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भाग I · स्था. 11.2025 
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अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,305 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (511) · उद्योग, निवेश एवं MSME (471) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (298) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (297) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (278) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (189) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (142) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (119)

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

बरामती एयरपोर्ट के पास VSR वेंचर्स (VSR Ventures) के स्वामित्व वाले लियरजेट 45 (LearJet 45) के घातक हादसे के बाद

चर्चा में क्यों: बरामती एयरपोर्ट के पास VSR वेंचर्स (VSR Ventures) के स्वामित्व वाले लियरजेट 45 (LearJet 45) के घातक हादसे के बाद, नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट ऑपरेटर्स (NSOPs) और अनियंत्रित एयरफील्ड्स के गहन अध्ययन की घोषणा की है।

बरामती एयरपोर्ट के पास हुए विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने NSOPs का एक विशेष सुरक्षा ऑडिट शुरू किया है, जबकि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाAAIB: Aircraft Accident Investigation Bureau विमानन दुर्घटनाओं की जांच के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यइस हादसे में VSR Ventures के स्वामित्व वाला LearJet 45 शामिल था।
  • स्थानबारामती एयरपोर्ट महाराष्ट्र में स्थित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के विमानन क्षेत्र में गैर-अनुसूचित उड़ान संचालकों (non-scheduled flight operators) और अनियंत्रित हवाई क्षेत्रों (uncontrolled airfields) से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और जोखिमों को कम करने के लिए आवश्यक विनियामक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: कमर्शियल एयरलाइंस की तुलना में नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स के लिए स्टैंडर्ड सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमी
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: एडवांस एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की कमी वाले अनियंत्रित एयरफील्ड्स में सुरक्षा जोखिम
  • ऑडिट प्रभावशीलता: DGCA द्वारा रियल-टाइम मॉनिटरिंग और अनिवार्य सुरक्षा ऑडिट की ज़रूरत

मुख्य शब्द: एविएशन सेफ्टी · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स · एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट · सेफ्टी ऑडिट

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स

तमिलनाडु सरकार द्वारा अंतरिम बजट पेश करने से पहले, 16 फरवरी, 2026 को अपना दूसरा आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) जारी किए जाने की उम्मीद है

चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार द्वारा अंतरिम बजट पेश करने से पहले, 16 फरवरी, 2026 को अपना दूसरा आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) जारी किए जाने की उम्मीद है।

आर्थिक सर्वेक्षण तमिलनाडु के राज्य योजना आयोग द्वारा तैयार किया जाता है। भारतीय रिज़र्व बैंक के हैंडबुक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024-25 में तमिलनाडु का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 11.2% की दर से बढ़ा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यRBI हैंडबुक स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, 2024-25 में तमिलनाडु की GSDP ग्रोथ रेट 11.2% थी।
  • संस्थातमिलनाडु का स्टेट प्लानिंग कमीशन (State Planning Commission) राज्य का इकोनॉमिक सर्वे (Economic Survey) तैयार करने के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यतमिलनाडु का दूसरा Economic Survey 16 फरवरी, 2026 को जारी होने वाला है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में क्षेत्रीय विकास नीतियों को आकार देने और लैंगिक-विशिष्ट आर्थिक असमानताओं को दूर करने में राज्य-स्तरीय आर्थिक सर्वेक्षणों के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा-आधारित नीति: क्षेत्रीय औद्योगिक प्रोत्साहन को बेहतर बनाने के लिए राज्य-विशिष्ट GSDP मैट्रिक्स का उपयोग
  • जेंडर-इनक्लूसिव ग्रोथ: मैन्युफैक्चरिंग हब्स में महिलाओं की श्रम शक्ति भागीदारी की संरचनात्मक बाधाओं को दूर करना
  • राजकोषीय नियोजन: राज्य के आर्थिक अनुमानों को अंतरिम बजट आवंटन के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: सकल राज्य घरेलू उत्पाद · इकोनॉमिक सर्वे · जेंडर पार्टिसिपेशन · राजकोषीय नियोजन · राज्य योजना आयोग

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स + मेन्स

ICRIER और OpenAI द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि AI के बढ़ते उपयोग के कारण 650 भारतीय IT कंपनियों में शुरुआती स्तर (entry-level) की नियुक्तियों में कमी आ रही है, जबकि विशेष कौशल (specialized skills) की मांग में बढ़ोतरी हो रही है

चर्चा में क्यों: ICRIER और OpenAI द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि AI के बढ़ते उपयोग के कारण 650 भारतीय IT कंपनियों में शुरुआती स्तर (entry-level) की नियुक्तियों में कमी आ रही है, जबकि विशेष कौशल (specialized skills) की मांग में बढ़ोतरी हो रही है।

इस अध्ययन में भारत की 650 IT कंपनियों का विश्लेषण किया गया। इसमें पाया गया कि AI को मानव के विकल्प के बजाय उत्पादकता बढ़ाने वाले उपकरण (productivity-enhancing tool) के रूप में देखा जा रहा है, जिससे सॉफ्टवेयर डेवलपर और डेटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर की भूमिकाओं में वृद्धि हो रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यइस अध्ययन में भारत की 650 IT फर्म्स को शामिल किया गया।
  • विज्ञान-तकनीकIT सेक्टर में AI का उपयोग उत्पादकता बढ़ाने वाले टूल (productivity-enhancing tool) के रूप में किया जा रहा है।
  • तथ्यडोमेन एक्सपर्टाइज (domain expertise) और AI या डेटा स्किल्स वाले उम्मीदवारों की मांग बढ़ी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय श्रम बाजार पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के प्रभाव, विशेष रूप से प्रवेश-स्तर के रोजगार और विशिष्ट कौशल सेट की बदलती मांग के संदर्भ में चर्चा कीजिए।

  • स्किल मिसमैच: पारंपरिक एंट्री-लेवल क्वालिफिकेशन और AI-इंटीग्रेटेड डोमेन एक्सपर्टाइज की मांग के बीच बढ़ता अंतर
  • ट्रेनिंग में रुकावट: योग्य ट्रेनर्स की कमी और भारी खर्च कॉर्पोरेट AI साक्षरता के विस्तार में बाधा
  • नैतिक टकराव: एल्गोरिद्मिक बायस और वर्कप्लेस एथिक्स की चिंताओं के साथ तेज़ी से AI इंटीग्रेशन को संतुलित करना

मुख्य शब्द: कौशल ध्रुवीकरण · प्रोडक्टिविटी में बढ़ोतरी · लेबर मार्केट की गतिशीलता · डिजिटल साक्षरता · तकनीकी विस्थापन

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स + मेन्स

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की है कि भारत को नए U.S.-बांग्लादेश व्यापार समझौते के तहत बांग्लादेश को दिए गए समान पारस्परिक टैरिफ (tariff) लाभ प्राप्त होंगे

चर्चा में क्यों: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की है कि भारत को नए U.S.-बांग्लादेश व्यापार समझौते के तहत बांग्लादेश को दिए गए समान पारस्परिक टैरिफ (tariff) लाभ प्राप्त होंगे।

9 फरवरी को हस्ताक्षरित अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौता बांग्लादेश को कुछ कपड़ा और परिधान वस्तुओं पर शून्य पारस्परिक टैरिफ (Zero Reciprocal Tariff) दर प्रदान करता है। यह लाभ अमेरिकी कपास और मानव निर्मित फाइबर (Man-made Fiber - MMF) के उपयोग पर निर्भर है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यअमेरिका में प्रवेश करने वाले भारतीय सामानों के लिए रिक्रॉसिपिकल टैरिफ रेट (Reciprocal tariff rate) 18% पर बना हुआ है।
  • तथ्यबांग्लादेश को मिलने वाला जीरो टैरिफ बेनिफिट (zero tariff benefit) अमेरिकी कॉटन और मैन-मेड फाइबर (MMF) के इस्तेमाल पर निर्भर है।
  • पदपीयूष गोयल भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बांग्लादेश जैसे क्षेत्रीय पड़ोसियों की तुलना में भारत के कपड़ा निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता पर अधिमान्य व्यापार समझौतों (preferential trade agreements) के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • ट्रेड एसिमेट्री: अमेरिकी बाजार में भारतीय कपड़ों की कीमत प्रतिस्पर्धा को प्रभावित करने वाले अलग-अलग टैरिफ स्ट्रक्चर
  • ट्रेड इंसेंटिव्स के कारण कच्चे माल की सोर्सिंग भारतीय कॉटन से बदलकर अमेरिकी कॉटन पर हुई

मुख्य शब्द: पारस्परिक टैरिफ · व्यापार असंतुलन · तरजीही व्यापार · टेक्सटाइल एक्सपोर्ट्स · इनपुट सोर्सिंग

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)मेन्स

आंध्र प्रदेश के 2026-27 के बजट से पता चला है कि आवश्यक मशीनरी और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के वित्तपोषण के लिए राज्य समर्थित गारंटी के माध्यम से ऑफ-बजट उधार (Off-budget borrowings) पर भारी निर्भरता है

चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश के 2026-27 के बजट से पता चला है कि आवश्यक मशीनरी और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के वित्तपोषण के लिए राज्य समर्थित गारंटी के माध्यम से ऑफ-बजट उधार (Off-budget borrowings) पर भारी निर्भरता है।

