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भाग I · स्था. 11.2025 
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द हिंदू करेंट अफेयर्स हिंदी में — 28 दिसंबर 2025

इस दिन द हिंदू में छपी 20 परीक्षा उपयोगी खबरें, यूपीएससी नोट्स के रूप में · GS1 2 · GS2 9 · GS3 9

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GS1 · इतिहास · समाज · भूगोल · 2

GS1इतिहास एवं संस्कृति › प्राचीन एवं मध्यकालीन भारतप्रीलिम्स

सुंदरमपल्ली गांव में जमीन समतलीकरण (Land leveling) के दौरान श्रमिकों ने विजयनगर काल का एक लोहे का बर्तन खोजा है, जिसमें 86 सोने के सिक्के मिले हैं

चर्चा में क्यों: सुंदरमपल्ली गांव में जमीन समतलीकरण (Land leveling) के दौरान श्रमिकों ने विजयनगर काल का एक लोहे का बर्तन खोजा है, जिसमें 86 सोने के सिक्के मिले हैं।

यह खोज जोलारपेट के पास सुंदरमपल्ली गाँव में की गई। सिक्के एक लोहे के बर्तन के अंदर मिले हैं और वर्तमान में तमिलनाडु राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा इनका मूल्यांकन किया जा रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानजोलारपेट तमिलनाडु राज्य में स्थित है।
  • तथ्यएक लोहे के बर्तन से 86 सोने के सिक्के मिले।
  • संस्थातमिलनाडु स्टेट आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट (State Archaeology Department) सिक्कों के हेरिटेज वैल्यू (heritage value) का आकलन करने के लिए जिम्मेदार संस्था है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विजयनगर साम्राज्य के आर्थिक और राजनीतिक इतिहास के पुनर्निर्माण में मुद्राशास्त्र के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • आर्थिक संकेतक: व्यापार की समृद्धि और राजकोषीय स्थिरता के लिए गोल्ड कॉइन सर्कुलेशन का उपयोग
  • पुरातत्व पद्धति: कृषि क्षेत्रों में इन-सिटू खोजों को संरक्षित करने और प्रमाणित करने में चुनौतियां

मुख्य शब्द: मुद्राशास्त्र · विजयनगर साम्राज्य · हेरिटेज कंजर्वेशन · पुरातात्विक मूल्यांकन

GS1भूगोल › भौतिक भूगोल (भू-आकृतियां, महासागर, जलवायु)प्रीलिम्स

अरावली पहाड़ियों के भूगर्भीय विश्लेषण (Geological analysis) से पता चलता है कि इनका निर्माण अवसादी परतों (Sedimentary layers) से हुआ था और बाद में टेक्टोनिक बलों (Tectonic forces) के कारण इनमें कायांतरण (Metamorphic changes) हुआ

चर्चा में क्यों: अरावली पहाड़ियों के भूगर्भीय विश्लेषण (Geological analysis) से पता चलता है कि इनका निर्माण अवसादी परतों (Sedimentary layers) से हुआ था और बाद में टेक्टोनिक बलों (Tectonic forces) के कारण इनमें कायांतरण (Metamorphic changes) हुआ।

अरावली की पहाड़ियाँ दो प्रमुख चट्टानी अनुक्रमों (rock successions) से बनी हैं: पुराना अरावली सुपरग्रुप और नया दिल्ली सुपरग्रुप। इनका निर्माण बेसिन में जमा हुए रेत, मिट्टी और कार्बोनेट अवसादों (sediments) से हुआ था, जो गर्मी और दबाव के कारण मुड़ गए (folding) और उनमें कायापलट (metamorphic changes) की प्रक्रिया हुई।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानअरावली हिल्स: प्राचीन सेडिमेंट्री लेयर्स (sedimentary layers) से निर्मित, जो टेक्टोनिक फोर्सेज (tectonic forces) द्वारा विकृत हुई हैं।
  • तथ्यअरावली सुपरग्रुप: इस क्षेत्र में पुरानी चट्टानों का क्रम (rock succession)।
  • तथ्यदिल्ली सुपरग्रुप (Delhi Supergroup): इस क्षेत्र में युवा चट्टानों का अनुक्रम (younger rock succession)।
  • विज्ञान-तकनीकमेटामॉर्फिक बदलाव (Metamorphic changes): मुड़े हुए अवसादों (folded sediments) पर अत्यधिक गर्मी और दबाव के कारण उत्पन्न हुए।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अरावली पहाड़ियों की भूगर्भीय संरचना किस प्रकार आसपास के क्षेत्र के पारिस्थितिक और जलवैज्ञानिक प्रतिमानों को प्रभावित करती है, इस पर चर्चा कीजिए।

  • हाइड्रोलॉजिकल इम्पैक्ट: ग्राउंडवाटर मूवमेंट और लोकल वॉटर टेबल पर रॉक सक्सेशन का प्रभाव
  • मिट्टी-वनस्पति संबंध: मेटामॉर्फिक रॉक के प्रकार और स्थानीय मिट्टी की संरचना/वनस्पति पैटर्न के बीच संबंध

मुख्य शब्द: टेक्टोनिक फोर्सेस · कायापलट वाले बदलाव · अवसादी परतें · भूगर्भीय अनुक्रम · अपरदन और अपक्षय

GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 9

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को निर्देश दिए हैं कि वे 2002 की मतदाता सूची के साथ विवरणों का मिलान करके 'अनमैप्ड' (unmapped) सूची वाले मतदाताओं की सहायता करें

चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) को निर्देश दिए हैं कि वे 2002 की मतदाता सूची के साथ विवरणों का मिलान करके 'अनमैप्ड' (unmapped) सूची वाले मतदाताओं की सहायता करें।

