GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 17
चर्चा में क्यों: अमेरिका ने ईरान के सैन्य और परमाणु स्थलों पर लगातार आठवीं रात को हमले किए, जिससे 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष में और अधिक तीव्रता आई है।
जॉर्डन में अमेरिकी नागरिकों की मृत्यु के प्रत्युत्तर में, अमेरिका ने ईरान के सैन्य और परमाणु बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए। इसके जवाब में, ईरान ने ड्रोन के माध्यम से कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जबकि बहरीन ने ईरानी हवाई हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्य28 फरवरी से संघर्ष में महत्वपूर्ण रूप से वृद्धि हुई।
- स्थानकुवैत: ईरानी ड्रोन्स द्वारा लक्षित अमेरिकी सैन्य ठिकानों का स्थल।
- स्थानबहरीन: वह देश जिसने ईरान के हवाई हमलों को रोका।
- तथ्यबढ़ते संघर्ष में कम से कम 50 ईरानियों के मारे जाने की सूचना मिली है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: 18 जुलाई, 2026 को जॉर्डन में अमेरिकी कर्मियों की हत्या के पश्चात अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न कर दिया है।
18 जुलाई, 2026 को जॉर्डन में दो अमेरिकी सैन्य कर्मी मारे गए। ईरान का दावा है कि अमेरिकी हमलों के परिणामस्वरूप कम से कम 50 व्यक्तियों की मृत्यु हुई और 500 से अधिक लोग घायल हुए। यह संघर्ष हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरानी नियंत्रण को शिथिल करने के अमेरिकी प्रयासों से संबंधित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
- तथ्यईरान का दावा है कि जुलाई 2026 तक अमेरिकी हमलों के परिणामस्वरूप 50 मौतें और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
- तथ्यसंबंधित पक्षों के बीच 17 जून, 2026 को स्थिति बिगड़ने से पूर्व MoU हस्ताक्षरित किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव के भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
GS2शासन › विधेयक, अधिनियम एवं अध्यादेशप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार राष्ट्रीय गान 'वन्दे मातरम्' का अपमान करने को अपराध की श्रेणी में लानेके लिए 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पेश कर रही है।
यह विधेयक 'राष्ट्रीय गौरव के अपमान निवारण अधिनियम, 1971' में संशोधन का प्रस्ताव करता है। इसका उद्देश्य 'वन्दे मातरम्' को वही कानूनी संरक्षण प्रदान करना है जो वर्तमान में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय ध्वज को प्राप्त है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकराष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971: राष्ट्रीय प्रतीकों को कानूनी संरक्षण प्रदान करता है।
- तथ्यवन्दे मातरम्: इसे 1950 में भारत के राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया।
- पदअमित शाह: भारत के वर्तमान केंद्रीय गृह मंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राष्ट्रीय प्रतीकों के संरक्षण और अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के बीच संवैधानिक संतुलन का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत ने परमाणु ईंधन स्रोतों में विविधता लाने और वर्ष 2047 तक अपने 100 GWe परमाणु ऊर्जा लक्ष्य को प्राप्त करने के उद्देश्य से ऑस्ट्रेलिया के साथ एक दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति समझौता किया है।
भारत के घरेलू यूरेनियम भंडार वर्तमान में इसकी परमाणु ऊर्जा आवश्यकताओं का केवल 28% पूरा करते हैं। यह समझौता भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2014 के नागरिक परमाणु सहयोग समझौते पर आधारित है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यभारत का लक्ष्य 2047 तक 100 GWe परमाणु ऊर्जा क्षमता प्राप्त करना है।
- तथ्यवर्तमान में घरेलू यूरेनियम भंडार भारत की परमाणु ऊर्जा आवश्यकताओं का केवल 28% पूरा करते हैं।
- संस्था2014 का सिविल न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट (Civil Nuclear Cooperation Agreement) भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच परमाणु व्यापार के ढांचे को नियंत्रित करता है।
- स्थानभारत के प्रमुख यूरेनियम आपूर्तिकर्ताओ में Australia, Canada, Kazakhstan, Russia और Uzbekistan शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के 2047 के ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के साथ बढ़ते परमाणु सहयोग के रणनीतिक और ऊर्जा सुरक्षा निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने व्यापार और तकनीकी सहयोग को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से जुलाई 2026 में मोल्दोवा, उत्तर मैसेडोनिया और रोमानिया की एक ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पर गईं।
राष्ट्रपति मुर्मू की यह यात्रा किसी भी भारतीय राष्ट्रपति द्वारा मोल्दोवा की पहली आधिकारिक यात्रा है। इस दौरे के अंतर्गत मोल्दोवा (20 जुलाई, 2026), उत्तर मैसेडोनिया (21-22 जुलाई, 2026) और रोमानिया (23-25 जुलाई, 2026) में राष्ट्राध्यक्षों के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें एवं व्यापार मंचों (बिजनेस फोरम) का आयोजन सम्मिलित है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु: भारत की वर्तमान राष्ट्रपति।
- स्थानमोल्दोवा: पूर्वी यूरोप में स्थित एक भू-आबद्ध (landlocked) देश।
- स्थानउत्तर मैसेडोनिया: बाल्कन प्रायद्वीप में स्थित एक भू-आबद्ध (landlocked) देश।
