GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 22
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 18 दिसंबर, 2025 तक द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और ग्लोबल साउथ (Global South) सहयोग पर चर्चा करने के लिए जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान के दौरे पर जाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी जॉर्डन में किंग अब्दुल्ला II बिन अल हुसैन और इथियोपिया में प्रधानमंत्री अबी अहमद अली से मुलाकात करेंगे। ओमान की यात्रा का उद्देश्य एक मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement) हस्ताक्षरित करना और राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इसे चिह्नित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- स्थानजॉर्डन: PM मोदी किंग अब्दुल्ला II बिन अल हुसैन से मिलेंगे।
- स्थानइथियोपिया: PM मोदी, प्रधानमंत्री अबी अहमद अली से मुलाकात करेंगे।
- तथ्यभारत-ओमान राजनयिक संबंध: 70 वर्ष।
- विज्ञान-तकनीकओमान: भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (Free Trade Agreement) साइन होने की उम्मीद।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्लोबल साउथ और मध्य-पूर्वी देशों के साथ भारत की सक्रिय संलग्नता उसके एक अग्रणी शक्ति के रूप में उभरने की भूमिका को आकार देने में किस प्रकार महत्वपूर्ण है, चर्चा कीजिए।
- रणनीतिक स्वायत्तता: द्विपक्षीय व्यापार और राजनयिक संबंधों के जरिए मल्टी-अलाइनमेंट को संतुलित करना
- ग्लोबल साउथ लीडरशिप: अफ्रीकी और मध्य पूर्वी पार्टनर्स के साथ सहयोग को मज़बूत करना
- आर्थिक एकीकरण: एक्सपोर्ट मार्केट में विविधता लाने के लिए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: मल्टी-एलाइनमेंट · ग्लोबल साउथ · रणनीतिक स्वायत्तता · द्विपक्षीयता · ट्रेड डिप्लोमेसी
स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक दक्षता में सुधार करने और लंबित मामलों के प्रबंधन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग की रूपरेखा तैयार करने, उसे लागू करने और उसकी निगरानी के लिए एक AI कमेटी का गठन किया है।
सुप्रीम कोर्ट, IIT मद्रास के साथ मिलकर दोष पहचान (defect identification), मेटाडेटा एक्सट्रैक्शन (metadata extraction) और केस मैनेजमेंट (case management) के लिए AI-आधारित टूल विकसित कर रहा है। जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करने के लिए, ये पायलट प्रोजेक्ट वर्तमान में केवल नियंत्रित तैनाती (controlled deployments) तक ही सीमित हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थासुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक AI एकीकरण की निगरानी के लिए एक समर्पित AI कमेटी बनाई है।
- विज्ञान-तकनीकIIT मद्रास न्यायपालिका के लिए AI टूल्स विकसित करने हेतु प्राथमिक तकनीकी सहयोगी है।
- तथ्यAI टूल्स को विशिष्ट कार्यों जैसे: डिफेक्ट आइडेंटिफिकेशन (defect identification), मेटाडेटा एक्सट्रैक्शन (metadata extraction) और केस मैनेजमेंट (case management) के लिए तैनात किया जा रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: न्यायिक दक्षता को बढ़ाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की क्षमता का विश्लेषण कीजिए, साथ ही 'निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार' और एल्गोरिथम संबंधी पूर्वाग्रहों से जुड़ी चिंताओं पर भी चर्चा कीजिए।
- एल्गोरिद्मिक ट्रांसपेरेंसी: यह सुनिश्चित करना कि न्यायिक फैसले स्पष्ट रहें और डेटा के अंतर्निहित बायस से मुक्त हों
- डेटा प्राइवेसी: मेटाडेटा एक्सट्रैक्शन के इस्तेमाल और न्यायिक कार्यवाही की गोपनीयता के बीच संतुलन
- ह्यूमन-इन-द-लूप: ऑटोमेटेड केस मैनेजमेंट सिस्टम पर ज़रूरत से ज़्यादा निर्भरता रोकने के लिए न्यायिक निगरानी बनाए रखना
मुख्य शब्द: न्यायिक दक्षता · एल्गोरिद्मिक बायस · डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन · प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स · ज़िम्मेदार AI
चर्चा में क्यों: ओमान की शुरा काउंसिल ने भारत के साथ एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (Comprehensive Economic Partnership Agreement - CEPA) को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य व्यापारित वस्तुओं पर लगने वाले सीमा शुल्क (customs duties) को कम करना या समाप्त करना है।
CEPA पर 2023 में बातचीत की गई थी और इसकी समीक्षा भारतीय केंद्रीय कैबिनेट द्वारा 12 दिसंबर, 2025 को की जानी निर्धारित है। यह समझौता पेट्रोलियम उत्पादों, लोहे, स्टील और इलेक्ट्रॉनिक्स पर केंद्रित है, जबकि इसका उद्देश्य सेवा व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यCEPA: भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (Comprehensive Economic Partnership Agreement)।
- संस्थाशूरा काउंसिल (Shura Council): ओमान की वह विधायी संस्था जिसने व्यापार समझौते को मंजूरी दी।
- तथ्यप्रमुख व्यापार फोकस क्षेत्र: पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, आयरन, स्टील और इलेक्ट्रॉनिक्स।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-ओमान व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (CEPA) जैसे द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के भारत के एक वैश्विक विनिर्माण और सेवा केंद्र बनने के लक्ष्य में किस प्रकार योगदान देते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
- ट्रेड डाइवर्सिफिकेशन: स्टील और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल इनपुट्स के लिए इंपोर्ट कॉस्ट कम करना
- इन्वेस्टमेंट सिनर्जी: भारतीय सर्विस सेक्टर के विस्तार के लिए ओमान की रणनीतिक लोकेशन का लाभ उठाना
- भू-राजनीतिक तालमेल: अरब सागर में समुद्री व्यापार गलियारों को मज़बूत करना
मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · द्विपक्षीय व्यापार · सीमा शुल्क · आर्थिक साझेदारी · रणनीतिक निवेश
चर्चा में क्यों: अमेरिकी सरकार ने पाकिस्तान को F-16 फाइटर जेट्स के लिए उन्नत तकनीक और सहायता प्रदान करने हेतु 686 मिलियन डॉलर के हथियार सौदे को मंजूरी दी है, ताकि अमेरिकी बलों के साथ इंटरऑपरेबिलिटी (interoperability) सुनिश्चित की जा सके।
इस $686 मिलियन के पैकेज में Link-16 सिस्टम, एन्क्रिप्शन उपकरण, अपग्रेड किए गए एवियोनिक्स और 2040 तक विमानों के जीवनकाल को बढ़ाने के लिए लॉजिस्टिक सपोर्ट शामिल है। साथ ही, अमेरिका ने भारत को Javelin मिसाइल सिस्टम और Excalibur टैक्टिकल राउंड्स सहित $93 मिलियन की बिक्री को मंजूरी दी है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यUS ने पाकिस्तान के F-16 जेट अपग्रेड्स के लिए $686 मिलियन का आर्म्स डील (arms deal) मंजूर किया।
- विज्ञान-तकनीकLink-16 पाकिस्तान के अपग्रेड पैकेज में शामिल एक मिलिट्री टैक्टिकल डेटा लिंक सिस्टम है।
- तथ्यअमेरिका ने भारत को Javelin मिसाइल सिस्टम्स और Excalibur टैक्टिकल राउंड्स सहित 93 मिलियन डॉलर की हथियार बिक्री को मंजूरी दी।
- संस्थाDefense Security Cooperation Agency (DSCA) वह संस्था है जो Congress को Foreign Military Sales के बारे में सूचित करने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और पाकिस्तान दोनों को अमेरिका द्वारा की जाने वाली हथियारों की बिक्री का क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना और दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
- रणनीतिक दुविधा: काउंटर-टेररिज्म इंटरऑपरेबिलिटी और क्षेत्रीय हथियारों की होड़ के बीच संतुलन
- भू-राजनीतिक लाभ: दक्षिण एशिया में अमेरिकी विदेश नीति के उद्देश्यों के लिए रक्षा बिक्री का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: इंटरऑपरेबिलिटी · विदेशी सैन्य बिक्री · क्षेत्रीय सुरक्षा · रणनीतिक स्वायत्तता · रक्षा खरीद
चर्चा में क्यों: कलकत्ता हाई कोर्ट ने दानिश शेख और उनके परिवार के निर्वासन (deportation) के आदेश को रद्द कर दिया है, जिन्हें कथित तौर पर बांग्लादेशी होने के कारण गिरफ्तार और हिरासत में लिया गया था।
कबाड़ीवाला दानिश शेख और उनके परिवार को अदालत के हस्तक्षेप से पहले हिरासत में लेकर बांग्लादेश भेज दिया गया था। परिवार की एक प्रवासी सदस्य, सुनली खातून ने अपने पति की बांग्लादेश से वापसी की प्रतीक्षा के दौरान बच्चे को जन्म दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानकलकत्ता हाई कोर्ट: न्यायिक निकाय जिसने निर्वासन (deportation) के आदेश को रद्द कर दिया।
- तथ्यदानिश शेख: एक कबाड़ीवाला के रूप में पहचाना गया और कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिक।
- तथ्यपश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री: घटना के बाद 'एंटी-बंगाल' नीतियों को समाप्त करने की मांग की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सीमा पार प्रवास के प्रबंधन और अवैध प्रवासियों की पहचान से जुड़ी कानूनी और मानवीय चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- न्यायिक निगरानी: राज्य की सुरक्षा उपायों और जीवन व स्वतंत्रता के मौलिक अधिकारों के बीच संतुलन
- पहचान की बाधाएं: असली शरणार्थियों और अवैध आर्थिक प्रवासियों के बीच अंतर करने की चुनौतियां
- मानवीय चिंताएं: हिरासत की अवधि के दौरान पैदा हुए प्रवासियों और बच्चों के लिए कानूनी सुरक्षा
मुख्य शब्द: मानवीय आधार · न्यायिक समीक्षा · सीमा पार प्रवास · वापसी · मौलिक अधिकार
चर्चा में क्यों: ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 35 बांग्लादेशी प्रवासियों को नागरिकता प्रमाणपत्र प्रदान किए, जो नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) 2019 के तहत उत्पीड़न से बचकर आए थे।
ये प्रमाणपत्र बांग्लादेश से ओडिशा आए 35 हिंदू व्यक्तियों को प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम का आयोजन निदेशालय ऑफ सेंसस ऑपरेशंस, ओडिशा और गृह मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकCitizenship (Amendment) Act (CAA) 2019: यह पड़ोसी देशों से आए प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता का मार्ग प्रदान करता है।
- संस्थाडायरेक्टोरेट ऑफ सेंसस ऑपरेशंस, ओडिशा: नागरिकता सर्टिफिकेट (Citizenship Certificates) के वितरण में शामिल राज्य निकाय।
- तथ्यओडिशा में बांग्लादेश के 35 व्यक्तियों को नागरिकता प्रमाण पत्र (citizenship certificates) प्राप्त हुए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शरणार्थी प्रवाह के प्रबंधन और उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों के संरक्षण के संदर्भ में, नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA) 2019 के सामाजिक-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- सुरक्षा-मानवीय दुविधा: राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं और प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को शरण देने के मानवीय दायित्व के बीच संतुलन
- संघीय-केंद्रीय समन्वय: केंद्र सरकार की नागरिकता नीतियों को लागू करने में राज्य-स्तरीय जनगणना निकायों की भूमिका
- कानूनी-पहचान टकराव: अवैध घुसपैठरोकने के लिए सीमा पार से आने वाले प्रवासियों के क्रेडेंशियल वेरिफाई करने में चुनौतियां
मुख्य शब्द: नागरिकता (संशोधन) अधिनियम · उत्पीड़ित अल्पसंख्यक · शरणार्थी प्रबंधन · राष्ट्रीय सुरक्षा · पहचान सत्यापन
GS2शासन › विधेयक, अधिनियम एवं अध्यादेशमेन्स चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने 'हेट स्पीच एंड हेट क्राइम्स (प्रिवेंशन) बिल, 2025' का प्रस्ताव दिया है, जिसकी आलोचना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित करने और सरकारी शक्तियों के दुरुपयोग की संभावना के कारण की जा रही है।
प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य कर्नाटक में नफरत फैलाने वाले भाषण (hate speech) और नफरत से प्रेरित कृत्यों को परिभाषित करना और उन पर दंड निर्धारित करना है। आलोचकों का तर्क है कि इस कानून में 'नफरत फैलाने वाले भाषण' की व्यापक परिभाषा का उपयोग असहमति की आवाज़ को दबाने और वैध आलोचनाओं को रोकने के लिए किया जा सकता है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यइस बिल का शीर्षक 'Hate Speech and Hate Crimes (Prevention) Bill, 2025' है।
