यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,461 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग (528) · अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन) (352) · जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान (249) · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक (208) · रक्षा तकनीक (120) · बौद्धिक संपदा अधिकार (4)
चर्चा में क्यों: UIDAI ने 7-15 आयु वर्ग के बच्चों के आधार डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए 83,000 स्कूलों में एक करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (Mandatory Biometric Update - MBU) का कार्य पूरा कर लिया है।
यह पहल सितंबर 2025 में शुरू हुई और इसका लक्ष्य 7 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों को लक्षित करना है। UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार ने सभी स्कूलों को कवर करने के लिए MBU कैंप्स हेतु राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से समर्थन का अनुरोध किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाUIDAI: Unique Identification Authority of India (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण)।
तथ्य83,000 स्कूलों में एक करोड़ से अधिक बच्चों के बायोमेट्रिक्स (biometrics) अपडेट किए गए।
तथ्यMBU का टारगेट आयु वर्ग: 7 से 15 वर्ष।
तथ्यअभियान की शुरुआत: सितंबर 2025।
मेन्स के लिए
प्रश्न: शिक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) योजनाओं की प्रभावकारिता सुनिश्चित करने में बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के महत्व पर चर्चा कीजिए।
डेटा इंटीग्रिटी: पहचान की चोरी और घोस्ट बेनिफिशियरीज को रोकने के लिए सटीक बायोमेट्रिक रिकॉर्ड सुनिश्चित करना
लॉजिस्टिक चुनौतियां: विविध ग्रामीण और शहरी स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर बायोमेट्रिक कैंप का समन्वय
मुख्य शब्द: डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर · पहचान प्रबंधन · डिजिटल इन्क्लूजन · डेटा इंटीग्रिटी · सार्वजनिक सेवा वितरण
चर्चा में क्यों: INCOIS समुद्री डेटा और तटीय सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए तीन नई समुद्री सूचना सेवाएँ—JellyAIIP, SAMUDRA 2.0 मोबाइल ऐप और SIVAS लॉन्च कर रहा है।
INCOIS, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है। नई सेवाओं में जेलीआईआईपी (JellyAIIP) शामिल है, जो जेलीफ़िश एकत्रीकरण डेटा प्रदान करता है। इसके साथ ही इसमें मछुआरों के लिए अपग्रेड किया गया SAMUDRA 2.0 मोबाइल ऐप और तटीय जलभराव की अग्रिम चेतावनी के लिए SIVAS शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाINCOIS: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) के अधीन एक स्वायत्त संस्थान (Autonomous Institution)।
विज्ञान-तकनीकJellyAIIP: जेलीफ़िश एकत्रीकरण डेटा (jellyfish aggregation data) के लिए एक वेब-आधारित प्लेटफॉर्म।
विज्ञान-तकनीकSAMUDRA 2.0: मछुआरों और समुद्री उपयोगकर्ताओं के लिए एक अपग्रेडेड मोबाइल ऐप।
विज्ञान-तकनीकSIVAS: तटीय जलमग्नता (Coastal Inundation) के लिए एक अर्ली वार्निंग सिस्टम।
मेन्स के लिए
प्रश्न: समुद्री सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और वास्तविक समय के डेटा विश्लेषण (real-time data analytics) का एकीकरण भारत में समुद्री सुरक्षा और 'ब्लू इकोनॉमी' (नीली अर्थव्यवस्था) की सुदृढ़ता को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
डेटा लोकतंत्रीकरण: छोटे पैमाने के कारीगर मछुआरों के लिए सूचना का अंतर कम करना
क्लाइमेट अडैप्टेशन: आपदा जोखिम कम करने के लिए रियल-टाइम कोस्टल इनंडेशन अलर्ट एक टूल
ब्लू इकोनॉमी: टिकाऊ समुद्री संसाधन प्रबंधन के लिए जेलीफिश और मैरीटाइम डेटा का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: ब्लू इकोनॉमी · आपदा जोखिम न्यूनीकरण · डेटा लोकतंत्रीकरण · समुद्री सुरक्षा · ओशनिक इन्फॉर्मेटिक्स
चर्चा में क्यों: पुडुचेरी के पशुपालन विभाग ने चेन्नई से एक कौवे के नमूने में H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा (Avian Influenza) का पता चलने के बाद एक एडवाइजरी जारी की है।
चेन्नई से एक कौवे के नमूने में H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस पाया गया है। पुडुचेरी सरकार ने चेतावनी दी है कि स्थानीय आर्द्रभूमि (wetlands) में आने वाले प्रवासी जलपक्षी बिना किसी लक्षण के इस वायरस को अपने साथ ला सकते हैं और इसे घरेलू पोल्ट्री (poultry) में फैला सकते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकH5N1: इन्फ्लुएंजा ए. वायरस (Influenza A virus) का एक सबटाइप है जो पक्षियों को प्रभावित करता है और मनुष्यों में भी फैल सकता है।
तथ्यचेन्नई में पहचान के बाद, पुडुचेरी के एनिमल हसबेंड्री विभाग (Department of Animal Husbandry) ने यह एडवाइजरी जारी की।
पदपशु चिकित्सा टीमें (Veterinary teams) निगरानी करने और संदिग्ध मामलों के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीमों (Rapid response teams) की स्थापना के लिए जिम्मेदार हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एवियन इन्फ्लुएंजा जैसी ज़ूनोटिक बीमारियों के सार्वजनिक स्वास्थ्य निहितार्थों पर चर्चा कीजिए और ऐसी महामारियों के प्रबंधन में एकीकृत निगरानी प्रणालियों के महत्व का मूल्यांकन कीजिए।
ज़ूनोटिक रिस्क: प्रवासी जलपक्षियों से घरेलू पोल्ट्री और मानव आबादी में फैलने का खतरा
बायोसिक्योरिटी की कमियां: ग्रामीण क्लस्टर्स में वायरस के फैलनेको रोकने के लिए पोल्ट्री फार्मिंग के स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल की ज़रूरत
मुख्य शब्द: ज़ूनोटिक बीमारी · बायोसिक्योरिटी · एवियन इन्फ्लुएंजा · वन हेल्थ · निगरानी
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री नारा लोकेश और अन्य अधिकारियों ने अमरावती को एक वैश्विक क्वांटम हब के रूप में स्थापित करने के लिए अमरावती क्वांटम वैली (AQV) प्रोजेक्ट की 'भूमि पूजा' की।
अमरावती क्वांटम वैली (AQV) परियोजना में हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, एल्गोरिदम, अनुसंधान, प्रशिक्षण और निर्यात को एकीकृत किया गया है। नेशनल क्वांटम मिशन (National Quantum Mission) के अनुरूप, 14 कंपनियों ने AQV के भीतर अपने संचालन स्थापित करने के लिए MoUs पर हस्ताक्षर किए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
योजनानेशनल क्वांटम मिशन (National Quantum Mission): क्वांटम टेक्नोलॉजी में भारत को लीडर के रूप में स्थापित करनेके लिए केंद्र सरकार की एक पहल।
तथ्यअमरावती क्वांटम वैली (AQV) में संचालन स्थापित करने के लिए चौदह कंपनियों ने MoUs पर हस्ताक्षर किए हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अमरावती क्वांटम वैली जैसे विशिष्ट क्वांटम हब की स्थापना किस प्रकार भारत की तकनीकी संप्रभुता और औद्योगिक विकास को गति दे सकती है, इस पर चर्चा कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: क्वांटम हार्डवेयर के लिए स्पेशलाइज्ड क्रायोजेनिक और हाई-प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की जरूरत
ह्यूमन कैपिटल गैप: क्वांटम एल्गोरिदम और रिसर्च में कुशल वर्कफोर्स तैयार करने के लिए स्पेशलाइज्ड ट्रेनिंग इकोसिस्टम की ज़रूरत
चर्चा में क्यों: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) पिछले पूर्वानुमानों की विफलताओं को दूर करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को ध्यान में रखते हुए मानसून के पूर्वानुमान के लिए डायनेमिक मॉडल (Dynamic models) की ओर बढ़ रहा है।
नेशनल एटमॉस्फेरिक रिसर्च लेबोरेटरी (National Atmospheric Research Laboratory) के एम. राजीवन ने बताया कि कप्ल्ड ओशन एटमॉस्फेरिक मॉडल्स (coupled ocean atmospheric models) अंतर-वार्षिक परिवर्तनशीलता (interannual variability) के बेहतर पूर्वानुमान दिखाते हैं। वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (World Meteorological Organisation) के मिशेल जारॉड ने सटीक मौसम पूर्वानुमान के लिए वैश्विक डेटा और उन्नत कंप्यूटिंग की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकइंटर-एनुअल वेरिएबिलिटी (interannual variability) के पूर्वानुमान कौशल को बेहतर बनाने के लिए कपल्ड ओशन एटमॉस्फेरिक मॉडल्स (Coupled ocean atmospheric models) का उपयोग किया जाता है।
