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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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अंतर्राष्ट्रीय संबंध करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,341 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2755) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (208) · भारत एवं पड़ोसी देश (173) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (112) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (87) · प्रवासी भारतीय (6)

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

लेबनान में इजराइली हमलों के पश्चात तनाव कम करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MoU) तैयार करनेके लिए ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका स्विट्जरलैंड में उच्च स्तरीय वार्ता कर रहे हैं

चर्चा में क्यों: लेबनान में इजराइली हमलों के पश्चात तनाव कम करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MoU) तैयार करनेके लिए ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका स्विट्जरलैंड में उच्च स्तरीय वार्ता कर रहे हैं।

इन वार्ता में संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान, पाकिस्तान और कतर सहित प्रमुख हितधारक शामिल हैं। ये चर्चाएँ ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और लेबनान में इजराइली हमलों में भारी वृद्धि के परिणामस्वरूप मार्च से अब तक 4,000 से अधिक होने वाली मौतों के बाद आयोजित की गई हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: फारस की खाड़ी में एक रणनीतिक चोकपॉइंट, जो ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी को जोड़ता है।
  • तथ्यमार्च से अब तक इजरायली हमलों के कारण लेबनान में 4,000 से अधिक लोग मारे गए हैं।
  • संस्थास्विट्जरलैंड: यह अक्सर अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता और उच्च-स्तरीय राजनयिक वार्ता के लिए एक तटस्थ स्थल के रूप में कार्य करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर भू-राजनीतिक निहितार्थों और मध्य पूर्वी संघर्षों के समाधान में बहुपक्षीय मध्यस्थता की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • ऊर्जा सुरक्षा जोखिम: होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और एलएनजी पारगमन में रुकावट वैश्विक सप्लाई चेन को प्रभावित कर रही है
  • क्षेत्रीय अस्थिरता: हिजबुल्लाह और ईरान समर्थित प्रॉक्सी से जुड़े व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का खतरा समुद्री व्यापार को प्रभावित कर सकता है

मुख्य शब्द: भू-राजनीति · ऊर्जा सुरक्षा · बहुपक्षवाद · तनाव कम करना · मैरीटाइम चोकपॉइंट्स

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असरप्रीलिम्स

प्रधानमंत्री मोदी 21 जून, 2026 को कोलकाता से 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) का नेतृत्व करेंगे

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी 21 जून, 2026 को कोलकाता से 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) का नेतृत्व करेंगे, जिसका मुख्य विषय 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' (Yoga for Healthy Ageing) होगा।

इस कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा किया जाता है और इसे वैश्विक स्तर पर लगभग 2,500 स्थानों पर मनाया जाएगा। वर्ष 2026 के लिए निर्धारित विषय 'स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग' है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (IDY) प्रतिवर्ष 21 जून को मनाया जाता है।
  • तथ्यवर्ष 2026 में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा।
  • तथ्य2026 की थीम 'Yoga for Healthy Ageing' है।
  • संस्थाUN General Assembly वह निकाय है जो IDY के वैश्विक अनुपालन के लिए उत्तरदायी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: योग को एक वैश्विक आंदोलन के रूप में बढ़ावा देना किस प्रकार भारत की सॉफ्ट पावर और सांस्कृतिक कूटनीति के एक उपकरण के रूप में कार्य करता है, चर्चा कीजिए।

  • सांस्कृतिक डिप्लोमेसी: भारत की सभ्यतागत विरासत और समग्र वेलनेस मूल्यों को दर्शाने के लिए पारंपरिक प्रथाओं का इस्तेमाल
  • ग्लोबल हेल्थ गवर्नेंस: बुजुर्गों के स्वास्थ्य और पुरानी बीमारियों के प्रबंधन के लिए योग को एक नॉन-फार्माकोलॉजिकल इंटरवेंशन के रूप में पेश करना
  • सॉफ्ट पावर प्रोजेक्शन: समग्र कल्याण में लीडर के रूप में भारत के वैश्विक कद को बढ़ाने के लिए UN-समर्थित प्लेटफॉर्म्स का उपयोग

मुख्य शब्द: सॉफ्ट पावर · सांस्कृतिक कूटनीति · होलिस्टिक वेलनेस · ग्लोबल हेल्थ · सभ्यतागत विरासत

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स + मेन्स

रूस से भारत द्वारा तेल का रिकॉर्ड-उच्च आयात तथा Telegram को ब्लॉक करने और सुरक्षित फुटपाथों के मौलिक अधिकार से संबंधित न्यायिक घटनाक्रम

चर्चा में क्यों: रूस से भारत द्वारा तेल का रिकॉर्ड-उच्च आयात तथा Telegram को ब्लॉक करने और सुरक्षित फुटपाथों के मौलिक अधिकार से संबंधित न्यायिक घटनाक्रम।

पश्चिम एशियाई आपूर्ति व्यवधानों के कारण रूस से भारत का तेल आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने NEET-UG पुन: परीक्षाओं के दौरान दुरुपयोग को रोकने के लिए 22 जून, 2026 तक Telegram पर प्रतिबंध को बरकरार रखा है। न्यायालय ने सुरक्षित फुटपाथों पर चलने के अधिकार को भी एक मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यपश्चिम एशियाई आपूर्ति व्यवधानों के कारण 2026 में रूस से भारत का तेल आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
  • स्थानदिल्ली उच्च न्यायालय: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली का राज्य उच्च न्यायालय।
  • विज्ञान-तकनीकभू-स्तरीय ओजोन (Ground-level ozone): यह स्मॉग का एक घटक और श्वसन स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला एक प्राथमिक प्रदूषक है।
  • तथ्यTelegram: एक क्लाउड-आधारित इंस्टेंट मैसेजिंग सेवा और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भू-राजनीतिक परिवर्तनों का भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे तक पहुँच को शामिल करते हुए मौलिक अधिकारों के न्यायिक विस्तार का विश्लेषण कीजिए।

