यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,341 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2755) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (208) · भारत एवं पड़ोसी देश (173) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (112) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (87) · प्रवासी भारतीय (6)
चर्चा में क्यों: भारत और अमेरिका ने सेमीकंडक्टर और AI के लिए विविध आपूर्ति श्रृंखलाओं (supply chains) के निर्माण पर चर्चा की, जिसमें अमेरिका ने मॉडल के दुरुपयोग की चिंताओं के बावजूद भारत को AI तकनीक तक निरंतर पहुंच सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।
एस. कृष्णन (सचिव, MeitY) ने Pax Silica शिखर सम्मेलन के दौरान जेकूब हेलबर्ग (यू.एस. अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट) से भेंट की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र सेमीकंडक्टर्स के लिए विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करना, AI को अपनाना और महत्वपूर्ण खनिजों पर केंद्रित रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदएस. कृष्णन: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव।
पदजेकब हेल्बर्ग: यू.एस. अंडर सेक्रेटरी ऑफ स्टेट।
तथ्यPax Silica Summit: सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन रेजिलिएंस (supply chain resilience) पर चर्चा के लिए एक मंच।
विज्ञान-तकनीकAnthropic और Mythos: प्रौद्योगिकी सुरक्षा के संदर्भ में उल्लेखित विशिष्ट AI मॉडल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एकल-स्रोत विनिर्माण केंद्रों पर वैश्विक निर्भरता को कम करनेके उद्देश्य से लचीली सेमीकंडक्टर और एआई (AI) आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थापना में भारत-अमेरिका सहयोग के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
जियोपॉलिटिकल डी-रिस्किंग: तकनीकी संप्रभुता सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब्स पर निर्भरता कम करना
डुअल-यूज़ दुविधा: AI को तेज़ी से अपनाने और मॉडल के गलत इस्तेमाल से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच संतुलन
रिसोर्स सिक्योरिटी: घरेलू सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए महत्वपूर्ण खनिजों को सुरक्षित करना एक अनिवार्य शर्त
मुख्य शब्द: सप्लाई चेन रेजिलिएंस · तकनीकी संप्रभुता · डी-रिस्किंग · सेमीकंडक्टर डिप्लोमेसी · दोहरे उपयोग वाली टेक्नोलॉजी
चर्चा में क्यों: विदेश मंत्रालय (MEA) ने राजकीय संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करनेके उद्देश्य से लगभग 300 'तोशखाना' राजनयिक उपहारों की पहली सार्वजनिक ई-बिडिंग नीलामी शुरू की है।
इस नीलामी में वे वस्तुएं सम्मिलित हैं जो सरकारी अधिकारियों (विदेश सचिव पद और उससे नीचे के स्तर तक) को विदेशी मिशनों के दौरान प्राप्त हुई थीं, जिनमें Rolex घड़ियाँ, चांदी के बर्तन और सोने के आभूषण शामिल हैं। नीलामी की अवधि 8 जून, 2024 से 30 जून, 2026 तक निर्धारित की गई है, जिसकी न्यूनतम आरक्षित कीमत 2,385 रुपये है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थातोशखाना: सरकारी अधिकारियों द्वारा विदेशी राज्यों या संगठनों से प्राप्त उपहारों के लिए एक भंडार गृह।
तथ्यनीलामी अवधि: 8 जून, 2024 से 30 जून, 2026 तक।
तथ्यआरक्षित मूल्य: प्रति वस्तु न्यूनतम ₹2,385।
तथ्यआय-व्यय: नीलामी से प्राप्त राजस्व को भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) में जमा किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सिविल सेवाओं की अखंडता और सार्वजनिक विश्वास को बनाए रखनेके लिए राजनयिक उपहारों के प्रबंधन में पारदर्शिता को संस्थागत बनाने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
एसेट मैनेजमेंट: सरकारी संपत्ति की हेराफेरीरोकने के लिए अपारदर्शी स्टोरेज से पब्लिक ऑक्शन की ओर बदलाव
नैतिक शासन: राजनयिक उपहारों के निपटान को प्रोबिटी और सार्वजनिक जवाबदेही के सिद्धांतों के साथ जोड़ना
रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: हाई-वैल्यू स्टेट एसेट्स के मूल्यांकन और निपटान के लिए स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल की ज़रूरत
मुख्य शब्द: पारदर्शिता · सार्वजनिक जवाबदेही · निष्ठा · राज्य की संपत्ति · संस्थागत अखंडता
चर्चा में क्यों: सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस (स्वर्ण जयंती) के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा, इस द्वीप राष्ट्र के साथ भारत के गहरे होते समुद्री और द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित करती है।
प्रधानमंत्री मोदी 27-29 जून तक सेशेल्स की यात्रा करेंगे ताकि वे वहां आयोजित स्वर्ण जयंती समारोह में सम्मिलित हो सकें। इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पैट्रिक हरमिनी के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों का एक दल और भारतीय नौसेना के दो जहाज भी सम्मिलित होंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानसेशेल्स: हिंद महासागर में अफ्रीका के पूर्व में स्थित एक द्वीप समूह वाला देश।
पदपैट्रिक हरमिनी: सेशेल्स के वर्तमान राष्ट्रपति।
तथ्यसेशेल्स राष्ट्रीय दिवस: प्रतिवर्ष 27 जून को मनाया जाता है।
तथ्यगोल्डन जुबली: यह सेशेल्स की स्वतंत्रता (1976 में प्राप्त) की 50वीं वर्षगांठ को चिह्नित करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय महासागर द्वीप देशों (IOICs) के साथ समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने में भारत के 'सागर' (SAGAR) विजन के महत्व की चर्चा कीजिए।
मैरिटाइम सिक्योरिटी: गैर-पारंपरिक खतरों और पायरेसी से निपटने के लिए जॉइंट पेट्रोल और नौसेना की मौजूदगी
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: हिंद महासागर में भारत के बढ़ते प्रभाव और वैश्विक शक्तियों के बीच संतुलन
आर्थिक एकीकरण: ब्लू इकोनॉमी, मत्स्य पालन और पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर में सहयोग की संभावना
मुख्य शब्द: सागर विज़न · समुद्री सुरक्षा · ब्लू इकोनॉमी · रणनीतिक साझेदारी · इंडियन ओशन रीजन
चर्चा में क्यों: विदेश मंत्रालय (MEA) ने भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से, वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय दौरों के दौरान प्राप्त लगभग 300 विदेशी उपहारों की अपनी पहली सार्वजनिक नीलामी शुरू की है।
इस नीलामी में ₹2,385 से लेकर ₹17 लाख तक की वस्तुएं सम्मिलित हैं, जिनमें 'Rolex Yacht Master II' और एक प्राचीन चांदी का बक्सा शामिल है। नीलामी की अवधि 8 जून से 30 जून, 2024 तक निर्धारित की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाMEA: Ministry of External Affairs भारत की विदेश नीति और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के लिए नोडल मंत्रालय है।
तथ्यइस नीलामी में विदेश सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्राप्त लगभग 300 विदेशी उपहार शामिल हैं।
तथ्यनीलामी से प्राप्त आय को भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) में निर्देशित किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राजनयिक उपहारों के प्रबंधन में पारदर्शी प्रोटोकॉल के महत्व और सार्वजनिक धन के लिए राज्य के स्वामित्व वाली संपत्तियों की नीलामी के राजकोषीय निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय जवाबदेही: सरकारी विरासत और औपचारिक वस्तुओं के मुद्रीकरण के लिए भारत की समेकित निधि का उपयोग
डिप्लोमैटिक एटिकेट: औपचारिक उपहारों के संरक्षण और सार्वजनिक पारदर्शिता व एसेट मैनेजमेंट की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: पारदर्शिता · डिप्लोमैटिक प्रोटोकॉल · भारत की समेकित निधि · एसेट मैनेजमेंट · सार्वजनिक नीलामी
चर्चा में क्यों: इबोला प्रकोप के प्रसार की निगरानी और उसे नियंत्रित करनेके उद्देश्य से भारत सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी स्व-घोषणा अनिवार्य करने हेतु 'Air Suvidha 2.0' लॉन्च किया है।
