GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 26
चर्चा में क्यों: DRDO ने चंद्रपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (Solid Fuel Ducted Ramjet - SFDR) तकनीक का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है, जो भारत के मिसाइल विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इस परीक्षण में सभी प्रमुख सबसिस्टम्स ने उम्मीद के मुताबिक काम किया और ग्राउंड बूस्टर द्वारा शुरुआती प्रोपल्शन (Propulsion) के बाद मेश नंबर (Mach number) हासिल किया। यह प्रदर्शन चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (Integrated Test Range) में आयोजित किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- विज्ञान-तकनीकSFDR: हाई-स्पीड मिसाइल प्रोपल्शन (propulsion) के लिए इस्तेमाल की जाने वाली Solid Fuel Ducted Ramjet तकनीक।
- पदसमीर वी. कामत: DRDO के चेयरमैन और डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के सेक्रेटरी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाने में सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (Solid Fuel Ducted Ramjets) जैसी स्वदेशी प्रणोदन प्रौद्योगिकियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: हाई-स्पीड मिसाइल प्लेटफॉर्म के लिए विदेशी प्रोपल्शन सिस्टम पर निर्भरता कम करना
- तकनीकी छलांग: बढ़ी हुई रेंज और स्पीड के लिए लिक्विड से सॉलिड फ्यूल रैमजेट्स की ओर बदलाव
- इंडस्ट्रियल सिनर्जी: स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग के लिए DRDO रिसर्च और प्राइवेट इंडस्ट्री पार्टनर्स का एकीकरण
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · स्वदेशी तकनीक · प्रोपल्शन सिस्टम्स · मिसाइल डेवलपमेंट · रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिपिंग क्षमताओं को मजबूत करने के लिए भारत कंटेनर शिपिंग लाइन (BCSL) की स्थापना और बंदरगाह विस्तार परियोजनाओं (Port Expansion Projects) के वित्तपोषण के लिए MoUs पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस पहल के अंतर्गत भारत कंटेनर शिपिंग लाइन (BCSL) की स्थापना और VOCPA, IRFC और SMFCL के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) शामिल है। इस परियोजना का उद्देश्य VOCPA में आउटर हार्बर प्रोजेक्ट (Outer Harbour Project) को वित्तपोषित करना और एक घरेलू स्तर पर आधारित कंटेनर इकोसिस्टम विकसित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाIRFC: Indian Railway Finance Corporation पोर्ट विस्तार परियोजनाओं (port expansion projects) के वित्तपोषण में शामिल है।
- तथ्यBCSL: भारत कंटेनर शिपिंग लाइन (Bharat Container Shipping Line) की स्थापना कंटेनर सेगमेंट में राष्ट्रीय शिपिंग को मजबूत करने के लिए की गई है।
- स्थानVOCPA: आउटर हार्बर प्रोजेक्ट (Outer Harbour Project) और त्रिपक्षीय MoU में शामिल पोर्ट।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एक राष्ट्रीय कंटेनर शिपिंग लाइन की स्थापना किस प्रकार भारत के समुद्री रसद (maritime logistics) को सुदृढ़ कर सकती है और विदेशी शिपिंग लाइनों पर निर्भरता को कम कर सकती है, इस पर चर्चा कीजिए।
- लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: डोमेस्टिकली एंक्वर्ड कंटेनर इकोसिस्टम के जरिए टर्नअराउंड टाइम और लागत में कमी
- रणनीतिक स्वायत्तता: राष्ट्रीय कार्गो मूवमेंट के लिए विदेशी स्वामित्व वाली शिपिंग लाइन्स पर निर्भरता कम करना
- इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: समुद्री व्यापार को बढ़ावा देने के लिए पोर्ट विस्तार को नेशनल शिपिंग क्षमताओं के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: मैरिटाइम लॉजिस्टिक्स · रणनीतिक स्वायत्तता · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · सप्लाई चेन इंटीग्रेशन · व्यापार सुगमता
चर्चा में क्यों: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुरक्षित करने के लिए 'चिकन नेक' कॉरिडोर के साथ एक अंडरग्राउंड रेल लिंक (Underground rail link) की योजना की घोषणा की है।
इस परियोजना के अंतर्गत पश्चिम बंगाल में 'चिकन नेक' कॉरिडोर के 40 किलोमीटर लंबे हिस्से पर भूमिगत रेलवे ट्रैक बिछाए जाएंगे। इस क्षेत्र की ऐतिहासिक कमजोरियों को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा इस पहल को समर्थन दिया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानचिकन नेक (Chicken's Neck): पश्चिम बंगाल में स्थित एक रणनीतिक कॉरिडोर जो पूर्वोत्तर (Northeast) को भारत के बाकी हिस्सों से जोड़ता है।
- तथ्यप्रस्तावित अंडरग्राउंड रेल लिंक 40 किलोमीटर के कॉरिडोर को कवर करता है।
- पदअश्विनी वैष्णव: रेल मंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने में 'चिकन नेक' (Siliguri Corridor) गलियारे के रणनीतिक महत्व पर चर्चा कीजिए।
- भू-राजनीतिक संवेदनशीलता: बाहरी और आंतरिक व्यवधानों के प्रति संकीर्ण ट्रांजिट पॉइंट की भेद्यता को दूर करना
- लॉजिस्टिक लचीलापन: विशेष अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए पूर्वोत्तर के लिए मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना
मुख्य शब्द: रणनीतिक कॉरिडोर · आंतरिक सुरक्षा · कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · भू-राजनीतिक संवेदनशीलता
चर्चा में क्यों: गृह मंत्रालय ने लोकसभा को सूचित किया कि सुरक्षा अभियानों और विकास योजनाओं के कारण 2010 और 2025 के बीच LWE से संबंधित हिंसा में 88% की गिरावट आई है।
वर्ष 2019 से अब तक, 7,400 माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है और 5,880 ने आत्मसमर्पण कर दिया है। केवल वर्ष 2025 में, सुरक्षा बलों ने 364 माओवादियों को बेअसर किया और 2,337 आत्मसमर्पणों को सुविधाजनक बनाया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यLWE से संबंधित हिंसा की घटनाओं में 2010 में 1,936 से घटकर 2025 में 234 रह गईं।
- तथ्यLWE-प्रभावित जिलों की संख्या 2018 में 126 से घटकर दिसंबर 2025 में आठ रह गई।