  • एनर्जी सिक्योरिटी: ग्लोबल सैंक्शंस और सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन के साथ स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी को संतुलित करना
  • जुडिशियल एक्टिविज्म: सुरक्षित सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और पैदल चलने वालों के अधिकारों को शामिल करने के लिए आर्टिकल 21 का विस्तार
  • डिजिटल गवर्नेंस: एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म पर अभिव्यक्ति की आज़ादी और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · ऊर्जा सुरक्षा · न्यायिक सक्रियता · जीवन का अधिकार · डिजिटल गवर्नेंस

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › भारत के द्विपक्षीय संबंधप्रीलिम्स

केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने पुष्टि की है कि क्षेत्रीय तनाव के बीच तीन भारत ध्वज वाले जहाजों ने सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग प्राप्त कर लिया है

चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने पुष्टि की है कि क्षेत्रीय तनाव के बीच तीन भारत ध्वज वाले जहाजों ने सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग प्राप्त कर लिया है।

होरमुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है। भारत के ध्वज वाले जहाज निरंतर समुद्री व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस जलडमरूमध्य से आवाजाही करते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है और एक महत्वपूर्ण तेल पारगमन मार्ग है।
  • तथ्यभारत में पंजीकृत जहाज: क्षेत्र में तीन जहाजों ने सफलतापूर्वक सुरक्षित मार्ग प्राप्त किया।
  • संस्थापरिवहन मंत्रालय: भारत में ध्वज वाले जहाजों के लिए समुद्री सुरक्षा और नौवहन की देखरेख करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मध्य पूर्व में समुद्री व्यापार रणनीति के संदर्भ में हॉर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • ऊर्जा सुरक्षा: फारस की खाड़ी के तेल और होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए होने वाले एलएनजी आयात पर भारी निर्भरता
  • मैरिटाइम डिप्लोमेसी: विवादित जलक्षेत्रों में नेविगेशन की आज़ादी सुनिश्चित करने में भारत की 'सिक्योरिटी प्रोवाइडर' भूमिका
  • भू-राजनीतिक लाभ: कमर्शियल शिपिंग के निर्बाध ट्रांजिट को सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय शक्तियों के साथ संबंधों में संतुलन

मुख्य शब्द: नौवहन की स्वतंत्रता · समुद्री सुरक्षा · ऊर्जा सुरक्षा · चोकपॉइंट डिप्लोमेसी · रणनीतिक स्वायत्तता

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यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रिपोर्ट दी है कि लेबनान में इजरायली हमलों के कारण मार्ग बंद करने की ईरान की घोषणा के बावजूद

चर्चा में क्यों: यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रिपोर्ट दी है कि लेबनान में इजरायली हमलों के कारण मार्ग बंद करने की ईरान की घोषणा के बावजूद, होर्मुज जलडमरूमध्य से 55 वाणिज्यिक जहाजों का आवागमन हुआ।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है। ईरान ने दावा किया कि यह बंदी अमेरिका-ईरान समझौते का उल्लंघन करने वाले इजरायली हमलों की प्रतिक्रिया में की गई थी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance समझौते के कार्यान्वयन के संबंध में वार्ता हेतु स्विट्जरलैंड की यात्रा पर जाने वाले हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक जलमार्ग जो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
  • तथ्यघटना की रिपोर्ट किए गए शनिवार को 55 वाणिज्यिक जहाजों ने सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पार किया।
  • पदJD Vance: वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति।
  • संस्थाCENTCOM: United States Central Command, जो मध्य पूर्व में सैन्य अभियानों के लिए उत्तरदायी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य के भू-राजनीतिक महत्व और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा एवं अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर समुद्री नाकाबंदी के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • एनर्जी सिक्योरिटी रिस्क: वैश्विक तेल का एक संकीर्ण चोकपॉइंट से गुजरना एकतरफा बंद होने के प्रति संवेदनशील है

मुख्य शब्द: मैरीटाइम चोकपॉइंट · ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक लाभ · नौवहन की स्वतंत्रता · रणनीतिक स्वायत्तता

GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...)प्रीलिम्स

भारत 22-23 जून, 2024 को BRICS राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक की मेजबानी करने जा रहा है

चर्चा में क्यों: भारत 22-23 जून, 2024 को BRICS राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक की मेजबानी करने जा रहा है, जिसमें साइबर युद्ध जैसे गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

इस बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, अजीत डोभाल द्वारा की जाएगी। प्राथमिक एजेंडा में BRICS देशों के बीच साइबर खतरों, डिजिटल बुनियादी ढांचे के संरक्षण और प्रौद्योगिकी-आधारित जोखिमों पर चर्चा शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाBRICS: एक अंतर-सरकारी संगठन जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं (अब इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और UAE को भी शामिल किया गया है)।
  • पदराष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA): भारत सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के लिए उत्तरदायी एक उच्च पदस्थ अधिकारी।
  • तथ्यBRICS राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक 22-23 जून, 2024 के लिए निर्धारित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: साइबर युद्ध और डिजिटल बुनियादी ढांचे की संवेदनशीलता जैसे गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों से निपटने में ब्रिक्स (BRICS) देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • तकनीकी संप्रभुता: साझा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत और घरेलू डेटा व महत्वपूर्ण एसेट्स की सुरक्षा के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी डाइवर्जेंस: BRICS सदस्य देशों के बीच साइबर-सिक्योरिटी कानूनों और 'डिजिटल एग्रेशन' की परिभाषाओं में तालमेल बिठाने की चुनौतियां