- स्थानयह बिल कर्नाटक सरकार द्वारा प्रस्तावित किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: नफरत फैलाने वाले भाषण (हेट स्पीच) को विनियमित करने की राज्य की शक्ति और अभिव्यक्ति एवं भाषण की स्वतंत्रता की संवैधानिक गारंटी के बीच उत्पन्न होने वाले तनाव का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संवैधानिक संघर्ष: सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की राज्य की शक्ति बनाम अनुच्छेद 19(1) के अधिकार में संतुलन
- कार्यपालिका की अतिरेक: व्यापक परिभाषाओं से वैध राजनीतिक विरोध को दबाने का जोखिम
- एन्फोर्समेंट गैप: शक्तिशाली समूहों द्वारा हाशिए के लोगों की आवाज़ दबाने के लिए विधायी टूल्स के इस्तेमाल की संभावना
मुख्य शब्द: भाषण की स्वतंत्रता · राज्य की अति-शक्ति का प्रयोग · सार्वजनिक व्यवस्था · हेट स्पीच रेगुलेशन · संवैधानिक सुरक्षा उपाय
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 2026 के विधानसभा चुनावों में चुनावी शुचिता सुनिश्चित करने के लिए तमिलनाडु में EVMs और VVPATs की प्रथम-स्तरीय जांच शुरू कर दी है।
इस प्रक्रिया की निगरानी मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक द्वारा की गई और इसमें अन्य राज्यों के 13 EVM नोडल अधिकारी शामिल थे। राजनीतिक दलों को जिला मुख्यालयों पर प्रथम स्तर की जाँच (first-level checking) देखने के लिए आमंत्रित किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यनिरीक्षण में अन्य राज्यों के 13 EVM नोडल ऑफिसर्स (nodal officers) शामिल थे।
- तथ्ययह जांच तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले की एक पूर्ववर्ती प्रक्रिया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVMs) में बहुस्तरीय सत्यापन प्रक्रियाओं के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- पारदर्शिता तंत्र: तकनीकी जाँच देखने के लिए राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को शामिल करना
- अंतर-राज्यीय सहयोग: निष्पक्ष ऑडिट सुनिश्चित करने के लिए अन्य राज्यों से नोडल अधिकारियों की तैनाती
- टेक्नोलॉजिकल ट्रस्ट: EVMs की कुशलता और VVPATs द्वारा दी जाने वाली ऑडिटेबिलिटी के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: चुनावी अखंडता · पारदर्शिता · VVPAT · लोकतांत्रिक प्रक्रिया · ऑडिटेबिलिटी
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: कर्नाटक कैबिनेट ने राज्य की 101 अनुसूचित जातियों के बीच आंतरिक आरक्षण लागू करने के लिए 'कर्नाटक अनुसूचित जातियाँ (उप-वर्गीकरण) विधेयक 2025' को मंजूरी दी है।
यह विधेयक दलित लेफ्ट और दलित राइट समुदायों में से प्रत्येक को 6% आरक्षण और लंबानी, कोरमा, कोराचा और भोवी समुदायों को 5% आरक्षण आवंटित करता है। इसमें कर्नाटक राज्य अनुसूचित जातियाँ और अनुसूचित जनजातियाँ आयोग अधिनियम में संशोधन भी शामिल है, ताकि इसमें अधिक ST सदस्यों और एक महिला को शामिल किया जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- अधिनियम / विधेयककर्नाटक अनुसूचित जातियाँ (Sub-classification) बिल 2025: यह बिल अनुसूचित जाति (SC) समुदायों के भीतर आंतरिक आरक्षण (internal reservation) का प्रावधान करता है।
- तथ्ययह बिल दलित लेफ्ट और दलित राइट समुदायों के लिए 6% का आवंटन करता है।
- तथ्ययह बिल लंबानी, कोरामा, कोराचा और भोवी समुदायों को 5% आवंटित करता है।
- संस्थाकर्नाटक राज्य अनुसूचित जातियाँ और अनुसूचित जनजातियाँ आयोग: अतिरिक्त ST सदस्यों और एक महिला को शामिल करने के लिए संशोधित।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के भीतर उप-वर्गीकरण की संवैधानिक वैधता और सामाजिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संवैधानिक टकराव: उप-समूहों के लिए 'अवसर की समानता' के सिद्धांत के साथ आर्टिकल 15(4) और 16(4) का संतुलन
- प्रतिनिधित्व का अंतर: बड़ी संरक्षित श्रेणियों के भीतर विशिष्ट समुदायों के ऐतिहासिक हाशिए पर होने की समस्या को दूर करना
- प्रशासनिक जटिलता: उप-श्रेणी विशिष्ट कोटा के डेटा कलेक्शन और मॉनिटरिंग में चुनौतियां
मुख्य शब्द: उप-वर्गीकरण · आंतरिक आरक्षण · सामाजिक न्याय · संवैधानिक वैधता · पिछड़ा वर्ग
चर्चा में क्यों: तेलंगाना हाई कोर्ट ने रजिस्ट्री को एक PIL (पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन) पर नंबर आवंटित करने का निर्देश दिया है। यह PIL 14 राजनेताओं को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने को चुनौती देती है, जिसमें अनुच्छेद 164(1A) के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।
याचिका में तर्क दिया गया है कि विधायकों और राजनेताओं को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने से सार्वजनिक लाभ के बिना अत्यधिक खर्च होता है। कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि इस नई याचिका को पूर्व मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा 2017 में दायर की गई एक समान याचिका के साथ टैग किया जाए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संविधानअनुच्छेद 164(1A) मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रियों की नियुक्ति से संबंधित है।
- स्थानयह याचिका तेलंगाना हाई कोर्ट के समक्ष दायर की गई थी।
- तथ्ययह याचिका 14 राजनेताओं को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने को चुनौती देती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निर्धारित मंत्री पद संरचना से परे गैर-निर्वाचित राजनेताओं या विधायकों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्रदान करने के संवैधानिक और राजकोषीय निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संवैधानिक विवाद: आर्टिकल 164(1A) के तहत निर्धारित मंत्री संरचना का संभावित उल्लंघन
- राजकोषीय जवाबदेही: सार्वजनिक उपयोग के बिना अत्यधिक सार्वजनिक खर्च का जोखिम
- लोकतांत्रिक निगरानी: मंत्री पद के लिए पात्रता और मापदंड से जुड़े मुद्दे
मुख्य शब्द: अनुच्छेद 164 · राजकोषीय संघवाद · संवैधानिक वैधता · सार्वजनिक व्यय · मंत्रिमंडल दर्जा
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: तेलंगाना विमेंस सेफ्टी विंग ने महिलाओं द्वारा संचालित परिवहन सेवा प्रदान करने के लिए 'She Bikes and She Autos' पहल और उत्पीड़न से निपटने के लिए 'He for She' कार्यक्रम की घोषणा की है।
तेलंगाना विमेंस सेफ्टी विंग, महिलाओं द्वारा संचालित बाइक और ऑटो सेवाओं को शुरू करने के लिए कैब एग्रीगेटर्स (cab aggregators) के साथ साझेदारी कर रहा है। उत्पीड़न के खिलाफ पुरुषों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए 2026 में 'ही फॉर शी' (He for She) कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- योजनाShe Bikes and She Autos: महिलाओं द्वारा संचालित परिवहन के लिए तेलंगाना राज्य की एक पहल।
- तथ्यHe for She: उत्पीड़न के खिलाफ हस्तक्षेप करने के लिए पुरुषों को प्रोत्साहित करने हेतु एक नियोजित 2026 प्रोग्राम।
- स्थानतेलंगाना: उत्पीड़न की कम रिपोर्टिंग दर की समस्या को हल करने के लिए राज्य द्वारा पहल शुरू की जा रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में महिलाओं की शहरी सुरक्षा में सुधार के लिए समुदाय-आधारित पहल और लिंग-पृथक परिवहन सेवाओं के योगदान का विश्लेषण कीजिए।
- रिपोर्टिंग में अंतर: बदले के डर या सामाजिक कलंक के कारण कम अपराध रिपोर्टिंग दर
- सोशल इंजीनियरिंग: बायेस्टैंडर ज़िम्मेदारी से जुड़े सांस्कृतिक मानदंडों को बदलने के लिए पुरुषों की भागीदारी का इस्तेमाल
- सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर: शहरी केंद्रों में महिलाओं के लिए सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन विकल्पों की कमी को दूर करना
मुख्य शब्द: जेंडर-सेंसिटिव अर्बन मोबिलिटी · बाइस्टैंडर इंटरवेंशन · सार्वजनिक सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर · सोशल इंजीनियरिंग · लिंग आधारित हिंसा
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) आदेश के तहत अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने को 'प्रवास' (migration) के अंतर्गत शामिल करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के तर्क पर सवाल उठाए हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग (EC) के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के आदेश की जांच की। वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचंद्रन ने तर्क दिया कि नागरिकता की पुष्टि करते समय भारत निर्वाचन आयोग को एक विजिलेंटे (vigilante) की तरह कार्य नहीं करना चाहिए और न ही उसे जांचकर्ता (inquisitorial) की भूमिका निभानी चाहिए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाभारत निर्वाचन आयोग (EC) वह संस्था है जो विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) आदेश के संचालन के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यSIR ऑर्डर में विशेष रूप से 'migration' शामिल है, जिसे कोर्ट ने नोट किया कि इसमें अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पार करना भी शामिल हो सकता है।
- पदराजू रामचंद्रन वह सीनियर एडवोकेट (Senior Advocate) हैं जिन्होंने इस मामले में EC की इनक्विजिटोरियल भूमिका (inquisitorial role) को चुनौती दी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मतदाता सूची के संशोधन के दौरान नागरिकता के सत्यापन के संबंध में चुनाव आयोग की शक्तियों की संवैधानिक सीमाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संस्थागत अतिरेक: चुनाव आयोग के प्रशासनिक जनादेश और एक निष्पक्ष चुनावी निकाय के रूप में उसकी भूमिका के बीच संभावित टकराव
- कानूनी टकराव: मौजूदा नागरिकता सत्यापन तंत्र और चुनाव आयोग की स्वतंत्र जांच कार्रवाई के बीच विवाद
मुख्य शब्द: संवैधानिक आदेश · पूछताछ वाली भूमिका · चुनावी अखंडता · प्रशासनिक अतिरेक · नागरिकता सत्यापन
चर्चा में क्यों: लोकसभा ने एक साथ चुनाव से संबंधित विधेयकों की जांच के लिए संसद की संयुक्त समिति (Joint Committee of Parliament) के कार्यकाल को 2026 के बजट सत्र के पहले सप्ताह तक बढ़ाने की मंजूरी दी है।
संसद की संयुक्त समिति लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव कराने से संबंधित विधेयकों की जांच कर रही है। समिति ने संवैधानिक विशेषज्ञों, अर्थशास्त्रियों और विधि आयोग के अध्यक्ष दिनेश महेश्वरी से परामर्श किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थासंसद की संयुक्त समिति (Joint Committee of Parliament): एक ऐसी बॉडी जो बिलों की जांच करने और रिपोर्ट तैयार करने से पहले स्टेकहोल्डर्स (stakeholders) से इनपुट जुटाने के लिए बनाई जाती है।
- पददिनेश महेश्वरी: लॉ कमीशन ऑफ इंडिया (Law Commission of India) के चेयरमैन।
- तथ्यकमेटी का कार्यकाल 2026 के बजट सेशन के पहले सप्ताह तक बढ़ा दिया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के लिए एक साथ चुनाव आयोजित करने के तार्किक और संवैधानिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- लॉजिस्टिक दबाव: एक साथ होने वाले मतदान चक्रों के दौरान चुनाव आयोग के कर्मियों और सुरक्षा बलों पर दबाव
- संघीय टकराव: राज्य स्तर की चुनावी स्वायत्तता और केंद्रीकृत लॉजिस्टिकल प्लानिंग के बीच संभावित संघर्ष
- राजकोषीय प्रभाव: एक साथ मतदान बनाम अलग-अलग चुनावी चक्रों का लागत-लाभ विश्लेषण
मुख्य शब्द: एक साथ चुनाव · संयुक्त समिति · विधानसभा · संवैधानिक विशेषज्ञ · लॉजिस्टिक समन्वय
स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यमेन्स चर्चा में क्यों: NIMHANS के शोधकर्ताओं ने 'ऑनलाइन जर्नल ऑफ पब्लिक हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स' में एक अध्ययन प्रकाशित किया है। इस अध्ययन में भारत की उच्च शिक्षा में मानसिक स्वास्थ्य प्रणालियों के भीतर डिजिटल टूल्स (digital tools) के रणनीतिक और साक्ष्य-आधारित एकीकरण (evidence-informed integration) की वकालत की गई है।
