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भाग I · स्था. 11.2025 
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,559 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग (570) · अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन) (365) · जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान (267) · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक (221) · रक्षा तकनीक (132) · बौद्धिक संपदा अधिकार (4)

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) की मेजबानी की

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) की मेजबानी की, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) के परिवर्तनकारी प्रभावों और वैश्विक AI परिदृश्य में भारत की भूमिका पर चर्चा की गई।

AI इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) का आयोजन 16 से 20 फरवरी, 2026 तक दिल्ली स्थित भारत मंडपम कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है। इसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जिनमें सुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन जैसे तकनीकी जगत के दिग्गज नेता भी शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानभारत मंडपम: दिल्ली में AI Impact Summit का आयोजन स्थल।
  • तथ्यइस शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
  • पदसुंदर पिचाई और सैम ऑल्टमैन इस समिट में शामिल होने वाले प्रमुख टेक (tech) व्यक्तित्व हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के शासन और आर्थिक क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के तीव्र एकीकरण से उत्पन्न होने वाले अवसरों और जोखिमों का विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा संप्रभुता: ग्लोबल AI कोलैबोरेशन के साथ घरेलू डेटा प्राइवेसी और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स के बीच संतुलन
  • डिजिटल डिवाइड: ग्रामीण और शहरी आबादी के बीच AI-आधारित सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करना
  • लेबर मार्केट में रुकावट: ऑटोमेटेड AI सिस्टम के कारण पारंपरिक क्षेत्रों में नौकरियों के खत्म होने की समस्या को हल करना

मुख्य शब्द: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन · डेटा संप्रभुता · तकनीकी नेतृत्व · ग्लोबल गवर्नेंस

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने ग्रेट निकोबार द्वीप के ₹92,000 करोड़ के मेगा-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है

चर्चा में क्यों: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने ग्रेट निकोबार द्वीप के ₹92,000 करोड़ के मेगा-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। ट्रिब्यूनल ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया जिनमें इस प्रोजेक्ट की रणनीतिक महत्ता के आधार पर दी गई पर्यावरणीय मंजूरियों (Environmental Clearances) को चुनौती दी गई थी।

इस परियोजना के अंतर्गत 160 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में एक पोर्ट, एयरपोर्ट, टाउनशिप और पावर प्लांट का निर्माण शामिल है। यह परियोजना उन क्षेत्रों को प्रभावित करती है जहाँ स्वदेशी निकोबारी और शोम्पेन समुदाय निवास करते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • स्थानग्रेट निकोबार आइलैंड: प्रस्तावित मेगा-इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की लोकेशन।
  • तथ्यप्रोजेक्ट की लागत: ₹92,000 करोड़।
  • तथ्यभूमि क्षेत्र: पोर्ट, एयरपोर्ट, टाउनशिप और पावर प्लांट के लिए 160 वर्ग किमी (sq km) से अधिक।
  • संस्थानेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT): वह संस्था जिसने एनवायरनमेंटल क्लीयरेंस (environmental clearances) प्रदान किए।
  • पर्यावरणस्वदेशी समुदाय: प्रोजेक्ट एरिया में निकोबारी और शोम्पेन समुदाय रहते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में राष्ट्रीय रणनीतिक बुनियादी ढांचा विकास और जैव विविधता के संरक्षण एवं स्वदेशी अधिकारों के बीच उत्पन्न होने वाले संघर्ष का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • इकोलॉजिकल ट्रेड-ऑफ: समुद्री सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर और द्वीपों की अनोखी जैव विविधता के संरक्षण के बीच संतुलन
  • आदिवासी समुदायों के अधिकार: बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण के खिलाफ शोम्पेन और निकोबारी समुदायों के लिए कानूनी सुरक्षा
  • न्यायिक निगरानी: एनजीटी की भूमिका 'रणनीतिक महत्व' और पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) मानदंडों के बीच संतुलन बनाने में

मुख्य शब्द: रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर · पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र · स्वदेशी अधिकार · पर्यावरण क्लीयरेंस · जैव विविधता संरक्षण

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)प्रीलिम्स

12 फरवरी, 2026 को मालदीव में एल

चर्चा में क्यों: 12 फरवरी, 2026 को मालदीव में एल. कुनाहंडू (L. Kunahandhoo) के पास एक निर्जन द्वीप पर एक लॉन्च व्हीकल का मलबा पाया गया है। बताया जा रहा है कि इस मलबे पर ISRO का लोगो और राष्ट्रीय प्रतीक (National Emblem) अंकित था।

यह मलबा ISRO के LVM3-M6 मिशन का पेलोड फेयरिंग (Payload Fairing - PLF) माना जा रहा है, जो मालदीव के तट पर बहकर आ गया है। इसी मिशन से संबंधित मलबे की एक समान बरामदगी की रिपोर्ट 28 दिसंबर, 2025 को श्रीलंका के ट्रिनकोमाली में भी दी गई थी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकLVM3: ISRO का सबसे भारी रॉकेट, एक तीन-स्टेज लॉन्च व्हीकल (launch vehicle) जिसमें दो सॉलिड स्ट्रैप-ऑन मोटर्स (solid strap-on motors), एक लिक्विड कोर स्टेज (liquid core stage) और एक क्रायोजेनिक अपर स्टेज (cryogenic upper stage) शामिल है।
  • तथ्यLVM3-M6 / ब्लूबर्ड (BlueBird) ब्लॉक-2 मिशन: 19 दिसंबर, 2025 को लॉन्च किया गया, जिसमें USA की SpaceMobile कंपनी का ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 (BlueBird Block-2) कम्युनिकेशन सैटेलाइट शामिल था।
  • तथ्यLVM3-M6 मिशन: इससे पहले 2 नवंबर को CMS-03 कम्युनिकेशन सैटेलाइट लॉन्च किया गया था।
  • स्थानएल. कुनाहंडू (L. Kunahandhoo): मालदीव का एक निर्जन द्वीप जहाँ मलबा पाया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अंतरिक्ष मलबे के प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों और कक्षीय सुरक्षा एवं समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी गैप: नॉन-फंक्शनल ऑर्बिटल मलबे की ट्रैकिंग और क्लीयरिंग के लिए बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय संधियों की कमी
  • समुद्री सुरक्षा: शिपिंग लेन और तटीय इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अंतरिक्ष मलबे के गिरने से होने वाले खतरे
  • लायबिलिटी फ्रेमवर्क: अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मलबे के प्रभाव के लिए जिम्मेदारी तय करने में जटिलता

मुख्य शब्द: स्पेस डेब्रिस · LVM3 · पेलोड फेयरिंग · ऑर्बिटल सेफ्टी · स्पेस गवर्नेंस

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स

हरियाणा सरकार ने नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में खाद्य और औषधि सुरक्षा प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए 28 मोबाइल फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी (MFTL) वैन तैनात करने हेतु ₹53.21 करोड़ को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: हरियाणा सरकार ने नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में खाद्य और औषधि सुरक्षा प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए 28 मोबाइल फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी (MFTL) वैन तैनात करने हेतु ₹53.21 करोड़ को मंजूरी दी है।

हरियाणा सरकार ने खाद्य सुरक्षा के उन्नयन के लिए ₹53.21 करोड़ आवंटित किए हैं। इस राशि का उपयोग 28 MFTL वैन और करनाल स्थित जिला खाद्य प्रयोगशाला के आधुनिकीकरण के लिए किया जाएगा। FSSAI ने पहले ही पांच MFTL वैन तैनात कर दी हैं, जो ₹20 प्रति सैंपल की दर से मौके पर ही परीक्षण की सुविधा प्रदान करती हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यहरियाणा सरकार ने NCR में फूड और ड्रग सेफ्टी सिस्टम के लिए ₹53.21 करोड़ को मंजूरी दी।
  • तथ्यNCR में 28 मोबाइल फूड टेस्टिंग लेबोरेटरी (MFTL) वैन तैनात की जाएंगी।
  • स्थानडिस्ट्रिक्ट फूड लेबोरेटरी (District Food Laboratory) हरियाणा के करनाल में स्थित है।
  • तथ्यFSSAI MFTL वैन सैंपल के लिए ₹20 की मामूली फीस पर ऑन-द-स्पॉट टेस्टिंग की सुविधा प्रदान करती हैं।
  • संस्थाफूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) खाद्य सुरक्षा मानकों की निगरानी करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) जैसे तेजी से शहरीकरण वाले क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने में मोबाइल परीक्षण इकाइयों (mobile testing units) के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: पेरी-अर्बन इलाकों में मान्यता प्राप्त टेस्टिंग लैब्स की कमी को दूर करना
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: मिलावटी खाद्य उत्पादों की बिक्री रोकने के लिए ऑन-द-स्पॉट सर्विलांस को मजबूत करना

मुख्य शब्द: खाद्य सुरक्षा · सार्वजनिक स्वास्थ्य · रेगुलेटरी ओवरसाइट · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · मानकीकरण

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीकप्रीलिम्स

इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट चेंज स्टडीज (ICCS) ने रिपोर्ट दी है कि पिछले 125 वर्षों में केरल में दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व मानसून की बारिश में लगातार गिरावट आई है

चर्चा में क्यों: इंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट चेंज स्टडीज (ICCS) ने रिपोर्ट दी है कि पिछले 125 वर्षों में केरल में दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व मानसून की बारिश में लगातार गिरावट आई है।

