यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,345 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2758) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (208) · भारत एवं पड़ोसी देश (173) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (112) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (88) · प्रवासी भारतीय (6)
चर्चा में क्यों: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, IMO स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में फंसे 11,000 नाविकों को निकालने की प्रक्रिया का समन्वय कर रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) 11,000 से अधिक नाविकों के सुरक्षित निष्कासन का नेतृत्व कर रहा है। इस योजना के अंतर्गत होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से दो अस्थायी मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिनका समन्वय ईरान, ओमान, अमेरिका और अन्य तटीय राज्यों के साथ किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाIMO: International Maritime Organization, संयुक्त राष्ट्र की एक विशिष्ट एजेंसी है जो शिपिंग के नियमन के लिए उत्तरदायी है।
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
तथ्यक्षेत्रीय संघर्ष के कारण वर्तमान में 11,000 से अधिक नाविक Strait of Hormuz में फंसे हुए हैं।
तथ्यहॉर्मुज जलडमरूमध्य को एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग के रूप में मान्यता प्राप्त है जहाँ टोल (tolls) लगाना प्रतिबंधित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एक वैश्विक समुद्री चोकपॉइंट के रूप में होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व और क्षेत्रीय अस्थिरता के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक बाधा: वैश्विक तेल और एलएनजी ट्रांजिट का भारी जमाव क्षेत्रीय समुद्री नाकेबंदी के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता पैदा करता है
एनर्जी सिक्योरिटी रिस्क: एशियाई और यूरोपीय बाजारों में कच्चे तेल की सप्लाई में संभावित रुकावट से वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव
मुख्य शब्द: नौवहन की स्वतंत्रता · मैरीटाइम चोकपॉइंट · ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक अस्थिरता · अंतरराष्ट्रीय वॉटरवे
चर्चा में क्यों: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने और जारी सीमा विवाद के समाधान पर चर्चा करने के लिए नई दिल्ली में बैठक की।
यह बैठक नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और चीन के विदेश मंत्री के मध्य आयोजित की गई। इस चर्चा का मुख्य केंद्र पूर्व समझौतों का कार्यान्वयन और 2020 के तनाव के पश्चात संवेदनशील सीमावर्ती मुद्दों का प्रबंधन करना था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदअजीत डोवाल: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA)।
पदWang Yi: चीन के विदेश मंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य।
तथ्यइस बैठक का उद्देश्य भारत और चीन के बीच 2020 के सीमा तनाव के परिणामों को संबोधित करना था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सीमा अखंडता और मुख्य राष्ट्रीय हितों पर दृढ़ रुख बनाए रखते हुए भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
रणनीतिक गतिरोध: क्षेत्रीय स्थिरता की ज़रूरत और क्षेत्रीय अखंडता की सुरक्षा के बीच संतुलन
डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: हाई-लेवल डिप्लोमैटिक रेटोरिक और LAC पर ग्राउंड-लेवल मिलिट्री पोस्टुरिंग के बीच के अंतर को कम करना
बहुपक्षीय दबाव: व्यापक इंडो-पैसिफिक सुरक्षा ढांचे पर भारत-चीन प्रतिद्वंद्विता के प्रभाव का प्रबंधन
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · क्षेत्रीय अखंडता · द्विपक्षीयता · सीमा प्रबंधन · भू-राजनीतिक स्थिरता
चर्चा में क्यों: जलाशय के घटते जल स्तर और तमिलनाडु एवं कर्नाटक की परस्पर विरोधी मांगों के कारण, Cauvery Water Management Authority (CWMA) ने 23 जून, 2026 को जल विमोचन पर अपने निर्णयों को स्थगित कर दिया है।
कावेरी बेसिन में जल संकट के समाधान हेतु 23 जून, 2026 को CWMA की बैठक आयोजित की गई। तमिलनाडु ने 9 tmcft जल की मांग की, जबकि कर्नाटक ने कम जल संचयन के कारणों के रूप में मानसून में विलंब और एल निनो (El Niño) के प्रभावों का उल्लेख किया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाCWMA: Cauvery Water Management Authority वह निकाय है जो कावेरी नदी के जल के वितरण की देखरेख करता है।
तथ्यतमिलनाडु ने जून 2026 की बैठक के दौरान 9 tmcft कावेरी जल जारी करने का अनुरोध किया।
स्थानकावेरी नदी: यह कर्नाटक, तमिलनाडु और Puducherry से होकर बहती है।
विज्ञान-तकनीकEl Niño: एक जलवायु पैटर्न जिसमें पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के सतही जल का तापमान बढ़ जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अंतर-राज्यीय जल-साझाकरण की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए और नदी तटीय विवादों के समाधान में वैधानिक निकायों की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
संघीय टकराव: राज्य-विशिष्ट सिंचाई प्राथमिकताओं और सामूहिक बेसिन-व्यापी जल सुरक्षा के बीच संघर्ष
जलवायु संवेदनशीलता: एल नीनो और अनिश्चित मानसून का ऐतिहासिक जल-बंटवारा समझौतों की विश्वसनीयता पर प्रभाव
संस्थागत बाधा: सिंचाई परियोजनाओं पर रियल-टाइम डेटा शेयरिंग की कमी के कारण CWMA के फैसले लेने में देरी
मुख्य शब्द: तटीय अधिकार · अंतर-राज्यीय जल विवाद · जल शासन · क्लाइमेट रेजिलिएंस · संघवाद
चर्चा में क्यों: ड्रोन और मिसाइल हमलों के पश्चात, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अपने रक्षा पोर्टफोलियो में विविधता लानेके उद्देश्य से भारत की ब्रह्मोस (BrahMos) सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और आकाशतीर (Akashteer) वायु रक्षा प्रणाली की खरीद की संभावनाओं का अन्वेषण कर रहा है।
फरवरी और जून 2026 के मध्य के दौरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को ईरान की ओर से 2,846 से अधिक मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ा। भारत अब एक प्रमुख हथियार आयातक से बदलकर 'ब्रह्मोस' जैसी उच्च-तकनीकी रक्षा प्रणालियों के वैश्विक निर्यातक के रूप में परिवर्तित हो रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकBrahMos: भारत (DRDO) और रूस के बीच एक संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल।