- तथ्यकिसी भारतीय राष्ट्रपति द्वारा मोल्दोवा की पहली यात्रा जुलाई 2026 में हुई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूर्वी यूरोप में भारत के बढ़ते कूटनीतिक पदचिह्नों के 'लुक ईस्ट' और 'एक्ट ईस्ट' नीतियों के संदर्भ में महत्व की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर, US सेंट्रल कमांड ने ईरान की क्षमताओं को 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़' में कम करने और जॉर्डन में IRGC के हमले का प्रतिशोध लेने के उद्देश्य से ईरान पर हवाई हमले किए।
वायुसेना के इन हमलों का आदेश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ET समय के अनुसार शाम 6 बजे दिया गया था। यह सैन्य अभियान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को लक्षित करते हुए संचालित किया गया, जो जॉर्डन में हुए उस हमले के प्रत्युत्तर में किया गया जिसमें दो अमेरिकी सेवा सदस्यों की मृत्यु हो गई थी। इस संघर्ष में अब तक हुई अमेरिकी सैन्य मृत्यु संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाUS Central Command (CENTCOM): अमेरिकी सशस्त्र बलों का एक एकीकृत लड़ाकू कमान (unified combatant command) जो मध्य पूर्व के लिए उत्तरदायी है।
- स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
- तथ्यIRGC: Islamic Revolutionary Guard Corps, ईरानी सशस्त्र बलों की एक विशिष्ट शाखा है।
- तथ्यजॉर्डन घटना के बाद ईरान संघर्ष में अमेरिकी सैन्य मृत्यु संख्या बढ़कर 16 सेवा सदस्यों तक पहुंच गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते सैन्य तनाव के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 19 जुलाई, 2026 को एक समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक के प्रारूप को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य व्यक्तिगत कानूनों का मानकीकरण करना है, जबकि अनुसूचित जनजातियों को इससे छूट दी गई है।
इस विधेयक का प्रारूप सेवानिवृत्त उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई के नेतृत्व वाली एक समिति द्वारा तैयार किया गया था। यह विवाह पंजीकरण को अनिवार्य बनाता है, बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाता है, और लिव-इन संबंधों के लिए शपथ-पत्र की आवश्यकता निर्धारित करता है, जिसमें विशेष रूप से अनुसूचित जनजातियों और संविधान के भाग XXI के अंतर्गत संरक्षित समुदायों को बाहर रखा गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संविधानभारतीय संविधान का भाग XXI अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन का प्रावधान करता है।
- अधिनियम / विधेयकमध्य प्रदेश UCC मसौदा विधेयक विवाह पंजीकरण को अनिवार्य बनाता है और बहुविवाह को प्रतिबंधित करता है।
- तथ्यइस विधेयक को 19 जुलाई, 2026 को मध्य प्रदेश कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अनुसूचित जनजातियों को छूट प्रदान करते हुए समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) के कार्यान्वयन से उत्पन्न होने वाली संवैधानिक चुनौतियों और सामाजिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 के उन उम्मीदवारों के विरुद्ध फर्जी या AI द्वारा निर्मित OMR शीट प्रस्तुत करने के विरुद्ध चेतावनी जारी की है, जो स्कोर विसंगतियों को चुनौती देने का प्रयास कर रहे हैं।
NTA ने 16 जुलाई, 2026 को NEET-UG 2026 के परिणाम घोषित किए, जिसमें 11 लाख से अधिक उम्मीदवार सफल हुए। मई 2026 में प्रश्नपत्र लीक होने के पश्चात, परीक्षा को जून 2026 में पुन: आयोजित किया गया और इसे कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) प्रारूप में परिवर्तित कर दिया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाNTA: National Testing Agency एक स्वायत्त निकाय है जो NEET और JEE जैसी प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के संचालन के लिए उत्तरदायी है।
- तथ्यNEET-UG 2026: पुन: आयोजित परीक्षा चक्र में 11 लाख से अधिक उम्मीदवार सफल हुए।
- विज्ञान-तकनीकCBT: सुरक्षा उल्लंघनों के बाद, NTA ने NEET-UG 2026 परीक्षा को Computer-Based Test प्रारूप में परिवर्तित कर दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में उच्च-स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की अखंडता बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों का परीक्षण कीजिए और तकनीकी धोखाधड़ी को कम करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: उच्चतम न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 294 के दायरे को स्पष्ट करते हुए यह निर्णय दिया कि केवल अपशब्दों का प्रयोग, कामुक या भ्रष्ट करने के इरादे के बिना, अश्लीलता की श्रेणी में नहीं आता है।
न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति विपुल एम. पन्चोली की सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने तमिलनाडु में भूमि विवाद से संबंधित एक दोषसिद्धि को रद्द कर दिया। न्यायालय ने यह निर्णय दिया कि धारा 294(b) के अंतर्गत किसी सामग्री को कानूनी रूप से अश्लील वर्गीकृत करने के लिए उसका 'कामुक' या 'भ्रष्ट करने वाला' होना आवश्यक है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- अधिनियम / विधेयकIPC की धारा 294: सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील कृत्यों और गीतों से संबंधित है।
- अधिनियम / विधेयकIPC की धारा 326: महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उसके साथ हमला करने या आपराधिक बल प्रयोग से संबंधित है।
- अधिनियम / विधेयकIPC की धारा 506(ii): यह आपराधिक धमकी के लिए दंड से संबंधित है।
- तथ्ययह मामला अगस्त 2017 में तमिलनाडु में एक भूमि विवाद से उत्पन्न हुआ था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत 'अश्लीलता' की न्यायिक व्याख्या और सार्वजनिक व्यवस्था तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन पर इसके निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: चीन के साथ रक्षा संबंधों को औपचारिक रूप देनेके उद्देश्य से भारत द्वारा 1953 में बीजिंग में अपने पहले सैन्य अटैचेकी नियुक्ति एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
