्षमता केंद्रों (Global Capability Centres) और अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्रों के माध्यम से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने और रोजगार सृजन में राज्य सरकारों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु की GDP में स्वयं के कर राजस्व के घटते हिस्से को संबोधित करने और राजकोषीय स्थिरता में सुधार करने के लिए मोंटेक सिंह अहलूवालिया के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया गया।
राजस्व संवर्धन समिति का मुख्य उद्देश्य नवीन राजस्व स्रोतों की पहचान करना और कर चोरी (टैक्स लीकेज) की समस्याओं का समाधान करना है। तमिलनाडु के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के प्रतिशत के रूप में उसके स्वयं के कर राजस्व के हिस्से में वर्ष 2021-22 के 5.93% से घटकर वर्ष 2025-26 में 5.45% तक गिरने का अनुमान है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यGDP के प्रतिशत के रूप में तमिलनाडु का स्वयं का कर राजस्व (own-tax revenue) हिस्सा: 5.93% (2021-22) से घटकर 5.45% (2025-26) रहने का अनुमान।
संस्थाराजस्व संवर्धन समिति (Revenue Augmentation Committee): कर प्रशासन में सुधार और व्यय दक्षता बढ़ाने के लिए उत्तरदायी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राज्य सरकारों द्वारा अपने स्वयं के कर राजस्व में वृद्धि करने के समक्ष आने वाली चुनौतियों और दीर्घकालिक आर्थिक विकास की प्राप्ति में राजकोषीय स्थिरता के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय घाटा प्रबंधन
टैक्स कंप्लायंस और लीकेज
राजस्व विविधीकरण
व्यय दक्षता
मुख्य शब्द: राजकोषीय स्थिरता · राजस्व में बढ़ोतरी · टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन · लीकेज में कमी · व्यय दक्षता
चर्चा में क्यों: IRDAI द्वारा अंडरराइटिंग घाटे में वृद्धि और गृहणियों के कार्य के आर्थिक मूल्य पर सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के निर्णय के कारण तृतीय-पक्ष मोटर बीमा टैरिफ की समीक्षा की जा रही है।
न्यू इंडिया एश्योरेंस ने वित्त वर्ष 2027 की प्रथम तिमाही में अंडरराइटिंग घाटे में 57% की वृद्धि दर्ज की है, जो बढ़कर 1,297.2 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ICICI लोंबॉर्ड का अनुमान है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से उद्योग के हानि अनुपात (लॉस रेशियो) में 12-15% की वृद्धि हो सकती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाIRDAI: Insurance Regulatory and Development Authority of India बीमा क्षेत्र को विनियमित करने वाली सर्वोच्च संस्था है।
तथ्यNew India Assurance ने Q1 FY27 में Rs 1,297.2 करोड़ का अंडरराइटिंग लॉस (underwriting loss) दर्ज किया।
तथ्यICICI Lombard के अनुसार, न्यायिक निर्णयों के कारण लॉस रेशियो (loss ratios) में 12-15% की वृद्धि होने का अनुमान है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बढ़ती दावा लागत के प्रबंधन में सार्वजनिक और निजी बीमा क्षेत्रों के समक्ष आने वाली चुनौतियों और बीमा शुल्कों पर न्यायिक हस्तक्षेप के निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
अंडरराइटिंग लॉस एनालिसिस
आर्थिक मूल्यांकन पर न्यायिक फैसलों का प्रभाव
IRDAI की रेगुलेटरी भूमिका
थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की राजकोषीय स्थिरता
मुख्य शब्द: अंडरराइटिंग लॉस · लॉस रेशियो · रेगुलेटरी रिव्यू · आर्थिक मूल्यांकन · राजकोषीय स्थिरता
चर्चा में क्यों: IRDAI ने ग्रामीण भारत में बीमा की पहुंच बढ़ाने के उद्देश्य से पतंजलि आयुर्वेद और DS Group द्वारा मैग्मा जनरल इंश्योरेंस के अधिग्रहण को मंजूरी प्रदान की है।
