यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,413 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग (513) · अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन) (347) · जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान (237) · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक (195) · रक्षा तकनीक (117) · बौद्धिक संपदा अधिकार (4)
चर्चा में क्यों: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माण उत्सर्जन को कम करने के लिए कम-कार्बन वाले लाइमस्टोन कल्पित क्ले सीमेंट (LC3) का उपयोग करने वाली पहली बड़े पैमाने की सिविल इंजीनियरिंग परियोजना बन गई है।
LC3 तकनीक का विकास भारतीय IITs और EPFL (स्विट्जरलैंड) के बीच एक वैश्विक साझेदारी के माध्यम से किया गया है। यह पारंपरिक पोर्टलैंड सीमेंट की तुलना में CO2 उत्सर्जन को लगभग 40% तक कम करती है, जबकि यह समान प्रदर्शन और स्थायित्व सुनिश्चित करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकLC3: Limestone Calcined Clay Cement पारंपरिक पोर्टलैंड सीमेंट का एक कम-कार्बन विकल्प है।
तथ्यLC3 तकनीक पारंपरिक सीमेंट की तुलना में CO2 उत्सर्जन को लगभग 40% कम कर देती है।
संस्थाEPFL: École Polytechnique Fédérale de Lausanne एक स्विस अनुसंधान संस्थान है जो LC3 विकास में शामिल है।
स्थाननोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) भारत में इस तकनीक को अपनाने वाला पहला बड़े पैमाने का प्रोजेक्ट है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत द्वारा 2070 तक 'नेट जीरो' उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रतिबद्धता में LC3 जैसे निम्न-कार्बन निर्माण सामग्री को अपनाने से किस प्रकार योगदान मिल सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: अतार्किक औषधि संयोजनों और नियामक निरीक्षण संबंधी चिंताओं के कारण, UPSC ने प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम में फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन्स (FDCs) को सम्मिलित किया है।
निश्चित-खुराक संयोजन (FDCs) एक ही निर्माण में दो या अधिक सक्रिय घटकों को समाहित करते हैं। किसी संयोजन को 'अतार्किक' तब माना जाता है जब इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण न हो कि वे घटक पृथक रूप से कार्य करने की तुलना में एक साथ मिलकर अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करते हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकFDCs: ऐसे फॉर्मूलेशन जिनमें एक ही उत्पाद में दो या अधिक सक्रिय तत्व (active ingredients) शामिल होते हैं।
तथ्यअतार्किक FDCs: वे संयोजन जिनमें सहक्रियात्मक चिकित्सीय प्रभावों के लिए वैज्ञानिक रूप से स्थापित तर्क का अभाव होता है।
संस्थानियामक निरीक्षण: औषधि प्राधिकरण भारत में असुरक्षित या तर्कहीन फॉर्मूलेशन की समीक्षा और निषेध करते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशंस (FDCs) की निगरानी में आने वाली विनियामक चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और तर्कसंगत औषधि उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन ने मानव सुरक्षा और तकनीकी सुधारों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से गगनयान के प्रथम मानव रहित परीक्षण उड़ान में संभावित विलंब की घोषणा की है, जिसके अब Q3 2027 तक होने की संभावना है।
गगनयान मिशन भारत का प्रथम मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है। ISRO वर्तमान में मिशन की अखंडता सुनिश्चित करने हेतु PSLV रॉकेट और NavIC उपग्रहों से संबंधित तकनीकी बाधाओं का समाधान कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकGaganyaan: भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन, जिसका लक्ष्य तीन सदस्यीय चालक दल को 400 km की कक्षा में ले जाना है।
