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भाग I · स्था. 11.2025 
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द हिंदू करेंट अफेयर्स हिंदी में — 7 दिसंबर 2025

इस दिन द हिंदू में छपी 19 परीक्षा उपयोगी खबरें, यूपीएससी नोट्स के रूप में · GS2 6 · GS3 13

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GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 6

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

ऑस्ट्रेलिया ने उच्च गुणवत्ता वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने के लिए शिक्षा और माइग्रेशन (migration) सुधारों की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: ऑस्ट्रेलिया ने उच्च गुणवत्ता वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने के लिए शिक्षा और माइग्रेशन (migration) सुधारों की घोषणा की है, जिसका मुख्य उद्देश्य तेलंगाना जैसे भारतीय राज्यों के साथ संबंधों को मजबूत करना है।

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा और प्रवास (migration) प्रणालियों में सुधार की घोषणा अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा के सहायक मंत्री जूलियन हिल ने की है। सरकार की योजना MATES कार्यक्रम के माध्यम से छात्रवृत्ति और काम के अवसर प्रदान करने की है, जिसमें मुख्य रूप से दक्षिण भारतीय राज्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदजुलियन हिल: ऑस्ट्रेलिया में इंटरनेशनल एजुकेशन के असिस्टेंट मिनिस्टर।
  • योजनाMATES प्रोग्राम: अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए स्कॉलरशिप और काम के अवसर प्रदान करने वाली एक ऑस्ट्रेलियाई पहल।
  • तथ्यऑस्ट्रेलिया के शिक्षा संबंधों के लिए तेलंगाना जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों पर ध्यान केंद्रित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने में शैक्षिक कूटनीति के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • आर्थिक तालमेल: आपसी निवेश बढ़ाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली रिसर्च पार्टनरशिप का लाभ उठाना
  • माइग्रेशन पॉलिसी: छात्र गतिशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा व लेबर मार्केट की जरूरतों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: शैक्षिक डिप्लोमेसी · द्विपक्षीय संबंध · माइग्रेशन रिफॉर्म · मानव पूंजी गतिशीलता

कर्नाटक स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए कर्नाटक अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (KAMS) लागू किया है

चर्चा में क्यों: कर्नाटक स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने प्रशासनिक कर्मचारियों के लिए कर्नाटक अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम (KAMS) लागू किया है। इसके बाद, शिक्षकों की अनुपस्थिति को रोकने के लिए उन्हें भी इस सिस्टम में शामिल करने की मांग SDMC द्वारा की गई है।

KAMS एक मोबाइल-आधारित उपस्थिति प्रणाली है जो फेशियल रिकग्निशन और भौगोलिक सूचना प्रणाली (Geographical Information Systems - GIS) का उपयोग करती है। वेतन निर्धारण के लिए इसमें आधार सीडिंग अनिवार्य है। नियमों का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ पंजीकरण आवश्यक है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकKAMS अटेंडेंस ट्रैकिंग के लिए फेशियल रिकग्निशन और Geographical Information Systems (GIS) का उपयोग करता है।
  • तथ्यKAMS के तहत सैलरी जनरेशन के लिए Aadhaar seeding एक अनिवार्य आवश्यकता है।
  • संस्थाकर्नाटक में स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी (DSEL) विभाग कार्यान्वयन निकाय (implementing body) है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सार्वजनिक सेवा प्रबंधन में जैव-मेट्रिक्स (biometric) और जीआईएस (GIS) आधारित प्रौद्योगिकियों का एकीकरण प्रशासनिक जवाबदेही को कैसे सुदृढ़ कर सकता है और शैक्षिक परिणामों में सुधार कैसे ला सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा प्राइवेसी की चिंताएं: व्यक्तिगत बायोमेट्रिक डेटा सुरक्षा और अनिवार्य आधार-लिंक्ड अटेंडेंस ट्रैकिंग के बीच संतुलन
  • प्रशासनिक निगरानी: क्लासरूम में लगातार पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग के जरिए शिक्षकों की अनुपस्थिति को दूर करना
  • डिजिटल डिवाइड: ग्रामीण स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से GIS-आधारित रिपोर्टिंग की विश्वसनीयता प्रभावित

मुख्य शब्द: प्रशासनिक जवाबदेही · डिजिटल गवर्नेंस · बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन · शैक्षिक बुनियादी ढांचा · सार्वजनिक सेवा वितरण

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स + मेन्स

केरल का राज्य चुनाव आयोग (State Election Commission) भविष्य के स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पोस्टल बैलट (postal ballot) की पात्रता का विस्तार करने पर विचार कर रहा है, ताकि इसे वर्तमान चुनाव अधिकारियों के अलावा अन्य लोगों के लिए भी लागू किया जा सके

चर्चा में क्यों: केरल का राज्य चुनाव आयोग (State Election Commission) भविष्य के स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पोस्टल बैलट (postal ballot) की पात्रता का विस्तार करने पर विचार कर रहा है, ताकि इसे वर्तमान चुनाव अधिकारियों के अलावा अन्य लोगों के लिए भी लागू किया जा सके।