तथ्यUAE ने फरवरी और जून 2026 के बीच ईरान से 2,846 से अधिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की सूचना दी।
पदAkashteer: एक भारतीय वायु रक्षा प्रणाली जिसे कई रक्षा प्रणालियों के बीच उन्नत समन्वय के लिए डिज़ाइन किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग किस प्रकार मध्य पूर्व में एक 'नेट सुरक्षा प्रदाता' (net security provider) के रूप में भारत की विकसित होती भूमिका को प्रतिबिंबित करता है? चर्चा कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: पश्चिमी देशों पर निर्भरता कम कर भारतीय तकनीक के साथ विविधता लाने की ओर यूएई का झुकाव
डिफेंस इंडस्ट्रियलाइजेशन: हथियारों के आयातक से हाई-एंड डिफेंस सिस्टम के वैश्विक निर्यातक बनने की ओर भारत का बदलाव
क्षेत्रीय सुरक्षा की गतिशीलता: ईरान-UAE तनाव का स्वदेशी भारतीय मिसाइल तकनीक की मांग पर प्रभाव
चर्चा में क्यों: अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने नागरिकता आवेदन शुल्क में 75-80% की वृद्धि का प्रस्ताव दिया है, जो ग्रीन कार्ड बैकलॉग का सामना कर रहे भारतीय प्रवासियों को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगा।
DHS का प्रस्ताव पत्र और ऑनलाइन दोनों प्रकार के आवेदनों के लिए शुल्क में वृद्धि करने तथा अधिकांश मौजूदा शुल्क छूटों को समाप्त करने का लक्ष्य रखता है। DHS द्वारा इस वृद्धि को सत्यापन और पृष्ठभूमि जांच की बढ़ती लागतों को वहन करने के लिए एक आवश्यकता के रूप में उचित ठहराया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाDHS: Department of Homeland Security, आतंकवादी गतिविधियों को रोकने और आप्रवासन (immigration) के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार अमेरिकी संघीय एजेंसी है।
तथ्यप्रस्तावित शुल्क वृद्धि: US नागरिकता आवेदनों के लिए 75-80% की वृद्धि।
तथ्यसार्वजनिक टिप्पणी की समय सीमा: यह प्रस्ताव 24 अगस्त, 2026 तक सार्वजनिक टिप्पणी के लिए खुला है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में आप्रवासन नीतियों और शुल्क संरचनाओं में होने वाले परिवर्तन वैश्विक प्रवासी समुदायों की सामाजिक-आर्थिक गतिशीलता को किस प्रकार प्रभावित कर सकते हैं, चर्चा कीजिए।
आर्थिक बाधा: भारी आवेदन शुल्क बैकलॉग में कम आय वाले प्रवासियों और कुशल श्रमिकों को असमान रूप से प्रभावित कर सकता है
प्रशासनिक बोझ: इमिग्रेशन प्रोसेसिंग सिस्टम में बेहतर तकनीकी एकीकरण की ज़रूरत
मुख्य शब्द: माइग्रेशन पॉलिसी · डायस्पोरा डायनेमिक्स · द्विपक्षीय संबंध · प्रशासनिक लागत · इमिग्रेशन बैकलॉग
चर्चा में क्यों: संयुक्त राष्ट्र के एक जाँच आयोग ने गाजा में फिलिस्तीनी बच्चों के विरुद्ध नरसंहार और युद्ध अपराधों के लिए इजराइल पर आरोप लगाया है, जिसमें नाबालिगों और बुनियादी ढांचे को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाने पर प्रकाश डाला गया है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2023 में संघर्ष शुरू होने के बाद से गाजा में मारे गए व्यक्तियों में से लगभग 30% बच्चे थे। आयोग ने अनाथालयों और विद्यालयों के विनाश के साथ-साथ नाबालिगों की मनमानी गिरफ्तारी और यातना के आरोपों को भी प्रलेखित किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनUN Commission of Inquiry: UN Human Rights Council द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन की जांच के लिए स्थापित एक स्वतंत्र निकाय।
तथ्यUN की रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2023 से गाजा में होने वाली मौतों में 30% बच्चे थे।
स्थानगाजा पट्टी: लेवेंट क्षेत्र में स्थित एक क्षेत्र जो वर्तमान में संघर्ष के अधीन है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून की स्थिति और संघर्ष क्षेत्रों में वैश्विक निगरानी तंत्र की प्रभावकारिता पर संयुक्त राष्ट्र के निष्कर्षों के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
कानूनी जवाबदेही: गैर-हस्ताक्षरकर्ता देशों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के आदेश लागू करने में कठिनाई
मानवीय बाधा: घेराबंदी वाले क्षेत्रों में सहायता रोकने का बच्चों के स्वास्थ्य और जीवित रहने की दर पर असर
संस्थागत विश्वसनीयता: गाज़ा संघर्ष पर ध्रुवीकृत भू-राजनीतिक रुख के बीच UN की तटस्थता बनाए रखने की चुनौती
मुख्य शब्द: नरसंहार · युद्ध अपराध · मानवीय कानून · अंतर्राष्ट्रीय न्याय · सिस्टमैटिक वायलेंस
चर्चा में क्यों: भारत और अमेरिका अमेरिकी द्वारा लगाए गए उन शुल्कों (tariffs) के समाधान हेतु एक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं जो भारतीय निर्यात को प्रभावित कर रहे हैं, वहीं लखनऊ में हुई एक घातक आग की घटना ने शहरी अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियों को उजागर किया है।
लखनऊ में एक वाणिज्यिक भवन में भीषण आग लगने से कम से कम 15 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई, जिसमें संकीर्ण सीढ़ियों और बंद दरवाजों ने बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न की। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, जुलाई 2026 तक एक व्यापारिक समझौता अंतिम रूप देनेके लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर के साथ वार्ता कर रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यलखनऊ अग्निकांड: एक व्यावसायिक इमारत में आग लगने से कम से कम 15 लोगों की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई है।
पदपीयूष गोयल: वाणिज्य और उद्योग मंत्री, भारत सरकार।
पदजैमिसन ग्रीर: संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि (USTR)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं के संदर्भ में व्यापार उदारीकरण और घरेलू औद्योगिक संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
ट्रेड इम्बैलेंस: भारतीय एक्सपोर्ट्स पर हाई टैरिफ बनाम अमेरिकी मार्केट एक्सेस पर पाबंदियां
शहरी सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर: घने कमर्शियल ज़ोन में अनिवार्य फायर सेफ्टी ऑडिट की कमी
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: तेज़ी से होते शहरी कमर्शियलाइजेशन और फायर सेफ्टी नियमों के बीच टकराव
मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · टैरिफ बैरियर्स · अर्बन सेफ्टी प्रोटोकॉल्स · द्विपक्षीय व्यापार · इंफ्रास्ट्रक्चर सुरक्षा
चर्चा में क्यों: भारत और UK ने सैन्य अंतर-संचालनीयता (interoperability) और संयुक्त प्रशिक्षण को गहरा करने हेतु एक रोडमैप स्थापित करने के लिए अपने कार्यकारी संचालन समूह (ESG) की 15वीं बैठक आयोजित की।