31 दिसंबर, 2025 तक, आंध्र प्रदेश की कुल गारंटी राशि ₹3.11 लाख करोड़ से अधिक हो गई है। इन गारंटियों के विरुद्ध बकाया मूलधन (Principal) ₹1,77,033.88 करोड़ है। इसमें ऊर्जा विभाग और APSDC एवं APRDC जैसे निगमों से जुड़ा महत्वपूर्ण कर्ज शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्य31 दिसंबर, 2025 तक आंध्र प्रदेश की कुल गारंटीड राशि ₹3.11 लाख करोड़ से अधिक हो गई।
  • तथ्यस्टेट-बैक्ड गारंटी (state-backed guarantees) के खिलाफ बकाया प्रिंसिपल ₹1,77,033.88 करोड़ है।
  • संस्थाNABARD: राज्य को लोन (Loans) प्रदान करने वाली एक वित्तीय संस्था (Financial institution)।
  • स्थानAPSDC और APRDC: ऋण गारंटी (debt guarantees) में शामिल राज्य निगम।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय राज्यों की दीर्घकालिक ऋण स्थिरता पर 'ऑफ-बजट' ऋण (बजट के बाहर के ऋण) और राज्य-समर्थित गारंटी के राजकोषीय निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय अपारदर्शिता: बजट से बाहर की देनदारियां जो राज्य के कर्ज और राजकोषीय घाटे की असली स्थिति को छिपाती हैं
  • क्राउडिंग आउट: हाई स्टेट-गारंटीड डेट भविष्य में सोशल स्पेंडिंग के लिए फिस्कल स्पेस को सीमित कर सकता है
  • आकस्मिक देनदारियां: राज्य समर्थित कॉर्पोरेशनों द्वारा गारंटी वाले लोन पर डिफॉल्ट होने से अचानक फ़िस्कल शॉक का जोखिम

मुख्य शब्द: राजकोषीय घाटा · आकस्मिक देनदारियां · ऋण स्थिरता · ऑफ-बजट उधार · राजकोषीय पारदर्शिता

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आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री पय्यवुला केशव ने 2026-27 का बजट पेश किया

चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री पय्यवुला केशव ने 2026-27 का बजट पेश किया, जिसमें उन्होंने उच्च राजस्व और राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) के कारण राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले भारी दबाव पर जोर दिया।

आंध्र प्रदेश के 2026–27 के बजट अनुमानों में ₹22,002 करोड़ का राजस्व घाटा और ₹75,868 करोड़ का राजकोषीय घाटा (fiscal deficit) दर्शाया गया है। यह बजट राज्य के खर्च पर ऋण की उच्च लागत और ब्याज एवं मूलधन की किश्तों के पुनर्भुगतान के बोझ पर जोर देता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यआंध्र प्रदेश का 2026–27 के लिए अनुमानित राजस्व घाटा (Revenue Deficit): ₹22,002 करोड़।
  • तथ्यआंध्र प्रदेश का 2026–27 के लिए अनुमानित राजकोषीय घाटा: ₹75,868 करोड़।
  • पदपय्यवुला केशव: आंध्र प्रदेश के फाइनेंस मिनिस्टर।
मेन्स के लिए

प्रश्न: उच्च ऋण-सेवा लागत के बीच विकासात्मक व्यय की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने में भारतीय राज्यों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • कर्ज चुकाने का जाल: भारी ब्याज और मूलधन की किश्तें बुनियादी ढांचे के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर को कम कर रही हैं
  • राजकोषीय-संघीय टकराव: राज्यों के राजस्व घाटे के लक्ष्यों और केंद्र की राजकोषीय जिम्मेदारी गाइडलाइन्स के बीच संतुलन
  • स्ट्रक्चरल डेफिसिट: गैर-विकासशील खर्च और राजस्व उत्पादन के बीच लगातार बना अंतर

मुख्य शब्द: राजकोषीय घाटा · राजस्व घाटा · ऋण सेवा · जीएसडीपी · राजकोषीय अनुशासन · स्ट्रक्चरल स्ट्रेन

स्रोत: द हिंदू ↗+2 और खबरें इस विषय पर
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कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (Cabinet Committee on Economic Affairs) ने असम के गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच भारत की पहली ट्विन-ट्यूब अंडरवॉटर रोड-कम-रेल टनल (twin-tube underwater road-cum-rail tunnel) को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (Cabinet Committee on Economic Affairs) ने असम के गोहपुर और नुमालीगढ़ के बीच भारत की पहली ट्विन-ट्यूब अंडरवॉटर रोड-कम-रेल टनल (twin-tube underwater road-cum-rail tunnel) को मंजूरी दी है।

इस परियोजना में 33.7 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर शामिल है, जिसमें ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 15.79 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹18,662 करोड़ है और इससे यात्रा के समय में 95% की कमी आएगी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानगोहपुर और नुमालिगढ़ असम में प्रस्तावित टनल प्रोजेक्ट (tunnel project) के स्थान हैं।
  • तथ्यब्रह्मपुत्र नदी के नीचे सुरंग की लंबाई 15.79 किलोमीटर है।
  • तथ्यकुल प्रोजेक्ट कॉस्ट ₹18,662 करोड़ है।
  • तथ्ययह प्रोजेक्ट भारत की पहली ट्विन-ट्यूब अंडरवॉटर रोड-कम-रेल टनल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: उत्तर-पूर्वी भारत में जलमग्न सुरंगों (underwater tunnels) जैसी बड़े पैमाने की बुनियादी ढांचा परियोजनाएं क्षेत्रीय आर्थिक विकास और लॉजिस्टिक दक्षता को कैसे उत्प्रेरित कर सकती हैं, चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक दक्षता: माल की आवाजाही बढ़ाने के लिए यात्रा के समय में 95% की कमी
  • क्षेत्रीय कनेक्टिविटी: असम के इंडस्ट्रियल हब्स को व्यापक व्यापार मार्गों से जोड़ना
  • इंजीनियरिंग की जटिलता: नदी के वातावरण में ट्विन-ट्यूब टनल बनाने की तकनीकी चुनौतियां

मुख्य शब्द: मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी · लॉजिस्टिक एफिशिएंसी · क्षेत्रीय एकीकरण · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · इकोनॉमिक कॉरिडोर

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केंद्रीय कैबिनेट ने निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रतिस्पर्धी 'चैलेंज-मोड' फाइनेंसिंग के माध्यम से परिवर्तनकारी शहरी परियोजनाओं को समर्थन देने हेतु 'अर्बन चैलेंज फंड' (Urban Challenge Fund

चर्चा में क्यों: केंद्रीय कैबिनेट ने निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रतिस्पर्धी 'चैलेंज-मोड' फाइनेंसिंग के माध्यम से परिवर्तनकारी शहरी परियोजनाओं को समर्थन देने हेतु 'अर्बन चैलेंज फंड' (Urban Challenge Fund - UCF) को मंजूरी दी है।

UCF, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) की एक योजना है, जिसमें कुल 1 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता दी जाएगी। इसका लक्ष्य वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2030-31 तक के पांच वर्षों के दौरान 4 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश आकर्षित करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • योजनाUrban Challenge Fund (UCF) आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) के तहत एक योजना है।
  • तथ्यUCF के लिए कुल सेंट्रल असिस्टेंस ₹1 लाख करोड़ है।
  • तथ्यUCF का लक्ष्य पांच वर्षों में ₹4 लाख करोड़ का अतिरिक्त निवेश आकर्षित करना है।
  • तथ्यकार्यान्वयन की अवधि FY 2025-26 से FY 2030-31 तक है, जिसे FY 2033-34 तक बढ़ाया जा सकता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ते भारतीय शहरों में बुनियादी ढाँचे की कमी को दूर करने में 'चैलेंज-मोड' वित्तपोषण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) किस प्रकार सहायक हो सकती हैं, चर्चा कीजिए।

  • कैपिटल गैप: मार्केट-लिंक्ड फाइनेंसिंग के जरिए हाई-क्वालिटी अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए फंडिंग की कमी को पूरा करना
  • गवर्नेंस मॉडल: सब्सिडी-आधारित मॉडल से प्रतिस्पर्धी और परफॉरमेंस-आधारित शहरी प्रोजेक्ट चयन की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर · पब्लिक-प्राइवेट पार्टिसिपेशन · कॉम्पिटिटिव फाइनेंसिंग · शहरी शासन · पूंजी जुटाना

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)मेन्स

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय से केरल में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के लिए NCRTC के साथ एक व्यवहार्यता अध्ययन (feasibility study) शुरू करने का अनुरोध किया है

चर्चा में क्यों: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय से केरल में रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के लिए NCRTC के साथ एक व्यवहार्यता अध्ययन (feasibility study) शुरू करने का अनुरोध किया है।

केरल सरकार ने वाहनों के उच्च घनत्व और ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए RRTS परियोजना को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है। यह प्रस्ताव कोच्चि में आयोजित अर्बन कॉन्क्लेव (Urban Conclave) के दौरान केंद्रीय मंत्री खट्टर द्वारा दिए गए एक बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने ऐसे प्रस्ताव पर विचार करने के लिए मंत्रालय की इच्छा व्यक्त की थी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाNCRTC: National Capital Region Transport Corporation वह संस्था है जिसे व्यवहार्यता अध्ययन (feasibility study) का कार्य सौंपा गया है।
  • तथ्यदिल्ली-मेरठ RRTS कॉरिडोर को प्रस्तावित केरल प्रोजेक्ट के लिए एक सफल मॉडल के रूप में उद्धृत किया गया है।
  • पदपिनराई विजयन: केरल के मुख्यमंत्री।
  • संस्थाआवास और शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs): RRTS प्रस्ताव की निगरानी के लिए जिम्मेदार केंद्रीय मंत्रालय।
मेन्स के लिए

