राजस्थान कैबिनेट ने सांप्रदायिक हिंसा के दौरान संपत्ति की मजबूरी में बिक्री (distress sales) और किरायेदारों को बेदखल करने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए 'अशांत क्षेत्रों' (disturbed areas) में संपत्ति के हस्तांतरण को प्रतिबंधित करने वाले एक ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दी है
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)· प्रीलिम्स + मेन्स·
चर्चा में क्यों
राजस्थान कैबिनेट ने सांप्रदायिक हिंसा के दौरान संपत्ति की मजबूरी में बिक्री (distress sales) और किरायेदारों को बेदखल करने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए 'अशांत क्षेत्रों' (disturbed areas) में संपत्ति के हस्तांतरण को प्रतिबंधित करने वाले एक ड्राफ्ट बिल को मंजूरी दी है।
पृष्ठभूमि
राजस्थान अचल संपत्ति हस्तांतरण निषेध और अशांत क्षेत्रों में किरायेदारों को परिसर से बेदखली से सुरक्षा के प्रावधान विधेयक, 2026, अशांत क्षेत्रों में संपत्ति हस्तांतरण से जुड़े अपराधों को गैर-जमानती बनाने का प्रस्ताव करता है। इन अपराधों के लिए तीन से पांच साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान शामिल है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- अधिनियम / विधेयकराजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ ट्रांसफर ऑफ इमूवेबल प्रॉपर्टी एंड प्रोविजन्स फॉर प्रोटेक्शन ऑफ टेनेंट्स फ्रॉम इविक्शन फ्रॉम द प्रेमिसेस इन डिस्टर्बड एरियाज बिल, 2026।
- तथ्यप्रस्तावित बिल के तहत अशांत क्षेत्रों (disturbed areas) में किए गए अपराध गैर-जमानती (non-bailable) होंगे।
- तथ्यसंपत्ति हस्तांतरण के अपराधों के लिए प्रस्तावित कारावास की अवधि तीन से पांच साल तक है।
- स्थानराजस्थान।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सांप्रदायिक अशांति और नागरिक संकट की अवधियों के दौरान हाशिए पर रहने वाले समुदायों के संपत्ति अधिकारों की सुरक्षा के लिए आवश्यक विधायी उपायों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर के आयाम
- कानूनी सुरक्षा: सांप्रदायिक तनाव के दौरान किरायेदारों को जबरन बेदखली से बचाना
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: संकट में बिक्री रोकने के लिए व्यक्तिगत संपत्ति अधिकारों और सरकारी हस्तक्षेप के बीच संतुलन
- प्रवर्तन तंत्र: प्रॉपर्टी फ्रॉड के लिए स्वैच्छिक अनुपालन से गैर-जमानती आपराधिक दंड की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: डिस्ट्रेस सेल · किरायेदारों के अधिकार · सांप्रदायिक हिंसा · संपत्ति के अधिकार · विधायी हस्तक्षेप
सामाजिक न्याय पर और नोट्स
- कर्नाटक राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान को रोकने के लिए सरकारी डॉक्टरों द्वारा निजी अस्पतालों में इन-पेशेंट्स (in-patients) के इलाज करने पर रोक लगाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं · 28 जनवरी 2026
- सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रमों के संबंध में राज्यों की धीमी प्रगति और अपर्याप्त डेटा पर असंतोष व्यक्त किया · 28 जनवरी 2026
- केरल में चर्च से अलग हुए ईसाई नन और धार्मिक संरक्षण में रहने वाली अन्य महिलाओं के बीच गरीबी की समस्या को दूर करने के लिए · 28 जनवरी 2026
- मंत्री डी · 28 जनवरी 2026
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद को संबोधित करते हुए पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के तेजी से विकास पर सरकार के रणनीतिक फोकस पर प्रकाश डाला · 28 जनवरी 2026
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद को अपने संबोधन के दौरान आयुष्मान भारत योजना और अन्य स्वास्थ्य पहलों की प्रगति पर प्रकाश डाला · 28 जनवरी 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।