SEC की योजना 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद इस सिफारिश को लागू करने की है। इस विस्तार के लिए केरल पंचायत राज अधिनियम (Kerala Panchayat Raj Act) और केरल नगर पालिका अधिनियम (Kerala Municipalities Act) में संशोधन की आवश्यकता होगी, ताकि उन्हें जन प्रतिनिधित्व अधिनियम (Representation of the People Act) के प्रावधानों के अनुरूप बनाया जा सके।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाराज्य चुनाव आयोग (State Election Commission): राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों (local body elections) के संचालन के लिए जिम्मेदार संस्था।
  • अधिनियम / विधेयककेरल पंचायत राज एक्ट (Kerala Panchayat Raj Act) और केरल म्युनिसिपैलिटीज एक्ट (Kerala Municipalities Act): पोस्टल बैलट के विस्तार के लिए संशोधन की आवश्यकता वाले एक्ट।
  • अधिनियम / विधेयकRepresentation of the People Act: यह एक केंद्रीय अधिनियम है जो पोस्टल बैलट (postal ballot) की पात्रता के लिए विभिन्न श्रेणियों का प्रावधान करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: स्थानीय निकाय चुनावों में लोकतांत्रिक भागीदारी और समावेशिता को बढ़ाने के लिए डाक मतपत्र (पोस्टल बैलेट) सुविधाओं के विस्तार के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • विधायी बाधा: पंचायत राज और नगर पालिका अधिनियमों में राज्य-विशिष्ट संशोधनों की ज़रूरत
  • समावेशिता बनाम ईमानदारी: विविध श्रेणियों के लिए मतदान को आसान बनाने और चुनावी गड़बड़ी को रोकने के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: लोकतांत्रिक भागीदारी · चुनावी सुधार · पोस्टल बैलेट · विकेंद्रीकृत शासन · विधायी संशोधन

GS2शासन › विधेयक, अधिनियम एवं अध्यादेशप्रीलिम्स + मेन्स

तमिलनाडु सरकार ने HR&CE विभाग द्वारा प्रबंधित मंदिर की जमीनों की बिक्री, विनिमय

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने HR&CE विभाग द्वारा प्रबंधित मंदिर की जमीनों की बिक्री, विनिमय, पट्टे (lease) और गिरवी (mortgage) को विनियमित करने के लिए 'एलिएनेशन ऑफ इमूवेबल प्रॉपर्टी ऑफ द रिलीजियस इंस्टीट्यूशंस रूल्स, 2025' (Alienation of Immovable Property of the Religious Institutions Rules, 2025) लागू किया है।

इन नियमों को 1 दिसंबर, 2025 को राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित किया गया था। ये नियम 'शहरी क्षेत्र' को 2017 के 'भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्था में उचित मुआवजा और पारदर्शिता के अधिकार नियम' (Right to Fair Compensation and Transparency in Land Acquisition, Rehabilitation and Resettlement Rules) के आधार पर परिभाषित करते हैं। इसके साथ ही, सभी भूमि लेनदेन प्रस्तावों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया (Public Feedback) अनिवार्य की गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाHR&CE: हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्त (Hindu Religious and Charitable Endowments) विभाग तमिलनाडु में मंदिर की जमीनों का प्रबंधन करता है।
  • अधिनियम / विधेयकधार्मिक संस्थानों की अचल संपत्ति का हस्तांतरण (Alienation of Immovable Property of the Religious Institutions) नियम, 2025: यह मंदिर की जमीनों की बिक्री, विनिमय, लीज और मॉर्गेज (mortgage) को नियंत्रित करता है।
  • तथ्यये नियम 'अर्बन एरिया' (urban areas) को तमिलनाडु राइट टू फेयर कंपनसेशन एंड ट्रांसपेरेंसी इन लैंड एक्विजिशन, रिहैबिलिटेशन एंड रिसेटलमेंट रूल्स 2017 के आधार पर परिभाषित करते हैं।
  • तथ्यमंदिर की जमीन के लेन-देन के प्रस्तावों को सार्वजनिक फीडबैक के लिए गजट (Gazette) में प्रकाशित किया जाना चाहिए।
मेन्स के लिए

प्रश्न: धार्मिक बंदियों के राज्य-आधारित विनियमन के महत्व का विश्लेषण कीजिए, जो संस्थागत स्वायत्तता और सार्वजनिक पारदर्शिता एवं भूमि प्रबंधन के बीच संतुलन स्थापित करने में सहायक हो। चर्चा कीजिए।

  • पारदर्शिता तंत्र: अपारदर्शी भूमि अलगाव को रोकने के लिए अनिवार्य गजट प्रकाशन और सार्वजनिक फीडबैक
  • रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: मूल्यांकन और शहरी वर्गीकरण को मानकीकृत करने के लिए 2017 के भूमि अधिग्रहण नियमों के साथ तालमेल

मुख्य शब्द: पारदर्शिता · भूमि अलगाव · धार्मिक बंदोबस्त · जनता से परामर्श · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यमेन्स

गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, WHO और गेट्स फाउंडेशन के एक अध्ययन में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि कैसे एकीकृत डिजिटल हेल्थ-फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म भारत की सब्सिडी वाली स्वास्थ्य बीमा प्रणाली में पारदर्शिता और पहुंच को बेहतर बना सकते हैं

चर्चा में क्यों: गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, WHO और गेट्स फाउंडेशन के एक अध्ययन में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि कैसे एकीकृत डिजिटल हेल्थ-फाइनेंसिंग प्लेटफॉर्म भारत की सब्सिडी वाली स्वास्थ्य बीमा प्रणाली में पारदर्शिता और पहुंच को बेहतर बना सकते हैं।

