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भाग I · स्था. 11.2025 
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अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,305 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (511) · उद्योग, निवेश एवं MSME (471) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (298) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (297) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (278) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (189) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (142) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (119)

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत के सॉवरेन AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर (Sovereign AI compute infrastructure) के निर्माण के लिए सात वर्षों में ₹10 लाख करोड़ के निवेश की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत के सॉवरेन AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर (Sovereign AI compute infrastructure) के निर्माण के लिए सात वर्षों में ₹10 लाख करोड़ के निवेश की घोषणा की है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की योजना सात साल की अवधि में ₹10 लाख करोड़ का निवेश करने की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गीगावाट-स्केल डेटा सेंटर बनाना है, ताकि सभी भारतीय नागरिकों और क्षेत्रों के लिए किफायती और सुलभ AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) उपलब्ध कराया जा सके।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यरिलायंस इंडस्ट्रीज का निवेश राशि: ₹10 लाख करोड़।
  • विज्ञान-तकनीकइंफ्रास्ट्रक्चर फोकस: सॉवरेन कंप्यूट (Sovereign Compute) के लिए गीगावाट-स्केल डेटा सेंटर।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत को एक वैश्विक एआई (AI) केंद्र बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में संप्रभु कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे (Sovereign Compute Infrastructure) के विकास के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • कॉस्ट बैरियर: MSMEs और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए AI एक्सेस को आसान बनाने हेतु हाई कंप्यूट कॉस्ट की समस्या को हल करना
  • डेटा संप्रभुता: राष्ट्रीय डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेशी क्लाउड प्रोवाइडर्स पर निर्भरता कम करना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स की भारी बिजली की मांग को पूरा करने के लिए गीगावाट-स्केल डेटा सेंटर बनाना

मुख्य शब्द: सॉवरेन कंप्यूट · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · AI का लोकतंत्रीकरण · डेटा संप्रभुता · पूंजीगत व्यय

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

तमिलनाडु ग्लोबल टूरिज्म समिट 2026 के बाद, तमिलनाडु पर्यटन विभाग ने निवेश की प्रक्रिया को सरल बनाने और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस (Single-window clearances) के लिए एक टूरिज्म फैसिलिटेशन सेल (Tourism facilitation cell) स्थापित किया है

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु ग्लोबल टूरिज्म समिट 2026 के बाद, तमिलनाडु पर्यटन विभाग ने निवेश की प्रक्रिया को सरल बनाने और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस (Single-window clearances) के लिए एक टूरिज्म फैसिलिटेशन सेल (Tourism facilitation cell) स्थापित किया है।

यह सेल पर्यटन विभाग और गाइडेंस तमिलनाडु (GTN) के सदस्यों से मिलकर बना एक सहयोगी निकाय है। GTN को विशेष रूप से निजी निवेशकों और PPP पार्टनर्स के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस (single-window clearances) के मामलों को संभालने का कार्य सौंपा गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाGuidance Tamil Nadu (GTN) तमिलनाडु के पर्यटन क्षेत्र में सिंगल-विंडो क्लीयरेंस (single-window clearances) के लिए जिम्मेदार संस्था है।
  • तथ्यतमिलनाडु ग्लोबल टूरिज्म समिट 2026 के बाद टूरिज्म फैसिलिटेशन सेल (Tourism Facilitation Cell) की स्थापना की गई।
  • स्थानइस पहल को तमिलनाडु के टूरिज्म डिपार्टमेंट (Tourism Department) द्वारा लागू किया जा रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विकासशील राज्यों के पर्यटन क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे के विकास को गति देने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और एकल-खिड़की मंजूरी तंत्र (single-window clearance mechanisms) की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • रेगुलेटरी एफिशिएंसी: प्राइवेट कैपिटल को आकर्षित करने के लिए सिंगल-विंडो क्लीयरेंस के जरिए नौकरशाही की बाधाएं कम करना
  • इन्वेस्टमेंट सिनर्जी: राज्य के नेतृत्व वाली प्रमोशन रणनीतियों को प्राइवेट सेक्टर की इन्वेस्टमेंट क्षमताओं के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · सिंगल-विंडो क्लीयरेंस · निवेश की सुविधा · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स

गुजरात के वित्त मंत्री कानुभाई देसाई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रिकॉर्ड तोड़ ₹4.08 लाख करोड़ का राज्य बजट पेश किया है, जिसमें AI

चर्चा में क्यों: गुजरात के वित्त मंत्री कानुभाई देसाई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रिकॉर्ड तोड़ ₹4.08 लाख करोड़ का राज्य बजट पेश किया है, जिसमें AI, पर्यटन और खेल बुनियादी ढांचे (Sports Infrastructure) पर विशेष ध्यान दिया गया है।

गुजरात राज्य का 2026-27 का बजट ₹4,08,053 करोड़ है। इसमें प्रमुख आवंटन के रूप में शिक्षा के लिए ₹63,184 करोड़, शहरी विकास के लिए ₹33,504 करोड़ और विशेष रूप से AI पहल के लिए ₹850 करोड़ से अधिक की राशि शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यगुजरात 2026–27 राज्य बजट: ₹4,08,053 करोड़।
  • तथ्यशिक्षा आवंटन: ₹63,184 करोड़।
  • तथ्यअर्बन डेवलपमेंट आवंटन: ₹33,504 करोड़।
  • तथ्यAI इनिशिएटिव्स के लिए आवंटन: ₹850 करोड़ से अधिक।
  • स्थानस्टैच्यू ऑफ यूनिटी और अंबाजी तीर्थ केंद्र प्रमुख पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर फोकस एरिया हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: उभरती प्रौद्योगिकियों और बुनियादी ढांचे की दिशा में राज्य-स्तरीय राजकोषीय आवंटन किस प्रकार क्षेत्रीय आर्थिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को गति दे सकते हैं, चर्चा कीजिए।

  • डिजिटल डिवाइड: ग्रामीण और शहरी गुजरात में AI-आधारित गवर्नेंस तक समान पहुंच सुनिश्चित करना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: लोकल MSME इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसे टूरिज्म हब का इस्तेमाल
  • राजकोषीय स्थिरता: भारी-पूंजी वाले इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च और लंबे समय के कर्ज प्रबंधन के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · डिजिटल गवर्नेंस · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · पर्यटन को बढ़ावा देना · पूंजीगत व्यय

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड ने स्थानीय AI विकास को समर्थन देने के लिए NVIDIA तकनीक से संचालित 'मेक इन इंडिया' AI सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम

चर्चा में क्यों: नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड ने स्थानीय AI विकास को समर्थन देने के लिए NVIDIA तकनीक से संचालित 'मेक इन इंडिया' AI सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम, 'द स्पार्क' और 'टायरोन' लॉन्च किए हैं।

नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड ने 'द स्पार्क' (1 पेटाफ्लॉप AI परफॉरमेंस वाला कॉम्पैक्ट डेस्कटॉप-साइज़ सिस्टम) और 'टायरोन' (NVIDIA GB200 NVL4 आर्किटेक्चर पर आधारित) लॉन्च किया है। ये सिस्टम 10 ट्रिलियन पैरामीटर्स तक के लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (Large Language Models) को सपोर्ट करते हैं और लिक्विड-कूल्ड सर्वर्स के साथ संगत हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकद स्पार्क (The Spark): एक कॉम्पैक्ट डेस्कटॉप-साइज़ AI सिस्टम जो 128GB यूनिफाइड मेमोरी के साथ 1 petaflop की परफॉरमेंस प्रदान करता है।
  • विज्ञान-तकनीकटायरोन (Tyrone): NVIDIA GB200 NVL4 आर्किटेक्चर पर आधारित AI सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम जो लिक्विड-कूल्ड सर्वर्स के साथ कंपैटिबल है।
  • तथ्यनए सिस्टम 10 ट्रिलियन तक के पैरामीटर्स वाले लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (Large Language Models) को सपोर्ट करते हैं।
  • स्थानNetweb Technologies India Ltd. इन प्रोडक्ट्स को 16 से 20 फरवरी, 2026 तक दिल्ली में प्रदर्शित करेगा।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था और डेटा संप्रभुता की महत्वाकांक्षाओं को सुदृढ़ करने में स्वदेशी एआई सुपरकंप्यूटिंग बुनियादी ढांचा किस प्रकार सहायक हो सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा संप्रभुता: विदेशी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता कम करने के लिए लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स के स्थानीय संचालन को सक्षम बनाना
  • हार्डवेयर लोकलाइजेशन: सॉफ्टवेयर-ओनली AI से 'मेक इन इंडिया' हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग हार्डवेयर की ओर बदलाव
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: भारतीय स्टार्टअप्स के लिए 10-ट्रिलियन-पैरामीटर मॉडल को ट्रेन करने की भारी कंप्यूटेशनल कॉस्ट को हल करना

मुख्य शब्द: डेटा संप्रभुता · हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग · मेक इन इंडिया · लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

