यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के सामाजिक न्याय भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,363 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: स्वास्थ्य नीति एवं जन स्वास्थ्य (452) · शिक्षा नीति (452) · कमजोर वर्ग (SC/ST, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, बुजुर्ग, बच्चे) (419) · गरीबी, भूख एवं पोषण (37) · मानव संसाधन एवं कौशल विकास (3)
चर्चा में क्यों: केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने अगले शैक्षणिक वर्ष के लिए कक्षा 10 के सिलेबस (Syllabus) में 25% की कटौती की घोषणा की है। यह निर्णय छात्रों द्वारा भारी कार्यभार (Workload) को लेकर की गई शिकायतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
केरल सरकार ने अगले शैक्षणिक वर्ष से कक्षा 10 के पाठ्यक्रम को 25% तक कम करने की योजना बनाई है। यह निर्णय छात्रों द्वारा शैक्षणिक दबाव और कार्यभार के संबंध में दिए गए फीडबैक के आधार पर लिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यकेरल के शिक्षा मंत्री ने कक्षा 10 के सिलेबस (syllabus) में 25% की कटौती की घोषणा की।
पदवी. शिवकुट्टी केरल के शिक्षा मंत्री हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय शिक्षा प्रणाली में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर शैक्षणिक कार्यभार के प्रभाव और पाठ्यक्रम के युक्तिकरण की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
पेडागोजिकल शिफ्ट: कंटेंट की गहराई और छात्र की भलाई और कॉग्निटिव लोड के बीच संतुलन
करिकुलम डिज़ाइन: रट्टा मारने वाले सिलेबस से कॉम्पिटेंसी-बेस्ड लर्निंग मॉडल की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: पाठ्यक्रम का युक्तिकरण · छात्रों का कल्याण · शिक्षा पद्धति में सुधार · अकादमिक वर्कलोड
चर्चा में क्यों: केरल के पर्यटन मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए बाधा-मुक्त बुनियादी ढांचा (barrier-free infrastructure) तैयार करने हेतु समावेशी और सुलभ पर्यटन के लिए एक 'पहली बार की' पहल की घोषणा की है।
केरल सरकार ने बाधा-मुक्त बुनियादी ढांचे और सेवाओं के निर्माण के उद्देश्य से समावेशी पर्यटन (Inclusive Tourism) के लिए एक डिजाइन नीति शुरू की है। यह पहल नीतिगत समर्थन, तकनीक और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े साझा जिम्मेदारी मॉडल पर जोर देती है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
स्थानकेरल: समावेशी पर्यटन (inclusive tourism) के लिए डिजाइन पॉलिसी शुरू करने वाला राज्य।
तथ्यइनक्लूसिव टूरिज्म (Inclusive tourism) का लक्ष्य सीनियर सिटीजन्स, छोटे बच्चों वाले परिवारों और अस्थायी चोटों वाले व्यक्तियों को शामिल करना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में समावेशी पर्यटन किस प्रकार दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक समानता और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दे सकता है, चर्चा कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: मौजूदा पब्लिक ट्रांसपोर्ट और हेरिटेज साइट्स में यूनिवर्सल डिजाइन मानकों की कमी
पॉलिसी इंटीग्रेशन: राज्य के पर्यटन विकास प्रोजेक्ट्स में अनिवार्य एक्सेसिबिलिटी ऑडिट की ज़रूरत
कम्युनिटी एंगेजमेंट: राज्य-नेतृत्व वाले इंफ्रास्ट्रक्चर से कम्युनिटी-मैनेज्ड एक्सेसिबल टूरिज्म मॉडल की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: यूनिवर्सल डिज़ाइन · सामाजिक समावेश · बाधा-मुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर · स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट · एक्सेसिबल टूरिज्म
चर्चा में क्यों: भारत भर के छात्रों ने 2026 यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने आरोप लगाया कि जाति आधारित भेदभाव पर नए नियम कैंपस में विभाजन पैदा करते हैं और जनरल कैटेगरी के छात्रों को अनुचित रूप से निशाना बनाते हैं।
UGC 2026 नियम 'जाति-आधारित भेदभाव' को परिभाषित करते हैं और शिकायत निवारण (grievance redressal) तथा संस्थागत जवाबदेही के लिए कड़े प्रावधान पेश करते हैं। प्रदर्शनकारी निगरानी तंत्र में सामान्य श्रेणी के लिए स्पष्ट प्रतिनिधित्व या इन नियमों को पूरी तरह से वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (1)
तथ्य2026 के रेगुलेशंस जातिगत भेदभाव के संबंध में शिकायत निवारण (grievance redressal) और संस्थागत जवाबदेही (institutional accountability) के लिए विशिष्ट तंत्र पेश करते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव के विरुद्ध संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता और सामाजिक सद्भाव के संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
संस्थागत टकराव: अनिवार्य शिकायत निवारण तंत्र और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच विवाद
सामाजिक ध्रुवीकरण: रेगुलेटरी फोकस में असमानता के कारण कैंपस के विखंडन का जोखिम
पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: सभी छात्र श्रेणियों के लिए समावेशी गवर्नेंस के साथ लक्षित भेदभाव-विरोधी उपायों को संतुलित करना
मुख्य शब्द: संस्थागत जवाबदेही · सामाजिक स्तरीकरण · शिकायत निवारण · शिक्षा में समानता · सामाजिक सद्भाव
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने जुलाई 2024 में वायनाड में आए भूस्खलन से प्रभावित 555 परिवारों के ₹18.75 करोड़ के ऋण दायित्वों (loan liabilities) को अपने हाथ में लेने का आदेश जारी किया है, ताकि केंद्र सरकार की ओर से होने वाली देरी से बचा जा सके।
केरल सरकार आपदा प्रभावित 555 परिवारों के ऋण को चुकाने के लिए मुख्यमंत्री संकट राहत कोष (Chief Minister’s Distress Relief Fund) का उपयोग कर रही है। यह कदम आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 (Disaster Management Act, 2005) की धारा 13 के तहत इन ऋणों को माफ करने के प्रस्ताव के बाद उठाया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
अधिनियम / विधेयकडिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट (Disaster Management Act), 2005: सेक्शन 13 आपदा प्रभावित व्यक्तियों के लिए ऋण माफी (write-off) से संबंधित है।
तथ्यकेरल सरकार द्वारा ली गई कुल लोन लायबिलिटी (Loan liability): ₹18.75 करोड़।
तथ्यआदेश के दायरे में आने वाले वायनाड जिले के प्रभावित परिवारों की संख्या: 555।
स्थानवायनाड जिला, केरल: जुलाई 2024 में लैंडस्लाइड (landslides) की घटना का स्थल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्राकृतिक आपदाओं के कारण संवेदनशील आबादी पर पड़ने वाले दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक प्रभावों को कम करने में राज्य-स्तरीय राहत कोष की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
राजकोषीय संघवाद: आपदा प्रबंधन में केंद्र सरकार की भूमिका बनाम राहत फंड के इस्तेमाल में राज्य की स्वायत्तता
कर्ज-जाल चक्र: आपदा प्रभावित परिवारों की रिकवरी पर हाई-इंटरेस्ट देनदारियों का असर
विधायी अड़चन: फेडरल राइट-ऑफ प्रक्रियाओं में देरी से राज्य स्तर पर तत्काल पुनर्वास बाधित
मुख्य शब्द: कर्ज से राहत · आपदा प्रबंधन · सामाजिक-आर्थिक पुनर्वास · राजकोषीय हस्तक्षेप · कमज़ोर वर्ग
चर्चा में क्यों: बिहार SC और ST कल्याण विभाग ने घोषणा की है कि वह NIT, IIT, AIIMS, NIFT और CIMP जैसे प्रमुख संस्थानों में नामांकित SC और ST छात्रों की पूरी ट्यूशन फीस का खर्च वहन करेगा।
