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भाग I · स्था. 11.2025 
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सामाजिक न्याय करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के सामाजिक न्याय भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,363 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्य (452) · शिक्षा नीति (452) · कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे) (419) · गरीबी, भूख एवं पोषण (37) · मानव संसाधन एवं कौशल विकास (3)

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स + मेन्स

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को पिछले पांच वर्षों में आवारा पशु नियंत्रण के नियमों को लागू करने में विफलता के कारण

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को पिछले पांच वर्षों में आवारा पशु नियंत्रण के नियमों को लागू करने में विफलता के कारण, कुत्ते के काटने की घटनाओं के लिए भारी मुआवजा देने का आदेश दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच के साथ यह फैसला सुनाया कि डॉग-बाइट (कुत्ते के काटने) के मामलों में मुआवजे के लिए राज्य सरकारें जिम्मेदार होंगी। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आवारा जानवरों से जुड़ी घटनाओं के लिए डॉग लवर्स और उन्हें खाना खिलाने वाले लोग जवाबदेह होंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यकोर्ट ने पांच साल की अवधि के दौरान आवारा पशु नियंत्रण मानदंडों (stray animal control norms) के कार्यान्वयन की कमी का हवाला दिया।
  • पदजस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता: फैसले की अध्यक्षता करने वाले जज।
मेन्स के लिए

प्रश्न: शहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं की आबादी के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों और पशु-संबंधित सार्वजनिक सुरक्षा संबंधी मुद्दों के लिए व्यक्तियों एवं राज्यों की जवाबदेही तय करने के कानूनी निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • रेगुलेटरी गैप: आवारा पशु नियंत्रण मानकों के लिए राज्य स्तर पर मानकीकृत प्रवर्तन की कमी
  • लायबिलिटी का टकराव: पशु खिलाने वालों के व्यक्तिगत अधिकारों और सार्वजनिक सुरक्षा व जीवन के अधिकार के बीच संतुलन
  • प्रशासनिक बाधा: पशु आश्रय और नसबंदी के लिए नगर निगम का बुनियादी ढांचा अपर्याप्त

मुख्य शब्द: सार्वजनिक सुरक्षा · नगर निगम शासन · दायित्व · पशु कल्याण · न्यायिक सक्रियता

GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स + मेन्स

सुप्रीम कोर्ट ने कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) को निर्देश दिया है कि वह कई विकलांगताओं वाली एक महिला को एक अतिरिक्त पद (supernumerary post) और विशेष उपकरण उपलब्ध कराए

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India Limited) को निर्देश दिया है कि वह कई विकलांगताओं वाली एक महिला को एक अतिरिक्त पद (supernumerary post) और विशेष उपकरण उपलब्ध कराए।

सुप्रीम कोर्ट ने सुजाता बोरा से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाया, जिन्हें शुरुआत में कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) में एक पद के लिए खारिज कर दिया गया था। कोर्ट ने इस फैसले के समर्थन में ILO ग्लोबल बिजनेस एंड डिसेबिलिटी नेटवर्क चार्टर और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश विलियम ओ. डगलस के विचारों का हवाला दिया।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यकोर्ट ने आवेदक के लिए एक सुपरन्यूमेररी पोस्ट (supernumerary post) और विशेष उपकरणों के प्रावधान का निर्देश दिया।
  • पदजस्टिस JB पारदीवाला ने विकलांगों के प्रति कॉर्पोरेट कर्तव्यों के संबंध में फैसला सुनाया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के ढांचे में दिव्यांगजनों के अधिकारों को एकीकृत करना भारत में समावेशी आर्थिक विकास को कैसे बढ़ावा दे सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।

  • संस्थागत बाधा: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में मानकीकृत एक्सेसिबिलिटी प्रोटोकॉल की कमी
  • आर्थिक तर्क: बिजनेस की सफलता के लिए फिलैंथ्रोपिक CSR से 'स्ट्रेटेजिक एडवांटेज' मॉडल की ओर बदलाव
  • कानूनी ढांचा: गरिमा और समान अवसर के लिए कॉर्पोरेट कर्तव्यों को संवैधानिक आदेशों के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी · समावेशी विकास · संवैधानिक कर्तव्य · रणनीतिक लाभ · विकलांग अधिकार

करिमनगर के एक छात्र का चयन 'प्रोजेक्ट वीर गाथा 5.0' के 'सुपर 100' विजेताओं में हुआ है

चर्चा में क्यों: करिमनगर के एक छात्र का चयन 'प्रोजेक्ट वीर गाथा 5.0' के 'सुपर 100' विजेताओं में हुआ है। यह रक्षा और शिक्षा मंत्रालयों की एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य छात्रों द्वारा सुनाई गई वीरता की कहानियों को सम्मानित करना है।

प्रोजेक्ट वीर गाथा 5.0 में देश भर के 1.92 करोड़ से अधिक छात्र शामिल हुए। विजेताओं को नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान सम्मानित किया जाता है और उन्हें एक प्रमाण पत्र तथा ₹10,000 प्रदान किए जाते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनाप्रोजेक्ट वीर गाथा (Project Veer Gatha) रक्षा मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय की एक संयुक्त पहल है।
  • तथ्यProject वीर गाथा 5.0 में 1.92 करोड़ से अधिक छात्रों ने भाग लिया।
  • तथ्यSuper 100 विजेताओं को एक सर्टिफिकेट और ₹10,000 मिलते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में युवाओं के बीच देशभक्ति के मूल्यों को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय एकीकरण को सुदृढ़ करने में 'प्रोजेक्ट वीर गाथा' जैसी पहल किस प्रकार योगदान देती हैं, चर्चा कीजिए।

  • शिक्षा पद्धति में बदलाव: स्कूली पाठ्यक्रम में वीरता की ऐतिहासिक कहानियों को शामिल करना
  • मनोवैज्ञानिक प्रभाव: छात्रों द्वारा वीरता की कहानियों के जरिए राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करना

मुख्य शब्द: राष्ट्रीय एकीकरण · शिक्षा में नवाचार · वीरता पुरस्कार · नागरिक बोध · देशभक्ति

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स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने केरल के युवाओं (15-24 आयु वर्ग) में अंतर-राज्यीय प्रवास (inter-state migration) के कारण नए HIV मामलों में हुई महत्वपूर्ण वृद्धि पर प्रकाश डाला

चर्चा में क्यों: स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने केरल के युवाओं (15-24 आयु वर्ग) में अंतर-राज्यीय प्रवास (inter-state migration) के कारण नए HIV मामलों में हुई महत्वपूर्ण वृद्धि पर प्रकाश डाला।

केरल एड्स कंट्रोल सोसाइटी (KSACS) की रिपोर्ट के अनुसार, 15-24 आयु वर्ग में HIV के मामलों में 2022 में 9% से बढ़कर 2024 में 14.2% की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य सरकार अब शुरुआती निदान (early diagnosis) और निरंतर एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी पर ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि वायरल लोड को नगण्य स्तर तक कम किया जा सके।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकेरल में 15-24 आयु वर्ग में HIV के मामले 2022 में 9% से बढ़कर 2024 में 14.2% हो गए।
  • संस्थाकेरल AIDS Control Society (KSACS) वह संस्था है जो राज्य के HIV डेटा की रिपोर्ट करती है।
  • विज्ञान-तकनीकAntiretroviral therapy का उद्देश्य वायरल लोड को अनडिटेक्टेबल (undetectable) स्तर तक कम करना है ताकि ट्रांसमिशन रिस्क को खत्म किया जा सके।
मेन्स के लिए

प्रश्न: प्रवासी आबादी के बीच एचआईवी (HIV) जैसी संक्रामक बीमारियों के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और राज्यों में सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।

  • डेमोग्राफिक वल्नरेबिलिटी: अंतर-राज्यीय माइग्रेशन और जागरूकता की कमी के कारण युवाओं में अधिक जोखिम
  • क्लिनिकल इंटरवेंशन: ट्रांसमिशन रोकने के लिए अनडिटेक्टेबल वायरल लोड हासिल करने में एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी की प्रभावशीलता
  • निगरानी में कमी: अधिक प्रसार वाले राज्यों में प्रवासी स्वास्थ्य डेटा की मजबूत ट्रैकिंग की ज़रूरत

मुख्य शब्द: सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी · एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी · संक्रामक बीमारियाँ · प्रवासी स्वास्थ्य · जल्दी पहचान और निदान

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वर्ष 2025 में मिजोरम में ट्यूबरकुलोसिस (TB) से होने वाली मौतों की संख्या 145 दर्ज की गई, जो पिछले छह वर्षों में सबसे अधिक है

चर्चा में क्यों: वर्ष 2025 में मिजोरम में ट्यूबरकुलोसिस (TB) से होने वाली मौतों की संख्या 145 दर्ज की गई, जो पिछले छह वर्षों में सबसे अधिक है। यह आंकड़ा उच्च उपचार सफलता दर के बावजूद बढ़ती मृत्यु दर को दर्शाता है।

मिजोरम में वर्ष 2025 में टीबी (TB) के 2,275 नए मामले सामने आए, जिनमें से 1,900 मामले सरकारी केंद्रों और 375 मामले निजी केंद्रों में पाए गए। राज्य में MDR-TB के 146 मामले दर्ज किए गए और 267 मामले एचआईवी एड्स (HIV AIDS) से सह-संक्रमित (co-infected) पाए गए।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यमिजोरम में 2025 में 145 TB मौतें दर्ज की गईं, जो पिछले छह वर्षों का उच्चतम स्तर है।
  • संस्थाNational TB Elimination Programme, National Health Mission के अंतर्गत संचालित होता है।
  • योजनाPM TB मुक्त भारत अभियान 'Nikshay' ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।
  • तथ्यमिजोरम ने TB के लिए 84% की ट्रीटमेंट सक्सेस रेट (treatment success rate) दर्ज की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पूर्वोत्तर भारत में मृत्यु दर में हो रही वृद्धि के विशेष संदर्भ में, 'तपेदिक मुक्त भारत' (TB-free India) के लक्ष्य को प्राप्त करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • डायग्नोस्टिक गैप: टीबी मामलों के लिए सरकारी और प्राइवेट सेक्टर के डिटेक्शन रेट के बीच अंतर
  • को-मॉरबिडिटी का बोझ: HIV-TB को-इन्फेक्शन की अधिकता से इलाज के प्रोटोकॉल जटिल हो रहे हैं
  • डेटा इंटीग्रेशन: रियल-टाइम मॉनिटरिंग और कम्युनिटी-लेड इंटरवेंशन के लिए 'निकय' का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · MDR-TB · इलाज की सफलता दर · सामुदायिक भागीदारी · नेशनल हेल्थ मिशन

GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)मेन्स

वरिष्ठ नागरिक मंचों के प्रतिनिधियों ने केरल स्टेट एल्डरली कमीशन (KSEC) के साथ बैठक की, जिसमें बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवा

चर्चा में क्यों: वरिष्ठ नागरिक मंचों के प्रतिनिधियों ने केरल स्टेट एल्डरली कमीशन (KSEC) के साथ बैठक की, जिसमें बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में मौजूद कमियों को उजागर किया गया।

वरिष्ठ नागरिक मंचों और स्वयंसेवी संगठनों के 150 से अधिक प्रतिनिधियों ने KSEC के साथ बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केरल में बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा और व्यक्तिगत जरूरतों से संबंधित प्राथमिकताओं की पहचान करना था।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाकेरल स्टेट एल्डरली कमीशन (KSEC): एक राज्य-स्तरीय निकाय जिसे वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों और अधिकारों के मुद्दों को हल करने का काम सौंपा गया है।
  • योजनाMEDISEP: केरल राज्य की एक हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम जो बुजुर्ग नागरिकों के लिए है।
  • योजनावायोरक्ष (Vayoraksha): केरल राज्य की एक योजना जिसका उद्देश्य बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है।
  • तथ्ययह कमीशन हाई प्राइवेट इंश्योरेंस प्रीमियम (private insurance premiums) और केयर होम्स (care homes) के लिए अपर्याप्त फंडिंग के संबंध में शिकायतों को संकलित कर रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में व्यापक वृद्धजन देखभाल (geriatric care) प्रदान करने में निहित संस्थागत और वित्तीय चुनौतियों का परीक्षण कीजिए। वृद्धों के लिए समावेशी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु राज्य-संचालित योजनाओं को किस प्रकार पुनर्गठित किया जा सकता है? विश्लेषण कीजिए।

  • फंडिंग गैप: केयर होम्स के लिए अपर्याप्त सरकारी फंड बनाम संस्थागत जेरिएट्रिक केयर की बढ़ती मांग
  • इंश्योरेंस बाधा: ऊंचे प्राइवेट प्रीमियम और स्कीम की कमियां कम आय वाले बुजुर्गों के लिए किफायती हेल्थकेयर तक पहुंच को सीमित कर रही हैं
  • इमरजेंसी इंफ्रास्ट्रक्चर: चालू टोल-फ्री इमरजेंसी नंबरों की कमी से तुरंत सुरक्षा प्रतिक्रिया में बाधा

मुख्य शब्द: वृद्धों की देखभाल · सामाजिक सुरक्षा · संस्थागत देखभाल · स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच · कमज़ोर वर्ग

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कर्नाटक में दीवारु (एडिगा) जाति के परिवार, हाल ही में पारित कर्नाटक सोशल बॉयकॉट (प्रिवेंशन, प्रोहिबिशन एंड रिड्रेसल) बिल, 2025 के तहत न्याय की मांग कर रहे हैं

चर्चा में क्यों: कर्नाटक में दीवारु (एडिगा) जाति के परिवार, हाल ही में पारित कर्नाटक सोशल बॉयकॉट (प्रिवेंशन, प्रोहिबिशन एंड रिड्रेसल) बिल, 2025 के तहत न्याय की मांग कर रहे हैं।

कर्नाटक के सोराब तालुका में दीवरु (एडिगा) जाति के परिवारों ने अनौपचारिक ग्राम समितियों द्वारा लगाए गए बहिष्कार के कारण व्यापार, सेवाओं और शिक्षा से वंचित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इन शिकायतों के समाधान के लिए दिसंबर 2025 में कर्नाटक सोशल बॉयकॉट (प्रिवेंशन, प्रोहिबिशन एंड रिड्रेसल) बिल पारित किया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकर्नाटक के सोराब तालुका में दीवरु (Ediga) जाति के परिवारों ने सामाजिक बहिष्कार की रिपोर्ट दी है।
  • अधिनियम / विधेयककर्नाटक सोशल बॉयकॉट (प्रिवेंशन, प्रोहिबिशन एंड रिड्रेसल) बिल दिसंबर 2025 में पास किया गया।
  • पदमधु बंगारप्पा कर्नाटक में स्कूल एजुकेशन के मंत्री हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अनौपचारिक सामुदायिक निकायों द्वारा लगाए जाने वाले सामाजिक बहिष्कार किस प्रकार व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में विधायी हस्तक्षेप की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • समानता का अधिकार: सार्वजनिक सेवाओं और शिक्षा से भेदभावपूर्ण बहिष्कार के जरिए आर्टिकल 15 और 16 का उल्लंघन
  • संस्थागत अंतर: गांव समितियों के गैर-संवैधानिक कार्यों को रोकने में मौजूदा प्रशासनिक मशीनरी की अप्रभावीता
  • सोशल कोहेशन: पारंपरिक सामुदायिक शासन और व्यक्तिगत संवैधानिक सुरक्षा के बीच टकराव

मुख्य शब्द: सामाजिक बहिष्कार · सामाजिक न्याय · संवैधानिक अधिकार · विधायी निवारण · सामुदायिक शासन

GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)मेन्स

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी की याचिका पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया है

चर्चा में क्यों: दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी की याचिका पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया है। इस याचिका में कर्मचारी ने अपने लिव-इन पार्टनर (live-in partner) और बच्चों को फैमिली पेंशन और स्वास्थ्य लाभों में शामिल करने की मांग की है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि याचिकाकर्ता ने अपनी सेवा के दौरान अपने लिव-इन रिलेशनशिप (live-in relationship) को छिपाया नहीं था। कोर्ट ने 'गंभीर कदाचार' (grave misconduct) के दावों को खारिज करते हुए, रोके गए पेंशन और ग्रेच्युइटी लाभों को ब्याज के साथ जारी करने का आदेश दिया।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यपेंशन और ग्रेच्युइटी लाभ: सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को प्रदान किए जाने वाले लाभ।
  • पदसरकारी कर्मचारी: फैमिली पेंशन और हेल्थकेयर सुविधाओं से संबंधित याचिका का विषय।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में सरकारी कर्मचारी लाभ और सामाजिक सुरक्षा ढाँचों के संदर्भ में लिव-इन रिलेशनशिप (सह-जीवन) को मान्यता देने के कानूनी और सामाजिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • कानूनी अस्पष्टता: लिव-इन पार्टनर्स के अधिकारों और दायित्वों को परिभाषित करने वाले व्यापक विधायी ढांचे की कमी
  • प्रशासनिक बाधा: मौजूदा सर्विस रूल्स के तहत पेंशन पात्रता के लिए डोमेस्टिक स्टेटस वेरिफाई करने में मुश्किल
  • सामाजिक समानता: पारंपरिक पारिवारिक परिभाषाओं और बदलते आधुनिक घरेलू अरेंजमेंट्स के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: सामाजिक सुरक्षा · लिव-इन रिलेशनशिप · न्यायिक सक्रियता · पेंशन लाभ · अधिकारों की समानता

GS2सामाजिक न्याय › गरीबी, भूख एवं पोषणप्रीलिम्स

मुख्यमंत्री एम.के

चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 1 जनवरी, 2026 से पात्र राज्य सरकार के कर्मचारियों को गारंटीकृत पेंशन प्रदान करने के लिए तमिलनाडु एश्योर्ड पेंशन स्कीम (Tamil Nadu Assured Pension Scheme - TAPS) की घोषणा की है।

TAPS योजना के तहत कर्मचारी के अंतिम वेतन (last-drawn) के आधार पर बुनियादी वेतन और महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) के बराबर 50% की सुनिश्चित पेंशन प्रदान की जाती है। इस योजना के लिए कर्मचारी को 10% का योगदान देना होता है, जबकि शेष लागत राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनातमिलनाडु एश्योर्ड पेंशन स्कीम (TAPS) 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होगी।
  • तथ्यTAPS पेंशन की राशि अंतिम प्राप्त बेसिक पे (basic pay) और महंगाई भत्ता (dearness allowance) का 50% है।
  • तथ्यTAPS के लिए कर्मचारी का योगदान 10% तय किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में सुनिश्चित पेंशन योजनाओं के महत्व और राज्य के राजकोष पर इसके राजकोषीय निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय स्थिरता: राज्य के बजट की सीमाओं के साथ लंबी अवधि की पेंशन देनदारियों का संतुलन
  • सोशल सिक्योरिटी: सरकारी कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद वित्तीय स्थिरता बढ़ाना
  • कर्मचारी कल्याण: स्टेट वर्कफोर्स रिटेंशन पर डेफाइंड-बेनिफिट स्कीम्स का असर

मुख्य शब्द: सामाजिक सुरक्षा · राजकोषीय संघवाद · सार्वजनिक वित्त · कर्मचारी कल्याण · पेंशन सुधार

AICTE के उपाध्यक्ष अभय जेरे ने शिक्षकों से PM SHRI स्कूलों में रटने की पद्धति (rote learning) के बजाय नवाचार-आधारित शिक्षण पद्धति (innovation-led pedagogy) अपनाने का आग्रह किया है, ताकि छात्रों में उद्यमशीलता की सोच विकसित की जा सके

चर्चा में क्यों: AICTE के उपाध्यक्ष अभय जेरे ने शिक्षकों से PM SHRI स्कूलों में रटने की पद्धति (rote learning) के बजाय नवाचार-आधारित शिक्षण पद्धति (innovation-led pedagogy) अपनाने का आग्रह किया है, ताकि छात्रों में उद्यमशीलता की सोच विकसित की जा सके।

