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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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यह लेख स्वतंत्रता के बाद की स्थिरता से लेकर डिजिटलाइजेशन और ग्रीन ग्रोथ जैसी आधुनिक प्राथमिकताओं तक, भारत के केंद्रीय बजट (Union Budget) के विकास को दर्शाता है

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)· मेन्स·

चर्चा में क्यों

यह लेख स्वतंत्रता के बाद की स्थिरता से लेकर डिजिटलाइजेशन और ग्रीन ग्रोथ जैसी आधुनिक प्राथमिकताओं तक, भारत के केंद्रीय बजट (Union Budget) के विकास को दर्शाता है।

पृष्ठभूमि

केंद्रीय बजट का विकास विभिन्न युगों के माध्यम से हुआ है: आर.के. शनमुखम चेट्टी ने शरणार्थियों के पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित किया; सी.डी. देशमुख ने खाद्य सुरक्षा पर जोर दिया; और 1990 के दशक में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में उदारीकरण (Liberalization) की ओर बदलाव देखा गया। हालिया बजट ग्रीन ग्रोथ (Green Growth), यूथ पावर (Youth Power) और वित्तीय क्षेत्र सहित सात क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हैं।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यसी.डी. देशमुख के बजट ने 'Grow More Food' अभियान पर जोर दिया।
  • तथ्यहालिया यूनियन बजट की प्राथमिकताओं में ग्रीन ग्रोथ (Green Growth), यूथ पावर (Youth Power) और फाइनेंशियल सेक्टर (Financial Sector) शामिल हैं।
  • तथ्य1990 के दशक में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में उदारीकरण (liberalization) और संरचनात्मक सुधारों (structural reforms) की ओर बदलाव आया।

मेन्स के लिए

प्रश्न: स्वतंत्रता के पश्चात से वर्तमान युग तक भारत के केंद्रीय बजट के विकास का विश्लेषण कीजिए कि किस प्रकार यह राष्ट्र की बदलती सामाजिक-आर्थिक प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करता है। चर्चा कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • राजकोषीय फोकस में बदलाव: प्राथमिक उत्पादन और खाद्य सुरक्षा से नॉलेज इकोनॉमी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बदलाव
  • संरचनात्मक परिवर्तन: राज्य-नेतृत्व वाले स्थिरीकरण से बाजार-नेतृत्व वाले उदारीकरण और समावेशी विकास लक्ष्यों तक का विकास
  • आधुनिक राजकोषीय प्राथमिकताएं: मुख्य बजट ढांचे में पर्यावरणीय स्थिरता (ग्रीन ग्रोथ) और मानव पूंजी (यूथ पावर) का एकीकरण

मुख्य शब्द: राजकोषीय विकास · आर्थिक उदारीकरण · संरचनात्मक सुधार · समावेशी विकास · ग्रीन ग्रोथ · नॉलेज इकोनॉमी

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS1 · स्वतंत्रता के बाद का भारत

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।