'Health Systems and Reform' में प्रकाशित यह अध्ययन आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) जैसी एकीकृत प्रणालियों पर केंद्रित है। यह सुझाव देता है कि ये प्लेटफॉर्म लाभार्थियों को राज्य की सीमाओं के पार सेवाओं तक पहुँच प्रदान करने के साथ-साथ धोखाधड़ी का पता लगाने (fraud detection) में भी सुधार करते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनाआयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) लाभार्थियों को राज्य की सीमाओं के पार सेवाओं का लाभ उठाने की अनुमति देती है।
  • संस्थायह अध्ययन गोवा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, WHO और गेट्स फाउंडेशन द्वारा किया गया था।
  • तथ्ययूनिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज (Universal Health Coverage) हासिल करने के मार्ग के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में विखंडन को दूर करने और जवाबदेही में सुधार करने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य-वित्तपोषण प्लेटफार्मों के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी: लाभार्थियों के लिए राज्य की सीमाओं के पार स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुँच
  • फ्रॉड मिटिगेशन: यूनिफाइड डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए बेहतर जवाबदेही और फ्रॉड डिटेक्शन
  • यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज: समान स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच के लिए सिस्टम के बिखराव को कम करना

मुख्य शब्द: यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज · डिजिटल हेल्थ फाइनेंसिंग · इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी · फ्रॉड डिटेक्शन · सिस्टमैटिक फ्रैगमेंटेशन

GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › संसद एवं राज्य विधानमंडलप्रीलिम्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 दिसंबर को लोकसभा में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक चर्चा शुरू करने वाले हैं

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 दिसंबर को लोकसभा में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर एक चर्चा शुरू करने वाले हैं।

यह बहस 8 दिसंबर, 2025 को 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा में इस चर्चा का नेतृत्व करेंगे, जबकि गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में इसका नेतृत्व करेंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • पदनरेंद्र मोदी: भारत के प्रधानमंत्री।
  • पदअमित शाह: भारत के गृह मंत्री।
  • पदराजनाथ सिंह: भारत के डिफेंस मिनिस्टर।
  • तथ्यवन्दे मातरम्: भारत का राष्ट्रीय गीत।
  • तथ्ययह बहस इस गीत की 150वीं वर्षगांठ को चिह्नित करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत जैसे विविधतापूर्ण लोकतंत्र में राष्ट्रीय पहचान और ऐतिहासिक चेतना को बढ़ावा देने में संसदीय बहसों के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • प्रतीकात्मक एकीकरण: राष्ट्रीय प्रतीकों और ऐतिहासिक विमर्श को मजबूत करने के लिए संसदीय चर्चा का उपयोग
  • विचारशील लोकतंत्र: राष्ट्रीय विरासत की विविध व्याख्याओं के बीच तालमेल बिठाने में द्विसदनीय बहस की भूमिका

मुख्य शब्द: संसदीय कार्यवाही · राष्ट्रीय पहचान · द्विसदनीयता · ऐतिहासिक चेतना · विचार-विमर्शपूर्ण लोकतंत्र

GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 13

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए लद्दाख में BRO के रिकॉर्ड 125 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (infrastructure projects) का उद्घाटन किया

चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने के लिए लद्दाख में BRO के रिकॉर्ड 125 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (infrastructure projects) का उद्घाटन किया।

बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने लगभग ₹5,000 करोड़ की लागत वाली 125 परियोजनाओं का उद्घाटन किया। ये परियोजनाएं सात राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में फैली हुई हैं, जिनमें सड़कें और पुल शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाBRO: बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (Border Roads Organisation) सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्राथमिक एजेंसी है।
  • तथ्यलद्दाख में एक ही कार्यक्रम में 125 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया गया।
  • तथ्यउद्घाटित परियोजनाओं का कुल मूल्य लगभग ₹5,000 करोड़ है।
  • स्थानये प्रोजेक्ट्स सात राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) में फैले हुए हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: हिमालयी क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने में सीमावर्ती बुनियादी ढाँचे के विकास के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स दक्षता: भारी मशीनरी की आवाजाही और सैनिकों की तेज़ तैनाती के लिए ट्रांजिट समय कम करना
  • दोहरे उपयोग वाला इंफ्रास्ट्रक्चर: सैन्य जरूरतों और पर्यटन व स्थानीय आर्थिक विकास के बीच संतुलन
  • भू-राजनीतिक संकेत: सीमा पार सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने के लिए भौतिक उपस्थिति को मजबूत करना

मुख्य शब्द: रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर · सीमा प्रबंधन · लॉजिस्टिक्स · राष्ट्रीय सुरक्षा · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › पर्यावरण कानून, EIA एवं संस्थाएंमेन्स

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस आर

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस आर. महादेवन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक तकनीकी आदेश या प्रशासनिक दायित्व नहीं है, बल्कि अनुच्छेद 21 के तहत एक संवैधानिक अधिकार है।

