यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,343 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2756) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (208) · भारत एवं पड़ोसी देश (173) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (112) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (88) · प्रवासी भारतीय (6)
चर्चा में क्यों: अमेरिका और ईरान ने शत्रुता समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को पुनः खोलने के लिए एक रूपरेखा पर सहमति व्यक्त की है, जिससे भारतीय इक्विटी बाजारों में उछाल आया है और भारत के भुगतान संतुलन (Balance of Payments) के लिए सकारात्मक अनुमान प्राप्त हुए हैं।
इस समझौते में ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी को समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को पुनः खोलने का प्रावधान शामिल है। इस समाचार के पश्चात, BSE Sensex में लगभग 1,300 अंकों की वृद्धि दर्ज की गई और NSE Nifty 50 ने 24,000 के स्तर को पार कर लिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक तेल और गैस शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट।
तथ्यNSE Nifty 50: भू-राजनीतिक सफलता के बाद 24,000 के स्तर को पुनः प्राप्त किया।
तथ्यभुगतान संतुलन (Balance of Payments): अर्थशास्त्री इस सौदे के बाद भारत के वित्त वर्ष के लिए मामूली अधिशेष (surplus) का अनुमान लगा रहे हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक बदलावों का भारत के पूंजी बाजारों और भुगतान संतुलन की स्थिति पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी प्राइस में उतार-चढ़ाव: जियोपॉलिटिकल रिस्क कम होने से ग्लोबल क्रूड ऑयल प्रीमियम गिरा, जिससे भारत का इम्पोर्ट बिल कम हुआ
कैपिटल फ्लो डायनामिक्स: जियोपॉलिटिकल स्थिरता से निवेशकों का भरोसा बढ़ता है, जिससे उभरते बाजारों से FII आउटफ्लो कम हो सकता है
सेक्टरल रोटेशन: क्षेत्रीय व्यापार मार्गों के स्थिर होने से एनर्जी और डिफेंस सेक्टर में तेज़ विकास की संभावना
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक जोखिम · पूँजी का पलायन · भुगतान संतुलन · बाज़ार में उतार-चढ़ाव · ट्रेड कॉरिडोर
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी और स्लोवाक प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको ने ब्रातिस्लावा यात्रा के दौरान एक रक्षा सहयोग आशय पत्र (Defence Cooperation Letter of Intent) पर हस्ताक्षर किए और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों पर एक संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) की स्थापना की।
भारत और स्लोवाकिया ने रक्षा सहयोग के लिए 'लेटर ऑफ इंटेंट' पर हस्ताक्षर किए और आतंकवाद विरोधी गतिविधियों हेतु एक 'संयुक्त कार्य समूह' (Joint Working Group) की स्थापना की। दोनों देशों के नेतृत्व ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और ऑटोमोटिव एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में पारस्परिक सहयोग को प्राथमिकता दी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदनरेन्द्र मोदी: भारत के प्रधानमंत्री।
पदरॉबर्ट फिको: स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री।
तथ्यअप्रैल 2025: पहलगाम आतंकी हमले की तिथि, जिसकी दोनों नेताओं द्वारा निंदा की गई।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनभारत-EU मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement): भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक लंबित व्यापार समझौता।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्लोवाकिया जैसे यूरोपीय देशों के साथ रक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग को गहरा करना किस प्रकार भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और वैश्विक सुरक्षा संरचना को सुदृढ़ करता है, चर्चा कीजिए।
रणनीतिक तालमेल: ट्रांसनेशनल टेररिज्म और क्षेत्रीय अस्थिरता से निपटने के लिए यूरोपीय पार्टनरशिप का इस्तेमाल
आर्थिक तालमेल: इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोटिव सेक्टर में भारतीय मैन्युफैक्चरिंग की ताकत को यूरोपीय बाजारों से जोड़ना
ट्रेड फैसिलिटेशन: औद्योगिक सहयोग के लिए भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का उत्प्रेरक के रूप में उपयोग
मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · आतंकवाद विरोधी · रक्षा सहयोग · व्यापार उदारीकरण · भू-राजनीतिक तालमेल
चर्चा में क्यों: अमेरिका और ईरान ने 28 फरवरी, 2019 को शुरू हुए संघर्ष को समाप्त करने के लिए जिनेवा में एक समझौता किया है, जिसके अंतर्गत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ (Strait of Hormuz) को पुनः खोलने का प्रावधान है।