विज्ञान-तकनीकPSLV: Polar Satellite Launch Vehicle, ISRO का एक वर्कहॉर्स रॉकेट जिसका उपयोग विभिन्न उपग्रह मिशनों के लिए किया जाता है।
विज्ञान-तकनीकNavIC: Navigation with Indian Constellation, भारत की स्वतंत्र क्षेत्रीय उपग्रह नेविगेशन प्रणाली।
पदV Narayanan: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वर्तमान अध्यक्ष।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के लिए गगनयान जैसे स्वदेशी मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के विकास में निहित तकनीकी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: ISRO ने भारत की भारी-लिफ्ट और नेविगेशन क्षमताओं को सुदृढ़ करनेके लिए प्रमुख प्रोपल्शन और इनर्शियल सिस्टम इकाइयों का नेतृत्व करनेके लिए N. Jayan और Joji J. Chaman को नियुक्त किया है।
एन. जयान को लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर (LPSC) का निदेशक और जोजी जे. चमन को ISRO इनर्शियल सिस्टम्स यूनिट (IISU) का निदेशक नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियाँ 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी होंगी। यह निर्णय GSLV Mk III के लिए क्रायोजेनिक प्रोपल्शन के क्षेत्र में जयान के नेतृत्व और उत्कृष्ट योगदान के पश्चात लिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकLPSC: अंतरिक्ष मिशनों के लिए लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम के विकास के लिए जिम्मेदार ISRO केंद्र।
विज्ञान-तकनीकGSLV Mk III: भारत का भारी-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल जो Geostationary Transfer Orbit (GTO) तक भारी पेलोड ले जाने में सक्षम है।
विज्ञान-तकनीकIISU: ISRO की वह इकाई जो नेविगेशन और ओरिएंटेशन के लिए इनर्शियल सेंसर और स्पेस रोबोटिक्स पर केंद्रित है।
पदN. Jayan: VSSC में क्रायोजेनिक प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी विकास के पूर्व प्रमुख।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत के आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को प्राप्त करने में स्वदेशी तरल प्रणोदन (liquid propulsion) और जड़त्वीय नेविगेशन प्रणालियों (inertial navigation systems) के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: OpenAI ने राष्ट्रीय सुरक्षा और फ्रंटियर AI मॉडल्स के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल सुनिश्चित करने हेतु अमेरिकी सरकार के अनुरोध के कारण अपने GPT-5.6 मॉडल के सार्वजनिक रोलआउट को स्थगित कर दिया है।
OpenAI, GPT-5.6 के सार्वजनिक विमोचन में विलंब कर रहा है ताकि प्रमाणित भागीदारों की पहुंच और सरकारी निरीक्षण सुनिश्चित किया जा सके। यह निर्णय उच्च-क्षमता वाली AI प्रणालियों से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों से संबंधित चिंताओं से प्रेरित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकGPT-5.6: OpenAI द्वारा विकसित एक frontier AI मॉडल, जो वर्तमान में प्रतिबंधित परीक्षण (restricted testing) के दौर से गुजर रहा है।
पदOpenAI: एक निजी अनुसंधान संगठन जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (large language models) पर केंद्रित है।
तथ्यअमेरिकी सरकार संभावित सुरक्षा खतरों की पहचान करने के लिए frontier AI मॉडल्स तक शीघ्र पहुंच प्राप्त करने का प्रयास कर रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तेजी से हो रहे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) नवाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा की आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों तथा फ्रंटियर एआई (frontier AI) मॉडलों के लिए अंतर्राष्ट्रीय विनियामक ढांचे की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: CHARUSAT और PRL के शोधकर्ताओं ने अंतरिक्ष अन्वेषण में सहायता हेतु प्रयोगशाला परिवेश में अन्य ग्रहों पर बिजली गिरने की स्थिति का अनुकरण करने वाली तकनीक के लिए पेटेंट प्राप्त किया है।