मुख्य शब्द: गैर-पारंपरिक सुरक्षा · साइबर वॉरफेयर · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · बहुपक्षवाद · सूचना साझा करना

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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से व्यापारियों ने जोखिम प्रीमियम (risk premiums) को कम कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप तेल की कीमतों में गिरावट आई

चर्चा में क्यों: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से व्यापारियों ने जोखिम प्रीमियम (risk premiums) को कम कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिसका वैश्विक ऊर्जा बाजारों और भारत की आयात लागत पर प्रभाव पड़ा।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल पारगमन के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट है। यद्यपि शिपिंग प्रवाह में क्रमिक सामान्यीकरण देखा गया है, तथापि बाजार अभी भी अमेरिका और ईरान के बीच एक निश्चित युद्धविराम समझौते के अंतिम रूप से निर्धारण के प्रति संवेदनशील बना हुआ है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक जलमार्ग जो फारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
  • तथ्यजोखिम प्रीमियम (Risk Premium): भू-राजनीतिक अस्थिरता के जोखिम को ध्यान में रखते हुए किसी संपत्ति (जैसे तेल) की कीमत में जोड़ा गया अतिरिक्त शुल्क।
  • तथ्यभारत का ऊर्जा प्रोफाइल: भारत कच्चे तेल का एक प्रमुख शुद्ध आयातक है, जिससे यह मध्य पूर्वी भू-राजनीतिक स्थिरता के प्रति संवेदनशील है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और भारत जैसे प्रमुख तेल-आयात करने वाले देशों की व्यापक आर्थिक स्थिरता को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • महंगाई का लिंक: मध्य पूर्वी समुद्री सुरक्षा और आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्थाओं में घरेलू CPI के उतार-चढ़ाव के बीच सीधा संबंध

मुख्य शब्द: रिस्क प्रीमियम · ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक अस्थिरता · मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस

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1994 बैच के IAS अधिकारी विवेक अग्रवाल को 2026-2027 के कार्यकाल के लिए Financial Action Task Force (FATF) के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है

चर्चा में क्यों: 1994 बैच के IAS अधिकारी विवेक अग्रवाल को 2026-2027 के कार्यकाल के लिए Financial Action Task Force (FATF) के उपाध्यक्ष के रूप में चुना गया है।

विवेक अग्रवाल मध्य प्रदेश कैडर के एक IAS अधिकारी हैं, जो वर्तमान में संस्कृति मंत्रालय में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। वे जुलाई 2026 से जून 2027 तक FATF के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य करेंगे, जो इस विशिष्ट पद पर किसी भारतीय द्वारा आसीन होने का प्रथम अवसर होगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाFATF: एक अंतर-सरकारी निकाय जिसे धन शोधन विरोधी (anti-money laundering) और आतंकवाद-वित्तपोषण विरोधी (counter-terrorist financing) उपायों के मानक निर्धारित करने और उनके प्रभावी कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया है।
  • पदविवेक अग्रवाल: 1994 बैच के IAS अधिकारी और संस्कृति मंत्रालय के वर्तमान सचिव।
  • तथ्यविवेक अग्रवाल का FATF उपाध्यक्ष का कार्यकाल: जुलाई 2026 से जून 2027।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अवैध वित्तीय प्रवाह और आतंकवाद के वित्तपोषण के विरुद्ध वैश्विक ढांचे को आकार देने में FATF जैसे अंतर्राष्ट्रीय निकायों में भारत के बढ़ते नेतृत्व के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • संस्थागत क्षमता: वित्तीय सुरक्षा पर बहुपक्षीय निकायों का नेतृत्व करने के लिए भारतीय सिविल सेवाओं की विशेषज्ञता का लाभ उठाना
  • रेगुलेटरी अलाइनमेंट: 'ग्रे-लिस्टिंग' से बचने के लिए घरेलू वित्तीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय अनुपालन आवश्यकताओं के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग · आतंकवाद को फंडिंग देना · बहुपक्षवाद · वित्तीय ईमानदारी · ग्लोबल गवर्नेंस

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प्रधानमंत्री मोदी 21 जून, 2024 को कोलकाता में तीन स्वदेशी निर्मित नौसैनिक जहाजों का लोकार्पण करने वाले हैं

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी 21 जून, 2024 को कोलकाता में तीन स्वदेशी निर्मित नौसैनिक जहाजों का लोकार्पण करने वाले हैं, जो समुद्री रक्षा के क्षेत्र में भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को रेखांकित करता है।

इन तीन जहाजों में दुनागिरी (उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट), संशोधक (बड़ा सर्वेक्षण जहाज) और अग्रय (एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट) शामिल हैं। इन प्लेटफार्मों का निर्माण भारतीय घरेलू रक्षा उद्योग की व्यापक भागीदारी के साथ किया गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकDunagiri: समुद्री युद्ध के लिए डिज़ाइन किया गया एक उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट (stealth frigate)।
  • विज्ञान-तकनीकSanshodhak: हाइड्रोोग्राफिक सर्वेइंग के लिए उपयोग किया जाने वाला एक बड़ा सर्वे वेसल।
  • विज्ञान-तकनीकAgray: एक एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW) उथले पानी का जलयान।
  • तथ्यकमीशनिंग तिथि: 21 जून, 2024।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के समुद्री सुरक्षा उद्देश्यों की प्राप्ति और आयात पर निर्भरता को कम करने में स्वदेशी रक्षा विनिर्माण के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: महत्वपूर्ण नेवल प्लेटफॉर्म और स्पेयर पार्ट्स के लिए विदेशी OEMs पर निर्भरता कम करना
  • इंडस्ट्रियल सिनर्जी: मजबूत घरेलू डिफेंस इकोसिस्टम बनाने के लिए 'मेक इन इंडिया' पहल का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: आत्मनिर्भर भारत · समुद्री सुरक्षा · स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग · डिफेंस डिप्लोमेसी · रणनीतिक स्वायत्तता

