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GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › मौलिक अधिकार, नीति निदेशक तत्व एवं कर्तव्यप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: दिल्ली हाई कोर्ट ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023 को चुनौती देने वाली एक याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह कानून सरकार के कार्यकारी अंग (Executive) को व्यक्तिगत डेटा तक अनियंत्रित पहुंच की अनुमति देता है।
श्री चंद्रेश जैन द्वारा दायर एक याचिका में तर्क दिया गया है कि DPDP Act, 2023, न्यायिक स्वतंत्रता को कमजोर करता है और संवैधानिक गारंटियों का उल्लंघन करता है। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई अप्रैल में निर्धारित की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकडिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023।
- स्थानदिल्ली हाई कोर्ट।
- तथ्ययाचिका में आरोप लगाया गया है कि यह एक्ट एक्जीक्यूटिव (Executive) को व्यक्तिगत डेटा तक अनियंत्रित पहुंच प्रदान करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 के अंतर्गत राज्य की निगरानी शक्तियों और निजता के अधिकार के बीच उत्पन्न होने वाले अंतर्द्वंद्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- कार्यपालिका की अतिरेक: पर्याप्त न्यायिक निगरानी के बिना सरकारी एजेंसियों द्वारा अनियंत्रित डेटा एक्सेस की संभावना
- संवैधानिक संघर्ष: राष्ट्रीय सुरक्षा की ज़रूरतों और निजता के मौलिक अधिकार व व्यक्तिगत स्वायत्तता के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: निजता का अधिकार · कार्यपालिका की अतिरेक · डेटा संप्रभुता · न्यायिक स्वतंत्रता · संवैधानिक नैतिकता
चर्चा में क्यों: भारत ने वेस्ट बैंक में इजरायल द्वारा अपनाए गए उन एकपक्षीय कदमों की निंदा करने के लिए 85 देशों और लीग ऑफ अरब स्टेट्स (League of Arab States) के समूह में शामिल होने का निर्णय लिया है, जिनका उद्देश्य इस क्षेत्र की जनसांख्यिकीय संरचना (Demographic composition) को बदलना है।
भारत ने वेस्ट बैंक में इजरायल की कार्रवाइयों के खिलाफ एक संयुक्त बयान जारी करने के लिए 85 देशों और अरब देशों के लीग (League of Arab States) के साथ हाथ मिलाया है। यह बयान विशेष रूप से उन उपायों को खारिज करता है जिनका उद्देश्य फिलिस्तीनी क्षेत्र की जनसांख्यिकीय स्थिति (demographic status) को बदलना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यभारत ने वेस्ट बैंक में इज़राइल के एकतरफा कदमों की निंदा करने वाले 85 देशों के समूह में शामिल हुआ।
- संस्थालीग ऑफ अरब स्टेट्स (League of Arab States) ने वेस्ट बैंक में उठाए गए कदमों की निंदा करने वाले संयुक्त बयान का समर्थन किया।
- स्थानवेस्ट बैंक वह फिलिस्तीनी क्षेत्र है जहाँ एकपक्षीय उपायों (unilateral measures) को चुनौती दी जा रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की 'बहु-संरेखित' (multi-aligned) विदेश नीति के संदर्भ में, इज़राइल के साथ रणनीतिक संबंधों और फिलिस्तीन की संप्रभुता पर अपने पारंपरिक रुख के बीच संतुलन बनाए रखने की जटिलताओं का विश्लेषण कीजिए।
- स्ट्रेटेजिक बैलेंसिंग: इज़राइल के साथ डिफेंस टेक्नोलॉजी सहयोग और अरब देशों के साथ डिप्लोमैटिक संबंधों के बीच तालमेल बिठाना
- डेमोग्राफिक चिंताएं: फिलिस्तीनी क्षेत्रों की स्थिति पर एकतरफा उपायों के अंतरराष्ट्रीय कानूनी निहितार्थों को संबोधित करना
- डिप्लोमैटिक कंसिस्टेंसी: हाई-लेवल द्विपक्षीय दौरों के बीच वेस्ट बैंक उपायों पर सार्वजनिक रुख में बदलाव को मैनेज करना
मुख्य शब्द: मल्टी-एलाइनमेंट · रणनीतिक स्वायत्तता · जनसांख्यिकीय संरचना · द्विपक्षीय संबंध · डिप्लोमैटिक बैलेंसिंग
स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली केंद्र-राज्य संबंधों पर उच्च स्तरीय समिति (High-Level Committee on Union-State Relations) ने भारतीय शिक्षा व्यवस्था के पुनर्गठन का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव के तहत राज्य विश्वविद्यालयों के चांसलर के रूप में गवर्नरों की भूमिका को समाप्त करने की बात कही गई है।
समिति ने संघवाद और शैक्षणिक स्वायत्तता (Academic Autonomy) को ध्यान में रखते हुए शिक्षा पर अधिकार वापस राज्यों को सौंपने की सिफारिश की है। इसमें सुझाव दिया गया है कि शीर्ष विश्वविद्यालयों को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नियंत्रण से मुक्त किया जाए और प्रवेश नियंत्रण वापस राज्यों को लौटा दिया जाए।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- पदगवर्नर: कमेटी की आलोचना के अनुसार, वर्तमान में कई स्टेट यूनिवर्सिटीज में चांसलर की भूमिका निभाते हैं।
- तथ्यसमिति सिफारिश करती है कि एडमिशन कंट्रोल (Admissions Control) को विशेष रूप से राज्यों को वापस लौटा दिया जाए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शैक्षिक संघवाद और शैक्षणिक स्वायत्तता के संदर्भ में राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में राज्यपालों की भूमिका के संवैधानिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संघीय टकराव: उच्च शिक्षा में UGC के जरिए केंद्र का नियंत्रण और राज्य की स्वायत्तता के बीच विवाद
- संस्थागत बाधा: चांसलर के रूप में राज्यपाल की भूमिका से विश्वविद्यालय की प्रशासनिक स्वतंत्रता और शैक्षणिक आजादी पर असर
मुख्य शब्द: शैक्षिक फेडरलिज्म · अकादमिक स्वायत्तता · सहकारी संघवाद · यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन · संवैधानिकवाद
चर्चा में क्यों: यह लेख 1980 के लोकसभा चुनावों के ऐतिहासिक संदर्भ और उसके बाद अनुच्छेद 356 के तहत तमिलनाडु में MGR के नेतृत्व वाली सरकार को बर्खास्त किए जाने पर चर्चा करता है।
1980 में, DMK-कांग्रेस (I) गठबंधन ने एम.जी. रामचन्द्रन के नेतृत्व वाले AIADMK को लोकसभा चुनावों में हराया था। राष्ट्रपति एन. संजीव रेड्डी ने तमिलनाडु, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित नौ राज्यों में विधानसभाओं को भंग करने के लिए अनुच्छेद 356 के तहत एक उद्घोषणा जारी की।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- पदएन. संजीवा रेड्डी: 1980 की विधानसभा भंग के दौरान भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्यरत रहे।
- तथ्य1980 में नौ राज्यों की विधानसभाएं भंग कर दी गई थीं: तमिलनाडु, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और गुजरात।
मेन्स के लिए
प्रश्न: संघीय ढांचे के संदर्भ में, अनुच्छेद 356 के तहत लागू की जाने वाली राष्ट्रपति शासन की संवैधानिक प्रावधानों और राजनीतिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- संघीय टकराव: राजनीतिक अस्थिरता के दौरान केंद्रीय सत्ता और राज्य स्वायत्तता के बीच संघर्ष
- संवैधानिक जांच: राज्य विधानसभाओं को भंग करने की वैधता पर सलाह देने में कैबिनेट सब-कमेटी की भूमिका
मुख्य शब्द: राष्ट्रपति शासन · अनुच्छेद 356 · संघवाद · संवैधानिक संकट · राज्य स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रोन ने मुंबई में आयोजित 'इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम' में हिस्सा लिया, जहाँ उन्होंने इनोवेशन, व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की।
भारत और फ्रांस ने दिसंबर 2025 में अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' (Special Global Strategic Partnership) के स्तर तक बढ़ा दिया। दोनों देशों के नेताओं ने मुंबई में द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की, जिसके बाद इनोवेशन फोरम (Innovation Forum) का आयोजन किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यभारत-फ्रांस द्विपक्षीय संबंधों को दिसंबर 2025 में 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (Special Global Strategic Partnership) के स्तर तक बढ़ा दिया गया।
- स्थानइंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम (India-France Innovation Forum) का आयोजन मुंबई में किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक नवाचार और प्रौद्योगिकी सहयोग के संदर्भ में भारत और फ्रांस के बीच 'विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी' के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: यूरोपीय और रूसी शक्तियों के साथ मल्टी-अलायन्ड पार्टनरशिप्स के बीच संतुलन
- टेक-डिप्लोमेसी: महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और R&D सहयोग के लिए द्विपक्षीय संबंधों का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: विशेष ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप · इनोवेशन फोरम · द्विपक्षीय सहयोग · रणनीतिक स्वायत्तता · तकनीकी हस्तांतरण
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने घोषणा की कि भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन (non-fossil fuel) क्षमता 272 GW को पार कर गई है। साथ ही, उन्होंने ऑफशोर विंड (offshore wind) विकास के लिए ग्रिड स्थिरता और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 'इंडिया-U.के. ऑफशोर विंड टास्कफोर्स' (India-U.K. Offshore Wind Taskforce) की शुरुआत की।
भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन (non-fossil fuel) क्षमता 272 GW तक पहुंच गई है, जिसमें 141 GW सौर ऊर्जा और 55 GW पवन ऊर्जा शामिल है। भारत-यू.के. ऑफशोर विंड टास्कफोर्स (India-U.K. Offshore Wind Taskforce) की शुरुआत यू.के. के उप-प्रधानमंत्री डेविड लैमी और ब्रिटिश हाई कमिश्नर लिंडी कैमरून की भागीदारी के साथ की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- तथ्यभारत की नॉन-फॉसिल फ्यूल कैपेसिटी: 272 GW (फरवरी 2026 तक)।
- तथ्यसोलर एनर्जी कंपोनेंट: 141 GW।
- तथ्यविंड एनर्जी कंपोनेंट: 55 GW।
- तथ्यगैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता (non-fossil fuel capacity) के लिए भारत का लक्ष्य: 2030 तक 500 GW।
- संस्थाइंडिया-U.के. ऑफशोर विंड टास्कफोर्स (Offshore Wind Taskforce): यह इकोसिस्टम प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंसिंग और रिस्क मिटिगेशन (risk mitigation) पर ध्यान केंद्रित करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता के भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी और तकनीकी सहयोग के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
- ग्रिड स्टेबिलिटी: एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर और इकोसिस्टम प्लानिंग के जरिए ऑफशोर विंड की इंटरमिटेंसी को दूर करना
- फाइनेंसिंग गैप: ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट्स में हाई कैपिटल रिस्क को कम करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग का लाभ उठाना
- टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: भारत की रिन्यूएबल एनर्जी विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए ऑफशोर विंड में यूके की विशेषज्ञता का उपयोग
मुख्य शब्द: नवीकरणीय ऊर्जा · ऑफशोर विंड · ऊर्जा सुरक्षा · द्विपक्षीय सहयोग · ग्रिड स्टेबिलिटी · डिकार्बोनाइजेशन
GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...)प्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि UN, AI को विनियमित (regulate) करने के लिए जिम्मेदार नहीं है, लेकिन वह AI के जोखिमों और अवसरों पर मल्टी-स्टेकहोल्डर चर्चाओं को सुगम बनाने के लिए एक वार्षिक वैश्विक संवाद की मेजबानी करेगा।
संयुक्त राष्ट्र (UN) सरकारों, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज को शामिल करते हुए एक वार्षिक वैश्विक संवाद आयोजित करने की योजना बना रहा है। यह पहल तीन स्तंभों पर केंद्रित है: AI पर एक स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल, विकासशील देशों की AI क्षमता निर्माण के लिए एक स्वैच्छिक वैश्विक फंड, और AI जोखिमों पर वैश्विक चर्चा के लिए एक मंच।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यUN की प्रस्तावित AI पहल में विकासशील देशों की AI क्षमता निर्माण (capacity building) के लिए एक स्वैच्छिक ग्लोबल फंड शामिल है।