ICCS के अध्ययन में पाया गया कि दीर्घकालिक औसत (long-period averages) की तुलना में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा में 12.5% की कमी आई है और उत्तर-पूर्व मानसून की वर्षा में 6.1% की कमी दर्ज की गई है। हालांकि 2025 की वार्षिक वर्षा औसत से थोड़ी अधिक रही, लेकिन दोनों प्रकार के मानसून औसत से नीचे रहे और जिला स्तर पर भारी कमी देखी गई।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यकेरल में पिछले 125 वर्षों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश में 12.5% की कमी आई है।
  • तथ्यकेरल में पिछले 125 वर्षों में नॉर्थईस्ट मॉनसून (Northeast monsoon) की बारिश में 6.1% की कमी आई है।
  • स्थानकेरल में वर्षा के मुख्य स्रोत दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व मानसून हैं।
  • संस्थाइंस्टीट्यूट फॉर क्लाइमेट चेंज स्टडीज (Institute for Climate Change Studies - ICCS) ने वर्षा के रुझान (rainfall trend) का अध्ययन किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अनियमित मानसून के पैटर्न का केरल जैसे तटीय राज्यों की कृषि अर्थव्यवस्था और जल सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।

  • हाइड्रोलॉजिकल स्ट्रेस: मानसून की कम होती विश्वसनीयता से ग्राउंडवाटर रिचार्ज और रिज़र्वोयर लेवल प्रभावित
  • कृषि संवेदनशीलता: अनिश्चित वर्षा और मानसून की कमी के कारण फसल पैटर्न में बदलाव

मुख्य शब्द: जलवायु परिवर्तनशीलता · मानसून की गतिशीलता · हाइड्रोलॉजिकल स्ट्रेस · वर्षा की कमी · क्लाइमेट रेजिलिएंस

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

xAI के विशेषज्ञों और कर्मचारियों ने AI चैटबॉट Grok से जुड़े नैतिक जोखिमों और सुरक्षा चिंताओं पर चिंता जताई है

चर्चा में क्यों: xAI के विशेषज्ञों और कर्मचारियों ने AI चैटबॉट Grok से जुड़े नैतिक जोखिमों और सुरक्षा चिंताओं पर चिंता जताई है, जिसमें उन्होंने वैश्विक नियमन (Global Regulation) की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया है।

एलन मस्क की कंपनी xAI के कर्मचारियों ने Grok द्वारा गैर-सहमति वाली महिलाओं की यौन रूप से स्पष्ट तस्वीरें और नस्लवादी टिप्पणियाँ उत्पन्न करने के विरोध में इस्तीफा दे दिया है। माइक्रोसॉफ्ट ने रिपोर्ट दी है कि आने वाले वर्षों में AI के कारण कई व्हाइट-कॉलर (white-collar) नौकरियों का स्वचालन (automation) होने की संभावना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकxAI: एलन मस्क द्वारा स्थापित एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) कंपनी।
  • विज्ञान-तकनीकGrok: xAI द्वारा विकसित एक AI चैटबॉट।
  • संस्थाCenter for AI Safety (CAIS): एक संगठन जो AI सेफ्टी और रेगुलेशन की वकालत करता है।
  • तथ्यमाइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने रिपोर्ट में बताया है कि AI में अगले कुछ वर्षों में व्हाइट-कॉलर जॉब्स (white-collar jobs) को ऑटोमेट करने की क्षमता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की तीव्र प्रगति के नैतिक निहितार्थों और सामाजिक-आर्थिक जोखिमों का विश्लेषण कीजिए तथा स्वचालन (automation) के प्रति मानव-केंद्रित दृष्टिकोण सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।

  • नैतिक निगरानी: जेनरेटिव AI मॉडल्स के लिए सुरक्षा मानकों पर वैश्विक सहमति की कमी
  • लेबर मार्केट में रुकावट: व्हाइट-कॉलर भूमिकाओं के ऑटोमेशन से स्ट्रक्चरल अनएम्प्लॉयमेंट की स्थिति
  • रेगुलेटरी वैक्यूम: AI-जनरेटेड मिसइन्फॉर्मेशन और उत्पीड़न को रोकने के लिए बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय फ्रेमवर्क की कमी

मुख्य शब्द: एल्गोरिद्मिक बायस · तकनीकी बेरोजगारी · नैतिक शासन · इंसान-केंद्रित AI · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मोरन में पूर्वोत्तर के पहले इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) के उद्घाटन के बाद केंद्र सरकार से और अधिक इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी की मांग की है

चर्चा में क्यों: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मोरन में पूर्वोत्तर के पहले इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) के उद्घाटन के बाद केंद्र सरकार से और अधिक इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी की मांग की है।

असम सरकार मजुली, डिफू, उमरांगसो और मानस में चार अतिरिक्त हवाई अड्डे बनाने की योजना बना रही है। इन स्थलों के लिए अगले महीने व्यवहार्यता अध्ययन (feasibility study) निर्धारित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानमोरान: उत्तर-पूर्व के पहले इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का स्थान।
  • तथ्यअसम सरकार ने माजुली, डिफू, उमरांगसो और मानस में चार अतिरिक्त एयरपोर्ट बनाने की योजना बनाई है।
  • पदहिमंत बिस्वा सरमा: असम के मुख्यमंत्री।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में आपातकालीन लैंडिंग सुविधाओं और क्षेत्रीय हवाई अड्डों की स्थापना के रणनीतिक और विकासात्मक महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • स्ट्रेटेजिक डेप्थ: सीमा से सटे राज्यों में लॉजिस्टिकल तैयारी और बैकअप इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाना
  • कनेक्टिविटी गैप: विकेंद्रीकृत एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए क्षेत्रीय अलगाव को कम करना
  • आर्थिक उत्प्रेरक: भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण इलाकों में सामान और लोगों की तेज़ आवाजाही को आसान बनाना

मुख्य शब्द: रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · लॉजिस्टिक्स तैयारी · एविएशन विकास · व्यवहार्यता अध्ययन

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)प्रीलिम्स

NASA और SpaceX ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण खाली कराए गए चालक दल (crew) की जगह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर चार नए अंतरिक्ष यात्रियों को पहुँचाया है

चर्चा में क्यों: NASA और SpaceX ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण खाली कराए गए चालक दल (crew) की जगह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर चार नए अंतरिक्ष यात्रियों को पहुँचाया है।

नई चालक दल (crew) में जेसिका मेयर और जैक हैथवे (NASA), सोफी एडेनोट (फ्रांस) और आंद्रेई फेड्याएव (रूस) शामिल हैं। एक मेडिकल इवैक्युएशन (medical evacuation) के कारण स्पेसवॉक और शोध कार्य रुक गए थे, जिसके बाद इस आगमन से ISS फिर से अपनी पूरी क्षमता के साथ सक्रिय हो गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • विज्ञान-तकनीकISS: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station), लो अर्थ ऑर्बिट (low Earth orbit) में स्थित एक मॉड्यूलर स्पेस स्टेशन।
  • तथ्यनए क्रू में NASA (USA), फ्रांस और रूस के प्रतिनिधि शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अंतरिक्ष अन्वेषण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के महत्व और निम्न पृथ्वी कक्षा (low Earth orbit) में दीर्घकालिक मानव उपस्थिति बनाए रखने की तार्किक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • बहुपक्षीय समन्वय: साझा ऑपरेशनल सेफ्टी प्रोटोकॉल के साथ संप्रभु हितों का संतुलन
  • लॉजिस्टिक बाधाएं: माइक्रोग्रेविटी वातावरण में मेडिकल इमरजेंसी और रिसर्च की निरंतरता को मैनेज करना

मुख्य शब्द: अंतरिक्ष अन्वेषण · अंतरराष्ट्रीय सहयोग · एयरोस्पेस लॉजिस्टिक्स · मानव अंतरिक्ष उड़ान

मूल खबर ↗+3 और खबरें इस विषय पर

DRDO के चेयरमैन समीर वी

चर्चा में क्यों: DRDO के चेयरमैन समीर वी. कामत ने भारत की अंडरवाटर (underwater) और स्पेस अवेयरनेस क्षमताओं को बढ़ाने के लिए पांच नई लैब और 15 नए DRDO केंद्रों की स्थापना की घोषणा की है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) अपनी बुनियादी संरचना का विस्तार कर रहा है, जिसके तहत 5 नई प्रयोगशालाएं और 15 नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये सुविधाएं विशेष रूप से भारत की रक्षा अनुसंधान क्षमता को बढ़ाने के लिए अंडरवाटर (underwater) और स्पेस अवेयरनेस (space awareness) पर ध्यान केंद्रित करेंगी।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यDRDO अंडरवॉटर और स्पेस अवेयरनेस के लिए 5 नए लैब्स और 15 नए सेंटर्स स्थापित कर रहा है।
  • पदसमीर वी. कामत: डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के चेयरमैन।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने में स्वदेशी जलमग्न (underwater) और अंतरिक्ष जागरूकता क्षमताओं को बढ़ाने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • R&D की बाधा: हाई-एंड इंटेलेक्चुअल कैपिटल और स्पेशलाइज्ड साइंटिफिक इंफ्रास्ट्रक्चर में निरंतर निवेश की ज़रूरत
  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: महत्वपूर्ण अंडरवॉटर और ऑर्बिटल सर्विलांस के लिए विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम करना

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · स्वदेशी रिसर्च · बौद्धिक पूंजी · समुद्री सुरक्षा · स्पेस अवेयरनेस

विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि हालिया विफलताओं के बाद, ISRO जून या जुलाई 2026 तक PSLV लॉन्च फिर से शुरू करने के प्रति आश्वस्त है

चर्चा में क्यों: विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि हालिया विफलताओं के बाद, ISRO जून या जुलाई 2026 तक PSLV लॉन्च फिर से शुरू करने के प्रति आश्वस्त है।

