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भाग I · स्था. 11.2025 
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सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए ₹7 करोड़ का ग्रांट मिला

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बायोटेक्नोलॉजी में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-private partnerships): GS3 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा नवाचार (healthcare innovation) से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला।

चर्चा में क्यों

राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी (BRIC-RGCB) को MAHA MedTech मिशन से ₹7 करोड़ का अनुदान प्राप्त हुआ है, जिसका उपयोग एक ऑटोमेटेड ब्लड-आधारित सर्वाइकल कैंसर डायग्नोस्टिक डिवाइस (cervical cancer diagnostic device) विकसित करने के लिए किया जाएगा।

पृष्ठभूमि

यह परियोजना अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (ANRF), इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और गेट्स फाउंडेशन द्वारा समर्थित है। इस विकास में BRIC-RGCB, इंडज़िटा बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड (IndZita Biotech Private Limited) और कार्किनोस हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड (Karkinos Healthcare Private Limited - KHPL) के बीच सहयोग शामिल है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यऑटोमेटेड ब्लड-बेस्ड सर्वाइकल कैंसर डायग्नोस्टिक डिवाइस के लिए ₹7 करोड़ की ग्रांट राशि।
  • संस्थाANRF: अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (Anusandhan National Research Foundation)।
  • संस्थाICMR: इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च।
  • संस्थाMAHA MedTech मिशन: ग्रांट के लिए सपोर्टिंग बॉडी।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

ऑटोमेटेड ब्लड-आधारित सर्वाइकल कैंसर डायग्नोस्टिक डिवाइस (automated blood-based cervical cancer diagnostic device) के विकास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. इस प्रोजेक्ट को MAHA MedTech मिशन से ₹7 करोड़ का अनुदान प्राप्त होता है।
  2. इस विकास को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council of Medical Research) द्वारा समर्थन दिया जाता है।
  3. यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से गेट्स फाउंडेशन (Gates Foundation) द्वारा फंड किया जाता है और इसमें सरकार की कोई भागीदारी नहीं है।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 2 और 3
  4. (d)1, 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (b) केवल 1 और 2 — कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है: इस प्रोजेक्ट को ANRF और ICMR द्वारा भी समर्थन प्राप्त है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में गैर-संचारी रोगों के लिए किफायती नैदानिक प्रौद्योगिकियों के विकास को गति देने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी और बहु-संस्थागत वित्तपोषण मॉडल की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • डायग्नोस्टिक एक्सेसिबिलिटी: नॉन-इनवेसिव ब्लड-बेस्ड स्क्रीनिंग के जरिए इनवेसिव प्रोसीजर पर निर्भरता कम करना
  • फंडिंग सिनर्जी: R&D फंडिंग की कमी को दूर करने के लिए मल्टी-एजेंसी सपोर्ट (ANRF, ICMR, गेट्स फाउंडेशन) का लाभ उठाना
  • कमर्शियलाइजेशन पाथवे: लैब इनोवेशन को क्लिनिकल टूल्स में बदलने के लिए प्राइवेट बायोटेक फर्म्स को जोड़ना

मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · डायग्नोस्टिक इनोवेशन · बायोटेक्नोलॉजी · गैर-संचारी रोग · चिकित्सा अनुसंधान

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्ययह भी: GS2 · सरकारी नीतियां एवं योजनाएं

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।