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भाग I · स्था. 11.2025 
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अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,306 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (511) · उद्योग, निवेश एवं MSME (471) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (298) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (298) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (278) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (189) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (142) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (119)

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

केरल के उद्योग मंत्री पी

चर्चा में क्यों: केरल के उद्योग मंत्री पी. राजीव ने घोषणा की कि दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum) में राज्य ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से ₹1.18 लाख करोड़ के एक्सप्रेशंस ऑफ इंटरेस्ट (EOIs) प्राप्त किए हैं।

केरल ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum) के दौरान अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ ₹1.18 लाख करोड़ के मूल्य के EOI (Expression of Interest) पर हस्ताक्षर किए। ये निवेश मेडिकल, रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy), डेटा सेंटर और उभरती हुई तकनीक (emerging technology) जैसे क्षेत्रों को लक्षित करते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकेरल ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (World Economic Forum) में ₹1.18 लाख करोड़ के EOI हासिल किए।
  • तथ्यपिछले वर्ष के Invest Kerala Global Summit में हस्ताक्षरित MoUs में से 24% निर्माण (construction) के चरण तक पहुँच चुके हैं।
  • तथ्यनिवेश के लिए लक्षित सेक्टर में मेडिकल, रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy), डेटा सेंटर और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (emerging technology) शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में औद्योगिक विकास और बुनियादी ढाँचे के विकास को सुदृढ़ करने में राज्य-नेतृत्व वाले निवेश प्रोत्साहन और वैश्विक मंचों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • सेक्टोरल डाइवर्सिफिकेशन: राज्य स्तर के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उभरती टेक्नोलॉजी और रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: विदेशी प्रत्यक्ष निवेश · औद्योगिक नीति · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · निवेश प्रोत्साहन · नवीकरणीय ऊर्जा

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

रेलवे बोर्ड ने ट्रेन के किराए निर्धारण के फॉर्मूले (formula) को सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है

चर्चा में क्यों: रेलवे बोर्ड ने ट्रेन के किराए निर्धारण के फॉर्मूले (formula) को सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया है। बोर्ड का दावा है कि यह एक 'ट्रेड सीक्रेट' (trade secret) है और सार्वजनिक हित में नहीं है।

रेलवे बोर्ड ने तर्क दिया कि रेलवे एक व्यावसायिक उपयोगिता (commercial utility) के रूप में कार्य करती है जिसके साथ सामाजिक दायित्व भी जुड़े हुए हैं। केंद्रीय सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार अधिनियम (Right to Information Act) की धारा 8(1)(d) के तहत कार्यप्रणाली (methodology) का खुलासा करने से इनकार करने के फैसले को बरकरार रखा।

मेन्स के लिए

प्रश्न: सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के अंतर्गत पारदर्शिता के सिद्धांत और सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं में वाणिज्यिक व्यापार रहस्यों (commercial trade secrets) के संरक्षण के बीच उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोधों का विश्लेषण कीजिए।

  • पारदर्शिता और सुरक्षा का संतुलन: सरकारी उपयोगिताओं में सूचना के अधिकार और व्यावसायिक कार्यप्रणाली की सुरक्षा के बीच तालमेल
  • पब्लिक यूटिलिटी पैराडॉक्स: भारतीय रेलवे के कमर्शियल ऑपरेशनल मॉडल और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच टकराव
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: प्रोप्राइटरी डेटा से समझौता किए बिना निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए किराया-निर्धारण का स्वतंत्र ऑडिट जरूरी

मुख्य शब्द: सूचना का अधिकार · ट्रेड सीक्रेट · सार्वजनिक उपयोगिता · पारदर्शिता · व्यापारिक दायित्व · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं (street vendors) की सहायता के लिए PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं (street vendors) की सहायता के लिए PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की।

प्रधानमंत्री मोदी ने 23 जनवरी, 2026 को तिरुवनंतपुरम में विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस लॉन्च के दौरान PM SVANidhi क्रेडिट कार्ड योजना की शुरुआत की गई और केरल में CSIR इनोवेशन हब और रेडियो सर्जरी सेंटर पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनाPM SVANidhi क्रेडिट कार्ड: पूरे भारत में स्ट्रीट वेंडर्स (street vendors) को क्रेडिट प्रदान करने के उद्देश्य से एक योजना।
  • संस्थाCSIR इनोवेशन हब (Innovation Hub): विज्ञान के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए केरल में शुरू की गई एक फैसिलिटी।
  • तथ्यरेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गुरुवायुर और त्रिशूर के बीच नई पैसेंजर ट्रेनों की योजना बनाई गई है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पीएम स्वनिधि जैसी लक्षित ऋण योजनाओं ने भारत में अनौपचारिक अर्थव्यवस्था के औपचारिकरण और समावेशी विकास में किस प्रकार योगदान दिया है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • वित्तीय समावेशन: पारंपरिक कोलैटरल की कमी वाले सूक्ष्म-उद्यमियों के लिए क्रेडिट गैप को कम करना
  • शहरी आजीविका: फॉर्मल क्रेडिट एक्सेस के ज़रिए स्ट्रीट वेंडर्स की सामाजिक-आर्थिक मजबूती को बढ़ावा देना

मुख्य शब्द: समावेशी विकास · अनौपचारिक अर्थव्यवस्था · वित्तीय समावेशन · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · सूक्ष्म-उद्यमिता

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स

भारत सरकार ने PSU जनरल इंश्योरेंस कंपनियों और NABARD के कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन के साथ-साथ RBI और NABARD के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन संशोधन को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने PSU जनरल इंश्योरेंस कंपनियों और NABARD के कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन के साथ-साथ RBI और NABARD के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए पेंशन संशोधन को मंजूरी दी है।

वेतन संशोधन से 46,322 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, जबकि पेंशन संशोधन के दायरे में 23,570 पेंशनभोगी और 23,260 पारिवारिक पेंशनभोगी शामिल हैं। इसके कुल वित्तीय प्रभाव PSU जनरल इंश्योरेंस के लिए ₹8,170.30 करोड़, NABARD के लिए ₹170 करोड़ और RBI के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए ₹2,696.82 करोड़ हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यवेतन संशोधन से PSU जनरल इंश्योरेंस (General Insurance) और NABARD के 46,322 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
  • तथ्यपेंशन संशोधन (Pension revisions) के दायरे में 23,570 पेंशनर्स और 23,260 फैमिली पेंशनर्स शामिल हैं।
  • तथ्यPSU जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के लिए वित्तीय प्रभाव ₹8,170.30 करोड़ है।
  • तथ्यRBI के रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए वित्तीय प्रभाव ₹2,696.82 करोड़ है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और नियामक निकायों के कर्मचारियों के लिए समय-समय पर होने वाले वेतन और पेंशन संशोधन के राजकोषीय निहितार्थों और प्रशासनिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय दबाव: सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं के लिए बजट आवंटन के साथ लंबी अवधि की पेंशन देनदारियों का संतुलन
  • ह्यूमन कैपिटल रिटेंशन: महत्वपूर्ण रेगुलेटरी और इंश्योरेंस सेक्टर में वर्कफोर्स स्टेबिलिटी बनाए रखने के लिए कॉम्पिटिटिव कंपनसेशन सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: राजकोषीय प्रभाव · सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम · पेंशन लायबिलिटी · मजदूरी संशोधन · रेगुलेटरी बॉडीज

एप्पल ने अपनी ऐप स्टोर नीतियों के संबंध में कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) द्वारा की जा रही जांच पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है

चर्चा में क्यों: एप्पल ने अपनी ऐप स्टोर नीतियों के संबंध में कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) द्वारा की जा रही जांच पर रोक लगाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

एप्पल भारत के 2024 के दंड नियमों की वैधता को चुनौती दे रहा है, जो वैश्विक टर्नओवर (Global Turnover) के आधार पर जुर्माना लगाने की अनुमति देते हैं। कंपनी को डर है कि यदि CCI दंड की गणना के लिए उसके वैश्विक वित्तीय डेटा का उपयोग करता है, तो उस पर 38 बिलियन डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाCompetition Commission of India (CCI): यह राष्ट्रीय एंटीट्रस्ट वॉचडॉग (antitrust watchdog) है जो बाजार में प्रभावी स्थिति (dominant market positions) के दुरुपयोग की जांच के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यApple पर संभावित जुर्माना: यदि ग्लोबल टर्नओवर (global turnover) की गणना लागू की जाती है, तो यह $38 बिलियन तक हो सकता है।
  • तथ्यCCI का प्राइवेट ऑर्डर: Apple से फाइनेंशियल डेटा मांगने के लिए 31 दिसंबर को जारी किया गया।
  • स्थानदिल्ली हाई कोर्ट: वह न्यायिक मंच जहाँ CCI की जांच पर स्टे (stay) की मांग की जा रही है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था को विनियमित करने में आने वाली चुनौतियों और बहुराष्ट्रीय निगमों पर प्रतिस्पर्धा विरोधी दंड की गणना के लिए वैश्विक टर्नओवर (global turnover) के उपयोग के निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: घरेलू एंटीट्रस्ट प्रवर्तन और कॉर्पोरेट फाइनेंशियल प्राइवेसी की सुरक्षा के बीच टकराव
  • ज्यूरिसडिक्शनल जटिलता: डिसेंट्रलाइज्ड रेवेन्यू स्ट्रीम वाले ग्लोबल टेक जायंट्स के लिए मार्केट डोमिनेंस को मापना चुनौतीपूर्ण
  • पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: मल्टीनेशनल कंपनियों पर सख्त जुर्माने की ज़रूरत और विदेशी निवेश कम होने के जोखिम के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: एंटीट्रस्ट · बाज़ार में दबदबा · डिजिटल इकोनॉमी · ग्लोबल टर्नओवर · रेगुलेटरी कंप्लायंस · भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

