यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,426 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग (517) · अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन) (348) · जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान (242) · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक (197) · रक्षा तकनीक (118) · बौद्धिक संपदा अधिकार (4)
चर्चा में क्यों: NASA ने जनता की भागीदारी बढ़ाने और नैरेटिव बिल्डिंग (narrative building) के लिए आर्टेमिस II (Artemis II) क्रू वाले टेस्ट फ्लाइट के दौरान ट्विच (Twitch) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लाइव स्ट्रीमिंग का उपयोग किया।
NASA के फ्लाइट डायरेक्टर ज़ेबुलन स्कोविले ने लाइव स्ट्रीमिंग की सुविधा के लिए एक ऑप्टिकल कम्युनिकेशन सिस्टम (Optical Communications System) के विकास की निगरानी की। आर्टेमिस II (Artemis II) का चालक दल वाला परीक्षण उड़ान कैलिफोर्निया तट के पास सफल लैंडिंग (Splashdown) के साथ संपन्न हुआ।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकArtemis II: चंद्रमा के पास मानवयुक्त परीक्षण उड़ान (test flight) मिशन, जिसे NASA द्वारा संचालित किया जाएगा।
विज्ञान-तकनीकऑप्टिकल कम्युनिकेशंस सिस्टम (Optical communications system): इसे NASA द्वारा स्पेस मिशन्स की लाइव स्ट्रीमिंग को सक्षम बनाने के लिए विकसित किया गया है।
तथ्यआर्टेमिस II (Artemis II) मिशन का समापन कैलिफोर्निया तट के पास स्प्लैशडाउन (splashdown) के साथ हुआ।
मेन्स के लिए
प्रश्न: नासा जैसी अंतरिक्ष एजेंसियों द्वारा सोशल मीडिया और लाइव-स्ट्रीमिंग प्रौद्योगिकियों के एकीकरण ने सार्वजनिक धारणा और वैज्ञानिक अन्वेषण के लोकतंत्रीकरण को किस प्रकार प्रभावित किया है, इसका विश्लेषण कीजिए।
जन भागीदारी: रियल-टाइम डेटा के जरिए पैसिव ऑब्जर्वेशन से इंटरैक्टिव नैरेटिव पार्टिसिपेशन की ओर बदलाव
तकनीकी छलांग: लूनर ऑर्बिट से हाई-बैंडविड्थ डेटा ट्रांसमिशन के लिए ऑप्टिकल कम्युनिकेशंस एक ज़रूरी शर्त
मुख्य शब्द: जन भागीदारी · विज्ञान का लोकतंत्रीकरण · ऑप्टिकल कम्युनिकेशंस · अंतरिक्ष अन्वेषण · नैरेटिव बिल्डिंग
चर्चा में क्यों: ट्रम्प प्रशासन, NASA प्रमुख जेरेड इसाकमेन के नेतृत्व में, लागत कम करने और अंतरिक्ष अन्वेषण (Space Exploration) को गति देने के लिए बोइंग के लूनर रॉकेट के व्यावसायिक विकल्पों (Commercial Alternatives) की तलाश कर रहा है।
NASA के बोइंग रॉकेट ने चंद्रमा के लिए आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। व्हाइट हाउस की बजट मांग बोइंग जैसे पुराने प्रदाताओं के बजाय स्पेसएक्स (SpaceX) जैसे कमर्शियल प्रदाताओं की ओर बदलाव का संकेत देती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकArtemis II: NASA का एक मिशन जिसमें लूनर रॉकेट लॉन्च (Lunar rocket launch) शामिल है।
पदजेरेड इसाकमान: राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा NASA का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त।
तथ्यबोइंग (Boeing): इसे एक लीगेसी प्रोवाइडर (legacy provider) के रूप में पहचाना गया है, जिसे हाल ही में लूनर मिशन हार्डवेयर में देरी का सामना करना पड़ा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वाणिज्यिक अंतरिक्ष अन्वेषण मॉडलों की ओर बढ़ते रुझान और राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसियों की प्राथमिकताओं एवं लागत-दक्षता पर इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
कॉस्ट-एफिशिएंसी ट्रेड-ऑफ: तेज़ कमर्शियल डिप्लॉयमेंट और पुराने एयरोस्पेस प्रोवाइडर्स के कड़े सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के बीच संतुलन
पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप: सरकारी खरीद से कमर्शियल-आधारित स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सप्लोरेशन की ओर बदलाव
चर्चा में क्यों: इजराइली सेना द्वारा लक्ष्य की पहचान के लिए Gospel और Lavender जैसे AI सिस्टम्स के इस्तेमाल ने युद्ध में AI के नैतिक प्रभावों (ethical implications) पर वैश्विक बहस छेड़ दी है।
इजराइली सेना ने लक्ष्यों की पहचान के लिए 'Gospel' और 'Lavender' नामक AI सिस्टम का उपयोग किया। ऑटोमेशन बायस (automation bias) और मानवाधिकारों के उल्लंघन पर चिंताओं के बावजूद, Microsoft, Google और OpenAI जैसे टेक दिग्गज सेनाओं को उन्नत तकनीक की आपूर्ति जारी रखे हुए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकGospel और Lavender: इज़राइली सेना द्वारा टारगेट आइडेंटिफिकेशन (target identification) के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले AI सिस्टम।
तथ्यएन्थ्रोपिक (Anthropic): एक टेक्नोलॉजी कंपनी जिसने AI के उपयोग से संबंधित पेंटागन (Pentagon) की मांगों को मानने से इनकार कर दिया।
विज्ञान-तकनीकऑटोमेशन बायस (Automation bias): AI वॉरफेयर में एक जोखिम जहाँ सिस्टम मानवीय निर्णय के बजाय ऑटोमेटेड आउटपुट को प्राथमिकता दे सकते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आधुनिक युद्धकला में स्वायत्त एआई (AI) प्रणालियों की तैनाती के नैतिक निहितार्थों और जोखिमों तथा मानवाधिकारों के अनुपालन को सुनिश्चित करने में निजी तकनीकी कंपनियों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
अकाउंटेबिलिटी गैप: ऑटोनॉमस AI सिस्टम द्वारा किए गए युद्ध अपराधों के लिए कानूनी जिम्मेदारी तय करने में कठिनाई
कॉरपोरेट ज़िम्मेदारी: प्राइवेट टेक कंपनी के मुनाफ़े के उद्देश्य और अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून की बाध्यताओं के बीच टकराव
ऑटोमेशन बायस: हाई-इंटेंसिटी कॉन्फ्लिक्ट ज़ोन में एल्गोरिथमिक एरर्स से नागरिक हताहतों की संख्या बढ़ने का जोखिम
मुख्य शब्द: ऑटोमेशन बायस · एल्गोरिद्मिक जवाबदेही · मानवाधिकार ड्यू डिलिजेंस · नैतिक AI · दोहरे उपयोग वाली तकनीक
चर्चा में क्यों: NASA के ओरियन कैप्सूल ने आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह 1972 के बाद चंद्रमा की पहली मानवयुक्त यात्रा है, जो ट्रंप प्रशासन द्वारा बजट में संभावित 'विलुप्ति-स्तर' (extinction-level) की कटौती के बीच पूरी की गई।
ओरियन कैप्सूल 10 दिनों के मिशन के बाद पैसिफिक महासागर में सफलतापूर्वक उतरा। NASA प्रशासक जेरेड इसाकमेन ने चालक दल की ऐतिहासिक चंद्र यात्रा की प्रशंसा की। यह मिशन आर्टेमिस III (Artemis III) के मानव लैंडिंग सिस्टम परीक्षणों के लिए एक आधार के रूप में कार्य करेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकआर्टेमिस II (Artemis II): 1972 के बाद से चंद्रमा की पहली मानवयुक्त यात्रा।
