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भाग I · स्था. 11.2025 
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अंतर्राष्ट्रीय संबंध करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,343 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2756) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (208) · भारत एवं पड़ोसी देश (173) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (112) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (88) · प्रवासी भारतीय (6)

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन में व्यापार, AI और वैश्विक सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए एक द्विपक्षीय बैठक की

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन में व्यापार, AI और वैश्विक सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए एक द्विपक्षीय बैठक की।

भारत ने 15 जून से 17 जून, 2026 तक फ्रांस के एवियन में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन में एक भागीदार देश के रूप में भागीदारी की। भारतीय नाविक वैश्विक नाविक जनसंख्या का 10% हिस्सा हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनG7 Summit 2026: भारत ने कुल मिलाकर 13वीं बार एक भागीदार देश (partner country) के रूप में भागीदारी की।
  • तथ्यभारतीय नाविक वैश्विक नाविक जनसंख्या के 10% का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • स्थानएवियन, फ्रांस: वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले 52वें G7 शिखर सम्मेलन का आयोजन स्थल।
  • विज्ञान-तकनीकAI और सोशल मीडिया सुरक्षा जोखिम G7 सहयोग के प्रमुख एजेंडा आइटम थे।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक व्यवस्था को आकार देने और 'ग्लोबल साउथ' के मुद्दों के समाधान में भारत की G7 और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ बढ़ती संलग्नता के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: ग्लोबल साउथ के हितों की वकालत करते हुए 'पार्टनर कंट्री' के रूप में भारत की भूमिका को संतुलित करना
  • मैरिटाइम सिक्योरिटी: भारतीय कर्मियों के दबदबे वाले वैश्विक सेफ़ेयरर्स के 10% हिस्से की सुरक्षा पर ध्यान देना
  • टेक्नोलॉजिकल गवर्नेंस: ग्लोबल रिस्क कम करने के लिए AI और सोशल मीडिया सिक्योरिटी के अंतरराष्ट्रीय मानकों में तालमेल

मुख्य शब्द: ग्लोबल साउथ · रणनीतिक स्वायत्तता · समुद्री सुरक्षा · बहुपक्षवाद · तकनीकी गवर्नेंस

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

भारत और थायलैंड ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और भारत-प्रशांत (Indo-Pacific) सुरक्षा की समीक्षाकरने हेतु बैंकॉक में अपना 10वाँ रक्षा संवाद आयोजित किया

चर्चा में क्यों: भारत और थायलैंड ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग और भारत-प्रशांत (Indo-Pacific) सुरक्षा की समीक्षाकरने हेतु बैंकॉक में अपना 10वाँ रक्षा संवाद आयोजित किया।

दसवां रक्षा संवाद 16 जून, 2026 को बैंकॉक में आयोजित किया गया। इस बैठक का मुख्य केंद्र रक्षा विनिर्माण, अनुसंधान, क्षमता विकास और ASEAN ढांचे के भीतर सहयोग रहा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानबैंकॉक: थाईलैंड की राजधानी और 10th Defence Dialogue का आयोजन स्थल।
  • संस्थाASEAN: एक क्षेत्रीय अंतर-सरकारी संगठन जहाँ भारत और थायलैंड सहयोग बढ़ाने का प्रयास करते हैं।
  • तथ्य16 जून, 2026: 10वें भारत-थाईलैंड रक्षा संवाद (India-Thailand Defence Dialogue) की तिथि।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत-आसियान (ASEAN) सदस्य देशों के साथ रक्षा सहयोग, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक नियम-आधारित व्यवस्था सुनिश्चित करने में किस प्रकार महत्वपूर्ण है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: समुद्री सुरक्षा बनाए रखने के लिए क्षेत्रीय शक्तियों के साथ मल्टी-अलायन्ड डिफेंस टाइज़ का संतुलन
  • डिफेंस इंडस्ट्रियलाइजेशन: महत्वपूर्ण डिफेंस हार्डवेयर के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए द्विपक्षीय मैन्युफैक्चरिंग सहयोग का लाभ उठाना
  • क्षेत्रीय एकीकरण: एकपक्षीय समुद्री दावों का मुकाबला करने और नेविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित करने के लिए ASEAN फ्रेमवर्क का उपयोग

मुख्य शब्द: रणनीतिक सहयोग · इंडो-पैसिफिक · रक्षा मैन्युफैक्चरिंग · ASEAN फ्रेमवर्क · समुद्री सुरक्षा

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फ्रांस के एवियन-ले-बैन्स में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन की रक्षा और ऊर्जा लचीलेपन के प्रति G7 की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला

चर्चा में क्यों: फ्रांस के एवियन-ले-बैन्स में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन की रक्षा और ऊर्जा लचीलेपन के प्रति G7 की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।

G7 के राष्ट्राध्यक्षों ने यूक्रेन को वायु-रक्षा प्रणालियों, इंटरसेप्टर और लंबी दूरी की सैन्य क्षमताओं की आपूर्ति बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। यह समूह रूस के विरुद्ध यूक्रेन के रक्षा तंत्र को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से, यूक्रेन को घरेलू स्तर पर पश्चिमी हथियारों के निर्माण की अनुमति देने हेतु लाइसेंस प्रदान करने पर भी विचार कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनG7: दुनिया की सात उन्नत अर्थव्यवस्थाओं (कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, UK और USA) का एक अनौपचारिक मंच।
  • स्थानEvian-les-Bains: पूर्वी फ्रांस के Auvergne-Rhône-Alpes क्षेत्र के Haute-Savoie विभाग में स्थित एक कम्यून (commune)।
  • तथ्यफ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन का मुख्य केंद्र यूक्रेन की ऊर्जा लचीलापन (energy resilience) को मजबूत करना और रूस पर नए प्रतिबंध लगाना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के दौरान भू-राजनीतिक परिदृश्य को आकार देने और सामूहिक सुरक्षा प्रदान करने में G7 जैसे बहुपक्षीय समूहों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक लाभ: हमलावर देशों को अलग-थलग करने के लिए स्टेटक्राफ्ट के एक टूल के रूप में आर्थिक प्रतिबंधों का इस्तेमाल
  • डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस: निरंतर लॉजिस्टिक्स सुनिश्चित करने के लिए हथियार निर्माण को स्थानीय संघर्ष क्षेत्रों की ओर विकेंद्रीकृत करना
  • एनर्जी सिक्योरिटी: यूरोपीय और वैश्विक बाजारों में क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को काइनेटिक वॉरफेयर से बचाने का रणनीतिक महत्व