ISRO, पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) के संचालन को फिर से शुरू करने के लिए प्री-रन्स (pre-runs) आयोजित कर रहा है। सरकार ने डीप टेक स्टार्टअप्स को टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल (TRL) 4 तक पहुँचने में मदद करने के लिए एक रिसर्च फंड और एक कार्यक्रम शुरू किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकPSLV: ISRO द्वारा सैटेलाइट लॉन्च के लिए उपयोग किया जाने वाला Polar Satellite Launch Vehicle।
  • तथ्यगगनयान मिशन: 2027 के लिए निर्धारित।
  • तथ्यनए सरकारी प्रोग्राम के तहत डीप टेक स्टार्टअप्स के लिए TRL 4: टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल (Technology Readiness Level) का लक्ष्य।
  • पदजितेन्द्र सिंह: विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति स्थापित करने में गगनयान मिशन के महत्व और इस पारिस्थितिकी तंत्र में डीप-टेक स्टार्टअप्स की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

  • स्टार्टअप इकोसिस्टम: कमर्शियल वायबिलिटी के लिए लैब प्रोटोटाइप और TRL 4 के बीच की दूरी को कम करना
  • पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप: स्वदेशी स्पेस टेक्नोलॉजी को तेज़ करने के लिए एकेडेमिया-इंडस्ट्री कोलैबोरेशन का लाभ उठाना
  • मिशन रिलायबिलिटी: मिशन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हैवी-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल्स की तकनीकी बाधाओं को दूर करना

मुख्य शब्द: अंतरिक्ष अन्वेषण · डीप टेक · टेक्नोलॉजी रेडीनेस लेवल · स्वदेशी इनोवेशन · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)प्रीलिम्स

प्रयोगा इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन रिसर्च को ISRO के RESPOND प्रोग्राम से एक ग्रांट मिली है

चर्चा में क्यों: प्रयोगा इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन रिसर्च को ISRO के RESPOND प्रोग्राम से एक ग्रांट मिली है, ताकि अंतरिक्ष अनुप्रयोगों (space applications) में सामग्रियों की एंटी-बैक्टीरियल प्रभावकारिता का आकलन करने के लिए एक AI-सहायता प्राप्त टूल विकसित किया जा सके।

यह परियोजना AI और मशीन लर्निंग का उपयोग करके सतहों पर सूक्ष्मजीवों (microbial colonies) का पता लगाने के लिए एक स्वचालित कॉलोनी काउंटर (automated colony counter) बनाने की दो साल की पहल है। इस शोध का उद्देश्य भविष्य के ISRO मिशनों को सहायता प्रदान करना है और इसके स्वास्थ्य सेवा, खाद्य प्रसंस्करण और औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित अनुप्रयोग हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाISRO के अंतर्गत अंतरिक्ष अनुसंधान और विकास (space research and development) के लिए एक प्रोग्राम।
  • विज्ञान-तकनीकAI-assisted कॉलोनी काउंटर (Colony counter): सतहों पर माइक्रोबियल कॉलोनियों का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया टूल।
  • तथ्यप्रोजेक्ट की अवधि: दो साल।
  • स्थानप्रयोगा इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन रिसर्च (Prayoga Institute of Education Research): बेंगलुरु, भारत में स्थित।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अंतरिक्ष अनुसंधान में अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य और मिशन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के एकीकरण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • माइक्रोबियल रिस्क: क्लोज्ड-लूप लाइफ सपोर्ट सिस्टम में बायो-कंटामिनेशन को कम करना
  • दोहरे उपयोग की क्षमता: हेल्थकेयर और फूड सेफ्टी में AI-आधारित माइक्रोबियल डिटेक्शन का क्रॉस-सेक्टोरल एप्लीकेशन

मुख्य शब्द: स्पेस हाइजीन · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · माइक्रोबियल डिटेक्शन · ISRO ने जवाब दिया · बायो-कंटैमिनेशन

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

भारत सरकार 100 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ AI इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) की मेजबानी कर रही है

चर्चा में क्यों: भारत सरकार 100 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ AI इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) की मेजबानी कर रही है, जिसका उद्देश्य AI गवर्नेंस और एथिक्स (ethics) के संबंध में कम से कम 15 ठोस परिणाम प्राप्त करना है।

यह शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा, जो 2023 G20 शिखर सम्मेलन का आयोजन स्थल था। इसमें ब्राजील, फ्रांस, स्पेन, ग्रीस, एस्टोनिया, फिनलैंड, क्रोएशिया, स्विट्जरलैंड और स्लोवाकिया सहित विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे। यहाँ 1.5 लाख से अधिक आगंतुक उपस्थित रहेंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • स्थानभारत मंडपम: भारत में स्थित एक एक्सपो सेंटर (Exposition center) जहाँ 2023 में G20 समिट आयोजित की गई थी।
  • तथ्यAI Impact Summit: इससे कम से कम 15 ठोस deliverables मिलने की उम्मीद है।
  • तथ्यAI इम्पैक्ट समिट (Impact Summit): 100 से अधिक देशों की भागीदारी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: नैतिक चिंताओं के समाधान और प्रौद्योगिकी के न्यायसंगत वितरण को सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक एआई (AI) शासन हेतु एक बहुपक्षीय ढांचे की आवश्यकता पर चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: ढीले AI ओवरसाइट वाले देशों में 'एथिक्स-फ्री' ज़ोन का जोखिम
  • डिजिटल संप्रभुता: ग्लोबल AI स्टैंडर्ड्स और नेशनल डेटा प्राइवेसी और सिक्योरिटी हितों के बीच संतुलन
  • इनक्लूजन गैप: मल्टीलैटरल कोऑपरेशन के ज़रिए AI के फायदों को ग्लोबल साउथ तक पहुँचाना

मुख्य शब्द: AI गवर्नेंस · बहुपक्षवाद · नैतिक AI · डिजिटल संप्रभुता · तकनीकी कूटनीति

रैफेल और एल्बिट सिस्टम्स जैसी डिफेंस कंपनियाँ ड्रोन झुंड (drone swarms) का मुकाबला करने के लिए हाई-एनर्जी लेजर हथियार (Iron Beam) को एक समाधान के रूप में प्रदर्शित कर रही हैं

चर्चा में क्यों: रैफेल और एल्बिट सिस्टम्स जैसी डिफेंस कंपनियाँ ड्रोन झुंड (drone swarms) का मुकाबला करने के लिए हाई-एनर्जी लेजर हथियार (Iron Beam) को एक समाधान के रूप में प्रदर्शित कर रही हैं।

इज़राइली कंपनियों, राफेल (Rafael) और एल्बिट सिस्टम्स (Elbit Systems) ने ड्रोन्स को गिराने के लिए 'आयरन बीम' (Iron Beam) हथियार का प्रदर्शन किया है। ड्रोन झुंडों (drone swarms) को ट्रैक करने और नष्ट करने में सक्षम लेजर सिस्टम विकसित करने के लिए लॉकहीड मार्टिन (Lockheed Martin), MBDA और EOS को वैश्विक अनुबंध दिए गए हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकIron Beam: एंटी-ड्रोन वारफेयर (anti-drone warfare) के लिए Rafael और Elbit Systems द्वारा प्रदर्शित एक हाई-एनर्जी लेजर हथियार।
  • तथ्यLockheed Martin, MBDA और EOS वे कंपनियाँ हैं जिन्हें ड्रोन स्वार्म (drone swarm) के विनाश के लिए लेजर सिस्टम विकसित करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है।
  • विज्ञान-तकनीकलेजर हथियारों (Laser weapons) को मौसम की संवेदनशीलता और कोलैटरल डैमेज (collateral damage) की चिंताओं सहित परिचालन संबंधी सीमाओं का सामना करना पड़ता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: आधुनिक एंटी-ड्रोन युद्ध में पारंपरिक गतिज वायु रक्षा प्रणालियों (kinetic air defense systems) की तुलना में उच्च-ऊर्जा लेजर हथियारों के रणनीतिक लाभों और तकनीकी सीमाओं का विश्लेषण कीजिए।

  • तकनीकी बाधाएं: लेज़र बीम के प्रसार को प्रभावित करने वाले वायुमंडलीय हस्तक्षेप और मौसम की संवेदनशीलता
  • ऑपरेशनल रिस्क: शहरी या आबादी वाले इलाकों में कोलैटरल डैमेज की संभावना
  • रणनीतिक बदलाव: स्वार्म डिफेंस के लिए काइनेटिक इंटरसेप्टर्स से डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: डायरेक्टेड एनर्जी वेपन्स · ड्रोन स्वार्म डिफेंस · असिमेट्रिक वॉरफेयर · तकनीकी संप्रभुता · काइनेटिक बनाम नॉन-काइनेटिक

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वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने कथित तौर पर पैलेंटियर टेक्नोलॉजीज (Palantir Technologies) के साथ साझेदारी में एंथ्रोपिक (Anthropic) के क्लॉड AI (Claude AI) मॉडल का उपयोग किया है

चर्चा में क्यों: वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने कथित तौर पर पैलेंटियर टेक्नोलॉजीज (Palantir Technologies) के साथ साझेदारी में एंथ्रोपिक (Anthropic) के क्लॉड AI (Claude AI) मॉडल का उपयोग किया है।