15वीं ESG बैठक 17-19 जून तक यूनाइटेड किंगडम (UK) में आयोजित की गई। इसका प्राथमिक केंद्र भारतीय सेना और ब्रिटिश सेना के मध्य अंतर-संचालनीयता (interoperability) को बढ़ाने, संयुक्त अभ्यासों और विषय विशेषज्ञों के आदान-प्रदान पर केंद्रित था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाExecutive Steering Group (ESG): रक्षा सहयोग की निगरानी के लिए भारत और UK के बीच एक द्विपक्षीय तंत्र।
तथ्य15वीं ESG बैठक जून 2024 में UK में आयोजित की गई थी।
तथ्यप्रमुख फोकस क्षेत्रों में संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण सहयोग और विषय विशेषज्ञ (Subject Matter Expert) विनिमय शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बदलते हुए भारत-प्रशांत सुरक्षा ढांचे के संदर्भ में भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा सहयोग को गहरा करने के महत्व की चर्चा कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: पश्चिमी पार्टनर्स के साथ टेक्नोलॉजी-शेयरिंग और इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाते हुए स्वतंत्र डिफेंस प्रोक्योरमेंट के बीच संतुलन बनाना
मैरिटाइम सिक्योरिटी: इंडियन ओशन रीजन में नेविगेशन की आज़ादी और समुद्री खतरों से निपटने से जुड़ी साझा चिंताओं पर चर्चा
डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस: 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को बढ़ाने के लिए यूके की विशेषज्ञता का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: इंटरऑपरेबिलिटी · रणनीतिक साझेदारी · रक्षा सहयोग · इंडो-पैसिफिक सुरक्षा · संयुक्त अभ्यास
चर्चा में क्यों: NSA अजीत डोवाल ने 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' के रणनीतिक महत्व और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं एवं ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं को कम करने में BRICS की भूमिका पर प्रकाश डाला।
होरमुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस पारगमन के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है। BRICS (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी संगठन है, जो बहुपक्षीय सहयोग और 'ग्लोबल साउथ' के हितों पर केंद्रित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
संस्थाBRICS: ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से मिलकर बना एक अंतर-सरकारी संगठन।
पदअजीत डोभाल: भारत के वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ब्रिक्स (BRICS) का विस्तार और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री चोकपॉइंट्स का स्थिरीकरण, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और 'ग्लोबल साउथ' की आकांक्षाओं में किस प्रकार योगदान देते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी: कच्चे तेल के स्थिर आयात के लिए पर्शियन गल्फ में सप्लाई चेन की बाधाओं को कम करना
मल्टीलैटरलिज्म: ग्लोबल साउथ के लिए पश्चिमी आर्थिक और भू-राजनीतिक वर्चस्व का मुकाबला करने के लिए BRICS एक प्लेटफॉर्म के रूप में
जियोपॉलिटिकल रिस्क: वैश्विक कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव पर क्षेत्रीय समुद्री अस्थिरता के प्रभाव का विश्लेषण
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · बहुपक्षवाद · ग्लोबल साउथ · मैरीटाइम चोकपॉइंट्स · सप्लाई चेन रेजिलिएंस
चर्चा में क्यों: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने राजनयिक वार्ताओं को सुगम बनानेके उद्देश्य से ईरानी तेल की बिक्री के लिए 60 दिनों का प्रतिबंध छूट (sanctions waiver) प्रदान किया है, जिसके परिणामस्वरूप ईरान ने एशियाई बाजारों को लक्षित करना शुरू कर दिया है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 21 अगस्त तक एक सामान्य लाइसेंस के अंतर्गत ईरानी तेल की बिक्री को अधिकृत किया है। ईरान वर्तमान में समुद्र में संग्रहित लाखों बैरल तेल के निपटान के लिए भारत, जापान और दक्षिण कोरिया सहित प्रमुख एशियाई रिफाइनरों को लक्षित कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यईरानी तेल पर US प्रतिबंधों में छूट 21 अगस्त को समाप्त होने वाली 60 दिनों की अवधि के लिए प्रदान की गई थी।
स्थानईरान द्वारा लक्षित प्रमुख एशियाई बाजारों में भारत, जापान और दक्षिण कोरिया शामिल हैं।
संस्थातेल प्रतिबंधों में छूट (waivers) जारी करने के लिए US Treasury Department प्राथमिक निकाय है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अमेरिकी प्रतिबंधों और वैश्विक ऊर्जा मांग के बीच होने वाली अंतःक्रिया किस प्रकार भारत-प्रशांत क्षेत्र में तेल व्यापार की भू-राजनीतिक गतिशीलता को आकार देती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक लाभ: कूटनीतिक बातचीत और क्षेत्रीय प्रभाव के लिए ऊर्जा निर्यात का इस्तेमाल
मार्केट में उतार-चढ़ाव: ग्लोबल क्रूड ऑयल सप्लाई चेन की स्थिरता पर अमेरिकी पॉलिसी अनिश्चितता का असर
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के पालन के बीच भारत का संतुलन
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक बढ़त · ऊर्जा सुरक्षा · प्रतिबंध शासन · सप्लाई चेन में उतार-चढ़ाव · रणनीतिक स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: भारत और इज़राइल, अगली पीढ़ी की सैन्य प्रौद्योगिकियों में केवल लेन-देन संबंधी रक्षा सौदों से आगे बढ़कर सह-उत्पादन और संयुक्त लचीलेपन की ओर बढ़ने के लिए एक विशेष रणनीतिक साझेदारी को अंतिम रूप दे रहे हैं।
इस साझेदारी के अंतर्गत इज़राइल के रक्षा मंत्रालय और भारत के शीर्ष रक्षा नेतृत्व के मध्य चर्चाएं शामिल हैं। इसका मुख्य केंद्र रक्षा उपकरणों का सह-उत्पादन और संभावित खतरों एवं व्यवधानों का मुकाबला करने हेतु एक संयुक्त औद्योगिक आधार का निर्माण करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदमेजर जनरल (रिटायर्ड) अमीरबरम इजरायल के रक्षा मंत्रालय के महानिदेशक हैं।
तथ्ययह साझेदारी भारत-इजरायल रक्षा गतिशीलता को लेन-देन आधारित बिक्री से सह-उत्पादन और संयुक्त प्रौद्योगिकी विकास की ओर स्थानांतरित करती है।
विज्ञान-तकनीकप्रमुख क्षेत्रों में अगली पीढ़ी की सैन्य प्रौद्योगिकियां और व्यवधानों के विरुद्ध संयुक्त लचीलापन शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रक्षा खरीद में लेन-देन आधारित दृष्टिकोण से सह-उत्पादन और संयुक्त प्रौद्योगिकी विकास की ओर बढ़ते बदलाव ने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और रक्षा औद्योगिक आधार को किस प्रकार सुदृढ़ किया है, इसका विश्लेषण कीजिए।