BLOs को 21 जनवरी से पहले गणना फॉर्म (enumeration forms) को अपडेट करने के लिए जन्म की तारीख और स्थान के प्रमाण वाले दस्तावेज एकत्र करने का कार्य सौंपा गया है। राज्य सरकार ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे छूटे हुए या बिना मैप किए गए मतदाताओं के लिए ग्राम कार्यालयों में हेल्प डेस्क (help desks) स्थापित करें।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाबूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) मतदाता सूची को अपडेट करने और मतदाताओं को गणना (enumeration) में सहायता प्रदान करने के लिए जिम्मेदार होते हैं।
  • तथ्यवर्तमान मैपिंग एक्सरसाइज में 2002 की मतदाता सूची के मुकाबले वोटर डिटेल्स को वेरीफाई (verify) करना शामिल है।
  • पदडिस्ट्रिक्ट कलेक्टरों की जिम्मेदारी वोटर सहायता के लिए ग्राम कार्यालयों में हेल्प डेस्क की स्थापना की निगरानी करना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने में सटीक मतदाता सूची के महत्व और उन्हें बनाए रखने में जमीनी स्तर के अधिकारियों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • प्रशासनिक बाधा: डॉक्यूमेंटेशन की कमी के कारण एनुमरेशन फॉर्म अपडेट करने में देरी
  • समावेशिता का अंतर: मैपिंग प्रक्रिया के दौरान छूटे हुए मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने का जोखिम

मुख्य शब्द: मतदाता सूची · लोकतंत्र · जमीनी स्तर का प्रशासन · मतदाता अधिकार · प्रशासनिक दक्षता

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारमेन्स

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के सामने 'शैडो कैंपेन्स' (shadow campaigns) को नियंत्रित करने में चुनौतियां आ रही हैं

चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के सामने 'शैडो कैंपेन्स' (shadow campaigns) को नियंत्रित करने में चुनौतियां आ रही हैं, जहाँ तीसरे पक्ष के कलाकार और इन्फ्लुएंसर डिजिटल विज्ञापनों पर राजनीतिक दलों से अधिक खर्च कर रहे हैं।

Meta के Ads Library का उपयोग करके किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि डिजिटल अभियानों में तीसरे पक्ष के अभिनेताओं (third-party actors) ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की तुलना में अधिक खर्च किया। वर्तमान में ECI के निर्देशों के अनुसार, राजनीतिक विज्ञापनों के लिए पूर्व-प्रमाणन (pre-certification) और दलों द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए खर्च का खुलासा करना अनिवार्य है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाभारत निर्वाचन आयोग (ECI) राजनीतिक विज्ञापनों और चुनाव प्रचार के खर्च को विनियमित करने के लिए जिम्मेदार संस्था है।
  • तथ्यMeta के Ads Library स्टडी के अनुसार, यह पाया गया कि डिजिटल कैंपेन्स में थर्ड-पार्टी एक्टर्स (Third-party actors) ने पार्टियों और उम्मीदवारों से अधिक खर्च किया।
  • तथ्यवर्तमान ECI निर्देशों के अनुसार, राजनीतिक विज्ञापनों के लिए प्री-सर्टिफिकेशन (pre-certification) और राजनीतिक दलों द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए खर्च का खुलासा अनिवार्य है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: डिजिटल अभियान के दौरान तीसरे पक्ष के अभिकर्ताओं और 'शैडो कैंपेन' (shadow campaigns) के प्रभाव को संबोधित करने में वर्तमान चुनावी नियमों की सीमाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • पारदर्शिता की कमी: थर्ड-पार्टी इन्फ्लुएंसर्स और अनौपचारिक संस्थाओं के लिए फंडिंग के स्रोतों को ट्रैक करने में मुश्किल
  • रेगुलेटरी लैग: मौजूदा ECI ढांचा स्वतंत्र डिजिटल एक्टर्स के बजाय पार्टी-आधारित खर्च पर केंद्रित है
  • जवाबदेही की कमी: आधिकारिक पार्टी पेजों पर विज्ञापनों के लिए गुमनाम फंडिंग की संभावना

मुख्य शब्द: शैडो कैंपेन्स · डिजिटल पारदर्शिता · थर्ड-पार्टी एक्टर्स · चुनावी अखंडता · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)मेन्स

सबर इंस्टीट्यूट (Sabar Institute) के एक अध्ययन में पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से मतुआ समुदाय को बाहर रखे जाने की बात सामने आई है

चर्चा में क्यों: सबर इंस्टीट्यूट (Sabar Institute) के एक अध्ययन में पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से मतुआ समुदाय को बाहर रखे जाने की बात सामने आई है।

सबर इंस्टीट्यूट (Sabar Institute) के अध्ययन में पश्चिम बंगाल के 15 ऐसे विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र (Assembly constituencies) पहचाने गए हैं जहाँ मतुआ समुदाय का वर्चस्व है और वहां से मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे। विश्लेषण से पता चला कि औसतन 33.95% मतदाताओं को स्थायी रूप से स्थानांतरित कर दिया गया था और 21.56% मतदाता लापता या अनुपस्थित पाए गए।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यअध्ययन किए गए निर्वाचन क्षेत्रों में 33.95% मतदाताओं का स्थायी रूप से शिफ्ट (shifted) पाया गया।
  • तथ्यSIR प्रोसेस में औसतन 21.56% मतदाताओं को अनट्रेसेबल (untraceable)/अनुपस्थित (absent) के रूप में वर्गीकृत किया गया।
  • स्थानकृष्णगंज और रानघाट उत्तर पुरबा में मतदाताओं के विलोपन (voter deletions) का प्रतिशत सबसे अधिक दर्ज किया गया।
  • संस्थासबर इंस्टीट्यूट, कोलकाता ने मतदाता सूची संशोधनों पर अध्ययन किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया के दौरान हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए समावेशी चुनावी भागीदारी सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • डेटा इंटीग्रिटी: गहन पुनरीक्षण चक्रों के दौरान पिछड़े समूहों के व्यवस्थित रूप से बाहर होने का जोखिम
  • प्रशासनिक चूक: योग्य मतदाताओं के मनमाने विलोपन को रोकने के लिए कम्युनिटी-लेड वेरिफिकेशन की ज़रूरत