डिज़ाइन थिंकिंग, उद्यमिता के बुनियादी सिद्धांत और समस्या-समाधान (problem-solving) में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी में IDE बूटकैंप आयोजित किया गया। यह पहल शिक्षा मंत्रालय द्वारा समर्थित राष्ट्रीय PM SHRI स्कूल मिशन का एक हिस्सा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाAICTE: ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (All India Council for Technical Education)।
  • योजनाPM SHRI स्कूल: शिक्षा मंत्रालय द्वारा समर्थित एक राष्ट्रीय पहल।
  • पदअभय जेरे: AICTE के वाइस-चेयरमैन और शिक्षा मंत्रालय के चीफ इनोवेशन ऑफिसर।
मेन्स के लिए

प्रश्न: स्कूली शिक्षा में रटंत पद्धति से हटकर नवाचार-आधारित शिक्षण पद्धति की ओर संक्रमण भारत में एक उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।

  • शिक्षण पद्धति में बदलाव: मेमोरी-आधारित असेसमेंट से डिजाइन थिंकिंग और प्रॉब्लम-सॉल्विंग स्किल्स की ओर बदलाव
  • संस्थागत संस्कृति: ट्रेनिंग स्कूल लीडरशिप को पारंपरिक शैक्षणिक ढांचों से आगे ले जाने की चुनौतियां
  • स्किल अलाइनमेंट: स्कूली शिक्षा और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच उद्यमिता कौशल का अंतर कम करना

मुख्य शब्द: शिक्षण पद्धति में बदलाव · डिज़ाइन थिंकिंग · एंटरप्रेन्योरियल माइंडसेट · रट्टा मारना · कौशल विकास

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री, मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने जन कल्याण को प्राथमिकता देते हुए सभी राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए ₹1.02 करोड़ का एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर (Accident Insurance Cover) की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री, मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने जन कल्याण को प्राथमिकता देते हुए सभी राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए ₹1.02 करोड़ का एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर (Accident Insurance Cover) की घोषणा की है।

तेलंगाना सरकार सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए ₹1.02 करोड़ का दुर्घटना बीमा कवर (Accident Insurance Cover) शुरू कर रही है। यह पहल सिंगरेनी, TRANSCO, SPDCL, NPDCL और GENCO के कर्मचारियों के लिए पहले से लागू किए गए प्रावधानों के अनुरूप है। इस योजना को प्रमुख बैंकर्स के साथ परामर्श के बाद तैयार किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनातेलंगाना सरकार द्वारा सभी राज्य कर्मचारियों के लिए ₹1.02 करोड़ का एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर (Accident Insurance Cover)।
  • तथ्यइंश्योरेंस स्कीम सिंगरेनी, TRANSCO, SPDCL, NPDCL और GENCO कर्मचारियों के लिए पिछले कार्यान्वयनों (implementations) का पालन करती है।
  • स्थानतेलंगाना: राज्य सरकार द्वारा इंश्योरेंस कवर (insurance cover) प्रदान किया जा रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सरकारी कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा उपायों की प्रशासनिक दक्षता और सार्वजनिक सेवा वितरण सुनिश्चित करने में महत्ता का विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय स्थिरता: हाई-वैल्यू इंश्योरेंस प्रीमियम और राज्य बजट आवंटन के बीच संतुलन
  • संस्थागत कल्याण: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में फ्रंटलाइन सेवा वितरण सुधारने के लिए कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना

मुख्य शब्द: सामाजिक सुरक्षा · कर्मचारी कल्याण · राजकोषीय संघवाद · सार्वजनिक सेवा वितरण · जोखिम कम करना

केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी

चर्चा में क्यों: केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने एक ड्राफ्ट रिपोर्ट की घोषणा की है, जिसमें समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हल्के स्कूल बैग और ऐसी क्लासरूम संरचना का प्रस्ताव दिया गया है जिससे 'बैकबेंचर्स' (backbenchers) की अवधारणा समाप्त हो सके।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) सार्वजनिक टिप्पणी से पहले प्रस्तावों का अध्ययन 20 जनवरी तक करेगा। विभाग आगामी शैक्षणिक वर्ष में इन बदलावों को लागू करने की योजना बना रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यड्राफ्ट रिपोर्ट के लिए पब्लिक कमेंट पीरियड 20 जनवरी को समाप्त होगा।
  • पदवी. शिवकुट्टी: केरल के जनरल एजुकेशन मिनिस्टर।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में समावेशी शिक्षा और विद्यार्थियों के कल्याण को बढ़ावा देने में कक्षा की गतिशीलता के पुनर्गठन और शारीरिक बोझ को कम करने की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • शिक्षण पद्धति में बदलाव: क्लासरूम में सामाजिक भेदभाव खत्म करने के लिए पैसिव सीटिंग से एक्टिव पार्टिसिपेशन की ओर बढ़ना
  • शारीरिक स्वास्थ्य: प्राथमिक छात्रों पर भारी स्कूल बैग से होने वाली एर्गोनोमिक समस्याओं और स्वास्थ्य प्रभावों पर ध्यान देना
  • डेमोक्रेटिक क्लासरूम: बैठने की जगह की परवाह किए बिना सभी छात्रों के लिए टीचर के ध्यान और संसाधनों तक समान पहुंच को बढ़ावा देना

मुख्य शब्द: समावेशी शिक्षा · शिक्षा सुधार · छात्रों का कल्याण · लोकतांत्रिक शिक्षा · शिक्षा में समानता

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्यों को निर्देश दिया है कि वे निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित कानूनी प्रावधानों और पृष्ठभूमि का विवरण देते हुए हलफनामा (Affidavit) दाखिल करें

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्यों को निर्देश दिया है कि वे निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित कानूनी प्रावधानों और पृष्ठभूमि का विवरण देते हुए हलफनामा (Affidavit) दाखिल करें। साथ ही, कोर्ट ने फाइलिंग प्रक्रिया में हुई प्रक्रियात्मक खामियों की आलोचना भी की है।

सुप्रीम कोर्ट ने उन राज्यों के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने व्यक्तिगत रूप से हलफनामा (affidavit) सत्यापित करने या कानूनी प्रतिनिधित्व प्रदान करने में विफलता दिखाई। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि केंद्र सरकार का हलफनामा कैबिनेट सचिव के बजाय उच्च शिक्षा सचिव द्वारा सत्यापित किया गया था, जबकि पहले ऐसा आदेश दिया गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • पदकैबिनेट सचिव: भारत सरकार में सर्वोच्च पदस्थ सिविल सर्वेंट (civil servant)।
  • तथ्यप्राइवेट यूनिवर्सिटी जांच से जुड़े मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी के लिए तय की गई है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में निजी उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना में पारदर्शिता और विनियामक अनुपालन सुनिश्चित करने में न्यायिक निरीक्षण की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: यह सुनिश्चित करना कि प्राइवेट यूनिवर्सिटीज स्टैंडर्ड एकेडमिक और इंफ्रास्ट्रक्चर नॉर्म्स का पालन करें
  • प्रशासनिक जवाबदेही: यह सुनिश्चित करना कि उच्च-स्तरीय सिविल सर्वेंट्स न्यायपालिका को सटीक कानूनी रिप्रेजेंटेशन दें
  • संघीय समन्वय: राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय नियमों को केंद्रीय शैक्षिक नीतियों के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: न्यायिक निगरानी · रेगुलेटरी कंप्लायंस · प्रशासनिक जवाबदेही · पारदर्शिता · उच्च शिक्षा

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भारत सरकार सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के लिए ₹1.5 लाख तक की सहायता और गुड समरिटन्स (Good Samaritans) के लिए नकद पुरस्कार प्रदान करने वाली एक देशव्यापी कैशलेस इलाज योजना शुरू करने जा रही है

चर्चा में क्यों: भारत सरकार सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के लिए ₹1.5 लाख तक की सहायता और गुड समरिटन्स (Good Samaritans) के लिए नकद पुरस्कार प्रदान करने वाली एक देशव्यापी कैशलेस इलाज योजना शुरू करने जा रही है।

यह योजना पूरे भारत में सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को कवर करती है, जिसमें ₹1.5 लाख तक की सहायता राशि शामिल है। इसका वित्तपोषण थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस (third-party insurance) या रोड सेफ्टी फंड (Road Safety Fund) से किया जाएगा। यह पहल एक सफल पायलट प्रोग्राम के बाद शुरू की गई है और AIIMS के एक अध्ययन द्वारा समर्थित है, जो सुझाव देता है कि समय पर हस्तक्षेप से मृत्यु दर में 30% तक की कमी आ सकती है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • योजनारोड एक्सीडेंट पीड़ितों के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम ₹1.5 लाख तक का कवरेज प्रदान करती है।
  • तथ्यAIIMS के अध्ययन के अनुसार, समय पर मेडिकल इंटरवेंशन (medical interventions) से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 30% तक कम किया जा सकता है।
  • संस्थाRoad Safety Fund इस योजना के लिए एक निर्धारित फंडिंग सोर्स (funding source) है।
  • अधिनियम / विधेयकइस स्कीम को सपोर्ट करने के लिए मोटर व्हीकल्स एक्ट (Motor Vehicles Act) में संशोधन पेश किए जाएंगे।
मेन्स के लिए

प्रश्न: प्रस्तावित कैशलेस उपचार योजना और 'गुड समरीटन' पुरस्कार भारत के सड़क सुरक्षा बुनियादी ढांचे और आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • संस्थागत तालमेल: तेज़ इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए ट्रांसपोर्ट अथॉरिटीज और हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स के बीच समन्वय
  • वित्तीय स्थिरता: रोड सेफ्टी फंड के राजकोषीय बोझ और प्राइवेट इंश्योरेंस की भागीदारी के बीच संतुलन
  • कानूनी सुरक्षा: स्वैच्छिक प्राथमिक चिकित्सा सहायता को बढ़ावा देने के लिए गुड समैरिटन सुरक्षा को मजबूत करना