उपमुख्यमंत्री हर्ष आर

चर्चा में क्यों: उपमुख्यमंत्री हर्ष आर. संघवी ने 'विकसित गुजरात@2047' विजन के लिए वैश्विक निवेश सुनिश्चित करने हेतु दावोस-क्लोस्टर्स में आयोजित WEF वार्षिक बैठक 2026 में गुजरात के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।

गुजरात के प्रतिनिधिमंडल ने WEF 2026 के दौरान 30 से अधिक ग्लोबल (Global) निवेशक बैठकों का आयोजन किया। इसमें माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron Technology), टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (Tata Electronics), टिलमैन ग्लोबल होल्डिंग्स (Tillman Global Holdings), IBM और हिताची एनर्जी (Hitachi Energy) जैसी प्रमुख कंपनियों ने हिस्सा लिया।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यगुजरात के प्रतिनिधिमंडल ने WEF 2026 में 30 से अधिक ग्लोबल इन्वेस्टर मीटिंग्स आयोजित कीं।
  • स्थानWEF Annual Meeting 2026, दावोस-क्लोस्टर्स (Davos-Klosters) में आयोजित की गई।
  • तथ्यनिवेश चर्चाओं के प्रमुख क्षेत्रों में सेमीकंडक्टर्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी और स्पेस टेक्नोलॉजी शामिल थे।
  • तथ्यराज्य की यह पहल विकसित गुजरात@2047 विजन के अनुरूप है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: 'विकसित भारत@2047' के विजन के लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य-आधारित अंतर्राष्ट्रीय निवेश प्रोत्साहन की महत्ता का विश्लेषण कीजिए।

  • इन्वेस्टमेंट डाइवर्सिफिकेशन: हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए ग्लोबल FDI का इस्तेमाल कर घरेलू कैपिटल पर निर्भरता कम करना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: सेमीकंडक्टर और क्लीन एनर्जी के लिए राज्य स्तरीय औद्योगिक नीतियों को ग्लोबल सप्लाई चेन की जरूरतों के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: विदेशी प्रत्यक्ष निवेश · विकसित भारत@2047 · औद्योगिक नीति · ग्लोबल वैल्यू चेन · सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने रिपोर्ट दी है कि 2025 में पोंजी स्कीम (Ponzi schemes) में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसमें ₹1,900 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने रिपोर्ट दी है कि 2025 में पोंजी स्कीम (Ponzi schemes) में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसमें ₹1,900 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है।

एक डॉक्टर द्वारा ₹1.5 करोड़ का निवेश करने के बाद फॉल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग प्लेटफॉर्म (Falcon invoice discounting platform) ध्वस्त हो गया। तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो ने रिपोर्ट दी है कि 2025 में पोंजी स्कीम (Ponzi scheme) के कारण हुए नुकसान की राशि ₹1,900 करोड़ से अधिक हो गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्य2025 में तेलंगाना में Ponzi scheme के कारण हुए नुकसान की राशि ₹1,900 करोड़ से अधिक हो गई।
  • संस्थातेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो (Cyber Security Bureau) वह एजेंसी है जो धोखाधड़ी वाली योजनाओं (fraudulent schemes) में होने वाली वृद्धि की रिपोर्ट कर रही है।
  • अधिनियम / विधेयकBanning of Unregulated Deposit Schemes (BUDS) Act वह कानून है जिसे RBI द्वारा लागू करने का आग्रह किया गया है।
  • तथ्यFalcon एक इनवॉइस डिस्काउंटिंग प्लेटफॉर्म था जो रिपोर्ट किए गए फ्रॉड में शामिल था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय वित्तीय परिदृश्य में उन प्रणालीगत कमियों का परीक्षण कीजिए जो पोंजी योजनाओं (Ponzi schemes) के विकास को सुगम बनाती हैं और खुदरा निवेशकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक विनियामक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: इनवॉइस डिस्काउंटिंग और अनरेगुलेटेड डिपॉजिट प्लेटफॉर्म्स के लिए निगरानी में कमियों का फायदा उठाना
  • सूचना की असमानता: अवैध फंड लेयरिंग को छिपाने के लिए वैधता का भ्रम पैदा करने वाली जटिल तकनीकें
  • एन्फोर्समेंट में रुकावट: शेल कंपनियों और कई अकाउंट्स के ज़रिए भेजे गए फंड्स को ट्रैक करने में चुनौतियां

मुख्य शब्द: पोंजी स्कीम · रेगुलेटरी आर्बिट्रेज · सूचना की असमानता · रिटेल इन्वेस्टर सुरक्षा · वित्तीय धोखाधड़ी · BUDS एक्ट

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

DGCA द्वारा विंटर शेड्यूल में 10% की कटौती के बाद, सरकार ने एयरलाइंस से इंडिगो (IndiGo) द्वारा छोड़े गए डोमेस्टिक फ्लाइट स्लॉट्स के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं

चर्चा में क्यों: DGCA द्वारा विंटर शेड्यूल में 10% की कटौती के बाद, सरकार ने एयरलाइंस से इंडिगो (IndiGo) द्वारा छोड़े गए डोमेस्टिक फ्लाइट स्लॉट्स के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने परिचालन संबंधी बाधाओं के कारण, जिससे 3 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए, इंडिगो (IndiGo) के शीतकालीन शेड्यूल में 10% की कटौती की है। एयरलाइंस को इन स्लॉट्स के लिए एयरपोर्ट ऑपरेटरों को अनुरोध भेजना होगा, बशर्ते वे मौजूदा रूट को बंद न करें।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाDGCA: वह रेगुलेटरी बॉडी जो IndiGo के विंटर शेड्यूल को कम करने के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यकैंसिलेशन और देरी के कारण IndiGo का विंटर शेड्यूल 10% कम हो गया।
  • तथ्यऑपरेशनल व्यवधानों (Operational disruptions) के कारण 3 लाख से अधिक यात्री प्रभावित हुए।
  • तथ्यएयरलाइंस को स्लॉट रिक्वेस्ट एयरपोर्ट ऑपरेटर्स को देनी होगी, न कि सीधे सरकार को।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय विमानन क्षेत्र में विमानन बुनियादी ढांचे की दक्षता बनाए रखने में स्लॉट प्रबंधन के महत्व और यात्री अनुभव पर इसके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।

  • मार्केट कंसंट्रेशन: बड़े कैरियर्स का दबदबा छोटे खिलाड़ियों के लिए स्लॉट की उपलब्धता को प्रभावित कर रहा है
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: एयरलाइन ऑपरेशनल ऑटोनॉमी और सार्वजनिक हित व यात्री सुरक्षा के बीच संतुलन
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधाएं: बड़े हब्स पर सीमित टेकऑफ और लैंडिंग स्लॉट्स से सप्लाई-साइड बॉटलनैक्स पैदा हो रहे हैं

मुख्य शब्द: स्लॉट मैनेजमेंट · रेगुलेटरी ओवरसाइट · एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर · ऑपरेशनल एफिशिएंसी · बाज़ार में प्रतिस्पर्धा

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तमिलनाडु सरकार ने लगभग 2,000 MW की मौजूदा विंड टरबाइन क्षमता के आधुनिकीकरण को सुगम बनाने के लिए संशोधित विंड एनर्जी रिपावरिंग पॉलिसी (Wind Energy Repowering Policy) की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने लगभग 2,000 MW की मौजूदा विंड टरबाइन क्षमता के आधुनिकीकरण को सुगम बनाने के लिए संशोधित विंड एनर्जी रिपावरिंग पॉलिसी (Wind Energy Repowering Policy) की घोषणा की है।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने आकलन किया है कि तमिलनाडु में लगभग 4,000 MW की विंड टर्बाइन क्षमता है, जिन्हें रीपावरिंग (repowering) के लिए उपयुक्त माना गया है। नई नीति जीवन विस्तार प्रमाणपत्रों (life extension certificates) की प्रक्रिया को सरल बनाती है और आधुनिकीकरण के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यMNRE के आकलन के अनुसार, तमिलनाडु में लगभग 4,000 MW की विंड टर्बाइन्स (wind turbines) हैं जिन्हें रिपावरिंग (repowering) के लिए सक्षम बनाया जा सकता है।
  • तथ्यसंशोधित नीति का लक्ष्य लगभग 2,000 MW की मौजूदा विंड कैपेसिटी (wind capacity) को अपग्रेड करना है।
  • संस्थाइंडियन विंड पावर एसोसिएशन (Indian Wind Power Association - IWPA) वह संस्था है जो इस पॉलिसी पर तकनीकी कमेंट्री प्रदान करती है।
  • स्थानतमिलनाडु वह राज्य है जो संशोधित विंड एनर्जी रिपावरिंग पॉलिसी (wind energy repowering policy) को लागू कर रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में पवन ऊर्जा की अनिरंतरता और दक्षता संबंधी चुनौतियों के समाधान में मौजूदा नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे के पुनर्संरचना (repowering) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • ग्रिड इंटीग्रेशन: रात की खपत के लिए बैंक की गई ऊर्जा को एडजस्ट करने में तकनीकी बाधाएं
  • वित्तीय व्यवहार्यता: राज्य द्वारा दिए जाने वाले वित्तीय प्रोत्साहन के मुकाबले आधुनिकीकरण लागत का संतुलन
  • रेगुलेटरी स्ट्रीमलाइनिंग: प्रोजेक्ट लाइफसाइकिल पर आसान लाइफ एक्सटेंशन सर्टिफिकेट का असर

मुख्य शब्द: नवीकरणीय ऊर्जा · रीपावरिंग · ग्रिड इंटीग्रेशन · ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर · पॉलिसी इंसेंटिव्स

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने संपत्ति खरीदने के लिए विदेशों से धन प्राप्त करने वाले भारतीय निवासियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है

चर्चा में क्यों: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने संपत्ति खरीदने के लिए विदेशों से धन प्राप्त करने वाले भारतीय निवासियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। यह कार्रवाई NRIs द्वारा दूसरों के लिए जमा राशि (deposits) देने पर FEMA के प्रतिबंधों पर प्रकाश डालती है।

विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) की धारा 3(a) के तहत, NRIs को दूसरों की ओर से संपत्ति जमा (property deposits) का भुगतान करने की अनुमति नहीं है। ऐसे लेन-देन को अनधिकृत बाहरी प्रेषण (unauthorized outward remittances) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है और इसके कारण प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जांच की जा सकती है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अधिनियम / विधेयकFEMA: Foreign Exchange Management Act विदेशी मुद्रा के प्रवाह को नियंत्रित करता है और अनधिकृत आउटवर्ड रेमिटेंस (outward remittances) पर रोक लगाता है।
  • तथ्यFEMA की धारा 3(a): विशेष रूप से अनधिकृत आउटवर्ड रेमिटेंस (outward remittances) पर रोक लगाती है।
  • योजनाLiberalised Remittance Scheme (LRS): एक RBI स्कीम जो NRIs/निवासियों को विशिष्ट सीमाओं के तहत विदेश में फंड भेजने की अनुमति देती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सीमा पार पूंजी प्रवाह की निगरानी में आने वाली विनियामक चुनौतियों और भारतीय प्रवासियों द्वारा अचल संपत्ति निवेश पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: NRIs के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस और अवैध कैपिटल फ्लाइट रोकने की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • एन्फोर्समेंट गैप: रियल एस्टेट में व्यक्तिगत सहायता और अनधिकृत आउटवर्ड रेमिटेंस के बीच अंतर करना मुश्किल
  • अनुपालन का बोझ: विदेशी निवासियों के लिए LRS और जॉइंट ओनरशिप डॉक्यूमेंटेशन की जटिलता

मुख्य शब्द: पूंजी का पलायन · रेमिटेंस रेगुलेशन · विदेशी मुद्रा प्रबंधन · रेगुलेटरी कंप्लायंस · मनी लॉन्ड्रिंग

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)मेन्स

APERC के चेयरमैन पी

चर्चा में क्यों: APERC के चेयरमैन पी. वेंकटा रामा रेड्डी ने आंध्र प्रदेश के DISCOMs में खरीद से जुड़ी अनियमितताओं को रोकने के लिए तीन महीने के भीतर नियम जारी करने की योजना की घोषणा की है।

आंध्र प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (APERC) द्वारा DISCOMs द्वारा ट्रांसफार्मर की खरीद में भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई की जा रही है। अध्यक्ष पी. वेंकटा रामा रेड्डी ने कहा कि सामग्री की खरीद लागत की जांच करने के लिए अन्य राज्यों के आंकड़ों के आधार पर एक विस्तृत लागत आदेश (cost order) जारी किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाAPERC: आंध्र प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (Andhra Pradesh Electricity Regulatory Commission)।
  • तथ्यAPERC तीन महीने की समय सीमा के भीतर प्रोक्योरमेंट रेगुलेशंस (procurement regulations) जारी करने की योजना बना रहा है।
  • पदपी. वेंकट राम रेड्डी: APERC के चेयरमैन।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य के स्वामित्व वाले बिजली वितरण कंपनियों की खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और राजकोषीय अनुशासन सुनिश्चित करने में राज्य विद्युत नियामक आयोगों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय रिसाव: ट्रांसफार्मर और सामग्री की ऊंची खरीद लागत से DISCOM का परिचालन खर्च बढ़ रहा है
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: इंटर-स्टेट डेटा बेंचमार्क के आधार पर स्टैंडर्डाइज्ड कॉस्ट ऑर्डर्स की ज़रूरत
  • पारदर्शिता में कमी: मटेरियल प्रोक्योरमेंट में जांच के अभाव से भ्रष्टाचार के आरोप

मुख्य शब्द: राजकोषीय अनुशासन · रेगुलेटरी ओवरसाइट · पारदर्शिता · सार्वजनिक खरीद · ऑपरेशनल खर्च

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल 24 जनवरी को विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट (Vizhinjam international seaport) के विस्तार के दूसरे चरण का ₹9,700 करोड़ का उद्घाटन करने वाले हैं

चर्चा में क्यों: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल 24 जनवरी को विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट (Vizhinjam international seaport) के विस्तार के दूसरे चरण का ₹9,700 करोड़ का उद्घाटन करने वाले हैं।

यह परियोजना अडानी विझिनजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (AVPPL) से जुड़ी एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership - PPP) है। इस विस्तार का उद्देश्य क्षमता को 1 मिलियन TEU से बढ़ाकर 5 मिलियन TEU करना और बर्थ (Berth) की लंबाई को 2,000 मीटर तक बढ़ाना है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यविझिनजम (Vizhinjam) सीपोर्ट विस्तार निवेश: ₹9,700 करोड़।
  • तथ्यलक्ष्य क्षमता में वृद्धि: 1 मिलियन TEU से 5 मिलियन TEU तक।
  • तथ्यबर्थ विस्तार की लंबाई: 2,000 मीटर।
  • तथ्यइंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ोतरी: रेलवे यार्ड, मल्टीपर्पज बर्थ, लिक्विड टर्मिनल और टैंक फार्म।
  • तथ्यऑपरेशनल माइलस्टोन: 2025 में लॉन्च के बाद से 1.5 मिलियन से अधिक TEUs को हैंडल किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक दक्षता के संदर्भ में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के अंतर्गत गहरे जल वाले बंदरगाहों (deep-water ports) के विकास के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स दक्षता: डीप-वॉटर बर्थ के जरिए बड़े कंटेनर जहाजों के टर्नअराउंड समय में कमी
  • PPP सिनर्जी: बड़े पैमाने पर समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए प्राइवेट कैपिटल और ऑपरेशनल एक्सपर्टाइज का इस्तेमाल
  • मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन: इंटीग्रेटेड रेलवे यार्ड और लिक्विड टर्मिनल्स के जरिए पिछड़े इलाकों की कनेक्टिविटी बढ़ाना

मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर · TEU क्षमता · लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी · पिछड़े इलाकों की कनेक्टिविटी

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स

RBI की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2025 में भारत का शुद्ध FDI (Foreign Direct Investment) लगातार चौथे महीने नकारात्मक रहा

चर्चा में क्यों: RBI की रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर 2025 में भारत का शुद्ध FDI (Foreign Direct Investment) लगातार चौथे महीने नकारात्मक रहा, क्योंकि इसमें होने वाला बहिर्गमन (outflows) अंतर्वाह (inflows) की तुलना में 446 मिलियन डॉलर अधिक रहा।

नवंबर 2025 में, भारत का कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) 6.4 बिलियन डॉलर था, लेकिन शुद्ध FDI (Net FDI) -446 मिलियन डॉलर रहा। 16 जनवरी, 2026 तक वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शुद्ध विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) भी नकारात्मक रहा।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यनवंबर 2025 में नेट FDI आउटफ्लो: $446 मिलियन।
  • तथ्यनवंबर 2025 में कुल इनवर्ड FDI: $6.4 बिलियन।
  • तथ्यFPI स्टेटस: 16 जनवरी, 2026 तक वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नेगेटिव।
  • तथ्यRBI ने विदेशी कंपनियों द्वारा उच्च रिपैट्रिएशन (repatriations) और डिसइन्वेस्टमेंट (disinvestments) को नकारात्मक नेट FDI का कारण बताया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय अर्थव्यवस्था में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) की अस्थिरता में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए।

  • करेंसी में उतार-चढ़ाव: कमजोर रुपये का इन्वेस्टर सेंटिमेंट और कैपिटल फ्लाइट पर असर
  • भू-राजनीतिक अनिश्चितता: पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट फ्लो पर द्विपक्षीय व्यापार सौदे की बातचीत का प्रभाव
  • कॉर्पोरेट व्यवहार: हाई रिपैट्रिएशन और डिसइन्वेस्टमेंट का नेट कैपिटल अकाउंट स्टेबिलिटी पर असर

मुख्य शब्द: कैपिटल अकाउंट · वापसी · विनिवेश · पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट · विदेशी प्रत्यक्ष निवेश

केंद्रीय कैबिनेट ने MSMEs के लिए क्रेडिट एक्सेस (credit access) बढ़ाने और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए SIDBI में ₹5,000 करोड़ की इक्विटी इन्फ्यूजन (equity infusion) को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: केंद्रीय कैबिनेट ने MSMEs के लिए क्रेडिट एक्सेस (credit access) बढ़ाने और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए SIDBI में ₹5,000 करोड़ की इक्विटी इन्फ्यूजन (equity infusion) को मंजूरी दी है।

केंद्रीय कैबिनेट ने स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) में ₹5,000 करोड़ की इक्विटी पूंजी डालने को मंजूरी दी है। इस फंडिंग को तीन किस्तों में विभाजित किया गया है: जिसमें वर्ष 2025-26 में ₹3,000 करोड़ और वर्ष 2026-27 तथा 2027-28 में ₹1,000 करोड़씩 दिए जाएंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाSIDBI: स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया।
  • तथ्यकुल स्वीकृत इक्विटी इन्फ्यूजन (Equity Infusion): ₹5,000 करोड़।
  • तथ्यलक्ष्य MSMEs: 2027-28 तक 76.26 लाख से बढ़ाकर 102 लाख करना।
  • तथ्यरोजगार लक्ष्य: लगभग 1.12 करोड़ नौकरियों का सृजन।
मेन्स के लिए

प्रश्न: SIDBI जैसे विशिष्ट वित्तीय संस्थानों में लक्षित पूंजी निवेश किस प्रकार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के विकास को उत्प्रेरित कर सकता है और समावेशी आर्थिक विकास में योगदान दे सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।

  • क्रेडिट गैप: सूक्ष्म उद्यमों के लिए उच्च कोलैटरल की ज़रूरत और फॉर्मल क्रेडिट हिस्ट्री की कमी को दूर करना
  • एम्प्लॉयमेंट मल्टीप्लायर: अतिरिक्त श्रम को सोखने और ग्रामीण से शहरी पलायन के दबाव को कम करने के लिए MSME ग्रोथ का लाभ उठाना
  • संस्थागत भूमिका: लॉन्ग-टर्म फाइनेंसिंग देने में SIDBI का मैंडेट बनाम कमर्शियल बैंक का शॉर्ट-टर्म लेंडिंग

