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भाग I · स्था. 11.2025 
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,438 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग (523) · अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन) (348) · जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान (246) · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक (199) · रक्षा तकनीक (118) · बौद्धिक संपदा अधिकार (4)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस-यूक्रेन और ईरान-इजराइल संघर्षों से मिले सबक का हवाला देते हुए घरेलू ड्रोन निर्माताओं से उत्पादन में

चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस-यूक्रेन और ईरान-इजराइल संघर्षों से मिले सबक का हवाला देते हुए घरेलू ड्रोन निर्माताओं से उत्पादन में, जिसमें कंपोनेंट्स और सॉफ्टवेयर भी शामिल हैं, पूर्ण आत्मनिर्भरता हासिल करने का आग्रह किया।

इस बैठक में घरेलू रक्षा कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) के अधिकारियों ने भाग लिया। चर्चा का मुख्य केंद्र ड्रोन निर्माण इकोसिस्टम में AI, रोबोटिक्स और सिमुलेशन तकनीक को एकीकृत करना था।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • विज्ञान-तकनीकड्रोन मैन्युफैक्चरिंग के कंपोनेंट्स में हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और बैटरियां शामिल हैं।
  • तथ्यआधुनिक ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में AI, रोबोटिक्स और सिमुलेशन टेक्नोलॉजी को प्रमुख ड्राइवर्स (drivers) के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ड्रोन तकनीक में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के रणनीतिक महत्व और भारत के रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन सुरक्षा: भू-राजनीतिक जोखिमों को कम करने के लिए विदेशी ड्रोन कंपोनेंट्स और सॉफ्टवेयर पर निर्भरता घटाना
  • तकनीकी एकीकरण: स्वदेशी ड्रोन सिस्टम में सटीकता और स्वायत्तता बढ़ाने के लिए AI और रोबोटिक्स का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: आत्मनिर्भर भारत · रक्षा निर्माण · रणनीतिक स्वायत्तता · दोहरे उपयोग वाली टेक्नोलॉजी · स्वदेशीकरण

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एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने आनुवंशिक रूप से संशोधित (genetically modified) बैक्टीरिया का उपयोग करके फेंकी गई PET प्लास्टिक की बोतलों को L-DOPA में बदलने की एक विधि विकसित की है

चर्चा में क्यों: एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने आनुवंशिक रूप से संशोधित (genetically modified) बैक्टीरिया का उपयोग करके फेंकी गई PET प्लास्टिक की बोतलों को L-DOPA में बदलने की एक विधि विकसित की है। L-DOPA, पार्किंसंस रोग (Parkinson's disease) के लिए एक महत्वपूर्ण दवा घटक है।

इस प्रक्रिया में PET प्लास्टिक से प्राप्त टेरेफ्थैलिक एसिड (terephthalic acid) को L-DOPA में बदलने के लिए जेनेटिकली मॉडिफाइड बैक्टीरिया (genetically modified bacteria) का उपयोग किया जाता है। इस पद्धति का उद्देश्य पार्किंसंस की थेरेपी के लिए पारंपरिक फार्मास्युटिकल उत्पादन के एक टिकाऊ विकल्प (sustainable alternative) को प्रदान करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकPET: पॉलीइथाइलीन टेरेफ्थलेट (Polyethylene terephthalate), एक सामान्य प्लास्टिक जिसका उपयोग ड्रिंक बोतल्स में किया जाता है।
  • विज्ञान-तकनीकL-DOPA: पार्किंसंस बीमारी (Parkinson's disease) के इलाज में इस्तेमाल होने वाला एक प्रमुख केमिकल कंपोनेंट।
  • विज्ञान-तकनीकटेरेफ्थैलिक एसिड (Terephthalic acid): PET से प्राप्त एक केमिकल इंटरमीडिएट (chemical intermediate) जिसका उपयोग कन्वर्जन प्रोसेस (conversion process) में किया जाता है।
  • तथ्ययह रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग के वैज्ञानिकों द्वारा की गई थी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में सिंथेटिक बायोलॉजी और 'अपशिष्ट-से-औषधि' (waste-to-medicine) प्रौद्योगिकियों में होने वाली प्रगति किस प्रकार सतत स्वास्थ्य सेवा और चक्रीय अर्थव्यवस्था (circular economy) के लक्ष्यों में योगदान दे सकती है, चर्चा कीजिए।

  • सर्कुलर इकोनॉमी: औद्योगिक कचरे को कम करने के लिए फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग के साथ प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट को जोड़ना
  • बायोटेक स्केलेबिलिटी: बड़े पैमाने पर दवा उत्पादन के लिए बैक्टीरियल फर्मेंटेशन को ऑप्टिमाइज़ करने में तकनीकी बाधाएं
  • आर्थिक व्यवहार्यता: वेस्ट-डिराइव्ड प्रीकर्सर्स की लागत-प्रभावशीलता और स्थापित सिंथेटिक पाथवे के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: सिंथेटिक बायोलॉजी · सर्कुलर इकोनॉमी · बायोफार्मास्यूटिकल्स · वेस्ट वैलराइजेशन · सस्टेनेबल हेल्थकेयर

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क्रॉससेंस लिमिटेड (CrossSense Ltd) ने अपने 'विस्पी' (Wispy) AI सॉफ्टवेयर के लिए 1 मिलियन पाउंड का पुरस्कार जीता है

चर्चा में क्यों: क्रॉससेंस लिमिटेड (CrossSense Ltd) ने अपने 'विस्पी' (Wispy) AI सॉफ्टवेयर के लिए 1 मिलियन पाउंड का पुरस्कार जीता है। यह सॉफ्टवेयर स्मार्ट ग्लास में शामिल किया गया है, जिसे प्रॉम्प्ट्स और बातचीत के माध्यम से डिमेंशिया (dementia) से पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए डिजाइन किया गया है।

Wispy सॉफ्टवेयर का परीक्षण डिमेंशिया (dementia) से पीड़ित 23 व्यक्तियों और उनके देखभाल करने वालों (caregivers) के जोड़ों पर किया गया। यह सॉफ्टवेयर कार्यों के दौरान रियल-टाइम प्रॉम्प्ट्स और फीडबैक प्रदान करता है, साथ ही याददाश्त की सटीकता में सुधार के लिए पुरानी यादों को ताजा करने (reminiscence) में सहायता करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकWispy: स्मार्ट ग्लासेस में एम्बेडेड AI सॉफ्टवेयर जो डिमेंशिया (dementia) के मरीजों की सहायता करता है।
  • तथ्यक्रॉससेंस लिमिटेड (CrossSense Ltd) ने इस टेक्नोलॉजी के लिए £1 मिलियन का इनाम जीता।
  • तथ्यडिमेंशिया (dementia) से पीड़ित 23 व्यक्तियों और उनके केयरगिवर्स (caregivers) पर टेस्टिंग की गई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वृद्धजनों के लिए स्वास्थ्य सेवा में एआई-संचालित सहायक प्रौद्योगिकियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए और व्यक्तिगत डेटा गोपनीयता से जुड़ी नैतिक चुनौतियों का परीक्षण कीजिए।

  • डेटा प्राइवेसी: स्मार्ट ग्लासेस द्वारा लगातार ऑडियो-विजुअल डेटा कलेक्शन के जोखिम
  • डिजिटल डिवाइड: ग्रामीण आबादी के लिए महंगे AI हेल्थकेयर टेक तक पहुंच की समस्या
  • नैतिक निगरानी: AI-आधारित कॉग्निटिव प्रॉम्प्ट्स के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की ज़रूरत

मुख्य शब्द: असिस्टिव टेक्नोलॉजी · कॉग्निटिव हेल्थ · डेटा प्राइवेसी · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · वृद्धों की देखभाल

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चार्ल्स एच

चर्चा में क्यों: चार्ल्स एच. बेनेट और जिल ब्रासार्ड को साइबर खतरों के खिलाफ संचार को सुरक्षित करने के लिए 1984 में क्वांटम क्रिप्टोग्राफी (BB84) के आविष्कार के लिए ट्यूरिंग अवार्ड (Turing Award) से सम्मानित किया गया।

अमेरिकी भौतिक विज्ञानी चार्ल्स एच. बेनेट और कनाडाई कंप्यूटर वैज्ञानिक गिल्स ब्रासार्ड को ट्यूरिंग अवार्ड (Turing Award) से सम्मानित किया गया। उनका कार्य, BB84 प्रोटोकॉल, सुरक्षित संचार और कंप्यूटिंग सुनिश्चित करने के लिए क्वांटम फिजिक्स के सिद्धांतों का उपयोग करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकBB84: एक क्वांटम क्रिप्टोग्राफी प्रोटोकॉल जिसे 1984 में बेनेट (Bennett) और ब्रासार्ड (Brassard) द्वारा विकसित किया गया था।
  • पदचार्ल्स एच बेनेट: अमेरिकी भौतिक विज्ञानी जिन्हें ट्यूरिंग अवार्ड (Turing Award) से सम्मानित किया गया।
  • पदगिल्स ब्रासार्ड (Gilles Brassard): कनाडाई कंप्यूटर साइंटिस्ट जिन्हें ट्यूरिंग अवार्ड (Turing Award) से सम्मानित किया गया।
  • तथ्यट्यूरिंग अवार्ड (Turing Award): कंप्यूटर साइंस और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बुनियादी योगदान को मान्यता देता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: क्वांटम कंप्यूटिंग के युग में शास्त्रीय एन्क्रिप्शन (classical encryption) की कमियों को दूर करने में क्वांटम क्रिप्टोग्राफी किस प्रकार प्रभावी है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • क्रिप्टोग्राफ़िक ट्रांज़िशन: मैथमेटिकल कॉम्प्लेक्सिटी से क्वांटम मैकेनिक्स के नियमों की ओर बदलाव
  • साइबरसिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर: क्वांटम-सक्षम एक्टर्स द्वारा 'अभी हार्वेस्ट करें, बाद में डिक्रिप्ट करें' के खतरे से निपटना

मुख्य शब्द: क्वांटम क्रिप्टोग्राफी · BB84 प्रोटोकॉल · साइबर सिक्योरिटी · क्वांटम फिजिक्स · डेटा इंटीग्रिटी

ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) ने NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी और कैल्टेक (Caltech) के साथ मिलकर 'NEO हंटर' मिशन की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) ने NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी और कैल्टेक (Caltech) के साथ मिलकर 'NEO हंटर' मिशन की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य संभावित रूप से खतरनाक क्षुद्रग्रहों (Asteroids) का पता लगाना और उन्हें अपने रास्ते से हटाना है।

