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भाग I · स्था. 11.2025 
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अंतर्राष्ट्रीय संबंध करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,341 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2755) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (208) · भारत एवं पड़ोसी देश (173) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (112) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (87) · प्रवासी भारतीय (6)

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

शिपिंग महानिदेशालय (DGS) ने 26 जून, 2026 को संशोधित सुरक्षा परामर्श के बाद जलडमरूमध्य ऑफ हॉर्मुज़ (Strait of Hormuz) में भारतीय जहाजों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा दिया है

चर्चा में क्यों: शिपिंग महानिदेशालय (DGS) ने 26 जून, 2026 को संशोधित सुरक्षा परामर्श के बाद जलडमरूमध्य ऑफ हॉर्मुज़ (Strait of Hormuz) में भारतीय जहाजों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा दिया है।

DGS ने 26 जून, 2026 को एक संशोधित आदेश जारी किया, जिसके अंतर्गत भारतीय जहाजों और नाविकों को खाड़ी क्षेत्र में परिचालन की अनुमति प्रदान की गई है। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) वर्तमान में तटीय देशों के साथ समन्वय कर रहा है ताकि क्षेत्र में फंसे हुए नाविकों को निकाला जा सके।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानहॉर्मुज जलडमरूम (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
  • संस्थाDirectorate General of Shipping (DGS): भारत में समुद्री शिपिंग और नाविकों की सुरक्षा के लिए नोडल एजेंसी।
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनInternational Maritime Organisation (IMO): समुद्री सुरक्षा और सुरक्षा को विनियमित करने के लिए जिम्मेदार UN की एक विशिष्ट एजेंसी।
  • तथ्यसंशोधित परामर्श 26 जून, 2026 को जारी किया गया था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक महत्व का विश्लेषण कीजिए और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने में अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सहयोग की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • एनर्जी सिक्योरिटी रिस्क: अस्थिर जियोपॉलिटिकल चोकपॉइंट से तेल का भारी ट्रांजिट
  • मैरिटाइम सेफ्टी प्रोटोकॉल: विवादित जलक्षेत्रों में कमर्शियल शिपिंग हितों और बढ़ी हुई सुरक्षा जागरूकता के बीच संतुलन
  • बहुपक्षीय समन्वय: क्षेत्रीय भू-राजनीतिक तनाव के दौरान समुद्री सुरक्षा में IMO की भूमिका

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · समुद्री सुरक्षा · भू-राजनीतिक चोकपॉइंट · रणनीतिक स्वायत्तता · अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असरप्रीलिम्स + मेन्स

चीन के LineShine सुपरकंप्यूटर ने अमेरिका के El Capitan सिस्टम को पीछे छोड़ दिया है

चर्चा में क्यों: चीन के LineShine सुपरकंप्यूटर ने अमेरिका के El Capitan सिस्टम को पीछे छोड़ दिया है, जो अमेरिकी निर्यात प्रतिबंधों के बावजूद वैश्विक उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (HPC) नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।

LineShine सुपरकंप्यूटर 45,000 LX2 प्रोसेसर द्वारा संचालित है और 2,198 exaflops की प्रसंस्करण क्षमता प्राप्त करता है। यह विशेष रूप से इस तथ्य के लिए उल्लेखनीय है कि इसे हार्डवेयर व्यापार बाधाओं से बचने हेतु पूर्णतः CPU-आधारित आर्किटेक्चर का उपयोग करते हुए चीन में विकसित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यLineShine की प्रोसेसिंग क्षमता: 2,198 exaflops।
  • तथ्यLineShine hardware: 45,000 LX2 processors द्वारा संचालित।
  • संस्थाTOP500: दुनिया के सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटरों की वैश्विक रैंकिंग सूची।
  • विज्ञान-तकनीकCPU-only architecture: उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (high-performance computing) में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए LineShine द्वारा उपयोग किया जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: 21वीं सदी में सुपरकंप्यूटिंग वर्चस्व की वैश्विक प्रतिस्पर्धा भू-राजनीतिक परिदृश्य और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों की सुरक्षा को किस प्रकार प्रभावित करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • तकनीकी संप्रभुता: अमेरिकी सेमीकंडक्टर एक्सपोर्ट कंट्रोल से बचने के लिए चीन का घरेलू CPU आर्किटेक्चर की ओर झुकाव
  • दोहरे उपयोग की दुविधा: नागरिक AI रिसर्च और उन्नत सैन्य सिमुलेशन दोनों में हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग का एकीकरण
  • भू-राजनीतिक डीकपलिंग: वैश्विक टेक सप्लाई चेन का प्रतिस्पर्धी क्षेत्रीय इकोसिस्टम्स में बँटवारा

मुख्य शब्द: तकनीकी संप्रभुता · दोहरे उपयोग वाली टेक्नोलॉजी · रणनीतिक स्वायत्तता · भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता · हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

हॉर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ईरान और US के बीच शत्रुता में वृद्धि, जिसमें बहरीन और कुवैत पर हमले शामिल हैं, क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं

चर्चा में क्यों: हॉर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ईरान और US के बीच शत्रुता में वृद्धि, जिसमें बहरीन और कुवैत पर हमले शामिल हैं, क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका ने दो लगातार दिनों तक होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट सैन्य हमले किए। ईरान द्वारा बहरीन और कुवैत पर किए गए हमलों के परिणामस्वरूप वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय किया गया और ओमान, कतर, कुवैत एवं UAE द्वारा क्षेत्रीय स्तर पर इसकी कड़ी निंदा की गई।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानहॉर्मुज जलडमरूम (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
  • तथ्यBahrain, Kuwait, Oman, Qatar और UAE, Gulf Cooperation Council (GCC) के प्रमुख सदस्य हैं।
  • विज्ञान-तकनीकवायु रक्षा प्रणाली: खाड़ी देशों द्वारा हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए उपयोग की जाने वाली एकीकृत मिसाइल रक्षा प्रणालियाँ (Integrated missile defense systems)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • ऊर्जा सुरक्षा जोखिम: होर्मुज जलडमरूमध्य के ज़रिए तेल और एलएनजी आवाजाही में संभावित रुकावट से वैश्विक बाज़ारों पर असर
  • क्षेत्रीय अस्थिरता: गैर-राज्य तत्वों और पड़ोसी खाड़ी देशों के शामिल होने से बहु-मोर्चा संघर्ष का खतरा
  • मैरिटाइम कानून विवाद: सक्रिय सैन्य हमलों और ब्लॉकड के खतरों के बीच नेविगेशन की आज़ादी लागू करने की चुनौतियां

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक अस्थिरता · समुद्री सुरक्षा · एनर्जी कॉरिडोर · क्षेत्रीय वर्चस्व · रणनीतिक चोकपॉइंट

अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके पाकिस्तान और भारत के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए

चर्चा में क्यों: अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके पाकिस्तान और भारत के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए, जो क्षेत्रीय भूकंपीय संवेदनशीलता को रेखांकित करता है।

यह भूकंप अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में 215 किमी की गहराई पर आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (भारत) और रॉयटर्स ने इस घटना की सूचना दी, जिसमें पाकिस्तान के स्वात जिले और भारत के दिल्ली-NCR में झटके महसूस किए जाने का उल्लेख किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाNational Center for Seismology (NCS): भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी और भूकंपीय अलर्ट प्रदान करने के लिए भारत की नोडल एजेंसी।
  • स्थानहिंदूकुश: मध्य एशिया में स्थित एक पर्वत श्रृंखला, जो अफगानिस्तान, पाकिस्तान और ताजिकिस्तान में फैली हुई है और उच्च भूकंपीय गतिविधि के लिए जानी जाती है।
  • तथ्यपरिमाण 6.2: पाकिस्तान में 5.5 परिमाण की घटना सहित भूकंप के एक सिलसिले के बाद अफगानिस्तान में दर्ज किया गया प्राथमिक भूकंप।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भूकंपीय रूप से सक्रिय हिंदूकुश क्षेत्र में भारत, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच आपदा प्रबंधन और पूर्व चेतावनी प्रणालियों में क्षेत्रीय सहयोग के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • डेटा-शेयरिंग में रुकावट: भारत और पाकिस्तान के बीच रियल-टाइम सिस्मिक डेटा साझा न होने से अर्ली वार्निंग की प्रभावशीलता प्रभावित
  • भूगर्भीय संवेदनशीलता: हिंदूकुश क्षेत्र में उच्च टेक्टोनिक गतिविधि के कारण सीमा पार आपदा प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल की ज़रूरत है
  • मानवीय समन्वय: अफगानिस्तान-पाकिस्तान कॉरिडोर में बड़े पैमाने पर बचाव कार्यों के प्रबंधन के लिए एक बहुपक्षीय फ्रेमवर्क की ज़रूरत

मुख्य शब्द: भूकंप संवेदनशीलता · सीमा पार सहयोग · अर्ली वार्निंग सिस्टम · आपदा शमन · क्षेत्रीय स्थिरता

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस ↗+1 और खबरें इस विषय पर
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अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के OFAC ने सूडान में युद्धरत गुटों को कथित रूप से हथियार और विस्फोटक की आपूर्ति करने के कारण एक भारतीय विस्फोटक निर्माण फर्म और कई संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं

चर्चा में क्यों: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के OFAC ने सूडान में युद्धरत गुटों को कथित रूप से हथियार और विस्फोटक की आपूर्ति करने के कारण एक भारतीय विस्फोटक निर्माण फर्म और कई संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं।

अमेरिकी कार्यालय विदेशी संपत्ति नियंत्रण (OFAC) ने एक भारतीय नागरिक और विस्फोटकों के निर्माण से जुड़े एक फर्म सहित आठ व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं। ये प्रतिबंध सूडानी सशस्त्र बलों (SAF) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) को आपूर्ति करने वाले नेटवर्क को लक्षित करते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाOFAC: Office of Foreign Assets Control, U.S. Department of the Treasury का एक विभाग है।
  • तथ्यये प्रतिबंध SAF और RSF दोनों को हथियार, विस्फोटक और विदेशी लड़ाकों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क को लक्षित करते हैं।
  • स्थानसूडान: वर्तमान में सूडानी सशस्त्र बल (SAF) और रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) के बीच गृहयुद्ध की स्थिति।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक शक्तियों द्वारा भारतीय निजी संस्थाओं पर लगाए गए अतिरिक्त-क्षेत्रीय प्रतिबंधों के निहितार्थों और विदेशी संघर्षों में संलिप्तता को रोकने के लिए सुदृढ़ निर्यात नियंत्रणों के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: संघर्ष क्षेत्रों में जाने से रोकने के लिए ड्यूल-यूज़ गुड्स और विस्फोटकों के निर्यात की सख्त निगरानी की ज़रूरत
  • भू-राजनीतिक तनाव: भारत की 'स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी' और अमेरिकी ट्रेजरी से सेकेंडरी सैंक्शंस के जोखिम के बीच संतुलन
  • सप्लाई चेन इंटीग्रिटी: हाई-रिस्क ज्यूरिसडिक्शन में एक्सपोर्ट करने वाली भारतीय मैन्युफैक्चरिंग फर्मों के लिए 'नो योर कस्टमर' (KYC) नियमों को मजबूत करना