संस्थानेशनल एटमॉस्फेरिक रिसर्च लेबोरेटरी (NARL) मानसून प्रेडिक्शन रिसर्च में शामिल है।
संस्थावर्ल्ड मेटियोरोलॉजिकल ऑर्गनाइजेशन (WMO) मौसम के पूर्वानुमान के लिए ग्लोबल डेटा और एडवांस्ड कंप्यूटिंग पर जोर देता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उन्नत कंप्यूटिंग और युग्मित महासागरीय-वायुमंडलीय मॉडलों का एकीकरण भारत की जलवायु लचीलापन और कृषि स्थिरता को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है, चर्चा कीजिए।
डेटा इंटीग्रेशन: पारंपरिक कृषि ज्ञान और हाई-रिज़ॉल्यूशन डायनेमिक वेदर मॉडलिंग के बीच की दूरी को कम करना
टेक्नोलॉजिकल बॉटलनैक: रियल-टाइम ग्लोबल एटमॉस्फेरिक डेटा प्रोसेस करने के लिए हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरत
चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को आधुनिकीकरण और उन्नत तकनीक की खरीद को प्राथमिकता देने के लिए ₹7.85 लाख करोड़ आवंटित किए हैं।
केंद्रीय बजट 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को ₹7.85 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं। यह वित्त वर्ष 2025-26 के अनुमानों की तुलना में 15.19% की वृद्धि है। यह आवंटन केंद्र सरकार के कुल व्यय का 14.67% हिस्सा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यरक्षा मंत्रालय को केंद्रीय बजट 2026-27 में ₹7.85 लाख करोड़ प्राप्त हुए।
तथ्यरक्षा बजट, केंद्र सरकार के कुल व्यय का 14.67% है।
तथ्यSHANTI बिल, 2025 का उद्देश्य प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी के माध्यम से 100 GW की न्यूक्लियर पावर क्षमता हासिल करना है।
पदवी.के. सरसवत नीति आयोग के सदस्य हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 2047 तक 'विकसित भारत' के विजन को प्राप्त करने में स्वदेशी तकनीक और आधुनिकीकरण पर बढ़ते रक्षा व्यय के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
तकनीकी छलांग: पुराने सिस्टम से एडवांस प्लेटफॉर्म और फोर्स मल्टीप्लायर की ओर बदलाव
ह्यूमन कैपिटल: यूनिवर्सिटी टाउनशिप रिसर्च को लंबे समय के राष्ट्रीय स्किल डेवलपमेंट लक्ष्यों के साथ जोड़ना
एनर्जी सिक्योरिटी: औद्योगिक और डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को बिजली देने के लिए प्राइवेट सेक्टर की न्यूक्लियर क्षमता का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: आधुनिकीकरण · फोर्स मल्टीप्लायर्स · विकास भारत · परमाणु क्षमता · राजकोषीय आवंटन
चर्चा में क्यों: क्वालकॉम (Qualcomm) ने बेंगलुरु में अपने 2nm सेमीकंडक्टर डिज़ाइन के 'टेप-आउट' (tape-out) की घोषणा की है, जो उन्नत सेमीकंडक्टर विकास के केंद्र के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।
क्वालकॉम टेक्नोलॉजीज, इंक. (Qualcomm Technologies, Inc.) ने 7 फरवरी, 2026 को बेंगलुरु में अपने 2nm सेमीकंडक्टर डिजाइन के लिए 'टेप-आउट' (tape-out) चरण तक पहुँचने की उपलब्धि हासिल की। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव उपस्थित रहे और इसमें कंपनी के भारत में स्थित इंजीनियरिंग कार्यबल का प्रदर्शन किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यQualcomm ने बेंगलुरु में अपने 2nm सेमीकंडक्टर डिज़ाइन के लिए टेप-आउट (tape-out) स्टेज तक पहुँच बना ली है।
पदअश्विनी वैष्णव रेल, सूचना और प्रसारण के केंद्रीय मंत्री हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण और डिजाइन पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) की स्थापना के महत्व पर चर्चा कीजिए।
स्किल डेवलपमेंट: केवल असेंबली से हाई-एंड R&D और इंजीनियरिंग डिज़ाइन रोल्स की ओर बढ़ना
चर्चा में क्यों: SFC (Strategic Forces Command) ने परिचालन मापदंडों (operational parameters) की पुष्टि के लिए ओडिशा के तट से परमाणु-सक्षम अग्नि-3 (Agni-3) बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
अग्नि-3 एक सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 3,000 किलोमीटर से अधिक है। इस परीक्षण को स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) द्वारा आयोजित किया गया और डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) द्वारा इसकी पुष्टि की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
विज्ञान-तकनीकअग्नि-3: एक सरफेस-टू-सरफेस बैलिस्टिक मिसाइल जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।
तथ्यअग्नि-3 मिसाइल की लंबाई: 17 मीटर।
तथ्यअग्नि-3 की स्ट्राइक रेंज: 3,000 किलोमीटर से अधिक।
पदSFC: Strategic Forces Command वह संस्था है जो मिसाइल लॉन्च के लिए जिम्मेदार है।
स्थानचंडीपुर: ओडिशा के तट पर वह स्थान जहाँ यह टेस्ट (test) आयोजित किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना के संदर्भ में भारत की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं के महत्व पर चर्चा कीजिए।
स्ट्रेटेजिक डिटेरेंस: विश्वसनीय मिनिमम डिटेरेंस बनाए रखने में अग्नि-सीरीज की भूमिका
तकनीकी संप्रभुता: स्वदेशी मिसाइल विकास और मैन्युफैक्चरिंग में DRDO की भूमिका
क्षेत्रीय गतिशीलता: दक्षिण एशियाई सुरक्षा संतुलन पर लॉन्ग-रेंज मिसाइल क्षमताओं का प्रभाव
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · बैलिस्टिक मिसाइल · परमाणु प्रतिरोध · रक्षा तकनीक · स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड
चर्चा में क्यों: 5 फरवरी को मेघालय में एक अवैध कोयला खदान में हुए विस्फोट में कम से कम 18 श्रमिकों की मौत हो गई। यह घटना 2014 के नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal) के आदेश के बावजूद 'रैट-होल माइनिंग' (rat-hole mining) की निरंतर जारी रहने वाली समस्या को उजागर करती है।
यह घटना मेघालय में एक 'रैट-होल' माइन (rat-hole mine) में हुई। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पहले ही 2014 में ऐसी खनन गतिविधियों को बंद करने का आदेश दिया था।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
स्थानमेघालय: पूर्वोत्तर भारत का वह राज्य जहाँ अवैध कोयला खदान में विस्फोट हुआ।
तथ्य5 फरवरी को हुए विस्फोट में 18 श्रमिकों की मौत हो गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूर्वोत्तर भारत में अवैध 'रैट-होल' (rat-hole) खनन पर अंकुश लगाने में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और पर्यावरणीय अनुपालन एवं श्रमिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
एन्फोर्समेंट गैप: कमज़ोर स्थानीय निगरानी और खंडित मालिकाना हक गुप्त माइनिंग ऑपरेशंस को आसान बनाते हैं
आर्थिक निर्भरता: कोयले से होने वाली कमाई पर भारी निर्भरता के कारण नियामक प्रतिबंधों के बावजूद अवैध खनन का चक्र बना रहता है
तकनीकी कमी: दूरदराज और भूमिगत माइनिंग साइट्स की निगरानी के लिए उन्नत डिटेक्शन सिस्टम का अभाव
मुख्य शब्द: रेगुलेटरी नॉन-कॉम्प्लायंस · पर्यावरण का क्षरण · व्यवसाय संबंधी खतरे · प्रवर्तन तंत्र · आजीविका विविधीकरण
चर्चा में क्यों: चीन के नेतृत्व वाली एक अंतरराष्ट्रीय शोध टीम ने अंटार्कटिका में ग्लेशियरों के नीचे स्थित ज्वालामुखियों (subglacial volcanoes) का दुनिया का पहला व्यापक डिजिटल आर्काइव तैयार किया है, जिसमें 207 छिपे हुए ज्वालामुखियों का पता चला है।
ANT-SGV-25 शीर्षक वाले इस प्रोजेक्ट को चीन के पोलर रिसर्च इंस्टीट्यूट ने यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर के साथ साझेदारी में विकसित किया है। यह प्रोजेक्ट अंटार्कटिक आइस शीट के नीचे छिपे 207 ज्वालामुखियों की पहचान करता है, जो इस क्षेत्र को एक प्रमुख ज्वालामुखी प्रांत (volcanic province) के रूप में दर्शाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकANT-SGV-25: अंटार्कटिक सबग्लेशियल ज्वालामुखियों (subglacial volcanoes) का पहला डिजिटल आर्काइव बनाने वाले प्रोजेक्ट का नाम।
स्थानअंटार्कटिका: नए कैटलॉग (catalogue) द्वारा पृथ्वी के प्रमुख ज्वालामुखी क्षेत्रों (volcanic provinces) में से एक के रूप में पहचाना गया।
तथ्यआर्काइव द्वारा अंटार्कटिक आइस शीट के नीचे छिपे ज्ञात ज्वालामुखियों की संख्या 207 बताई गई है।
संस्थापोलर रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ चाइना (Polar Research Institute of China): रिसर्च प्रोजेक्ट की लीड बॉडी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिमनद क्षेत्रों में उप-हिमनद ज्वालामुखी गतिविधि और भूतापीय ताप की अंतःक्रियाएं हिमनद गतिशीलता को किस प्रकार प्रभावित करती हैं और वैश्विक जलवायु परिवर्तन मॉडलिंग के लिए इसके व्यापक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