इस समझौते के अंतर्गत ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाए गए नाकेबंदी को हटाने और युद्धविराम की अवधि को विस्तारित करने का प्रावधान है। यह समझौता ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों में राहत से संबंधित वार्ताओं को स्थगित करता है, जबकि इसमें इज़राइल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों के परिणामों के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: एक रणनीतिक समुद्री चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है।
तथ्ययह संघर्ष 28 फरवरी, 2019 को शुरू हुआ।
स्थानजेनेवा: वह स्थान जहाँ समझौता ज्ञापन (MoU) की बातचीत की गई थी।
तथ्यसमझौता ज्ञापन (MoU) में दो पृष्ठों में 14 बिंदु शामिल होने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हालिया अमेरिका-ईरान समझौते का मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक शक्ति संतुलन और वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
मैरिटाइम सिक्योरिटी: होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुलने से वैश्विक तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस का प्रवाह बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित होगा
पावर डायनेमिक्स: अमेरिकी विदेश नीति में बदलाव सीधे सैन्य प्रभुत्व के बजाय रोकथाम की ओर झुकाव का संकेत है
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक बदलाव · समुद्री सुरक्षा · रणनीतिक स्वायत्तता · तनाव कम करना · शक्ति का संतुलन
चर्चा में क्यों: फ्रांस में आयोजित होने वाले G7 शिखर सम्मेलन 2026 में भारत की भागीदारी, वैश्विक शासन और नैतिक AI ढाँचों में इसके बढ़ते रणनीतिक महत्व को रेखांकित करती है।
प्रधानमंत्री मोदी 16-17 जून, 2026 को फ्रांस के एवियन में आयोजित होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में सम्मिलित होने के लिए निर्धारित हैं। इस शिखर सम्मेलन के मुख्य विषय एकजुटता, सतत विकास और नैतिक AI ढांचों की स्थापना पर केंद्रित हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानएवियन, फ्रांस: G7 शिखर सम्मेलन 2026 की मेजबान शहर।
संस्थाG7: सात औद्योगिक देशों का समूह (Canada, France, Germany, Italy, Japan, UK, USA)।
विज्ञान-तकनीकEthical AI: वैश्विक AI गवर्नेंस को संबोधित करनेके लिए 2026 G7 Summit का एक प्रमुख फोकस क्षेत्र।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक व्यवस्था में एक 'प्रमुख शक्ति' के रूप में भारत की उभरती भूमिका का विश्लेषण कीजिए, विशेष रूप से G7 और बहुपक्षीय ढाँचों के साथ इसकी बढ़ती संलग्नता के संदर्भ में। चर्चा कीजिए।
भू-राजनीतिक संतुलन: पश्चिमी G7 अर्थव्यवस्थाओं के साथ रणनीतिक संबंध बनाए रखते हुए 'ग्लोबल साउथ' नेतृत्व को साधने की कोशिश
रेगुलेटरी लीडरशिप: एथिकल AI और डेटा सॉवरेन्टी के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों को आकार देने में भारत की भूमिका
आर्थिक तालमेल: भारत के बढ़ते मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस एक्सपोर्ट्स के जरिए वैश्विक आर्थिक असंतुलन को दूर करना
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · बहुपक्षवाद · ग्लोबल साउथ · नैतिक AI · भू-राजनीतिक लाभ
चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ शत्रुता समाप्त करने के लिए एक अनंतिम समझौते की घोषणा की है, जिसमें अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को हटाने और तेल बिक्री पर प्रतिबंधों को निलंबित करने का प्रस्ताव शामिल है।
इस समझौते में एक अंतिम परमाणु समझौते और $24 बिलियन की जमी हुई ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने के लिए 60 दिनों की वार्ता अवधि शामिल है। इसका उद्देश्य शिपिंग के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को पुनः खोलना है, जबकि ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय गठबंधनों को आगे की वार्ता के अधीन रखा गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक समुद्री चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है।
तथ्यजमी हुई संपत्ति: इस सौदे में $24 बिलियन की जमी हुई ईरानी संपत्ति को मुक्त करने का प्रावधान है।
तथ्यवार्ता की अवधि (Negotiation Window): अंतिम परमाणु समझौते की वार्ता के लिए 60 दिनों की अवधि निर्धारित की गई थी।
विज्ञान-तकनीकतदर्थ समझौते में ईरान का मिसाइल कार्यक्रम विवाद का एक बिंदु बना हुआ है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर संभावित अमेरिका-ईरान तनाव कम होने के भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
मैरिटाइम सिक्योरिटी: ग्लोबल ऑयल सप्लाई चेन को स्थिर करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने की संभावना
भू-राजनीतिक तनाव: इज़राइल की भूमिका और ईरान के क्षेत्रीय प्रॉक्सी समर्थन की गतिशीलता पर अनिश्चितता
आर्थिक अस्थिरता: बुनियादी ढांचे को नुकसान और शिपिंग में रुकावट से ऊर्जा की कीमतों में स्थिरता प्रभावित हो रही है
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक तनाव में कमी · समुद्री सुरक्षा · ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर · परमाणु अप्रसार · प्रतिबंध शासन