यह तकनीक विभिन्न ग्रहों के वायुमंडलीय परिवेश में बिजली के प्रभाव को पुन: उत्पन्न करने के लिए एक अनुकूलित वैक्यूम चैंबर और उच्च-वोल्टेज सेटअप का उपयोग करती है। इस परियोजना को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा वित्तपोषित किया गया था और इसे चरोतर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (CHARUSAT) एवं फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी (PRL) के शोधकर्ताओं की एक टीम द्वारा विकसित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकPRL (Physical Research Laboratory) अंतरिक्ष और भू-भौतिकी (geophysics) पर केंद्रित भारत का एक प्रमुख अनुसंधान संस्थान है।
विज्ञान-तकनीकयह तकनीक विशेष रूप से शुक्र, बृहस्पति और शनि जैसे ग्रहों के लिए बिजली की घटनाओं का अनुकरण करती है।
तथ्ययह परियोजना स्वदेशी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देनेके लिए 'Atmanirbhar Bharat' पहल के अनुरूप है।
संस्थाISRO (Indian Space Research Organisation) भारत की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में स्वदेशी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का विकास भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण में किस प्रकार योगदान देता है? विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारतीय रेलवे ने शून्य-उत्सर्जन रेल परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिंद-सोनीपत मार्ग के लिए अपनी पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल-संचालित ट्रेन को मंजूरी दी है।
यह 10-कोच वाली ट्रेन 2,400 kW की हाइड्रोजन प्रणोदन प्रणाली (hydrogen propulsion system) से सुसज्जित है, जो 120 किमी/घंटा की गति प्राप्त करने में सक्षम है। इसे शून्य हानिकारक उत्सर्जन उत्पन्न करने के लिए निर्मित किया गया है, जो पारंपरिक डीजल-संचालित इंजनों के एक स्वच्छ विकल्प के रूप में कार्य करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकहाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक हाइड्रोजन से रासायनिक ऊर्जा को विद्युत में परिवर्तित करती है, जो ट्रेन के प्रोपल्शन सिस्टम को शक्ति प्रदान करती है।
तथ्यअनुमोदित हाइड्रोजन ट्रेन में 2,400 kW का प्रोपल्शन सिस्टम और 120 km/h की अधिकतम गति है।
स्थानहरियाणा में जिंद-सोनीपत मार्ग पर पहली हाइड्रोजन ट्रेन संचालित होगी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के रेलवे नेटवर्क को कार्बन मुक्त बनाने में हाइड्रोजन ईंधन सेल तकनीक की क्षमता और हरित हाइड्रोजन बुनियादी ढांचे की स्थापना में आने वाली तार्किक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: अमेरिका के एक 23 वर्षीय व्यक्ति 'Casgevy' नामक CRISPR-आधारित जीन-संपादन चिकित्सा के माध्यम से सिकल सेल रोग से कार्यात्मक रूप से उपचार पाने वाले पहले व्यक्ति बने हैं।
Casgevy, Vertex Pharmaceuticals और CRISPR Therapeutics द्वारा विकसित एक CRISPR-आधारित चिकित्सा पद्धति है। यह उपचार रोगी की अपनी ही रक्त-निर्माण करने वाली स्टेम कोशिकाओं का उपयोग करके भ्रूण हीमोग्लोबिन उत्पादन को पुनर्जीवित करता है, ताकि लाल रक्त कोशिकाओं के विरूपण को रोका जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकCRISPR-Cas9: सटीक जीनोम एडिटिंग (genome editing) के लिए एक उपकरण जो वैज्ञानिकों को DNA अनुक्रमों को 'काटने' और 'जोड़ने' की अनुमति देता है।
विज्ञान-तकनीकCasgevy: सिकल सेल रोग के लिए स्वीकृत CRISPR-आधारित जीन-एडिटिंग थेरेपी।
तथ्यमरीज को मार्च 2026 में संपादित कोशिकाएं (edited cells) प्राप्त हुईं और अप्रैल 2026 में सामान्य हीमोग्लोबिन स्तर के साथ छुट्टी दे दी गई।
