GS2 · राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध · 12
चर्चा में क्यों: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका द्वारा [U.S.] की कार्रवाई को रोकने की घोषणा के बाद GCC के राजदूतों और श्रीलंका के विदेश मंत्री के साथ चर्चा की।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा बुनियादी ढांचे (energy infrastructure) पर होने वाले सैन्य हमलों पर पांच दिनों के लिए रोक की घोषणा की। इस कदम के परिणामस्वरूप ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में लगभग 12.5% की गिरावट आई और यह $98.18 प्रति बैरल पर आ गया, जो $100 के स्तर से नीचे गिर गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्ययू.एस. की घोषणा के बाद Brent crude futures (May) की कीमत $98.18 प्रति बैरल पर ट्रेड हुई।
- स्थानबातचीत में शामिल GCC देश: बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE।
- पदएस. जयशंकर भारत के विदेश मंत्री हैं।
- तथ्ययू.एस. मिलिट्री ने ईरान के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर पांच दिनों के लिए रोक लगाने की योजना बनाई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक अस्थिरता का भारत की ऊर्जा सुरक्षा और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) क्षेत्र के प्रति उसकी रणनीतिक पहुंच पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
- ऊर्जा सुरक्षा: ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव से आयात पर निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था प्रभावित
- रणनीतिक कूटनीति: अमेरिका, ईरान और GCC देशों के साथ संबंधों में संतुलन बनाते हुए भारत का मल्टी-अलायन्ड अप्रोच
- क्षेत्रीय स्थिरता: वेस्ट एशियन संघर्ष का समुद्री व्यापार मार्गों और एनर्जी सप्लाई चेन पर प्रभाव
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · मल्टी-अलाइनमेंट · भू-राजनीतिक अस्थिरता · रणनीतिक स्वायत्तता · पश्चिम एशिया संघर्ष
स्रोत: द हिंदू ↗+3 और खबरें इस विषय पर GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 में संशोधन के लिए एक विधेयक लोकसभा में विचार के लिए पेश किया है। इस संशोधन का उद्देश्य पहचान प्रक्रियाओं और मेडिकल कंप्लायंस (medical compliance) में बदलाव करना है।
प्रस्तावित संशोधन ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की पहचान, ट्रांसजेंडर सर्टिफिकेट प्राप्त करने की प्रक्रिया और जेंडर-अफर्मिंग केयर (gender-affirming care) प्रदान करने वाले चिकित्सा संस्थानों के अनुपालन पर केंद्रित हैं। ट्रांसजेंडर समुदायों और नेशनल काउंसिल फॉर ट्रांसजेंडर पर्सन्स (National Council for Transgender Persons) ने विधेयक की प्रतिबंधात्मक परिभाषाओं पर विरोध जताया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) एक्ट, 2019।
- संस्थानेशनल काउंसिल फॉर ट्रांसजेंडर पर्सन्स (National Council for Transgender Persons): ट्रांसजेंडर अधिकारों की वकालत (advocacy) से जुड़ा एक निकाय।
- तथ्यइस बिल को 24 मार्च, 2026 को लोकसभा में विचार और पारित करने के लिए लिस्ट किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 में प्रस्तावित संशोधनों के संदर्भ में राज्य के विनियमन और व्यक्तिगत स्वायत्तता के बीच संतुलन का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- समावेशी अंतर: ट्रांसजेंडर पहचान की संकीर्ण परिभाषाएं नॉन-बाइनरी और इंटरसेक्स व्यक्तियों को बाहर कर सकती हैं
- परामर्श घाटा: नेशनल काउंसिल फॉर ट्रांसजेंडर पर्सन्स के साथ सार्थक जुड़ाव की कमी
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: मेडिकल संस्थान के नियमों और जेंडर-अफ़र्मिंग हेल्थकेयर के अधिकार के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: जेंडर ऑटोनॉमी · विधायी निगरानी · समावेशी शासन · पहचान के अधिकार · रेगुलेटरी कंप्लायंस