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स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का स्थगन और इजराइल-हिजबुल्लाह युद्धविराम पर प्रभाव क्षेत्रीय स्थिरता और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करता है

चर्चा में क्यों: स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का स्थगन और इजराइल-हिजबुल्लाह युद्धविराम पर प्रभाव क्षेत्रीय स्थिरता और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करता है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस और ईरान के मोहम्मद बकर कलिबफ ने स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित वार्ता को रद्द कर दिया है। इस अंतरिम समझौते के परिणामस्वरूप ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए प्रतिबंधों को पहले ही हटा दिया गया है और तेल निर्यात पुनः प्रारंभ हो गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पदJD Vance: संयुक्त राज्य अमेरिका के उपराष्ट्रपति।
  • स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: मध्य पूर्व में एक रणनीतिक समुद्री चोकपॉइंट।
  • तथ्यईरान ने आर्थिक सुधार को प्रोत्साहित करनेके लिए Strait of Hormuz के माध्यम से वाणिज्यिक शिपिंग के लिए पारगमन शुल्क (transit fees) माफ कर दिया है।
  • संस्थास्विट्जरलैंड: अक्सर अंतर्राष्ट्रीय राजनयिक वार्ताओं के लिए एक तटस्थ स्थल के रूप में कार्य करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों में अस्थिरता, विशेष रूप से इज़राइल-हिजबुल्लाह संघर्ष और अमेरिका-ईरान संबंधों के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • ऊर्जा सुरक्षा जोखिम: होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यवधान की संभावना जिससे वैश्विक तेल सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है
  • डिप्लोमैटिक गतिरोध: ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े अनसुलझे मुद्दे क्षेत्रीय स्थिरता में बाधा बन रहे हैं
  • आर्थिक लाभ: क्षेत्रीय आर्थिक रिकवरी और डिप्लोमैटिक सिग्नलिंग के लिए ट्रांजिट फीस छूट का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक अस्थिरता · ऊर्जा सुरक्षा · समुद्री व्यापार · परमाणु अप्रसार · डिप्लोमैटिक मध्यस्थता

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भारत में फिलिस्तीनी प्रतिनिधि ने स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे के पतन पर प्रकाश डालते हुए भारत सरकार से गाजा और वेस्ट बैंक के लिए $100 मिलियन की चिकित्सा आपूर्ति प्रदान करने का आग्रह किया है

चर्चा में क्यों: भारत में फिलिस्तीनी प्रतिनिधि ने स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे के पतन पर प्रकाश डालते हुए भारत सरकार से गाजा और वेस्ट बैंक के लिए $100 मिलियन की चिकित्सा आपूर्ति प्रदान करने का आग्रह किया है।

राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेश ने जीवन रक्षक दवाओं और चिकित्सा आपूर्ति के लिए 100 मिलियन डॉलर की मांग की है। इस अनुरोध में विशेष रूप से गाजा में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे के विनाश और कैंसर उपचार जैसी आवश्यक दवाओं की कमी को रेखांकित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदअब्दुल्लाह एम. अबू शावेश: भारत में फिलिस्तीन के राजदूत।
  • योजनाआरोग्य मैत्री: अन्य देशों में नागरिकों को चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करनेके लिए भारत की एक पहल।
  • तथ्यअनुरोधित चिकित्सा सहायता राशि: $100 million।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्वी स्थिरता के संदर्भ में भारत की 'पड़ोस पहले' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों के आलोक में फिलिस्तीन को मानवीय सहायता प्रदान करने में भारत की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • मानवीय कूटनीति: फिलिस्तीनी क्षेत्रों में मानवीय संकट को हल करते हुए इजराइल के साथ रणनीतिक संबंधों में संतुलन बनाना
  • मेडिकल डिप्लोमेसी: हेल्थकेयर सहायता के ज़रिए सॉफ्ट पावर दिखाने के लिए आरोग्य मैत्री फ्रेमवर्क का इस्तेमाल
  • भू-राजनीतिक तनाव: गैर-संरेखित सिद्धांतों को बनाए रखते हुए संघर्ष क्षेत्रों में सहायता प्रदान करने की जटिलताओं को समझना

मुख्य शब्द: मानवीय कूटनीति · सॉफ्ट पावर · चिकित्सा सहायता · भू-राजनीतिक स्थिरता · गुटनिरपेक्ष आंदोलन

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इजराइल और हिजबुल्लाह जून 2026 में एक युद्धविराम समझौते पर पहुँचे

चर्चा में क्यों: इजराइल और हिजबुल्लाह जून 2026 में एक युद्धविराम समझौते पर पहुँचे, हालाँकि दक्षिणी लेबनान में 700 वर्ग किमी क्षेत्र पर इजरायली कब्जे की स्थिति अभी भी अनसुलझी बनी हुई है।

जून 2026 तक, इज़राइल ने दक्षिणी लेबनान के कम से कम 700 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर कब्जा कर लिया है। यह युद्धविराम स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान वार्ता के निरस्त होने और अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए 15 जून, 2026 को हस्ताक्षरित एक अंतरिम समझौते के पश्चात प्रभावी हुआ।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट जिसका पुन: खुलना क्षेत्रीय शांति वार्ता से जुड़ा है।
  • तथ्यजून 2026 तक, इज़राइल ने दक्षिणी लेबनान में लगभग 700 sq km क्षेत्र पर कब्ज़ा कर लिया है।
  • संस्थाInstitute for the Study of War (ISW): वाशिंगटन स्थित एक थिंक टैंक जो क्षेत्र में सैन्य हमलों की निगरानी करता है।
  • तथ्ययुद्धविराम शुक्रवार, 19 जून, 2026 को लेबनान समय के अनुसार शाम 4:00 बजे प्रभावी हुआ।
मेन्स के लिए