चर्चा में क्यों: अमेरिका द्वारा वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए मिसाइल हमलों के कारण तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु होने और समुद्री व्यापार बाधित होने के पश्चात, भारत ने अमेरिकी दूतावास के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
इस घटना में भारतीय चालक दल के सदस्यों को ले जाने वाले व्यापारिक जहाजों पर अमेरिकी मिसाइल हमलों का समावेश था। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु पर आधिकारिक रूप से विरोध दर्ज कराया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अमेरिकी नाकाबंदी और ईरानी तेल परिवहन के संबंध में इस मुद्दे को संबोधित किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदएस. जयशंकर: भारत के विदेश मंत्री।
पदमार्को रुबियो: U.S. Secretary of State।
तथ्यइस घटना में अमेरिकी मिसाइल हमलों के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु हुई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अस्थिर समुद्री गलियारों में भारत द्वारा अपने नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों और भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर समुद्री सुरक्षा के निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
डिप्लोमैटिक घर्षण: संघर्ष क्षेत्रों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा बनाम अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी के बीच संतुलन
मैरिटाइम सिक्योरिटी: क्षेत्रीय ब्लॉकड और अवैध तेल परिवहन के कारण मर्चेंट शिपिंग और सप्लाई चेन को खतरे
कानूनी सुरक्षा: सक्रिय सैन्य संघर्ष के दौरान नागरिक चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा में समुद्री कानून की सीमाएं
मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · डिप्लोमैटिक विरोध · ऊर्जा सुरक्षा · नाविक सुरक्षा · रणनीतिक स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन वैश्विक नेताओं के लिए ईरान-यूक्रेन संघर्ष के समाधान, व्यापार और AI शासन पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य करता है।
G7 (ग्रुप ऑफ सेवन) में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। फ्रांस में आयोजित शिखर सम्मेलन में डोनाल्ड ट्रंप, नरेंद्र मोदी और इमैनुएल मैक्रॉन सहित उच्च स्तरीय नेतृत्व की भागीदारी देखी गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनG7: दुनिया की सात उन्नत अर्थव्यवस्थाओं का एक अनौपचारिक मंच।
स्थानफ्रांस: वर्तमान शिखर सम्मेलन का मेजबान देश।
तथ्यप्रतिभागियों में कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान, UK, फ्रांस और USA के नेता शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शासन और ऊर्जा सुरक्षा जैसे समकालीन वैश्विक चुनौतियों के समाधान में बहुपक्षीय सहयोग के एक मंच के रूप में G7 के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
भू-राजनीतिक तनाव: यूक्रेन में पश्चिमी सुरक्षा हितों और ईरान के साथ तनाव कम करने की ज़रूरत के बीच संतुलन
तकनीकी संप्रभुता: AI के हथियरीकरण को रोकने और नैतिक तैनाती सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक मानक स्थापित करना
विकासगत समानता: विकासशील देशों के लिए स्ट्रक्चर्ड सहायता और निवेश के जरिए उत्तर-दक्षिण अंतर को कम करना
मुख्य शब्द: बहुपक्षवाद · भू-राजनीतिक तालमेल · AI गवर्नेंस · ऊर्जा सुरक्षा · वैश्विक सहयोग
चर्चा में क्यों: हॉर्मुज जलडमरूमध्य के संभावित पुन: खुलने की संभावना भारत और अन्य ऊर्जा-निर्भर देशों को भविष्य में समुद्री चोकपॉइंट जोखिमों को कम करनेके लिए व्यापार मार्गों और ऊर्जा स्रोतों में स्थायी रूप से विविधता लाने के लिए प्रेरित कर रही है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है। भारत और ओमान, इस जलडमरूमध्य पर निर्भरता को कम करनेके लिए रणनीतिक विकल्पों के रूप में ओमान-गुजरात गैस पाइपलाइन और फुजैराह बंदरगाह की संभावनाओं का अन्वेषण कर रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक जलमार्ग जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
स्थानFujairah: UAE का एक प्रमुख बंदरगाह जिसे तेल टैंकरों के लिए वैकल्पिक बंकरिंग और ट्रांजिट हब के रूप में अक्सर उपयोग किया जाता है।
तथ्यओमान-गुजरात गैस पाइपलाइन: ओमान से भारत तक प्राकृतिक गैस परिवहन के लिए एक प्रस्तावित बुनियादी ढांचा परियोजना।
स्थानकजाकिस्तान: व्यापार मार्गों के विविधीकरण के पश्चात जापान के लिए एक गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए समुद्री चोकपॉइंट्स (maritime chokepoints) के रणनीतिक महत्व का विश्लेषण कीजिए और भू-राजनीतिक जोखिमों को कम करने के लिए व्यापार मार्गों के विविधीकरण की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।
ऊर्जा सुरक्षा: मध्य पूर्व से हटकर मध्य एशिया से सप्लाई सोर्स को डायवर्सिफाई करके समुद्री ब्लॉकड की संवेदनशीलता कम करना