इंडस्ट्रियल बेस का विस्तार: महत्वपूर्ण डिफेंस कंपोनेंट्स पर आयात निर्भरता कम करने के लिए 'बायर-सेलर' से 'को-प्रोड्यूसर' की ओर बदलाव
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: हाई-टेक मिलिट्री हार्डवेयर के लिए स्वदेशी क्षमताएं बनाने हेतु इजराइली तकनीकी विशेषज्ञता का लाभ उठाना
भू-राजनीतिक तालमेल: क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों और सप्लाई चेन में रुकावटों के मुकाबले भारत-इजरायल संबंधों को मजबूत करना
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · को-प्रोडक्शन · डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस · संयुक्त लचीलापन · तकनीकी हस्तांतरण
चर्चा में क्यों: लॉजिस्टिक्स संबंधी बाधाओं और व्यस्त कार्यक्रम के कारण, जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा को गुवाहाटी से बदलकर नई दिल्ली के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है।
प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की यात्रा 1-3 जुलाई, 2026 के लिए निर्धारित है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य जापान की 'मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक' (FOIP) पहल और भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति के संदर्भ में भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के महत्व को रेखांकित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदसाने ताकाइची: जापान की प्रधानमंत्री।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनFOIP: जापान के नेतृत्व वाली 'फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक' (Free and Open Indo-Pacific) पहल।
तथ्ययह यात्रा मूल रूप से गुवाहाटी के लिए नियोजित थी, लेकिन इसे जुलाई 2026 में नई दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया गया।
स्थानगुवाहाटी: असम की राजधानी, भारत की Act East Policy का प्रमुख केंद्र।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति में पूर्वोत्तर क्षेत्र के महत्व और भारत-जापान की रणनीतिक साझेदारी को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुदृढ़ करने में इसकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
भू-रणनीतिक अभिसरण: भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और जापान की फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक पहल का तालमेल
लॉजिस्टिक और राजनीतिक बाधाएं: हाई-लेवल द्विपक्षीय डिप्लोमेसी पर घरेलू राजनीतिक प्रतिबद्धताओं और स्थानीय विरोधों का असर
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी: दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ समुद्री और ज़मीनी व्यापार के लिए पूर्वोत्तर भारत की भूमिका
चर्चा में क्यों: ईरान और US ने अपने 100 दिवसीय संघर्ष को समाप्त करने और समुद्री सुरक्षा के प्रबंधन हेतु एक रूपरेखा स्थापित करने के लिए स्विट्जरलैंड में तकनीकी वार्ता संपन्न की।
अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरान को पूर्ण मूल्य पर तेल और पेट्रोकेमिकल्स बेचने के लिए 60 दिनों की छूट की घोषणा की है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सूचित किया कि ईरान की जब्त की गई 12 बिलियन डॉलर की संपत्ति का उपयोग अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यUSA ने ईरान को पूर्ण मूल्य पर तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पाद बेचने के लिए 60 दिनों की छूट (waiver) की घोषणा की है।
तथ्यअमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद के लिए $12 बिलियन की जमी हुई ईरानी संपत्ति निर्धारित की गई।
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक तेल पारगमन के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट।
संस्थाUS Department of the Treasury: जमी हुई संपत्तियों (frozen assets) के प्रबंधन और आर्थिक प्रतिबंधों (economic sanctions) के लिए उत्तरदायी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा की भूमिका और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा एवं द्विपक्षीय राजनयिक वार्ताओं पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक लाभ: कूटनीतिक और आर्थिक दबाव के लिए समुद्री चोकपॉइंट्स का इस्तेमाल
प्रतिबंध ढांचा: क्षेत्रीय स्थिरता पर एसेट फ्रीजिंग और ट्रेड वेवर का प्रभाव
ट्रेड-डिप्लोमेसी नेक्सस: सैन्य संघर्ष कम करने के लिए कृषि व्यापार का इस्तेमाल एक जरिया के रूप में
मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · प्रतिबंध शासन · भू-राजनीतिक लाभ · ऊर्जा सुरक्षा · तनाव कम करना
चर्चा में क्यों: भारत, अंतरिक्ष स्थिरता और नियामक ढाँचों पर चर्चा करने के लिए 23-24 जून, 2024 को बेंगलुरु में BRICS अंतरिक्ष एजेंसियों के प्रमुखों (HOSA) की बैठक की मेजबानी कर रहा है।
बैठक का विषय 'लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण' है। ISRO प्रक्षेपण सेवाओं, उपग्रह प्रौद्योगिकियों और भू-स्थानिक इंटेलिजेंस में भारतीय निजी क्षेत्र की क्षमताओं के प्रदर्शन को सुगम बना रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाBRICS: ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का एक बहुपक्षीय समूह (जिसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और UAE को शामिल कर विस्तार किया गया है)।
पदडॉ. जितेंद्र सिंह: अंतरिक्ष विभाग में केंद्रीय राज्य मंत्री।
विज्ञान-तकनीकHOSA: BRICS देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण और स्थिरता पर समन्वय करने हेतु एक मंच।
तथ्यबैंगलोर में यह बैठक 23-24 जून, 2024 के लिए निर्धारित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष स्थिरता में बहुपक्षीय सहयोग के महत्व और वैश्विक अंतरिक्ष शासन ढांचे को स्थापित करने में ब्रिक्स (BRICS) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी हार्मोनाइजेशन: ऑर्बिटल मलबे और स्पेस ट्रैफिक मैनेजमेंट को मैनेज करने के लिए एकीकृत अंतरराष्ट्रीय मानकों की ज़रूरत
भू-राजनीतिक समीकरण: उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच अंतरिक्ष संसाधनों तक समान पहुंच की ज़रूरत और अंतरिक्ष अन्वेषण की महत्वाकांक्षाओं के बीच संतुलन