प्रश्न: होरमुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा पर इज़राइल-हिजबुल्लाह संघर्ष के प्रभाव और लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • मैरिटाइम सिक्योरिटी: क्षेत्रीय तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की अस्थिरता के कारण वैश्विक शिपिंग लेन में संभावित रुकावट
  • संप्रभुता का संकट: अंतरिम युद्धविराम समझौतों और कब्जा करने वाली सेना की वापसी पर स्पष्टता की कमी के बीच टकराव
  • प्रॉक्सी डायनेमिक्स: द्विपक्षीय सीज़फायर वार्ता और क्षेत्रीय स्थिरता को जटिल बनाने में ईरान समर्थित गैर-राज्य अभिनेताओं की भूमिका

मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · क्षेत्रीय अखंडता · प्रॉक्सी वॉरफेयर · सीजफायर की गतिशीलता · भू-राजनीतिक अस्थिरता

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मध्य पूर्व के संघर्ष को समाप्त करनेके लिए अमेरिका और ईरान ने एक अंतरिम समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं

चर्चा में क्यों: मध्य पूर्व के संघर्ष को समाप्त करनेके लिए अमेरिका और ईरान ने एक अंतरिम समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके अंतर्गत ईरान को $300 बिलियन का पुनर्निर्माण पैकेज और रियायती प्रतिबंधों की पेशकश की गई है।

यह अंतरिम समझौता (MOU) ईरान को अपने निर्यात पुनः प्रारंभ करने और 300 बिलियन डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज को प्राप्त करने की अनुमति प्रदान करता है। यह समझौता संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर घरेलू राजनीतिक दबावों और संयुक्त राज्य अमेरिका एवं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मध्य उत्पन्न तनावों से प्रभावित था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यअंतरिम MOU के तहत ईरान को दिए गए पुनर्निर्माण पैकेज का मूल्य $300 बिलियन है।
  • संस्थायह MOU प्रतिबंधों को कम करने और ईरानी निर्यात को फिर से शुरू करने के लिए एक अंतरिम समझौते के रूप में कार्य करता है।
  • स्थानयह समझौता संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच है और यह इज़राइल की क्षेत्रीय सुरक्षा को प्रभावित करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में क्षेत्रीय स्थिरता और ईरान के परमाणु कार्यक्रम के भविष्य पर अमेरिका-ईरान के अंतरिम समझौता (MOU) के भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन रिस्क: सीज़फायर के बावजूद ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर ठोस समाधान की कमी
  • क्षेत्रीय शक्ति में बदलाव: ईरान की बढ़ी हुई मोलभाव करने की शक्ति मिडिल ईस्ट में शक्ति संतुलन को बदल सकती है
  • डिप्लोमैटिक तनाव: डील की 'असमान' प्रकृति के कारण अमेरिका-इजरायल रणनीतिक गठबंधन पर दबाव

मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक पुनर्गठन · परमाणु अप्रसार · प्रतिबंध व्यवस्था · क्षेत्रीय वर्चस्व · रणनीतिक स्वायत्तता

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चीन ने यारलुंग त्सांगपो नदी पर एक विशाल जलविद्युत बांध का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है

चर्चा में क्यों: चीन ने यारलुंग त्सांगपो नदी पर एक विशाल जलविद्युत बांध का निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है, जिसके कारण भारत ने अरुणाचल प्रदेश में अपनी 11,000 MW सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (SUMP) के निर्माण में तेजी लाने का निर्णय लिया है।

चीन की मेडॉग जलविद्युत परियोजना वर्तमान में निर्माणाधीन है और इसे विश्व का सबसे बड़ा बांध बनने की योजना है। भारत की SUMP परियोजना का लक्ष्य सियांग नदी बेसिन में बाढ़ नियंत्रण प्रदान करने के साथ-साथ प्रतिवर्ष 47 बिलियन यूनिट बिजली उत्पन्न करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानयारलुंग त्संगपो: तिब्बत, चीन में ब्रह्मपुत्र नदी को दिया गया नाम।
  • तथ्यभारत की SUMP क्षमता: 11,000 MW, जिसका लक्ष्य वार्षिक 47 बिलियन यूनिट बिजली उत्पादन है।
  • स्थानअरुणाचल प्रदेश: भारतीय राज्य जो तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र (TAR) की सीमा से सटा है और जहाँ सियांग नदी बहती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ब्रह्मपुत्र जैसी सीमापारीय नदी घाटियों में बड़े पैमाने पर संचालित होने वाली जलविद्युत परियोजनाओं के भू-राजनीतिक और पारिस्थितिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • हाइड्रोपॉलिटिकल तनाव: ब्रह्मपुत्र बेसिन पर भारत और चीन के बीच जल-साझाकरण की कोई औपचारिक संधि नहीं
  • पारिस्थितिक गिरावट: पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधि और जैव विविधता के नुकसान का जोखिम
  • रणनीतिक असंतुलन: चीन का 'अपस्ट्रीम' दबदबा डाउनस्ट्रीम रिपेरियन राज्यों पर पानी के जरिए दबाव बनाने की संभावना पैदा कर रहा है

मुख्य शब्द: सीमा पार जल शासन · जल-हेजेमनी · तटीय अधिकार · रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर · इकोलॉजिकल फुटप्रिंट

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भारत-अमेरिका 'रणनीतिक साझेदारी' की विकसित होती प्रकृति अब आर्थिक प्रभुत्व और COMPACT एवं SOSA जैसे द्विपक्षीय समझौतों पर केंद्रित एक लेन-देन संबंधी मॉडल (transactional model) की ओर स्थानांतरित हो रही है