मुख्य शब्द: अतिरिक्त-क्षेत्रीयता · दोहरे उपयोग वाली वस्तुएं · सेकेंडरी सैंक्शन · रणनीतिक स्वायत्तता · एक्सपोर्ट कंट्रोल

स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर
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प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में सम्मिलित होने के लिए सेशेल्स का दौरा किया

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में सम्मिलित होने के लिए सेशेल्स का दौरा किया, जिसमें उन्होंने समुद्री सुरक्षा सहयोग और 'मेड इन इंडिया' फास्ट पेट्रोल वेसल के हस्तांतरण पर बल दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती के अवसर पर तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के लिए सेशेल्स का दौरा किया। इस यात्रा के दौरान, सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से वहां एक 'मेड इन इंडिया' फास्ट पेट्रोल वेसल (fast patrol vessel) हस्तांतरित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानसेशेल्स: हिंद महासागर में अफ्रीका के पूर्व में स्थित एक द्वीप देश।
  • तथ्यभारत ने सेशेल्स को 'Made in India' फास्ट पेट्रोल वेसल हस्तांतरित करने की प्रतिबद्धता जताई है।
  • पदपैट्रिक हरमिनी: सेशेल्स के राष्ट्रपति।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सागर (SAGAR) विजन के संदर्भ में, हिंद महासागर द्वीप देशों (IOICs) के साथ भारत के समुद्री सुरक्षा सहयोग के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • मैरिटाइम सिक्योरिटी: हिंद महासागर में गैर-पारंपरिक खतरों से निपटने के लिए निगरानी और पेट्रोल क्षमताओं को मजबूत करना
  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: द्वीप देशों के साथ गहरे द्विपक्षीय संबंध बढ़ाते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा हितों में संतुलन बनाना
  • आर्थिक एकीकरण: भारतीय महासागर क्षेत्र में व्यापार और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए समुद्री सहयोग का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · सागर विज़न · रणनीतिक साझेदारी · इंडियन ओशन रीजन · द्विपक्षीय सहयोग

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तारीक रहमान की चीन यात्रा के दौरान बांग्लादेश और चीन ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया

चर्चा में क्यों: तारीक रहमान की चीन यात्रा के दौरान बांग्लादेश और चीन ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया, जिसमें मोंगला पोर्ट के आधुनिकीकरण और तीस्ता नदी प्रबंधन पर सहयोग की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है, जो भारत के क्षेत्रीय प्रभाव को प्रभावित कर सकता है।

संयुक्त वक्तव्य में मोंगला बंदरगाह के आधुनिकीकरण और तीस्ता नदी के लिए एक प्रबंधन योजना को सम्मिलित किया गया है। यह विदेशी मंत्रियों के मध्य रणनीतिक संवाद और विधायी निकायों एवं राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते आदान-प्रदान के लिए तंत्र स्थापित करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानमोंगला पोर्ट: बांग्लादेश के खुलना डिवीजन में स्थित एक प्रमुख समुद्री बंदरगाह।
  • तथ्यतीस्ता नदी: बांग्लादेश की एक प्रमुख नदी जो बंगाल की खाड़ी में विसर्जित होती है।
  • पदतारीक रहमान: बांग्लादेश के एक प्रमुख राजनीतिक व्यक्तित्व जो उच्च-स्तरीय राजनयिक गतिविधियों में शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: चीन और बांग्लादेश के बीच गहरे होते समुद्री और जल-संसाधन सहयोग के भारत की 'पड़ोस पहले' (Neighborhood First) नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • रणनीतिक घेराबंदी: मोंगला पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए बंगाल की खाड़ी में चीन का समुद्री दबदबा संभव
  • हाइड्रो-पॉलिटिकल तनाव: संयुक्त तीस्ता प्रबंधन का निचले इलाकों में जल सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग पर प्रभाव
  • सुरक्षा भेद्यता: बंगाल की खाड़ी में चीन की बढ़ती लॉजिस्टिक मौजूदगी से भारत की समुद्री सुरक्षा को खतरा

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · समुद्री सुरक्षा · जल-राजनीति · पड़ोस पहले · भू-राजनीतिक पुनर्गठन

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यूक्रेन, रूस द्वारा अधिग्रहित किए गए क्रीमियन प्रायद्वीप पर ड्रोन हमलों को तीव्र कर रहा है

चर्चा में क्यों: यूक्रेन, रूस द्वारा अधिग्रहित किए गए क्रीमियन प्रायद्वीप पर ड्रोन हमलों को तीव्र कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप आपातकाल की स्थिति उत्पन्न हुई है और संघर्ष के रणनीतिक केंद्र में परिवर्तन आया है।