विज्ञान-तकनीकओरियन (Orion) कैप्सूल: आर्टेमिस (Artemis) लूनर मिशन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला स्पेसक्राफ्ट।
तथ्यआर्टेमिस II (Artemis II) मिशन की अवधि: 10 दिन।
विज्ञान-तकनीकआर्टेमिस III (Artemis III): अगले साल चंद्रमा पर मानव लैंडिंग सिस्टम का परीक्षण करने के लिए निर्धारित।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और तकनीकी प्रगति के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण में निरंतर निवेश के महत्व पर चर्चा कीजिए, साथ ही राजकोषीय मितव्ययिता और दीर्घकालिक वैज्ञानिक लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय ट्रेड-ऑफ: बजट की मौजूदा सीमाओं और लंबे समय के पूंजी-प्रधान स्पेस एक्सप्लोरेशन लक्ष्यों के बीच संतुलन
तकनीकी संप्रभुता: वैश्विक स्पेस लीडरशिप में स्वदेशी ह्यूमन लैंडिंग सिस्टम का महत्व
भू-राजनीतिक प्रतिष्ठा: सॉफ्ट पावर और वैज्ञानिक नेतृत्व के लिए स्पेस एक्सप्लोरेशन एक टूल
मुख्य शब्द: अंतरिक्ष अन्वेषण · राजकोषीय मितव्ययिता · चंद्र अन्वेषण · तकनीकी प्रगति · बजट की सीमाएं
चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष यह तर्क दिया कि पत्रकार राणा अय्यूब द्वारा किए गए ट्वीट्स को हटाने में एक्स. की विफलता, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रूल्स (Information Technology Rules) का उल्लंघन है।
केंद्र सरकार ने कहा कि न्यायिक आदेश और पुलिस नोटिस मिलने के बावजूद X 'अवैध सामग्री' (unlawful content) हटाने में विफल रहा। सरकार ने प्रस्ताव दिया कि एक्स. को सामग्री हटाने के लिए उपयोगकर्ता को निर्देशित किया जाना चाहिए या IT Act की धारा 69A के तहत कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जाना चाहिए।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यSafe Harbour Protection: थर्ड-पार्टी यूजर्स द्वारा पोस्ट की गई सामग्री के लिए इंटरमीडियरीज (intermediaries) को दी गई कानूनी छूट (legal immunity)।
संस्थादिल्ली हाई कोर्ट: वह न्यायिक मंच जहाँ सरकार ने एक्स. के गैर-अनुपालन (non-compliance) के संबंध में तर्क पेश किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सोशल मीडिया मध्यस्थों को प्राप्त 'सेफ हार्बर' (safe harbor) सुरक्षा और अवैध सामग्री को विनियमित करने के लिए राज्य की शक्तियों के बीच संतुलन स्थापित करने में निहित कानूनी और विनियामक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: आईटी रूल्स के तहत इंटरमीडियरी इम्युनिटी और अवैध कंटेंट रोकने के राज्य के आदेश के बीच संतुलन
ड्यू प्रोसेस: मनमानी सेंसरशिप रोकने के लिए कंटेंट हटाने में न्यायिक निगरानी सुनिश्चित करना
अकाउंटेबिलिटी गैप: ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स पर ऐतिहासिक कंटेंट के पालन को लागू करने में चुनौतियां
चर्चा में क्यों: शोधकर्ता ऊर्जा-कुशल AI कंप्यूटिंग के लिए 'मेमरिस्टर्स' (memristors) बनाने हेतु सिंथेटिक DNA को क्वाइजी-2D पेरोव्स्काइट सेमीकंडक्टर्स के साथ एकीकृत करने की संभावनाओं पर शोध कर रहे हैं।
यह तकनीक आणविक रूप से इंजीनियर किए गए DNA अनुक्रमों (DNA sequences) को अर्ध-2D पेरोव्स्काइट सेमीकंडक्टर सामग्रियों के साथ जोड़ती है। ये 'मेमरिस्टर्स' (memristors) निरंतर बिजली के बिना डेटा स्टोर करने के लिए जैविक न्यूरॉन्स की नकल करते हैं, जो DNA के उच्च डेटा घनत्व और पैरेलल प्रोसेसिंग क्षमताओं का लाभ उठाते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकMemristors: ऐसे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स जो बिना निरंतर बिजली के, बायोलॉजिकल न्यूरॉन्स की तरह डेटा स्टोर कर सकते हैं।
विज्ञान-तकनीकक्वासी-2D पेरोव्स्काइट (Quasi-2D perovskite): अगली पीढ़ी की कंप्यूटिंग के लिए DNA के साथ एकीकृत किए जा रहे सेमीकंडक्टर मैटेरियल्स।
तथ्यकंप्यूटिंग में DNA के फायदों में विशाल डेटा डेंसिटी (data density), अत्यधिक तापमान प्रतिरोध और पैरेलल प्रोसेसिंग (parallel processing) शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सेमीकंडक्टर तकनीक में जैविक सामग्रियों (biological materials) के एकीकरण से बड़े पैमाने पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की बढ़ती ऊर्जा मांगों को कैसे संबोधित किया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी एफिशिएंसी: पारंपरिक पावर-हंग्री सिलिकॉन आर्किटेक्चर को बदलकर AI का कार्बन फुटप्रिंट कम करना
हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर तालमेल: सुपरकंप्यूटिंग में वॉन न्यूमैन बॉटलनैक को दूर करने के लिए DNA की पैरेलल प्रोसेसिंग का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: मेमरिस्टर्स · सिंथेटिक DNA · पेरोव्स्काइट सेमीकंडक्टर्स · पैरेलल प्रोसेसिंग · ऊर्जा दक्षता
चर्चा में क्यों: NASA और लाइबनिज इंस्टीट्यूट (Leibniz Institute) ने पाया है कि 2012 से 2023 के बीच वैश्विक रात के समय की रोशनी के स्तर में 16% की वृद्धि हुई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से सब-सहारा अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया में शहरीकरण और विद्युतीकरण (electrification) के कारण हुई है।
सैटेलाइट डेटा के अनुसार, 2012 और 2023 के बीच वैश्विक रात्रि-समय के प्रकाश स्तर (night-time light levels) में 16% की वृद्धि देखी गई है। लाइबनिज इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेशवॉटर इकोलॉजी एंड इनलैंड फिशरीज (Leibniz Institute of Freshwater Ecology and Inland Fisheries) ने इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए NASA के साथ मिलकर काम किया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्य2012 और 2023 के बीच ग्लोबल नाइट-टाइम लाइट लेवल में 16% की वृद्धि हुई।
स्थानसब-सहारा अफ्रीका और साउथईस्ट एशिया में रात के समय की चमक (night-time brightness) में सबसे महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई।
विज्ञान-तकनीकआर्टिफिशियल लाइट का प्रसार अर्बनाइजेशन (Urbanization), इलेक्ट्रिफिकेशन (Electrification) और लाइटिंग में तकनीकी प्रगति से जुड़ा है।