फ्रांसीसी ऑटो पार्ट्स कंपनी Valeo ने भारत में 200 मिलियन यूरो से अधिक के निवेश की योजना की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: फ्रांसीसी ऑटो पार्ट्स कंपनी Valeo ने भारत में 200 मिलियन यूरो से अधिक के निवेश की योजना की घोषणा की है। कंपनी का लक्ष्य SUV और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजारों में हो रही वृद्धि के आधार पर, 2028 तक अपने राजस्व को तीन गुना करना है।

फ्रांसीसी ऑटो पार्ट्स कंपनी, Valeo, का लक्ष्य भारतीय विनिर्माण (manufacturing) के माध्यम से अपने वैश्विक बिक्री हिस्सेदारी को 1% से बढ़ाकर 6-7% करना है। कंपनी ने इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के लिए Mahindra & Mahindra और एडवांस्ड राइडर असिस्टेंस सिस्टम (Advanced Rider Assistance Systems) के लिए Hero MotoCorp के साथ साझेदारी हासिल की है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यValeo का भारत में नियोजित निवेश €200 मिलियन से अधिक है।
  • तथ्यValeo का लक्ष्य 2028 तक भारत में अपने रेवेन्यू (revenue) को तीन गुना करना है।
  • तथ्यValeo की वर्तमान ग्लोबल सेल्स शेयर 1% है, जिसका लक्ष्य 6-7% है।
  • तथ्यValeo ने इलेक्ट्रिक powertrains के लिए Mahindra & Mahindra के साथ साझेदारी की है।
  • तथ्यValeo ने एडवांस्ड राइडर असिस्टेंस सिस्टम (advanced rider assistance systems) के लिए Hero MotoCorp के साथ पार्टनरशिप की है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ऑटोमोटिव विनिर्माण क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के विस्तार ने भारत के एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने के लक्ष्य में किस प्रकार योगदान दिया है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन इंटीग्रेशन: ग्लोबल मार्केट शेयर पाने के लिए लोकल मैन्युफैक्चरिंग का इस्तेमाल
  • EV इकोसिस्टम की ग्रोथ: विदेशी टेक्नोलॉजी और घरेलू EV मैन्युफैक्चरिंग के बीच तालमेल
  • मार्केट डाइवर्सिफिकेशन: ग्रामीण और शहरी डिमांड को पाने के लिए टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में विस्तार

मुख्य शब्द: विदेशी प्रत्यक्ष निवेश · इलेक्ट्रिक व्हीकल्स · मैन्युफैक्चरिंग हब · सप्लाई चेन इंटीग्रेशन · ऑटोमोटिव सेक्टर

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)मेन्स

GST दरों के युक्तिकरण (Rationalization) के कारण कर्नाटक सरकार को ₹16,000 करोड़ के राजस्व की कमी का अनुमान है

चर्चा में क्यों: GST दरों के युक्तिकरण (Rationalization) के कारण कर्नाटक सरकार को ₹16,000 करोड़ के राजस्व की कमी का अनुमान है, जिससे 2025-2026 के बजट का आकार ₹10,000 करोड़ तक कम हो सकता है।

कर्नाटक सरकार 6 मार्च को पेश किए जाने वाले अपने 17वें बजट की तैयारी कर रही है। राज्य सरकार GST में बदलाव के कारण राजस्व में आई कमी की भरपाई के लिए यूजर फीस (User fees) और सेस (Cesses) में वृद्धि करने पर विचार कर रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकर्नाटक में GST से अनुमानित राजस्व की कमी: ₹16,000 करोड़।
  • तथ्य2025-2026 के बजट के आकार में ₹10,000 करोड़ की संभावित कटौती।
  • पदमुख्यमंत्री सिद्धारमैया 17वें बजट के लिए फाइनेंस पोर्टफोलियो (finance portfolio) के प्रभारी हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: जीएसटी (GST) दर युक्तिकरण राज्यों की राजकोषीय स्वायत्तता को किस प्रकार प्रभावित करता है और राजस्व अधिशेष लक्ष्यों की प्राप्ति में यह किन चुनौतियों को प्रस्तुत करता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • राजकोषीय टकराव: राज्य स्तर के राजस्व लक्ष्यों और राष्ट्रीय GST रेट हार्मोनाइजेशन के बीच संतुलन
  • राजस्व विविधीकरण: यूज़र फीस/सेस बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं की सामर्थ्य के बीच ट्रेड-ऑफ
  • राजकोषीय घाटा: राज्यों के इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च पर इनडायरेक्ट टैक्स की अस्थिरता का असर

मुख्य शब्द: राजकोषीय घाटा · GST युक्तिकरण · राजस्व सरप्लस · राजकोषीय संघवाद · टैक्सेशन पॉलिसी

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

नोवार्टिस (Novartis) और एमजेन (Amgen) जैसी वैश्विक फार्मास्युटिकल कंपनियों के अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवा R&D और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए एक उच्च-प्रभाव वाले AI इनोवेशन हब के रूप में हैदराबाद के उभरने पर जोर दिया

चर्चा में क्यों: नोवार्टिस (Novartis) और एमजेन (Amgen) जैसी वैश्विक फार्मास्युटिकल कंपनियों के अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवा R&D और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए एक उच्च-प्रभाव वाले AI इनोवेशन हब के रूप में हैदराबाद के उभरने पर जोर दिया।

नोवार्टिस (Novartis), ताकेडा (Takeda), एम्जेन (Amgen), ओलंपस कॉर्पोरेशन (Olympus Corporation) और यूनिलैब्स (Unilabs) जैसी वैश्विक कंपनियाँ हैदराबाद में अपने मुख्य डिजिटल और R&D प्लेटफॉर्म स्थापित कर रही हैं। यह बदलाव मार्केटिंग, रिसर्च, क्वालिटी मैनेजमेंट और प्रोफेशनल सपोर्ट के लिए AI-आधारित क्षमताओं पर केंद्रित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यहैदराबाद ग्लोबल फार्मा के लिए मार्केटिंग, रिसर्च और क्वालिटी मैनेजमेंट में AI-driven क्षमताओं के हब के रूप में उभर रहा है।
  • तथ्यNovartis, Takeda और Amgen जैसी कंपनियाँ हैदराबाद में कोर डिजिटल और R&D प्लेटफॉर्म्स स्थापित कर रही हैं।
  • तथ्यओलंपस कॉर्पोरेशन (Olympus Corporation) और यूनिलैब्स (Unilabs) हेल्थकेयर के लिए फाउंडेशनल AI डेवलपमेंट में हैदराबाद की विशेषज्ञता का लाभ उठा रहे हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय शहरों को एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवा जैसे उच्च-तकनीकी उद्योगों के लिए वैश्विक नवाचार केंद्रों में परिवर्तित करने वाले कारकों की चर्चा कीजिए।

  • स्किल-डिमांड अलाइनमेंट: लो-कॉस्ट सर्विस सेंटर्स से हाई-इम्पैक्ट R&D और AI इनोवेशन इंजनों की ओर बदलाव
  • इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: बुनियादी AI डेवलपमेंट को फार्मास्युटिकल R&D और क्वालिटी मैनेजमेंट के साथ जोड़ना
  • ग्लोबल सप्लाई चेन में बदलाव: निर्णय लेने वाले प्लेटफॉर्म्स का भारतीय टेक हब्स की ओर विकेंद्रीकरण

मुख्य शब्द: इनोवेशन हब · AI-आधारित R&D · डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन · फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री · हाई-इम्पैक्ट इनोवेशन

भारत ने बिजली और कोयला परियोजनाओं में होने वाली देरी और आपूर्ति की कमी को दूर करने के लिए चीनी उपकरणों के आयात पर लगी पाबंदियों में ढील देना शुरू कर दिया है

चर्चा में क्यों: भारत ने बिजली और कोयला परियोजनाओं में होने वाली देरी और आपूर्ति की कमी को दूर करने के लिए चीनी उपकरणों के आयात पर लगी पाबंदियों में ढील देना शुरू कर दिया है।

सरकार राज्य संचालित बिजली और कोयला कंपनियों को चीनी उपकरणों की सीमित आपूर्ति खरीदने की अनुमति दे रही है। यह कदम 2020 में हुई सीमा पर झड़प के बाद उठाया गया है और इसे महत्वपूर्ण उपकरणों के लिए समय-बद्ध छूट के साथ, प्रत्येक मामले के आधार पर लागू किया जाएगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यप्रतिबंधों में ढील विशेष रूप से राज्य के स्वामित्व वाली पावर और कोल कंपनियों पर लागू होती है।
  • तथ्यइम्पोर्ट छूट (Import exemptions) को समय-सीमा के साथ केस-दर-केस आधार पर दिया जाता है।
  • तथ्ययह नीतिगत बदलाव भारत और चीन के बीच 2020 में हुए बॉर्डर स्टैन्डऑफ (border standoff) के बाद आया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के ऊर्जा और खनन क्षेत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं की आवश्यकता के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन की कमजोरी: भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए चीनी कंपोनेंट्स पर निर्भरता
  • रणनीतिक ट्रेड-ऑफ: पावर और कोल में 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्यों और प्रोजेक्ट्स को तुरंत पूरा करने की जरूरतों के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी फ्लेक्सिबिलिटी: क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बॉटलनेक्स को मैनेज करने के लिए केस-दर-केस छूट का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: सप्लाई चेन रेजिलिएंस · रणनीतिक स्वायत्तता · इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधाएं · ट्रेड-सिक्योरिटी नेक्सस · आयात प्रतिस्थापन