- संस्थागृह मंत्रालय (MHA) लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म (Left Wing Extremism) के लिए नोडल मंत्रालय है।
- तथ्यवर्ष 2025 में 364 माओवादियों को neutralized किया गया और 1,022 को गिरफ्तार किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में बुनियादी ढांचा विकास और सुरक्षा अभियानों के एकीकरण ने वामपंथी उग्रवाद के घटते रुझान में किस प्रकार योगदान दिया है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- विकास संबंधी हस्तक्षेप: उग्रवाद विरोधी रणनीति के रूप में सड़क नेटवर्क और दूरसंचार कनेक्टिविटी का विस्तार
- सुरक्षा आधारित क्षरण: माओवादी संगठनात्मक ढांचे पर बेअसर खतरों और आत्मसमर्पण के प्रोत्साहन का प्रभाव
- भौगोलिक संकुचन: LWE प्रभावित क्षेत्रों का 126 जिलों से घटकर आठ तक कम होना
मुख्य शब्द: वामपंथी उग्रवाद · आतंकवाद विरोधी अभियान · आंतरिक सुरक्षा · विकास मॉडल · सुरक्षा बल
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने WhatsApp की 'टेक-इट-ऑर-लीव-इट' (take-it-or-leave-it) प्राइवेसी पॉलिसी पर चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने इसकी जटिल ऑप्ट-आउट क्लॉज (opt-out clauses) और उपभोक्ता डेटा को जबरन साझा करने पर सवाल उठाए हैं।
सुप्रीम कोर्ट व्हाट्सएप की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी (privacy policy) की समीक्षा कर रहा है। यह कार्रवाई कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) द्वारा बाजार में प्रभुत्व के दुरुपयोग (abuse of dominance) के लिए लगाए गए ₹213.14 करोड़ के जुर्माने के बाद की गई है। कोर्ट ने मेटा (Meta) के जवाब पर सुनवाई के लिए 9 फरवरी, 2026 की तारीख तय की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाCompetition Commission of India (CCI) ने मार्केट में अपनी डोमिनेंट पोजीशन के दुरुपयोग (abuse of dominance) के लिए Meta पर ₹213.14 करोड़ का जुर्माना लगाया है।
- तथ्यसुप्रीम कोर्ट WhatsApp की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी (privacy policy) के 'टेक-इट-ऑर-लीव-इट' (take-it-or-leave-it) अप्रोच की जांच कर रहा है।
- पदमुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कंज्यूमर डेटा प्राइवेसी (consumer data privacy) के संबंध में मौखिक टिप्पणियों की अध्यक्षता की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में वैश्विक बिग टेक (Big Tech) प्लेटफार्मों के प्रभुत्व के विरुद्ध उपभोक्ता डेटा गोपनीयता की सुरक्षा में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- सूचना की असमानता: ऑप्ट-आउट क्लॉज की जटिलता ग्रामीण और कम तकनीक जानने वाले यूजर्स के लिए सूचित सहमति में बाधा बनती है
- मार्केट डोमिनेंस: प्लेटफॉर्म-स्पेसिफिक प्राइवेसी पॉलिसी और डोमिनेंस के दुरुपयोग के खिलाफ कॉम्पिटिशन लॉ के आदेशों के बीच टकराव
- रेगुलेटरी गैप: 'टेक-इट-ऑर-लीव-इट' कॉन्ट्रैक्टुअल टर्म्स से निपटने के लिए स्टैंडर्ड डेटा प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क की ज़रूरत
मुख्य शब्द: डेटा प्राइवेसी · बिग टेक · सूचित सहमति · बाज़ार में दबदबे का दुरुपयोग · डिजिटल संप्रभुता
GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासमेन्स चर्चा में क्यों: ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण महिलाओं के उद्यमिता (Entrepreneurship) को बढ़ावा देने के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY NRLM) के अगले वित्तीय चक्र की समीक्षा कर रहा है।
DAY NRLM ने 10 करोड़ से अधिक परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) में संगठित किया है। यह कार्यक्रम आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ग्राम संगठनों (VOs) और क्लस्टर-स्तरीय संघों (CLFs) पर केंद्रित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- योजनाDAY NRLM ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) के अंतर्गत एक कार्यक्रम है।
- तथ्यDAY NRLM ने 10 करोड़ से अधिक परिवारों को SHGs में संगठित किया है।
- संस्थाDAY NRLM के तहत राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए विलेज ऑर्गेनाइजेशन्स (VOs) और क्लस्टर-लेवल फेडरेशन्स (CLFs) प्रमुख संरचनाएं हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) भारत में ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण में किस प्रकार योगदान देता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- मार्केट एक्सेस गैप: SHG उत्पादों के लिए मार्केटिंग सपोर्ट की कमी से कमर्शियल स्केलेबिलिटी में बाधा
- वित्तीय नवाचार: पारंपरिक माइक्रो-क्रेडिट से इक्विटी और वेंचर कैपिटल मॉडल की ओर बदलाव
- गवर्नेंस रिस्क: SHG और CLF संरचनाओं के भीतर फंड के दुरुपयोग को संबोधित करना
मुख्य शब्द: सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण · स्वयं सहायता समूह · क्लस्टर-लेवल फेडरेशन · वेंचर कैपिटल · ग्रामीण उद्यमिता
चर्चा में क्यों: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि हालांकि 'Make in India' का लक्ष्य आयात पर निर्भरता को कम करना है, लेकिन रक्षा विनिर्माण (defense manufacturing) में पूर्ण आत्मनिर्भरता हासिल करना व्यावहारिक नहीं है।
भारत सरकार आयात और स्वदेशी डिजाइन के बीच एक निरंतरता (continuum) को बढ़ावा दे रही है। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और लियोनार्डो (इटली) के बीच एक साझेदारी का उद्देश्य भारत में एक पूर्ण एकीकृत हेलीकॉप्टर निर्माण इकोसिस्टम स्थापित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदराजेश कुमार सिंह: भारत के Defence Secretary।
- तथ्यAdani Defence & Aerospace और Leonardo (Italy) एक हेलीकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम (manufacturing ecosystem) पर सहयोग कर रहे हैं।
- विज्ञान-तकनीकMake in India: डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आयात पर निर्भरता को कम करने की पहल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की रक्षा खरीद रणनीति में स्वदेशी विनिर्माण और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों और रणनीतिक आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
