कर्नाटक स्टेट मेडिकल सप्लाइज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KSMSCL) ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की कमी को दूर करने के लिए 496 आवश्यक दवाओं की प्राथमिकता के आधार पर खरीद (priority procurement) शुरू की है
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चर्चा में क्यों
कर्नाटक स्टेट मेडिकल सप्लाइज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KSMSCL) ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाओं की कमी को दूर करने के लिए 496 आवश्यक दवाओं की प्राथमिकता के आधार पर खरीद (priority procurement) शुरू की है।
पृष्ठभूमि
KSMSCL कर्नाटक के स्वास्थ्य केंद्रों के लिए मौजूदा फंड से ₹50 करोड़ आवंटित कर रहा है। 496 दवाओं की खरीद प्रक्रिया मार्च 2026 के अंत तक पूरी होने वाली है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- संस्थाKSMSCL: कर्नाटक स्टेट मेडिकल सप्लाइज़ कॉर्पोरेशन लिमिटेड।
- योजनाPMBJP: प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना।
- संस्थाGeM: गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (Government e-Marketplace)।
- तथ्यKSMSCL कर्नाटक में दवाओं की खरीद के लिए ₹50 करोड़ आवंटित कर रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में आवश्यक दवाओं की निरंतर आपूर्ति श्रृंखला बनाए रखने में आने वाली संस्थागत चुनौतियों और दवाओं की कमी को दूर करने में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- लॉजिस्टिक बॉटलनैक: इनएफ़िशिएंट इन्वेंटरी मैनेजमेंट के कारण ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में ज़रूरी दवाओं की कमी
- राजकोषीय बाधा: आपातकालीन खरीद के लिए समर्पित आवर्ती बजट के बजाय मौजूदा फंड आवंटन पर निर्भरता
मुख्य शब्द: सप्लाई चेन मैनेजमेंट · सार्वजनिक स्वास्थ्य इन्फ्रास्ट्रक्चर · आवश्यक दवाएं · खरीद में पारदर्शिता · राजकोषीय आवंटन
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।