विज्ञान-तकनीकफीटल हीमोग्लोबिन (Fetal Haemoglobin): भ्रूण विकास के दौरान उत्पादित हीमोग्लोबिन का एक प्रकार, जो सामान्यतः जन्म के बाद निष्क्रिय (silenced) हो जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वंशानुगत रक्त विकारों के उपचार में क्रांति लाने की क्षमता रखने वाली CRISPR-आधारित जीन-संपादन प्रौद्योगिकियों की क्षमता और मानव जीनोम संपादन से जुड़े नैतिक निहितार्थों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
चर्चा में क्यों: IIT-कानपुर के एयरवात रिसर्च फाउंडेशन (ARF) ने वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के अधिक सटीक पूर्वानुमान हेतु एक AI-आधारित प्रणाली विकसित करने के लिए दिल्ली पर्यावरण विभाग के साथ साझेदारी की है।
इस परियोजना का उद्देश्य मशीन लर्निंग के माध्यम से वास्तविक समय (live) के आंकड़ों का विश्लेषण करके दिल्ली के शीतकालीन प्रदूषण के लिए पूर्वानुमान की सटीकता और प्रतिक्रिया समय में सुधार करना है। यह परियोजना वर्तमान मॉडलों की सीमाओं, जैसे कि पुराने उत्सर्जन डेटाबेस और वर्ष भर परीक्षण के अभाव को दूर करती है, साथ ही इसे 'ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान' (GRAP) और 'नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम' (NCAP) के साथ एकीकृत करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकदिल्ली में सूक्ष्म, वास्तविक समय (real-time) के AQI पूर्वानुमान प्रदान करने के लिए Machine learning मॉडलों का उपयोग किया जा रहा है।
संस्थाAirawat Research Foundation (ARF) एक शोध संस्था है जो IIT-Kanpur से संबद्ध है।
योजनाNCAP (National Clean Air Programme) भारत में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए केंद्रीय पहल है।
योजनाGRAP (Graded Response Action Plan) दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन उपायों का एक समूह है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के शहरी केंद्रों में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) की प्रभावकारिता को बढ़ाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग के एकीकरण की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: चेन्नई के ग्लेनीगल्स अस्पताल में एक किशोर के फेफड़ों का उपयोग करते हुए भारत का पहला सफल वयस्क फेफड़े प्रत्यारोपण (लंग ट्रांसप्लांट) संपन्न हुआ, जो अंग प्रत्यारोपण के क्षेत्र में हुई प्रगति को रेखांकित करता है।
रुमेटोइड अर्थराइटिस से संबंधित इंटरस्टिशियल लंग डिजीज से पीड़ित एक 39 वर्षीय महिला को प्रत्यारोपण प्राप्त हुआ। चेन्नई स्थित ग्लेनीगल्स अस्पताल में गोविनी बालसुब्रमण्यम के नेतृत्व वाली टीम द्वारा यह प्रक्रिया संपन्न की गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकRheumatoid arthritis-associated interstitial lung disease (RA-ILD) रूमेटोइड अर्थराइटिस की एक जटिलता है जो फेफड़ों के ऊतकों (lung tissue) को प्रभावित करती है।
पदगोविनी बालसुब्रमण्यम ने एक किशोर दाता से भारत के पहले वयस्क फेफड़े प्रत्यारोपण (lung transplant) के लिए सर्जिकल टीम का नेतृत्व किया।
तथ्ययह प्रत्यारोपण 13 वर्षीय डोनर के अंगों का उपयोग करके 39 वर्षीय रोगी पर किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी नैतिक और तार्किक चुनौतियों, विशेष रूप से दाताओं की कमी और एक सुदृढ़ राष्ट्रीय रजिस्ट्री की आवश्यकता के संदर्भ में, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: चीन के 'LineShine' सुपरकंप्यूटर ने TOP500 रैंकिंग में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जिसने अमेरिकी प्रणालियों को पछाड़ दिया है और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (HPC) नेतृत्व में आए बदलाव को रेखांकित किया है।
LineShine प्रणाली चीन के शेन्ज़ेन स्थित एक राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग केंद्र में स्थापित है। इसने नवीनतम TOP500 रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो पारंपरिक बेंचमार्क के आधार पर विश्व के सबसे तीव्र सुपरकंप्यूटरों का मापन करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकTOP500: फ्लोटिंग-पॉइंट प्रदर्शन के आधार पर दुनिया के सबसे तेज़ सुपरकंप्यूटरों की एक वैश्विक रैंकिंग।