पर्यावरणरात के समय बढ़ती ब्राइटनेस (brightness) से नॉकटर्नल इकोसिस्टम (nocturnal ecosystems), जानवरों के माइग्रेशन (migration) और इंसानों के सरकेडियन रिदम (circadian rhythms) में बाधा पहुँचती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रात्रि के समय कृत्रिम प्रकाश (आर्टिफिशियल लाइट) के बढ़ते स्तर के पारिस्थितिक और शारीरिक प्रभावों की चर्चा कीजिए और शहरी विकास एवं प्राकृतिक अंधकार के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
पारिस्थितिक व्यवधान: रात में सक्रिय प्रजातियों के भोजन खोजने और प्रवास के पैटर्न में हस्तक्षेप
मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम: सर्कैडियन रिदम और स्लीप-वेक साइकल में गड़बड़ी
पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: तेज़ी से होते शहरीकरण और विद्युतीकरण के साथ लाइट पोल्यूशन कम करने के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: लाइट पोल्यूशन · सर्कैडियन रिदम · शहरीकरण · रात के समय के इकोसिस्टम · बिजलीकरण
चर्चा में क्यों: समुद्र की सतह के तापमान में अत्यधिक वृद्धि के कारण, NOAA और जलवायु विशेषज्ञ जून-अगस्त 2026 तक 'ला नीना' से संभावित 'सुपर एल नीनो' (Super El Niño) की ओर होने वाले बदलाव की निगरानी कर रहे हैं।
नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) ने जून-अगस्त 2026 तक एल नीनो (El Niño) विकसित होने की 62% संभावना जताई है। प्रशांत महासागर के अत्यधिक गर्म होने और वैश्विक वर्षा एवं चक्रवात गतिविधियों को प्रभावित करने की क्षमता के कारण इस घटना को 'सुपर एल नीनो' (Super El Niño) के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यजून-अगस्त 2026 तक El Niño विकसित होने की 62% संभावना है।
विज्ञान-तकनीकसुपर एल नीनो (Super El Niño): इसकी विशेषता प्रमुख प्रशांत क्षेत्रों में समुद्र की सतह का असाधारण रूप से उच्च तापमान है।
विज्ञान-तकनीकENSO-neutral: ला नीना और एल नीनो स्थितियों के बीच की ट्रांजिशनल स्टेट (transitional state)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 'सुपर अल नीनो' जैसी चरम ENSO घटनाएँ वैश्विक जलवायु संवेदनशीलता को किस प्रकार बढ़ाती हैं और एकीकृत अंतर्राष्ट्रीय जलवायु अनुकूलन रणनीतियों की आवश्यकता को कैसे रेखांकित करती हैं? चर्चा कीजिए।
मौसम की अस्थिरता: समुद्र की सतह के तापमान में तेज़ी से होने वाली बढ़ोतरी के कारण अत्यधिक बारिश और तूफान की तीव्रता में बढ़ोतरी
डेटा-आधारित पूर्वानुमान: सीमित ऐतिहासिक उदाहरणों के साथ 'सुपर' घटनाओं के लंबे समय के प्रभावों को मॉडल करने में चुनौतियां
मुख्य शब्द: ENSO · क्लाइमेट रेजिलिएंस · समुद्र की सतह का तापमान · मौसम पूर्वानुमान · क्लाइमेट एडैप्टेशन
चर्चा में क्यों: आर्टेमिस II (Artemis II) चालक दल चंद्रमा के सुदूर हिस्से की कक्षा में एक रिकॉर्ड-तोड़ मिशन पूरा करने के बाद सैन डिएगो के तट के पास लैंड (splash down) करने वाला है।
आर्टेमिस II (Artemis II) चालक दल में अंतरिक्ष यात्री विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच, रीड वाइजमैन और जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। इस मिशन ने चंद्रमा के सुदूर हिस्से की कक्षा में परिक्रमा करके मानव यात्रा की दूरी का एक नया रिकॉर्ड बनाया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यइस मिशन ने चंद्रमा के सुदूर हिस्से (far side) की कक्षा में घूमकर मानव यात्रा की दूरी का रिकॉर्ड बनाया।
स्थानसैन डिएगो: वह स्थान जहाँ क्रू के लिए स्प्लैशडाउन (splashdown) निर्धारित किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग और गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण प्रौद्योगिकियों की प्रगति के संदर्भ में चंद्र अन्वेषण के महत्व की चर्चा कीजिए।
भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा: लूनर ऑर्बिट्स में रणनीतिक स्थिति और संसाधनों तक पहुँच
तकनीकी छलांग: गहरे अंतरिक्ष की यात्रा के लिए लाइफ सपोर्ट और रेडिएशन शील्डिंग में प्रगति
वैज्ञानिक डेटा: खगोलीय अवलोकन के लिए चंद्रमा के सुदूर हिस्से की हाई-रिज़ॉल्यूशन मैपिंग
मुख्य शब्द: डीप-स्पेस एक्सप्लोरेशन · लूनर ऑर्बिट · अंतरिक्ष अन्वेषण · वैज्ञानिक डेटा कलेक्शन · मानव अंतरिक्ष उड़ान
चर्चा में क्यों: चेन्नई के GEM अस्पताल में भारत की पहली लंबी दूरी की रोबोटिक टेलीसर्जरी (robotic telesurgery) सफलतापूर्वक संपन्न की गई। इस प्रक्रिया के दौरान, एक सर्जन ने वापी, गुजरात से रिमोटली (remotely) ऑपरेशन किया और गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) का इलाज किया।
इस प्रक्रिया में मेरिल लाइफ साइंसेज (Meril Life Sciences) द्वारा विकसित एक उन्नत रोबोटिक प्लेटफॉर्म का उपयोग करके पेट के ऊपरी हिस्से को निचले ग्रासनली (esophagus) के चारों ओर लपेटा गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकGERD: Gastroesophageal reflux disease वह स्थिति है जिसका इलाज robotic telesurgery के माध्यम से किया जाता है।
तथ्यरिमोट सर्जन ने वापी, गुजरात से ऑपरेशन किया, जबकि मरीज चेन्नई के GEM Hospital में था।
पदमेरिल लाइफ साइंसेज (Meril Life Sciences) उस रोबोटिक प्लेटफॉर्म का डेवलपर है जिसका उपयोग सर्जरी के लिए किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में ग्रामीण-शहरी स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर को पाटने में रोबोटिक टेलीसर्जरी और टेलीमेडिसिन का एकीकरण किस प्रकार सहायक सिद्ध हो सकता है, चर्चा कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: ग्रामीण हब में हाई-स्पीड लो-लेटेंसी 5G कनेक्टिविटी और स्पेशलाइज्ड रोबोटिक हार्डवेयर की ज़रूरत
रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: रिमोट प्रोसीजर्स के दौरान सर्जिकल कॉम्प्लिकेशंस के मामलों में स्पष्ट लीगल लायबिलिटी प्रोटोकॉल की ज़रूरत
मुख्य शब्द: टेलीमेडिसिन · रोबोटिक सर्जरी · डिजिटल हेल्थ · स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच · मेडिकल इनोवेशन
चर्चा में क्यों: ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (Australian National University) के एक अध्ययन में पाया गया कि 2003 और 2024 के बीच हुई हीटवेव्स (heatwaves) ने बुजुर्गों के लिए ऐसी स्थितियां पैदा कर दीं, जिनमें जीवित रहना मुश्किल था, और यह तब हुआ जब तापमान पारंपरिक वेट-बल्ब तापमान (wet-bulb temperature) की सीमाओं तक भी नहीं पहुँचा था।