बिहार सरकार की इस पहल का लक्ष्य कक्षा 1 से कक्षा 10 तक के लगभग 27 लाख SC और ST छात्रों को लक्षित करना है। प्रमुख संस्थानों के अलावा, सरकार ने ITIs और डिप्लोमा/पॉलिटेक्निक जैसे गैर-सरकारी संस्थानों में छात्रों को दी जाने वाली वार्षिक फीस में वृद्धि की है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यबिहार सरकार की इस पहल का उद्देश्य लगभग 27 लाख SC और ST छात्रों को लाभ पहुँचाना है।
संस्थाCIMP फीस कवरेज स्कीम (fee coverage scheme) में शामिल प्रमुख संस्थानों में से एक है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के उच्च शिक्षा परिदृश्य में हाशिए पर रहने वाले समुदायों के लिए लक्षित वित्तीय हस्तक्षेप किस प्रकार शैक्षिक असमानता को कम करने में सहायक हो सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
इक्विटी गैप: पिछड़े वर्गों के लिए प्रीमियम तकनीकी और मेडिकल शिक्षा की भारी लागत को दूर करना
राजकोषीय संघवाद: केंद्रीय संस्थानों के नामांकन के लिए राज्य-आधारित फंडिंग मॉडल
इनक्लूजन मैट्रिक्स: प्राइमरी स्कूलिंग से हाई-वैल्यू प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन तक का बदलाव
मुख्य शब्द: शिक्षा में समानता · सामाजिक न्याय · टारगेटेड इंटरवेंशन · मानव पूंजी विकास · पिछड़ा वर्ग
चर्चा में क्यों: कर्नाटक के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कन्नड़ कार्यकर्ताओं द्वारा हुए सार्वजनिक विरोध प्रदर्शन के बाद राज्य की सड़क परिवहन निगमों को तंबाकू से जुड़े विज्ञापन प्रदर्शित करना बंद करने का निर्देश दिया है।
यह निर्देश कर्नाटक के परिवहन मंत्री द्वारा सभी राज्य सड़क परिवहन निगमों को जारी किया गया है। यह कदम सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जनता के विरोध और कार्यकर्ताओं द्वारा विज्ञापनों को भौतिक रूप से हटाने के बाद उठाया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदरामलिंगा रेड्डी: कर्नाटक सरकार में परिवहन मंत्री।
तथ्ययह प्रतिबंध विशेष रूप से राज्य सड़क परिवहन बसों पर तंबाकू उत्पादों के विज्ञापनों को लक्षित करता है।
स्थानयह निर्देश कर्नाटक की सभी राज्य सड़क परिवहन निगमों (State Road Transport Corporations) पर लागू होता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू उत्पादों के व्यावसायिक प्रचार पर अंकुश लगाकर सार्वजनिक स्वास्थ्य को विनियमित करने में राज्य सरकारों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: कमर्शियल एडवरटाइजिंग राइट्स और पब्लिक हेल्थ मैंडेट्स के बीच संतुलन
एन्फोर्समेंट गैप: पब्लिक ट्रांसपोर्ट मीडिया पर राज्यव्यापी स्टैंडर्डाइज्ड गाइडलाइन्स की ज़रूरत
सामाजिक प्रभाव: ग्रामीण और शहरी यात्रियों के बीच तंबाकू के सेवन पर विजुअल मार्केटिंग का असर
मुख्य शब्द: सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति · नियामक ढांचा · व्यावसायिक विज्ञापन · तंबाकू नियंत्रण · जन जागरूकता
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने इस वर्ष सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों के 43 लाख छात्रों के लिए एक व्यापक दुर्घटना और जीवन बीमा योजना शुरू करने की योजना की घोषणा की है।
यह योजना कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को कवर करती है, जिसकी कुल कार्यान्वयन लागत ₹15 करोड़ है। केरल राज्य बीमा विभाग और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (United India Insurance Company Ltd.) इस योजना को लागू करेंगे। यह योजना मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में ₹3 लाख का एकमुश्त भुगतान प्रदान करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्ययह स्कीम केरल में कक्षा I से XII तक के 43 लाख छात्रों को कवर करती है।
तथ्यसरकार प्रत्येक छात्र के लिए ₹30 प्लस GST का वार्षिक प्रीमियम देगी।
तथ्ययह स्कीम मृत्यु/विकलांगता (disability) के लिए ₹3 लाख तक और अस्पताल में भर्ती होने के लिए ₹75,000 प्रदान करती है।
संस्थायूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड इस स्कीम के कार्यान्वयन करने वाली संस्थाओं में से एक है।
स्थानयह स्कीम केरल सरकार द्वारा शुरू की जा रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की सार्वजनिक स्कूली शिक्षा प्रणाली में छात्रों के लिए राज्य-आधारित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से शैक्षिक समानता और सुरक्षा को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
राजकोषीय स्थिरता: उच्च-वॉल्यूम कवरेज लागत और राज्य के बजट की सीमाओं के बीच संतुलन
संस्थागत तालमेल: राज्य बीमा विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के बीमा प्रदाताओं के बीच समन्वय
मुख्य शब्द: सामाजिक सुरक्षा · शिक्षा में समानता · पब्लिक पॉलिसी · जोखिम कम करना · राज्य कल्याण
चर्चा में क्यों: ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (GCC) ने आवारा पशुओं की समस्या और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए मवेशियों के लिए लाइसेंसिंग और माइक्रोचिपिंग अनिवार्य कर दी है।
GCC का यह प्रस्ताव 2024 की जनगणना के बाद लिया गया है, जिसमें शहर की सीमा के भीतर 22,875 मवेशियों की पहचान की गई है। मालिकों को 100 रुपये का शुल्क देना होगा और 18 मार्च, 2026 तक मालिक की जानकारी के साथ माइक्रोचिपिंग (microchipping) की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यGCC 2024 जनगणना में शहर की सीमा के भीतर 22,875 मवेशियों की पहचान की गई।
तथ्यअनिवार्य कैटल लाइसेंसिंग और माइक्रोचिपिंग फीस ₹100 निर्धारित की गई है।
तथ्यपशुओं की माइक्रोचिपिंग और लाइसेंसिंग की डेडलाइन 18 मार्च, 2026 है।
संस्थाग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (Greater Chennai Corporation - GCC) वह स्थानीय शहरी निकाय है जो इस जनादेश के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तेजी से शहरीकरण की ओर बढ़ते भारतीय शहरों में आवारा पशुओं के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा कीजिए और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में अनिवार्य पहचान प्रणालियों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।
सार्वजनिक सुरक्षा बनाम पशुधन अधिकार: शहरी गतिशीलता और पशु मालिकों के कल्याण के बीच संतुलन
प्रशासनिक बाधा: बड़ी पशु आबादी के लिए माइक्रोचिप डेटा की निगरानी और वेरिफिकेशन में चुनौतियां
एन्फोर्समेंट गैप: खानाबदोश पशु मालिकों पर नज़र रखने और लाइसेंस फीस के अनुपालन को सुनिश्चित करने में कठिनाई
मुख्य शब्द: अर्बन गवर्नेंस · सार्वजनिक सुरक्षा · पशुधन प्रबंधन · नगर निगम प्रशासन · पहचान प्रणाली
चर्चा में क्यों: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई कलबेलिया समुदाय द्वारा दफनाने के अधिकार के लिए किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद हुई है, जिसमें दफनाने के लिए जगह न देने को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया गया है।
NHRC ने राजस्थान के मुख्य सचिव से कलबेलिया समुदाय के दफन अधिकारों (burial rights) के संबंध में दो सप्ताह के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने पहले भी 2021 में राज्यों को मृतकों की गरिमा बनाए रखने और उनके अधिकारों की रक्षा करने का आग्रह करते हुए एक एडवाइजरी जारी की थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाNHRC: National Human Rights Commission भारत में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए जिम्मेदार एक statutory body है।
तथ्यNHRC ने 2021 में मृतकों की गरिमा और अधिकारों के संबंध में एक एडवाइजरी (advisory) जारी की।