- पदएंटोनियो गुटेरेस: संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी-जनरल।
- स्थानIndia AI Impact Summit: एक शिखर सम्मेलन जहाँ गुटेरेस भारतीय नेताओं और वैश्विक टेक दिग्गजों (tech figures) से मिलेंगे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विकसित और विकासशील देशों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करते हुए वैश्विक एआई (AI) शासन के लिए एक बहुपक्षीय ढांचा तैयार करने की चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण कीजिए।
- डिजिटल डिवाइड: विकसित देशों में AI के केंद्रित होने का जोखिम बनाम ग्लोबल साउथ में बुनियादी ढांचे की कमी
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: स्वैच्छिक ग्लोबल फंड्स और बाध्यकारी इंटरनेशनल ओवरसाइट मैकेनिज्म के बीच टकराव
- नैतिक शासन: तकनीकी नवाचार और मानवाधिकारों व जिम्मेदार बिजनेस प्रैक्टिस के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: बहुपक्षवाद · डिजिटल डिवाइड · नैतिक शासन · क्षमता निर्माण · ग्लोबल साउथ
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसलेमेन्स चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल को एक ऐसी याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया है, जिसमें 'नस्लीय अपमान' (racial slurs) को हेट क्राइम (hate crime) की एक अलग श्रेणी के रूप में मान्यता देने के लिए एक विशेष कानून की मांग की गई है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्त की कि पीड़ितों की पहचान के आधार पर अपराधों का वर्गीकरण समाज को विभाजित कर सकता है। कोर्ट ने नस्लीय अपशब्दों (racial slurs) के लिए अलग श्रेणियां बनाने के बजाय सभी अपराधों के प्रति एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की वकालत की।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदचीफ जस्टिस सूर्यकांत: कार्यवाही के दौरान सुप्रीम कोर्ट के प्रेसिडिंग जज।
- पदआर. वेंकटरमणी: अटॉर्नी जनरल ऑफ इंडिया।
- तथ्ययाचिका में 'racial slur' को हेट क्राइम (hate crime) की एक अलग कैटेगरी के रूप में मान्यता देने के लिए व्यापक गाइडलाइन्स की मांग की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पीड़ित की पहचान के आधार पर घृणा अपराधों (hate crimes) के लिए विशिष्ट कानूनी श्रेणियाँ बनाने बनाम एक एकीकृत आपराधिक न्याय दृष्टिकोण के संवैधानिक और सामाजिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- सामाजिक एकजुटता: पहचान आधारित आपराधिक वर्गीकरण के जरिए समाज के टूटने का जोखिम
- विधायी चुनौती: हाशिए पर मौजूद समूहों के लिए विशिष्ट सुरक्षा और सार्वभौमिक समानता के सिद्धांत के बीच संतुलन
- न्यायिक निगरानी: एग्जीक्यूटिव को विशेष हेट-क्राइम फ्रेमवर्क बनाने के लिए निर्देशित करने में न्यायपालिका की भूमिका
मुख्य शब्द: सामाजिक एकजुटता · पहचान की राजनीति · आपराधिक न्यायशास्त्र · कानून के सामने समानता · विधायी ढांचा
चर्चा में क्यों: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के बाद कश्मीर में पर्यटन को पुनर्जीवित करने के लिए दो-स्तरीय योजना की घोषणा की।
सरकार की योजना संस्थागत क्षमता निर्माण और ट्रेल्स (trails) एवं विरासत स्थलों के विकास पर केंद्रित है। यह रणनीति पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ पहाड़ी ट्रेल्स, बेहतर बुनियादी ढांचे और साझा पर्यावरणीय शासन (environmental governance) पर जोर देती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानपहलगाम: पर्यटन पुनर्मूल्यांकन (tourism reassessment) में अप्रैल 2025 के हमले के स्थान का उल्लेख किया गया है।
- तथ्यदो-तरफा योजना: यह संस्थागत क्षमता निर्माण (institutional capacity building) और ट्रेल/हेरिटेज साइट विकास पर केंद्रित है।
- पदनिर्मला सीतारमण: भारत की Finance Minister।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कश्मीर जैसे संघर्ष-प्रभावित क्षेत्रों में सतत पर्यटन को बढ़ावा देने में बुनियादी ढांचा विकास और पर्यावरणीय शासन की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- सिक्योरिटी-टूरिज्म नेक्सस: हाई-सिक्योरिटी जरूरतों और पर्यटकों के लिए खुले और स्वागतपूर्ण अनुभव के बीच संतुलन
- इकोलॉजिकल गवर्नेंस: नाजुक हिमालयी इकोसिस्टम में पर्यावरणीय गिरावट रोकने के लिए माउंटेन ट्रेल विकास का प्रबंधन
- स्थानीय एकीकरण: सर्विस डिलीवरी सुधारने और स्थानीय सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए पेड सिविक रोल्स का उपयोग
मुख्य शब्द: पारिस्थितिक रूप से टिकाऊ · संस्थागत क्षमता निर्माण · पर्यावरण शासन · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · पर्यटन का पुनरुद्धार
चर्चा में क्यों: करूर विस्या बैंक ने दक्षिण भारतीय जनजातीय भाषाओं को संरक्षित करने के लिए मद्रास यूनिवर्सिटी में एक 'इंडिजिनस एंड एंडेंजर्ड लैंग्वेजेज लेबोरेटरी' (Indigenous and Endangered Languages Laboratory) की स्थापना के लिए फंड दिया है।
यह प्रयोगशाला सोलिगा, कोटा, टोडा, इरुला और बडगा सहित स्वदेशी समुदायों की भाषाओं के दस्तावेजीकरण और अध्ययन पर केंद्रित है। यह बुजुर्गों और विद्वानों को शामिल करते हुए एक सामुदायिक सहभागिता मॉडल (Community Engagement Model) का उपयोग करती है, ताकि पीढ़ी-दर-पीढ़ी ज्ञान के हस्तांतरण को सुनिश्चित किया जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यलक्षित समुदाय: सोलिगा, कोटा, टोडा, इरुला और बडागा।
- पदकरूर विस्य बैंक (KVB): इसने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के माध्यम से लैब को फंड किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की सांस्कृतिक विविधता के संरक्षण में लुप्तप्राय स्वदेशी भाषाओं के दस्तावेजीकरण के महत्व और भाषाई संरक्षण में सार्वजनिक-निजी भागीदारी की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- ज्ञान का क्षरण: भाषाई बदलाव और औपचारिक दस्तावेज़ीकरण की कमी के कारण मौखिक परंपराओं का तेज़ी से खत्म होना
- समुदाय-केंद्रित संरक्षण: शैक्षणिक दस्तावेज़ीकरण और स्वदेशी भाषियों के अधिकारों और एजेंसी के बीच संतुलन
- CSR एक उत्प्रेरक के रूप में: सार्वजनिक शिक्षा में सांस्कृतिक संरक्षण की कमियों को दूर करने के लिए प्राइवेट कॉर्पोरेट फंड्स का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: भाषाई विविधता · सांस्कृतिक निरंतरता · स्वदेशी अधिकार · ज्ञान का संरक्षण · CSR पहल
चर्चा में क्यों: केरल के उच्च शिक्षा मंत्री आर. बिंदु ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया और कॉलेजों के बुनियादी ढांचे और पाठ्यक्रम में सुधार के लिए ₹6,000 करोड़ के निवेश की योजना की घोषणा की।
केरल सरकार ने चार साल की अवधि के दौरान बुनियादी ढांचे के विकास (Infrastructure Development) के लिए ₹6,000 करोड़ आवंटित किए हैं। इस पहल में चार साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम्स को लागू करना और अनुसंधान (Research) एवं रोजगार क्षमता (Employability) पर केंद्रित संशोधित पाठ्यक्रम शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यकेरल के कॉलेज इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए चार वर्षों में ₹6,000 करोड़ का निवेश।
- योजनाScholar Connect: छात्रों को डायस्पोरा (diaspora) विशेषज्ञों से जोड़ने वाली एक योजना।
- तथ्यकेरल के कॉलेजों में चार साल के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (undergraduate programs) का कार्यान्वयन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आधुनिक अर्थव्यवस्था में छात्रों की रोजगार क्षमता को बढ़ाने के लिए उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम को उद्योग की मांगों और अनुसंधान क्षमताओं के साथ संरेखित करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- करिकुलम-इंडस्ट्री गैप: अकादमिक आउटपुट को जॉब मार्केट की बदलती जरूरतों और रिसर्च-आधारित स्किल डेवलपमेंट के साथ जोड़ना
- डायस्पोरा एंगेजमेंट: घरेलू छात्रों के लिए मेंटरशिप गैप को कम करने हेतु वैश्विक भारतीय विशेषज्ञता का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: रोज़गार क्षमता · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · पाठ्यक्रम सुधार · रिसर्च स्किल्स · डायस्पोरा जुड़ाव
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)मेन्स चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, आंध्र प्रदेश विधान सभा ने राज्य के कानूनों से कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति भेदभावपूर्ण संदर्भों को हटाने के लिए दो संशोधन विधेयक (Amendment Bills) पारित किए।
धार्मिक बंदोबस्त मंत्री (Endowments Minister) अनम रामनारायणा रेड्डी ने श्री वेंकटेश्वर वैदिक विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 सहित कई संशोधनों को पेश किया। यह कदम कुष्ठ रोग से प्रभावित नागरिकों के लिए संवैधानिक समानता सुनिश्चित करने के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम का हिस्सा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकश्री वेंकटेश्वर वैदिक यूनिवर्सिटी (संशोधन) बिल, 2026: आंध्र प्रदेश विधान सभा द्वारा पारित।
- तथ्यइन संशोधनों का उद्देश्य राज्य के कानूनों से कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के प्रति भेदभावपूर्ण संदर्भों को हटाना है।
- पदअनाम रामनारायणा रेड्डी: आंध्र प्रदेश के एंडोमेंट्स मिनिस्टर (Endowments Minister)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय संविधान में निहित समानता के सिद्धांत को सुनिश्चित करनेके लिए हाशिए पर स्थित समूहों के विरुद्ध भेदभावपूर्ण कानूनी प्रावधानों को हटाना किस प्रकार एक संवैधानिक आवश्यकता है, चर्चा कीजिए।
- संवैधानिक जनादेश: अनुच्छेद 14 और 21 के तहत समानता और गरिमा के अधिकार के साथ राज्य के कानूनों को जोड़ना
- विधायी सुधार: कुष्ठ रोग से प्रभावित समुदायों के लिए समावेशी शासन की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: संवैधानिक समानता · भेदभावपूर्ण कानून · सामाजिक समावेश · विधायी संशोधन · गरिमा का अधिकार
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › पंचायती राज एवं शहरी स्थानीय निकायप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश विधानसभा ने पंचायत राज (संशोधन) विधेयक-2026 पारित किया है, जिसके तहत पंचायत राज संस्थानों में मतदाता पंजीकरण (voter registration) की प्रक्रिया साल में चार बार करने की अनुमति दी जाएगी।
पर्यटन मंत्री कंडुला दुर्गेश द्वारा यह विधेयक पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य उस पिछली व्यवस्था में संशोधन करना है जिसमें पंजीकरण केवल 1 जनवरी को ही अनुमत था। इस संशोधन का लक्ष्य PR मतदाता पंजीकरण को विधानसभा, संसद और नगर निकाय चुनावों के लिए मौजूदा प्रणालियों के अनुरूप बनाना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- अधिनियम / विधेयकपंचायत राज (Amendment) बिल–2026: आंध्र प्रदेश विधान सभा द्वारा पारित।
- तथ्यवोटर रजिस्ट्रेशन की फ्रीक्वेंसी (frequency): साल में एक बार (1 जनवरी) से बढ़ाकर साल में चार बार कर दी गई है।
- तथ्यपात्रता: 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद युवाओं के लिए रजिस्ट्रेशन की अनुमति है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्थानीय और राज्य स्तरीय शासन के विभिन्न स्तरों पर एक समान मतदाता पंजीकरण प्रणाली लोकतांत्रिक समावेशिता और प्रशासनिक दक्षता में किस प्रकार योगदान देती है, चर्चा कीजिए।
- प्रशासनिक तालमेल: म्युनिसिपल और ग्रामीण स्थानीय निकायों की मतदाता सूची के बीच विसंगतियों को कम करना
- लोकतांत्रिक भागीदारी: बार-बार रजिस्ट्रेशन विंडो के ज़रिए युवाओं के लिए चुनावी प्रक्रिया में प्रवेश की बाधाएं कम करना
मुख्य शब्द: लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण · चुनावी अखंडता · प्रशासनिक एकरूपता · समावेशी शासन
GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश सरकार ने बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करने के लिए PPP (Public-Private Partnership) मॉडल के तहत 61 निर्वाचन क्षेत्रों में मल्टी-स्पेशलिटी अस्पतालों की स्थापना की घोषणा की है।