इस शोध में वर्ष 2003 और 2024 के बीच आए छह भीषण हीटवेव्स (extreme heatwaves) का विश्लेषण किया गया है। मुख्य लेखिका प्रो. सारा पर्किन्स-किर्कपैट्रिक ने उल्लेख किया कि बुजुर्ग आबादी की भेद्यता और छाया तक पहुंच की कमी के कारण हीटवेव्स से होने वाली मौतों की संख्या वास्तविक आंकड़ों से कम दर्ज होने की संभावना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यइस अध्ययन में 2003 और 2024 के बीच हुई छह भीषण हीटवेव्स (extreme heatwaves) का विश्लेषण किया गया।
विज्ञान-तकनीकवेट-बल्ब टेम्परेचर (Wet-bulb temperature) वह पारंपरिक सीमा है जिसका उपयोग जीवित रहने के लिए असंभव हीट कंडीशंस (heat conditions) को निर्धारित करने के लिए किया जाता है।
पदप्रोफेसर सारा पर्किस-किर्कपैट्रिक, ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (Australian National University) के अध्ययन की मुख्य लेखिका हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में, अत्यधिक लू (heatwaves) के कारण संवेदनशील आबादी के समक्ष उत्पन्न होने वाली शारीरिक और ढांचागत चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
डेमोग्राफिक वल्नरेबिलिटी: कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी वाले बुजुर्गों में अधिक मृत्यु दर
डेटा गैप: गर्मी से होने वाली मौतों की कम रिपोर्टिंग सटीक क्लाइमेट अडैप्टेशन प्लानिंग को मुश्किल बना रही है
इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: अर्बन हीट आइलैंड्स में सार्वजनिक शेड और कूलिंग सेंटर्स का अभाव
मुख्य शब्द: क्लाइमेट एडैप्टेशन · कमज़ोर आबादी · हीट स्ट्रेस · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · क्लाइमेट रेजिलिएंस
चर्चा में क्यों: एंथ्रोपिक (Anthropic) अपने नए AI मॉडल, क्लाउड माइथोस (Claude Mythos) तक सार्वजनिक पहुंच को सीमित कर रहा है, क्योंकि ऐसी चिंताएं हैं कि इसका उपयोग हजारों सॉफ्टवेयर कमजोरियों (vulnerabilities) का फायदा उठाने के लिए किया जा सकता है।
सैन फ्रांसिस्को स्थित स्टार्टअप, Anthropic ने Claude Mythos जारी किया है, जिसने हजारों सॉफ्टवेयर कमजोरियों (vulnerabilities) की पहचान की है। यह कंपनी रक्षात्मक रणनीतियां विकसित करने के लिए CrowdStrike, Palo Alto Networks, Amazon, Apple, Microsoft, Cisco, Broadcom और Linux Foundation सहित अपने भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकक्लोड (Claude) मिथोस (Mythos): एक AI मॉडल जो सामान्य एप्लीकेशन्स में सॉफ्टवेयर की कमियों (vulnerabilities) को उजागर करने में सक्षम है।
पदएन्थ्रोपिक (Anthropic): सैन फ्रांसिस्को स्थित एक AI स्टार्टअप।
तथ्यAnthropic, Linux Foundation और Microsoft एवं Apple जैसी बड़ी टेक फर्म्स के साथ डिफेंसिव स्ट्रैटेजीज (defensive strategies) पर सहयोग कर रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में उन्नत एआई (AI) मॉडलों की दोहरी उपयोगिता (dual-use nature) पर चर्चा कीजिए और बड़े पैमाने पर उत्पन्न होने वाले साइबर खतरों को रोकने के लिए 'सेफ्टी-बाय-डिज़ाइन' (safety-by-design) ढाँचों की आवश्यकता का मूल्यांकन कीजिए।
दोहरे उपयोग की दुविधा: ओपन-सोर्स इनोवेशन और ऑटोमेटेड वल्नरेबिलिटी डिस्कवरी के जोखिम के बीच संतुलन
संस्थागत बाधा: AI-जनरेटेड साइबर खतरों की रिपोर्टिंग के लिए मानक अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल की कमी
रेगुलेटरी गैप: पब्लिक डिप्लॉयमेंट से पहले AI मॉडल्स के लिए अनिवार्य 'रेड-टीमिंग' की ज़रूरत
मुख्य शब्द: दोहरे उपयोग वाली तकनीक · साइबर सिक्योरिटी · AI सुरक्षा · वल्नरेबिलिटी रिसर्च · क्रिटिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन
चर्चा में क्यों: NASA ने 'Earthset' नामक तस्वीर जारी की है, जिसे आर्टेमिस II (Artemis II) चालक दल द्वारा चंद्रमा के पास से गुजरते समय लिया गया था। यह चंद्रमा के सुदूर हिस्से (far side) से ली गई पहली तस्वीर है।
आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन में चार सदस्यीय चालक दल शामिल है, जिसमें अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री रीड वाइजमैन, क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर और कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। यह मिशन 2028 तक चंद्रमा पर मानव लैंडिंग के व्यापक लक्ष्य वाले कार्यक्रम का हिस्सा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकArtemis II: NASA का एक मिशन जिसमें चंद्रमा के पास से गुजरना (lunar flyby) और चार सदस्यों का क्रू शामिल है।
तथ्यआर्टेमिस (Artemis) प्रोग्राम का लक्ष्य 2028 तक चंद्रमा पर लैंडिंग हासिल करना है।
विज्ञान-तकनीकओरियन (Orion): वह स्पेसक्राफ्ट जिसका उपयोग आर्टेमिस II (Artemis II) क्रू द्वारा 'अर्थसेट' (Earthset) इमेज कैप्चर करने के लिए किया गया।
विज्ञान-तकनीकApollo 8: 1968 का वह मिशन जिसने प्रतिष्ठित 'Earthrise' फोटोग्राफ को कैप्चर किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: चंद्रमा पर दीर्घकालिक मानव उपस्थिति स्थापित करने में आर्टेमिस कार्यक्रम के महत्व और भविष्य के गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण (deep-space exploration) के लिए इसके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
तकनीकी छलांग: ओरियन कैप्सूल के लाइफ-सपोर्ट और लूनर ऑर्बिट क्षमताओं में प्रगति
भू-राजनीतिक आयाम: अंतरिक्ष अन्वेषण में अमेरिकी और कनाडाई एजेंसियों के बीच अंतर्राष्ट्रीय सहयोग
वैज्ञानिक अन्वेषण: चंद्र संसाधनों के उपयोग और चंद्रमा के सुदूर हिस्से के अवलोकन की संभावना
चर्चा में क्यों: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने एक AI टूल विकसित किया है, जो हृदय की चर्बी और सूजन (inflammation) का विश्लेषण करके पांच साल पहले ही हार्ट फेल्योर के जोखिम का पूर्वानुमान लगाने में सक्षम है।
इस AI टूल को इंग्लैंड के 72,000 मरीजों के डेटा पर प्रशिक्षित (trained) किया गया है। यह हृदय के आसपास जमा फैट का विश्लेषण करके सूजन के संकेतों और अस्वस्थ ऊतकों (unhealthy tissue) की पहचान करता है, ताकि डॉक्टरों के लिए रिस्क स्कोर प्रदान किया जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकयह AI टूल हृदय के आसपास की चर्बी में सूजन और अनहेल्दी टिश्यू (unhealthy tissue) का विश्लेषण करके हार्ट फेल्योर के जोखिम की पहचान करता है।
तथ्यइस AI मॉडल को इंग्लैंड के 72,000 मरीजों के डेटा का उपयोग करके ट्रेन किया गया था।