मुख्य शब्द: चुनावी अखंडता · पिछड़ा वर्ग · समावेशी शासन · मतदाताओं से अधिकार छीनना · विशेष गहन पुनरीक्षण में तेलंगाना की मतदाता सूची से लगभग 70 लाख नाम हटे

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधमेन्स

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले व्यवहार के संबंध में भारत की चिंताओं को खारिज कर दिया है

चर्चा में क्यों: बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों के साथ होने वाले व्यवहार के संबंध में भारत की चिंताओं को खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने इन दावों को 'गलत' और 'प्रेरित नैरेटिव' (motivated narratives) करार दिया है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाली शत्रुता के संबंध में भारत की टिप्पणियों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। बांग्लादेश ने दावा किया है कि अलग-थलग आपराधिक कृत्य को व्यवस्थित उत्पीड़न के रूप में गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। साथ ही, उसने भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ होने वाले नफरत के अपराधों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यबांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के दावों को 'गलत, बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए या प्रेरित नैरेटिव' (motivated narratives) कहकर खारिज कर दिया।
  • तथ्यबांग्लादेश ने अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार के संबंध में कुछ भारतीय हलकों द्वारा की जा रही पक्षपाती रिपोर्टिंग को बंद करने की मांग की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: आंतरिक मानवाधिकारों के मुद्दों पर उत्पन्न द्विपक्षीय राजनयिक घर्षण का भारत-बांग्लादेश रणनीतिक सहयोग पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • डिप्लोमैटिक घर्षण: अल्पसंख्यक उत्पीड़न पर काउंटर-नैरेटिव्स से द्विपक्षीय भरोसे पर असर
  • मानवाधिकार कूटनीति: आंतरिक सुरक्षा चिंताओं और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: द्विपक्षीय संबंध · राजनयिक घर्षण · मानवाधिकार · काउंटर-नैरेटिव · रणनीतिक सहयोग

GS2शासन › ई-गवर्नेंस एवं नागरिक सेवाएंप्रीलिम्स

सिविल एविएशन मंत्रालय ने हवाई यात्रियों की शिकायतों का तुरंत समाधान करने के लिए एक 24/7 पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (PACR) स्थापित किया है

चर्चा में क्यों: सिविल एविएशन मंत्रालय ने हवाई यात्रियों की शिकायतों का तुरंत समाधान करने के लिए एक 24/7 पैसेंजर असिस्टेंस कंट्रोल रूम (PACR) स्थापित किया है।

PACR की शुरुआत 10 दिसंबर को की गई थी। इसमें मंत्रालय, DGCA, एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के अधिकारी शामिल हैं। इसने फ्लाइट कैंसिलेशन, खोए हुए सामान और मील सर्विस में देरी से संबंधित 13,000 से अधिक यात्री शिकायतों का समाधान किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाAAI: Airports Authority of India, भारत में कई एयरपोर्ट्स के मैनेजमेंट और ऑपरेशन के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्य10 दिसंबर को लॉन्च होने के बाद से PACR ने 13,000 से अधिक यात्री शिकायतों का समाधान किया है।
  • पदPACR, सिविल एविएशन मिनिस्ट्री, DGCA, एयरलाइन्स और AAI की एक साझा पहल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के विमानन क्षेत्र में बहु-हितधारक समन्वय और वास्तविक समय की निगरानी किस प्रकार यात्री-केंद्रित शासन को सुदृढ़ कर सकते हैं, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • संस्थागत तालमेल: एकीकृत शिकायत निवारण के लिए रेगुलेटरी बॉडीज (DGCA), इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स (AAI) और प्राइवेट एयरलाइन्स को जोड़ना
  • सर्विस डिलीवरी: रिएक्टिव शिकायत हैंडलिंग से फ्लाइट ऑपरेशंस की प्रोएक्टिव रियल-टाइम मॉनिटरिंग की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: शिकायत निवारण · मल्टी-स्टेकहोल्डर कोऑर्डिनेशन · यात्री अनुभव · रेगुलेटरी ओवरसाइट · रियल-टाइम मॉनिटरिंग

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स + मेन्स

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव द्वारा प्रशिक्षित आयुर्वेदिक डॉक्टरों को चुनिंदा सर्जरी करने की अनुमति देने के फैसले की आलोचना की है और इस कदम को अवैज्ञानिक बताया है

चर्चा में क्यों: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव द्वारा प्रशिक्षित आयुर्वेदिक डॉक्टरों को चुनिंदा सर्जरी करने की अनुमति देने के फैसले की आलोचना की है और इस कदम को अवैज्ञानिक बताया है।