जियोथर्मल फीडबैक: सबग्लेशियल हीट और आइस शीट पिघलने की दर के बीच इंटरैक्शन
डेटा गैप्स: सबग्लेशियल ज्वालामुखी क्षेत्रों के बारे में मौजूदा क्लाइमेट मॉडल्स की सीमाएं
जोखिम मूल्यांकन: समुद्र के जलस्तर में होने वाली बढ़ोतरी के अनुमानों पर छिपी ज्वालामुखी गतिविधि का असर
चर्चा में क्यों: NITK सुरठकल ने आपदाओं के दौरान मोबाइल नेटवर्क के एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में तटीय कर्नाटक में HAM रेडियो का उपयोग करके एक इमरजेंसी कम्युनिकेशन नेटवर्क (आपातकालीन संचार नेटवर्क) स्थापित किया है।
यह परियोजना 'Enabling Multi-disciplinary and Broader Radio Applications for Community Empowerment (EMBRACE)' CSR पहल द्वारा वित्तपोषित है। इसमें एक केंद्रीय कैंपस सुविधा, स्कूलों और कॉलेजों में पांच HAM रेडियो नोडल केंद्र और अंतिम छोर तक संचार (last-mile communication) के लिए मोबाइल इकाइयां शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकHAM रेडियो: हाई-फ्रीक्वेंसी एमेच्योर रेडियो जिसका उपयोग मोबाइल नेटवर्क फेल होने पर इमरजेंसी कम्युनिकेशन के लिए किया जाता है।
संस्थाNITK सुरथकल: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कर्नाटक (National Institute of Technology Karnataka), जो तटीय कर्नाटक में स्थित है।
तथ्यइस प्रोजेक्ट में स्कूलों और कॉलेजों में स्थापित पांच HAM रेडियो नोडल सेंटर (nodal centers) शामिल हैं।
पदEMBRACE: एक CSR पहल जो सामुदायिक सशक्तिकरण (community empowerment) के लिए मल्टी-डिसीप्लिनरी और व्यापक रेडियो अनुप्रयोगों पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के भौगोलिक रूप से पृथक या तटीय क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन हेतु एक लचीले बुनियादी ढांचे के रूप में शौकिया रेडियो (Amateur Radio) नेटवर्क के महत्व की चर्चा कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर रेजिलिएंस: आपदा-संभावित तटीय क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क आउटेज पर काबू पाना
सामुदायिक सशक्तिकरण: लास्ट-माइल कम्युनिकेशन और स्थानीय इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए एमेच्योर रेडियो का इस्तेमाल
जेंडर इनक्लूसिविटी: टारगेटेड ट्रेनिंग के जरिए तकनीकी कम्युनिकेशन क्षेत्रों में जेंडर असमानता को दूर करना
मुख्य शब्द: मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर · आपदा प्रबंधन · लास्ट-माइल कनेक्टिविटी · एमेच्योर रेडियो · सामुदायिक सशक्तिकरण
चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने महिलाओं, बच्चों और जनता की सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया पर हेट स्पीच (hate speech), गलत सूचना (misinformation) और दुर्भावनापूर्ण अभियानों की पहचान करने हेतु ₹67.26 करोड़ के AI-पावर्ड सॉफ्टवेयर को मंजूरी दी है।
कर्नाटक सरकार द्वारा डीप फेक (deep fakes), बॉट नेटवर्क और बहुभाषी नैरेटिव्स (multi-language narratives) का पता लगाने के लिए इस सॉफ्टवेयर को तैनात किया जाएगा। इस परियोजना की लागत ₹67.26 करोड़ है और इसे मानवीय हस्तक्षेप या किसी भी राजनीतिक लाभ के बिना संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यकर्नाटक सरकार द्वारा स्वीकृत AI-पावर्ड सॉफ्टवेयर की लागत ₹67.26 करोड़ है।
विज्ञान-तकनीकयह सॉफ्टवेयर deep fakes, bot networks और multi-language narratives की पहचान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
स्थानइस पहल को कर्नाटक राज्य कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एक लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर सोशल मीडिया पर गलत सूचनाओं और घृणास्पद भाषण की निगरानी के लिए एआई-संचालित निगरानी (AI-powered surveillance) के उपयोग से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और नैतिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
प्राइवेसी-सिक्योरिटी ट्रेड-ऑफ: व्यक्तिगत अभिव्यक्ति की आज़ादी और दुर्भावनापूर्ण अभियानों को रोकने के लिए राज्य के जनादेश के बीच संतुलन
एल्गोरिथमिक बायस: ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर द्वारा सांस्कृतिक बारीकियों या अल्पसंख्यक दृष्टिकोण को हेट स्पीच के रूप में गलत पहचानने का जोखिम
अकाउंटेबिलिटी गैप: यह सुनिश्चित करने में चुनौतियां कि 'कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं' से अपारदर्शी ऑटोमेटेड सेंसरशिप न हो जाए
मुख्य शब्द: एल्गोरिद्मिक गवर्नेंस · डिजिटल संप्रभुता · सूचना की सत्यता · निगरानी नैतिकता · डीपफेक्स
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु के उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि वाइस-चैंसलर की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार के संशोधनों पर रोक को हटाने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को वापस मद्रास हाई कोर्ट भेज दिया है, जिसे अब छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेना होगा। तमिलनाडु सरकार ने अन्ना यूनिवर्सिटी में रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹500 करोड़ के आवंटन की भी घोषणा की है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्य₹500 करोड़: अन्ना यूनिवर्सिटी में रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तमिलनाडु सरकार द्वारा आवंटन।
संस्थामद्रास हाई कोर्ट: कोर्ट को छह सप्ताह के भीतर VC की नियुक्ति के मामले पर फैसला सुनाने का काम सौंपा गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलपति की नियुक्ति में राज्य सरकार के हस्तक्षेप के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता पर पड़ने वाले निहितार्थों की चर्चा कीजिए।
संस्थागत स्वायत्तता: राज्य के कार्यकारी नियंत्रण और शैक्षणिक स्वतंत्रता के बीच टकराव
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: राज्य द्वारा वित्तपोषित इंफ्रास्ट्रक्चर और यूनिवर्सिटी की प्रशासनिक आज़ादी के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: अकादमिक स्वायत्तता · कार्यपालिका का हस्तक्षेप · उच्च शिक्षा गवर्नेंस · शिक्षा में फेडरलिज्म
चर्चा में क्यों: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने घोषणा की है कि भारतीय वायुसेना (IAF) के पास वर्तमान में लड़ाकू विमानों की कमी को दूर करने के लिए पांच तेजस Mk-1A हल्के लड़ाकू विमान डिलीवरी के लिए तैयार हैं।
HAL भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए 83 तेजस Mk-1A हल्के लड़ाकू विमानों के एक ऑर्डर को पूरा कर रहा है। भारतीय वायुसेना की वर्तमान फाइटर स्क्वाड्रन की संख्या 30 है, जो कि आधिकारिक रूप से स्वीकृत 42 की संख्या से कम है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकतेजस Mk-1A: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट।
तथ्यIAF द्वारा स्वीकृत फाइटर स्क्वाड्रन की संख्या: 42।
तथ्यIAF की वर्तमान फाइटर स्क्वाड्रन संख्या: 30।
पदGE Aerospace: तेजस Mk-1A विमान के लिए इंजन का सप्लायर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में स्वदेशी विमान निर्माण के समक्ष आने वाली चुनौतियों का परीक्षण कीजिए और भारतीय वायुसेना की परिचालन तत्परता को बढ़ाने में तेजस Mk-1A के महत्व पर चर्चा कीजिए।
सप्लाई चेन बॉटलनैक: GE एयरोस्पेस से इंजन प्रोक्योरमेंट में देरी से प्रोडक्शन टाइमलाइन्स प्रभावित
इंडिजिनाइजेशन गैप: विमानों की तेज़ तैनाती और डिजाइन व डेवलपमेंट की समस्याओं के समाधान के बीच संतुलन
रणनीतिक क्षमता: स्वीकृत और वर्तमान फाइटर स्क्वाड्रन की संख्या के बीच के अंतर को दूर करना
मुख्य शब्द: स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग · रक्षा खरीद · ऑपरेशनल रेडिनेस · सप्लाई चेन मैनेजमेंट · रणनीतिक स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: IIT Guwahati के शोधकर्ताओं ने भू-आकृति विज्ञान (geomorphology) का विश्लेषण करके पूर्वी हिमालय में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड्स (GLOFs) की भविष्यवाणी करने के लिए मशीन लर्निंग पर आधारित एक पद्धति विकसित की है।