इस पहल के अंतर्गत आंध्र प्रदेश के 61 निर्वाचन क्षेत्रों में मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल स्थापित करने और मौजूदा सुविधाओं को अपग्रेड करने का प्रावधान है। इस परियोजना में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में सुधार के लिए क्रिटिकल केयर ब्लॉक और ट्रॉमा सेंटर का निर्माण शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानआंध्र प्रदेश: मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल एक्सपेंशन प्रोजेक्ट (multi-speciality hospital expansion project) को लागू करने वाला राज्य।
- तथ्य61 निर्वाचन क्षेत्र: नए अस्पताल स्थापित करने के लिए लक्षित क्षेत्रों की संख्या।
- योजनाPPP मॉडल: हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (Public-Private Partnership) मॉडल का उपयोग किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली में बुनियादी ढाँचे के अंतराल को पाटने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
- राजकोषीय बाधा: आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं में सार्वजनिक फंडिंग और निजी मुनाफे के बीच संतुलन
- सेवा समानता: प्राइवेट-लेड इंफ्रास्ट्रक्चर में पिछड़े वर्गों के लिए किफायती पहुंच सुनिश्चित करना
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: PPP हेल्थकेयर मॉडल में क्वालिटी स्टैंडर्ड और प्राइसिंग की मजबूत मॉनिटरिंग की ज़रूरत
मुख्य शब्द: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · स्वास्थ्य सेवा इन्फ्रास्ट्रक्चर · क्रिटिकल केयर · सेवा वितरण · ग्रामीण-शहरी अंतर
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के लंबित रहने के दौरान, नायर सर्विस सोसाइटी (NSS) को सहायता प्राप्त स्कूलों में 20,000 से अधिक शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति करने की अनुमति देने के ढील को आगे बढ़ा दिया है।
केरल सरकार का यह निर्णय वर्तमान में प्रोविजनल या दैनिक वेतन (daily wage) के आधार पर कार्यरत 20,000 से अधिक शिक्षकों को प्रभावित करता है। इस आदेश के तहत सहायता प्राप्त स्कूलों (aided schools) के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आरक्षित पदों पर दिव्यांग व्यक्तियों की नियुक्ति करें।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानकेरल: राज्य सरकार द्वारा शिक्षकों के नियमितीकरण (regularisation) के लिए आदेश जारी किया जा रहा है।
- तथ्यवर्तमान में 20,000 से अधिक शिक्षक प्रोविजनल (provisional) या दैनिक वेतन (daily wage) के आधार पर काम कर रहे हैं।
- संस्थाNair Service Society (NSS): एक ऐसी संस्था जिसे विशिष्ट सहायता प्राप्त स्कूलों (aided schools) के पदों पर स्थायी नियुक्तियां करने की अनुमति है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शिक्षा क्षेत्र में संविदात्मक और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करने में आने वाली चुनौतियों और सार्वजनिक सेवा वितरण की गुणवत्ता पर इसके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
- संस्थागत अस्थिरता: 20,000 से ज्यादा शिक्षकों के लिए जॉब सिक्योरिटी की कमी से पढ़ाई की निरंतरता प्रभावित
- आरक्षण विवाद: समुदाय आधारित कोटा और दिव्यांगों के लिए बने नियमों के बीच संतुलन
- प्रशासनिक बाधा: जिला स्तर की कमेटियों की गतिविधियों में देरी से स्कूलों में स्टाफ की तैनाती प्रभावित
मुख्य शब्द: नियमितीकरण · सहायता प्राप्त स्कूल · नौकरी की सुरक्षा · समावेशी शिक्षा · प्रशासनिक शासन
स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर चर्चा में क्यों: एक साथ चुनाव (Simultaneous Elections) से संबंधित प्रस्तावित विधेयक के तहत, सरकार के कार्यकाल के अंतिम वर्ष के दौरान अविश्वास प्रस्ताव (No-confidence motions) को रोकने के प्रावधान पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) विचार कर रही है।
JPC ने एक साथ चुनाव (simultaneous elections) से संबंधित विधेयक की जांच के लिए भारत भर में 16 बैठकें आयोजित की हैं। अध्यक्ष पी.पी. चौधरी ने उल्लेख किया कि समिति प्रस्तावित कानून के तहत चुनाव आयोग (Election Commission) की शक्तियों से संबंधित चिंताओं पर भी विचार कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाJPC: Joint Parliamentary Committee एक साथ चुनाव (simultaneous elections) पर बिल की जांच कर रही है।
- तथ्यफरवरी 2026 तक, JPC ने पूरे भारत में 16 बैठकें आयोजित की हैं।
- पदपी.पी. चौधरी, एक साथ चुनाव (Simultaneous Elections) बिल की जांच करने वाली JPC के चेयरपर्सन हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सरकार के कार्यकाल के अंतिम वर्ष में अविश्वास प्रस्ताव को प्रतिबंधित करने के संसदीय जवाबदेही के संदर्भ में संवैधानिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- जवाबदेही का ट्रेड-ऑफ: विधायी स्थिरता और कार्यपालिका को जवाबदेह ठहराने के अधिकार के बीच संतुलन
- संवैधानिक टकराव: सामूहिक जिम्मेदारी और संसदीय निगरानी के सिद्धांत के साथ संभावित टकराव
- संस्थागत अतिरेक: प्रस्तावित एक साथ चुनाव कानून के तहत चुनाव आयोग की शक्तियों के दायरे को लेकर चिंताएं
मुख्य शब्द: संसदीय निगरानी · सामूहिक उत्तरदायित्व · एक साथ चुनाव · विधायी जवाबदेही · संवैधानिकवाद
चर्चा में क्यों: कॉलेजिएट एजुकेशन विभाग ने सरकारी फर्स्ट-ग्रेड कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी के लिए शैक्षणिक और व्यावसायिक प्रमाणपत्रों की प्रमाणिकता की जांच करने हेतु एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है।
SOP के अनुसार, प्रत्येक कॉलेज में एक 'प्रमाण पत्र सत्यापन समिति' (Certificates Verification Committee) का गठन किया जाना अनिवार्य है, जिसके अध्यक्ष कॉलेज के प्रिंसिपल होंगे। यह समिति PG मार्कशीट, NET, SLET, K-SET, Ph.D., M.Phil., PwD और कल्याण कर्नाटक प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए जिम्मेदार होगी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- संस्थासर्टिफिकेट वेरिफिकेशन कमेटी (Certificates Verification Committee): गेस्ट फैकल्टी के क्रेडेंशियल को सत्यापित करने के लिए प्रिंसिपल के नेतृत्व में एक कॉलेज-स्तरीय निकाय।
- तथ्यEMIS: वह एजुकेशन मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (Education Management Information System) पोर्टल जहाँ प्रमाणपत्रों में विसंगतियों (discrepancies) की रिपोर्ट की जानी चाहिए।
- तथ्यK-SET: नए SOP के तहत सत्यापित किए जाने वाले विशिष्ट योग्यता प्रमाणपत्रों में से एक।
- तथ्यSLET: State Level Eligibility Test, गेस्ट फैकल्टी के लिए सत्यापित की जाने वाली एक योग्यता।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक उच्च शिक्षा में शैक्षणिक सत्यनिष्ठा और योग्यता-आधारित भर्ती सुनिश्चित करने के लिए सुदृढ़ सत्यापन तंत्र के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- संस्थागत अखंडता: सरकारी फंड वाले शैक्षणिक संस्थानों में अयोग्य कर्मियों के प्रवेश को रोकना
- प्रशासनिक जवाबदेही: EMIS जैसे सेंट्रलाइज्ड डिजिटल पोर्टल्स के जरिए विसंगतियों की रिपोर्टिंग को आसान बनाना
मुख्य शब्द: अकादमिक ईमानदारी · स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर · योग्यता तंत्र · सार्वजनिक जवाबदेही · सत्यापन तंत्र
चर्चा में क्यों: मद्रास हाई कोर्ट ने उन राजनीतिक दलों का पंजीकरण रद्द करने के भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिन्होंने लगातार छह वर्षों तक चुनाव नहीं लड़े थे।
मद्रास हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि निष्क्रिय दलों के पंजीकरण रद्द करने के मामले में सुविधा का संतुलन (balance of convenience) ECI के पक्ष में है। याचिकाकर्ताओं ने वैधानिक प्रावधानों की कमी का हवाला देते हुए इस कदम को चुनौती दी और तर्क दिया कि उन्होंने अलग-अलग पार्टी प्रतीकों के तहत चुनावों में भाग लिया था।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- संस्थाECI: यह वह संस्था है जो निष्क्रियता के कारण राजनीतिक दलों का डी-रजिस्ट्रेशन (de-registration) करने के लिए जिम्मेदार है।
- स्थानमद्रास हाई कोर्ट: स्टे एप्लीकेशन (stay application) पर सुनवाई करने वाली न्यायिक संस्था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निष्क्रिय राजनीतिक दलों का वि-पंजीकरण किस सीमा तक एक जीवंत लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुनिश्चित करता है? चुनाव आयोग की विनियामक शक्तियों के संदर्भ में चर्चा कीजिए।
- रेगुलेटरी स्पष्टता: डी-रजिस्ट्रेशन के लिए विशिष्ट वैधानिक प्रावधानों की कमी से कानूनी अस्पष्टता पैदा होती है
- लोकतांत्रिक अखंडता: चुनावी परिदृश्य को गंदा करने और चुनाव चिह्न का गलत इस्तेमाल करने वाली 'डमी' पार्टियों को रोकना
- संगठन का अधिकार: सक्रिय राजनीतिक भागीदारी की ज़रूरत के साथ राजनीतिक दल बनाने की आज़ादी के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: रेगुलेटरी ओवरसाइट · वैधानिक प्रावधान · लोकतांत्रिक जीवंतता · सुविधा का संतुलन · चुनावी अखंडता
GS2सामाजिक न्याय › कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें सब्सिडी वाले ई-स्कूटर और वित्तीय सहायता शामिल है। इन योजनाओं का संचालन तेलंगाना स्टेट माइनॉरिटीज फाइनेंस कॉर्पोरेशन (TGMFC) द्वारा किया जाएगा।
इन योजनाओं में सब्सिडी वाले ई-स्कूटर, महिलाओं और कमजोर व्यावसायिक समूहों के लिए वित्तीय सहायता, तथा तुरका कशा मुस्लिम समुदाय के लिए टूल किट और जनरेटर शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 19 फरवरी, 2026 को शुरू हुए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थातेलंगाना स्टेट माइनॉरिटीज फाइनेंस कॉर्पोरेशन (TGMFC) इन कल्याणकारी योजनाओं को संचालित करने वाली संस्था है।
- तथ्यये योजनाएं टरका काशा मुस्लिम समुदाय को टूल किट्स और जनरेटर्स सहित विशिष्ट सहायता प्रदान करती हैं।
- तथ्यकल्याणकारी योजनाओं के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 19 फरवरी, 2026 को शुरू हुए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अल्पसंख्यक समुदायों के लिए सामाजिक-आर्थिक समावेश को बढ़ावा देने में लक्षित कल्याणकारी योजनाओं की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
- समावेशन तंत्र: एसेट-आधारित सब्सिडी के ज़रिए अल्पसंख्यक उप-समूहों की विशिष्ट व्यावसायिक कमज़ोरियों को दूर करना
- प्रशासनिक दक्षता: कल्याणकारी लाभों की लास्ट-माइल डिलीवरी को सुव्यवस्थित करने में समर्पित राज्य निगमों की भूमिका
मुख्य शब्द: सामाजिक-आर्थिक समावेश · लक्षित हस्तक्षेप · अल्पसंख्यक कल्याण · एसेट-आधारित सब्सिडी · लास्ट-माइल डिलीवरी
चर्चा में क्यों: तेलंगाना आदिवासी कल्याण विभाग ने अपने STEM-60 कार्यक्रम की सफलता की रिपोर्ट दी है, जिसके तहत आदिवासी छात्रों को राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं के लिए मुफ्त आवासीय कोचिंग प्रदान की गई थी।
तेलंगाना जनजातीय कल्याण विभाग द्वारा वर्तमान शैक्षणिक वर्ष के अगस्त महीने में STEM-60 कार्यक्रम शुरू किया गया। यह कार्यक्रम JEE और NEET की तैयारी करने वाले ST छात्रों के लिए मुफ्त आवासीय कोचिंग, अलग छात्रावास, पौष्टिक भोजन और विषय-वार फैकल्टी सपोर्ट प्रदान करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यSTEM-60 प्रोग्राम ने JEE Main परीक्षा में 53.57% पास प्रतिशत हासिल किया।
- तथ्यइस प्रोग्राम के तहत पंद्रह आदिवासी छात्रों ने JEE Advanced क्वालीफाई किया और पांच छात्रों ने NITs के लिए एलिजिबिलिटी हासिल की।
- योजनाSTEM-60 तेलंगाना सरकार की एक पहल है जो ST छात्रों के लिए रेजिडेंशियल कोचिंग (residential coaching) प्रदान करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के उच्च शिक्षा परिदृश्य में अनुसूचित जनजातियों के लिए लक्षित आवासीय कोचिंग कार्यक्रम शैक्षिक असमानता को पाटने में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं, चर्चा कीजिए।