रूस ने वर्ष 2014 में क्रीमियन प्रायद्वीप पर अधिकार कर लिया था। यूक्रेन ने रूस पर संघर्ष समाप्त करने के लिए दबाव बनाने हेतु 40 दिवसीय 'प्रभाव अभियान' (influence operation) शुरू किया है। ड्रोन गतिविधियों के कारण वर्तमान में यह क्षेत्र घोषित आपातकाल के अधीन है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानक्रीमिया: काला सागर के उत्तरी तट पर स्थित एक प्रायद्वीप, जिसे 2014 में रूस द्वारा अधिग्रहित किया गया था।
  • तथ्ययूक्रेन का 'इन्फ्लुएंस ऑपरेशन' 40 दिनों की अवधि के लिए निर्धारित है।
  • विज्ञान-तकनीकयूक्रेन क्रीमिया में रूसी बुनियादी ढांचे पर लंबी दूरी के हमलों के लिए ड्रोन तकनीक का प्राथमिक उपकरण के रूप में उपयोग करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: रूस-यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में क्रीमिया प्रायद्वीप के रणनीतिक महत्व और काला सागर की समुद्री सुरक्षा पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • समुद्री दबदबा: सेवेस्टोपोल नेवल बेस पर नियंत्रण और ब्लैक सी के सेंट्रल कॉरिडोर तक पहुंच
  • भू-राजनीतिक लाभ: क्षेत्रीय अखंडता और समुद्री कॉरिडोर तक पहुंच में एक सौदेबाजी के चिप के रूप में क्रीमिया की भूमिका
  • असिमेट्रिक वॉरफेयर: पारंपरिक रूसी एयर डिफेंस से बचने के लिए ड्रोन-आधारित एट्रिशन की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: रणनीतिक गहराई · समुद्री सुरक्षा · असिमेट्रिक वॉरफेयर · क्षेत्रीय अखंडता · भू-राजनीतिक लाभ

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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्ष 2025 की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा की संभावना का संकेत दिया है

चर्चा में क्यों: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्ष 2025 की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा की संभावना का संकेत दिया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घोषणा की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा 2025 की शुरुआत में अपेक्षित है। प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के बीच हाल ही में संपन्न हुई G7 शिखर सम्मेलन की बैठक के उपरांत, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक विकास के क्षेत्रों में सहयोग को सुदृढ़ करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदमार्को रुबियो: संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री (Secretary of State) के रूप में कार्यरत।
  • तथ्यG7 शिखर सम्मेलन बैठक के बाद यह यात्रा 2025 की शुरुआत के लिए निर्धारित है।
  • तथ्यसहयोग के प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई: ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखलाएं और आर्थिक सहयोग।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बहुध्रुवीय विश्व में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और ऊर्जा सुरक्षा को पुनर्गठित करने में भारत-अमेरिका साझेदारी के रणनीतिक महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक पुनर्गठन: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के मुकाबले भारत की भूमिका
  • आर्थिक तालमेल: भारत की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन की मजबूती के लिए अमेरिकी टेक्नोलॉजी और कैपिटल का इस्तेमाल
  • एनर्जी ट्रांजिशन: स्थिर ऊर्जा स्रोत सुरक्षित करने और ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर में सहयोगी प्रयास

मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · सप्लाई चेन रेजिलिएंस · ऊर्जा सुरक्षा · द्विपक्षीय सहयोग · बहुध्रुवीयता

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अफ्रीका में इबोला के प्रकोप से उत्पन्न जोखिमों को कम करनेके उद्देश्य से

चर्चा में क्यों: अफ्रीका में इबोला के प्रकोप से उत्पन्न जोखिमों को कम करनेके उद्देश्य से, भारत ने UAE सहित अन्य देशों से आने वाले अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए 'Air Suvidha 2.0' स्वास्थ्य घोषणा प्रणाली को पुनः लागू कर दिया है।

एयर सुविधा 2.0 एक डिजिटल मंच है जिसके अंतर्गत यात्रियों के लिए प्रस्थान से 24 घंटे पूर्व ऑनलाइन स्वास्थ्य घोषणा पत्र जमा करना अनिवार्य है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) घोषित किए जाने के पश्चात इसे पुन: लागू किया गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाWHO: विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) घोषित किया है।
  • तथ्यAir Suvidha 2.0: अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए प्रस्थान से 24 घंटे के भीतर अनिवार्य स्वास्थ्य घोषणा।
  • विज्ञान-तकनीकEbola: एक वायरल हैमरेजिक फीवर जो Ebola वायरस के कारण होता है, वर्तमान में अफ्रीका में प्रकोप का कारण बना हुआ है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ज़ूनोटिक रोगों और संक्रामक महामारियों के सीमा पार संचरण को रोकने में अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य निगरानी प्रणालियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • डेटा इंटरऑपरेबिलिटी: अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट हब और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मंत्रालयों के बीच रियल-टाइम हेल्थ डेटा शेयरिंग में चुनौतियां
  • पब्लिक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर: ग्लोबल एविएशन में यात्रियों की सुगम आवाजाही और सख्त स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल के बीच संतुलन
  • ज़ूनोटिक सर्विलांस: एंट्री पॉइंट्स पर वायरल आउटब्रेक का पता लगाने और उसे रोकने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम को मज़बूत करना

मुख्य शब्द: सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल · ज़ूनोटिक बीमारियाँ · स्वास्थ्य निगरानी · सीमा पार ट्रांसमिशन · बायोसिक्योरिटी