चर्चा में क्यों: अमेरिका की टैरिफ नीतियों में महत्वपूर्ण परिवर्तनों के बीच, भारत और अमेरिका ने एक द्विपक्षीय व्यापार समझौता रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए मंत्रिस्तरीय स्तर की वार्ता आयोजित की।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ग्रीर ने औद्योगिक वस्तुओं, खाद्य उत्पादों और ऊर्जा निर्यात से संबंधित एक व्यापार समझौते पर चर्चा करने के लिए नई दिल्ली में बैठक की। यह वार्ता अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्णय के उपरांत हुई है, जिसके तहत शुल्कों को 50% से घटाकर 10% कर निर्धारित किया गया है, जिसकी समय सीमा 24 जुलाई को समाप्त हो रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदपीयूष गोयल भारत में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री के रूप में कार्यरत हैं।
तथ्यअमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने विशिष्ट शुल्कों (tariffs) को 50% से घटाकर 10% का लेवी कर दिया।
तथ्य10% US टैरिफ लेवी की समाप्ति 24 जुलाई को निर्धारित है।
संस्थाUS Trade Representative (USTR) अमेरिकी व्यापार नीति के लिए जिम्मेदार मुख्य अधिकारी है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बदलती टैरिफ नीतियों और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों का भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (global value chains) में उसकी स्थिति पर पड़ने वाले प्रभावों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
ट्रेड-सिक्योरिटी नेक्सस: औद्योगिक सामानों के लिए मार्केट एक्सेस और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग हितों की सुरक्षा के बीच संतुलन
रेगुलेटरी अलाइनमेंट: सीमा पार व्यापार को आसान बनाने के लिए खाद्य उत्पादों और ऊर्जा निर्यात के मानकों में तालमेल
भू-राजनीतिक लाभ: सिंगल-सोर्स मार्केट्स पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के लिए सप्लाई चेन को विविधता देने हेतु द्विपक्षीय व्यापार समझौतों का उपयोग
मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · टैरिफ पॉलिसी · रणनीतिक स्वायत्तता · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस · द्विपक्षीयता
चर्चा में क्यों: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खनन, स्वच्छ ऊर्जा और सुरक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा करने के लिए मंगोलियाई नेताओं से भेंट की, जिसमें मंगोलिया के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी की पुन: पुष्टि की गई।
इस बैठक में मंगोलिया के प्रमुख व्यक्तित्वों ने भाग लिया, जिनमें राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना और शिक्षा मंत्री एल एनख-अमगलान सम्मिलित थे। चर्चा मुख्य रूप से चार स्तंभों पर केंद्रित रही: विकास परियोजनाएं, क्षमता निर्माण, सुरक्षा और बहुपक्षीय सहयोग।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदएस. जयशंकर: भारत के विदेश मंत्री।
स्थानमंगोलिया: पूर्वी एशिया का एक भू-आबद्ध (landlocked) देश जो रूस, चीन और अन्य देशों की सीमाओं से घिरा है।
तथ्यप्रमुख सहयोग क्षेत्र: खनन, स्वच्छ ऊर्जा और कृषि-प्रसंस्करण।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की 'एक्ट ईस्ट' और 'नेबरहुड फर्स्ट' नीतियों के संदर्भ में मंगोलिया के साथ गहराते द्विपक्षीय संबंधों के रणनीतिक महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
रिसोर्स सिनर्जी: भारत की औद्योगिक जरूरतों के लिए मंगोलिया की खनिज संपदा का लाभ उठाना
सुरक्षा आर्किटेक्चर: आतंकवाद विरोधी सहयोग और मध्य/पूर्वी एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता
एनर्जी ट्रांजिशन: क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर में जॉइंट वेंचर्स की संभावना
मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · क्षमता निर्माण · बहुपक्षवाद · रिसोर्स डिप्लोमेसी · द्विपक्षीय सहयोग
चर्चा में क्यों: संयुक्त राज्य अमेरिका ने रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से भारत के अपाचे हेलीकॉप्टरों और M777A2 होवित्जर के लिए निरंतरता समर्थन सेवाओं और उपकरणों की 482.2 मिलियन डॉलर की बिक्री की अधिसूचना जारी की है।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने अपाचे हेलीकॉप्टरों और M777A2 अल्ट्रा-लाइट होवित्ज़र्स के लिए सहायता सेवाओं की बिक्री की अधिसूचना जारी की है। इस सौदे का मूल्य लगभग $482.2 मिलियन है और इसमें बोइंग, लॉकहीड मार्टिन और BAE Systems सहित प्रमुख ठेकेदार शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यसस्टेनमेंट सपोर्ट सेवाओं और उपकरणों के लिए अधिसूचित बिक्री मूल्य $482.2 मिलियन है।
पदरक्षा बिक्री के लिए U.S. Department of Defense अधिसूचना जारी करने वाली संस्था है।
विज्ञान-तकनीकM777A2 एक अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर (Ultra-Light Howitzer) है जिसका उपयोग आर्टिलरी सपोर्ट के लिए किया जाता है।
विज्ञान-तकनीकApache हेलीकॉप्टर भारतीय सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले बहु-भूमिका वाले (multi-role) हमले वाले हेलीकॉप्टर हैं।
तथ्यApache सहायता सेवाओं के लिए Boeing और Lockheed Martin मुख्य ठेकेदार हैं; M777 हॉवित्जर सहायता के लिए BAE Systems ठेकेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच रक्षा खरीद और अनुरक्षण समझौतों के क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत की रणनीतिक स्वायत्तता में योगदान का विश्लेषण कीजिए।
स्ट्रेटेजिक लेवरेज: आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग की ज़रूरत के साथ हाई-टेक डिफेंस इम्पोर्ट्स का संतुलन
लॉजिस्टिक निर्भरता: महत्वपूर्ण कॉम्बैट प्लेटफॉर्म के लिए विदेशी OEMs पर लंबे समय तक निर्भर रहने से जुड़े जोखिम
क्षेत्रीय प्रतिरोध: इंडो-पैसिफिक में शक्ति संतुलन पर उन्नत आर्टिलरी और एविएशन क्षमताओं का प्रभाव
मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · रक्षा खरीद · सस्टेनमेंट सर्विसेज · क्षेत्रीय प्रतिरोध · रक्षा कूटनीति
चर्चा में क्यों: केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने समुद्री व्यापार और पर्यटन को सुगम बनाने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह को एक आव्रजन केंद्र (immigration post) के रूप में नामित किया है।
हल्दिया बंदरगाह पश्चिम बंगाल में स्थित है और इसे भारत की तटरेखा के साथ 41वें आव्रजन केंद्र (इमिग्रेशन पोस्ट) के रूप में नामित किया गया है। यह निर्णय उसी महीने पूर्व गुजरात के तीन बंदरगाहों को नामित किए जाने के पश्चात लिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहल्दिया पोर्ट: यह पश्चिम बंगाल में स्थित एक प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक बंदरगाह है।