यह अध्ययन कम डिजिटल साक्षरता, निम्न और मध्यम आय वाले देशों से सीमित साक्ष्यों और अनियंत्रित ऐप्स (unregulated apps) के प्रसार जैसी बाधाओं की पहचान करता है। यह एक 'स्टेप्ड-केयर मॉडल' (stepped-care model) का प्रस्ताव करता है, जिसमें तकनीक के माध्यम से सामान्य समस्याओं का समाधान किया जाएगा, जबकि जटिल जरूरतों के लिए मानव-आधारित सेवाओं का उपयोग किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्ययह स्टडी टेक्नोलॉजी और मानव-आधारित सेवाओं के बीच संतुलन बनाने के लिए 'स्टेप्ड-केयर मॉडल' (stepped-care model) की वकालत करती है।
- विज्ञान-तकनीकयह पेपर मेंटल हेल्थ ऐप डेवलपर्स के लिए राष्ट्रीय गाइडलाइन्स की आवश्यकता पर जोर देता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों के मानसिक स्वास्थ्य ढांचे में डिजिटल स्वास्थ्य उपकरणों को एकीकृत करने में निहित चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण कीजिए।
- डेटा गवर्नेंस: अनरेगुलेटेड मेंटल हेल्थ ऐप्स में प्राइवेसी ब्रीच और गोपनीयता की कमी के जोखिम
- ह्यूमन-टेक बैलेंस: यह सुनिश्चित करना कि तकनीक मानव-आधारित क्लिनिकल इंटरवेंशन की जगह लेने के बजाय उसे सहारा दे
- डिजिटल डिवाइड: मानसिक स्वास्थ्य सहायता तक समान पहुंच पर कम डिजिटल साक्षरता का प्रभाव
मुख्य शब्द: स्टेप्ड-केयर मॉडल · डिजिटल साक्षरता · डेटा गवर्नेंस · सबूतों पर आधारित · मेंटल हेल्थ इंफॉर्मेटिक्स
GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यमेन्स चर्चा में क्यों: इंडियन मेडिकल पार्लियामेंटेरियंस फोरम (IMPF) ने नेशनल पॉलिसी फॉर रेयर डिजीज (NPRD 2021) के तहत इलाज में आने वाली रुकावटों के कारण दुर्लभ लाइसोसोमल स्टोरेज डिसऑर्डर्स (Lysosomal Storage Disorders) से पीड़ित बच्चों की देखभाल में पैदा हुए संकट पर चिंता जताई है।
अनिल बोन्दे के नेतृत्व में 45 डॉक्टर-जनप्रतिनिधियों से बने एक बहुदलीय निकाय, IMPF ने सरकार से पात्र LSD रोगियों के लिए ₹50 लाख की सीमा को हटाने या बढ़ाने का आग्रह किया है। इस मंच ने इस बात पर जोर दिया कि NPRD 2021 के तहत उपचार में आने वाली बाधाएं दर्जनों युवा रोगियों को जोखिम में डाल रही हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाइंडियन मेडिकल पार्लियामेंटेरियंस फोरम (IMPF) 45 डॉक्टर-से-विधायक (doctors-turned-lawmakers) की एक क्रॉस-पार्टी बॉडी है।
- योजनानेशनल पॉलिसी फॉर रेयर डिजीज (NPRD 2021) भारत में दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए एक फ्रेमवर्क प्रदान करती है।
- तथ्यपात्र Lysosomal Storage Disorder (LSD) मरीजों के लिए वर्तमान कैप ₹50 लाख है।
- पदअनिल बोन्डे IMPF के चेयरपर्सन और राज्यसभा के सदस्य हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दुर्लभ रोगों के लिए राष्ट्रीय नीति (NPRD 2021) के अंतर्गत अति-दुर्लभ विकारों (ultra-rare disorders) के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुँच सुनिश्चित करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
- फंडिंग की समस्या: हाई-कॉस्ट अल्ट्रा-रेयर लाइसोसोमल स्टोरेज डिसऑर्डर इलाज के लिए ₹50 लाख की कैप अपर्याप्त
- पॉलिसी गैप: फंड के लिए भरोसेमंद मैकेनिज्म की कमी से बच्चों के इलाज में रुकावटें
मुख्य शब्द: दुर्लभ बीमारियाँ · स्वास्थ्य समानता · पॉलिसी सुधार · सार्वजनिक स्वास्थ्य गवर्नेंस · लाइसोसोमल स्टोरेज डिसऑर्डर
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जस्टिस सुधांशु धुलिया की अध्यक्षता वाली एक कमेटी को वाइस-चैंसलर की नियुक्तियों को लेकर केरल के गवर्नर राजेंद्र अर्लेकर और CM पिनराई विजयन के बीच चल रहे गतिरोध को सुलझाने का निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने दो राज्य विश्वविद्यालयों के लिए उम्मीदवारों पर आम सहमति की कमी को लेकर चिंता व्यक्त की है। समिति को 18 दिसंबर तक एक सीलबंद लिफाफे में पसंदीदा उम्मीदवारों की सूची प्राथमिकता के क्रम में देते हुए रिपोर्ट सौंपनी होगी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदराजेंद्र अर्लेकर: केरल के गवर्नर।
- पदपिनराई विजयन: केरल के मुख्यमंत्री।
- तथ्यसमिति को एक सील्ड कवर (sealed cover) में रिपोर्ट देने का काम सौंपा गया है।
- तथ्यकोर्ट इस मामले पर 18 दिसंबर को फिर से सुनवाई करेगा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शैक्षणिक नियुक्तियों के संदर्भ में राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों और राज्य सरकार की कार्यकारी शक्तियों के मध्य उत्पन्न होने वाले घर्षण के संवैधानिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संस्थागत टकराव: यूनिवर्सिटी प्रशासन में गवर्नर की निगरानी और राज्य कार्यपालिका की स्वायत्तता के बीच संघर्ष
- संवैधानिक अस्पष्टता: राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालयों में वाइस-चांसलर की नियुक्ति में राज्यपाल की भूमिका पर स्पष्ट गाइडलाइन्स की कमी
मुख्य शब्द: संघवाद · विवेकाधीन शक्तियाँ · कार्यकारी अधिकार · संवैधानिक गतिरोध · यूनिवर्सिटी ऑटोनॉमी
चर्चा में क्यों: रक्षा विशेषज्ञों ने रूस को भारत के सबसे भरोसेमंद सैन्य साझेदार के रूप में फिर से पुष्ट किया है, क्योंकि वह तकनीक हस्तांतरण (technology transfer) के लिए तैयार है और सह-उत्पादन (co-production) मॉडल की ओर बढ़ रहा है।
भारत ने रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम्स में से तीन प्राप्त कर लिए हैं, जबकि शेष दो सिस्टम्स 2027 तक मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद बड़े पैमाने पर तकनीक हस्तांतरण (technology transfer) प्रदान करने की रूस की क्षमता पर जोर दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यS-400: भारत को 5 में से 3 सिस्टम प्राप्त हो चुके हैं और 2 सिस्टम के 2027 तक आने की उम्मीद है।
- विज्ञान-तकनीकरूस रक्षा क्षेत्र में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और को-प्रोडक्शन (co-production) के लिए अपनी इच्छा के लिए जाना जाता है।
- पदथॉमस मैथ्यू: रिटायर्ड IAS ऑफिसर जिन्होंने रूस को एक बिना किसी सवाल वाले सप्लायर (unquestioning supplier) के रूप में वर्णित किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-रूस रक्षा संबंधों में 'खरीदार-विक्रेता' मॉडल से 'सह-उत्पादन और प्रौद्योगिकी-साझाकरण' ढांचे की ओर आए बदलाव का विश्लेषण कीजिए।
- स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच रूस से खरीद का संतुलन बनाना
- औद्योगिक एकीकरण: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाने के लिए को-प्रोडक्शन की ओर बदलाव
- टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: हाई-एंड एयर डिफेंस सिस्टम के स्वदेशी उत्पादन की बाधाओं को दूर करना
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · को-प्रोडक्शन · तकनीकी हस्तांतरण · डिफेंस डिप्लोमेसी · बायर-सेलर मॉडल
GS2शासन › विधेयक, अधिनियम एवं अध्यादेशप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: केंद्र ने दिल्ली हाई कोर्ट को सूचित किया है कि औद्योगिक संबंध कोड (Industrial Relations Code), 2020 के तहत नए ट्रिब्यूनल बनने तक मौजूदा लेबर कोर्ट और इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल लंबित मामलों पर सुनवाई जारी रखेंगे।
दिल्ली हाई कोर्ट एक ऐसी याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड, 2020 (Industrial Relations Code, 2020) से संबंधित 21 नवंबर, 2025 के एक नोटिफिकेशन को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि लंबित मामलों को अस्तित्वहीन ट्रिब्यूनल (tribunals) में स्थानांतरित करना संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- संस्थालेबर कोर्ट (Labor Courts) और इंडस्ट्रियल ट्रिब्यूनल्स (Industrial Tribunals): औद्योगिक विवादों और लेबर लॉ के उल्लंघन के निपटारे के लिए जिम्मेदार निकाय।
- तथ्यदिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 जनवरी की तारीख तय की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विभिन्न श्रम कानून व्यवस्थाओं के बीच संक्रमण के संवैधानिक और प्रक्रियात्मक निहितार्थों तथा ऐसी संक्रमण अवधि के दौरान न्यायिक निरंतरता सुनिश्चित करने की आवश्यकता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- न्यायिक निरंतरता: नए ट्रिब्यूनल स्ट्रक्चर में बदलाव के दौरान प्रक्रियात्मक देरी और 'लीगल वैक्यूम' का जोखिम
- संवैधानिक वैधता: यह सुनिश्चित करना कि लंबित मुकदमों का ट्रांसफर तेज़ और निष्पक्ष ट्रायल के अधिकार का उल्लंघन न करे
मुख्य शब्द: न्यायिक बदलाव · इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड · न्यायनिर्णयन · संवैधानिक वैधता · लेबर लॉ रिफॉर्म
चर्चा में क्यों: नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने 'ब्रिजिस ऑफ फ्रेंडशिप' (Bridges of Friendship) पहल के तहत रणनीतिक सहयोग और संयुक्त परिचालन ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा करने के लिए ब्राजील का दौरा किया।
नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने 9 से 12 दिसंबर, 2025 तक ब्राजील की एक उच्च स्तरीय यात्रा की। इन बैठकों में भारतीय नौसेना और ब्राजील के बीच समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग सहयोग और क्षमता निर्माण (capability-building) की पहलों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदएडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी: भारत के नौसेना प्रमुख।
- तथ्ययात्रा की अवधि: 9 से 12 दिसंबर, 2025।
- तथ्यब्रिजिस ऑफ फ्रेंडशिप (Bridges of Friendship): भारत-ब्राजील रक्षा सहयोग के लिए एक पहल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्लोबल साउथ में एक 'नेट सुरक्षा प्रदाता' (net security provider) के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका के संदर्भ में, ब्राजील के साथ समुद्री और रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: प्रमुख वैश्विक शक्तियों के साथ मल्टी-अलायड डिफेंस पार्टनरशिप में संतुलन
- मैरिटाइम सिक्योरिटी: समुद्री डकैती को रोकने और नेविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित करने के लिए जॉइंट ऑपरेशनल फ्रेमवर्क को मज़बूत करना
- इंडस्ट्रियल सिनर्जी: स्वदेशी तकनीक और क्षमता निर्माण के लिए डिफेंस इंडस्ट्री सहयोग का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: रणनीतिक सहयोग · समुद्री सुरक्षा · संयुक्त ऑपरेशनल फ्रेमवर्क · रक्षा सहयोग · नेट सुरक्षा प्रदाता
चर्चा में क्यों: बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन ने कहा है कि पाकिस्तान द्वारा दिए गए एक त्रिपक्षीय प्रस्ताव के बाद, भारत को छोड़कर पाकिस्तान के साथ एक क्षेत्रीय समूह में शामिल होना "रणनीतिक रूप से संभव" है।
पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक दार ने पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश को शामिल करते हुए एक त्रिपक्षीय पहल का प्रस्ताव दिया है। बांग्लादेश अपनी रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने की मांग भी कर रहा है और वह सैन्य सूचना सुरक्षा समझौते (GSOMIA) के संबंध में चर्चा कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदइशाक दार: पाकिस्तान के डिप्टी प्राइम मिनिस्टर और फॉरेन मिनिस्टर।
- तथ्यबांग्लादेश Rapid Action Battalion (RAB) पर लगे US प्रतिबंधों को हटाने की मांग कर रहा है।
- विज्ञान-तकनीकGSOMIA: Security of Military Information Agreement (सैन्य सूचना सुरक्षा समझौता)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दक्षिण एशिया में बदलते क्षेत्रीय गठबंधों का भारत की 'पड़ोस पहले' (Neighborhood First) नीति और रणनीतिक स्वायत्तता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- भू-राजनीतिक पुनर्गठन: भारत को दरकिनार करते हुए पाकिस्तान-चीन-बांग्लादेश धुरी बनने की संभावना
- सुरक्षा सहयोग: भारत-बांग्लादेश रक्षा संबंधों पर GSOMIA वार्ता का असर
- सैंक्शन डायनेमिक्स: क्षेत्रीय सुरक्षा आर्किटेक्चर पर अमेरिका-बांग्लादेश संबंधों का प्रभाव
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · क्षेत्रवाद · भू-राजनीतिक पुनर्गठन · त्रिपक्षीयवाद · सुरक्षा आर्किटेक्चर
GS2शासन › विधेयक, अधिनियम एवं अध्यादेशप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी की सदस्यता में लोकसभा और राज्य विधानसभा के सदस्यों को शामिल करने के लिए 'ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस (सेकंड अमेंडमेंट) बिल, 2025' पेश किया है।
उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और समाज कल्याण मंत्री एच.सी. महादेवप्पा ने कर्नाटक विधानसभा में दो विधेयक पेश किए। ग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025, वर्ष 2024 के अधिनियम में छह संशोधनों का प्रस्ताव करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकग्रेटर बेंगलुरु गवर्नेंस (सेकंड अमेंडमेंट) बिल, 2025: यह ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी की सदस्यता के विस्तार का प्रस्ताव करता है।
- अधिनियम / विधेयककर्नाटक सोशल बॉयकॉट (प्रिवेंशन, प्रोहिबिशन एंड रिड्रेसल बिल), 2025: इसका उद्देश्य सोशल बॉयकॉट को प्रतिबंधित करना और दंड लागू करना है।
- स्थानकर्नाटक लेजिस्लेटिव असेंबली: बिल पेश करने का वेन्यू (venue)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तेजी से विस्तारित होते महानगरीय क्षेत्रों में जवाबदेही और समावेशी नियोजन सुनिश्चित करने के लिए शहरी शासन निकायों में निर्वाचित प्रतिनिधियों को शामिल करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- गवर्नेंस इंटीग्रेशन: शहरी नियोजन निकायों में कार्यकारी स्वायत्तता के साथ विधायी निगरानी का संतुलन
- सामाजिक एकजुटता: समुदाय द्वारा किए जाने वाले सामाजिक बहिष्कार को रोकने और व्यक्तिगत अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए कानूनी तंत्र
मुख्य शब्द: अर्बन गवर्नेंस · विधायी निगरानी · सामाजिक बहिष्कार · प्रशासनिक विकेंद्रीकरण · जवाबदेही
चर्चा में क्यों: भारत के कनाडा में उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने संसदीय संबंधों को मजबूत करने और आव्रजन (Immigration) तथा छात्र-संबंधित मुद्दों पर सहयोग पर चर्चा करने के लिए कनाडाई अधिकारियों से मुलाकात की।
कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने हाउस ऑफ कॉमन्स के स्पीकर फ्रांसिस स्कार्पलेजिया और आव्रजन, शरणार्थियों और नागरिकता मंत्री लीना मेटलेज डियाब के साथ बैठकें कीं। इन चर्चाओं का मुख्य केंद्र साझा लोकतांत्रिक मूल्य और आव्रजन (Immigration) एवं शिक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पददिनेश के. पटनायक: कनाडा में भारतीय हाई कमिश्नर।
- पदफ्रांसिस स्कार्पलेजिया: स्पीकर, हाउस ऑफ कॉमन्स (कनाडा)।
- पदलेना मेटलेज डियाब: मंत्री, इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज़ एंड सिटीजनशिप (कनाडा)।
- तथ्यमीटिंग का मुख्य फोकस: संसदीय संबंधों को मजबूत करना और इमिग्रेशन प्रक्रियाओं (immigration processes) तथा छात्र-संबंधित मुद्दों पर सहयोग करना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने में संसदीय कूटनीति के महत्व की चर्चा कीजिए।
- डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: नेशनल सिक्योरिटी चिंताओं के साथ स्टूडेंट मोबिलिटी और इमिग्रेशन पॉलिसी के बीच संतुलन
- संसदीय सहयोग: साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और आपसी हितों को पूरा करने के लिए विधायी संबंधों का उपयोग
मुख्य शब्द: पार्लियामेंट्री डिप्लोमेसी · द्विपक्षीय सहयोग · इमिग्रेशन पॉलिसी · लोकतांत्रिक मूल्य · डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट
GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 30
GS3आंतरिक सुरक्षा › आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने NIA द्वारा जांचे जा रहे ISIS से जुड़े एक मॉड्यूल के मामले में कई राज्यों में 40 स्थानों पर छापेमारी की।
NIA की चार्जशीट में एक 'अत्यधिक कट्टरपंथी ISIS से जुड़े मॉड्यूल' की पहचान की गई है, जो भर्ती, प्रशिक्षण, हथियारों की खरीद और फंड जुटाने में शामिल था। इस जांच में प्रतिबंधित SIMI के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव साकिब नचन भी शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर ISIS के प्रति निष्ठा की शपथ दिलाई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाED: प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) वह एजेंसी है जो इस केस में वित्तीय जांच (financial searches) कर रही है।
- तथ्यED ने कई राज्यों में 40 स्थानों पर छापेमारी की।
- तथ्यजांच में प्रतिबंधित संगठन SIMI (Students' Islamic Movement of India) शामिल है।
- स्थानATS (Anti-Terror Squad), मुंबई ने अवैध खै़र लकड़ी की तस्करी के संबंध में इंटेलिजेंस इनपुट्स प्रदान किए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में कट्टरपंथी आतंकी मॉड्यूल को विघटित करने में आने वाली चुनौतियों और आतंकवाद विरोधी अभियानों में वित्तीय खुफिया जानकारी की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- फाइनेंशियल ट्रैकिंग: अवैध फंड जुटाने के चैनलों और अंतरराष्ट्रीय आतंकी समूहों से मनी लॉन्ड्रिंग के लिंक की पहचान
- रेडिकलाइजेशन की गतिशीलता: प्रतिबंधित संगठनों द्वारा कम्युनिटी-लेवल भर्ती और वैचारिक कट्टरता को संबोधित करना
- इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन: राज्य ATS यूनिट्स और NIA और ED जैसी केंद्रीय एजेंसियों के बीच इंटेलिजेंस शेयरिंग को आसान बनाना
मुख्य शब्द: आतंकवाद विरोधी · कट्टरपंथ · मनी लॉन्ड्रिंग · इंटेलिजेंस शेयरिंग · कट्टरपंथ
चर्चा में क्यों: DPIIT ने LLM डेटा के उपयोग से जुड़े AI संबंधी कॉपीराइट विवादों को सुलझाने के लिए 'ब्लैकेट लाइसेंसिंग' (blanket licensing) फ्रेमवर्क का प्रस्ताव देते हुए कॉपीराइट एक्ट, 1957 में संशोधन की योजना की घोषणा की है।
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने एक ऐसे ढांचे का प्रस्ताव दिया है, जिसके तहत उन वेबसाइटों को कॉपीराइट सोसाइटी से रॉयल्टी भुगतान प्राप्त होगा जिनके डेटा का उपयोग लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (Large Language Models - LLMs) द्वारा किया जाता है। इस प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि AI डेवलपर्स केवल अपने मॉडल्स के व्यावसायीकरण (commercialization) के बाद ही कंटेंट पब्लिशर्स को भुगतान करेंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाDPIIT: डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) इन प्रस्तावित संशोधनों के लिए नोडल बॉडी है।
- तथ्यब्लैंकेट लाइसेंसिंग (Blanket Licensing): एक प्रस्तावित ढांचा जहां रॉयल्टी भुगतान एक कॉपीराइट सोसाइटी से कंटेंट पब्लिशर्स को वितरित किया जाता है।
- पदNasscom: AI और कॉपीराइट कानून (copyright law) के संबंध में परामर्श में शामिल एक प्रमुख स्टेकहोल्डर (stakeholder)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जनरेटिव एआई (Generative AI) द्वारा मौजूदा बौद्धिक संपदा ढांचे के समक्ष उत्पन्न होने वाली कानूनी और नैतिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और एक संतुलित विनियामक दृष्टिकोण का सुझाव दीजिए।
- इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी विवाद: कंटेंट क्रिएटर्स के अधिकारों और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स की ट्रेनिंग की जरूरतों के बीच संतुलन
- रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: रॉयल्टी वितरण सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत लाइसेंसिंग से 'ब्लैंकेट लाइसेंसिंग' मॉडल की ओर बदलाव
- कमर्शियलाइजेशन थ्रेशोल्ड: AI मॉडल्स के कमर्शियल रूप से व्यवहार्य होने तक रॉयल्टी भुगतान में देरी का पॉलिसी ट्रेड-ऑफ
मुख्य शब्द: बौद्धिक संपदा · जेनरेटिव AI · ब्लैंकेट लाइसेंसिंग · रॉयल्टी भुगतान · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क
चर्चा में क्यों: जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (JWST) ने अब तक के सबसे पुराने सुपरनोवा (Supernova) को रिकॉर्ड किया है, जो पहले सितारों के कम जीवनकाल और आकाशगंगाओं के निर्माण में उनकी भूमिका पर महत्वपूर्ण प्रमाण प्रदान करता है।
यह सुपरनोवा बिग बैंग के बाद के पहले एक अरब वर्षों के दौरान एक युवा आकाशगंगा (galaxy) में हुआ था। इसे समय के साथ प्रकाश में आए सूक्ष्म बदलावों के माध्यम से पहचाना गया, जिससे ग्रहों के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण भारी तत्वों के बनने का पता चला।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकजेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (James Webb Space Telescope - JWST): एक इन्फ्रारेड स्पेस टेलिस्कोप जिसे शुरुआती ब्रह्मांड (early universe) के अवलोकन के लिए डिजाइन किया गया है।
- तथ्ययह सुपरनोवा बिग बैंग (Big Bang) के बाद पहले एक अरब वर्षों के भीतर हुआ था।
- विज्ञान-तकनीकसुपरनोवा (Supernovae): तारों की विस्फोटक मृत्यु, जो इंटरस्टेलर मीडियम (interstellar medium) और भारी तत्वों के निर्माण में योगदान देती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) जैसे उन्नत अंतरिक्ष दूरबीनों द्वारा प्रारंभिक सुपरनोवा के अवलोकनों से ब्रह्मांड के रासायनिक विकास की हमारी समझ किस प्रकार परिष्कृत होती है? विश्लेषण कीजिए।
- केमिकल इवोल्यूशन: प्लैनेटरी सिस्टम्स के लिए भारी तत्वों के प्राथमिक स्रोत के रूप में सुपरनोवा
- कॉस्मोलॉजिकल मॉडलिंग: गैलेक्सी फॉर्मेशन और इंटरस्टेलर मीडियम के विकास की टाइमलाइन को बेहतर बनाना
मुख्य शब्द: इंटरस्टेलर मीडियम · ब्रह्मांडीय विकास · भारी तत्व · गैलेक्सी का निर्माण · इन्फ्रारेड एस्ट्रोनॉमी
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री सर्बानंदा सोनोवाल ने टिकाऊ इनलैंड वॉटर ट्रांसपोर्ट (Inland Water Transport) को बढ़ावा देने के लिए वाराणसी में भारत के पहले स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल-सेल वेसल (Hydrogen Fuel-cell Vessel) को रवाना किया।
यह भारत का पहला स्वदेशी जलयान है जो हाइड्रोजन फ्यूल-सेल तकनीक (Hydrogen fuel-cell technology) द्वारा संचालित होता है। इसे शिपिंग सेक्टर में हरित ऊर्जा (Green energy) को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों के हिस्से के रूप में 11 दिसंबर, 2025 को वाराणसी में लॉन्च किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्ययह भारत में स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल-सेल (Hydrogen fuel-cell) तकनीक का उपयोग करने वाला अपनी तरह का पहला जहाज है।
- पदसरबानंद सोनोवाल: केंद्रीय बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन के वि-कार्बनिकरण (decarbonization) में हाइड्रोजन ईंधन-सेल तकनीक की क्षमता और इसके व्यापक स्तर पर अपनाने के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे की आवश्यकताओं का विश्लेषण कीजिए।
- तकनीकी संप्रभुता: स्वदेशी फ्यूल-सेल मैन्युफैक्चरिंग के जरिए आयातित प्रोपल्शन सिस्टम पर निर्भरता कम करना
- लॉजिस्टिक बाधाएं: अंतर्देशीय जलमार्गों के साथ ग्रीन हाइड्रोजन सप्लाई चेन और रिफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करना
- डिकार्बोनाइजेशन ट्रेड-ऑफ: हाइड्रोजन वेसल्स के उच्च शुरुआती कैपिटल एक्सपेंडिचर और लंबे समय में कार्बन उत्सर्जन में कमी के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: ग्रीन हाइड्रोजन · इनलैंड वाटरवेज़ · डीकार्बोनाइजेशन · स्वदेशी तकनीक · सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट
GS3आंतरिक सुरक्षा › आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)मेन्स चर्चा में क्यों: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़े सभी मामलों को दोबारा खोलने की घोषणा की है, ताकि पीड़ितों के परिवारों को न्याय मिल सके और आतंकवाद के इकोसिस्टम (ecosystem) को खत्म किया जा सके।
उपराज्यपाल ने आतंकवाद के पीड़ितों के 41 रिश्तेदारों के लिए आयु सीमा में छूट और नौकरियों को मंजूरी दी है। इस पहल का उद्देश्य उन परिवारों को पहचानना और पुनर्वास करना है, जिन्होंने आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं के संबंध में दशकों तक चुप्पी झेली है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदउपराज्यपाल: मनोज सिन्हा (जम्मू-कश्मीर)।
- तथ्यआतंकवाद के पीड़ितों के 41 रिश्तेदारों को आयु में छूट और नौकरियों के लिए मंजूरी दी गई।