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UNHRC में पाकिस्तान पर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में व्यापक गिरफ्तारियों और सड़क अवरोधों के माध्यम से की गई एक भीषण कार्रवाई का आरोप लगाया गया

चर्चा में क्यों: UNHRC में पाकिस्तान पर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में व्यापक गिरफ्तारियों और सड़क अवरोधों के माध्यम से की गई एक भीषण कार्रवाई का आरोप लगाया गया, जिससे मानवीय संकट उत्पन्न हो गया है।

स्विस कश्मीर मानवाधिकार आयोग और UKPNP के नेताओं ने जिनेवा में UNHRC के समक्ष अपनी गवाही प्रस्तुत की। इन आरोपों में आवश्यक आपूर्ति को बाधित करने के लिए आतंकवाद विरोधी कानूनों के उपयोग और PoK, बलूचिस्तान तथा खैबर पख्तूनख्वा में व्यापक मानवाधिकारों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानPoK: पाकिस्तान द्वारा प्रशासित क्षेत्र, जो वर्तमान में अंतर्राष्ट्रीय विवाद के अधीन है।
  • संस्थाUNHRC: United Nations Human Rights Council, इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में स्थित है।
  • तथ्यरिपोर्ट किए गए आंकड़े: PoK में कार्रवाई के दौरान 22 की मौत और 576 गिरफ्तारियां।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विवादित क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन के भारत के कूटनीतिक रुख पर पड़ने वाले प्रभावों और इन मुद्दों के समाधान में अंतर्राष्ट्रीय मंचों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • मानवीय संकट: संघर्ष क्षेत्रों में सड़क जाम से आवश्यक वस्तुओं और मेडिकल सेवाओं की आपूर्ति पर असर
  • संस्थागत निगरानी: विवादित क्षेत्रों में संप्रभु देशों के खिलाफ जवाबदेही तय करने में UNHRC की सीमाएं

मुख्य शब्द: मानवीय संकट · डिप्लोमैटिक लेवरेज · संप्रभुता · मानवाधिकारों का उल्लंघन · विवादित क्षेत्र

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उत्तरी वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों के कारण 920 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई

चर्चा में क्यों: उत्तरी वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों के कारण 920 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई, जिसके परिणामस्वरूप भारत ने मानवीय सहायता के लिए 'ऑपरेशन अमिस्टाद' शुरू किया है।

उत्तरी वेनेजुएला में दो भूकंप आए, जिससे विशेष रूप से ला गुइरा और कराकास प्रभावित हुए। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 50,000 से अधिक लोगों के लापता होने की सूचना दी है, जिसके परिणामस्वरूप एक गंभीर मानवीय संकट उत्पन्न हो गया है और वेनेजुएला की राष्ट्रीय सभा द्वारा सैन्य तैनाती की गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यवेनेजुएला भूकंप में 920 से अधिक लोगों की मृत्यु की पुष्टि हुई और 50,000 लोग लापता बताए गए हैं।
  • पदटॉम फ्लेचर मानवीय प्रतिक्रिया की देखरेख करने वाले UN सहायता प्रमुख के रूप में कार्यरत हैं।
  • तथ्यसंयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला को $150 मिलियन की सैन्य और मानवीय सहायता प्रदान की।
  • तथ्यभारत ने प्रभावित क्षेत्र में बचाव दल और राहत सामग्री प्रदान करने के लिए 'Operation Amistad' शुरू किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ग्लोबल साउथ में बड़े पैमाने पर होने वाली प्राकृतिक आपदाओं के प्रबंधन में मानवीय कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • लॉजिस्टिक बॉटलनेक: काराकास जैसे घने शहरी इलाकों में मलबे को तेज़ी से हटाने और सर्च-एंड-रेस्क्यू में मुश्किल
  • डिप्लोमैटिक लेवरेज: दक्षिण अमेरिकी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए मानवीय सहायता का इस्तेमाल
  • संसाधन जुटाना: एक साथ होने वाले मानवीय संकटों के दौरान मल्टी-नेशनल सैन्य और नागरिक सहायता के समन्वय में चुनौतियां

मुख्य शब्द: मानवीय कूटनीति · आपदा प्रबंधन · द्विपक्षीय सहयोग · संकट प्रतिक्रिया · ग्लोबल साउथ

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भयंकर भूकंप के पश्चात, भारत ने C-17 Globemaster III विमान के माध्यम से वेनेजुएला को एक विशेष चिकित्सा दल और राहत सामग्री भेजी है

चर्चा में क्यों: भयंकर भूकंप के पश्चात, भारत ने C-17 Globemaster III विमान के माध्यम से वेनेजुएला को एक विशेष चिकित्सा दल और राहत सामग्री भेजी है।

भारतीय वायु सेना ने हिंडन एयर फोर्स स्टेशन से दो C-17 ग्लोबमास्टर III विमान तैनात किए हैं। सेना के 60 पैरा फील्ड अस्पताल की चिकित्सा टीम में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने हेतु नौ चिकित्सा अधिकारियों सहित कुल 41 कर्मी शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकC-17 Globemaster III: एक विशाल सैन्य परिवहन विमान जो लंबी दूरी तक भारी कार्गो और सैनिकों को ले जाने में सक्षम है।
  • पद60 Para Field Hospital: भारतीय सेना की एक विशिष्ट चिकित्सा इकाई जो आपदा क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने में सक्षम है।
  • तथ्यभारत ने 9 मेडिकल अधिकारियों सहित 41 कर्मियों का एक दल वेनेजुएला भेजा।
मेन्स के लिए