मुख्य शब्द: पूंजी का निवेश · MSME फाइनेंसिंग · समावेशी विकास · क्रेडिट एक्सेसिबिलिटी · रोज़गार सृजन

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बिजली संशोधन विधेयक (Electricity Amendment Bill) में वितरण कंपनियों (discoms) के नुकसान को कम करने के लिए 'कॉस्ट-रिफ्लेक्टिव टैरिफ' (cost-reflective tariff) की अवधारणा को शामिल करने की घोषणा की

चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बिजली संशोधन विधेयक (Electricity Amendment Bill) में वितरण कंपनियों (discoms) के नुकसान को कम करने के लिए 'कॉस्ट-रिफ्लेक्टिव टैरिफ' (cost-reflective tariff) की अवधारणा को शामिल करने की घोषणा की।

बिजली संशोधन विधेयक (Electricity Amendment Bill) का उद्देश्य बिजली आपूर्ति के सभी खर्चों को टैरिफ स्ट्रक्चर (tariff structure) में शामिल करना है। बिजली मंत्रालय ने ड्राफ्ट नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 (National Electricity Policy 2026) पर भी टिप्पणियाँ मांगी हैं, जो इन लागत-आधारित टैरिफ (cost-reflective tariffs) का समर्थन करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (1)
  • विज्ञान-तकनीकPre-paid स्मार्ट मीटर: Discoms की वित्तीय स्थिति सुधारने और कमर्शियल लॉस (commercial losses) को कम करने के लिए प्रस्तावित तकनीक।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में बिजली वितरण कंपनियों की पुरानी वित्तीय संकट की स्थिति को दूर करने में लागत-आधारित टैरिफ (cost-reflective tariffs) और स्मार्ट मीटरिंग के कार्यान्वयन की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • वित्तीय स्थिरता: डिसकोम के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस क्वालिटी बनाए रखने के लिए ACS-ARR गैप को कम करना
  • रेगुलेटरी बाधाएं: लागत के आधार पर तय कीमतों की ज़रूरत और उपभोक्ताओं के लिए सस्ती बिजली की आवश्यकता के बीच संतुलन
  • तकनीकी एकीकरण: प्री-पेड स्मार्ट मीटरों को अनिवार्य रूप से अपनाकर कमर्शियल नुकसान को कम करना

मुख्य शब्द: लागत आधारित टैरिफ · AT&C घाटा · डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति · स्मार्ट मीटरिंग · इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग

तेलंगाना सरकार ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में अपनी 'नेक्स्ट-जेन लाइफ साइंसेज पॉलिसी 2026-30' पेश की

चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में अपनी 'नेक्स्ट-जेन लाइफ साइंसेज पॉलिसी 2026-30' पेश की। इसका उद्देश्य राज्य को एक वैश्विक लाइफ साइंसेज हब के रूप में स्थापित करना है।

यह नीति 2030 तक 25 बिलियन डॉलर के निवेश और 5,00,000 उच्च गुणवत्ता वाली नौकरियों के सृजन का लक्ष्य रखती है। इसके प्रमुख फोकस क्षेत्रों में सेल और जीन थेरेपी (cell and gene therapies), पेप्टाइड्स और प्रिसिजन फर्मेंटेशन (precision fermentation) शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यतेलंगाना की लाइफ साइंसेज पॉलिसी 2026–30 के लिए टारगेट इन्वेस्टमेंट $25 बिलियन है।
  • तथ्यइस पॉलिसी के तहत 2030 तक 500,000 हाई-क्वालिटी जॉब्स (high-quality jobs) बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
  • विज्ञान-तकनीकयह पॉलिसी फ्रंटियर साइंस क्षेत्रों: सेल और जीन थेरेपीज (cell and gene therapies), पेप्टाइड्स (peptides) और प्रिसिजन फर्मेंटेशन (precision fermentation) को प्राथमिकता देती है।
  • योजनाइस पॉलिसी में एक समर्पित लाइफ साइंसेज इनोवेशन फंड (Life Sciences Innovation Fund) और तेलंगाना स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज (Telangana School of Life Sciences) की स्थापना शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अग्रणी विज्ञानों (frontier sciences) पर केंद्रित राज्य-संचालित औद्योगिक नीतियां किस प्रकार वैश्विक जैव प्रौद्योगिकी मूल्य श्रृंखला (biotechnology value chain) में भारत की स्थिति को सुदृढ़ कर सकती हैं, चर्चा कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: सेल और जीन थेरेपी के लिए स्पेशलाइज्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म की ज़रूरत
  • ह्यूमन कैपिटल: तेलंगाना स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज जैसे विशेष शैक्षणिक संस्थानों की ज़रूरत
  • इन्वेस्टमेंट सिनर्जी: हाई-वैल्यू फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए राज्य के इनोवेशन फंड्स का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: फ्रंटियर साइंस · बायोटेक्नोलॉजी हब · प्रिसिजन फर्मेंटेशन · औद्योगिक नीति · उच्च गुणवत्ता वाली रोज़गार

झारखंड सरकार ने WEF दावोस बैठक के दौरान टाटा स्टील के साथ 'न्यू एज ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजीज' (New Age Green Steel Technologies) में ₹11,000 करोड़ से अधिक के निवेश के लिए एक MoU और लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए

चर्चा में क्यों: झारखंड सरकार ने WEF दावोस बैठक के दौरान टाटा स्टील के साथ 'न्यू एज ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजीज' (New Age Green Steel Technologies) में ₹11,000 करोड़ से अधिक के निवेश के लिए एक MoU और लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए।

इस साझेदारी के तहत नीदरलैंड और जर्मनी से उन्नत ग्रीन स्टील तकनीक को झारखंड लाया जाएगा। टाटा स्टील की योजना 2030 तक जमशेदपुर में एक कमर्शियल-स्केल (commercial-scale) सुविधा स्थापित करने की है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यनिवेश की राशि: ₹11,000 करोड़ से अधिक।
  • स्थानजमशेदपुर, झारखंड: कमर्शियल-स्केल ग्रीन स्टील फैसिलिटी (commercial-scale green steel facility) के लिए साइट।
  • विज्ञान-तकनीकतकनीकी स्रोत: नीदरलैंड्स और जर्मनी से ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी।
  • पदहेमंत सोरेन: झारखंड के मुख्यमंत्री।
मेन्स के लिए

प्रश्न: 'ग्रीन स्टील' प्रौद्योगिकियों की ओर संक्रमण किस प्रकार औद्योगिक विकास को भारत के डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों और सतत विनिर्माण उद्देश्यों के साथ संरेखित कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: कार्बन-इंटेंसिव मैन्युफैक्चरिंग स्टेज को बायपास करने के लिए यूरोपियन ग्रीन स्टील इनोवेशन का लाभ उठाना
  • इंडस्ट्रियल-स्टेट सिनर्जी: खनिज संपन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल

मुख्य शब्द: ग्रीन स्टील · सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · डीकार्बोनाइजेशन · इंडस्ट्रियल टूरिज्म

स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर
GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स

केंद्रीय मत्स्य मंत्रालय भारतीय समुद्री उत्पादों (Seafood) के लिए नए निर्यात बाजार की पहचान करने हेतु 80 देशों के प्रतिनिधियों के साथ जुड़ने के लिए नई दिल्ली में एक 'फिशरीज राउंड टेबल' (Fisheries Round Table) आयोजित कर रहा है

चर्चा में क्यों: केंद्रीय मत्स्य मंत्रालय भारतीय समुद्री उत्पादों (Seafood) के लिए नए निर्यात बाजार की पहचान करने हेतु 80 देशों के प्रतिनिधियों के साथ जुड़ने के लिए नई दिल्ली में एक 'फिशरीज राउंड टेबल' (Fisheries Round Table) आयोजित कर रहा है।

यह कार्यक्रम 21 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा और इसकी अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य टिकाऊ, ट्रेस करने योग्य (traceable) और मूल्य-वर्धित समुद्री खाद्य व्यापार पर ध्यान केंद्रित करना और निवेश के अवसरों की पहचान करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यलगभग 80 देशों के एंबेसडर्स (Ambassadors) और हाई कमिश्नर्स (High Commissioners) को फिशरीज राउंड टेबल (Fisheries Round Table) के लिए आमंत्रित किया जाता है।
  • पदराजीव रंजन सिंह पशुपालन और मत्स्य पालन के केंद्रीय मंत्री हैं।
  • तथ्ययह मीटिंग तीन मुख्य स्तंभों पर केंद्रित है: सस्टेनेबल (sustainable), ट्रेसेबल (traceable) और वैल्यू-ऐडेड (value-added) सीफूड ट्रेड।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक समुद्री व्यापार बाजार में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने में टिकाऊ और सुनिचत (traceable) समुद्री खाद्य मानकों को बढ़ावा देने के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • मार्केट एक्सेस: हाई-वैल्यू मार्केट्स में नॉन-टैरिफ बैरियर्स को दूर करने के लिए इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन स्टैंडर्ड्स को पूरा करना
  • वैल्यू-चेन इंटीग्रेशन: ट्रेड बैलेंस सुधारने के लिए कच्चे निर्यात से वैल्यू-ऐडेड सीफूड प्रोडक्ट्स की ओर बदलाव
  • सस्टेनेबिलिटी अलाइनमेंट: घरेलू मछली पकड़ने के तरीकों को ग्लोबल ESG और ट्रेसेबिलिटी आवश्यकताओं के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · वैल्यू एडिशन · ट्रेसिबिलिटी · सतत विकास · मार्केट डाइवर्सिफिकेशन

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

केंद्र सरकार द्वारा वाहन फिटनेस टेस्ट की फीस में अत्यधिक वृद्धि किए जाने पर मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की आलोचना के बाद

चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार द्वारा वाहन फिटनेस टेस्ट की फीस में अत्यधिक वृद्धि किए जाने पर मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की आलोचना के बाद, केरल सरकार ने वाहन फिटनेस टेस्ट फीस में 50% तक की कटौती करने के लिए एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया है।

केरल मोटर वाहन विभाग (MVD) ने 17 नवंबर, 2025 से कम शुल्क लागू कर दिया है। यह निर्णय केंद्र सरकार द्वारा 'सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1989' के नियम 81 में किए गए संशोधन के कारण लिया गया, जिसके तहत फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए तीन-स्तरीय वर्गीकरण प्रणाली (three-tier classification system) शुरू की गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • अधिनियम / विधेयकसेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स (Central Motor Vehicles Rules), 1989: फिटनेस टेस्ट फीस बढ़ाने के लिए फिफ्थ अमेंडमेंट (Fifth Amendment) के जरिए संशोधित।
  • तथ्य20 साल से पुराने वाहनों के लिए संशोधित फीस: मोटरसाइकिलों के लिए ₹500, थ्री-व्हीलर्स के लिए ₹1,000, लाइट मोटर व्हीकल्स के लिए ₹1,300 और हैवी व्हीकल्स के लिए ₹1,500।
  • तथ्य15-20 साल पुराने वाहनों के लिए संशोधित फीस: मोटरसाइकिलों के लिए ₹500, थ्री-व्हीलर्स के लिए ₹600, लाइट मोटर व्हीकल्स के लिए ₹1,000 और हैवी व्हीकल्स के लिए ₹1,000।
  • संस्थाकेरल मोटर व्हीकल्स डिपार्टमेंट (MVD): वाहन फिटनेस नियमों को लागू करने के लिए जिम्मेदार राज्य निकाय।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में कड़े वाहन उपयुक्तता नियमों के माध्यम से सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की परिचालन व्यवहार्यता बनाए रखने के बीच संतुलन के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • ऑपरेशनल व्यवहार्यता: पुराने पब्लिक ट्रांसपोर्ट बेड़े के लिए हाई कंप्लायंस कॉस्ट से सर्विस की सामर्थ्य प्रभावित हो रही है
  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: केंद्र स्तर पर फीस मानकीकरण और राज्य स्तर पर सामाजिक-आर्थिक पहलुओं के बीच टकराव

मुख्य शब्द: ऑपरेशनल व्यवहार्यता · रेगुलेटरी कंप्लायंस · सार्वजनिक परिवहन · राजकोषीय संघवाद · सड़क सुरक्षा

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स

हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने कल्याणकारी योजनाओं के लिए वित्त जुटाने हेतु पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 'अनाथ और विधवा सेस' (orphan and widow cess) लगाने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने कल्याणकारी योजनाओं के लिए वित्त जुटाने हेतु पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर 'अनाथ और विधवा सेस' (orphan and widow cess) लगाने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दी है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर सेस (Cess) को मंजूरी दी। कैबिनेट ने भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal Energy) पर राष्ट्रीय नीति को भी अपनाया और चार नई न्यूट्रिशनल प्रोफाइलिंग प्रयोगशालाओं को अधिकृत किया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यऑर्फन एंड विडो सेस (Orphan and widow cess): हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल पर एक समर्पित लेवी (levy)।
  • विज्ञान-तकनीकजियोथर्मल एनर्जी (Geothermal energy): हिमाचल प्रदेश ने जियोथर्मल एनर्जी पर राष्ट्रीय नीति को अपनाया है।
  • तथ्यस्वर्ण जयंती ऊर्जा नीति (Swaran Jayanti Energy Policy), 2021: इसमें भू-तापीय ऊर्जा (geothermal energy) के दिशा-निर्देशों को शामिल करने के लिए संशोधन किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सामाजिक कल्याण योजनाओं के वित्तपोषण के लिए आवश्यक वस्तुओं पर विशिष्ट 'उपकर' (cess) लगाने के राजकोषीय निहितार्थों और नैतिक पहलुओं पर चर्चा कीजिए।

  • प्रतिगामी कराधान: कम आय वाले परिवारों पर ईंधन-आधारित सेस का प्रभाव बनाम कल्याणकारी उद्देश्य
  • राजकोषीय विकेंद्रीकरण: सामाजिक न्याय के लिए समर्पित राजस्व स्रोत बनाने में राज्यों की स्वायत्तता

मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · सेस · समाज कल्याण · भूतापीय ऊर्जा · राजस्व सृजन

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

मुख्यमंत्री एन

चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश में औद्योगिक उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ₹50 करोड़ के कॉर्पस फंड (Corpus Fund) की घोषणा की है।

आंध्र प्रदेश सरकार औद्योगिक उद्यमिता को समर्थन देने के लिए ₹50 करोड़ का एक फंड स्थापित कर रही है। राज्य सरकार AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, ड्रोन, स्वास्थ्य सेवा और कृषि पर ध्यान केंद्रित करते हुए Google और ArcelorMittal जैसी वैश्विक कंपनियों से निवेश को सक्रिय रूप से आकर्षित कर रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यआंध्र प्रदेश सरकार ने औद्योगिक उद्यमिता (Industrial Entrepreneurship) के लिए ₹50 करोड़ का कॉर्पस फंड (Corpus Fund) घोषित किया है।
  • स्थानरतन टाटा इनोवेशन हब (Ratan Tata Innovation Hub) आंध्र प्रदेश में एक पहल है।
  • तथ्यगूगल (Google) और आर्सेलोरमिटाल (ArcelorMittal) को राज्य में निवेश आकर्षित करने वाले वैश्विक दिग्गजों के रूप में पहचाना गया है।
  • तथ्यउत्पादकता बढ़ाने के लिए फोकस सेक्टर में AI, क्वांटम कंप्यूटिंग (quantum computing), ड्रोन (drones), हेल्थकेयर (healthcare) और एग्रीकल्चर (agriculture) शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य-संचालित औद्योगिक कोष और बुनियादी ढांचा किस प्रकार भारत में उद्यमिता को उत्प्रेरित कर सकते हैं और तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दे सकते हैं, चर्चा कीजिए।

  • इन्वेस्टमेंट सिनर्जी: घरेलू हाई-टेक इकोसिस्टम बनाने के लिए ग्लोबल कॉर्पोरेट कैपिटल का इस्तेमाल
  • सेक्टोरल फोकस: पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग से AI और क्वांटम कंप्यूटिंग हब्स की ओर बदलाव
  • ह्यूमन कैपिटल: डायस्पोरा जुड़ाव को राज्य के नेतृत्व वाले औद्योगिक और सांस्कृतिक संरक्षण लक्ष्यों के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: औद्योगिक उद्यमिता · कॉर्पस फंड · तकनीकी प्रगति · निवेश प्रोत्साहन · राज्य-नेतृत्व वाला विकास

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 23 जनवरी को केरल में तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों और एक MEMU पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए 23 जनवरी को केरल में तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों और एक MEMU पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

रेलवे मंत्रालय ने केरल के लिए चार नई ट्रेनें आवंटित की हैं। इनमें तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें (नगरकोइल-मंगलुरु, तिरुवनंतपुरम-तांबाराम और तिरुवनंतपुरम-हैदराबाद) और एक गुरुवायुर-त्रिसुर MEMU पैसेंजर ट्रेन शामिल है। अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें साप्ताहिक रूप से चलेंगी, जबकि MEMU सेवा दैनिक रूप से संचालित होगी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यअमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें साप्ताहिक आधार पर चलेंगी।
  • तथ्यगुरुवायुर-त्रिशूर पैसेंजर ट्रेन एक MEMU (Mainline Electric Multiple Unit) सर्विस है जो रोजाना चलती है।
  • तथ्यAmrit Bharat Express ट्रेनों का डिज़ाइन Vande Bharat ट्रेनों के समान है, लेकिन सुरक्षा नियमों के कारण ये कम गति पर चलती हैं।
  • स्थानट्रेनों को केरल के तिरुवनंतपुरम से फ्लैग ऑफ (flagged off) किया जाएगा।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी एक्सप्रेस ट्रेन नेटवर्क के विस्तार से केरल जैसे राज्यों में क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी (लास्ट-माइल कनेक्टिविटी) को मिलने वाले योगदान पर चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: हाई-स्पीड एस्थेटिक्स और राज्य-विशिष्ट सेफ्टी स्पीड रिस्ट्रिक्शंस के बीच संतुलन
  • रीजनल कनेक्टिविटी: केरल और हैदराबाद और मंगलूरु जैसे प्रमुख हब के बीच मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट लिंक को बेहतर बनाना

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · रेलवे आधुनिकीकरण · लास्ट-माइल कनेक्टिविटी

स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर
GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

कर्नाटक सरकार ने राज्य के टेक इकोसिस्टम (tech ecosystem) को विकेंद्रीकृत करने के उद्देश्य से 'बियॉन्ड बेंगलुरु' (Beyond Bengaluru) मिशन के तहत मंगलूरु स्थित वर्टेक्स मैनेज्ड वर्कस्पेस (Vertex Managed Workspace) को ₹1.93 करोड़ का अनुदान प्रदान किया है

चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने राज्य के टेक इकोसिस्टम (tech ecosystem) को विकेंद्रीकृत करने के उद्देश्य से 'बियॉन्ड बेंगलुरु' (Beyond Bengaluru) मिशन के तहत मंगलूरु स्थित वर्टेक्स मैनेज्ड वर्कस्पेस (Vertex Managed Workspace) को ₹1.93 करोड़ का अनुदान प्रदान किया है।

