नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन एंड मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने भारत भर में 18,000 से अधिक सीटों के खाली रहने के कारण NEET-PG 2025 के तीसरे दौर के लिए आरक्षित श्रेणियों के लिए क्वालीफाइंग परसेंटाइल को शून्य कर दिया है
GS2राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध· स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्य· प्रीलिम्स·
चर्चा में क्यों
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन एंड मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने भारत भर में 18,000 से अधिक सीटों के खाली रहने के कारण NEET-PG 2025 के तीसरे दौर के लिए आरक्षित श्रेणियों के लिए क्वालीफाइंग परसेंटाइल को शून्य कर दिया है।
पृष्ठभूमि
महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में रिक्त पदों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई, जिसमें निजी/प्रबंधन और NRI कोटा के तहत प्रत्येक राज्य में 2,000 से अधिक सीटें खाली रहीं। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIIMS) ने उच्च शिक्षा लागत, शिक्षण कर्मचारियों की कमी और बुनियादी ढांचे की समस्याओं को इन रिक्तियों के प्राथमिक कारणों के रूप में बताया है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाNBEMS: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन एंड मेडिकल साइंसेज।
- तथ्यभारत भर के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 18,000 से अधिक सीटें खाली हैं।
- तथ्यमहाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में प्राइवेट/मैनेजमेंट और NRI कोटा में प्रत्येक राज्य में 2,000 से अधिक सीटें खाली हैं।
- संस्थाFAIIMS: फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (Federation of All India Medical Association)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में उच्च रिक्तियों के लिए उत्तरदायी प्रणालीगत कारकों और भारत में स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की उपलब्धता पर उनके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- आर्थिक बाधा: प्राइवेट मेडिकल शिक्षा की भारी लागत छात्रों की संख्या को सीमित कर रही है
- इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: शिक्षकों की कमी/मरीजों के बोझ और सीटों के खाली रहने के बीच संबंध
- रेगुलेटरी गैप: प्राइवेट मेडिकल संस्थानों में स्टाइपेंड और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्टैंडर्डाइज्ड मानदंडों की ज़रूरत
मुख्य शब्द: मानव संसाधन की कमी · मेडिकल एजुकेशन पॉलिसी · सार्वजनिक-निजी असमानता · स्वास्थ्य सेवा इन्फ्रास्ट्रक्चर · सीट वैकेंसी विश्लेषण
सामाजिक न्याय पर और नोट्स
- आंध्र प्रदेश सरकार ने कैंसर से पीड़ित गंभीर रूप से बीमार मरीजों को आराम प्रदान करने के लिए पांच टीचिंग अस्पतालों में पेन एंड पैलिएटिव केयर सेंटर (Pain and Palliative Care Centres) स्थापित करने की घोषणा की है · 3 फ़रवरी 2026
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने एक रिपोर्ट जारी की है · 3 फ़रवरी 2026
- आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में बढ़ते डिजिटल एडिक्शन (Digital Addiction) और स्क्रीन से जुड़ी मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को एक बड़ी स्वास्थ्य चिंता के रूप में रेखांकित किया गया है · 3 फ़रवरी 2026
- केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा को सूचित किया कि केंद्र सरकार · 3 फ़रवरी 2026
- रोटारियंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनिपैड्स फाउंडेशन ने तेलंगाना में 60,000 छात्राओं को दोबारा इस्तेमाल होने वाले सैनिटरी पैड वितरित करने के लिए 'प्रोजेक्ट शक्ति' (Project Shakti) शुरू किया है · 2 फ़रवरी 2026
- कर्नाटक के ग्रामीण श्रमिकों ने प्रस्तावित 'विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन' (Viksit Bharat-Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission) ढांचे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया · 2 फ़रवरी 2026
कोई गलती या कोई कमी?
किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।