इंफ्रास्ट्रक्चर डाइवर्सिफिकेशन: प्राकृतिक गैस की स्थिर आपूर्ति के लिए समुद्री चोकपॉइंट्स से बचने हेतु ओमान-गुजरात पाइपलाइन का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · मैरीटाइम चोकपॉइंट्स · रणनीतिक स्वायत्तता · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस · भू-राजनीतिक जोखिम
चर्चा में क्यों: ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना द्वारा पलाऊ ध्वज वाले पोत MT Settebello पर हमला किया गया, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु हो गई, जिसके परिणामस्वरूप भारत द्वारा औपचारिक राजनयिक विरोध दर्ज किया गया।
MT Settebello ओमान की खाड़ी में अमेरिकी विमानों द्वारा लक्षित एक पलाऊ-ध्वज वाला वाणिज्यिक पोत था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रिपोर्ट दी कि यह पोत प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए ईरान से अवैध तेल हस्तांतरण की गतिविधियों में संलग्न था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानओमान की खाड़ी: फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला एक रणनीतिक समुद्री गलियारा।
संस्थाUS Central Command (CENTCOM): मध्य पूर्व और मध्य एशिया में अभियानों के लिए जिम्मेदार अमेरिकी सैन्य कमान।
तथ्यइस हड़ताल के परिणामस्वरूप MT Settebello पर तीन भारतीय नाविकों की मृत्यु हो गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक शक्तियों द्वारा एकपक्षीय समुद्री प्रवर्तन कार्रवाइयों के वाणिज्यिक नौवहन की सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता के सिद्धांतों पर पड़ने वाले निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
मैरिटाइम सिक्योरिटी डिलेमा: अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को लागू करने और कमर्शियल शिपिंग लेन की सुरक्षा के बीच संतुलन
डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: द्विपक्षीय संबंधों और ओमान की खाड़ी में भारत के समुद्री हितों पर एकपक्षीय सैन्य कार्रवाइयों का असर
मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · नौवहन की स्वतंत्रता · प्रतिबंध लागू करना · डिप्लोमैटिक विरोध · भू-राजनीति
चर्चा में क्यों: अमेरिका और ईरान ने क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए एक अनौपचारिक समझौते पर सहमति व्यक्त की है, जिसमें प्रतिबंधों को हटाने और समुद्री सुरक्षा उपायों को शामिल किया गया है, जिसका मध्यस्थता पाकिस्तान द्वारा की गई है।
इस समझौते में ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने को शामिल किया गया है। इसमें लेबनान में सैन्य अभियानों को समाप्त करने का भी आह्वान किया गया है, हालांकि इज़राइल ने अभी तक हिजबुल्लाह के विरुद्ध अपने सैन्य आक्रमण को रोकने की पुष्टि नहीं की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: मध्य पूर्व में एक रणनीतिक चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है।
तथ्यइस समझौते में विशेष रूप से ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने का प्रावधान है।
पदबेंजामिन नेतन्याहू: इज़राइल के प्रधानमंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य-पूर्वी संघर्षों को कम करने में क्षेत्रीय मध्यस्थता की भूमिका और वैश्विक ऊर्जा व्यापार पर समुद्री सुरक्षा के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
मैरीटाइम सिक्योरिटी: वैश्विक तेल पारगमन और व्यापार के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व
मध्यस्थता की गतिशीलता: मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर इसका प्रभाव
सुरक्षा गतिरोध: द्विपक्षीय समझौतों और लेबनान में गैर-राज्य तत्वों की भागीदारी के बीच टकराव
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक मध्यस्थता · समुद्री सुरक्षा · प्रतिबंध शासन · क्षेत्रीय स्थिरता · तनाव कम करना
चर्चा में क्यों: भारत और चीन विरासत संरक्षण को सुव्यवस्थित करनेके उद्देश्य से ह्वेनसांग की 'द ग्रेट तांग रिकॉर्ड्स ऑन द वेस्टर्न रीजन्स' के लिए संयुक्त UNESCO नामांकन पर चर्चा कर रहे हैं।
BRICS संस्कृति कार्य समूह की बैठक वाराणसी में आयोजित की गई, जिसमें UNESCO विश्व विरासत सम्मेलन, अमूर्त सांस्कृतिक विरासत और 'मेमोरी ऑफ द वर्ल्ड' कार्यक्रम के अंतर्गत सहयोगात्मक नामांकन पर चर्चा की गई। इस विशिष्ट प्रस्ताव में मध्यकालीन भारत की यात्रा करने वाले चीनी बौद्ध भिक्षु, ह्वेन सांग (Xuanzang) के अभिलेखों को सम्मिलित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाUNESCO विश्व धरोहर सम्मेलन: उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य वाले स्थलों की पहचान और संरक्षण के लिए एक बहुपक्षीय संधि।
संस्थामेमोरी ऑफ द वर्ल्ड प्रोग्राम: दस्तावेजी विरासत और अभिलेखागारों के संरक्षण के लिए एक UNESCO पहल।
पदह्वेनसांग: एक चीनी बौद्ध भिक्षु जिन्होंने तांग राजवंश (7वीं शताब्दी) के दौरान भारत की यात्रा की थी।