- रणनीतिक ट्रेड-ऑफ: तेज़ी से स्वदेशी क्षमता निर्माण और हाई-टेक विदेशी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की ज़रूरत के बीच संतुलन
- सप्लाई चेन इंटीग्रेशन: विदेशी OEMs पर लंबी अवधि की निर्भरता कम करने के लिए एंड-टू-एंड मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाना
मुख्य शब्द: आत्मनिर्भर भारत · रक्षा खरीद · तकनीकी हस्तांतरण · रणनीतिक स्वायत्तता · मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: बेंगलुरु में 'ग्लोबल समिट ऑन डायमंड ओपन एक्सेस' (Global Summit on Diamond Open Access) का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ज्ञान के समान वितरण और ग्लोबल साउथ (Global South) के शोधकर्ताओं के लिए 'डायमंड ओपन एक्सेस' मॉडल की स्थिरता पर चर्चा करना था।
इस शिखर सम्मेलन में शोधकर्ता, पुस्तकालयाध्यक्ष, नीति निर्माता, प्रकाशक और सरकारी प्रतिनिधि शामिल हुए। डायमंड ओपन एक्सेस (Diamond Open Access) मॉडल की विशेषता यह है कि इसमें न तो लेखकों से और न ही पाठकों से कोई शुल्क लिया जाता है और इसे सार्वजनिक वित्तपोषण संस्थानों द्वारा समर्थन प्राप्त होता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकDiamond Open Access: एक पब्लिशिंग मॉडल जो न तो लेखकों से और न ही पाठकों से शुल्क लेता है और सार्वजनिक फंडिंग (public funding) द्वारा समर्थित होता है।
- स्थानबेंगलुरु, भारत ने ग्लोबल समिट ऑन डायमंड ओपन एक्सेस (Global Summit on Diamond Open Access) की मेजबानी की।
- तथ्ययह मॉडल विशेष रूप से ग्लोबल साउथ (Global South) के शोधकर्ताओं के लिए सस्टेनेबिलिटी (sustainability) और भागीदारी को संबोधित करने का लक्ष्य रखता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यह चर्चा कीजिए कि 'डायमंड ओपन एक्सेस' (Diamond Open Access) मॉडल किस प्रकार वैश्विक ज्ञान साझाकरण का लोकतंत्रीकरण कर सकता है और 'ग्लोबल साउथ' (Global South) द्वारा सामना की जाने वाली अनुसंधान संबंधी असमानताओं को दूर करने में सहायक हो सकता है।
- नॉलेज इक्विटी: विकासशील देशों के शोधकर्ताओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले अकादमिक रिसर्च तक पहुँचने और उसे पब्लिश करने की वित्तीय बाधाओं को कम करना
- सस्टेनेबिलिटी मॉडल: अकादमिक पब्लिशिंग के लिए ऑथर-पे/रीडर-पे मॉडल से पब्लिक फंडिंग-सपोर्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: ज्ञान लोकतंत्र · ओपन एक्सेस · ग्लोबल साउथ · सार्वजनिक फंडिंग · रिसर्च इक्विटी
GS3कृषि › फसल पैटर्न एवं सिंचाईमेन्स चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को कोको सिटी (Cocoa City) विकास और PPP मॉडल के माध्यम से केसर की खेती जैसी पहलों के जरिए आंध्र प्रदेश को प्राकृतिक खेती का केंद्र बनाने का निर्देश दिया।
आंध्र प्रदेश सरकार एक प्राकृतिक खेती हब और 'कोको सिटी' (Cocoa City) स्थापित करने की योजना बना रही है। प्रमुख पहलों में एक्वाकल्चर (aquaculture) के लिए अनिवार्य पंजीकरण, पोल्ट्री के लिए प्रत्यक्ष आपूर्ति अनुबंध और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership - PPP) मॉडल के माध्यम से केसर की खेती को बढ़ावा देना शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यआंध्र प्रदेश का लक्ष्य एक नेचुरल फार्मिंग हब और एक कोको सिटी (Cocoa City) स्थापित करना है।
- योजनाआंध्र प्रदेश में केसर की खेती को PPP मॉडल के जरिए बढ़ावा देने का प्रस्ताव है।
- तथ्यराज्य में एक्वाकल्चर (Aquaculture) गतिविधियों के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन का प्रस्ताव दिया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय राज्यों में कृषि स्थिरता और किसानों की आय को बढ़ाने में प्राकृतिक खेती और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के संवर्धन की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- मार्केट लिंकेज: बिचौलियों को खत्म करने और सही दाम सुनिश्चित करने के लिए पोल्ट्री के लिए डायरेक्ट सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट्स
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: हाई-वैल्यू क्रॉप प्रोसेसिंग के लिए 'कोको सिटी' जैसे स्पेशलाइज्ड हब की ज़रूरत
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: पर्यावरणीय प्रभाव और संसाधन उपयोग की निगरानी के लिए अनिवार्य एक्वाकल्चर रजिस्ट्रेशन
मुख्य शब्द: प्राकृतिक खेती · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · वैल्यू चेन इंटीग्रेशन · कृषि हब · सतत कृषि
GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क (Import Tariffs) कम करने के निर्णय से कर्नाटक के विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा क्षेत्रों में निर्यात आधारित विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
अमेरिका ने कपड़ों, MSMEs, एयरोस्पेस, ऑटो कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर्स, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि उत्पादों सहित भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ (Tariff) कम करने का लक्ष्य रखा है। इस कदम से भारतीय निर्यातकों के लिए वैश्विक विमर्श का केंद्र 'कॉस्ट आर्बिट्रेज' (Cost Arbitrage) से बदलकर 'वैल्यू-लेड इनोवेशन' (Value-led Innovation) होने की उम्मीद है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यटैरिफ में कटौती से कर्नाटक के गारमेंट, एयरोस्पेस और ऑटो कंपोनेंट्स निर्माताओं पर प्रभाव पड़ता है।
- तथ्यइस पॉलिसी का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे उभरते सेक्टर्स को लाभ पहुँचाना है।