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2025-26 के लिए राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया

चर्चा में क्यों: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2025-26 के लिए राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया, जिसमें राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में 11.14% की महत्वपूर्ण वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।

राज्य आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, मध्य प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) ₹16,69,750 करोड़ रहने का अनुमान है। सर्वेक्षण के अनुसार, वर्तमान कीमतों पर प्रति व्यक्ति शुद्ध आय ₹1,69,050 है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यमध्य प्रदेश की 2025-26 के लिए GSDP प्रोजेक्शन: ₹16,69,750 करोड़।
  • तथ्यवित्त वर्ष 2024-25 के लिए मध्य प्रदेश की अनुमानित GSDP ग्रोथ रेट: 11.14%।
  • तथ्यGSVAs में प्राथमिक क्षेत्र (Primary sector) का योगदान: 43.09%।
  • तथ्यGSVAs में सेकेंडरी सेक्टर का योगदान: 19.79%।
  • तथ्यGSVAs में टर्शियरी सेक्टर (Tertiary sector) का योगदान: 37.12%।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक संरचना का विश्लेषण कीजिए और प्राथमिक क्षेत्र आधारित विकास मॉडल से तृतीयक क्षेत्र आधारित मॉडल की ओर संक्रमण में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।

  • सेक्टोरल इम्बैलेंस: बढ़ते टर्शियरी सेक्टर के योगदान के बावजूद प्राइमरी सेक्टर पर भारी निर्भरता (43.09%)
  • आय की असमानता: ₹1,69,050 की प्रति व्यक्ति शुद्ध आय और ग्रामीण-शहरी आर्थिक वितरण के बीच संबंध

मुख्य शब्द: जीएसडीपी · कुल राज्य मूल्य वर्धित (GSVA) · प्रति व्यक्ति शुद्ध आय · क्षेत्रीय योगदान · इकोनॉमिक सर्वे

स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर
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ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंबमपाटी ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और खनिज संपदा के माध्यम से राष्ट्रीय GDP में राज्य के योगदान को 3% से बढ़ाकर 5% करने की योजना की रूपरेखा तैयार की है

चर्चा में क्यों: ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंबमपाटी ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और खनिज संपदा के माध्यम से राष्ट्रीय GDP में राज्य के योगदान को 3% से बढ़ाकर 5% करने की योजना की रूपरेखा तैयार की है।

ओडिशा सरकार का लक्ष्य अपनी औसत वार्षिक विकास दर को 7% से बढ़ाकर 9.5% करना है। राज्य ने 2024-25 में भारत के कुल लौह अयस्क (Iron Ore) का 61% से अधिक उत्पादन किया और स्टील एवं स्टेनलेस स्टील उत्पादन में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यओडिशा का राष्ट्रीय GDP में वर्तमान योगदान 3% है।
  • तथ्य2024-25 में ओडिशा ने भारत के 61% से अधिक लौह अयस्क (iron ore) का उत्पादन किया।
  • तथ्यस्टील और स्टेनलेस स्टील उत्पादन में ओडिशा भारत में प्रथम स्थान पर है।
  • स्थानओडिशा: नियोजित इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) में एक नया कोस्टल हाईवे और एक कैपिटल रीजन रिंग रोड शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देने में खनिज संपदा और बुनियादी ढांचा विकास की भूमिका का ओडिशा के उदाहरण के साथ विश्लेषण कीजिए।

  • संसाधन आधारित विकास: कच्चे माल के निर्यातक से औद्योगिक हब बनने के लिए खनिज प्रभुत्व का लाभ उठाना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: औद्योगिक उत्पादन के लिए लॉजिस्टिकल कॉस्ट कम करने हेतु कोस्टल हाईवे के जरिए कनेक्टिविटी में सुधार
  • सुरक्षा-विकास नेक्सस: कैपिटल इन्वेस्टमेंट के लिए स्थिर माहौल बनाने पर एंटी-माओइस्ट ऑपरेशंस का असर

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय असमानता · खनिज संपदा · इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी · आर्थिक बुनियादी बातें · सुरक्षा आधारित विकास

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तेलंगाना के IT और इंडस्ट्रीज मंत्री, डी

चर्चा में क्यों: तेलंगाना के IT और इंडस्ट्रीज मंत्री, डी. श्रीधर बाबू ने हैदराबाद को एक वैश्विक लाइफ साइंसेज हब (Life Sciences Hub) में बदलने के लिए 'तेलंगाना नेक्स्ट-जेन लाइफ साइंसेज पॉलिसी (2026-2030)' की घोषणा की।

राज्य का लक्ष्य 2030 तक 25 बिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित करना और 500,000 नए रोजगार पैदा करना है। यह नीति फार्मा क्लस्टर्स, एक मेडिकल टूरिज्म हब और तेलंगाना स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज तथा यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी के माध्यम से कार्यबल विकास (Workforce Development) पर केंद्रित है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यनिवेश लक्ष्य: 2030 तक $25 बिलियन।
  • तथ्यरोजगार लक्ष्य: 2030 तक 500,000 नई नौकरियां।
  • योजनातेलंगाना नेक्स्ट-जेन लाइफ साइंसेज पॉलिसी (2026-2030)।
  • संस्थातेलंगाना स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज और यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में उच्च-तकनीकी विनिर्माण और जीवन विज्ञान (लाइफ साइंसेज) के विकास को गति देने में राज्य-नेतृत्व वाली औद्योगिक नीतियों और विशिष्ट कौशल-निर्माण संस्थानों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • स्किल-मिसमैच: बायोटेक और फार्मास्युटिकल मैन्युफैक्चरिंग में तेज़ी से हो रही प्रगति के साथ एकेडमिक करिकुलम को जोड़ना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: मेडिकल टूरिज्म के साथ फार्मा क्लस्टर्स को जोड़कर एक समग्र हेल्थकेयर इकोसिस्टम बनाना
  • इन्वेस्टमेंट क्लाइमेट: लाइफ साइंसेज के लिए सरकारी इंसेंटिव्स और ग्लोबल रेगुलेटरी स्टैंडर्ड्स के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: औद्योगिक नीति · लाइफ साइंसेज · कौशल विकास · निवेश प्रोत्साहन · फार्मा क्लस्टर्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कर्नाटक के वेमगल में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स की एयरबस H125 हेलीकॉप्टर के लिए फाइनल असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन किया

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कर्नाटक के वेमगल में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स की एयरबस H125 हेलीकॉप्टर के लिए फाइनल असेंबली लाइन का वर्चुअल उद्घाटन किया।

यह सुविधा Airbus H125 के लिए भारत की पहली निजी क्षेत्र की हेलीकॉप्टर फाइनल असेंबली लाइन है। इस कार्यक्रम में निवेश ₹1,000 करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है, जिसका लक्ष्य अगले 20 वर्षों में 500 हल्के हेलीकॉप्टर बनाना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यTata Advanced Systems की असेंबली लाइन के लिए निवेश ₹1,000 करोड़ से अधिक है।
  • स्थानअसेंबली लाइन कर्नाटक के वेमगल में स्थित है।
  • तथ्यइस फैसिलिटी का लक्ष्य 20 साल की अवधि में 500 H125 लाइट हेलीकॉप्टर्स का उत्पादन करना है।
  • तथ्यएयरबस H125 हेलीकॉप्टर के सिविल वर्जन का उत्पादन 2027 की शुरुआत तक होने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: निजी क्षेत्र के एयरोस्पेस विनिर्माण और रक्षा सहयोग के विस्तार से विमानन क्षेत्र में भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को किस प्रकार सुदृढ़ किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।

  • सप्लाई चेन इंटीग्रेशन: घरेलू एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए फ्रेंच टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
  • रोज़गार सृजन: कर्नाटक में असेंबली से हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग जॉब्स की ओर बदलाव
  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: लोकल फाइनल असेंबली के जरिए इम्पोर्टेड हेलीकॉप्टर कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना

मुख्य शब्द: एयरोस्पेस इकोसिस्टम · रक्षा सहयोग · प्राइवेट सेक्टर निवेश · आत्मनिर्भर भारत · मैन्युफैक्चरिंग हब

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

भारतीय रेलवे दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) को तीन डिवीजनों में पुनर्गठित करने और विशाखापट्टनम में मुख्यालय वाला एक नया दक्षिण तट रेलवे (SCoR) ज़ोन बनाने की योजना बना रहा है

चर्चा में क्यों: भारतीय रेलवे दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) को तीन डिवीजनों में पुनर्गठित करने और विशाखापट्टनम में मुख्यालय वाला एक नया दक्षिण तट रेलवे (SCoR) ज़ोन बनाने की योजना बना रहा है।