Nature Scientific Reports में प्रकाशित यह अध्ययन, हाई-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी और डिजिटल एलिवेशन मॉडल्स का उपयोग करके 12,000 से अधिक ग्रिड स्थानों का विश्लेषण करता है। यह केवल जलवायु डेटा के बजाय भौतिक भूमि संरचना पर ध्यान केंद्रित करके उन क्षेत्रों की पहचान करता है जहाँ भविष्य में झील बनने की उच्च संभावना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकविशिष्ट ग्रिड लोकेशन्स (grid locations) पर ग्लेशियल लेक (glacial lake) बनने की संभावना का अनुमान लगाने के लिए Machine learning का उपयोग किया गया।
तथ्यइस रिसर्च में पूर्वी हिमालय के 12,000 से अधिक ग्रिड लोकेशन्स (grid locations) का विश्लेषण किया गया।
स्थानयह अध्ययन विशेष रूप से पूर्वी हिमालय क्षेत्र पर केंद्रित है।
विज्ञान-तकनीकयह विधि GLOFs के लिए प्राथमिक प्रेडिक्टर (predictor) के रूप में जियोमॉर्फोलॉजी (भू-आकृति विज्ञान - भू-आकृति और संरचना) का उपयोग करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिमालयी क्षेत्र में आपदा जोखिम न्यूनीकरण और बुनियादी ढांचा नियोजन को बेहतर बनाने में मशीन लर्निंग और भू-आकृतिक डेटा के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
प्रेडिक्टिव एक्यूरेसी: लोकल फ्लड रिस्क के लिए क्लाइमेट-ओनली मॉडल्स से जियोमॉर्फोलॉजिकल एनालिसिस की ओर बदलाव
इंफ्रास्ट्रक्चर रेजिलिएंस: हाई-रिस्क GLOF ज़ोन में सड़कों और बांधों के लिए इंजीनियरिंग स्टैंडर्ड्स की जानकारी
अर्ली वार्निंग सिस्टम: रियल-टाइम हैज़र्ड मॉनिटरिंग के लिए हाई-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट इमेजरी का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड्स · भू-आकृति विज्ञान · मशीन लर्निंग · आपदा जोखिम न्यूनीकरण · पूर्वी हिमालय
चर्चा में क्यों: H-ELP फाउंडेशन और वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI) ने असम के मानस नेशनल पार्क में हाथियों के कल्याण के लिए ऑस्ट्रेलियाई पद्धति से प्रेरित 'पॉजिटिव रिइन्फोर्समेंट' (Positive Reinforcement) तकनीकों का उपयोग करके महाउतों को प्रशिक्षित करने के लिए एक समझौता किया है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महायह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महायह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पारंपरिक महा
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाWildlife Trust of India (WTI): हाथी प्रशिक्षण सहयोग (elephant training collaboration) में शामिल एक संस्था।
स्थानमानस नेशनल पार्क: असम में वह साइट जहाँ ट्रेनिंग आयोजित की जा रही है।
तथ्यपॉजिटिव रिइन्फोर्समेंट (Positive reinforcement) तकनीकें: इसमें पारंपरिक तरीकों की जगह वॉइस कमांड्स और हैंड सिग्नल्स के उपयोग को शामिल किया गया है।
पर्यावरणएशियाई हाथी (Asian elephants): बेहतर कल्याण और कैप्टिव मैनेजमेंट (captive management) के लिए लक्षित विशिष्ट प्रजाति।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में वन्यजीव संरक्षण और बंदी प्रबंधन के संदर्भ में पारंपरिक पद्धतियों से साक्ष्य-आधारित पशु कल्याण प्रथाओं की ओर संक्रमण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
नैतिक बदलाव: पशु कल्याण के लिए जबरन पारंपरिक तरीकों के बजाय पॉजिटिव रिइन्फोर्समेंट की ओर बढ़ना
सेफ्टी प्रोटोकॉल: पशु चिकित्सा हस्तक्षेप और दैनिक हैंडलिंग के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष के जोखिम को कम करना
नॉलेज ट्रांसफर: भारत में कैप्टिव एलीफेंट मैनेजमेंट को स्टैंडर्डाइज करने के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: सकारात्मक सुदृढ़ीकरण · पशु कल्याण · सबूतों पर आधारित ट्रेनिंग · मानव-हाथी संघर्ष · वन्यजीव संरक्षण
चर्चा में क्यों: CSIR–NIIST और Noritake Co. Ltd. ने औद्योगिक स्रोतों से उच्च तापमान पर CO₂ कैप्चर (CO₂ capture) के लिए उन्नत सिरेमिक सोर्बेंट्स (ceramic sorbents) विकसित करने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी का उद्देश्य उन्नत सिरेमिक सोर्बेंट्स (ceramic sorbents) का उपयोग करके 400°सी. तक के तापमान पर CO₂ को कैप्चर करना है। यह सहयोग CSIR-NIIST और जापानी फर्म नोरिटाके कंपनी लिमिटेड (Noritake Co. Ltd.) के बीच एक प्रायोजित अनुसंधान समझौता है।
विज्ञान-तकनीकसिरेमिक सोर्बेंट्स (Ceramic sorbents): उच्च तापमान (400°सी. तक) पर CO₂ को कैप्चर करने के लिए उपयोग किए जाने वाले पदार्थ।
तथ्ययह टेक्नोलॉजी औद्योगिक CO₂ कैप्चर में ऊर्जा की खपत और ऑपरेशनल कॉस्ट (operational costs) को कम करने का लक्ष्य रखती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सिरेमिक सोर्बेंट्स (ceramic sorbents) जैसी कार्बन कैप्चर प्रौद्योगिकियों में हो रही प्रगति किस प्रकार भारत को निम्न-कार्बन औद्योगिक अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण करने में सुगम बना सकती है, चर्चा कीजिए।
तकनीकी व्यवहार्यता: हाई-टेंपरेचर ऑपरेशनल कॉस्ट और सिरेमिक सोर्बेंट प्रोडक्शन की स्केलेबिलिटी के बीच संतुलन
डिकार्बोनाइजेशन रणनीति: नेट ज़ीरो कमिटमेंट्स को पूरा करने के लिए इंडस्ट्रियल सोर्स पॉइंट्स पर कार्बन कैप्चर को जोड़ना
मुख्य शब्द: कार्बन कैप्चर · सिरेमिक सोर्बेंट्स · डीकार्बोनाइजेशन · औद्योगिक उत्सर्जन · क्लाइमेट मिटिगेशन
चर्चा में क्यों: राजमहेंद्रवरम वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट अधिकारियों ने महाराष्ट्र के तडोबा-अंधारी टाइगर रिज़र्व से आए एक प्रवासी बाघ की निगरानी के लिए थर्मल ड्रोन और 4G कैमरे तैनात किए हैं।
एक तीन साल पुराना नर बाघ प्रनहिता नदी को पार करके गोदावरी क्षेत्र में प्रवेश कर गया। RESQ चैरिटेबल ट्रस्ट की पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम बाघ को बेहोश (tranquilize) करने में सहायता करेगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यमाना जाता है कि टाइगर की उत्पत्ति महाराष्ट्र के तडोबा-अंधारी टाइगर रिज़र्व से हुई है।
स्थानप्रणहिता नदी: गोदावरी बेसिन की एक नदी जहाँ से टाइगर इस क्षेत्र में दाखिल हुआ।
संस्थाRESQ Charitable Trust: पुणे स्थित एक संस्था जो वन्यजीवों को शांत करने (tranquilization) के लिए विशेषज्ञ सहायता प्रदान करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: टाइगर रिजर्वों में वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन को बेहतर बनाने में ड्रोन तकनीक और वास्तविक समय की निगरानी (रियल-टाइम मॉनिटरिंग) के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
तकनीकी हस्तक्षेप: टाइगर को शांत करने और उनके पुनर्वास के दौरान जोखिम कम करने के लिए थर्मल इमेजिंग का उपयोग
हैबिटेट कनेक्टिविटी: राज्य और क्षेत्रीय सीमाओं के पार घूमने वाले टाइगर्स को मैनेज करने की चुनौतियां
मानव-वन्यजीव संघर्ष: गोदावरी क्षेत्र में टाइगर मूवमेंट कॉरिडोर और स्थानीय सुरक्षा के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: मानव-वन्यजीव संघर्ष · वन्यजीव निगरानी · संरक्षण तकनीक · हैबिटेट कनेक्टिविटी · शांत करना
चर्चा में क्यों: रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि हालांकि 'Make in India' का लक्ष्य आयात पर निर्भरता को कम करना है, लेकिन रक्षा विनिर्माण (defense manufacturing) में पूर्ण आत्मनिर्भरता हासिल करना व्यावहारिक नहीं है।
भारत सरकार आयात और स्वदेशी डिजाइन के बीच एक निरंतरता (continuum) को बढ़ावा दे रही है। अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और लियोनार्डो (इटली) के बीच एक साझेदारी का उद्देश्य भारत में एक पूर्ण एकीकृत हेलीकॉप्टर निर्माण इकोसिस्टम स्थापित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदराजेश कुमार सिंह: भारत के Defence Secretary।
तथ्यAdani Defence & Aerospace और Leonardo (Italy) एक हेलीकॉप्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम (manufacturing ecosystem) पर सहयोग कर रहे हैं।
विज्ञान-तकनीकMake in India: डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आयात पर निर्भरता को कम करने की पहल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की रक्षा खरीद रणनीति में स्वदेशी विनिर्माण और अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों और रणनीतिक आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
रणनीतिक ट्रेड-ऑफ: तेज़ी से स्वदेशी क्षमता निर्माण और हाई-टेक विदेशी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की ज़रूरत के बीच संतुलन