- तथ्यGlobal Capability Centres (GCCs) को ट्रेड शिफ्ट (trade shift) के लाभार्थी सेक्टर के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: व्यापार नीति में बदलाव और टैरिफ में कटौती किस प्रकार भारत के विनिर्माण क्षेत्र को लागत-आधारित प्रतिस्पर्धा से मूल्य-आधारित नवाचार की ओर परिवर्तित कर सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- मार्केट एक्सेस: हाई-एंड टेक्नोलॉजी मार्केट्स में प्रवेश आसान बनाने के लिए व्यापार की बाधाएं कम करना
- स्ट्रक्चरल शिफ्ट: मैन्युफैक्चरिंग में लो-कॉस्ट आर्बिट्रेज से वैल्यू-लेड इनोवेशन की ओर बदलाव
- क्षेत्रीय प्रभाव: इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के हब के रूप में कर्नाटक की भूमिका
मुख्य शब्द: एक्सपोर्ट-लेड ग्रोथ · कॉस्ट आर्बिट्रेज · वैल्यू-आधारित इनोवेशन · मार्केट एक्सेस · व्यापार नीति
चर्चा में क्यों: जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) आंध्र प्रदेश के सेंट्रल गोदावरी डेल्टा में जमीन धंसने (land subsidence) की कथित घटनाओं की जांच कर रहा है। माना जा रहा है कि इसका कारण एक बंद हो चुका सिंचाई ड्रेन सिस्टम और समुद्र के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है।
GSI-हैदराबाद और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी (NIH-Roorkee) मल्कीपुरम और सखिनेतिपल्ली मंडलों में 10,000 एकड़ कृषि भूमि के जलमग्न होने की जांच के लिए जल संसाधन विभाग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। डेल्टा में हुए भौगोलिक परिवर्तनों का आकलन करने के लिए ISRO से स्थलाकृतिक डेटा (topographic data) प्राप्त करने हेतु परामर्श लिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थाGSI: Geological Survey of India, जिसका मुख्यालय हैदराबाद में है, इस जांच के लिए जिम्मेदार है।
- संस्थाNIH: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी (National Institute of Hydrology), जो रुड़की में स्थित है।
- तथ्यप्रभावित क्षेत्र: मलकीपुरम और सखिनेतिपल्ली मंडलों में कम से कम 10,000 एकड़ कृषि भूमि।
- स्थानलोकेशन: सेंट्रल गोदावरी डेल्टा, आंध्र प्रदेश।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तटीय डेल्टा क्षेत्रों में भू-धंसाव (land subsidence) के लिए उत्तरदायी भूगर्भीय और जल-वैज्ञानिक कारकों की चर्चा कीजिए और समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से कृषि उत्पादकता पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
- हाइड्रोलॉजिकल इम्बैलेंस: बेकार सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्राउंडवाटर और मिट्टी की स्थिरता पर असर
- तटीय संवेदनशीलता: बढ़ते समुद्री जलस्तर और स्थानीय भू-धंसाव के बीच तालमेल
मुख्य शब्द: भूमि धंसना · डेल्टाई स्थलाकृति · तटीय क्षरण · जल विज्ञान प्रबंधन · भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
GS3कृषि › पशुपालन, मत्स्य पालन एवं संबद्ध क्षेत्रप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केरल ने वेलनेस टूरिज्म (Wellness Tourism) सेक्टर में व्यापारिक सहयोग और सतत विकास पर चर्चा करने के लिए पहले इंटरनेशनल आयुर्वेद एंड वेलनेस कॉन्क्लेव (International Ayurveda and Wellness Conclave) की मेजबानी की।
इस कार्यक्रम का आयोजन आयुर्वेद प्रमोशन सोसाइटी (APS) द्वारा पर्यटन विभाग के साथ साझेदारी में किया गया था। इसमें 34 देशों के 125 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया और इसमें 3,200 से अधिक B2B बैठकें आयोजित की गईं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानकेरल ने पहले International Ayurveda and Wellness Conclave की मेजबानी की।
- संस्थाआयुर्वेद प्रमोशन सोसाइटी (APS) ने डिपार्टमेंट ऑफ टूरिज्म के साथ साझेदारी में कॉन्क्लेव (conclave) का आयोजन किया।
- तथ्यइस सम्मेलन में 34 देशों के 125 से अधिक प्रतिनिधियों और 3,200 से अधिक B2B मीटिंग्स (meetings) में हिस्सा लिया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सतत आर्थिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के चालक के रूप में आयुर्वेद और वेलनेस पर्यटन की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
- आर्थिक विविधीकरण: हाई-वैल्यू वेलनेस टूरिज्म एक्सपोर्ट के लिए पारंपरिक ज्ञान का लाभ उठाना
- सस्टेनेबिलिटी ट्रेड-ऑफ: आयुर्वेद संसाधनों के पारिस्थितिक संरक्षण के साथ बड़े पैमाने पर पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर का संतुलन
मुख्य शब्द: वेलनेस टूरिज्म · सतत विकास · आयुर्वेद · B2B कोलैबोरेशन · सांस्कृतिक विरासत
चर्चा में क्यों: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor) अजीत डोवाल ने 12 जनवरी को PSLV-C62 मिशन की विफलता की समीक्षा करने के लिए विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) का दौरा किया।
PSLV-C62 मिशन PS3 चरण के दौरान विफल हो गया। यह मई और जनवरी में PSLV मिशनों की लगातार हुई विफलताओं के बाद हुआ है, जिसके कारण फेल्योर एनालिसिस कमेटी (Failure Analysis Committee) द्वारा इसकी समीक्षा की जा रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाVSSC: विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर भारत में रॉकेट विकास का प्राथमिक केंद्र है।
- तथ्यPSLV-C62 मिशन की विफलता PS3 स्टेज के दौरान हुई।
- पदअजीत डोवाल National Security Advisor (NSA) के पद पर कार्यरत हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के महत्व और स्वदेशी प्रक्षेपण यान प्रणालियों में विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
- रिलायबिलिटी बॉटलनेक: PS3 स्टेज में तकनीकी खामियां मिशन-क्रिटिकल सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट को प्रभावित कर रही हैं
- स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: मजबूत घरेलू R&D के जरिए विदेशी लॉन्च प्रोवाइडर्स पर निर्भरता कम करना
- सुरक्षा एकीकरण: निगरानी और कम्युनिकेशन के लिए स्पेस-आधारित एसेट्स को चालू रखना सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर · मिशन रिलायबिलिटी · स्वदेशी तकनीक · राष्ट्रीय सुरक्षा
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत तेलंगाना के लिए केंद्र सरकार द्वारा 4.5 लाख घरों की मंजूरी की घोषणा की।
