मणिपुर में NH-37 के 1,300 करोड़ के अपग्रेड पर मानसून की चुनौती
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चर्चा में क्यों
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय मानसून से संबंधित लॉजिस्टिक बाधाओं के बीच एक 'ऑल-वेदर कॉरिडोर' (सर्व-मौसम गलियारा) बनाने हेतु मणिपुर में NH-37 के 1,300 करोड़ रुपये के उन्नयन कार्य को कार्यान्वित कर रहा है।
पृष्ठभूमि
इस परियोजना के अंतर्गत मणिपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-37 के 203 किलोमीटर के खंड का चौड़ीकरण और उन्नयन किया जाएगा। NH-2 पर अवरोधों के कारण, यह मार्ग राज्य के लिए प्राथमिक आपूर्ति मार्ग के रूप में कार्य करता है। इस परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य दिसंबर 2026 निर्धारित किया गया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यमणिपुर में NH-37 के उन्नयन हेतु परियोजना लागत 1,300 करोड़ रुपये है।
- तथ्ययह परियोजना कुल 203 km की लंबाई को कवर करती है।
- स्थानNH-2 पर अवरोधों के बाद NH-37, मणिपुर के लिए प्राथमिक आपूर्ति मार्ग है।
- तथ्यपरियोजना पूर्ण करने की समय सीमा दिसंबर 2026 है।
मेन्स के लिए
Q. पूर्वोत्तर भारत में आंतरिक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने में 'सर्व-मौसम' (all-weather) बुनियादी ढांचे के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- Logistical bottleneck: Monsoon-induced landslides and road damage hindering the movement of essential supplies to Manipur.
- Land acquisition friction: Delays caused by disputes over land rights and ethnic violence-related traffic surges.
- Strategic connectivity: Transitioning NH-37 into an all-weather corridor to mitigate the impact of blockades on NH-2.
कीवर्ड: all-weather corridor · logistical resilience · internal security · infrastructure development · monsoon vulnerability
अंतर्राष्ट्रीय संबंध पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।