GS2शासन › पारदर्शिता, जवाबदेही एवं RTIप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने विदेशी फंड से प्राप्त संपत्तियों के प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने और जवाबदेही बढ़ाने के लिए फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (FCRA) में संशोधन का प्रस्ताव दिया है।
प्रस्तावित संशोधनों में निलंबित या रद्द किए गए NGOs की संपत्तियों के प्रबंधन के लिए एक समर्पित प्राधिकरण (designated authority) नियुक्त करने का प्रस्ताव शामिल है। इसमें 'मुख्य पदाधिकारी' (key functionary) की परिभाषा का विस्तार किया गया है और FCRA अपराधों के लिए जवाबदेही तय की गई है, जब तक कि जानकारी की कमी या उचित सावधानी (due diligence) न साबित कर दी जाए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकFCRA: Foreign Contribution (Regulation) Act भारतीय संस्थाओं द्वारा विदेशी फंड की प्राप्ति और उसके उपयोग को नियंत्रित करता है।
- तथ्यप्रस्तावित संशोधन: मुख्य पदाधिकारी FCRA अपराधों के लिए उत्तरदायी होंगे, जब तक कि वे जानकारी की कमी या उचित सावधानी (due diligence) न साबित कर दें।
- तथ्यप्रस्तावित संशोधन: निलंबित या रद्द किए गए NGOs द्वारा विदेशी फंड से बनाई गई संपत्तियों के प्रबंधन के लिए एक नामित अथॉरिटी (designated authority) नियुक्त की जाएगी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) में प्रस्तावित संशोधनों के माध्यम से नागरिक समाज के वित्तपोषण की आवश्यकता और राष्ट्रीय सुरक्षा एवं वित्तीय पारदर्शिता की अनिवार्यता के बीच संतुलन स्थापित करने के प्रयासों का विश्लेषण कीजिए।
- जवाबदेही का अंतर: संस्थागत गैर-अनुपालन के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी सुनिश्चित करने हेतु 'मुख्य कार्यपालक' की परिभाषा का विस्तार
- एसेट मैनेजमेंट: विदेशी फंड के डायवर्जन को रोकने के लिए छोड़े गए NGO एसेट्स की सेंट्रलाइज्ड ओवरसाइट
- ड्यू डिलिजेंस स्टैंडर्ड्स: सक्रिय अनुपालन साबित करने की ज़िम्मेदारी अधिकारियों पर डालना
मुख्य शब्द: पारदर्शिता · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · जवाबदेही · सिविल सोसाइटी · विदेशी फंडिंग · अनुपालन
चर्चा में क्यों: केंद्रीय गृह मंत्री ने 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए महिला आरक्षण अधिनियम, 2023 (Women’s Reservation Act, 2023) के जल्द कार्यान्वयन की सुविधा हेतु इसमें संशोधन करने के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं के साथ बैठक की।
सरकार 2011 की जनगणना के आंकड़ों का उपयोग करते हुए संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव करती है। इस संशोधन को इस वर्ष चल रहे बजट सत्र या बाद में होने वाले विशेष सत्र के दौरान पेश करने का लक्ष्य है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकमहिला आरक्षण अधिनियम (Women’s Reservation Act), 2023: यह संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है।
- तथ्यप्रस्तावित संशोधन में सीटों के आरक्षण की गणना के लिए 2011 की जनगणना (Census) के आंकड़ों का उपयोग करने की योजना है।
- तथ्यइन प्रावधानों को लागू करने का लक्ष्य 2029 का लोकसभा चुनाव है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की विधायी संस्थाओं में महिलाओं के लिए ठोस राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्राप्त करने में महिला आरक्षण अधिनियम के महत्व की चर्चा कीजिए।
- डेटा में विसंगति: 2029 के सीट आवंटन के लिए 2011 की जनगणना के डेटा के इस्तेमाल से चुनावी असंतुलन की संभावना
- राजनीतिक सहमति: एक्ट की लोकतांत्रिक वैधता और समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए बहु-पक्षीय विचार-विमर्श की ज़रूरत
मुख्य शब्द: ठोस प्रतिनिधित्व · विधायी संशोधन · लैंगिक समानता · संवैधानिक आदेश · राजनीतिक समावेश