मुख्य शब्द: गुड समरीटन · रोड सेफ्टी फंड · कैशलेस ट्रीटमेंट · इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स · मोटर व्हीकल्स एक्ट

मुख्यमंत्री ए

चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शिक्षा विभाग को सरकारी स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए और सेंट्रलाइज्ड किचन (Centralized Kitchens) का प्रस्ताव दिया।

मुख्यमंत्री ने हर दो विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए सेंट्रलाइज्ड किचन (centralized kitchens) स्थापित करने और सोलर किचन के विकल्पों को तलाशने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूलों के निर्माण में तेजी लाने का भी आह्वान किया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यप्रत्येक दो विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों (Assembly constituencies) के लिए सेंट्रलाइज्ड किचन (centralized kitchens) स्थापित करने का प्रस्ताव है।
  • विज्ञान-तकनीकCM ने स्कूल मील के लिए सोलर किचन विकल्पों की संभावना तलाशने का प्रस्ताव दिया।
  • योजनायंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल्स (Young India Integrated Residential Schools) के निर्माण और फंडिंग को प्राथमिकता दी जा रही है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ग्रामीण और हाशिए पर स्थित समुदायों के छात्रों के लिए स्कूली भोजन की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे में सुधार किस प्रकार पोषण संबंधी कमियों को दूर करने और शैक्षिक परिणामों को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।

  • पोषण समानता: स्टैंडर्डाइज्ड सेंट्रलाइज्ड किचन के जरिए स्टंटिंग और वेस्टिंग की समस्या को हल करना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर बॉटलनैक: आवासीय स्कूलों के तेज़ी से निर्माण और पर्याप्त फंडिंग व मेंटेनेंस के बीच संतुलन
  • सस्टेनेबिलिटी ट्रांजिशन: ऑपरेशनल कॉस्ट और कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए सोलर-पावर्ड किचन की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: पोषण सुरक्षा · सार्वजनिक बुनियादी ढांचा · शिक्षा की समानता · सतत विकास · संस्थागत शासन

स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर

कर्नाटक के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस

चर्चा में क्यों: कर्नाटक के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस. मधु बंगारप्पा ने सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और 'मिशन 40+' पहल के माध्यम से SSLC परिणामों में सुधार करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

कर्नाटक सरकार प्री-यूनिवर्सिटी नामांकन में हो रही गिरावट को दूर करने के लिए KPS स्कूलों के विस्तार और गेस्ट टीचर्स (Guest Teachers) के उपयोग पर ध्यान केंद्रित कर रही है। 'मिशन 40+' पहल का उद्देश्य शैक्षणिक सहायता और नियमित मूल्यांकन के माध्यम से SSLC परिणामों में सुधार करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनामिशन 40+: SSLC परिणामों में सुधार के लिए कर्नाटक सरकार की एक पहल।
  • संस्थाKPS स्कूल: कर्नाटक में छात्रों के नामांकन को बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा संचालित स्कूलों का विस्तार किया जा रहा है।
  • तथ्यराज्य प्री-यूनिवर्सिटी स्तर पर गिरते प्रदर्शन को सुधारने के लिए गेस्ट टीचर्स और नियमित असेसमेंट (assessments) का उपयोग कर रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कर्नाटक के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों में नामांकन से जुड़ी प्रणालीगत चुनौतियों पर चर्चा कीजिए और शैक्षणिक परिणामों में सुधार के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • रिसोर्स गैप: स्थायी टीचिंग स्टाफ की कमी के कारण गेस्ट टीचर्स पर निर्भरता
  • इंसेंटिव मिसअलाइनमेंट: प्राइवेट संस्थानों से मुकाबला सरकारी स्कूलों में नामांकन प्रभावित कर रहा
  • असेसमेंट बॉटलनेक: SSLC प्रदर्शन सुधारने के लिए नियमित शैक्षणिक सहायता की ज़रूरत

मुख्य शब्द: शिक्षा में समानता · सार्वजनिक-निजी असमानता · शैक्षणिक इंफ्रास्ट्रक्चर · शिक्षण संबंधी सहायता · नामांकन के रुझान

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NMC के चेयरमैन अभिजात चंद्रकांत शेठ ने उस प्रतिबंध को हटाने की घोषणा की है, जिसके तहत केवल गैर-लाभकारी (non-profit) कंपनियां ही मेडिकल कॉलेज स्थापित कर सकती थीं

चर्चा में क्यों: NMC के चेयरमैन अभिजात चंद्रकांत शेठ ने उस प्रतिबंध को हटाने की घोषणा की है, जिसके तहत केवल गैर-लाभकारी (non-profit) कंपनियां ही मेडिकल कॉलेज स्थापित कर सकती थीं।

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने निजी लाभ कमाने वाली कंपनियों को PPP मॉडल के माध्यम से मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की अनुमति दी है। चिकित्सा शिक्षा में संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए वर्तमान में इस नीति को गुजरात में लागू किया जा रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाNMC: नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission) भारत में मेडिकल शिक्षा के लिए रेगुलेटरी बॉडी है।
  • तथ्यPPP (Public-Private Partnership) मॉडल के तहत अब फॉर-प्रॉफिट (for-profit) मेडिकल कॉलेज की स्थापना की अनुमति दी गई है।
  • स्थानगुजरात: वह राज्य जहाँ वर्तमान में फॉर-प्रॉफिट मेडिकल कॉलेज PPP मॉडल लागू किया जा रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत लाभ कमाने वाली संस्थाओं को चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की अनुमति देने से स्वास्थ्य सेवा शिक्षा की सुलभता और गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।

  • इक्विटी की चिंताएं: टियरड हेल्थकेयर एक्सेस का जोखिम जहां उच्च गुणवत्ता वाली मेडिकल शिक्षा केवल संपन्न वर्ग तक सीमित हो जाए
  • रिसोर्स ऑप्टिमाइजेशन: इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करने और क्लिनिकल रिसर्च फैसिलिटीज को मॉडर्नाइज करने के लिए प्राइवेट कैपिटल की क्षमता
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: शैक्षणिक मानकों से समझौता न हो, इसके लिए NMC की सख्त निगरानी की ज़रूरत

मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · चिकित्सा शिक्षा · संसाधनों का उपयोग · स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचा · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

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स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि PRAGATI प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई महत्वपूर्ण प्रगति के बाद, AIIMS बिबिनगर के निर्माण के जून 30

चर्चा में क्यों: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि PRAGATI प्लेटफॉर्म के माध्यम से हुई महत्वपूर्ण प्रगति के बाद, AIIMS बिबिनगर के निर्माण के जून 30, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है।

1 दिसंबर, 2025 तक, इस परियोजना की भौतिक प्रगति (physical progress) 85.97% तक पहुँच गई है। यह आंकड़ा वर्ष 2022-23 के 8.6% से बढ़कर वर्ष 2023-24 के अंत तक 57% हो गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानAIIMS बिबिनगर, यादद्री भुवनेगिरी जिले में स्थित है।
  • संस्थाPRAGATI एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसका उपयोग प्रधानमंत्री की निगरानी में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फास्ट-ट्रैक करने के लिए किया जाता है।
  • तथ्य1 दिसंबर, 2025 तक इस प्रोजेक्ट ने 85.97% फिजिकल प्रोग्रेस (physical progress) हासिल कर ली है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में 'प्रगति' (PRAGATI) जैसे डिजिटल निगरानी प्लेटफॉर्म किस प्रकार बड़े पैमाने पर सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जवाबदेही और समयबद्ध पूर्णता को बढ़ा सकते हैं, इस पर चर्चा कीजिए।

  • निगरानी की कुशलता: प्रोजेक्ट के निष्पादन में नौकरशाही की देरी कम करने के लिए रियल-टाइम डेटा ट्रैकिंग
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: AIIMS नेटवर्क के विस्तार के जरिए क्षेत्रीय स्वास्थ्य असमानताओं को दूर करना

मुख्य शब्द: प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग · सार्वजनिक बुनियादी ढांचा · डिजिटल गवर्नेंस · स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच · जवाबदेही

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ओडिशा सरकार ने केंद्र के वेतन ढांचे के अनुरूप वेतन समायोजन की मांग को लेकर डॉक्टरों

चर्चा में क्यों: ओडिशा सरकार ने केंद्र के वेतन ढांचे के अनुरूप वेतन समायोजन की मांग को लेकर डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिक्स द्वारा किए जा रहे हड़ताल को रोकने के लिए ओडिशा एसेंशियल सर्विसेज (मेंटेनेंस) एक्ट 1988 का सहारा लिया है।

मोहन माझी सरकार ने 6 जनवरी, 2026 को यह आदेश जारी किया, जो सभी राज्य-संचालित और अनुदान प्राप्त स्वास्थ्य संस्थानों पर लागू होता है। ओडिशा मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (OMSA) 6,000 से अधिक डॉक्टरों का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्होंने आउटपेशेंट विभागों (OPD) में दो घंटे की कार्यबंदी शुरू की।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अधिनियम / विधेयकओडिशा एसेंशियल सर्विसेज (मेंटेनेंस) एक्ट 1988: यह कानून आवश्यक सेवाओं (essential services) में हड़तालों को रोकने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • संस्थाओडिशा मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (OMSA): यह राज्य के 6,000 से अधिक डॉक्टरों का प्रतिनिधित्व करता है।
  • तथ्यइस हड़ताल में सरकारी और ग्रांट-इन-एड (grant-in-aid) स्वास्थ्य संस्थानों के डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स शामिल थे।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सार्वजनिक स्वास्थ्य पेशेवरों के विरोध करने के अधिकार और निर्बाध आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित करने के राज्य के दायित्व के बीच संतुलन का विश्लेषण कीजिए।