- संसाधनों की असमानता: आदिवासी बहुल क्षेत्रों में हाई-क्वालिटी कोचिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को दूर करना
- होलिस्टिक सपोर्ट: STEM में शैक्षणिक सफलता के लिए पोषण और आवासीय स्थिरता को बुनियादी शर्त के रूप में जोड़ना
मुख्य शब्द: शिक्षा में समानता · टारगेटेड इंटरवेंशन · सामाजिक गतिशीलता · STEM शिक्षा · जनजातीय कल्याण
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्रोएशिया के प्रधानमंत्री एंड्रे प्लेनकोविक ने नई दिल्ली में मुलाकात की। इस बैठक में तकनीक, जहाज निर्माण और ब्लू इकोनॉमी (Blue Economy) में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
क्रोएशिया ने 2025 के पहले ग्यारह महीनों के दौरान भारत के साथ व्यापार विनिमय में 10% की वृद्धि दर्ज की है। नेताओं ने थ्री सीज़ इनिशिएटिव (3SI) क्षेत्र को भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) से जोड़ने पर चर्चा की।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्य2025 के पहले ग्यारह महीनों में क्रोएशिया और भारत के बीच व्यापार विनिमय (Trade exchange) में 10% की वृद्धि हुई।
- संस्थाथ्री सीज़ इनिशिएटिव (3SI): क्रोएशिया इस इनिशिएटिव के चेयर के रूप में कार्य करता है।
- संस्थाIMEC: इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर।
- स्थानक्रोएशिया: एक यूरोपीय देश जो भारत के साथ समुद्री परिवहन और शिपबिल्डिंग (shipbuilding) सहयोग में शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और भारत एवं यूरोप के बीच व्यापार की गतिशीलता को पुनर्गठित करने में महत्व का विश्लेषण कीजिए।
- भू-राजनीतिक तालमेल: निरंतर व्यापार कॉरिडोर बनाने के लिए थ्री सीज़ इनिशिएटिव को IMEC के साथ जोड़ना
- मैरिटाइम सिनर्जी: भारत के मैरिटाइम इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए क्रोएशिया की शिपबिल्डिंग और ब्लू इकोनॉमी विशेषज्ञता का लाभ उठाना
- डिजिटल-डिफेंस नेक्सस: द्विपक्षीय व्यापार में तकनीकी इनोवेशन और सुरक्षा सहयोग के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय सहयोग · ब्लू इकोनॉमी · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · समुद्री परिवहन · डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
चर्चा में क्यों: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, यू.एस. फेडरल रजिस्टर (Federal Register) को अपडेट करके भारतीय आयात पर अमेरिकी टैरिफ (Tariffs) को घटाकर 18% कर सकते हैं।
अमेरिका ने फरवरी 2026 में पारस्परिक टैरिफ (reciprocal tariffs) को 25% से घटाकर 18% करने पर सहमति व्यक्त की है। हालांकि, रूस से भारत के ऊर्जा आयात से जुड़े व्यापार विवादों के कारण 25% का दंडात्मक टैरिफ (penal tariff) अभी भी लागू है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्ययू.एस. ने फरवरी 2026 में टैरिफ में 25% से घटाकर 18% करने पर सहमति जताई।
- तथ्यपेनल टैरिफ (Penal tariff): रूस से संबंधित ऊर्जा आयात विवाद के कारण 25% लागू रहता है।
- संस्थाU.S. Federal Register: बिना नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर (Executive Order) के टैरिफ बदलावों को अपडेट करने का मैकेनिज्म।
मेन्स के लिए
प्रश्न: द्विपक्षीय व्यापार विवादों और रूस से ऊर्जा आयात जैसे भू-राजनीतिक संरेखनों के भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
- भू-राजनीतिक तनाव: ऊर्जा सोर्सिंग पर कूटनीतिक दबाव के लिए ट्रेड पेनल्टी का इस्तेमाल
- रेगुलेटरी मैकेनिज्म: टैरिफ एडजस्टमेंट के लिए फेडरल रजिस्टर का उपयोग बनाम एग्जीक्यूटिव ऑर्डर
- पारस्परिक व्यापार: घरेलू औद्योगिक सुरक्षा और द्विपक्षीय व्यापार प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: पारस्परिक टैरिफ · व्यापार विवाद · भू-राजनीतिक तालमेल · फेडरल रजिस्टर · ऊर्जा सुरक्षा
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › चुनाव, चुनाव आयोग एवं चुनाव सुधारप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि असम में स्पेशल रिवीजन (SR) प्रक्रिया का आयोजन मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए किया गया था, ताकि पात्र मतदाताओं को शामिल किया जा सके और अपात्रों को बाहर किया जा सके।
चुनाव आयोग ने सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी सहित अपने सदस्यों के साथ मिलकर असम में तीन दिवसीय विशेष संशोधन (Special Revision - SR) अभ्यास आयोजित किया। इस अभ्यास के परिणामस्वरूप मतदाताओं को शामिल करने या बाहर करने के लिए केवल 500 अपीलें प्राप्त हुईं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदज्ञानेश कुमार: भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner)।
- संस्थाभारत निर्वाचन आयोग: चुनाव आयोजित करने और मतदाता सूची (electoral rolls) बनाए रखने के लिए जिम्मेदार संस्था।
- तथ्यअसम स्पेशल रिवीजन के दौरान वोटर इनक्लूजन या एक्सक्लूजन के लिए प्राप्त अपीलों की संख्या: 500।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अखंडता सुनिश्चित करने में मतदाता सूची के समय-समय पर होने वाले संशोधन के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- डेटा इंटीग्रिटी: 'घोस्ट' वोटरों को रोकना और 'एक व्यक्ति, एक वोट' सिद्धांत सुनिश्चित करना
- लॉजिस्टिक बाधाएं: ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में अयोग्य मतदाताओं की पहचान और उन्हें हटाने में चुनौतियां
मुख्य शब्द: चुनावी अखंडता · विशेष पुनरीक्षण · मतदाता समावेश · लोकतांत्रिक प्रक्रिया
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › न्यायपालिका एवं ऐतिहासिक फैसलेमेन्स चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के एक फैसले को पलटते हुए यह निर्णय दिया कि एक शासन निकाय के सदस्य और उसके अधीनस्थ कर्मचारी को हाई-एंड फ्लैट्स आवंटित करना मनमाना था और यह पारदर्शिता के नियमों का उल्लंघन करता है।
सुप्रीम कोर्ट ने एक शासन निकाय के सदस्य और उनके अधीनस्थ कर्मचारी को आवंटित किए गए दो हाई-एंड फ्लैट्स के आवंटन को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने पाया कि यह प्रक्रिया सोसाइटी के पात्रता मानदंडों का उल्लंघन करती है। कोर्ट ने HUDA हाउसिंग सोसाइटी को मुकदमे के खर्च के रूप में ₹50,000 का भुगतान करने का आदेश दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने HUDA को अपीलकर्ता को मुकदमे के खर्च के लिए ₹50,000 का भुगतान करने का आदेश दिया।
- स्थानपंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट: वह निचली अदालत जिसके फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक आवास आवंटन में भाई-भतीजावाद और पारदर्शिता के अभाव ने भारत में लोकतांत्रिक सिद्धांतों और कानून के शासन को किस प्रकार कमजोर किया है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- संस्थागत ईमानदारी: शहरी विकास निकायों द्वारा मनमानी आवंटन प्रक्रियाएं योग्यता आधारित पात्रता को दरकिनार करती हैं
- पारदर्शिता की कमी: हाउसिंग सोसाइटी आवंटन में सार्वजनिक जांच के अभाव से स्व-लाभ की सुविधा मिलती है
- न्यायिक निगरानी: प्रशासनिक पक्षपात को रोकने और अवसर की समानता सुनिश्चित करने में न्यायपालिका की भूमिका
मुख्य शब्द: मनमानी · पारदर्शिता · विधि का शासन · लोकतांत्रिक सिद्धांत · प्रशासनिक पक्षपात · अवसर की समानता
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने KEAM 2026 इंजीनियरिंग परीक्षा के लिए एक संशोधित सामान्यीकरण फॉर्मूला (normalisation formula) की घोषणा की है। इसमें तमिलनाडु मॉडल को अपनाया गया है ताकि अलग-अलग बोर्डों के छात्रों के साथ निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
नया KEAM 2026 फॉर्मूला सामान्यीकृत प्रवेश परीक्षा (normalised entrance exam) के अंकों और अंतिम वर्ष की योग्यता परीक्षा (qualifying examination) के अंकों को 50:50 का वेटेज प्रदान करता है। यह बदलाव केरल हाई कोर्ट द्वारा CBSE और ICSE स्ट्रीम के छात्रों पर पिछले फॉर्मूले के प्रभाव के संबंध में किए गए हस्तक्षेप के बाद लागू किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यKEAM 2026 नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला: एंट्रेंस एग्जाम स्कोर को 50% वेटेज और फाइनल ईयर क्वालीफाइंग मार्क्स को 50% वेटेज दिया जाएगा।
- स्थानKEAM: केरल इंजीनियरिंग आर्किटेक्चर मेडिकल एंट्रेंस एग्जामिनेशन।
- संस्थाकेरल हाई कोर्ट: वह बॉडी जिसने एग्जाम नॉर्मलाइजेशन (exam normalisation) से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए हस्तक्षेप किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में विभिन्न शैक्षिक बोर्डों से आने वाले छात्रों के लिए समानता सुनिश्चित करते हुए, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षाओं के मानकीकरण के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- असेसमेंट इक्विटी: बोर्ड-विशिष्ट ग्रेडिंग स्टैंडर्ड्स और प्रतियोगी प्रवेश परीक्षा की कठिनाई के बीच संतुलन
- संस्थागत टकराव: अल्पसंख्यक छात्रों के हितों की रक्षा के लिए राज्य स्तरीय प्रवेश नीतियों में न्यायिक हस्तक्षेप
मुख्य शब्द: नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला · शिक्षा में समानता · मानकीकृत परीक्षण · न्यायिक निगरानी · योग्यता आधारित व्यवस्था
GS2सामाजिक न्याय › स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्यप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने MICE टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बार और बीयर पार्लर के संचालन का समय आधी रात तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही, 5-स्टार FL3 लाइसेंस वाले होटलों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, ताकि वे सुबह 3 बजे तक संचालित हो सकें।
केरल सरकार ने बार के समय की वर्तमान सीमा को बढ़ाकर मध्यरात्रि तक कर दिया है। 5-स्टार वर्गीकरण या उससे ऊपर वाले FL3 लाइसेंस प्राप्त बार होटलों को ₹5 लाख का वार्षिक किराया शुल्क देकर सुबह 3 बजे तक संचालित करने की अनुमति दी जा सकती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यकेरल में स्टैंडर्ड बार और बीयर पार्लर के संचालन का समय मध्यरात्रि तक बढ़ा दिया गया है।
- तथ्य5-स्टार क्लासिफिकेशन या उससे ऊपर वाले FL3 लाइसेंस प्राप्त बार होटल्स को रात 3 बजे तक संचालित करने की अनुमति है।
- तथ्य5-स्टार FL3 लाइसेंस वाले बार होटलों को सुबह 3 बजे तक संचालित करने के लिए ₹5 लाख की वार्षिक रेंटल फीस (Annual rental fee) आवश्यक है।
- स्थानकेरल सरकार ने MICE टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अपनी पॉलिसी में बदलाव किया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मदिरा विनियमन के संदर्भ में पर्यटन आधारित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण सुनिश्चित करने के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।
- सार्वजनिक स्वास्थ्य का ट्रेड-ऑफ: पर्यटन के लिए शराब की उपलब्धता और नशीले पदार्थों के बढ़ते सेवन के सामाजिक-आर्थिक प्रभाव के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: MICE टूरिज्म · सार्वजनिक स्वास्थ्य · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · आर्थिक उदारीकरण · सामाजिक प्रभाव
GS2अंतर्राष्ट्रीय संबंध › दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असरप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजाग तट पर आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) की अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने समुद्री सुरक्षा और वैश्विक प्रतिरोध (deterrence) में भारतीय नौसेना की भूमिका पर जोर दिया।
इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) विजाग के तट पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र समुद्री हितों की रक्षा करने, स्थिरता को बढ़ावा देने और वैश्विक नौसेनाओं के साथ सद्भावना विकसित करने में भारतीय नौसेना की भूमिका पर केंद्रित था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- स्थानविशाखापट्टनम (Vizag) के तट पर इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) आयोजित किया जाता है।