स्थानविरोध और उसके बाद का नोटिस राजस्थान सरकार से संबंधित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हाशिए पर रहने वाले समुदायों को अंतिम संस्कार के अधिकार से वंचित करने के संवैधानिक और मानवाधिकार निहितार्थों का परीक्षण कीजिए और मृतक की गरिमा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
गरिमा का अधिकार: प्रशासनिक भूमि बाधाओं और गरिमापूर्ण मृत्यु के मौलिक अधिकार के बीच संघर्ष
संस्थागत निगरानी: अल्पसंख्यक और पिछड़े समुदायों के अधिकारों के राज्य-स्तरीय उल्लंघन की निगरानी में NHRC की भूमिका
पॉलिसी गैप: ग्रामीण राजस्थान में खानाबदोश और पिछड़े समुदायों के लिए समर्पित बरियल इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी
मुख्य शब्द: मानवाधिकार · गरिमा का अधिकार · पिछड़ा वर्ग · सांविधिक निगरानी · सामाजिक न्याय
चर्चा में क्यों: महाराष्ट्र सरकार ने मेनोपॉज (Menopause) के दौरान हार्मोनल और शारीरिक बदलावों का सामना कर रही महिलाओं को विशेष चिकित्सा और मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रदान करने के लिए भारत के पहले सरकारी मेनोपॉज क्लीनिक शुरू किए हैं।
इस पहल का नेतृत्व सार्वजनिक स्वास्थ्य राज्य मंत्री मेघना बोर्डीकर द्वारा किया गया। महाराष्ट्र में सरकारी अस्पतालों और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में हड्डियों के विकारों, हृदय संबंधी जोखिमों और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए क्लीनिक स्थापित किए गए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यमहाराष्ट्र सरकार द्वारा संचालित मेनोपॉज क्लीनिक (menopause clinics) शुरू करने वाला यह भारत का पहला राज्य है।
पदमेघना बोर्डिकर महाराष्ट्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) के लिए राज्य मंत्री हैं।
तथ्यक्लीनिक हार्मोनल इम्बैलेंस (hormonal imbalance) के इलाज, बोन डिसऑर्डर (bone disorder) मैनेजमेंट और मेंटल हेल्थ काउंसलिंग जैसी सेवाएं प्रदान करते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य के लिए विशेष स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के महत्व और समावेशी स्वास्थ्य सेवा प्राप्त करने में राज्य-आधारित पहलों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
जेंडर-विशिष्ट स्वास्थ्य अंतर: महिलाओं के जीवन चक्र में अक्सर अनदेखे शारीरिक और मनोवैज्ञानिक बदलावों पर ध्यान देना
इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार: सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेष जेरियाट्रिक और हार्मोनल केयर को जोड़ना
मुख्य शब्द: समावेशी स्वास्थ्य सेवा · जेंडर-सेंसिटिव पॉलिसी · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · प्रजनन स्वास्थ्य
चर्चा में क्यों: किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल में चित्तरंजन याज्ञिक के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि किशोरों में विटामिन B12 सप्लीमेंटेशन (supplementation) से नवजात शिशुओं का पोंड्रल इंडेक्स (ponderal index) बेहतर होता है और कॉर्ड ब्लड जीन एक्सप्रेशन (cord blood gene expression) में बदलाव आता है।
पुणे मैटरनल न्यूट्रिशन स्टडी (PMNS) के फॉलो-अप के रूप में आयोजित PRIYA ट्रायल में विटामिन B12 और मल्टी-माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के संतान के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव की जांच की गई। शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि B12 मिथाइलेसेस (methylases) को नियंत्रित करता है, जो जीन एक्सप्रेशन (gene expression) में शामिल एंजाइम हैं। उन्होंने आयरन और फोलिक एसिड की गोलियों में B12 की फिजियोलॉजिकल खुराक (physiological doses) को शामिल करने की सिफारिश की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकPRIYA ट्रायल: अध्ययन में किशोरों के विटामिन B12 के सेवन को नवजात शिशु के बेहतर पोंडरल इंडेक्स (ponderal index) से जोड़ा गया है।
तथ्यमिथाइलेसेस (Methylases): विटामिन B12 द्वारा नियंत्रित जीन एक्सप्रेशन (gene expression) में शामिल एंजाइम्स।
पदचित्तरंजन यज्निक: किंग एडवर्ड मेमोरियल हॉस्पिटल, पुणे में डायबिटीज यूनिट के डायरेक्टर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में नवजात स्वास्थ्य परिणामों में सुधार हेतु मातृ एवं किशोर स्वास्थ्य नीतियों में सूक्ष्म पोषक तत्वों के सुदृढ़ीकरण (micronutrient fortification) के महत्व की चर्चा कीजिए।
पोषण संबंधी हस्तक्षेप: मिथाइलेज़ रेगुलेशन के जरिए कॉर्ड ब्लड में एपिजेनेटिक बदलावों को संबोधित करना
पॉलिसी इंटीग्रेशन: मौजूदा आयरन और फोलिक एसिड टैबलेट वितरण में विटामिन B12 की खुराक को शामिल करना
सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणाम: नवजात स्वास्थ्य के लिए एक मानक के रूप में पोंड्रल इंडेक्स में सुधार
मुख्य शब्द: माइक्रोन्यूट्रिएंट फोर्टिफिकेशन · एपिजेनेटिक्स · मातृ पोषण · पॉन्डरल इंडेक्स · सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने 2026-27 के बजट में टेक्नोपार्क और इन्फोपार्क जैसे IT पार्क्स में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को सुरक्षित आवास प्रदान करने के लिए एक नई योजना की घोषणा की है।
केरल सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए श्रम और श्रम कल्याण क्षेत्र के लिए ₹950.89 करोड़ आवंटित किए हैं। इस बजट में टेक्नोपार्क और इन्फोपार्क में महिलाओं के लिए आवास और केरल एकेडमी फॉर स्किल्स एक्सीलेंस (Kerala Academy for Skills Excellence) के माध्यम से कौशल विकास के लिए विशिष्ट फंड शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यवर्ष 2026-27 के लिए श्रम और श्रम कल्याण (Labor and Labor Welfare) सेक्टर के लिए ₹950.89 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
स्थानTechnopark और Infopark केरल में IT पार्क हैं।
संस्थाकेरल एकेडमी फॉर स्किल्स एक्सीलेंस (Kerala Academy for Skills Excellence) कौशल विकास (skill development) पहलों के लिए संस्था है।
योजनाIT पार्क्स में महिला कर्मचारियों के लिए विशेष नई लॉजिंग स्कीम।
मेन्स के लिए
प्रश्न: संगठित क्षेत्र में महिलाओं के लिए लक्षित बुनियादी ढांचे और सुरक्षा उपायों के माध्यम से प्रौद्योगिकी उद्योग में महिला श्रम बल भागीदारी को कैसे बढ़ाया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
सुरक्षा-इंफ्रास्ट्रक्चर नेक्सस: टेक हब्स में महिला वर्कफोर्स रिटेंशन के लिए फिजिकल सिक्योरिटी चिंताओं को दूर करना एक ज़रूरी शर्त
स्किल-गैप कम करना: पारंपरिक श्रम को हाई-ग्रोथ टेक्नोलॉजी सेक्टर में बदलने के लिए स्टेट-लेड अकादमियों का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: श्रम कल्याण · जेंडर-सेंसिटिव इंफ्रास्ट्रक्चर · कौशल विकास · कार्यबल भागीदारी · सामाजिक सुरक्षा
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने चेन्नई में आयोजित इंडिया ग्लोबल एजुकेशन समिट 2026 के दौरान तमिलनाडु नॉलेज सिटी (TNKC) के लिए आधारशिला रखी।
TIDCO, तमिलनाडु नॉलेज सिटी प्रोजेक्ट के लिए नोडल एजेंसी है। इस प्रोजेक्ट को विश्वविद्यालयों और रिसर्च लैब्स से कुल ₹355 करोड़ के लेटर ऑफ इंटेंट (Letters of Intent - LoIs) प्राप्त हुए हैं। इसका लक्ष्य 2,255 प्रत्यक्ष और 9,650 अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
संस्थाTIDCO: तमिलनाडु नॉलेज सिटी प्रोजेक्ट के लिए जिम्मेदार नोडल एजेंसी।
तथ्यTNKC LoIs: विभिन्न यूनिवर्सिटीज, रिसर्च लैब्स और बिजनेस से कुल ₹355 करोड़।