पतंजलि आयुर्वेद, मैग्मा जनरल इंश्योरेंस में 73.56% की हिस्सेदारी और DS ग्रुप 24.5% की हिस्सेदारी लगभग 4,500 करोड़ रुपये में अधिग्रहित करेगा। मैग्मा जनरल इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) में 3,615.48 करोड़ रुपये का सकल लिखित प्रीमियम दर्ज किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाIRDAI: Insurance Regulatory and Development Authority of India, बीमा क्षेत्र को विनियमित करने वाली सर्वोच्च संस्था।
तथ्ययह अधिग्रहण सौदा लगभग Rs 4,500 करोड़ का है।
तथ्यMagma General Insurance ने FY26 में Rs 3,615.48 करोड़ का ग्रॉस रिटन प्रीमियम (gross written premiums) दर्ज किया।
तथ्यPatanjali Ayurved और DS Group सामूहिक रूप से Magma General Insurance में लगभग 98% हिस्सेदारी रखेंगे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण और अर्ध-शहरी भारत में बीमा पैठ को बढ़ाने में निजी क्षेत्र के विविधीकरण और खुदरा नेटवर्क की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
मौजूदा रिटेल फुटप्रिंट्स का लाभ उठाना
ग्रामीण क्षेत्रों में फाइनेंशियल इन्क्लूजन
IRDAI द्वारा रेगुलेटरी ओवरसाइट
मुख्य शब्द: इंश्योरेंस पैठ · वित्तीय समावेशन · बाज़ार का विविधीकरण · नियामकीय मंजूरी · ग्रामीण पहुंच
चर्चा में क्यों: वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत में सोने की मांग में वार्षिक आधार पर 6% की गिरावट दर्ज की गई है, जो राजकोषीय नीति और कीमतों में अस्थिरता के प्रभाव को रेखांकित करती है।
अप्रैल-जून की तिमाही में भारत की सोने की मांग घटकर 131.4 टन रह गई, जो वार्षिक आधार पर 6% की गिरावट दर्शाती है। जहाँ आभूषणों की मांग में 15% की कमी आई, वहीं निवेश संबंधी मांग में 9% की वृद्धि हुई और यह 50.3 टन तक पहुँच गई। सोने की कीमतों में 43% की वृद्धि के कारण कुल आयात में 23% की गिरावट आई और यह घटकर 98.1 टन रह गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यअप्रैल-जून तिमाही में भारत की सोने की मांग: 131.4 टन।
तथ्यनिवेश मांग में वृद्धि: 9% से 50.3 टन।
तथ्यकुल स्वर्ण आयात में 23% की गिरावट: 98.1 टन।
संस्थाWorld Gold Council (WGC): सोने की मांग और कीमतों पर रिपोर्ट करने वाली एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में उच्च सीमा शुल्क और कीमतों में अस्थिरता का सोने की खपत पर पड़ने वाले प्रभाव तथा एक बढ़ते ग्रे मार्केट (अनौपचारिक बाजार) से उत्पन्न होने वाले संभावित जोखिमों का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय नीति का प्रभाव
ग्रे मार्केट के जोखिम
निवेश बनाम खपत के रुझान
रेगुलेटरी चुनौतियां
मुख्य शब्द: राजकोषीय नीति · ग्रे मार्केट · कीमतों में उतार-चढ़ाव · डिमांड-सप्लाई डायनेमिक्स · सीमा शुल्क
चर्चा में क्यों: भारत सरकार ₹2.2 लाख करोड़ के नीतिगत सहायता ढांचे के माध्यम से EV की बिक्री को बढ़ावा देने के बजाय मुख्य EV प्रौद्योगिकियों के घरेलू स्वामित्व को सुदृढ़ करने की ओर अग्रसर है।
भारत ने वित्त वर्ष 2025 (FY25) में 2 मिलियन EV इकाइयों की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। यह नीति आयात पर निर्भरता कम करने और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के उद्देश्य से मोटरों और कंट्रोलर्स के उत्पादन के स्थानीयकरण पर केंद्रित है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाPM E-Drive योजना: भारत में EV पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) को समर्थन देनेके लिए एक सरकारी पहल।
योजनाPLI Scheme: Production Linked Incentive scheme का उपयोग उच्च-तकनीकी घटकों (high-tech components) के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।