  • संस्थागत टकराव: राज्य स्तर पर वेतन संशोधन और केंद्र के पे स्ट्रक्चर बेंचमार्क के बीच विवाद
  • सेवा वितरण जोखिम: सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर में स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल का मरीजों की पहुंच पर असर
  • कानूनी ढांचा: सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसेंशियल सर्विसेज एक्ट का उपयोग बनाम श्रम अधिकार

मुख्य शब्द: आवश्यक सेवाएँ · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · पे परिटी · श्रम अधिकार · राज्य शासन

द हिंदू (The Hindu) ने भारत के कौशल विकास कार्यक्रमों (skilling programs) के असमान रोजगार परिणामों पर चर्चा की है

चर्चा में क्यों: द हिंदू (The Hindu) ने भारत के कौशल विकास कार्यक्रमों (skilling programs) के असमान रोजगार परिणामों पर चर्चा की है, जिसमें प्लेसमेंट परिणामों के लिए सेक्टर स्किल काउंसिल (Sector Skill Councils - SSCs) को जवाबदेह बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।

भारत की वर्तमान सकल नामांकन दर (Gross Enrolment Ratio - GER) 28% है, जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) 2020 का लक्ष्य 2035 तक इसे 50% तक पहुँचाना है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और सेक्टर स्किल काउंसिल (Sector Skill Councils - SSCs) वर्तमान कौशल विकास ढांचे के प्रमुख घटक हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यभारत का वर्तमान ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) 28% है।
  • तथ्यNational Education Policy 2020 का लक्ष्य 2035 तक GER को 50% तक पहुँचाना है।
  • योजनाप्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) एक फ्लैगशिप स्किलिंग प्रोग्राम है।
  • संस्थाSector Skill Councils (SSCs) उद्योग-केंद्रित संस्थान हैं जिन्हें स्किलिंग (skilling) को उद्योग की जरूरतों के साथ जोड़ने के लिए बनाया गया है।
  • योजनाPM-SETU को बड़े पैमाने पर जॉब रेडीनेस (job readiness) में सुधार के लिए एक पहल के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में व्यावसायिक प्रशिक्षण को उद्योग की आवश्यकताओं के साथ संरेखित करने में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और रोजगार क्षमता के परिणामों में सुधार के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • संस्थागत जवाबदेही: SSC प्लेसमेंट मैंडेट की कमी के कारण खंडित जिम्मेदारी और नियोक्ता के भरोसे में कमी
  • करिकुलम-इंडस्ट्री गैप: वोकेशनल ट्रेनिंग के आउटपुट और असल जॉब-रेडीनेस की ज़रूरतों के बीच अंतर
  • पॉलिसी-इम्प्लीमेंटेशन गैप: PMKVY में भारी निवेश के बावजूद स्किलिंग आउटकम्स को बड़े स्तर पर लागू करने में कठिनाई

मुख्य शब्द: कुल नामांकन अनुपात · व्यावसायिक प्रशिक्षण · कौशल विकास · रोज़गार क्षमता · इंडस्ट्री इंटीग्रेशन · मानव पूंजी

GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने UN Women के साथ एक MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य तकनीकी सहायता और बहु-एजेंसी सहयोग के माध्यम से महिलाओं के कल्याण और लैंगिक समानता (Gender Equality) को बढ़ावा देना है।

यह समझौता ज्ञापन (MoU) तमिलनाडु राज्य योजना आयोग, OECD, OPSI और UNICEF–OoI के बीच त्रिपक्षीय सहयोग से संबंधित है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य UN Women से तकनीकी सहायता प्राप्त कर सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals - SDGs) को प्राप्त करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (1)
  • तथ्यइस पहल में तमिलनाडु स्टेट प्लानिंग कमीशन, OECD, OPSI और UNICEF–OoI के बीच त्रिपक्षीय सहयोग (tripartite cooperation) शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय राज्यों में लैंगिक समानता के संबंध में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति में अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी और तकनीकी सहयोग किस प्रकार गति प्रदान कर सकते हैं, चर्चा कीजिए।

  • संस्थागत तालमेल: राज्य की प्लानिंग बॉडीज और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी एक्सपर्ट्स के बीच आपसी सहयोग का लाभ उठाना
  • पॉलिसी अलाइनमेंट: समावेशी विकास के लिए UN विमेन के टेक्निकल फ्रेमवर्क को राज्य-विशिष्ट कल्याणकारी योजनाओं के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: लैंगिक समानता · सतत विकास लक्ष्य · तकनीकी सहयोग · समावेशी विकास · मल्टी-एजेंसी सहयोग

GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)मेन्स

लोक निर्माण मंत्री सतीश जर्कीहोली ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) और वन-आधारित स्वदेशी समुदायों द्वारा सामना की जाने वाली सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के समाधान के लिए मैसूरु में एक परामर्श बैठक की अध्यक्षता की

चर्चा में क्यों: लोक निर्माण मंत्री सतीश जर्कीहोली ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) और वन-आधारित स्वदेशी समुदायों द्वारा सामना की जाने वाली सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों के समाधान के लिए मैसूरु में एक परामर्श बैठक की अध्यक्षता की।

यह बैठक 5 जनवरी, 2026 को कर्नाटक के मैसूर में आयोजित की गई। जनजातीय नेताओं ने शिक्षा, आवास, रोजगार और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को प्राथमिक चिंताओं के रूप में पहचाना। मंत्री ने अधिकारियों को कौशल-आधारित प्रशिक्षण का विस्तार करने और स्वस्थ आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदसतीश जर्कीहोली: कर्नाटक के लोक निर्माण मंत्री (Minister for Public Works)।
  • तथ्यPVTG: विशिष्ट विकासात्मक हस्तक्षेपों (developmental interventions) के लिए पहचाने गए विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह।
  • स्थानमैसूर: कर्नाटक में परामर्शदात्री बैठक (consultative meeting) का स्थान।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTGs) के समक्ष आने वाली विशिष्ट सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों की चर्चा कीजिए और उनके समावेशी विकास को सुनिश्चित करने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए।

  • स्किल-गैप: वन आधारित आजीविका के लिए उपयुक्त वोकेशनल ट्रेनिंग की कमी
  • पोषण असुरक्षा: सांस्कृतिक रूप से उपयुक्त आहार जागरूकता और खाद्य सुरक्षा की ज़रूरत
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: भौगोलिक अलगाव बुनियादी आवास और शिक्षा तक पहुंच में बाधा

मुख्य शब्द: समावेशी विकास · सामाजिक-आर्थिक पिछड़ापन · कौशल-आधारित ट्रेनिंग · आदिवासी कल्याण · इंफ्रास्ट्रक्चर एक्सेसिबिलिटी

तेलंगाना सरकार ने शैक्षिक बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए ₹21,000 करोड़ के प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में 76 यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूलों (Young India Integrated Residential Schools) के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने शैक्षिक बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए ₹21,000 करोड़ के प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में 76 यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूलों (Young India Integrated Residential Schools) के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है।

इस परियोजना में 105 प्रस्तावित स्कूलों को शामिल किया गया है, जिनमें से 79 के लिए प्रशासनिक मंजूरी प्राप्त हो चुकी है। सरकार का लक्ष्य राज्य बजट, एशियन डेवलपमेंट बैंक (Asian Development Bank) और NABARD से प्राप्त धन का उपयोग करके जून 2027 तक 70 स्कूलों का निर्माण कार्य पूरा करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्ययंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल्स (Young India Integrated Residential Schools) की कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट ₹21,000 करोड़ है।
  • तथ्य70 स्कूलों के लिए लक्ष्य पूरा करने की तारीख जून 2027 है।
  • संस्थाफंडिंग के स्रोतों में स्टेट बजट, एशियन डेवलपमेंट बैंक (Asian Development Bank) और NABARD शामिल हैं।
  • स्थानयह प्रोजेक्ट तेलंगाना राज्य में लागू किया जा रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए शैक्षिक अंतराल को पाटने में एकीकृत आवासीय विद्यालय मॉडल किस प्रकार प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं, चर्चा कीजिए।

  • फंडिंग मॉडल: स्टेट बजट आवंटन और ADB जैसे मल्टीलैटरल एजेंसी लोन के बीच संतुलन
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: बड़े पैमाने पर एकीकृत स्कूल निर्माण के जरिए ग्रामीण-शहरी असमानता को दूर करना
  • ऑपरेशनल स्केलेबिलिटी: 100 से अधिक विकेंद्रीकृत रेजिडेंशियल यूनिट्स में क्वालिटी स्टैंडर्ड बनाए रखने की चुनौतियां

मुख्य शब्द: शैक्षिक समानता · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · बहुपक्षीय फंडिंग · सामाजिक गतिशीलता · पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स

तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनसिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं को विकेंद्रीकृत करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया समय (Emergency response time) को कम करने के लिए MRI और CT मशीनों सहित चिकित्सा उपकरणों की खरीद की घोषणा की

चर्चा में क्यों: तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनसिंह ने स्वास्थ्य सेवाओं को विकेंद्रीकृत करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया समय (Emergency response time) को कम करने के लिए MRI और CT मशीनों सहित चिकित्सा उपकरणों की खरीद की घोषणा की।

इस उपकरण की तैनाती के लिए कुल निवेश ₹290 करोड़ से अधिक है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यतेलंगाना में मेडिकल इक्विपमेंट की खरीद के लिए कुल निवेश ₹290 करोड़ से अधिक है।
  • तथ्यकैंसर के इलाज के लिए LINAC और Brachytherapy मशीनों को जोड़ा जा रहा है।
  • स्थानइस पहल को तेलंगाना सरकार द्वारा लागू किया जा रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में स्वास्थ्य सेवा वितरण में सुधार और तृतीयक देखभाल केंद्रों पर बोझ को कम करने के संदर्भ में नैदानिक बुनियादी ढांचे के विकेंद्रीकरण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: ग्रामीण और जिला स्तर के सरकारी अस्पतालों में हाई-एंड डायग्नोस्टिक टूल्स की कमी
  • रेफरल सिस्टम की एफिशिएंसी: लोकल इमरजेंसी रिस्पॉन्स के जरिए मरीज के ट्रांजिट समय और मृत्यु दर में कमी
  • राजकोषीय आवंटन: मेडिकल टेक्नोलॉजी पर कैपिटल एक्सपेंडिचर और ऑपरेशनल हेल्थकेयर लागत के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: विकेंद्रीकृत स्वास्थ्य सेवा · टर्शियरी केयर का बोझ · डायग्नोस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर · सार्वजनिक स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर · इमरजेंसी रिस्पॉन्स टाइम

GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स + मेन्स

यह लेख पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा सामुदायिक जागरूकता और कन्याश्री योजना (Kanyashree Scheme) के माध्यम से बाल विवाह के खिलाफ किए जा रहे जमीनी प्रयासों पर प्रकाश डालता है

चर्चा में क्यों: यह लेख पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा सामुदायिक जागरूकता और कन्याश्री योजना (Kanyashree Scheme) के माध्यम से बाल विवाह के खिलाफ किए जा रहे जमीनी प्रयासों पर प्रकाश डालता है।

पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा लड़कियों की स्थिति में सुधार करने और बाल विवाह को कम करने के उद्देश्य से 2013 में कन्याश्री योजना शुरू की गई थी। मुर्शिदाबाद में, जिला प्रशासन इस समस्या से निपटने के लिए दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने और पोस्टर तथा स्कूली कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता अभियान चला रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनाकन्याश्री योजना: पश्चिम बंगाल में लड़कियों की स्थिति सुधारने और बाल विवाह को कम करने के लिए 2013 में शुरू की गई।
  • स्थानमुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल का एक जिला जहाँ बाल विवाह एक महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है।
  • तथ्यमोनिजा खातून: एक छात्रा जिसने मुर्शिदाबाद में छह बाल विवाहों को रुकने से बचाया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ग्रामीण भारत में बाल विवाह उन्मूलन में समुदाय-आधारित पहलों और राज्य-प्रायोजित योजनाओं की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • संस्थागत बाधा: FIR दर्ज होने के बावजूद दोषियों पर मुकदमा चलाने में कठिनाई
  • सामाजिक बाधा: गहरे सांस्कृतिक मानदंड जिन्हें केवल कानूनी कार्रवाई के बजाय समुदाय के नेतृत्व वाले जागरूकता की ज़रूरत है
  • स्कीम की प्रभावशीलता: कन्याश्री के वित्तीय प्रोत्साहन और मज़बूत सामाजिक कार्य की ज़रूरत के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: सामुदायिक लामबंदी · सामाजिक सशक्तिकरण · जमीनी स्तर पर हस्तक्षेप · लैंगिक असमानता · विधायी प्रवर्तन

तेलंगाना के मंत्री अदलुरी लक्ष्मण कुमार ने दृष्टिबाधित छात्रों के लिए शैक्षिक अंतर को कम करने के उद्देश्य से इंटरमीडिएट और डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए ब्रेल (Braille) पाठ्यपुस्तकों की शुरुआत की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना के मंत्री अदलुरी लक्ष्मण कुमार ने दृष्टिबाधित छात्रों के लिए शैक्षिक अंतर को कम करने के उद्देश्य से इंटरमीडिएट और डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए ब्रेल (Braille) पाठ्यपुस्तकों की शुरुआत की घोषणा की है।

तेलंगाना सरकार इंटरमीडिएट और डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए ब्रेल (Braille) पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराएगी, जो पहले केवल कक्षा 10 तक ही उपलब्ध थीं। इस पहल के अंतर्गत राज्य का पहला ब्रेल नववर्ष कैलेंडर और 8,000 लाभार्थियों के लिए मुफ्त सहायक उपकरण (assistive devices) प्रदान किए जाएंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यतेलंगाना में इंटरमीडिएट और डिग्री कोर्स के लिए ब्रेल (Braille) टेक्स्टबुक शुरू की जाएंगी।
  • तथ्यराज्य सरकार ने 8,000 लाभार्थियों के लिए मुफ्त असिस्टिव डिवाइसेस (assistive devices) देने का वादा किया।
  • स्थानइस पहल की घोषणा तेलंगाना में SC, ST और दिव्यांगजन कल्याण मंत्री द्वारा की गई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में उच्च शिक्षा में दृष्टिबाधित छात्रों के लिए समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक संस्थागत उपायों का विश्लेषण कीजिए।

  • रिसोर्स गैप: सेकेंडरी एजुकेशन लेवल के बाद विशेष ब्रेल मटेरियल की कमी
  • एक्सेसिबिलिटी बैरियर: दृष्टिबाधित छात्रों के लिए सहायक उपकरणों का अपर्याप्त प्रावधान

मुख्य शब्द: समावेशी शिक्षा · सुगमता · विकलांग कल्याण · शिक्षा में समानता

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कॉलेज के छात्रों को विभिन्न विषयों के लिए हाई-टेक डिवाइस उपलब्ध कराने हेतु मुफ्त लैपटॉप वितरित करने की एक योजना शुरू करने की घोषणा की।

तमिलनाडु सरकार की योजना अगले दो वर्षों की अवधि में राज्य के छात्रों को 20 लाख लैपटॉप वितरित करने की है। इस पहल के पहले चरण में 10 लाख लैपटॉप वितरित किए जाएंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकुल लक्ष्य: दो वर्षों में तमिलनाडु में 20 लाख लैपटॉप वितरित किए जाने हैं।
  • तथ्यप्रथम चरण का लक्ष्य: 10 लाख लैपटॉप वितरित किए जाने हैं।
  • स्थानवितरण (Distribution) का शुभारंभ चेन्नई में होने वाला है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: उच्च शिक्षा में लैपटॉप जैसे डिजिटल बुनियादी ढांचे का प्रावधान शैक्षिक अंतराल को पाटने और कौशल विकास को बढ़ाने में किस प्रकार सहायक हो सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।

  • डिजिटल डिवाइड: शहरी और ग्रामीण छात्रों के लिए हाई-टेक लर्निंग टूल्स तक पहुँच के अंतर को कम करना
  • राजकोषीय स्थिरता: बड़े पैमाने पर हार्डवेयर वितरण के दीर्घकालिक बजटीय प्रभावों और शैक्षिक परिणामों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: डिजिटल साक्षरता · शिक्षा में समानता · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · कौशल विकास

GS2सामाजिक न्याय › गरीबी, भूख एवं पोषणप्रीलिम्स

तमिलनाडु सरकार ने पोंगल उत्सव के अवसर पर एक पहल के रूप में सभी पात्र चावल राशन कार्ड धारकों और श्रीलंकाई तमिल पुनर्वास शिविर के निवासियों के लिए ₹3,000 की नकद राशि देने की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने पोंगल उत्सव के अवसर पर एक पहल के रूप में सभी पात्र चावल राशन कार्ड धारकों और श्रीलंकाई तमिल पुनर्वास शिविर के निवासियों के लिए ₹3,000 की नकद राशि देने की घोषणा की है।

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में तमिलनाडु सरकार ने पोंगल हैम्पर वितरण के लिए ₹6,936 करोड़ आवंटित किए हैं। इस पहल का मुख्य लक्ष्य विशेष रूप से चावल राशन कार्ड धारक और श्रीलंकाई तमिल पुनर्वास शिविरों के निवासी हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यतमिलनाडु सरकार ने Pongal हैम्पर वितरण के लिए ₹6,936 करोड़ आवंटित किए।
  • तथ्यपात्र राइस राशन कार्ड धारकों के लिए घोषित नकद उपहार की राशि ₹3,000 है।
  • स्थानइस योजना में श्रीलंकाई तमिल रिहैबिलिटेशन कैंप्स (rehabilitation camps) के निवासी शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में ग्रामीण गरीबी को कम करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और नकद-आधारित कल्याणकारी योजनाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय दबाव: उच्च-खर्च वाले त्योहारी कल्याण और दीर्घकालिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास लक्ष्यों के बीच संतुलन
  • कार्यकुशलता पर ध्यान: पुनर्वास शिविरों में पिछड़े वर्गों को नकद उपहारों की लीक-प्रूफ डिलीवरी सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर · खाद्य सुरक्षा · कल्याण वितरण · राजकोषीय आवंटन · सोशल सेफ्टी नेट

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में बुजुर्गों के लिए नर्सिंग और डायग्नोस्टिक टेस्ट सहित घर-घर तक चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने के लिए 'सात निश्चय-3' कार्यक्रम की घोषणा की

चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में बुजुर्गों के लिए नर्सिंग और डायग्नोस्टिक टेस्ट सहित घर-घर तक चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करने के लिए 'सात निश्चय-3' कार्यक्रम की घोषणा की।

'सात निश्चय-3' कार्यक्रम का उद्देश्य घर पर ही नर्सिंग सहायता, पैथोलॉजी टेस्ट, ब्लड प्रेशर चेक, ECG टेस्ट और फिजियोथेरेपी जैसी सुविधाएँ प्रदान करना है। यह पहल विशेष रूप से बिहार की बुजुर्ग आबादी को लक्षित करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • योजनासात निश्चय-3: बुजुर्गों के लिए डोरस्टेप हेल्थकेयर (doorstep healthcare) हेतु बिहार सरकार की एक पहल।
  • तथ्यशामिल सेवाएँ: नर्सिंग असिस्टेंस (nursing assistance), पैथोलॉजी टेस्ट (pathology tests), ब्लड प्रेशर चेक (blood pressure checks), ECG टेस्ट और फिजियोथेरेपी (physiotherapy)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के तेजी से वृद्ध होते समाज में वृद्ध आबादी के समक्ष आने वाली चुनौतियों के समाधान में 'डोरस्टेप हेल्थकेयर' (घर-द्वार तक स्वास्थ्य सेवा) मॉडल के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • डेमोग्राफिक शिफ्ट: बढ़ती बुजुर्ग आबादी और उससे जुड़ी पुरानी बीमारियों की स्वास्थ्य जरूरतों पर ध्यान देना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: कम्युनिटी-आधारित प्राइमरी केयर के जरिए टर्शियरी अस्पतालों पर बोझ कम करना
  • सर्विस डिलीवरी: होम-बेस्ड मेडिकल इंटरवेंशन में क्वालिटी स्टैंडर्ड और हाइजीन बनाए रखने की चुनौतियां