संस्थागृह मंत्रालय (MHA): भारत में आप्रवासन और तटीय सुरक्षा के लिए जिम्मेदार केंद्रीय मंत्रालय।
तथ्यहल्दिया पोर्ट भारतीय तटरेखा के साथ नामित 41वां आव्रजन केंद्र (immigration post) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रमुख समुद्री बंदरगाहों पर आव्रजन चौकियों (immigration posts) के विस्तार से भारत के समुद्री व्यापार लक्ष्यों और तटीय सुरक्षा प्रबंधन में होने वाले योगदान का विश्लेषण कीजिए।
लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: पूर्वी समुद्री कॉरिडोर की प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए यात्री और कार्गो मूवमेंट को सुव्यवस्थित करना
सुरक्षा-व्यापार संतुलन: निर्बाध पर्यटक आवाजाही की ज़रूरत और सख्त समुद्री निगरानी व इमिग्रेशन प्रोटोकॉल के बीच संतुलन
इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: पश्चिम बंगाल में क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को इमिग्रेशन सुविधाओं के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: समुद्री व्यापार · तटीय सुरक्षा · इमिग्रेशन पॉलिसी · लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर · व्यापार सुगमता
चर्चा में क्यों: ईरान द्वारा IAEA निरीक्षकों को पुनः देश में प्रवेश की अनुमति देने के राजनयिक समझौते के पश्चात, अमेरिकी प्रशासन ने ईरान पर तेल प्रतिबंधों में 60 दिनों के लिए ढील दी है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों पर 60 दिनों की प्रतिबंध छूट की घोषणा की है। इस समझौते के अंतर्गत अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद को सुगम बनानेके लिए ईरानी परिसंपत्तियों को संभावित रूप से अनफ्रीज (unfreeze) करने का प्रावधान शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनIAEA: International Atomic Energy Agency, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था।
तथ्यस्वीकृति छूट की अवधि: घोषणा की तिथि से 60 दिन।
पदJD Vance: संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति।
स्थानस्विट्जरलैंड: अमेरिकी और ईरानी नेताओं के बीच राजनयिक वार्ता का स्थल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में परमाणु प्रसार और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रबंधन में कूटनीतिक उपकरण के रूप में आर्थिक प्रतिबंधों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक लाभ: ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक और क्षेत्रीय ऊर्जा स्थिरता बनाए रखने की ज़रूरत के बीच संतुलन
संस्थागत निगरानी: ऑन-साइट इंस्पेक्शन के जरिए गैर-प्रसार प्रतिबद्धताओं को सत्यापित करने में IAEA की महत्वपूर्ण भूमिका
मुख्य शब्द: परमाणु प्रसार · आर्थिक प्रतिबंध · ऊर्जा सुरक्षा · डिप्लोमैटिक लेवरेज · गैर-प्रसार
चर्चा में क्यों: 'फाइव आइज' (Five Eyes) खुफिया गठबंधन ने चेतावनी जारी की है कि फ्रंटियर AI आगामी महीनों में साइबर सुरक्षा के स्वरूप को बदल देगा, और इसके लिए साइबर लचीलेपन (cyber resilience) हेतु 'संपूर्ण-समाज' (whole-of-society) दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया है।
'फाइव आइज' (Five Eyes) एक खुफिया जानकारी साझा करने वाला गठबंधन है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। यह चेतावनी इस बात पर बल देती है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आक्रामक और रक्षात्मक दोनों प्रकार की साइबर क्षमताओं को गति प्रदान करेगी, जिसके कारण 'सुरक्षित-दर-डिजाइन' (secure-by-design) और 'सुरक्षित-दर-डिफ़ॉल्ट' (secure-by-default) सिद्धांतों को अपनाना अनिवार्य हो जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनFive Eyes: USA, UK, Canada, Australia और New Zealand से मिलकर बना एक खुफिया गठबंधन।
विज्ञान-तकनीकFrontier AI: यह उन अगली पीढ़ी के AI सिस्टम को संदर्भित करता है जिनकी क्षमताएं वर्तमान उद्योग की अपेक्षाओं से परे होती हैं।
तथ्ययह गठबंधन चेतावनी देता है कि साइबर सुरक्षा में महत्वपूर्ण बदलाव वर्षों के बजाय महीनों के भीतर होंगे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक साइबर सुरक्षा पर 'फ्रंटियर एआई' (frontier AI) के निहितार्थों पर चर्चा कीजिए और एआई-संचालित साइबर खतरों को कम करने के लिए 'संपूर्ण-समाज' (whole-of-society) दृष्टिकोण की आवश्यकता का मूल्यांकन कीजिए।
असिमेट्रिक वॉरफेयर: AI-इनेबल्ड ऑटोमेटेड मालवेयर और डीपफेक्स ने राज्य और गैर-राज्य एक्टर्स के लिए एंट्री बैरियर कम कर दिया
रेगुलेटरी लैग: AI के विकास की तेज़ रफ्तार अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे और तकनीकी मानकों के विकास से आगे निकल गई
डिफेंस-ऑफेंस पैरिटी: ऑटोमेटेड वल्नरेबिलिटी डिस्कवरी और पैचिंग में निरंतर आर्म्स रेस पैदा करने वाले AI टूल्स का ड्यूल-यूज़ नेचर
मुख्य शब्द: साइबर रेज़िलिएंस · फ्रंटियर AI · सिक्योर-बाय-डिज़ाइन · असिमेट्रिक वॉरफेयर · संपूर्ण समाज दृष्टिकोण
चर्चा में क्यों: अमेरिका ने ईरान पर तेल प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटा दिया है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के साथ-साथ भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार गतिशीलता प्रभावित होने की संभावना है।
अमेरिकी सरकार ने ईरान के विरुद्ध तेल प्रतिबंधों पर अस्थायी राहत की घोषणा की है। यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजारों और एक प्रमुख तेल आयातक के रूप में भारत की रणनीतिक स्थिति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारत विश्व के सबसे बड़े कच्चे तेल के आयातकों में से एक है।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनअमेरिकी प्रतिबंधों को अक्सर Office of Foreign Assets Control (OFAC) के माध्यम से लागू किया जाता है।
तथ्यईरान मध्य पूर्व में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का एक प्रमुख उत्पादक है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक तेल प्रतिबंधों में होने वाले उतार-चढ़ाव और मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक बदलावों का भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी: मिडिल ईस्टन क्रूड पर निर्भरता और विविध सप्लाई चेन की ज़रूरत के बीच संतुलन
भू-राजनीतिक संतुलन: अमेरिका के नेतृत्व वाले प्रतिबंधों और भारत की 'स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी' नीति के बीच तालमेल बिठाना
मार्केट वोलाटिलिटी: घरेलू ईंधन की महंगाई और राजकोषीय घाटा लक्ष्यों पर अचानक लगे प्रतिबंधों का असर