तथ्यBRICS कल्चर वर्किंग ग्रुप: सदस्य देशों के लिए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संयुक्त नामांकन के समन्वय हेतु एक मंच।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ब्रिक्स (BRICS) देशों के बीच सांस्कृतिक विरासत के सहयोगात्मक प्रबंधन के माध्यम से सॉफ्ट पावर और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
डिप्लोमैटिक लेवरेज: भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय तनाव कम करने के लिए साझा बौद्ध विरासत का इस्तेमाल
संस्थागत दक्षता: UNESCO मान्यता के लिए सामूहिक विरासत का लाभ उठाकर प्रशासनिक दोहराव को कम करना
सांस्कृतिक संरक्षण: राष्ट्रीय नैरेटिव और सीमा पार के ऐतिहासिक रिकॉर्ड के संरक्षण के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सॉफ्ट पावर · सांस्कृतिक कूटनीति · हेरिटेज कंजर्वेशन · सीमा पार का इतिहास · बहुपक्षवाद
चर्चा में क्यों: लद्दाख के नागरिक समाज के नेता और गृह मंत्रालय (MHA) के मध्य मई 2024 की बैठक के कार्यवृत्त (minutes) में विशिष्ट प्रशासनिक शक्तियों और छठी अनुसूची के दर्जे के उल्लेख के न होने को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
गृह मंत्रालय (MHA) केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के लिए नोडल मंत्रालय है। विवाद का मुख्य केंद्र नौकरशाही स्थानांतरणों पर निर्वाचित प्रमुख के अधिकार और अनुच्छेद 371 पर आधारित एक वैधानिक अधिनियम की मांग है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संविधानअनुच्छेद 371 नगालैंड, असम और मणिपुर जैसे विभिन्न राज्यों के लिए विशेष प्रावधान प्रदान करता है।
संविधानसंविधान की छठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है।
पदउपराज्यपाल (LG) एक केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासनिक प्रमुख होता है।
तथ्यMHA और लद्दाख के नेताओं के बीच बैठक 22 मई, 2024 को आयोजित की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: लद्दाख जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में स्थानीय स्वायत्तता और केंद्र के निरीक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में निहित संवैधानिक और प्रशासनिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
प्रशासनिक घर्षण: निर्वाचित प्रमुख के अधिकार और नौकरशाही नियुक्तियों पर उपराज्यपाल की शक्ति के बीच टकराव
संवैधानिक असमानता: छठी अनुसूची की तरह सुरक्षा की मांग बनाम मौजूदा केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनिक ढांचा
डेमोक्रेटिक डेफिसिट: स्थानीय निवासियों के लिए स्पष्ट विधायी सुरक्षा उपायों के बिना 'सेल्फ-एडमिनिस्ट्रेशन' मॉडल पर चिंताएं
मुख्य शब्द: असममित संघवाद · लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण · प्रशासनिक स्वायत्तता · संवैधानिक सुरक्षा उपाय · केंद्र शासित प्रदेश शासन
चर्चा में क्यों: भारत और चीन UNESCO की 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' (Intangible Cultural Heritage) सूची में एक सांस्कृतिक नामांकन के लिए संयुक्त नामांकन का प्रस्ताव दे रहे हैं।
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) ने वर्ष 2002 में 'बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस' की स्थापना की। UNESCO की 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची' जीवंत परंपराओं और प्रदर्शन कलाओं पर केंद्रित है। ईरान में खार्ग द्वीप देश के कुल तेल निर्यात का 90% से अधिक हिस्सा संभालता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनविश्व बाल श्रम निषेध दिवस: International Labour Organization (ILO) द्वारा 2002 में स्थापित।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनUNESCO Intangible Cultural Heritage List: यह परंपराओं और प्रदर्शन कलाओं जैसी जीवंत सांस्कृतिक विरासत को मान्यता प्रदान करती है।
स्थानखारग द्वीप: ईरान के तट पर स्थित, यह ईरान के तेल निर्यात का 90% से अधिक हिस्सा संभालता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यह चर्चा कीजिए कि सांस्कृतिक कूटनीति और संयुक्त विरासत नामांकन किस प्रकार प्रतिस्पर्धी क्षेत्रीय शक्तियों के बीच सॉफ्ट पावर और संघर्ष समाधान के उपकरणों के रूप में कार्य कर सकते हैं।
डिप्लोमैटिक लेवरेज: भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संवाद के रास्ते बनाने के लिए साझा सांस्कृतिक विरासत का इस्तेमाल
सॉफ्ट पावर प्रोजेक्शन: राष्ट्रीय सांस्कृतिक पहचान और वैश्विक विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए UNESCO मान्यता का इस्तेमाल
भू-राजनीतिक महत्व: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार में खड़ द्वीप का रणनीतिक महत्व
मुख्य शब्द: सॉफ्ट पावर · सांस्कृतिक कूटनीति · अमूर्त विरासत · भू-राजनीति · द्विपक्षीय सहयोग
चर्चा में क्यों: BRICS कृषि मंत्रियों ने खाद्य सुरक्षा और जलवायु-अनुकूल कृषि में किसानों को प्राथमिकता देनेके उद्देश्य से भारत के इंदौर में 'BRICS इंदौर घोषणा' को अपनाया।