पदचारालैम्बोस एंटोनियाडेस ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में कार्डियोवास्कुलर मेडिसिन (cardiovascular medicine) के प्रोफेसर हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में भविष्य कहने वाले स्वास्थ्य सेवा (predictive healthcare) में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण, पुरानी हृदय रोगों (chronic cardiovascular diseases) के प्रारंभिक निदान और प्रबंधन को किस प्रकार परिवर्तित कर सकता है, चर्चा कीजिए।
डायग्नोस्टिक प्रिसिजन: लक्षण दिखने से पहले सबक्लिनिकल इन्फ्लेमेशन और टिश्यू में बदलाव की AI-आधारित पहचान
डेटा प्राइवेसी: प्रेडिक्टिव मेडिकल एल्गोरिदम को ट्रेनिंग देने के लिए बड़े पैमाने पर पेशेंट डेटासेट को सुरक्षित रखने की चुनौतियां
हेल्थकेयर इक्विटी: ग्रामीण इलाकों में स्पेशलिस्ट की कमी दूर करने के लिए AI की क्षमता बनाम भारी शुरुआती इंफ्रास्ट्रक्चर लागत
मुख्य शब्द: प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स · कार्डियोवास्कुलर मेडिसिन · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · जल्दी पहचान · निवारक स्वास्थ्य सेवा
चर्चा में क्यों: कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने 6 अप्रैल को क्रिटिकैलिटी (criticality) हासिल कर ली, जो भारत के तीन चरणों वाले परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
PFBR का डिजाइन इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र द्वारा तैयार किया गया था और इसका निर्माण भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (BHNCL) द्वारा किया गया है। परिचालन संबंधी चुनौतियों के बावजूद, यह उच्च दक्षता प्राप्त करने के लिए कूलेंट के रूप में लिक्विड सोडियम का उपयोग करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
विज्ञान-तकनीकPFBR: Prototype Fast Breeder Reactor में कूलेंट (coolant) के रूप में लिक्विड सोडियम का उपयोग किया जाता है।
संस्थाइंदिरा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च (Indira Gandhi Centre for Atomic Research): वह संस्था जो PFBR को डिजाइन करने के लिए जिम्मेदार है।
संस्थाभारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (Bharatiya Nabhikiya Vidyut Nigam Ltd.): PFBR के निर्माण के लिए जिम्मेदार संस्था।
संस्थाएटॉमिक एनर्जी रेगुलेटरी बोर्ड (Atomic Energy Regulatory Board): कमर्शियल ऑपरेशन की मंजूरी देने के लिए जिम्मेदार संस्था।
स्थानकलपक्कम: प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (Prototype Fast Breeder Reactor) का स्थान।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और इसके तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में 'फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों' के विकास के योगदान का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
ईंधन सुरक्षा: नेचुरल यूरेनियम से प्लूटोनियम और थोरियम साइकिल की ओर बदलाव
तकनीकी बाधाएं: लिक्विड सोडियम कूलेंट सिस्टम की ऑपरेशनल जटिलताओं को मैनेज करना
रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड द्वारा सुरक्षा निगरानी के साथ तेजी से हो रहे परमाणु विस्तार का संतुलन
मुख्य शब्द: तीन चरणों वाला परमाणु कार्यक्रम · फास्ट ब्रीडर रिएक्टर · ऊर्जा सुरक्षा · लिक्विड सोडियम कूलेंट · न्यूक्लियर क्रिटिकैलिटी
चर्चा में क्यों: NASA के आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन ने अपने पहले छह दिन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं, जिससे मानव अंतरिक्ष उड़ान के लिए स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) और ओरियन कैप्सूल (Orion capsule) की कार्यक्षमता का प्रदर्शन हुआ है।
मिशन ने सफलतापूर्वक ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न (translunar injection burn) को अंजाम दिया और अंतरिक्ष यान के भीतर मानव संपर्क का परीक्षण किया। स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट ने टेकऑफ के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन किया और इस जटिल लॉन्च के लिए उम्मीदों से बेहतर परिणाम दिए।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
विज्ञान-तकनीकSpace Launch System (SLS): आर्टेमिस (Artemis) मिशन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला रॉकेट।
तथ्यआर्टेमिस II (Artemis II): इस मिशन का मुख्य फोकस मानव संपर्क और स्पेसक्राफ्ट सिस्टम्स (spacecraft systems) का परीक्षण करना था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आर्टेमिस जैसे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष अन्वेषण मिशनों वैश्विक वैज्ञानिक सहयोग और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने में किस प्रकार महत्वपूर्ण हैं, चर्चा कीजिए।
भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा: चंद्र अन्वेषण में राष्ट्रीय हितों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग का संतुलन
ह्यूमन फैक्टर: लंबे समय के स्पेस मिशन में मनोवैज्ञानिक खुशहाली और इमोशनल रिज़िलिएंस को शामिल करना
मुख्य शब्द: अंतरिक्ष अन्वेषण · मानव अंतरिक्ष उड़ान · तकनीकी प्रगति · लूनर मिशन · वैज्ञानिक सहयोग
चर्चा में क्यों: DRDO प्रमुख समीर वी कामत ने महत्वपूर्ण सामग्रियों (critical materials) के विकास चक्र को कम करने का आह्वान किया है। उन्होंने इस समस्या को दूर करने पर जोर दिया है जहाँ सामग्री का विकास तेजी से बदलती रक्षा तकनीकों के मुकाबले पीछे रह जाता है।
DRDO प्रमुख समीर वी. कामत और एयर मार्शल यल्ला उमेश ने रेखांकित किया कि एयरोस्पेस विनिर्माण में विदेशी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) पर निर्भरता आत्मनिर्भरता में बाधा डालती है। 'आत्मनिर्भरता' और वैश्विक तकनीकी नेतृत्व हासिल करने के लिए स्वदेशी सामग्री विकास में तेजी लाने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
पदसमीर वी कामत: चीफ ऑफ द डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO)।
तथ्यएयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग: वर्तमान में विदेशी ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) पर निर्भरता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' प्राप्त करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए, जिसमें विशेष रूप से पदार्थ विज्ञान (मटेरियल साइंस) की बाधाओं और स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं पर ध्यान केंद्रित किया जाए। चर्चा कीजिए।