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक गतिशीलता · प्रतिबंध शासन · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस
चर्चा में क्यों: तनाव कम करने के उद्देश्य से स्विट्जरलैंड में आयोजित उच्च-स्तरीय वार्ता के दौरान, अमेरिका और ईरान ने 60 दिवसीय रोडमैप पर सहमति व्यक्त की और एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया।
इन वार्ता के परिणामस्वरूप वार्ता की निगरानी हेतु एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक समर्पित संचार मार्ग स्थापित किया गया। क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रबंधन हेतु अमेरिका, ईरान और लेबनान की भागीदारी वाले एक 'डी-कॉन्फ्लिक्टिंग' (de-confliction) सेल की भी स्थापना की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: मध्य पूर्व में एक रणनीतिक समुद्री चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है।
तथ्यसमझौते को अंतिम रूप देने के लिए सहमत रोडमैप की अवधि वार्ता शुरू होने से 60 दिनों की है।
संस्थाHigh-Level Committee: US-Iran वार्ता प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक नव-स्थापित निकाय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा में होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व का विश्लेषण कीजिए और क्षेत्रीय संघर्षों को कम करने में बहुपक्षीय मध्यस्थता की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
समुद्री सुरक्षा: क्षेत्रीय नौसैनिक घेराबंदी के खिलाफ होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना
डिप्लोमैटिक आर्किटेक्चर: विरोधियों के बीच अनजाने में होने वाले सैन्य टकराव को रोकने में डी-कॉन्फ्लिक्टिंग सेल्स की प्रभावशीलता
भू-राजनीतिक मध्यस्थता: अमेरिका-ईरान हितों और क्षेत्रीय स्थिरता को संतुलित करने में तीसरे पक्ष के मध्यस्थों की भूमिका
मुख्य शब्द: डी-कॉन्फ्लिक्शन · समुद्री सुरक्षा · रणनीतिक स्वायत्तता · बहुपक्षवाद · भू-राजनीतिक स्थिरता
चर्चा में क्यों: विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राजनयिकों ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में भाग लिया, जिसमें भारत की सॉफ्ट पावर और वैश्विक पहुंच पर प्रकाश डाला गया।
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) के विषय पर किया गया। इस अवसर पर ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त कार्यालय और फ्रांसीसी दूतावास ने सहभागिता की, जो योग के प्रचार-प्रसार में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: 21 जून को मनाया जाने वाला एक वार्षिक वैश्विक आयोजन।
तथ्य12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 में मनाया गया।
पदएस. जयशंकर: भारत के वर्तमान विदेश मंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत किस प्रकार अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस जैसी सांस्कृतिक कूटनीति और सॉफ्ट पावर पहलों का उपयोग अपनी वैश्विक स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ाने के लिए करता है, चर्चा कीजिए।
सॉफ्ट पावर प्रोजेक्शन: सांस्कृतिक पूंजी और वैश्विक सद्भावना बनाने के लिए पारंपरिक प्रथाओं का लाभ उठाना
बहुपक्षीय जुड़ाव: ऑस्ट्रेलिया और फ्रांस जैसे देशों के साथ द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने के लिए साझा सांस्कृतिक मूल्यों का उपयोग
पब्लिक हेल्थ डिप्लोमेसी: अंतरराष्ट्रीय समर्थन पाने के लिए योग को हेल्दी एजिंग जैसे वैश्विक स्वास्थ्य लक्ष्यों के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: सॉफ्ट पावर · सांस्कृतिक कूटनीति · ग्लोबल आउटरीच · सार्वजनिक स्वास्थ्य · स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग
चर्चा में क्यों: भारत और स्लोवाकिया ने विभिन्न क्षेत्रीय समझौतों के माध्यम से अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'व्यापक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया है।
भारत और स्लोवाकिया ने डिजिटल प्रौद्योगिकियों, क्वांटम संचार, हरित ऊर्जा और IIT दिल्ली के साथ एक छात्र विनिमय कार्यक्रम को सम्मिलित करने वाले समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। पुर्तगाल ने 19 दिसंबर, 1961 से पूर्व गोवा में जन्मे व्यक्तियों और उनके वंशजों को नागरिकता प्रदान करने का प्रस्ताव दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानगोवा: भारत का एक राज्य जो 1961 तक पुर्तगाली उपनिवेश था।
तथ्यअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस: भारत द्वारा प्रस्तावित और प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है।
संस्थाUSPACOM: United States Pacific Command, US Indo-Pacific Command का एक घटक कमान (component command) है।
तथ्यHezbollah: लेबनान स्थित एक उग्रवादी समूह जिसे ईरान का समर्थन प्राप्त है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: द्विपक्षीय संबंधों को 'व्यापक भागीदारी' (comprehensive partnerships) के स्तर तक ऊपर उठाना यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के साथ भारत के रणनीतिक और तकनीकी सहयोग के विविधीकरण के उद्देश्य को किस प्रकार साधता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
तकनीकी संप्रभुता: गैर-संरेखित टेक स्टैक्स पर निर्भरता कम करने के लिए क्वांटम कम्युनिकेशन और डिजिटल टेक समझौतों का लाभ उठाना
ह्यूमन कैपिटल मोबिलिटी: लेबर माइग्रेशन की ज़रूरतों और कुशल स्टूडेंट एक्सचेंज फ्रेमवर्क्स के बीच संतुलन
सॉफ्ट पावर प्रोजेक्शन: सांस्कृतिक डिप्लोमेसी और ग्लोबल एंगेजमेंट के लिए इंटरनेशनल डे ऑफ योगा का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: व्यापक साझेदारी · रणनीतिक स्वायत्तता · सॉफ्ट पावर · तकनीकी सहयोग · द्विपक्षीयता
चर्चा में क्यों: जून 2026 में लेबनान पर इजरायली हमलों के पश्चात, ईरानी सशस्त्र बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया, जो अमेरिका के साथ पूर्व में हुए पुन: खोलने के समझौते के विपरीत है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है। इस जलमार्ग को खुला रखने के उद्देश्य से किए गए अमेरिका-ईरान समझौते के उलट होने के पश्चात, 21 जून, 2026 को इसका मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक जलमार्ग जो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
तथ्ययह बंदी 21 जून, 2026 को अमेरिका-ईरान के पिछले समुद्री समझौते के उलट होने के बाद हुई।