चर्चा में क्यों: भारत-अमेरिका 'रणनीतिक साझेदारी' की विकसित होती प्रकृति अब आर्थिक प्रभुत्व और COMPACT एवं SOSA जैसे द्विपक्षीय समझौतों पर केंद्रित एक लेन-देन संबंधी मॉडल (transactional model) की ओर स्थानांतरित हो रही है।

अमेरिकी प्रशासन व्यापक क्षेत्रीय ढाँचों की तुलना में द्विपक्षीय आर्थिक समझौतों को प्राथमिकता दे रहा है। प्रमुख परिचालन संबंधी बाधाओं में आपूर्ति श्रृंखला की बाधाएं और भू-राजनीतिक तनाव शामिल हैं, जो रणनीतिक साझेदारी की गहराई को प्रभावित कर रहे हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनCOMPACT: भारत और US के बीच एक द्विपक्षीय समझौता जो प्रौद्योगिकी और रक्षा सहयोग पर केंद्रित है।
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनSOSA: एक US-India पहल जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं (supply chains) और प्रौद्योगिकी सहयोग को सुरक्षित करना है।
  • तथ्ययह साझेदारी 'साझा मूल्यों' से 'लेन-देन संबंधी' आर्थिक प्रभुत्व की ओर बदलाव द्वारा अभिलक्षित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी में मूल्य-आधारित कूटनीति से लेन-देन संबंधी द्विपक्षीयता की ओर बढ़ते बदलाव का विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन बॉटलनैक: बाहरी इनपुट्स पर भारी निर्भरता रक्षा और टेक्नोलॉजी समझौतों के कार्यान्वयन में बाधा
  • भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिकी नेतृत्व वाले आर्थिक दबदबे और क्षेत्रीय ढांचे में बदलाव के बीच 'चाइना फैक्टर' को संतुलित करना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: घरेलू औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर की सीमाएं हाई-टेक द्विपक्षीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की भारत की क्षमता को प्रभावित कर रही हैं

मुख्य शब्द: ट्रांजैक्शनल डिप्लोमेसी · रणनीतिक साझेदारी · सप्लाई चेन रेजिलिएंस · आर्थिक दबदबा · द्विपक्षीयता

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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने पाकिस्तान को एक 'फ्रैंकेंस्टीन राज्य' (Frankenstein state) के रूप में वर्णित किया है

चर्चा में क्यों: संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने पाकिस्तान को एक 'फ्रैंकेंस्टीन राज्य' (Frankenstein state) के रूप में वर्णित किया है, जो अवैध कब्जे में संलग्न होने के साथ-साथ आतंकवादियों को पनाह और प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव, अनुपमा सिंह ने यह वक्तव्य प्रस्तुत किया। इस आलोचना में विशेष रूप से आतंकवाद में पाकिस्तान की भूमिका और सिंधु जल संधि की कथित अप्रचलन की स्थिति को लक्षित किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाभारत का संयुक्त राष्ट्र (UN) में स्थायी मिशन: यह न्यूयॉर्क स्थित UN मुख्यालय में भारत के हितों का प्रतिनिधित्व करता है।
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनसिंधु जल संधि (1960): सिंधु नदी प्रणाली के संबंध में भारत और पाकिस्तान के बीच एक जल-साझाकरण संधि।
  • तथ्यभारत द्वारा पाकिस्तान को आधिकारिक रूप से सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करने वाले देश के रूप में नामित किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: समकालीन भू-राजनीतिक परिदृश्य में, सीमा पार आतंकवाद और जल कूटनीति के बीच का अंतर्संबंध भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंधों को किस प्रकार जटिल बनाता है, चर्चा कीजिए।

  • सिक्योरिटी-वॉटर नेक्सस: क्षेत्रीय विवादों और आतंकवाद विरोधी रणनीतियों में जल-साझाकरण समझौतों का इस्तेमाल
  • डिप्लोमैटिक ठहराव: सुरक्षा खतरों के कारण UN में द्विपक्षीय संवाद से बहुपक्षीय निंदा की ओर बदलाव
  • संधि की अप्रचलनता: 1960 की सिंधु जल संधि के ढांचे और आधुनिक हाइड्रोलॉजिकल और सुरक्षा वास्तविकताओं के बीच अंतर

मुख्य शब्द: सीमा पार आतंकवाद · वॉटर डिप्लोमेसी · भू-राजनीतिक तनाव · बहुपक्षीय डिप्लोमेसी · क्षेत्रीय अखंडता

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Anthropic के AI मॉडल्स (Mythos 5 और Fable 5) पर अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए निर्यात प्रतिबंध ने राष्ट्रीय सुरक्षा और AI पर अत्यधिक निर्भरता के कारण सहयोगियों के साथ राजनयिक घर्षण उत्पन्न कर दिया है

चर्चा में क्यों: Anthropic के AI मॉडल्स (Mythos 5 और Fable 5) पर अमेरिकी सरकार द्वारा लगाए गए निर्यात प्रतिबंध ने राष्ट्रीय सुरक्षा और AI पर अत्यधिक निर्भरता के कारण सहयोगियों के साथ राजनयिक घर्षण उत्पन्न कर दिया है।

ट्रम्प प्रशासन ने विशिष्ट तकनीकी कारण स्पष्ट किए बिना, राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए प्रतिबंध लागू किया। इस कदम ने इमैनुएल मैक्रॉन सहित यूरोपीय नेताओं को भेदभावपूर्ण AI प्रतिबंधों को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का आह्वान करने हेतु प्रेरित किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकAnthropic: एक US-आधारित AI सुरक्षा और अनुसंधान कंपनी।
  • तथ्यMythos 5 और Fable 5: विशिष्ट AI मॉडल जो US निर्यात प्रतिबंध के अधीन हैं।
  • पदइमैनुएल मैक्रॉन: अंतरराष्ट्रीय AI सहयोग के लिए आह्वान करने वाले फ्रांस के राष्ट्रपति।
मेन्स के लिए