तथ्यरोजगार: इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य 2,255 प्रत्यक्ष और 9,650 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करना है।
विज्ञान-तकनीकयूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न: क्वांटम कंप्यूटिंग और एग्रीटेक (Agritech) में एक एप्लाइड रिसर्च फैसिलिटी (Applied Research Facility) स्थापित करना।
विज्ञान-तकनीकIIT-Madras: इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ट्रांसलेशनल रिसर्च फैसिलिटी (translational research facility) स्थापित करने के लिए सेंटर फॉर एडवांस्ड ऑटोमोटिव रिसर्च (Centre for Advanced Automotive Research) बनाएगा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विशेषीकृत 'नॉलेज सिटीज' (ज्ञान नगरों) की स्थापना भारत की वैश्विक अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में स्थिति को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकती है, चर्चा कीजिए।
स्किल-गैप अलाइनमेंट: क्वांटम कंप्यूटिंग और एग्रीटेक में अकादमिक रिसर्च और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन के बीच की दूरी को कम करना
इकोनॉमिक मल्टीप्लायर: हाई-टेक सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार पैदा करने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप का इस्तेमाल
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के प्रबंधन और नेशनल हाईवे से आवारा जानवरों को हटाने के संबंध में पिछले आदेशों में संशोधन की मांग करने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्गों से आवारा जानवरों को हटाने के संबंध में 7 नवंबर, 2025 के आदेश पर सुनवाई की। कोर्ट ने एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) को पशु आश्रय और जन्म नियंत्रण सुविधाओं के लिए NGO द्वारा दिए गए आवेदनों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाएनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI): यह संस्था एनिमल शेल्टर और बर्थ कंट्रोल के लिए NGO के आवेदनों को प्रोसेस करने का कार्य करती है।
तथ्यसुप्रीम कोर्ट ने राज्यों द्वारा नियमों का पालन न करने के कारण डॉग बाइट (dog bite) की घटनाओं के लिए भारी मुआवजे की चेतावनी दी।
स्थाननेशनल हाईवेज: आवारा जानवरों को हटाने के लिए 7 नवंबर, 2025 के ऑर्डर का विषय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शहरी भारत में आवारा पशुओं के हमलों से सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और पशु अधिकारों एवं कल्याण के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी गैप: आवारा कुत्तों की आबादी पर नियंत्रण और नसबंदी के लिए राज्य स्तर पर स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल की कमी
लायबिलिटी फ्रेमवर्क: डॉग बाइट की घटनाओं में मुआवजे के लिए राज्य बनाम म्युनिसिपल लायबिलिटी तय करने की कानूनी जटिलताएं
संस्थागत बाधा: जन्म नियंत्रण सुविधाओं और शेल्टर के लिए NGO के आवेदनों की प्रोसेसिंग में AWBI की देरी
मुख्य शब्द: सार्वजनिक सुरक्षा · पशु कल्याण · नगर निगम शासन · दायित्व · न्यायिक सक्रियता
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए 4% आरक्षण लागू करने हेतु सचिवालय में पदोन्नति के पदों के लिए उपयुक्त विशिष्ट दिव्यांग श्रेणियों की पहचान की है।
तमिलनाडु सरकार ने पदोन्नति के लिए VI, LV, HI, HH, LD, CP, LC, DF, AC, Mud, ASD(M), SLD, MI (Mod) और MD श्रेणियों की पहचान की है। इन श्रेणियों को पर्सनल क्लर्क, सीनियर पर्सनल क्लर्क, पर्सनल असिस्टेंट, प्राइवेट सेक्रेटरी, सीनियर प्राइवेट सेक्रेटरी, रिकॉर्ड क्लर्क और रिकॉर्ड असिस्टेंट जैसे पदों में समायोजित किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यतमिलनाडु सरकार रोजगार में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए 4% आरक्षण लागू कर रही है।
पदपहचानी गई पोस्ट्स में Personal Clerk, Senior Personal Clerk, Personal Assistant, Private Secretary, Senior Private Secretary, Record Clerk और Record Assistant शामिल हैं।
तथ्यविशेषज्ञ समिति (Expert Committee) की स्थापना विशेष रूप से दिव्यांग व्यक्तियों (persons with disabilities) के लिए 4% आरक्षण को लागू करने के लिए की गई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: लोक सेवाओं में दिव्यांगजनों के लिए समावेशी आरक्षण नीतियों के महत्व और समान पदोन्नति अवसर सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
संस्थागत बाधा: 'उपयुक्त' पदों की पहचान बनाम यूनिवर्सल एक्सेसिबिलिटी की ज़रूरत में मुश्किल
पॉलिसी इम्प्लीमेंटेशन: विशेष प्रशासनिक भूमिकाओं में योग्यता आधारित प्रमोशन और अनिवार्य आरक्षण कोटा के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: समावेशी विकास · सामाजिक न्याय · आरक्षण नीति · विकलांगता अधिकार · लोक प्रशासन
चर्चा में क्यों: कर्नाटक राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सार्वजनिक सेवाओं में व्यवधान को रोकने के लिए सरकारी डॉक्टरों द्वारा निजी अस्पतालों में इन-पेशेंट्स (in-patients) के इलाज करने पर रोक लगाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
कर्नाटक राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी डॉक्टरों के निजी अभ्यास (private practice) को केवल ओपीडी (out-patient consultations) तक सीमित करने का आदेश जारी किया है। डॉक्टरों के लिए यह अनिवार्य है कि वे अपने निजी क्लीनिकों की घोषणा करें और यह सुनिश्चित करें कि इससे उनके आधिकारिक कर्तव्यों में कोई हस्तक्षेप न हो।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यकर्नाटक स्टेट हेल्थ डिपार्टमेंट ने गाइडलाइन्स जारी कीं।
तथ्यसरकारी डॉक्टरों के लिए प्राइवेट प्रैक्टिस केवल आउट-पेशेंट (out-patient) कंसल्टेशन तक ही सीमित है।
तथ्यडॉक्टर्स को अपने प्राइवेट क्लिनिक या हॉस्पिटल की जानकारी डिपार्टमेंट को देनी होगी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा निजी अभ्यास को विनियमित करने में निहित नैतिक और प्रशासनिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
हितों का टकराव: व्यक्तिगत पेशेवर स्वायत्तता और निर्बाध सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की राज्य की ज़िम्मेदारी के बीच संतुलन
सर्विस डिलीवरी में अंतर: अगर प्राइवेट प्रैक्टिस मुख्य प्रोत्साहन बनी रही तो सार्वजनिक सुविधाओं में विशेषज्ञों की कमी हो सकती है
रेगुलेटरी ओवरसाइट: यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूत मॉनिटरिंग मैकेनिज्म की ज़रूरत कि प्राइवेट प्रैक्टिस से आधिकारिक ड्यूटी के घंटों से समझौता न हो
मुख्य शब्द: हितों का टकराव · सार्वजनिक सेवा वितरण · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · नैतिक शासन · स्वास्थ्य सेवा इन्फ्रास्ट्रक्चर
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) कार्यक्रमों के संबंध में राज्यों की धीमी प्रगति और अपर्याप्त डेटा पर असंतोष व्यक्त किया।
एमिकस क्यूरी (Amicus curiae) गौरव अग्रवाल ने बिहार में नसबंदी की कम दर और डॉग बाइट (dog bite) के आंकड़ों तथा संस्थागत फेंसिंग (institutional fencing) के डेटा की कमी को रेखांकित किया। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को जवाबदेही से बचने के लिए अस्पष्ट दावे करने के विरुद्ध चेतावनी दी।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यAmicus curiae: किसी केस में सहायता के लिए कोर्ट द्वारा नियुक्त व्यक्ति।