तथ्यवित्त वर्ष 2025 (FY25) में भारत की EV बिक्री 2 मिलियन के आंकड़े को पार कर गई।
तथ्यघरेलू EV तकनीक के लिए नीतिगत समर्थन का अनुमान ₹2.2 लाख करोड़ है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के इलेक्ट्रिक वाहन पारिस्थितिकी तंत्र की ओर संक्रमण में वाहन असेंबली से मुख्य प्रौद्योगिकी स्वामित्व (core technology ownership) की ओर बढ़ने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: कोयला, खान और इस्पात पर संसदीय स्थायी समिति ने बुनियादी ढांचे और रसद संबंधी बाधाओं के कारण कोल इंडिया के वाशड कोकिंग कोल उत्पादन और उसकी क्षमता के बीच के महत्वपूर्ण अंतर को रेखांकित किया है।
कोल इंडिया ने 18.35 MT की वार्षिक क्षमता के विरुद्ध केवल 3.59 MT वाशड कोकिंग कोल का उत्पादन किया। समिति ने वित्त वर्ष 2025-26 में कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से कोयले के उत्पादन में 10.2% की वृद्धि दर्ज की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यCoal India का वाशड कोकिंग कोल उत्पादन 18.35 MT की क्षमता के मुकाबले 3.59 MT रहा।
तथ्यवित्त वर्ष 2025-26 में कैप्टिव और वाणिज्यिक खदानों से कोयला उत्पादन में 10.2% की वृद्धि हुई।
संस्थाकोयला, खान और इस्पात पर संसदीय स्थायी समिति कोयला और इस्पात क्षेत्रों की निगरानी करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में कोयला शोधन (coal beneficiation) के क्षेत्र में आने वाली लॉजिस्टिक और बुनियादी ढाँचे संबंधी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए तथा घरेलू कोयला उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: ICRA ने वर्ष 2028 तक स्वर्ण-आधारित ऋणों में ₹30 लाख करोड़ तक की महत्वपूर्ण वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो इस ऋण क्षेत्र में NBFCs की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।
ICRA का अनुमान है कि स्वर्ण-आधारित ऋणों की वृद्धि दर 30% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से होगी, जिससे मार्च 2028 तक यह ₹30 लाख करोड़ तक पहुँच जाएगी। वर्तमान में, NBFC द्वारा दिए जाने वाले स्वर्ण ऋणों का लगभग 90% हिस्सा 'बुलेट पेमेंट' पद्धति का उपयोग करता है, जिससे ये ऋण स्वर्ण की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील हो जाते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यमार्च 2028 तक स्वर्ण-समर्थित ऋण बाजार का अनुमानित आकार: ₹30 लाख करोड़।
तथ्यबैंकों के लिए वर्तमान संचयी NPA अनुपात: ~0.5%।
तथ्यकुल NPA अनुपात: ~3%।
तथ्यस्वर्ण ऋण (gold loans) में NBFCs की अनुमानित बाजार हिस्सेदारी: 23%।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्वर्ण-आधारित ऋण के माध्यम से वित्तीय समावेशन को गहरा करने में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) की भूमिका और 'बुलेट पेमेंट' संरचनाओं से जुड़े जोखिमों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: रेलवे मंत्रालय सुरक्षा और सिग्नल एकीकरण को सुदृढ़ करनेउद्देश्य से 1,618 किलोमीटर के हाई डेंसिटी नेटवर्क मार्गों पर कवच ATP प्रणाली को संस्करण 4.0 में अपग्रेड कर रहा है।
कवच 4.0 बेहतर सटीकता, स्टेशन-से-स्टेशन इंटरफेसिंग और मौजूदा रेलवे प्रणालियों के साथ प्रत्यक्ष एकीकरण प्रदान करता है। रेलवे मंत्रालय ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में कवच के कार्यान्वयन हेतु ₹2,066 करोड़ आवंटित किए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकKavach एक स्वदेशी रूप से विकसित Automatic Train Protection (ATP) प्रणाली है।
तथ्यHigh Density Network (HDN) मार्गों के 21,858 km पर Trackside implementation प्रगति पर है।