प्रश्न: प्रमुख शक्तियों द्वारा महत्वपूर्ण एआई (AI) प्रौद्योगिकियों पर लगाए गए एकपक्षीय निर्यात प्रतिबंधों का वैश्विक तकनीकी समानता और अंतर्राष्ट्रीय गठबंधनों पर पड़ने वाले प्रभावों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक तनाव: अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा हितों और सहयोगियों के बीच साझा तकनीकी प्रगति के सिद्धांत के बीच टकराव
  • रेगुलेटरी डाइवर्जेंस: एकतरफा एक्सपोर्ट कंट्रोल और मल्टीलैटरल इंटरनेशनल AI गवर्नेंस फ्रेमवर्क के बीच टकराव
  • मार्केट डिस्टॉर्शन: अमेरिकी आधारित AI मॉडल्स तक सीमित पहुंच के कारण यूरोपीय फर्मों के लिए मार्केट शेयर बढ़ाने की संभावना

मुख्य शब्द: तकनीकी संप्रभुता · डिजिटल डिप्लोमेसी · AI गवर्नेंस · एक्सपोर्ट कंट्रोल · राष्ट्रीय सुरक्षा

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तमिलनाडु विधानसभा ने कावेरी बेसिन की कमी की स्थिति पर सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के निर्णयों का हवाला देते हुए

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु विधानसभा ने कावेरी बेसिन की कमी की स्थिति पर सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के निर्णयों का हवाला देते हुए, कर्नाटक की मेकेदातु बांध परियोजना का विरोध करने वाला प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया।

मेकेडातु परियोजना कावेरी नदी पर एक प्रस्तावित संतुलन जलाशय है। तमिलनाडु सरकार का तर्क है कि कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय, नदी के जल की कमी की स्थिति के कारण, इस बेसिन में नई परियोजनाओं को प्रतिबंधित करते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अधिनियम / विधेयकInter-State River Water Disputes Act, 1956: यह राज्यों के बीच नदी जल के बंटवारे से संबंधित विवादों के न्यायनिर्णयन के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है।
  • संस्थाCauvery Water Disputes Tribunal: एक न्यायाधिकरण जिसकी स्थापना तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और Puducherry के बीच कावेरी नदी के जल वितरण के निपटान के लिए की गई थी।
  • तथ्ययह परियोजना एक 'बैलेंसिंग जलाशय' (balancing reservoir) है जिसका उद्देश्य Cauvery नदी के जल प्रवाह को विनियमित करना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में अंतर-राज्यीय नदी जल बँटवारे से जुड़ी संवैधानिक और कानूनी जटिलताओं का विश्लेषण कीजिए तथा इस संदर्भ में 'अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956' की भूमिका पर प्रकाश डालिए। चर्चा कीजिए।

  • न्यायिक निगरानी: एग्जीक्यूटिव प्रोजेक्ट अप्रूवल्स और बेसिन डेफिसिट स्टेटस पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बीच टकराव
  • संघीय टकराव: रियल-टाइम जल बंटवारे के लिए स्थायी तंत्र की कमी बनाम एड-हॉक ट्रिब्यूनल के फैसले
  • इकोलॉजिकल ट्रेड-ऑफ: कावेरी बेसिन की हाइड्रोलॉजिकल इंटीग्रिटी पर नए रिज़र्वोयर निर्माण का प्रभाव

मुख्य शब्द: इंटर-स्टेट रिवर वॉटर डिस्प्यूट्स एक्ट · संघवाद · जल शासन · न्यायिक सक्रियता · संसाधन आवंटन

स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी (Special Global Strategic Partnership) की पुन: पुष्टि की।

भारत-फ्रांस संबंधों को वर्ष 2024 में 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया गया। इस यात्रा के अंतर्गत रक्षा, अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी सहयोग पर चर्चा हेतु नीस, एवियन और पेरिस में उच्च-स्तरीय संवाद आयोजित किए गए।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनभारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी: 2024 में उन्नत एक उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय ढांचा।
  • स्थाननाइस, एवियन और पेरिस: 2024 की राजनयिक यात्रा के प्रमुख स्थल।
  • तथ्यइमैनुएल मैक्रॉन ने 2025 में भारत की नियोजित यात्रा की घोषणा की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा की आकांक्षाओं के संदर्भ में भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • डिफेंस कोऑपरेशन: मेक इन इंडिया के तहत मिलिट्री हार्डवेयर का जॉइंट प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर
  • रणनीतिक तालमेल: स्वतंत्र विदेश नीति बनाए रखते हुए क्षेत्रीय वर्चस्व का मुकाबला करना
  • एनर्जी ट्रांजिशन: डीकार्बोनाइजेशन के लिए न्यूक्लियर एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन इनिशिएटिव्स पर सहयोग

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · इंडो-पैसिफिक · डिफेंस डिप्लोमेसी · द्विपक्षीयता · भू-राजनीतिक तालमेल

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भारत और जर्मनी ने नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा पर सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु 10वीं GSDP वार्ता श्रृंखला (Conversation Series) का आयोजन किया

चर्चा में क्यों: भारत और जर्मनी ने नवीकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा सुरक्षा पर सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु 10वीं GSDP वार्ता श्रृंखला (Conversation Series) का आयोजन किया।