संस्थाChatham House: समुद्री रणनीति विश्लेषण में शामिल एक UK-आधारित स्वतंत्र रॉयल संस्थान और थिंक टैंक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में समुद्री चोकपॉइंट (maritime chokepoints) के बंद होने के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर भू-राजनीतिक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी रिस्क: होर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही पर रोक के कारण ग्लोबल ऑयल और LNG मार्केट्स में अचानक सप्लाई शॉक
मुख्य शब्द: मैरीटाइम चोकपॉइंट · ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक अस्थिरता · नौवहन की स्वतंत्रता · सप्लाई चेन में रुकावट
चर्चा में क्यों: संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के अधिकारियों ने शांति ढांचे पर बातचीत करने और क्षेत्रीय तनाव को कम करनेके उद्देश्य से स्विट्जरलैंड में 'लेक लूसर्न शिखर सम्मेलन' (Lake Lucerne Summit) आयोजित किया।
इस शिखर सम्मेलन में संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सहित उच्च स्तरीय प्रतिनिधि शामिल हुए। यह वार्ता क्षेत्रीय युद्धविराम और इज़राइल एवं हिजबुल्लाह से जुड़े निरंतर संघर्षों के कारण ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से बंद करने के बीच संपन्न हुई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला फारस की खाड़ी में एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट।
पदJD Vance: संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति के रूप में कार्यरत (2024-वर्तमान)।
तथ्यलेक ल्यूसर्न शिखर सम्मेलन (Lake Lucerne Summit) पाकिस्तान और कतर के प्रतिनिधियों को शामिल करने वाले एक बहुपक्षीय मंच के रूप में कार्य किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य के भू-राजनीतिक महत्व का विश्लेषण कीजिए और अमेरिका-ईरान संघर्ष के मध्यस्थता में बहुपक्षीय कूटनीति की भूमिका की विवेचना कीजिए।
मैरीटाइम सिक्योरिटी: होर्मुज जलडमरूमध्य के ज़रिए वैश्विक तेल सप्लाई चेन को बाधित करने की ईरान की क्षमता
डिप्लोमैटिक मेडिएशन: तनाव कम करने में स्विट्जरलैंड जैसे न्यूट्रल टेरिटरी और कतर जैसे रीजनल एक्टर्स की भूमिका
क्षेत्रीय अस्थिरता: मध्य पूर्व की व्यापक सुरक्षा संरचना पर इज़राइल-हिज़्ज़बुल्लाह संघर्ष के असर
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक स्थिरता · मैरिटाइम चोकपॉइंट · बहुपक्षीय कूटनीति · तनाव कम करना · क्षेत्रीय सुरक्षा
चर्चा में क्यों: अमेरिका और ईरान, तेल निर्यात और क्षेत्रीय सुरक्षा के संबंध में 14 जून के समझौता ज्ञापन (MoU) को लागू करने हेतु स्विट्जरलैंड के बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में आमने-सामने वार्ता कर रहे हैं।
स्विट्जरलैंड स्थित बर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट का उपयोग अमेरिका और ईरान के बीच उच्च-स्तरीय कूटनीतिक वार्ता के लिए एक तटस्थ स्थल के रूप में किया जा रहा है। इन वार्ताओं का मुख्य केंद्र चार प्रमुख स्तंभ हैं: तेल निर्यात संबंधी छूट, परिसंपत्तियों की रिहाई, लेबनान में युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य का पुन: खुलना।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानBürgenstock Resort: एक एकांतप्रिय स्विस रिसॉर्ट जिसका उपयोग उच्च-स्तरीय राजनयिक वार्ताओं के लिए किया जाता है।
तथ्यहॉर्मुज जलडमरूमध्य: ओमान और ईरान के बीच स्थित वैश्विक तेल पारगमन के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट।
तथ्यMemorandum of Understanding (MoU): दो पक्षों के बीच विशिष्ट सहयोग की शर्तों को रेखांकित करने के लिए एक औपचारिक समझौता।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अमेरिका और ईरान जैसे विरोधी देशों के बीच संघर्षों के समाधान में तटस्थ तीसरे पक्ष के मंचों और बहुपक्षीय ढाँचों के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक लाभ: सुरक्षा जोखिमों को कम करने और कूटनीतिक गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए तटस्थ क्षेत्र का उपयोग
समुद्री सुरक्षा: होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिरता का वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन और व्यापारिक मार्गों पर प्रभाव
इकोनॉमिक डिप्लोमेसी: तेल निर्यात छूट, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: न्यूट्रल डिप्लोमेसी · भू-राजनीतिक मध्यस्थता · मैरीटाइम चोकपॉइंट्स · रणनीतिक स्वायत्तता · संघर्ष समाधान
चर्चा में क्यों: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की है कि भारत और EU के बीच दिसंबर 2024 तक एक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) होने की संभावना है, जिसका कार्यान्वयन प्रारंभिक 2027 में निर्धारित है।
प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) का उद्देश्य भारतीय निर्यात के लगभग 93% हिस्से के लिए यूरोपीय संघ (EU) के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच प्रदान करना है। यह समझौता भारत में यूरोपीय संघ से विलासितापूर्ण कारों और वाइन के सस्ते आयात को सुगम बनाने के लिए अपेक्षित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यप्रस्तावित भारत-EU FTA के तहत भारतीय निर्यात का 93% शुल्क-मुक्त पहुंच (duty-free access) के लिए लक्षित है।
स्थानयूरोपीय संघ (EU): यूरोप के 27 सदस्य देशों का एक राजनीतिक और आर्थिक संघ।
तथ्यव्यापार समझौते का कार्यान्वयन फरवरी और मार्च 2027 के बीच की अवधि के लिए निर्धारित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भारत के विनिर्माण क्षेत्र को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है और साथ ही घरेलू उद्योगों के बीच प्रतिस्पर्धा से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का समाधान कैसे कर सकता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
ट्रेड इम्बैलेंस का जोखिम: कम कीमत वाले EU लग्जरी सामानों के आने से घरेलू हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग पर असर पड़ सकता है
मार्केट एक्सेस डायनेमिक्स: यूरोपीय कंज्यूमर मार्केट में भारतीय MSMEs को बढ़ाने के लिए ड्यूटी-फ्री स्टेटस का लाभ उठाना
रेगुलेटरी अलाइनमेंट: भारतीय क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को यूरोपीय संघ के सख्त एनवायरनमेंटल और लेबर कंप्लायंस नॉर्म्स के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · मार्केट एक्सेस · ड्यूटी-फ्री · आर्थिक डिप्लोमेसी · मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पिटिटिवनेस