इस ऑपरेशन में पिछले महीने काराकास में बमबारी वाली साइटों को शामिल किया गया था। पेंटागन (Pentagon) वर्गीकृत नेटवर्क (classified networks) पर AI टूल्स की उपलब्धता के संबंध में एंथ्रोपिक (Anthropic) के साथ $200 मिलियन तक के अनुबंध को रद्द करने पर विचार कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकClaude: Anthropic कंपनी द्वारा विकसित एक AI चैटबॉट मॉडल।
  • तथ्यपेंटागन Anthropic के साथ $200 मिलियन तक के कॉन्ट्रैक्ट को रद्द करने पर विचार कर रहा है।
  • पदनिकोलस मदुरो: वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति।
  • संस्थाPalantir Technologies: एक डेटा एनालिटिक्स फर्म जो रिपोर्ट किए गए मिशन के लिए Anthropic के साथ पार्टनरशिप में है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सैन्य अभियानों और वर्गीकृत सरकारी नेटवर्क में उन्नत जनरेटिव एआई (Generative AI) मॉडल को एकीकृत करने के नैतिक और सुरक्षा निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • डेटा संप्रभुता: प्रोप्रायटरी AI मॉडल्स द्वारा संवेदनशील वर्गीकृत सैन्य डेटा प्रोसेस करने के जोखिम
  • एल्गोरिद्मिक जवाबदेही: ऑटोनॉमस या AI-असिस्टेड किनेटिक एक्शन के लिए लायबिलिटी तय करने में चुनौतियां
  • डुअल-यूज़ दुविधा: कमर्शियल AI इनोवेशन और नेशनल सिक्योरिटी प्रतिबंधों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: जेनरेटिव AI · दोहरे उपयोग वाली तकनीक · एल्गोरिथमिक जवाबदेही · वर्गीकृत नेटवर्क · सैन्य नैतिकता

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मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और FSSAI को निर्देश दिया है कि वे पैकेज्ड पानी

चर्चा में क्यों: मद्रास हाई कोर्ट ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और FSSAI को निर्देश दिया है कि वे पैकेज्ड पानी, नमक और चीनी पर माइक्रो और नैनो प्लास्टिक (MNPs) की मौजूदगी के संबंध में चेतावनी लेबल अनिवार्य करें।

मद्रास हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि PET बोतलों और प्लास्टिक पैकेट में बेचे जाने वाले उत्पादों पर लगे लेबल में लाल रंग के फॉन्ट में चेतावनी शामिल होनी चाहिए। FSSAI को इन नए लेबलिंग नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चार सप्ताह के भीतर एक नोटिफिकेशन जारी करने का निर्देश दिया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाFSSAI: फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया।
  • तथ्यअनिवार्य चेतावनी लेबल (warning labels) लाल फॉन्ट में प्रिंट होने चाहिए।
  • तथ्यप्रभावित उत्पादों में पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर (packaged drinking water), नमक और चीनी शामिल हैं।
  • विज्ञान-तकनीकMNPs: माइक्रो और नैनो प्लास्टिक (Micro and nano plastics)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: खाद्य और जल आपूर्ति में सूक्ष्म और नैनो-प्लास्टिक के स्वास्थ्य संबंधी निहितार्थों की चर्चा कीजिए और भारत में वर्तमान खाद्य सुरक्षा विनियमों की पर्याप्तता का मूल्यांकन कीजिए।

  • रेगुलेटरी गैप: खाद्य और जल उत्पादों में MNP की मात्रा के लिए मानक सीमाओं का अभाव
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम: मानव ऊतकों में नैनो-प्लास्टिक्स का संभावित बायो-एक्युमुलेशन और लंबे समय तक रहने वाला टॉक्सिसिटी
  • लेबलिंग की प्रभावशीलता: उपभोक्ता के सूचना के अधिकार और बाजार में होने वाली गड़बड़ी या घबराहट के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: एहतियाती सिद्धांत · खाद्य सुरक्षा मानक · बायोएक्युमुलेशन · उपभोक्ता जागरूकता · रेगुलेटरी ओवरसाइट

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SEBI प्रमुख पांडे ने प्रतिभूति बाजार (Securities Market) में AI की दोहरी प्रकृति पर प्रकाश डाला

चर्चा में क्यों: SEBI प्रमुख पांडे ने प्रतिभूति बाजार (Securities Market) में AI की दोहरी प्रकृति पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि धोखाधड़ी का पता लगाने के लाभों और बाजार में एकाग्रता (Market Concentration) जैसे जोखिमों के बीच संतुलन बनाने के लिए अग्रिम विनियमन (Anticipatory Regulation) की आवश्यकता है।

SEBI वित्त क्षेत्र में तकनीकी विकास से निपटने के लिए एक सक्रिय रेगुलेटरी दृष्टिकोण (Regulatory Approach) अपना रहा है। बाजार की मजबूती सुनिश्चित करने के लिए नियामक, सुपरवाइज़री टेक्नोलॉजी (SupTech), RegTech और उन्नत साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क को लागू कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकSupTech: रेगुलेटर्स द्वारा ओवरसाइट (oversight) को बेहतर बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली सुपरवाइजरी टेक्नोलॉजी (Supervisory Technology)।
  • पदपंडे: Securities and Exchange Board of India (Sebi) के वर्तमान अध्यक्ष।
  • तथ्यSEBI का रेगुलेटरी फोकस मार्केट कंसंट्रेशन (market concentration) और इंटरकनेक्टेडनेस (interconnectedness) रिस्क को संबोधित करने पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वित्तीय बाजारों में एल्गोरिथम एकाग्रता और प्रणालीगत अंतर्संबंधों के जोखिमों को संबोधित करते हुए, यह चर्चा कीजिए कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सुपटेक (SupTech) का एकीकरण बाजार की अखंडता को कैसे सुदृढ़ कर सकता है।

  • रेगुलेटरी लैग: AI के तेज़ी से होते बदलाव के साथ तालमेल बिठाने वाले एन्टिसिपेटरी फ्रेमवर्क बनाने में मुश्किल
  • सिस्टमैटिक रिस्क: कुछ AI-आधारित संस्थाओं के पास मार्केट पावर का जमावड़ा जो मार्केट स्टेबिलिटी को प्रभावित करता है
  • डेटा गवर्नेंस: ऑटोमेटेड फ्रॉड डिटेक्शन में इस्तेमाल होने वाले फाइनेंशियल डेटा की शुद्धता और प्राइवेसी सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: अग्रिम विनियमन · सुपटेक · रेगटेक · मार्केट इंटीग्रिटी · सिस्टमैटिक रिस्क · डेटा गवर्नेंस

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ओपनएआई (OpenAI) और एंथ्रोपिक (Anthropic) ने उन्नत सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग क्षमताओं वाले नए AI मॉडल जारी किए हैं

चर्चा में क्यों: ओपनएआई (OpenAI) और एंथ्रोपिक (Anthropic) ने उन्नत सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग क्षमताओं वाले नए AI मॉडल जारी किए हैं, जिसके कारण भारतीय IT कंपनियों ने अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने के लिए AI-आधारित सर्विस मॉडल की ओर रुख करना शुरू कर दिया है।

ओपनएआई (OpenAI) और एंथ्रोपिक (Anthropic) ने उन्नत सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग क्षमताओं को प्रदर्शित करने वाले मॉडल जारी किए हैं। भारतीय IT निर्यातक AI प्लेटफॉर्म पर कर्मचारियों को प्रशिक्षित करके और उत्पादकता में होने वाले लाभ को ग्राहकों के साथ साझा करने के लिए वैश्विक टेक कंपनियों के साथ साझेदारी करके प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • विज्ञान-तकनीकOpenAI और Anthropic को एडवांस सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग मॉडल जारी करने वाली प्रमुख AI लैब्स के रूप में पहचाना गया है।
  • तथ्यभारतीय IT कंपनियाँ AI प्लेटफॉर्म्स पर स्टाफ को ट्रेनिंग देकर और ग्लोबल टेक प्लेयर्स के साथ पार्टनरशिप बनाकर खुद को ढाल रही हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: जनरेटिव एआई (Generative AI) मॉडलों की तीव्र प्रगति किस प्रकार पारंपरिक सॉफ्टवेयर विकास के लिए एक संरचनात्मक चुनौती उत्पन्न करती है और भारतीय आईटी क्षेत्र की सुदृढ़ता बनाए रखने के लिए आवश्यक रणनीतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • लेबर मार्केट में बदलाव: मैनुअल कोडिंग से AI-ऑगमेंटेड डेवलपमेंट की ओर बदलाव जिसके लिए बड़े पैमाने पर वर्कफोर्स अपस्किलिंग की ज़रूरत है
  • कॉम्पिटिटिव एडवांटेज: AI-ड्रिवन प्रोडक्टिविटी की लागत-क्षमता और हाई-वैल्यू इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी क्रिएशन के बीच संतुलन
  • क्लाइंट-साइड डायनेमिक्स: सॉफ्टवेयर सेवाओं में 'मैन-ऑवर' बिलिंग मॉडल से 'आउटकम-बेस्ड' प्राइसिंग की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: जेनरेटिव AI · सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट · उत्पादकता में वृद्धि · डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन · कौशल विकास · तकनीकी व्यवधान

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MeitY सचिव एस

चर्चा में क्यों: MeitY सचिव एस. कृष्णन ने बुनियादी ढांचे की जरूरतों और नियामक ढांचे (Regulatory Frameworks) को संबोधित करते हुए, शासन और रोजगार सृजन के लिए AI का लाभ उठाने की भारत की रणनीति पर प्रकाश डाला।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास, विशेष रूप से कंप्यूट, डेटासेट और मॉडल्स को प्राथमिकता दे रहा है। भारत का लक्ष्य विदेशी निर्भरता को कम करने और किफायती AI तकनीकों में अग्रणी बनने के लिए घरेलू सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमता को बढ़ाना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • अधिनियम / विधेयकडिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (Digital Personal Data Protection Act), 2023: इसे AI रेगुलेशन और डेटा प्राइवेसी के लिए एक फ्रेमवर्क के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • तथ्यMeitY के मुख्य फोकस एरिया: AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए Compute, datasets और models।
  • विज्ञान-तकनीकभारत का लक्ष्य: किफायती AI टेक्नोलॉजी में लीडर बनना।
  • पदएस. कृष्णन: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) में सचिव।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित शासन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ नैतिक विनियमन और रोजगार सुरक्षा की आवश्यकता के बीच संतुलन स्थापित कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: कंप्यूट पावर और लोकल डेटासेट की भारी मांग बनाम मौजूदा हार्डवेयर आयात पर निर्भरता
  • लेबर मार्केट फ्रिक्शन: पारंपरिक क्षेत्रों में नौकरियों के नुकसान के जोखिम के साथ AI-आधारित प्रोडक्टिविटी गेन्स को संतुलित करना
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट को बदलते AI सेफ्टी और एथिकल गाइडलाइन्स के साथ जोड़ना