सप्लाई चेन की कमजोरी: महत्वपूर्ण एयरोस्पेस कंपोनेंट्स के लिए विदेशी OEMs पर भारी निर्भरता
R&D सिंक्रोनाइज़ेशन: सिस्टम के तेज़ विकास और मटेरियल साइंस के धीमे डेवलपमेंट साइकल के बीच का अंतर
तकनीकी संप्रभुता: लंबी अवधि की रक्षा स्वायत्तता सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी मटेरियल साइंस की ज़रूरत
मुख्य शब्द: आत्मनिर्भरता · ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स · मटेरियल साइंस · रक्षा तकनीक · स्वदेशी क्षमता
चर्चा में क्यों: ई-बुक 'India and the Second Space Age' का प्रकाशन राज्य के नेतृत्व वाले अंतरिक्ष अन्वेषण से वाणिज्यिक और भू-राजनीतिक रूप से महत्वाकांक्षी युग की ओर भारत के बदलाव को रेखांकित करता है।
यह पुस्तक अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की बदलती पहचान का परीक्षण करती है, जिसमें गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन और निजी अंतरिक्ष उद्यमों के उदय पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह विशेष रूप से निगरानी के लिए दोहरे उपयोग वाली तकनीकों (dual-use technologies) से जुड़ी चुनौतियों और देयता (liability) से संबंधित कानूनी अस्पष्टताओं पर चर्चा करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकगगनयान: भारत का मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन (human spaceflight mission)।
विज्ञान-तकनीकDual-use technologies: स्पेस टेक्नोलॉजीज (Space technologies) जो नागरिक और सैन्य/निगरानी (surveillance) दोनों उद्देश्यों के लिए सक्षम हैं।
तथ्यसेकंड स्पेस एज (Second Space Age): यह कमर्शियल इंटरेस्ट (commercial interests) और जियोपॉलिटिकल एम्बिशंस (geopolitical ambitions) द्वारा चिह्नित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों (dual-use technologies) और अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष कानूनों की जटिलताओं के बीच, वाणिज्यिक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण के संदर्भ में भारत के समक्ष मौजूद चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी गैप: प्राइवेट स्पेस लायबिलिटी और कमर्शियल ऑर्बिटल डेब्रिस मैनेजमेंट के लिए स्पष्ट कानूनी ढांचे की कमी
सिक्योरिटी डिलेमा: नागरिक स्पेस एक्सप्लोरेशन और ड्यूल-यूज़ सर्विलांस टेक्नोलॉजी के प्रसार के बीच संतुलन
भू-राजनीतिक स्थिति: ग्लोबल कॉमन्स में कमर्शियल स्पेस गतिविधियों के लिए मानदंड स्थापित करने में भारत की भूमिका
मुख्य शब्द: दोहरे उपयोग वाली तकनीक · कमर्शियल स्पेस एक्सप्लोरेशन · स्पेस गवर्नेंस · गगनयान मिशन · स्पेस लायबिलिटी
चर्चा में क्यों: अमेरिका और चीन AI के क्षेत्र में वर्चस्व के लिए रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में शामिल हैं, जिसमें अमेरिका Large Language Models (LLMs) में आगे है और चीन रोबोटिक्स और ह्यूमनॉइड रोबोट्स (humanoid robots) में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है।
अमेरिका ChatGPT जैसे LLMs (Large Language Models) के क्षेत्र में अपनी बढ़त बनाए हुए है, जबकि चीन के DeepSeek चैटबॉट ने एक किफायती प्रतिस्पर्धी के रूप में उभरकर सामने आया है। दोनों देश स्वास्थ्य सेवा, विनिर्माण और रक्षा क्षेत्रों के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) में भारी निवेश कर रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
विज्ञान-तकनीकLLMs: ChatGPT जैसे Large Language Models अमेरिका के AI विकास का मुख्य केंद्र हैं।
तथ्यचीन की AI ताकत विशेष रूप से रोबोट्स और ह्यूमनॉइड रोबोट्स (humanoid robots) के विकास में देखी गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा के भू-राजनीतिक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए, विशेष रूप से लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) और रोबोटिक्स जैसी आधारभूत प्रौद्योगिकियों पर नियंत्रण के संदर्भ में। चर्चा कीजिए।
टेक्नोलॉजिकल सोवरेन्टी: विदेशी हार्डवेयर पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू AI इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर रणनीतिक बदलाव
आर्थिक असमानता: चीनी AI मॉडल (जैसे, DeepSeek) की लागत-क्षमता बनाम अमेरिकी LLM विकास के लिए भारी संसाधनों की ज़रूरत
डुअल-यूज़ दुविधा: डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में AI का तेज़ी से जुड़ना सुरक्षा जोखिम पैदा कर रहा है
मुख्य शब्द: तकनीकी संप्रभुता · दोहरे उपयोग वाली टेक्नोलॉजी · भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा · लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स · ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स
चर्चा में क्यों: MeitY के अतिरिक्त सचिव ने कहा कि इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन एक पूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम (ecosystem) विकसित करने के लिए डीप टेक रिसर्च को बढ़ावा देगा।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission) का लक्ष्य डिजाइन, विनिर्माण, पैकेजिंग, सामग्री, R&D, रसायन, गैस, उपकरण निर्माण और कौशल विकास (skilling) को कवर करने वाले एक इकोसिस्टम को विकसित करना है। यह पहल प्रयोगशालाओं से औद्योगिक अनुप्रयोगों तक डीप टेक (deep tech) के संक्रमण पर केंद्रित है।
प्रीलिम्स बिंदु (1)
योजनाइंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission): R&D और मैन्युफैक्चरिंग सहित एक पूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने के लिए सरकारी पहल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के अर्धचालक निर्माण लक्ष्यों की प्राप्ति में एक गहन-तकनीकी (deep-tech) पारिस्थितिकी तंत्र और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के महत्व की चर्चा कीजिए।
रिसर्च-टू-मार्केट गैप: लैब-स्केल डीप टेक को बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग में बदलने में मुश्किल
इंफ्रास्ट्रक्चर बॉटलनैक: घरेलू सप्लाई चेन के भीतर विशेष केमिकल्स, गैस और इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग की ज़रूरत
ह्यूमन कैपिटल डेफिसिट: स्किलिंग की ज़रूरत और यूनिवर्सिटी के बौद्धिक पोटेंशियल और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन के बीच के अंतर को कम करना