मुख्य शब्द: बहुपक्षवाद · सामूहिक सुरक्षा · आर्थिक प्रतिबंध · भू-राजनीतिक रणनीति · ऊर्जा लचीलापन

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अमेरिका और ईरान स्विट्जरलैंड में एक शांति समझौता करने के लिए सहमत हुए हैं

चर्चा में क्यों: अमेरिका और ईरान स्विट्जरलैंड में एक शांति समझौता करने के लिए सहमत हुए हैं, जिसमें $300 बिलियन का निजी निवेश कोष और $100 बिलियन की जमी हुई संपत्ति को मुक्त करने का प्रावधान शामिल है।

इस समझौते में युद्धविराम और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर 60 दिनों की समय-सीमा शामिल है। यह ईरान को तत्काल तेल निर्यात छूट और विभिन्न देशों में जमा की गई $100 बिलियन की संपत्तियों तक पहुंच प्रदान करता है। उल्लेखनीय रूप से, इस समझौते में ईरान की पारंपरिक सैन्य शक्तियों या संवर्धित यूरेनियम के भंडार से संबंधित प्रावधानों को शामिल नहीं किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यईरान पुनर्निर्माण के लिए प्रस्तावित निजी निवेश कोष का मूल्य $300 बिलियन है।
  • तथ्यईरान को कई देशों में जमा की गई $100 बिलियन की जमी हुई संपत्ति (frozen assets) तक पहुंच प्राप्त होने की संभावना है।
  • तथ्यसमझौते के तहत परमाणु कार्यक्रम की सीमाओं की अवधि 60 दिनों के लिए निर्धारित की गई है।
  • स्थानशांति समझौते पर हस्ताक्षर स्विट्जरलैंड में होने निर्धारित हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अमेरिका-ईरान शांति समझौते के क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ने वाले भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • परमाणु अप्रसार: परमाणु कार्यक्रमों पर सीमाएं बनाम समृद्ध यूरेनियम स्टॉकपाइल को बाहर रखना
  • भू-राजनीतिक पुनर्गठन: मध्य पूर्व की पावर डायनेमिक्स और प्रॉक्सी संघर्षों पर अमेरिका-ईरान संबंधों में सुधार का असर
  • आर्थिक दबदबा: कूटनीतिक और आर्थिक रणनीति के रूप में जमी हुई संपत्ति और तेल छूट का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक पुनर्गठन · परमाणु अप्रसार · आर्थिक कूटनीति · प्रतिबंध शासन · ऊर्जा सुरक्षा

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वर्ष 2022 में आए आर्थिक संकट के तीन वर्ष बाद श्रीलंका की आर्थिक बहाली का विश्लेषण

चर्चा में क्यों: वर्ष 2022 में आए आर्थिक संकट के तीन वर्ष बाद श्रीलंका की आर्थिक बहाली का विश्लेषण, जिसमें $4 बिलियन की आपातकालीन सहायता प्रदान करने में भारत की भूमिका को रेखांकित किया गया है।

श्रीलंका ने 2022 के आर्थिक संकट के दौरान भारत से 4 बिलियन डॉलर की आपातकालीन वित्तीय सहायता प्राप्त की। यद्यपि मुद्रास्फीति और ईंधन की कमी अब स्थिर हो गई है, तथापि देश अभी भी उच्च ऋण स्तर के बोझ से ग्रस्त है और दीर्घकालिक समृद्धि प्राप्त करने के लिए संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यभारत ने 2022 के आर्थिक संकट के दौरान श्रीलंका को $4 बिलियन की आपातकालीन सहायता प्रदान की।
  • संस्थाIMF, World Bank, और ADB श्रीलंका के संरचनात्मक सुधार रोडमैप की निगरानी करने वाले प्राथमिक अंतर्राष्ट्रीय निकाय हैं।
  • स्थानश्रीलंका: हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का पड़ोसी देश।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ऋण संकट का सामना कर रहे दक्षिण एशियाई पड़ोसी देशों की अर्थव्यवस्थाओं को स्थिर करने में द्विपक्षीय वित्तीय सहायता और संरचनात्मक सुधारों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • कर्ज की स्थिरता: जीडीपी की तुलना में उच्च बाहरी कर्ज सामाजिक खर्च के लिए फ़िस्कल स्पेस सीमित कर रहा है
  • स्ट्रक्चरल रिफॉर्म में रुकावट: IMF द्वारा अनिवार्य मितव्ययिता और घरेलू गरीबी उन्मूलन लक्ष्यों के बीच संतुलन
  • निवेश की कमी: सार्वजनिक क्षेत्र के राजकोषीय घाटे की भरपाई के लिए प्राइवेट सेक्टर के नेतृत्व वाले विकास की ज़रूरत

मुख्य शब्द: कर्ज की स्थिरता · संरचनात्मक सुधार · राजकोषीय स्थिति · द्विपक्षीय सहयोग · मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असरप्रीलिम्स + मेन्स