सप्लाई चेन इंटीग्रेशन: विदेशी OEMs पर लंबी अवधि की निर्भरता कम करने के लिए एंड-टू-एंड मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम बनाना
मुख्य शब्द: आत्मनिर्भर भारत · रक्षा खरीद · तकनीकी हस्तांतरण · रणनीतिक स्वायत्तता · मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम
चर्चा में क्यों: बेंगलुरु में 'ग्लोबल समिट ऑन डायमंड ओपन एक्सेस' (Global Summit on Diamond Open Access) का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ज्ञान के समान वितरण और ग्लोबल साउथ (Global South) के शोधकर्ताओं के लिए 'डायमंड ओपन एक्सेस' मॉडल की स्थिरता पर चर्चा करना था।
इस शिखर सम्मेलन में शोधकर्ता, पुस्तकालयाध्यक्ष, नीति निर्माता, प्रकाशक और सरकारी प्रतिनिधि शामिल हुए। डायमंड ओपन एक्सेस (Diamond Open Access) मॉडल की विशेषता यह है कि इसमें न तो लेखकों से और न ही पाठकों से कोई शुल्क लिया जाता है और इसे सार्वजनिक वित्तपोषण संस्थानों द्वारा समर्थन प्राप्त होता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकDiamond Open Access: एक पब्लिशिंग मॉडल जो न तो लेखकों से और न ही पाठकों से शुल्क लेता है और सार्वजनिक फंडिंग (public funding) द्वारा समर्थित होता है।
स्थानबेंगलुरु, भारत ने ग्लोबल समिट ऑन डायमंड ओपन एक्सेस (Global Summit on Diamond Open Access) की मेजबानी की।
तथ्ययह मॉडल विशेष रूप से ग्लोबल साउथ (Global South) के शोधकर्ताओं के लिए सस्टेनेबिलिटी (sustainability) और भागीदारी को संबोधित करने का लक्ष्य रखता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यह चर्चा कीजिए कि 'डायमंड ओपन एक्सेस' (Diamond Open Access) मॉडल किस प्रकार वैश्विक ज्ञान साझाकरण का लोकतंत्रीकरण कर सकता है और 'ग्लोबल साउथ' (Global South) द्वारा सामना की जाने वाली अनुसंधान संबंधी असमानताओं को दूर करने में सहायक हो सकता है।
नॉलेज इक्विटी: विकासशील देशों के शोधकर्ताओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले अकादमिक रिसर्च तक पहुँचने और उसे पब्लिश करने की वित्तीय बाधाओं को कम करना
सस्टेनेबिलिटी मॉडल: अकादमिक पब्लिशिंग के लिए ऑथर-पे/रीडर-पे मॉडल से पब्लिक फंडिंग-सपोर्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: ज्ञान लोकतंत्र · ओपन एक्सेस · ग्लोबल साउथ · सार्वजनिक फंडिंग · रिसर्च इक्विटी
चर्चा में क्यों: जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) आंध्र प्रदेश के सेंट्रल गोदावरी डेल्टा में जमीन धंसने (land subsidence) की कथित घटनाओं की जांच कर रहा है। माना जा रहा है कि इसका कारण एक बंद हो चुका सिंचाई ड्रेन सिस्टम और समुद्र के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है।
GSI-हैदराबाद और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी (NIH-Roorkee) मल्कीपुरम और सखिनेतिपल्ली मंडलों में 10,000 एकड़ कृषि भूमि के जलमग्न होने की जांच के लिए जल संसाधन विभाग के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। डेल्टा में हुए भौगोलिक परिवर्तनों का आकलन करने के लिए ISRO से स्थलाकृतिक डेटा (topographic data) प्राप्त करने हेतु परामर्श लिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाGSI: Geological Survey of India, जिसका मुख्यालय हैदराबाद में है, इस जांच के लिए जिम्मेदार है।
संस्थाNIH: नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी (National Institute of Hydrology), जो रुड़की में स्थित है।
तथ्यप्रभावित क्षेत्र: मलकीपुरम और सखिनेतिपल्ली मंडलों में कम से कम 10,000 एकड़ कृषि भूमि।
स्थानलोकेशन: सेंट्रल गोदावरी डेल्टा, आंध्र प्रदेश।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तटीय डेल्टा क्षेत्रों में भू-धंसाव (land subsidence) के लिए उत्तरदायी भूगर्भीय और जल-वैज्ञानिक कारकों की चर्चा कीजिए और समुद्र के जलस्तर में वृद्धि से कृषि उत्पादकता पर पड़ने वाले प्रभावों को कम करने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
हाइड्रोलॉजिकल इम्बैलेंस: बेकार सिंचाई इंफ्रास्ट्रक्चर का ग्राउंडवाटर और मिट्टी की स्थिरता पर असर
तटीय संवेदनशीलता: बढ़ते समुद्री जलस्तर और स्थानीय भू-धंसाव के बीच तालमेल
मुख्य शब्द: भूमि धंसना · डेल्टाई स्थलाकृति · तटीय क्षरण · जल विज्ञान प्रबंधन · भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण
चर्चा में क्यों: DRDO ने चंद्रपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (Solid Fuel Ducted Ramjet - SFDR) तकनीक का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया है, जो भारत के मिसाइल विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इस परीक्षण में सभी प्रमुख सबसिस्टम्स ने उम्मीद के मुताबिक काम किया और ग्राउंड बूस्टर द्वारा शुरुआती प्रोपल्शन (Propulsion) के बाद मेश नंबर (Mach number) हासिल किया। यह प्रदर्शन चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (Integrated Test Range) में आयोजित किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
विज्ञान-तकनीकSFDR: हाई-स्पीड मिसाइल प्रोपल्शन (propulsion) के लिए इस्तेमाल की जाने वाली Solid Fuel Ducted Ramjet तकनीक।
पदसमीर वी. कामत: DRDO के चेयरमैन और डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट के सेक्रेटरी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाने में सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (Solid Fuel Ducted Ramjets) जैसी स्वदेशी प्रणोदन प्रौद्योगिकियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: हाई-स्पीड मिसाइल प्लेटफॉर्म के लिए विदेशी प्रोपल्शन सिस्टम पर निर्भरता कम करना
तकनीकी छलांग: बढ़ी हुई रेंज और स्पीड के लिए लिक्विड से सॉलिड फ्यूल रैमजेट्स की ओर बदलाव
इंडस्ट्रियल सिनर्जी: स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग के लिए DRDO रिसर्च और प्राइवेट इंडस्ट्री पार्टनर्स का एकीकरण
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · स्वदेशी तकनीक · प्रोपल्शन सिस्टम्स · मिसाइल डेवलपमेंट · रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
चर्चा में क्यों: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (National Security Advisor) अजीत डोवाल ने 12 जनवरी को PSLV-C62 मिशन की विफलता की समीक्षा करने के लिए विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) का दौरा किया।
PSLV-C62 मिशन PS3 चरण के दौरान विफल हो गया। यह मई और जनवरी में PSLV मिशनों की लगातार हुई विफलताओं के बाद हुआ है, जिसके कारण फेल्योर एनालिसिस कमेटी (Failure Analysis Committee) द्वारा इसकी समीक्षा की जा रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाVSSC: विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर भारत में रॉकेट विकास का प्राथमिक केंद्र है।
तथ्यPSLV-C62 मिशन की विफलता PS3 स्टेज के दौरान हुई।
पदअजीत डोवाल National Security Advisor (NSA) के पद पर कार्यरत हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के महत्व और स्वदेशी प्रक्षेपण यान प्रणालियों में विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
रिलायबिलिटी बॉटलनेक: PS3 स्टेज में तकनीकी खामियां मिशन-क्रिटिकल सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट को प्रभावित कर रही हैं
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: मजबूत घरेलू R&D के जरिए विदेशी लॉन्च प्रोवाइडर्स पर निर्भरता कम करना
सुरक्षा एकीकरण: निगरानी और कम्युनिकेशन के लिए स्पेस-आधारित एसेट्स को चालू रखना सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर · मिशन रिलायबिलिटी · स्वदेशी तकनीक · राष्ट्रीय सुरक्षा
चर्चा में क्यों: BITS Pilani–Hyderabad और RMIT यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मायोग्लोबिन की निगरानी के जरिए दिल के दौरे (heart attack) का शुरुआती पता लगाने के लिए ग्राफीन-आधारित, कम लागत वाला लचीला बायो-सेंसर (biosensor) विकसित किया है।