मुख्य शब्द: AI गवर्नेंस · डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर · सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग · नौकरी का विस्थापन · नैतिक AI · प्रोडक्टिविटी में बढ़ोतरी

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DGCA ने एयर इंडिया पर कम से कम आठ रूटों पर वैध एयरवर्थनेस सर्टिफिकेशन (airworthiness certification) के बिना एयरबस A320 Neo विमान चलाने के लिए ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया है

चर्चा में क्यों: DGCA ने एयर इंडिया पर कम से कम आठ रूटों पर वैध एयरवर्थनेस सर्टिफिकेशन (airworthiness certification) के बिना एयरबस A320 Neo विमान चलाने के लिए ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया है।

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने एयर एयरथवर्दीनेस रिव्यू सर्टिफिकेट (ARC) की वैधता समाप्त होने के बावजूद विमान उड़ाने के लिए एयर इंडिया पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया है। एयरलाइन ने दिसंबर 2025 में स्वेच्छा से इस उल्लंघन की सूचना दी थी, जिसके बाद रेगुलेटर ने इस घटना की जांच शुरू की।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यएयर इंडिया पर उल्लंघन के लिए ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया।
  • तथ्ययह उल्लंघन एक Airbus A320 Neo विमान से संबंधित था।
  • तथ्ययह विमान कम से कम आठ रूट्स पर बिना वैध ARC के संचालित किया गया था।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में यात्री सुरक्षा और परिचालन अखंडता सुनिश्चित करने के लिए विमानन क्षेत्र में कड़े विनियामक निरीक्षण के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • रेगुलेटरी एनफोर्समेंट: एयरलाइन ऑपरेशनल एफिशिएंसी और अनिवार्य सेफ्टी सर्टिफिकेशन प्रोटोकॉल के बीच संतुलन
  • जवाबदेही तंत्र: एविएशन सेफ्टी मैनेजमेंट में सेल्फ-रिपोर्टिंग सिस्टम की प्रभावशीलता

मुख्य शब्द: रेगुलेटरी ओवरसाइट · एविएशन सेफ्टी · अनुपालन · ऑपरेशनल इंटीग्रिटी · सिविल एविएशन

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AIIMS दिल्ली विशेषज्ञ इंद्रनिल सिन्हा के नेतृत्व में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है

चर्चा में क्यों: AIIMS दिल्ली विशेषज्ञ इंद्रनिल सिन्हा के नेतृत्व में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिसका उद्देश्य मेडिकल स्टाफ को फेस ट्रांसप्लांट सर्जरी (Face Transplant Surgery) करने के लिए तैयार करना है।

AIIMS दिल्ली में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 11-15 फरवरी, 2026 तक चलेगा। इसका मुख्य केंद्र एसिड अटैक (acid burns) और गोली लगने जैसी गंभीर चेहरे की चोटों के इलाज के लिए कंपोजिट टिश्यू एलोट्रान्सप्लांटेशन (composite tissue allotransplantation) पर आधारित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाAIIMS दिल्ली फेस ट्रांसप्लांटेशन (face transplantation) के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम की मेजबानी कर रहा है।
  • विज्ञान-तकनीककंपोजिट टिश्यू एलोट्रान्स्प्लांटेशन (Composite tissue allotransplantation) वह सर्जिकल तकनीक है जिसके लिए ट्रेनिंग दी जा रही है।
  • पदइंद्रनिल सिन्हा इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के आमंत्रित एक्सपर्ट हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में 'कंपोजिट टिश्यू एलोट्रान्सप्लांटेशन' (composite tissue allotransplantation) की प्रगति से जुड़ी नैतिक और तार्किक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • नैतिक दुविधा: डोनर टिश्यू की मांग और ट्रांसप्लांट के लिए उपलब्ध अंगों की कमी के बीच संतुलन बनाना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: स्पेशलाइज्ड स्टेरिल एनवायरनमेंट और लॉन्ग-टर्म पोस्ट-ऑपरेटिव इम्यूनोसप्रेसन मॉनिटरिंग की ज़रूरत
  • एक्विटी ऑफ एक्सेस: हिंसा और औद्योगिक दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए हाई-कॉस्ट रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी सुलभ सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: ऑलोट्रान्सप्लांटेशन · रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी · मेडिकल एथिक्स · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर · बायोएथिक्स

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीकप्रीलिम्स

तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (TGSRTC) ने प्रदूषण को कम करने और हरित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए अपने डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक बसों में बदलने (retrofit) की योजना की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (TGSRTC) ने प्रदूषण को कम करने और हरित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए अपने डीजल वाहनों को इलेक्ट्रिक बसों में बदलने (retrofit) की योजना की घोषणा की है।

TGSRTC, डीजल बसों को रेट्रोफिट (retrofit) करने के लिए साई ग्रीन मोबिलिटी और कल्याणी पावर ट्रेन लिमिटेड के साथ साझेदारी कर रहा है। इस परियोजना का लक्ष्य 2027 तक हैदराबाद आउटर रिंग रोड की सीमाओं के भीतर ₹392 करोड़ की अनुमानित लागत से 2,800 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यTGSRTC का लक्ष्य 2027 तक 2,800 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करना है।
  • तथ्यरेट्रोफिटिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत ₹392 करोड़ है।
  • स्थानयह प्रोजेक्ट हैदराबाद आउटर रिंग रोड (Hyderabad Outer Ring Road) की सीमाओं पर केंद्रित है।
  • संस्थासाई ग्रीन मोबिलिटी (Sai Green Mobility) और कल्याणी पावर ट्रेन लिमिटेड (Kalyani Power Train Limited) रेट्रोफिटिंग प्रोजेक्ट के लिए नामित पार्टनर हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन बेड़े को आंतरिक दहन इंजन (ICE) से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) में परिवर्तित करने में आने वाली रसद (लॉजिस्टिक्स) और आर्थिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: हाई-कैपेसिटी चार्जिंग स्टेशनों और ग्रिड अपग्रेड के लिए भारी पूंजीगत व्यय की ज़रूरत
  • तकनीकी व्यवहार्यता: भारी बैटरी पैक के लिए पुराने डीजल चेसिस को रेट्रोफिट करने की इंजीनियरिंग जटिलताएँ
  • ऑपरेशनल ट्रेड-ऑफ: शुरुआती भारी प्रोक्योरमेंट कॉस्ट और प्रति-किलोमीटर ऑपरेशनल कॉस्ट में लंबी अवधि की कमी के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: रेट्रोफिटिंग · डीकार्बोनाइजेशन · सार्वजनिक परिवहन · इलेक्ट्रिक मोबिलिटी · सस्टेनेबल अर्बन ट्रांसपोर्ट

भारतीय सरकार ने IAF के लड़ाकू विमानों की कमी को दूर करने और घरेलू एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 26 फ्रांसीसी राफेल (Rafale) नेवल वेरिएंट्स के लिए 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर के ऑर्डर को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: भारतीय सरकार ने IAF के लड़ाकू विमानों की कमी को दूर करने और घरेलू एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 26 फ्रांसीसी राफेल (Rafale) नेवल वेरिएंट्स के लिए 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर के ऑर्डर को मंजूरी दी है।

भारत ने 26 फ्रांसीसी राफेल (Rafale) नौसेना वेरिएंट्स का ऑर्डर दिया है, जिसमें घटकों के लिए 80% स्थानीय सामग्री (local content) का लक्ष्य रखा गया है। इस समझौते में एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) प्रोटोटाइप का विकास और P-8 पोसीडन (Poseidon) टोही विमानों की खरीद शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • विज्ञान-तकनीकRafale: फ्रांस में निर्मित मल्टी-रोल फाइटर जेट।
  • संस्थाहिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL): भारत के स्वदेशी फाइटर जेट्स का मुख्य निर्माता।
  • तथ्यलोकल कंटेंट लक्ष्य: Rafale प्रोग्राम के कंपोनेंट्स के लिए 80%।
  • विज्ञान-तकनीकAMCA: भारत सरकार द्वारा एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (Advanced Medium Combat Aircraft) प्रोटोटाइप को मंजूरी दी गई।
  • विज्ञान-तकनीकP-8 Poseidon: भारतीय नौसेना के लिए खरीदा गया रेकॉनेसेंस (Reconnaissance) विमान।
मेन्स के लिए

प्रश्न: एयरोस्पेस क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' पहल तात्कालिक रक्षा आवश्यकताओं और दीर्घकालिक स्वदेशी विनिर्माण क्षमताओं के बीच संतुलन कैसे स्थापित करती है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • सप्लाई चेन इंटीग्रेशन: असेंबली से हाई-वैल्यू कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग की ओर बदलाव
  • स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: AMCA प्रोटोटाइप और लोकल कंटेंट मैंडेट के जरिए आयात पर निर्भरता कम करना
  • डिफेंस-इंडस्ट्री तालमेल: घरेलू एयरोस्पेस इकोसिस्टम बनाने के लिए विदेशी टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: आत्मनिर्भर भारत · रक्षा खरीद · तकनीकी हस्तांतरण · एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग · रणनीतिक स्वायत्तता