मुख्य शब्द: वृद्धों की देखभाल · डोरस्टेप हेल्थकेयर · प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ · समाज कल्याण · कम्युनिटी-आधारित मेडिसिन

GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)मेन्स

तेलंगाना विधानसभा ने स्थानीय निकाय चुनावों में चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों के मानदंड (two-child norm) को समाप्त करने के लिए तेलंगाना पंचायत राज (संशोधन) विधेयक 2026 पारित किया है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना विधानसभा ने स्थानीय निकाय चुनावों में चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों के मानदंड (two-child norm) को समाप्त करने के लिए तेलंगाना पंचायत राज (संशोधन) विधेयक 2026 पारित किया है।

स्थानीय निकाय चुनावों के लिए दो बच्चों की सीमा को हटाने के उद्देश्य से तेलंगाना पंचायत राज (संशोधन) विधेयक 2026 को विधानसभा द्वारा पारित किया गया। मंत्री दानसारी अनुसूया सीतक्का ने कहा कि यह कदम गिरती प्रजनन दर और सामाजिक परिवर्तनों के अनुरूप है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • अधिनियम / विधेयकतेलंगाना पंचायत राज (Amendment) बिल 2026: स्थानीय निकाय चुनावों के लिए दो-बच्चे की सीमा को हटाता है।
  • तथ्यइस बिल का उद्देश्य तेलंगाना राज्य में गिरती प्रजनन दर (fertility rates) की समस्या को हल करना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: प्रजनन संबंधी विकल्पों को राजनीतिक भागीदारी से जोड़ने के निहितार्थों और स्थानीय शासन नीतियों को आकार देने में जनसांख्यिकीय परिवर्तनों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • लोकतांत्रिक समावेशिता: जनसंख्या नियंत्रण के उद्देश्यों और चुनाव लड़ने के मौलिक अधिकार के बीच संतुलन
  • डेमोग्राफिक शिफ्ट: स्थानीय निकाय पात्रता के लिए विधायी बदलावों के जरिए गिरती प्रजनन दर को संबोधित करना
  • पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: राज्य द्वारा संचालित आबादी प्रबंधन और व्यक्तिगत प्रजनन स्वायत्तता के बीच संभावित टकराव

मुख्य शब्द: जनसांख्यिकीय परिवर्तन · राजनीतिक भागीदारी · स्थानीय शासन · प्रजनन दर · विधायी संशोधन

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स + मेन्स

केरल में दिसंबर 2025 तक हेपेटाइटिस ए

चर्चा में क्यों: केरल में दिसंबर 2025 तक हेपेटाइटिस ए. के मामलों में भारी उछाल देखा गया, जिसमें संक्रमण की संख्या 31,000 से अधिक हो गई। यह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्वच्छता और भूजल सुरक्षा की व्यवस्थाओं में कमियों को उजागर करती है।

केरल में इस बीमारी के फैलने का मुख्य कारण दूषित भूजल और अपर्याप्त स्वच्छता को माना गया है। दिसंबर 2025 तक, 31,000 से अधिक पुष्ट और संभावित संक्रमण दर्ज किए गए थे, जिसमें व्यावसायिक रूप से खरीदी गई बर्फ के उपयोग को एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में पहचाना गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यदिसंबर 2025 तक केरल में हेपेटाइटिस ए. के पुष्ट और संभावित संक्रमण के मामले 31,000 से अधिक हो गए।
  • स्थानकेरल: रिपोर्ट किए गए हेपेटाइटिस A (Hepatitis A) आउटब्रेक का प्राथमिक स्थान।
  • तथ्यदूषित भूजल और खराब स्वच्छता इस प्रकोप के मुख्य कारण हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ग्रामीण भारत में सुरक्षित पेयजल तक सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और जलजनित रोगों के प्रकोप को कम करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: ग्रामीण केरल में अपर्याप्त सीवरेज सिस्टम और पानी की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी की कमी
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य के ट्रेड-ऑफ: बड़े पैमाने पर वॉटर इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश की लागत-प्रभावशीलता बनाम व्यक्तिगत टीकाकरण कार्यक्रम

मुख्य शब्द: सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · जलजनित बीमारियाँ · स्वच्छता और हाइजीन · ग्रामीण विकास · महामारी विज्ञान संबंधी निगरानी

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स

कर्नाटक की स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTTO) ने 2025 में रिकॉर्ड 198 अंग दान दर्ज किए हैं

चर्चा में क्यों: कर्नाटक की स्टेट ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTTO) ने 2025 में रिकॉर्ड 198 अंग दान दर्ज किए हैं, जिससे यह राष्ट्रीय स्तर पर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

कर्नाटक ने 2025 में 198 अंग दान (organ donations) दर्ज किए, जो राज्य के सभी पिछले रिकॉर्डों को पार कर गया है। अंग दान के मामले में राज्य अब तमिलनाडु और तेलंगाना के बाद देश में तीसरे स्थान पर है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यकर्नाटक में 2025 में 198 ऑर्गन डोनेशन (organ donations) दर्ज किए गए।
  • स्थानराष्ट्रीय अंग दान (organ donation) के आंकड़ों में तमिलनाडु और तेलंगाना, कर्नाटक से आगे हैं।
  • संस्थाSOTTO (State Organ and Tissue Transplant Organisation) कर्नाटक में डोनेशन को ट्रैक करने के लिए जिम्मेदार संस्था है।
  • विज्ञान-तकनीककर्नाटक में अंग दान (organ donation) की प्रक्रिया को ट्रैक करने के लिए एक नया सॉफ्टवेयर सिस्टम लागू किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में अंगदान के मार्ग में आने वाली प्रणालीगत और सामाजिक बाधाओं की चर्चा कीजिए और प्रत्यारोपण परिणामों में सुधार के लिए राज्य-आधारित तकनीकी हस्तक्षेपों की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।

  • संस्थागत बाधा: ब्रेन डेथ की घोषणा में देरी और समर्पित काउंसलर्स की कमी
  • जागरूकता की कमी: सांस्कृतिक और धार्मिक वर्जनाएं स्वैच्छिक दान की दर में बाधा
  • इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार: ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन को तालुका स्तर के अस्पतालों तक ले जाने की ज़रूरत

मुख्य शब्द: अंग प्रत्यारोपण · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · ब्रेन डेथ की घोषणा · स्वास्थ्य सेवा शासन · तकनीकी हस्तक्षेप

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स + मेन्स

ICMR-NIN के एक अध्ययन से पता चला है कि STAR (डोरस्टेप स्क्रीनिंग एंड ट्रीटमेंट) दृष्टिकोण ने तेलंगाना में किशोरियों और महिलाओं के बीच एनीमिया (Anemia) की व्यापकता को काफी कम कर दिया है

चर्चा में क्यों: ICMR-NIN के एक अध्ययन से पता चला है कि STAR (डोरस्टेप स्क्रीनिंग एंड ट्रीटमेंट) दृष्टिकोण ने तेलंगाना में किशोरियों और महिलाओं के बीच एनीमिया (Anemia) की व्यापकता को काफी कम कर दिया है।

STAR कार्यक्रम के अंतर्गत आयरन और फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स सीधे घरों तक पहुँचाए जाते हैं। प्रतिभागी राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के आधार पर चिकित्सीय (therapeutic) और निवारक (prophylactic) दोनों प्रकार की खुराक प्राप्त करते हैं। यह अध्ययन इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (ICMR-NIN) द्वारा किया गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाICMR-NIN: इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन।
  • तथ्यSTAR अप्रोच: एनीमिया के लिए डोरस्टेप स्क्रीनिंग और ट्रीटमेंट।
  • तथ्यउपचार के घटक: आयरन और फोलिक एसिड सप्लीमेंट्स (therapeutic और prophylactic डोज़)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में महिलाओं और किशोरियों के बीच एनीमिया की निरंतर बनी रहने वाली चुनौती को दूर करने में 'डोरस्टेप स्क्रीनिंग' (doorstep screening) और समुदाय-आधारित हस्तक्षेप मॉडल किस प्रकार प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं, चर्चा कीजिए।

  • अनुपालन अंतराल: निरंतर कम्युनिटी-लेवल मॉनिटरिंग के बिना प्रोफिलैक्टिक डोसेज का लंबे समय तक पालन सुनिश्चित करने में कठिनाई
  • लॉजिस्टिक बॉटलनेक: विविध भौगोलिक इलाकों और ग्रामीण आबादी में डोरस्टेप डिलीवरी मॉडल को बढ़ाने की चुनौतियां

मुख्य शब्द: एनीमिया की व्यापकता · डोरस्टेप स्क्रीनिंग · निवारक उपचार · कम्युनिटी-आधारित स्वास्थ्य · ICMR-NIN

GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स

तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री सी

चर्चा में क्यों: तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री सी. दामोदर राजा नरसिम्हा ने राज्यव्यापी आई केयर क्लीनिक (Eye Care Clinics) की स्थापना की घोषणा की है, जिसमें सरोजिनी देवी आई हॉस्पिटल को मुख्य केंद्र (Central Hub) बनाया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य अल्पकालिक शिविरों के बजाय निरंतर नेत्र देखभाल सेवाएँ प्रदान करना है। बीमारी की गंभीरता का आकलन करने और उपचार प्रोटोकॉल (Treatment Protocols) की सिफारिश करने के लिए एक उच्च-स्तरीय तकनीकी विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानसरोजिनी देवी आई हॉस्पिटल तेलंगाना के हैदराबाद में स्थित है।
  • तथ्ययह पहल शॉर्ट-टर्म कैंप्स से हटकर निरंतर आई केयर सर्विसेज (eye care services) की ओर शिफ्ट होती है।
  • संस्थाआंखों की बीमारी की गंभीरता और ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल्स (treatment protocols) का आकलन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय तकनीकी विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ग्रामीण और शहरी भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों में सुधार हेतु समय-समय पर आयोजित होने वाले चिकित्सा शिविरों के बजाय स्थायी स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे की स्थापना के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: स्पेशलाइज्ड केयर के लिए एपिसोडिक कैंप-आधारित मॉडल से परमानेंट क्लिनिकल हब की ओर बदलाव
  • रेफरल एफिशिएंसी: पेशेंट्स के फ्लो और स्पेशलाइज्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल्स को आसान बनाने के लिए हब पर कोऑर्डिनेशन को सेंट्रलाइज करना