यह मिशन ब्लू ओरिजिन (Blue Origin) के 'ब्लू रिंग' स्पेसक्राफ्ट प्लेटफॉर्म का उपयोग करता है, जो 13 कनेक्शन पोर्ट्स के माध्यम से 4,000 किलोग्राम तक के पेलोड को सहारा देने में सक्षम है। यह दो चरणों में कार्य करता है: पहले चरण में क्षुद्रग्रहों (asteroids) की संरचना और द्रव्यमान पर डेटा एकत्र करने के लिए क्यूबसैट्स (cubesats) तैनात किए जाते हैं, और दूसरे चरण में आयन बीम एमिटर (ion beam emitter) जैसे डिफ्लेक्शन स्ट्रैटेजीज (deflection strategies) का उपयोग किया जाता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकNEO Hunter: Blue Ring स्पेसक्राफ्ट प्लेटफॉर्म का उपयोग करके Near Earth Objects (एस्टेरॉयड) का पता लगाने और उन्हें मोड़ने का मिशन।
  • तथ्यBlue Ring प्लेटफॉर्म की क्षमता: 13 कनेक्शन पोर्ट्स में 4,000 किलोग्राम तक।
  • विज्ञान-तकनीकआयन बीम एमिटर (Ion beam emitter): एस्टेरॉयड डिफ्लेक्शन (asteroid deflection) रणनीतियों के लिए प्रस्तावित तकनीक।
  • संस्थाNASA की Jet Propulsion Laboratory और California Institute of Technology (Caltech) प्रमुख सहयोगी हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: खगोलीय खतरों के विरुद्ध ग्रह रक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने में अंतर्राष्ट्रीय और निजी क्षेत्र के सहयोग के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप: NASA के प्लैनेटरी डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए प्राइवेट स्पेस क्षमताओं (ब्लू ओरिजिन) का इस्तेमाल
  • तकनीकी बाधाएं: आयन बीम डिफ्लेक्शन के लिए सटीक ज़रूरतें और क्यूबसैट्स से रियल-टाइम डेटा एक्विजिशन

मुख्य शब्द: प्लैनेटरी डिफेंस · पृथ्वी के निकट के पिंड · अंतरिक्ष अन्वेषण · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · एस्टरॉयड डिफ्लेक्शन

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नेशनल ओशनोग्राफी सेंटर (NOC) के शोधकर्ताओं ने क्लेरियन-क्लिपरटन ज़ोन (CCZ) में व्हिपलैश स्क्विड (whiplash squid) की एक ऐसी प्रजाति को रिकॉर्ड किया है जिसका अब तक वर्णन नहीं किया गया था

चर्चा में क्यों: नेशनल ओशनोग्राफी सेंटर (NOC) के शोधकर्ताओं ने क्लेरियन-क्लिपरटन ज़ोन (CCZ) में व्हिपलैश स्क्विड (whiplash squid) की एक ऐसी प्रजाति को रिकॉर्ड किया है जिसका अब तक वर्णन नहीं किया गया था। यह प्रजाति 'अग्रेसिव मिमिक्री' (aggressive mimicry) का प्रदर्शन करती हुई देखी गई।

यह फुटेज प्रशांत महासागर के क्लेरियन-क्लिपरटन ज़ोन (Clarion-Clipperton Zone - CCZ) में 4.1 किमी की गहराई पर एक रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल (ROV) के जरिए कैप्चर किया गया था। यह स्क्विड (squid) अपने सिर को समुद्र के तल में डालकर और अपने हाथों को सख्त करके एक पेड़ जैसी संरचना की नकल करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पर्यावरणव्हिपलैश स्क्विड (Whiplash squid): एक डीप-सी (deep-sea) प्रजाति जिसे ट्री-लाइक स्ट्रक्चर्स (tree-like structures) जैसा दिखने के लिए एग्रेसिव मिमिक्री (aggressive mimicry) का उपयोग करते हुए देखा गया है।
  • स्थानक्लैरियन-क्लिपरटन ज़ोन (Clarion-Clipperton Zone - CCZ): प्रशांत महासागर में स्थित एक डीप-सी एरिया (deep-sea area)।
  • विज्ञान-तकनीकRemotely Operated Vehicle (ROV): 4.1 km की गहराई पर फुटेज कैप्चर करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक।
  • तथ्ययह खोज समुद्र की सतह से 4.1 किलोमीटर (km) की गहराई पर की गई थी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: गहरे समुद्र में खनन (deep-sea mining) के पारिस्थितिक निहितार्थों और अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्रों में सुदृढ़ जैव विविधता संरक्षण रूपरेखा स्थापित करने की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।

  • बायोडायवर्सिटी का नुकसान: मिनरल एक्सट्रैक्शन के कारण गहरे समुद्र की अनोखी प्रजातियों और हैबिटेट्स का अपूरणीय विनाश
  • रेगुलेटरी गैप: क्लेरियन-क्लिपरटन ज़ोन में डीप-सी माइनिंग के लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय निगरानी की कमी

मुख्य शब्द: आक्रामक मिमिक्री · डीप-सी माइनिंग · जैव विविधता संरक्षण · समुद्री इकोसिस्टम · रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल

UCLA के शोधकर्ताओं ने नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण (Renewable energy storage) को बेहतर बनाने के लिए थॉमस एडिसन के 1901 के डिज़ाइन से प्रेरित नैनोटेक्नोलॉजी का उपयोग करके एक नई निकिल-आयरन बैटरी विकसित की है

चर्चा में क्यों: UCLA के शोधकर्ताओं ने नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण (Renewable energy storage) को बेहतर बनाने के लिए थॉमस एडिसन के 1901 के डिज़ाइन से प्रेरित नैनोटेक्नोलॉजी का उपयोग करके एक नई निकिल-आयरन बैटरी विकसित की है।

नई बैटरी में तेज़ चार्जिंग और लंबी उम्र सुनिश्चित करने के लिए निकल-आयरन केमिस्ट्री और नैनोटेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है। इसे ग्रिड-स्तरीय सौर और पवन ऊर्जा जैसे बड़े पैमाने के स्टेशनरी सिस्टम के लिए डिज़ाइन किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकनिकल-आयरन बैटरियां: बड़े पैमाने पर स्टेशनरी एनर्जी स्टोरेज (stationary energy storage) के लिए लिथियम-आयन बैटरियों का एक विकल्प।
  • तथ्यUCLA के शोधकर्ताओं ने एडिसन से प्रेरित बैटरी डिज़ाइन्स की दक्षता बढ़ाने के लिए नैनोटेक्नोलॉजी (nanotechnology) का उपयोग किया।
  • विज्ञान-तकनीकप्रचुर मात्रा में उपलब्ध सामग्रियों के उपयोग के कारण, इस बैटरी केमिस्ट्री को पर्यावरण के अनुकूल (environmentally friendly) बताया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण के लिए लिथियम-आयन बैटरी की सीमाओं को दूर करने में निकल-लोहा (nickel-iron) बैटरी तकनीक की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।

  • रिसोर्स सिक्योरिटी: भरपूर मात्रा में मिलने वाले निकेल और आयरन के इस्तेमाल से लिथियम जैसे क्रिटिकल मिनरल्स पर निर्भरता कम करना
  • ग्रिड स्टेबिलिटी: नेशनल ग्रिड में रुक-रुक कर मिलने वाली सोलर और विंड पावर को जोड़ने की संभावना बढ़ाना
  • एनवायर्नमेंटल फुटप्रिंट: लिथियम-आयन सिस्टम की तुलना में बैटरी उत्पादन और निपटान के पारिस्थितिक प्रभाव को कम करना

मुख्य शब्द: नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण · नैनोटेक्नोलॉजी · ग्रिड-लेवल इंटीग्रेशन · संसाधनों की प्रचुरता · ऊर्जा ट्रांज़िशन

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ट्रम्प प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों और अनुबंध संबंधी विवादों का हवाला देते हुए

चर्चा में क्यों: ट्रम्प प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों और अनुबंध संबंधी विवादों का हवाला देते हुए, अमेरिकी अदालत में AI कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) को पेंटागन द्वारा ब्लैकलिस्ट करने का बचाव किया।

ट्रम्प प्रशासन ने सभी संघीय एजेंसियों को एंथ्रोपिक (Anthropic) के साथ अपने व्यावसायिक संबंधों को समाप्त करने का निर्देश दिया है। क्लाउड AI (Claude AI) बनाने वाली यह कंपनी इस कदम को अपने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों का उल्लंघन मानती है। साथ ही, यह कंपनी घरेलू निगरानी का विरोध करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए AI के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यपेंटागन ने Anthropic को ब्लैकलिस्ट कर दिया क्योंकि कंपनी ने उन टेक्नोलॉजी रिस्ट्रिक्शंस (technology restrictions) को हटाने से इनकार कर दिया जिन्हें नेशनल सिक्योरिटी रिस्क (national security risk) माना गया था।
  • पदट्रम्प प्रशासन ने संघीय एजेंसियों को इस कंपनी के साथ व्यापारिक संबंध खत्म करने का निर्देश जारी किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अग्रिम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) प्रौद्योगिकियों के विनियमन के संदर्भ में राष्ट्रीय सुरक्षा की अनिवार्यताओं और कॉर्पोरेट अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकारों के मध्य उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोधों का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: सरकारी सुरक्षा जरूरतों और प्राइवेट सेक्टर की तकनीकी स्वायत्तता के बीच संतुलन
  • संवैधानिक संघर्ष: नेशनल सिक्योरिटी के संदर्भ में AI डेवलपर्स के लिए फ्री स्पीच सुरक्षा के दायरे का मूल्यांकन

मुख्य शब्द: राष्ट्रीय सुरक्षा · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · रेगुलेटरी ओवरसाइट · अभिव्यक्ति की आज़ादी · तकनीकी संप्रभुता

कर्नाटक हाई कोर्ट ने शरवथी पंपड स्टोरेज हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (Sharavathi Pumped Storage Hydroelectric Project) पर रोक लगाने का आदेश दिया है

चर्चा में क्यों: कर्नाटक हाई कोर्ट ने शरवथी पंपड स्टोरेज हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (Sharavathi Pumped Storage Hydroelectric Project) पर रोक लगाने का आदेश दिया है। यह आदेश पर्यावरणविदों द्वारा इस प्रोजेक्ट के शरवथी लायन-टेल्ड मकाक वन्यजीव अभयारण्य (Sharavathi Lion-Tailed Macaque Wildlife Sanctuary) पर पड़ने वाले प्रभाव के खिलाफ दी गई चुनौती के बाद आया है।

कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPCL) का लक्ष्य इस परियोजना के माध्यम से 2,000 MW बिजली उत्पादन करना है। यह परियोजना श्रवथी लायन-टेल्ड मकाक वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित है और परियोजना की लागत में वृद्धि तथा पर्यावरणीय मंजूरी (Environmental Clearances) की कमी को लेकर इस पर आलोचना हो रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानशरावती लायन-टेल्ड मकाक वन्यजीव अभयारण्य: कर्नाटक में प्रस्तावित हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट का स्थान।
  • तथ्य2,000 MW: शरवती पम्प्ड स्टोरेज हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (Sharavathi Pumped Storage Hydroelectric Project) की टारगेट पावर जनरेशन कैपेसिटी।
  • संस्थाकर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KPCL): यह संस्था प्रोजेक्ट के विकास के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की ऊर्जा संक्रमण रणनीति के संदर्भ में, बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे और जैव विविधता संरक्षण के बीच उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोधों का विश्लेषण कीजिए।