तेलंगाना के लिए PMAY परियोजना के अंतर्गत ₹4,350 करोड़ की कुल लागत से 1.3 लाख शहरी इकाइयां और 3 लाख ग्रामीण घर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बजट में अन्वेषण और अनुसंधान (Exploration and Research) के लिए परमाणु खनिज निदेशालय (Atomic Minerals Directorate) को ₹406 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- योजनाPMAY: प्रधानमंत्री आवास योजना (Pradhan Mantri Awas Yojana) का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी गरीबों को आवास प्रदान करना है।
- तथ्यतेलंगाना PMAY आवंटन: ₹4,350 करोड़ की लागत से 4.5 लाख घर (1.3 लाख शहरी, 3 लाख ग्रामीण)।
- संस्थाएटॉमिक मिनरल्स डायरेक्टोरेट फॉर एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च (Atomic Minerals Directorate for Exploration and Research) को केंद्रीय बजट में ₹406 करोड़ प्राप्त हुए।
- संस्थाARCI, CDFD और NIAB को लगभग ₹3,000 करोड़ की फंडिंग मिली।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में ग्रामीण-शहरी प्रवास को कम करने और समावेशी बुनियादी ढांचा विकास को बढ़ावा देने में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) जैसी आवास योजनाओं की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- शहरी-ग्रामीण असमानता: शहरी केंद्रों की ओर होने वाले संकटपूर्ण पलायन को रोकने के लिए आवास की कमी को दूर करना
- राजकोषीय संघवाद: राज्यों की बुनियादी ढांचा जरूरतों और केंद्र के बजट आवंटन के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: समावेशी विकास · ग्रामीण-शहरी पलायन · आवास की कमी · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · राजकोषीय आवंटन
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: केरल परिवहन विभाग ने खारिज किए गए सिल्वरलाइन हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के विकल्प के रूप में 583 किमी लंबे रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।
यह परियोजना तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक 583 किमी तक फैली हुई है। इसका पहला चरण, 284 किमी लंबी त्रावणकोर लाइन, 2027 से 2033 के बीच कार्यान्वित होने वाली है, जिसकी अनुमानित लागत ₹1,92,780 करोड़ है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- तथ्यRRTS प्रोजेक्ट की लंबाई: तिरुवनंतपुरम से कसरगोड तक 583 किमी।
- तथ्यप्रथम चरण (Travancore line) की लंबाई: 284 किलोमीटर।
- तथ्यपहले चरण के लिए अनुमानित लागत: ₹1,92,780 करोड़।
- तथ्यपहले चरण के लिए एग्जीक्यूशन टाइमलाइन (Execution timeline): 2027 से 2033।
- संस्थाकेरल ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट इस प्रस्ताव के लिए नोडल बॉडी है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में शहरी भीड़भाड़ को कम करने और सतत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने में बहु-आयामी पारगमन प्रणालियों (multimodal transit systems) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- अंतर-सरकारी समन्वय: राज्य और केंद्र सरकारों के बीच तकनीकी आपत्तियों और क्लीयरेंस की बाधाओं को दूर करना
- मोडल शिफ्ट डायनेमिक्स: प्राइवेट व्हीकल पर निर्भरता से इंटीग्रेटेड रेल-मेट्रो नेटवर्क की ओर बदलाव
- राजकोषीय व्यवहार्यता: राज्यों में क्षेत्रीय रेल बुनियादी ढांचे के लिए उच्च पूंजीगत व्यय का प्रबंधन
मुख्य शब्द: मल्टीमॉडल ट्रांजिट · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · सस्टेनेबल मोबिलिटी · पूंजीगत व्यय
GS3आंतरिक सुरक्षा › आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि उसके पास नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लद्दाख से राजस्थान में स्थानांतरित करने का अधिकार है।
सॉलिसिटर जनरल, तुषार मेहता ने तर्क दिया कि यह स्थानांतरण वांगचुक के खिलाफ ठोस सबूतों के आधार पर न्यायोचित था और इसमें प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों (procedural safeguards) का पालन किया गया था। सुप्रीम कोर्ट वर्तमान में इस कदम की वैधता की समीक्षा कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- पदसोनम वांगचुक: एक क्लाइमेट एक्टिविस्ट जो वर्तमान में लद्दाख में हिरासत में हैं।
- तथ्यएक्टिविस्ट के लद्दाख से राजस्थान में शिफ्टिंग (relocation) का प्रस्ताव है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) जैसे निवारक निरोध कानूनों के प्रयोग हेतु राज्य की शक्तियों और व्यक्तिगत नागरिक स्वतंत्रता के संरक्षण के बीच संतुलन का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपाय: NSA हिरासत में न्यायिक निगरानी और वस्तुनिष्ठ साक्ष्य मानकों को सुनिश्चित करना
- संवैधानिक टकराव: राष्ट्रीय सुरक्षा की ज़रूरतों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के बीच संतुलन
- प्रशासनिक विवेक: राज्य सीमाओं के पार डिटेनियों को स्थानांतरित करने में कार्यकारी अधिकार का दायरा
मुख्य शब्द: निवारक निरोध · राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम · नागरिक स्वतंत्रता · न्यायिक समीक्षा · कार्यकारी अधिकार
चर्चा में क्यों: BITS Pilani–Hyderabad और RMIT यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मायोग्लोबिन की निगरानी के जरिए दिल के दौरे (heart attack) का शुरुआती पता लगाने के लिए ग्राफीन-आधारित, कम लागत वाला लचीला बायो-सेंसर (biosensor) विकसित किया है।
यह बायोसेंसर ग्राफीन-आधारित, हल्का और पोर्टेबल है, जिसे पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्टिंग (point-of-care testing) के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह विशेष रूप से मायोग्लोबिन (myoglobin) का पता लगाता है, जो एक प्रमुख कार्डिएक बायोमार्कर है। इसका उद्देश्य कम संसाधनों वाले स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में दिल के दौरे (heart attack) के शुरुआती निदान को आसान बनाना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- विज्ञान-तकनीकमायोग्लोबिन (Myoglobin): हार्ट अटैक का जल्दी पता लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक प्रमुख कार्डिएक बायोमार्कर (cardiac biomarker)।