न्यायमूर्ति आर. महादेवन ने पर्यावरणीय अधिकारों की रक्षा करने और प्रणालीगत सुधार (systemic reform) को बढ़ावा देने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की सराहना की। इस सम्मेलन में पर्यावरणीय कानून के प्रवर्तन, जैव विविधता संरक्षण और तमिलनाडु ग्रीन मिशन पर चर्चा की गई।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संविधानअनुच्छेद 21: जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार, जिसकी व्याख्या में पर्यावरण संरक्षण को भी शामिल किया गया है।
  • संस्थानेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT): पर्यावरणीय अधिकारों की रक्षा और सिस्टमैटिक रिफॉर्म (systemic reform) के लिए इस बॉडी की सराहना की गई।
  • तथ्यतमिलनाडु ग्रीन मिशन: नीति कार्यान्वयन के लिए हाइलाइट किया गया एक विशिष्ट इनिशिएटिव (initiative)।
  • योजनाग्रीन फेलोशिप प्रोग्राम (Green Fellowship Programme): पर्यावरण नीति के कार्यान्वयन के संदर्भ में उल्लेखित एक पहल।
मेन्स के लिए

प्रश्न: न्यायपालिका ने पर्यावरण संरक्षण को एक मौलिक अधिकार के रूप में शामिल करते हुए अनुच्छेद 21 के दायरे का विस्तार किस प्रकार किया है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • जुडिशियल एक्टिविज्म: जीवन के लिए अनिवार्य शर्त के रूप में आर्टिकल 21 का विस्तार और पारिस्थितिक अखंडता
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: औद्योगिक विकास और जैव विविधता संरक्षण के बीच संतुलन बनाने में NGT की भूमिका
  • पॉलिसी-प्रैक्टिस गैप: पर्यावरण नीति ढांचे से जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन तक पहुँचने की चुनौतियाँ

मुख्य शब्द: संवैधानिक गारंटी · न्यायिक सक्रियता · अनुच्छेद 21 · पर्यावरण गवर्नेंस · जैव विविधता संरक्षण

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

असम सरकार ने सिलचर में एक नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए डोलो टी एस्टेट की 3,000 बीघा जमीन एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: असम सरकार ने सिलचर में एक नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए डोलो टी एस्टेट की 3,000 बीघा जमीन एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी है।

असम सरकार ने डोलो टी एस्टेट (Doloo Tea Estate) में 3,000 बीघा भूमि को एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी है। इस परियोजना के अंतर्गत सिलचर में एक नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट (Greenfield Airport) का विकास किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाAAI: Airports Authority of India वह संस्था है जो सिलचर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास के लिए जिम्मेदार है।
  • स्थानडोलू टी एस्टेट (Doloo Tea Estate): असम में भूमि हस्तांतरण के लिए स्वीकृत विशिष्ट स्थल।
  • तथ्य3,000 बीघा: AAI को ट्रांसफर के लिए स्वीकृत भूमि की मात्रा।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पूर्वोत्तर भारत में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को बढ़ाने में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजनाओं की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • भूमि अधिग्रहण का टकराव: औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और चाय बागान श्रमिकों के अधिकारों और आजीविका के बीच संतुलन
  • क्षेत्रीय कनेक्टिविटी: संतुलित क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पूर्वोत्तर भारत में लॉजिस्टिक बाधाओं को कम करना

मुख्य शब्द: ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · भूमि अधिग्रहण · लॉजिस्टिक्स

इंडिगो द्वारा उड़ानों को रद्द किए जाने के बाद, नागरिक उड्डयन मंत्री ने DGCA द्वारा जारी किए गए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) के आदेशों पर रोक लगा दी है

चर्चा में क्यों: इंडिगो द्वारा उड़ानों को रद्द किए जाने के बाद, नागरिक उड्डयन मंत्री ने DGCA द्वारा जारी किए गए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस (FDTL) के आदेशों पर रोक लगा दी है।

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने चालक दल की थकान (crew fatigue) को नियंत्रित करने के लिए FDTL आदेश जारी किए। बॉम्बे हाई कोर्ट ने इन सीमाओं को स्थगित रखने के DGCA के पिछले फैसले को चुनौती दी है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाDGCA: Directorate General of Civil Aviation भारत में सिविल एविएशन के लिए रेगुलेटरी बॉडी है।
  • तथ्यFDTL: Flight Duty Time Limitations वे रेगुलेशंस (regulations) हैं जिन्हें क्रू की थकान (fatigue) को मैनेज और कम करने के लिए डिजाइन किया गया है।
  • संस्थाICAO: इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (International Civil Aviation Organization) एविएशन सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक प्रदान करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र की लाभप्रदता और सुरक्षा नियमों के मध्य विद्यमान तनाव का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए। सुरक्षा-संवेदनशील क्षेत्रों में नियामक संस्थाएं जवाबदेही कैसे सुनिश्चित कर सकती हैं?