  • इकोलॉजिकल ट्रेड-ऑफ: हैबिटेट फ्रैगमेंटेशन और लुप्तप्राय लायन-टेल्ड मकाक आबादी के लिए खतरा
  • रेगुलेटरी बॉटलनेक: एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस की कमी और लागत बढ़ने से देरी
  • पॉलिसी में टकराव: राज्य के बिजली उत्पादन लक्ष्यों और वन संरक्षण के नियमों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: ऊर्जा ट्रांज़िशन · जैव विविधता संरक्षण · पंप स्टोरेज हाइड्रोइलेक्ट्रिक · पर्यावरण प्रभाव आकलन · सतत विकास

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एंथ्रोपिक (Anthropic) और OpenAI, 'डर्टी बम' बनाने के लिए AI के दुरुपयोग के खिलाफ तकनीकी सुरक्षा घेरे (guardrails) विकसित करने के लिए रासायनिक हथियारों और रेडियोलॉजिकल खतरों के विशेषज्ञों की भर्ती कर रहे हैं

चर्चा में क्यों: एंथ्रोपिक (Anthropic) और OpenAI, 'डर्टी बम' बनाने के लिए AI के दुरुपयोग के खिलाफ तकनीकी सुरक्षा घेरे (guardrails) विकसित करने के लिए रासायनिक हथियारों और रेडियोलॉजिकल खतरों के विशेषज्ञों की भर्ती कर रहे हैं।

एन्थ्रोपिक (Anthropic) और OpenAI एआई मॉडल द्वारा हानिकारक निर्देश उत्पन्न करने से रोकने के लिए विस्फोटकों और रासायनिक हथियारों के विशेषज्ञों को नियुक्त कर रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य हथियार से संबंधित जानकारी के खुलासे के खिलाफ सुरक्षा नीतियों और तकनीकी गार्डरेल्स (technical guardrails) को मजबूत करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकएंथ्रोपिक (Anthropic) और OpenAI: सेफ्टी गार्डरेल्स (safety guardrails) के लिए भर्ती करने वाली प्रमुख AI टेक्नोलॉजी कंपनियाँ।
  • तथ्यडर्टी बॉम्ब (Dirty bombs): ऐसे हथियार जो रेडियोएक्टिव मटेरियल (radioactive material) को फैलाने के लिए कन्वेंशनल एक्सप्लोसिव्स (conventional explosives) का उपयोग करते हैं।
  • विज्ञान-तकनीकTechnical guardrails: AI मॉडल्स द्वारा हानिकारक या प्रतिबंधित जानकारी जेनरेट करने से रोकने के लिए लागू किए गए उपाय।
मेन्स के लिए

प्रश्न: व्यापक अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अभाव में निजी एआई (AI) कंपनियों द्वारा आंतरिक सुरक्षा प्रोटोकॉल विकसित करने के नैतिक और सुरक्षा निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • रेगुलेटरी वैक्यूम: संवेदनशील हथियार वाले डेटा के साथ AI इंटरैक्शन के लिए बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय फ्रेमवर्क की कमी
  • दोहरे उपयोग की दुविधा: सुरक्षा अनुसंधान की ज़रूरत और संवेदनशील रेडियोलॉजिकल जानकारी के उजागर होने के जोखिम के बीच संतुलन
  • कॉरपोरेट गवर्नेंस: हाई-रिस्क AI एप्लिकेशंस के लिए ग्लोबल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स तय करती प्राइवेट संस्थाएं

मुख्य शब्द: AI सुरक्षा · तकनीकी गार्डरेल्स · दोहरे उपयोग वाली टेक्नोलॉजी · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · रेडियोलॉजिकल खतरे

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UK की टेक्नोलॉजी सेक्रेटरी लिज़ केंडल ने क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए £1 बिलियन की फंडिंग की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: UK की टेक्नोलॉजी सेक्रेटरी लिज़ केंडल ने क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए £1 बिलियन की फंडिंग की घोषणा की है। इसका उद्देश्य घरेलू प्रतिभा को बनाए रखना और अमेरिका को विशेषज्ञता के नुकसान को रोकना है।

ब्रिटिश सरकार ने बड़े पैमाने पर क्वांटम कंप्यूटर डिजाइन करने वाली कंपनियों को सहायता देने के लिए £1 बिलियन की प्रतिबद्धता जताई है। इस पहल का उद्देश्य AI रेस (AI race) में ब्रिटेन के अनुभव को देखते हुए, विशेषज्ञता को प्रतिस्पर्धी देशों, विशेष रूप से अमेरिका (US) के पास जाने से रोकना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यUK में क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए £1bn फंडिंग का वादा।
  • विज्ञान-तकनीकक्वांटम कंप्यूटिंग: इसमें विभिन्न क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर क्वांटम कंप्यूटर डिजाइन और तैनात करना शामिल है।
  • पदलिज़ केंडल: UK टेक्नोलॉजी सेक्रेटरी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: क्वांटम कंप्यूटिंग वर्चस्व की वैश्विक दौड़ के भू-राजनीतिक और आर्थिक निहितार्थों तथा घरेलू तकनीकी प्रतिभा को बनाए रखने के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • भू-राजनीतिक तनाव: तकनीकी वर्चस्व का जोखिम और उच्च-कुशल शोधकर्ताओं का प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की ओर 'ब्रेन ड्रेन'
  • आर्थिक संप्रभुता: बड़े पैमाने के क्वांटम इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सप्लाई चेन सुरक्षित करने हेतु घरेलू R&D की ज़रूरत

मुख्य शब्द: क्वांटम कंप्यूटिंग · तकनीकी संप्रभुता · ब्रेन ड्रेन · R&D निवेश · रणनीतिक स्वायत्तता

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CERN के वैज्ञानिकों ने लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (Large Hadron Collider) में अपग्रेड किए गए डिटेक्टर का उपयोग करते हुए Xi-cc-plus की खोज की है

चर्चा में क्यों: CERN के वैज्ञानिकों ने लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (Large Hadron Collider) में अपग्रेड किए गए डिटेक्टर का उपयोग करते हुए Xi-cc-plus की खोज की है। यह एक प्रोटॉन वेरिएंट है जो सामान्य प्रोटॉन की तुलना में चार गुना भारी है।

Xi-cc-plus कण का पता लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (Large Hadron Collider - LHC) के भीतर होने वाली टक्करों से निकले मलबे में लगाया गया। यह खोज एक दशक के असफल प्रयासों के बाद LHCb प्रयोग में किए गए अपग्रेड के कारण संभव हो सकी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकXi-cc-plus: CERN में खोजा गया प्रोटॉन का एक भारी वर्शन (version)।
  • तथ्यXi-cc-plus पार्टिकल एक सामान्य प्रोटॉन की तुलना में चार गुना भारी होता है।
  • संस्थाLHCb: CERN के Large Hadron Collider में वह विशिष्ट एक्सपेरिमेंट जिसे इस पार्टिकल को डिटेक्ट करने के लिए अपग्रेड किया गया था।
  • विज्ञान-तकनीकस्ट्रॉन्ग न्यूक्लियर फोर्स (Strong nuclear force): वह मौलिक बल जो परमाणु नाभिक (atomic nuclei) को आपस में जोड़ता है, जिसे यह खोज स्पष्ट करने में मदद करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: उच्च-ऊर्जा कण भौतिकी (high-energy particle physics) में हुई प्रगति किस प्रकार ब्रह्मांड के नियामक बलों की हमारी मौलिक समझ में योगदान देती है और इस प्रकार के अनुसंधान में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • बेसिक फिजिक्स: स्ट्रॉन्ग न्यूक्लियर फ़ोर्स और एटॉमिक बाइंडिंग को समझना
  • तकनीकी छलांग: एक्सपेरिमेंटल बॉटलनेक्स को दूर करने में डिटेक्टर अपग्रेड्स का असर

मुख्य शब्द: पार्टिकल फिजिक्स · मजबूत परमाणु बल · लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर · CERN · एक्सआई-सीसी-प्लस

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NASA का ह्यूमन रिसर्च प्रोग्राम (Human Research Program) सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (microgravity) में रक्त के प्रवाह के स्थिर होने के कारण अंतरिक्ष यात्रियों में होने वाले वेनस थ्रोम्बोएम्बोलिज्म (venous thromboembolism

चर्चा में क्यों: NASA का ह्यूमन रिसर्च प्रोग्राम (Human Research Program) सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (microgravity) में रक्त के प्रवाह के स्थिर होने के कारण अंतरिक्ष यात्रियों में होने वाले वेनस थ्रोम्बोएम्बोलिज्म (venous thromboembolism - VTE) के जोखिम की जांच कर रहा है।

NASA का ह्यूमन रिसर्च प्रोग्राम (Human Research Program) इस बात का अध्ययन कर रहा है कि कैसे सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (microgravity) आंतरिक जुगुलर नसों में रक्त के प्रवाह को धीमा कर देता है, जिससे थक्के (clot) बनने की संभावना बढ़ जाती है। अंतरिक्ष यात्री वर्तमान में इन जोखिमों को कम करने के लिए रेजिस्टेंस एक्सरसाइज और लोअर बॉडी नेगेटिव प्रेशर (Lower Body Negative Pressure - LBNP) तकनीक का उपयोग करते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकVenous thromboembolism (VTE): एक ऐसी स्थिति जिसमें नसों (veins) में ब्लड क्लॉट्स बनते हैं, जिसकी जांच NASA के Human Research Program द्वारा की जा रही है।
  • विज्ञान-तकनीकLower Body Negative Pressure (LBNP): यह एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसका उपयोग अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा ग्रेविटी को सिमुलेट करने और ब्लड क्लॉट (blood clot) के जोखिम को कम करने के लिए किया जाता है।
  • तथ्यइंटरनल जुगुलर वेन्स (Internal jugular veins): वह विशिष्ट स्थान जहाँ माइक्रो-ग्रेविटी (microgravity) में खून का प्रवाह रुक जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सूक्ष्म-गुरुत्वाकर्षण (microgravity) में मनुष्यों के समक्ष आने वाली शारीरिक चुनौतियों और दीर्घकालिक अंतरिक्ष निवास सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीकी हस्तक्षेपों का विश्लेषण कीजिए।

  • फिजियोलॉजिकल एडैप्टेशन: माइक्रो-ग्रेविटी वातावरण में फ्लूइड शिफ्ट और वेनस स्टेटिस का मुकाबला
  • तकनीकी समाधान: वैस्कुलर हेल्थ बनाए रखने में LBNP और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग की प्रभावशीलता
  • बायोमेडिकल रिसर्च: डीप-स्पेस मिशन के लिए वेनस थ्रॉम्बोएम्बोलिज्म के लंबे समय के जोखिमों की पहचान

मुख्य शब्द: माइक्रोग्रैविटी · वेनस थ्रोम्बोएम्बोलिज्म · शारीरिक अनुकूलन · बायोमेडिकल इंजीनियरिंग · अंतरिक्ष अन्वेषण