तथ्य94,000 से अधिक रेलवे कर्मचारियों को Kavach प्रणाली में प्रशिक्षित किया गया है।
तथ्यरेलवे मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष में कवच (Kavach) के लिए ₹2,066 करोड़ आवंटित किए हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की रेलवे अवसंरचना के आधुनिकीकरण और यात्री सुरक्षा में 'कवच' जैसी स्वदेशी सुरक्षा प्रौद्योगिकियों के कार्यान्वयन के योगदान पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: वित्त मंत्रालय ने वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और औद्योगिक वस्तुओं की बढ़ती लागत के कारण मुद्रास्फीति और राजकोषीय घाटे के जोखिमों के प्रति चेतावनी दी है।
वित्त मंत्रालय ने 29 जुलाई, 2026 को यह चेतावनी जारी की। प्रमुख चिंताओं में कच्चे तेल के लिए बढ़ते आयात बिल और औद्योगिक वस्तुओं की उच्च लागत शामिल है, जिसे सुदृढ़ निर्यात प्रदर्शन और मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार द्वारा संतुलित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यवित्त मंत्रालय ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को मुद्रास्फीति के जोखिम के प्राथमिक चालक के रूप में पहचाना है।
तथ्यभारत के विदेशी मुद्रा भंडार को बाह्य स्थिरता के लिए एक बफर के रूप में उद्धृत किया जाता है।
तथ्यआयात की मात्रा कम होने के बावजूद कच्चे तेल के आयात बिल बढ़ रहे हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक वस्तु कीमतों में होने वाली अस्थिरता का भारत के राजकोषीय घाटे और मुद्रास्फीति प्रबंधन पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए। बाहरी झटकों के विरुद्ध भारत की आर्थिक सुदृढ़ता को बढ़ाने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने रिपोर्ट दी है कि 2021 से अब तक 48 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की विफलताओं के कारण 22 मौतें हुई हैं, जो बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और नियामक निरीक्षण से संबंधित मुद्दों को रेखांकित करती हैं।
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने रिपोर्ट दी है कि वर्ष 2021 से अब तक 20 राज्यों में 48 प्रमुख विफलताएं दर्ज की गई हैं। सबसे घातक घटना वर्ष 2022 में जम्मू-कश्मीर में एक सुरंग के प्रवेश द्वार के ढहने की थी, जिसके परिणामस्वरूप 10 व्यक्तियों की मृत्यु हुई और कुल दंड की राशि 349 करोड़ रुपये से अधिक रही।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्य2021 से अब तक 48 National Highway परियोजना विफलताओं में 22 मौतें दर्ज की गई हैं।
स्थानकेरल और महाराष्ट्र में सर्वाधिक घटनाओं (क्रमशः 8 और 7) की संख्या दर्ज की गई।
तथ्यपरियोजना विफलताओं के लिए लगाए गए कुल दंड की राशि 349 करोड़ रुपये से अधिक है।
संस्थाकेंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की देखरेख करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के तेजी से विस्तारित होते राजमार्ग बुनियादी ढांचे में संरचनात्मक अखंडता और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए तथा सार्वजनिक निर्माण कार्यों में जवाबदेही बढ़ाने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने हेतु सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में, NHAI ने 150 अनधिकृत मेडियन गैप्स को बंद करने और अवैध ढांचों को हटाने के लिए देशव्यापी प्रवर्तन अभियान शुरू किया है।
NHAI ने 29 जुलाई, 2026 तक 693 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों का सर्वेक्षण किया और अनधिकृत संरचनाओं के विरुद्ध 1,403 नोटिस जारी किए। सड़क सुरक्षा संबंधी खतरों को कम करनेके उद्देश्य से इस अभियान के अंतर्गत 150 अनधिकृत मध्य-विभाजक अंतराल (median gaps) को बंद किया गया और 361 अवैध पहुंच बिंदुओं (access points) को हटाया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाNHAI: National Highways Authority of India, जो राष्ट्रीय राजमार्गों के प्रबंधन और विकास के लिए उत्तरदायी है।