मुख्य शब्द: डीप टेक · सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम · इंडस्ट्री-एकेडेमिया कोलैबोरेशन · कौशल विकास · अनुसंधान और विकास · सप्लाई चेन
चर्चा में क्यों: NIIT India Skills Gap Report 2026 यह रेखांकित करती है कि रिक्रूटर्स के बीच डिजिटल, डेटा और साइबर सिक्योरिटी स्किल्स की मांग बढ़ रही है और अब पारंपरिक डिग्री के बजाय माइक्रो-क्रेडेंशियल (micro-credentials) की ओर झुकाव देखा जा रहा है।
यह रिपोर्ट NIIT द्वारा YouGov के साथ साझेदारी में तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत 700 रिक्रूटर्स, CXOs, वरिष्ठ लीडर्स और शैक्षणिक प्रमुखों का सर्वेक्षण किया गया। इस रिपोर्ट में डिजिटल, डेटा और साइबर सुरक्षा को अगले 3-5 वर्षों के लिए तीन सबसे महत्वपूर्ण क्षमताओं के रूप में पहचाना गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यNIIT India Skills Gap Report 2026 में 700 रिक्रूटर्स, CXOs, सीनियर लीडर्स और एकेडमिक हेड्स का सर्वे किया गया।
तथ्यअगले 3-5 वर्षों के लिए डिजिटल, डेटा और साइबर सिक्योरिटी स्किल्स को शीर्ष तीन सबसे महत्वपूर्ण क्षमताओं में शामिल किया गया है।
तथ्यरिक्रूटर्स अब पारंपरिक डिग्री के बजाय इंडस्ट्री-रिकॉग्नाइज्ड सर्टिफिकेशन और माइक्रो-क्रेडेंशियल (micro-credentials) को अधिक महत्व दे रहे हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: माइक्रो-क्रेडेंशियल और विशिष्ट डिजिटल कौशल की ओर बढ़ते रुझान पारंपरिक उच्च शिक्षा ढांचे और भारत की कार्यबल तत्परता को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
स्किल-मिसमैच: अकादमिक सिलेबस और साइबर सिक्योरिटी व डेटा एनालिटिक्स के लिए तेजी से बदलती इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच अंतर
क्रेडेंशियलिंग में बदलाव: प्राइवेट सेक्टर में डिग्री-केंद्रित हायरिंग से कॉम्पिटेंसी-आधारित माइक्रो-क्रेडेंशियल की ओर बदलाव
डिजिटल डिवाइड: स्पेशलाइज्ड सर्टिफिकेशन तक पहुंच की कमी के कारण ग्रामीण आबादी को हाई-ग्रोथ टेक सेक्टर्स से बाहर होने का जोखिम
चर्चा में क्यों: NASA के आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन ने पृथ्वी से अब तक की सबसे लंबी मानव यात्रा का नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसने अपोलो 13 (Apollo 13) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।
ओरियन अंतरिक्ष यान ने चार अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी से लगभग 406,788 किलोमीटर की दूरी तक पहुँचाया। इस मिशन में कार्यक्रम की पहली महिला (क्रिस्टीना कोच), पहले अश्वेत व्यक्ति (विक्टर ग्लोवर) और पहले गैर-अमेरिकी (जेरेमी हैनसेन) शामिल थे।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यआर्टेमिस II (Artemis II) ने पृथ्वी से लगभग 406,788 किलोमीटर (km) की दूरी तय की।
विज्ञान-तकनीकओरियन (Orion) स्पेसक्राफ्ट का उपयोग आर्टेमिस (Artemis) मिशन के तहत चंद्रमा के सुदूर हिस्से (far side) की यात्रा के लिए किया जाता है।
विज्ञान-तकनीक'फ्री-रिटर्न ट्रेजेक्टरी' (free-return trajectory) वह पथ है जिसका उपयोग अंतरिक्ष यान द्वारा लूनर ऑर्बिट (lunar orbit) के बाद पृथ्वी पर वापस आने के लिए किया जाता है।
पदआर्टेमिस II (Artemis II) मिशन में क्रिस्टीना कोच (Christina Koch) पहली महिला और विक्टर ग्लोवर (Victor Glover) रंगभेद से प्रभावित समुदायों (people of color) के पहले व्यक्ति हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष अन्वेषण अभियानों के वैश्विक वैज्ञानिक सहयोग और तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने में महत्व पर चर्चा कीजिए।
भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा: चंद्र अन्वेषण में राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और सहयोगी ढांचों के बीच संतुलन
तकनीकी छलांग: लंबी अवधि के मिशनों के लिए लाइफ-सपोर्ट सिस्टम और डीप-स्पेस नेविगेशन में प्रगति
मुख्य शब्द: अंतरिक्ष अन्वेषण · लूनर ऑर्बिट · डीप स्पेस नेविगेशन · तकनीकी प्रगति · मानव अंतरिक्ष उड़ान
चर्चा में क्यों: NASA का आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन पिछले आधे दशक से अधिक समय में चंद्रमा के सुदूर हिस्से (far side) के पहले फ्लाईबाई (flyby) के लिए निर्धारित है। इसका उद्देश्य पूर्ण सूर्य ग्रहण का अवलोकन करना और ओरिएंटेल बेसिन (Orientale basin) की तस्वीरें लेना है।
आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन के तहत ओरियन (Orion) अंतरिक्ष यान का उपयोग करते हुए चंद्रमा के सुदूर हिस्से (far side) के पास से छह घंटे की उड़ान भरी जाएगी। इस कार्यक्रम का लक्ष्य 2028 तक चंद्रमा की सतह पर मनुष्यों को वापस भेजना और चंद्रमा पर अमेरिका की दीर्घकालिक उपस्थिति स्थापित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकओरियन (Orion): Artemis II मिशन के लिए NASA द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला स्पेसक्राफ्ट।
स्थानओरिएंटेल बेसिन (Orientale basin): चंद्रमा के सुदूर हिस्से (far side) पर स्थित एक प्रमुख लूनर बेसिन।
तथ्यArtemis II मिशन का लक्ष्य: 2028 तक इंसानों को वापस चंद्र सतह (lunar surface) पर पहुँचाना।
विज्ञान-तकनीकArtemis II मिशन का उद्देश्य: आधे दशक से अधिक समय में चंद्रमा के सुदूर हिस्से (far side) की पहली फ्लाईबाई (flyby) करना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण और चंद्र संसाधनों के दोहन के संदर्भ में चंद्रमा पर दीर्घकालिक मानवीय उपस्थिति स्थापित करने के महत्व की चर्चा कीजिए।
भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा: लूनर आउटपोस्ट की रणनीतिक स्थिति और चंद्रमा पर आधारित संसाधन निष्कर्षण अधिकार
तकनीकी छलांग: लंबे समय तक चंद्रमा पर रहने के लिए लाइफ-सपोर्ट सिस्टम और डीप-स्पेस कम्युनिकेशन में प्रगति
मुख्य शब्द: चंद्र अन्वेषण · स्पेस डिप्लोमेसी · डीप-स्पेस हैबिटेशन · ऑर्बिटल मैकेनिक्स · स्पेस-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर
चर्चा में क्यों: NASA के आर्टेमिस II (Artemis II) मिशन क्रू ने जेरेमी हैनसेन को एक एस्ट्रोनॉट गोल्ड पिन से सम्मानित किया है। इसके साथ ही, वे आधिकारिक तौर पर अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले पहले कनाडाई अंतरिक्ष यात्री (Astronaut) बन गए हैं।