  • रेगुलेटरी कैप्चर: विमानन अधिकारियों द्वारा अनिवार्य सुरक्षा प्रोटोकॉल के बजाय एयरलाइंस की कमर्शियल व्यवहार्यता को प्राथमिकता देने का जोखिम
  • सेफ्टी-फटीग नेक्सस: ICAO द्वारा हाइलाइट किया गया क्रू ड्यूटी घंटों और एविएशन एक्सीडेंट रेट के बीच संबंध
  • न्यायिक निगरानी: सार्वजनिक सुरक्षा मानकों से जुड़े कार्यकारी फैसलों की समीक्षा में हाई कोर्ट की भूमिका

मुख्य शब्द: रेगुलेटरी कैप्चर · एविएशन सुरक्षा · जवाबदेही · व्यावसायिक हित · सार्वजनिक सुरक्षा

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

सिविल एविएशन मंत्रालय ने इंडिगो (IndiGo) के परिचालन संकट में हस्तक्षेप करते हुए किराए की सीमा तय की और उड़ान में रुकावट से प्रभावित यात्रियों को ₹610 करोड़ वापस करने का आदेश दिया

चर्चा में क्यों: सिविल एविएशन मंत्रालय ने इंडिगो (IndiGo) के परिचालन संकट में हस्तक्षेप करते हुए किराए की सीमा तय की और उड़ान में रुकावट से प्रभावित यात्रियों को ₹610 करोड़ वापस करने का आदेश दिया।

छह दिनों तक हुई परिचालन संबंधी बाधा के बाद, IndiGo ने ₹610 करोड़ से अधिक की रिफंड राशि प्रोसेस की और 3,000 देरी से पहुंचे सामान के टुकड़े वितरित किए। DGCA ने इन बाधाओं के संबंध में जारी किए गए 'शो-कॉज नोटिस' (show-cause notice) पर जवाब देने के लिए एयरलाइन के नेतृत्व को एक बार का विस्तार प्रदान किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाDGCA: Directorate General of Civil Aviation भारत में एविएशन के लिए रेगुलेटरी बॉडी है।
  • तथ्यIndiGo ने व्यवधान की अवधि के दौरान यात्रियों को ₹610 करोड़ से अधिक वापस (refund) किए।
  • तथ्यमंत्रालय ने कीमतों के शोषण को रोकने के लिए प्रभावित रूट्स पर फेयर कैप (fare caps) लगाए।
  • तथ्यIndiGo को उन यात्रियों के लिए रीशेड्यूलिंग फीस (rescheduling fees) को प्रतिबंधित करने का आदेश दिया गया जिन्हें व्यवधान (disruptions) से प्रभावित होना पड़ा था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: परिचालन संकट के दौरान विमानन उद्योग के भीतर उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने और बाजार की स्थिरता बनाए रखने में विनियामक निरीक्षण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • मार्केट डिस्टॉर्शन: सप्लाई शॉक के दौरान सरकार द्वारा लगाए गए फेयर कैप्स के जरिए प्रेडेटरी प्राइसिंग पर रोक
  • रेगुलेटरी एनफोर्समेंट: DGCA की निगरानी में एयरलाइन ऑपरेशनल ऑटोनॉमी और उपभोक्ता अधिकारों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: उपभोक्ता संरक्षण · नियामक निगरानी · बाज़ार की स्थिरता · प्राइस कैप · ऑपरेशनल रेज़िलिएंस

स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर
GS3कृषि › फसल पैटर्न एवं सिंचाईप्रीलिम्स + मेन्स

ICAR के डायरेक्टर जनरल एम.एल

चर्चा में क्यों: ICAR के डायरेक्टर जनरल एम.एल. जाट ने राज्य और केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालयों से प्राकृतिक खेती (Natural Farming) में अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और रिसर्च कोर्स शुरू करने का आग्रह किया है, ताकि भारत के टिकाऊ कृषि लक्ष्यों के साथ तालमेल बिठाया जा सके।

ICAR के महानिदेशक एम.एल. जाट ने विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में प्राकृतिक खेती (Natural Farming) को शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। इस पहल का उद्देश्य वैज्ञानिकों और पेशेवरों की एक नई पीढ़ी तैयार करना है, जो रसायन मुक्त खाद्य प्रणालियों और पारिस्थितिक रूप से संतुलित खेती की ओर संक्रमण में सहायता कर सकें।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदICAR डायरेक्टर जनरल: एम.एल. जाट।
  • तथ्यICAR का प्रस्ताव नेचुरल फार्मिंग में अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और रिसर्च कोर्स को कवर करता है।
  • संस्थाICAR: इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विश्वविद्यालयों में प्राकृतिक खेती की शिक्षा को औपचारिक रूप देने से भारत की कृषि प्रणाली को टिकाऊ और रसायन-मुक्त बनाने की दिशा में कैसे सुगम बनाया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • स्किल गैप: प्राकृतिक खेती की तकनीकों के लिए विशेष शैक्षणिक फ्रेमवर्क और रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी
  • पॉलिसी अलाइनमेंट: खाद्य सुरक्षा के लिए पारंपरिक पारिस्थितिक ज्ञान को आधुनिक कृषि विज्ञान के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: सस्टेनेबल एग्रीकल्चर · केमिकल-मुक्त फूड सिस्टम · पारिस्थितिक सामंजस्य · कौशल विकास · कृषि शिक्षा

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)मेन्स

पुरी में आयोजित ग्लोबल एनर्जी लीडर्स समिट (Global Energy Leaders Summit) में ऊर्जा क्षेत्र के नेताओं ने ऊर्जा परिवर्तन (energy transition) के दौरान सिस्टम की पर्याप्तता सुनिश्चित करने के लिए लचीली उत्पादन क्षमता और आधुनिक वितरण प्रणाली वाले विविध बिजली तंत्र (diversified power system) की वकालत की