मंत्री सत्य कुमार यादव ने चुनिंदा सर्जरी के लिए आयुर्वेदिक डॉक्टरों को मंजूरी दे दी है। IMA ने तर्क दिया कि सर्जिकल प्रक्रियाओं के लिए आधुनिक चिकित्सा पाठ्यक्रम और मान्यता की आवश्यकता होती है। उन्होंने चेतावनी दी कि समकक्ष प्रशिक्षण के बिना क्रॉस-प्रैक्टिस (cross-practice) असुरक्षित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाIMA: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association)।
  • पदसत्य कुमार यादव: भारत के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और परिवार कल्याण मंत्री।
  • तथ्यIMA ने बयानों को वापस लेने और मौजूदा सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का सम्मान करने का अनुरोध किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में आधुनिक शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के एकीकरण से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और सुरक्षा निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • सुरक्षा जोखिम: गैर-एलोपैथिक चिकित्सकों के लिए सर्जिकल क्षमता के मानकीकृत एक्रेडिटेशन की कमी
  • रेगुलेटरी विवाद: पारंपरिक चिकित्सा एकीकरण और आधुनिक मेडिकल करिकुलम मानकों के बीच तनाव
  • कानूनी टकराव: मेडिकल प्रैक्टिस की सीमाओं से जुड़े मौजूदा न्यायिक कार्यवाही के संभावित उल्लंघन पर विवाद

मुख्य शब्द: मेडिकल एथिक्स · देखभाल का मानक · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · पारंपरिक चिकित्सा · सार्वजनिक सुरक्षा

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घोषणा की कि अगस्त में शुरू किए गए 'नलम कक्कुम स्टालिन' मेडिकल कैंप्स से अब तक 13 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिला है।

'नलम कक्कुम स्टालिन' (Nalam Kakkum Stalin) पहल के अंतर्गत तमिलनाडु के सभी 38 जिलों में पूर्ण-शरीर स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ परामर्श की सुविधा प्रदान की जाती है। राज्य सरकार ने इस पहल के लिए ₹13.58 करोड़ की लागत से वित्तपोषण किया है, जिसमें उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है जहाँ चिकित्सा सुविधाओं तक पहुँच सीमित है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • योजना'Nalam Kakkum Stalin' तमिलनाडु सरकार की एक स्वास्थ्य पहल है, जिसके तहत फुल-बॉडी चेकअप (full-body checkups) प्रदान किए जाते हैं।
  • तथ्यअगस्त में लॉन्च होने के बाद से इस पहल ने 13 लाख से अधिक लोगों को लाभ पहुँचाया है।
  • तथ्यमेडिकल कैंप्स की कुल लागत ₹13.58 करोड़ है।
  • स्थानये कैंप तमिलनाडु के सभी 38 जिलों में संचालित हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में ग्रामीण और वंचित आबादी के लिए स्वास्थ्य परिणामों में सुधार हेतु मोबाइल मेडिकल कैंप और विकेंद्रीकृत स्वास्थ्य सेवा वितरण के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • एक्सेसिबिलिटी गैप: स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर तक पहुँच में शहरी-ग्रामीण अंतर को कम करना
  • राजकोषीय विकेंद्रीकरण: राज्य की फंडिंग और टिकाऊ हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच संतुलन
  • प्रिवेंटिव फोकस: इलाज के बजाय प्रोएक्टिव हेल्थ स्क्रीनिंग मॉडल पर ध्यान देना

मुख्य शब्द: यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज · विकेंद्रीकृत स्वास्थ्य सेवा · निवारक चिकित्सा · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · लास्ट-माइल डिलीवरी

GS2शासन › सिविल सेवाओं की भूमिकामेन्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में मुख्य सचिवों के एक राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की, जिसमें शासन सुधार और मानव पूंजी विकास रणनीतियों पर चर्चा की गई

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में मुख्य सचिवों के एक राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता की, जिसमें शासन सुधार और मानव पूंजी विकास रणनीतियों पर चर्चा की गई।

यह सम्मेलन 28 दिसंबर, 2025 को दिल्ली में आयोजित किया गया था, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों ने भाग लिया। प्रमुख उपस्थित लोगों में पी.के. मिश्रा, शक्तिकांत दास, टी.वी. सोमनाथन और नीति आयोग के सदस्य शामिल थे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदचीफ सेक्रेटरी (Chief Secretary): किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में सर्वोच्च पदस्थ सिविल सर्वेंट।
  • संस्थानीति आयोग: राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं (national development priorities) पर चर्चा करने के लिए कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।
  • तथ्यकॉन्फ्रेंस में प्रारंभिक बचपन की शिक्षा (early childhood education), स्कूली शिक्षा, स्किलिंग (skilling) और उच्च शिक्षा में मानव पूंजी विकास (human capital development) पर ध्यान केंद्रित किया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत भर में समान मानव पूंजी विकास प्राप्त करने के लक्ष्य को साकार करने में केंद्र और राज्यों के बीच संरचित संवाद के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • सहकारी संघवाद: केंद्र की विकासात्मक प्राथमिकताओं और राज्यों की कार्यान्वयन क्षमताओं के बीच संतुलन
  • प्रशासनिक तालमेल: पॉलिसी बनाने और ज़मीनी स्तर पर उसे लागू करने के बीच की दूरी कम करने के लिए चीफ सेक्रेटरीज की भूमिका का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: सहकारी संघवाद · मानव पूंजी विकास · प्रशासनिक सुधार · नीति कार्यान्वयन · शासन व्यवस्था

तमिलनाडु सरकार और राज्यपाल (चैंसलर के रूप में) के बीच 12 विश्वविद्यालयों में वाइस-चैंसलर की नियुक्ति को लेकर गतिरोध बना हुआ है