चर्चा में क्यों: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने डिजिटल वेल-बीइंग (Digital Well-being) के संबंध में अभिभावकों और स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश स्थापित करने हेतु 'छात्रों के बीच जिम्मेदार डिजिटल उपयोग' पर एक ड्राफ्ट पॉलिसी जारी की है।
यह ड्राफ्ट पॉलिसी कर्नाटक राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण (Karnataka State Mental Health Authority), NIMHANS और स्कूल शिक्षा विभाग के बीच सहयोग से तैयार की गई है। इसमें सिफारिश की गई है कि अभिभावक स्क्रीन-टाइम की सीमा तय करें और स्कूल अपने पाठ्यक्रम में डिजिटल साक्षरता और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को शामिल करें।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाNIMHANS: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज।
- तथ्यड्राफ्ट पॉलिसी में माता-पिता को स्क्रीन-टाइम की सीमा तय करने और प्राइवेसी (privacy) को प्राथमिकता देने की सिफारिश की गई है।
- तथ्ययह पॉलिसी स्कूलों में डिजिटल डिटॉक्स (Digital Detox) और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता (Mental Health Awareness) के लिए प्रोग्राम लागू करने का सुझाव देती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: छात्रों पर अत्यधिक स्क्रीन समय के मनोवैज्ञानिक प्रभावों को कम करने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में डिजिटल साक्षरता को एकीकृत करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- पेडागॉजिकल शिफ्ट: डिजिटल कंटेंट को सिर्फ देखने के बजाय उसका आलोचनात्मक मूल्यांकन करना
- संस्थागत बोझ: स्कूलों में डेडिकेटेड डिजिटल डिटॉक्स प्रोग्राम लागू करने के लिए संसाधनों की कमी
- अभिभावक जवाबदेही: व्यक्तिगत घर की स्वायत्तता और राज्य के डिजिटल वेल-बीइंग गाइडलाइन्स के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: डिजिटल साक्षरता · मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता · डिजिटल वेल-बीइंग · करिकुलम इंटीग्रेशन · स्क्रीन-टाइम रेगुलेशन
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बताया कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) लागू होने के बाद तमिलनाडु में 1.68 लाख से अधिक विरूपण (defacement) के मामलों को हटाया गया है।
निर्वाचन आयोग (ECI) ने स्पष्ट किया है कि जहाँ सक्रिय राजनीतिक नेताओं की तस्वीरों को आदर्श आचार संहिता (MCC) के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए, वहीं दिवंगत नेताओं की मूर्तियों को इससे छूट दी गई है। निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु के सभी 234 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में समर्पित निगरानी टीमों के साथ एक बहु-स्तरीय चुनाव व्यय निगरानी तंत्र भी स्थापित किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाभारत निर्वाचन आयोग (ECI): भारत निर्वाचन आयोग वह संस्था है जो मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
- तथ्यMCC के लागू होने के बाद से तमिलनाडु में 1.68 लाख से अधिक डिफेसमेंट (defacement) के मामलों को हटाया गया है।
- तथ्यतमिलनाडु के सभी 234 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों (Assembly constituencies) में समर्पित सर्विलांस टीमों (surveillance teams) की तैनाती की गई।
- तथ्यव्यक्तियों के पास मिले कैश को तब तक जब्त नहीं किया जाता जब तक कि वोटरों के बीच वितरण के इरादे का कोई सबूत न हो।
मेन्स के लिए
प्रश्न: चुनावों के दौरान आदर्श आचार संहिता के प्रवर्तन के माध्यम से एक समान अवसर (level playing field) सुनिश्चित करने में भारत निर्वाचन आयोग की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- एन्फोर्समेंट गैप: व्यक्तिगत संपत्ति और अवैध वोटर वितरण फंड के बीच अंतर करना मुश्किल