प्रश्न: द्विपक्षीय और वैश्विक संबंधों में 'सॉफ्ट पावर' के एक उपकरण के रूप में मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) प्रदान करने में भारत की बढ़ती भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • स्ट्रेटेजिक आउटरीच: द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और भारत को एक जिम्मेदार ग्लोबल पावर के रूप में पेश करने के लिए HADR ऑपरेशंस का लाभ उठाना
  • लॉजिस्टिक क्षमता: महाद्वीपीय आपदा क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए IAF के लॉन्ग-रेंज ट्रांसपोर्ट फ्लीट का उपयोग
  • मेडिकल डिप्लोमेसी: नॉन-ट्रेडिशनल सिक्योरिटी कोऑपरेशन के रूप में तुरंत स्वास्थ्य सेवा देने के लिए स्पेशलाइज्ड फील्ड हॉस्पिटल तैनात करना

मुख्य शब्द: मानवीय सहायता · आपदा राहत · सॉफ्ट पावर · मेडिकल डिप्लोमेसी · HADR · रणनीतिक आउटरीच

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हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सिंगापुर ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज पर ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमले के प्रत्युत्तर में

चर्चा में क्यों: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सिंगापुर ध्वज वाले एक मालवाहक जहाज पर ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमले के प्रत्युत्तर में, अमेरिकी सेना ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन भंडारण सुविधाओं पर जवाबी हमले किए।

ईरानी हमले में एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज को निशाना बनाते हुए चार 'वन-वे' हमलावर ड्रोनों का उपयोग किया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरानी तटीय रडार स्थलों और मिसाइल/ड्रोन भंडारण सुविधाओं पर किए गए हमलों की पुष्टि की है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक समुद्री चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
  • संस्थाCENTCOM: United States Central Command, जो मध्य पूर्व और मध्य एशिया में सैन्य अभियानों के लिए उत्तरदायी है।
  • तथ्यईरानी हमले में सिंगापुर ध्वज वाले एक जहाज पर चार वन-वे अटैक ड्रोन्स (one-way attack drones) का उपयोग किया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री असुरक्षा के वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पड़ने वाले प्रभावों और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने में अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानून की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • एस्केलेशन डायनेमिक्स: डिप्लोमैटिक सीजफायर समझौतों से किनेटिक मिलिट्री स्ट्राइक्स की ओर बदलाव क्षेत्रीय डी-एस्केलेशन प्रयासों को जटिल बनाता है
  • अंतरराष्ट्रीय कानून में टकराव: विवादित जलक्षेत्रों में इनोसेंट पैसेज के अधिकार और तटीय राज्य के सुरक्षा उपायों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · एनर्जी डिप्लोमेसी · नौवहन की स्वतंत्रता · काइनेटिक एस्केलेशन · भू-राजनीतिक चोकपॉइंट्स

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इजरायल और लेबनान ने निरंतर जारी संघर्ष के बीच स्थायी शांति और सुरक्षा स्थापित करनेके उद्देश्य से वाशिंगटन में अमेरिका की मध्यस्थता से एक रूपरेखा समझौता (framework agreement) हस्ताक्षरित किया

चर्चा में क्यों: इजरायल और लेबनान ने निरंतर जारी संघर्ष के बीच स्थायी शांति और सुरक्षा स्थापित करनेके उद्देश्य से वाशिंगटन में अमेरिका की मध्यस्थता से एक रूपरेखा समझौता (framework agreement) हस्ताक्षरित किया।

यह समझौता वाशिंगटन में आयोजित वार्ता के दौरान अमेरिकी प्रशासन द्वारा मध्यस्थता से संपन्न हुआ था। यद्यपि इसका उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता स्थापित करना था, तथापि यह ढांचा उल्लेखनीय रूप से हिजबुल्लाह को बाहर रखता है, जो इस संघर्ष में एक प्रमुख उग्रवादी अभिकर्ता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानलेबनान: भूमध्य सागर और इज़राइल की सीमा से सटा एक मध्य पूर्वी देश।
  • संस्थाHezbollah: संघर्ष में सक्रिय एक लेबनानी राजनीतिक और उग्रवादी समूह।
  • तथ्ययह समझौता एक राजनयिक ढांचे के रूप में वाशिंगटन, USA में हस्ताक्षरित किया गया था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में लंबे समय से चले आ रहे क्षेत्रीय संघर्षों को सुलझाने में तीसरे पक्ष के मध्यस्थता की भूमिका का विश्लेषण कीजिए, जिसमें इस्राइल-लेबनान ढांचे को एक केस स्टडी के रूप में उपयोग करें।

  • भू-राजनीतिक लाभ: मध्यस्थ के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका की भूमिका और क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता पर इसका प्रभाव
  • क्षेत्रीय प्रभाव: इज़राइल और लेबनान के बीच द्विपक्षीय शांति वार्ता पर ईरान के क्षेत्रीय हितों का असर

मुख्य शब्द: थर्ड-पार्टी मेडिएशन · असिमेट्रिक वॉरफेयर · क्षेत्रीय स्थिरता · डिप्लोमैटिक फ्रेमवर्क · गैर-राज्य अभिनेता