तथ्यABC: आवारा कुत्तों के लिए एनिमल बर्थ कंट्रोल (Animal Birth Control) प्रोग्राम।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में प्रभावी पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और राज्य स्तर पर डेटा पारदर्शिता एवं जवाबदेही में सुधार के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
डेटा की पारदर्शिता: राज्यों में डॉग बाइट के आंकड़ों और नसबंदी की दरों पर रिपोर्टिंग का कोई स्टैंडर्ड नहीं
जवाबदेही में कमी: सरकार के अस्पष्ट दावे सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों की प्रभावी निगरानी में बाधा डाल रहे हैं
मुख्य शब्द: सार्वजनिक स्वास्थ्य · जवाबदेही · डेटा ट्रांसपेरेंसी · एनिमल बर्थ कंट्रोल · न्यायिक निगरानी
चर्चा में क्यों: केरल में चर्च से अलग हुए ईसाई नन और धार्मिक संरक्षण में रहने वाली अन्य महिलाओं के बीच गरीबी की समस्या को दूर करने के लिए, भारतीय कैबिनेट ने उन्हें सामाजिक कल्याण के दायरे में शामिल करने वाली एक योजना को मंजूरी दी है।
यह योजना धार्मिक संप्रदायों के अंतर्गत रहने वाली महिलाओं को लक्षित करती है, जिसमें विशेष रूप से उन ईसाई ननों (nuns) को भी शामिल किया गया है जो अपने चर्च से अलग हो गई हैं। इसके अंतर्गत 50 वर्ष से अधिक आयु की ऐसी अविवाहित महिलाओं को कवर किया जाता है जिन्हें वर्तमान में अन्य कोई लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है, और उन्हें राशन कार्ड तथा सामाजिक कल्याण पेंशन प्रदान की जाती है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
योजनानई केरल सोशल वेलफेयर स्कीम (social welfare scheme) के तहत धार्मिक संरक्षण के अंतर्गत पात्र महिलाओं को राशन कार्ड और पेंशन प्रदान की जाती है।
तथ्यइस योजना में विशेष रूप से उन अविवाहित महिलाओं को शामिल किया गया है जो 50 वर्ष से अधिक आयु की हैं और अपने संबंधित चर्च से अलग हो गई हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में समावेशी विकास सुनिश्चित करनेके लिए धार्मिक संप्रदायों के अंतर्गत आने वाले हाशिए पर स्थित समूहों को शामिल करते हुए सामाजिक कल्याण तंत्र के विस्तार के महत्व पर चर्चा कीजिए।
समावेशी अंतर: धार्मिक संस्थानों में उन महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक संवेदनशीलता को दूर करना जिनके पास पारंपरिक पारिवारिक सहायता संरचनाओं की कमी है
पॉलिसी में बदलाव: गैर-पारंपरिक कमजोर समूहों के लिए पहचान-आधारित कल्याण से ज़रूरत-आधारित समावेश की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: सोशल सेफ्टी नेट · समावेशी विकास · कमज़ोर वर्ग · सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण · धार्मिक संप्रदाय
चर्चा में क्यों: मंत्री डी. सुधाकर ने चित्रदुर्ग में Ed Lab का उद्घाटन किया। यह एक मॉडल पहल है, जिसे शिक्षकों के लिए गैर-शिक्षण प्रशासनिक कार्यभार को कम करके शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र (Education Ecosystem) को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया गया है।
Ed Lab ने प्रशासनिक बोझ की पहचान करने के लिए 'टीचर टाइम-यूज़ सर्वे' (Teacher Time-Use Survey) आयोजित किया। कार्यान्वयन के छह महीनों के भीतर, चित्रदुर्ग बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता कार्यक्रमों में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले क्षेत्रों में शामिल हो गया, जिनमें 'गणित गणना' और 'ओडू कर्नाटक' शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानचित्रदुर्ग: कर्नाटक का वह जिला जहाँ ED Lab का उद्घाटन किया गया।
तथ्यगणित गणना और ओडु कर्नाटक: जिले में लागू किए गए फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (Foundational Literacy and Numeracy) प्रोग्राम।
तथ्यटीचर टाइम-यूज़ सर्वे (Teacher Time-Use Survey): Ed Lab द्वारा प्रशासनिक बनाम टीचिंग समय को मापने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला टूल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों पर प्रशासनिक बोझ को कम करने से ग्रामीण शैक्षिक पारिस्थितिकी तंत्र में आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मकता (FLN) की गुणवत्ता में किस प्रकार सुधार किया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
प्रशासनिक बाधा: गैर-शिक्षण कार्यों का भारी बोझ शिक्षकों का ध्यान क्लासरूम टीचिंग से हटा रहा है
शिक्षण परिणाम: कम क्लर्कियल काम और बेहतर SSLC और PU नतीजों के बीच संबंध
स्केलेबिलिटी: अन्य जिलों में चित्रदुर्ग एड लैब मॉडल को दोहराने की क्षमता
मुख्य शब्द: बुनियादी साक्षरता · प्रशासनिक बोझ · शिक्षा इकोसिस्टम · शिक्षण परिणाम · टीचर्स का वर्कलोड
चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद को संबोधित करते हुए पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं के तेजी से विकास पर सरकार के रणनीतिक फोकस पर प्रकाश डाला।
सरकार ने आयज़ोल, ईटानगर और अगरतला जैसे राजधानियों को जोड़ने के लिए 7,200 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग और नई रेल लाइनें बनाई हैं। इस पहल में इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे (infrastructure) को बेहतर बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करना शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यदूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 7,200 किलोमीटर से अधिक नेशनल हाईवे का निर्माण किया गया है।
स्थानAizawl, Itanagar और Agartala सहित राजधानियों को जोड़ने के लिए नई रेल लाइनें स्थापित की गई हैं।
तथ्यविकास के फोकस में नॉर्थईस्ट (Northeast) में मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की स्थापना शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 'विकसित भारत' के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु उत्तर-पूर्वी क्षेत्र को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के साथ एकीकृत करने में बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवा विकास के महत्व पर चर्चा कीजिए।
लॉजिस्टिक इंटीग्रेशन: क्षेत्रीय असमानता कम करने के लिए रेल और हाईवे कनेक्टिविटी के जरिए भौगोलिक बाधाओं को दूर करना
ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट: दूरदराज के इलाकों में सामाजिक-आर्थिक इंडिकेटर्स सुधारने के लिए हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर करना
आर्थिक तालमेल: पिछड़े पूर्वी क्षेत्रों को राष्ट्रीय आर्थिक लक्ष्यों के लिए ग्रोथ ड्राइवर में बदलना
मुख्य शब्द: क्षेत्रीय असंतुलन · इंफ्रास्ट्रक्चर कनेक्टिविटी · विकसित भारत · सामाजिक-आर्थिक एकीकरण · मानव पूंजी
चर्चा में क्यों: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद को अपने संबोधन के दौरान आयुष्मान भारत योजना और अन्य स्वास्थ्य पहलों की प्रगति पर प्रकाश डाला।
अब तक आयुष्मान भारत योजना के तहत 11 करोड़ से अधिक मुफ्त चिकित्सा उपचार प्रदान किए गए हैं। केवल पिछले वर्ष में ही इस योजना के अंतर्गत 2.5 करोड़ मरीजों ने इलाज प्राप्त किया।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यपिछले साल आयुष्मान भारत के तहत 2.5 करोड़ मरीजों को मुफ्त इलाज मिला।
तथ्यअब तक आयुष्मान भारत के तहत 11 करोड़ से अधिक मुफ्त मेडिकल ट्रीटमेंट प्रदान किए गए हैं।
तथ्यलगभग एक करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को Vay Vandana कार्ड जारी किए गए।
तथ्यVay Vandana कार्ड्स के माध्यम से लगभग 8 लाख वरिष्ठ नागरिकों ने मुफ्त इन-पेशेंट ट्रीटमेंट (in-patient treatment) प्राप्त किया।