पुनर्गठन का उद्देश्य SCR को हैदराबाद, सिकंदराबाद और ननदड डिवीजनों में विभाजित करना है। नया SCoR ज़ोन विशाखापट्टनम में मुख्यालय होगा और इसे ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) से 125 से अधिक पद प्राप्त होंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यSCR के स्वीकृत अधिकारियों की संख्या 234 से घटाकर 152 कर दी जाएगी।
  • तथ्यSCoR को SCR से लगभग 80 और ECoR से 125 से अधिक पोस्ट प्राप्त होंगे।
  • स्थानSouth Coast Railway (SCoR) का मुख्यालय विशाखापट्टनम में स्थित होगा।
  • तथ्यपुनर्गठन (Restructuring) को 1 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और परिचालन दक्षता में सुधार के लिए भारत में नए रेलवे ज़ोन बनाने के तार्किक (लॉजिस्टिकल) और प्रशासनिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • प्रशासनिक ओवरहेड: नए ज़ोन की ऑपरेशनल डिमांड्स के साथ ऑफिसर स्ट्रेंथ में कटौती का संतुलन
  • लॉजिस्टिक डिसेंट्रलाइजेशन: स्पेशल ज़ोन-स्पेसिफिक मैनेजमेंट के ज़रिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना

मुख्य शब्द: इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · ऑपरेशनल एफिशिएंसी · लॉजिस्टिक विकेंद्रीकरण · प्रशासनिक पुनर्गठन · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी

BioAsia 2026 में उद्योग जगत के नेताओं ने अगली पीढ़ी के बायोलॉजिक्स (biologics), जिसमें सेल और जीन थेरेपी शामिल हैं

चर्चा में क्यों: BioAsia 2026 में उद्योग जगत के नेताओं ने अगली पीढ़ी के बायोलॉजिक्स (biologics), जिसमें सेल और जीन थेरेपी शामिल हैं, को बड़े पैमाने पर विकसित करने की भारत की उभरती क्षमता पर जोर दिया। इसका उद्देश्य भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र (manufacturing hub) के रूप में स्थापित करना है।

भारत बायोटेक दुनिया भर के हर तीन बच्चों में से एक के लिए वैक्सीन का उत्पादन करता है। इस चर्चा में शामिल प्रमुख संस्थाओं में क्वांटम बायोसाइंसेज (Quantoom Biosciences), नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर बायोप्रोसेसिंग रिसर्च एंड ट्रेनिंग (National Institute for Bioprocessing Research and Training) और इम्यूनोएक्ट (ImmunoACT) शामिल थे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यभारत Biotech दुनिया भर के हर तीन में से एक बच्चे के लिए वैक्सीन (vaccine) का उत्पादन करता है।
  • विज्ञान-तकनीकनेक्स्ट-जेनरेशन बायोलॉजिक्स (Next-generation biologics) में सेल और जीन थेरेपी (cell and gene therapies) जैसी जटिल तकनीकें शामिल हैं।
  • संस्थानेशनल इंस्टीट्यूट फॉर बायोप्रोसेसिंग रिसर्च एंड ट्रेनिंग भारत के बायोमैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में एक प्रमुख संस्था है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत को अगली पीढ़ी के बायोलॉजिक्स (biologics) के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में उभरनेसक्षम बनाने वाले कारकों और इन नवाचारों को रोगी सुलभता के साथ जोड़ने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: स्पेशलाइज्ड मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम और हाई-एंड बायोप्रोसेसिंग फैसिलिटी की ज़रूरत
  • ह्यूमन कैपिटल: जटिल सेल और जीन थेरेपी उत्पादन में कुशल विशेषज्ञ वर्कफोर्स की ज़रूरत
  • इक्विटी-इनोवेशन ट्रेड-ऑफ: बायोलॉजिक्स की भारी R&D लागत और मरीजों के लिए किफायती पहुंच के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: बायोमैन्युफैक्चरिंग · अगली पीढ़ी के बायोलॉजिक्स · सेल और जीन थेरेपी · मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम · मरीजों की पहुंच

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

RBI, लीवरेज्ड ट्रेडिंग (leveraged trading) पर रोक लगाने के लिए कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरीज को मिलने वाली बैंक फंडिंग के लिए 100% कोलैटरल और महत्वपूर्ण कैश मार्जिन की आवश्यकता वाले नए नियम लागू कर रहा है

चर्चा में क्यों: RBI, लीवरेज्ड ट्रेडिंग (leveraged trading) पर रोक लगाने के लिए कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरीज को मिलने वाली बैंक फंडिंग के लिए 100% कोलैटरल और महत्वपूर्ण कैश मार्जिन की आवश्यकता वाले नए नियम लागू कर रहा है।

नए नियम 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे। इनका उद्देश्य बैंक फंडिंग के लिए पूर्ण कोलैटरलाइजेशन (collateralization) को अनिवार्य बनाकर इक्विटी और कमोडिटी बाजारों में सिस्टमैटिक रिस्क (systemic risk) को कम करना है, जिसके लिए कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरीज को लक्षित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाRBI: कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरीज (Capital Market Intermediaries) के लिए नए कोलैटरल रूल्स (collateral rules) को लागू करने के लिए जिम्मेदार रेगुलेटरी बॉडी।
  • तथ्य100% collateral: 1 अप्रैल, 2026 से कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरीज (capital market intermediaries) को मिलने वाली बैंक फंडिंग के लिए नई आवश्यकता।
  • तथ्यकमर्शियल पेपर्स (CPs) और बॉन्ड्स: बैंक फंडिंग महंगी होने पर ब्रोकरेज के लिए वैकल्पिक फंडिंग स्रोत।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्यस्थों (intermediaries) को बैंक वित्तपोषण के लिए 100% संपार्श्विक (collateral) अनिवार्य करने के भारतीय रिज़र्व बैंक के कदम, बाजार स्थिरता की आवश्यकता और तरलता एवं लाभप्रदता के बीच संतुलन को किस प्रकार स्थापित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • लिक्विडिटी स्क्वीज़: मार्केट लिक्विडिटी में संभावित कमी और कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरीज के लिए फंडिंग लागत में बढ़ोतरी
  • सिस्टमेटिक रिस्क मिटिगेशन: इक्विटी और कमोडिटी मार्केट्स में फैलाव रोकने के लिए हाई-लेवरेज ट्रेडिंग पर लगाम
  • मार्केट स्ट्रक्चरल शिफ्ट: ब्रोकरेज फंडिंग का बैंक क्रेडिट से बॉन्ड और कमर्शियल पेपर मार्केट्स की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: सिस्टमैटिक रिस्क · लीवरेज्ड ट्रेडिंग · कैपिटल मार्केट इंटरमीडियरीज · लिक्विडिटी मैनेजमेंट · कोलेटरलाइजेशन

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स

पश्चिम बंगाल सरकार ने बेरोजगार युवाओं को मासिक भत्ता प्रदान करने के लिए 'बंग्लार युवा साथी' योजना शुरू की है, जिससे जनता की भारी भागीदारी देखी जा रही है

चर्चा में क्यों: पश्चिम बंगाल सरकार ने बेरोजगार युवाओं को मासिक भत्ता प्रदान करने के लिए 'बंग्लार युवा साथी' योजना शुरू की है, जिससे जनता की भारी भागीदारी देखी जा रही है।

बंग्लार युवा साथी योजना के तहत पश्चिम बंगाल में 21-40 वर्ष की आयु के बेरोजगार युवाओं को 1,500 रुपये का मासिक भत्ता प्रदान किया जाता है। इस योजना के लिए नामांकन शिविर 15 फरवरी से 26 फरवरी, 2026 तक सक्रिय रहेंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनाबंग्लार युवा साथी: पश्चिम बंगाल सरकार की एक योजना जो बेरोजगार युवाओं को 1,500 रुपये मासिक भत्ता प्रदान करती है।
  • तथ्यBanglar Yuva Sathi के लिए पात्रता मानदंड में 21 से 40 वर्ष की आयु के युवा शामिल हैं।
  • तथ्यइस योजना के लिए नामांकन कैंप (Enrollment camps) 15 से 26 फरवरी, 2026 तक निर्धारित हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में युवा बेरोजगारी को दूर करने और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण योजनाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय स्थिरता: मासिक भत्तों पर लंबे समय के सरकारी खर्च और नौकरी सृजन निवेश के बीच संतुलन
  • निर्भरता का जोखिम: रोजगार क्षमता बढ़ाने के बजाय कल्याण पर निर्भरता का चक्र बनने की संभावना

मुख्य शब्द: डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर · युवा बेरोजगारी · सोशल सेफ्टी नेट · राजकोषीय संघवाद · मानव पूंजी

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

RBI गवर्नर दिनेश कुमार खारा ने कहा कि नए दिशा-निर्देश मिस-सेलिंग (mis-selling) के मानदंडों को स्पष्ट करके और M&A फाइनेंसिंग नियमों में ढील देकर ग्राहकों की सुरक्षा और विकास के बीच संतुलन बनाते हैं

चर्चा में क्यों: RBI गवर्नर दिनेश कुमार खारा ने कहा कि नए दिशा-निर्देश मिस-सेलिंग (mis-selling) के मानदंडों को स्पष्ट करके और M&A फाइनेंसिंग नियमों में ढील देकर ग्राहकों की सुरक्षा और विकास के बीच संतुलन बनाते हैं।