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शोधकर्ताओं ने साइलेंट वैली नेशनल पार्क में 'वेला कार्ली' (Vela carli) प्रजाति के मीठे पानी के केकड़े में 'गाइनेन्ड्रोमोर्फिज्म' (gynandromorphism) का पहला मामला दर्ज किया है

चर्चा में क्यों: शोधकर्ताओं ने साइलेंट वैली नेशनल पार्क में 'वेला कार्ली' (Vela carli) प्रजाति के मीठे पानी के केकड़े में 'गाइनेन्ड्रोमोर्फिज्म' (gynandromorphism) का पहला मामला दर्ज किया है।

Crustaceana में प्रकाशित इस अध्ययन में तीन ऐसे केकड़ों की पहचान की गई है जिनमें नर और मादा दोनों के जैविक लक्षण पाए गए। यह शोध सेंटर फॉर कंजर्वेशन इकोलॉजी (MES मम्पड कॉलेज) और ज़ूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (Zoological Survey of India) के बीच एक साझा सहयोग था।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पर्यावरणवेला कारली (Vela carli): पेड़ों के छेदों (tree holes) में पाया जाने वाला एक मीठे पानी का केकड़ा (freshwater crab) प्रजाति।
  • स्थानसाइलेंट वैली नेशनल पार्क: वह स्थान जहाँ gynandromorphism देखा गया था।
  • विज्ञान-तकनीकGynandromorphism: एक दुर्लभ स्थिति जिसमें एक व्यक्ति में पुरुष और महिला दोनों के लक्षण दिखाई देते हैं।
  • संस्थाZoological Survey of India: अध्ययन के लिए सहयोगी संस्था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: संरक्षित पारिस्थितिक तंत्रों में गायनेड्रोमोर्फिज्म (gynandromorphism) जैसी दुर्लभ जैविक घटनाओं का अध्ययन जैव विविधता और विकासवादी जीवविज्ञान की हमारी समझ में किस प्रकार योगदान देता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • जेनेटिक विविधता: मीठे पानी के क्रस्टेशियंस में दुर्लभ म्यूटेशन और प्रजनन जीवविज्ञान की जानकारी
  • कंजर्वेशन मॉनिटरिंग: अनोखी बायोलॉजिकल विसंगतियों को दर्ज करने में नेशनल पार्क की भूमिका
  • इकोलॉजिकल निश: मीठे पानी की प्रजातियों के लिए माइक्रो-हैबिटेट के रूप में ट्री होल्स का महत्व

मुख्य शब्द: जैव विविधता · गाइनेन्ड्रोमोर्फिज्म · विकासवादी जीवविज्ञान · संरक्षण पारिस्थितिकी · ताजे पानी के इकोसिस्टम

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भारत सरकार ने क्वांटम कंप्यूटिंग और सुरक्षित संचार (Secure Communications) को बढ़ावा देने के लिए नेशनल क्वांटम मिशन (NQM) के तहत 23 शैक्षणिक संस्थानों को क्वांटम टीचिंग लैबोरेटरी स्थापित करने की मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने क्वांटम कंप्यूटिंग और सुरक्षित संचार (Secure Communications) को बढ़ावा देने के लिए नेशनल क्वांटम मिशन (NQM) के तहत 23 शैक्षणिक संस्थानों को क्वांटम टीचिंग लैबोरेटरी स्थापित करने की मंजूरी दी है।

नेशनल क्वांटम मिशन (NQM) के लिए ₹6003.65 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। यह मिशन क्वांटम कंप्यूटर, सुरक्षित संचार प्रणाली और उच्च-परिशुद्धता वाले सेंसर (high-precision sensors) विकसित करने पर केंद्रित है। इस मंजूरी के तहत शिक्षण प्रयोगशालाओं के लिए 23 शैक्षणिक संस्थानों को शामिल किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनानेशनल क्वांटम मिशन (National Quantum Mission - NQM): ₹6003.65 करोड़ के बजट वाली एक सरकारी पहल।
  • विज्ञान-तकनीकNQM के उद्देश्य: क्वांटम कंप्यूटर्स, सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम्स और हाई-प्रिसिजन सेंसर्स का विकास।
  • तथ्यक्वांटम टीचिंग लैबोरेटरीज (Quantum Teaching Laboratories) स्थापित करने के लिए 23 शैक्षणिक संस्थानों को मंजूरी दी गई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: क्वांटम प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में भारत के नेतृत्व को स्थापित करने में राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के महत्व और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: संवेदनशील डेटा एन्क्रिप्शन के लिए विदेशी क्वांटम कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता कम करना
  • ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट: एकेडमिक-लेड क्वांटम टीचिंग लैबोरेटरीज के जरिए स्किल गैप को कम करना
  • सुरक्षा निहितार्थ: उभरते साइबर खतरों के खिलाफ स्वदेशी सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम को आगे बढ़ाना

मुख्य शब्द: क्वांटम कंप्यूटिंग · रणनीतिक स्वायत्तता · तकनीकी संप्रभुता · नेशनल क्वांटम मिशन · सुरक्षित कम्युनिकेशन

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शोधकर्ताओं ने केरल के पीची-वझानी वन्यजीव अभयारण्य (Peechi-Vazhani Wildlife Sanctuary) में केंचुआ की एक नई प्रजाति

चर्चा में क्यों: शोधकर्ताओं ने केरल के पीची-वझानी वन्यजीव अभयारण्य (Peechi-Vazhani Wildlife Sanctuary) में केंचुआ की एक नई प्रजाति, ड्रविडा वजानिया (Drawida vazhania) की पहचान की है।

नई प्रजाति, *ड्रविडा वजानिया* (Drawida vazhania), बारवेली प्रजाति समूह और *ड्रविडा* (Drawida) जीनस से संबंधित है। इसकी खोज केरल के पीची-वझानी वन्यजीव अभयारण्य के वझानी बांध क्षेत्र में हुई थी और इसे *ज़ूटैक्सा* (Zootaxa) जर्नल में प्रकाशित किया गया था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पर्यावरणड्रविडिया वजानिया (Drawida vazhania): पश्चिमी घाट में खोजी गई केंचुआ की एक नई प्रजाति।
  • तथ्यकेरल में 31 रिकॉर्ड की गई अर्थवर्म (earthworm) प्रजातियां हैं, जिनमें से 16 प्रजातियां राज्य की स्थानिक (endemic) हैं।
  • तथ्यभारत में दुनिया में सबसे अधिक स्थानिक (endemic) केंचुआ प्रजातियों की संख्या पाई जाती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पश्चिमी घाट के एक जैव विविधता हॉटस्पॉट के रूप में महत्व और स्थानिक मृदा जीवों (endemic soil fauna) पर आवास परिवर्तन के प्रभाव की चर्चा कीजिए।

  • हैबिटेट फ्रैगमेंटेशन: भूमि-उपयोग परिवर्तन और बांध निर्माण के कारण मिट्टी की बायोडायवर्सिटी का नुकसान
  • पश्चिमी घाट के विशिष्ट माइक्रो-क्लाइमेट तक सीमित प्रजातियों के संरक्षण में चुनौतियां

मुख्य शब्द: बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट · स्थानिकता · आवास में बदलाव · मिट्टी के जीव-जंतु · पश्चिमी घाट

ISRO ने IRNSS-1F सैटेलाइट पर मौजूद आखिरी एटॉमिक क्लॉक (Atomic Clock) के विफल होने की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: ISRO ने IRNSS-1F सैटेलाइट पर मौजूद आखिरी एटॉमिक क्लॉक (Atomic Clock) के विफल होने की घोषणा की है, जिससे NavIC सिस्टम में काम करने वाली एटॉमिक क्लॉक की संख्या घटकर तीन रह गई है।

NavIC भारत और उसके 1,500 किमी के दायरे में नेविगेशन और टाइमिंग सेवाएं प्रदान करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकNavIC: भारत की स्वदेशी क्षेत्रीय नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (Regional Navigation Satellite System)।
  • तथ्यNavIC कवरेज: भारत और 1,500 किलोमीटर (km) का रेडियस।
  • विज्ञान-तकनीकरूबिडियम क्लॉक (Rubidium clocks): रिप्लेसमेंट सैटेलाइट्स के लिए स्वदेशी रूप से विकसित क्लॉक।
  • तथ्यIRNSS-1F: 2013 से लॉन्च किए गए NavIC कॉन्स्टेलेशन के उपग्रहों में से एक।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता के संदर्भ में नविग (NavIC) जैसी स्वदेशी नेविगेशन प्रणालियों के रणनीतिक महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: वैश्विक संघर्षों के दौरान विदेशी GPS सिस्टम पर निर्भरता कम करना
  • तकनीकी विश्वसनीयता: पुराने सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन में हार्डवेयर डिग्रेडेशन से निपटना
  • सटीक समय: महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए सटीकता सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · स्वदेशी तकनीक · नेविगेशन सिस्टम · सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन · तकनीकी संप्रभुता

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वन विभाग ने संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने के लिए गच्चकयालपोरा में समुद्र में 300 ऑलिव रिडले कछुए के बच्चे (hatchlings) छोड़े

चर्चा में क्यों: वन विभाग ने संरक्षण प्रयासों को मजबूत करने के लिए गच्चकयालपोरा में समुद्र में 300 ऑलिव रिडले कछुए के बच्चे (hatchlings) छोड़े।

जिला कलेक्टर आर. महेश कुमार ने 14 मार्च, 2026 को लगभग 300 ऑलिव रिडले कछुए के बच्चों (hatchlings) को छोड़ने की प्रक्रिया की देखरेख की। वन विभाग ने नेला रेवु, वासला टिप्पा, एस. यानम और सैक्रामेंटो आइलैंड के चार प्रजनन स्थलों से लगभग 50,000 अंडों का संरक्षण किया।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पर्यावरणओलिव रिडले टर्टल (Olive Ridley turtles) समुद्री कछुओं की एक प्रजाति है, जिसे कोनामसीमा क्षेत्र में संरक्षित किया जा रहा है।
  • स्थानकोनसीमा में गच्चकयालपोरा (Gacchakayalapora) वह स्थान है जहाँ हैचलिंग (hatchling) रिलीज किया जाता है।
  • तथ्यनेस्टिंग सीजन (nesting season) के दौरान चार ब्रीडिंग ग्राउंड्स से लगभग 50,000 अंडे संरक्षित किए गए।
  • स्थाननेला रेवु, वासाला टिपपा, एस. यानम और सैक्रामेंटो आइलैंड को कछुओं के प्रजनन स्थल (breeding grounds) के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मानवीय खतरों से संकटग्रस्त समुद्री प्रजातियों की रक्षा करने में समुदाय-आधारित और विभागीय संरक्षण प्रयासों के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • हैबिटेट फ्रैगमेंटेशन: तटीय विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से नेस्टिंग साइट्स पर अतिक्रमण
  • निगरानी की सीमाएं: समुद्री शिकारियों और प्रदूषण के बीच हैचलिंग सर्वाइवल रेट को ट्रैक करने में कठिनाई

मुख्य शब्द: इन-सिटू कंजर्वेशन · जैव विविधता संरक्षण · समुद्री इकोसिस्टम · प्रजाति संरक्षण