एयर सुविधा 2.0 हवाई अड्डा निगरानी हेतु एक संपर्क रहित डिजिटल मंच है। इसके अंतर्गत सभी अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए विमान में सवार होने से पूर्व ऑनलाइन माध्यम से स्वास्थ्य स्व-घोषणा पत्र जमा करना अनिवार्य है। WHO ने मध्य अफ्रीका में इबोला के प्रकोप को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में वर्गीकृत किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाWHO: विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization), संयुक्त राष्ट्र की एक विशिष्ट एजेंसी जो अंतर्राष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए उत्तरदायी है।
तथ्यAir Suvidha 2.0: एयरपोर्ट स्वास्थ्य अधिकारियों, आव्रजन (immigration) अधिकारियों और राज्य स्वास्थ्य निगरानी टीमों के बीच वास्तविक समय (real-time) में डेटा साझा करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म।
स्थानइबोला प्रकोप: वर्तमान में मध्य अफ्रीका में एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल के रूप में वर्गीकृत।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्वीकरण के दौर में वैश्विक यात्राओं के संदर्भ में, वैश्विक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के प्रबंधन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में डिजिटल निगरानी प्रणालियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
डेटा प्राइवेसी विवाद: व्यक्तिगत यात्री प्राइवेसी अधिकारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी के लिए राज्य के जनादेश के बीच संतुलन
इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन: केंद्रीय इमिग्रेशन अधिकारियों और राज्य स्तर की हेल्थ सर्विलांस टीमों के बीच डेटा का निर्बाध इंटीग्रेशन
एपिडेमियोलॉजिकल सर्विलांस: घरेलू इकोसिस्टम में ज़ूनोटिक बीमारियों के प्रवेश को रोकने के लिए रियल-टाइम रिस्क असेसमेंट
मुख्य शब्द: ग्लोबल हेल्थ सिक्योरिटी · महामारी विज्ञान संबंधी निगरानी · डिजिटल गवर्नेंस · सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल · ज़ूनोटिक बीमारियाँ
चर्चा में क्यों: संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत अत्याधुनिक AI प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित साझाकरण हेतु एक रूपरेखा पर चर्चा कर रहे हैं, जिसमें विशेष रूप से Anthropic के Claude मॉडलों तक विश्वसनीय पहुंच के संबंध में भारत की चिंताओं को संबोधित किया जा रहा है।
अमेरिकी आर्थिक मामलों के अवर सचिव, जैकब हेलबर्ग और भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव, एस. कृष्णन, इन चर्चाओं में शामिल प्रमुख अधिकारी हैं। यह संवाद महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में AI की तैनाती के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने पर केंद्रित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकAnthropic: Claude लार्ज लैंग्वेज मॉडल के लिए प्रसिद्ध एक US-आधारित AI सुरक्षा और अनुसंधान कंपनी।
पदMeitY के सचिव: भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स, IT और AI नीति के लिए प्राथमिक नोडल मंत्रालय।
तथ्यFrontier AI: यह उन सबसे उन्नत AI मॉडलों को संदर्भित करता है जो कई क्षेत्रों में जटिल कार्यों को करने में सक्षम हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक तकनीकी दिग्गजों से फ्रंटियर एआई (frontier AI) प्रौद्योगिकियों तक सहयोगात्मक पहुंच प्राप्त करने के प्रयास के साथ-साथ भारत के समक्ष तकनीकी संप्रभुता सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
डिपेंडेंसी रिस्क: अमेरिका स्थित प्रोप्रायटरी मॉडल्स पर भारी निर्भरता भारत के क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में कमियां पैदा करती है
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: गैर-राज्य अभिनेताओं द्वारा दुरुपयोग को रोकने वाले सेफ्टी फ्रेमवर्क के साथ तेजी से हो रहे AI इनोवेशन के बीच संतुलन बनाना
डेटा संप्रभुता: यह सुनिश्चित करना कि साझा AI फ्रेमवर्क भारतीय नागरिकों की डेटा प्राइवेसी या राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता न करें
मुख्य शब्द: तकनीकी संप्रभुता · फ्रंटियर AI · महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा · डिजिटल डिप्लोमेसी · रणनीतिक स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड्स की रानी मैक्सिमा के साथ भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) पर चर्चा की, जिसमें यह प्रदर्शित किया गया कि कैसे डिजिटल क्रांति 'ईज ऑफ लिविंग' और वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करती है।
चर्चा का मुख्य केंद्र वित्तीय सेवाओं को सुलभ और किफायती बनाने हेतु भारत के डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (DPI) को एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत करना था। प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक भागीदार देशों के साथ इन डिजिटल अनुभवों को साझा करने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकDPI: Digital Public Infrastructure उन आधारभूत डिजिटल परतों (जैसे UPI, Aadhaar, और DigiLocker) को संदर्भित करता है जो विभिन्न डिजिटल सेवाओं को सक्षम बनाती हैं।
तथ्यभारत का DPI मॉडल वित्तीय समावेशन और सार्वजनिक सेवा वितरण के लिए एक वैश्विक मानक के रूप में तेजी से निर्यात किया जा रहा है।
पदक्वीन मैक्सिमा नीदरलैंड्स की क्वीन कंसोर्ट हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) किस प्रकार विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में वित्तीय समावेशन और 'जीवन सुगमता' (Ease of Living) के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करती है, चर्चा कीजिए।
ग्लोबल लीडरशिप: ग्लोबल साउथ के लिए भारत को 'डिजिटल पब्लिक गुड्स' प्रदाता के रूप में पेश करना
इंटरऑपरेबिलिटी स्टैंडर्ड्स: अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के साथ UPI और अन्य पेमेंट सिस्टम की क्रॉस-बॉर्डर कम्पैटिबिलिटी सुनिश्चित करना
डेटा संप्रभुता: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के तेज़ी से विस्तार और मज़बूत डेटा प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · वित्तीय समावेशन · जीवन जीने में आसानी · डिजिटल पब्लिक गुड्स · तकनीकी कूटनीति
चर्चा में क्यों: भारत ने जन-संपर्क को सुदृढ़ करने तथा पर्यटन एवं व्यावसायिक यात्राओं को सुगम बनानेके उद्देश्य से बांग्लादेशी नागरिकों के लिए पर्यटक वीजा संचालन को पुनः प्रारंभ कर दिया है।
बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त कार्यालय ने पर्यटक वीजा की प्रक्रिया पुनः प्रारंभ करने की घोषणा की है। प्रारंभिक स्तर पर वीजा जारी करने की सुविधा पांच प्रमुख शहरों: ढाका, राजशाही, चटोग्राम, सिलहट और खुलना से प्रदान की जाएगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानDhaka, Rajshahi, Chattogram, Sylhet और Khulna वीजा जारी करने के लिए पांच प्रारंभिक शहर हैं।
पददिनेश त्रिवेदी बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त हैं।
तथ्यइस कदम का उद्देश्य बांग्लादेशी नागरिकों के लिए पर्यटन, व्यापार और परिवार से संबंधित यात्राओं को सुगम बनाना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और बांग्लादेश के बीच पर्यटक वीजा की बहाली किस प्रकार 'सॉफ्ट पावर' के एक उपकरण और द्विपक्षीय जन-संपर्क संबंधों को सुदृढ़ करने के माध्यम. चर्चा कीजिए।
डिप्लोमैटिक लेवरेज: क्षेत्रीय स्थिरता और नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के लिए वीज़ा फैसिलिटेशन को एक टूल के रूप में इस्तेमाल करना
आर्थिक तालमेल: क्षेत्रीय व्यापार बढ़ाने के लिए सीमा पार पर्यटन और इनफॉर्मल बिजनेस नेटवर्क को बढ़ावा देना
सुरक्षा-विकास नेक्सस: पर्यटन के लिए खुली सीमा और समुद्री व ज़मीनी सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सॉफ्ट पावर · लोग-से-लोग संबंध · द्विपक्षीय संबंध · वीज़ा सुविधा · नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी
चर्चा में क्यों: भारतीय वायु सेना और राज्य अधिकारियों ने अरुणाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण फंसे हुए पर्यटकों और रोगियों को बचाने के लिए आपातकालीन एयरलिफ्ट अभियान संचालित किया।
अरुणाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से कम से कम 30 व्यक्तियों को एयरलिफ्ट किया गया। केई पन्योर जिला अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ, जिसके परिणामस्वरूप ड्रोन इकाइयों और SDRF गोताखोरों की तैनाती की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाSDRF: State Disaster Response Force आपदा प्रबंधन के लिए एक विशेष बल है।
स्थानKeyi Panyor: अरुणाचल प्रदेश राज्य का एक जिला।
तथ्यअरुणाचल प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 30 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अरुणाचल प्रदेश जैसे उच्च-ऊंचाई वाले और पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
लॉजिस्टिक बॉटलनेक: कठिन इलाका और ऑल-वेदर कनेक्टिविटी की कमी ऊँचाई वाले जिलों में तेज़ी से निकासी में बाधा डाल रही है
तकनीकी एकीकरण: ड्रोन यूनिट्स की तैनाती के बावजूद फ्लैश फ्लड की रियल-टाइम मॉनिटरिंग में सीमाएं
मुख्य शब्द: फ्लैश फ्लड · आपदा प्रतिक्रिया · हाई-ऑल्टीट्यूड लॉजिस्टिक्स · SDRF · खोज और बचाव
चर्चा में क्यों: विदेश मंत्रालय (MEA) ने यात्रा दस्तावेजों के निर्गमन को सुव्यवस्थित करनेके उद्देश्य से 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी पासपोर्ट आवेदन शुल्क में वृद्धि की घोषणा की है।
36 पृष्ठों वाले नए या पुन: जारी किए गए पासपोर्ट का शुल्क 1,500 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये हो गया है। तत्काल पासपोर्ट शुल्क 3,500 रुपये से बढ़कर 5,000 रुपये हो गया है, और 60 पृष्ठों वाले पासपोर्ट का शुल्क 2,000 रुपये से बढ़कर 3,500 रुपये हो गया है।
तथ्यनई Tatkal पासपोर्ट शुल्क: 1 जुलाई, 2026 से ₹5,000 प्रभावी।
तथ्यनए 60-पेज वाले पासपोर्ट की शुल्क राशि 1 जुलाई, 2026 से ₹3,500 प्रभावी होगी।
पदविदेश मंत्रालय (MEA) पासपोर्ट जारी करने के लिए नोडल मंत्रालय है।
तथ्यभारतीय पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज़ है और यह नागरिकता के प्रमाण के रूप में कार्य नहीं करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एक यात्रा दस्तावेज़ के रूप में पासपोर्ट के महत्व और बढ़ते वैश्विक प्रवासी समुदाय के लिए बड़े पैमाने पर दस्तावेज़ जारी करने में आने वाली प्रशासनिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
प्रशासनिक ओवरहेड: भारी मात्रा में जारी करने और कड़े सुरक्षा वेरिफिकेशन प्रोटोकॉल के बीच संतुलन
कानूनी अंतर: दुरुपयोग रोकने के लिए यात्रा दस्तावेजों के गैर-नागरिक दर्जे को स्पष्ट करना
राजस्व बनाम सुलभता: राजकोषीय स्थिरता के लिए फीस में बढ़ोतरी और नागरिकों की आवाजाही की आसानी के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: यात्रा दस्तावेज़ · विदेश मंत्रालय · राजकोषीय नीति · सार्वजनिक सेवा वितरण · ग्लोबल मोबिलिटी
चर्चा में क्यों: यूक्रेन द्वारा रूसी तेल बुनियादी ढांचे पर किए गए रणनीतिक ड्रोन हमलों ने महत्वपूर्ण आर्थिक दबाव और सैन्य क्षरण उत्पन्न किया है, जिसके कारण क्रेमलिन की ओर से शांति वार्ता के संकेत मिले हैं।
यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करने के उद्देश्य से रूसी तेल रिफाइनरियों को लक्षित किया है। रूसी सेना को उच्च हताहत दर और भगोड़े सैनिकों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप मनोबल में गिरावट और आर्थिक पतन की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्ययूक्रेन के ड्रोन हमले ऊर्जा आपूर्ति लाइनों को बाधित करने के लिए रूसी तेल रिफाइनरियों को निशाना बना रहे हैं।
तथ्यठहराव और बुनियादी ढांचे की क्षति के कारण रूस की अर्थव्यवस्था दबाव का अनुभव कर रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के अधीन किसी राष्ट्र की आर्थिक स्थिरता और सैन्य मनोबल पर विषम युद्ध (asymmetric warfare) और बुनियादी ढांचे को लक्षित करने के प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
आर्थिक क्षरण: ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर का खराब होना जिससे घरेलू सप्लाई चेन में रुकावट और महंगाई बढ़ेगी
मिलिट्री मोराल: लंबे समय तक चलने वाले पारंपरिक युद्ध की निरंतरता पर भारी हताहतों और भगोड़े सैनिकों का असर
असिमेट्रिक स्ट्रैटेजी: हाई-वैल्यू इंडस्ट्रियल और एनर्जी एसेट्स को बेअसर करने के लिए लो-कॉस्ट ड्रोन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: असिमेट्रिक वॉरफेयर · आर्थिक गिरावट · इंफ्रास्ट्रक्चर का गिरता स्तर · सैन्य मनोबल · रणनीतिक लाभ
चर्चा में क्यों: दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त के रूप में पदभार ग्रहण किया और बांग्लादेशी नागरिकों के लिए यात्रा वीजा की प्रक्रिया पुनः शुरू करने की घोषणा की।
दिनेश त्रिवेदी ने 25 जून, 2026 को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के समक्ष अपने क्रेडेंशियल प्रस्तुत किए। दो वर्ष के अंतराल के पश्चात यात्रा वीजा की प्रक्रिया पुनः प्रारंभ की जा रही है, जिसके अंतर्गत 28 जून, 2026 से बांग्लादेश में पांच केंद्रों पर आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पददिनेश त्रिवेदी: बांग्लादेश में भारतीय उच्चायुक्त के रूप में नियुक्त।
तथ्यवीजा पुनरारंभ: बांग्लादेशी नागरिक 28 जून, 2026 से पांच केंद्रों से आवेदन कर सकते हैं।
स्थानढाका: बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग का मुख्यालय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की 'पड़ोस पहले' (Neighborhood First) नीति और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के संदर्भ में बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
कनेक्टिविटी में बढ़ोतरी: लोगों के बीच बेहतर आवाजाही से सीमा पार व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान आसान होगा
भू-राजनीतिक स्थिरता: बंगाल की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा के लिए बांग्लादेश के साथ संबंधों को मजबूत करना
डिप्लोमैटिक सिग्नलिंग: अंतराल के बाद सॉफ्ट पावर और द्विपक्षीय विश्वास बहाल करने के लिए वीजा फिर से शुरू करना
मुख्य शब्द: नेबरहुड फर्स्ट · द्विपक्षीय संबंध · सॉफ्ट पावर · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट
चर्चा में क्यों: जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी 2026 के दौरान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जहाज निर्माण, स्वास्थ्य और रक्षा के क्षेत्रों में भारत-दक्षिण कोरिया के बीच गहरे सहयोग की वकालत की।
जेजू फोरम फॉर पीस एंड प्रॉस्पेरिटी 2026 दक्षिण कोरिया द्वारा आयोजित एक बहुपक्षीय मंच है। भारत के विदेश मंत्री ने एजेंडा-विशिष्ट सहयोग के माध्यम से वैश्विक स्थिरता प्राप्त करने में 'ग्लोबल साउथ' की भूमिका पर बल दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदएस. जयशंकर: विदेश मंत्री, भारत सरकार।
स्थानJeju Forum: दक्षिण कोरिया के Jeju Island में आयोजित एक वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय मंच।
तथ्यपहचाने गए प्रमुख सहयोग क्षेत्र: Shipbuilding, Health, Infrastructure, और Defense।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और 'ग्लोबल साउथ' की आकांक्षाओं के संदर्भ में दक्षिण कोरिया के साथ गहरे होते द्विपक्षीय संबंधों के महत्व की चर्चा कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: इंडो-पैसिफिक में समुद्री सुरक्षा हितों और बढ़ते डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग संबंधों के बीच संतुलन
आर्थिक तालमेल: भारत के मैन्युफैक्चरिंग पुश के लिए दक्षिण कोरिया के हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर और शिपबिल्डिंग एक्सपर्टाइज का लाभ उठाना
ग्लोबल साउथ लीडरशिप: वैश्विक स्थिरता में एजेंडा-विशिष्ट सहयोग के लिए भारत को एक ब्रिज के रूप में पेश करना
मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · ग्लोबल साउथ · समुद्री सुरक्षा · रक्षा सहयोग · एक्ट ईस्ट पॉलिसी
चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के बीच नदी जल बंटवारे के लंबे समय से लंबित विवादों को सुलझाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने तुंगभद्रा बांध पर 33 नए द्वारों हेतु एक परियोजना का उद्घाटन किया। इस समिति का उद्देश्य तीन दक्षिणी राज्यों के मध्य जल वितरण विवादों का स्थायी समाधान प्रदान करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानतुंगभद्रा नदी: दक्षिण भारत की एक प्रमुख नदी, जो मुख्य रूप से कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से होकर बहती है।