- रेगुलेटरी स्पष्टता: राजनीतिक आइकनोग्राफी (मूर्तियां) और सक्रिय राजनीतिक कैंपेनिंग मटेरियल के बीच अंतर
मुख्य शब्द: आचार संहिता · चुनाव खर्च · पारदर्शिता · समान अवसर की स्थिति · निगरानी
स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यमेन्स चर्चा में क्यों: डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा MDS डॉक्टरों को विशिष्ट एस्थेटिक प्रोसीजर (aesthetic procedures) करने की अनुमति देने के बाद, IADVL और APSI ने मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट्स, वेनेरोलॉजिस्ट्स एंड लेप्रोलॉजिस्ट्स (IADVL) और एसोसिएशन ऑफ प्लास्टिक सर्जन्स ऑफ इंडिया (APSI) ने सौंदर्य संबंधी प्रक्रियाओं (aesthetic procedures) के संबंध में चेतावनी जारी की है। उन्होंने मरीजों को भ्रामक विज्ञापनों से बचने के लिए स्टेट मेडिकल काउंसिल से योग्यताओं की पुष्टि करने की सलाह दी है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाडेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (Dental Council of India): डेंटल शिक्षा और प्रैक्टिस को रेगुलेट करने के लिए जिम्मेदार संस्था।
- संस्थास्टेट मेडिकल काउंसिल: मेडिकल प्रैक्टिशनर्स की योग्यता और रजिस्ट्रेशन को सत्यापित करने के लिए जिम्मेदार संस्था।
- तथ्यMDS: मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (Master of Dental Surgery) योग्यता को कुछ एस्थेटिक प्रोसीजर्स (aesthetic procedures) के लिए अनुमति दी गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सौंदर्य संबंधी प्रक्रियाओं (aesthetic procedures) के विनियामक तंत्र में आने वाली चुनौतियों और रोगी सुरक्षा सुनिश्चित करने में विशिष्ट चिकित्सा प्रशिक्षण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी ओवरलैप: एस्थेटिक प्रोसीजर पर डेंटल और मेडिकल काउंसिल के अधिकार क्षेत्र में टकराव
- सुरक्षा जोखिम: डेंटल सर्जरी में विशेष डर्मेटोलॉजिकल ट्रेनिंग की कमी के कारण जटिलताएं होने की संभावना
- उपभोक्ता संरक्षण: मरीजों के लिए योग्य विशेषज्ञों और भ्रामक विज्ञापनों के बीच अंतर करना मुश्किल
मुख्य शब्द: मरीज़ की सुरक्षा · रेगुलेटरी ओवरसाइट · विशेष ट्रेनिंग · मेडिकल एथिक्स · प्रोफेशनल स्टैंडर्ड्स
चर्चा में क्यों: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बदलते बहुध्रुवीय विश्व क्रम (multipolar order) के बीच भारत-रूस के बीच गहरे सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया और 2026 के वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी रूस द्वारा करने का समर्थन किया।
भारत और रूस के बीच 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' (Special and Privileged Strategic Partnership) है। यह सहयोग UN, BRICS और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सहित विभिन्न बहुपक्षीय मंचों पर विस्तार पा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदएस. जयशंकर: विदेश मंत्री, भारत।
- पदसर्गेई लावरोव: रूस के फॉरेन मिनिस्टर (Foreign Minister)।
- संस्थाBRICS और SCO: भारत-रूस सहयोग के लिए बहुपक्षीय मंच (Multilateral forums)।
- तथ्यभारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन: इसे 2026 में रूस द्वारा आयोजित किया जाना निर्धारित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बदलते बहुध्रुवीय वैश्विक परिवेश के संदर्भ में भारत और रूस के बीच 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
- भू-राजनीतिक संतुलन: पश्चिमी शक्तियों और रूस दोनों के साथ संबंध बनाए रखते हुए रणनीतिक स्वायत्तता को साधना
- मल्टीलैटरल सिनर्जी: मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर को बढ़ावा देने के लिए BRICS और SCO का इस्तेमाल