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

दूरसंचार विभाग (DoT) ने CEIR और संचार साथी (Sanchar Saathi) प्लेटफॉर्म के माध्यम से 8.5 लाख से अधिक चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट की बरामदगी और ₹1,400 करोड़ के साइबर फ्रॉड को रोकने की जानकारी दी है

चर्चा में क्यों: दूरसंचार विभाग (DoT) ने CEIR और संचार साथी (Sanchar Saathi) प्लेटफॉर्म के माध्यम से 8.5 लाख से अधिक चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट की बरामदगी और ₹1,400 करोड़ के साइबर फ्रॉड को रोकने की जानकारी दी है।

DoT ने चोरी हुए हैंडसेट को बरामद करने के लिए सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) और संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल का उपयोग किया। डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) डेटा विश्लेषण के लिए AI और फेशियल रिकग्निशन (facial recognition) तकनीक का उपयोग करता है, जिसके माध्यम से यह 122 करोड़ टेलीकॉम ग्राहकों के डेटा का विश्लेषण करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाCEIR: सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (Central Equipment Identity Register) जिसका उपयोग DoT द्वारा चोरी हुए मोबाइल डिवाइसेस को ब्लॉक करने या ट्रैक करने के लिए किया जाता है।
  • विज्ञान-तकनीकDIP: Digital Intelligence Platform साइबर अपराध से लड़ने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फेशियल रिकग्निशन का उपयोग करता है।
  • तथ्यDoT ने फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (FRI) के जरिए नौ महीनों में लगभग ₹1,400 करोड़ के साइबर फ्रॉड को रोका।
  • तथ्यDIP 122 करोड़ टेलीकॉम ग्राहकों के डेटा का विश्लेषण करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) और केंद्रीकृत पहचान रजिस्टरों (centralized identity registers) का एकीकरण उभरते हुए वित्तीय घोटालों के विरुद्ध भारत के साइबर सुरक्षा ढांचे को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • डेटा प्राइवेसी की चिंता: 122 करोड़ कस्टमर रिकॉर्ड्स के विश्लेषण और व्यक्तिगत प्राइवेसी अधिकारों के बीच संतुलन
  • तकनीकी छलांग: AI-आधारित रिस्क इंडिकेटर्स के जरिए रिएक्टिव रिपोर्टिंग से प्रोएक्टिव फ्रॉड प्रिवेंशन की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: साइबर सिक्योरिटी · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस · डिजिटल गवर्नेंस · वित्तीय धोखाधड़ी · डेटा एनालिटिक्स

आलोचकों ने SHANTI एक्ट पर चिंता जताई है

चर्चा में क्यों: आलोचकों ने SHANTI एक्ट पर चिंता जताई है। उनका तर्क है कि इसमें दी गई लायबिलिटी कैप (liability caps) और सप्लायर इंडेम्निटी (supplier indemnities) परमाणु सुरक्षा और जवाबदेही को कमजोर करती हैं।

SHANTI एक्ट परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी संस्थाओं के लिए खोलता है और उत्तरदायित्व ढांचे (liability frameworks) में बदलाव करता है। यह बड़े संयंत्रों के लिए ऑपरेटर की देयता को ₹3,000 करोड़ तक सीमित करता है और परमाणु आपूर्तिकर्ताओं को दुर्घटना की जिम्मेदारी से मुक्त करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अधिनियम / विधेयकSHANTI Act: भारत के न्यूक्लियर पावर सेक्टर को प्राइवेट संस्थाओं के लिए खोलने वाला कानून।
  • तथ्यSHANTI Act बड़े परमाणु संयंत्रों के लिए ऑपरेटर की लायबिलिटी (liability) को ₹3,000 करोड़ तक सीमित करता है।
  • तथ्ययह एक्ट परमाणु आपूर्तिकर्ताओं (nuclear suppliers) को दुर्घटनाओं के लिए लायबिलिटी (liability) के खिलाफ क्षतिपूर्ति (indemnification) प्रदान करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: परमाणु ऊर्जा में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने और सार्वजनिक सुरक्षा हेतु कठोर सुरक्षा एवं दायित्व ढाँचों को सुनिश्चित करने के बीच निहित समझौतों (trade-offs) का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • लायबिलिटी गैप: बड़े पैमाने पर होने वाले परमाणु हादसों के लिए संभावित पर्यावरणीय नुकसान के मुकाबले अपर्याप्त मुआवजा कैप
  • रेगुलेटरी रिस्क: सीमित लायबिलिटी के कारण प्राइवेट संस्थाओं द्वारा सुरक्षा प्रोटोकॉल के बजाय लागत कम करने को प्राथमिकता देने की संभावना
  • अंतरराष्ट्रीय तालमेल: घरेलू लायबिलिटी कैप और अंतरराष्ट्रीय परमाणु सुरक्षा मानकों के बीच टकराव

मुख्य शब्द: परमाणु दायित्व · प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप · जोखिम कम करना · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · ऊर्जा सुरक्षा

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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी स्तरों पर AI-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 'भारत एडुAI स्टैक' (Bharat EduAI Stack) पेश करने हेतु 'भारत बोधन AI कॉन्क्लेव' का शुभारंभ किया

चर्चा में क्यों: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सभी स्तरों पर AI-आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 'भारत एडुAI स्टैक' (Bharat EduAI Stack) पेश करने हेतु 'भारत बोधन AI कॉन्क्लेव' का शुभारंभ किया।

बोधन AI (Bodhan AI) एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म है, जिसे IIT मद्रास के AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एजुकेशन द्वारा विकसित किया गया है। इस पहल में IIT बॉम्बे, कोलंबिया यूनिवर्सिटी, IIM लखनऊ, IIM जम्मू, बैंकॉक स्थित AIT और IIM रांची के बीच सहयोग शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकबोधन AI: समान और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए एक ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म।
  • संस्थाAI Centre of Excellence for Education: IIT Madras स्थित वह संस्था जिसने Bodhan AI विकसित किया।
  • तथ्यभारत EduAI Stack: वह फ्रेमवर्क जिसका उद्देश्य भारत में शिक्षा के सभी स्तरों पर AI applications को एकीकृत करना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: 'भारत एडु-एआई स्टैक' (Bharat EduAI Stack) के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का एकीकरण भारत में शैक्षिक असमानताओं को दूर करने और सीखने के परिणामों (learning outcomes) में सुधार करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है, चर्चा कीजिए।

  • डिजिटल डिवाइड: तकनीक वाले शहरी स्कूलों और ग्रामीण संस्थानों के बीच बढ़ते अंतर का जोखिम
  • पेडागोजिकल शिफ्ट: AI-आधारित पर्सनलाइज्ड ट्यूटरिंग और मानव-केंद्रित टीचर-स्टूडेंट इंटरैक्शन के बीच संतुलन
  • डेटा प्राइवेसी: ओपन-सोर्स AI फ्रेमवर्क और एजुकेशनल स्टैक्स के भीतर छात्र डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: डिजिटल इन्क्लूजन · शिक्षा में नवाचार · ओपन-सोर्स फ्रेमवर्क · शिक्षा में समानता · AI गवर्नेंस

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COAI सलाहकार विक्रम तिवाथिया ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने के लिए आधार डेटाबेस की सफाई और AI-आधारित फेशियल रिकग्निशन (facial recognition) के लिए एक नीतिगत ढांचे की मांग की है

चर्चा में क्यों: COAI सलाहकार विक्रम तिवाथिया ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने के लिए आधार डेटाबेस की सफाई और AI-आधारित फेशियल रिकग्निशन (facial recognition) के लिए एक नीतिगत ढांचे की मांग की है।

सेल्यूलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) के सीनियर एडवाइजर विक्रम तिवाथिया ने टेलीकॉम SIM ग्राहकों के सत्यापन (ASTR) के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फेशियल रिकग्निशन (facial recognition) आधारित समाधानों के उपयोग का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने 250 मिलियन फीचर फोन ग्राहकों को इस सिस्टम से जोड़ने और मोबाइल उपकरणों की चोरी को रोकने के लिए कस्टम्स विभाग के साथ सहयोग करने की भी वकालत की है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकASTR: टेलीकॉम SIM ग्राहकों के वेरिफिकेशन के लिए Artificial Intelligence और facial recognition आधारित समाधान।
  • तथ्यCOAI ने 250 मिलियन फीचर फोन सब्सक्राइबर्स को ऑनबोर्डिंग (onboarding) करने का प्रस्ताव दिया है।
  • संस्थाCOAI: सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: केवाईसी (KYC) प्रक्रियाओं में एआई-संचालित फेशियल रिकग्निशन (चेहरा पहचानने की तकनीक) को एकीकृत करने से साइबर वित्तीय धोखाधड़ी को कम करने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए, साथ ही डेटा गोपनीयता और आधार डेटाबेस की अखंडता सुनिश्चित करने से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा कीजिए।

  • डेटा इंटीग्रिटी: आधार डेटाबेस में फर्जी पहचान के जोखिम जिससे टेलीकॉम KYC प्रभावित हो रहा है
  • तकनीकी चूक: AI-आधारित फेशियल रिकग्निशन को रेगुलेट करने के लिए मजबूत पॉलिसी फ्रेमवर्क की ज़रूरत
  • सुरक्षा-प्राइवेसी ट्रेड-ऑफ: ऑटोमेटेड फ्रॉड प्रिवेंशन और व्यक्तिगत बायोमेट्रिक डेटा सुरक्षा के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: साइबर फाइनेंशियल फ्रॉड · बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन · डेटा इंटीग्रिटी · पॉलिसी फ्रेमवर्क · आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

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डिजी यात्रा फाउंडेशन (Digi Yatra Foundation) अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा के लिए अपने विकेंद्रीकृत डिजिटल पहचान प्लेटफॉर्म का विस्तार करने हेतु पासपोर्ट-आधारित नामांकन (enrolment) का परीक्षण कर रहा है