- विज्ञान-तकनीकग्राफीन (Graphene): फ्लेक्सिबल बायो-सेंसर (flexible biosensor) के विकास के लिए इस्तेमाल होने वाला आधारभूत पदार्थ।
- तथ्ययह टेक्नोलॉजी ग्रामीण और कम संसाधनों वाले अस्पतालों में point-of-care testing के लिए डिज़ाइन की गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवा की समानता के अंतर को पाटने में कम लागत वाले, पोर्टेबल डायग्नोस्टिक बायो-सेंसर्स के विकास की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- डायग्नोस्टिक एक्सेसिबिलिटी: एक्यूट कार्डिएक केयर के लिए सेंट्रलाइज्ड लैब इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता कम करना
- लागत-प्रभावशीलता: पब्लिक हेल्थ सिस्टम में प्रति-टेस्ट लागत कम करने के लिए ग्राफीन-आधारित मटेरियल का इस्तेमाल
- पॉइंट-ऑफ-केयर उपयोगिता: भौगोलिक रूप से दूरदराज के इलाकों में कार्डियक मरीजों के लिए 'टाइम-टू-ट्रीटमेंट' को कम करना
मुख्य शब्द: पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्टिंग · कार्डिएक बायोमार्कर · ग्राफीन-आधारित सेंसर्स · स्वास्थ्य समानता · डायग्नोस्टिक इनोवेशन
GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: ओडिशा, कर्नाटक और केरल में घोंसला बनाने वाली जगहों (nesting sites) पर पर्यटन के लिए 'टर्टल ट्रेल्स' (turtle trails) विकसित करने के केंद्रीय बजट प्रस्ताव पर संरक्षणवादियों और शोधकर्ताओं ने चिंता जताई है।
केंद्रीय बजट में ओडिशा, कर्नाटक और केरल के नेस्टिंग साइट्स (nesting sites) पर 'टर्टल ट्रेल्स' (turtle trails) का प्रस्ताव दिया गया है। वन्यजीव कार्यकर्ता बिस्वजीत मोहंती ने चेतावनी दी है कि इस तरह का ईकोटूरिज्म (ecotourism) लुप्तप्राय ऑलिव रिडले समुद्री कछुओं के सामूहिक नेस्टिंग में बाधा डाल सकता है। उन्होंने चिल्का झील के डॉल्फिन आवास में पहले हुई गड़बड़ियों का भी उदाहरण दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पर्यावरणओलिव रिडले (Olive Ridley) समुद्री कछुए एक संकटग्रस्त प्रजाति (endangered species) हैं जो सामूहिक नेस्टिंग (mass nesting) के लिए जाने जाते हैं।
- स्थानओडिशा, कर्नाटक और केरल में टर्टल ट्रेल्स (turtle trails) बनाने की योजना प्रस्तावित है।
- तथ्यलाइट पोल्यूशन (Light pollution) को एक ऐसे विशिष्ट कारक के रूप में पहचाना गया है जो कछुओं को नेस्टिंग (nesting) से विचलित कर सकता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विलुप्तप्राय समुद्री प्रजातियों के संवेदनशील प्रजनन आवासों की पारिस्थितिक अखंडता सुनिश्चित करने और पारिस्थितिक-पर्यटन (इकोटूरिज्म) को बढ़ावा देने के बीच उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोधों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- पारिस्थितिक व्यवधान: इंसानों द्वारा फैलाया गया लाइट पॉल्यूशन और शोर ओलिव रिडले कछुओं के बायोलॉजिकल नेस्टिंग साइकल में बाधा डाल रहा है
- पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: तटीय क्षेत्रों में पर्यटन से होने वाले तत्काल आर्थिक लाभ और दीर्घकालिक जैव विविधता संरक्षण लक्ष्यों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: इकोटूरिज्म · जैव विविधता संरक्षण · आवास विखंडन · लुप्तप्राय प्रजातियां · सतत विकास
GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: नीतीश कुमार सरकार ने आगामी वित्त वर्ष के लिए बिहार राज्य का बजट पेश किया, जिसमें ज्ञान, विज्ञान और आकांक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया गया है।
बिहार सरकार ने ₹3.47 लाख करोड़ का बजट पेश किया है, जो 2025-26 में आवंटित ₹3.17 लाख करोड़ से अधिक है। इस बजट में सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए ₹7,724 करोड़ शामिल हैं और इसमें मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना पर विशेष ज़ोर दिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यआगामी वर्ष के लिए बिहार राज्य का बजट: ₹3.47 लाख करोड़।
- तथ्यपिछला वर्ष (2025-26) बजट: ₹3.17 लाख करोड़।
- तथ्यसोशल वेलफेयर स्कीम (Social welfare scheme) आवंटन: ₹7,724 करोड़।
- योजनामुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना: 1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं को ₹10,000 प्रत्येक प्रदान किए गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बिहार में समावेशी विकास और महिला सशक्तिकरण की प्राप्ति में राज्य-स्तरीय राजकोषीय बजटिंग की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- राजकोषीय विस्तार: बजट खर्च में बढ़ोतरी और टिकाऊ कर्ज प्रबंधन के बीच संतुलन
- लक्षित कल्याण: मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर का प्रभाव
- ह्यूमन कैपिटल: लंबी अवधि की उत्पादकता के लिए राज्य के खर्च को 'ज्ञान' और 'विज्ञान' के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · समावेशी विकास · डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर · मानव पूंजी निर्माण · समाज कल्याण खर्च
चर्चा में क्यों: इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट चेंज स्टडीज ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि गर्म सर्दियों और मानसून की बारिश में कमी के कारण केरल में 2025 रिकॉर्ड के अनुसार 13वां सबसे गर्म साल रहा।
वर्ष 2025 में केरल का वार्षिक औसत भू-सतह वायु तापमान 25.82°सी. दर्ज किया गया, जो दीर्घकालिक औसत (Long Period Average - LPA) से 0.22°सी. अधिक है। रिपोर्ट में दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व दोनों मानसून के दौरान वर्षा में महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यकेरल का 2025 का औसत लैंड सरफेस एयर टेम्परेचर (mean land surface air temperature): 25.82°C।
- तथ्यतापमान विचलन: Long Period Average (LPA) से 0.22°सी. अधिक।