उच्चतम न्यायालय ने गृहणियों को 'राष्ट्र निर्माता' के रूप में मान्यता दी है

चर्चा में क्यों: उच्चतम न्यायालय ने गृहणियों को 'राष्ट्र निर्माता' के रूप में मान्यता दी है, वहीं भारत का बढ़ता आर्थिक प्रभाव इसे G7 के नेतृत्व वाले वैश्विक शासन चर्चाओं में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित करता है।

उच्चतम न्यायालय ने महिलाओं द्वारा किए जाने वाले अवैतनिक घरेलू कार्यों के आर्थिक योगदान को स्वीकार किया है। भारत जलवायु वित्त, ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा पर वैश्विक शासन को प्रभावित करनेके लिए G7 मंचों में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदभारत का उच्चतम न्यायालय: भारत की सर्वोच्च न्यायिक संस्था।
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनG7: दुनिया की सात उन्नत अर्थव्यवस्थाओं (USA, UK, France, Germany, Italy, Canada, Japan) का एक मंच।
  • तथ्यG7 चर्चाओं में भारत की भागीदारी आर्थिक सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और जलवायु वित्त पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की बढ़ती आर्थिक स्थिति किस प्रकार उसे G7 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर वैश्विक शासन और जलवायु वित्त (climate finance) के ढाँचों को प्रभावित करने में सक्षम बनाती है? चर्चा कीजिए।

  • भू-राजनीतिक लाभ: क्लाइमेट फाइनेंस वार्ताओं में ग्लोबल साउथ के हितों की वकालत के लिए आर्थिक विकास का इस्तेमाल
  • ट्रेड पॉलिसी में टकराव: घरेलू औद्योगिक विकास और जबरन व्यापार प्रथाओं पर अंतरराष्ट्रीय चिंताओं के बीच संतुलन
  • जेंडर जस्टिस इंटीग्रेशन: घरेलू सामाजिक समानता के लक्ष्यों को अंतरराष्ट्रीय सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: लैंगिक न्याय · ग्लोबल गवर्नेंस · आर्थिक सुरक्षा · क्लाइमेट फाइनेंस · बहुपक्षवाद

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अमेरिकी युद्ध विभाग ने 'US Pacific Command' (USPACOM) नाम की बहाली की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: अमेरिकी युद्ध विभाग ने 'US Pacific Command' (USPACOM) नाम की बहाली की घोषणा की है, जो इसे 'Indo-Pacific Command' के रूप में पुन: नामकरण करने के 2018 के निर्णय के उलट है।

इस कमान की स्थापना मूल रूप से 1 जनवरी, 1947 को राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन द्वारा की गई थी। यह संयुक्त राज्य अमेरिका की एकीकृत युद्धक कमानों में सबसे पुरानी और सबसे बड़ी कमान है, जो अमेरिकी पश्चिमी तट से भारत की पश्चिमी सीमा तक के क्षेत्र की निगरानी करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाUSPACOM: संयुक्त राज्य अमेरिका के एकीकृत युद्धक कमांड्स (unified combatant commands) में सबसे पुराना और सबसे बड़ा कमांड।
  • तथ्यUSPACOM लगभग 375,000 नागरिक और सैन्य कर्मियों की देखरेख करता है।
  • स्थानइस कमांड का उत्तरदायित्व क्षेत्र US पश्चिमी तट से भारत की पश्चिमी सीमा तक विस्तृत है।
  • तथ्यइसका नाम मई 2018 में तत्कालीन रक्षा सचिव Jim Mattis द्वारा Indo-Pacific Command में बदल दिया गया था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की समुद्री सुरक्षा और 'मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत' (Free and Open Indo-Pacific) रणनीति के संदर्भ में अमेरिकी प्रशांत कमान (US Pacific Command) के परिचालन क्षेत्र के महत्व पर चर्चा कीजिए।

मुख्य शब्द: भू-राजनीति · समुद्री सुरक्षा · रणनीतिक स्वायत्तता · इंडो-पैसिफिक · डिफेंस डिप्लोमेसी

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प्रधानमंत्री मोदी और UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने G7 शिखर सम्मेलन में भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी और पश्चिम एशिया की स्थिरता पर चर्चा करने के लिए भेंट की

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी और UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने G7 शिखर सम्मेलन में भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी और पश्चिम एशिया की स्थिरता पर चर्चा करने के लिए भेंट की।

यह बैठक फ्रांस के एवियन-लेस-बैन्स में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान संपन्न हुई। नेताओं ने पश्चिम एशिया की सुरक्षा हेतु संवाद और अंतर्राष्ट्रीय कानून पर बल दिया तथा भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा की।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पदशेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान UAE के राष्ट्रपति हैं।
  • स्थानEvian-les-Bains, पूर्वी फ्रांस के Haute-Savoie विभाग में स्थित एक कम्यून है।
  • संस्थाG7 (Group of Seven) दुनिया की सात उन्नत अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी मंच है।
  • संस्थाBRICS, Brazil, Russia, India, China और South Africa के लिए एक संक्षिप्त नाम (acronym) है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पश्चिम एशियाई भू-राजनीति में मध्यस्थ के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका के संदर्भ में, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ भारत की 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक लाभ: पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता के साथ ऊर्जा सुरक्षा को संतुलित करने की भारत की क्षमता
  • मल्टीलैटरल सिनर्जी: BRICS और G20 फ्रेमवर्क के भीतर भारत की स्थिति मजबूत करने के लिए UAE संबंधों का लाभ उठाना
  • डिप्लोमैटिक मेडिएशन: अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन के लिए नॉन-अलायड स्टैंड से सक्रिय मध्यस्थ की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: व्यापक रणनीतिक साझेदारी · पश्चिम एशिया की स्थिरता · बहुपक्षवाद · डिप्लोमैटिक मध्यस्थता · ऊर्जा सुरक्षा

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G7 शिखर सम्मेलन में, अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु के पश्चात