चर्चा में क्यों: डिजी यात्रा फाउंडेशन (Digi Yatra Foundation) अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा के लिए अपने विकेंद्रीकृत डिजिटल पहचान प्लेटफॉर्म का विस्तार करने हेतु पासपोर्ट-आधारित नामांकन (enrolment) का परीक्षण कर रहा है।

डिजी यात्रा (Digi Yatra) में भौतिक पहचान दस्तावेजों की आवश्यकता को समाप्त करने के लिए आधार-आधारित सत्यापन, लाइवनेस डिटेक्शन (liveness detection) और फेशियल मैचिंग (facial matching) का उपयोग किया जाता है। इस प्लेटफॉर्म पर वर्तमान में 21 मिलियन ऐप उपयोगकर्ता हैं और तीन साल की अवधि में लगभग 85 मिलियन उपयोग दर्ज किए गए हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकDigi Yatra पहचान के दुरुपयोग को रोकने के लिए liveness detection और facial matching का उपयोग करता है।
  • तथ्यडिजी यात्रा (Digi Yatra) के पास Android और iOS प्लेटफॉर्म्स पर 21 मिलियन ऐप यूजर्स हैं।
  • तथ्यDigi Yatra का तीन साल की अवधि में लगभग 85 मिलियन बार उपयोग दर्ज किया गया।
  • तथ्यकुछ एयरपोर्ट्स पर Digi Yatra का एडॉप्शन 60% से अधिक है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: डिजिटल यात्रा (Digi Yatra) जैसे विकेंद्रीकृत डिजिटल पहचान प्लेटफार्मों के विस्तार से यात्रा सुगमता को कैसे बढ़ाया जा सकता है और साथ ही डेटा गोपनीयता एवं सुरक्षा से संबंधित चिंताओं का समाधान कैसे किया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • प्राइवेसी-सिक्योरिटी ट्रेड-ऑफ: आसान बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और संवेदनशील पासपोर्ट डेटा तक अनधिकृत पहुंच के जोखिम के बीच संतुलन
  • इंटरऑपरेबिलिटी चुनौतियां: अलग-अलग देशों के एविएशन और आइडेंटिटी सिस्टम के बीच क्रॉस-बॉर्डर डेटा शेयरिंग प्रोटोकॉल को जोड़ना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: इंटरनेशनल हब्स पर अलग-अलग लाइटिंग और हार्डवेयर स्थितियों में लगातार लाइवनेस डिटेक्शन एक्यूरेसी सुनिश्चित करना

मुख्य शब्द: विकेंद्रीकृत पहचान · बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन · लाइवनेस डिटेक्शन · डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · डेटा प्राइवेसी · निर्बाध गतिशीलता

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत और बांग्लादेश में निपाह वायरस के तीन पुष्ट मामलों के बाद इसके फैलने के जोखिम का आकलन किया और इसे कम घोषित किया है

चर्चा में क्यों: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत और बांग्लादेश में निपाह वायरस के तीन पुष्ट मामलों के बाद इसके फैलने के जोखिम का आकलन किया और इसे कम घोषित किया है।

WHO ने भारत और बांग्लादेश की साझा सीमा के साथ पूरे क्षेत्र में निपाह वायरस (Nipah virus) के तीन मामलों की पुष्टि की है। यह वायरस ज़ूनोटिक (पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाला) है, जिसकी मृत्यु दर 40% से 75% के बीच है और वर्तमान में इसके लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकनिपा वायरस (Nipah virus): एक ज़ूनोटिक (zoonotic) वायरस जिसकी मृत्यु दर (fatality rate) 40-75% है।
  • विज्ञान-तकनीकवैक्सीन स्टेटस: वर्तमान में निपाह वायरस (Nipah virus) के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
  • संस्थाWHO: विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization), वह संस्था जिसने प्रकोप (outbreak) के जोखिम का आकलन किया।
  • तथ्यपुष्ट मामलों की संख्या: भारत और बांग्लादेश में तीन मामले पुष्ट किए गए।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सीमा पार क्षेत्रों में निपाह जैसी ज़ूनोटिक बीमारियों से उत्पन्न होने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और एकीकृत क्षेत्रीय निगरानी हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए। चर्चा कीजिए।

  • ज़ूनोटिक सर्विलांस: भारत और बांग्लादेश के बीच रियल-टाइम क्रॉस-बॉर्डर डेटा शेयरिंग की कमी
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर: तेज़ी से आइसोलेशन और स्पेशलाइज्ड इंटेंसिव केयर की ज़रूरत के कारण मौत की दरें ज़्यादा
  • वन हेल्थ अप्रोच: सीमा पारिस्थितिक क्षेत्रों में पशु-मानव इंटरफेस की एकीकृत निगरानी की ज़रूरत

मुख्य शब्द: ज़ूनोटिक बीमारियाँ · वन हेल्थ · महामारी विज्ञान संबंधी निगरानी · सीमा पार स्वास्थ्य · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर

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केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) ने 8 लाख छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यक्तिगत तैयारी (personalized preparation) प्रदान करने के लिए AI-एकीकृत 'Key to Entrance' प्रोग्राम लॉन्च किया है

चर्चा में क्यों: केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) ने 8 लाख छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यक्तिगत तैयारी (personalized preparation) प्रदान करने के लिए AI-एकीकृत 'Key to Entrance' प्रोग्राम लॉन्च किया है।

यह कार्यक्रम विज्ञान, वाणिज्य और मानविकी (Humanities) स्ट्रीम के उन छात्रों को लक्षित करता है जो KEAM, NEET, CUET, CA Foundation और PSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। इसमें एक ऐसा पोर्टल शामिल है जिसमें 20,000 से अधिक विशेषज्ञों द्वारा सत्यापित प्रश्न मौजूद हैं। यह पोर्टल प्रत्येक छात्र की सीखने की गति के आधार पर व्यक्तिगत अध्ययन योजना (Personalized study plans) तैयार करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाKITE: केरल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन।
  • तथ्यइस पहल का उद्देश्य तीन स्ट्रीम्स (streams) के 8 लाख छात्रों की सहायता करना है।
  • तथ्यपोर्टल में एक्सपर्ट-वेरिफाइड (expert-verified) 20,000 से अधिक प्रश्न शामिल हैं।
  • विज्ञान-तकनीकयह प्रोग्राम पर्सनलाइज्ड स्टडी प्लान्स (personalized study plans) तैयार करने के लिए Artificial Intelligence (AI) का उपयोग करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में सार्वजनिक शिक्षा प्लेटफार्मों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक पहुंच के लोकतंत्रीकरण को किस प्रकार सुगम बना सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • डिजिटल डिवाइड: खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले ग्रामीण इलाकों के छात्रों के बाहर होने का खतरा
  • डेटा प्राइवेसी: AI एल्गोरिदम द्वारा छात्र के प्रदर्शन के डेटा को इकट्ठा करने और प्रोसेस करने पर चिंताएं
  • पेडागोजिकल शिफ्ट: वोकेशनल एजुकेशन में ऑटोमेटेड पर्सनलाइज्ड लर्निंग और ह्यूमन-लेड मेंटरशिप के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: डिजिटल डेमोक्रेसी · पर्सनलाइज्ड लर्निंग · एडटेक · कौशल विकास · शिक्षा में AI

भारत के रक्षा मंत्रालय ने हवाई प्रभुत्व बढ़ाने और रूस पर निर्भरता कम करने के लिए 114 राफेल फाइटर जेट्स सहित 39 बिलियन डॉलर मूल्य के रक्षा उपकरणों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: भारत के रक्षा मंत्रालय ने हवाई प्रभुत्व बढ़ाने और रूस पर निर्भरता कम करने के लिए 114 राफेल फाइटर जेट्स सहित 39 बिलियन डॉलर मूल्य के रक्षा उपकरणों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

रक्षा मंत्रालय ने 39 बिलियन डॉलर मूल्य के 114 राफेल लड़ाकू विमानों और अन्य उपकरणों की खरीद को मंजूरी दी है। इस कदम का उद्देश्य फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की यात्रा से पहले लंबी दूरी के आक्रामक हमलों के माध्यम से निवारण (deterrence) क्षमता को बढ़ाना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यक्लियर्ड डिफेंस इक्विपमेंट (Cleared Defense Equipment) प्रस्ताव का कुल मूल्य: $39 बिलियन।
  • तथ्यखरीद के लिए स्वीकृत Rafale फाइटर जेट्स की संख्या: 114।
  • विज्ञान-तकनीकRafale जेट्स का उपयोग लॉन्ग-रेंज ऑफेंसिव स्ट्राइक्स और एयर डोमिनेंस के लिए किया जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: रक्षा खरीद के स्रोतों में विविधीकरण किस प्रकार भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और क्षेत्रीय निवारण क्षमताओं में योगदान देता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • रणनीतिक विविधीकरण: भू-राजनीतिक दबाव कम करने के लिए किसी एक सप्लायर पर निर्भरता घटाना
  • तकनीकी समानता: एयर सुपरियोरिटी बनाए रखने के लिए लॉन्ग-रेंज ऑफेंसिव क्षमताओं का अधिग्रहण
  • डिफेंस इंडस्ट्रियलाइजेशन: 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत हाई-कॉस्ट इम्पोर्ट और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · रक्षा खरीद · निवारण · हवाई प्रभुत्व · भू-राजनीतिक लाभ

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CCMB, सलीम अली सेंटर और यूनिवर्सिटी ऑफ मैसूर के वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि लंबे समय से बने खतरों के बावजूद