पदकेंद्रीय जल शक्ति मंत्री: भारत में जल संसाधनों और सिंचाई परियोजनाओं की देखरेख के लिए उत्तरदायी।
तथ्यतुंगभद्रा बांध परियोजना में 33 नए द्वारों (gates) का उद्घाटन किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अंतर-राज्यीय नदी जल बँटवारे की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और जल प्रबंधन में सहकारी संघवाद के लिए एक रूपरेखा का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
अंतर-राज्यीय तनाव: डेक्कन प्लेटो में कृषि आवश्यकताओं और औद्योगिक जल की मांग के बीच टकराव
संघीय समन्वय: राज्यों के बीच नदी जल विवादों को सुलझाने के लिए एक मजबूत नेशनल वॉटर पॉलिसी की ज़रूरत
इकोलॉजिकल सस्टेनेबिलिटी: नदी के स्वास्थ्य के लिए न्यूनतम एनवायरनमेंटल फ्लो बनाए रखते हुए डैम इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को संतुलित करना
मुख्य शब्द: सहकारी संघवाद · तटीय अधिकार · अंतर-राज्यीय विवाद · जल शासन · संसाधन आवंटन
चर्चा में क्यों: भारत ने 2047 तक देश को एक वैश्विक विमानन केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से वाराणसी से अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय हब-एंड-स्पोक उड़ान नेटवर्क शुरू किया है।
हब-एंड-स्पोक मॉडल यात्रियों को प्रस्थान हवाई अड्डे पर ही चेक-इन, आव्रजन और सामान हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण करने की सुविधा प्रदान करता है। एयर इंडिया यह सेवा संचालित करती है, जो यात्रियों को दिल्ली आगमन के चार घंटों के भीतर 17 विदेशी गंतव्यों से जोड़ती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यहब-एंड-स्पोक मॉडल दिल्ली हब से यात्रियों को 17 विदेशी गंतव्यों से जोड़ता है।
स्थानवाराणसी इस अंतरराष्ट्रीय हब-एंड-स्पोक नेटवर्क को शुरू करने वाला पहला शहर है।
तथ्यगुवाहाटी, पटना और मुंबई सहित छह अतिरिक्त शहर, प्रारंभिक लॉन्च के छह सप्ताह के भीतर नेटवर्क में शामिल होने के लिए निर्धारित हैं।
तथ्यसरकार की दीर्घकालिक रणनीति का लक्ष्य 2047 तक भारत को एक वैश्विक विमानन केंद्र (aviation hub) के रूप में स्थापित करना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 2047 तक भारत की वैश्विक रसद और विमानन केंद्र के रूप में स्थिति को सुदृढ़ करने में 'हब-एंड-स्पोक' विमानन मॉडल किस प्रकार सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।
लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: इंटीग्रेटेड चेक-इन प्रोटोकॉल्स के जरिए टर्नअराउंड टाइम में कमी और बेहतर बैगेज हैंडलिंग
कॉम्पिटिटिव पोजीशनिंग: ट्रांजिट ट्रैफिक के लिए मिडिल ईस्टर्न और साउथईस्ट एशियन एविएशन हब्स से मुकाबला करने के लिए स्ट्रैटेजिक शिफ्ट
चर्चा में क्यों: Anthropic ने Alibaba पर अपने Claude AI मॉडल से अवैध रूप से क्षमताएं निकालने के लिए 'डिस्टिलेशन अटैक' (distillation attack) करने का आरोप लगाया है, जो AI बौद्धिक संपदा की चोरी पर बढ़ती चिंताओं को रेखांकित करता है।
सैन फ्रांसिस्को स्थित एआई (AI) विकासकर्ता, Anthropic ने रिपोर्ट दी है कि Alibaba ने Claude की जटिल कार्य-संचालन और निर्णय लेने की क्षमताओं को लक्षित करने के लिए धोखाधड़ी वाले खातों का उपयोग किया। कंपनी ने अमेरिकी कांग्रेस से इस प्रकार की तकनीकी चोरी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकDistillation Attack: एक ऐसी तकनीक जिसमें एक छोटे मॉडल को एक बड़े और अधिक जटिल मॉडल के आउटपुट्स की नकल करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है ताकि उसकी क्षमताओं को दोहराया जा सके।
पदAnthropic: Claude LLM के लिए प्रसिद्ध एक प्रमुख अमेरिकी AI सुरक्षा और अनुसंधान कंपनी।
तथ्यAlibaba: ई-कॉमर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग में शामिल एक प्रमुख चीनी बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी समूह।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल 'डिस्टिलेशन' और बौद्धिक संपदा की चोरी के वैश्विक तकनीकी संप्रभुता पर पड़ने वाले प्रभावों तथा एआई सुरक्षा हेतु अंतर्राष्ट्रीय विनियामक ढांचे की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक तनाव: प्रोप्रायटरी AI वेट्स पर अमेरिकी और चीनी कंपनियों के बीच बढ़ता टेक-वॉर डायनेमिक्स
सुरक्षा जोखिम: डिस्टिल्ड मॉडल्स का इस्तेमाल जटिल साइबर-हमले या गलत सूचना अभियान चलाने के लिए किया जा सकता है
मुख्य शब्द: बौद्धिक संपदा · तकनीकी संप्रभुता · डिस्टिलेशन अटैक · AI गवर्नेंस · साइबर सिक्योरिटी
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी और आर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान ने ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने के विषय पर चर्चा की और एक बहुआयामी द्विपक्षीय साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
आर्मेनिया के संसदीय चुनावों में विजय के पश्चात, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान ने प्रधानमंत्री मोदी को बधाई हेतु दूरभाष पर संपर्क किया। दोनों नेताओं ने ईरान से भारतीय नागरिकों के सफल निष्कासन पर चर्चा की और विभिन्न क्षेत्रों में भारत-आर्मेनिया संबंधों को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदनिकोले पशिन्यान: आर्मेनिया के प्रधानमंत्री।
स्थानआर्मेनिया: दक्षिण काकेशस क्षेत्र में स्थित एक भू-आबद्ध (Landlocked) देश।
तथ्यभारत-आर्मेनिया संबंध: सुरक्षा और कनेक्टिविटी सहित बहुआयामी साझेदारी पर ध्यान।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दक्षिण कैस्पियन क्षेत्र में भारत के बढ़ते कूटनीतिक पदचिह्नों के महत्व और भारत की 'पड़ोस पहले' (Neighborhood First) तथा 'एक्ट ईस्ट' (Act East) नीतियों पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
रणनीतिक कनेक्टिविटी: व्यापार के लिए भारत द्वारा INSTC का लाभ उठाने की संभावना
सुरक्षा सहयोग: क्षेत्रीय अस्थिरता और समुद्री सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए आर्मेनिया के साथ संबंध मजबूत करना
डिप्लोमैटिक लेवरेज: पश्चिम एशिया में क्षेत्रीय पावर डायनेमिक्स को संतुलित करने के लिए कॉकेशस में द्विपक्षीय सहयोग का उपयोग
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · बहुआयामी साझेदारी · भू-राजनीतिक संरेखण · डिप्लोमैटिक आउटरीच · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी
चर्चा में क्यों: संयुक्त राज्य अमेरिका की सैन्य इकाई ने अपनी नौसेना कमान का नाम 'US INDOPACOM' से बदलकर पुनः 'US PACOM' कर दिया है, जबकि इसके उत्तरदायित्व का भौगोलिक क्षेत्र यथावत रखा गया है।
अमेरिकी PACOM कमान, अमेरिकी पश्चिमी तट से भारत की पश्चिमी सीमा तक के एक विशाल समुद्री क्षेत्र को कवर करती है। इस नाम परिवर्तन का संकेत युद्ध सचिव पीट हेगसेथ द्वारा सिंगापुर में आयोजित शांग्रिला संवाद के दौरान दिया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानUS PACOM: अमेरिकी पश्चिमी तट से भारत की पश्चिमी सीमा तक विस्तृत नौसैनिक कमांड क्षेत्र।
पदपीट हेगसेट: घोषणा के दौरान युद्ध सचिव (रक्षा) के रूप में कार्यरत रहे।
संस्थाShangri-La Dialogue: सिंगापुर में आयोजित होने वाला रक्षा मंत्रियों और सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए एक वार्षिक मंच।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा गतिशीलता के संदर्भ में अमेरिकी सैन्य शब्दावली में परिवर्तन और उसके समुद्री दृष्टिकोण के रणनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक संकेत: 'PACOM' पर वापस लौटना रणनीतिक फोकस में बदलाव या पारंपरिक पावर प्रोजेक्शन की ओर कदम हो सकता है
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक संकेत · समुद्री सुरक्षा · पावर प्रोजेक्शन · रणनीतिक अस्पष्टता · इंडो-पैसिफिक