तथ्यLineShine: एक चीनी सुपरकंप्यूटर और TOP500 सूची में वर्तमान में शीर्ष स्थान पर स्थित प्रणाली।
स्थानशेनझेन: LineShine सिस्टम को धारण करने वाले राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग केंद्र का स्थान।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (HPC) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विशिष्ट कार्यभार के विकास ने वैश्विक तकनीकी परिदृश्य और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को किस प्रकार पुनर्गठित किया है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: Jio Platforms का IPO और विकसित होता AI परिदृश्य, आधारभूत AI मॉडल के उत्पादक बनने अथवा वैश्विक प्रौद्योगिकियों के उपभोक्ता बनने के मध्य भारत के रणनीतिक विकल्प को रेखांकित करता है।
भारत के पास विशाल डेटा संसाधन और AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के कार्यान्वयन हेतु उपयुक्त विविध उपयोग-मामले उपलब्ध हैं। वर्तमान तकनीकी प्रक्षेपवक्र डिजिटल सेवाओं के लिए बुनियादी ढांचा निर्माण पर केंद्रित है, जिसमें आधारभूत AI मॉडल में निवेश हेतु एक महत्वपूर्ण अवसर विद्यमान है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
विज्ञान-तकनीकफाउंडेशनल मॉडल्स (Foundational Models): विशाल डेटासेट पर प्रशिक्षित बड़े पैमाने के AI मॉडल जो व्यापक कार्यों को निष्पादित करने में सक्षम होते हैं।
तथ्यभारत की AI रणनीति घरेलू डेटा संसाधनों का उपयोग करके उन्हें डिप्लॉयमेंट हब के रूप में विकसित करने पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के आर्थिक परिदृश्य में मौजूदा एआई प्रौद्योगिकियों के लिए एक वैश्विक तैनाती केंद्र (global deployment hub) बनने के बजाय स्वदेशी आधारभूत एआई मॉडल (indigenous foundational AI models) विकसित करने के रणनीतिक महत्व का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: NASA के पर्सिवेरेंस (Perseverance) रोवर ने जेज़ेरो क्रेटर (Jezero Crater) में जटिल कार्बनिक यौगिकों का पता लगाया है, जो अतीत में मंगल ग्रह की संभावित जीवन-अनुकूलता के महत्वपूर्ण प्रमाण प्रदान करते हैं।
यह खोज Perseverance रोवर पर स्थित SHERLOC उपकरण के माध्यम से की गई थी। नमूने जेज़ेरो क्रेटर (Jezero Crater) से प्राप्त मडस्टोन (mudstone) से एकत्रित किए गए थे और इन्हें 'Science Advances' पत्रिका में प्रकाशित किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकSHERLOC: NASA के Perseverance रोवर पर लगा एक spectrometer उपकरण जिसका उपयोग कार्बनिक यौगिकों (organic compounds) का पता लगाने के लिए किया जाता है।
स्थानजेज़ेरो क्रेटर (Jezero Crater): मंगल ग्रह पर एक ऐसा स्थल जिसे प्राचीन नदी डेल्टा और झील प्रणालियों के साक्ष्यों के कारण अन्वेषण के लिए चुना गया है।
तथ्यमैक्रोमोलेक्यूलर कार्बन (Macromolecular carbon): इसे मंगल ग्रह के मडस्टोन (mudstone) में पाया गया है और यह पृथ्वी पर जीवन के एक प्रमुख आधारभूत घटक के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: जीवन की उत्पत्ति को समझने में ग्रहों की खोज के महत्व और मंगल से नमूने वापस लाने के मिशनों में शामिल तकनीकी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: Amazon ने भारत में अपने AI और क्लाउड बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए 13 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य देश की डेटा सेंटर क्षमता और AI क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।