भारत ने 1 अप्रैल, 1950 को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना को मान्यता प्रदान की थी। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के हस्तक्षेप के पश्चात, 24 अगस्त, 1953 को ब्रिगेडियर आर. के. कोचर को बीजिंग में प्रथम भारतीय सैन्य अटैचे के रूप में नियुक्त किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदब्रिगेडियर R K Kochhar: बीजिंग में भारत के पहले सैन्य अटैच (Military Attaché) (1953)।
- तथ्यभारत ने 1 अप्रैल, 1950 को पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना को मान्यता दी।
- स्थानबीजिंग: पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की राजधानी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 1950 के दशक से वर्तमान तक भारत-चीन रक्षा कूटनीति के विकास का विश्लेषण कीजिए, जिसमें प्रारंभिक राजनयिक आशावाद से लेकर समकालीन सीमा प्रबंधन की चुनौतियों तक आए बदलावों को रेखांकित किया गया हो। विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: उच्चतम न्यायालय केंद्र की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के उस निर्णय को चुनौती दी गई है जिसके द्वारा विदेशों में चार भारतीय मिशनों में कांसुलर, पासपोर्ट और वीजा (CPV) सेवाओं की आउटसोर्सिंग हेतु जारी निविदाओं को रद्द कर दिया गया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के अभाव के कारण अबू धाबी, कुवैत, सिंगापुर और कैनबेरा में CPV सेवाओं के लिए जारी निविदाओं को रद्द कर दिया है। सॉलिसिटर जनरल ने तर्क दिया कि इन निविदाओं पर रोक के कारण इन विशिष्ट मिशनों में वीजा और वाणिज्यिक सेवाएँ बाधित हो गई हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाभारत का उच्चतम न्यायालय: भारत की सर्वोच्च न्यायिक संस्था, जो अपीलीय क्षेत्राधिकार का प्रयोग करती है।
- स्थानप्रभावित CPV सेवाएँ: अबू धाबी (UAE), कुवैत, सिंगापुर और कैनबरा (Australia)।
- तथ्यदिल्ली उच्च न्यायालय ने केंद्र को आउटसोर्सिंग के लिए नए Request for Proposal (RFPs) जारी करने का निर्देश दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक सेवाओं के आउटसोर्सिंग में पारदर्शी खरीद प्रक्रियाओं के महत्व और राजनयिक मिशनों में प्रशासनिक दक्षता पर न्यायिक हस्तक्षेप के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत के राजदूत यतिन पटेल ने अफगानिस्तान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इन्वेस्टमेंट (ACCI) के अध्यक्ष से मुलाकात की, जिसमें अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान के पारगमन व्यापार (transit trade) में महत्वपूर्ण गिरावट के बीच द्विपक्षीय व्यापार के विस्तार पर चर्चा की गई।
वर्ष 2025-26 में भारत और अफगानिस्तान के मध्य द्विपक्षीय व्यापार 907.85 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया। अफगानिस्तान के साथ पाकिस्तान का पारगमन व्यापार लगभग 5 बिलियन डॉलर से घटकर 367 मिलियन डॉलर रह गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यभारत-अफगानिस्तान द्विपक्षीय व्यापार की मात्रा: 2025-26 में $907.85 मिलियन।
- तथ्यपाकिस्तान का पारगमन व्यापार (transit trade) में गिरावट: ~$5 बिलियन से घटकर $367 मिलियन।
- संस्थाACCI: Afghanistan Chamber of Commerce and Investment।
- पदयतिन पटेल: अफगानिस्तान में भारतीय राजदूत।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अफगानिस्तान के लिए घटते पारगमन व्यापार मार्गों के भू-राजनीतिक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए और वैकल्पिक व्यापार गलियारे प्रदान करने में भारत की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
चर्चा में क्यों: MoSPI के 'कॉम्प्रेहेंसिव मॉड्यूलर सर्वे ऑन एजुकेशन 2025' ने सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों के बीच वार्षिक घरेलू व्यय में एक महत्वपूर्ण असमानता को रेखांकित किया है।
MoSPI के सर्वेक्षण से यह तथ्य स्पष्ट होता है कि सरकारी विद्यालयों में प्रति छात्र औसत वार्षिक व्यय ₹2,863 है, जबकि गैर-सरकारी विद्यालयों में यह व्यय ₹25,002 है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि शिक्षा पर होने वाला व्यय सामान्य मुद्रास्फीति की दर से अधिक है और यह 15 वर्षों की अवधि में तीन गुना तक बढ़ सकता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यसरकारी स्कूलों में औसत वार्षिक घरेलू व्यय: Rs 2,863।
- तथ्यगैर-सरकारी स्कूलों में औसत वार्षिक घरेलू व्यय: Rs 25,002।
- संस्थाMoSPI: Ministry of Statistics and Programme Implementation (सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय)।
- तथ्यशिक्षा लागत के 15 वर्षों की समयावधि में संभावित रूप से दोगुने या तिगुने होने का अनुमान है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में निजी शिक्षा की बढ़ती लागत किस प्रकार शैक्षिक असमानता को बढ़ाती है और सार्वभौमिक समावेशी शिक्षा की प्राप्ति में बाधा उत्पन्न करती है, इस पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (Department of Homeland Security) ने F-1 वीजा धारकों के लिए 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' (duration of status) को समाप्त करने वाले नियम की घोषणा की है, जिससे लगभग 300,000 भारतीय छात्र प्रभावित होंगे।