RBI ने वित्तीय उत्पादों की बिक्री के लिए सख्त रिफंड नियम और अनिवार्य आवश्यकता मूल्यांकन (need assessments) लागू किए हैं। इन दिशा-निर्देशों में गलत तरीके से बिक्री (mis-selling) करने वाले बैंकों के लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान शामिल है। साथ ही, घरेलू M&A फाइनेंसिंग के लिए नियमों में ढील दी गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाRBI: बैंकिंग सेक्टर में मिस-सेलिंग (mis-selling) के मानदंडों को परिभाषित और स्पष्ट करने के लिए जिम्मेदार सेंट्रल बैंक।
  • तथ्यRBI की गाइडलाइन्स में उन बैंकों के लाइसेंस रद्द करने की संभावना शामिल है जो मिस-सेलिंग (mis-selling) के दोषी पाए जाते हैं।
  • तथ्यनए नियमों के तहत कस्टमर प्रोटेक्शन सुनिश्चित करने के लिए फाइनेंशियल प्रोडक्ट की बिक्री के लिए नीड असेसमेंट (need assessments) अनिवार्य है।
  • तथ्यघरेलू डील्स (deals) को बढ़ावा देने के लिए M&A फाइनेंसिंग रेगुलेशंस (regulations) में ढील दी गई है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के विनियामक ढांचे के भीतर उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने और वित्तीय बाजार के विकास को बढ़ावा देने के दोहरे उद्देश्यों के बीच संतुलन की प्रक्रिया का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी घर्षण: सख्त मिस-सेलिंग पेनल्टी और आक्रामक घरेलू M&A ग्रोथ की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • कंज्यूमर एडवोकेसी: फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स में इन्फॉर्मेशन एसिमेट्री को कम करने के लिए अनिवार्य नीड असेसमेंट एक टूल के रूप में
  • मार्केट स्थिरता: सिस्टमिक वोलाटिलिटी रोकने के लिए ब्रोकर फंडिंग नियमों के जरिए सट्टा ट्रेडिंग पर लगाम

मुख्य शब्द: सूचना की असमानता · रेगुलेटरी ओवरसाइट · उपभोक्ता संरक्षण · बाज़ार विकास · सिस्टमैटिक रिस्क

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश में उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का शिलान्यास और नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर का उद्घाटन करने वाले हैं

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश में उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का शिलान्यास और नमो भारत रैपिड रेल कॉरिडोर का उद्घाटन करने वाले हैं।

सेमीकंडक्टर यूनिट उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में स्थित होगी। मेरठ मेट्रो कॉरिडोर की लंबाई 23 किमी है और इसमें 13 स्टेशन हैं, जो दिल्ली को मेरठ से जोड़ते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानगौतम बुद्ध नगर: उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का स्थान।
  • तथ्यमेरठ मेट्रो: दिल्ली को मेरठ से जोड़ने वाला 13 स्टेशनों वाला 23-किमी (km) लंबा कॉरिडोर।
  • तथ्यनमो भारत: उत्तर प्रदेश में एक रैपिड रेल कॉरिडोर (Rapid rail corridor) का उद्घाटन किया जा रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में एक सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करने के महत्व और तकनीकी संप्रभुता प्राप्त करने में इसकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन रेजिलिएंस: इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस के लिए ग्लोबल चिप इम्पोर्ट पर निर्भरता कम करना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: लॉजिस्टिक्स को आसान बनाने के लिए रैपिड रेल कॉरिडोर को इंडस्ट्रियल हब से जोड़ना
  • इन्वेस्टमेंट क्लाइमेट: हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को आकर्षित करने के लिए राज्य के नेतृत्व वाले इंफ्रास्ट्रक्चर पुश का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम · इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा · तकनीकी संप्रभुता · लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी · इंडस्ट्रियल कॉरिडोर

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

RBI ने बैंकों द्वारा वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री (mis-selling) को रोकने के लिए ड्राफ्ट नियमों का प्रस्ताव दिया है

चर्चा में क्यों: RBI ने बैंकों द्वारा वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री (mis-selling) को रोकने के लिए ड्राफ्ट नियमों का प्रस्ताव दिया है, जिसमें उपयुक्तता जांच (suitability checks) और अनुपयुक्त उत्पादों के लिए रिफंड की आवश्यकता शामिल है।

ये नियम बैंकएश्योरेंस (bancassurance) मॉडल को लक्षित करते हैं, जिसमें बैंक तीसरे पक्ष के बीमा उत्पादों (third-party insurance products) की बिक्री करते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यइंश्योरेंस प्रोडक्ट की बिक्री FY19 में ₹6,381 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹16,747 करोड़ हो गई।
  • तथ्यप्रस्तावित नियमों के अनुसार, यदि उत्पादों को अनुपयुक्त माना जाता है, तो बैंकों को भुगतान की गई राशि वापस करनी होगी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वित्तीय समावेशन के विस्तार में बैंक-बीमा (बैंकाश्योरेंस) मॉडल की भूमिका का विश्लेषण कीजिए और उपभोक्ता शोषण के जोखिमों तथा उत्पादों की उपयुक्तता सुनिश्चित करने हेतु विनियामक निरीक्षण की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

  • हितों का टकराव: ग्राहकों के प्रति जिम्मेदारी बनाम थर्ड-पार्टी सेल्स से जुड़े कर्मचारी इंसेंटिव्स
  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: बैंकप्रोटेक्शन के साथ बैंक मुनाफे और उपभोक्ता सुरक्षा के बीच संतुलन
  • इन्फॉर्मेशन एसिमेट्री: जटिल फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए सही फैसला लेने में बाधा

मुख्य शब्द: बैंकअश्योरेंस · उपभोक्ता संरक्षण · सूचना की असमानता · रेगुलेटरी ओवरसाइट · वित्तीय समावेशन

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEमेन्स

नीति आयोग और वित्त मंत्रालय वित्तीय और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एक रोडमैप तैयार करने हेतु सहयोग कर रहे हैं

चर्चा में क्यों: नीति आयोग और वित्त मंत्रालय वित्तीय और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एक रोडमैप तैयार करने हेतु सहयोग कर रहे हैं।

इस पहल के अंतर्गत CPSEs को निवेश संबंधी निर्णयों में अधिक लचीलापन और निजी क्षेत्र की प्रतिभा तक पहुंच प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। यह रोडमैप नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा के नेतृत्व में तैयार किया जा रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (1)
  • तथ्यविकसित भारत 2047: एक सरकारी पहल जिसका लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: 'विकसित भारत 2047' के विजन को साकार करने में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) की भूमिका और उनकी परिचालन दक्षता में निजी क्षेत्र के एकीकरण की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।

  • ऑपरेशनल ऑटोनॉमी: सरकारी निगरानी और तेज़ी से स्वतंत्र निवेश निर्णय लेने की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • ह्यूमन कैपिटल इंटीग्रेशन: पब्लिक सेक्टर मैनेजमेंट में प्राइवेट सेक्टर की विशेषज्ञता के जरिए टैलेंट गैप को दूर करना
  • तकनीकी आधुनिकीकरण: पुराने सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को हाई-टेक हब में बदलना ताकि ग्लोबल प्राइवेट संस्थाओं से मुकाबला किया जा सके

मुख्य शब्द: ऑपरेशनल एफिशिएंसी · पब्लिक-प्राइवेट तालमेल · रणनीतिक स्वायत्तता · विकसित भारत · पूंजी आवंटन

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स

वित्त मंत्री थंगम थेन्नारसु 2026-2027 के लिए तमिलनाडु का अंतरिम बजट पेश करने वाले हैं

चर्चा में क्यों: वित्त मंत्री थंगम थेन्नारसु 2026-2027 के लिए तमिलनाडु का अंतरिम बजट पेश करने वाले हैं, जिसमें एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर राज्य की प्रगति पर जोर दिया जाएगा।

तमिलनाडु आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, राज्य की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि लगातार राष्ट्रीय औसत से अधिक रही है। यदि वर्तमान विकास दर इसी तरह बनी रहती है, तो राज्य का लक्ष्य 2031 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हासिल करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यतमिलनाडु का लक्ष्य 2031 तक एक ट्रिलियन-डॉलर इकोनॉमी (trillion-dollar economy) हासिल करना है।
  • स्थानतमिलनाडु की प्रति व्यक्ति आय (per capita income) की वृद्धि लगातार राष्ट्रीय औसत से अधिक रही है।
  • पदथंगम थेन्नारसु तमिलनाडु के फाइनेंस मिनिस्टर हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: तमिलनाडु के राष्ट्रीय औसत की तुलना में बेहतर आर्थिक प्रदर्शन में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और इसके एक ट्रिलियन-डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के निहितार्थों का परीक्षण कीजिए।

