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भाग I · स्था. 11.2025 
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केरल में 5,000 करोड़ के एसेट्स को लिक्विडेट करेगा KSEB

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राज्य बिजली नियामक निकाय और सार्वजनिक उपयोगिताओं की राजकोषीय स्थिरता (Fiscal Sustainability): एक GS3 अर्थव्यवस्था केस स्टडी।

चर्चा में क्यों

केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (KSERC) ने 1 अप्रैल, 2027 से KSEB की ₹5,000 करोड़ की संपत्तियों (assets) को चुकाने के लिए एक नया रेगुलेटरी एसेट सरचार्ज (regulatory asset surcharge) पेश किया है।

पृष्ठभूमि

केरल राज्य बिजली नियामक आयोग (Kerala State Electricity Regulatory Commission) ने 17 अक्टूबर, 2026 को नए फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट सरचार्ज (Fuel and Power Purchase Cost Adjustment Surcharge - FPPAS) को लागू करने के लिए नियम प्रकाशित किए। इस सरचार्ज का उद्देश्य चार साल की अवधि में केरल राज्य बिजली बोर्ड (KSEB) की ₹5,000 करोड़ की संपत्तियों को लिक्विडेट (liquidate) करना है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यरेगुलेटरी एसेट सरचार्ज (Regulatory Asset Surcharge) का उद्देश्य चार वर्षों में ₹5,000 करोड़ की एसेट्स (assets) को लिक्विडेट (liquidate) करना है।
  • अधिनियम / विधेयकFPPAS: नया सरचार्ज Electricity (Amendment) Rules, 2022 के अनुपालन के लिए बनाया गया है।
  • तथ्यनए बिजली सरचार्ज (electricity surcharges) 1 अप्रैल, 2027 से लागू होने वाले हैं।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (KSEB) की एसेट लिक्विडेशन (asset liquidation) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. नए Fuel and Power Purchase Cost Adjustment Surcharge (FPPAS) का उद्देश्य ₹5,000 करोड़ की एसेट्स (assets) को लिक्विडेट (liquidate) करना है।
  2. रेगुलेटरी एसेट सरचार्ज (Regulatory Asset Surcharge) 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाला है।
  3. FPPAS को Electricity (Amendment) Rules, 2022 के अनुरूप बनाया गया है।
  1. (a)केवल 1
  2. (b)केवल 1 और 2
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (c) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: सरचार्ज (Surcharge) 1 अप्रैल, 2027 से लागू होने वाला है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: उपभोक्ताओं के लिए सस्ती बिजली सुनिश्चित करते हुए राज्य के स्वामित्व वाले बिजली उपयोगिताओं की राजकोषीय स्थिरता सुनिश्चित करने में राज्य विद्युत नियामक आयोगों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • राजकोषीय स्थिरता: पुरानी संपत्तियों के निपटान और रिटेल बिजली टैरिफ को किफायती बनाए रखने की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: मनमाने टैरिफ हाइक को रोकने के लिए फ्यूल और पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट की गणना में पारदर्शिता सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: रेगुलेटरी कमीशन · राजकोषीय स्थिरता · इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग · सार्वजनिक उपयोगिता · टैरिफ रेगुलेशन

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · वैधानिक, नियामक एवं अर्ध-न्यायिक संस्थाएं

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।