चर्चा में क्यों: होरमुज जलडमरूमध्य पर समुद्री शुल्क लगाने के ईरान के प्रस्ताव ने अमेरिका के साथ एक राजनयिक और आर्थिक गतिरोध उत्पन्न कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को खतरा पैदा हो गया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस पारगमन के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है। ईरान ने इसके लिए पारगमन शुल्क (ट्रांजिट शुल्क) का प्रस्ताव दिया है, जबकि अमेरिकी प्रशासन (ट्रम्प/रुबियो) का यह मानना है कि इसे टोल-मुक्त बने रहना चाहिए। दीर्घकालिक रुझान दर्शाते हैं कि खाड़ी देश इस जलडमरूमध्य को दरकिनार करनेके लिए वैकल्पिक पाइपलाइन मार्गों में निवेश कर रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
तथ्यHormuz जलडमरूमध्य विश्व के तेल और Liquefied Natural Gas (LNG) के एक महत्वपूर्ण हिस्से के लिए प्राथमिक पारगमन बिंदु है।
पदमार्को रुबियो: अमेरिकी विदेश मंत्री (वर्तमान समाचार संदर्भ के अनुसार)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित समुद्री टोल (maritime tolls) के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले भू-राजनीतिक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी रिस्क: ट्रांजिट लागत और समुद्री घर्षण बढ़ने से वैश्विक तेल की कीमतों में संभावित उछाल
भू-राजनीतिक लाभ: राजनयिक और आर्थिक दबाव के लिए ईरान द्वारा समुद्री चोकपॉइंट्स का इस्तेमाल
इंफ्रास्ट्रक्चर शिफ्ट: समुद्री चोकपॉइंट्स पर निर्भरता कम करने के लिए खाड़ी देशों द्वारा ओवरलैंड पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स में तेज़ी
मुख्य शब्द: मैरीटाइम चोकपॉइंट्स · ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक लाभ · व्यापार मार्ग · सप्लाई चेन रेजिलिएंस
चर्चा में क्यों: इजरायल और ईरान के मध्य लेबनान और परमाणु निरीक्षणों के संबंध में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने खाड़ी देशों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ बहरीन का दौरा किया।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 25 जून, 2026 को बहरीन में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के साथ बैठक की। IAEA ने ईरान के परमाणु स्थलों के नियोजित निरीक्षणों की पुष्टि की, जिसे तेहरान ने अमेरिका के साथ एक अंतिम समझौते पर निर्भर कर दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाGCC: अरब राज्यों (बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, UAE, और अब अन्य शामिल) का एक क्षेत्रीय अंतर-सरकारी राजनीतिक और आर्थिक गठबंधन।
संस्थाIAEA: अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (International Atomic Energy Agency), जिसका मुख्यालय वियना में है, परमाणु अप्रसार और सुरक्षा के लिए उत्तरदायी है।
पदमार्को रुबियो: जून 2026 से अमेरिकी विदेश मंत्री (US Secretary of State) के रूप में कार्यरत।
तथ्यबहरीन में GCC बैठक की तिथि: 25 जून, 2026।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों का भारत की ऊर्जा सुरक्षा और खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी रिस्क: पर्शियन गल्फ से एशियाई बाजारों तक कच्चे तेल की सप्लाई चेन में संभावित रुकावट
समुद्री सुरक्षा: होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण शिपिंग लेन को खतरा
डिप्लोमैटिक बैलेंसिंग: अमेरिका-ईरान-इजरायल के बीच तालमेल बिठाते हुए रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखने में भारत की चुनौती
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक अस्थिरता · गैर-प्रसार · समुद्री व्यापार
चर्चा में क्यों: विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया है कि भारतीय पासपोर्ट विशेष रूप से एक यात्रा दस्तावेज़ के रूप में कार्य करता है और यह नागरिकता का कानूनी प्रमाण नहीं है।
भारत ने अपने नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त प्रवेश वाले देशों की संख्या में वृद्धि करते हुए इसे 16 (2019 में) से बढ़ाकर 27 कर दिया है। सरकार सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ानेके उद्देश्य से चिप-आधारित ई-पासपोर्ट (e-passports) की ओर संक्रमण कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यवर्ष 2024 तक, भारत 27 देशों को वीजा-मुक्त प्रवेश प्रदान करता है।
तथ्य47 देशों के लिए 'Visa on arrival' नीतियां उपलब्ध हैं।
तथ्य66 देशों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वीजा (e-Visas) उपलब्ध हैं।
विज्ञान-तकनीकचिप-आधारित e-passports को धोखाधड़ी के जोखिम को कम करने और वैश्विक स्वीकार्यता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
संस्थाविदेश मंत्रालय (MEA) पासपोर्ट जारी करने और वीजा नीति के लिए नोडल मंत्रालय है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक प्रवास और राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में यात्रा दस्तावेजों को नागरिकता की स्थिति से अलग करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
कानूनी अंतर: अवैध इमिग्रेशन या शरण के दावों के लिए यात्रा दस्तावेजों के दुरुपयोग को रोकना
माइग्रेशन मैनेजमेंट: कानूनी श्रम प्रवास को आसान बनाने और विदेशी नियोक्ताओं की कड़ी जांच के बीच संतुलन
सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर: पहचान की चोरी और दस्तावेज़ों की जालसाजी रोकने के लिए चिप-आधारित तकनीक से बायोमेट्रिक सुरक्षा को बेहतर बनाना
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट द्वारा परियोजना की संशोधित DPR के लिए दी गई अनुमति की समीक्षा करने से इनकार करने के पश्चात, तमिलनाडु विधानसभा ने कर्नाटक की मेकेदातु बांध परियोजना का विरोध करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया।
मेकेडातु बांध परियोजना बेंगलुरु से लगभग 100 किमी की दूरी पर स्थित है और इसका उद्देश्य 67.16 TMC ft जल का संचयन करना है। इसे 400 MW जलविद्युत शक्ति उत्पन्न करने के लिए डिज़ाइन किया गया है और जल वितरण के संबंध में इसे अंतरराज्यीय विरोध का सामना करना पड़ा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यमेकेडातु परियोजना की क्षमता: 400 MW जल विद्युत।
तथ्यमेकेडातु परियोजना जल संचयन: 67.16 TMC ft।
स्थानमेकेदातु परियोजना का स्थान: बेंगलुरु, कर्नाटक से लगभग 100 km की दूरी पर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अंतर-राज्यीय जल साझाकरण की चुनौतियों और पड़ोसी राज्यों के बीच नदी तटीय विवादों के समाधान में न्यायपालिका की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
अंतर-राज्यीय तनाव: कावेरी जल वितरण और तमिलनाडु पर पड़ने वाले डाउनस्ट्रीम पारिस्थितिक प्रभावों को लेकर विवाद
न्यायिक निगरानी: प्रोजेक्ट अप्रूवल में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका और राज्य-स्तरीय विधायी स्वायत्तता के बीच संतुलन
संसाधनों की कमी: कर्नाटक में हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर उत्पादन और कृषि सिंचाई की जरूरतों के बीच प्रतिस्पर्धा
मुख्य शब्द: अंतर-राज्यीय जल विवाद · तटीय अधिकार · जलविद्युत ऊर्जा · संघीय टकराव · कावेरी बेसिन
चर्चा में क्यों: भारत और EU ने नागरिक, राजनीतिक और सामाजिक अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं की पुष्टि करनेके लिए नई दिल्ली में 12वें EU-भारत मानवाधिकार संवाद का आयोजन किया।
12वें EU-भारत मानवाधिकार संवाद की सह-अध्यक्षता पीयूष श्रीवास्तव और हेर्वे डेलफिन द्वारा की गई। इस चर्चा में लैंगिक समानता और LGBTQI+ अधिकारों सहित नागरिक, राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक अधिकारों को सम्मिलित रूप से शामिल किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाEU-India Human Rights Dialogue मानवाधिकारों के मुद्दों पर सहयोग के लिए एक द्विपक्षीय तंत्र है।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनUN Human Rights Council मानव अधिकारों के जुड़ाव के लिए एक प्राथमिक बहुपक्षीय मंच है जिसका उल्लेख संवाद में किया गया है।
तथ्यनई दिल्ली में आयोजित यह संवाद इस विशिष्ट द्विपक्षीय तंत्र का 12वां संस्करण था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्वीकरण के दौर में बहुपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने और विविध सामाजिक अधिकारों के समाधान में द्विपक्षीय मानवाधिकार संवादों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