- सुरक्षा-आर्थिक संबंध: ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों और बदलते वैश्विक व्यापार डायनेमिक्स के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · बहुध्रुवीयता · भू-राजनीतिक पुनर्गठन · बहुपक्षवाद
GS2शासन › ई-गवर्नेंस एवं नागरिक सेवाएंप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: गुजरात सरकार ने 20 उच्च-मांग वाली नागरिक सेवाओं को डिजिटल बनाने के लिए 'सुगम डिजिटल गुजरात' (Sugam Digital Gujarat) पहल शुरू की है, ताकि इन सेवाओं को बिना किसी कागजी कार्रवाई और बिना सामने आए (faceless and paperless) प्रदान किया जा सके।
यह पहल गुजरात प्रशासनिक सुधार समिति (GARC) की सिफारिशों के अनुरूप है। यह सेवा वितरण के लिए आधार-आधारित प्रमाणीकरण, डिजीलॉकर (DigiLocker), ई-साइन (eSign) और UPI-आधारित भुगतान को एकीकृत करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- योजनासुगम डिजिटल गुजरात इनिशिएटिव (Sugam Digital Gujarat Initiative): 20 हाई-डिमांड नागरिक सेवाओं को डिजिटाइज़ करनेकी एक राज्य-स्तरीय पहल।
- संस्थागुजरात एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स कमेटी (GARC): वह संस्था जिसने इन सेवाओं के डिजिटलीकरण (digitization) की सिफारिश की थी।
- तथ्ययह प्लेटफॉर्म Aadhaar-आधारित ऑथेंटिकेशन, API-ड्रिवन वेरिफिकेशन, DigiLocker इंटीग्रेशन, eSign और UPI पेमेंट्स को सपोर्ट करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यह स्पष्ट कीजिए कि 'फेसलेस' (faceless) और 'पेपरलेस' (paperless) शासन की ओर संक्रमण सार्वजनिक सेवा वितरण में प्रशासनिक पारदर्शिता को कैसे बढ़ा सकता है और भ्रष्टाचार को कम करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है। चर्चा कीजिए।
- प्रशासनिक दक्षता: रियल-टाइम ट्रैकिंग के जरिए प्रोसेसिंग समय और फिजिकल विजिट में कमी
- डिजिटल डिवाइड: कम इंटरनेट साक्षरता वाली ग्रामीण आबादी के लिए समान पहुंच सुनिश्चित करना
- डेटा इंटीग्रिटी: API-आधारित वेरिफिकेशन और आधार ऑथेंटिकेशन के जरिए रिकॉर्ड की सटीकता में सुधार
मुख्य शब्द: फेसलेस गवर्नेंस · ई-गवर्नेंस · प्रशासनिक सुधार · डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · पारदर्शिता
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: तेलंगाना कैबिनेट ने बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा करने वाले कर्मचारियों पर जुर्माना लगाने के लिए 'पेरेंट्स सपोर्ट बिल' (Parents Support Bill) को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, नफरत फैलाने वाले भाषण (Hate Speech) और अपराध से निपटने के लिए भी कानून पारित किया गया है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली तेलंगाना कैबिनेट ने 'पेरेंट्स सपोर्ट बिल' (Parents Support Bill) को मंजूरी दे दी है। इस बिल के तहत बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा करने वाले कर्मचारियों के वेतन से कटौती की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही, कैबिनेट ने हैदराबाद मेट्रो सिस्टम को अपने नियंत्रण में लेने और 'रोहित वेमुला एक्ट' (Rohith Vemula Act) के लिए एक उप-समिति बनाने को भी अधिकार प्रदान किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानतेलंगाना: वह राज्य जहाँ पेरेंट्स सपोर्ट बिल (Parents Support Bill) और हेट स्पीच (hate speech) से संबंधित कानून को मंजूरी दी गई।
- तथ्यपेरेंट्स सपोर्ट बिल: इसमें बुजुर्ग माता-पिता की उपेक्षा करने पर सरकारी और प्राइवेट कर्मचारियों के वेतन से कटौती के प्रावधान शामिल हैं।
- संस्थाहैदराबाद मेट्रो: तेलंगाना कैबिनेट द्वारा सिस्टम को टेकओवर (takeover) करने के लिए अधिकृत।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के बदलते जनसांख्यिकीय परिदृश्य में वृद्धों की सामाजिक सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने में विधायी उपायों की भूमिका की चर्चा कीजिए।