अमेज़न ने विशेष रूप से मुंबई और हैदराबाद में डेटा सेंटर विस्तार हेतु आगामी चार वर्षों में 13 बिलियन डॉलर निवेश करने की योजना बनाई है। इससे भारत में 2026 और 2030 के मध्य AI और क्लाउड बुनियादी ढांचे पर इसके कुल नियोजित व्यय की राशि 21 बिलियन डॉलर से अधिक हो जाएगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारत में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर Amazon का कुल नियोजित खर्च 2026 और 2030 के बीच $21 बिलियन से अधिक है।
विज्ञान-तकनीकTrainium: Amazon के कस्टम-डिज़ाइन किए गए चिप्स जिन्हें विशेष रूप से बड़े पैमाने पर AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए बनाया गया है।
स्थानमुंबई और हैदराबाद Amazon के डेटा सेंटर विस्तार के लिए भारत में प्राथमिक केंद्र हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक तकनीकी दिग्गजों द्वारा निजी क्लाउड अवसंरचना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) क्षमताओं के विस्तार किस प्रकार भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक सेवा वितरण को उत्प्रेरित कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: NASA ने सौर गतिविधियों के कारण वायुमंडलीय पुन: प्रवेश (atmospheric reentry) से 'निल गेह्रल्स स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी' को बचाने के लिए 'LINK' रोबोटिक अंतरिक्ष यान को प्रक्षेपित करने हेतु 'Katalyst Space' के साथ साझेदारी की है।
निल गेह्रल्स स्विफ्ट वेधशाला एक अंतरिक्ष दूरबीन है जिसे गामा-रे बर्स्ट का अध्ययन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। NASA और Katalyst Space ने LINK रोबोटिक अंतरिक्ष यान विकसित किया है, जिसका उद्देश्य इस वेधशाला को ग्रहण करना और इसे उच्च कक्षा में स्थापित करना है ताकि वायुमंडल में इसके जलने से बचा जा सके।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकNeil Gehrels Swift Observatory: एक अंतरिक्ष दूरबीन जिसे विशेष रूप से गामा-रे बर्स्ट (gamma-ray bursts) के अध्ययन के लिए डिज़ाइन किया गया है।
विज्ञान-तकनीकNASA और Katalyst Space द्वारा उपग्रह बचाव और कक्षीय पैंतरेबाज़ी (orbital maneuvering) के लिए विकसित एक रोबोटिक अंतरिक्ष यान।
तथ्यइस मिशन का उद्देश्य वायुमंडलीय पुन: प्रवेश (atmospheric reentry) को रोकने के लिए कई महीनों में वेधशाला की कक्षा को ऊपर उठाना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष अन्वेषण की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने में कक्षीय मलबे के प्रबंधन और उपग्रह सेवा प्रौद्योगिकियों के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: ePlane कंपनी ने भारत के प्रथम पूर्ण-स्तरीय eVTOL प्रोटोटाइप, e200X का अनावरण किया है, जो शहरी वायु गतिशीलता (urban air mobility) और इलेक्ट्रिक विमानन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
चेन्नई स्थित 'ePlane Company' ने e200X प्रोटोटाइप का निर्माण किया है। इस विमान को यात्री एयर टैक्सी, शहरी कार्गो और एयर एम्बुलेंस सेवाओं के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका लक्ष्य जमीनी और उड़ान परीक्षणों के माध्यम से 'Type Certification' प्राप्त करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकeVTOL: Electric Vertical Takeoff and Landing विमान ऊर्ध्वाधर रूप से उड़ान भरने और उतरने के लिए वितरित विद्युत प्रणोदन (distributed electric propulsion) का उपयोग करते हैं।
तथ्यe200X: ePlane Company द्वारा भारत में असेंबल किया गया पहले पूर्ण-पैमाने के eVTOL प्रोटोटाइप का विशिष्ट मॉडल।
पदसत्य चक्रवर्ती: चेन्नई स्थित ePlane कंपनी के संस्थापक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के तेजी से विस्तारित होते महानगरीय क्षेत्रों में शहरी रसद (लॉजिस्टिक्स) और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में क्रांति लाने की क्षमता के संदर्भ में eVTOL तकनीक की संभावनाओं का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: NASA ने 2031 में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) को प्रशांत महासागर में नियंत्रित पुन: प्रवेश (re-entry) कराने की योजना की घोषणा की है, जिससे गहरे समुद्र में मलबे से संबंधित पर्यावरणीय चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं।