- पदराष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने IFR इवेंट की अध्यक्षता की।
- तथ्यभारतीय नौसेना की भूमिका में समुद्री वाणिज्य (maritime commerce) की सुरक्षा करना और खतरों के खिलाफ निवारण (deterrence) प्रदान करना शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और हिंद महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने में भारतीय नौसेना की भूमिका के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- स्ट्रेटेजिक डिटेरेंस: समुद्री व्यापार की सुरक्षा और गैर-पारंपरिक सुरक्षा खतरों के खिलाफ बचाव के बीच संतुलन
- डिप्लोमैटिक लेवरेज: ग्लोबल नेवियों के साथ गुडविल और मैरीटाइम पार्टनरशिप बनाने के लिए नेवल डिप्लोमेसी का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: समुद्री सुरक्षा · रणनीतिक प्रतिरोध · नौसेना कूटनीति · क्षेत्रीय स्थिरता · समुद्री वाणिज्य
चर्चा में क्यों: वित्त मंत्री थंगम थेन्नारसु ने तमिलनाडु की राज्य-संचालित विश्वविद्यालयों के लिए राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Discipline) में सुधार के उद्देश्य से ₹767 करोड़ का वार्षिक कंपोजिट ग्रांट (Composite Grant) और ₹175 करोड़ का परफॉरमेंस फंड (Performance Fund) की घोषणा की है।
तमिलनाडु सरकार ने राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए ₹767 करोड़ का वार्षिक कंपोजिट ग्रांट (Composite Grant) और ₹175 करोड़ का परफॉर्मेंस इंसेंटिव ग्रांट (Performance Incentive Grant) घोषित किया है। यह कदम एक समिति की रिपोर्ट के बाद उठाया गया है, जिसमें कहा गया है कि पिछला ग्रांट मॉडल शैक्षणिक उत्कृष्टता या वित्तीय अनुशासन को बढ़ावा देने में विफल रहा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यकंपोजिट ग्रांट की राशि: तमिलनाडु में राज्य द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के लिए सालाना ₹767 करोड़।
- तथ्यपरफॉरमेंस इंसेंटिव ग्रांट (Performance Incentive Grant): राजकोषीय प्रबंधन (fiscal management) को प्रोत्साहित करने के लिए ₹175 करोड़ का फंड स्थापित किया गया।
- संस्थाग्रांट मॉडल के तहत विश्वविद्यालयों को विशिष्ट अकाउंटिंग सिस्टम (accounting systems) अपनाने और वैधानिक आवश्यकताओं (statutory requirements) का पालन करना आवश्यक है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में राज्य द्वारा संचालित उच्च शिक्षा संस्थानों में राजकोषीय अनुशासन और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ाने में प्रदर्शन-आधारित वित्तपोषण के महत्व की चर्चा कीजिए।
- राजकोषीय जवाबदेही: बजट की बर्बादी रोकने के लिए ब्लॉक ग्रांट्स से परफॉरमेंस-लिंक्ड इंसेंटिव्स की ओर बदलाव
- संस्थागत स्वायत्तता: अकादमिक आज़ादी और अनिवार्य अकाउंटिंग सिस्टम व वैधानिक कंप्लायंस की ज़रूरतों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: राजकोषीय अनुशासन · परफॉरमेंस-लिंक्ड इंसेंटिव्स · उच्च शिक्षा के लिए फंडिंग · सार्वजनिक जवाबदेही · सांख्यिकीय अनुपालन
चर्चा में क्यों: चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की 37 सीटों के लिए द्विवार्षिक राज्यसभा चुनावों के शेड्यूल की घोषणा की है, जो 16 मार्च, 2026 को आयोजित किए जाएंगे।
महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और बिहार में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव आयोजित किए जाएंगे। इन चुनावों में छह साल के कार्यकाल के लिए पदों को भरने हेतु सिंगल ट्रांसफरेबल वोट (Single Transferable Vote) प्रणाली का उपयोग किया जाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्य16 मार्च, 2026 के चुनावों के लिए 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटें खाली हो जाएंगी।
- संस्थाभारत निर्वाचन आयोग इन चुनावों की घोषणा और संचालन के लिए जिम्मेदार संस्था है।
- तथ्यइन चुनावों में केवल राज्य विधानसभा के निर्वाचित सदस्य ही वोट देने के पात्र हैं।
- तथ्यराज्यसभा के पदों को छह साल के कार्यकाल के लिए सिंगल ट्रांसफरेबल वोट (Single Transferable Vote) सिस्टम के जरिए भरा जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एक संघीय सदन के रूप में राज्यसभा के महत्व और इसकी निर्वाचन प्रक्रिया में एकल संक्रमणीय मत प्रणाली (Single Transferable Vote System) की प्रक्रियात्मक बारीकियों पर चर्चा कीजिए।
- संघीय प्रतिनिधित्व: राज्य स्तर के विधायी हितों और राष्ट्रीय संसदीय प्रतिनिधित्व के बीच संतुलन
- इलेक्शन मैकेनिक्स: सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम के जरिए आनुपातिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: संघवाद · सिंगल ट्रांसफरेबल वोट · प्रतिनिधित्व · संवैधानिक निकाय · विधायी प्रक्रिया
GS2राजव्यवस्था एवं संविधान › संविधान, संशोधन एवं मूल ढांचामेन्स चर्चा में क्यों: द हिंदू ने अल्पसंख्यक सुरक्षा पर संविधान सभा की चर्चाओं में तमिलनाडु के निवासियों की जमीनी भागीदारी पर प्रकाश डाला है, जिसमें एस. ओपिलियाप्पन जैसे आम नागरिक भी शामिल थे।
संविधान सभा की सलाहकार समिति की अल्पसंख्यक उप-समिति ने अनुसूचित जातियों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षा उपायों पर जनता की राय मांगी थी। इसमें के.वी. सुंदरेश्वर अय्यर द्वारा सांप्रदायिक रीति-रिवाजों के लिए कानूनी छूट के प्रस्ताव से लेकर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा पूजा की स्वतंत्रता की मांगों तक, विभिन्न सुझाव प्राप्त हुए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- पदके.वी. सुंदरेश्वर अय्यर: अधिवक्ता जिन्होंने संविधान सभा में सांप्रदायिक रीति-रिवाजों के लिए छूट (immunity) का प्रस्ताव रखा था।
- तथ्यS. Oppiliaappan: एक तमिल ग्रामीण जिन्होंने पूजा की स्वतंत्रता और सामुदायिक स्वायत्तता (community autonomy) की वकालत की।
- संस्थामाइनॉरिटीज सब-कमेटी (Minorities Sub-Committee): यह संविधान सभा की एडवाइजरी कमेटी (Advisory Committee) का हिस्सा थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए भारतीय संविधान के निर्माण में जनभागीदारी और जमीनी स्तर की वकालत के महत्व पर चर्चा कीजिए।
- लोकतांत्रिक वैधता: संवैधानिक प्रावधानों में विविध सामाजिक वास्तविकताओं को दर्शाने के लिए गैर-एलीट आवाजों को शामिल करना
- सारभूत समानता: सार्वजनिक परामर्श प्रक्रियाओं के ज़रिए सामुदायिक स्वायत्तता और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: संविधान सभा · अल्पसंख्यक अधिकार · जमीनी स्तर की भागीदारी · संवैधानिकवाद · जनता से परामर्श
GS3 · अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा · 22
चर्चा में क्यों: कोलकाता स्थित नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, हालांकि वैज्ञानिकों और पर्यावरण समूहों ने जैव विविधता और स्थानीय जनजातियों पर इसके प्रभाव को लेकर चिंता जताई थी।
NGT कोलकाता ने सरकार द्वारा प्रदान किए गए पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों और रणनीतिक उपयोगिता के आधार पर इस परियोजना को मंजूरी दी। वन क्षेत्र और शोम्पेन (Shompen) एवं निकोबारी (Nicobarese) जनजातियों के आवास को होने वाली संभावित क्षति के कारण इस परियोजना का विरोध किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थानेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal - NGT) भारत में पर्यावरणीय विवादों के न्यायनिर्णयन (adjudication) के लिए सर्वोच्च निकाय है।
- पर्यावरणशोंपेन (Shompen) और निकोबारी (Nicobarese) निकोबार द्वीप समूह में रहने वाली स्वदेशी जनजातियां हैं।
- स्थानग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट निकोबार द्वीप समूह में स्थित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास और जैव विविधता के संरक्षण तथा स्वदेशी अधिकारों के बीच होने वाले संघर्ष का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- रेगुलेटरी ओवरसाइट: सरकारी नेतृत्व वाले एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट बनाम स्वतंत्र वैज्ञानिक जांच पर निर्भरता
- स्वदेशी लोगों के अधिकार: रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों और शोम्पेन और निकोबारीस जनजातियों के सांस्कृतिक और क्षेत्रीय अधिकारों के बीच संतुलन
- पारिस्थितिक अखंडता: द्वीप पारिस्थितिकी तंत्र में वन क्षेत्र और जैव विविधता का अपूरणीय नुकसान
मुख्य शब्द: पर्यावरण प्रभाव आकलन · जैव विविधता संरक्षण · स्वदेशी अधिकार · सतत विकास · न्यायिक निगरानी
चर्चा में क्यों: गृह मंत्रालय ने अवैध गतिविधियों और जनसांख्यिकीय परिवर्तनों (demographic changes) को रोकने के लिए 1,954 रणनीतिक सीमा गांवों के विकास हेतु वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP-II) के दूसरे चरण की घोषणा की है।
VVP-II एक ₹6,839 करोड़ की पहल है, जिसका लक्ष्य पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार के साथ लगती सीमाओं पर स्थित 1,954 गांवों को लक्षित करना है। यह कार्यक्रम सीमा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आर्थिक विकास, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक आत्मसातीकरण (Cultural Assimilation) पर केंद्रित है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- योजनाVibrant Village Programme (VVP) गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) की एक पहल है।
- तथ्यVVP-II के लिए ₹6,839 करोड़ का बजट आवंटन (budget allocation) शामिल है।
- तथ्यVVP-II भारत की सीमाओं के साथ स्थित 1,954 रणनीतिक गांवों (strategic villages) को लक्षित करता है।
- स्थानयह प्रोग्राम पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार के साथ की सीमाओं को कवर करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास और सामाजिक-आर्थिक एकीकरण किस प्रकार राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा (आतंकवाद विरोधी अभियानों) के लिए एक प्रभावी उपकरण के रूप में कार्य कर सकता है, चर्चा कीजिए।
- डेमोग्राफिक सिक्योरिटी: आबादी में बदलाव और अवैध सीमा पार गतिविधियों की चिंताओं पर ध्यान देना
- एकीकृत विकास: बुनियादी ढांचे की जरूरतों और स्थानीय सांस्कृतिक आत्मसातीकरण के संरक्षण के बीच संतुलन
- स्ट्रेटेजिक डेप्थ: कम्युनिटी-लेड इकोनॉमिक स्टेबिलिटी के जरिए बॉर्डर मैनेजमेंट को बेहतर बनाना
मुख्य शब्द: सीमा प्रबंधन · सामाजिक-आर्थिक एकीकरण · जनसांख्यिकीय परिवर्तन · रणनीतिक विकास · आंतरिक सुरक्षा
GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 फरवरी, 2026 को AI इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) को संबोधित करेंगे। यह सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसमें वैश्विक तकनीकी लीडर्स और दुनिया के कई देशों के प्रमुख शामिल होंगे।
AI इम्पैक्ट समिट 2026 में सैम ऑल्टमैन (OpenAI), डेनिस हैसबिस (Google DeepMind) और मुकेश अंबानी (रिलायंस इंडस्ट्रीज) जैसे प्रमुख वक्ता शामिल होंगे। भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, इस समिट के एक्सपो (Expo) घटक को 21 फरवरी, 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पदसैम ऑल्टमैन OpenAI के CEO हैं।
- पदडेनिस हैसबिस (Dennis Hassabis) Google DeepMind के CEO हैं।
- तथ्यइस एक्सपो में स्टार्टअप्स, कॉर्पोरेट फर्म्स और सरकारी संस्थाओं के 400 से अधिक प्रदर्शक (exhibitors) भाग ले रहे हैं।
- स्थानयह समिट U.K., फ्रांस और साउथ कोरिया में आयोजित समान बहुपक्षीय AI समिट्स के बाद आयोजित की गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए वैश्विक शासन ढांचा स्थापित करने में बहुपक्षीय सहयोग के महत्व और भारत जैसे विकासशील देशों पर इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों की चर्चा कीजिए।
- भू-राजनीतिक नेतृत्व: AI इनोवेशन और पॉलिसी-मेकिंग के हब के रूप में भारत की स्थिति
- रेगुलेटरी हार्मोनाइजेशन: AI से फैलने वाली गलत जानकारी और सुरक्षा जोखिमों को कम करने के लिए एकीकृत वैश्विक मानकों की ज़रूरत