यह बायोसेंसर ग्राफीन-आधारित, हल्का और पोर्टेबल है, जिसे पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्टिंग (point-of-care testing) के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह विशेष रूप से मायोग्लोबिन (myoglobin) का पता लगाता है, जो एक प्रमुख कार्डिएक बायोमार्कर है। इसका उद्देश्य कम संसाधनों वाले स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में दिल के दौरे (heart attack) के शुरुआती निदान को आसान बनाना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकमायोग्लोबिन (Myoglobin): हार्ट अटैक का जल्दी पता लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक प्रमुख कार्डिएक बायोमार्कर (cardiac biomarker)।
विज्ञान-तकनीकग्राफीन (Graphene): फ्लेक्सिबल बायो-सेंसर (flexible biosensor) के विकास के लिए इस्तेमाल होने वाला आधारभूत पदार्थ।
तथ्ययह टेक्नोलॉजी ग्रामीण और कम संसाधनों वाले अस्पतालों में point-of-care testing के लिए डिज़ाइन की गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण भारत में स्वास्थ्य सेवा की समानता के अंतर को पाटने में कम लागत वाले, पोर्टेबल डायग्नोस्टिक बायो-सेंसर्स के विकास की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
डायग्नोस्टिक एक्सेसिबिलिटी: एक्यूट कार्डिएक केयर के लिए सेंट्रलाइज्ड लैब इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भरता कम करना
लागत-प्रभावशीलता: पब्लिक हेल्थ सिस्टम में प्रति-टेस्ट लागत कम करने के लिए ग्राफीन-आधारित मटेरियल का इस्तेमाल
पॉइंट-ऑफ-केयर उपयोगिता: भौगोलिक रूप से दूरदराज के इलाकों में कार्डियक मरीजों के लिए 'टाइम-टू-ट्रीटमेंट' को कम करना
मुख्य शब्द: पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्टिंग · कार्डिएक बायोमार्कर · ग्राफीन-आधारित सेंसर्स · स्वास्थ्य समानता · डायग्नोस्टिक इनोवेशन
चर्चा में क्यों: SpaceX ने वैश्विक AI एप्लिकेशंस के लिए ऑर्बिटल डेटा सेंटर के रूप में एक मिलियन तक के सैटेलाइट लॉन्च करने के लिए US Federal Communications Commission (FCC) को एक योजना प्रस्तावित की है।
SpaceX ने पृथ्वी की कक्षा में एक मिलियन तक के उपग्रहों को तैनात करने का प्रस्ताव दिया है। इस परियोजना का उद्देश्य बड़े भाषा मॉडल (Large Language Models) और अन्य AI तकनीकों की कंप्यूटिंग मांगों को पूरा करने के लिए ऑर्बिटल डेटा सेंटर प्रदान करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
विज्ञान-तकनीकSpaceX: प्राइवेट अमेरिकन एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरर जो ऑर्बिटल डेटा सेंटर्स (orbital data centers) का प्रस्ताव दे रहा है।
तथ्यप्रस्तावित सैटेलाइट की संख्या: एक मिलियन तक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्षीय डेटा केंद्रों (orbital data centers) के अंतरिक्ष मलबे के प्रबंधन और अंतरिक्ष-आधारित बुनियादी ढांचे के लिए अंतर्राष्ट्रीय विनियामक ढांचे पर संभावित निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
ऑर्बिटल कंजेशन: हाई-डेंसिटी सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट से केसलर सिंड्रोम का खतरा
रेगुलेटरी वैक्यूम: बाहरी अंतरिक्ष में कमर्शियल डेटा सेंटर्स के लिए बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय संधियों की कमी
डेटा संप्रभुता: ऑर्बिटल स्पेस में प्रोसेस होने वाले डेटा के अधिकार क्षेत्र और प्राइवेसी से जुड़ी कानूनी जटिलताएं
मुख्य शब्द: ऑर्बिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · अंतरिक्ष का कचरा · डेटा संप्रभुता · केसलर सिंड्रोम · AI कंप्यूट
चर्चा में क्यों: इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट चेंज स्टडीज ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि गर्म सर्दियों और मानसून की बारिश में कमी के कारण केरल में 2025 रिकॉर्ड के अनुसार 13वां सबसे गर्म साल रहा।
वर्ष 2025 में केरल का वार्षिक औसत भू-सतह वायु तापमान 25.82°सी. दर्ज किया गया, जो दीर्घकालिक औसत (Long Period Average - LPA) से 0.22°सी. अधिक है। रिपोर्ट में दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व दोनों मानसून के दौरान वर्षा में महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यकेरल का 2025 का औसत लैंड सरफेस एयर टेम्परेचर (mean land surface air temperature): 25.82°C।
तथ्यतापमान विचलन: Long Period Average (LPA) से 0.22°सी. अधिक।
संस्थाइंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट चेंज स्टडीज (Institute for Climate Change Studies), केरल स्टेट काउंसिल फॉर साइंस, टेक्नोलॉजी एंड एनवायरनमेंट के अंतर्गत आता है।
स्थान2025 में केरल में दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व दोनों मानसून के दौरान बारिश की कमी (rainfall deficits) दर्ज की गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: केरल के कृषि-जलवायु क्षेत्रों पर बढ़ते भू-सतह तापमान और अनिश्चित मानसून प्रतिरूपों के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
हाइड्रोलॉजिकल स्ट्रेस: मानसून रिचार्ज कम होने से ग्राउंडवाटर और रिज़र्वोयर लेवल पर असर
कृषि संवेदनशीलता: बढ़ते औसत भूमि सतह तापमान के कारण फसलों की उपयुक्तता में बदलाव
क्लाइमेट अडैप्टेशन: अनिश्चित मानसून पैटर्न के लिए लोकल अर्ली वार्निंग सिस्टम की ज़रूरत
मुख्य शब्द: लॉन्ग पीरियड एवरेज · मानसून की कमी · भूमि की सतह का तापमान · क्लाइमेट रेजिलिएंस · कृषि-जलवायु परिवर्तनशीलता
चर्चा में क्यों: सुप्रीम कोर्ट ने WhatsApp की 'टेक-इट-ऑर-लीव-इट' (take-it-or-leave-it) प्राइवेसी पॉलिसी पर चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने इसकी जटिल ऑप्ट-आउट क्लॉज (opt-out clauses) और उपभोक्ता डेटा को जबरन साझा करने पर सवाल उठाए हैं।
सुप्रीम कोर्ट व्हाट्सएप की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी (privacy policy) की समीक्षा कर रहा है। यह कार्रवाई कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) द्वारा बाजार में प्रभुत्व के दुरुपयोग (abuse of dominance) के लिए लगाए गए ₹213.14 करोड़ के जुर्माने के बाद की गई है। कोर्ट ने मेटा (Meta) के जवाब पर सुनवाई के लिए 9 फरवरी, 2026 की तारीख तय की है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाCompetition Commission of India (CCI) ने मार्केट में अपनी डोमिनेंट पोजीशन के दुरुपयोग (abuse of dominance) के लिए Meta पर ₹213.14 करोड़ का जुर्माना लगाया है।
तथ्यसुप्रीम कोर्ट WhatsApp की 2021 की प्राइवेसी पॉलिसी (privacy policy) के 'टेक-इट-ऑर-लीव-इट' (take-it-or-leave-it) अप्रोच की जांच कर रहा है।
पदमुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कंज्यूमर डेटा प्राइवेसी (consumer data privacy) के संबंध में मौखिक टिप्पणियों की अध्यक्षता की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में वैश्विक बिग टेक (Big Tech) प्लेटफार्मों के प्रभुत्व के विरुद्ध उपभोक्ता डेटा गोपनीयता की सुरक्षा में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
सूचना की असमानता: ऑप्ट-आउट क्लॉज की जटिलता ग्रामीण और कम तकनीक जानने वाले यूजर्स के लिए सूचित सहमति में बाधा बनती है
मार्केट डोमिनेंस: प्लेटफॉर्म-स्पेसिफिक प्राइवेसी पॉलिसी और डोमिनेंस के दुरुपयोग के खिलाफ कॉम्पिटिशन लॉ के आदेशों के बीच टकराव
रेगुलेटरी गैप: 'टेक-इट-ऑर-लीव-इट' कॉन्ट्रैक्टुअल टर्म्स से निपटने के लिए स्टैंडर्ड डेटा प्रोटेक्शन फ्रेमवर्क की ज़रूरत
मुख्य शब्द: डेटा प्राइवेसी · बिग टेक · सूचित सहमति · बाज़ार में दबदबे का दुरुपयोग · डिजिटल संप्रभुता
चर्चा में क्यों: कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (CIAL) ने केरल हाइड्रोजन वैली इनोवेशन क्लस्टर फाउंडेशन के साथ यात्री परिवहन के लिए भारत की पहली हाइड्रोजन-संचालित बसों को तैनात करने के लिए एक समझौता किया है।
तीन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए 1 फरवरी, 2026 को समझौता किया गया। एयरपोर्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेशंस से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए इस परियोजना को नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) के तहत लागू किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यCIAL यात्री परिवहन के लिए तीन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक बसें (fuel cell electric buses) खरीदेगी।
संस्थाकेरल हाइड्रोजन वैली इनोवेशन क्लस्टर फाउंडेशन (Kerala Hydrogen Valley Innovation Cluster Foundation): हाइड्रोजन बस प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली संस्था।