डिप्लोमैटिक लेवरेज: संप्रभु घरेलू नीतियों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों और मानदंडों के बीच संतुलन
मल्टीलैटरल सिनर्जी: अलग-अलग सांस्कृतिक संदर्भों में मानवाधिकारों की सुरक्षा को एक समान बनाने के लिए UN प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल
समावेशी शासन: व्यापक सामाजिक न्याय ढांचे के हिस्से के रूप में LGBTQI+ और बच्चों के लिए विशिष्ट अधिकारों को संबोधित करना
मुख्य शब्द: बहुपक्षवाद · मानवाधिकार ढांचा · द्विपक्षीय सहयोग · सामाजिक न्याय · डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट
चर्चा में क्यों: संसदीय लोक लेखा समिति (PAC) ने गृह मंत्रालय से ग्रेट निकोबार परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव और नौसैनिक विस्तार के संबंध में एक रिपोर्ट मांगी है।
के.सी. वेणुगोपाल की अध्यक्षता में गठित लोक लेखा समिति (PAC) ने ग्रेट निकोबार परियोजना के पारिस्थितिक पदचिह्न (ecological footprint) और नौसेना आधारों के लिए भूमि की उपलब्धता पर चिंता व्यक्त की। समिति ने अंडमान और निकोबार द्वीप चिकित्सा विज्ञान संस्थान में वित्त पोषण और उपकरणों की कमी को भी रेखांकित किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थालोक लेखा समिति (PAC): एक संसदीय समिति जो सरकार द्वारा धन के विनियोग और व्यय की दक्षता की जांच करती है।
स्थानग्रेट निकोबार द्वीप: भारत के केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का हिस्सा।
तथ्यइस परियोजना में निकोबार द्वीप समूह में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे और एक नौसेना आधार का विकास शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निकोबार द्वीप समूह जैसे पारिस्थितिक रूपally संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास और पारिस्थितिक संरक्षण के मध्य उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
पारिस्थितिक गिरावट: ग्रेट निकोबार इकोसिस्टम में जैव विविधता और कोरल रीफ के स्वास्थ्य का अपूरणीय नुकसान
स्ट्रेटेजिक-एनवायरनमेंटल ट्रेड-ऑफ: समुद्री सुरक्षा की ज़रूरतों और नाजुक द्वीप आवासों के संरक्षण के बीच संतुलन
अकाउंटेबिलिटी गैप: फंड की कमी और प्रशासनिक बाधाओं के कारण इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल फैसिलिटी के पूरा होने में देरी
मुख्य शब्द: पारिस्थितिक संरक्षण · संसदीय निगरानी · रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर · पर्यावरण प्रभाव आकलन · राजकोषीय जवाबदेही
चर्चा में क्यों: चीनी विदेश मंत्रालय ने भारत के साथ आपसी विश्वास बढ़ाने और सहयोग को गहरा करने की तत्परता व्यक्त की है, विशेष रूप से BRICS की अध्यक्षता के लिए भारत की भूमिका का समर्थन किया है।
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट की। इस वक्तव्य में आपसी शंकाओं को दूर करने और रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करने हेतु मौजूदा समझौतों को आधार बनाकर आगे बढ़ने पर बल दिया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदवांग यी: पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के वर्तमान विदेश मंत्री।
संस्थाBRICS: ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से मिलकर बना एक अंतर-सरकारी संगठन।
तथ्यभारत 2024-2025 अवधि के लिए BRICS की रोटेटिंग अध्यक्षता (rotating chairmanship) रखता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: क्षेत्रीय सुरक्षा और ब्रिक्स (BRICS) ढांचे की बदलती गतिशीलता के संदर्भ में भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों की जटिलताओं का विश्लेषण कीजिए।
भरोसे की कमी: लगातार सीमा तनाव और 'सलामी स्लाइसिंग' रणनीति की धारणा लंबी अवधि के रणनीतिक तालमेल में बाधा डाल रही है
बहुपक्षीय टकराव: ग्लोबल गवर्नेंस और ब्लॉक के विस्तार को लेकर BRICS के भीतर अलग-अलग हित
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: 'नेबरहुड फर्स्ट' पॉलिसी और चीन के साथ विवादित सीमा के बीच भारत का बैलेंसिंग एक्ट
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · विश्वास की कमी · बहुपक्षवाद · भू-राजनीतिक तालमेल · सीमा कूटनीति
चर्चा में क्यों: भारत और अमेरिका ने 24 जुलाई को अस्थायी 10% शुल्क की समाप्ति से पूर्व एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौता अंतिम रूप देनेके लिए उच्च स्तरीय व्यापार वार्ता आयोजित की।
इस बैठक में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर और भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल सम्मिलित हुए। चर्चा मुख्य रूप से तीन आधारभूत स्तंभों पर केंद्रित रही: बाजार तक पहुंच, डिजिटल व्यापार और गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाना।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारत और US के बीच व्यापार पर 10% का अस्थायी टैरिफ 24 जुलाई को समाप्त होने वाला है।
पदजैमिसन ग्रीर संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि (USTR) के रूप में कार्यरत हैं।
तथ्ययह अंतरिम समझौता एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की ओर एक महत्वपूर्ण कदम (stepping stone) के रूप में तैयार किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: गैर-टैरिफ बाधाओं और डिजिटल व्यापार विनियमों के समाधान के साथ-साथ अमेरिका के साथ भारत के आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने में द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के महत्व की चर्चा कीजिए।
मार्केट एक्सेस में रुकावट: घरेलू उद्योगों के संरक्षण और अमेरिकी मार्केट में विस्तार की ज़रूरत के बीच संतुलन
डिजिटल ट्रेड गवर्नेंस: भारत और अमेरिका के बीच अलग-अलग डेटा लोकलाइजेशन नियमों और ई-कॉमर्स रेगुलेशंस में तालमेल बिठाना
टैरिफ डायनामिक्स: अस्थायी 10% टैरिफ सुरक्षा से एक स्थिर, लंबी अवधि के इंटरिम ट्रेड फ्रेमवर्क की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: मार्केट एक्सेस · गैर-टैरिफ बैरियर्स · डिजिटल ट्रेड · द्विपक्षीयता · व्यापार उदारीकरण
चर्चा में क्यों: संयुक्त राष्ट्र के एक स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय जाँच आयोग की रिपोर्ट में अक्टूबर 2023 से गाजा में बच्चों को प्रभावित करने वाली सामूहिक हत्याओं और मानवीय संकटों का दस्तावेजीकरण किया गया है, जो अंतर्राष्ट्रीय जवाबदेही पर प्रश्न खड़ा करता है।
संयुक्त राष्ट्र के 'ऑक्युपाइड पैलेस्टीनियन टेरिटरी' पर स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय जांच आयोग ने गाजा में बच्चों की मृत्यु, अस्पतालों के विनाश और सहायता वितरण में बाधा उत्पन्न करने के तथ्यों को प्रलेखित किया है। 24 जून, 2026 को जारी की गई इस रिपोर्ट में इजरायल द्वारा युद्ध अपराधों और संभावित नरसंहार के कृत्यों के आरोपों का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाअधिग्रहित फिलिस्तीनी क्षेत्र पर स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय जांच आयोग: अंतर्राष्ट्रीय कानून के उल्लंघन की जांच करने वाली एक UN-जनादेशित संस्था।
तथ्यरिपोर्टिंग अवधि: अक्टूबर 2023 से घटित घटनाओं का दस्तावेजीकरण।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनसंयुक्त राष्ट्र (UN): जांच की देखरेख करने और मानवीय स्थिति पर रिपोर्टिंग करने वाली प्राथमिक अंतर्राष्ट्रीय संस्था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: संघर्ष क्षेत्रों में मानवीय संकटों और कथित युद्ध अपराधों के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने में अंतर्राष्ट्रीय कानूनी ढाँचों और संयुक्त राष्ट्र आयोगों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
कानूनी जवाबदेही में कमी: गैर-हस्ताक्षरकर्ता देशों या शक्तिशाली पक्षों के खिलाफ UN कमीशन के निष्कर्षों को लागू करने में कठिनाई
मानवीय हस्तक्षेप की सीमाएं: संप्रभु राज्य के अधिकार और 'रिस्पॉन्सिबिलिटी टू प्रोटेक्ट' (R2P) सिद्धांत के बीच टकराव
संस्थागत विश्वसनीयता: सक्रिय युद्ध क्षेत्रों में नरसंहार के आरोपों को संबोधित करते हुए UN की तटस्थता बनाए रखने में चुनौतियां
मुख्य शब्द: अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून · जवाबदेही · नरसंहार कन्वेंशन · मानवाधिकार · R2P सिद्धांत