यह घोषणा इंदौर में आयोजित BRICS कृषि मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक के दौरान अपनाई गई थी। इसमें चार प्रमुख पहलों की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है: कृषि-पारिस्थितिकी पर उत्कृष्टता के केंद्रों का एक नेटवर्क, डिजिटल कृषि पर एक नेटवर्क, बीज प्रणालियों में किसानों के अधिकारों पर एक वैश्विक मंच, और BRICS AgriN नेटवर्क।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनBRICS: एक अंतर-सरकारी संगठन जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका (तथा नए सदस्य) शामिल हैं।
तथ्यBRICS AgriN: Agro Inputs, Genetic Resources, और Information पर केंद्रित एक नेटवर्क।
स्थानइंदौर: BRICS कृषि मंत्रियों की बैठक की मेजबान शहर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ब्रिक्स (BRICS) के माध्यम से बहुपक्षीय सहयोग किस प्रकार वैश्विक खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ कर सकता है और ग्लोबल साउथ (Global South) में जलवायु-अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा दे सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
नॉलेज ट्रांसफर: अलग-अलग जलवायु में स्वदेशी कृषि-पारिस्थितिक प्रथाओं को साझा करने के लिए ब्रिक्स सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस का लाभ उठाना
डिजिटल डिवाइड: विकासशील देशों में छोटे किसानों के बीच डिजिटल कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर तक असमान पहुंच को दूर करना
बीज संप्रभुता: सीड सिस्टम्स में किसानों के अधिकारों पर ग्लोबल फोरम के साथ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का संतुलन
मुख्य शब्द: खाद्य सुरक्षा · एग्रो-इकोलॉजी · पुनर्योजी कृषि · बहुपक्षवाद · क्लाइमेट-रेज़िलिएंट फार्मिंग
चर्चा में क्यों: भारत ने जुलाई 2024 से UAE में पासपोर्ट और वीजा सेवाओं के प्रबंधन हेतु BLS International और SGIVS के स्थान पर Al Hind की नियुक्ति की घोषणा की है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) मध्य पूर्व में भारत के लिए एक प्रमुख रणनीतिक भागीदार है। जुलाई 2024 से, 'अल हिंद' (Al Hind) को संयुक्त अरब अमीरात के क्षेत्र में भारतीय पासपोर्ट और वीजा प्रसंस्करण के लिए नवनियुक्त सेवा प्रदाता के रूप में नामित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यजुलाई 2024 से UAE में भारतीय पासपोर्ट और वीजा सेवाओं के लिए Al Hind को नामित सेवा प्रदाता बनाया गया है।
स्थानUAE (United Arab Emirates) भारतीय श्रम और पर्यटन के लिए एक प्रमुख गंतव्य है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की 'लुक वेस्ट' नीति और ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ द्विपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने के महत्व की चर्चा कीजिए।
डिप्लोमैटिक लेवरेज: ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित करने और ट्रेड कॉरिडोर को स्थिर करने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना
सर्विस आउटसोर्सिंग: वीज़ा प्रोसेसिंग में प्राइवेट सेक्टर की एफिशिएंसी और डेटा सिक्योरिटी व सॉवरेन ओवरसाइट के बीच संतुलन
लेबर माइग्रेशन: भारतीय प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षित और विनियमित आवाजाही के लिए वीज़ा प्रक्रियाओं को आसान बनाना
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय सहयोग · रणनीतिक साझेदारी · सेवा आउटसोर्सिंग · लुक वेस्ट पॉलिसी · वीज़ा डिप्लोमेसी
चर्चा में क्यों: मध्य पूर्व संकट के दौरान भारत ने रूस से तेल आयात के लिए US से छूट प्राप्त करते हुए, इज़राइल, ईरान और US के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखा और अपनी रणनीतिक स्वायत्तता का प्रदर्शन किया।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के पश्चात भारत ने उच्च स्तरीय अमेरिकी राजनयिकों को तलब किया। मध्य पूर्व संघर्ष में किसी भी विशिष्ट पक्ष की निंदा करने से बचते हुए, सरकार ने एक गैर-पक्षपाती (गैर-संरेखित) दृष्टिकोण बनाए रखा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट।
तथ्यभारत ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल की खरीद जारी रखने के लिए अमेरिका से छूट (waiver) प्राप्त की।
पदनरेंद्र मोदी: भारत के प्रधानमंत्री जो वर्तमान 'multi-aligned' विदेश नीति की देखरेख कर रहे हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में भारत की 'बहु-संरेखण' (multi-alignment) की रणनीति का विश्लेषण कीजिए। यह दृष्टिकोण ऊर्जा सुरक्षा और भू-राजनीतिक स्थिरता के बीच संतुलन कैसे स्थापित करता है? विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी: पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के दबाव के बावजूद अमेरिकी वेवर्स के जरिए रूसी तेल सुरक्षित करना
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: समुद्री हितों की रक्षा के लिए ईरान और इजरायल के साथ एक साथ कार्यात्मक संबंध बनाए रखना