चर्चा में क्यों: पुरी में आयोजित ग्लोबल एनर्जी लीडर्स समिट (Global Energy Leaders Summit) में ऊर्जा क्षेत्र के नेताओं ने ऊर्जा परिवर्तन (energy transition) के दौरान सिस्टम की पर्याप्तता सुनिश्चित करने के लिए लचीली उत्पादन क्षमता और आधुनिक वितरण प्रणाली वाले विविध बिजली तंत्र (diversified power system) की वकालत की।

ग्लोबल एनर्जी लीडर्स समिट (Global Energy Leaders Summit) का आयोजन ओडिशा के पुरी में किया गया। ओडिशा के उपमुख्यमंत्री और राज्य के ऊर्जा मंत्री के.वी. सिंह देव ने टैरिफ (tariffs) में सुधार करने और कोयला संपत्तियों को बंद करने के लिए वित्तीय व्यवहार्यता और राजनीतिक साहस की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानपुरी, ओडिशा: ग्लोबल एनर्जी लीडर्स समिट (Global Energy Leaders Summit) का आयोजन स्थल।
  • पदके.वी. सिंह देव: ओडिशा के उपमुख्यमंत्री और राज्य ऊर्जा मंत्री।
  • तथ्यक्लीन एनर्जी रिसर्च से बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होने का अनुमान है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की विद्युत ग्रिड को कोयला-आधारित उत्पादन से एक विविध, लचीले और आधुनिक वितरण तंत्र में परिवर्तित करने में आने वाली संरचनात्मक और वित्तीय चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय बाधा: आधुनिक वितरण के भारी पूंजीगत खर्च और टैरिफ सुधार की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • एसेट स्ट्रैंडेडनेस: कोयले पर आधारित पावर एसेट्स को बंद करने के आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों का प्रबंधन
  • सिस्टम पर्याप्तता: इंटरमिटेंट रिन्यूएबल एनर्जी सोर्सेज को जोड़ते हुए ग्रिड स्टेबिलिटी सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: ऊर्जा ट्रांज़िशन · सिस्टम की पर्याप्तता · फ्लेक्सिबल जनरेशन · टैरिफ रिफॉर्म · स्ट्रैंडेड एसेट्स

GS3आंतरिक सुरक्षा › वामपंथी उग्रवादप्रीलिम्स

मध्य प्रदेश के बालाघाट में राज्य की नक्सल-मुक्त पहल के तहत, मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में चार महिलाओं सहित दस माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया

चर्चा में क्यों: मध्य प्रदेश के बालाघाट में राज्य की नक्सल-मुक्त पहल के तहत, मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में चार महिलाओं सहित दस माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।

यह आत्मसमर्पण 7 दिसंबर, 2025 को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में हुआ। एक वामपंथी विरोधी इकाई, हॉक फोर्स (Hawk Force) ने राज्य की पुनर्वास नीति (rehabilitation policy) के लाभों के बारे में जानकारी देकर इस आत्मसमर्पण की प्रक्रिया को सुगम बनाया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्य7 दिसंबर, 2025 को बालाघाट जिले में चार महिलाओं सहित दस माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।
  • संस्थाहॉक फोर्स (Hawk Force) एक एंटी-माओइस्ट (anti-Maoist) यूनिट है जो आत्मसमर्पण की प्रक्रिया को आसान बनाने और माओइस्ट समूहों के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए जिम्मेदार है।
  • स्थानबलाघाट मध्य प्रदेश का एक जिला है जहाँ सरेंडर (surrender) हुआ था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में वामपंथी उग्रवाद (LWE) की चुनौती से निपटने में पुनर्वास नीतियों और सुरक्षा-आधारित पहलों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • पॉलिसी इंटीग्रेशन: सुरक्षा-आधारित ऑपरेशंस और सामाजिक-आर्थिक विकास व मेनस्ट्रीम इंटीग्रेशन के बीच संतुलन
  • इंसेंटिव स्ट्रक्चर: माओवादी कैडरों के स्वैच्छिक आत्मसमर्पण को प्रेरित करने में पुनर्वास लाभों की प्रभावशीलता

मुख्य शब्द: वामपंथी उग्रवाद · पुनर्वास नीति · आंतरिक सुरक्षा · मुख्यधारा में एकीकरण · हॉक फ़ोर्स

GS3कृषि › MSP, खरीद, PDS एवं खाद्य सुरक्षाप्रीलिम्स

कर्नाटक सरकार ने किसानों द्वारा भेदभावपूर्ण व्यवहार के विरोध को देखते हुए मईज (Maize) खरीद के नियमों में संशोधन किया है और प्रति किसान खरीद की सीमा को बढ़ाकर 50 क्विंटल कर दिया है

चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने किसानों द्वारा भेदभावपूर्ण व्यवहार के विरोध को देखते हुए मईज (Maize) खरीद के नियमों में संशोधन किया है और प्रति किसान खरीद की सीमा को बढ़ाकर 50 क्विंटल कर दिया है।