कर्नाटक सरकार ने मंगलूरु स्थित Vertex Managed Workspace को ₹1.93 करोड़ की ग्रांट (अनुदान) प्रदान की है। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्रीय नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बेंगलुरु के बाहर टेक्नोलॉजी हब स्थापित करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यVertex Managed Workspace को ₹1.93 करोड़ की ग्रांट (Grant) दी गई।
  • स्थानमंगलूरु: कर्नाटक सरकार द्वारा इसे राष्ट्रीय विकास की कहानी में एक रणनीतिक योगदानकर्ता (strategic contributor) के रूप में पहचाना गया है।
  • तथ्यलक्ष्य: टेक्नोलॉजी क्लस्टर्स अगले पांच वर्षों के भीतर कर्नाटक की डिजिटल इकोनॉमी में लगभग 10% का योगदान देंगे।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देनेके लिए प्रौद्योगिकी केंद्रों (टेक्नोलॉजी हब) को महानगरों से हटाकर टियर-2 शहरों में विकेंद्रीकृत करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • क्षेत्रीय असंतुलन: संतुलित शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए बेंगलुरु में हाई-वैल्यू टेक जॉब्स के जमाव को कम करना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: उभरते टेक क्लस्टर्स में भरोसेमंद बिजली, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और कुशल लेबर की ज़रूरत

मुख्य शब्द: विकेंद्रीकरण · डिजिटल इकोनॉमी · क्षेत्रीय इनोवेशन · टेक हब्स · समावेशी विकास

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासमेन्स

तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा देने के लिए गिग वर्कर्स को माइक्रो क्रेडिट (Micro Credit) देने के केंद्र सरकार के विचार का स्वागत किया है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) को बढ़ावा देने के लिए गिग वर्कर्स को माइक्रो क्रेडिट (Micro Credit) देने के केंद्र सरकार के विचार का स्वागत किया है।

तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने गिग वर्कर्स के लिए बिना किसी गारंटी (collateral-free) के सूक्ष्म ऋण (micro credit) की वकालत की है। इस पहल का उद्देश्य उन श्रमिकों के लिए आजीविका सुरक्षा और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है, जो औपचारिक बैंकिंग प्रणालियों से बाहर हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यTGPWU: तेलंगाना गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन।
  • तथ्यमाइक्रो क्रेडिट (Micro credit): गिग वर्कर्स (gig workers) के लिए बिना किसी कोलैटरल (collateral) के क्रेडिट मैकेनिज्म के रूप में प्रस्तावित।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में अनौपचारिक कार्यबल के लिए वित्तीय समावेशन और आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने में गिग श्रमिकों (gig workers) को सूक्ष्म ऋण (micro-credit) प्रदान करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • संस्थागत बाधा: पारंपरिक कोलैटरल की कमी के कारण गिग वर्कर्स की क्रेडिटवर्थिनेस का आकलन करना मुश्किल
  • पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: माइक्रो-क्रेडिट में डिफॉल्ट के जोखिम और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए फाइनेंशियल इंक्लूजन की ज़रूरत के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: वित्तीय समावेशन · गिग इकोनॉमी · माइक्रो-क्रेडिट · आजीविका सुरक्षा · अनौपचारिक कार्यबल

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नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) 22 जनवरी, 2026 को गुवाहाटी और हावड़ा के बीच भारत की पहली कमर्शियल वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस शुरू करने वाला है

चर्चा में क्यों: नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) 22 जनवरी, 2026 को गुवाहाटी और हावड़ा के बीच भारत की पहली कमर्शियल वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस शुरू करने वाला है।

यह ट्रेन 13 निर्धारित स्टेशनों पर रुकते हुए 14 घंटों में 972 किलोमीटर की दूरी तय करती है। इसका टिकट किराया ₹2,435 (टियर 3-AC) से ₹3,855 (टियर 1-AC) के बीच निर्धारित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यवंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस गुवाहाटी और हावड़ा के बीच 972 किमी की दूरी तय करती है।
  • तथ्यइस ट्रेन से यात्रा का समय साराघाट एक्सप्रेस की तुलना में तीन घंटे कम होने की उम्मीद है।
  • तथ्यटिकट के किराए Tier 3-AC के लिए ₹2,435 से लेकर Tier 1-AC के लिए ₹3,855 तक हैं।
  • संस्थाNortheast Frontier Railway (NFR) वह ज़ोन है जो पहले कमर्शियल रन को संचालित करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस जैसी उच्च गति वाली रेल बुनियादी संरचना का विस्तार पूर्वोत्तर भारत में क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक एकीकरण में किस प्रकार योगदान देता है, चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: मौजूदा सिराजघाट एक्सप्रेस के मुकाबले ट्रांजिट टाइम में 3 घंटे की कमी
  • क्षेत्रीय एकीकरण: नॉर्थईस्ट इकोनॉमिक कॉरिडोर को बढ़ावा देने के लिए गुवाहाटी और हावड़ा के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाना

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी · आर्थिक एकीकरण

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केरल मैरीटाइम बोर्ड और एक निजी भागीदार ने PPP मॉडल के तहत पोन्ननी पोर्ट पर एक नए शिपबिल्डिंग यार्ड (जहाज निर्माण यार्ड) के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है

चर्चा में क्यों: केरल मैरीटाइम बोर्ड और एक निजी भागीदार ने PPP मॉडल के तहत पोन्ननी पोर्ट पर एक नए शिपबिल्डिंग यार्ड (जहाज निर्माण यार्ड) के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है।

इस परियोजना के पहले चरण में छोटे जहाजों के निर्माण के लिए ₹200 करोड़ के अनुमानित निवेश की योजना है। इससे लगभग 1,000 लोगों के लिए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है और यह कोच्चि के बाद केरल में दूसरा शिपयार्ड (Shipyard) होगा।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यपॉन्ननी शिपबिल्डिंग यार्ड (Ponnani shipbuilding yard) के लिए पहले चरण का निवेश: ₹200 करोड़।
  • स्थानपॉन्ननी पोर्ट: केरल में नए शिपबिल्डिंग यार्ड (shipbuilding yard) की लोकेशन।
  • संस्थाकेरल मैरीटाइम बोर्ड (Kerala Maritime Board): शिपयार्ड टेंडर प्रक्रिया के लिए जिम्मेदार संस्था।
  • तथ्यरोजगार सृजन: लगभग 1,000 लोगों के लिए नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के तटीय राज्यों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल किस प्रकार समुद्री बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को सुदृढ़ कर सकते हैं, चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स दक्षता: छोटे जहाजों के निर्माण और कार्गो हैंडलिंग के लिए टर्नअराउंड समय में कमी
  • रोज़गार सृजन: केरल के तटीय क्षेत्रों में स्थानीय औद्योगिक नौकरियां पैदा करना
  • पूंजी जुटाना: सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर लागत की भरपाई के लिए प्राइवेट इन्वेस्टमेंट का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · मैरीटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर · ब्लू इकोनॉमी · औद्योगिक विकास · तटीय विकास

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकमेन्स

ऑक्सफैम (Oxfam) ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें बताया गया है कि 2025 में अरबपतियों की संपत्ति 18.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है

चर्चा में क्यों: ऑक्सफैम (Oxfam) ने एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें बताया गया है कि 2025 में अरबपतियों की संपत्ति 18.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। इस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि सरकारें आम नागरिकों के बजाय अमीर लोगों को प्राथमिकता दे रही हैं।

वर्ष 2025 में अरबपतियों की संख्या 3,000 से अधिक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। वर्ष 2020 के बाद से अरबपतियों की कुल संपत्ति में 8.2 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है। ऑक्सफैम (Oxfam) का दावा है कि यह राशि वैश्विक गरीबी को 26 बार खत्म करने के लिए पर्याप्त है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्य2025 में अरबपतियों की कुल संपत्ति $18.3 ट्रिलियन तक पहुंच गई।
  • तथ्य2020 से अब तक अरबपतियों की संपत्ति में $8.2 ट्रिलियन की वृद्धि हुई है।
  • तथ्य2025 में अरबपतियों (billionaires) की संख्या 3,000 से अधिक हो गई।
  • संस्थाऑक्सफैम (Oxfam): अंतरराष्ट्रीय संगठन जिसने वेल्थ डिस्पैरिटी रिपोर्ट (wealth disparity report) प्रकाशित की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बढ़ती हुई धन की असमानता और वैश्विक सामाजिक-आर्थिक स्थिरता एवं लोकतांत्रिक शासन पर इसके प्रभाव का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • लोकतांत्रिक क्षरण: सार्वजनिक नीति और विधायी प्राथमिकताओं पर केंद्रित निजी संपत्ति का प्रभाव
  • सामाजिक अशांति: असमानता के विरोध में अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका में युवाओं के नेतृत्व में विद्रोह
  • संसाधनों का गलत आवंटन: अत्यधिक धन संचय और साफ पानी जैसे बुनियादी ढांचे की कमी के बीच का अंतर

मुख्य शब्द: धन की असमानता · आर्थिक असमानता · लोकतांत्रिक शासन · सामाजिक-आर्थिक स्थिरता · नीतिगत प्रभाव

भारतीय IT उद्योग अब केवल बैक-ऑफिस सपोर्ट प्रदान करने से आगे बढ़कर Target और Rakuten जैसी कंपनियों के लिए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (Global Capability Centres

चर्चा में क्यों: भारतीय IT उद्योग अब केवल बैक-ऑफिस सपोर्ट प्रदान करने से आगे बढ़कर Target और Rakuten जैसी कंपनियों के लिए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (Global Capability Centres - GCCs) के केंद्र के रूप में उभर रहा है।