मैरीटाइम सिक्योरिटी: होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नाविकों और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · मल्टी-एलाइनमेंट · ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक संतुलन · मैरिटाइम डिप्लोमेसी
चर्चा में क्यों: जहाज संबंधी समस्याओं के कारण 500 से अधिक भारतीय नाविकों को 107 दिनों तक होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में फंसा रहना पड़ा, जो इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों को रेखांकित करता है।
होरमुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में 13 जहाजों में कुल 562 भारतीय नाविक फंसे हुए थे। इस घटना में MT Celestial पर एक भारतीय नागरिक, निशांत उर्थनाथन की मृत्यु हुई, और Virat 1 पर 14 चालक दल के सदस्यों के लिए एक बचाव अभियान चलाया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूम (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
तथ्य13 जहाजों में 107 दिनों की अवधि तक 562 भारतीय नाविक फंसे रहे।
स्थानओमान की खाड़ी: ओमान की खाड़ी और अरब सागर के बीच स्थित जल निकाय, जो वैश्विक तेल पारगमन के लिए महत्वपूर्ण है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व और फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय व्यापारिक जहाजों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
समुद्री भेद्यता: भारी ट्रैफिक और भू-राजनीतिक रूप से संवेदनशील चोकपॉइंट्स में इंजन फेल होने और मैकेनिकल ब्रेकडाउन का हाई रिस्क
डिप्लोमैटिक कोऑर्डिनेशन: क्रू रिपैट्रिएशन के लिए भारत और गल्फ देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय मैरीटाइम सेफ्टी प्रोटोकॉल की ज़रूरत
एनर्जी सिक्योरिटी रिस्क: तेल और गैस ट्रांजिट रूट्स में लंबे समय तक रुकावट की संभावना जिससे भारत के हाइड्रोकार्बन आयात पर असर पड़ सकता है
मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · ऊर्जा सुरक्षा · चोकपॉइंट डिप्लोमेसी · मर्चेंट शिपिंग · भू-राजनीतिक जोखिम
चर्चा में क्यों: फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम के दौरान भारत को 'नवाचार का देश' बताते हुए AI और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग पर बल दिया।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीस में आयोजित 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम के दौरान उच्च-स्तरीय वार्ता की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), जलवायु परिवर्तन शमन और नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्रों में साझेदारी का विस्तार करना था।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदइमैनुएल मैक्रॉन: फ्रांस के राष्ट्रपति।
स्थानNice: दक्षिण-पूर्वी फ्रांस का एक शहर।
विज्ञान-तकनीकBharat Innovates: भारत की तकनीकी और नवाचार क्षमताओं को रेखांकित करने वाला एक आयोजन।
तथ्यफ्रांस और भारत 'Global Biofuels Alliance' और 'International Solar Alliance' में प्रमुख भागीदार हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने और वैश्विक जलवायु चुनौतियों के समाधान में भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी के महत्व पर चर्चा कीजिए।
तकनीकी तालमेल: 'नेट जीरो' लक्ष्य हासिल करने के लिए AI और ग्रीन टेक्नोलॉजी में सहयोगी R&D
ऊर्जा सुरक्षा: बढ़ती औद्योगिक मांग को पूरा करने के लिए सिविल न्यूक्लियर एनर्जी सहयोग का संभावित विस्तार
भू-राजनीतिक तालमेल: द्विपक्षीय तकनीकी नेतृत्व के जरिए 'ग्लोबल साउथ' की आवाज़ को मज़बूत करना
मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · तकनीकी संप्रभुता · क्लाइमेट डिप्लोमेसी · द्विपक्षीय सहयोग · इनोवेशन इकोसिस्टम
चर्चा में क्यों: जून 2026 में आयोजित होने वाली 28वीं IORA बैठक के दौरान, भारत द्वारा भारतीय नाविकों को ले जाने वाले जहाजों पर अमेरिकी हमलों और ईरान द्वारा लिए जाने वाले 'सेवा शुल्क' (service fees) के संबंध में चिंताएं व्यक्त करने की संभावना है।
इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA) में ईरान, UAE, यमन और ओमान जैसे सदस्य शामिल हैं। यह मंच वर्तमान में अमेरिकी द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अवरोध और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने से उत्पन्न समुद्री व्यवधानों के बीच चुनौतियों का सामना कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाIORA: हिंद महासागर और अन्य संबंधित क्षेत्रों के देशों का एक क्षेत्रीय संगठन।
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
तथ्यIORA के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति की 28वीं बैठक जून 2026 के लिए निर्धारित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिंद महासागर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने में 'इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन' (IORA) के महत्व की चर्चा कीजिए।
भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिकी समुद्री सुरक्षा हितों और ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव के बीच भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को संतुलित करना