कर्नाटक सरकार ने मक्का की खरीद की सीमा को पिछले कैप से बढ़ाकर प्रति किसान 50 क्विंटल कर दिया है। यह नीति डिस्टिलरीज के पास स्थित प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटीज (PACS) के माध्यम से खरीद को प्राथमिकता देती है और MSP गुणवत्ता मानकों का पालन करना अनिवार्य बनाती है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकर्नाटक में मक्का खरीद की संशोधित सीमा: प्रति किसान 50 क्विंटल।
  • संस्थाप्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटीज (PACS) डिस्टिलरीज के पास खरीद के लिए प्राथमिकता वाले निकाय हैं।
  • तथ्यखरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) के क्वालिटी स्पेसिफिकेशन (quality specifications) का पालन करना अनिवार्य है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कर्नाटक में किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तंत्र की प्रभावकारिता को बढ़ाने में खरीद की सीमाओं (procurement caps) के संशोधन और स्थानीय सहकारी समितियों को प्राथमिकता देने की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • मार्केट डिस्टॉर्शन: इंडस्ट्रियल डिस्टिलरीज की कुल मांग और व्यक्तिगत किसान सीमाओं के बीच संतुलन
  • संस्थागत तालमेल: ग्रामीण उत्पादन और औद्योगिक प्रोसेसिंग के बीच की दूरी को पाटने के लिए PACS का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: न्यूनतम समर्थन मूल्य · खरीद के नियम · प्राथमिक कृषि ऋण समितियाँ · डिस्टिलरीज · कृषि नीति

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स

नीति आयोग ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें सेवा-आधारित श्रम बाजारों (service-driven labor markets) में केरल के नेतृत्व पर प्रकाश डाला गया है

चर्चा में क्यों: नीति आयोग ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें सेवा-आधारित श्रम बाजारों (service-driven labor markets) में केरल के नेतृत्व पर प्रकाश डाला गया है, जहाँ लगभग आधे कार्यबल को सेवा क्षेत्र में रोजगार मिला है।

केरल में सेवा क्षेत्र (Service Sector) में रोजगार की दर पुरुषों के लिए 49.3% और महिलाओं के लिए 47.3% रही, जो राष्ट्रीय औसत 29.7% की तुलना में काफी अधिक है। राज्य का सेवा क्षेत्र वर्तमान में थोक और खुदरा व्यापार, परिवहन और शिक्षा पर आधारित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यसेवा क्षेत्र में रोजगार का राष्ट्रीय औसत 29.7% है।
  • संस्थासेवा-आधारित श्रम बाजारों (service-driven labor markets) पर रिपोर्ट के लिए नीति आयोग जिम्मेदार संस्था है।
  • स्थानकेरल को सर्विस-ड्रिवन लेबर मार्केट एम्प्लॉयमेंट (service-driven labor market employment) में एक लीडर के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: केरल में सेवा क्षेत्र में उच्च रोजगार के योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और चर्चा कीजिए कि आयुर्वेद और पारिस्थितिकी-पर्यटन (इकोटूरिज्म) जैसे विशिष्ट क्षेत्रों का लाभ उठाकर सतत आर्थिक विकास को कैसे गति दी जा सकती है।

  • सेक्टोरल डाइवर्सिफिकेशन: पारंपरिक रिटेल और ट्रांसपोर्ट से आयुर्वेद और इकोटूरिज्म जैसी हाई-वैल्यू निश सर्विसेज की ओर बदलाव
  • जेंडर पैरिटी: ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सेवा रोजगार में संतुलित जेंडर भागीदारी हासिल करना
  • क्षेत्रीय असमानता: केरल की सर्विस-आधारित ग्रोथ और 29.7% के निचले राष्ट्रीय औसत के बीच के अंतर को दूर करना

मुख्य शब्द: सेवा-आधारित अर्थव्यवस्था · लेबर मार्केट की गतिशीलता · क्षेत्रीय विविधीकरण · लैंगिक समानता · नीति आयोग की रिपोर्ट

GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › जैव विविधता एवं संरक्षणप्रीलिम्स

पारिस्थितिकीविदों और पक्षी प्रेमियों ने नीलगिरी में शीतकालीन प्रवासी पक्षियों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है

चर्चा में क्यों: पारिस्थितिकीविदों और पक्षी प्रेमियों ने नीलगिरी में शीतकालीन प्रवासी पक्षियों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है, जिसमें दो बंटिंग (Bunting) प्रजातियों की पहली बार रिकॉर्डिंग भी शामिल है।

पारिस्थितिकीविद् चंद्रशेखर दास (कीस्टोन फाउंडेशन) और पक्षी-प्रेमी मुरली मूर्ति ने नीलगिरी में ग्रे-नेक्ड बंटिंग्स (Grey-necked Buntings) और ब्लैक-हेडेड बंटिंग्स (Black-headed Buntings) की उपस्थिति को दर्ज किया है। शिकार करने वाले पक्षियों, जैसे कि ग्रेटर स्पॉटेड ईगल (Greater spotted eagle) और स्टेपी ईगल (Steppe Eagle) की संख्या में वृद्धि का कारण उनके मूल निवास क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड या नीलगिरी में भोजन की बेहतर उपलब्धता को माना जा रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पर्यावरणनिलगिरी में पहली बार ग्रे-नेक्ड बंटिंग (Grey-necked Bunting) और ब्लैक-हेडेड बंटिंग (Black-headed Bunting) दर्ज किए गए।
  • पर्यावरणनीलगिरी में ग्रेटर स्पॉटेड ईगल (Greater spotted eagle) और स्टेपी ईगल (Steppe Eagle) को शिकार करने वाले पक्षियों (birds of prey) के रूप में दर्ज किया गया।
  • स्थाननीलगिरी: सर्दियों में प्रवासी पक्षियों (migratory birds) की आबादी में वृद्धि देखी गई है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पश्चिमी घाटों में पक्षी प्रजातियों के प्रवास पैटर्न को प्रभावित करने वाले कारकों और जैव विविधता पर बदलते जलवायु परिस्थितियों के पारिस्थितिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • जलवायु परिवर्तन का असर: उत्तरी अक्षांशों में कड़ाके की ठंड का प्रवासी मार्गों पर प्रभाव
  • हैबिटेट उपयुक्तता: नीलगिरी में स्थानीय भोजन की उपलब्धता और पक्षी आबादी के घनत्व के बीच संबंध