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार और राज्यपाल (चैंसलर के रूप में) के बीच 12 विश्वविद्यालयों में वाइस-चैंसलर की नियुक्ति को लेकर गतिरोध बना हुआ है। यह विवाद UGC के नियमों और राज्य के विधान (State Legislation) पर अलग-अलग दृष्टिकोण के कारण उत्पन्न हुआ है।

यह गतिरोध तमिलनाडु के 12 संस्थानों से संबंधित है, जहाँ राज्यपाल UGC नियमों पर जोर दे रहे हैं, जबकि राज्य सरकार अपने स्वयं के कानूनों को प्राथमिकता दे रही है। स्थायी फैकल्टी (Faculty) की कमी के कारण यह संकट और भी गंभीर हो गया है, जिससे एड-हॉक (Ad-hoc) स्टाफ और गेस्ट लेक्चरर्स पर अत्यधिक निर्भरता बढ़ गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाराज्य के राज्यपाल राज्य विश्वविद्यालयों के चांसलर (Chancellor) के रूप में कार्य करते हैं।
  • तथ्यवर्तमान गतिरोध से तमिलनाडु के 12 उच्च शिक्षा संस्थानों (Higher Education Institutions) पर असर पड़ रहा है।
  • योजनाNaan Mudalvan और Pudhumai Penn तमिलनाडु सरकार की शिक्षा संबंधी पहलें हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य सरकारों और राज्यपालों के बीच राज्य विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता के संबंध में उत्पन्न होने वाले संघर्ष के संवैधानिक और प्रशासनिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • क्षेत्राधिकार का टकराव: राज्य की विधायी स्वायत्तता और UGC रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के बीच विवाद
  • प्रशासनिक पंगुता: 12 यूनिवर्सिटीज में लीडरशिप की कमी से अकादमिक गवर्नेंस प्रभावित
  • ह्यूमन रिसोर्स संकट: एड-हॉक और गेस्ट फैकल्टी पर निर्भरता से अकादमिक गुणवत्ता में गिरावट

मुख्य शब्द: यूनिवर्सिटी ऑटोनॉमी · संघवाद · नियामक संघर्ष · अकादमिक गवर्नेंस · ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट

GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 9

CO2 उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से, कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (CESL) ने PM E-DRIVE स्कीम के तहत 10,900 बसों के लिए भारत का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस टेंडर पूरा किया है

चर्चा में क्यों: CO2 उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से, कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (CESL) ने PM E-DRIVE स्कीम के तहत 10,900 बसों के लिए भारत का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस टेंडर पूरा किया है।

Energy Efficiency Services Limited (EESL) की सहायक कंपनी CESL ने 10,900 इलेक्ट्रिक बसों के लिए एक टेंडर हासिल किया है। इस पहल का उद्देश्य पांच प्रमुख शहरों में 4 मिलियन टन से अधिक CO2 उत्सर्जन को कम करना है, जिसमें आंध्र प्रदेश को 750 ई-बसें प्राप्त होंगी।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • संस्थाCESL: एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) की एक सब्सिडियरी।
  • योजनाPM E-DRIVE स्कीम: इलेक्ट्रिक बस की खरीद के लिए सरकारी पहल।
  • तथ्यटेंडर में कुल e-buses की संख्या: 10,900।
  • तथ्यआंध्र प्रदेश आवंटन: 750 e-buses (जिसमें विशाखापट्टनम के लिए 150 शामिल हैं)।
  • तथ्यअनुमानित CO2 कटौती: 4 मिलियन टन से अधिक।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पीएम ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) जैसी योजनाओं के अंतर्गत सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण की ओर संक्रमण भारत के जलवायु लक्ष्यों और शहरी वायु गुणवत्ता प्रबंधन में किस प्रकार योगदान देता है, चर्चा कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: शहरी केंद्रों में हाई-डेंसिटी चार्जिंग स्टेशन और ग्रिड स्टेबिलिटी की ज़रूरत
  • एमिशन मिटिगेशन: मेट्रोपॉलिटन हब्स में कार्बन फुटप्रिंट और पार्टिकुलेट मैटर में मापने योग्य कमी
  • राजकोषीय रणनीति: EV मैन्युफैक्चरिंग और डिप्लॉयमेंट बढ़ाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: डीकार्बोनाइजेशन · पब्लिक ट्रांसपोर्ट इलेक्ट्रिफिकेशन · PM ई-ड्राइव स्कीम · उत्सर्जन कम करना · सस्टेनेबल अर्बन मोबिलिटी

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)प्रीलिम्स

ISRO ने छात्र टीमों को भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों, जिसमें मंगल की सतह की खोज भी शामिल है

चर्चा में क्यों: ISRO ने छात्र टीमों को भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों, जिसमें मंगल की सतह की खोज भी शामिल है, के लिए ऑटोनॉमस नेविगेशन सिस्टम (Autonomous Navigation Systems) विकसित करने के लिए आमंत्रित करते हुए 'ISRO रोबोटिक्स चैलेंज - URSC (IRoC-U 2026)' की घोषणा की है।