स्थानWHO ने भारत को ट्रकोमा (Trachoma) मुक्त घोषित किया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage) प्राप्त करने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और सरकारी योजनाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: बड़ी स्कीम कवरेज के बावजूद ग्रामीण इलाकों में स्पेशलाइज्ड हेल्थकेयर सुविधाओं की कमी
वित्तीय सुरक्षा: इंश्योरेंस से जुड़े हेल्थ मॉडल के जरिए कमजोर आबादी के जेब से होने वाले खर्च को कम करना
मुख्य शब्द: यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज · अपनी जेब से किया गया खर्च · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · निवारक स्वास्थ्य सेवा · स्वास्थ्य बीमा
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में मई 2025 की हिंसा के पीड़ितों के पुनर्वास और मनोवैज्ञानिक सहायता की निगरानी के लिए सभी महिलाओं वाली गीता मित्तल कमेटी के कार्यकाल को 31 जुलाई, 2026 तक बढ़ा दिया है।
इस समिति का गठन अगस्त 2023 में किया गया था और इसकी अध्यक्षता पूर्व मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल कर रही हैं। इसने दस्तावेज़ों के पुनर्निर्माण, महिलाओं की सुरक्षा और हिंसा की शिकार महिलाओं के लिए मनोवैज्ञानिक सहायता पर केंद्रित 40 से अधिक रिपोर्ट सौंपी हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदगीता मित्तल: भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश।
तथ्यइस समिति ने अगस्त 2023 में अपने गठन के बाद से अब तक 40 से अधिक रिपोर्ट्स फाइल की हैं।
स्थानमणिपुर: मई 2025 में हिंसा की घटना और चल रहे पुनर्वास (rehabilitation) प्रयास।
तथ्यकमेटी का कार्यकाल 31 जुलाई, 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सांप्रदायिक हिंसा के पीड़ितों के पुनर्वास और विधि के शासन की बहाली सुनिश्चित करने में न्यायिक निरीक्षण और विशेष समितियों की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
संस्थागत बाधा: विस्थापित पीड़ितों के दस्तावेज़ों के पुनर्निर्माण और पहचान सत्यापन में देरी
न्यायिक हस्तक्षेप: मानवाधिकारों के उल्लंघन की स्वतंत्र निगरानी के साथ कार्यकारी राहत प्रयासों को संतुलित करना
मनोवैज्ञानिक पुनर्वास: संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं के लंबे समय के ट्रॉमा और सुरक्षा से निपटना
मुख्य शब्द: न्यायिक निगरानी · पुनर्वास · कानून का शासन · सांप्रदायिक हिंसा · पीड़ित सहायता
चर्चा में क्यों: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन एंड मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने भारत भर में 18,000 से अधिक सीटों के खाली रहने के कारण NEET-PG 2025 के तीसरे दौर के लिए आरक्षित श्रेणियों के लिए क्वालीफाइंग परसेंटाइल को शून्य कर दिया है।
महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में रिक्त पदों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई, जिसमें निजी/प्रबंधन और NRI कोटा के तहत प्रत्येक राज्य में 2,000 से अधिक सीटें खाली रहीं। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIIMS) ने उच्च शिक्षा लागत, शिक्षण कर्मचारियों की कमी और बुनियादी ढांचे की समस्याओं को इन रिक्तियों के प्राथमिक कारणों के रूप में बताया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाNBEMS: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन एंड मेडिकल साइंसेज।
तथ्यभारत भर के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में 18,000 से अधिक सीटें खाली हैं।
तथ्यमहाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में प्राइवेट/मैनेजमेंट और NRI कोटा में प्रत्येक राज्य में 2,000 से अधिक सीटें खाली हैं।
संस्थाFAIIMS: फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (Federation of All India Medical Association)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में उच्च रिक्तियों के लिए उत्तरदायी प्रणालीगत कारकों और भारत में स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों की उपलब्धता पर उनके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
आर्थिक बाधा: प्राइवेट मेडिकल शिक्षा की भारी लागत छात्रों की संख्या को सीमित कर रही है
इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: शिक्षकों की कमी/मरीजों के बोझ और सीटों के खाली रहने के बीच संबंध
रेगुलेटरी गैप: प्राइवेट मेडिकल संस्थानों में स्टाइपेंड और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए स्टैंडर्डाइज्ड मानदंडों की ज़रूरत
मुख्य शब्द: मानव संसाधन की कमी · मेडिकल एजुकेशन पॉलिसी · सार्वजनिक-निजी असमानता · स्वास्थ्य सेवा इन्फ्रास्ट्रक्चर · सीट वैकेंसी विश्लेषण
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने तमिलनाडु ग्लोबल विमेन समिट 2026 में तमिलनाडु विमेन एम्प्लॉयमेंट एंड सेफ्टी (TNWESafe) प्रोजेक्ट और एक HPV टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की।
TNWESafe प्रोजेक्ट वर्ल्ड बैंक द्वारा वित्तपोषित ₹5,000 करोड़ के परिव्यय वाला एक पांच साल का पहल है। इसका उद्देश्य रोजगार, सुरक्षा और सशक्तिकरण की पहलों के माध्यम से महिलाओं के लिए आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। शुरुआत में, यह चार जिलों में 14 वर्ष से अधिक आयु की 3,38,649 लड़कियों को लक्षित करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाTNWESafe प्रोजेक्ट: तमिलनाडु में महिलाओं के रोजगार और सुरक्षा के लिए एक पांच साल की पहल।
संस्थावर्ल्ड बैंक: TNWESafe प्रोजेक्ट के लिए फाइनेंसिंग बॉडी।
तथ्यHPV वैक्सीनेशन प्रोग्राम: शुरुआत में चार जिलों में 14 वर्ष से अधिक आयु की लड़कियों को लक्षित किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में स्वास्थ्य संबंधी हस्तक्षेपों को आर्थिक सशक्तिकरण की पहलों के साथ एकीकृत करने से महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक एजेंसी (socio-economic agency) को किस प्रकार सुदृढ़ किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
संस्थागत तालमेल: सार्वजनिक स्वास्थ्य और महिलाओं की श्रम बल भागीदारी के बीच के अंतर को पाटने के लिए मल्टीलैटरल फंडिंग (वर्ल्ड बैंक) का लाभ उठाना
टारगेटेड हेल्थकेयर: महिलाओं के लिए लॉन्ग-टर्म ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट सुनिश्चित करने हेतु HPV जैसे जेंडर-स्पेसिफिक हेल्थ रिस्क को दूर करना
मुख्य शब्द: आर्थिक सशक्तिकरण · मानव पूंजी · जेंडर एजेंसी · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · मल्टीलैटरल फाइनेंसिंग
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार यादव ने घोषणा की है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और बीमारियों की निगरानी (Disease Surveillance) में सुधार के लिए अप्रैल तक 13 इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेटरीज (Integrated Public Health Laboratories) चालू कर दी जाएंगी।
इन 13 प्रयोगशालाओं को प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) द्वारा वित्तपोषित किया जाता है। ये प्रयोगशालाएं HIV और तपेदिक (tuberculosis) सहित संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों के लिए 134 परीक्षण करने के लिए सुसज्जित हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाPM-ABHIM: प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन।
तथ्यआंध्र प्रदेश में 13 Integrated Public Health Laboratories स्थापित की जाएंगी।
तथ्य134 अलग-अलग टेस्ट करने में सक्षम प्रयोगशालाएं।