- डिजिटल डिवाइड: उभरती अर्थव्यवस्थाओं में छात्रों और प्रोफेशनल्स के लिए AI इंफ्रास्ट्रक्चर तक समान पहुंच सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · बहुपक्षवाद · डिजिटल गवर्नेंस · तकनीकी संप्रभुता · रणनीतिक स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सख्त कंटेंट-टेकडाउन (content-takedown) नियमों के लागू होने के बाद ग्लोबल टेक प्लेटफॉर्म्स (Google, Meta, X, Netflix) से भारत के संवैधानिक ढांचे के अनुरूप काम करने का आग्रह किया है।
भारत ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए नियमों को कड़ा कर दिया है, जिसके तहत उन्हें तीन घंटे की समय सीमा के भीतर अवैध सामग्री को हटाना अनिवार्य होगा। यह निर्देश दिल्ली में आयोजित एक AI समिट के दौरान जारी किया गया था, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ये प्लेटफॉर्म सांस्कृतिक संदर्भ और संवैधानिक प्रावधानों का सम्मान करें।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यकंटेंट-टेकडाउन रूल (Content-takedown rule): सोशल मीडिया कंपनियों को तीन घंटे के भीतर गैरकानूनी कंटेंट हटाना होगा।
- पदअश्विनी वैष्णव: सूचना और प्रसारण मंत्री।
- संस्थाउल्लिखित प्लेटफॉर्म्स: Google, Meta, X, और Netflix।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में वैश्विक तकनीकी मंचों पर डिजिटल सामग्री को विनियमित करने की आवश्यकता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी फ्रिक्शन: ग्लोबल प्लेटफॉर्म मॉडरेशन पॉलिसी और घरेलू संवैधानिक जनादेश के बीच टकराव
- एन्फोर्समेंट में रुकावट: तीन घंटे के भीतर कंटेंट हटाने के लक्ष्य में तकनीकी और लॉजिस्टिकल बाधाएं
- सांस्कृतिक संप्रभुता: ग्लोबल कंटेंट एल्गोरिदम और स्थानीय सांस्कृतिक व कानूनी संवेदनशीलता के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: संवैधानिक ढांचा · कंटेंट मॉडरेशन · डिजिटल संप्रभुता · रेगुलेटरी कंप्लायंस · भाषण की स्वतंत्रता
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु क्लाइमेट समिट 4.0 का समापन वन अग्नि (forest fire) की तैयारी और जैव विविधता संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करते हुए हुआ, जिसमें सरकार के 'एन्टीसिपेटरी गवर्नेंस' (anticipatory governance) मॉडल को रेखांकित किया गया।
इस शिखर सम्मेलन में तमिलनाडु की पांच साल की जलवायु यात्रा का मूल्यांकन किया गया और राज्य स्तरीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (State-Level Command and Control Centre) का प्रदर्शन किया गया। इसमें आवास विखंडन (habitat fragmentation) और शहरीकरण से निपटने के लिए चक्रीय और हरित अर्थव्यवस्था (circular and green economy) की ओर बढ़ने पर जोर दिया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- स्थानतमिलनाडु क्लाइमेट समिट 4.0।
- विज्ञान-तकनीकजंगलों की आग (wildfire) के शमन के लिए राज्य-स्तरीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर।
- तथ्यइस शिखर सम्मेलन में पांच साल की क्लाइमेट जर्नी (climate journey) का आकलन किया गया।
- संस्थाUNEA-7 (United Nations Environment Assembly) के संदर्भ में जंगल की आग (wildfire) के शमन में भारत का नेतृत्व।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में वनों की आग और जैव विविधता के ह्रास के दोहरे खतरों को कम करने में 'पूर्वानुमानित शासन' (anticipatory governance) और 'चक्रीय अर्थव्यवस्था' (circular economy) के मॉडल किस प्रकार सहायक हो सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
- गवर्नेंस मॉडल: रियल-टाइम में जंगल की आग की निगरानी के लिए स्टेट-लेवल कमांड और कंट्रोल सेंटर्स का इस्तेमाल
- पारिस्थितिक दबाव: जैव विविधता संरक्षण पर आवास विखंडन और तेज़ी से होते शहरीकरण का प्रभाव
- आर्थिक बदलाव: जलवायु कार्रवाई को सतत विकास के साथ जोड़ने के लिए सर्कुलर इकोनॉमी की ओर बढ़ना
मुख्य शब्द: एन्टीसिपेटरी गवर्नेंस · सर्कुलर इकोनॉमी · आवास विखंडन · वाइल्डफायर कम करने के उपाय · जैव विविधता संरक्षण
GS3कृषि › भूमि सुधारमेन्स चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश के राजस्व मंत्री ने गरीब भूस्वामियों को लाभ पहुँचाने के लिए 22A प्रतिबंधित सूची (prohibited list) से पात्र निजी जमीनों को हटाने हेतु एक सरल प्रक्रिया और विशेष अभियान की घोषणा की है।
आंध्र प्रदेश सरकार ने 22A प्रतिबंधित सूची (prohibited list) से निजी भूमि की पांच श्रेणियों को हटाने की अनुमति देते हुए एक मेमो जारी किया है। इन श्रेणियों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए प्रभारी मंत्रियों और जिला कलेक्टरों की भागीदारी से एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्य22A लिस्ट: आंध्र प्रदेश में भूमि लेनदेन (land transactions) से संबंधित एक प्रतिबंधित सूची।
- पदअनागनी सत्य प्रसाद: आंध्र प्रदेश में रेवेन्यू, रजिस्ट्रेशन और स्टैम्प्स के मंत्री।
- पदएन. चंद्रबाबू नायडू: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भूमि-अधिकार संबंधी प्रतिबंधों को सरल बनाना किस प्रकार समावेशी विकास को सुगम बनाने और ग्रामीण गरीबी को कम करने में सहायक हो सकता है, जबकि साथ ही सार्वजनिक हित की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए? चर्चा कीजिए।
- प्रशासनिक अड़चन: ज़मीन के रिकॉर्ड अपडेट होने में देरी से पिछड़े किसानों के लिए एसेट मोनेटाइजेशन में बाधा
- रेगुलेटरी बैलेंस: व्यक्तिगत संपत्ति अधिकारों और अवैध भूमि अतिक्रमण रोकने की राज्य की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: भूमि स्वामित्व · समावेशी विकास · प्रशासनिक सरलीकरण · ग्रामीण गरीबी · जनहित
चर्चा में क्यों: CRPF ने छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा पर वरिष्ठ माओवादी कमांडरों की तलाश करने और वामपंथी उग्रवाद (Left-Wing Extremism - LWE) को खत्म करने के लिए 17 फरवरी, 2026 को 'ऑपरेशन KGH-2' शुरू किया।
इस ऑपरेशन में लगभग 2,000 सुरक्षा कर्मी शामिल हैं और इसका लक्ष्य चार प्रमुख नेताओं: गणपति, देवुजी, मल्ला राजा रेड्डी और मिसिर बेसरा को निशाना बनाना है। CRPF ने माओवादी आपूर्ति श्रृंखलाओं (supply chains) को बाधित करने के लिए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस स्थापित किए हैं और इन क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन का नेतृत्व कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यऑपरेशन KGH-2 में लगभग 2,000 सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।
- स्थानयह ऑपरेशन छत्तीसगढ़-तेलंगाना बॉर्डर पर संचालित किया जाता है।
- संस्थाCRPF माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में ऑपरेशन और स्कीम के कार्यान्वयन के लिए लीड फोर्स है।
- तथ्यइस ऑपरेशन का लक्ष्य मार्च 2026 तक माओवादी पोलिटब्यूरो और सेंट्रल कमेटी के सदस्यों की संख्या को 20 से घटाकर चार करना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के जनजातीय क्षेत्रों में वामपंथी उग्रवाद से निपटने के लिए सुरक्षा अभियानों और विकासात्मक योजनाओं के समन्वित बहुआयामी रणनीति का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- लॉजिस्टिक व्यवधान: माओवादी सप्लाई चेन और कम्युनिकेशन नेटवर्क को काटने के लिए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस बनाना
- विकासपरक एकीकरण: सामाजिक-आर्थिक शिकायतों को दूर करने के लिए CRPF द्वारा सरकारी योजनाओं का कार्यान्वयन
- नेतृत्व का सफाया: संगठनात्मक ढांचे को कमजोर करने के लिए उच्च पदस्थ पोलिटब्यूरो और केंद्रीय समिति के सदस्यों को निशाना बनाना
मुख्य शब्द: वामपंथी उग्रवाद · आंतरिक सुरक्षा · फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेसिस · विकास संबंधी हस्तक्षेप · आतंकवाद विरोधी अभियान
GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स + मेन्स चर्चा में क्यों: सलीम अली सेंटर फॉर ऑर्निथोलॉजी एंड नेचुरल हिस्ट्री (Salim Ali Centre for Ornithology and Natural History) के एक अध्ययन से पता चला है कि वालपराई पठार (Valparai plateau) के गैर-संरक्षित निजी बागानों में लुप्तप्राय लायन-टेल्ड मकाक (LTM) असामान्य रूप से बड़े समूह बना रहे हैं।
इस अध्ययन में फरवरी 2021 से अगस्त 2024 के बीच LTM की आबादी की निगरानी की गई। इसमें पुथुथोट्टम में 117 LTM का एक समूह दर्ज किया गया, जो पश्चिमी घाट के संरक्षित क्षेत्रों में देखे गए 20 से कम व्यक्तियों के औसत समूह आकार की तुलना में काफी अधिक है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- पर्यावरणलायन-टेल्ड मकाक (Lion-tailed macaques - LTM) पश्चिमी घाट में पाई जाने वाली एक लुप्तप्राय (endangered) प्रजाति है।
- स्थानवलपराई पठार (Valparai plateau) पश्चिमी घाट का एक क्षेत्र है जहाँ LTM की आबादी की निगरानी की जा रही है।
- तथ्यपुथुथोट्टम में 117 LTMs का एक समूह देखा गया, जो संरक्षित क्षेत्रों में <20 के औसत समूह आकार से अधिक है।
- संस्थासलीम अली सेंटर फॉर ऑर्निथोलॉजी एंड नेचुरल हिस्ट्री (Salim Ali Centre for Ornithology and Natural History) ने लॉन्ग-टर्म मॉनिटरिंग स्टडी (long-term monitoring study) आयोजित की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मानव-प्रधान परिदृश्यों और निजी वृक्षारोपणों के प्रति लुप्तप्राय वन्यजीवों के अभ्यस्त होने से उत्पन्न होने वाले पारिस्थितिक जोखिमों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- पारिस्थितिक जोखिम: अभ्यस्त होने के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष और ज़ूनोटिक बीमारियों के फैलने की संभावना
- हैबिटेट फ्रैगमेंटेशन: वन्यजीवों के गैर-संरक्षित प्लांटेशन ज़मीनों में विस्तार से पश्चिमी घाट की बायोडायवर्सिटी पर दबाव
- मैनेजमेंट की दुविधा: बफर ज़ोन में निजी ज़मीन के अधिकारों और लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के बीच संतुलन बनाना
मुख्य शब्द: आदत डालना · मानव-वन्यजीव संघर्ष · जैव विविधता संरक्षण · पश्चिमी घाट · लुप्तप्राय प्रजातियां
GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: फ्रांसीसी ऑटो पार्ट्स कंपनी Valeo ने भारत में 200 मिलियन यूरो से अधिक के निवेश की योजना की घोषणा की है। कंपनी का लक्ष्य SUV और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजारों में हो रही वृद्धि के आधार पर, 2028 तक अपने राजस्व को तीन गुना करना है।
फ्रांसीसी ऑटो पार्ट्स कंपनी, Valeo, का लक्ष्य भारतीय विनिर्माण (manufacturing) के माध्यम से अपने वैश्विक बिक्री हिस्सेदारी को 1% से बढ़ाकर 6-7% करना है। कंपनी ने इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के लिए Mahindra & Mahindra और एडवांस्ड राइडर असिस्टेंस सिस्टम (Advanced Rider Assistance Systems) के लिए Hero MotoCorp के साथ साझेदारी हासिल की है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- तथ्यValeo का भारत में नियोजित निवेश €200 मिलियन से अधिक है।
- तथ्यValeo का लक्ष्य 2028 तक भारत में अपने रेवेन्यू (revenue) को तीन गुना करना है।
- तथ्यValeo की वर्तमान ग्लोबल सेल्स शेयर 1% है, जिसका लक्ष्य 6-7% है।
- तथ्यValeo ने इलेक्ट्रिक powertrains के लिए Mahindra & Mahindra के साथ साझेदारी की है।
- तथ्यValeo ने एडवांस्ड राइडर असिस्टेंस सिस्टम (advanced rider assistance systems) के लिए Hero MotoCorp के साथ पार्टनरशिप की है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ऑटोमोटिव विनिर्माण क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के विस्तार ने भारत के एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने के लक्ष्य में किस प्रकार योगदान दिया है, इसका विश्लेषण कीजिए।
- सप्लाई चेन इंटीग्रेशन: ग्लोबल मार्केट शेयर पाने के लिए लोकल मैन्युफैक्चरिंग का इस्तेमाल
- EV इकोसिस्टम की ग्रोथ: विदेशी टेक्नोलॉजी और घरेलू EV मैन्युफैक्चरिंग के बीच तालमेल
- मार्केट डाइवर्सिफिकेशन: ग्रामीण और शहरी डिमांड को पाने के लिए टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में विस्तार
मुख्य शब्द: विदेशी प्रत्यक्ष निवेश · इलेक्ट्रिक व्हीकल्स · मैन्युफैक्चरिंग हब · सप्लाई चेन इंटीग्रेशन · ऑटोमोटिव सेक्टर