यह चुनौती GPS या रिफ्लेक्टर्स जैसे बाहरी साधनों पर निर्भर हुए बिना स्वायत्त नेविगेशन (Autonomous Navigation) तकनीक विकसित करने पर केंद्रित है। प्रतिभागियों को ऐसे माइक्रो-UAV और बेस स्टेशन बनाने होंगे जो स्वायत्त नेविगेशन, लैंडिंग, डेटा ट्रांसफर और रिचार्जिंग में सक्षम हों।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकIRoC-U 2026: ISRO रोबोटिक्स चैलेंज (Robotics Challenge) का मुख्य फोकस ग्रहों की खोज के लिए ऑटोनॉमस नेविगेशन (autonomous navigation) पर केंद्रित है।
  • तथ्यISRO Robotics Challenge के लिए रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन 12 जनवरी, 2026 है।
  • विज्ञान-तकनीकयह चुनौती विशेष रूप से स्पेस मिशन के लिए ऑटोनॉमस एरियल स्वार्म्स (autonomous aerial swarms) के विकास को लक्षित करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ग्रहीय अन्वेषण के लिए स्वायत्त नेविगेशन प्रणालियों के विकास के महत्व और भारत में एक सुदृढ़ अंतरिक्ष-तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने में ऐसी पहलों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • तकनीकी संप्रभुता: डीप-स्पेस और प्लैनेटरी नेविगेशन के लिए बाहरी GPS सिग्नल्स पर निर्भरता कम करना
  • ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट: एकेडमिक रिसर्च और प्रैक्टिकल एयरोस्पेस इंजीनियरिंग एप्लिकेशंस के बीच की दूरी को कम करना

मुख्य शब्द: ऑटोनॉमस नेविगेशन · अंतरिक्ष अन्वेषण · UAV झुंड · डीप स्पेस मिशन · तकनीकी संप्रभुता

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

एक एक्सपर्ट पैनल के सर्वे से पता चला है कि 39% उधारकर्ताओं को वसूली के दौरान अपमानजनक कॉल का सामना करना पड़ा

चर्चा में क्यों: एक एक्सपर्ट पैनल के सर्वे से पता चला है कि 39% उधारकर्ताओं को वसूली के दौरान अपमानजनक कॉल का सामना करना पड़ा। यह बैंकों और एजेंटों द्वारा उत्पीड़न के खिलाफ RBI के दिशा-निर्देशों का पालन न करने की विफलता को दर्शाता है।

विशेषज्ञ पैनल के सर्वेक्षण में पाया गया कि 39% उधारकर्ताओं को वसूली के दौरान अपमानजनक कॉल का सामना करना पड़ा और 28% को कई ऋणदाताओं से बार-बार कॉल प्राप्त हुए। अध्ययन में यह नोट किया गया कि ऋण चूकने (loan defaults) का मुख्य कारण जानबूझकर भुगतान न करना नहीं, बल्कि नौकरी छूटना या वेतन में कटौती होना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यसर्वेक्षण में शामिल 39% उधारकर्ताओं ने बैंकों से रिकवरी के दौरान दुर्व्यवहार वाले कॉल का अनुभव किया।
  • तथ्य28% उधारकर्ताओं ने बताया कि उन्हें कई लेनदारों (lenders) की ओर से बार-बार कॉल आ रहे हैं।
  • संस्थाभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) लोन रिकवरी के दौरान अनुचित उत्पीड़न के खिलाफ गाइडलाइन्स प्रदान करता है।
  • पदअनुराग मेहरा एक्सपर्ट पैनल (Expert Panel) के डायरेक्टर हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की ऋण वसूली प्रणाली में निहित प्रणालीगत चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और ऋणदाताओं के अधिकारों तथा उधारकर्ताओं की गरिमा के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: थर्ड-पार्टी रिकवरी एजेंट्स के आचरण की निगरानी में प्रवर्तन की कमी
  • कर्ज-जाल की गतिशीलता: जबरन नौकरी छूटना और सिस्टमैटिक डिफॉल्ट चक्र के बीच संबंध
  • अल्टरनेटिव डिस्प्यूट रिज़ॉल्यूशन: मुकदमेबाजी से आपसी समझौते के ढांचे की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: कर्ज की वसूली · RBI गाइडलाइन्स · अनैच्छिक डिफॉल्ट · उपभोक्ता संरक्षण · वैकल्पिक विवाद समाधान

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कर्नाटक सरकार ने राज्य की झीलों पर अतिक्रमण की पहचान करने और संरक्षण के लिए एक केंद्रीकृत डेटाबेस (centralized database) बनाने हेतु ड्रोन-आधारित GIS सर्वे पूरा किया है

चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने राज्य की झीलों पर अतिक्रमण की पहचान करने और संरक्षण के लिए एक केंद्रीकृत डेटाबेस (centralized database) बनाने हेतु ड्रोन-आधारित GIS सर्वे पूरा किया है।

सर्वेक्षण में कर्नाटक की कुल 41,849 झीलों में से 41,225 झीलों की पहचान 5 सेंटीमीटर की सटीकता के साथ की गई। बेंगलुरु शहरी और ग्रामीण जिलों को सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया, जहाँ उनकी 80% से अधिक झीलें अतिक्रमण से प्रभावित हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकर्नाटक झील सर्वेक्षण की सटीकता: 5 सेंटीमीटर।
  • स्थानबेंगलुरु के अर्बन और रूरल जिलों में 80% से अधिक झीलों पर अतिक्रमण (encroachment) पाया गया है।
  • संस्थासर्वे, सेटलमेंट और लैंड रिकॉर्ड्स विभाग (Department of Survey Settlement and Land Records): कर्नाटक झील सर्वेक्षण के लिए जिम्मेदार निकाय।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में शहरी झीलों के संरक्षण और भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन को सुदृढ़ करने में भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) और ड्रोन तकनीक किस प्रकार सहायक हो सकती हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा इंटीग्रिटी: ड्रोन से लिए गए स्थानिक डेटा को मौजूदा मैनुअल लैंड रिकॉर्ड्स के साथ मिलाने में चुनौतियां
  • अर्बन प्लानिंग: तेज़ी से होते इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और ब्लू-ग्रीन कॉरिडोर के संरक्षण के बीच टकराव
  • एन्फोर्समेंट गैप: हाई-एक्यूरेसी स्पैटियल मैपिंग के बावजूद अतिक्रमण पर कार्रवाई करने में मुश्किल

