नेपाल में बाढ़ से 1,451 की मौत, NISAR सैटेलाइट ने पहले ही दी थी चेतावनी
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आपदा प्रबंधन के लिए SAR तकनीक और रिमोट सेंसिंग: GS3 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन का एक केस स्टडी।
चर्चा में क्यों
ISRO के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) ने जानकारी दी है कि NASA-ISRO सिंथेटिक अपर्चर रडार (NISAR) सैटेलाइट ने 26 अगस्त को नेपाल के रासुवा में आई अचानक बाढ़ से पहले अस्थिर क्षेत्रों में होने वाली शुरुआती हलचलों का पता लगाया था।
पृष्ठभूमि
NISAR सैटेलाइट NASA और ISRO के बीच $1.3 बिलियन का एक संयुक्त प्रोजेक्ट है, जिसे 30 जुलाई, 2025 को लॉन्च किया गया था। NRSC के अध्ययन में 20 जून से 19 अगस्त, 2026 के बीच अस्थिर क्षेत्रों की पहचान की गई थी, जो उस बाढ़ से पहले का समय था जिसमें 1,451 लोगों की मौत हुई और 5,745 लोग लापता हो गए।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- विज्ञान-तकनीकNISAR: NASA-ISRO द्वारा लॉन्च किया गया एक संयुक्त सैटेलाइट, जिसे 30 जुलाई, 2025 को लॉन्च किया गया।
- तथ्यNISAR सैटेलाइट की लागत: $1.3 बिलियन।
- संस्थाNRSC: ISRO के अंतर्गत नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (National Remote Sensing Centre)।
- स्थानरासुवा: नेपाल में फ्लैश फ्लड (flash flood) का स्थान।
प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न
NISAR सैटेलाइट डेटा का उपयोग करके अस्थिर क्षेत्रों (unstable zones) पर अध्ययन किस ISRO संगठन द्वारा किया गया?
- (a)स्पेस एप्लिकेशंस सेंटर
- (b)नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर
- (c)विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर
- (d)भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
उत्तर देखें
उत्तर: (b) नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर — नोट में उल्लेख है कि ISRO के तहत नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) ने इन निष्कर्षों का खुलासा किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिमालयी क्षेत्र में भूगर्भीय खतरों के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) तकनीक में होने वाली प्रगति किस प्रकार उन्नत बना सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- डेटा-टू-एक्शन गैप: सैटेलाइट मॉनिटरिंग एजेंसियों और स्थानीय डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटीज के बीच रियल-टाइम कम्युनिकेशन प्रोटोकॉल की कमी
- भूगर्भीय जटिलता: ऊंचे इलाकों में सामान्य भूकंपीय गतिविधि और आने वाले फ्लैश फ्लड के संकेतों के बीच अंतर करना मुश्किल
मुख्य शब्द: सिंथेटिक अपर्चर रडार · अर्ली वार्निंग सिस्टम · रिमोट सेंसिंग · आपदा न्यूनीकरण · जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।