चर्चा में क्यों: पर्यावरण मंत्री ईश्वर खंडरे ने एक विशेषज्ञ समिति की अंतरिम रिपोर्ट के बाद बांदीपुर और नागरहोल टाइगर रिज़र्व में सफारी संचालन को चरणबद्ध तरीके से फिर से शुरू करने की घोषणा की है।
पुनरारंभ के अंतर्गत बांदीपुर के लिए सफारी यात्राओं को घटाकर पांच घंटे और नागरहोल के लिए चार घंटे कर दिया गया है। निगरानी सुनिश्चित करने के लिए, सभी सफारी वाहनों को GPS ट्रैकिंग सिस्टम और डैशबोर्ड कैमरों से लैस किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यबंदीपुर सफारी ट्रिप्स की समय सीमा पांच घंटे और नागरहोल की चार घंटे निर्धारित है।
- विज्ञान-तकनीकसफारी वाहनों को GPS ट्रैकिंग सिस्टम और डैशबोर्ड कैमरों से लैस किया जाएगा।
- तथ्य7 नवंबर से पहले के 50% सफारी वाहन चालू (operational) रहेंगे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बंदरपुर और नागरहोल जैसे उच्च मानव-वन्यजीव संपर्क क्षेत्रों में वन्यजीव पर्यटन और बाघ संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- निगरानी में बाधा: अनधिकृत आवाजाही रोकने के लिए रियल-टाइम GPS और कैमरा सर्विलांस की ज़रूरत
- मानव-वन्यजीव संघर्ष: पर्यटकों की पहुंच और पास के गांव की सुरक्षा के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: मानव-वन्यजीव इंटरफेस · वन्यजीव संरक्षण · इकोटूरिज्म मैनेजमेंट · ज़ोनिंग · बायोडायवर्सिटी की निगरानी
GS3कृषि › कृषि सब्सिडी एवं सहायतामेन्स चर्चा में क्यों: बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने घोषणा की है कि पंजीकरण की कमी के कारण किसानों को योजनाओं का लाभ नहीं दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने 'AgriStack' पहल की प्रगति के बारे में भी जानकारी साझा की।
एग्रीस्टैक (AgriStack) पहल के तहत बिहार के 45 लाख किसानों के लिए विशिष्ट आईडी (Unique IDs) बनाई गई हैं, जो राज्य के लक्ष्य का 52% है। इस रजिस्ट्री को केंद्र और राज्य की कृषि योजनाओं तक पहुंच को सरल बनाने के लिए तैयार किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यAgriStack: फरवरी 2026 तक बिहार में 45 लाख किसानों के लिए यूनिक ID बनाए गए।
- तथ्यAgriStack कवरेज: बिहार में लक्ष्य का 52%।
- योजनाAgriStack: किसानों को यूनिक ID प्रदान करने की एक पहल ताकि कृषि योजनाओं तक पहुंच को सुव्यवस्थित (streamline) किया जा सके।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एग्रीस्टैक (AgriStack) जैसे डिजिटल पहचान ढांचे किस प्रकार कृषि सब्सिडी वितरण की दक्षता में वृद्धि कर सकते हैं और साथ ही हाशिए पर रहने वाले किसानों के लिए समावेशिता सुनिश्चित कर सकते हैं, इस पर चर्चा कीजिए।
- डिजिटल डिवाइड: सीमित तकनीकी पहुंच या साक्षरता के कारण छोटे किसानों के बाहर होने का जोखिम
- डेटा इंटीग्रिटी: उर्वरकों की कालाबाजारी और लीकेज रोकने के लिए सटीक किसान प्रोफाइलिंग सुनिश्चित करना
- प्रशासनिक टकराव: अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की शर्तों और आपातकालीन कृषि सहायता की तत्काल ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: एग्रीस्टैक · डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · सब्सिडी लीकेज · समावेशी विकास · कृषि शासन
GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)मेन्स चर्चा में क्यों: GST दरों के युक्तिकरण (Rationalization) के कारण कर्नाटक सरकार को ₹16,000 करोड़ के राजस्व की कमी का अनुमान है, जिससे 2025-2026 के बजट का आकार ₹10,000 करोड़ तक कम हो सकता है।
कर्नाटक सरकार 6 मार्च को पेश किए जाने वाले अपने 17वें बजट की तैयारी कर रही है। राज्य सरकार GST में बदलाव के कारण राजस्व में आई कमी की भरपाई के लिए यूजर फीस (User fees) और सेस (Cesses) में वृद्धि करने पर विचार कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यकर्नाटक में GST से अनुमानित राजस्व की कमी: ₹16,000 करोड़।
- तथ्य2025-2026 के बजट के आकार में ₹10,000 करोड़ की संभावित कटौती।
- पदमुख्यमंत्री सिद्धारमैया 17वें बजट के लिए फाइनेंस पोर्टफोलियो (finance portfolio) के प्रभारी हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जीएसटी (GST) दर युक्तिकरण राज्यों की राजकोषीय स्वायत्तता को किस प्रकार प्रभावित करता है और राजस्व अधिशेष लक्ष्यों की प्राप्ति में यह किन चुनौतियों को प्रस्तुत करता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
- राजकोषीय टकराव: राज्य स्तर के राजस्व लक्ष्यों और राष्ट्रीय GST रेट हार्मोनाइजेशन के बीच संतुलन
- राजस्व विविधीकरण: यूज़र फीस/सेस बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं की सामर्थ्य के बीच ट्रेड-ऑफ
- राजकोषीय घाटा: राज्यों के इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च पर इनडायरेक्ट टैक्स की अस्थिरता का असर
मुख्य शब्द: राजकोषीय घाटा · GST युक्तिकरण · राजस्व सरप्लस · राजकोषीय संघवाद · टैक्सेशन पॉलिसी
GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: नोवार्टिस (Novartis) और एमजेन (Amgen) जैसी वैश्विक फार्मास्युटिकल कंपनियों के अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवा R&D और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए एक उच्च-प्रभाव वाले AI इनोवेशन हब के रूप में हैदराबाद के उभरने पर जोर दिया।
नोवार्टिस (Novartis), ताकेडा (Takeda), एम्जेन (Amgen), ओलंपस कॉर्पोरेशन (Olympus Corporation) और यूनिलैब्स (Unilabs) जैसी वैश्विक कंपनियाँ हैदराबाद में अपने मुख्य डिजिटल और R&D प्लेटफॉर्म स्थापित कर रही हैं। यह बदलाव मार्केटिंग, रिसर्च, क्वालिटी मैनेजमेंट और प्रोफेशनल सपोर्ट के लिए AI-आधारित क्षमताओं पर केंद्रित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यहैदराबाद ग्लोबल फार्मा के लिए मार्केटिंग, रिसर्च और क्वालिटी मैनेजमेंट में AI-driven क्षमताओं के हब के रूप में उभर रहा है।
- तथ्यNovartis, Takeda और Amgen जैसी कंपनियाँ हैदराबाद में कोर डिजिटल और R&D प्लेटफॉर्म्स स्थापित कर रही हैं।
- तथ्यओलंपस कॉर्पोरेशन (Olympus Corporation) और यूनिलैब्स (Unilabs) हेल्थकेयर के लिए फाउंडेशनल AI डेवलपमेंट में हैदराबाद की विशेषज्ञता का लाभ उठा रहे हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय शहरों को एआई-आधारित स्वास्थ्य सेवा जैसे उच्च-तकनीकी उद्योगों के लिए वैश्विक नवाचार केंद्रों में परिवर्तित करने वाले कारकों की चर्चा कीजिए।
- स्किल-डिमांड अलाइनमेंट: लो-कॉस्ट सर्विस सेंटर्स से हाई-इम्पैक्ट R&D और AI इनोवेशन इंजनों की ओर बदलाव
- इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: बुनियादी AI डेवलपमेंट को फार्मास्युटिकल R&D और क्वालिटी मैनेजमेंट के साथ जोड़ना
- ग्लोबल सप्लाई चेन में बदलाव: निर्णय लेने वाले प्लेटफॉर्म्स का भारतीय टेक हब्स की ओर विकेंद्रीकरण
मुख्य शब्द: इनोवेशन हब · AI-आधारित R&D · डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन · फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री · हाई-इम्पैक्ट इनोवेशन
GS3आंतरिक सुरक्षा › आतंकवाद एवं उग्रवाद (जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर)प्रीलिम्स चर्चा में क्यों: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और 2047 तक इस्लामिक शासन स्थापित करने की साजिश में शामिल होने के कारण कोच्चि एयरपोर्ट पर PFI के एक पूर्व समन्वयक (coordinator) को गिरफ्तार किया है।
NIA ने कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के पूर्व फिजिकल एजुकेशन ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर मोइदीनकुट्टी पी. को हिरासत में लिया है। आरोपी सितंबर 2022 से फरार चल रहा था। वह हथियार प्रशिक्षण और कट्टरपंथ (Radicalization) से जुड़े एक साजिश में शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- संस्थाNIA: National Investigation Agency भारत की प्राथमिक काउंटर-टेररिज्म एजेंसी है।
- तथ्यNIA ने इस विशिष्ट साजिश के संबंध में 65 व्यक्तियों के खिलाफ चार्जशीट (chargesheets) दाखिल की है।
- तथ्यआरोपी को UAE से कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आगमन पर apprehended (पकड़ा) गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में कट्टरपंथ को रोकने में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की भूमिका और गुप्त आतंकवाद-वित्तपोषण नेटवर्क को ध्वस्त करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
- इंटेलिजेंस गैप: अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार चलने वाले गुप्त फंडिंग और कट्टरपंथ मॉड्यूल को ट्रैक करने में मुश्किल
- कानूनी ढांचा: कट्टरपंथ को रोकने और व्यक्तिगत नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: कट्टरपंथ · आतंकवाद विरोधी · राष्ट्रीय सुरक्षा · गुप्त नेटवर्क · NIA
चर्चा में क्यों: असम समझौते के कार्यान्वयन मंत्री अतुल बोरा ने विधानसभा को सूचित किया कि समझौते के लागू होने के बाद से अब तक असम में 1.70 लाख से अधिक अवैध विदेशियों की पहचान की गई है।
असम समझौता (Assam Accord) 1985 में उन अवैध प्रवासियों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने के लिए हस्ताक्षरित किया गया था, जो 25 मार्च, 1971 के बाद बांग्लादेश से असम में दाखिल हुए थे। फरवरी 2026 तक, असम में भारत-बांग्लादेश सीमा का लगभग पूरा हिस्सा बाड़ (fenced) से सुरक्षित कर दिया गया है, सिवाय 4.35 किलोमीटर के एक हिस्से के।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यअसम Accord के लागू होने के बाद से अब तक 1.70 लाख से अधिक अवैध विदेशियों (illegal foreigners) का पता चला है।
- स्थानअसम में भारत-बांग्लादेश सीमा का 4.35 किमी का हिस्सा बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड फोर्स के विरोध के कारण बिना फेंसिंग (unfenced) के है।
- तथ्यअसम समझौता (Assam Accord, 1985) उन प्रवासियों को लक्षित करता है जो 25 मार्च, 1971 के बाद असम में दाखिल हुए थे।
- संस्थाजस्टिस (रिटायर्ड) बिपलब शर्मा कमेटी: इसे असम एकॉर्ड (Assam Accord) के क्लॉज 6 पर सिफारिशें देने का काम सौंपा गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: असम समझौते के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों और पूर्वोत्तर भारत के जनसांख्यिकीय एवं सुरक्षा परिदृश्य पर अवैध प्रवास के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
- डेमोग्राफिक शिफ्ट: तेज़ी से हो रहे आगमन के कारण स्थानीय संसाधनों और भाषाई पहचान पर दबाव
- सुरक्षा-संप्रभुता ट्रेड-ऑफ: सीमा फेंसिंग और पड़ोसी राज्यों की कूटनीतिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन
- संस्थागत बाधा: क्लॉज 6 पर जस्टिस बिपलब शर्मा कमेटी की सिफारिशों को लागू करने में देरी
मुख्य शब्द: अवैध प्रवास · सीमा प्रबंधन · असम समझौता · जनसांख्यिकीय बदलाव · राष्ट्रीय सुरक्षा
चर्चा में क्यों: भारत ने बिजली और कोयला परियोजनाओं में होने वाली देरी और आपूर्ति की कमी को दूर करने के लिए चीनी उपकरणों के आयात पर लगी पाबंदियों में ढील देना शुरू कर दिया है।
सरकार राज्य संचालित बिजली और कोयला कंपनियों को चीनी उपकरणों की सीमित आपूर्ति खरीदने की अनुमति दे रही है। यह कदम 2020 में हुई सीमा पर झड़प के बाद उठाया गया है और इसे महत्वपूर्ण उपकरणों के लिए समय-बद्ध छूट के साथ, प्रत्येक मामले के आधार पर लागू किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यप्रतिबंधों में ढील विशेष रूप से राज्य के स्वामित्व वाली पावर और कोल कंपनियों पर लागू होती है।
- तथ्यइम्पोर्ट छूट (Import exemptions) को समय-सीमा के साथ केस-दर-केस आधार पर दिया जाता है।
- तथ्ययह नीतिगत बदलाव भारत और चीन के बीच 2020 में हुए बॉर्डर स्टैन्डऑफ (border standoff) के बाद आया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के ऊर्जा और खनन क्षेत्रों में राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं की आवश्यकता के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।
- सप्लाई चेन की कमजोरी: भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए चीनी कंपोनेंट्स पर निर्भरता