चर्चा में क्यों: CCMB, सलीम अली सेंटर और यूनिवर्सिटी ऑफ मैसूर के वैज्ञानिकों ने खुलासा किया है कि लंबे समय से बने खतरों के बावजूद, अनामलाई हिल्स के गैर-संरक्षित क्षेत्रों में लायन-टेल्ड मकाक (Lion-tailed macaque) की आबादी बढ़ रही है।

इस अध्ययन में 40 वर्षों की अवधि के दौरान 10 वर्षावन खंडों (rainforest fragments) में 37 मकाक समूहों की निगरानी की गई। अध्ययन में पाया गया कि मानव-प्रधान परिदृश्यों की तुलना में संरक्षित वनों के भीतर जनसंख्या की स्थिरता काफी अधिक है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पर्यावरणलायन-टेल्ड मकाक (Lion-tailed macaques) अनामलाई हिल्स के रेनफॉरेस्ट फ्रैग्मेंट्स में पाए जाते हैं।
  • तथ्यइस स्टडी में 40 वर्षों तक 10 रेनफॉरेस्ट फ्रैग्मेंट्स (rainforest fragments) में फैले 37 मकाक (macaque) समूहों की निगरानी की गई।
  • स्थानअनामलाई हिल्स (Anamalai Hills) जनसंख्या वृद्धि विश्लेषण के लिए प्राथमिक अध्ययन स्थल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मानव-प्रधान परिदृश्यों में लुप्तप्राय प्रजातियों के विस्तार से जुड़े पारिस्थितिक जोखिमों की चर्चा कीजिए और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • हैबिटेट फ्रैगमेंटेशन: गैर-संरक्षित रेनफॉरेस्ट फ्रैगमेंट में ट्रैफिक और मानवीय गतिविधियों से मृत्यु का बढ़ा जोखिम
  • संरक्षण के ट्रेड-ऑफ: मानव प्रधान क्षेत्रों में आबादी की वृद्धि और प्रजातियों की दीर्घकालिक व्यवहार्यता के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी इंटरवेंशन: जैव विविधता संरक्षण के लिए स्पीड लिमिट और ट्रैफिक मैनेजमेंट की ज़रूरत

मुख्य शब्द: आवास विखंडन · मानव-वन्यजीव संघर्ष · जैव विविधता संरक्षण · आबादी की गतिशीलता · मानवीय दबाव

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शिक्षा मंत्रालय अगले शैक्षणिक वर्ष तक व्यक्तिगत शिक्षण और छात्र सहायता के लिए AI-आधारित टूल्स को शामिल करने हेतु एड-टेक (ed-tech) स्टार्टअप्स के साथ मिलकर काम कर रहा है

चर्चा में क्यों: शिक्षा मंत्रालय अगले शैक्षणिक वर्ष तक व्यक्तिगत शिक्षण और छात्र सहायता के लिए AI-आधारित टूल्स को शामिल करने हेतु एड-टेक (ed-tech) स्टार्टअप्स के साथ मिलकर काम कर रहा है।

शिक्षा मंत्रालय ने AI के अनुप्रयोगों (applications) को प्रदर्शित करने के लिए अरीविहन (Arivihan) और वेदांतु (Vedantu) जैसी कंपनियों के साथ बैठक की। सरकार की योजना भारत बोधन AI कॉन्क्लेव के दौरान शिक्षा क्षेत्र के लिए एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) लॉन्च करने की है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकशिक्षा क्षेत्र के लिए DPI (Digital Public Infrastructure) को लॉन्च करने की योजना है।
  • पदधर्मेंद्र प्रधान: केंद्रीय शिक्षा मंत्री जो AI इंटीग्रेशन पहल की देखरेख कर रहे हैं।
  • तथ्यइस पहल का उद्देश्य भारतीय शिक्षा प्रणाली में 'AI-sovereignty' और वैश्विक प्रासंगिकता को बढ़ावा देना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में 'एआई-संप्रभुता' (AI-sovereignty) सुनिश्चित करते हुए, एआई-आधारित व्यक्तिगत शिक्षण (AI-led personalized learning) के एकीकरण से शैक्षिक असमानताओं को कैसे दूर किया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।

  • डेटा प्राइवेसी: प्राइवेट एड-टेक फर्म्स द्वारा छात्र डेटा माइनिंग के जोखिम
  • डिजिटल डिवाइड: AI-इनेबल्ड डिवाइसेस तक असमान पहुंच के कारण बढ़ती असमानता का जोखिम
  • शिक्षा पद्धति में बदलाव: ऑटोमेटेड पर्सनलाइज्ड लर्निंग और टीचर-स्टूडेंट इंटरैक्शन के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: AI संप्रभुता · डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर · पर्सनलाइज्ड लर्निंग · एड-टेक · डिजिटल डिवाइड

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केंद्रीय बजट 2026-27 में बायोफार्मा (Biopharma) SHAKTI जैसे विज्ञान मिशनों के लिए महत्वपूर्ण फंड आवंटित किया गया है

चर्चा में क्यों: केंद्रीय बजट 2026-27 में बायोफार्मा (Biopharma) SHAKTI जैसे विज्ञान मिशनों के लिए महत्वपूर्ण फंड आवंटित किया गया है, जबकि विशेषज्ञों ने बुनियादी अनुसंधान (basic research) में फंडिंग की कमी पर चिंता जताई है।

केंद्रीय बजट 2026-27 में बायोफार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर्स और कार्बन कैप्चर को विकास के प्रमुख चालक (growth drivers) के रूप में प्राथमिकता दी गई है। विशेषज्ञों ने मिशन-मोड पहलों पर ध्यान केंद्रित करने के बावजूद, अनुसंधान संस्थानों के परिवर्तन में फंड की कमी और नौकरशाही की बाधाओं को रेखांकित किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्ययूनियन बजट 2026-27 बायोफार्मास्युटिकल्स (biopharmaceuticals), सेमीकंडक्टर्स और कार्बन कैप्चर पर केंद्रित है।
  • योजनाBiopharma SHAKTI एक मिशन-मोड पहल है जिसे 2026-27 के बजट में हाईलाइट किया गया है।
  • विज्ञान-तकनीकविशेषज्ञों ने पहचान की है कि एस्ट्रोनॉमी (Astronomy) एक ऐसा सेक्टर है जिसमें लंबे समय तक चलने वाले फंड (funding) की कमी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बजटीय आवंटन में वृद्धि के बावजूद, भारत के अनुसंधान संस्थानों को बुनियादी अनुसंधान से मिशन-मोड औद्योगिक अनुप्रयोगों की ओर परिवर्तित करने में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • संस्थागत बाधा: रिसर्च संस्थानों को इंडस्ट्रियल आउटपुट में बदलने में नौकरशाही की रुकावटें और देरी
  • फंडिंग असंतुलन: मिशन-मोड प्रोजेक्ट एलोकेशन के मुकाबले लॉन्ग-टर्म बेसिक रिसर्च फंडिंग में कमी
  • सार्वजनिक-निजी टकराव: सरकारी एजेंसियों और प्राइवेट R&D निवेश के बीच व्यवस्थित सहयोग की ज़रूरत

मुख्य शब्द: मिशन-मोड पहल · बुनियादी रिसर्च · R&D निवेश · नौकरशाही की बाधाएं · बायोफार्मास्युटिकल्स · कार्बन कैप्चर

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APSCHE ने 'अमरवती क्वांटम वैली हैकाथॉन 2025' का समापन किया और 'इंटरनेशनल ईयर ऑफ क्वांटम साइंस एंड टेक्नोलॉजी 2025' के अनुरूप 'अमरवती क्वांटम वैली' के लिए आधारशिला रखी

चर्चा में क्यों: APSCHE ने 'अमरवती क्वांटम वैली हैकाथॉन 2025' का समापन किया और 'इंटरनेशनल ईयर ऑफ क्वांटम साइंस एंड टेक्नोलॉजी 2025' के अनुरूप 'अमरवती क्वांटम वैली' के लिए आधारशिला रखी।

इस हैकथॉन में 94 संस्थानों और 100 से अधिक छात्र टीमों ने राष्ट्रीय क्वांटम समस्या विवरणों (problem statements) को हल किया। नेशनल क्वांटम मिशन के तहत इंटर्नशिप और औद्योगिक भ्रमण प्रदान करने के लिए IBM और टी-हब (T-Hub) के साथ सहयोग शामिल था।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकअमरावती क्वांटम वैली: आंध्र प्रदेश में क्वांटम गेटवे स्थापित करने के लिए APSCHE द्वारा शुरू की गई एक परियोजना।
  • तथ्यअमरावती क्वांटम वैली हैकाथॉन 2025 (Amaravati Quantum Valley Hackathon 2025) में 94 संस्थानों और 100 से अधिक छात्र टीमों ने भागीदारी की।
  • संस्थाT-Hub: नेशनल क्वांटम मिशन (National Quantum Mission) के तहत IBM और APSCHE के साथ सहयोग।
  • तथ्यइंटरनेशनल ईयर ऑफ क्वांटम साइंस एंड टेक्नोलॉजी (International Year of Quantum Science and Technology): इसे 2025 के लिए निर्धारित किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: क्वांटम कंप्यूटिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को एक वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित करने में 'राष्ट्रीय क्वांटम मिशन' के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • स्किल गैप: थ्योरेटिकल क्वांटम फिजिक्स से इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन्स की ओर जाने के लिए स्पेशलाइज्ड करिकुलम की ज़रूरत
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: क्षेत्रीय रिसर्च हब में क्रायोजेनिक और वैक्यूम सिस्टम के लिए भारी कैपिटल की ज़रूरत

मुख्य शब्द: क्वांटम कंप्यूटिंग · नेशनल क्वांटम मिशन · कौशल विकास · तकनीकी संप्रभुता · रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर

GS3 के अन्य विषय

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