  • राजकोषीय संघवाद: राज्यों के विकास लक्ष्यों और राष्ट्रीय आर्थिक प्राथमिकताओं के बीच संतुलन
  • आर्थिक असमानता: तेज़ी से बढ़ते राज्यों और पिछड़े राष्ट्रीय औसत के बीच के अंतर को दूर करना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास: ट्रिलियन-डॉलर आर्थिक लक्ष्य तक पहुँचने के लिए औद्योगिक क्षमता बढ़ाना

मुख्य शब्द: प्रति व्यक्ति आय · राजकोषीय नीति · आर्थिक विकास · अंतरिम बजट · राज्य की अर्थव्यवस्था

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स

जनवरी 2026 में भारत का व्यापार घाटा (merchandise trade deficit) बढ़कर 34.68 बिलियन डॉलर हो गया

चर्चा में क्यों: जनवरी 2026 में भारत का व्यापार घाटा (merchandise trade deficit) बढ़कर 34.68 बिलियन डॉलर हो गया। यह वृद्धि सोने और चांदी के आयात में भारी बढ़ोतरी के कारण हुई, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करने की घोषणा की थी।

जनवरी महीने में भारत का कुल आयात (Imports) महीने-दर-महीने 12% बढ़कर 71.24 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि निर्यात (Exports) 5% घटकर 36.56 बिलियन डॉलर पर आ गया। 34.68 बिलियन डॉलर का व्यापार घाटा (Trade Deficit) अर्थशास्त्रियों द्वारा लगाए गए 26 बिलियन डॉलर के अनुमान से अधिक रहा।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यजनवरी 2026 में भारत का मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट (merchandise trade deficit): $34.68 बिलियन।
  • तथ्यजनवरी 2026 में कुल आयात: $71.24 बिलियन (महीने दर महीने 12% की वृद्धि)।
  • तथ्यजनवरी 2026 में कुल निर्यात: $36.56 बिलियन (5% की कमी)।
  • तथ्यभारतीय सामानों पर यू.एस. टैरिफ में कटौती: 50% से घटकर 18%।
  • स्थानट्रेड डेलीगेशन का गंतव्य: वाशिंगटन।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के बढ़ते व्यापार घाटे में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और भारत की निर्यात-आधारित विकास रणनीति पर द्विपक्षीय शुल्क कटौती के संभावित प्रभावों का मूल्यांकन कीजिए।

  • कमोडिटी में उतार-चढ़ाव: चालू खाता स्थिरता पर सोने और चांदी के आयात में उछाल का असर
  • ट्रेड पॉलिसी लीवरेज: टैरिफ रियायत और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव्स के बीच संतुलन
  • निर्यात प्रतिस्पर्धा: वैश्विक मांग में बदलाव के बीच व्यापारिक निर्यात में 5% की गिरावट को संबोधित करना

मुख्य शब्द: व्यापार घाटा · टैरिफ में कटौती · करेंट अकाउंट · माल-सामान का व्यापार · एक्सपोर्ट-आधारित विकास

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स

भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम व्यापार समझौते (interim trade agreement) के लिए एक रूपरेखा तैयार की है

चर्चा में क्यों: भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम व्यापार समझौते (interim trade agreement) के लिए एक रूपरेखा तैयार की है। इस कानूनी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वाशिंगटन जा रहा है।

अंतरिम समझौते में भारतीय वस्तुओं पर 18% टैरिफ (Tariff) शामिल है, जिसका लक्ष्य कानूनी समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद शेष वस्तुओं पर शून्य टैरिफ तक पहुंचना है। भारत को उम्मीद है कि सप्ताह के अंत तक अमेरिका द्वारा भी पारस्परिक रूप से टैरिफ में कटौती की जाएगी।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यइंटरिम एग्रीमेंट (Interim agreement) में भारतीय सामानों पर 18% टैरिफ शामिल है।
  • तथ्यकानूनी समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद शेष टैरिफ लाइन्स (tariff lines) के शून्य तक पहुँचने की उम्मीद है।
  • पददर्पण जैन भारत-US ट्रेड डील के लिए मुख्य वार्ताकार (chief negotiator) हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (global value chains) में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने में द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के महत्व और व्यापार उदारीकरण के साथ घरेलू उद्योगों के संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।

  • ट्रेड-ऑफ: अमेरिकी बाजार में आपसी टैरिफ कटौती की ज़रूरत और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सुरक्षा के बीच संतुलन
  • नेगोशिएशन की जटिलता: अंतिम कानूनी समझौते में नॉन-टैरिफ बैरियर्स और रेगुलेटरी अलाइनमेंट को संबोधित करना

मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · पारस्परिक टैरिफ · ग्लोबल वैल्यू चेन · द्विपक्षीय व्यापार · ट्रेड फ्रेमवर्क

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने एक्वस ग्रुप (Aequs Group) और एनएमबी-माइनबीया इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (NMB-Minebea India Private Limited) के साथ एयरोस्पेस, डिफेंस और प्रिसिजन इंजीनियरिंग में निवेश के लिए समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।

एक्वस ग्रुप (Aequs Group) कृष्णगिरी जिले के SIPCOT शूलगिरी में 250 एकड़ के एयरोस्पेस और डिफेंस क्लस्टर के लिए ₹4,000 करोड़ का निवेश करेगा। NMB-Minebea India Private Limited राज्य के प्रिसिजन इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए ₹1,980 करोड़ का निवेश करेगी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यएक्वस ग्रुप (Aequs Group) का निवेश: 250 एकड़ के एयरोस्पेस और डिफेंस क्लस्टर के लिए ₹4,000 करोड़।
  • तथ्यNMB-Minebea India Private Limited का निवेश: ₹1,980 करोड़।
  • स्थानSIPCOT शूलगिरी तमिलनाडु के कृष्णगिरी जिले में स्थित है।
  • तथ्यएयरोस्पेस और डिफेंस क्लस्टर से 7,000 नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं और रोजगार सृजन के संदर्भ में एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में विशिष्ट औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • क्लस्टर सिनर्जी: सप्लाई चेन की एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए एयरक्राफ्ट इंजन और गियरबॉक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग के लिए इंटीग्रेटेड फैसिलिटीज
  • एम्प्लॉयमेंट मल्टीप्लायर: शहरी औद्योगिक मांग को पूरा करने के लिए हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नौकरियों का सृजन

मुख्य शब्द: इंडस्ट्रियल क्लस्टर · एयरोस्पेस और डिफेंस · प्रिसिजन इंजीनियरिंग · निवेश समझौता · मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

तेलंगाना सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा केंद्रीय बजट में घोषित पांच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब (Medical Tourism Hubs) में शामिल होने की मांग की है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा केंद्रीय बजट में घोषित पांच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब (Medical Tourism Hubs) में शामिल होने की मांग की है।

तेलंगाना सरकार मेडिकल टूरिज्म हब (Medical Tourism Hub) में शामिल होने के लिए दिशा-निर्देशों को समझने हेतु केंद्र के साथ सहयोग कर रही है। राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय मरीजों को आकर्षित करने के लिए फ्यूचर सिटी प्रोजेक्ट के भीतर एक समर्पित हेल्थ सिटी विकसित करने की योजना बना रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदनिर्मला सीतारमण: भारत की केंद्रीय वित्त मंत्री।
  • तथ्यतेलंगाना का लक्ष्य पांच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब्स (Medical Tourism Hubs) में से एक बनना है।
  • स्थानफ्यूचर सिटी (Future City): तेलंगाना में एक समर्पित हेल्थ सिटी (Health City) के लिए प्रोजेक्ट साइट।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में क्षेत्रीय आर्थिक विकास और बुनियादी ढाँचे के विकास के चालक के रूप में चिकित्सा पर्यटन (मेडिकल टूरिज्म) की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।

  • स्टैंडर्डाइजेशन गैप: ग्लोबल हेल्थकेयर रिलायबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए यूनिफॉर्म सर्विस प्रोटोकॉल की ज़रूरत
  • इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: फ्यूचर सिटी जैसे अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स के साथ स्पेशलाइज्ड हेल्थ सिटीज को जोड़ना

मुख्य शब्द: मेडिकल टूरिज्म · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · हेल्थकेयर हब · क्षेत्रीय आर्थिक विकास

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) की आवश्यकताओं का उल्लंघन करने वाले खिलौने बेचने के लिए स्नैपडील (Snapdeal) पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया है

चर्चा में क्यों: सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) की आवश्यकताओं का उल्लंघन करने वाले खिलौने बेचने के लिए स्नैपडील (Snapdeal) पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया है।