ISS के मिशन के 2030 के आसपास संपन्न होने का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके लिए 2031 में नियंत्रित पुन: प्रवेश (re-entry) की योजना बनाई गई है। NASA का उद्देश्य मानव जीवन के लिए जोखिमों को न्यूनतम करने हेतु अंतरिक्ष स्टेशन के मलबे को दक्षिण प्रशांत महासागर के एक सुदूर क्षेत्र, 'पॉइंट नेमो' की ओर निर्देशित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानपॉइंट नेमो (Point Nemo): दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक क्षेत्र जिसे उपग्रहों के निपटान के लिए 'स्पेसक्राफ्ट सिमेट्री' (spacecraft cemetery) के रूप में जाना जाता है।
विज्ञान-तकनीकISS: International Space Station, निम्न पृथ्वी कक्षा (low Earth orbit) में स्थित एक मॉड्यूलर अंतरिक्ष स्टेशन है।
तथ्यNASA ने 2031 में ISS के प्रशांत महासागर में नियंत्रित पुन: प्रवेश (re-entry) की योजना बनाई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष मलबे और अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अंतरिक्ष बुनियादी ढांचे के निपटान के पर्यावरणीय और पारिस्थितिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: Wockhardt को ZAYNICH™ के लिए US FDA से अनुमोदन प्राप्त हुआ है, जो रोगाणुरोधी प्रतिरोध (antimicrobial resistance) से निपटने के लिए किसी भारतीय दवा कंपनी द्वारा पूर्णतः खोजा गया और व्यावसायीकृत पहला नवीन एंटीबायोटिक है।
ZAYNICH™ एक नवीन एंटीबायोटिक है जिसे प्रतिरोधी ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया के कारण होने वाले जटिल मूत्र मार्ग के संक्रमण के उपचार हेतु विकसित किया गया है। इसका विकास छत्रपति संभाजीनगर स्थित वोकहार्ट (Wockhardt) के अनुसंधान केंद्र में 17 वर्षों की अवधि में किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकZAYNICH™: प्रतिरोधी ग्राम-नेगेटिव (Gram-negative) बैक्टीरिया के उपचार के लिए एक नवीन एंटीबायोटिक।
तथ्यविकास की समयरेखा: 17 वर्षों का अनुसंधान और विकास।
पदUS FDA: United States Food and Drug Administration वह नियामक संस्था है जिसने अनुमोदन प्रदान किया।
स्थानछत्रपति संभाजीनगर: उस अनुसंधान केंद्र का स्थान जहाँ दवा विकसित की गई थी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के वैश्विक संकट के समाधान में भारत की फार्मास्युटिकल अनुसंधान एवं विकास (R&D) क्षमताओं के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: TAMU-SPIRIT मिशन के एक भाग के रूप में, टेक्सास ए&एम यूनिवर्सिटी और एजिस एयरोस्पेस, फसल की सहनशीलता पर ब्रह्मांडीय विकिरण के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए ISS को अंगूर के बीज भेज रहे हैं।
TAMU-SPIRIT मिशन के अंतर्गत छह महीने के अध्ययन हेतु अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) को सैकड़ों अंगूर के बीज भेजे जाएंगे। इस प्रयोग का मुख्य उद्देश्य ब्रह्मांडीय किरणों के संपर्क में आने से उत्पन्न होने वाले आनुवंशिक परिवर्तनों और विकास संबंधी भिन्नताओं का विश्लेषण करना है, जिसकी तुलना भू-आधारित नियंत्रण बीजों से की जाएगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकTAMU-SPIRIT: अंतरिक्ष विकिरण (space radiation) के पौधों के आनुवंशिकी (genetics) और फसल लचीलेपन (crop resilience) पर प्रभावों का अध्ययन करने वाला एक मिशन।
स्थानInternational Space Station (ISS): निम्न पृथ्वी कक्षा (low Earth orbit) में स्थित एक मॉड्यूलर अंतरिक्ष स्टेशन।