यह नियम 'स्थिति की अवधि' (duration of status) जैसी अनिश्चित अवधि के स्थान पर शैक्षणिक कार्यक्रमों के अनुरूप निश्चित-अवधि वाले प्रवेश को प्रतिस्थापित करता है। अब छात्रों को अधिकतम चार वर्ष का प्रारंभिक प्रवेश प्राप्त होगा और उक्त अवधि के पश्चात अमेरिका में बने रहने के लिए उन्हें विस्तार हेतु आवेदन करना अनिवार्य होगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदDepartment of Homeland Security (DHS): आतंकवादी गतिविधियों को रोकने और आप्रवासन (immigration) के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार अमेरिकी संघीय एजेंसी।
- तथ्यनए F-1 वीजा नियम से लगभग 300,000 भारतीय छात्र प्रभावित हैं।
- तथ्यनए नियम के तहत अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए अधिकतम प्रारंभिक प्रवेश अवधि चार वर्ष है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय छात्रों की गतिशीलता पर वीजा नियमों को कड़ा करने के निहितार्थों और इसके परिणामस्वरूप विकासशील देशों के मानव पूंजी विकास पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभ्यास के दौरान मतदाताओं की मनमानी ढंग से सूची से कटौती के विपक्ष के आरोपों का खंडन करने के लिए एक सार्वजनिक संपर्क अभियान शुरू किया।
निर्वाचन आयोग (ECI) की ECINET पहल ने अपने प्रायोगिक चरण के दौरान 101 मिलियन से अधिक पंजीकरण फॉर्मों को संसाधित किया। विशेष गहन संशोधन (SIR) अभ्यास वर्तमान में दस्तावेजीकरण आवश्यकताओं के संबंध में कानूनी चुनौतियों और विपक्षी दलों के विरोध का सामना कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाभारत निर्वाचन आयोग (ECI) एक संवैधानिक निकाय है जिसकी स्थापना अनुच्छेद 324 के तहत की गई है।
- तथ्यECINET के पायलट चरण में 101 मिलियन से अधिक पंजीकरण फॉर्मों को प्रोसेस किया गया।
- संस्थाECI निर्वाचक नामा (electoral rolls) तैयार करने और उनमें संशोधन करने के लिए उत्तरदायी है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निर्वाचन नामा की शुचिता सुनिश्चित करने में निर्वाचन आयोग की भूमिका और मतदाता पंजीकरण प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: क्षेत्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से समुद्री कानून प्रवर्तन सिद्धांतों को समर्थन देने हेतु BIMSTEC सदस्य देशों की नई दिल्ली में बैठक आयोजित की गई।
BIMSTEC (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) के सदस्य नई दिल्ली में एकत्रित हुए। यह समूह वर्ष 2025 में अपनी 30वीं वर्षगांठ के समीप पहुँच रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अंतर्राष्ट्रीय संगठनBIMSTEC: बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड से मिलकर बना एक क्षेत्रीय संगठन।
- स्थाननई दिल्ली: BIMSTEC समुद्री कानून प्रवर्तन बैठक की मेजबान शहर।
- तथ्यBIMSTEC: 1997 में स्थापित, 2025 में अपनी 30वीं वर्षगांठ के निकट।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में बिम्सटेक (BIMSTEC) के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवण्थ रेड्डी ने खाद्य पदार्थों और दवाओं में रासायनिक मिलावट से उत्पन्न होते स्वास्थ्य जोखिमों से निपटनेके लिए 'तेलंगाना फूड एडल्टरेशन एंड ड्रग कंट्रोल एक्ट' (TGFADCA) के प्रारूप तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
प्रस्तावित TGFADCA का उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं का उपयोग करते हुए खाद्य और दवाओं में रसायनों के उपयोग को विनियमित करना है। CURE की सीमाओं के भीतर एक प्रायोगिक प्रवर्तन चरण शुरू किया जाएगा, जिसमें एक टोल-फ्री हेल्पलाइन और एक व्हिसलब्लोअर कार्यक्रम शामिल होगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकTGFADCA: तेलंगाना में खाद्य और औषधि सुरक्षा को विनियमित करने के लिए प्रस्तावित राज्य विधान।
- तथ्यH-FAST: वह पहल जिसके परिणामस्वरूप 185 पंजीकृत मामले दर्ज हुए और 120 टन से अधिक मिलावटी उत्पादों की जब्ती की गई।
- संस्थाCURE: TGFADCA के पायलट प्रवर्तन चरण के लिए निर्धारित विशिष्ट प्रशासनिक सीमाएं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में खाद्य और औषधि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कठोर विधायी ढांचे की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए। सार्वजनिक-निजी भागीदारी और व्हिसलब्लोअर तंत्र प्रवर्तन को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकते हैं? विश्लेषण कीजिए।
GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 16
चर्चा में क्यों: Skyroot Aerospace ने भारत के पहले निजी रूप से निर्मित कक्षीय रॉकेट, Vikram-1 का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है, जो ISRO के तकनीकी सहयोग से एक व्यावसायिक अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र की ओर बढ़ते बदलाव का संकेत देता है।
एक निजी स्टार्टअप, स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) ने विक्रम-1 रॉकेट का प्रक्षेपण किया। अंतरिक्ष अन्वेषण में निजी भागीदारी को सुगम बनानेके उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा इस मिशन को समर्थन प्रदान किया गया। यह भारत की 'स्पेस पॉलिसी 2023' के उद्देश्यों की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकVikram-1: Skyroot Aerospace द्वारा निर्मित भारत का पहला निजी तौर पर निर्मित ऑर्बिटल रॉकेट।
- संस्थाISRO: भारत की प्राथमिक अंतरिक्ष एजेंसी जो निजी अंतरिक्ष संस्थाओं को सहायता प्रदान करती है।