CCPA ने Snapdeal (Ace Vector Limited) के खिलाफ उल्लंघन पर स्वतः संज्ञान (suo-moto cognizance) लिया। जुर्माने के अलावा, CCPA ने Amazon, Flipkart, Stallion Trading Company और Electronics Bazar Store को नोटिस जारी किए।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाCCPA: सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (Central Consumer Protection Authority) वह रेगुलेटरी बॉडी है जिसने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की।
  • तथ्यस्नैपडील (Snapdeal) पर नियमों का पालन न करने वाले खिलौने बेचने के लिए ₹5 लाख का जुर्माना लगाया गया।
  • संस्थाBIS: Bureau of Indian Standards वह संस्था है जिसके मानकों का उल्लंघन प्लेटफॉर्म पर बेचे गए खिलौनों द्वारा किया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में उत्पादों की सुरक्षा और उपभोक्ता अधिकारों को सुनिश्चित करनेके लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों को विनियमित करने में केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: ई-कॉमर्स इंटरमीडियरीज द्वारा थर्ड-पार्टी सेलर प्रोडक्ट कंप्लायंस के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना
  • उपभोक्ता सुरक्षा: ऑनलाइन व्यापार को आसान बनाने और बच्चों के उत्पादों के लिए सख्त BIS सर्टिफिकेशन के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: उपभोक्ता संरक्षण · ई-कॉमर्स रेगुलेशन · प्रोडक्ट स्टैंडर्डाइजेशन · सुओ-मोटो संज्ञान · रेगुलेटरी कंप्लायंस

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स

इंडस्ट्री मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, उत्पादन लागत में बढ़ोतरी के कारण भारत में जनवरी में थोक मूल्य महंगाई (Wholesale price inflation) बढ़कर 1.81% हो गई है

चर्चा में क्यों: इंडस्ट्री मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, उत्पादन लागत में बढ़ोतरी के कारण भारत में जनवरी में थोक मूल्य महंगाई (Wholesale price inflation) बढ़कर 1.81% हो गई है, जो पिछले तीन महीनों से जारी बढ़ते रुझान को दर्शाता है।

जनवरी 2026 में थोक मूल्य महंगाई (Wholesale price inflation) 1.81% तक पहुंच गई। इसी अवधि के दौरान खुदरा महंगाई (Retail inflation) 2.75% पर कम बनी रही। थोक बाजार में बढ़ती महंगाई के बावजूद, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने नीतिगत ब्याज दरों (Policy interest rates) को अपरिवर्तित रखा है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यजनवरी 2026 में भारत में थोक मूल्य महंगाई (Wholesale price inflation) बढ़कर 1.81% हो गई।
  • तथ्यजनवरी 2026 में रिटेल इन्फ्लेशन (Retail inflation) 2.75% दर्ज किया गया।
  • संस्थाइंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने इस वृद्धि का कारण विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादन लागत (production costs) में बढ़ोतरी को बताया।
  • संस्थाभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) पॉलिसी इंटरेस्ट रेट्स (policy interest rates) को बनाए रखता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बढ़ती थोक महंगाई के औद्योगिक उत्पादन पर पड़ने वाले प्रभावों और खुदरा मूल्य की अस्थिरता को नियंत्रित करने में मौद्रिक नीति की प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।

  • कॉस्ट-पुश डायनेमिक्स: निर्मित वस्तुओं और गैर-खाद्य वस्तुओं की बढ़ती उत्पादन लागत से औद्योगिक मार्जिन पर असर
  • मॉनेटरी पॉलिसी लैग: रिटेल महंगाई कम रहने पर भी थोक महंगाई बढ़ने के बीच ब्याज दरों को बनाए रखने की चुनौती

मुख्य शब्द: होलसेल प्राइस इंडेक्स · रिटेल प्राइस इंडेक्स · कॉस्ट-पुश महंगाई · मौनेटरी पॉलिसी · उत्पादन लागत

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना के तहत व्यापारिक उद्यमों को सहायता प्रदान करने के लिए 25 लाख महिलाओं को ₹2,500 करोड़ की राशि ट्रांसफर की

चर्चा में क्यों: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना के तहत व्यापारिक उद्यमों को सहायता प्रदान करने के लिए 25 लाख महिलाओं को ₹2,500 करोड़ की राशि ट्रांसफर की।

यह योजना प्रत्येक लाभार्थी को ₹10,000 का प्रारंभिक अनुदान प्रदान करती है, साथ ही सफल उद्यमों के लिए ₹2 लाख तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी दी जाती है। फरवरी 2026 तक, इस कार्यक्रम ने बिहार के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 1.81 करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभान्वित किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यमुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना: फरवरी 2026 में 25 लाख महिलाओं को ₹2,500 करोड़ ट्रांसफर किए गए।
  • तथ्यप्रत्येक लाभार्थी के लिए शुरुआती ग्रांट: ₹10,000।
  • तथ्यसफल उद्यमों के लिए अधिकतम अतिरिक्त वित्तीय सहायता: ₹2 लाख।
  • तथ्यकुल लाभार्थियों तक पहुँच: बिहार में 1.81 करोड़ से अधिक महिलाएं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना जैसी लक्षित वित्तीय सहायता योजनाओं के ग्रामीण भारत में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उद्यमिता को सुगम बनाने में किस प्रकार की भूमिका निभा सकती हैं, चर्चा कीजिए।

  • क्रेडिट एक्सेसिबिलिटी: फॉर्मल बैंकिंग और ग्रामीण महिला उद्यमियों के बीच की दूरी को कम करना
  • अनुदान की स्थिरता: वन-टाइम कैपिटल इंजेक्शन से लॉन्ग-टर्म बिजनेस वायबिलिटी की ओर बदलाव
  • लास्ट-माइल डिलीवरी: लीकेज रोकने के लिए फंड्स का पारदर्शी वितरण और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: आर्थिक सशक्तिकरण · उद्यमिता · वित्तीय समावेशन · लक्षित सब्सिडी · आजीविका सृजन

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

भारत का नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (Ministry for New and Renewable Energy) आवासीय सोलर इंस्टॉलेशन लक्ष्यों को पूरा करने में पिछड़ रहा है

चर्चा में क्यों: भारत का नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (Ministry for New and Renewable Energy) आवासीय सोलर इंस्टॉलेशन लक्ष्यों को पूरा करने में पिछड़ रहा है। इसका मुख्य कारण बैंकों की अनिच्छा और राज्य बिजली कंपनियों (State Utilities) की हिचकिचाहट है।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 2030 तक स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को दोगुना करने के उद्देश्य से फरवरी 2024 में एक सब्सिडी कार्यक्रम शुरू किया। इस कार्यक्रम का लक्ष्य 4 मिलियन आवासीय सोलर इंस्टॉलेशन (solar installations) स्थापित करना था, लेकिन अब तक केवल 2.36 मिलियन ही हासिल किए गए हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यरेसिडेंशियल सोलर इंस्टॉलेशन का लक्ष्य: 4 मिलियन।
  • तथ्यआवासीय सोलर इंस्टॉलेशन (Residential solar installations) की उपलब्धि: 2.36 मिलियन।
  • पदन्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी मिनिस्ट्री (MNRE) सोलर सब्सिडी के लिए नोडल मिनिस्ट्री है।
  • तथ्यक्लीन एनर्जी क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य वर्ष: 2030।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मजबूत सब्सिडी ढांचे के बावजूद, नवीकरणीय ऊर्जा की ओर भारत के संक्रमण में बाधा उत्पन्न करने वाली संस्थागत और वित्तीय बाधाओं का विश्लेषण कीजिए।

  • क्रेडिट गैप: विकेंद्रीकृत सोलर प्रोजेक्ट्स के लिए कमर्शियल बैंकों द्वारा रिस्क-एवर्स लेंडिंग
  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: सरकारी यूटिलिटीज द्वारा सक्रिय प्रमोशन की कमी
  • इम्प्लीमेंटेशन लैग: नौकरशाही की बाधाओं से आवासीय सोलर अपनाने की रफ्तार धीमी

मुख्य शब्द: रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांज़िशन · विकेंद्रीकृत शक्ति · क्रेडिट की सुलभता · इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधाएं · क्लीन एनर्जी लक्ष्य

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने महाराष्ट्र

चर्चा में क्यों: कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना में माल की आवाजाही को बेहतर बनाने और लॉजिस्टिक परफॉरमेंस इंडेक्स (LPI) को सुधारने के लिए 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

CCEA ने तीन प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी है: महाराष्ट्र में NH-160A का पुनरुद्धार (₹3,320.38 करोड़), गुजरात में 4-लेन वाले खंड (₹4,583.64 करोड़), और तेलंगाना में NH-167 का चौड़ीकरण (₹3,175.08 करोड़)। ये परियोजनाएं PM गतिशक्ति इकोनॉमिक नोड्स (PM GatiShakti Economic Nodes) से जुड़ी हुई हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यमहाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना में रोड प्रोजेक्ट्स की कुल स्वीकृत लागत ₹11,000 करोड़ से अधिक है।
  • स्थानमहाराष्ट्र में NH-160A प्रोजेक्ट छह PM GatiShakti इकोनॉमिक नोड्स (Economic Nodes) को जोड़ता है।
  • स्थानधमसिया-बिटडा/मोवी और नसरपुरे-मलोथा गुजरात में 4-लेन निर्माण के लिए स्थान हैं।
  • स्थानतेलंगाना में NH-167 चौड़ीकरण प्रोजेक्ट गुडेबेलुर को महबूबनगर से जोड़ता है।
  • संस्थाकैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) वह बॉडी है जो मंजूरी के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पीएम गतिशक्ति जैसी परियोजनाओं के माध्यम से बहु-आयामी कनेक्टिविटी (multi-modal connectivity) का एकीकरण भारत के लॉजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांक (LPI) को किस प्रकार बेहतर बना सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाने के लिए ट्रांजिट समय और फ्रेट कॉस्ट कम करना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन और रीजनल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए इकोनॉमिक नोड्स को जोड़ना