- रणनीतिक ट्रेड-ऑफ: पावर और कोल में 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्यों और प्रोजेक्ट्स को तुरंत पूरा करने की जरूरतों के बीच संतुलन
- रेगुलेटरी फ्लेक्सिबिलिटी: क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बॉटलनेक्स को मैनेज करने के लिए केस-दर-केस छूट का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: सप्लाई चेन रेजिलिएंस · रणनीतिक स्वायत्तता · इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधाएं · ट्रेड-सिक्योरिटी नेक्सस · आयात प्रतिस्थापन
चर्चा में क्यों: गूगल डीपमाइंड (Google DeepMind) के CEO डेमिस हैसबिस ने AI के सामाजिक जोखिमों को प्रबंधित करने और इसके वैज्ञानिक लाभों को अधिकतम करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक सम्मेलनों की वकालत की है।
गूगल डीपमाइंड (Google DeepMind) के CEO डेमिस हैसबिस ने विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में क्रांति लाने की AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI द्वारा उत्पन्न सामाजिक चुनौतियां तकनीकी बाधाओं की तुलना में अधिक जटिल हैं और उन्होंने वैश्विक सहयोग का आह्वान किया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
- पदडेमिस हैसबिस: Google DeepMind के CEO।
- तथ्यIndia AI Impact Summit: AI के सामाजिक प्रभाव और जोखिम कम करने (risk mitigation) पर चर्चा के लिए एक वैश्विक समिट प्लेटफॉर्म।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्वास्थ्य सेवा और वैज्ञानिक अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के एकीकरण के नैतिक और सामाजिक निहितार्थों पर चर्चा कीजिए। अंतर्राष्ट्रीय सहयोग इन जोखिमों को कम करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है? विश्लेषण कीजिए।
- रेगुलेटरी गैप: AI सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी के लिए एकीकृत वैश्विक मानकों की कमी
- इक्विटी चिंताएं: देशों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में डिजिटल डिवाइड बढ़ने का जोखिम
- अकाउंटेबिलिटी फ्रेमवर्क: AI-आधारित मेडिकल गलतियों के लिए लायबिलिटी तय करने की कानूनी जटिलताएं
मुख्य शब्द: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · नैतिक शासन · डिजिटल डिवाइड · तकनीकी संप्रभुता · जोखिम कम करना
चर्चा में क्यों: यह लेख उत्पादकता बढ़ाने के लिए भारतीय किसानों और शिक्षकों द्वारा AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग पर प्रकाश डालता है, साथ ही स्वदेशी बड़े पैमाने के AI मॉडल विकसित करने में भारत के सामने आने वाली चुनौतियों को भी रेखांकित करता है।
किसान वीर विर्क और शिक्षक श्वेतांक पांडे जैसे शुरुआती अपनाने वाले (early adopters) स्वचालित खेती और परीक्षा ग्रेडिंग के लिए AI का उपयोग कर रहे हैं। तकनीकी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और गूगल (Google) भारत के AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रहे हैं, जबकि सरकार अनुसंधान और प्रशिक्षण में निवेश कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
- तथ्यभारत में AI के अनुप्रयोगों में ऑटोमेटेड फार्मिंग, एग्जाम पेपर ग्रेडिंग और स्टडी मटेरियल क्रिएशन शामिल हैं।
- पदMicrosoft और Google को भारत के AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश करने वाली प्रमुख टेक जायंट्स (tech giants) के रूप में पहचाना गया है।
- तथ्यसंसाधनों और डेटा तक सीमित पहुंच के कारण भारत को बड़े पैमाने पर AI मॉडल विकसित करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में कृषि उत्पादकता और शैक्षिक परिणामों को बढ़ाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) की क्षमता का विश्लेषण कीजिए, साथ ही डेटा संप्रभुता और बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा कीजिए।
- डेटा बॉटलनेक: हाई-क्वालिटी डेटासेट तक सीमित पहुंच स्वदेशी बड़े पैमाने के AI मॉडल के विकास में बाधा डाल रही है
- डिजिटल डिवाइड: शुरुआती अपनाने वालों और पिछड़े ग्रामीण/शैक्षणिक क्षेत्रों के बीच AI टूल अपनाने में असमानता
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: बुनियादी AI इंफ्रास्ट्रक्चर और कंप्यूटिंग पावर के लिए विदेशी टेक जायंट्स पर निर्भरता
मुख्य शब्द: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · उत्पादकता में वृद्धि · डेटा संप्रभुता · तकनीकी अपनाना
चर्चा में क्यों: केरल के स्थानीय स्वशासन विभाग (LSGD) ने रिपोर्ट दी है कि राज्य में चल रही STP परियोजनाओं के बावजूद, प्रतिदिन 596 मिलियन लीटर (MLD) अनुपचारित शहरी सीवेज उत्पन्न हो रहा है।
केरल में 596 MLD अनुपचारित सीवेज (untreated sewage) उत्पन्न होता है। राज्य ने 435.83 MLD के लिए STP परियोजनाओं की स्थापना की है, जबकि 596.17 MLD का प्रबंधन ऑन-साइट सुविधाओं (onsite facilities) के माध्यम से किया जाता है। वर्तमान बुनियादी ढांचे में सात चालू संयंत्र और 4,931 KLD की क्षमता वाले दस निर्माणाधीन संयंत्र शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यकेरल प्रतिदिन 596 मिलियन लीटर (MLD) बिना उपचारित शहरी सीवेज (untreated urban sewage) पैदा करता है।
- तथ्यLSGD ने 435.83 MLD के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) प्रोजेक्ट्स स्थापित किए हैं।
- तथ्यवर्तमान में चालू और निर्माणाधीन प्लांट्स की कुल क्षमता 4,931 किलो लीटर प्रति दिन (KLD) है।
- संस्थाकेरल में सीवेज डेटा रिपोर्ट करने वाली संस्था लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट डिपार्टमेंट (LSGD) है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: केरल जैसे भौगोलिक रूप से विविध राज्यों में केंद्रीकृत सीवरेज उपचार बुनियादी ढांचे के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और इसके लिए विकेंद्रीकृत विकल्पों का सुझाव दीजिए।
- भौगोलिक बाधाएं: ऊबड़-खाबड़ इलाका और जमीन की कमी बड़े पैमाने पर सेंट्रलाइज्ड STP निर्माण में रुकावट बन रही हैं
- इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: कुल सीवेज उत्पादन (596 MLD) और वर्तमान चालू प्लांट क्षमता (4,931 KLD) के बीच अंतर
- विकेंद्रीकृत रणनीति: ज़मीन की कमी और लॉजिस्टिक बाधाओं को कम करने के लिए सीमावर्ती इलाकों में FSTPs का उपयोग
मुख्य शब्द: शहरी स्वच्छता · सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट · विकेंद्रीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर · भौगोलिक सीमाएं · वेस्ट मैनेजमेंट
GS3पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी › प्रजातियां, संरक्षित क्षेत्र एवं आर्द्रभूमिप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने घोषणा की है कि कुनो नेशनल पार्क में स्थानांतरित की गई एक चीता, जिसका नाम गामिनी है, ने तीन शावकों को जन्म दिया है। इससे भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है।
गमिनी एक चीता है जिसे दक्षिण अफ्रीका से मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में स्थानांतरित किया गया था। यह जन्म भारतीय धरती पर नौवें सफल बच्चे के जन्म का प्रतीक है, जिससे भारत में पैदा हुए जीवित शावकों की कुल संख्या 27 हो गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यगामिनी के तीन शावकों के जन्म के बाद भारत की कुल चीता आबादी 38 तक पहुँच गई है।
- तथ्यवर्तमान में भारत में जन्मे 27 चीता शावक जीवित हैं।
- स्थानकुनो नेशनल पार्क मध्य प्रदेश में स्थित है।
- तथ्यइन शावकों का जन्म भारतीय धरती पर नौवें सफल लीटर (litter) के रूप में दर्ज किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में चीता पुनरुद्धार परियोजना के पारिस्थितिक और संरक्षण महत्व का परीक्षण कीजिए तथा एक आत्मनिर्भर आबादी स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालिए।
- जेनेटिक विविधता: ट्रांसलोकेटेड चीतों की छोटी फाउंडर पॉपुलेशन में इनब्रीडिंग डिप्रेशन के जोखिम
- कुनो नेशनल पार्क इकोसिस्टम के भीतर शिकार की संख्या और घास के मैदान की ज़रूरतों के बीच संतुलन: हैबिटेट सूटेबिलिटी
- मॉनिटरिंग प्रोटोकॉल: शिकारियों से बचाव और मानव-वन्यजीव संघर्ष से सुरक्षा के बीच शावकों की ट्रैकिंग और सुरक्षा में चुनौतियां
मुख्य शब्द: एक्स-सिटु कंजर्वेशन · स्थानांतरण · जैव विविधता संरक्षण · आबादी की गतिशीलता · आवास बहाली
GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स चर्चा में क्यों: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2025-26 के लिए राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया, जिसमें राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में 11.14% की महत्वपूर्ण वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
राज्य आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, मध्य प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) ₹16,69,750 करोड़ रहने का अनुमान है। सर्वेक्षण के अनुसार, वर्तमान कीमतों पर प्रति व्यक्ति शुद्ध आय ₹1,69,050 है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
- तथ्यमध्य प्रदेश की 2025-26 के लिए GSDP प्रोजेक्शन: ₹16,69,750 करोड़।
- तथ्यवित्त वर्ष 2024-25 के लिए मध्य प्रदेश की अनुमानित GSDP ग्रोथ रेट: 11.14%।
- तथ्यGSVAs में प्राथमिक क्षेत्र (Primary sector) का योगदान: 43.09%।
- तथ्यGSVAs में सेकेंडरी सेक्टर का योगदान: 19.79%।
- तथ्यGSVAs में टर्शियरी सेक्टर (Tertiary sector) का योगदान: 37.12%।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक संरचना का विश्लेषण कीजिए और प्राथमिक क्षेत्र आधारित विकास मॉडल से तृतीयक क्षेत्र आधारित मॉडल की ओर संक्रमण में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।
- सेक्टोरल इम्बैलेंस: बढ़ते टर्शियरी सेक्टर के योगदान के बावजूद प्राइमरी सेक्टर पर भारी निर्भरता (43.09%)
- आय की असमानता: ₹1,69,050 की प्रति व्यक्ति शुद्ध आय और ग्रामीण-शहरी आर्थिक वितरण के बीच संबंध
मुख्य शब्द: जीएसडीपी · कुल राज्य मूल्य वर्धित (GSVA) · प्रति व्यक्ति शुद्ध आय · क्षेत्रीय योगदान · इकोनॉमिक सर्वे
GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकमेन्स चर्चा में क्यों: ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंबमपाटी ने बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और खनिज संपदा के माध्यम से राष्ट्रीय GDP में राज्य के योगदान को 3% से बढ़ाकर 5% करने की योजना की रूपरेखा तैयार की है।
ओडिशा सरकार का लक्ष्य अपनी औसत वार्षिक विकास दर को 7% से बढ़ाकर 9.5% करना है। राज्य ने 2024-25 में भारत के कुल लौह अयस्क (Iron Ore) का 61% से अधिक उत्पादन किया और स्टील एवं स्टेनलेस स्टील उत्पादन में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
- तथ्यओडिशा का राष्ट्रीय GDP में वर्तमान योगदान 3% है।
- तथ्य2024-25 में ओडिशा ने भारत के 61% से अधिक लौह अयस्क (iron ore) का उत्पादन किया।
- तथ्यस्टील और स्टेनलेस स्टील उत्पादन में ओडिशा भारत में प्रथम स्थान पर है।
- स्थानओडिशा: नियोजित इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) में एक नया कोस्टल हाईवे और एक कैपिटल रीजन रिंग रोड शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति देने में खनिज संपदा और बुनियादी ढांचा विकास की भूमिका का ओडिशा के उदाहरण के साथ विश्लेषण कीजिए।
- संसाधन आधारित विकास: कच्चे माल के निर्यातक से औद्योगिक हब बनने के लिए खनिज प्रभुत्व का लाभ उठाना
- इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: औद्योगिक उत्पादन के लिए लॉजिस्टिकल कॉस्ट कम करने हेतु कोस्टल हाईवे के जरिए कनेक्टिविटी में सुधार
- सुरक्षा-विकास नेक्सस: कैपिटल इन्वेस्टमेंट के लिए स्थिर माहौल बनाने पर एंटी-माओइस्ट ऑपरेशंस का असर
मुख्य शब्द: क्षेत्रीय असमानता · खनिज संपदा · इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी · आर्थिक बुनियादी बातें · सुरक्षा आधारित विकास
ये सत्यधीश के अपने यूपीएससी नोट्स हैं, जो द हिंदू में छपी खबरों के आधार पर लिखे गए हैं। सत्यधीश का द हिंदू से कोई संबंध नहीं है। हर नोट में मूल खबर का लिंक है; पूरी खबर द हिंदू की वेबसाइट पर पढ़ें। नोट्स कैसे बनते हैं