मुख्य शब्द: सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · हेल्थकेयर डिलीवरी मॉडल · स्पेशलाइज्ड केयर · रेफरल सिस्टम · तकनीकी प्रोटोकॉल

केरल सरकार ने 40,000 शिक्षकों को प्रभावित करने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ शिक्षक संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद नई K-TET गाइडलाइन्स को निलंबित कर दिया है

चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने 40,000 शिक्षकों को प्रभावित करने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ शिक्षक संगठनों के विरोध प्रदर्शन के बाद नई K-TET गाइडलाइन्स को निलंबित कर दिया है।

केरल सरकार एक रिव्यू पिटीशन (review petition) के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देने की योजना बना रही है। सरकार का लक्ष्य मौजूदा नियुक्ति नियमों को बनाए रखते हुए उन शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा करना है, जिन्होंने 1 अप्रैल, 2010 से पहले सेवा में प्रवेश किया था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यसुप्रीम कोर्ट का फैसला केरल के लगभग 40,000 शिक्षकों को प्रभावित करता है।
  • तथ्यसरकार का लक्ष्य 1 अप्रैल, 2010 से पहले सेवा में शामिल हुए शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा करना है।
  • संस्थाK-TET: केरल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (Kerala Teacher Eligibility Test)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में शिक्षक पात्रता के मानकीकरण को सुनिश्चित करने और मौजूदा शिक्षकों के सेवा अधिकारों की सुरक्षा के बीच संतुलन के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • कानूनी विवाद: पात्रता पर न्यायिक आदेश बनाम लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के लिए प्रशासनिक सुरक्षा
  • पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: राज्य शिक्षा में शिक्षकों की योग्यता को स्टैंडर्डाइज़ करना बनाम वर्कफोर्स स्टेबिलिटी बनाए रखना
  • संस्थागत टकराव: भर्ती गाइडलाइन्स पर शिक्षक यूनियनों और राज्य सरकार के बीच विवाद

मुख्य शब्द: टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट · सेवा अधिकार · न्यायिक समीक्षा · सार्वजनिक शिक्षा · प्रशासनिक गाइडलाइन्स

राजस्थान सरकार ने छात्रों की शब्दावली और क्रिटिकल थिंकिंग स्किल्स (Critical Thinking Skills) में सुधार के लिए सरकारी स्कूलों में रोजाना अखबार पढ़ने को अनिवार्य कर दिया है

चर्चा में क्यों: राजस्थान सरकार ने छात्रों की शब्दावली और क्रिटिकल थिंकिंग स्किल्स (Critical Thinking Skills) में सुधार के लिए सरकारी स्कूलों में रोजाना अखबार पढ़ने को अनिवार्य कर दिया है।

राजस्थान सरकार ने छात्रों के लिए सुबह की सभा (Morning Assembly) के दौरान कम से कम 10 मिनट तक अंग्रेजी और हिंदी में राष्ट्रीय स्तर के समाचार पत्र पढ़ने को अनिवार्य किया है। राजस्थान स्कूल एजुकेशन काउंसिल प्रत्येक स्कूल के लिए दो समाचार पत्रों की सदस्यता लागत (Subscription costs) वहन करेगी।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यछात्रों को मॉर्निंग असेंबली के दौरान कम से कम 10 मिनट तक समाचार पत्र पढ़ने चाहिए।
  • संस्थाराजस्थान स्कूल एजुकेशन काउंसिल (Rajasthan School Education Council) समाचार पत्र के सब्सक्रिप्शन की लागत को कवर करने के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यस्कूलों के लिए दो समाचार पत्र सब्सक्राइब करना अनिवार्य है: एक हिंदी में और एक अंग्रेजी में।
मेन्स के लिए

प्रश्न: औपचारिक पाठ्यक्रम में समाचार पत्र पढ़ने जैसी पाठ्येतर गतिविधियों को एकीकृत करने से स्कूली छात्रों के संज्ञानात्मक विकास और नागरिक जागरूकता को किस प्रकार बढ़ावा मिल सकता है, चर्चा कीजिए।

  • शिक्षण में बदलाव: रट्टा मारने के बजाय करेंट अफेयर्स और विविध शब्दावली के साथ सक्रिय जुड़ाव
  • रिसोर्स एलोकेशन: साक्षरता बढ़ाने के लंबे समय के फायदों के मुकाबले सब्सक्रिप्शन की लॉजिस्टिक लागत को संतुलित करना

मुख्य शब्द: संज्ञानात्मक विकास · साक्षरता में सुधार · शिक्षा में नया नवाचार · नागरिक जागरूकता · करिकुलम इंटीग्रेशन

GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)मेन्स

तमिलनाडु सरकार ने कमजोर वर्गों के लिए बुनियादी ढांचे और सेवा वितरण की कमियों की पहचान करने हेतु 'सेक्टरल विजन डॉक्यूमेंट 2030' (Sectoral Vision Document 2030) तैयार करने के लिए एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया है

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने कमजोर वर्गों के लिए बुनियादी ढांचे और सेवा वितरण की कमियों की पहचान करने हेतु 'सेक्टरल विजन डॉक्यूमेंट 2030' (Sectoral Vision Document 2030) तैयार करने के लिए एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया है।

कार्य समूह की अध्यक्षता सामाजिक कल्याण और महिला सशक्तिकरण विभाग के सचिव द्वारा की जाती है। इसमें आदि द्रविड़, जनजातीय, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और दिव्यांग व्यक्तियों पर ध्यान केंद्रित करने वाले विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाइस वर्किंग ग्रुप की अध्यक्षता तमिलनाडु के सोशल वेलफेयर एंड विमेन एम्पावरमेंट डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी द्वारा की जाती है।
  • तथ्ययह विजन डॉक्यूमेंट (Vision document) सामाजिक कल्याण क्षेत्र के लक्ष्यों के लिए वर्ष 2030 को लक्षित करता है।
  • तथ्ययह समूह आदि द्रविड़ों, जनजातियों, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यकों और विकलांग व्यक्तियों सहित विशिष्ट कमजोर समूहों को कवर करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए सामाजिक कल्याण वितरण में मौजूद प्रणालीगत कमियों को दूर करने में दीर्घकालिक क्षेत्रीय विजन दस्तावेजों (sectoral vision documents) के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: हाशिए पर रहने वाले समूहों के लिए भौतिक सुविधाओं और सर्विस डिलीवरी मैकेनिज्म में कमियों की पहचान
  • अंतर-विभागीय समन्वय: जनजातियों, अल्पसंख्यकों और दिव्यांगों के लिए विविध कल्याणकारी योजनाओं को एक साथ लाना
  • डेटा-आधारित नीति: 2030 के लिए रिएक्टिव कल्याण से प्रोएक्टिव ट्रेंड-आधारित प्लानिंग की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: समाज कल्याण · समावेशी विकास · सेवा वितरण · कमज़ोर वर्ग · पॉलिसी फ्रेमवर्क

केंद्र सरकार प्रस्तावित 'विकसित भारत शिक्षा आधार विधेयक, 2025' (Viksit Bharat Shiksha Adhishthan Bill

चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार प्रस्तावित 'विकसित भारत शिक्षा आधार विधेयक, 2025' (Viksit Bharat Shiksha Adhishthan Bill, 2025) के माध्यम से ओपन स्कूलिंग ढांचे को उदार बनाने और शिक्षण में AI के उपयोग के लिए दिशा-निर्देश पेश करने की योजना बना रही है।

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 का उद्देश्य उच्च शिक्षा के रेगुलेशन (Regulation) में व्यापक बदलाव लाना है और इसे संसद की एक संयुक्त समिति के पास भेजा जाएगा। यह विधेयक नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ओपन स्कूलिंग (NIOS) प्रणाली के विस्तार का प्रस्ताव देता है, जिसमें ITIs जैसे संस्थानों को भी शामिल किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अधिनियम / विधेयकविकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल, 2025: उच्च शिक्षा विनियमन (regulation) में बदलाव और ओपन स्कूलिंग को उदार बनाने के लिए प्रस्तावित कानून।
  • संस्थानेशनल इंस्टीट्यूट फॉर ओपन स्कूलिंग (NIOS): वह संस्था जिसके सिस्टम को यह बिल ITIs को शामिल करने के लिए विस्तारित करने का प्रयास करता है।
  • तथ्यबिल में रोजगार और उद्यमिता पर केंद्रित तकनीकी शिक्षा मानकों (technical education standards) को तैयार करने के प्रावधान शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में कौशल-आधारित शिक्षा और समावेशी अधिगम की चुनौतियों का समाधान करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण और मुक्त विद्यालयी ढाँचों का विस्तार किस प्रकार सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।

  • पेडागोजिकल शिफ्ट: AI-आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग और टीचर-स्टूडेंट इंटरैक्शन के बीच संतुलन
  • समावेशिता का अंतर: ITI के वोकेशनल शिक्षार्थियों को फॉर्मल सर्टिफिकेट देने के लिए NIOS विस्तार का लाभ उठाना
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: तकनीकी शिक्षा के मानकों को बदलते वैश्विक एंटरप्रेन्योरशिप डिमांड्स के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: समावेशी शिक्षा · शिक्षा में नवाचार · व्यावसायिक प्रशिक्षण · डिजिटल साक्षरता · कौशल विकास

GS2 के अन्य विषय

राजव्यवस्था एवं संविधान · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध

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