- स्थानजम्मू-कश्मीर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के पारिस्थितिकी तंत्र को नष्ट करने में पीड़ित-केंद्रित पुनर्वास और कानूनी जवाबदेही के महत्व की चर्चा कीजिए।
- संस्थागत जवाबदेही: ऐतिहासिक शिकायतों और कानूनी कमियों को दूर करने के लिए पुराने मामलों को फिर से खोलना
- सामाजिक पुनर्वास: दशकों से जारी उग्रवाद से प्रभावित परिवारों के सामाजिक-आर्थिक हाशिए पर होने की समस्या को दूर करना
मुख्य शब्द: आतंक इकोसिस्टम · पीड़ित पुनर्वास · कानूनी जवाबदेही · राष्ट्रीय एकता · आतंकवाद विरोधी
GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के पर्यावरण और वन सचिव ने जलवायु अनुकूलन (Climate Adaptation) के समर्थन में 'ग्रीन तमिलनाडु मिशन' (GTM) के तहत 2.24 करोड़ से अधिक पामीरा (Palmyrah) बीज लगाने की घोषणा की है।
ग्रीन तमिलनाडु मिशन (GTM) ने पूरे राज्य में 2.24 करोड़ से अधिक पल्मीरा (Palmyrah) बीज लगाने की सुविधा प्रदान की। यह पहल न्यूनतम रखरखाव के साथ खेतों में सीधे बीज बोने (direct seeding) की तकनीक का उपयोग करती है, ताकि प्राकृतिक रूप से अंकुरण हो सके और लंबे समय तक पौधों का अस्तित्व बना रहे।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- योजनाग्रीन तमिलनाडु मिशन (GTM): बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और प्राकृतिक पुनरुद्धार (natural regeneration) के लिए राज्य की एक पहल।
- तथ्यतमिलनाडु में 2.24 करोड़ से अधिक पामीरा (Palmyrah) बीज लगाए गए।
- पर्यावरणपामीरा (Palmyrah): यह प्रजाति क्लाइमेट एडैप्टेशन (climate adaptation) और डायरेक्ट सीडिंग (direct seeding) के जरिए नेचुरल रीजेनरेशन (natural regeneration) के लिए प्रोत्साहित की जाती है।
- पदसुप्रिया साहू: तमिलनाडु की पर्यावरण और वन सचिव।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तमिलनाडु जैसे तटीय क्षेत्रों में 'ग्रीन तमिलनाडु मिशन' जैसे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियानों के जलवायु अनुकूलन और जैव विविधता संरक्षण में योगदान का विश्लेषण कीजिए।
- इकोलॉजिकल रेज़िलिएंस: प्राकृतिक पुनरुद्धार और मिट्टी की स्थिरता के लिए पल्मरा जैसी नेटिव प्रजातियों को बढ़ावा देना
- पॉलिसी इंटीग्रेशन: राज्य स्तर के वृक्षारोपण लक्ष्यों को राष्ट्रीय क्लाइमेट अडैप्टेशन लक्ष्यों के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: जलवायु अनुकूलन · प्राकृतिक पुनरुद्धार · जैव विविधता संरक्षण · वनीकरण · सतत भूमि प्रबंधन
GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में आंध्र प्रदेश कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (Dearness Allowance - DA) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी और स्टेट वॉटर एक्शन प्लान (State Water Action Plan) को भी अनुमोदित किया।
कैबिनेट ने आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक समुद्री शिपयार्ड (maritime shipyard) हेतु भूमि आवंटित की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यDA वृद्धि: आंध्र प्रदेश सरकार के कर्मचारियों के लिए स्वीकृत।
- संस्थाआंध्र प्रदेश प्रिज़न्स एंड करेक्शनल सर्विसेज एक्ट (Andhra Pradesh Prisons and Correctional Services Act): राज्य कैबिनेट द्वारा नया कानून स्वीकृत।
- स्थानमैरिटाइम शिपयार्ड: समुद्री बुनियादी ढांचे (Maritime infrastructure) के लिए AP सरकार द्वारा आवंटित भूमि।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन और बुनियादी ढांचा विकास किस प्रकार क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति प्रदान कर सकते हैं, चर्चा कीजिए।
- संसाधन प्रबंधन: औद्योगिक शिपयार्ड विस्तार और टिकाऊ जल संसाधन विकास के बीच संतुलन
- राजकोषीय नीति: राज्य के खजाने और सार्वजनिक सेवा की कार्यक्षमता पर DA बढ़ोतरी का असर
मुख्य शब्द: महंगाई भत्ता · जल संसाधन विकास · मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर · प्रशासनिक आधुनिकीकरण
GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: ESIC अधिकारियों ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने के लिए SPREE-2025 योजना के तहत आंध्र प्रदेश में 2.5 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है।
SPREE-2025 योजना के तहत दस या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थान ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। इस योजना के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाESIC: एम्प्लॉइज स्टेट इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन (Employees’ State Insurance Corporation)।
- तथ्यआंध्र प्रदेश में SPREE-2025 के तहत 2.5 लाख से अधिक वर्कर्स (workers) पंजीकृत।
- तथ्यSPREE-2025 पात्रता: दस या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थान।
- तथ्यSPREE-2025 रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन: 31 दिसंबर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा को औपचारिक रूप देने के महत्व और सार्वभौमिक कवरेज प्राप्त करने में डिजिटल पंजीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- प्रशासनिक सुगमता: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से छोटे प्रतिष्ठानों के लिए पुराने रिकॉर्ड की बाधाएं हटीं
- कवरेज विस्तार: छोटे यूनिट्स (10+ कर्मचारी) को शामिल करने से सोशल सिक्योरिटी का दायरा बढ़ेगा
- डेटा इंटीग्रिटी: फिजिकल से डिजिटल रिकॉर्ड में बदलाव से लाभार्थियों की ट्रैकिंग बेहतर हुई
मुख्य शब्द: सामाजिक सुरक्षा · अनऑर्गेनाइज्ड सेक्टर · डिजिटल गवर्नेंस · यूनिवर्सल कवरेज · औपचारिकीकरण
चर्चा में क्यों: कर्नाटक हाई कोर्ट ने बैंक खातों को फ्रीज करने के लिए समान दिशा-निर्देशों से संबंधित एक याचिकाखारिज कर दी है, क्योंकि गृह मंत्रालय (MHA) साइबर अपराध निवारण के लिए एक ड्राफ्ट SOP (Standard Operating Procedure) को अंतिम रूप दे रहा है।
कर्नाटक हाई कोर्ट ने साइबर अपराध के मामलों में बैंक खाता फ्रीज करने के आदेश और लियन मार्किंग (Lien Marking) के लिए समान दिशा-निर्देशों की मांग करने वाली एक याचिकाखारिज कर दी है। गृह मंत्रालय (MHA) वर्तमान में नेशनल साइबर रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म (NCRP)-सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (CFCFRMS) के लिए एक ड्राफ्ट स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को अंतिम रूप दे रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थागृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) वह संस्था है जो साइबर क्राइम समाधान के लिए SOP तैयार करती है।
- तथ्यNCRP-CFCFRMS: नेशनल साइबर रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म-सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम।
- स्थानकर्नाटक हाई कोर्ट: वह न्यायिक निकाय जिसने बैंक अकाउंट फ्रीजिंग (bank account freezing) से संबंधित याचिका का निपटारा किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: साइबर अपराधों की जाँच के दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा त्वरित संपत्ति फ्रीजिंग (asset freezing) की आवश्यकता और निर्दोष खाताधारकों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखने में आने वाली संस्थागत चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- प्रक्रियात्मक विसंगति: बैंकों में समान गाइडलाइन्स की कमी से मनमाने तरीके से लियन मार्किंग की जा रही है
- ड्यू प्रोसेस का विवाद: तत्काल संपत्ति ज़ब्ती और समय पर शिकायत निवारण के अधिकार के बीच संतुलन
- रेगुलेटरी गैप: MHA, बैंकिंग संस्थानों और न्यायिक अधिकारियों के बीच स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल की ज़रूरत
मुख्य शब्द: स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर · साइबरक्राइम रिड्रेसल · संपत्ति फ्रीजिंग · ड्यू प्रोसेस · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क
चर्चा में क्यों: CBI ने डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड (Digital Arrest Fraud) के एक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले से यह खुलासा हुआ है कि म्यांमार और पड़ोसी क्षेत्रों में स्थित 'स्लेव कंपाउंड्स' (Slave Compounds) साइबर गुलामी और मानव तस्करी के प्रमुख केंद्र हैं।
ऑपरेशन चक्र-V के हिस्से के रूप में CBI की जांच में यह खुलासा हुआ कि पीड़ितों से पैसा प्राप्त करने वाले बैंक खातों को कंबोडिया, हांगकांग और चीन में बैठे मास्टरमाइंड नियंत्रित कर रहे थे। जांच में इन घोटालों को दक्षिण-पूर्वी एशिया के साइबर स्लेवरी (Cyber Slavery) नेटवर्क से जोड़ा गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाCBI: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (Central Bureau of Investigation), भारत की प्रमुख जांच एजेंसी।
- तथ्यऑपरेशन चक्र-V: 10 महत्वपूर्ण डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) स्कैम घटनाओं पर केंद्रित CBI ऑपरेशन।
- संस्थाNIA: National Investigation Agency, वर्तमान में इस केस के ह्यूमन ट्रैफिकिंग (human trafficking) एंगल की जांच कर रही है।
- स्थानस्लेव कंपाउंड्स (Slave compounds): म्यांमार और उसके आस-पास के क्षेत्रों में डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड (digital arrest frauds) के हब के रूप में पहचाने गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पड़ोसी देशों से जुड़े सीमा पार साइबर दासता और 'डिजिटल अरेस्ट' घोटालों से निपटने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और भारत के साइबर-सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
- ज्यूरिसडिक्शनल बाधाएं: कई दक्षिण-पूर्व एशियाई ज्यूरिसडिक्शन में मास्टरमाइंडों को प्रत्यर्पित करने और संपत्ति जब्त करने में कठिनाई
- तकनीकी अंतर: पारंपरिक कानून प्रवर्तन से बचने के लिए 'स्लेव कंपाउंड्स' और एन्क्रिप्टेड चैनलों का परिष्कृत इस्तेमाल
- ह्यूमन ट्रैफिकिंग नेक्सस: साइबर क्राइम और संगठित ह्यूमन ट्रैफिकिंग का मेल जिसके लिए मल्टी-एजेंसी कोऑर्डिनेशन की ज़रूरत है
मुख्य शब्द: साइबर स्लेवेरी · डिजिटल अरेस्ट · सीमा पार अपराध · ऑपरेशन चक्र-V · मानव तस्करी · ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज़्ड क्राइम
चर्चा में क्यों: मध्य प्रदेश के बालाघाट में दो वांछित माओवादियों ने CRPF के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इस घटना के बाद पुलिस ने दावा किया है कि अब यह क्षेत्र नक्सलवाद मुक्त हो गया है।
दीपक (उर्फ छोटा दीपक) और रोहित ने बालाघाट में CRPF के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। वे MMC स्पेशल ज़ोन के GRB डिवीजन का हिस्सा थे और मलाजखंड दलम समूह के साथ सक्रिय थे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यमध्य प्रदेश के बालाघाट में दो माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि इससे पहले 7 दिसंबर को 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था।
- संस्थाCRPF: Central Reserve Police Force, वह एजेंसी जिसके सामने माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।
- तथ्यआत्मसमर्पण करने वाले व्यक्ति MMC स्पेशल ज़ोन के GRB डिवीजन और मलजखंड दलम ग्रुप से जुड़े थे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य भारत में वामपंथी उग्रवाद के घटते प्रभाव में योगदान देने वाले कारकों और 'नक्सलवाद मुक्त' क्षेत्र प्राप्त करने में सुरक्षा बलों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- इंटेलिजेंस-लेड पुलिसिंग: विशिष्ट माओवादी 'दालम' की पहचान करने और उन्हें खत्म करने में CRPF ऑपरेशंस की प्रभावशीलता
- विकास का संबंध: बालाघाट में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का माओवादी भर्ती कम करने पर प्रभाव
- सरेंडर पॉलिसी: GRB डिवीजन की ऑपरेशनल क्षमता को खत्म करने में एम्नेस्टी स्कीम की प्रभावशीलता
मुख्य शब्द: वामपंथी उग्रवाद · आंतरिक सुरक्षा · आतंकवाद विरोधी अभियान · माओवादी विद्रोह · एमनेस्टी
चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 11 दिसंबर, 2025 को मणिपुर का दौरा किया। उन्होंने वहां चरमपंथी समूहों द्वारा लगाए गए शटडाउन के दौरान आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (Internally Displaced Persons - IDPs) की स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया।