चर्चा में क्यों: G7 शिखर सम्मेलन में, अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु के पश्चात, प्रधानमंत्री मोदी ने 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़' में समुद्री व्यवधानों से होने वाले मानवीय नुकसान पर प्रकाश डाला।

पालु झंडे वाले तेल टैंकर 'सेटेबेलो' (Settebello) पर अमेरिकी सैन्य हमले के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु हो गई। यह घटना ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी के बीच घटित हुई, जिसके परिणामस्वरूप भारत ने औपचारिक विरोध दर्ज कराया और अमेरिकी चार्ज डी'अफेयर्स (Charge d'Affaires) को तलब किया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और शेष विश्व से जोड़ता है।
  • तथ्यSettebello: एक Palau-ध्वज वाला तेल टैंकर जिसमें US सैन्य हमले में शामिल था।
  • पदCharge d'Affaires: एक राजनयिक जो राजदूत की अनुपस्थिति में एक राजनयिक मिशन के प्रमुख के रूप में कार्य करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा के महत्व और वैश्विक व्यापार मार्गों में भू-राजनीतिक तनावों से उत्पन्न चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • एनर्जी सिक्योरिटी रिस्क: मिडिल ईस्टन तेल पर भारी निर्भरता से समुद्री चोकपॉइंट में रुकावट होने पर भारतीय व्यापार असुरक्षित हो सकता है
  • डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: अमेरिका के साथ स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा व समुद्री सुरक्षा के बीच संतुलन
  • मैरीटाइम कानून विवाद: अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एकतरफा नौसैनिक ब्लॉकड और नेविगेशन की आज़ादी के सिद्धांत के बीच तनाव

मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक तनाव · नौवहन की स्वतंत्रता · रणनीतिक स्वायत्तता

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प्रधानमंत्री मोदी और यूके के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने G7 शिखर सम्मेलन में 'विजन 2035' ढांचे की समीक्षा करने और व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) को गति देने के उद्देश्य से बैठक की

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी और यूके के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने G7 शिखर सम्मेलन में 'विजन 2035' ढांचे की समीक्षा करने और व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) को गति देने के उद्देश्य से बैठक की।

यह बैठक एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान संपन्न हुई। इसमें 'विजन 2035' ढांचे के अंतर्गत व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिक्षा और जलवायु कार्रवाई को प्रमुख केंद्र बिंदुओं के रूप में शामिल किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाG7: एक अंतर-सरकारी राजनीतिक मंच जिसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, UK और USA शामिल हैं।
  • तथ्यVision 2035: विभिन्न क्षेत्रों में भारत-UK के दीर्घकालिक सहयोग के लिए एक रूपरेखा।
  • तथ्यCETA: भारत और UK के बीच प्रस्तावित व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (Comprehensive Economic and Trade Agreement)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की 'लुक ईस्ट' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों के संदर्भ में भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) के रणनीतिक और आर्थिक महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • ट्रेड इम्बैलेंस: भारतीय टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग गुड्स पर ब्रिटेन के हाई-टैरिफ प्रोटेक्शन को संबोधित करना
  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: पश्चिम एशियाई और यूक्रेनी संघर्षों पर भारत के गैर-संरेखित रुख के साथ ब्रिटेन-भारत व्यापार संबंधों का संतुलन
  • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: भारत के सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी लक्ष्यों के लिए UK की R&D क्षमताओं का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · व्यापार उदारीकरण · भू-राजनीतिक तालमेल · आर्थिक सहयोग · विज़न 2035

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G7 के नेताओं और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए रूस पर दबाव बनाने हेतु कड़े प्रतिबंधों और सैन्य सहायता के समन्वय हेतु बैठक की

चर्चा में क्यों: G7 के नेताओं और यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए रूस पर दबाव बनाने हेतु कड़े प्रतिबंधों और सैन्य सहायता के समन्वय हेतु बैठक की।

G7 (ग्रुप ऑफ सेवन) में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूके और यूएसए शामिल हैं। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य केंद्र रूसी गैस और तेल पर प्रतिबंधों को कड़ा करना तथा व्यापार संबंधी प्रतिबंधों से बचने के लिए उपयोग किए जाने वाले 'शैडो फ्लीट' (shadow fleet) पर कार्रवाई करना था।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनG7: दुनिया की सात उन्नत अर्थव्यवस्थाओं का एक अनौपचारिक मंच।
  • तथ्यकनाडा और UK ने रूस के 'shadow fleet' और तेल/गैस निर्यात के विरुद्ध विशिष्ट प्रतिबंधों की घोषणा की है।
  • पदवोलोडिमिर ज़ेलेंस्की: यूक्रेन के राष्ट्रपति।
  • तथ्यशीर्ष सम्मेलन में ईरान पर चर्चा शामिल थी, जिसमें अमेरिका ने देश में निवेश करने की कोई बाध्यता न होने की बात कही।
मेन्स के लिए

प्रश्न: रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे भू-राजनीतिक संघर्षों को सुलझाने में आर्थिक कूटनीति के एक उपकरण के रूप में बहुपक्षीय प्रतिबंधों की प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।

  • सैंक्शन से बचना: 'शैडो फ्लीट्स' और थर्ड-पार्टी इंटरमीडियरीज के बढ़ने से समुद्री कानून लागू करना मुश्किल
  • भू-राजनीतिक तनाव: पश्चिमी आर्थिक दबाव और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव के जोखिम के बीच संतुलन
  • डिप्लोमैटिक गतिरोध: परमाणु हथियारों वाले देश के रणनीतिक उद्देश्यों के सामने आर्थिक दबाव की सीमाएं

मुख्य शब्द: आर्थिक कूटनीति · बहुपक्षवाद · प्रतिबंध शासन · भू-राजनीतिक संघर्ष · शैडो फ्लीट

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हरिश साल्वे ने फ्रांस में 'Bharat Innovates 2026' की सफलता पर प्रकाश डाला