तथ्यजुलाई 2026 तक, NHAI ने अनधिकृत संरचनाओं और अवैध वाणिज्यिक पहुंच बिंदुओं के विरुद्ध 1,403 नोटिस जारी किए।
तथ्यप्रवर्तन अभियान के अंतर्गत 693 किमी के राष्ट्रीय राजमार्गों का सर्वेक्षण किया गया।
तथ्यउच्चतम न्यायालय ने अप्रैल 2025 में राष्ट्रीय राजमार्गों के 'राइट ऑफ वे' (right of way) के भीतर नए ढाबों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी किए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राष्ट्रीय राजमार्गों पर 'राइट ऑफ वे' (Right of Way) बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों और सड़क सुरक्षा एवं बुनियादी ढांचे की अखंडता सुनिश्चित करने में विनियामक निकायों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश सरकार 'AP एकीकृत स्वच्छ ऊर्जा नीति-2024' के अंतर्गत औद्योगिक स्वच्छ ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पवन और सौर परियोजनाओं में ₹5,750 करोड़ के निवेश की पहल कर रही है।
टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (TPREL) कानेकल में 400-MW की पवन ऊर्जा परियोजना और पट्टिकोडा में 400-MW की सौर ऊर्जा परियोजना स्थापित करेगी। इन परियोजनाओं से निर्माण अवधि के दौरान 4,000 व्यक्तियों के लिए रोजगार सृजित होने और 1,100 कृषि परिवारों को लाभ प्राप्त होने की संभावना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यदो स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए कुल निवेश ₹5,750 करोड़ है।
तथ्यनई परियोजनाओं की कुल क्षमता 800 MW (400 MW पवन + 400 MW सौर) है।
स्थानपरियोजनाएं आंध्र प्रदेश के अनंतपुर और कुरनूल जिलों में स्थित हैं।
योजनाAP Integrated Clean Energy Policy–2024 के अंतर्गत परियोजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के सतत विकास लक्ष्यों और आर्थिक विकास की प्राप्ति के लिए औद्योगिक केंद्रों में नवीकरणीय ऊर्जा निवेश को बढ़ावा देने के महत्व की चर्चा कीजिए।
औद्योगिक क्षेत्रों का डीकार्बोनाइजेशन
नौकरी सृजन और ग्रामीण आजीविका
ऊर्जा सुरक्षा
प्राइवेट-पब्लिक इन्वेस्टमेंट सिनर्जी
मुख्य शब्द: नवीकरणीय ऊर्जा · औद्योगिक विकास · सतत विकास · क्लीन एनर्जी पॉलिसी · निवेश का माहौल
चर्चा में क्यों: MoSPI द्वारा जारी प्रायोगिक सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) के आंकड़ों से मई 2026 में सेवा क्षेत्र की वृद्धि दर में महत्वपूर्ण गिरावट दर्ज की गई है, जो घटकर 9.5% रह गई है।
सेवा क्षेत्र में मई 2026 में 9.5% की वृद्धि दर्ज की गई, जो अप्रैल में दर्ज की गई 20.5% की वृद्धि से कम है। 'आवास और भोजन' श्रेणी में 27.4% की भारी वृद्धि देखी गई, जबकि समग्र उद्योग की वृद्धि दर 5% रही।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यसेवा क्षेत्र की वृद्धि मई 2026 में अप्रैल के 20.5% से घटकर 9.5% रह गई।
तथ्य'आवास और भोजन' (accommodation and food) श्रेणी में 27.4% की वृद्धि हुई।
संस्थाISP डेटा जारी करने के लिए MoSPI (Ministry of Statistics and Programme Implementation) जिम्मेदार निकाय है।
तथ्यISP डेटा वर्तमान में स्वास्थ्य, शिक्षा और अनौपचारिक क्षेत्रों को शामिल नहीं करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की आर्थिक वृद्धि में सेवा क्षेत्र के महत्व का विश्लेषण कीजिए और राष्ट्रीय सांख्यिकी में अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को समाहित करने में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।