मुख्य शब्द: प्रवास के पैटर्न · जैव विविधता संरक्षण · जलवायु परिवर्तन · पक्षियों की पारिस्थितिकी · पश्चिमी घाट

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

केंद्रीय मंत्री सर्बानंदा सोनोवाल ने घोषणा की कि कर्नाटक सरकार PPP मॉडल के तहत ओल्ड मंगलौर

चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री सर्बानंदा सोनोवाल ने घोषणा की कि कर्नाटक सरकार PPP मॉडल के तहत ओल्ड मंगलौर, मालपे और कार्वर बंदरगाहों पर बर्थ के मशीनीकरण और प्रबंधन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर रही है।

कर्नाटक सरकार पुराने मंगलौर पोर्ट, मालपे पोर्ट और कार्वर पोर्ट के विकास के लिए 'रीहैबिलिटेट, ऑपरेट, मेंटेन, एंड ट्रांसफर' (ROMT) मॉडल पर काम कर रही है। राज्य सरकार ने आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त करने के बाद, PPP मॉडल के तहत होन्नवर पोर्ट को विकसित करने का भी प्रस्ताव दिया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानओल्ड मैंगलोर पोर्ट, मालपे पोर्ट और कार्वर पोर्ट कर्नाटक में स्थित हैं।
  • तथ्यइन तीन पोर्ट्स के लिए डेवलपमेंट मॉडल Rehabilitate, Operate, Maintain, and Transfer (ROMT) है।
  • तथ्यJSW केनी पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड का ग्रीनफील्ड पोर्ट डेवलपमेंट DBFOT मॉडल के तहत किया जा रहा है।
  • संस्थान्यू मंगलौर पोर्ट अथॉरिटी (NMPA) एक स्वतंत्र पोर्ट प्रोजेक्ट के लिए पविनकुरवे पोर्ट के साथ सहयोग कर रही है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के लघु और राज्य-नियंत्रित बंदरगाहों की लॉजिस्टिक दक्षता और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय बाधा: पोर्ट मेकेनाइजेशन में निजी निवेश के जरिए राज्य के पूंजीगत खर्च में कमी
  • रेगुलेटरी बाधा: तटीय क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के तेज़ी से विकास और एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस की ज़रूरतों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर · पोर्ट मेकेनाइजेशन · ROMT मॉडल · समुद्री विकास

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

मुंबई हाई कोर्ट ने निर्माण कार्य से होने वाली धूल के कारण मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण पर सुओ मोटो (suo motu) संज्ञान लिया है

चर्चा में क्यों: मुंबई हाई कोर्ट ने निर्माण कार्य से होने वाली धूल के कारण मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण पर सुओ मोटो (suo motu) संज्ञान लिया है। कोर्ट ने मौजूदा दिशा-निर्देशों के पालन में हो रही विसंगतियों पर भी ध्यान आकर्षित किया है।

महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) के एक अध्ययन में पाया गया है कि निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल मुंबई में PM10 प्रदूषण में 30% का योगदान देती है। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) वर्तमान में इस समस्या के समाधान के लिए मिस्ट स्प्रेइंग (mist spraying) और काम रोकने के नोटिस (stop-work notices) जैसे उपायों का उपयोग कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यMPCB के अनुसार, मुंबई में PM10 प्रदूषण में कंस्ट्रक्शन डस्ट (Construction dust) का योगदान 30% है।
  • संस्थामहाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) वायु गुणवत्ता की निगरानी करने वाली राज्य स्तरीय संस्था है।
  • तथ्यPM10 एक विशिष्ट पार्टिकुलेट मैटर (Particulate Matter) प्रदूषक है जिसे कंस्ट्रक्शन डस्ट (construction dust) से प्रभावित होने वाला माना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मुंबई जैसे तेजी से विकसित होते महानगरों में निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण को विनियमित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और इस दिशा में आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • डेटा की कमी: सड़क आवाजाही और निर्माण गतिविधियों पर बारीक डेटा न होने से सबूतों पर आधारित नीति लागू करने में बाधा आ रही है
  • रेगुलेटरी गैप: स्टॉप-वर्क नोटिस और मिस्ट स्प्रेइंग के बावजूद हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन में विसंगति
  • मिटिगेशन की सीमाएं: स्ट्रक्चरल अर्बन प्लानिंग और डस्ट-सप्रेशन टेक्नोलॉजी के बजाय मिस्ट स्प्रे जैसी अस्थायी उपायों पर निर्भरता

मुख्य शब्द: सुओ मोटो संज्ञान · PM10 प्रदूषण · विस्तृत डेटा · रेगुलेटरी कंप्लायंस · शहरी वायु गुणवत्ता

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