- संस्थागत टकराव: प्राइवेट एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स और राज्य द्वारा अनिवार्य सोशल वेलफेयर दायित्वों के बीच संतुलन
- एन्फोर्समेंट मैकेनिज्म: घरेलू उपेक्षा की निगरानी और 'उपेक्षा' के मानदंड तय करने में चुनौतियां
- विधायी मंशा: अभिव्यक्ति की आज़ादी और सांप्रदायिक/सामाजिक नफरत वाले भाषणों को रोकने के राज्य के कर्तव्य के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सामाजिक सुरक्षा · बुजुर्ग कल्याण · विधायी निगरानी · पब्लिक पॉलिसी · सामाजिक एकजुटता
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए स्कूल स्तर पर समर्पित मानसिक स्वास्थ्य काउंसलर्सनियुक्त करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।
इस पहल का उद्देश्य आंध्र प्रदेश के प्रत्येक मंडल में एक परामर्शदाता (Counsellor) की उपस्थिति सुनिश्चित करना है। समग्र शिक्षा राज्य परियोजना के निदेशक बी. श्रीनिवास राव ने इन परामर्शदाताओं की नियुक्ति और प्रशिक्षण की देखरेख की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यआंध्र प्रदेश स्कूल स्तर पर समर्पित मेंटल हेल्थ काउंसलर्स (Mental Health Counsellors) नियुक्त करने वाला भारत का पहला राज्य है।
- पदबी. श्रीनिवास राव आंध्र प्रदेश में समग्र शिक्षा स्टेट प्रोजेक्ट के डायरेक्टर हैं।
- तथ्यइस पहल का उद्देश्य राज्य के प्रत्येक मंडल में एक काउंसलर (Counsellor) प्रदान करना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय किशोरों के बीच बढ़ती मनोवैज्ञानिक चुनौतियों के समाधान हेतु स्कूली पाठ्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य सहायता को एकीकृत करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- संस्थागत बाधा: ग्रामीण स्कूलों में स्टैंडर्ड ट्रेनिंग प्रोटोकॉल और मान्यता प्राप्त साइकोलॉजिकल स्क्रीनिंग टूल्स की कमी
- संसाधनों की असमानता: शहरी और ग्रामीण शिक्षा केंद्रों में योग्य मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों का असमान वितरण
मुख्य शब्द: मानसिक स्वास्थ्य · किशोरी मनोविज्ञान · शैक्षिक इंफ्रास्ट्रक्चर · सर्वांगीण विकास · सामाजिक कल्याण
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने चैतन्य बघेल द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करने की सहमति दी है। इस याचिका में यह सवाल उठाया गया है कि क्या जांच एजेंसियां ट्रायल की कार्यवाही को अनिश्चित काल तक रोक सकती हैं, जो कि उनके अनुसार जमानत के अधिकार का उल्लंघन है।
यह मामला छत्तीसगढ़ में 2019 और 2022 के बीच हुए ₹2,000 करोड़ के शराब घोटाले के आरोपों से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तर्क दिया कि यह मामला निष्प्रभावी (infructuous) है क्योंकि याचिकाकर्ता पहले से ही जमानत पर बाहर है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यछत्तीसगढ़ में शराब घोटाला (liquor scam) लगभग ₹2,000 करोड़ की कथित राशि से जुड़ा है।
- पदचैतन्य बघेल, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जांच एजेंसियों की जांच करने की शक्तियों और त्वरित परीक्षण एवं जमानत के मौलिक अधिकार के बीच संवैधानिक संतुलन का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- प्रक्रियात्मक बाधा: अनिश्चित जांच अवधि संभावित रूप से समय पर ट्रायल के अधिकार का उल्लंघन
- न्यायिक निगरानी: न्यायिक कार्यवाही में देरी रोकने के लिए जांच के चरणों पर स्पष्ट टाइमलाइन की ज़रूरत
मुख्य शब्द: जमानत का अधिकार · न्यायिक समीक्षा · जांच की स्वायत्तता · ड्यू प्रोसेस · निरर्थक मुकदमेबाजी
ये सत्यधीश के अपने यूपीएससी नोट्स हैं, जो द हिंदू में छपी खबरों के आधार पर लिखे गए हैं। सत्यधीश का द हिंदू से कोई संबंध नहीं है। हर नोट में मूल खबर का लिंक है; पूरी खबर द हिंदू की वेबसाइट पर पढ़ें। नोट्स कैसे बनते हैं