इम्फाल वैली स्थित सात उग्रवादी समूहों की समन्वय समिति (Coordination Committee) ने राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान शटडाउन (shutdown) बनाए रखा। नागरिक समाज के समूहों COCOMI और अरमबाई टेंगगोल (Arambai Tenggol) ने राष्ट्रपति से राज्य में आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (IDPs) के मुद्दों को हल करने का आग्रह किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदद्रौपदी मुर्मू: भारत की राष्ट्रपति।
- स्थानसेनापति जिला: मणिपुर का एक जिला जहाँ राष्ट्रपति ने दौरा किया।
- तथ्यकोऑर्डिनेशन कमेटी (Coordination Committee): इसमें इम्फाल वैली स्थित सात उग्रवादी समूहों को शामिल किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मणिपुर जैसे संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (IDPs) के पुनर्वास और सुरक्षा सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- संस्थागत बाधा: IDP स्टेटस को औपचारिक रूप देने और लंबे समय के आवास और आजीविका सहायता देने में देरी
- सुरक्षा-विकास नेक्सस: सक्रिय चरमपंथी समूहों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में सामान्य स्थिति स्थापित करने में कठिनाई
- सामाजिक एकजुटता: सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और विस्थापन को रोकने के लिए जातीय शिकायतों का समाधान
मुख्य शब्द: आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्ति · आंतरिक सुरक्षा · जातीय संघर्ष · सिविल सोसाइटी एडवोकेसी · पुनर्वास
GS3कृषि › MSP, खरीद, PDS एवं खाद्य सुरक्षाप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: सिविल सप्लाइज़ मंत्री नडेंडला मनोहर ने बताया कि राज्य सरकार ने 2025-26 सीजन के लिए धान की खरीद में एक रिकॉर्ड बनाया है, जिसके तहत उन्होंने 15 दिनों में 1.46 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की।
सरकार ने 3.24 मिलियन किसानों से 3.24 मिलियन मीट्रिक टन धान खरीदा। लॉरियों, ट्रैक्टरों और विशेष ट्रेनों जैसे संसाधनों का उपयोग करते हुए कुल ₹4.609 बिलियन की राशि सीधे किसानों के खातों में वितरित की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्य2025-26 सीजन के लिए धान की खरीद 15 दिनों में 1.46 मिलियन metric tons से अधिक पहुंच गई है।
- तथ्य3.24 मिलियन किसानों द्वारा आपूर्ति किए गए धान की कुल मात्रा 3.24 मिलियन मीट्रिक टन थी।
- तथ्य₹4.609 बिलियन सीधे किसानों के खातों में वितरित किए गए।
- तथ्यखरीद (procurement) के लिए लॉजिस्टिक्स में लॉरियों, ट्रैक्टरों, मिनी-ट्रैक्टरों और स्पेशल ट्रेनों को शामिल किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में प्रभावी कृषि खरीद और किसान कल्याण सुनिश्चित करने में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और रसद गतिशीलता (logistical mobilization) के महत्व की चर्चा कीजिए।
- लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट (स्पेशल ट्रेन, ट्रैक्टर) का इस्तेमाल
- वित्तीय समावेशन: लीकेज और मध्यस्थ लागत को कम करने के लिए किसानों के खातों में सीधा भुगतान
मुख्य शब्द: खरीद दक्षता · डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर · लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट · कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर · किसान कल्याण
चर्चा में क्यों: भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने 10 दिसंबर, 2025 को भारत के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन (EEZ) में अवैध रूप से प्रवेश करने के कारण एक पाकिस्तानी मछली पकड़ने वाले जहाज को रोका और उसके 11 चालक दल के सदस्यों को हिरासत में लिया।
भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने भारत के EEZ (Exclusive Economic Zone) के भीतर संचालित हो रहे एक पाकिस्तानी मछली पकड़ने वाले जहाज से 11 चालक दल के सदस्यों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को आगे की जांच के लिए गुजरात के जखौ मरीन पुलिस स्टेशन भेज दिया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्ययह घटना 10 दिसंबर, 2025 को हुई।
- स्थानपकड़े गए मछुआरों को गुजरात के जखौ मरीन पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित कर दिया गया।
- विज्ञान-तकनीकयह वेसल भारत के Exclusive Economic Zone (EEZ) के भीतर संचालित हो रहा था।
- संस्थाभारतीय कोस्ट गार्ड (Indian Coast Guard) वह एजेंसी है जो जहाज को रोकने (intercept) के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सुरक्षा सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों और पड़ोसी देशों द्वारा किए जाने वाले समुद्री अतिक्रमण के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- क्षेत्राधिकार की जटिलता: संप्रभु अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून प्रवर्तन के बीच संतुलन
- संसाधन संघर्ष: पड़ोसी राज्यों द्वारा अवैध मछली पकड़ने की गतिविधियों से समुद्री जैव विविधता कम हो रही है
- निगरानी में अंतर: विशाल समुद्री सीमाओं की निगरानी में तकनीकी सीमाएं
मुख्य शब्द: एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक ज़ोन · समुद्री सुरक्षा · संप्रभु अधिकार · सीमा प्रबंधन · समुद्री कानून प्रवर्तन
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: BITS पिलानी-हैदराबाद के शोधकर्ताओं ने सूरज की रोशनी का उपयोग करके कम बिजली वाले IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) उपकरणों को ऊर्जा देने के लिए एक पोर्टेबल, मेम्ब्रेन-लेस फोटोकैटलिटिक फ्यूल सेल विकसित किया है।
यह उपकरण सूर्य के प्रकाश को बिजली में बदलने के लिए 3D-प्रिंटेड चैम्बर और TiO₂-कोटेड कार्बन क्लॉथ इलेक्ट्रोड का उपयोग करता है। इसे कम मात्रा में इलेक्ट्रोलाइट के उपयोग के साथ सेंसर और LEDs जैसे कम बिजली वाले इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए डिज़ाइन किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- विज्ञान-तकनीकफोटोकैटलिटिक फ्यूल सेल (Photocatalytic fuel cell): एक ऐसा उपकरण जो एक फोटोकैटलिस्ट (photocatalyst) का उपयोग करके प्रकाश ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
- तथ्यविकसित फ्यूल सेल को सेंसर और LEDs जैसे लो-पावर इलेक्ट्रॉनिक्स को पावर देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- विज्ञान-तकनीकTiO₂ (Titanium Dioxide): इसका उपयोग फ्यूल सेल में कार्बन क्लॉथ इलेक्ट्रोड पर कोटिंग के रूप में किया जाता है।
- स्थानMEMS, Microfluidics और Nanoelectronics (MMNE) लैब: यह BITS पिलानी-हैदराबाद में स्थित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: फोटोकैटलिटिक ईंधन सेल (photocatalytic fuel cells) में होने वाली प्रगति किस प्रकार सतत कृषि और पर्यावरणीय निगरानी में 'इंटरनेट ऑफ थिंग्स' (IoT) के विस्तार को सुगम बना सकती है, चर्चा कीजिए।
- ऊर्जा स्वायत्तता: दूरस्थ पर्यावरण सेंसर के लिए बाहरी पावर ग्रिड पर निर्भरता कम करना
- मटेरियल एफिशिएंसी: इलेक्ट्रोलाइट वेस्ट को कम करने के लिए 3D-प्रिंटेड चैम्बर्स और टाइटेनियम डाइऑक्साइड कोटिंग का इस्तेमाल
- स्केलेबिलिटी: वियरेबल टेक्नोलॉजी में सेल्फ-पावर्ड सेंसर्स और बड़े पैमाने पर एग्री-टेक को जोड़ने की क्षमता
मुख्य शब्द: फोटोकैटालिसिस · इंटरनेट ऑफ थिंग्स · नवीकरणीय ऊर्जा · नैनोइलेक्ट्रॉनिक्स · सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: NLC India Renewables Limited (NIRL) और ओडिशा रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (OREDA) ने ओडिशा के क्लीन एनर्जी रोडमैप को समर्थन देने के लिए सोलर, हाइब्रिड, रूफटॉप और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स विकसित करने के उद्देश्य से एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता पुरी में आयोजित 'ग्लोबल एनर्जी लीडर्स समिट' (Global Energy Leaders’ Summit) में हस्ताक्षरित किया गया। इसमें NLC इंडिया लिमिटेड (NLCIL) की सहायक कंपनी NIRL और नवीकरणीय ऊर्जा विकास के लिए राज्य एजेंसी OREDA शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाNLC India Renewables Limited (NIRL), NLC India Limited (NLCIL) की एक सब्सिडियरी (subsidiary) है।
- स्थानMoU पर पुरी, ओडिशा में आयोजित Global Energy Leaders’ Summit में हस्ताक्षर किए गए।
- तथ्ययह समझौता सोलर, हाइब्रिड, रूफटॉप और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स को कवर करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के दीर्घकालिक स्वच्छ ऊर्जा रोडमैप और ऊर्जा भंडारण लक्ष्यों की प्राप्ति में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और राज्य-संचालित एजेंसियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- ग्रिड स्टेबिलिटी: इंटरमिटेंट सोलर और हाइब्रिड स्रोतों को जोड़ने के लिए एडवांस एनर्जी स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत
- राज्य-नेतृत्व वाला विकेंद्रीकरण: स्थानीय स्तर पर रूफटॉप और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स की तैनाती में OREDA जैसी राज्य एजेंसियों की भूमिका
मुख्य शब्द: नवीकरणीय ऊर्जा · एनर्जी स्टोरेज · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · क्लीन एनर्जी रोडमैप · विकेंद्रीकृत शक्ति
चर्चा में क्यों: UIDAI एक नया आधार ऐप लॉन्च कर रहा है, जिसे सार्वजनिक स्थानों पर डेटा के जोखिम को कम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह ऐप प्रमाणित रिकॉर्ड साझा करने के लिए डिजिटली साइन किए गए QR कोड का उपयोग करेगा।
UIDAI ऐप में एक विस्तृत QR कोड होता है जिसमें उपयोगकर्ता की जानकारी और फोटो शामिल होती है, जिसे जालसाजी रोकने के लिए डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित (digitally signed) किया जाता है। यह होटल जैसे संस्थानों को प्रमाणित रिकॉर्ड प्राप्त करने की सुविधा देता है और साथ ही आयु सत्यापन के लिए चुनिंदा डेटा साझा करने की अनुमति भी प्रदान करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाUIDAI: Unique Identification Authority of India
- विज्ञान-तकनीकनया Aadhaar ऐप यूजर की जानकारी की जालसाजी (forgery) को रोकने के लिए डिजिटली साइन किए गए QR कोड का उपयोग करता है।
- तथ्ययह ऐप विशेष रूप से आयु सत्यापन (Age Verification) और अन्य उद्देश्यों के लिए चुनिंदा डेटा शेयरिंग की अनुमति देता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों के लिए डेटा गोपनीयता और सुरक्षा को सुदृढ़ करने में भौतिक आधार प्रतियों से डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित क्यूआर (QR) कोडों की ओर संक्रमण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
- प्राइवेसी-सिक्योरिटी ट्रेड-ऑफ: सार्वजनिक सुरक्षा सत्यापन की ज़रूरत और डेटा मिनिमाइजेशन के सिद्धांत के बीच संतुलन
- डिजिटल साक्षरता का अंतर: स्मार्टफोन या तकनीकी जानकारी की कमी वाले लोगों के लिए क्यूआर-आधारित ऑथेंटिकेशन से बाहर होने का खतरा
- इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: प्राइवेट संस्थानों द्वारा QR स्कैनिंग और डिजिटल वेरिफिकेशन सिस्टम को व्यापक रूप से अपनाने की ज़रूरत
मुख्य शब्द: डेटा मिनिमाइजेशन · डिजिटल ऑथेंटिकेशन · प्राइवेसी बाय डिज़ाइन · ई-गवर्नेंस · साइबर सिक्योरिटी
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: JSS AHER, इंडिया बायोइमेजिंग (India BioImaging - IBI) और IISER पुणे ने हाई-एंड माइक्रोस्कोपी तक पहुंच और प्रशिक्षण के मानकीकरण पर चर्चा करने के लिए मैसूरु में पहले वार्षिक इंडिया बायोइमेजिंग मीटिंग (IBIAM 2025) की मेजबानी की।
IBIAM 2025 की बैठक में भारत भर के 22 प्रमुख इमेजिंग केंद्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इमेजिंग अनुसंधान में भारत-यूरोप सहयोग को बढ़ावा देने के लिए Euro-BioImaging और India BioImaging के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाIBI: इंडिया बायोइमेजिंग (India BioImaging) इमेजिंग रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा एक कोलैबोरेटिव बॉडी है।