ओरियन अंतरिक्ष यान के एनवायरनमेंटल कंट्रोल एंड लाइफ सपोर्ट सिस्टम (ECLSS) का परीक्षण चंद्रमा के पास से गुजरने (lunar flyby) के दौरान चार अंतरिक्ष यात्रियों के जीवन को बनाए रखने के लिए किया जा रहा है। इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा के पीछे 10,400 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करके अपोलो 13 के दूरी के रिकॉर्ड को तोड़ना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकओरियन (Orion) स्पेसक्राफ्ट: इसका उपयोग डीप-स्पेस ऑपरेशंस और लूनर फ्लाईबाई मिशन के लिए किया जाता है।
तथ्यArtemis II मिशन की दूरी: चंद्रमा के पीछे 10,400 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करने की योजना है।
संस्थाआर्टेमिस एकॉर्ड्स (Artemis Accords): अंतर्राष्ट्रीय समझौता जिसके तहत NASA अगले एक दशक के लिए कनाडाई अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजेगा।
विज्ञान-तकनीकECLSS: डीप-स्पेस ऑपरेशंस के लिए Environmental Control and Life Support System का परीक्षण किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आर्टेमिस समझौते (Artemis Accords) जैसे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष सहयोग ढांचे किस प्रकार चंद्र अन्वेषण और गहरे अंतरिक्ष अभियानों में बहु-राष्ट्रीय भागीदारी को सुगम बनाते हैं, इस पर चर्चा कीजिए।
भू-राजनीतिक तालमेल: लागत और तकनीकी जोखिमों को बांटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौतों का इस्तेमाल
तकनीकी मानकीकरण: मल्टी-नेशनल क्रू की सुरक्षा के लिए लाइफ सपोर्ट सिस्टम (ECLSS) को एक समान बनाना
डिप्लोमैटिक लेवरेज: द्विपक्षीय और बहुपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण एक टूल के रूप में
मुख्य शब्द: अंतरराष्ट्रीय सहयोग · डीप-स्पेस एक्सप्लोरेशन · स्पेस डिप्लोमेसी · तकनीकी तालमेल · चंद्र अन्वेषण
चर्चा में क्यों: NASA का आर्टेमिस II (Artemis II) कार्यक्रम अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा तक ले जाने के लिए ओरियन (Orion) स्पेसक्राफ्ट का उपयोग कर रहा है, जो लाइफ-सपोर्ट सिस्टम और यूरोपियन सर्विस मॉड्यूल (European Service Module) के एकीकरण को दर्शाता है।
ओरियन स्पेसक्राफ्ट में एक प्रेशराइज्ड क्रू मॉड्यूल (pressurized crew module) है, जिसे सोने, खाने और काम करने के लिए एकीकृत स्टेशनों के साथ अधिकतम चार चालक दल के सदस्यों को रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यूरोपियन सर्विस मॉड्यूल गहरे अंतरिक्ष अभियानों के लिए महत्वपूर्ण पानी और बिजली की आपूर्ति प्रदान करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकओरियन (Orion) स्पेसक्राफ्ट: इसे चंद्र मिशनों के दौरान अंतरिक्ष में रहने और काम करने, दोनों के लिए डिजाइन किया गया है।
विज्ञान-तकनीकक्रू मॉड्यूल: ओरियन (Orion) कैप्सूल के भीतर एक प्रेशराइज्ड (pressurized) कंपार्टमेंट जो चार सदस्यों तक के लिए जगह प्रदान करता है।
विज्ञान-तकनीकयूरोपीय सर्विस मॉड्यूल (European Service Module): यह ओरियन (Orion) स्पेसक्राफ्ट के लिए आवश्यक पानी और बिजली की आपूर्ति प्रदान करता है।
तथ्यलाइफ-सपोर्ट सिस्टम (Life-support systems): इसमें एयर प्रेशर रेगुलेशन, ऑक्सीजन सप्लाई, टेम्परेचर कंट्रोल और रेडिएशन प्रोटेक्शन शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आर्टेमिस कार्यक्रम जैसे दीर्घकालिक गहरे अंतरिक्ष अभियानों के दौरान मानव जीवन-रक्षक प्रणालियों के रखरखाव में निहित तकनीकी और तार्किक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
रेडिएशन शील्डिंग: स्पेसक्राफ्ट के वजन और कॉस्मिक किरणों से प्रभावी सुरक्षा की ज़रूरत के बीच संतुलन
रिसोर्स सर्कुलैरिटी: क्लोज्ड-लूप लाइफ-सपोर्ट सिस्टम में पानी और ऑक्सीजन को रीसायकल करने की चुनौतियां
ह्यूमन फैक्टर्स: डीप स्पेस में बंद जगहों पर रहने के मनोवैज्ञानिक और शारीरिक प्रभावों का प्रबंधन
मुख्य शब्द: लाइफ-सपोर्ट सिस्टम · डीप स्पेस एक्सप्लोरेशन · आर्टेमिस प्रोग्राम · स्पेसक्राफ्ट इंजीनियरिंग · रेडिएशन सुरक्षा
चर्चा में क्यों: ISRO ने लद्दाख के लेह में मिशन MITRA लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य हाइपोक्सिया (Hypoxia), ठंड और अलगाव के प्रति मानव शरीर और व्यवहार की प्रतिक्रियाओं का अध्ययन करना है, ताकि गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम (Gaganyaan human spaceflight program) के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सके।
मिशन MITRA लद्दाख के लेह में 3,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एक सिम्युलेटेड स्पेस फ्लाइट एनवायरनमेंट (simulated space flight environment) है। ISRO, क्रू की टीम वर्क, कम्युनिकेशन और स्ट्रेस रिस्पॉन्स का अध्ययन करने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन (भारतीय वायुसेना) के साथ मिलकर काम कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकमिशन MITRA: ISRO प्रोजेक्ट जो सिमुलेटेड स्पेस-लाइक कंडीशंस (simulated space-like conditions) में क्रू के व्यवहार का अध्ययन करेगा।
स्थानलेह, लद्दाख: 3,500 मीटर की ऊंचाई पर किए गए एक्सपेरिमेंट (experiment) का स्थल।
संस्थाइंस्टीट्यूट ऑफ एयरोस्पेस मेडिसिन (Institute of Aerospace Medicine): फिजियोलॉजिकल स्ट्रेस (physiological stress) रिसर्च पर सहयोग करने वाली भारतीय वायुसेना की एक बॉडी।
तथ्य3,500m: अंतरिक्ष यात्रियों के अध्ययन के लिए हाइपोक्सिया (hypoxia) और अत्यधिक ठंड को सिमुलेट करने के लिए उपयोग किया जाने वाला एल्टीट्यूड (altitude)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: गगनयान जैसे मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रमों की तैयारी में स्थलीय अनुरूप मिशनों (terrestrial analog missions) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
फिजियोलॉजिकल स्ट्रेस: हाई-ऑल्टीट्यूड एनवायरनमेंट में हाइपोक्सिया और एक्सट्रीम आइसोलेशन के प्रति मानवीय प्रतिक्रियाओं की मैपिंग
ऑपरेशनल डायनेमिक्स: सिम्युलेटेड स्पेस-लाइक स्ट्रेसर्स के तहत क्रू कम्युनिकेशन और टीमवर्क प्रोटोकॉल का मूल्यांकन
पॉलिसी इंटीग्रेशन: अंतरिक्ष यात्री चयन और मिशन की तैयारी के लिए टेरेस्ट्रियल डेटा का उपयोग करके सुरक्षा गाइडलाइन्स बनाना
मुख्य शब्द: मानव अंतरिक्ष उड़ान · हाइपोक्सिया · एनालॉग मिशन · गगनयान · शारीरिक तनाव · क्रू डायनेमिक्स