चर्चा में क्यों: भारत और UAE ने 24 जून, 2026 को अपने रणनीतिक रक्षा साझेदारी ढांचे (Strategic Defence Partnership Framework) की समीक्षा की, जिसमें मुख्य रूप से ब्रह्मोस (BrahMos) मिसाइल की बिक्री और समुद्री सुरक्षा सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता अमिताभ प्रसाद (भारत) और ब्रिगेडियर जमाल इब्राहिम मोहम्मद इब्राहिम अलमार-ज़ूकी (UAE) द्वारा की गई। निर्यात हेतु चर्चा किए गए प्रमुख प्रणालियों में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और आकाशतैर वायु रक्षा कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकBrahMos: भारत (DRDO) और रूस के बीच एक संयुक्त उद्यम के माध्यम से विकसित एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल।
पदअमिताभ प्रसाद: भारत सरकार के संयुक्त सचिव (अंतर्राष्ट्रीय सहयोग)।
तथ्यStrategic Defence Partnership Framework की समीक्षा के लिए यह बैठक 24 जून, 2026 को आयोजित की गई।
विज्ञान-तकनीकआकाशतीर: एक भारतीय निर्मित वायु रक्षा कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व को भारत के बढ़ते रक्षा निर्यात किस प्रकार भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और 'मेक इन इंडिया' पहल में योगदान देते हैं, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
स्ट्रेटेजिक लेवरेज: क्षेत्रीय शक्ति समीकरणों को संतुलित करने और अरब सागर में मैरीटाइम सिक्योरिटी बढ़ाने के लिए डिफेंस एक्सपोर्ट्स का इस्तेमाल
इंडस्ट्रियल स्केलिंग: ब्रह्मोस एक्सपोर्ट मॉडल के जरिए रक्षा-आयात करने वाले देश से ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब में बदलाव
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: नेशनल सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के साथ एडवांस कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम को शेयर करने के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · डिफेंस डिप्लोमेसी · मेक इन इंडिया · समुद्री सुरक्षा · तकनीकी हस्तांतरण
चर्चा में क्यों: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) के कार्यान्वयन और नियामक रोडमैप के समन्वय पर चर्चा करने के लिए यूके (UK) के दौरे पर हैं।
मंत्री पीयूष गोयल 25-27 जून तक लंदन में यूके के राज्य सचिव पीटर काइल से भेंट करेंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और यूके के बीच सीमा शुल्क समन्वय को सुव्यवस्थित करना और टैरिफ उदारीकरण प्रतिबद्धताओं की समीक्षा करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदपीयूष गोयल: वाणिज्य और उद्योग मंत्री, भारत सरकार।
पदपीटर काइल: बिजनेस एंड ट्रेड के लिए राज्य सचिव, यूनाइटेड किंगडम।
तथ्यCETA: भारत और UK के बीच व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (Comprehensive Economic and Trade Agreement)।
संस्थाUK-India Business Council: दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक मंच।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (global value chains) में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने में द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के महत्व और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के साथ विनियामक ढाँचों (regulatory frameworks) को संरेखित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी डाइवर्जेंस: अलग-अलग अधिकार क्षेत्रों में औद्योगिक वस्तुओं और सेवाओं के लिए अलग मानकों को एक समान बनाने में जटिलता
ट्रेड फैसिलिटेशन: कस्टम कोऑर्डिनेशन में बाधाएं और डिजिटाइज्ड, स्ट्रीमलाइंड प्रशासनिक मैकेनिज्म की ज़रूरत
इन्वेस्टमेंट सिनर्जी: मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए रोल्स-रॉयस और HSBC जैसी ग्लोबल संस्थाओं के साथ कॉर्पोरेट पार्टनरशिप का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · रेगुलेटरी अलाइनमेंट · ग्लोबल वैल्यू चेन · द्विपक्षीय सहयोग · कस्टम्स कोऑर्डिनेशन
चर्चा में क्यों: IAEA के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक प्रारंभिक शांति समझौते के तहत परमाणु स्थलों का निरीक्षण किया जाएगा।
IAEA परमाणु सुरक्षा के लिए उत्तरदायी अंतर्राष्ट्रीय निकाय है। प्रारंभिक समझौते में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से शिपिंग की अनुमति देने के बदले में अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक घेराबंदी हटाने का प्रावधान शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाIAEA: International Atomic Energy Agency, इसका मुख्यालय वियना, ऑस्ट्रिया में स्थित है।
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक जलमार्ग जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है।
तथ्यप्रारंभिक समझौता परमाणु स्थल तक पहुंच और नौसेना द्वारा लगाए गए नाकेबंदी को हटाने के बीच एक व्यापार-बंद (trade-off) को शामिल करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक परमाणु अप्रसार को बनाए रखने में अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की भूमिका और द्विपक्षीय राजनयिक वार्ताओं में परमाणु निरीक्षणों को एक उपकरण के रूप में उपयोग करने की जटिलताओं का विश्लेषण कीजिए।
वेरिफिकेशन में रुकावट: संवेदनशील परमाणु सामग्री की सुरक्षा से समझौता किए बिना क्षतिग्रस्त सुविधाओं का निरीक्षण करने में कठिनाई
भू-राजनीतिक लाभ: परमाणु कूटनीति में होर्मुज जलडमरूमध्य का एक समुद्री चोक पॉइंट के रूप में उपयोग
संस्थागत जनादेश: IAEA की तकनीकी निगरानी भूमिका और द्विपक्षीय शांति समझौतों के राजनीतिक दबावों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: परमाणु अप्रसार · सुरक्षा उपाय · मैरीटाइम चोकपॉइंट्स · डिप्लोमैटिक लेवरेज · सत्यापन व्यवस्था
चर्चा में क्यों: Meta Platforms Inc. भारतीय फिनटेक फर्म Cred में $900 मिलियन का निवेश कर रही है, ताकि WhatsApp को WeChat के समान 'सुपर-ऐप' मॉडल में परिवर्तित किया जा सके।
Meta Platforms Inc. भारतीय फिनटेक कंपनी, Cred में $900 मिलियन का निवेश कर रही है। Cred के संस्थापक कुणाल शाह, WhatsApp के वैश्विक संचालन का नेतृत्व करेंगे ताकि यात्रा बुकिंग, भोजन वितरण और वित्तीय लेनदेन जैसी सेवाओं को एकीकृत किया जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यMeta द्वारा Cred में किया गया निवेश $900 million का है।
विज्ञान-तकनीकसुपर-ऐप: एक ऐसा प्लेटफॉर्म जो मैसेजिंग, भुगतान और ई-कॉमर्स जैसी कई सेवाओं को एक ही इंटरफेस में एकीकृत करता है।
पदकुणाल शाह Cred के संस्थापक और CEO हैं और वे वैश्विक स्तर पर WhatsApp का नेतृत्व करेंगे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था पर 'सुपर-ऐप' मॉडल के निहितार्थों और डेटा गोपनीयता तथा फिनटेक एकीकरण से संबंधित विनियामक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
डेटा संप्रभुता: पेमेंट और सोशल मैसेजिंग जैसी विविध सेवाओं में सेंट्रलाइज्ड डेटा साइलो के जोखिम
एंटीट्रस्ट चिंताएं: एक ही प्लेटफॉर्म द्वारा एंड-टू-एंड कंज्यूमर सर्विसेज देने से मार्केट मोनोपॉलाइजेशन की संभावना
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: मौजूदा भारतीय कानूनों के तहत सोशल मीडिया ओवरसाइट के साथ फिनटेक रेगुलेशंस को तालमेल बिठाने में जटिलता
मुख्य शब्द: सुपर-ऐप · फिनटेक इंटीग्रेशन · डिजिटल इकोनॉमी · डेटा प्राइवेसी · बाज़ार में एकाधिकार
चर्चा में क्यों: नई दिल्ली में BRICS राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ आयोजित एक बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद और साइबर सुरक्षा जैसे 'ग्लोबल साउथ' के चिंताओं को प्राथमिकता देने के लिए BRICS में भारत के नेतृत्व पर बल दिया।
नई दिल्ली में आयोजित इस बैठक में BRICS सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने भाग लिया। मुख्य एजेंडा मदों में ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, तथा आतंकवादी नेटवर्कों द्वारा उभरती प्रौद्योगिकियों का उपयोग शामिल था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाBRICS: एक अंतर-सरकारी संगठन जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका (तथा नए सदस्य) शामिल हैं।