- संस्थाइंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट चेंज स्टडीज (Institute for Climate Change Studies), केरल स्टेट काउंसिल फॉर साइंस, टेक्नोलॉजी एंड एनवायरनमेंट के अंतर्गत आता है।
- स्थान2025 में केरल में दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व दोनों मानसून के दौरान बारिश की कमी (rainfall deficits) दर्ज की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: केरल के कृषि-जलवायु क्षेत्रों पर बढ़ते भू-सतह तापमान और अनिश्चित मानसून प्रतिरूपों के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- हाइड्रोलॉजिकल स्ट्रेस: मानसून रिचार्ज कम होने से ग्राउंडवाटर और रिज़र्वोयर लेवल पर असर
- कृषि संवेदनशीलता: बढ़ते औसत भूमि सतह तापमान के कारण फसलों की उपयुक्तता में बदलाव
- क्लाइमेट अडैप्टेशन: अनिश्चित मानसून पैटर्न के लिए लोकल अर्ली वार्निंग सिस्टम की ज़रूरत
मुख्य शब्द: लॉन्ग पीरियड एवरेज · मानसून की कमी · भूमि की सतह का तापमान · क्लाइमेट रेजिलिएंस · कृषि-जलवायु परिवर्तनशीलता
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: APSRTC के MD, एम.टी. कृष्ण बाबू ने बताया कि 'स्त्री शक्ति' योजना ने महिला यात्रियों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि करके APSRTC की वित्तीय स्थिरता को मजबूत किया है।
APSRTC की योजना PM e-Bus Sewa योजना के तहत 1,050 इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की है। राज्य सरकार ने आंध्र प्रदेश में सड़क विकास के लिए ₹3,000 करोड़ आवंटित किए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- योजनाPM e-Bus सेवा: इलेक्ट्रिक बसें तैनात करने के लिए केंद्र सरकार की एक योजना।
- तथ्यAPSRTC 1,050 इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने की योजना बना रहा है।
- तथ्यआंध्र प्रदेश में सड़क विकास के लिए ₹3,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- संस्थाAPSRTC: आंध्र प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्त्री शक्ति जैसी लक्षित सामाजिक योजनाओं के सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों की वित्तीय स्थिरता में किस प्रकार योगदान दे सकती हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
- रेवेन्यू डाइवर्सिफिकेशन: ऑपरेशनल कॉस्ट की भरपाई के लिए महिला राइडरशिप बढ़ाना
- इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रांजिशन: पीएम ई-बस सेवा के तहत इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाना
- राजकोषीय आवंटन: राज्य सड़क विकास फंड और सार्वजनिक परिवहन आधुनिकीकरण के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: वित्तीय स्थिरता · सार्वजनिक परिवहन · जेंडर-इन्क्लूसिव मोबिलिटी · इलेक्ट्रिक मोबिलिटी · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
GS3आंतरिक सुरक्षा › आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: NIA ने पूर्व नेताओं और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े एक आतंकी इकोसिस्टम (terror ecosystem) की जांच करने के लिए 3 फरवरी, 2026 को कश्मीर घाटी में छापेमारी की।
NIA ने रफियाबाद, सोपोर, बोमाइ, बंदिपोरा और परीम्पोरा में तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के मुख्य लक्ष्यों में पूर्व जमात-ए-इस्लामी नेता गुलाम अहमद शेख, पूर्व उग्रवादी इकबाल शेख और पूर्व सरकारी कर्मचारी मोहम्मद मुनवर मीर और फारूक अहमद पीर शामिल थे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाNIA: National Investigation Agency भारत में आतंकवाद विरोधी कानून लागू करने वाली प्राथमिक एजेंसी है।
- स्थानरफीआबाद, सोपोर, बोमाइ, बंदिपोरा और परीमपोरा कश्मीर वैली (Kashmir Valley) में स्थित स्थान हैं।
- तथ्य3 फरवरी, 2026 को छापेमारी की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के पारिस्थितिकी तंत्र (terror ecosystems) को ध्वस्त करने में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के समक्ष आने वाली चुनौतियों और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में खुफिया आधारित पुलिसिंग (intelligence-led policing) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- संस्थागत समन्वय: NIA और स्थानीय पुलिस बलों के बीच इंटेलिजेंस शेयरिंग
- कानूनी ढांचा: NIA की जांच शक्तियों और व्यक्तिगत प्राइवेसी अधिकारों के बीच संतुलन
- काउंटर-रेडिकलाइजेशन: उग्रवादी विचारधाराओं और प्रशासनिक कर्मियों के बीच के संबंध को संबोधित करना
मुख्य शब्द: आतंकवाद विरोधी · इंटेलिजेंस-लेड पुलिसिंग · आंतरिक सुरक्षा · कट्टरपंथ · कानून प्रवर्तन
GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साउथ कोस्ट रेलवे (SCoR) ज़ोन के निर्माण कार्य के जल्द शुरू होने की घोषणा की।
साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन का मुख्यालय विशाखापट्टनम में होगा और इसके लिए बजट से ₹10,134 करोड़ आवंटित किए गए हैं। प्रमुख परियोजनाओं में हैदराबाद-चेन्नई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और एर्रुपलेम-नंबुर तथा कोटिपल्ली-नरसपुर रेल लाइनें शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- स्थानSouth Coast Railway (SCoR) ज़ोन का मुख्यालय: विशाखापट्टनम।
- तथ्यSCoR ज़ोन के लिए बजट आवंटन: ₹10,134 करोड़।
- तथ्यप्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट: हैदराबाद-चेन्नई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर।
- तथ्यवर्तमान में निर्माणाधीन रेलवे लाइनें: एर्रुपलेम-नंबुर और कोटिपल्ली-नरसपुर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में रेलवे क्षेत्रों के विस्तार और उच्च गति वाले गलियारों (high-speed corridors) के क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और औद्योगिक विकास के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।
- लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: हैदराबाद और चेन्नई जैसे प्रमुख इंडस्ट्रियल हब्स के बीच ट्रांजिट समय को कम करना