भारत-जर्मन हरित और सतत विकास साझेदारी (GSDP) स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण हेतु एक सहयोगात्मक ढांचा है। भारत ने वर्ष 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन बिजली क्षमता प्राप्त करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यभारत का लक्ष्य: 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन बिजली क्षमता।
  • संस्थाMNRE: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत की नवीकरणीय ऊर्जा नीतियों के लिए नोडल मंत्रालय।
  • स्थानजर्मनी: भारत के हरित ऊर्जा संक्रमण और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में एक प्रमुख वैश्विक भागीदार।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत-जर्मन 'ग्रीन सस्टेनेबल डेवलपमेंट पार्टनरशिप' (GSDP) जैसे द्विपक्षीय सहयोग भारत की निम्न-कार्बन अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण को सुगम बनाने और साथ ही राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: हाई-एफिशिएंसी सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग और ग्रीन हाइड्रोजन स्टोरेज के बीच की दूरी को कम करना
  • भू-राजनीतिक हेजिंग: विविध नवीकरणीय ऊर्जा पार्टनरशिप के जरिए जीवाश्म ईंधन आयात पर निर्भरता कम करना
  • फाइनेंसिंग गैप: भारत के 500 GW लक्ष्य के लिए बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर को फंड करने हेतु जर्मन कैपिटल और एक्सपर्टाइज का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · डीकार्बोनाइजेशन · तकनीकी हस्तांतरण · सतत विकास · ग्रीन हाइड्रोजन

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बांग्लादेश और चीन ने बाढ़ के पूर्वानुमान में सुधार हेतु यारलुंग ज़ांग्बो-जमुना नदी प्रणाली में जल-वैज्ञानिक सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक कार्यान्वयन योजना पर हस्ताक्षर किए हैं

चर्चा में क्यों: बांग्लादेश और चीन ने बाढ़ के पूर्वानुमान में सुधार हेतु यारलुंग ज़ांग्बो-जमुना नदी प्रणाली में जल-वैज्ञानिक सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक कार्यान्वयन योजना पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस परियोजना के अंतर्गत व्यापक स्तर पर ड्रेजिंग, तटबंध निर्माण और एक जल-वैज्ञानिक निगरानी प्रणाली शामिल है। इसने नदी प्रबंधन के बुनियादी ढांचे और रखरखाव के लिए चीन पर बांग्लादेश की तकनीकी निर्भरता के संबंध में चिंताएं उत्पन्न की हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानYarlung Zangbo: तिब्बत में बहने वाली नदी का नाम, जिसे भारत में Brahmaputra और बांग्लादेश में Jamuna के रूप में जाना जाता है।
  • तथ्यचिकन नेक: मुख्य भूमि भारत को पूर्वोत्तर से जोड़ने वाला संकीर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जो तीस्ता नदी बेसिन के निकट स्थित है।
  • संस्थाजल विज्ञान संबंधी निगरानी (Hydrological monitoring): बाढ़ प्रबंधन के लिए जल प्रवाह, स्तर और तलछट परिवहन (sediment transport) को ट्रैक करने के लिए उपयोग की जाने वाली प्रणालियाँ।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अतिरिक्त-क्षेत्रीय शक्तियों द्वारा संचालित सीमापारीय नदी प्रबंधन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का दक्षिण एशियाई देशों की रणनीतिक और पारिस्थितिक सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • तकनीकी निर्भरता: महत्वपूर्ण जल बुनियादी ढांचे और लंबे समय तक रखरखाव के लिए प्रोप्राइटरी चीनी सिस्टम पर निर्भर रहने का जोखिम
  • रणनीतिक कमजोरी: भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के पास तीस्ता नदी बेसिन की स्थिति सुरक्षा संबंधी संवेदनशीलता पैदा करती है
  • डेटा असिमेट्री: हाइड्रोलॉजिकल डेटा शेयरिंग में पारदर्शिता की कमी स्वतंत्र बाढ़ पूर्वानुमान और क्षेत्रीय जल सहयोग में बाधा डाल सकती है

मुख्य शब्द: सीमा पार जल प्रबंधन · रणनीतिक स्वायत्तता · हाइड्रोलॉजिकल डेटा · इंफ्रास्ट्रक्चर डिप्लोमेसी · क्षेत्रीय सुरक्षा

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प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस और स्लोवाकिया की दो-राष्ट्रीय यात्रा संपन्न की

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस और स्लोवाकिया की दो-राष्ट्रीय यात्रा संपन्न की, जिसमें उन्होंने भारत की तकनीकी क्षमता पर बल दिया और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने एवियन-लेस-बेन्स में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन और VivaTech 2026 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने फ्रांस, स्लोवाकिया, USA और UK के नेतृत्वकर्ताओं के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें कीं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानEvian-Les-Bains: पूर्वी फ्रांस के Haute-Savoie विभाग में स्थित एक कम्यून (commune)।
  • संस्थाG7: दुनिया की सात उन्नत अर्थव्यवस्थाओं (Canada, France, Germany, Italy, Japan, UK, USA) का एक मंच।
  • पदप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: भारत सरकार के प्रमुख।
  • तथ्यVivaTech 2026: फ्रांस में आयोजित एक प्रमुख तकनीकी कार्यक्रम जो नवाचार और स्टार्टअप्स को प्रदर्शित करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की 'विश्वसनीय भागीदार' की स्थिति और उसकी तकनीकी क्षमताएं यूरोपीय और पश्चिमी देशों के साथ उसके द्विपक्षीय संबंधों को किस प्रकार नया आकार दे रही हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: स्वतंत्र विदेश नीति बनाए रखते हुए पश्चिमी शक्तियों के साथ मल्टी-अलायड पार्टनरशिप में संतुलन बनाना
  • टेक-डिप्लोमेसी: सॉफ्ट पावर के टूल के रूप में भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक कौशल का इस्तेमाल
  • आर्थिक तालमेल: उच्च-स्तरीय राजनयिक वार्ताओं के जरिए द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करना

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · टेक-डिप्लोमेसी · मल्टी-अलाइनमेंट · द्विपक्षीयता · सॉफ्ट पावर

GS2 के अन्य विषय

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