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जापानी प्रधानमंत्री सने ताकाइची इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर्स के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन हेतु नई दिल्ली के दौरे पर जाने वाली हैं

चर्चा में क्यों: जापानी प्रधानमंत्री सने ताकाइची इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर्स के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन हेतु नई दिल्ली के दौरे पर जाने वाली हैं।

16वाँ भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन 1-3 जुलाई, 2025 को नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है। यह शिखर सम्मेलन अगस्त 2025 में टोक्यो में आयोजित 15वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के पश्चात आयोजित किया जाएगा, जिसका मुख्य केंद्र उच्च-तकनीकी विनिर्माण और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाएं होंगी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पदसाने ताकाइची: जापान की प्रधानमंत्री।
  • तथ्य16वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन 1-3 जुलाई, 2025 के लिए निर्धारित है।
  • तथ्य15वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन अगस्त 2025 में टोक्यो में आयोजित किया गया।
  • तथ्यशीर्ष सम्मेलन के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर्स शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: 'आत्मनिर्भर भारत' और वैश्विक तकनीकी स्वायत्तता प्राप्त करने की रणनीति के रूप में सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में भारत-जापान सहयोग के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • सप्लाई चेन रेजिलिएंस: महत्वपूर्ण सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स के लिए चीनी मैन्युफैक्चरिंग पर निर्भरता कम करना
  • इन्वेस्टमेंट सिनर्जी: भारत में हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स स्थापित करने के लिए जापानी FDI का लाभ उठाना
  • भू-राजनीतिक तालमेल: साझा तकनीकी मानकों के ज़रिए 'फ्री और ओपन इंडो-पैसिफिक' को मज़बूत करना

मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम · सप्लाई चेन रेजिलिएंस · तकनीकी हस्तांतरण · इंडो-पैसिफिक सहयोग

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छत्तीसगढ़ सरकार ने एक समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है

चर्चा में क्यों: छत्तीसगढ़ सरकार ने एक समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है।

समिति को मौजूदा व्यक्तिगत कानूनों की समीक्षा करने और अन्य भारतीय राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) के कार्यान्वयन का अध्ययन करने का कार्य सौंपा गया है। यह राज्य सरकार को अंतिम कार्रवाई हेतु सिफारिशें प्रस्तुत करने से पूर्व सार्वजनिक सुझाव प्राप्त करेगी।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थान्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई: छत्तीसगढ़ UCC समिति का नेतृत्व कर रही पूर्व सर्वोच्च न्यायालय की न्यायाधीश।
  • तथ्यसमिति का आकार: राज्य के UCC प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने के लिए 5 सदस्यों को कार्य सौंपा गया है।
  • संविधानअनुच्छेद 44: राज्य के नीति निर्देशक तत्व (DPSP) राज्य को नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) सुनिश्चित करने का निर्देश देते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) के कार्यान्वयन के संवैधानिक और समाजशास्त्रीय निहितार्थों पर चर्चा कीजिए। यह व्यक्तिगत अधिकारों और सांस्कृतिक बहुलवाद के बीच संतुलन कैसे स्थापित कर सकता है? चर्चा कीजिए।

  • बहुलता बनाम एकरूपता: अल्पसंख्यक व्यक्तिगत कानूनों की सुरक्षा और समान नागरिक संहिता के संवैधानिक लक्ष्य के बीच संतुलन
  • संघीय टकराव: राज्य स्तर के UCC कानून और केंद्र की विधायी शक्ति के बीच संभावित कानूनी विवाद
  • सामाजिक एकीकरण: UCC अपनाने के लिए मुख्य चालक के रूप में पर्सनल लॉ के भीतर जेंडर जस्टिस और समानता को संबोधित करना

मुख्य शब्द: यूनिफॉर्म सिविल कोड · अनुच्छेद 44 · पर्सनल लॉ · लैंगिक न्याय · बहुलता · विधायी क्षमता

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संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने परमाणु कार्यक्रम में रियायत और प्रतिबंधों में छूट पर चर्चा करने हेतु 60 दिनों की युद्धविराम अवधि निर्धारित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं

चर्चा में क्यों: संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने परमाणु कार्यक्रम में रियायत और प्रतिबंधों में छूट पर चर्चा करने हेतु 60 दिनों की युद्धविराम अवधि निर्धारित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह समझौता संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के मध्य डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (MOU) है। यह तीन मुख्य स्तंभों: ईरान के परमाणु भंडार, प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्रीय सुरक्षा पर वार्ता के लिए 60 दिनों की समय-सीमा प्रदान करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनMOU: एक Memorandum of Understanding दो या दो से अधिक पक्षों के बीच एक गैर-बाध्यकारी (non-binding) समझौता है।
  • तथ्ययुद्धविराम की अवधि हस्ताक्षर की तिथि से 60 दिनों के लिए निर्धारित की गई है।
  • स्थानईरान: पश्चिमी एशिया का एक देश जिसका परमाणु कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों का मुख्य केंद्र है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में परमाणु प्रसार और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रबंधन में कूटनीतिक युद्धविराम की भूमिका का विश्लेषण कीजिए। क्या ऐसे समझौते दीर्घकालिक शांति के लिए एक स्थायी ढांचा प्रदान कर सकते हैं? विश्लेषण कीजिए।