स्थानआंध्र प्रदेश।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एकीकृत नैदानिक प्रयोगशालाओं के माध्यम से ग्रामीण स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने से भारत की राष्ट्रीय रोग निगरानी और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा वितरण को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
डायग्नोस्टिक गैप: ग्रामीण इलाकों में विशेष टेस्टिंग के लिए शहरी केंद्रों पर निर्भरता कम करना
निगरानी तालमेल: रूटीन क्लिनिकल टेस्टिंग को HIV और TB जैसे नेशनल डिजीज मॉनिटरिंग प्रोग्राम के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा · बीमारी निगरानी · ग्रामीण बुनियादी ढांचा · पब्लिक हेल्थ मिशन
चर्चा में क्यों: भारत के पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के प्रकोप के बाद थाईलैंड, नेपाल और ताइवान सहित कई एशियाई देशों ने हवाई अड्डों पर स्क्रीनिंग (Screening) के नियम कड़े कर दिए हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने महामारी की संभावना को देखते हुए निपाह को एक उच्च प्राथमिकता वाली बीमारी के रूप में वर्गीकृत किया है। यह वायरस ज़ूनोटिक (पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाला) है और वर्तमान में इसके लिए कोई उपचार या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पर्यावरणनिपा वायरस (Nipah virus): एक ज़ूनोटिक (zoonotic) वायरस जिसमें मृत्यु दर अधिक होती है और वर्तमान में इसके लिए कोई वैक्सीन या इलाज उपलब्ध नहीं है।
संस्थाविश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO): ने निपाह (Nipah) को एक टॉप प्रायोरिटी बीमारी के रूप में वर्गीकृत किया।
तथ्यथाईलैंड, नेपाल और ताइवान: भारत के पश्चिम बंगाल में बीमारी के प्रकोप के कारण एयरपोर्ट स्क्रीनिंग को कड़ा करने वाले देश।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में निपाह वायरस जैसी ज़ूनोटिक बीमारियों के प्रबंधन में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और देश की महामारी संबंधी तैयारियों को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।
डायग्नोस्टिक बॉटलनेक: ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में निपाह के लिए रैपिड पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्टिंग की कमी
ज़ूनोटिक सर्विलांस: वन्यजीव-मानव इंटरफेस और पशुधन-से-मानव ट्रांसमिशन पाथवे की अपर्याप्त निगरानी
वैक्सीन रिसर्च में कमी: निपा के लिए प्रभावी इलाज विकसित करने में भारी R&D लागत और तकनीकी बाधाएं
मुख्य शब्द: ज़ूनोटिक बीमारियाँ · महामारी की तैयारी · सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी · वन हेल्थ अप्रोच · पैथोजन कंटीनमेंट
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के निदेशालय ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन (Directorate of Public Health and Preventive Medicine) द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि 'मक्कलाई तेदी मरुथुवम' (MTM) पहल ने महिलाओं और ग्रामीण निवासियों के लिए NCD (गैर-संचारी रोग) देखभाल तक पहुंच में महत्वपूर्ण सुधार किया है।
अध्ययन में पाया गया कि 30 वर्ष और उससे अधिक आयु के लगभग 80% प्रतिभागियों की मधुमेह (diabetes) और उच्च रक्तचाप (hypertension) के लिए स्क्रीनिंग की गई। इन सेवाओं में से दो-तिहाई से अधिक का वितरण MTM फील्ड स्टाफ द्वारा किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनामक्कलाई थेदी मारुथुवम (MTM) गैर-संचारी रोगों (NCD) की देखभाल के लिए तमिलनाडु सरकार की एक पहल है।
तथ्यMTM स्टडी के तहत 30+ आयु वर्ग के लगभग 80% प्रतिभागियों की डायबिटीज और हाइपरटेंशन के लिए स्क्रीनिंग की गई।
स्थानयह अध्ययन तमिलनाडु के Directorate of Public Health and Preventive Medicine द्वारा किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में गैर-संचारी रोगों के प्रबंधन में 'मक्कलाई थेडी मारुथुवम' जैसे समुदाय-आधारित स्वास्थ्य सेवा मॉडल ग्रामीण-शहरी विभाजन को पाटने में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
प्राइमरी केयर में बाधा: ग्रासरूट लेवल पर विशेष कैंसर स्क्रीनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत
प्रिवेंटिव स्ट्रैटेजी गैप: पिछड़े समुदायों में रिएक्टिव ट्रीटमेंट से शुरूआती रोकथाम की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: गैर-संचारी रोग · प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा · कम्युनिटी-आधारित हस्तक्षेप · ग्रामीण स्वास्थ्य समानता · निवारक चिकित्सा
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और 'विकसित भारत' के लक्ष्य पर जोर देते हुए यूरोपीय संघ (European Union) के नेतृत्व की मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति का उल्लेख किया।
77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान लाल किले के लॉन में 'भारत पर्व' उत्सव आयोजित किया जाएगा। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने वाले हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदएंटोनियो कोस्टा: यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट।
पदउर्सुला वॉन डेर लेयेन: यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट।
स्थानभारत पर्व उत्सव: इसे रेड फोर्ट के लॉन्स (Red Fort lawns) में आयोजित किया जाएगा।
तथ्य77वां गणतंत्र दिवस: 26 जनवरी, 2026 को मनाया जाएगा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यह चर्चा कीजिए कि गणतंत्र दिवस समारोह किस प्रकार वैश्विक मंच पर भारत की सॉफ्ट पावर और विकासात्मक उपलब्धियों के प्रदर्शन के लिए एक मंच के रूप में कार्य करते हैं।
डिप्लोमैटिक सिग्नलिंग: 'विकसित भारत' की प्रगति दिखाने के लिए हाई-प्रोफाइल यूरोपीय मेहमानों का इस्तेमाल
सांस्कृतिक डिप्लोमेसी: राष्ट्र निर्माण के लिए विविधता दिखाने के टूल के रूप में 'भारत पर्व' का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: विकसित भारत · सॉफ्ट पावर · सांस्कृतिक कूटनीति · राष्ट्रीय एकीकरण
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु स्वास्थ्य और परिवार कल्याण आयुक्त जी. वीरपंडियन ने मिट्टी से फैलने वाले आंत के कीड़ों (intestinal worms) से लड़ने के लिए राज्य भर में एक करोड़ से अधिक बच्चों और किशोरों को मुफ्त एल्बेंडाजोल (albendazole) टैबलेट वितरित करने की घोषणा की है।
यह पहल तमिलनाडु में 1 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों और किशोरों को लक्षित करती है। इसका वितरण 17 फरवरी को निर्धारित है और इसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा महिला एवं बाल कल्याण विभाग के बीच समन्वय शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यलक्षित जनसंख्या: 1-19 वर्ष की आयु के बच्चे और किशोर।
विज्ञान-तकनीकएल्बेंडाजोल (Albendazole): मिट्टी से फैलने वाले आंतों के कीड़ों के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा।
पदजी. वीरपांडियन: तमिलनाडु के हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर कमिश्नर।
संस्थावितरण में ANMs, ASHAs और आंगनवाड़ी स्टाफ शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण और शहरी भारत में पोषण संबंधी समस्याओं और परजीवी रोगों की चुनौतियों के समाधान में समुदाय-आधारित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
संस्थागत तालमेल: समग्र बाल स्वास्थ्य के लिए स्वास्थ्य और महिला एवं बाल कल्याण विभागों के बीच समन्वय
लास्ट-माइल डिलीवरी: प्रिवेंटिव हेल्थकेयर के लिए दूर-दराज की आबादी तक पहुँचने हेतु ANMs और ASHAs का उपयोग
