इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के शोधकर्ताओं ने श्रीनिवास रामानुजन के पाई (pi) के लिए बने सदी पुराने गणितीय सूत्रों को टर्बुलेंट फ्लूइड्स (turbulent fluids) और ब्रह्मांडीय विस्तार (cosmic expansion) की भौतिकी से जोड़ा है
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चर्चा में क्यों
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) के शोधकर्ताओं ने श्रीनिवास रामानुजन के पाई (pi) के लिए बने सदी पुराने गणितीय सूत्रों को टर्बुलेंट फ्लूइड्स (turbulent fluids) और ब्रह्मांडीय विस्तार (cosmic expansion) की भौतिकी से जोड़ा है।
पृष्ठभूमि
प्रोफेसर अनिंदा सिन्हा और फैजान भट्ट ने 'फिजिकल रिव्यू लेटर्स' में एक शोध प्रकाशित किया है। यह शोध रामानुजन के ट्रांसेंडेंटल नंबर (transcendental number) रिप्रेजेंटेशन को फ्लूइड डायनेमिक्स और ब्रह्मांड के विस्तार से जोड़ता है। यह अध्ययन इस बात की जांच करता है कि कैसे पाई (pi) और अन्य ट्रांसेंडेंटल नंबर भौतिक सिद्धांतों पर आधारित कुशल रिप्रेजेंटेशन रख सकते हैं।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकPhysical Review Letters: वह जर्नल जहाँ रामानुजन के फॉर्मूले (formulae) को कॉस्मोलॉजी (cosmology) से जोड़ने वाले शोध को प्रकाशित किया गया था।
- पदअनिंदा सिन्हा: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बेंगलुरु में प्रोफेसर।
- तथ्ययह रिसर्च pi के गणितीय सिद्धांतों को टर्बुलेंट फ्लूइड्स (turbulent fluids) और ब्रह्मांड के विस्तार से जोड़ता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ब्रह्मांड के मूलभूत नियमों को समझने के लिए उन्नत गणितीय सिद्धांतों को ब्रह्मांडीय भौतिकी के साथ एकीकृत करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- इंटरडिसिप्लिनरी सिनर्जी: कॉस्मिक एक्सपेंशन को मॉडल करने के लिए प्योर मैथमेटिक्स और थ्योरेटिकल फिजिक्स को जोड़ना
- कंप्यूटेशनल एफिशिएंसी: जटिल फ्लूइड डायनेमिक्स सिमुलेशन को आसान बनाने के लिए रामानुजन के ट्रांसेंडेंटल रिप्रेजेंटेशन का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: ट्रांसेंडेंटल नंबर्स · ब्रह्मांड विज्ञान · फ्लुइड डायनामिक्स · गणितीय भौतिकी · श्रीनिवास रामानुजन
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स
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