चर्चा में क्यों: हरिश साल्वे ने फ्रांस में 'Bharat Innovates 2026' की सफलता पर प्रकाश डाला, जिसने IIT Delhi और एक फ्रांसीसी विमान इंजन निर्माता के बीच एक तकनीकी MoU को सुगम बनाया।

इस पहल ने फ्रांसीसी दर्शकों के समक्ष भारत की तकनीकी दक्षता और AI क्षमताओं का प्रदर्शन किया। इसके परिणामस्वरूप एक समझौता ज्ञापन (MoU) संपन्न हुआ, जिसके अंतर्गत विमान के इंजनों के विकास और निगरानी हेतु भारतीय AI के उपयोग का प्रावधान किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकBharat Innovates 2026: भारतीय तकनीकी कौशल और AI क्षमताओं को प्रदर्शित करनेकी एक पहल।
  • संस्थाIIT Delhi: शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय महत्व का संस्थान।
  • तथ्यइस पहल के परिणामस्वरूप एक IIT Delhi प्रोफेसर और एक फ्रांसीसी विमान इंजन निर्माता के बीच एक MoU हुआ।
मेन्स के लिए

प्रश्न: 'भारत इनोवेट्स' जैसी पहलें वैश्विक एयरोस्पेस और एआई (AI) क्षेत्रों में भारत की सॉफ्ट पावर को कैसे सुदृढ़ कर सकती हैं और तकनीकी सहयोग को कैसे बढ़ावा दे सकती हैं, चर्चा कीजिए।

  • सॉफ्ट पावर प्रोजेक्शन: 'मेक इन इंडिया' के लिए ब्रांड इक्विटी बनाने हेतु स्वदेशी AI और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का इस्तेमाल
  • टेक्नोलॉजिकल डिप्लोमेसी: ट्रांजेक्शनल ट्रेड से यूरोपीय मैन्युफैक्चरिंग हब्स के साथ डीप-टेक कोलैबोरेटिव एमओयू की ओर बदलाव
  • R&D इकोसिस्टम: IITs में होने वाले एकेडमिक रिसर्च और ग्लोबल एयरोस्पेस सप्लाई चेन में औद्योगिक इस्तेमाल के बीच की दूरी को कम करना

मुख्य शब्द: सॉफ्ट पावर · तकनीकी कूटनीति · डीप-टेक कोलैबोरेशन · मेक इन इंडिया · R&D इकोसिस्टम

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मध्य पूर्व में शत्रुता को कम करनेके उद्देश्य से, पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में

चर्चा में क्यों: मध्य पूर्व में शत्रुता को कम करनेके उद्देश्य से, पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता में, 19 जून को स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने हैं।

यह समझौता संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के उप विदेश मंत्री मोहम्मद बगर गलिबफ द्वारा इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षरित एक रूपरेखा के अनुरूप है। इस समझौते का उद्देश्य क्षेत्रीय संघर्षों का समाधान करना है और इसमें पाकिस्तान एवं कतर द्वारा मध्यस्थता की गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानस्विट्जरलैंड: 19 जून को US-Iran समझौते पर हस्ताक्षर के लिए मेजबान देश।
  • पदडोनाल्ड ट्रंप: संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति।
  • पदJD Vance: संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति।
  • तथ्यपाकिस्तान और कतर: US-ईरान फ्रेमवर्क वार्ता में प्रमुख मध्यस्थ।
मेन्स के लिए

प्रश्न: क्षेत्रीय संघर्षों के समाधान में तृतीय-पक्ष मध्यस्थता की भूमिका और मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिरता पर इसके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक लाभ: उच्च-दांव वाले क्षेत्रीय कूटनीति में पाकिस्तान और कतर की तटस्थ मध्यस्थ के रूप में भूमिका
  • सुरक्षा आर्किटेक्चर: औपचारिक अमेरिकी-ईरानी डी-एस्केलेशन के बाद क्षेत्रीय पावर डायनेमिक्स में संभावित बदलाव
  • डिप्लोमैटिक अस्थिरता: डील की बारीकियों का खुलासा न करने से लंबे समय के भरोसे और लागू करने की क्षमता पर जोखिम

मुख्य शब्द: थर्ड-पार्टी मेडिएशन · भू-राजनीतिक स्थिरता · तनाव कम करना · क्षेत्रीय सुरक्षा · डिप्लोमैटिक फ्रेमवर्क

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युद्ध को समाप्त करने और परमाणु वार्ता शुरू करने के उद्देश्य से स्विट्जरलैंड में एक अमेरिकी-ईरानी शांति समझौता होने वाला है

चर्चा में क्यों: युद्ध को समाप्त करने और परमाणु वार्ता शुरू करने के उद्देश्य से स्विट्जरलैंड में एक अमेरिकी-ईरानी शांति समझौता होने वाला है, जिससे ईरान में आंतरिक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।

इस समझौते के अंतर्गत ईरान की $25 बिलियन की जमी हुई संपत्तियों को मुक्त करने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के प्रावधानों का समावेश किया गया है। प्रमुख प्राथमिकताओं में लेबनान में युद्ध को समाप्त करना तथा गाजा और सीरिया में इजरायली सैन्य उपस्थिति को बनाए रखना शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला फारस की खाड़ी में एक रणनीतिक समुद्री चोकपॉइंट।
  • तथ्यUS-Iran शांति समझौता ईरान की $25 बिलियन की जमी हुई संपत्तियों (frozen assets) को मुक्त करने से संबंधित है।
  • पदअब्बास अराघची: ईरान के विदेश मंत्री के रूप में कार्यरत।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में क्षेत्रीय स्थिरता और परमाणु अप्रसार की संभावनाओं पर अमेरिका-ईरान शांति समझौते के भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन: ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के अधिकार और हथियारों के निर्माण के क्षेत्रीय डर के बीच संतुलन
  • क्षेत्रीय वर्चस्व: 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' और लेबनान व सीरिया में इजराइली सुरक्षा ढांचे पर इस समझौते का प्रभाव
  • आर्थिक लीवरेज: अंतरराष्ट्रीय संबंधों में जबरन कूटनीति के टूल के रूप में फ्रीज की गई एसेट्स का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: परमाणु अप्रसार · दबावपूर्ण कूटनीति · भू-राजनीतिक पुनर्गठन · क्षेत्रीय स्थिरता · रणनीतिक चोकपॉइंट्स