- तथ्ययह प्रक्षेपण भारत में राज्य-नेतृत्व वाले अंतरिक्ष मॉडल से सार्वजनिक-निजी भागीदारी (public-private partnership) मॉडल की ओर संक्रमण को चिह्नित करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्काईरूट एयरोस्पेस जैसे निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप्स का उदय भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को किस प्रकार पूरक बनाता है और वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षेत्र को विनियमित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: RBI ने NPA प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करनेके लिए बैंकों द्वारा पुन: प्राप्त की गई संपत्तियों को मूल उधारकर्ताओं को पुन: बेचने पर रोकलगाते हुए 'तृतीय संशोधन निर्देश, 2026' जारी किए हैं।
RBI के तृतीय संशोधन निर्देश, 2026 के अनुसार, बैंकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे गैर-वित्तीय परिसंपत्तियां (SNFAs) प्राप्त करने से पूर्व ऋणों को गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPAs) के रूप में वर्गीकृत करें। बैंकों के लिए SNFA प्रबंधन हेतु आंतरिक नीतियां बनाना आवश्यक है और उन्हें अपनी बैलेंस शीट में इन परिसंपत्तियों को 'गैर-बैंकिंग परिसंपत्तियों' के रूप में पृथक रूप से सूचीबद्ध करना होगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाRBI: NPA प्रबंधन और SNFA निपटान पर निर्देश जारी करने के लिए जिम्मेदार नियामक निकाय।
- तथ्यSNFAs: चूककर्ता (defaulting borrowers) से बैंकों द्वारा अधिग्रहित गैर-वित्तीय परिसंपत्तियाँ।
- तथ्यतीसरा संशोधन निर्देश, 2026: पुन: प्राप्त (repossessed) संपत्तियों के अधिग्रहण और निपटान को नियंत्रित करने वाला विशिष्ट नियामक ढांचा।
- तथ्यबैलेंस शीट आवश्यकता: SNFAs को कोर बैंकिंग एसेट्स के साथ मिलाने के बजाय 'नॉन-बैंकिंग एसेट्स' के अंतर्गत अलग से सूचीबद्ध किया जाना चाहिए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (NPA) के 'एवरग्रीनिंग' (evergreening) को रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा गैर-वित्तीय परिसंपत्तियों (SNFAs) पर लागू किए गए नियमों के प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल परियोजना के हिस्से के रूप में, NHSRCL ने थानी क्रीक के नीचे भारत की पहली समुद्री रेलवे सुरंग के लिए खुदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
इस परियोजना में 10 किलोमीटर लंबे सुरंग खंड का निर्माण शामिल है, जिसमें से 7 किलोमीटर का हिस्सा ठाणे क्रीक के नीचे से होकर गुजरता है। खुदाई के कार्य हेतु लगभग 3,200 टन वजन वाले 13.6 मीटर व्यास वाले कटरहेड TBM का उपयोग किया जा रहा है, जो Mixshield तकनीक से सुसज्जित है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाNHSRCL: National High Speed Rail Corporation Limited, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए एक special purpose vehicle है।
- विज्ञान-तकनीकMixshield तकनीक: यह एक विशेष TBM तकनीक है जिसका उपयोग मृदु भूमि (soft ground) और जलमग्न स्थितियों में टनल चेहरों (tunnel faces) को स्थिर करने के लिए किया जाता है।
- तथ्यठाणे क्रीक टनल के लिए उपयोग किए जाने वाले TBM का व्यास 13.6 मीटर है और इसका वजन 3,200 टन है।
- स्थानठाणे क्रीक: महाराष्ट्र में स्थित एक ज्वारीय क्रीक, जो वर्तमान में भारत की पहली अंडरसी रेलवे टनल (undersea railway tunnel) का स्थल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में उन्नत टनलिंग प्रौद्योगिकियों और उच्च गति वाली रेल बुनियादी संरचना के एकीकरण से क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और शहरी कनेक्टिविटी को कैसे उत्प्रेरित किया जा सकता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: गुजरात वन विभाग ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और मांसाहारी जीवों के लिए शिकार के आधार को सुदृढ़ करने हेतु सूरत में 50 चित्तीदार हिरणों का स्थानांतरण किया है।
यह स्थानांतरण मई और जून 2026 के मध्य तीन चरणों में संपन्न हुआ। हिरणों को सासन गिर वन्यजीव प्रभाग से सूरत जिले के मांडवी वन क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया। इस परियोजना के अंतर्गत अस्तित्व सुनिश्चित करने हेतु आवास मूल्यांकन और जल बिंदु विकास की प्रक्रिया सम्मिलित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानससान गिर वन्यजीव मंडल: गुजरात में स्थित, एशियाई शेरों के लिए प्रसिद्ध।
- तथ्यSurat के Mandvi Forest Range में 50 spotted deer को translocate किया गया।
- पर्यावरणस्पॉटेड डियर (Axis axis) भारतीय उपमहाद्वीप के मूल निवासी हैं और बड़े मांसाहारी जीवों के लिए प्रमुख शिकार हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रबंधन हेतु एक रणनीति के रूप में वन्यजीवों के स्थानांतरण (translocation) के पारिस्थितिक और सामाजिक-आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) के सचिव ने आयात पर निर्भरता कम करने और गैर-जीवाश्म ईंधन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए राज्यों से विद्युत खाना पकाने (इलेक्ट्रिक कुकिंग) को अपनाने का आग्रह किया है।
भारत ने गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से 297.37 GW की उपलब्धि प्राप्त की है, जो इसके 2030 के लक्ष्य का लगभग 59.5% प्रतिनिधित्व करती है। विद्युत मंत्रालय के अधीन ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) विद्युत गतिशीलता और खाना पकाने के लिए विद्युत ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने का नेतृत्व कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE): भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय।
- तथ्यवर्तमान रिपोर्टिंग अवधि तक भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता: 297.37 GW है।