मुख्य शब्द: ज्योग्राफ़िक इंफॉर्मेशन सिस्टम · स्पेशियल डेटा · अर्बन इकोलॉजी · भूमि रिकॉर्ड · अतिक्रमण

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पश्चिमी घाट में मौजूदा प्रणालियों की सीमाओं को दूर करने के लिए, NITK के शोधकर्ताओं ने मशीन लर्निंग का उपयोग करके SVALSA विकसित किया है

चर्चा में क्यों: पश्चिमी घाट में मौजूदा प्रणालियों की सीमाओं को दूर करने के लिए, NITK के शोधकर्ताओं ने मशीन लर्निंग का उपयोग करके SVALSA विकसित किया है, जो भूस्खलन की पूर्व चेतावनी के लिए एक एकीकृत ढांचा (integrated framework) है।

SVALSA फ्रेमवर्क विश्वसनीय चेतावनी प्रदान करने के लिए वर्षा विश्लेषण, वास्तविक समय में मिट्टी के व्यवहार की निगरानी और मशीन लर्निंग (Machine Learning) को जोड़ता है। इसे पश्चिमी घाट में पहाड़ी सड़कों, राजमार्गों, रेलवे कटिंग्स और खड़ी ढलानों पर स्थित बस्तियों के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकSVALSA: NITK द्वारा विकसित एक एकीकृत लैंडस्लाइड अर्ली वार्निंग फ्रेमवर्क (landslide early warning framework)।
  • तथ्यSVALSA तीन चरणों वाले वार्निंग मैकेनिज्म (warning mechanism) के माध्यम से काम करता है: वर्षा डेटा विश्लेषण, मिट्टी की स्थिरता का आकलन और सतह की हलचल की निगरानी।
  • स्थानयह फ्रेमवर्क विशेष रूप से वेस्टर्न घाट्स (Western Ghats) क्षेत्र के लिए डिज़ाइन किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पश्चिमी घाट जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को बढ़ाने में मशीन लर्निंग और वास्तविक समय की निगरानी (रियल-टाइम मॉनिटरिंग) के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा सटीकता: बारिश और मिट्टी के व्यवहार के मल्टी-स्टेज एनालिसिस से गलत अलार्म कम करना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर रेजिलिएंस: रेलवे कटिंग्स और हिल रोड जैसे क्रिटिकल कॉरिडोर को लैंडस्लाइड से होने वाले नुकसान से बचाना

मुख्य शब्द: मशीन लर्निंग · आपदा जोखिम न्यूनीकरण · अर्ली वार्निंग सिस्टम · जियोटेक्निकल मॉनिटरिंग · पश्चिमी घाट

GS3आंतरिक सुरक्षा › वामपंथी उग्रवादप्रीलिम्स

छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए बीजापुर जिले में एक नया पुलिस कैंप स्थापित किया है

चर्चा में क्यों: छत्तीसगढ़ सरकार ने माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए बीजापुर जिले में एक नया पुलिस कैंप स्थापित किया है।

'सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप' छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की 7वीं बटालियन के लिए एक फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (Forward Operating Base) के रूप में कार्य करता है। यह छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा को सुरक्षित करने के लिए बीजापुर जिले में स्थित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानबिलापुर जिला छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित है।
  • तथ्ययह कैंप छत्तीसगढ़ Armed Force की 7th बटालियन के लिए एक फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (forward operating base) के रूप में कार्य करता है।
  • योजनानियत नेल्ला नर छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की एक योजना है जो ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं प्रदान करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास को सुगम बनाने में सुरक्षा बुनियादी ढांचे की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • सुरक्षा-विकास नेक्सस: माओवादी प्रभाव को खत्म करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डिलीवरी के साथ किएट ऑपरेशंस का संतुलन
  • लॉजिस्टिक चुनौतियां: आगे के ऑपरेटिंग बेस स्थापित करने के लिए कठिन इलाके और जलवायु की स्थितियों पर काबू पाना
  • बॉर्डर मैनेजमेंट: सीमा पार विद्रोही आवाजाही रोकने के लिए छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा को मजबूत करना

मुख्य शब्द: वामपंथी उग्रवाद · फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस · सुरक्षा-विकास नेक्सस · आंतरिक सुरक्षा · आतंकवाद विरोधी अभियान

GS3आंतरिक सुरक्षा › सुरक्षा बल एवं एजेंसियांप्रीलिम्स

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कारवार नेवल बेस पर एक सबमरीन सॉर्टी (submarine sortie) शुरू की, जिससे वे ऐसा करने वाली दूसरी भारतीय राष्ट्रपति बन गई हैं

चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कारवार नेवल बेस पर एक सबमरीन सॉर्टी (submarine sortie) शुरू की, जिससे वे ऐसा करने वाली दूसरी भारतीय राष्ट्रपति बन गई हैं।