स्रोत: एनडीटीवी ↗+5 और खबरें इस विषय पर
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भारतीय वायुसेना (IAF) ने 'एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026' में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है

चर्चा में क्यों: भारतीय वायुसेना (IAF) ने 'एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026' में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से ऑस्ट्रेलिया द्वारा आयोजित एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय वायु युद्ध अभ्यास है।

'एक्सरसाइज पिच ब्लैक 2026' का आयोजन रॉयल ऑस्ट्रेलियन एयर फोर्स (RAAF) द्वारा ऑस्ट्रेलिया के नॉर्दर्न टेरिटरी में किया जाएगा। इस अभ्यास में भारत सहित 19 देशों के 100 से अधिक विमान और कर्मी सम्मिलित होंगे। यह कार्यक्रम 20 जुलाई से 7 अगस्त, 2026 तक निर्धारित है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाRAAF: Royal Australian Air Force, Exercise Pitch Black का प्राथमिक मेजबान है।
  • तथ्यExercise Pitch Black 2026 में 19 विभिन्न देशों की भागीदारी शामिल है।
  • तथ्ययह अभ्यास 20 जुलाई से 7 अगस्त, 2026 के बीच आयोजित किया जाना निर्धारित है।
  • स्थानयह अभ्यास ऑस्ट्रेलिया के नॉर्दर्न टेरिटरी में आयोजित किया जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पिच ब्लैक जैसे बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यासों के भारत के हिंद-प्रशांत क्षेत्र में 'सुरक्षा और रक्षा' उद्देश्यों में योगदान का विश्लेषण कीजिए।

  • इंटरऑपरेबिलिटी के फायदे: RAAF और अन्य क्षेत्रीय पार्टनर्स के साथ कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल और टैक्टिकल मूव्स को स्टैंडर्ड बनाना
  • स्ट्रेटेजिक सिग्नलिंग: इंडो-पैसिफिक में स्पष्ट सैन्य सहयोग के जरिए 'क्वाड' प्लस डायनेमिक्स को मजबूत करना
  • डिफेंस इंडस्ट्रियल सिनर्जी: हाई-इंटेंसिटी कॉम्बैट एनवायरनमेंट में जॉइंट टेक्नोलॉजी शेयरिंग और मेंटेनेंस कोऑपरेशन के अवसर

मुख्य शब्द: इंटरऑपरेबिलिटी · इंडो-पैसिफिक सुरक्षा · डिफेंस डिप्लोमेसी · सामूहिक तैयारी · रणनीतिक सिग्नलिंग

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भारत, AI तकनीक और मध्य पूर्व की भू-राजनीति में पारंपरिक सुरक्षा-आधारित गठबंधन के स्थान पर अमेरिका द्वारा निरंतर अपने एकपक्षीय हितों को प्राथमिकता दिए जाने के कारण एक जटिल रणनीतिक दुविधा का सामना कर रहा है

चर्चा में क्यों: भारत, AI तकनीक और मध्य पूर्व की भू-राजनीति में पारंपरिक सुरक्षा-आधारित गठबंधन के स्थान पर अमेरिका द्वारा निरंतर अपने एकपक्षीय हितों को प्राथमिकता दिए जाने के कारण एक जटिल रणनीतिक दुविधा का सामना कर रहा है।

संयुक्त राज्य अमेरिका अपने वैश्विक गठबंधनों में अधिक लेन-देन आधारित दृष्टिकोण की ओर अग्रसर है। पिछले मॉडलों के विपरीत, जहाँ जापान और दक्षिण कोरिया जैसे सहयोगियों को संरेखण के बदले स्पष्ट सुरक्षा और आर्थिक गारंटी प्राप्त होती थी, भारत एक ऐसे 'कर-आधारित' (taxing) संबंध का सामना कर रहा है जहाँ AI और ईरान-इजरायल संघर्ष में प्रतिस्पर्धी हितों के कारण लाभ घटते जा रहे हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनGCC: Gulf Cooperation Council अरब राज्यों का एक क्षेत्रीय अंतर-सरकारी राजनीतिक और आर्थिक गठबंधन है।
  • विज्ञान-तकनीकAI तकनीक: अमेरिका अपने द्विपक्षीय समझौतों में AI को तेजी से एक मुख्य राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक प्राथमिकता के रूप में देख रहा है।
  • तथ्ययह लेख बहुपक्षीय सुरक्षा गारंटी से अधिक लेन-देन आधारित द्विपक्षीय दबावों की ओर बदलाव को रेखांकित करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: उभरती प्रौद्योगिकियों और मध्य-पूर्वी भू-राजनीति के संदर्भ में भारत-अमेरिका संबंधों की बदलती गतिशीलता का विश्लेषण कीजिए। यह भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को किस प्रकार प्रभावित करता है? विश्लेषण कीजिए।

  • तकनीकी संप्रभुता: अमेरिकी AI मानकों और भारत के घरेलू डेटा प्राइवेसी और इनोवेशन लक्ष्यों के बीच संतुलन
  • भू-राजनीतिक संतुलन: क्षेत्रीय ऊर्जा पार्टनर्स के साथ संबंध बनाए रखते हुए ईरान-इजरायल संघर्ष पर अमेरिकी दबाव से निपटना
  • ट्रांजैक्शनल शिफ्ट: व्यापक सुरक्षा गारंटी से हटकर हाई-टेक सेक्टर्स में विशिष्ट और हित-आधारित सहयोग की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · ट्रांजैक्शनल डिप्लोमेसी · तकनीकी संप्रभुता · भू-राजनीतिक पुनर्गठन · बहुध्रुवीयता

