भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 9 जुलाई, 2026 को परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की वाणिज्यिक आपूर्ति की सुविधा हेतु एक ऐतिहासिक समझौता किया
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चर्चा में क्यों
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने 9 जुलाई, 2026 को परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की वाणिज्यिक आपूर्ति की सुविधा हेतु एक ऐतिहासिक समझौता किया।
पृष्ठभूमि
यह समझौता 9 जुलाई, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज द्वारा हस्ताक्षरित किया गया था। यह तीन प्रमुख क्षेत्रों: नागरिक परमाणु ऊर्जा, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों को सम्मिलित करता है। यह लगभग 12 वर्ष पूर्व हस्ताक्षरित ऐतिहासिक नागरिक परमाणु सहयोग समझौते के अनुक्रम में संपन्न हुआ है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्ययूरेनियम आपूर्ति समझौता 9 जुलाई, 2026 को हस्ताक्षित किया गया।
- संस्थाऑस्ट्रेलिया भारत की नागरिक परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए यूरेनियम का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।
- स्थानइस समझौते का उद्देश्य भारत-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करना है।
- तथ्ययह समझौता तीन विशिष्ट क्षेत्रों को कवर करता है: सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, मैरीटाइम सिक्योरिटी और क्रिटिकल मिनरल्स।
मेन्स के लिए
प्रश्न: परमाणु और समुद्री क्षेत्रों में भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों के सुदृढ़ीकरण से भारत-प्रशांत क्षेत्र की रणनीतिक स्थिरता में किस प्रकार योगदान मिलता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
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