सेंचुरी रिकॉर्ड में शामिल हुईं 36 नई प्रजातियां, 24 वेस्टर्न घाट्स की खास प्रजातियां मिलीं
चर्चा में क्यों: वन और वन्यजीव विभाग और ट्रावनकोर नेचर हिस्ट्री सोसाइटी (TNHS) ने चिम्मॉनी, पीची-वझानी और चुलन्नूर पीकॉक अभयारण्यों में एक सर्वेक्षण किया।
8 से 11 अक्टूबर तक आयोजित चार दिवसीय सर्वेक्षण में पक्षियों, तितलियों और ओडोनेट्स (Odonates) की 395 प्रजातियों को दर्ज किया गया। टीम ने सर्वेक्षण किए गए अभयारण्यों में बाघ, तेंदुए, एशियाई हाथियों और गौर की पहचान की।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पर्यावरणसर्वेक्षण में पश्चिमी घाट (Western Ghats) की स्थानिक (endemic) 24 प्रजातियों की पहचान की गई।
- तथ्यसर्वेक्षण के दौरान पक्षियों, तितलियों और ओडोनेट्स (Odonates) की कुल 395 प्रजातियों को रिकॉर्ड किया गया।
- स्थानसर्वेक्षण में चिम्मॉनी, पीची-वझानी और चुलन्नूर पीफॉउल सैंक्चुअरी (Chulannur Peafowl sanctuaries) शामिल थे।
- संस्थायह सर्वे फॉरेस्ट एंड वाइल्डलाइफ डिपार्टमेंट और ट्रावनकोर नेचर हिस्ट्री सोसाइटी (Travancore Nature History Society - TNHS) द्वारा एक संयुक्त प्रयास था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में जैव विविधता संरक्षण और पारिस्थितिक निगरानी के संदर्भ में पश्चिमी घाट में स्थानिक प्रजातियों (endemic species) की पहचान के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- डेटा-आधारित संरक्षण: पश्चिमी घाट की स्थानिक प्रजातियों के लिए आवास सुरक्षा को प्राथमिकता देने हेतु प्रजाति रिकॉर्ड का उपयोग
- बायोडायवर्सिटी मॉनिटरिंग: क्षेत्रीय वन्यजीवों के दस्तावेजीकरण में सिविल सोसाइटी और सरकारी सहयोग की भूमिका
मुख्य शब्द: स्थानिकता · जैव विविधता संरक्षण · हैबिटेट मैपिंग · प्रजातियों का दस्तावेजीकरण