राष्ट्रपति मुर्मु ने कर्नाटक के कारवार नौसेना बेस पर कलवरी-क्लास की पनडुब्बी, INS वागशीर (INS Vaghsheer) का दौरा किया। यह पनडुब्बी एक डीजल-इलेक्ट्रिक जहाज है जिसे सतह-विरोधी युद्ध (anti-surface warfare), खुफिया जानकारी जुटाने और विशेष अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पदराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सबमरीन सॉर्टी (submarine sortie) करने वाली दूसरी राष्ट्रपति हैं।
  • तथ्यएपीजे अब्दुल कलाम 2006 में सबमरीन सॉर्टी (submarine sortie) करने वाले पहले राष्ट्रपति थे।
  • स्थानकार्वर नेवल बेस कर्नाटक राज्य में स्थित है।
  • विज्ञान-तकनीकINS Vaghsheer एक Kalvari-class डीजल-इलेक्ट्रिक सबमरीन है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: हिंद-महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता सुनिश्चित करने में भारतीय नौसेना के पनडुब्बी बेड़े के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • स्ट्रेटेजिक डिटेरेंस: एंटी-सबमरीन और इंटेलिजेंस गैदरिंग में साइलेंट डीजल-इलेक्ट्रिक सबमरीन की भूमिका
  • मैरिटाइम डोमेन अवेयरनेस: हिंद महासागर क्षेत्र में निगरानी क्षमताओं को बढ़ाना

मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · रणनीतिक प्रतिरोध · नौसेना आधुनिकीकरण · डिफेंस डिप्लोमेसी

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने पारदर्शिता बढ़ाने और एसेट मोनेटाइजेशन (Asset Monetization) के लिए कोयला मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह 2030 तक कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की सभी सहायक कंपनियों (Subsidiaries) की मैपिंग और सूची तैयार करे

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने पारदर्शिता बढ़ाने और एसेट मोनेटाइजेशन (Asset Monetization) के लिए कोयला मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह 2030 तक कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की सभी सहायक कंपनियों (Subsidiaries) की मैपिंग और सूची तैयार करे।

कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) देश के कुल कोयला उत्पादन का 80% से अधिक हिस्सा कवर करता है। यह भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SEC) सहित आठ सहायक कंपनियों के माध्यम से संचालित होता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited - CIL) घरेलू कोयले के उत्पादन का 80% से अधिक हिस्सा कवर करता है।
  • संस्थाCIL आठ सहायक कंपनियों (subsidiaries) के माध्यम से काम करता है, जिनमें ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, भारत कोकिंग कोल लिमिटेड, सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड शामिल हैं।
  • तथ्यPMO ने सभी CIL सब्सिडियरीज (subsidiaries) की मैपिंग और लिस्टिंग के लिए 2030 की डेडलाइन तय की है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के ऊर्जा क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की सहायक कंपनियों को सूचीबद्ध करने से कॉर्पोरेट गवर्नेंस में कैसे सुधार हो सकता है और यह परिसंपत्ति मुद्रीकरण (asset monetization) को किस प्रकार सुगम बना सकता है, चर्चा कीजिए।

  • गवर्नेंस में पारदर्शिता: सरकारी कोयला संस्थाओं में अपारदर्शी स्वामित्व संरचनाओं को कम करना
  • एसेट मोनेटाइजेशन: कम इस्तेमाल होने वाले कोयला खनन इंफ्रास्ट्रक्चर से कैपिटल निकालना
  • मार्केट एफिशिएंसी: स्टेट-लेड मैनेजमेंट से मार्केट-ड्रिवन अकाउंटेबिलिटी की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: एसेट मोनेटाइजेशन · कॉरपोरेट गवर्नेंस · पारदर्शिता · पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग · कोयला सेक्टर

ओडिशा पुलिस ने रिपोर्ट दी है कि लखन और करुणा सहित CPI (Maoist) के सदस्यों के सरेंडर करने और संगठनात्मक संरचनाओं व सप्लाई चेन (supply chains) के बारे में खुफिया जानकारी देने का चलन बढ़ रहा है

चर्चा में क्यों: ओडिशा पुलिस ने रिपोर्ट दी है कि लखन और करुणा सहित CPI (Maoist) के सदस्यों के सरेंडर करने और संगठनात्मक संरचनाओं व सप्लाई चेन (supply chains) के बारे में खुफिया जानकारी देने का चलन बढ़ रहा है।

ओडिशा पुलिस उन माओवादियों को इनाम देने की घोषणा कर रही है जो आत्मसमर्पण करते हैं और पुलिस अभियानों (operations) के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। हालांकि गिरफ्तारियों और आत्मसमर्पणों के कारण इस संगठन का प्रभाव कम हो रहा है, लेकिन इसके शीर्ष नेतृत्व के लोग अब भी फरार हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यCPI (Maoist) के सदस्य सप्लाई चेन पर इंटेलिजेंस देने के लिए ओडिशा पुलिस के सामने सरेंडर कर रहे हैं।
  • संस्थाओडिशा पुलिस राज्य में सरेंडर और इंटेलिजेंस गैदरिंग (intelligence gathering) की सुविधा प्रदान करने वाली प्राथमिक एजेंसी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के 'रेड कॉरिडोर' में वामपंथी उग्रवाद को निष्प्रभावी करने में खुफिया-आधारित पुलिसिंग (intelligence-led policing) और समुदाय-आधारित पुनर्वास की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • इंटेलिजेंस यूटिलिटी: सरेंडर करने वाले सदस्य गुप्त सप्लाई चेन और संगठनात्मक पदानुक्रम पर बारीक डेटा देते हैं
  • पुनर्वास में टकराव: मुख्यधारा के समाज में शामिल होने वाले पूर्व माओवादियों के सामने सामाजिक-आर्थिक चुनौतियां
  • नेतृत्व की दृढ़ता: जमीनी स्तर पर सफल गिरावट के बावजूद मुख्य नेतृत्व को खत्म करने में कठिनाई

मुख्य शब्द: इंटेलिजेंस-लेड पुलिसिंग · आंतरिक सुरक्षा · आतंकवाद विरोधी अभियान · पुनर्वास · CPI (माओवादी)

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