प्रश्न: केरल जैसे उच्च घनत्व वाले राज्यों में शहरी भीड़भाड़ को कम करने और बहु-मोडल कनेक्टिविटी को बढ़ाने में क्षेत्रीय तीव्र पारगमन प्रणालियों (RRTS) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन: तकनीकी व्यवहार्यता के लिए राज्य सरकारों और NCRTC के बीच सहज सहयोग की ज़रूरत
  • राजकोषीय संघवाद: राज्य की बुनियादी ढांचा मांगों और केंद्र सरकार की फंडिंग व तकनीकी निगरानी के बीच संतुलन
  • अर्बन मोबिलिटी: कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के जरिए वाहनों की भारी संख्या से निपटना

मुख्य शब्द: रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम · अर्बन मोबिलिटी · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी · व्यवहार्यता अध्ययन

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ब्रोकर्स के लिए बैंक गारंटी के ढांचे को सख्त कर दिया है

चर्चा में क्यों: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ब्रोकर्स के लिए बैंक गारंटी के ढांचे को सख्त कर दिया है, ताकि लीवरेज (leverage) को कम किया जा सके और कैपिटल एडिक्वेसी (capital adequacy) को बेहतर बनाया जा सके।

RBI संशोधन के अनुसार, ब्रोकर्स के लिए 100% सुरक्षित फंडिंग (secured funding) अनिवार्य है और बैंकों द्वारा प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग (proprietary trading) गतिविधियों को वित्तपोषित करने पर रोक लगा दी गई है। अब सभी एक्सपोजर को कैपिटल मार्केट एक्सपोजर (capital market exposure) के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिसके लिए निरंतर कोलैटरल मॉनिटरिंग (collateral monitoring) और मार्जिन कॉल (margin call) के प्रावधान आवश्यक हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यRBI नए फ्रेमवर्क के तहत ब्रोकर्स के लिए 100% सिक्योर्ड फंडिंग (secured funding) अनिवार्य करता है।
  • तथ्यबैंकों को प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग (proprietary trading) गतिविधियों के लिए फंडिंग प्रदान करने से प्रतिबंधित किया गया है।
  • तथ्यसभी ब्रोकर एक्सपोजर (broker exposures) को कैपिटल मार्केट एक्सपोजर (capital market exposure) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
  • तथ्ययह फ्रेमवर्क एक्सचेंजेस और क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस के लिए सख्त कोलैटरल (collateral) आवश्यकताओं को पेश करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा ब्रोकर फंडिंग मानदंडों को कड़ा करने के उपायों का विश्लेषण कीजिए कि ये कदम किस प्रकार पूंजी बाजारों में वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने और प्रणालीगत जोखिमों को कम करने में सहायक हैं। चर्चा कीजिए।

  • सिस्टमेटिक रिस्क मिटिगेशन: कैपिटल मार्केट्स में फैलावरोकने के लिए हाई-लेवरेज गतिविधियों को कम करना
  • लिक्विडिटी की कमी: स्टॉक ब्रोकर्स के लिए कैपिटल ब्लॉकेज और बैंक गारंटी की लागत में बढ़ोतरी की संभावना
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: क्लियरिंग कॉर्पोरेशंस के लिए कोलैटरल मॉनिटरिंग और मार्जिन कॉल मैकेनिज्म को मजबूत करना

मुख्य शब्द: कैपिटल एडिक्वेसी · सिस्टमैटिक रिस्क · लाभ उठाना · मौनेटरी पॉलिसी · वित्तीय स्थिरता

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रह्मपुत्र नदी पर गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ने वाले 6-लेन वाले ₹3,030 करोड़ के कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रह्मपुत्र नदी पर गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ने वाले 6-लेन वाले ₹3,030 करोड़ के कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन किया।

कुमार भास्कर वर्मा सेतु पूर्वोत्तर क्षेत्र का पहला एक्स्ट्राडोस्ड प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट (PSC) पुल है। इस परियोजना की लागत ₹3,030 करोड़ है और यह असम में गुवाहाटी को नॉर्थ गुवाहाटी से जोड़ता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानकुमार भास्कर वर्मा सेतु असम में गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी को जोड़ता है।
  • तथ्यइस ब्रिज की लागत ₹3,030 करोड़ है।
  • विज्ञान-तकनीकयह पुल पूर्वोत्तर में पहला एक्स्ट्राडोस्ड प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट (PSC) पुल है।
  • योजनाPM-eBus सेवा योजना: इस योजना के तहत 225 इलेक्ट्रिक बसों को फ्लैग ऑफ किया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पूर्वोत्तर भारत में एक्स्ट्राडोज्ड पीएससी (Extradosed PSC) पुलों जैसे विशिष्ट बुनियादी ढांचे का विकास क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • लॉजिस्टिक दक्षता: व्यापार के लिए गुवाहाटी और नॉर्थ गुवाहाटी के बीच ट्रांजिट समय कम करना
  • क्षेत्रीय एकीकरण: बेहतर रिवरिन कनेक्टिविटी के जरिए 'एक्ट ईस्ट' पॉलिसी को मजबूती देना
  • इंजीनियरिंग इनोवेशन: भूकंप के खतरे वाले नदीय इलाकों के लिए एक्स्ट्राडोज्ड PSC तकनीक को अपनाना

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · एक्स्ट्राडोस्ड ब्रिज · लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी · एक्ट ईस्ट पॉलिसी

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने PM-Gati Shakti नेशनल मास्टर प्लान के तहत गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाने के लिए ₹18,509 करोड़ की लागत वाली तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने PM-Gati Shakti नेशनल मास्टर प्लान के तहत गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाने के लिए ₹18,509 करोड़ की लागत वाली तीन मल्टी-ट्रैकिंग रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है।

अनुमोदित परियोजनाओं में कसरा-मानमद, दिल्ली-अंबाला और बल्लारी-होसापेटे के बीच तीसरी और चौथी लाइनें शामिल हैं। यह पहल रेलवे नेटवर्क को 389 किलोमीटर तक बढ़ाएगी और लगभग 3,902 गांवों को आपस में जोड़ेगी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यकैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (Cabinet Committee on Economic Affairs) द्वारा स्वीकृत कुल प्रोजेक्ट कॉस्ट ₹18,509 करोड़ है।
  • तथ्यइन प्रोजेक्ट्स से रेलवे नेटवर्क में 389 किलोमीटर की वृद्धि होगी।
  • तथ्यइन प्रोजेक्ट्स से 96 MTPA का अतिरिक्त फ्रेट ट्रैफिक (freight traffic) उत्पन्न होने की उम्मीद है।
  • योजनाPM-Gati Shakti National Master Plan मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी (logistics efficiency) पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत बहु-आयामी कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे के विस्तार से कैसे लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आ सकती है और यह भारत के जलवायु लक्ष्यों में किस प्रकार योगदान दे सकता है, चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स दक्षता: रेल क्षमता और मल्टी-ट्रैकिंग के जरिए फ्रेट लागत में कमी
  • पर्यावरण संरेखण: माल ढुलाई को सड़क से रेल पर शिफ्ट करके CO2 उत्सर्जन कम करना
  • ग्रामीण कनेक्टिविटी: 3,902 गाँवों को नेशनल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ा गया

मुख्य शब्द: मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी · लॉजिस्टिक्स कुशलता · माल ढुलाई ट्रैफिक · पीएम-गति शक्ति · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का उद्घाटन करने और ₹5,500 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure projects) को शुरू करने के लिए असम का दौरा किया

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का उद्घाटन करने और ₹5,500 करोड़ से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Infrastructure projects) को शुरू करने के लिए असम का दौरा किया।

प्रधानमंत्री ने असम के डिब्रूगढ़ जिले में ₹100 करोड़ की एक इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (Emergency Landing Facility) का उद्घाटन किया। यह सुविधा पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली सुविधा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानडिब्रूगढ़: असम का वह जिला जहाँ पूर्वोत्तर में पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (Emergency Landing Facility) का उद्घाटन किया गया था।
  • तथ्य₹5,500 करोड़: असम यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं का कुल मूल्य।
  • तथ्य₹100 करोड़: डिब्रूगढ़ में विशिष्ट इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (Emergency Landing Facility) की लागत।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पूर्वोत्तर क्षेत्र में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आपदा प्रबंधन के संदर्भ में विशिष्ट विमानन बुनियादी ढांचे के विकास के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी: कठिन भौगोलिक इलाकों में इमरजेंसी सेवाओं के लिए ट्रांजिट समय कम करना
  • आर्थिक एकीकरण: बेहतर एविएशन एक्सेस के जरिए पूर्वोत्तर में ट्रेड कॉरिडोर और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · आपदा प्रबंधन · एविएशन लॉजिस्टिक्स

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

RBI ने रियल एस्टेट सेक्टर में क्रेडिट फ्लो को विनियमित करने और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) को बैंक ऋण देने के लिए ड्राफ्ट गाइडलाइन्स जारी किए हैं

चर्चा में क्यों: RBI ने रियल एस्टेट सेक्टर में क्रेडिट फ्लो को विनियमित करने और वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) को बैंक ऋण देने के लिए ड्राफ्ट गाइडलाइन्स जारी किए हैं।

RBI के ड्राफ्ट गाइडलाइन्स के अनुसार, REITs को दिए जाने वाले बैंक ऋणों को चिन्हित संपत्तियों (identified assets) के बंधक (mortgages) द्वारा सुरक्षित करना अनिवार्य है। इन ऋणों का उपयोग भूमि अधिग्रहण (land acquisition) के लिए करने पर रोक लगाई गई है। बैंकों के लिए यह आवश्यक है कि वे कैश फ्लो की पर्याप्तता का आकलन करें और पिछले वित्तीय वर्ष के 31 मार्च तक REIT की कुल संपत्ति के अधिकतम 49% की एक्सपोजर लिमिट (exposure limit) का पालन करें।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाRBI: REIT बैंक लेंडिंग के लिए ड्राफ्ट गाइडलाइन्स जारी करने वाली रेगुलेटरी बॉडी।
  • तथ्यअधिकतम एक्सपोजर लिमिट (Maximum exposure limit): पिछले वित्तीय वर्ष के 31 मार्च तक REIT की एसेट्स (assets) का 49%।
  • तथ्यनिषिद्ध उपयोग: बैंक फाइनेंसिंग (Bank financing) का उपयोग भूमि अधिग्रहण गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता।
  • तथ्यकार्यान्वयन की तारीख: इन गाइडलाइन्स को 1 जुलाई से लागू किए जाने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय रिज़ल्ट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) वित्तपोषण पर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा प्रस्तावित दिशा-निर्देशों के माध्यम, से बुनियादी ढांचा निवेश और प्रणालीगत वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन स्थापित करने के प्रयासों का विश्लेषण कीजिए।