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) वैश्विक कंपनियों द्वारा अपनी मूल संस्थाओं (parent organizations) के लिए विशेष सेवाएँ और सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किए जाते हैं। यह मॉडल अब केवल 'कैप्टिव' इकाइयों से बदलकर नवाचार और तकनीक विकास के केंद्रों में परिवर्तित हो रहा है, जो लागत-प्रभावशीलता और कुशल प्रतिभा तक पहुँच से प्रेरित हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यभारत में Target और Rakuten जैसी ग्लोबल कंपनियों द्वारा GCCs स्थापित किए जाते हैं।
  • तथ्यGCCs 'कैप्टिव' (captive) यूनिट्स से 'ग्लोबल इनोवेशन हब्स' (global innovation hubs) में बदल रहे हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के विकास ने वैश्विक प्रौद्योगिकी मूल्य श्रृंखला (Global Technology Value Chain) में देश की स्थिति में किस प्रकार योगदान दिया है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • आर्थिक बदलाव: लो-कॉस्ट सर्विस आउटसोर्सिंग से हाई-वैल्यू R&D और इनोवेशन हब्स की ओर बदलाव
  • लेबर डायनेमिक्स: ग्लोबल पैरेंट ऑर्गेनाइजेशंस को सपोर्ट के लिए भारत के कुशल टैलेंट पूल का इस्तेमाल
  • सस्टेनेबिलिटी रिस्क: मुख्य तकनीकी फ्रेमवर्क्स के लिए विदेशी फर्म्स पर संभावित लंबी अवधि की निर्भरता

मुख्य शब्द: ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स · इनोवेशन हब · वैल्यू चेन · कुशल टैलेंट · आर्थिक विकास

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कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्त संघ की एक इकाई के श्रमिकों ने 'फ्लैग कोड ऑफ इंडिया' (Flag Code of India) में संशोधन के बाद वित्तीय कठिनाई और नौकरी की असुरक्षा की रिपोर्ट दी है

चर्चा में क्यों: कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्त संघ की एक इकाई के श्रमिकों ने 'फ्लैग कोड ऑफ इंडिया' (Flag Code of India) में संशोधन के बाद वित्तीय कठिनाई और नौकरी की असुरक्षा की रिपोर्ट दी है। इस संशोधन के तहत अब पॉलिएस्टर और मशीन से बने झंडों के उपयोग की अनुमति दी गई है।

हुब्बल्ली स्थित बेंगेरी यूनिट की बिक्री 2022-23 में ₹3.94 करोड़ से घटकर 2024-25 में ₹1.21 करोड़ रह गई। यह यूनिट कर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्त संघ (KKGSS) द्वारा संचालित एक पूर्णतः महिला इकाई है, जो BIS दिशानिर्देशों का पालन करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यबेंगेरी यूनिट की बिक्री ₹3.94 करोड़ (2022-23) से घटकर ₹1.21 करोड़ (2024-25) रह गई।
  • संस्थाकर्नाटक खादी ग्रामोद्योग संयुक्त संघ (KKGSS) झंडा निर्माण इकाई (flag manufacturing unit) का प्रबंधन करता है।
  • स्थानबेंगेरी, हुब्बल्ली, कर्नाटक।
  • तथ्ययूनिट ने दिसंबर तक ₹65.51 लाख मूल्य के झंडे बेचे।
मेन्स के लिए

प्रश्न: औद्योगिक उदारीकरण और सामग्री प्रतिस्थापन (material substitution) का पारंपरिक शिल्पकार आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव और खादी-आधारित ग्रामीण रोजगार मॉडलों की व्यवहार्यता का विश्लेषण कीजिए।

  • बाज़ार में गड़बड़ी: कम लागत वाले पॉलिएस्टर और मशीन से बने विकल्पों से हाथ से बुनी खादी उत्पादों को नुकसान
  • आजीविका पर संकट: राजस्व में भारी गिरावट के कारण सभी-महिला को-ऑपरेटिव्स में वर्कफोर्स कम होने का जोखिम
  • रेगुलेटरी ट्रेड-ऑफ: झंडा उत्पादन की सुगमता और पारंपरिक शिल्प विरासत के संरक्षण के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: कारीगरों की आजीविका · बाज़ार में गड़बड़ी · ग्रामीण रोज़गार · आजीविका की अनिश्चितता · पारंपरिक शिल्प

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केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हैदराबाद में 'विंग्स इंडिया 2026' (Wings India 2026) का उद्घाटन करेंगे

चर्चा में क्यों: केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हैदराबाद में 'विंग्स इंडिया 2026' (Wings India 2026) का उद्घाटन करेंगे, जिसका उद्देश्य भारत की विमानन क्षेत्र में हो रही प्रगति को प्रदर्शित करना और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को आकर्षित करना है।

Wings India 2026 एशिया का सबसे बड़ा नागरिक उड्डयन (Civil Aviation) कार्यक्रम है। इसका आयोजन 28-31 जनवरी तक हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर किया जाएगा। इस कार्यक्रम में एक अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी, स्थिर विमान प्रदर्शन (Static Aircraft Displays) और एक नागरिक उड्डयन नवाचार चुनौती (Civil Aviation Innovation Challenge) शामिल होगी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानबेगमपेट एयरपोर्ट हैदराबाद में स्थित है।
  • तथ्यWings India 2026 में 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे।
  • पदराममोहन नायडू केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हैं।
  • तथ्यइस इवेंट की थीम 'Indian Aviation: Paving the Future' है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की वैश्विक कनेक्टिविटी को बढ़ाने और क्षेत्र में आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देने में नागरिक उड्डयन बुनियादी ढांचे की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स दक्षता: एविएशन हब्स के जरिए टर्नअराउंड समय कम करना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुधारना
  • ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस: इंटरनेशनल एविएशन एक्सहिबिशन और इनोवेशन चैलेंज के जरिए विदेशी निवेश को आकर्षित करना

मुख्य शब्द: सिविल एविएशन · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · ग्लोबल कनेक्टिविटी · आर्थिक एकीकरण · एविएशन हब

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट (Kaziranga elevated corridor project) के लिए आधारशिला रख रहे हैं

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट (Kaziranga elevated corridor project) के लिए आधारशिला रख रहे हैं, जिसका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और इको-टूरिज्म (ecotourism) को बढ़ावा देना है।

₹6,957 करोड़ की इस परियोजना में एक चार-लेन वाला हाईवे सेक्शन और काजीरंगा नेशनल पार्क में 34.5 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है। इसे सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा लागू किया जा रहा है, जिसे पूरा करने का लक्ष्य 36 महीने निर्धारित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यप्रोजेक्ट की लागत: ₹6,957 करोड़।
  • तथ्यएलिवेटेड कॉरिडोर की लंबाई: लगभग 34.5 किलोमीटर।
  • संस्थाकार्यान्वयन करने वाला मंत्रालय: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (Ministry of Road Transport and Highways)।
  • संस्थापरामर्शदाता निकाय: वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: काजीरंगा जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकास और जैव विविधता संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में वन्यजीव गलियारों (wildlife corridors) के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • इकोलॉजिकल कनेक्टिविटी: नेशनल हाईवे पर हैबिटेट फ्रैगमेंटेशन को कम करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को घटाना
  • रेगुलेटरी कंप्लायंस: इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और इकोलॉजिकल इम्पैक्ट असेसमेंट के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: आवास विखंडन · वन्यजीव कनेक्टिविटी · इकोटूरिज्म · जैव विविधता संरक्षण · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

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कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ELEVATE 2025 के विजेताओं का सम्मान किया

चर्चा में क्यों: कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने ELEVATE 2025 के विजेताओं का सम्मान किया। यह कार्यक्रम उभरते हुए स्टार्टअप्स को सहायता और ग्रांट (Grants) प्रदान करने के लिए बनाया गया है।

ELEVATE 2025 कार्यक्रम के तहत 146 स्टार्टअप्स को मान्यता दी गई, जिनमें से 43% महिलाओं के नेतृत्व वाले थे और 43% बेंगलुरु के बाहर स्थित थे। इस कार्यक्रम के अंतर्गत मेंटरिंग और इनक्यूबेशन सपोर्ट के साथ कुल ₹38.85 करोड़ की ग्रांट (Grant) प्रदान की गई।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यELEVATE 2025 ने कुल 146 स्टार्टअप्स को मान्यता दी।
  • तथ्यमान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में से 43% का नेतृत्व महिलाओं द्वारा किया गया था।
  • तथ्यमान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स का 43% बेंगलुरु के बाहर स्थित थे।
  • तथ्यELEVATE 2025 के तहत कुल ₹38.85 करोड़ के ग्रांट्स (Grants) दिए गए।
  • संस्थाइस प्रोग्राम की देखरेख कर्नाटक के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Information Technology Ministry) द्वारा की जाती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में एक सुदृढ़ स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने और समावेशी उद्यमिता को प्रोत्साहित करने में राज्य-संचालित इनक्यूबेशन और अनुदान योजनाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • भौगोलिक विकेंद्रीकरण: बेंगलुरु जैसे टियर-1 शहरों में स्टार्टअप्स की संख्या कम करना
  • जेंडर पैरिटी: टारगेटेड ग्रांट्स के ज़रिए महिला नेतृत्व वाले एंटरप्रेन्योरशिप की संरचनात्मक बाधाओं को दूर करना
  • इन्क्यूबेशन की बाधाएं: सब्सिडी वाले मेंटरिंग और स्केलेबल प्राइवेट इन्वेस्टमेंट मॉडल के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: स्टार्टअप इकोसिस्टम · समावेशी विकास · इन्क्यूबेशन सपोर्ट · उद्यमिता · राज्य-नेतृत्व वाली पहलें

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NTR जिला कलेक्टर जी

चर्चा में क्यों: NTR जिला कलेक्टर जी. लक्ष्मिषा ने घोषणा की है कि रूरल इनक्यूबेशन, स्किलिंग एंड एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर (RISE) का उद्देश्य आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए 5,000 महिलाओं को उद्यमी (entrepreneurs) के रूप में प्रशिक्षित करना है।