- तथ्यइस बैठक में भारत भर के 22 प्रमुख इमेजिंग कोर्स (imaging cores) के प्रतिनिधि शामिल थे।
- विज्ञान-तकनीकबैठक में हाई-एंड माइक्रोस्कोपी और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के मानकीकरण (standardizing) पर ध्यान केंद्रित किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के जैव प्रौद्योगिकी और जीवन विज्ञान अनुसंधान को आगे बढ़ाने में मानकीकृत इमेजिंग बुनियादी ढांचे और सहयोगात्मक अनुसंधान ढांचे की स्थापना के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: क्षेत्रीय रिसर्च हब में हाई-एंड माइक्रोस्कोपी सुविधाओं का असमान वितरण
- स्टैंडर्डाइजेशन में बाधा: अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों में इमेजिंग एक्सपर्ट्स के लिए ट्रेनिंग प्रोटोकॉल की कमी
- अंतरराष्ट्रीय तालमेल: बायो-इमेजिंग में तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए यूरोपीय निकायों के साथ समझौता ज्ञापनों का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: बायो-इमेजिंग · रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर · मानकीकरण · भारत-यूरोप सहयोग · माइक्रोस्कोपी तकनीकें
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने UDAN योजना के दस्तावेज़ में कासरगोड वॉटर एयरोडोम (water aerodrome) को शामिल करने की पुष्टि की है और इसे मंगलुरु और कन्नूर से जोड़ने वाले सीप्लेन संचालन के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (Letter of Intent) जारी किया है।
केरल सरकार, कासरगोड वॉटर एयरोडोम (water aerodrome) की व्यवहार्यता का आकलन करने के लिए गठित संयुक्त उद्यम KIIFCON-RITES से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (Detailed Project Report - DPR) की प्रतीक्षा कर रही है। इस परियोजना का उद्देश्य कासरगोड और मंगलूरु एवं कन्नूर के हवाई अड्डों के बीच सीप्लेन कनेक्टिविटी स्थापित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- योजनाUDAN Scheme: कम सेवा वाले एयरपोर्ट्स और एयरोड्रोम्स (aerodromes) के माध्यम से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी विकसित करने सरकार की एक पहल।
- स्थानकसारगोड: केरल का एक तटीय जिला जिसके लिए वॉटर एयरोड्रोम (water aerodrome) का प्रस्ताव दिया गया है।
- तथ्यसीप्लेन कनेक्टिविटी: कासरगोड, मंगलूरु और कन्नूर के बीच प्रस्तावित लिंक।
- संस्थाKIIFCON-RITES: यह एक जॉइंट वेंचर (Joint Venture) है जो प्रोजेक्ट के लिए Detailed Project Report (DPR) तैयार करने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उड़ान (UDAN) योजना के अंतर्गत जल एयरोड्रोम (water aerodromes) का विकास तटीय भारत में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को कैसे सुदृढ़ कर सकता है और 'ब्लू इकोनॉमी' (नीली अर्थव्यवस्था) को कैसे बढ़ावा दे सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
- लॉजिस्टिक सिनर्जी: तटीय क्षेत्रों में यात्रा का समय कम करने के लिए मौजूदा एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ सीप्लेन ऑपरेशंस को जोड़ना
- आर्थिक उत्प्रेरक: मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी से कम सेवा वाले तटीय जिलों में पर्यटन और व्यापार बढ़ने की संभावना
मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · ब्लू इकोनॉमी · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट · उड़ान स्कीम
GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने ऊंची इमारतों के निर्माण के खिलाफ दायर एक PIL (पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन) के जवाब में पल्लिकरनई मार्शलैंड रामसर साइट (Ramsar site) की सीमाओं को निर्धारित करने के लिए 'ग्राउंड ट्रूथिंग' (ground truthing) अभ्यास पूरा किया है।
तमिलनाडु सरकार ने पल्लिकरनई मार्शलैंड रामसर साइट (Ramsar site) की सीमाओं के लिए ग्राउंड ट्रूथिंग (ground truthing) अभ्यास किया। इस रिपोर्ट को प्रमाणीकरण के लिए चेंगलपट्टु कलेक्टोरेट को भेजा गया, जिसके बाद इसे जनवरी में सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाना था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानपल्लिकरनई मार्शलैंड (Pallikaranai marshland) तमिलनाडु के चेन्नई में स्थित एक रामसर साइट है।
- तथ्यग्राउंड ट्रूथिंग रिपोर्ट जनवरी में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जानी है।
- संस्थाचेंगलपट्टू कलेक्टरेट (Chengalpattu Collectorate) वह संस्था है जो बाउंड्री रिपोर्ट को प्रमाणित करने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शहरी आर्द्रभूमि (wetlands) को अतिक्रमण और बुनियादी ढांचा विकास से बचाने के संदर्भ में 'ग्राउंड ट्रूथिंग' और वैज्ञानिक सीमा निर्धारण (boundary mapping) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- रेगुलेटरी कॉन्फ्लिक्ट: शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की मांगों और रामसर-लिस्टेड वेटलैंड्स की पारिस्थितिक अखंडता के बीच संतुलन
- संस्थागत बाधा: लैंड-यूज़ ऑथेंटिकेशन में देरी से पर्यावरण निषेध क्षेत्रों को लागू करने पर असर
मुख्य शब्द: रामसर साइट · ग्राउंड ट्रूथिंग · वेटलैंड संरक्षण · शहरी अतिक्रमण · जनहित याचिका
GS3कृषि › कृषि सब्सिडी एवं सहायताप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: तमिलनाडु फेडरेशन ऑफ पावरलूम एसोसिएशंस ने पावरलूम के विकास और अपग्रेडेशन (Upgradation) के लिए 30 करोड़ रुपये की सब्सिडी आवंटित करने के राज्य सरकार के फैसले का स्वागत किया है।
तमिलनाडु सरकार ने पावरलूम विकास के लिए ₹30 करोड़ आवंटित किए हैं, जिसके तहत 3,000 करघों को ₹1 लाख प्रति करघा प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, बुनकरों को नए रैपियर लूम (Rapier looms) खरीदने में सहायता देने के लिए ₹15 करोड़ की अतिरिक्त राशि की पुष्टि की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यतमिलनाडु में पावरलूम (powerloom) के विकास और अपग्रेडेशन के लिए ₹30 करोड़ की कुल सब्सिडी आवंटित की गई है।
- तथ्य3,000 लूम्स (looms) के लिए प्रति लूम ₹1 लाख की सब्सिडी प्रदान की गई।
- तथ्यनए रैपियर लूम (Rapier looms) खरीदने वाले बुनकरों के लिए ₹15 करोड़ की अतिरिक्त सहायता।
- स्थानतमिलनाडु फेडरेशन ऑफ पावरलूम एसोसिएशंस।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आधुनिक पारंपरिक बुनाई क्षेत्र के आधुनिकीकरण और भारतीय कपड़ा उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने में राज्य-आधारित सब्सिडी के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- तकनीकी छलांग: उत्पादन दक्षता सुधारने के लिए पारंपरिक करघों से रैपियर करघों की ओर बदलाव
- क्रेडिट एक्सेसिबिलिटी: पावरलूम बुनकरों के सामने लिक्विडिटी की कमी और बकाया वेतन के मुद्दों का समाधान
मुख्य शब्द: औद्योगिक आधुनिकीकरण · सब्सिडी ढांचा · टेक्सटाइल वैल्यू चेन · आजीविका सहायता · तकनीकी अपग्रेडेशन
चर्चा में क्यों: नयी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने संसद में टोयोटा मिराई फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल (FCEV) का प्रदर्शन किया। इसका उद्देश्य हाइड्रोजन-आधारित मोबिलिटी (Hydrogen-based mobility) की ओर भारत के बढ़ते कदम को रेखांकित करना है।
NISE विभिन्न परिस्थितियों में प्रदर्शन का आकलन करने के लिए Toyota Mirai FCEV का वास्तविक दुनिया में परीक्षण (real-world testing) करेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकToyota Mirai: एक Fuel Cell Electric Vehicle (FCEV) जो बिजली पैदा करने के लिए हाइड्रोजन का उपयोग करता है।
- संस्थानेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (NISE): हाइड्रोजन मोबिलिटी परफॉरमेंस (hydrogen mobility performance) की टेस्टिंग के लिए जिम्मेदार एक भारतीय संस्था।
- तथ्यहाइड्रोजन मोबिलिटी (Hydrogen mobility) को भारत के क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन (clean energy transition) के एक प्रमुख घटक के रूप में पेश किया जा रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के परिवहन क्षेत्र को कार्बन मुक्त करने में हरित हाइड्रोजन की क्षमता और इसके व्यापक स्तर पर अपनाए जाने के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचे की आवश्यकताओं का विश्लेषण कीजिए।
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: हाई-प्रेशर हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशनों और स्पेशलाइज्ड स्टोरेज लॉजिस्टिक्स की ज़रूरत
- तकनीकी बाधा: फ्यूल सेल स्टैक्स की भारी लागत और किफायती मास-मार्केट EVs की ज़रूरत के बीच संतुलन बनाना
- सप्लाई चेन निर्भरता: फ्यूल सेल कंपोनेंट्स के लिए ग्रीन हाइड्रोजन और कच्चे माल की सोर्सिंग को मैनेज करना
मुख्य शब्द: ग्रीन हाइड्रोजन · फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल · डीकार्बोनाइजेशन · रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांज़िशन · हाइड्रोजन मोबिलिटी
चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने और SHG सदस्यों के लिए संबंध-आधारित ऋण (relationship-based lending) की ओर बढ़ने के उद्देश्य से अपने माइक्रोफाइनेंस सिस्टम को 'स्मार्ट फाइनेंस' इकोसिस्टम में बदलने की घोषणा की है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (State Rural Livelihoods Mission) स्वयं सहायता समूह (SHG) के सदस्यों के पुनर्भुगतान इतिहास (repayment history) को सत्यापित करने के लिए एक मध्यवर्ती मंच (middleware) के रूप में कार्य करेगा। SIDBI स्वावलंबन केंद्र, जमा, पेंशन, बीमा और आवास वित्त (housing finance) प्रदान करने के लिए स्वयं सहायता समूहों के साथ साझेदारी करेंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाSIDBI स्वावलंबन केंद्र: SHGs के साथ पार्टनरशिप करने वाली संस्थाएं जो इंश्योरेंस और पेंशन जैसी विविध फाइनेंशियल सर्विसेज प्रदान करती हैं।
- तथ्यस्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन (State Rural Livelihoods Mission): यह तेलंगाना के स्मार्ट फाइनेंस इकोसिस्टम में रिपेमेंट डेटा को वैलिडेट करने के लिए मिडिलवेयर के रूप में कार्य करता है।
- स्थानतेलंगाना: वह राज्य जो कोलैटरल-आधारित (collateral-based) से रिलेशनशिप-आधारित (relationship-based) माइक्रोफाइनेंस में बदलाव लागू कर रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में ग्रामीण महिलाओं के लिए वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में संपार्श्विक-आधारित (collateral-based) ऋण से संबंध-आधारित (relationship-based) ऋण की ओर संक्रमण किस प्रकार सहायक हो सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- डेटा इंटीग्रिटी: स्टेट-लेड मिडिलवेयर सिस्टम के जरिए भरोसेमंद रीपेमेंट हिस्ट्री वैलिडेशन सुनिश्चित करना
- क्रेडिट एक्सेसिबिलिटी: अनौपचारिक SHG स्ट्रक्चर और फॉर्मल बैंकिंग संस्थानों के बीच की दूरी को कम करना
मुख्य शब्द: वित्तीय समावेशन · माइक्रोफाइनेंस · स्वयं सहायता समूह · रिलेशनशिप-आधारित लेंडिंग · पारदर्शिता
चर्चा में क्यों: वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री ईश्वर खंडरे ने कर्नाटक में 'डीम्ड फॉरेस्ट' (deemed forest) के दायरे की समीक्षा के लिए एक समिति की घोषणा की है, ताकि भूमि वर्गीकरण से संबंधित किसानों की शिकायतों का समाधान किया जा सके।
समीक्षा समिति पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान 'डीम्ड फॉरेस्ट' (deemed forest) के रूप में घोषित 3.3 मिलियन हेक्टेयर भूमि का आकलन करेगी। समिति को अपनी रिपोर्ट छह महीने के भीतर सौंपने का आदेश दिया गया है, और संयुक्त भूमि सर्वेक्षण के लिए एक मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यपिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान कर्नाटक में 3.3 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्र को डीम्ड फॉरेस्ट (deemed forest) घोषित किया गया था।
- पदईश्वर खंडरे कर्नाटक में वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री हैं।