  • क्रेडिट रिस्क मिटिगेशन: सख्त एसेट-बैक्ड मॉर्टगेज शर्तों के जरिए रियल एस्टेट सेक्टर में ओवर-लेवरेजिंग को रोकना
  • लिक्विडिटी मैनेजमेंट: कैश फ्लो पर्याप्तता के अनिवार्य आकलन के जरिए कर्ज चुकाने की क्षमता सुनिश्चित करना
  • सेक्टोरल रेगुलेशन: जमीन की खरीद के लिए बैंक क्रेडिट के इस्तेमाल पर रोक लगाकर सट्टा आधारित जमीन अधिग्रहण को कम करना

मुख्य शब्द: मौनेटरी पॉलिसी · क्रेडिट रिस्क · रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स · एसेट-बैक्ड लेंडिंग · वित्तीय स्थिरता

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RBI ने क्रेडिट एब्जॉर्प्शन (credit absorption) को बढ़ाने और बॉटम-अप प्लानिंग (bottom-up planning) व वैकल्पिक क्रेडिट असेसमेंट (alternative credit assessments) के माध्यम से प्रायोरिटी सेक्टर फंडिंग को सुव्यवस्थित करने के लिए एक संशोधित लीड बैंक स्कीम का प्रस्ताव दिया है

चर्चा में क्यों: RBI ने क्रेडिट एब्जॉर्प्शन (credit absorption) को बढ़ाने और बॉटम-अप प्लानिंग (bottom-up planning) व वैकल्पिक क्रेडिट असेसमेंट (alternative credit assessments) के माध्यम से प्रायोरिटी सेक्टर फंडिंग को सुव्यवस्थित करने के लिए एक संशोधित लीड बैंक स्कीम का प्रस्ताव दिया है।

RBI की संशोधित योजना क्रेडिट प्लानिंग के लिए एक पदानुक्रम (hierarchy) निर्धारित करती है, जिसमें ब्लॉक क्रेडिट प्लान, जिला क्रेडिट प्लान और वार्षिक क्रेडिट प्लान शामिल हैं। यह योजना क्रेडिट प्रवाह को सुगम बनाने के लिए 'नो ड्यूज' (no dues) प्रमाणपत्रों के स्थान पर वैकल्पिक क्रेडिट असेसमेंट (credit assessment) विधियों को अपनाती है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाState Level Bankers' Committees (SLBCs) अनबैंकड सेंटर्स (unbanked centers) की अपडेटेड लिस्ट बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं।
  • तथ्यसंशोधित योजना 60% क्रेडिट-डिपॉजिट (CD) रेशियो का नियम निर्धारित करती है।
  • तथ्यडिस्ट्रिक्ट लेवल फोरम (District level forums) को योजना के कवरेज और प्रगति की निगरानी करने का काम सौंपा गया है।
  • तथ्ययह स्कीम ब्लॉक, डिस्ट्रिक्ट और एनुअल क्रेडिट प्लान्स सहित बॉटम-अप क्रेडिट प्लानिंग को अनिवार्य बनाती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा 'बॉटम-अप' क्रेडिट प्लानिंग और वैकल्पिक क्रेडिट मूल्यांकन की ओर बढ़ते कदम ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • क्रेडिट एक्सेसिबिलिटी: 'नो ड्यूज़' सर्टिफिकेट से आगे बढ़कर इनफॉर्मल इकोनॉमी के प्रतिभागियों को शामिल करना
  • स्थानीय योजना: बेहतर ग्रामीण लक्ष्यीकरण के लिए क्रेडिट प्राथमिकताओं को ब्लॉक और डिस्ट्रिक्ट स्तर पर विकेंद्रीकृत करना
  • मॉनिटरिंग मैकेनिज्म: अनबैंक्ड केंद्रों की पहचान और सेवा में SLBCs और जिला फ़ोरम की भूमिका

मुख्य शब्द: वित्तीय समावेशन · प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग · क्रेडिट एब्जॉर्प्शन · बॉटम-अप प्लानिंग · अल्टरनेटिव क्रेडिट असेसमेंट

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भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने लिक्विडिटी और निवेश को बढ़ावा देने के लिए बैंकों के लिए एक्विजिशन फाइनेंस (acquisition finance) नियमों में ढील दी है और शेयरों पर मिलने वाले लोन की सीमाओं में संशोधन किया है

चर्चा में क्यों: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने लिक्विडिटी और निवेश को बढ़ावा देने के लिए बैंकों के लिए एक्विजिशन फाइनेंस (acquisition finance) नियमों में ढील दी है और शेयरों पर मिलने वाले लोन की सीमाओं में संशोधन किया है।

RBI ने बैंकों के लिए अधिग्रहण वित्त (acquisition finance) की सीमा को पात्र पूंजी के 10% से बढ़ाकर 20% कर दिया है। व्यक्तियों के लिए, शेयरों के बदले ऋण की सीमा ₹1 करोड़ निर्धारित की गई है, जिसमें IPO, FPO और ESOP के लिए ₹25 लाख की विशिष्ट सीमा तय की गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यRBI ने बैंकों के लिए एक्विजिशन फाइनेंस (acquisition finance) लिमिट को एलिजिबल कैपिटल के 20% तक बढ़ा दिया है।
  • तथ्यव्यक्तियों के लिए शेयर्स के बदले अधिकतम लोन की राशि ₹1 करोड़ है।
  • तथ्यIPOs, FPOs और ESOPs के लिए लोन कैप ₹25 लाख है।
  • संस्थाRBI के दिशा-निर्देश इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट और रिटेल उधारकर्ताओं (retail borrowers) पर लागू होते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अधिग्रहण वित्तपोषण (acquisition finance) और शेयरों पर ऋण (loan-against-shares) के नियमों में दी गई ढील, भारत में पूंजी बाजार की तरलता और कॉर्पोरेट निवेश को किस प्रकार प्रभावित कर सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • लिक्विडिटी इंजेक्शन: मार्केट एक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए रिटेल इन्वेस्टर्स और कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए क्रेडिट तक पहुंच बढ़ाना
  • रिस्क मैनेजमेंट: अस्थिर इक्विटी मार्केट्स में संभावित सिस्टमैटिक रिस्क के मुकाबले हाई लोन-टू-वैल्यू (LTV) कैप्स को संतुलित करना

मुख्य शब्द: लिक्विडिटी · कैपिटल मार्केट्स · मौनेटरी पॉलिसी · क्रेडिट विस्तार · जोखिम कम करना

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स

NABARD ने कृषि और MSME विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026-27 के लिए राजस्थान में ₹4.88 लाख करोड़ की प्राथमिकता वाले क्षेत्र (Priority Sector) के ऋण की क्षमता का अनुमान लगाया है

चर्चा में क्यों: NABARD ने कृषि और MSME विकास को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026-27 के लिए राजस्थान में ₹4.88 लाख करोड़ की प्राथमिकता वाले क्षेत्र (Priority Sector) के ऋण की क्षमता का अनुमान लगाया है।

NABARD ने 2026-27 के लिए राजस्थान में कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए ₹2.24 लाख करोड़ और MSMEs के लिए ₹2.27 लाख करोड़ का अनुमान लगाया है। राजस्थान राज्य का बजट परिव्यय (Budget outlay) ₹6.11 लाख करोड़ है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यNABARD ने 2026-27 के लिए राजस्थान के लिए ₹4.88 लाख करोड़ की प्रायोरिटी सेक्टर क्रेडिट पोटेंशियल (priority sector credit potential) का अनुमान लगाया है।
  • तथ्यकृषि और संबद्ध गतिविधियों (allied activities) की क्रेडिट क्षमता: ₹2.24 लाख करोड़।
  • तथ्यMSME क्रेडिट पोटेंशियल: ₹2.27 लाख करोड़।
  • तथ्यराजस्थान राज्य बजट आउटले (Outlay): ₹6.11 लाख करोड़।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राजस्थान जैसे कृषि प्रधान राज्यों में समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में प्राथमिकता वाले क्षेत्र के ऋण (प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग) के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • क्रेडिट एक्सेसिबिलिटी: शुष्क क्षेत्रों के छोटे और सीमांत किसानों के लिए फाइनेंसिंग गैप को कम करना
  • MSME इंटीग्रेशन: टारगेटेड क्रेडिट प्लानिंग के जरिए ग्रामीण इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को मजबूत बनाना
  • लास्ट-माइल डिलीवरी: कम सेवा वाले ग्रामीण इलाकों तक पहुँचने में संस्थागत बाधाओं को दूर करना

मुख्य शब्द: प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिंग · वित्तीय समावेशन · MSME की ग्रोथ · ग्रामीण क्रेडिट · NABARD

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकमेन्स

मुख्य आर्थिक सलाहकार वी

चर्चा में क्यों: मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनन्ता नागेश्वरन ने व्यापार और पूंजी प्रवाह की अनिश्चितताओं के बीच रुपये को स्थिर करने के लिए आयात प्रतिस्थापन (Import Substitution) और निर्यात-आधारित विनिर्माण (Manufacturing) से जुड़ी तीन-स्तरीय रणनीति का प्रस्ताव दिया है।