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भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपने मुंबई कार्यालय में 'यंग प्रोफेशनल्स' (YPs) की भर्ती के लिए एक अभियान की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपने मुंबई कार्यालय में 'यंग प्रोफेशनल्स' (YPs) की भर्ती के लिए एक अभियान की घोषणा की है, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को 1.5 लाख रुपये का मासिक स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) 'यंग प्रोफेशनल्स' के लिए 1.5 लाख रुपये मासिक वजीफे के साथ तीन वर्षीय अनुबंध का अवसर प्रदान कर रहा है। आवेदन की अंतिम तिथि 16 जुलाई, 2026 निर्धारित की गई है। चयन प्रक्रिया के अंतर्गत प्रारंभिक स्क्रीनिंग, दस्तावेज़ सत्यापन और व्यक्तिगत साक्षात्कार सम्मिलित हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाRBI: भारत का केंद्रीय बैंक, जो मौद्रिक नीति और बैंकिंग विनियमन के लिए उत्तरदायी है।
  • तथ्ययंग प्रोफेशनल्स (Young Professionals) के लिए मासिक स्टाइपेंड: Rs 1.5 लाख।
  • तथ्यअनुबंध की अवधि: तीन वर्ष, जिसमें विस्तार की संभावना है।
  • तथ्यआवेदन की अंतिम तिथि: 16 जुलाई, 2026।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मौद्रिक नीति निर्माण और वित्तीय स्थिरता को सुदृढ़ करने के लिए केंद्रीय बैंक के संचालन में युवा पेशेवरों और शैक्षणिक विशेषज्ञों को शामिल करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • ह्यूमन कैपिटल इन्फ्यूजन: डेटा-आधारित पॉलिसी एनालिसिस और फाइनेंशियल मॉडलिंग सुधारने के लिए अकादमिक विशेषज्ञता का लाभ उठाना
  • संस्थागत क्षमता: फिनटेक और डिजिटल करेंसी जैसे उभरते क्षेत्रों में विशेष कौशल की ज़रूरत को पूरा करना
  • नॉलेज ट्रांसफर: सेंट्रल बैंकिंग फ्रेमवर्क के भीतर भविष्य के नेतृत्व के लिए पाइपलाइन बनाना

मुख्य शब्द: मौनेटरी पॉलिसी · मानव पूंजी · वित्तीय स्थिरता · संस्थागत क्षमता · नॉलेज मैनेजमेंट

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भारत की IREL, वर्तमान में चीन के प्रभुत्व वाले आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लानेके उद्देश्य से

चर्चा में क्यों: भारत की IREL, वर्तमान में चीन के प्रभुत्व वाले आपूर्ति शृंखलाओं में विविधता लानेके उद्देश्य से, साइबेरिया के टॉमटोर (Tomtor) निक्षेप से दुर्लभ मृदा (rare earth) के नमूने प्राप्त करने हेतु रूस की रोसनेफ्ट (Rosneft) के साथ बातचीत कर रही है।

IREL (Indian Rare Earths Limited) टॉमटोर निक्षेप से नमूने प्राप्त करने की इच्छुक प्राथमिक भारतीय इकाई है। यह निक्षेप रूस की प्रमुख तेल एवं गैस उत्पादक कंपनी, Rosneft के स्वामित्व में है। यह कदम उच्च-तकनीकी और हरित ऊर्जा अनुप्रयोगों के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिजों को सुरक्षित करने के रणनीतिक प्रयास का एक हिस्सा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाIREL (Indian Rare Earths Limited) खान मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (Public Sector Undertaking) है।
  • तथ्यRare earth elements (REEs) महत्वपूर्ण खनिज हैं जिनका उपयोग चुंबक, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में किया जाता है।
  • स्थानTomtor, रूस के साइबेरिया क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण खनिज निक्षेप है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की तकनीकी संप्रभुता के लिए महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करने के रणनीतिक महत्व और आयात निर्भरता को कम करने में द्विपक्षीय भागीदारी की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • सप्लाई चेन की कमजोरी: चीन में REE प्रोसेसिंग का अधिक जमाव भारतीय मैन्युफैक्चरिंग के लिए सिंगल-पॉइंट-ऑफ-फेल्योर का जोखिम पैदा करता है
  • भू-राजनीतिक लाभ: ग्लोबल क्रिटिकल मिनरल्स मार्केट में चीनी दबदबे के खिलाफ हेज के रूप में रूसी खनिज संसाधनों का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: क्रिटिकल मिनरल्स · सप्लाई चेन रेजिलिएंस · रणनीतिक स्वायत्तता · रिसोर्स डिप्लोमेसी · तकनीकी संप्रभुता

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रस्तावित समझौते की घोषणा की है, जिसमें ईरान परमाणु हथियार त्यागने के लिए सहमत होता है

चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रस्तावित समझौते की घोषणा की है, जिसमें ईरान परमाणु हथियार त्यागने के लिए सहमत होता है। इस घोषणा ने यूरेनियम भंडार में कटौती के विवरण और संभावित पुनर्निर्माण कोष को लेकर बहस छेड़ दी है।