- संस्थाEESL: Energy Efficiency Services Limited, विद्युत मंत्रालय के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम।
- तथ्यगैर-जीवाश्म ईंधन लक्ष्य की प्रगति: 2030 के लक्ष्य का 59.5% प्राप्त किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति में विद्युतीकरण की भूमिका और पारंपरिक खाना पकाने के तरीकों से विद्युत विकल्पों की ओर संक्रमण में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारतीय रेलवे ने स्पष्ट किया है कि परिचालन सुरक्षा सुनिश्चित करनेके लिए, रखरखाव के दौरान देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को डीजल लोकोमोटिव द्वारा खींचा जाता है।
हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा में जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर के मार्ग पर संचालित होती है। इसका शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था और इसने 19 जुलाई, 2026 को अपनी वाणिज्यिक सेवा प्रारंभ की। यह ट्रेन 12 ठहरावों के साथ लगभग दो घंटों में अपनी यात्रा पूर्ण करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यहाइड्रोजन ट्रेन मार्ग: हरियाणा में जींद से सोनीपत (89 किमी)।
- तथ्यवाणिज्यिक सेवा का प्रारंभ: 19 जुलाई, 2026।
- विज्ञान-तकनीकहाइड्रोजन ट्रेनें प्रणोदन के लिए बिजली उत्पन्न करने हेतु हाइड्रोजन फ्यूल सेल्स का उपयोग करती हैं, जो डीजल का शून्य-उत्सर्जन विकल्प प्रदान करती हैं।
- संस्थाउत्तरी रेलवे का दिल्ली डिवीजन हाइड्रोजन ट्रेन संचालन का प्रबंधन करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों की प्राप्ति में हाइड्रोजन-आधारित रेल परिवहन की क्षमता का विश्लेषण कीजिए और इसके साथ ही ईंधन बुनियादी ढांचे से जुड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: हार्वर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स ने LHS 1140 b को एक वायुमंडल वाले चट्टानी एक्सोप्लैनेट के रूप में पुष्टि की है जो रहने योग्य क्षेत्र (habitable zone) में स्थित है, जो परग्रही जीवन की खोज में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
LHS 1140 b एक चट्टानी बाह्यग्रह (exoplanet) है जो पृथ्वी से 48 प्रकाश-वर्ष की दूरी पर स्थित है। वर्ष 2024 और 2025 के अवलोकनों में हीलियम रिसाव का पता चला है, जो यह संकेत देता है कि इस ग्रह ने कम से कम 3 बिलियन वर्षों तक अपना वायुमंडल बनाए रखा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकLHS 1140 b: इसके मेजबान तारे के रहने योग्य क्षेत्र (habitable zone) में स्थित एक चट्टानी एक्सोप्लैनेट (exoplanet)।
- विज्ञान-तकनीकवायुमंडलीय प्रतिधारण: LHS 1140 b ने कम से कम 3 बिलियन वर्षों तक अपना वायुमंडल बनाए रखा है।
- विज्ञान-तकनीकHarvard-Smithsonian Center for Astrophysics: वह शोध निकाय जिसने ग्रह की वायुमंडलीय संरचना की पुष्टि की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: LHS 1140 b जैसे रहने योग्य क्षेत्र (habitable-zone) वाले एक्सोप्लैनेट्स की खोज अंतरिक्ष अन्वेषण के प्रक्षेपवक्र और अलौकिक जीवन की खोज को किस प्रकार प्रभावित करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: IIT खड़गपुर के एक अध्ययन से यह तथ्य सामने आया है कि पिछले दो दशकों में जम्मू और कश्मीर के उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों के तापमान में 1°सी. की वृद्धि हुई है, जो ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और जल संकट के बढ़ते जोखिम को रेखांकित करता है।
शोधकर्ताओं ने जम्मू और कश्मीर में 'ऊंचाई-निर्भर तापन' (Elevation-Dependent Warming) की पहचानकरने के लिए 44 वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। अध्ययन में पाया गया कि रात्रि के न्यूनतम तापमान में वृद्धि, दिन के अधिकतम तापमान की तुलना में अधिक तीव्र रही। इसके विपरीत, सिंचाई और हिम आच्छादन के अभाव के कारण जम्मू के मैदानी क्षेत्रों में मामूली शीतलन दर्ज किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- विज्ञान-तकनीकस्नो-अल्बेडो फीडबैक (Snow-albedo feedback): एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें पिघलती बर्फ गहरे रंग की सतहों को उजागर करती है, जिससे ऊष्मा अवशोषण बढ़ जाता है और पिघलने की गति तेज हो जाती है।
- तथ्यदो दशकों की अवधि में J&K के उच्च-ऊंचाई वाले क्षेत्रों का तापमान लगभग 1°सी. बढ़ गया है।
- स्थानजम्मू और कश्मीर: यह क्षेत्र Elevation-Dependent Warming (EDW) का अनुभव कर रहा है।
- विज्ञान-तकनीकElevation-Dependent Warming (EDW): एक ऐसी घटना जहाँ उच्च अक्षांशों (altitudes) पर निचले क्षेत्रों की तुलना में तीव्र तापन दर (warming rates) अनुभव की जाती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिमालयी क्षेत्र में हिम-अल्बेडो फीडबैक (snow-albedo feedback) तंत्र किस प्रकार उत्तर भारत की जल सुरक्षा और पारिस्थितिक स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा उत्पन्न करता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: IIMs, AI, डेटा साइंस और मैनेजमेंट में विशिष्ट डिग्रियां प्रदान करने हेतु JEE Main/Advanced के अंकों को एकीकृत करते हुए, स्नातक शिक्षा के क्षेत्र में विविधता ला रहे हैं।
IIM मुंबई, बैंगलोर और संबलपुर स्नातक स्तर के प्रवेश के लिए JEE Main के अंकों का उपयोग करते हैं। IIM लखनऊ ने वर्ष 2026 में एक BS कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें छात्रों का प्रवेश JEE Advanced के माध्यम से किया जाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाIIMs: प्रबंधन शिक्षा प्रदान करने के लिए भारत सरकार द्वारा स्थापित स्वायत्त निकाय।
- तथ्यIIM Lucknow BS कार्यक्रम: 2026 से JEE Advanced के माध्यम से प्रवेश आयोजित किया जाएगा।