ICMR और TNSCST ने शैक्षणिक संस्थानों से प्राप्त बायोमेडिकल नवाचारों के लिए बौद्धिक संपदा अधिकारों (Intellectual Property Rights

चर्चा में क्यों: ICMR और TNSCST ने शैक्षणिक संस्थानों से प्राप्त बायोमेडिकल नवाचारों के लिए बौद्धिक संपदा अधिकारों (Intellectual Property Rights - IPR) की सुरक्षा करने और तकनीक हस्तांतरण (Technology Transfer) को सुगम बनाने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह समझौता भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) और तमिलनाडु राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (TNSCST) के बीच हस्ताक्षरित किया गया है। इसका उद्देश्य आविष्कारकों को संभावित निवेशकों से जोड़ना और बायोमेडिकल अनुसंधान के लिए पेटेंट फाइलिंग की प्रक्रिया को सुगम बनाना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाICMR: इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च।
  • संस्थाTNSCST: तमिलनाडु राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद (Tamil Nadu State Council for Science and Technology)।
  • तथ्ययह MoU शैक्षणिक संस्थानों से उत्पन्न बायोमेडिकल इनोवेशन के लिए IPR की सुरक्षा पर केंद्रित है।
  • विज्ञान-तकनीकयह समझौता बायोमेडिकल रिसर्च के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और पेटेंट फाइलिंग को आसान बनाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के जैव-चिकित्सा अनुसंधान और शैक्षणिक क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक सुदृढ़ बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) ढांचे के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • कमर्शियलाइजेशन की बाधा: लैब-स्केल बायोमेडिकल रिसर्च को मार्केट-रेडी प्रोडक्ट्स में बदलने में कठिनाई
  • इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस: अकादमिक आविष्कारकों के लिए स्पष्ट पेटेंट रास्तों की कमी से प्राइवेट कैपिटल का इनफ्लो बाधित
  • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: अकादमिक रिसर्च और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन के बीच की दूरी कम करने के लिए स्ट्रक्चर्ड मैकेनिज्म की ज़रूरत

मुख्य शब्द: बौद्धिक संपदा अधिकार · तकनीकी हस्तांतरण · बायोमेडिकल इनोवेशन · पेटेंट फाइलिंग · अकादमिक रिसर्च

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सुप्रीम कोर्ट ने ब्लड बैंकों में न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (NAT) को अनिवार्य बनाने की याचिकासुप्रीम कोर्ट ने ब्लड बैंकों में न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (NAT) को अनिवार्य बनाने की याचिकाको खारिज कर दिया है

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने ब्लड बैंकों में न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (NAT) को अनिवार्य बनाने की याचिकासुप्रीम कोर्ट ने ब्लड बैंकों में न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (NAT) को अनिवार्य बनाने की याचिकाको खारिज कर दिया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया है कि वे विशेषज्ञों के नेतृत्व में निर्णय लेने के लिए राज्य के स्वास्थ्य सचिवों से संपर्क करें।

सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि रक्त आधान (blood transfusion) की सुरक्षा के लिए NAT को अनिवार्य करने हेतु उसके साथ जुड़े खर्चों के कारण कोर्ट के पास आवश्यक चिकित्सा विशेषज्ञता (medical expertise) का अभाव है। याचिकाकर्ता, सर्वेशम मंगलम फाउंडेशन को राज्य स्वास्थ्य सचिवों को अभ्यावेदन (representations) देने की स्वतंत्रता प्रदान की गई।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • पदस्टेट हेल्थ सेक्रेटरीज: ब्लड बैंक सेफ्टी प्रोटोकॉल्स के संबंध में रिप्रेजेंटेशन प्राप्त करने के लिए नामित अधिकारी।
  • तथ्यकोर्ट ने मेडिकल विशेषज्ञता की कमी और भारी खर्च को मैंडेट (mandate) को अस्वीकार करने के कारणों के रूप में उद्धृत किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: रक्त आधान सुरक्षा सुनिश्चित करने में स्वास्थ्य सेवा बुनियादी ढांचे की लागत-प्रभावशीलता और उन्नत नैदानिक प्रोटोकॉल की आवश्यकता के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी बॉटलनेक: तकनीकी विशेषज्ञता की कमी के कारण हाई-कॉस्ट डायग्नोस्टिक टेस्ट को अनिवार्य करने में न्यायिक हिचकिचाहट
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य का ट्रेड-ऑफ: NAT की उच्च प्रति-यूनिट लागत और ट्रांसफ्यूजन-ट्रांसमिटेड इन्फेक्शन के जोखिम के बीच संतुलन
  • संघीय टकराव: मेडिकल सेफ्टी प्रोटोकॉल तय करने में राज्य स्वास्थ्य सचिवों की विकेंद्रीकृत अधिकारिता

मुख्य शब्द: सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति · डायग्नोस्टिक प्रोटोकॉल्स · लागत-लाभ विश्लेषण · नियामक निगरानी · ट्रांसफ्यूजन सेफ्टी

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HRD और IT मंत्री, नारा लोकेश ने अमरवती में BITS पिलानी AI प्लस कैंपस के निर्माण की योजनाओं की समीक्षा की, जो भारत का पहला समर्पित AI कैंपस होगा

चर्चा में क्यों: HRD और IT मंत्री, नारा लोकेश ने अमरवती में BITS पिलानी AI प्लस कैंपस के निर्माण की योजनाओं की समीक्षा की, जो भारत का पहला समर्पित AI कैंपस होगा।

अमरावती में BITS पिलानी AI प्लस कैंपस एक ₹1,000 करोड़ की परियोजना है, जिसे पांच वर्षों की अवधि में पूरा करने की योजना बनाई गई है। यह कैंपस पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं का उपयोग करते हुए AI, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, कम्प्यूटेशनल लिंग्विस्टिक्स और साइबर-फिजिकल सिस्टम्स में विशेष पाठ्यक्रम प्रदान करेगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यBITS Pilani AI Plus Campus प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹1,000 करोड़ है।
  • तथ्यAI Plus कैंपस के लिए प्रोजेक्ट की समय-सीमा पांच साल है।
  • विज्ञान-तकनीककैंपस में Robotics, Computational Linguistics और Cyber-Physical Systems में कोर्स ऑफर किए जाएंगे।
मेन्स के लिए

प्रश्न: समर्पित एआई (AI) परिसरों की स्थापना किस प्रकार वैश्विक सेमीकंडक्टर और कृत्रिम बुद्धिमत्ता मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की स्थिति को सुदृढ़ कर सकती है, चर्चा कीजिए।

  • स्किल गैप: कंप्यूटेशनल लिंग्विस्टिक्स और साइबर-फिजिकल सिस्टम्स में विशेषज्ञ मानव पूंजी की कमी को दूर करना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: AI रिसर्च में हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग (HPC) क्लस्टर्स और ग्रीन एनर्जी इंटीग्रेशन की ज़रूरत
  • इकोनॉमिक मल्टीप्लायर: स्पेशलाइज्ड एकेडमिक हब्स के जरिए AI कंजम्पशन से स्वदेशी AI प्रोडक्शन की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: मानव पूंजी · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · कौशल विकास · तकनीकी संप्रभुता · इको-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर

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एन्थ्रोपिक (Anthropic) ने अपनी AI तकनीक पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देने के लिए अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट (Department of Defense

चर्चा में क्यों: एन्थ्रोपिक (Anthropic) ने अपनी AI तकनीक पर लगाई गई पाबंदियों को चुनौती देने के लिए अमेरिकी डिफेंस डिपार्टमेंट (Department of Defense - DoD) के खिलाफ एक मुकदमा दायर किया है। यह मामला टेक कंपनियों और सैन्य अनुप्रयोगों (military applications) के बीच बढ़ते मतभेद को उजागर करता है।

एन्थ्रोपिक (Anthropic) ने सार्वजनिक रूप से इस बात के खिलाफ तर्क दिया है कि उसकी तकनीक का उपयोग सामूहिक निगरानी (mass surveillance) या स्वायत्त घातक हथियारों के लिए किया जाए। जबकि गूगल (Google) और OpenAI ने DoD के साथ अनुबंध किए हैं, एंथ्रोपिक ऐसी सैन्य साझेदारियों का सक्रिय रूप से विरोध कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकएन्थ्रोपिक (Anthropic): एक AI कंपनी जिसने सार्वजनिक रूप से अपने टेक्नोलॉजी का उपयोग ऑटोनॉमस लीथल वेपन्स (autonomous lethal weapons) के लिए करने का विरोध किया है।
  • तथ्यगूगल (Google) और OpenAI: टेक कंपनियाँ जिन्होंने US Department of Defense के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन किए हैं।
  • पदडिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस (DoD): अमेरिकी सैन्य संस्था जो एंथ्रोपिक (Anthropic) के साथ गतिरोध में शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: स्वायत्त घातक हथियार प्रणालियों और सैन्य निगरानी में उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के एकीकरण से उत्पन्न होने वाले नैतिक दुविधाओं और सुरक्षा निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • नैतिक टकराव: कॉर्पोरेट 'सेफ्टी' सिद्धांतों और स्वायत्त घातक क्षमताओं के लिए राज्य की ज़रूरतों के बीच संघर्ष
  • भू-राजनीतिक दबाव: सैन्य AI एकीकरण की गति पर चीन की तकनीकी प्रगति का प्रभाव
  • रेगुलेटरी वैक्यूम: युद्ध में प्राइवेट AI के इस्तेमाल को नियंत्रित करने वाले स्पष्ट अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे की कमी

मुख्य शब्द: स्वायत्त घातक हथियार · AI एथिक्स · दोहरे उपयोग वाली टेक्नोलॉजी · मिलिट्री-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स · एल्गोरिथमिक जवाबदेही

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चीनी स्टार्टअप न्यूराकल (Neuracle) को इसके इम्प्लांटेबल ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) के लिए नियामक मंजूरी मिल गई है

चर्चा में क्यों: चीनी स्टार्टअप न्यूराकल (Neuracle) को इसके इम्प्लांटेबल ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) के लिए नियामक मंजूरी मिल गई है, जो इस तरह के उत्पाद की वैश्विक स्तर पर पहली व्यावसायिक उपलब्धता है।

Neuracle एक चीनी BCI स्टार्टअप है जिसे Alibaba, Tencent, राज्य समर्थित फंड और प्राइवेट इक्विटी द्वारा समर्थन प्राप्त है। चीन का लक्ष्य 2030 तक कई वैश्विक BCI खिलाड़ियों को विकसित करना है ताकि Neuralink के साथ प्रतिस्पर्धा की जा सके।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकन्यूराकल (Neuracle): एक चीनी स्टार्टअप जिसे एक इम्प्लांटेबल ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) के लिए पहला ग्लोबल रेगुलेटरी अप्रूवल मिला।
  • तथ्यचीन का लक्ष्य: 2030 तक BCI सेक्टर में कई ग्लोबल प्लेयर्स विकसित करना।
  • तथ्यNeuracle के प्रमुख निवेशकों में Alibaba और Tencent शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस (BCI) के व्यावसायीकरण से उत्पन्न नैतिक और विनियामक चुनौतियों तथा संज्ञानात्मक स्वतंत्रता (cognitive liberty) पर उनके निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • डेटा प्राइवेसी: प्राइवेट संस्थाओं द्वारा अनधिकृत न्यूरल डेटा हार्वेस्टिंग और 'ब्रेन-हैकिंग' के खतरे
  • रेगुलेटरी गैप: न्यूरल इम्प्लांट सुरक्षा और बायोएथिक्स के लिए मानकीकृत अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल की कमी
  • असमानता: 'न्यूरो-डिवाइड' की संभावना जहाँ कॉग्निटिव एन्हांसमेंट्स केवल अमीरों के लिए सुलभ होंगे