प्रस्तावित समझौता ईरान द्वारा परमाणु हथियार न प्राप्त करने की प्रतिबद्धता, यूरेनियम संवर्धन की सीमाओं और संबंधित सुविधाओं को विखंडित करने पर केंद्रित है। चर्चाओं में एक अंतर्राष्ट्रीय निवेश वाहन और अनुपालन के बदले में जमी हुई ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने की संभावना शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यअमेरिकी अधिकारियों द्वारा चर्चा किया गया प्रस्तावित पुनर्निर्माण कोष लगभग $300 बिलियन का है।
  • विज्ञान-तकनीकयूरेनियम संवर्धन (Uranium enrichment) परमाणु अप्रसार वार्ताओं का एक प्रमुख तकनीकी घटक है।
  • संस्थाइस समझौते में अंतर्राष्ट्रीय निवेश वाहन और यूरेनियम स्टॉकपाइल में कटौती की निगरानी के लिए तंत्र शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ईरान से संबंधित परमाणु अप्रसार समझौतों की जटिलताओं का विश्लेषण कीजिए, जिसमें प्रतिबंधों से राहत और सत्यापन योग्य निरस्त्रीकरण प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया हो।

  • आर्थिक प्रभाव: अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हटाने और गैर-राज्य अभिनेताओं या क्षेत्रीय अस्थिरता को वित्तपोषित करने के जोखिम के बीच का समझौता
  • भू-राजनीतिक तनाव: क्षेत्रीय सहयोगियों के हितों और गैर-प्रसार संधियों के वैश्विक जनादेश के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: परमाणु अप्रसार · प्रतिबंधों से राहत · रणनीतिक स्वायत्तता · वेरिफिएबल कंप्लायंस · भू-राजनीतिक संतुलन

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रूस के स्टेट हर्मिटेज म्यूजियम ने 'सेडिमेंट्स ऑफ बिकमिंग' (Sediments of Becoming) नामक प्रदर्शनी की मेजबानी की

चर्चा में क्यों: रूस के स्टेट हर्मिटेज म्यूजियम ने 'सेडिमेंट्स ऑफ बिकमिंग' (Sediments of Becoming) नामक प्रदर्शनी की मेजबानी की, जो भारतीय समकालीन कलाकारों की पहली प्रदर्शनी है और यह भारत-रूस सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करती है।

इस प्रदर्शनी में रूसी प्रतीकों एवं कलाकृतियों के साथ भारतीय कलाकार अनिदिता भट्टाचार्य की कृतियों को प्रदर्शित किया गया है। इस प्रदर्शनी का सह-क्यूरेशन टंटी चौहान (Threshold Gallery) और मरीना शुल्ज़ (State Hermitage Museum) द्वारा किया गया है और यह 4 अक्टूबर तक संचालित होगी।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानस्टेट हर्मिटेज म्यूजियम: यह रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में स्थित है।
  • तथ्यभारतीय समकालीन कलाकारों को पहली बार Hermitage Museum के संग्रह में शामिल किया गया है।
  • पदअनिंदिता भट्टाचार्य: प्रदर्शनी में प्रदर्शित भारतीय समकालीन कलाकार।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सांस्कृतिक कूटनीति और समकालीन कलाओं का प्रचार भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए किस प्रकार एक उपकरण के रूप में कार्य कर सकता है, चर्चा कीजिए।

  • सॉफ्ट पावर प्रोजेक्शन: इतिहास और यादों का साझा नैरेटिव बनाने के लिए समकालीन कला का इस्तेमाल
  • संस्थागत सहयोग: म्यूजियम-टू-म्यूजियम एक्सचेंज और विरासत की वस्तुओं के को-क्यूरेशन के जरिए संबंधों को मजबूत करना
  • सांस्कृतिक सेतु निर्माण: साझा सौंदर्य और ऐतिहासिक मूल्यों को बढ़ावा देकर भू-राजनीतिक तनाव का मुकाबला करना

मुख्य शब्द: सांस्कृतिक कूटनीति · सॉफ्ट पावर · द्विपक्षीय संबंध · समकालीन कला · विरासत संरक्षण

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प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान भारत और स्लोवाकिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'व्यापक साझेदारी' (comprehensive partnership) के स्तर तक उन्नत किया

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान भारत और स्लोवाकिया ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'व्यापक साझेदारी' (comprehensive partnership) के स्तर तक उन्नत किया। स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की वहां की पहली यात्रा है।

भारत और स्लोवाकिया ने श्रम प्रवास, रक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकियों, उच्च शिक्षा, अनुसंधान और क्वांटम संचार से संबंधित समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके अतिरिक्त, आतंकवाद विरोधी गतिविधियों पर एक संयुक्त कार्य समूह और एक वाणिज्यिक संवाद की भी स्थापना की गई।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानस्लोवाकिया: मध्य यूरोप में स्थित एक भू-आबद्ध (landlocked) देश।
  • तथ्यभारत-स्लोवाकिया साझेदारी: 2024 में इसे 'व्यापक साझेदारी' (comprehensive partnership) तक उन्नत किया गया।
  • विज्ञान-तकनीकक्वांटम कम्युनिकेशन: क्वांटम मैकेनिक्स का उपयोग करके सूचना के प्रसारण से संबंधित एक क्षेत्र।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की 'लुक ईस्ट' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों के संदर्भ में मध्य और पूर्वी यूरोपीय देशों के साथ भारत की विस्तारित 'व्यापक भागीदारी' के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • रणनीतिक विविधीकरण: सेंट्रल यूरोप के मैन्युफैक्चरिंग हब से जुड़कर पारंपरिक ट्रेड पार्टनर्स पर निर्भरता कम करना
  • तकनीकी तालमेल: भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल के लिए ऑटोमोटिव और रेलवे मैन्युफैक्चरिंग में स्लोवाक विशेषज्ञता का लाभ उठाना
  • सुरक्षा सहयोग: जॉइंट वर्किंग ग्रुप और इंटेलिजेंस शेयरिंग के जरिए काउंटर-टेररिज्म फ्रेमवर्क को मजबूत करना

मुख्य शब्द: व्यापक साझेदारी · रणनीतिक स्वायत्तता · द्विपक्षीयता · आतंकवाद विरोधी · तकनीकी हस्तांतरण

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