स्थानकोच्चि एयरपोर्ट: भारत में हाइड्रोजन-पावर्ड बस संचालन का पहला स्थान।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के परिवहन बुनियादी ढांचे को कार्बन मुक्त करने में राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन की भूमिका और हाइड्रोजन अपनाने से जुड़ी तार्किक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग स्टेशन बनाने की भारी लागत और फ्यूल सेल बसों के लिए खास मेंटेनेंस
तकनीकी बदलाव: EVs की तुरंत स्केलेबिलिटी और हाइड्रोजन की लंबे समय के डीकार्बोनाइजेशन पोटेंशियल के बीच संतुलन
पॉलिसी सिनर्जी: स्थानीय उत्सर्जन कम करने के लिए राज्य के इनोवेशन क्लस्टर्स को केंद्र के ग्रीन हाइड्रोजन मैंडेट्स के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: डीकार्बोनाइजेशन · फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी · ग्रीन हाइड्रोजन · सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट · उत्सर्जन कम करना
चर्चा में क्यों: ISRO ने अपने अगली पीढ़ी के लॉन्च व्हीकल (launch vehicles) के लिए LOX-Methane इंजन वाले एक सब-स्केल थ्रस्ट चैंबर का पहला हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा किया।
यह परीक्षण 27 जनवरी, 2026 को ISRO प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स (IPRC) में आयोजित किया गया। सब-स्केल थ्रस्ट चैंबर ने 56 बार का दबाव हासिल किया और सफल इग्निशन (ignition) तथा फ्लेम सस्टेनेंस (flame sustenance) का प्रदर्शन किया।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
संस्थाISRO Propulsion Complex (IPRC): वह फैसिलिटी जहाँ थ्रस्ट चैम्बर हॉट टेस्ट (thrust chamber hot test) किया गया था।
तथ्यटेस्ट के दौरान सब-स्केल थ्रस्ट चेंबर (sub-scale thrust chamber) ने 56 bar का चेंबर प्रेशर हासिल किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की अंतरिक्ष अन्वेषण क्षमताओं और प्रक्षेपण यान की दक्षता को बढ़ाने में मीथेन-आधारित प्रणोदन प्रणालियों (propulsion systems) की ओर संक्रमण के महत्व पर चर्चा कीजिए।
प्रोपेलेंट एफिशिएंसी: पारंपरिक केरोसिन-आधारित इंजनों की तुलना में बेहतर स्पेसिफिक इम्पल्स और कम कालिख उत्पादन
इंफ्रास्ट्रक्चर की ज़रूरतें: बड़े पैमाने के लॉन्च साइट्स पर मीथेन के लिए स्पेशल क्रायोजेनिक स्टोरेज और हैंडलिंग की आवश्यकता
चर्चा में क्यों: केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री ने सरकारी हाई स्कूलों में एडवांस रोबोटिक्स किट के वितरण का उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य छात्रों को बुनियादी ऑटोमेशन से AI के अनुप्रयोगों की ओर ले जाना है।
केरल सरकार तिरुवनंतपुरम के छह स्कूलों में 'लिटिल KITEs IT क्लब' के सदस्यों को 2,500 रोबोटिक्स किट वितरित कर रही है। ये किट IoT-आधारित उपकरणों के निर्माण और ब्लॉक कोडिंग, पायथन (Python) तथा सी. जैसी प्रोग्रामिंग भाषाओं को सीखने के लिए तैयार की गई हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाKITE: केरल के जनरल एजुकेशन डिपार्टमेंट (General Education Department) की टेक्नोलॉजी विंग।
तथ्यLittle KITEs IT Club के सदस्यों को 2,500 रोबोटिक्स किट्स वितरित किए गए।
विज्ञान-तकनीकRobotics किट्स IoT-आधारित डिवाइसेस और Python, C, और Block Coding में प्रोग्रामिंग को सपोर्ट करते हैं।
स्थानतिरुवनंतपुरम, केरल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक विद्यालयों में रोबोटिक्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शिक्षा को एकीकृत करने से ग्रामीण भारत में डिजिटल विभाजन को पाटने और नवाचार को बढ़ावा देने में किस प्रकार सहायता मिल सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
स्किल गैप: थ्योरेटिकल कोडिंग से प्रैक्टिकल आईओटी और एआई हार्डवेयर एप्लिकेशंस की ओर बदलाव
इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: ग्रामीण सरकारी स्कूलों में हाई-स्पीड इंटरनेट और स्थिर बिजली की ज़रूरत
शिक्षा पद्धति में बदलाव: सरकारी स्कूलों में रट्टा मारने के बजाय प्रोजेक्ट-आधारित लर्निंग पर ज़ोर
मुख्य शब्द: डिजिटल साक्षरता · STEM शिक्षा · इंटरनेट ऑफ थिंग्स · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · कौशल विकास
चर्चा में क्यों: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने राज्य सरकारों और अधिकारियों को यमुना नदी में प्रदूषण और आक्रामक प्रजातियों (invasive species) से स्थानीय मछली की प्रजातियों की रक्षा के लिए कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
NGT ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों को आदेश जारी किए हैं। ट्रिब्यूनल ने प्रदूषण नियंत्रण, रेत खनन के नियमन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (Sewage Treatment Plant) के कार्यान्वयन और थाई मंगुर (Thai Mangur) जैसी आक्रामक प्रजातियों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थानेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal - NGT) पर्यावरणीय निर्देश जारी करने वाली प्राथमिक संस्था है।
पर्यावरणथाई मंगुर (Thai Mangur) को यमुना नदी में एक इनवेसिव स्पीशीज (invasive species) के रूप में पहचाना गया है।
तथ्यNGT का आदेश पांच विशिष्ट राज्यों को कवर करता है: उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश।
मेन्स के लिए
प्रश्न: नदी जैव विविधता पर आक्रामक प्रजातियों के पारिस्थितिक प्रभाव की चर्चा कीजिए और नदी बहाली में न्यायिक हस्तक्षेप की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।
पारिस्थितिक असंतुलन: इनवेसिव थाई मंगुर प्रजाति द्वारा स्थानीय मछली प्रजातियों का विस्थापन
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: रेत खनन की आर्थिक गतिविधियों और नदी के पारिस्थितिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन
इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता की कमी से नदियों के आवास खराब हो रहे हैं
मुख्य शब्द: आक्रामक प्रजातियां · नदी तटीय जैव विविधता · जुडिशियल एक्टिविज्म · पारिस्थितिक बहाली · प्रदूषण कम करना
चर्चा में क्यों: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (Indian Institute of Astrophysics - IIA) की देखरेख में चार टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं की स्थापना और अपग्रेड के बारे में घोषणा की।
इन परियोजनाओं में लद्दाख में नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप (NLST), हनले में नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्फ्रारेड टेलीस्कोप (NLOT), हिमालयन चन्द्रा टेलीस्कोप का अपग्रेड और आंध्र प्रदेश के अमरावती में COSMOS 2 प्लैनेटेरियम शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
संस्थाइंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की देखरेख करने वाली संस्था है।
स्थाननेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप (NLST) को लद्दाख में बनाने की योजना है।
स्थानNational Large Optical infrared Telescope (NLOT) लद्दाख के हनले (Hanle) में स्थित है।
स्थानCOSMOS 2 Planetarium आंध्र प्रदेश के अमरावती में स्थित है।
तथ्यइंडियन स्पेस एसोसिएशन (ISpA) वह संस्था है जिसने बजट घोषणा की प्रशंसा की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक अंतरिक्ष विज्ञान और खगोल भौतिकी के क्षेत्र में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने में स्वदेशी उच्च-ऊंचाई वाले खगोलीय बुनियादी ढांचे के विकास के महत्व पर चर्चा कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: हाई-रिज़ॉल्यूशन सोलर और इन्फ्रारेड ऑब्जर्वेशन के लिए अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं पर निर्भरता कम करना
वैज्ञानिक इंफ्रास्ट्रक्चर: स्पष्ट वायुमंडलीय अवलोकन और डेटा कलेक्शन के लिए लद्दाख की ऊँचाई वाली भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाना
मुख्य शब्द: एस्ट्रोफिजिक्स · स्पेस इंफ्रास्ट्रक्चर · वैज्ञानिक अनुसंधान · रणनीतिक स्वायत्तता · स्वदेशी तकनीक
चर्चा में क्यों: SpaceX ने AI कंप्यूटिंग के लिए 'ऑर्बिटल डेटा सेंटर' स्थापित करने हेतु एक मिलियन सैटेलाइट्स लॉन्च करने की अनुमति के लिए फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन (FCC) को आवेदन किया है।