- तथ्यIIM Mumbai: JEE Main स्कोर के आधार पर Bachelor of Science (BS) प्रदान करता है।
- तथ्यIIM Kozhikode: उच्च JEE स्कोर प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों के लिए विशेष रूप से एप्टीट्यूड टेस्ट (aptitude tests) को माफ करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय उच्च शिक्षा परिदृश्य और कौशल विकास पर प्रमुख प्रबंधन संस्थानों द्वारा स्नातक स्तर की तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: 19 जुलाई, 2026 को जम्मू और कश्मीर में आई आकस्मिक बाढ़ के कारण जनहानि हुई और अमरनाथ यात्रा जैसी प्रमुख तीर्थयात्राओं को स्थगित करना पड़ा।
19 जुलाई, 2026 को जम्मू और कश्मीर के कई हिस्सों में मूसलाधार वर्षा के कारण अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की स्थिति उत्पन्न हो गई। केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र की सहायता प्रदान करने हेतु उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ समन्वय स्थापित किया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमानों के आधार पर अमरनाथ, माता वैष्णो देवी और शिव खोरी की तीर्थयात्राएं स्थगित कर दी गईं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- स्थानअमरनाथ यात्रा: जम्मू और कश्मीर के हिमालय में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की एक वार्षिक तीर्थयात्रा।
- संस्थाIMD: India Meteorological Department, जो मौसम संबंधी पूर्वानुमान और चेतावनियाँ प्रदान करने के लिए उत्तरदायी है।
- तथ्य19 जुलाई, 2026 को अचानक आई बाढ़ (Flash floods) के कारण कम से कम 10 लोगों की मृत्यु की आशंका है।
- पदकेंद्रीय गृह मंत्री: जम्मू-कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन समन्वय के लिए उत्तरदायी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बढ़ती चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति के बीच हिमालयी क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के लचीलेपन (इन्फ्रास्ट्रक्चर रेजिलिएंस) के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: उत्तराखंड सरकार ने सार्वजनिक विरोध और शिवालिक हाथी रिजर्व पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के बाद, NHAI द्वारा प्रस्तावित भानियावाला-ऋषिकेश सड़क परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है।
इस परियोजना के अंतर्गत देहरादून हवाई अड्डे के समीप 19 किलोमीटर के खंड का चौड़ीकरण किया जाना प्रस्तावित है, जिसके लिए 4,369 वृक्षों को हटाने की आवश्यकता है। पारिस्थितिक क्षति को कम करनेके उद्देश्य से, NHAI ने प्रतिपूरक वनीकरण हेतु 1.97 करोड़ रुपये जमा किए हैं और वन्यजीव गलियारों (wildlife passages) की योजना बनाई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- स्थानभानियावाला-ऋषिकेश मार्ग उत्तराखंड के देहरादून जिले में स्थित है।
- संस्थाNHAI (National Highways Authority of India) प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के लिए जिम्मेदार निकाय है।
- तथ्ययह परियोजना जुलाई 2026 तक 4,369 पेड़ों की कटाई निर्धारित करती है।
- पर्यावरणशिवालिक हाथी रिजर्व उत्तराखंड का एक प्रमुख पारिस्थितिक क्षेत्र है जो इस परियोजना से प्रभावित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शिवालिक पर्वतमाला जैसे पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकास और जैव विविधता संरक्षण के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए तथा इन परस्पर विरोधी प्राथमिकताओं के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु उचित उपाय सुझाइए। चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने धन की वसूली में तेजी लाने के उद्देश्य से ₹1 लाख से अधिक के साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों के पंजीकरण को स्वचालित करनेके लिए एक e-Zero FIR प्रणाली शुरू की है।
यह प्रणाली 1930 हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों को सीधे क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) में एकीकृत करती है। शिकायतकर्ताओं को मामले के प्रमाणीकरण हेतु SMS अधिसूचना प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर संबंधित अधिकार क्षेत्र वाले पुलिस थाने में उपस्थित होना अनिवार्य है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाCCTNS: पुलिस थानों के बीच अपराध संबंधी जानकारी को रिकॉर्ड करने और साझा करने के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस।
- तथ्यHelpline 1930: भारत में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर।
- अधिनियम / विधेयकभारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173: प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के पंजीकरण को नियंत्रित करती है।
- तथ्यe-Zero FIR: साइबर अपराधों के लिए किसी भी अधिकार क्षेत्र के बावजूद किसी भी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करने की अनुमति देने वाला एक तंत्र।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्वचालित रिपोर्टिंग प्रणाली और ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) तंत्र का एकीकरण भारत के साइबर अपराध जांच ढांचे की प्रभावकारिता को किस प्रकार बढ़ा सकता है, चर्चा कीजिए।
GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने वैज्ञानिक अध्ययन के माध्यम से पारिस्थितिक संरक्षण सुनिश्चित करनेके उद्देश्य से पल्लिकरनई रामसर स्थल के निकट निर्माण कार्य को रोकने का आदेश दिया है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की दक्षिणी पीठ ने सितंबर 2025 में यह आदेश जारी किया। चेन्नई मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (CMDA) इससे सर्वाधिक प्रभावित होने वाली प्राथमिक संस्था है, और यह आदेश पेरुमबक्कम एवं वेलाचेरी में होने वाले विकास कार्यों को प्रभावित करता है। तमिलनाडु राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण (TNSWA) राज्य-स्तरीय निकाय है जो आर्द्रभूमि की स्थिति की निगरानी करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाNational Green Tribunal (NGT): पर्यावरणीय विवादों के न्यायनिर्णयन के लिए एक विशिष्ट निकाय।
- स्थानपल्लिकरनई मार्शलैंड: चेन्नई, तमिलनाडु में स्थित एक Ramsar साइट।
- तथ्यRamsar स्थल के 1-kilometre त्रिज्या के भीतर निर्माण कार्य पर रोक लागू होती है।
- संस्थातमिलनाडु राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण (TNSWA): आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए उत्तरदायी राज्य निकाय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ते शहरों में शहरी बुनियादी ढांचे के विस्तार और पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील रामसर स्थलों के संरक्षण के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।
GS3कृषि › फसल पैटर्न एवं सिंचाईप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा और ऑरेंज अलर्ट के कारण, राज्य सरकार ने मानसून से संबंधित आपदा जोखिमों को कम करनेके उद्देश्य से स्थानीय अधिकारियों को विद्यालय बंद करने हेतु अधिकृत किया है।
शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने 19 जुलाई से 23 जुलाई तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। शुक्रवार शाम से अब तक जोट में 109 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जिसके परिणामस्वरूप कांगड़ा और चंबा जिलों में भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की चेतावनी जारी की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानकांगड़ा और चंबा: हिमाचल प्रदेश के वे जिले जो मानसून के दौरान भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ (flash floods) के प्रति संवेदनशील हैं।
- तथ्यशुक्रवार शाम से शनिवार के बीच Jot में 109 mm वर्षा दर्ज की गई।
- तथ्यऑरेंज अलर्ट: शिमला मौसम केंद्र द्वारा 19 जुलाई से 23 जुलाई की अवधि के लिए जारी किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बढ़ती चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति के बीच हिमालयी क्षेत्र में आपदा-लचीले बुनियादी ढांचे और स्कूली सुरक्षा प्रोटोकॉल के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: PM Suryaghar Yojana के अंतर्गत केरल में रूफटॉप सोलर के तीव्र अंगीकरण ने आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन उत्पन्न कर दिया है, जिसके कारण KSEB ने बैटरी स्टोरेज समाधानों की योजनाबनाने का निर्णय लिया है।
छत पर सौर ऊर्जा क्षमता के मामले में केरल भारत में चौथे स्थान पर है, जिसका लक्ष्य मई 2026 तक 2,508 MW की क्षमता प्राप्त करना है। राज्य वर्तमान में एक विसंगति का सामना कर रहा है, जहाँ मांग का उच्चतम स्तर शाम 6 बजे से रात 11 बजे के बीच होता है, जबकि सौर ऊर्जा उत्पादन दिन के उजाले के दौरान अपने चरम पर होता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यकेरल का रूफटॉप सोलर लक्ष्य: मई 2026 तक 2,508 MW।
- योजनाPM Suryaghar Yojana: रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की योजना।
- संस्थाKSEB: Kerala State Electricity Board, राज्य की प्राथमिक बिजली उपयोगिता।
- विज्ञान-तकनीकBattery Energy Storage Systems (BESS): रात के समय उपयोग के लिए अतिरिक्त सौर ऊर्जा को संचित करने हेतु प्रयुक्त तकनीक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राज्य की विद्युत ग्रिडों में विकेंद्रीकृत नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण से जुड़ी तकनीकी और आर्थिक चुनौतियों तथा ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करने में ऊर्जा भंडारण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: 'नौकरी' (Naukri) की 'वर्ल्ड AI डे रिपोर्ट 2026' भारतीय पेशेवरों के बीच AI के व्यापक उपयोग में भारी वृद्धि और AI-कुशल श्रम पर मिलने वाले महत्वपूर्ण प्रीमियम को रेखांकित करती है।
इस रिपोर्ट में 27,000 पेशेवरों और 300,000 कार्य विवरणों (job descriptions) का विश्लेषण किया गया है। तकनीकी क्षेत्र के कार्य विवरणों में AI से संबंधित कौशल का प्रतिशत वर्ष 2020 में 0.9% से बढ़कर वर्ष 2026 में 15.4% हो गया है। इसके साथ ही, गैर-तकनीकी भूमिकाओं में AI के उल्लेख में छह गुना की वृद्धि दर्ज की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्य2026 तक, 77% भारतीय पेशेवरों ने कार्यस्थल पर AI के उपयोग की रिपोर्ट दी।
- तथ्य2020 और 2026 के बीच तकनीकी नौकरियों में AI विशेषज्ञता की मांग में लगभग 17 गुना वृद्धि हुई।
- तथ्य2026 तक केवल 35% पेशेवरों को उनके नियोक्ताओं द्वारा औपचारिक AI प्रशिक्षण प्राप्त हुआ।
- तथ्य2026 में, 15.4% तकनीकी नौकरी के विवरणों (job descriptions) में AI कौशल शामिल थे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय कार्यबल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के तीव्र एकीकरण से उत्पन्न होने वाले 'कौशल अंतराल' (skills gap) पर चर्चा कीजिए और समावेशी आर्थिक विकास सुनिश्चित करने के लिए किए जा सकने वाले उपायों का विश्लेषण कीजिए।
नोट्स सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किए जाते हैं और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़े हैं। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।