CEA ने आयात प्रतिस्थापन (Import Substitution), उत्पादन और निर्यात प्रदर्शन से जुड़े समय-बद्ध संरक्षणवाद और जलवायु अनुकूलन निवेश की रणनीति का प्रस्ताव दिया है। नंदी फाउंडेशन के मनोज कुमार ने अराक घाटी (Araku Valley) में जैविक कॉफी सहकारी समितियों को जनजातीय सशक्तिकरण के एक मॉडल के रूप में रेखांकित किया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यमुख्य आर्थिक सलाहकार (Chief Economic Advisor): वी. अनन्ता नागेश्वरन।
  • स्थानआराकु वैली: भारत में ऑर्गेनिक कॉफी कोऑपरेटिव्स (Organic Coffee Cooperatives) का स्थान।
  • विज्ञान-तकनीकTiE चेन्नई द्वारा एंटरप्रेन्योरियल ऑपरेशंस (entrepreneurial operations) के लिए अनुशंसित।
मेन्स के लिए

प्रश्न: निर्यात-आधारित विनिर्माण रणनीति और आयात प्रतिस्थापन किस प्रकार मुद्रा की अस्थिरता को कम कर सकते हैं और भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता को सुदृढ़ कर सकते हैं, चर्चा कीजिए।

  • ट्रेड-बैलेंस लिंकेज: कैपिटल फ्लाइट रोकने और एक्सचेंज रेट को स्थिर करने के लिए आयात पर निर्भरता कम करना
  • संरक्षणवादी व्यापार नीति: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए समय-सीमा आधारित संरक्षणवाद और वैश्विक व्यापार प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन
  • क्लाइमेट-इकोनॉमिक नेक्सस: लंबी अवधि की इंडस्ट्रियल सस्टेनेबिलिटी के लिए क्लाइमेट अडैप्टेशन इन्वेस्टमेंट को प्राथमिकता देना

मुख्य शब्द: आयात प्रतिस्थापन · करेंसी में उतार-चढ़ाव · निर्यात आधारित विकास · पूंजी का प्रवाह · क्लाइमेट एडैप्टेशन

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सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) स्पेक्ट्रम के मालिक नहीं हैं

चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया है कि टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स (TSPs) स्पेक्ट्रम के मालिक नहीं हैं, क्योंकि यह एक दुर्लभ सार्वजनिक संसाधन है जिसे भारत सरकार द्वारा ट्रस्ट (Trust) के रूप में रखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि स्पेक्ट्रम एक ऐसी संपत्ति नहीं है जिसे TSPs द्वारा दिवाला कार्यवाही (insolvency proceedings) के दौरान बेचा या हस्तांतरित किया जा सकता है। परिणामस्वरूप, इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्ट्सी कोड (IBC) स्पेक्ट्रम के स्वामित्व पर लागू नहीं होता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थासुप्रीम कोर्ट: फैसला दिया कि स्पेक्ट्रम एक दुर्लभ सार्वजनिक संसाधन है जिसे भारत सरकार (Union of India) द्वारा ट्रस्ट में रखा गया है।
  • अधिनियम / विधेयकइन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्ट्सी कोड (IBC): यह स्पेक्ट्रम पर लागू नहीं होता है क्योंकि यह TSPs के स्वामित्व वाली संपत्ति नहीं है।
  • तथ्ययूनियन ऑफ इंडिया (Union of India): सार्वजनिक उपयोग के लिए स्पेक्ट्रम (spectrum) का स्वामित्व इसके पास होता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: दूरसंचार क्षेत्र में दिवालियापन के संदर्भ में, स्पेक्ट्रम को निजी संपत्ति के बजाय सार्वजनिक ट्रस्ट (सार्वजनिक न्यास) के रूप में मानने के कानूनी और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • एसेट क्लासिफिकेशन: IBC के तहत प्राइवेट कॉर्पोरेट एसेट्स और पब्लिक ट्रस्ट रिसोर्सेज के बीच कानूनी अंतर
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: दुर्लभ संसाधनों के प्रबंधन में भारत सरकार की भूमिका बनाम प्राइवेट सेक्टर के ऑपरेशनल अधिकार
  • ऋणदाता संरक्षण: घरेलू ऋणदाताओं के दावों और सार्वजनिक संसाधन संरक्षण के बीच टकराव

मुख्य शब्द: पब्लिक ट्रस्ट डॉक्ट्रिन · इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्ट्सी कोड · स्पेक्ट्रम आवंटन · सीमित संसाधन · नियामक ढांचा

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

KLA India और तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई में एक ₹3,510 करोड़ का R&D हब और इनोवेशन सेंटर स्थापित करने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं

चर्चा में क्यों: KLA India और तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई में एक ₹3,510 करोड़ का R&D हब और इनोवेशन सेंटर स्थापित करने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर और टेक इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है।

KLA India ने चेन्नई में 12 एकड़ के R&D हब और इनोवेशन सेंटर के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना में ₹3,510 करोड़ का निवेश शामिल है और इसका लक्ष्य अगले दशक में लगभग 4,000 पेशेवर नौकरियां पैदा करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यचेन्नई में KLA R&D हब के लिए निवेश की राशि ₹3,510 करोड़ है।
  • तथ्यइस प्रोजेक्ट से एक दशक में लगभग 4,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
  • स्थानR&D हब और इनोवेशन सेंटर तमिलनाडु के चेन्नई में स्थित होगा।
  • पदयह MoU तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की मौजूदगी में हस्ताक्षरित किया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य-नेतृत्व वाली औद्योगिक नीतियों और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) किस प्रकार वैश्विक अर्धचालक (सेमीकंडक्टर) और उच्च-तकनीकी अनुसंधान एवं विकास (R&D) मूल्य श्रृंखला में भारत की स्थिति को सुदृढ़ कर सकती हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • राज्य-नेतृत्व वाले प्रोत्साहन: हाई-कैपिटल R&D निवेश को आकर्षित करने के लिए जमीन और इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल
  • स्किल-गैप अलाइनमेंट: हाई-एंड टेक्निकल एक्सपर्टाइज़ की मांग को लोकल प्रोफेशनल ट्रेनिंग से जोड़ना
  • क्लस्टर डेवलपमेंट: इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इनोवेशन के लिए चेन्नई का एक स्पेशलाइज्ड हब के रूप में उभरना

मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · R&D इकोसिस्टम · निवेश का माहौल · सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन · औद्योगिक नीति

SHANTI एक्ट के पारित होने के बाद, अडानी ग्रुप ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में एक नई कंपनी बनाने की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: SHANTI एक्ट के पारित होने के बाद, अडानी ग्रुप ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में एक नई कंपनी बनाने की घोषणा की है। यह एक्ट परमाणु ऊर्जा संचालन में निजी भागीदारी की अनुमति देता है।

अडानी एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड (Adani Atomic Energy Limited) वह सहायक कंपनी है जो समूह के परमाणु क्षेत्र में प्रवेश को सुगम बनाती है। भारत की वर्तमान स्थापित परमाणु ऊर्जा क्षमता 8.8 GW है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यभारत की वर्तमान स्थापित परमाणु ऊर्जा क्षमता 8.8 GW है।
  • अधिनियम / विधेयकSHANTI Act प्राइवेट कंपनियों को न्यूक्लियर पावर प्लांट चलाने और विदेशी पार्टनर्स के साथ जॉइंट वेंचर्स (Joint Ventures) बनाने की अनुमति देता है।
  • तथ्यअडानी ग्रुप ने नवंबर 2025 में ही न्यूक्लियर सेक्टर में अपनी रुचि व्यक्त की थी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के वि-कार्बनिकरण (decarbonization) लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए परमाणु ऊर्जा बुनियादी ढांचे में निजी क्षेत्र की भागीदारी के निहितार्थों पर चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: प्राइवेट ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सख्त सेफ्टी प्रोटोकॉल और न्यूक्लियर सिक्योरिटी स्टैंडर्ड्स के बीच संतुलन
  • कैपिटल मोबिलाइजेशन: हाई-कैपिटल न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए फंडिंग गैप को भरने हेतु प्राइवेट इन्वेस्टमेंट का इस्तेमाल
  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: संवेदनशील न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में विदेशी जॉइंट वेंचर्स से जुड़े रिस्क को मैनेज करना

मुख्य शब्द: डीकार्बोनाइजेशन · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · ऊर्जा सुरक्षा · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · परमाणु इंफ्रास्ट्रक्चर

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)मेन्स

रेलवे मंत्रालय ने बताया कि केरल सरकार सिल्वरलाइन (SilverLine) प्रोजेक्ट को मौजूदा रेलवे नेटवर्क में जोड़ने के बजाय एक स्वतंत्र परियोजना के रूप में चलाने पर जोर दे रही है

चर्चा में क्यों: रेलवे मंत्रालय ने बताया कि केरल सरकार सिल्वरलाइन (SilverLine) प्रोजेक्ट को मौजूदा रेलवे नेटवर्क में जोड़ने के बजाय एक स्वतंत्र परियोजना के रूप में चलाने पर जोर दे रही है।

सिल्वरलाइन प्रोजेक्ट तिरुवनंतपुरम और कासरगोड के बीच यात्रा के समय को घटाकर चार घंटे करने के उद्देश्य से प्रस्तावित 530 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन है। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (Detailed Project Report - DPR) केरल रेल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KRDCL) द्वारा तैयार की गई है, जो केरल सरकार और रेल मंत्रालय का एक संयुक्त उद्यम है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाKRDCL: केरल सरकार और रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) के बीच एक जॉइंट वेंचर (Joint Venture)।
  • तथ्यसिल्वरलाइन (SilverLine) प्रोजेक्ट की लंबाई: 530 किमी।
  • तथ्यलक्ष्य यात्रा समय: तिरुवनंतपुरम से कसरगोड तक चार घंटे।
मेन्स के लिए