मुख्य शब्द: लॉजिस्टिक्स परफॉरमेंस इंडेक्स · पीएम गतिशक्ति · माल ढुलाई का प्रवाह · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIमेन्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेखांकित किया कि EU और US के साथ हाल के व्यापार समझौतों का उद्देश्य भारतीय विनिर्माण (Manufacturing) और सेवाओं के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच का विस्तार करना है

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेखांकित किया कि EU और US के साथ हाल के व्यापार समझौतों का उद्देश्य भारतीय विनिर्माण (Manufacturing) और सेवाओं के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच का विस्तार करना है।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक स्थिरता और पूर्वानुमेयता (predictability) ने निवेशकों के विश्वास को बहाल किया है। ये समझौते गैर-टैरिफ बाधाओं (non-tariff barriers) को कम करने और कपड़ा एवं इंजीनियरिंग सामान क्षेत्रों में MSMEs को समर्थन देने पर केंद्रित हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्ययूरोपीय संघ (European Union) और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) के साथ व्यापार समझौते (Trade agreements) किए गए।
  • तथ्यनिर्यात विस्तार के लिए टेक्सटाइल्स और इंजीनियरिंग गुड्स को प्रमुख सेक्टर्स के रूप में पहचाना गया है।
  • तथ्यसरकार का फोकस व्यापार को सुगम बनाने के लिए नॉन-टैरिफ बैरियर्स (non-tariff barriers) को कम करने पर है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ व्यापार समझौते किस प्रकार भारत की विनिर्माण क्षमताओं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • MSME इंटीग्रेशन: ग्लोबल वैल्यू चेन में छोटे निर्यातकों के लिए लॉजिस्टिकल बाधाओं और कंप्लायंस कॉस्ट को दूर करना
  • ट्रेड बैरियर्स: भारतीय टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग गुड्स के एक्सपोर्ट पर नॉन-टैरिफ मेजर्स का असर
  • इन्वेस्टर कॉन्फिडेंस: घरेलू राजनीतिक स्थिरता और FDI इनफ्लो के बीच संबंध

मुख्य शब्द: मार्केट एक्सेस · गैर-टैरिफ बैरियर्स · MSME सशक्तिकरण · निर्यात-उन्मुख विकास · निवेशक भरोसा

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स + मेन्स

MSME मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास ने वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए ग्रामीण गरीबी उन्मूलन हेतु ₹1,877 करोड़ के आवंटन की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: MSME मंत्री कोंडापल्ली श्रीनिवास ने वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए ग्रामीण गरीबी उन्मूलन हेतु ₹1,877 करोड़ के आवंटन की घोषणा की है। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) की महिलाओं को सशक्त बनाना और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करना है।

2026-2027 के बजट में पिछले वर्ष के आवंटन की तुलना में ₹143 करोड़ की वृद्धि शामिल है। इन फंड्स को चार प्रमुख ग्रामीण आजीविका पहलों के तहत वेतन, मानदेय और कार्यालय रखरखाव के लिए निर्धारित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यवित्त वर्ष 2026-2027 में ग्रामीण गरीबी उन्मूलन के लिए ₹1,877 करोड़ का कुल आवंटन।
  • तथ्यपिछले वित्त वर्ष की तुलना में फंडिंग में ₹143 करोड़ की वृद्धि।
  • योजनादीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM)।
  • योजनामहिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (Mahila Kisan Sashaktikaran Pariyojana - MKSP)।
  • योजनास्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (Start-up Village Entrepreneurship Programme)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ग्रामीण आजीविका मिशनों के लिए लक्षित राजकोषीय आवंटन किस प्रकार ग्रामीण आर्थिक भागीदारी में लैंगिक अंतराल को प्रभावी ढंग से कम कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • संस्थागत तालमेल: ओवरलैपिंग रोकने और लास्ट-माइल डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए मल्टी-स्कीम फंडिंग का समन्वय
  • जेंडर-केंद्रित सशक्तिकरण: आजीविका को केवल गुजारे से निकालकर उद्यमिता की ओर ले जाने के लिए सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स का उपयोग

मुख्य शब्द: ग्रामीण आजीविका · राजकोषीय आवंटन · महिला सशक्तिकरण · स्वयं सहायता समूह · गरीबी उन्मूलन

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने बताया कि भारत ने एक ही वर्ष में अब तक की सबसे अधिक बिजली उत्पादन क्षमता वृद्धि हासिल की है

चर्चा में क्यों: केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने बताया कि भारत ने एक ही वर्ष में अब तक की सबसे अधिक बिजली उत्पादन क्षमता वृद्धि हासिल की है, जिसने पिछले रिकॉर्ड 34,054 MW को पीछे छोड़ दिया है।

भारत ने वर्तमान वित्तीय वर्ष (31 जनवरी, 2026 तक) में 52,537 MW बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी है। इससे देश की कुल क्षमता 5,20,510.95 MW हो गई है, जिसमें अब नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) की हिस्सेदारी कुल उत्पादन का 50.5% है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्य31 जनवरी, 2026 तक भारत की कुल बिजली उत्पादन क्षमता (power generation capacity) 5,20,510.95 MW है।
  • तथ्यभारत की कुल बिजली क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable energy) स्रोतों का हिस्सा 50.5% (263,189.33 MW) है।
  • तथ्यकुल क्षमता में फॉसिल फ्यूल्स (Fossil fuels) की हिस्सेदारी लगभग 48% (2,48,541.62 MW) है।
  • तथ्यपरमाणु ऊर्जा कुल क्षमता का लगभग 1.6% (8,780 MW) हिस्सा कवर करती है।
  • तथ्यइस साल जोड़ी गई 52,537 MW क्षमता में से 39,657 MW रिन्यूएबल्स (renewables) से आई (जिसमें 34,955 MW सोलर और 4,613 MW विंड शामिल हैं)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: जलवायु लक्ष्यों की प्राप्ति और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में नवीकरणीय ऊर्जा-प्रधान ऊर्जा मिश्रण की ओर भारत के संक्रमण के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • ग्रिड स्टेबिलिटी: इंटरमिटेंट रिन्यूएबल सप्लाई को बेस-लोड फॉसिल फ्यूल और न्यूक्लियर जरूरतों के साथ बैलेंस करना
  • डिकार्बोनाइजेशन ट्रैजेक्टरी: 48% फॉसिल फ्यूल निर्भरता से ग्रीनर एनर्जी मिक्स की ओर बदलाव
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर स्केलिंग: ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के लिए क्षमता विस्तार की ज़रूरतें

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांज़िशन · डीकार्बोनाइजेशन · पावर इंफ्रास्ट्रक्चर · एनर्जी मिक्स

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

आंध्र प्रदेश सरकार विशाखापट्टनम में एक बड़े पैमाने पर 'डेटा सिटी' विकसित कर रही है

चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश सरकार विशाखापट्टनम में एक बड़े पैमाने पर 'डेटा सिटी' विकसित कर रही है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण निजी निवेश के माध्यम से राज्य को एक प्रमुख AI हब के रूप में स्थापित करना है।

इस परियोजना के अंतर्गत विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश में डेटा सेंटर और सबमरीन इंटरनेट केबल्स (Submarine Internet Cables) का विकास किया जाएगा। राज्य सरकार प्रमुख निवेशकों को एक एकड़ के लिए एक अमेरिकी सेंट (US cent) की दर से भूमि उपलब्ध करा रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानविशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश: प्रस्तावित AI 'डेटा सिटी' का प्रस्तावित स्थल।
  • तथ्यबड़े निवेशकों के लिए एक एकड़ प्रति एक US cent पर जमीन की पेशकश।
  • विज्ञान-तकनीकप्रोजेक्ट में सबमरीन इंटरनेट केबल्स और डेटा सेंटर्स शामिल हैं।
  • तथ्यप्रमुख निवेशकों में गूगल और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विशेषीकृत 'डेटा शहरों' का विकास बुनियादी ढाँचे की बाधाओं को दूर करते हुए भारत को एक वैश्विक एआई (AI) महाशक्ति के रूप में परिवर्तित करने में किस प्रकार उत्प्रेरक की भूमिका निभा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: लेटेंसी कम करने के लिए सबमरीन केबल्स और डेटा सेंटर्स का एकीकरण
  • इन्वेस्टमेंट इंसेंटिव्स: ग्लोबल टेक जायंट्स को आकर्षित करने पर सब्सिडी वाली जमीन की लागत का असर
  • इकोनॉमिक मल्टीप्लायर: नौकरी सृजन और औद्योगीकरण के ज़रिए गरीबी कम करने की क्षमता

मुख्य शब्द: डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · डेटा संप्रभुता · निवेश प्रोत्साहन · आर्थिक विकास

GS3 के अन्य विषय

कृषि · विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी · पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी · आपदा प्रबंधन · आंतरिक सुरक्षा

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