एलन मस्क के स्वामित्व वाली एयरोस्पेस कंपनी SpaceX ने मौजूदा Starlink नेटवर्क से जुड़ने के लिए एक मिलियन उपग्रहों (satellites) के नेटवर्क का प्रस्ताव दिया है। इस परियोजना का उद्देश्य ऑर्बिटल डेटा केंद्रों के माध्यम से AI कंप्यूटिंग पावर प्रदान करना है, जिसके समर्थकों का दावा है कि ये केंद्र स्थलीय केंद्रों (terrestrial centers) की तुलना में अधिक ऊर्जा-कुशल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकSpaceX: एलन मस्क के स्वामित्व वाली एक प्राइवेट एयरोस्पेस कंपनी।
संस्थाFederal Communications Commission (FCC): संचार और सैटेलाइट लाइसेंसिंग की निगरानी करने वाली अमेरिकी संस्था।
तथ्यप्रस्तावित सैटेलाइट की संख्या: 1 मिलियन।
विज्ञान-तकनीकऑर्बिटल डेटा सेंटर्स (Orbital data centres): AI कंप्यूटिंग के लिए स्पेस-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर (space-based infrastructure) का उपयोग करने की अवधारणा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक डेटा संप्रभुता पर कक्षीय डेटा केंद्रों (orbital data centres) के संभावित निहितार्थों और बड़े पैमाने पर उपग्रह समूहों (satellite constellations) के पर्यावरणीय प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी वैक्यूम: मेगा-कॉन्स्टलेशन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्पेस डेब्रिस मैनेजमेंट प्रोटोकॉल की कमी
डेटा संप्रभुता: ऑर्बिटल-आधारित AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर राष्ट्रीय प्राइवेसी कानूनों को लागू करने में चुनौतियां
ऑर्बिटल कंजेशन: हाई-डेंसिटी सैटेलाइट डिप्लॉयमेंट से केसलर सिंड्रोम का खतरा
मुख्य शब्द: अंतरिक्ष का कचरा · डेटा संप्रभुता · ऑर्बिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · केसलर सिंड्रोम · सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन
चर्चा में क्यों: कावेरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने धान, मक्का और बाजरा जैसी फसलों के लिए बीज की गुणवत्ता की जांच में सटीकता और गति सुधारने के उद्देश्य से एक AI-आधारित बीज अंकुरण मूल्यांकन प्रणाली (seed germination evaluation system) विकसित की है।
यह सिस्टम बीज की गुणवत्ता की जांच को स्वचालित करने के लिए कंप्यूटर विजन और डीप लर्निंग मॉडल को एकीकृत करता है। इसका परीक्षण 62 बीज किस्मों पर किया गया, जिसमें 99% की सटीकता दर हासिल हुई और प्रमाणन प्रक्रियाओं के लिए स्वचालित रिपोर्ट तैयार की गईं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकयह AI-आधारित सिस्टम बीज अंकुरण के मूल्यांकन के लिए कंप्यूटर विजन और डीप लर्निंग मॉडल्स का उपयोग करता है।
तथ्यइस सिस्टम ने 62 सीड वैरायटीज (seed varieties) में 99% की एक्यूरेसी (accuracy) हासिल की।
संस्थाISTA (International Seed Testing Association) ने कनाडा में होने वाली अपनी 2026 Annual Meeting में प्रदर्शित करने के लिए रिसर्च के लिए आमंत्रण दिया है।
तथ्ययह सिस्टम धान, मक्का और बाजरा सहित प्रमुख फसलों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में कृषि प्रमाणन प्रक्रियाओं की दक्षता और विश्वसनीयता को बढ़ाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और कंप्यूटर विजन का एकीकरण किस प्रकार सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।
डेटा इंटीग्रिटी: अलग-अलग क्षेत्रीय बीज किस्मों के लिए AI ट्रेनिंग हेतु स्टैंडर्डाइज्ड डेटासेट सुनिश्चित करना
टेक्नोलॉजिकल लीपफ्रॉगिंग: मैनुअल सीड क्वालिटी असेसमेंट में मानवीय गलती और सब्जेक्टिविटी को कम करना
सर्टिफिकेशन में रुकावट: छोटे किसानों के लिए सीड सर्टिफिकेशन तेज़ करने हेतु रिपोर्ट जनरेशन को ऑटोमेट करना
मुख्य शब्द: कंप्यूटर विज़न · डीप लर्निंग · बीज प्रमाणन · प्रिसिजन एग्रीकल्चर · डेटा-आधारित निर्णय लेना
चर्चा में क्यों: परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) ने घरेलू और वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए मनुगुरु स्थित हैवी वाटर प्लांट (HWP) में ऑक्सीजन-18 (O-18) सुविधाओं के विस्तार का शिलान्यास किया।
इस परियोजना का उद्देश्य घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के लिए समृद्ध ऑक्सीजन-18 (Oxygen-18) जल का उत्पादन करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानHeavy Water Plant (HWP) भद्राद्री कोठागुडेम जिले के मनुगुरु में स्थित है।
विज्ञान-तकनीकऑक्सीजन-18 (O-18) ऑक्सीजन का एक आइसोटोप है जिसका उपयोग एनरिच्ड वॉटर (enriched water) उत्पादन में किया जाता है।
पदअजीत कुमार मोहंती, डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी (DAE) के सचिव के रूप में कार्यरत हैं।
पदएस. सत्यकुमार एटॉमिक एनर्जी कमीशन (Atomic Energy Commission) के चेयरमैन के रूप में कार्यरत हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के परमाणु ऊर्जा बुनियादी ढांचे में आइसोटोप उत्पादन के महत्व और वैश्विक चिकित्सा एवं औद्योगिक बाजारों में इसके योगदान की क्षमता पर चर्चा कीजिए।
मार्केट पोजीशनिंग: एन्रिच्ड आइसोटोप्स की वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए घरेलू उत्पादन का लाभ उठाना
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: विशेष परमाणु और मेडिकल आइसोटोप के लिए आयात पर निर्भरता कम करना
मुख्य शब्द: आइसोटोप उत्पादन · परमाणु इंफ्रास्ट्रक्चर · परमाणु ऊर्जा विभाग · रणनीतिक स्वायत्तता · हैवी वाटर प्लांट
चर्चा में क्यों: कोइम्बाटोर स्थित एक उद्यम, MAK Controls and Systems ने DRDO के आकाश - न्यू जनरेशन (Akash - NG) मिसाइल प्रोग्राम में एक मिसाइल लॉन्चर को सफलतापूर्वक विकसित और शामिल किया है।
इस परियोजना की लागत ₹2.5 करोड़ थी और इसे MAK Controls and Systems द्वारा दो वर्षों में पूरा किया गया। कंपनी ने आकाश - NG मिसाइल कार्यक्रम (Akash - NG Missile Programme) की विकास प्रक्रिया में चार वर्षों के दौरान ₹10 करोड़ का निवेश किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकआकाश - NG: DRDO द्वारा प्रबंधित एक मिसाइल प्रोग्राम।
तथ्यMAK Controls and Systems: कोयंबटूर स्थित एक मध्यम स्तर का उद्यम (medium-scale enterprise)।
तथ्यआकाश - NG प्रोग्राम में लॉन्चर इंडक्शन के लिए प्रोजेक्ट कॉस्ट: ₹2.5 करोड़।
मेन्स के लिए
प्रश्न: आकाश - एनजी (Akash - NG) मिसाइल कार्यक्रम जैसी उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों के स्वदेशी विकास में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को शामिल करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
सप्लाई चेन रेजिलिएंस: क्षेत्रीय मध्यम स्तर के उद्यमों को जोड़कर बड़े पैमाने के OEMs पर निर्भरता कम करना
टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: प्राइवेट सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग में हाई-प्रिसिजन स्टैंडर्ड और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल बनाए रखने की चुनौतियां
मुख्य शब्द: स्वदेशी उत्पादन · DRDO · डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग · MSME एकीकरण · आकाश - एनजी
चर्चा में क्यों: ISRO के चेयरमैन वी. नारायण ने गगनयान कार्यक्रम के पहले मानव रहित मिशन (uncrewed mission) के लिए समयसीमा की घोषणा की है, जो 2027 के लिए निर्धारित है।
गगनयान कार्यक्रम के तहत चालक दल वाले मिशन से पहले तीन मानव रहित मिशन शामिल होंगे। ISRO वर्तमान में 12 जनवरी को लॉन्च हुए PSLV-C62/EOS N1 मिशन में आई एक विसंगति (anomaly) की जांच कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यगगनयान का पहला अनक्रूएड (uncrewed) मिशन 2027 के लिए प्लान किया गया है।
विज्ञान-तकनीकPSLV-C62/EOS N1: 12 जनवरी को लिफ्ट-ऑफ के बाद मिशन में एक विसंगति (anomaly) देखी गई।
पदवी. नरायनन: ISRO के चेयरमैन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के गगनयान मिशन में निहित तकनीकी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों तथा वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति के लिए इसके महत्व का विश्लेषण कीजिए।
सेफ्टी प्रोटोकॉल: मानव अंतरिक्ष उड़ान में जोखिम कम करने के लिए बार-बार बिना चालक वाले टेस्ट फ्लाइट्स की ज़रूरत
तकनीकी संप्रभुता: मानव मिशनों के लिए विदेशी लॉन्च व्हीकल पर निर्भरता कम करना
रणनीतिक स्वायत्तता: डीप-स्पेस एक्सप्लोरेशन और ऑर्बिटल लॉजिस्टिक्स में भारत की क्षमताओं को बढ़ाना
मुख्य शब्द: मानव अंतरिक्ष उड़ान · अंतरिक्ष अन्वेषण · तकनीकी संप्रभुता · जोखिम कम करना · एयरोस्पेस इंजीनियरिंग