प्रश्न: स्वतंत्र उच्च गति रेल गलियारों (standalone high-speed rail corridors) के विकास बनाम उन्हें मौजूदा राष्ट्रीय रेलवे बुनियादी ढांचे में एकीकृत करने के तार्किक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • एजेंसियों के बीच टकराव: राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों और केंद्र के रेलवे नेटवर्क एकीकरण के बीच तालमेल की चुनौतियां
  • आर्थिक दक्षता: हाई-स्पीड स्टैंडअलोन कॉरिडोर और इंटीग्रेटेड रेल नेटवर्क के ऑपरेशनल सिनर्जी के बीच ट्रेड-ऑफ
  • राजकोषीय संघवाद: जॉइंट-वेंचर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए फंडिंग का आवंटन और रखरखाव की ज़िम्मेदारियाँ

मुख्य शब्द: इंफ्रास्ट्रक्चर एकीकरण · जॉइंट वेंचर · लॉजिस्टिक तालमेल · संघीय समन्वय · प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता

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रेलवे मंत्रालय ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और परिवहन दक्षता को बढ़ाने के लिए केरल में सात हाई-स्पीड रेलवे प्रोजेक्ट्स के सर्वे को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: रेलवे मंत्रालय ने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और परिवहन दक्षता को बढ़ाने के लिए केरल में सात हाई-स्पीड रेलवे प्रोजेक्ट्स के सर्वे को मंजूरी दी है।

रेल मंत्रालय ने 160 किमी/घंटा तक की संभावित गति वाली सात परियोजनाओं के लिए सर्वेक्षणों को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में शोरनूर, कोयंबटूर, एर्नाकुलम, कयमकुलम, तिरुवनंतपुरम और नागरकोइल को जोड़ने वाली लाइनें शामिल हैं, साथ ही तुरवुर और अम्बलप्पुझा के बीच एक दोहरीकरण (doubling) परियोजना भी शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यकेरल में स्वीकृत हाई-स्पीड रेलवे प्रोजेक्ट्स की संभावित गति 160 किमी/घंटा तक है।
  • स्थानहाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स शोरनूर, कोयंबटूर, एर्नाकुलम, कायमकुलम, तिरुवनंतपुरम और नागरकोइल को जोड़ते हैं।
  • स्थानतुरावुर और अम्बलप्पुझा के बीच एक रेलवे डबलिंग प्रोजेक्ट प्रस्तावित है।
  • संस्थारेलवे मंत्रालय वह संस्था है जो सर्वे (surveys) को मंजूरी देने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: केरल में क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ावा देने में उच्च गति वाली रेल बुनियादी संरचना की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • अंतर-राज्य समन्वय: रेल विस्तार के लिए राज्य सरकार से सलाह और मल्टी-स्टेकहोल्डर अप्रूवल की ज़रूरत
  • लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: केरल के प्रमुख केंद्रों और पड़ोसी तमिलनाडु के बीच यात्रा के समय को कम करने के लिए 160 किमी/घंटा की रफ्तार की क्षमता

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · लॉजिस्टिक कुशलता · मल्टी-स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स + मेन्स

नीति आयोग की ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट (फरवरी 2026) में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को बढ़ावा देने के लिए FTAs का लाभ उठाने और असेंबली-आधारित विनिर्माण (assembly-led manufacturing) के बजाय कंपोनेंट-आधारित विनिर्माण (component-led manufacturing) की ओर बढ़ने की सिफारिश की गई है

चर्चा में क्यों: नीति आयोग की ट्रेड वॉच क्वार्टरली रिपोर्ट (फरवरी 2026) में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को बढ़ावा देने के लिए FTAs का लाभ उठाने और असेंबली-आधारित विनिर्माण (assembly-led manufacturing) के बजाय कंपोनेंट-आधारित विनिर्माण (component-led manufacturing) की ओर बढ़ने की सिफारिश की गई है।

यह रिपोर्ट नीति आयोग द्वारा 13 फरवरी, 2026 को जारी की गई थी। यह रिपोर्ट एक अस्थिर भू-राजनीतिक परिवेश (geopolitical environment) में निवेश को आकर्षित करने के लिए पूर्वानुमानित घरेलू खरीद, निर्यात वित्त और रेगुलेटरी सरलीकरण (regulatory simplification) की आवश्यकता पर जोर देती है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थानीति आयोग: भारत सरकार का थिंक टैंक जो Trade Watch Quarterly रिपोर्ट के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यरिपोर्ट इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में असेंबली-आधारित लाभ से कंपोनेंट-आधारित मैन्युफैक्चरिंग (component-led manufacturing) की ओर बदलाव का सुझाव देती है।
  • तथ्यक्रॉस-बॉर्डर ई-कॉमर्स (e-commerce) को इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्यात में वृद्धि के प्राथमिक चालक के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (Global Value Chains) में एकीकरण की भारत की रणनीति के संदर्भ में, 'असेंबली-आधारित' विनिर्माण से 'घटक-आधारित' (Component-led) विनिर्माण की ओर संक्रमण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन इंटीग्रेशन: भू-राजनीतिक जोखिमों को कम करने के लिए आयातित रणनीतिक कंपोनेंट्स पर निर्भरता घटाना
  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: हाई-टेक इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए आसान एक्सपोर्ट फाइनेंस और प्रेडिक्टेबल प्रोक्योरमेंट की ज़रूरत

मुख्य शब्द: ग्लोबल वैल्यू चेन · कंपोनेंट-आधारित मैन्युफैक्चरिंग · व्यापार सुगमता · एक्सपोर्ट फाइनेंस · रणनीतिक स्वायत्तता

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

सिविल एविएशन मंत्री के

चर्चा में क्यों: सिविल एविएशन मंत्री के. राममोहन नायडू ने रियल एस्टेट विकास को गति देने के लिए अगले पांच वर्षों में 50 नए एयरपोर्ट बनाने की योजना की घोषणा की है।

सरकार का लक्ष्य 2031 तक 50 नए एयरपोर्ट बनाना है। रियल एस्टेट मार्केट के 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है और यह 2047 तक संभावित रूप से 5-7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्य5 साल की समय सीमा के भीतर 50 नए एयरपोर्ट्स को पूरा करने का लक्ष्य।
  • तथ्य2030 तक रियल एस्टेट मार्केट का अनुमानित वैल्यूएशन $1 ट्रिलियन होने का अनुमान है।
  • तथ्य2047 तक रियल एस्टेट मार्केट की अनुमानित वैल्यूएशन $5-7 ट्रिलियन होगी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में विमानन बुनियादी ढांचे के विस्तार किस प्रकार शहरी रियल एस्टेट विकास और क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी फ्रिक्शन: एविएशन सेफ्टी हाइट रिस्ट्रिक्शन्स और अर्बन रियल एस्टेट डेवलपमेंट की जरूरतों के बीच संतुलन
  • इकोनॉमिक मल्टीप्लायर: इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास और 2047 तक 5-7 ट्रिलियन डॉलर का रियल एस्टेट लक्ष्य हासिल करने में इसकी भूमिका

मुख्य शब्द: इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास · रियल एस्टेट डेवलपमेंट · एविएशन सुरक्षा · अर्बन प्लानिंग · इकोनॉमिक मल्टीप्लायर

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स

कर्नाटक सरकार ने आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और कॉफी वैल्यू चेन (Coffee Value Chain) को मजबूत करने के लिए 2,500 महिलाओं द्वारा संचालित कॉफी कियोस्क स्थापित करने हेतु ₹25 करोड़ स्वीकृत किए हैं

चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने और कॉफी वैल्यू चेन (Coffee Value Chain) को मजबूत करने के लिए 2,500 महिलाओं द्वारा संचालित कॉफी कियोस्क स्थापित करने हेतु ₹25 करोड़ स्वीकृत किए हैं।

कर्नाटक सरकार ने स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं द्वारा संचालित 2,500 कॉफी कियोस्क के लिए ₹25 करोड़ आवंटित किए हैं। कॉफी बोर्ड और नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन–कर्नाटक (National Rural Livelihood Mission–Karnataka) द्वारा एक लाख महिलाओं को ब्रूइंग, कैफे मैनेजमेंट और उद्यमिता (Entrepreneurship) के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकर्नाटक में 2,500 कॉफी कियोस्क (coffee kiosks) स्थापित करने के लिए ₹25 करोड़ स्वीकृत किए गए।
  • तथ्यकॉफी बोर्ड और NRLM-कर्नाटक द्वारा SHGs से जुड़ी एक लाख महिलाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है।
  • संस्थानेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (NRLM) एक केंद्रीय योजना है जो SHG-आधारित आजीविका के लिए फ्रेमवर्क प्रदान करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ग्रामीण भारत में मूल्य श्रृंखला (वैल्यू चेन) गतिविधियों में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के एकीकरण से समावेशी विकास और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है, चर्चा कीजिए।

  • वैल्यू चेन इंटीग्रेशन: हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में SHGs को प्राथमिक उत्पादकों से सर्विस प्रोवाइडर के रूप में बदलना
  • संस्थागत तालमेल: स्किल गैप को कम करने के लिए कॉफी बोर्ड और NRLM के बीच सहयोगात्मक गवर्नेंस
  • मार्केट एक्सेस: कॉम्पिटिटिव कैफे इंडस्ट्री में माइक्रो-एंटरप्राइजेज की ब्रांडिंग और स्केलिंग की चुनौती को हल करना