  • वेरिफिकेशन की बाधा: अस्थायी युद्धविराम के दौरान भूमिगत परमाणु सुविधाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में कठिनाई
  • क्षेत्रीय शक्ति समीकरण: मध्य पूर्व में गैर-राज्य अभिनेताओं के प्रभाव पर अमेरिका-ईरान तनाव कम होने का असर

मुख्य शब्द: परमाणु प्रसार · प्रतिबंधों से राहत · भू-राजनीतिक लाभ · तनाव कम करना · क्षेत्रीय सुरक्षा

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असरमेन्स

अफ्रीकी संघ (African Union) के मंत्री विदेशी तकनीकी दिग्गजों पर रणनीतिक निर्भरता को कम करने और स्थानीय क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से AI बुनियादी ढांचे के नियंत्रण पर विचार-विमर्श कर रहे हैं

चर्चा में क्यों: अफ्रीकी संघ (African Union) के मंत्री विदेशी तकनीकी दिग्गजों पर रणनीतिक निर्भरता को कम करने और स्थानीय क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से AI बुनियादी ढांचे के नियंत्रण पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

नाइजीरिया, केन्या, मिस्र और घाना ने स्थानीय बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता देनेके उद्देश्य से राष्ट्रीय एआई (AI) रणनीतियां शुरू की हैं। यह बहस डेटा केंद्रों की उच्च ऊर्जा मांगों और डिजिटल संप्रभुता एवं डेटा शासन की आवश्यकता के बीच संतुलन स्थापित करने पर केंद्रित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकAI बुनियादी ढांचे में डेटा सेंटर और क्लाउड कंप्यूटिंग सेवाएं शामिल हैं जो बड़े भाषा मॉडल (large language models) के लिए आवश्यक हैं।
  • तथ्यNigeria, Kenya, Egypt, और Ghana वर्तमान में राष्ट्रीय AI रणनीतियाँ तैयार करने वाले प्रमुख अफ्रीकी देश हैं।
  • विज्ञान-तकनीकडिजिटल संप्रभुता (Digital sovereignty) से तात्पर्य अपने स्वयं के डिजिटल भविष्य और डेटा बुनियादी ढांचे (data infrastructure) को नियंत्रित करने की एक राज्य की क्षमता से है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की प्रतिस्पर्धा के संदर्भ में विकासशील देशों के लिए डिजिटल संप्रभुता के निहितार्थों और बुनियादी ढाँचे में निवेश एवं ऊर्जा सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • रणनीतिक निर्भरता: 'डेटा उपनिवेशवाद' का जोखिम जहाँ विदेशी कंपनियाँ स्थानीय डेटा और एल्गोरिथमिक आउटपुट को नियंत्रित करती हैं
  • एनर्जी-इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रेड-ऑफ: AI डेटा सेंटर की भारी बिजली मांग बनाम विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की बिजली की ज़रूरतें
  • रेगुलेटरी फ्रैगमेंटेशन: अलग-अलग अफ्रीकी अधिकार क्षेत्रों में डेटा गवर्नेंस मानकों को एक समान बनाना मुश्किल

मुख्य शब्द: डिजिटल संप्रभुता · डेटा गवर्नेंस · तकनीकी निर्भरता · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · रणनीतिक स्वायत्तता

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

IAEA ने लेबनान में इजराइल द्वारा बढ़ते सैन्य अभियानों और जलडमरूमध्य ऑफ हॉर्मुज में उत्पन्न समुद्री तनाव के बीच, निरीक्षण हेतु ईरान वापसी की पुष्टि की है

चर्चा में क्यों: IAEA ने लेबनान में इजराइल द्वारा बढ़ते सैन्य अभियानों और जलडमरूमध्य ऑफ हॉर्मुज में उत्पन्न समुद्री तनाव के बीच, निरीक्षण हेतु ईरान वापसी की पुष्टि की है।

IAEA ने परमाणु स्थलों तक निरीक्षकों को पहुँच प्रदान करने के लिए ईरान के साथ एक अंतरिम समझौते पर सहमति व्यक्त की है। साथ ही, रिपोर्ट किए गए हमलों के पश्चात, UN अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा सेवा को स्थगित कर दिया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाIAEA: International Atomic Energy Agency, परमाणु अप्रसार के लिए वैश्विक प्रहरी।
  • स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: एक रणनीतिक चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है।
  • संस्थाIMO: International Maritime Organization, समुद्री सुरक्षा और सुरक्षा के लिए उत्तरदायी एक UN विशेष एजेंसी।
  • तथ्यIRGC: Islamic Revolutionary Guard Corps, ईरान की विशिष्ट सैन्य शाखा जो राष्ट्रीय सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम के लिए उत्तरदायी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में परमाणु कूटनीति और क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा के बीच परस्पर क्रिया भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता को किस प्रकार प्रभावित करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक अस्थिरता: लेबनान और होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव वैश्विक तेल सप्लाई चेन के लिए खतरा
  • डिप्लोमैटिक तनाव: IAEA के नॉन-प्रोलिफरेशन जनादेश और IRGC से जुड़े क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच संतुलन
  • आर्थिक लाभ: पश्चिमी कृषि व्यापार और प्रतिबंधों से राहत के लिए अनफ्रोजन ईरानी एसेट्स का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: परमाणु अप्रसार · समुद्री सुरक्षा · रणनीतिक चोकपॉइंट · प्रतिबंध शासन · ऊर्जा सुरक्षा

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