मुख्य शब्द: निवारक स्वास्थ्य सेवा · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · कम्युनिटी हेल्थ वर्कर्स · मिट्टी से फैलने वाले हेलमिन्थियासिस
चर्चा में क्यों: न्यायमूर्ति बी.वी. नागरथ्ना ने कानून के साथ संघर्ष करने वाले बच्चों को वयस्कों की तरह मानने के अधिकारों पर राष्ट्रीय परामर्श (National Consultation) के दौरान जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (Juvenile Justice Act) की सुधारात्मक और पुनर्वासित भावना पर जोर दिया।
यह परामर्श NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद में आयोजित किया गया था। प्रतिभागियों ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (Juvenile Justice Act), 2015 की धारा 15 पर चर्चा की, जो बच्चों के प्रारंभिक मूल्यांकन (preliminary assessment) से संबंधित है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि उन पर वयस्कों के रूप में मुकदमा चलाया जाना चाहिए या नहीं।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
अधिनियम / विधेयकजुवेनाइल जस्टिस एक्ट (Juvenile Justice Act), 2015: कानून के साथ संघर्ष में शामिल बच्चों के उपचार को नियंत्रित करने वाला वर्तमान प्राथमिक कानून।
संस्थाजुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (Juvenile Justice Boards): कानून के साथ संघर्ष में शामिल बच्चों से जुड़े मामलों के न्यायनिर्णयन (adjudication) के लिए जिम्मेदार निकाय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: किशोर न्याय अधिनियम के सुधारात्मक दर्शन और जघन्य अपराधों के लिए बच्चों पर वयस्कों के रूप में मुकदमा चलाने की प्रथा के बीच के अंतर्विरोध का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
ड्यू प्रोसेस की चिंताएं: सेक्शन 15 के तहत शुरुआती असेसमेंट के दौरान अपर्याप्त कानूनी प्रतिनिधित्व और प्रशासनिक चूक का जोखिम
दार्शनिक संघर्ष: सुधारात्मक न्याय मॉडल और नाबालिगों द्वारा किए गए गंभीर अपराधों से निपटने की ज़रूरत के बीच संतुलन बनाना
संस्थागत बाधा: जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की नियमित बैठक और मानकीकृत न्यायिक व्याख्या की ज़रूरत
मुख्य शब्द: सुधारात्मक न्याय · पुनर्वास दर्शन · उचित प्रक्रिया · प्रारंभिक मूल्यांकन · कानून के साथ संघर्ष में शामिल बच्चे
चर्चा में क्यों: प्रभाकर बसवप्रभु कोरे को साहित्य, शिक्षा और स्वास्थ्य अनुसंधान में उनके योगदान, विशेष रूप से KLE सोसाइटी में उनके नेतृत्व के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।
प्रभाकर बसवप्रभु कोरे ने 40 से अधिक वर्षों तक KLE सोसाइटी के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। KLE सोसाइटी वर्तमान में 18,000 से अधिक कर्मचारियों और 1.45 लाख छात्रों के साथ 316 शैक्षणिक संस्थानों का संचालन करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
पदप्रभाकर बसवप्रभु कोरे: साहित्य, शिक्षा और स्वास्थ्य अनुसंधान में योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित।
तथ्यKLE सोसाइटी: यह 18,000 से अधिक स्टाफ और 1.45 लाख छात्रों के साथ 316 शैक्षणिक संस्थानों का संचालन करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सामाजिक परिवर्तन लाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच का विस्तार करने में गैर-सरकारी शैक्षिक संस्थाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
संस्थागत पहुंच: प्राइवेट सेक्टर के नेतृत्व वाले सोशल इनिशिएटिव्स के जरिए शैक्षिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
समग्र विकास: शैक्षिक ढांचे में स्वास्थ्य अनुसंधान और सांस्कृतिक गतिविधियों को जोड़ना
मुख्य शब्द: सामाजिक परिवर्तन · शैक्षिक बुनियादी ढांचा · गैर-सरकारी संगठन · सांस्कृतिक प्रचार · मानव संसाधन विकास
चर्चा में क्यों: केरल राज्य स्वास्थ्य विभाग ने H1N1, COVID-19 और निपाह वायरस (Nipah virus) के पिछले अनुभवों के आधार पर, स्थानीय स्तर पर महामारी से निपटने के लिए विशिष्ट योजनाएं विकसित करनेकी एक पहल शुरू की है।
इस पहल के अंतर्गत ऐसी स्थानीय योजनाएं तैयार की जाएंगी जो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के 'प्रिपर्डनेस एंड रेजिलिएंस फॉर इमर्जिंग थ्रेट्स' (PRET) कार्यक्रम के अनुरूप हों। स्थानीय क्षमता निर्माण के लिए इन्फ्लुएंजा ए (H1N1), COVID-19 और निपाह वायरस के पिछले प्रकोपों से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाPRET: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा उभरते खतरों के लिए तैयारी और लचीलेपन (Preparedness and Resilience for Emerging Threats) का कार्यक्रम।
स्थानकेरल: ग्रासरूट (grassroots) स्तर पर महामारी की तैयारी की पहल को लागू करने वाला राज्य।
तथ्ययह पहल H1N1, COVID-19 और निपाह वायरस (Nipah virus) के प्रकोप के विशिष्ट अनुभवों पर आधारित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर महामारी की तैयारी के विकेंद्रीकरण के महत्व पर चर्चा कीजिए।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी: लोकल प्लान्स से आउटब्रेक के दौरान तेज़ रिस्पॉन्स टाइम और कॉन्टेक्स्ट-स्पेसिफिक रिसोर्स एलोकेशन संभव होता है
संस्थागत तालमेल: WHO के PRET प्रोग्राम के साथ तालमेल से स्थानीय स्तर पर अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करना सुनिश्चित होगा
डेटा-आधारित लचीलापन: भविष्य के महामारी जोखिमों को कम करने के लिए H1N1 और निपाह वायरस के ऐतिहासिक डेटा का उपयोग
मुख्य शब्द: विकेंद्रीकृत शासन · सार्वजनिक स्वास्थ्य लचीलापन · जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन · महामारी संबंधी तैयारी · संदर्भ-विशिष्ट प्लानिंग
चर्चा में क्यों: कर्नाटक में जेंडर माइनॉरिटी (Gender Minorities) पर किए गए एक बेसलाइन सर्वे में निजी क्षेत्र की नौकरियों में 1% आरक्षण और प्रणालीगत भेदभाव को दूर करने के लिए एक अलग कल्याण बोर्ड (Welfare Board) स्थापित करने की सिफारिश की गई है।
इस रिपोर्ट से पता चला है कि 40% स्कूलों/कॉलेजों और 90% अस्पतालों में इस समुदाय के खिलाफ हिंसा और भेदभाव की घटनाएं होती हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यकर्नाटक के 40% स्कूलों और कॉलेजों में जेंडर माइनॉरिटी (gender minorities) के खिलाफ हिंसा और भेदभाव की घटनाएं होती हैं।
तथ्यकर्नाटक के 90% अस्पतालों में जेंडर माइनॉरिटी (gender minorities) के खिलाफ हिंसा और भेदभाव की घटनाएं होती हैं।
तथ्यसर्वेक्षण में कर्नाटक से जेंडर माइनॉरिटीज (gender minorities) के 10,365 से अधिक व्यक्तियों को रिकॉर्ड किया गया।
स्थानजेंडर माइनोरिटीज़ (gender minorities) की प्रमुख संख्या विजयपुरा, चिक्काबल्लपुर, बेंगलुरु अर्बन, कोलार और बेलगावी जिलों में पाई गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में लैंगिक अल्पसंख्यकों (gender minorities) के समक्ष आने वाली संस्थागत और सामाजिक बाधाओं की चर्चा कीजिए और सामाजिक समावेश के उपकरण के रूप में निजी क्षेत्र में आरक्षण की व्यवहार्यता का मूल्यांकन कीजिए।
संस्थागत अंतर: जेंडर माइनॉरिटी के लिए समर्पित कल्याण बोर्ड और विशेष शिकायत निवारण तंत्र की कमी
आर्थिक बाधा: प्राइवेट सेक्टर में सिस्टमैटिक भेदभाव के कारण फॉर्मल एम्प्लॉयमेंट और फाइनेंशियल असिस्टेंस तक सीमित पहुंच
सुरक्षा की कमी: अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों जैसे सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर में हिंसा का अधिक प्रसार
मुख्य शब्द: सामाजिक समावेश · जेंडर माइनोरिटीज़ · प्रणालीगत भेदभाव · सकारात्मक कार्रवाई · संस्थागत कल्याण