RISE केंद्र को नीति आयोग द्वारा कौशल विकास, मार्केटिंग, फाइनेंस और सोशल मीडिया के उपयोग में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए मंजूरी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 5,000 के लक्ष्य में से 1,000 महिलाओं ने पहले ही उद्यमी (entrepreneur) का दर्जा प्राप्त कर लिया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाRISE: Rural Incubation, Skilling and Entrepreneurship Centre.
  • संस्थानीति आयोग: वह संस्था जिसने RISE सेंटर को मंजूरी दी।
  • तथ्यउद्यमी (entrepreneurs) के रूप में प्रशिक्षित किए जाने वाले महिलाओं का लक्ष्य: 5,000।
  • तथ्यवर्तमान प्रगति: 1,000 महिलाओं ने पहले ही उद्यमी (entrepreneur) का दर्जा हासिल कर लिया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ग्रामीण इनक्यूबेशन केंद्र किस प्रकार उद्यमिता के क्षेत्र में लैंगिक अंतराल को कम कर सकते हैं और भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाले आर्थिक आत्मनिर्भरता के लक्ष्य में योगदान दे सकते हैं, इस पर चर्चा कीजिए।

  • स्किल-मार्केट मिसमैच: पारंपरिक ग्रामीण कौशल और आधुनिक डिजिटल मार्केटिंग की ज़रूरतों के बीच के अंतर को दूर करना
  • संस्थागत समर्थन: स्किल-आधारित ट्रेनिंग से टिकाऊ फाइनेंस और इनक्यूबेशन इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: आर्थिक आत्मनिर्भरता · ग्रामीण इनक्यूबेशन · लैंगिक रूप से समावेशी विकास · कौशल विकास · एंटरप्रेन्योरियल इकोसिस्टम

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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सतत समुद्री प्रथाओं और संसाधनों के उपयोग के माध्यम से इस क्षेत्र को भारत की ब्लू इकोनॉमी (Blue Economy) के केंद्र के रूप में बढ़ावा देने के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का दौरा किया

चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सतत समुद्री प्रथाओं और संसाधनों के उपयोग के माध्यम से इस क्षेत्र को भारत की ब्लू इकोनॉमी (Blue Economy) के केंद्र के रूप में बढ़ावा देने के लिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का दौरा किया।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और जैव प्रौद्योगिकी विभाग बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक के विकल्पों और औषधीय यौगिकों के लिए समुद्री आधारित परियोजनाओं पर सहयोग कर रहे हैं। प्रमुख पहलों में ओपन सी केज कल्चर (Open sea cage culture) प्रदर्शन, समुद्री शैवाल की खेती और कोरल फिश डेवलपमेंट प्रोजेक्ट शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानअंडमान और निकोबार द्वीप समूह: भारत की ब्लू इकोनॉमी (Blue Economy) के लिए एक हब के रूप में लक्षित।
  • तथ्यओपन सी केज कल्चर (Open sea cage culture) और सीवीड कल्टीवेशन (seaweed cultivation): अंडमान क्षेत्र में आजीविका को बढ़ावा देने के लिए पहल।
  • विज्ञान-तकनीकपृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences) और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Biotechnology): समुद्री स्रोतों से प्राप्त बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक और औषधीय यौगिकों (medicinal compounds) पर सहयोग।
  • तथ्यकोरल फिश डेवलपमेंट प्रोजेक्ट: इसका उद्देश्य घरेलू और एक्सपोर्ट मार्केट दोनों को पूरा करना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में 'ब्लू इकोनॉमी' (नीली अर्थव्यवस्था) की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।

  • संसाधन विविधीकरण: एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड ग्रोथ के लिए सीवीड और कोरल फिश का इस्तेमाल
  • पर्यावरण-आर्थिक संतुलन: समुद्री संसाधन निष्कर्षण और टिकाऊ केज कल्चर प्रथाओं के बीच संतुलन
  • बायोटेक इंटीग्रेशन: हाई-वैल्यू बायोडिग्रेडेबल और मेडिसिनल एप्लिकेशंस के लिए मरीन बायोडायवर्सिटी का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: ब्लू इकोनॉमी · सस्टेनेबल मरीन प्रैक्टिसेस · बायोडिग्रेडेबल विकल्प · मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर · संसाधनों का उपयोग

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कर्नाटक के बड़े और मध्यम उद्योगों के मंत्री एम.बी

चर्चा में क्यों: कर्नाटक के बड़े और मध्यम उद्योगों के मंत्री एम.बी. पाटिल ने घोषणा की है कि फरवरी 2025 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट (GIM) के बाद राज्य में ₹1.53 लाख करोड़ से अधिक के नए औद्योगिक प्रस्ताव आए हैं।

निवेश प्रस्तावों में विनिर्माण (Manufacturing), नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy), डेटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) जैसे क्षेत्र शामिल हैं। प्रमुख प्रतिबद्ध निवेशकों में टोयोटा इंडस्ट्रीज इंजन (Toyota Industries Engine), QAI इंडिया, AT&S और विप्रो हाइड्रोलिक्स (Wipro Hydraulics) शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यफरवरी 2025 में GIM के बाद कर्नाटक ने ₹1.53 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव (investment proposals) आकर्षित किए।
  • स्थानGlobal Investors’ Meet (GIM) फरवरी 2025 में कर्नाटक में आयोजित किया गया था।
  • तथ्यनिवेश के प्रमुख क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, डेटा सेंटर्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (Global Capability Centres - GCCs) शामिल हैं।
  • तथ्यटोयोटा इंडस्ट्रीज इंजन (Toyota Industries Engine), QAI इंडिया, AT&S और विप्रो हाइड्रोलिक्स (Wipro Hydraulics) जैसी कंपनियों ने निवेश की प्रतिबद्धता जताई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के विनिर्माण और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों को सुदृढ़ करने में राज्य-नेतृत्व वाली निवेश प्रोत्साहन पहलों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: डिजिटल इकोनॉमी को मज़बूत करने के लिए डेटा सेंटर्स और GCCs का एकीकरण
  • सेक्टोरल डाइवर्सिफिकेशन: टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिए औद्योगिक मैन्युफैक्चरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: पूंजी निर्माण · औद्योगिक नीति · निवेश का माहौल · ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स · नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

भारत के वित्तीय बुनियादी ढांचे (Financial Infrastructure) को बढ़ावा देने के लिए GIFT City और इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में भाग ले रहे हैं

चर्चा में क्यों: भारत के वित्तीय बुनियादी ढांचे (Financial Infrastructure) को बढ़ावा देने के लिए GIFT City और इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक में भाग ले रहे हैं।

प्रतिनिधिमंडल फिनटेक, बैंकिंग और संस्थागत निवेश पर चर्चा करने के लिए वैश्विक व्यापारिक नेताओं और नीति निर्माताओं के साथ संवाद करेगा। इसका प्राथमिक उद्देश्य GIFT City को बहुराष्ट्रीय कंपनियों और भारत में पूंजी प्रवाह के लिए एक प्रवेश द्वार (Gateway) के रूप में स्थापित करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • संस्थाIFSCA: इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (International Financial Services Centres Authority)।
  • तथ्यGIFT City: भारत का पहला चालू इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: गिफ्ट सिटी (GIFT City) जैसे अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों (IFSCs) द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करने और वैश्विक वित्तीय संरचना में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने में उनकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: अंतरराष्ट्रीय वित्तीय मानकों और घरेलू रेगुलेटरी ओवरसाइट के बीच संतुलन
  • कैपिटल मोबिलिटी: मल्टीनेशनल कॉर्पोरेशंस के लिए सीमा पार निवेश प्रवाह को आसान बनाना
  • फिनटेक इंटीग्रेशन: डिजिटल फाइनेंशियल इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए GIFT सिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: पूंजी प्रवाह · वित्तीय इंफ्रास्ट्रक्चर · विदेशी प्रत्यक्ष निवेश · फिनटेक · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIमेन्स

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने व्यापार की लागत को कम करने और विनिर्माण प्रतिस्पर्धा (manufacturing competitiveness) को बढ़ाने के लिए भारत के आयात शुल्क ढांचे और सीमा शुल्क प्रशासन में व्यापक बदलाव की सिफारिश की है

चर्चा में क्यों: ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने व्यापार की लागत को कम करने और विनिर्माण प्रतिस्पर्धा (manufacturing competitiveness) को बढ़ाने के लिए भारत के आयात शुल्क ढांचे और सीमा शुल्क प्रशासन में व्यापक बदलाव की सिफारिश की है।

GTRI ने औद्योगिक कच्चे माल और प्रमुख मध्यवर्ती उत्पादों (intermediates) पर शून्य शुल्क (zero duty) की ओर बढ़ने और तैयार माल (finished goods) पर कम टैरिफ अपनाने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर (inverted duty structures) को समाप्त करने और ड्यूटी ड्रॉबैक सिस्टम को HS कोड के साथ जोड़ने की बात शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यGTRI: भारत में टैरिफ और कस्टम्स सुधारों की सिफारिश करने वाला एक थिंक टैंक (Think Tank)।
  • विज्ञान-तकनीकHS codes: Harmonized System (हार्मोनाइज्ड सिस्टम) कोड्स का उपयोग ड्यूटी ड्रॉबैक सिस्टम को अलाइन करने के लिए किया जाता है।
  • तथ्यइनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर (Inverted duty structure): ऐसी स्थिति जहाँ तैयार माल (finished goods) पर लगने वाला ड्यूटी, कच्चे माल (raw materials) पर लगने वाले ड्यूटी से कम होता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की आयात शुल्क संरचना के युक्तिकरण और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के सुव्यवस्थित करने से वैश्विक बाजार में घरेलू विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता को कैसे बढ़ाया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • कॉस्ट-पुश महंगाई: MSMEs के लिए उत्पादन लागत कम करने हेतु कच्चे माल पर ड्यूटी कम करना
  • ट्रेड फैसिलिटेशन: कस्टम फोकस को ऑडिट और ओरिजिन वेरिफिकेशन की ओर शिफ्ट करके लॉजिस्टिकल बॉटलनैक्स को कम करना
  • निर्यात प्रतिस्पर्धा: सटीक निर्यात प्रोत्साहन सुनिश्चित करने के लिए ड्यूटी ड्रॉबैक सिस्टम को HS कोड के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: व्यापार सुगमता · इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर · मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पिटिटिवनेस · सीमा शुल्क प्रशासन · निर्यात में बढ़ोतरी

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