मुख्य शब्द: ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस · न्यूरोएथिक्स · कॉग्निटिव लिबर्टी · न्यूरल डेटा प्राइवेसी · बायोटेक्नोलॉजी

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IIIT हैदराबाद के एसोसिएट प्रोफेसर विनीत गांधी ने एक AI-पावर्ड ऐप विकसित किया है

चर्चा में क्यों: IIIT हैदराबाद के एसोसिएट प्रोफेसर विनीत गांधी ने एक AI-पावर्ड ऐप विकसित किया है, जो डिस्आर्थ्रिया (dysarthria) से पीड़ित व्यक्तियों की लड़खड़ाती आवाज़ को लगभग रियल-टाइम में स्पष्ट और स्वाभाविक आवाज़ में बदल देता है।

यह ऐप कैमरे के माध्यम से होठों की हलचल और गले के कंपन का विश्लेषण करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) का उपयोग करता है ताकि स्पष्ट भाषण तैयार किया जा सके। विकास टीम का लक्ष्य इस तकनीक का विस्तार कर इसमें हिंदी, तेलुगु और तमिल जैसी क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं को शामिल करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • संस्थाIIIT हैदराबाद: वह संस्थान जहाँ AI-पावर्ड स्पीच ऐप विकसित किया गया।
  • तथ्ययह ऐप कम्युनिकेशन में सहायता के लिए होंठों की हलचल (lip movements) और गले के कंपन (throat vibrations) के कैमरा एनालिसिस का उपयोग करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के विविध भाषाई परिदृश्य में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुलभता के अंतर को पाटने में एआई-आधारित सहायक प्रौद्योगिकियाँ किस प्रकार प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं, चर्चा कीजिए।

  • भाषाई समावेशिता: क्षेत्रीय भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करने के लिए AI मॉडल्स के 'इंग्लिश-सेंट्रिक' बायस को दूर करना
  • डेटा संप्रभुता: यह सुनिश्चित करना कि स्पीच पैटर्न्स के लिए विविध डेटासेट स्थानीय आबादी से नैतिक रूप से प्राप्त किए गए हों
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: रियल-टाइम स्पीच प्रोसेसिंग के लिए हाई-कंप्यूट AI टूल्स तक पहुँच में डिजिटल डिवाइड को दूर करना

मुख्य शब्द: असिस्टिव टेक्नोलॉजी · समावेशी AI · डिसार्थ्रिया · भाषाई विविधता · डिजिटल एक्सेसिबिलिटी

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के एक अध्ययन में यह निष्कर्ष निकला है कि HALEU-Th ईंधन भारत के वर्तमान रिएक्टरों के लिए उपयुक्त नहीं है

चर्चा में क्यों: भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के एक अध्ययन में यह निष्कर्ष निकला है कि HALEU-Th ईंधन भारत के वर्तमान रिएक्टरों के लिए उपयुक्त नहीं है। इस निष्कर्ष ने थोरियम-आधारित ईंधन की क्षमता को लेकर क्लीन कोर थोरियम एनर्जी (CCTE) के साथ विवाद पैदा कर दिया है।

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) ने HALEU-Th (केंद्रित यूरेनियम-235 और थोरियम का मिश्रण) पर एक अध्ययन किया है। एक अमेरिकी कंपनी, क्लीन कोर थोरियम एनर्जी (CCTE) का दावा है कि इस ईंधन के संभावित लाभ हैं और उन्होंने एक अमेरिकी रिएक्टर में ANEEL ईंधन का परीक्षण किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकHALEU-Th: यूरेनियम-235 और थोरियम का एक फ्यूल मिक्स (fuel mix)।
  • संस्थाBARC: भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (Bhabha Atomic Research Centre), भारत की प्राथमिक परमाणु अनुसंधान संस्था।
  • तथ्यCCTE: एक अमेरिकी कंपनी भारत की NTPC के साथ थोरियम-आधारित ईंधन उपयोग (thorium-based fuel utilization) के लिए सहयोग की तलाश कर रही है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के परमाणु ऊर्जा बुनियादी ढांचे को थोरियम-आधारित ईंधन चक्र की ओर परिवर्तित करने में निहित तकनीकी और रणनीतिक चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • R&D में अंतर: संस्थागत रिसर्च के नतीजों और प्राइवेट सेक्टर के तकनीकी दावों के बीच टकराव
  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: घरेलू न्यूक्लियर रिसर्च और अंतर्राष्ट्रीय टेक्नोलॉजिकल कोलैबोरेशंस के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: न्यूक्लियर फ्यूल साइकिल · थोरियम ऊर्जा · परमाणु बुनियादी ढांचा · ऊर्जा सुरक्षा · R&D सहयोग

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OpenAI को सैन्य अभियानों में अपने AI मॉडल्स को शामिल करने से जुड़े नैतिक प्रभावों और AI विकास में बिग टेक (Big Tech) के वर्चस्व को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है

चर्चा में क्यों: OpenAI को सैन्य अभियानों में अपने AI मॉडल्स को शामिल करने से जुड़े नैतिक प्रभावों और AI विकास में बिग टेक (Big Tech) के वर्चस्व को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

चर्चा का मुख्य केंद्र सैन्य उपयोग के लिए ChatGPT के नैतिक विकल्पों की उपलब्धता पर केंद्रित रहा। इसमें AI सिस्टम की जवाबदेही और कुछ बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के पास शक्ति के केंद्रीकरण (concentration of power) से जुड़ी चिंताओं पर प्रकाश डाला गया।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • विज्ञान-तकनीकओपनएआई (OpenAI): वह कंपनी जो ChatGPT AI मॉडल विकसित करने के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्ययह बहस युद्ध में नैतिक जोखिमों (ethical risks) को कम करने के लिए 'अकाउंटेबल AI सिस्टम' (accountable AI systems) के विकास पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: आधुनिक सैन्य अभियानों में स्वायत्त एआई (AI) प्रणालियों के एकीकरण से उत्पन्न होने वाले नैतिक दुविधाओं और सुरक्षा जोखिमों का विश्लेषण कीजिए।

  • अकाउंटेबिलिटी गैप: ऑटोनॉमस AI द्वारा अनजाने में हुए नागरिक हताहतों के लिए कानूनी जिम्मेदारी तय करने में कठिनाई
  • मोनोपोली रिस्क: कुछ प्राइवेट कॉर्पोरेशंस के पास ड्यूल-यूज़ AI टेक्नोलॉजी का जमावड़ा लोकतांत्रिक निगरानी को सीमित कर रहा है

मुख्य शब्द: एल्गोरिथमिक जवाबदेही · दोहरे उपयोग वाली तकनीक · नैतिक AI · तकनीकी वर्चस्व · स्वायत्त हथियार

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सुप्रीम कोर्ट ने इस बात की जांच करने पर सहमति जताई है कि क्या सार्वजनिक अधिकारियों से संबंधित डेटा, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने इस बात की जांच करने पर सहमति जताई है कि क्या सार्वजनिक अधिकारियों से संबंधित डेटा, डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023 के तहत 'पर्सनल डेटा' की श्रेणी में आता है या 'पब्लिक इंटरेस्ट डेटा' की श्रेणी में।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में एक तीन न्यायाधीशों की बेंच पत्रकार गीता शेषु और सॉफ्टवेयर फ्रीडम लॉ सेंटर द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि DPDP एक्ट सार्वजनिक अधिकारियों से संबंधित जानकारी तक पहुंच को प्रतिबंधित करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अधिनियम / विधेयकडिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023।
  • संस्थाभारत का सुप्रीम कोर्ट।
  • तथ्ययाचिका में तर्क दिया गया है कि DPDP Act सार्वजनिक अधिकारियों से संबंधित जानकारी तक पहुंच को प्रतिबंधित करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के संदर्भ में सार्वजनिक पदाधिकारियों के संबंध में निजता के अधिकार और सूचना के अधिकार के बीच उत्पन्न होने वाले अंतर्विरोधों का विश्लेषण कीजिए।

  • प्राइवेसी का अधिकार बनाम RTI: व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा और अधिकारियों के बारे में जानने के जनता के अधिकार के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी एम्बिग्यूइटी: सार्वजनिक ट्रस्ट वाले लोगों के लिए 'पर्सनल डेटा' और 'पब्लिक इंटरेस्ट डेटा' के बीच स्पष्ट अंतर की कमी

मुख्य शब्द: निजता का अधिकार · सूचना का अधिकार · डेटा संप्रभुता · पब्लिक ट्रस्ट · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

ISRO और AIIMS ने लंबी अवधि के अंतरिक्ष मिशनों के दौरान मानव स्वास्थ्य के लिए प्रोटोकॉल विकसित करने हेतु स्पेस मेडिसिन रिसर्च (Space Medicine Research) पर सहयोग करने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं

चर्चा में क्यों: ISRO और AIIMS ने लंबी अवधि के अंतरिक्ष मिशनों के दौरान मानव स्वास्थ्य के लिए प्रोटोकॉल विकसित करने हेतु स्पेस मेडिसिन रिसर्च (Space Medicine Research) पर सहयोग करने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह समझौता ज्ञापन (MoU) सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण (microgravity) में मानव शरीर विज्ञान, इम्यूनोलॉजी, पोषण और मस्कुलोस्केलेटल एट्रोफी (musculoskeletal atrophy) पर केंद्रित है। ISRO ने अपने क्रायोजेनिक इंजन (CE20) का समुद्री स्तर पर हॉट टेस्ट भी सफलतापूर्वक संपन्न किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकISRO और AIIMS के बीच हुए MoU का मुख्य फोकस लंबी अवधि के मिशनों के लिए स्पेस मेडिसिन और मेडिकल डिवाइसेस पर है।
  • विज्ञान-तकनीकISRO द्वारा Cryogenic इंजन (CE20) का सी लेवल हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
  • तथ्यरिसर्च के क्षेत्रों में ह्यूमन फिजियोलॉजी (human physiology), इम्यूनोलॉजी (immunology), न्यूट्रिशन (nutrition) और मस्कुलोस्केलेटल एट्रोफी (musculoskeletal atrophy) शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: दीर्घकालिक अंतरिक्ष मिशनों के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अंतरिक्ष चिकित्सा (स्पेस मेडिसिन) के महत्व और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में अंतर-संस्थागत सहयोग की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • शारीरिक चुनौतियां: माइक्रोग्रेविटी वातावरण में मस्कुलोस्केलेटल एट्रोफी और इम्यूनोलॉजिकल बदलावों को संबोधित करना
  • तकनीकी एकीकरण: दूसरे ग्रहों पर स्वास्थ्य की निगरानी के लिए विशेष मेडिकल डिवाइसेस का विकास
  • संस्थागत तालमेल: AIIMS की क्लिनिकल विशेषज्ञता के साथ ISRO की एयरोस्पेस इंजीनियरिंग क्षमताओं का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: स्पेस मेडिसिन · माइक्रोग्रैविटी · मानव शरीर विज्ञान · संस्थागत सहयोग · क्रायोजेनिक प्रोपल्शन