तथ्यबैठक में विशेष रूप से उभरती प्रौद्योगिकियों और आतंकवादी नेटवर्क संचालन के अंतर्संबंधों पर चर्चा की गई।
स्थाननई दिल्ली: BRICS राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक की मेजबान शहर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ब्रिक्स (BRICS) समूह किस प्रकार 'ग्लोबल साउथ' के लिए साइबर-आतंकवाद और जलवायु-प्रेरित अस्थिरता जैसे गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों को संबोधित करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य कर सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
भू-राजनीतिक लाभ: राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मानक स्थापित करने के लिए BRICS आम सहमति का उपयोग
तकनीकी असमानता: संघर्ष क्षेत्रों में गैर-राज्य अभिनेताओं द्वारा AI और एन्क्रिप्शन को तेजी से अपनाने की समस्या को हल करना
बहुपक्षीय घर्षण: गल्फ वॉर जैसे क्षेत्रीय संघर्षों पर सदस्य देशों के अलग-अलग सुरक्षा हितों में संतुलन बनाना
मुख्य शब्द: ग्लोबल साउथ · गैर-पारंपरिक सुरक्षा · साइबर-टेररिज्म · बहुपक्षवाद · रणनीतिक स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: समुद्री सहयोग और रक्षा संबंधों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Udaygiri और INS Kavaratti ने जून 2026 में वियतनाम के न्हा रोंग (Nha Rong) बंदरगाह का दौरा किया।
इस यात्रा का नेतृत्व पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग, रियर एडमिरल आलोक आनंद द्वारा किया गया। इस बंदरगाह आगमन के अंतर्गत भारत-वियतनाम समुद्री संबंधों को सुदृढ़ करने हेतु व्यावसायिक अंतःक्रियाओं, खेल आयोजनों और सामुदायिक पहुंच कार्यक्रमों को सम्मिलित किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानNha Rong Port वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी (Ho Chi Minh City) में स्थित है।
तथ्यINS Udaygiri और INS Kavaratti भारतीय नौसेना के युद्धपोत हैं।
पदरियर एडमिरल आलोक आनंद ने यात्रा के दौरान ईस्टर्न फ्लीट के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग के रूप में कार्य किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने में भारत के वियतनाम के साथ समुद्री सहयोग के महत्व पर चर्चा कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: साउथ चाइना सी में समुद्री हेजेमनी का मुकाबला करते हुए मल्टी-अलाइनमेंट को संतुलित करना
डिफेंस डिप्लोमेसी: इंटरऑपरेबिलिटी और मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस बनाने के लिए पोर्ट कॉल्स और जॉइंट एक्सरसाइज का इस्तेमाल
आर्थिक-सुरक्षा संबंध: भारत के व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा के लिए समुद्री संचार मार्ग सुरक्षित करना महत्वपूर्ण
चर्चा में क्यों: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, IMO स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में फंसे 11,000 नाविकों को चरणबद्ध तरीके से निकालने के समन्वय का कार्य कर रहा है।
इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ईरान, ओमान, संयुक्त राज्य अमेरिका और समुद्री उद्योग के सहयोग से निकासी अभियान का नेतृत्व कर रहा है। पिछले सप्ताह हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (MoU) के अनुसरण में, डेनमार्क ने जलमार्ग को पुन: खोलने के लिए फ्रांस और ब्रिटेन के नेतृत्व वाले मिशन में सम्मिलित हुआ है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाIMO: International Maritime Organization, समुद्री सुरक्षा और नौवहन सुरक्षा के लिए जिम्मेदार UN की एक विशिष्ट एजेंसी है।
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक जलमार्ग जो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
तथ्यवर्तमान में क्षेत्र से 11,000 से अधिक नाविकों को निकाला जा रहा है।
पदArsenio Dominguez: Secretary-General of the International Maritime Organization (IMO)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक समुद्री व्यापार में होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व का विश्लेषण कीजिए और अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग सुरक्षा पर क्षेत्रीय भू-राजनीतिक तनावों के निहितार्थों की चर्चा कीजिए।
मैरीटाइम चोक पॉइंट: वैश्विक तेल ट्रांजिट की भारी मात्रा क्षेत्रीय किनेटिक संघर्षों के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता पैदा करती है
बहुपक्षीय डिप्लोमेसी: विवादित जलक्षेत्रों में नेविगेशन की आज़ादी बनाए रखने के लिए बहु-राज्य सहयोग (ईरान, ओमान, USA) की ज़रूरत
सप्लाई चेन में रुकावट: ग्लोबल एनर्जी मार्केट और कमोडिटी कीमतों पर बढ़ते इंश्योरेंस प्रीमियम और शिपिंग देरी का जोखिम
मुख्य शब्द: नौवहन की स्वतंत्रता · समुद्री सुरक्षा · भू-राजनीतिक चोकपॉइंट्स · बहुपक्षीय सहयोग · ऊर्जा सुरक्षा
चर्चा में क्यों: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने और जारी सीमा विवाद के समाधान पर चर्चा करने के लिए नई दिल्ली में बैठक की।
यह बैठक नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और चीन के विदेश मंत्री के मध्य आयोजित की गई। इस चर्चा का मुख्य केंद्र पूर्व समझौतों का कार्यान्वयन और 2020 के तनाव के पश्चात संवेदनशील सीमावर्ती मुद्दों का प्रबंधन करना था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदअजीत डोवाल: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA)।
पदWang Yi: चीन के विदेश मंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य।
तथ्यइस बैठक का उद्देश्य भारत और चीन के बीच 2020 के सीमा तनाव के परिणामों को संबोधित करना था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सीमा अखंडता और मुख्य राष्ट्रीय हितों पर दृढ़ रुख बनाए रखते हुए भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
रणनीतिक गतिरोध: क्षेत्रीय स्थिरता की ज़रूरत और क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा के बीच संतुलन
डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: हाई-लेवल डिप्लोमैटिक रेटोरिक और LAC पर ग्राउंड-लेवल मिलिट्री पोस्टुरिंग के बीच के अंतर को कम करना
बहुपक्षीय दबाव: व्यापक इंडो-पैसिफिक सुरक्षा ढांचे पर भारत-चीन प्रतिद्वंद्विता के प्रभाव का प्रबंधन
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · क्षेत्रीय अखंडता · द्विपक्षीयता · सीमा प्रबंधन · भू-राजनीतिक स्थिरता
चर्चा में क्यों: जलाशय के घटते जल स्तर और तमिलनाडु एवं कर्नाटक की परस्पर विरोधी मांगों के कारण, Cauvery Water Management Authority (CWMA) ने 23 जून, 2026 को जल विमोचन पर अपने निर्णयों को स्थगित कर दिया है।
कावेरी बेसिन में जल संकट के समाधान हेतु 23 जून, 2026 को CWMA की बैठक आयोजित की गई। तमिलनाडु ने 9 tmcft जल की मांग की, जबकि कर्नाटक ने कम जल संचयन के कारणों के रूप में मानसून में विलंब और एल निनो (El Niño) के प्रभावों का उल्लेख किया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाCWMA: Cauvery Water Management Authority वह निकाय है जो कावेरी नदी के जल के वितरण की देखरेख करता है।
तथ्यतमिलनाडु ने जून 2026 की बैठक के दौरान 9 tmcft कावेरी जल जारी करने का अनुरोध किया।
स्थानकावेरी नदी: यह कर्नाटक, तमिलनाडु और Puducherry से होकर बहती है।
विज्ञान-तकनीकEl Niño: एक जलवायु पैटर्न जिसमें पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के सतही जल का तापमान बढ़ जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अंतर-राज्यीय जल-साझाकरण की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए और नदी तटीय विवादों के समाधान में वैधानिक निकायों की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
संघीय टकराव: राज्य-विशिष्ट सिंचाई प्राथमिकताओं और सामूहिक बेसिन-व्यापी जल सुरक्षा के बीच संघर्ष
जलवायु संवेदनशीलता: एल नीनो और अनिश्चित मानसून का ऐतिहासिक जल-बंटवारा समझौतों की विश्वसनीयता पर प्रभाव
संस्थागत बाधा: सिंचाई परियोजनाओं पर रियल-टाइम डेटा शेयरिंग की कमी के कारण CWMA के फैसले लेने में देरी
मुख्य शब्द: तटीय अधिकार · अंतर-राज्यीय जल विवाद · जल शासन · क्लाइमेट रेजिलिएंस · संघवाद