समुद्री व्यापार की संवेदनशीलता: होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने का वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन और भारतीय व्यापार मार्गों पर प्रभाव
बहुपक्षीय कूटनीति: हिंद महासागर में समुद्री डकैती और एकतरफा ब्लॉकडों को कम करने के लिए IORA को एक प्लेटफॉर्म के रूप में इस्तेमाल करना
मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · रणनीतिक स्वायत्तता · भू-राजनीतिक तनाव · क्षेत्रीय सहयोग · चोकपॉइंट डिप्लोमेसी
चर्चा में क्यों: भारत और नेपाल ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से रक्सौल-काठमांडू रेल लिंक और अन्य सीमा पार रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
भारत, जयनगर-बिजलपुर-बर्डिबास और जोगबनी-बिरतनगर ब्रॉड गेज (BG) रेल लाइनों के लिए अनुदान सहायता प्रदान कर रहा है। बैठक में नेपाल की पूर्व-पश्चिम रेलवे परियोजना के लिए तकनीकी सहायता पर भी चर्चा की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानरक्सौल: बिहार का एक प्रमुख सीमावर्ती शहर, जो नेपाल से जुड़ा है।
तथ्यजयनगर-बिजलपुरा-बर्डिबास और जोगबानी-बिरतनगर: विकास के अधीन विशिष्ट सीमा पार रेल गलियारे।
विज्ञान-तकनीकब्रॉड गेज (BG): भारत और नेपाल में उपयोग किया जाने वाला 1,676 mm (5 ft 6 in) का मानक रेलवे ट्रैक गेज।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और नेपाल के बीच क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और जन-से-जन संपर्क को सुदृढ़ करने में सीमा पार रेलवे बुनियादी ढांचे की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
कनेक्टिविटी की बाधा: सीमा पार रेल एकीकरण और कस्टम्स क्लीयरेंस की लॉजिस्टिक मुश्किलों को दूर करना
आर्थिक तालमेल: बेहतर रेल फ्रेट के जरिए नेपाल की लैंडलॉक्ड इकोनॉमी के लिए भारतीय बाजारों तक पहुंच की संभावना
भू-राजनीतिक लाभ: सॉफ्ट पावर और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रांट्स का टूल के रूप में इस्तेमाल
मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · सीमा पार का इंफ्रास्ट्रक्चर · अनुदान सहायता · आर्थिक एकीकरण · सॉफ्ट पावर
चर्चा में क्यों: ग्लोबल कश्मीरी पंडित डायस्पोरा द्वारा संचालित 'प्रकाष' पहल का उद्देश्य 36 वर्षों के निर्वासन के पश्चात विस्थापित पंडितों के पुनर्मिलन और कश्मीर वापसी की सुविधा प्रदान करना है।
डॉ. सुरिंदर कौल ने विस्थापित समुदाय की स्थितियों का आकलन करने के लिए कश्मीर के छह दिवसीय दौरे का नेतृत्व किया। इस पहल के अंतर्गत, उपराज्यपाल कार्यालय के सहयोग से, कई पंडितों द्वारा घाटी में वापस लौटने और पुनर्वास के माध्यम से अपना जीवन पुनः स्थापित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदमनोज सिन्हा: केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल।
तथ्यकश्मीरी पंडित लगभग 36 वर्षों से घाटी से विस्थापित हैं।
संस्थाकश्मीरी पंडितों की वापसी और पुनर्वास पर सर्वोच्च समिति: एक सरकारी निकाय जिसे समुदाय के पुनर्वास की सुविधा प्रदान करने का कार्य सौंपा गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विस्थापित कश्मीरी पंडितों के घाटी में सफल पुनर्वास और एकीकरण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सामाजिक-राजनीतिक चुनौतियों और प्रशासनिक उपायों का विश्लेषण कीजिए।
मुख्य शब्द: सुलह · सांस्कृतिक पुनर्जागरण · विस्थापन · पुनर्वास · सामाजिक एकीकरण
चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने म्यांमार, बांग्लादेश और मणिपुर से आए शरणार्थियों के आगमन के कारण उत्पन्न मानवीय संकट के समाधान हेतु मिजोरम को ₹10 करोड़ की चावल सहायता प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की है।
मिजोरम सरकार ने विस्थापित व्यक्तियों के मानवीय संकट के प्रबंधन हेतु केंद्रीय गृह मंत्रालय से वित्तीय सहायता का अनुरोध किया था। केंद्र सरकार ने राहत कार्यों के लिए ₹10 करोड़ मूल्य के चावल के विशिष्ट सहायता पैकेज को मंजूरी प्रदान की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यकेंद्र सरकार ने मिजोरम शरणार्थियों के लिए ₹10 करोड़ की चावल सहायता को मंजूरी दी।
स्थानमिजोरम की अंतर्राष्ट्रीय सीमाएं म्यांमार और बांग्लादेश के साथ लगती हैं।
पदअमित शाह भारत के केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की पूर्वी सीमाओं पर बड़े पैमाने पर शरणार्थियों के आगमन से उत्पन्न होने वाली मानवीय और सुरक्षा चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और एक संतुलित नीतिगत रूपरेखा का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
संसाधन पर दबाव: मिजोरम जैसे सीमावर्ती राज्यों में अचानक आबादी बढ़ने से स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर और खाद्य सुरक्षा पर दबाव
मुख्य शब्द: मानवीय संकट · शरणार्थी प्रबंधन · सीमा सुरक्षा · अंतर-राज्यीय सहयोग · विस्थापित व्यक्ति