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कर्नाटक सरकार ने सरकारी प्रणालियों में नैतिक और पारदर्शी AI के उपयोग के लिए एक ढांचा तैयार करने हेतु 'कमेटी ऑन रिस्पॉन्सिबल AI' का गठन किया है

चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने सरकारी प्रणालियों में नैतिक और पारदर्शी AI के उपयोग के लिए एक ढांचा तैयार करने हेतु 'कमेटी ऑन रिस्पॉन्सिबल AI' का गठन किया है।

इस समिति की अध्यक्षता क्रिस गोपालकृष्ण (इंफोसिस के सह-संस्थापक) द्वारा की जा रही है और सह-अध्यक्षता एन. मंजुला (सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, IT, जैव प्रौद्योगिकी और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) द्वारा की जा रही है। इसका उद्देश्य राज्य के लिए एक जिम्मेदार AI (Responsible AI) नीति और कार्यान्वयन रोडमैप तैयार करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदक्रिस गोपालकृष्ण: इंफोसिस के को-फाउंडर और कर्नाटक कमेटी ऑन रिस्पॉन्सिबल AI के चेयर।
  • तथ्यसमिति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार में AI सिस्टम सुरक्षित, निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह (accountable) हों।
  • संस्थाइलेक्ट्रॉनिक्स, IT, बायोटेक्नोलॉजी और साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग: कर्नाटक राज्य का विभाग जो को-चेयर के पोर्टफोलियो की देखरेख करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सार्वजनिक सेवा वितरण में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) हेतु एक व्यापक नैतिक ढांचे की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।

  • एल्गोरिथमिक बायस: ऑटोमेटेड पब्लिक सर्विस डिलीवरी में भेदभावपूर्ण परिणामों का जोखिम
  • अकाउंटेबिलिटी गैप: ऑटोनॉमस AI-ड्रिवन फैसलों के लिए कानूनी जिम्मेदारी तय करने में कठिनाई
  • डेटा संप्रभुता: राज्य के नेतृत्व वाले AI इनोवेशन और व्यक्तिगत प्राइवेसी अधिकारों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: ज़िम्मेदार AI · एल्गोरिथमिक ट्रांसपेरेंसी · नैतिक ढांचा · डिजिटल गवर्नेंस · जवाबदेही

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KSRTC को दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए ऑनबोर्ड नेविगेशन सिस्टम 'ध्वनि स्पंदन' (Dhwani Spandana) पहल के लिए 'गवर्नेंस नाउ' (Governance Now) 12वें PSU नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया है

चर्चा में क्यों: KSRTC को दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए ऑनबोर्ड नेविगेशन सिस्टम 'ध्वनि स्पंदन' (Dhwani Spandana) पहल के लिए 'गवर्नेंस नाउ' (Governance Now) 12वें PSU नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

'ध्वनि स्पंदन' (Dhwani Spandana) प्रणाली को 200 मैसूर सिटी ट्रांसपोर्ट बसों में लागू किया गया है। यह परियोजना दृष्टिबाधित यात्रियों को स्वतंत्र रूप से यात्रा करने में मदद करने के लिए जर्मनी की GIZ संस्था से प्राप्त सहयोग से संचालित की जा रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाKSRTC: कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन।
  • तथ्यध्वनि स्पंदन (Dhwani Spandana): इसे 200 मैसूर सिटी ट्रांसपोर्ट बसों में लागू किया गया है।
  • तथ्यGovernance Now को 12th PSU National Award में 'Excellence in Innovation' कैटेगरी में सम्मानित किया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में सार्वजनिक परिवहन में सहायक प्रौद्योगिकियों (assistive technologies) का एकीकरण दिव्यांग व्यक्तियों के लिए समावेशी गतिशीलता (inclusive mobility) को कैसे बढ़ावा दे सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।

  • एक्सेसिबिलिटी गैप: ग्रामीण और लंबी दूरी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट में स्टैंडर्ड नेविगेशन एड्स की कमी
  • तकनीकी समावेशिता: सरकारी बेड़े में हाई-टेक नेविगेशन सिस्टम के साथ किफायती मेंटेनेंस और स्केलेबिलिटी के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: समावेशी मोबिलिटी · असिस्टिव टेक्नोलॉजी · पब्लिक ट्रांसपोर्ट इनोवेशन · यूनिवर्सल डिज़ाइन

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीकप्रीलिम्स

वायुमंडलीय वैज्ञानिकों ने गरज के साथ होने वाले तूफानों के दौरान पेड़ों से नीली बिजली की चमक (कोरोना डिस्चार्ज) निकलते हुए हाई-स्पीड वीडियो रिकॉर्ड किए हैं

चर्चा में क्यों: वायुमंडलीय वैज्ञानिकों ने गरज के साथ होने वाले तूफानों के दौरान पेड़ों से नीली बिजली की चमक (कोरोना डिस्चार्ज) निकलते हुए हाई-स्पीड वीडियो रिकॉर्ड किए हैं। यह खोज पृथ्वी के विद्युत संतुलन पर वनों के प्रभाव को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इस घटना को कोरोना डिस्चार्ज (corona discharge) के रूप में जाना जाता है। यह तब होता है जब तूफानों से उत्पन्न होने वाले शक्तिशाली इलेक्ट्रिक फील्ड्स (electric fields) पेड़ों की शाखाओं के पास की हवा को आयनित (ionize) कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप उत्पन्न होने वाली हल्की नीली रोशनी बिजली गिरने या जंगल की आग से अलग होती है और इससे पेड़ों को कोई नुकसान नहीं पहुँचता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीककोरोना डिस्चार्ज (Corona discharge): एक ऐसी घटना जिसमें एक मजबूत इलेक्ट्रिक फील्ड हवा को आयनइज़ (ionize) करके एक हल्की चमक पैदा करती है।
  • तथ्यपेड़ों में देखा जाने वाला इलेक्ट्रिकल ग्लो (electrical glow) विशेष रूप से नीले रंग का होता है।
  • विज्ञान-तकनीकयह घटना लाइटनिंग स्ट्राइक्स (lightning strikes) और वाइल्डफायर (wildfires) से अलग है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वायुमंडलीय परिघटनाएं और वन गतिशीलता वैश्विक विद्युत संतुलन और ग्रीनहाउस गैस संरचना में किस प्रकार योगदान देती हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • वायुमंडलीय इंटरैक्शन: क्षेत्रीय इलेक्ट्रिकल बैलेंस पर जंगल से होने वाले आयनइज़ेशन का प्रभाव
  • कार्बन चक्र लिंक: इलेक्ट्रिकल डिस्चार्ज और ग्रीनहाउस गैस कंपोजिशन के बीच संभावित संबंध

मुख्य शब्द: कोरोना डिस्चार्ज · वायुमंडलीय विज्ञान · आयनीकरण · इलेक्ट्रिकल बैलेंस · ग्रीनहाउस गैस संरचना

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SpaceX और Boeing जैसे कमर्शियल पार्टनर्स पर NASA की निर्भरता तब चर्चा में आई जब Boeing के Starliner में थ्रस्टर की खराबी के कारण अंतरिक्ष यात्री बीच में ही फंस गए

चर्चा में क्यों: SpaceX और Boeing जैसे कमर्शियल पार्टनर्स पर NASA की निर्भरता तब चर्चा में आई जब Boeing के Starliner में थ्रस्टर की खराबी के कारण अंतरिक्ष यात्री बीच में ही फंस गए।

NASA उच्च लागत के कारण समर्पित 'रेस्क्यू रॉकेट' (rescue rocket) बेड़े को बनाए नहीं रखता है। स्टार्लाइनर (Starliner) की तकनीकी खराबी के बावजूद, मजबूत लाइफ-सपोर्ट सिस्टम के कारण अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ISS पर सुरक्षित रहे।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • विज्ञान-तकनीकStarliner: ISS तक अंतरिक्ष यात्रियों को ले जाने के लिए Boeing द्वारा विकसित एक स्पेसक्राफ्ट (spacecraft)।
  • तथ्यNASA, ISS तक परिवहन के लिए SpaceX और Boeing जैसे कमर्शियल पार्टनर्स पर निर्भर करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अंतरिक्ष अन्वेषण में नासा (NASA) द्वारा वाणिज्यिक भागीदारी की ओर बढ़ते झुकाव के निहितार्थों पर चर्चा कीजिए, जिसमें लागत-दक्षता और आपातकालीन आकस्मिक योजना के बीच होने वाले समझौतों (trade-offs) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए। चर्चा कीजिए।

  • लागत-दक्षता बनाम सुरक्षा: समर्पित रेस्क्यू फ्लीट के रखरखाव का भारी खर्च बनाम कमर्शियल लॉजिस्टिक्स पर निर्भरता
  • कमर्शियल निर्भरता: प्राइवेट-सेक्टर स्पेसक्राफ्ट में सिंगल-पॉइंट फेल्योर के जोखिम जो राष्ट्रीय स्पेस उद्देश्यों को प्रभावित कर सकते हैं

मुख्य शब्द: अंतरिक्ष का कमर्शियलाइजेशन · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · जोखिम कम करना · अंतरिक्ष अन्वेषण · लागत-लाभ विश्लेषण

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कर्नाटक राज्य सरकार ने राज्य के क्वांटम इकोसिस्टम (Quantum Ecosystem) को मजबूत करने के लिए IIIT धारवाड़ और रायचूर में 25-क्विबिट क्वांटम कंप्यूटिंग सिस्टम

चर्चा में क्यों: कर्नाटक राज्य सरकार ने राज्य के क्वांटम इकोसिस्टम (Quantum Ecosystem) को मजबूत करने के लिए IIIT धारवाड़ और रायचूर में 25-क्विबिट क्वांटम कंप्यूटिंग सिस्टम, QpiAI Indus, स्थापित करने की घोषणा की है।

बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप QpiAI द्वारा विकसित 25-क्विबिट सिस्टम का नाम QpiAI Indus है। इसे नेशनल क्वांटम मिशन के हिस्से के रूप में धारवाड़ और रायचूर स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT) के क्वांटम कंप्यूटिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (QCCE) में स्थापित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकQpiAI Indus: बेंगलुरु स्थित एक स्टार्टअप द्वारा विकसित 25-qubit क्वांटम कंप्यूटिंग सिस्टम।
  • संस्थाQCCE: IIIT धारवाड़ और रायचूर में स्थित क्वांटम कंप्यूटिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (Quantum Computing Center of Excellence)।
  • योजनानेशनल क्वांटम मिशन (National Quantum Mission): केंद्र सरकार की वह पहल जिसके तहत QpiAI Indus सिस्टम विकसित किया गया।
  • तथ्ययह सिस्टम एजुकेशनल, रिसर्च और कमर्शियल एप्लिकेशंस के लिए डिज़ाइन किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राष्ट्रीय क्वांटम मिशन किस प्रकार भारत के उभरती प्रौद्योगिकियों और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग) के क्षेत्र में एक वैश्विक अग्रणी के रूप में परिवर्तन को उत्प्रेरित कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: क्यूबिट कोहेरेंस बनाए रखने के लिए स्पेशलाइज्ड क्रायोजेनिक और हाई-वैक्यूम एनवायरनमेंट की ज़रूरत
  • स्किल डेफिसिट: हाई-क्यूबिट सिस्टम चलाने के लिए स्पेशलाइज्ड क्वांटम इंजीनियर्स और रिसर्चर्स की कमी
  • कमर्शियल व्यवहार्यता: क्रिप्टोग्राफी और मटेरियल साइंस जैसे क्षेत्रों में हाई R&D लागत और स्केलेबल कमर्शियल एप्लिकेशंस के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: क्वांटम कंप्यूटिंग · नेशनल क्वांटम मिशन · हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग · डीप टेक · तकनीकी संप्रभुता

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बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पारदर्शिता और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से अन्य राज्यों से लघु खनिज (minor minerals) लाने वाले वाहनों के लिए ट्रांजिट पास (TP) अनिवार्य कर दिए हैं

चर्चा में क्यों: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पारदर्शिता और राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से अन्य राज्यों से लघु खनिज (minor minerals) लाने वाले वाहनों के लिए ट्रांजिट पास (TP) अनिवार्य कर दिए हैं।

यह जनादेश रेत, पत्थर और पत्थर की धूल सहित लघु खनिजों (minor minerals) पर लागू होता है। इसे बिहार खनिज (अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की रोकथाम) नियम, 2019 के नियम 41 के तहत लागू किया जाता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अधिनियम / विधेयकबिहार मिनरल्स (प्रिवेंशन ऑफ इललीगल माइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन एंड स्टोरेज) रूल्स, 2019।
  • तथ्य2019 के नियमों के Rule 41 के अनुसार, बिहार में खनिज के साथ प्रवेश करने वाले वाहनों के लिए ट्रांजिट पास (transit passes) अनिवार्य हैं।
  • तथ्यट्रांजिट पास रेट्स (Transit pass rates) का निर्धारण विभाग द्वारा वजन या वॉल्यूम (volume) के आधार पर किया जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: यह स्पष्ट कीजिए कि पारगमन पास (transit passes) जैसे विनियामक ढांचे अवैध खनन पर अंकुश लगाने और खनिज परिवहन में राजकोषीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं। चर्चा कीजिए।

  • राजस्व की हानि: लघु खनिजों के अनियंत्रित परिवहन के कारण होने वाले राज्य के राजस्व के नुकसान को दूर करना
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: लॉजिस्टिक्स के लिए ट्रांसपोर्ट को आसान बनाना और खनिज मूवमेंट की सख्त निगरानी के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: राजकोषीय पारदर्शिता · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · राजस्व सृजन · खनिज शासन

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NASA ने पूर्वी अंटार्कटिका में स्थित लेक अंडरसी (Lake Untersee) को जीवन की उत्पत्ति और संभावित अलौकिक आवासों (extraterrestrial habitats) के अध्ययन के लिए एक विशिष्ट स्थल के रूप में पहचाना है

चर्चा में क्यों: NASA ने पूर्वी अंटार्कटिका में स्थित लेक अंडरसी (Lake Untersee) को जीवन की उत्पत्ति और संभावित अलौकिक आवासों (extraterrestrial habitats) के अध्ययन के लिए एक विशिष्ट स्थल के रूप में पहचाना है।

अंटरसी झील (Lake Untersee) पूर्वी अंटार्कटिका में स्थित जल का एक भूमिगत स्रोत है, जो अपनी चरम स्थितियों और ऑक्सीजन के उच्च स्तर के लिए जाना जाता है। इसमें साइनोबैक्टीरिया (cyanobacteria) द्वारा निर्मित अद्वितीय स्ट्रोमेटोलाइट्स (stromatolites) पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये स्ट्रोमेटोलाइट्स मंगल ग्रह और यूरोपा (Europa) पर जीवन के बारे में महत्वपूर्ण सुराग प्रदान कर सकते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकलेक अंडरसी (Lake Untersee): ईस्ट अंटार्कटिका में स्थित पानी का एक भूमिगत स्रोत (underground body of water)।
  • विज्ञान-तकनीकस्ट्रोमेटोलाइट्स (Stromatolites): लेक अंडरसी (Lake Untersee) में सायनोबैक्टीरिया (cyanobacteria) द्वारा निर्मित चट्टान जैसी संरचनाएं।
  • तथ्य2019 में एक Glacial Lake Outburst Flood (GLOF) के कारण झील के जल स्तर में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई।
  • विज्ञान-तकनीकयूरोपा: संभावित माइक्रोबियल हैबिटेट्स (microbial habitats) के लिए लेक उंटरसी (Lake Untersee) के साथ तुलना किया गया बृहस्पति का एक चंद्रमा।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अंडरसी झील (Lake Untersee) जैसी उप-हिमनद झीलों में पाए जाने वाले चरमपंथियों (extremophiles) का अध्ययन खगोल-जीवविज्ञान (astrobiology) और जीवन की उत्पत्ति की हमारी समझ में किस प्रकार योगदान देता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • जैविक विकास: अत्यधिक, अलग-थलग और ऑक्सीजन से भरपूर वातावरण में सायनोबैक्टीरिया द्वारा स्ट्रोमेटोलाइट बनने का विश्लेषण

मुख्य शब्द: एस्ट्रोबायोलॉजी · एक्सट्रीमोफाइल्स · हिमनद के नीचे की झीलें · साइनोबैक्टीरिया · स्ट्रोमैटोलाइट्स

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वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि चीन की CMSA का लक्ष्य 2030 तक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (South Pole) को लक्षित करना है

चर्चा में क्यों: वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि चीन की CMSA का लक्ष्य 2030 तक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (South Pole) को लक्षित करना है, जिसमें विशेष रूप से रिमा बोडे (Rimae Bode) क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा क्योंकि वहां की भूवैज्ञानिक विशेषताएं अद्वितीय हैं।

चीनी मानव अंतरिक्ष एजेंसी (CMSA) की योजना 2030 तक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर अंतरिक्ष यात्रियों और 'तंसुओ' (Tansuo) रोवर को उतारने की है। यह मिशन रिमाए बोडे (Rimae Bode) क्षेत्र तक पहुँचने के लिए दो अलग-अलग रॉकेटों वाले चरणबद्ध लैंडिंग (staged landing) तरीके का उपयोग करेगा।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकरिमा बोड (Rimae Bode): चंद्रमा का एक क्षेत्र जिसमें ज्वालामुखी मैदान और लावा प्रवाह वाली घाटियाँ शामिल हैं।
  • विज्ञान-तकनीकTansuo: चीन के 2030 के लूनर एक्सप्लोरेशन (lunar exploration) के लिए प्लान किए गए रोवर का नाम।
  • पदCMSA: चीन की वह स्पेस एजेंसी जो लूनर मिशन (lunar mission) के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यचीन का लक्ष्य 2030 तक चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव (South Pole) पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: चंद्र संसाधनों और अन्वेषण स्थलों के लिए अंतरिक्ष-सक्षम राष्ट्रों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के भू-राजनीतिक और वैज्ञानिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • संसाधन प्रतिस्पर्धा: चंद्र दक्षिणी ध्रुव की अनूठी भूगर्भीय विशेषताओं में वैज्ञानिक और व्यावसायिक हित
  • तकनीकी संप्रभुता: अन्य ग्रहों की खोज के लिए स्टेज्ड लैंडिंग और ऑटोनॉमस रोवर सिस्टम का विकास

मुख्य शब्द: चंद्र अन्वेषण · स्पेस जियोपॉलिटिक्स · भूवैज्ञानिक अनुसंधान · स्पेस टेक्नोलॉजी · चंद्र दक्षिणी ध्रुव

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विशेषज्ञ ChatGPT-4 जैसे AI मॉडल्स में बढ़ते उत्पादकता अंतर (productivity gap) की ओर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं

चर्चा में क्यों: विशेषज्ञ ChatGPT-4 जैसे AI मॉडल्स में बढ़ते उत्पादकता अंतर (productivity gap) की ओर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। ये मॉडल डेटासेट में अंग्रेजी के दबदबे के कारण अंग्रेजी में बेहतर प्रदर्शन दिखाते हैं, जिससे चीन जैसे गैर-अंग्रेजी भाषी देशों को नुकसान हो सकता है।

अनुसंधान से संकेत मिलता है कि AI मॉडल अरबी और चीनी की तुलना में अंग्रेजी में अधिक रचनात्मकता और बेहतर प्रदर्शन प्रदर्शित करते हैं। यह असमानता ऑनलाइन ट्रेनिंग डेटासेट में अंग्रेजी के प्रभुत्व के कारण उत्पन्न होती है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि क्रॉस-लिंगुअल (cross-lingual) प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए रिइन्फोर्समेंट लर्निंग फ्रॉम ह्यूमन फीडबैक (Reinforcement Learning from Human Feedback - RLHF) और रिट्रीवल-ऑगमेंटेड जनरेशन (Retrieval-Augmented Generation - RAG) का उपयोग किया जाना चाहिए।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • विज्ञान-तकनीकRAG: Retrieval-Augmented Generation तकनीक का उपयोग मॉडल्स को बाहरी और सत्यापन योग्य (verifiable) डेटा सोर्स प्रदान करने के लिए किया जाता है।
  • तथ्यAI मॉडल्स अंग्रेजी की तुलना में अरबी और चीनी भाषाओं में कम क्रिएटिविटी (creativity) और कम एक्शनएबल आउटपुट (actionable outputs) दिखाते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रशिक्षण डेटासेट में अंग्रेजी की भाषाई आधिपत्य किस प्रकार एक डिजिटल विभाजन उत्पन्न करता है और गैर-अंग्रेजी भाषी राष्ट्रों की तकनीकी संप्रभुता को कैसे प्रभावित करता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा एसिमेट्री: अंग्रेजी-केंद्रित डेटासेट का दबदबा क्षेत्रीय भाषाओं में LLMs की सटीकता को सीमित करता है
  • तकनीकी संप्रभुता: गैर-अंग्रेजी देशों के पश्चिमी-केंद्रित AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर होने का जोखिम
  • एल्गोरिद्मिक बायस: ट्रेनिंग डेटा में भाषाई असमानता से विविध संस्कृतियों के लिए कम क्रिएटिव और एक्शनएबल आउटपुट मिलते हैं

मुख्य शब्द: डिजिटल डिवाइड · भाषाई वर्चस्व · तकनीकी संप्रभुता · एल्गोरिद्मिक बायस · डेटा संप्रभुता

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