सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

BITS Pilani–Hyderabad और RMIT यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मायोग्लोबिन की निगरानी के जरिए दिल के दौरे (heart attack) का शुरुआती पता लगाने के लिए ग्राफीन-आधारित

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान· प्रीलिम्स + मेन्स·

चर्चा में क्यों

BITS Pilani–Hyderabad और RMIT यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मायोग्लोबिन की निगरानी के जरिए दिल के दौरे (heart attack) का शुरुआती पता लगाने के लिए ग्राफीन-आधारित, कम लागत वाला लचीला बायो-सेंसर (biosensor) विकसित किया है।

पृष्ठभूमि

यह बायोसेंसर ग्राफीन-आधारित, हल्का और पोर्टेबल है, जिसे पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्टिंग (point-of-care testing) के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह विशेष रूप से मायोग्लोबिन (myoglobin) का पता लगाता है, जो एक प्रमुख कार्डिएक बायोमार्कर है। इसका उद्देश्य कम संसाधनों वाले स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में दिल के दौरे (heart attack) के शुरुआती निदान को आसान बनाना है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • विज्ञान-तकनीकमायोग्लोबिन (Myoglobin): हार्ट अटैक का जल्दी पता लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक प्रमुख कार्डिएक बायोमार्कर (cardiac biomarker)।
  • विज्ञान-तकनीकग्राफीन (Graphene): फ्लेक्सिबल बायो-सेंसर (flexible biosensor) के विकास के लिए इस्तेमाल होने वाला आधारभूत पदार्थ।
  • तथ्ययह टेक्नोलॉजी ग्रामीण और कम संसाधनों वाले अस्पतालों में point-of-care testing के लिए डिज़ाइन की गई है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवा की समानता के अंतर को पाटने में कम लागत वाले, पोर्टेबल डायग्नोस्टिक बायो-सेंसर्स के विकास की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • डायग्नोस्टिक एक्सेसिबिलिटी: एक्यूट कार्डिएक केयर के लिए सेंट्रलाइज्ड लैब इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता कम करना
  • लागत-प्रभावशीलता: पब्लिक हेल्थ सिस्टम में प्रति-टेस्ट लागत कम करने के लिए ग्राफीन-आधारित मटेरियल का इस्तेमाल
  • पॉइंट-ऑफ-केयर उपयोगिता: भौगोलिक रूप से दूरदराज के इलाकों में कार्डियक मरीजों के लिए 'टाइम-टू-ट्रीटमेंट' को कम करना

मुख्य शब्द: पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्टिंग · कार्डिएक बायोमार्कर · ग्राफीन-आधारित सेंसर्स · स्वास्थ्य समानता · डायग्नोस्टिक इनोवेशन

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्य

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर और नोट्स

सभी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स →

कोई गलती या कोई कमी?

किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।

गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →[email protected]

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।