- क्षेत्रीय कनेक्टिविटी: स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए आंध्र प्रदेश में मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट लिंक को बेहतर बनाना
- राजकोषीय आवंटन: हाई-स्पीड रेल बनाम पारंपरिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर कैपिटल एक्सपेंडिचर का संतुलन
मुख्य शब्द: क्षेत्रीय एकीकरण · पूंजीगत व्यय · मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट · लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर · इकोनॉमिक कॉरिडोर
GS3आंतरिक सुरक्षा › आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: मई 2023 से जारी जातीय हिंसा के बीच, मणिपुर में सुरक्षा बलों ने दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया और हथियारों व विस्फोटकों को जब्त किया।
सुरक्षा बलों ने बोंगमोल और SL ज़ौगम गाँवों के पास से एक AK-47 राइफल, पिस्तौल और IED के तार बरामद किए हैं। इंफाल वेस्ट जिले में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (Peoples’ Liberation Army) और कंगलई यावोल कन्ना लुप (Kanglei Yawol Kanna Lup) के दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यजब्त किए गए हथियारों में एक AK-47 राइफल, पिस्तौल और IED वायर शामिल थे।
- स्थानबोंगमोल और SL ज़ौगम गाँव मणिपुर के वे स्थान हैं जहाँ ज़ब्ती (seizures) हुई।
- तथ्यमणिपुर के इंफाल वेस्ट जिले में उग्रवादियों (Militants) को गिरफ्तार किया गया।
- तथ्यपीपल्स लिबरेशन आर्मी और कंगलई यावोल कन्ना लुप इस क्षेत्र के पहचाने गए उग्रवादी समूह हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बढ़ती जातीय हिंसा और उग्रवादी गतिविधियों के बीच मणिपुर में आंतरिक सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- इंटेलिजेंस गैप: पहाड़ी इलाकों में गैर-राज्य अभिनेताओं और अवैध हथियारों की आवाजाही पर नज़र रखने में मुश्किल
- संस्थागत घर्षण: संघर्ष क्षेत्रों में केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के बीच समन्वय की चुनौतियां
मुख्य शब्द: आंतरिक सुरक्षा · उग्रवाद · जातीय हिंसा · आतंकवाद विरोधी · कानून और व्यवस्था
चर्चा में क्यों: कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (CIAL) ने केरल हाइड्रोजन वैली इनोवेशन क्लस्टर फाउंडेशन के साथ यात्री परिवहन के लिए भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित बसों को तैनात करने के लिए एक समझौता किया है।
तीन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 1 फरवरी, 2026 को समझौता किया गया। एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेशंस से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए इस परियोजना को नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) के तहत लागू किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यCIAL यात्री परिवहन के लिए तीन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक बसें (fuel cell electric buses) खरीदेगी।
- संस्थाकेरल हाइड्रोजन वैली इनोवेशन क्लस्टर फाउंडेशन (Kerala Hydrogen Valley Innovation Cluster Foundation): हाइड्रोजन बस प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली संस्था।
- स्थानकोच्चि एयरपोर्ट: भारत में हाइड्रोजन-पावर्ड बस संचालन का पहला स्थान।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के परिवहन बुनियादी ढांचे को कार्बन मुक्त करने में राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की भूमिका और हाइड्रोजन अपनाने से जुड़ी तार्किक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन बनाने की भारी लागत और फ्यूल सेल बसों के लिए खास मेंटेनेंस
- तकनीकी बदलाव: EVs की तुरंत स्केलेबिलिटी और हाइड्रोजन की लंबे समय के डीकार्बोनाइजेशन पोटेंशियल के बीच संतुलन
- पॉलिसी सिनर्जी: स्थानीय उत्सर्जन कम करने के लिए राज्य के इनोवेशन क्लस्टर्स को केंद्र के ग्रीन हाइड्रोजन मैंडेट्स के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: डीकार्बोनाइजेशन · फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी · ग्रीन हाइड्रोजन · सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट · उत्सर्जन कम करना
GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: भारत की आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) 2025-26 में तमिलनाडु को सबसे तेज़ी से बढ़ती राज्य अर्थव्यवस्था के रूप में पहचाना गया है, जिसने 2024-25 में 11.19% की वास्तविक वृद्धि (Real Growth) दर्ज की है।
तमिलनाडु ने 2024-25 में 11.19% की वास्तविक विकास दर (real growth rate) हासिल की, जिससे यह सबसे तेजी से बढ़ती राज्य अर्थव्यवस्था बन गई। राज्य ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में अपने नेतृत्व और भारत के विजन 2047 (Vision 2047) में अपने योगदान के लिए उल्लेखनीय है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यतमिलनाडु की 2024-25 में रियल ग्रोथ रेट (Real growth rate) 11.19% रही।
- स्थानतमिलनाडु ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का एक प्रमुख हब है।
- तथ्यइकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में तमिलनाडु को सबसे तेज़ी से बढ़ती राज्य अर्थव्यवस्था के रूप में मान्यता दी गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तमिलनाडु के औद्योगिक नेतृत्व में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और भारत के 'विजन 2047' लक्ष्यों को प्राप्त करने में इसकी भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
- औद्योगिक विविधीकरण: ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स के बीच तालमेल
- इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास: औद्योगिक उत्पादकता पर शहरी विकास और सामाजिक कल्याण का प्रभाव
- सस्टेनेबिलिटी इंटीग्रेशन: औद्योगिक उत्पादन और पर्यावरणीय सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: वास्तविक विकास · औद्योगिक विविधता · विज़न 2047 · मैन्युफैक्चरिंग हब · इकोनॉमिक सर्वे
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