- तथ्यरिव्यू कमेटी को अपनी रिपोर्ट छह महीने के भीतर जमा करनी होगी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 'मानित वन' (deemed forest) वर्गीकरण के कृषि भूमि अधिकारों पर पड़ने वाले प्रभावों और ग्रामीण शासन में पारदर्शी भूमि-उपयोग मानचित्रण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी अस्पष्टता: वन संरक्षण जनादेश और निजी कृषि भूमि अधिकारों के दावों में टकराव
- डेटा इंटीग्रिटी: गैर-वन क्षेत्र के मनमाने वर्गीकरण को रोकने के लिए डिजिटाइज़्ड और वेरिफायबल लैंड रिकॉर्ड की ज़रूरत
- किसान शिकायत निवारण: ऐतिहासिक भूमि-उपयोग वर्गीकरण को सुधारने में प्रक्रियात्मक बाधाएं
मुख्य शब्द: डीम्ड फॉरेस्ट · भूमि-उपयोग वर्गीकरण · पारदर्शिता · शिकायत निवारण · स्पेशियल मैपिंग
चर्चा में क्यों: माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्या नडेला ने भारतीय आईटी कंपनियों (कॉग्निजेंट, इंफोसिस, TCS, विप्रो) के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इसका उद्देश्य एजेंटिक AI (Agentic AI) को अपनाने की गति को तेज करने के लिए 2,00,000 से अधिक माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट (Microsoft Copilot) लाइसेंस तैनात करना है।
माइक्रोसॉफ्ट भारत में क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में चार साल की अवधि के दौरान $17.5 बिलियन का निवेश कर रहा है। चार भारतीय IT कंपनियों (Cognizant, इंफोसिस, TCS, विप्रो) में से प्रत्येक व्यक्तिगत रूप से 50,000 से अधिक लाइसेंस तैनात करेगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकमाइक्रोसॉफ्ट Copilot: एक AI टूल जिसे मुख्य व्यावसायिक कार्यों (core business operations) में मानव-एजेंट सहयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- तथ्यमाइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) द्वारा भारत के क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश का मूल्य चार वर्षों में $17.5 बिलियन है।
- तथ्यचार भारतीय IT कंपनियों द्वारा तैनात किए जाने वाले Microsoft Copilot लाइसेंसों की कुल संख्या 200,000 से अधिक है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 'एजेंटिक एआई' (Agentic AI) और 'डीप एआई फैक्ट्रियों' (Deep AI Factories) का एकीकरण भारत के आईटी सेवा क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को किस प्रकार पुनर्गठित कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- लेबर मार्केट में बदलाव: मैनुअल कोडिंग और टेस्टिंग से ह्यूमन-एजेंट कोलैबोरेशन ओवरसाइट की ओर बदलाव
- इंफ्रास्ट्रक्चर निर्भरता: घरेलू AI डिप्लॉयमेंट के लिए विदेशी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निर्भरता
- डेटा संप्रभुता: ग्लोबल AI लाइसेंस का इस्तेमाल करते समय डेटा प्राइवेसी बनाए रखने की चुनौतियां
मुख्य शब्द: एजेंटिक AI · डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन · ह्यूमन-एजेंट कोलैबोरेशन · क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर · डीप AI फैक्ट्रियां
चर्चा में क्यों: माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न ने भारत में 50 बिलियन डॉलर से अधिक के संयुक्त निवेश की घोषणा की है। यह निवेश वैश्विक स्तर पर AI बबल (AI bubble) को लेकर चल रही चिंताओं के बीच, भारत के AI-फर्स्ट भविष्य को समर्थन देने के उद्देश्य से किया गया है।
माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न भारत के AI इंफ्रास्ट्रक्चर में 50 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश कर रहे हैं। हालांकि भारत में AI टैलेंट पूल मजबूत है और कंज्यूमर ऐप्स बढ़ रहे हैं, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा इकोसिस्टम की चुनौतियों के कारण भारत को 'सोवरेन AI' (Sovereign AI) मॉडल विकसित करने में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यMicrosoft और Amazon का कुल निवेश: $50 बिलियन से अधिक।
- तथ्यभारत का AI परिदृश्य: उपभोक्ता ऐप्स और रियल-वर्ल्ड सॉल्यूशंस (real-world solutions) के तेजी से बढ़ते उपयोग द्वारा परिभाषित।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में विशाल प्रतिभा पूल और एआई-संचालित उपभोक्ता अनुप्रयोगों के तीव्र प्रसार के बावजूद, संप्रभु एआई (Sovereign AI) मॉडल विकसित करने में भारत के समक्ष मौजूद संरचनात्मक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: कंप्यूट पावर और स्पेशलाइज्ड डेटा सेंटर्स के लिए भारी कैपिटल की ज़रूरत
- डेटा संप्रभुता: ओपन-सोर्स इनोवेशन और घरेलू डेटा प्राइवेसी और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के बीच संतुलन
- टैलेंट रिटेंशन: हाई-एंड AI रिसर्च और डेवलपमेंट रोल्स के लिए ग्लोबल टेक जायंट्स के साथ मुकाबला
मुख्य शब्द: सॉवरेन AI · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · डेटा इकोसिस्टम · AI को अपनाना · पूंजीगत निवेश
चर्चा में क्यों: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने ओडिशा के राउरकेला जिले में 4,000 किलोग्राम विस्फोटक की चोरी से जुड़े कथित माओवादी साजिश के मामले में 11 व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
NIA ने ओडिशा के राउरकेला में एक वाहन से 4,000 किलोग्राम विस्फोटक चोरी करने के मामले में 11 व्यक्तियों पर आरोप लगाए हैं। जांच में यह खुलासा हुआ है कि सशस्त्र माओवादियों ने सरकारी बलों के खिलाफ विस्फोटक का उपयोग करने के उद्देश्य से चालक का अपहरण कर लिया था।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाNIA: National Investigation Agency भारत में आतंकवाद से जुड़े अपराधों की जांच करने वाली प्राथमिक एजेंसी है।
- अधिनियम / विधेयकUAPA (Unlawful Activities Prevention Act) माओवादी गतिविधियों के मुकदमे चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाला प्राथमिक कानून है।
- तथ्यचोरी किए गए विस्फोटकों का वजन लगभग 4,000 किलोग्राम (kg) था।
- स्थानरौरकेला: ओडिशा का एक जिला जहाँ चोरी की घटना हुई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वन-सघन क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों को विफल करने और विस्फोटकों की अवैध खरीद को रोकने में आंतरिक सुरक्षा बलों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- लॉजिस्टिक भेद्यता: दुर्गम इलाकों में भारी मात्रा में विस्फोटक परिवहन को सुरक्षित करने में कठिनाई
- इंटेलिजेंस गैप: माओवादी सप्लाई चेन और अपहरण के तरीकों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की ज़रूरत
मुख्य शब्द: आंतरिक सुरक्षा · UAPA · आतंकवाद विरोधी अभियान · विस्फोटक विनियमन
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के शोधकर्ताओं ने श्रीनिवास रामानुजन के पाई (pi) के लिए बने सदी पुराने गणितीय सूत्रों को टर्बुलेंट फ्लूइड्स (turbulent fluids) और ब्रह्मांडीय विस्तार (cosmic expansion) की भौतिकी से जोड़ा है।
प्रोफेसर अनिंदा सिन्हा और फैजान भट्ट ने 'फिजिकल रिव्यू लेटर्स' में एक शोध प्रकाशित किया है। यह शोध रामानुजन के ट्रांसेंडेंटल नंबर (transcendental number) रिप्रेजेंटेशन को फ्लूइड डायनेमिक्स और ब्रह्मांड के विस्तार से जोड़ता है। यह अध्ययन इस बात की जांच करता है कि कैसे पाई (pi) और अन्य ट्रांसेंडेंटल नंबर भौतिक सिद्धांतों पर आधारित कुशल रिप्रेजेंटेशन रख सकते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकPhysical Review Letters: वह जर्नल जहाँ रामानुजन के फॉर्मूले (formulae) को कॉस्मोलॉजी (cosmology) से जोड़ने वाले शोध को प्रकाशित किया गया था।
- पदअनिंदा सिन्हा: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बेंगलुरु में प्रोफेसर।
- तथ्ययह रिसर्च pi के गणितीय सिद्धांतों को टर्बुलेंट फ्लूइड्स (turbulent fluids) और ब्रह्मांड के विस्तार से जोड़ता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ब्रह्मांड के मूलभूत नियमों को समझने के लिए उन्नत गणितीय सिद्धांतों को ब्रह्मांडीय भौतिकी के साथ एकीकृत करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- इंटरडिसिप्लिनरी सिनर्जी: कॉस्मिक एक्सपेंशन को मॉडल करने के लिए प्योर मैथमेटिक्स और थ्योरेटिकल फिजिक्स को जोड़ना
- कंप्यूटेशनल एफिशिएंसी: जटिल फ्लूइड डायनेमिक्स सिमुलेशन को आसान बनाने के लिए रामानुजन के ट्रांसेंडेंटल रिप्रेजेंटेशन का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: ट्रांसेंडेंटल नंबर्स · ब्रह्मांड विज्ञान · फ्लुइड डायनामिक्स · गणितीय भौतिकी · श्रीनिवास रामानुजन
चर्चा में क्यों: वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन (WWA) की रिपोर्ट के अनुसार, मानवीय कारणों से होने वाली ग्लोबल वार्मिंग ने साइक्लोन सेनयार (Cyclone Senyar) प्रभावित क्षेत्र में भारी बारिश की तीव्रता को 28-160% तक बढ़ा दिया है।
WWA के अध्ययन में पाया गया कि जलवायु परिवर्तन के कारण श्रीलंका में भारी बारिश की अवधि अब 9% से 50% तक अधिक तीव्र हो गई है। चक्रवात डिटवाह (Cyclone Ditwah) और चक्रवात सेनयार (Cyclone Senyar) सहित इन चरम मौसमी घटनाओं के परिणामस्वरूप 1,750 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यWorld Weather Attribution (WWA) मौसम के रिकॉर्ड का विश्लेषण करने वाले जलवायु वैज्ञानिकों का एक कंसोर्टियम (consortium) है।
- तथ्यसाइक्लोन Senyar और साइक्लोन Ditwah को 1,750 से अधिक मौतें होने वाली चरम मौसम की घटनाओं (extreme weather events) के रूप में पहचाना गया।
- तथ्यमानव-जनित ग्लोबल हीटिंग (Global Heating) के कारण साइक्लोन Senyar प्रभावित क्षेत्र में भारी बारिश की तीव्रता में 28-160% की वृद्धि हुई।
- तथ्यश्रीलंका में भारी बारिश की अवधि वर्तमान में 9% से 50% तक अधिक तीव्र है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मानवजनित जलवायु परिवर्तन किस प्रकार दक्षिण एशिया में चरम मौसमी घटनाओं को तीव्र कर रहा है, इस पर चर्चा कीजिए और इन जोखिमों को कम करने के लिए जीवाश्म ईंधन से परिवर्तन की आवश्यकता का मूल्यांकन कीजिए।
- एट्रिब्यूशन साइंस: विशिष्ट चरम मौसम की घटनाओं को मानव-जनित ग्लोबल वार्मिंग पैटर्न से जोड़ना
- मिटिगेशन की ज़रूरत: भारी बारिश की घटनाओं को कम करने के लिए फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता घटाना
मुख्य शब्द: मानवीय जलवायु परिवर्तन · अत्यधिक मौसम की घटनाएँ · एट्रिब्यूशन साइंस · फॉसिल फ्यूल ट्रांज़िशन · क्लाइमेट रेजिलिएंस
चर्चा में क्यों: हिमाचल प्रदेश वन विभाग के वेस्टर्न ट्रैगोपैन (Western Tragopan) के लिए संचालित कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम (Captive Breeding Program) के तहत अब तक 40 से अधिक पक्षी तैयार किए गए हैं, हालांकि बजट और रिसर्च की कमी के कारण इन्हें वापस प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है।
वेस्टर्न ट्रैगोपैन (Western Tragopan) एक दुर्लभ हिमालयी तीतर है, जिसकी जनसंख्या IUCN के अनुसार अनुमानतः 3,000-9,500 है। हिमाचल प्रदेश स्थित सरहन फेजेंट्री (Sarahan Pheasantry) वर्तमान में इसके बंदी प्रजनन (captive breeding) पहल का केंद्र है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पर्यावरणवेस्टर्न ट्रैगोपन (Western tragopan): हिमालयी क्षेत्र में पाया जाने वाला एक दुर्लभ फाज़ेंट (pheasant) प्रजाति।
- तथ्यIUCN के अनुमान के अनुसार, जंगली अवस्था में केवल 3,000-9,500 वेस्टर्न ट्रैगोपन्स (Western Tragopans) बचे हैं।
- संस्थाIUCN (International Union for the Conservation of Nature), प्रजातियों के लिए जनसंख्या का अनुमान प्रदान करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पश्चिमी ट्रैगोपन जैसी लुप्तप्राय हिमालयी प्रजातियों के संरक्षण में 'कैप्टिव ब्रीडिंग' (परिरक्षित प्रजनन) और समुदाय-आधारित पर्यटन की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- इकोलॉजिकल बॉटलनेक: स्थापित प्रोटोकॉल और रिसर्च की कमी के कारण रीइंट्रोडक्शन रुका हुआ
- आर्थिक प्रोत्साहन: आवास में गड़बड़ी कम करने के लिए एक टूल के रूप में कम्युनिटी-आधारित टूरिज्म
- राजकोषीय बाधा: बजट की सीमाएं कैप्टिव ब्रीडिंग से जंगली इलाकों में पुनर्वापसी की प्रक्रिया में रुकावट डाल रही हैं
मुख्य शब्द: एक्स-सिटु कंजर्वेशन · आवास विखंडन · कम्युनिटी-आधारित पर्यटन · जैव विविधता संरक्षण · प्रजातियों का पुन: परिचय
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