मुख्य शब्द: आर्थिक सशक्तिकरण · वैल्यू चेन · स्वयं सहायता समूह · समावेशी विकास · आजीविका मिशन

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स + मेन्स

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को गुमराह होने से बचाने के लिए बैंकों द्वारा ऋण के साथ बीमा जैसे थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट्स को जोड़ने (bundling) पर रोक लगाने वाले ड्राफ्ट गाइडलाइन्स जारी किए हैं

चर्चा में क्यों: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों को गुमराह होने से बचाने के लिए बैंकों द्वारा ऋण के साथ बीमा जैसे थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट्स को जोड़ने (bundling) पर रोक लगाने वाले ड्राफ्ट गाइडलाइन्स जारी किए हैं।

RBI के ड्राफ्ट गाइडलाइन्स के अनुसार, बैंकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे थर्ड-पार्टी प्रोडक्ट्स की बिक्री को लोन ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया से अलग रखें। यह कदम विशेष रूप से रिटेल और होम लोन सेक्टर में ग्रुप क्रेडिट लाइफ पॉलिसी की तेजी से बढ़ती संख्या को लक्षित करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाRBI: प्रोडक्ट बंडलिंग (product bundling) पर ड्राफ्ट गाइडलाइन्स जारी करने वाली रेगुलेटरी बॉडी।
  • तथ्यग्रुप क्रेडिट लाइफ पॉलिसीज (Group credit life policies): भारत के लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रिटेल और होम लोन से जुड़ा हुआ है।
  • तथ्यड्राफ्ट गाइडलाइन्स: लोन ऑफरिंग के साथ थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को बंडल करने पर रोक।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में ऋण के साथ तृतीय-पक्ष उत्पादों की बंडलिंग पर रोक लगाने के बीमा क्षेत्र के विकास और उपभोक्ता संरक्षण पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • उपभोक्ता संरक्षण: लोन प्रोसेसिंग के दौरान 'ज़बरदस्ती' बीमा खरीदने से रोकना और सूचित सहमति सुनिश्चित करना
  • मार्केट डायनामिक्स: बैंकों के लिए क्रॉस-सेलिंग रेवेन्यू में संभावित कमी बनाम उधारकर्ताओं के लिए बढ़ी पारदर्शिता
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: बैंकों के मुनाफे और शिकारी ऋण प्रथाओं को रोकने के RBI के जनादेश के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: उपभोक्ता संरक्षण · क्रॉस-सेलिंग · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · पारदर्शिता · वित्तीय समावेशन

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स + मेन्स

केंद्र सरकार द्वारा MGNREGA को 'विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन' (VB-G RAM G) से बदलने के फैसले ने आंध्र प्रदेश में विवाद पैदा कर दिया है

चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार द्वारा MGNREGA को 'विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन' (VB-G RAM G) से बदलने के फैसले ने आंध्र प्रदेश में विवाद पैदा कर दिया है।

VB-G RAM G, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) का स्थान लेगा। आंध्र प्रदेश में, MGNREGA के तहत अंपाराम जैसे गाँवों ने सफलता हासिल की, जबकि बंदरुगुडेम को सीमित भूमि और सामुदायिक संपत्तियों की कमी के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनाVB-G RAM G: ग्रामीण रोजगार और आजीविका के लिए MGNREGA का स्थान लेने वाला नया मिशन।
  • तथ्यबंदरुगुडेम: आंध्र प्रदेश का एक गाँव जो नई पॉलिसी के तहत लैंड अवेलेबिलिटी (land availability) की चुनौतियों का सामना कर रहा है।
  • तथ्यअम्पापुरम: आंध्र प्रदेश का एक गाँव जिसे MGNREGA के तहत एक सक्सेस स्टोरी (success story) के रूप में उद्धृत किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: ग्रामीण रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने और भूमि उपलब्धता में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के संदर्भ में, मनरेगा (MGNREGA) से वीबी-जी रैम जी (VB-G RAM G) की ओर हुए बदलाव का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • सांविधिक क्षरण: काम की कानूनी गारंटी से प्रशासनिक राशनिंग की ओर बढ़ने का जोखिम
  • क्षेत्रीय असमानता: संसाधन की कमी वाले गाँवों में सीमित ज़मीन की उपलब्धता का ग्रामीण आजीविका योजनाओं पर प्रभाव

मुख्य शब्द: सांविधिक गारंटी · प्रशासनिक राशनिंग · ग्रामीण आजीविका · रोजगार सुरक्षा · नीति में बदलाव

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकमेन्स

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के बजट का बचाव करते हुए कहा कि व्यक्तिगत आयकर (Personal Income Tax) से होने वाली उच्च वसूली मध्यम वर्ग के विस्तार और फॉर्मलाइजेशन (Formalization) को दर्शाती है, न कि किसी दमन को

चर्चा में क्यों: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के बजट का बचाव करते हुए कहा कि व्यक्तिगत आयकर (Personal Income Tax) से होने वाली उच्च वसूली मध्यम वर्ग के विस्तार और फॉर्मलाइजेशन (Formalization) को दर्शाती है, न कि किसी दमन को।

सरकार AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और फिनटेक के क्षेत्र में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति गठित करने की योजना बना रही है। वित्त मंत्री ने कम महंगाई और अनुमानित विकास दर की विशेषताओं वाले भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता (macroeconomic stability) पर जोर दिया।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यनिर्यात विस्तार के लिए सरकार का फोकस AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और फिनटेक पर है।
  • पदनिर्मला सीतारमण वर्तमान में भारत की Finance Minister हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अर्थव्यवस्था के औपचारिकीकरण और मध्यम वर्ग के विस्तार ने भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता और कर राजस्व सृजन में किस प्रकार योगदान दिया है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • टैक्सेशन डायनामिक्स: हाई पर्सनल इनकम टैक्स कलेक्शन और मिडिल-क्लास परचेजिंग पावर के बीच संतुलन
  • सेक्टोरल शिफ्ट: पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग से AI और फिनटेक जैसे हाई-टेक एक्सपोर्ट की ओर बदलाव
  • फॉर्मलाइजेशन का असर: अनौपचारिक आर्थिक गतिविधियों का विनियमित टैक्स नेट में शामिल होना

मुख्य शब्द: मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता · आर्थिक फॉर्मलाइजेशन · टैक्स रेवेन्यू · मध्यम वर्ग का विस्तार · हाई-टेक एक्सपोर्ट्स

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

केरल सरकार ने विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट (Vizhinjam International Seaport) पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट (Vizhinjam International Seaport) पर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिसमें CONCOR द्वारा मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क और IOC द्वारा बंकरिंग सुविधाएं शामिल हैं।

CONCOR विझिनजम पोर्ट के पास 25 एकड़ में एक मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (Multi-Modal Logistics Park) स्थापित करेगा। IOC को बंकरिंग ऑपरेशंस के लिए 20 एकड़ क्षेत्र आवंटित किया गया है, और CWC ने नेय्याट्टिनकारा के पास 50 एकड़ में एक वेयरहाउस कॉम्प्लेक्स विकसित करने का निर्णय लिया है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • स्थानविझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट (Vizhinjam international seaport) केरल में स्थित है।
  • संस्थाCONCOR: कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड।
  • संस्थाIOC: इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड।
  • संस्थाCWC: सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन (Central Warehousing Corporation)।
  • तथ्यCONCOR लैंड लीज: ₹1.5 लाख प्रति एकड़ सालाना।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बहु-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क और बंकरिंग सुविधाओं के विकास से भारत की समुद्री व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता और पारगमन (transshipment) क्षमताओं में किस प्रकार वृद्धि हो सकती है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स दक्षता: इंटीग्रेटेड MMLP और बंकरिंग सुविधाओं के जरिए कार्गो जहाजों का टर्नअराउंड समय कम करना
  • राज्य-केंद्र तालमेल: क्षेत्रीय आर्थिक विकास के लिए पोर्ट-लेड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल

मुख्य शब्द: मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क · ट्रांसशिपमेंट · मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर · पोर्ट-आधारित विकास · लॉजिस्टिक्स हब

रोल्स-रॉयस के CEO तुफान एर्गिनबिलगिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की

चर्चा में क्यों: रोल्स-रॉयस के CEO तुफान एर्गिनबिलगिक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस बैठक में भारत में सप्लाई चेन सोर्सिंग में दस गुना वृद्धि करने और भारत में अगली पीढ़ी के कॉम्बैट जेट इंजन को मिलकर विकसित करने पर चर्चा हुई।

ब्रिटिश रक्षा और एयरोस्पेस कंपनी, रोल्स-रॉयस (Rolls-Royce), भारतीय सेना, नौसेना और कोस्ट गार्ड के लिए इंजन निर्माण के स्थानीयकरण (localization) की संभावनाओं पर विचार कर रही है। प्रस्तावित पहलों का उद्देश्य भारत में अतिरिक्त 10,000 रोजगार पैदा करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • पदतुफान एर्गिनबिलगिक: CEO ऑफ Rolls-Royce।
  • तथ्यRolls-Royce का लक्ष्य भारत से सप्लाई चेन सोर्सिंग (supply chain sourcing) में दस गुना की वृद्धि करना है।
  • तथ्यप्रस्तावित पहल का लक्ष्य भारत में 10,000 अतिरिक्त नौकरियां पैदा करना है।
  • विज्ञान-तकनीकRolls-Royce भारत में अगली पीढ़ी के कॉम्बैट जेट इंजन के सह-विकास (co-development) की संभावना तलाश रहा है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: 'मेक इन इंडिया' पहल और रक्षा स्थानीयकरण नीतियों के माध्यम से एयरोस्पेस क्षेत्र में उच्च-तकनीकी विनिर्माण और रोजगार सृजन को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है, चर्चा कीजिए।

  • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं के बीच संतुलन
  • स्किल गैप: हाई-टेक प्रोडक्शन को बनाए रखने के लिए स्पेशलाइज्ड एयरोस्पेस इंजीनियरिंग वर्कफोर्स की ज़रूरत
  • सप्लाई चेन इंटीग्रेशन: असेंबली-आधारित मैन्युफैक्चरिंग से डीप-टियर कंपोनेंट सोर्सिंग की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: रक्षा लोकलाइजेशन · सप्लाई चेन इंटीग्रेशन · हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग · नौकरी सृजन · एयरोस्पेस इंडस्ट्री

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने हवाई नेविगेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के ऑटोमेशन के लिए ₹3,490 करोड़ के आवंटन की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने हवाई नेविगेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के ऑटोमेशन के लिए ₹3,490 करोड़ के आवंटन की घोषणा की है।

AAI भारत में एकमात्र एयर नेविगेशन सर्विस प्रोवाइडर (Air Navigation Service Provider) है। यह आवंटन CNS/ATM (कम्युनिकेशन, नेविगेशन, और सर्विलांस/एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट) उपकरणों के अपग्रेड के लिए है। वर्तमान में, स्वीकृत 5,537 एयर ट्रैफिक कंट्रोलर पदों में से 1,279 पद रिक्त हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाAAI (Airports Authority of India) भारत में एकमात्र एयर नेविगेशन सर्विस प्रोवाइडर (Air Navigation Service Provider) है।
  • तथ्यएयर नेविगेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के आधुनिकीकरण और ऑटोमेशन के लिए ₹3,490 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
  • तथ्यकुल 5,537 स्वीकृत एयर ट्रैफिक कंट्रोलर पदों में से वर्तमान में 1,279 पद खाली हैं।
  • विज्ञान-तकनीकCNS/ATM का तात्पर्य कम्युनिकेशन, नेविगेशन और सर्विलांस/एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की विमानन सुरक्षा और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाने में आधुनिक विमानन नेविगेशन बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • ऑपरेशनल सेफ्टी: सिस्टम में रुकावटों को रोकने के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स की भारी कमी को दूर करना
  • तकनीकी एकीकरण: बढ़ते एयर ट्रैफिक घनत्व को मैनेज करने के लिए ऑटोमेटेड CNS/ATM सिस्टम पर शिफ्ट होना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: तेज़ी से बढ़ते एविएशन ग्रोथ और हाई-टेक सर्विलांस अपग्रेड की ज़रूरत के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण · एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट · ऑपरेशनल सुरक्षा · ऑटोमेशन · लॉजिस्टिक कुशलता

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

FICCI-ANAROCK की एक रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि 2025 में ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (GCC) लीजिंग के लिए बेंगलुरु भारत के प्राथमिक केंद्र के रूप में अपनी पकड़ बनाए रखेगा

चर्चा में क्यों: FICCI-ANAROCK की एक रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि 2025 में ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (GCC) लीजिंग के लिए बेंगलुरु भारत के प्राथमिक केंद्र के रूप में अपनी पकड़ बनाए रखेगा।

वर्ष 2025 में भारत के प्रमुख शहरों में ऑफिस लीजिंग (Office Leasing) में बेंगलुरु की हिस्सेदारी लगभग 40% रही। शहर में ऑफिस एब्जॉर्प्शन (Office Absorption) 2021 के 7.7 मिलियन स्क्वायर फीट से बढ़कर 2025 में 14.93 मिलियन स्क्वायर फीट हो गया।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्य2025 में बेंगलुरु ने भारत की कुल GCC लीजिंग गतिविधि का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा हासिल किया।
  • तथ्यभारत के प्रमुख शहरों में ऑफिस लीजिंग (office leasing) में बेंगलुरु की हिस्सेदारी लगभग 40% रही।
  • तथ्यबेंगलुरु में ऑफिस एब्जॉर्प्शन (Office absorption) 2025 में 14.93 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गया।
  • तथ्यऑफिस एब्जॉर्प्शन (office absorption) में वृद्धि IT-ITeS, को-वर्किंग ऑपरेटर्स (coworking operators) और मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट्स (manufacturing segments) द्वारा संचालित हुई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बेंगलुरु के वैश्विक स्तर पर जीसीसी (GCCs) के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और भारत के औद्योगिक विकास पर इसके निहितार्थों का मूल्यांकन कीजिए।

  • एग्लोमरेशन इकोनॉमीज़: टेक टैलेंट और इनोवेशन क्लस्टर्स का जमावड़ा एक सेल्फ-रीइन्फोर्सिंग ग्रोथ साइकिल बना रहा है
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग: ऑफिसों की तेज़ी से बढ़ती ज़रूरत के कारण स्केलेबल अर्बन प्लानिंग और मैन्युफैक्चरिंग-ग्रेड लॉजिस्टिक्स ज़रूरी

मुख्य शब्द: एग्लोमरेशन इकोनॉमीज़ · GCC लीजिंग · आईटी-आईटीईएस सेक्टर · इनोवेशन क्लस्टर्स · कार्यालय में शामिल करना

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स

RBI अधिकारी वी.एस

चर्चा में क्यों: RBI अधिकारी वी.एस. प्रजाश ने कहा है कि अप्रैल 2026 में UPI की दसवीं वर्षगांठ के करीब आते-आते, दैनिक UPI ट्रांजेक्शन जल्द ही ₹100 करोड़ तक पहुँचने की उम्मीद है।

वर्तमान में दैनिक UPI लेनदेन का मूल्य लगभग ₹75 करोड़ है। भारत में होने वाले कुल डिजिटल लेनदेन में UPI की हिस्सेदारी लगभग 85% है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यभारत में डिजिटल ट्रांजेक्शन (transactions) में UPI की हिस्सेदारी लगभग 85% है।
  • तथ्यवर्तमान में दैनिक UPI ट्रांजेक्शन की वैल्यू लगभग ₹75 करोड़ है।
  • संस्थाDigital Intelligence Platform (DIP) को Department of Telecommunications (DoT) द्वारा विकसित किया गया है।
  • तथ्यDIP ने हाल के महीनों में लगभग ₹500 करोड़ के संभावित फ्रॉड (fraud) को रोकने में मदद की है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) के विस्तार किस प्रकार भारतीय अर्थव्यवस्था के औपचारिकीकरण और वित्तीय सुरक्षा में योगदान देते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • फ्रॉड मिटिगेशन: रियल-टाइम मोबाइल नंबर वैलिडेशन के लिए बैंकों और पेमेंट एग्रीगेटर्स को DIP के साथ जोड़ना
  • डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: फाइनेंशियल इंक्लूजन और ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के लिए मुख्य ड्राइवर के रूप में UPI का विस्तार
  • साइबर सिक्योरिटी: हाई-वॉल्यूम डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में बढ़ते साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड के जोखिम से निपटना

मुख्य शब्द: डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · वित्तीय समावेशन · साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड · पेमेंट एग्रीगेटर्स · रियल-टाइम पेमेंट्स

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

तेलंगाना परिवहन विभाग ने रात के समय दृश्यता और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए परिवहन वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप और रियर मार्किंग प्लेट्स के लिए एक अनिवार्य QR-आधारित वेरिफिकेशन सिस्टम की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना परिवहन विभाग ने रात के समय दृश्यता और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए परिवहन वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप और रियर मार्किंग प्लेट्स के लिए एक अनिवार्य QR-आधारित वेरिफिकेशन सिस्टम की घोषणा की है।

यह प्रणाली 20 फरवरी से शुरू होगी और इसमें स्टिकर लगाने के लिए जिम्मेदार पांच पैनलबद्ध (empaneled) कंपनियों को शामिल किया गया है। प्रत्येक स्टिकर पर एक होलोग्राम, एक विशिष्ट सीरियल नंबर और प्रवर्तन कर्मियों (enforcement personnel) द्वारा सत्यापन के लिए एक QR कोड होगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यतेलंगाना में ट्रांसपोर्ट वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप और रियर मार्किंग प्लेट्स के लिए QR-आधारित वेरिफिकेशन सिस्टम अनिवार्य है।
  • तथ्यस्टिकर्स में एक होलोग्राम, एक यूनिक सीरियल नंबर और एक QR कोड होना अनिवार्य है।
  • तथ्यनॉन-कम्प्लायंट (Non-compliant) वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट प्राप्त करने में समस्या हो सकती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: परिवहन सुरक्षा में क्यूआर (QR) आधारित सत्यापन प्रणालियों के एकीकरण से भारत में प्रवर्तन दक्षता को कैसे बढ़ाया जा सकता है और सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।

  • एन्फोर्समेंट एफिशिएंसी: यूनिक आइडेंटिफायर्स का उपयोग करके सुरक्षा अनुपालन का रियल-टाइम वेरिफिकेशन
  • रेगुलेटरी कंप्लायंस: व्हीकल फिटनेस सर्टिफिकेशन को स्टैंडर्डाइज्ड सेफ्टी हार्डवेयर से जोड़ना
  • डेटा इंटीग्रिटी: सेफ्टी स्टिकर्स के साथ छेड़छाड़ रोकने के लिए होलोग्राम और सीरियल नंबर का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: सड़क सुरक्षा · डिजिटल वेरिफिकेशन · रेगुलेटरी कंप्लायंस · सार्वजनिक सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर · प्रवर्तन तंत्र

GS3 के अन्य विषय

कृषि · विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी · पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी · आपदा प्रबंधन · आंतरिक सुरक्षा

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