तथ्यअध्ययन की अवधि: कॉस्मिक किरणों (cosmic rays) के संपर्क में 6 महीने का समय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष-आधारित जैविक अनुसंधान वैश्विक खाद्य सुरक्षा और जलवायु-अनुकूल कृषि के विकास में किस प्रकार योगदान दे सकता है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने तकनीकी आधारित MSMEs को बढ़ावा देने के लिए उच्च शिक्षा और उद्योग के मध्य की दूरी को कम करने हेतु कॉलेज इनक्यूबेशन केंद्र स्थापित करने की योजना की घोषणा की है।
केरल के उद्योग और आईटी मंत्री, पी.के. कुनहलिकुट्टी ने उच्च शिक्षण संस्थानों को औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ने की पहल की घोषणा की है। इसके प्राथमिक उद्देश्यों में MSMEs को बढ़ावा देना, युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार करना और राज्य से छात्रों के पलायन को कम करना शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यMSME: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम भारत में औद्योगिक विकास और रोजगार के प्रमुख चालक हैं।
स्थानकेरल: युवाओं के लिए तकनीक-आधारित इनक्यूबेशन पर केंद्रित राज्य सरकार की पहल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: केरल जैसे राज्यों में उद्यमिता को बढ़ावा देने और युवाओं के पलायन को रोकने के लिए महाविद्यालय-आधारित इनक्यूबेशन केंद्रों की स्थापना किस प्रकार शिक्षा जगत और उद्योग के बीच की खाई को पाटने में सहायक हो सकती है? चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारतीय नौसेना ने कोलकाता में स्वदेश निर्मित तीन युद्धपोतों (INS Dunagiri, INS Sandhayak, और INS Agray) को कमीशन किया है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' रक्षा पहल में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इन जहाजों को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिप बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स सुविधा में कमीशन किया गया था। इस परियोजना में 200 से अधिक MSMEs की भागीदारी शामिल थी, जो बड़े पैमाने पर रक्षा विनिर्माण में लघु उद्योगों के एकीकरण को रेखांकित करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकINS Dunagiri: उन्नत हथियार प्रणालियों से लैस एक स्टील्थ फ्रिगेट।
विज्ञान-तकनीकINS Sandhayak: एक हाइड्रोोग्राफिक सर्वे वेसल जिसे समुद्र विज्ञान और समुद्री तल (seabed) सर्वेक्षण के लिए डिजाइन किया गया है।
विज्ञान-तकनीकINS Agray: पनडुब्बी खतरों का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किया गया एक एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट।
तथ्यइन तीन युद्धपोतों के स्वदेशी निर्माण में 200 से अधिक MSMEs ने योगदान दिया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एमएसएमई (MSME) एकीकरण के माध्यम से स्वदेशी रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देना भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक लचीलेपन में किस प्रकार योगदान देता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: NASA ने वायुमंडलीय खिंचाव (atmospheric drag) से 'निल गेह्रल्स स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी' को बचाने के लिए 'लिंक' अंतरिक्ष यान विकसित करने हेतु स्टार्टअप 'कैटालिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज' के साथ साझेदारी की है।
NASA का नील गेह्रल्स स्विफ्ट वेधशाला (Neil Gehrels Swift Observatory) वायुमंडलीय खिंचाव के कारण अपनी ऊंचाई खो रहा है। स्टार्टअप 'Katalyst Space Technologies' को 'Link' अंतरिक्ष यान के निर्माण हेतु चुना गया है, जिसका उद्देश्य वेधशाला के साथ संपर्क स्थापित करना और उसे उच्च कक्षा में प्रक्षेपित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकNeil Gehrels Swift Observatory: NASA का एक अंतरिक्ष वेधशाला जिसे गामा-रे और X-ray बर्स्ट्स का पता लगाने और उनका अध्ययन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
विज्ञान-तकनीकKatalyst Space Technologies: 'Link' स्पेसक्राफ्ट मिशन के लिए चयनित एरिज़ोना स्थित एक स्टार्टअप।
तथ्यइस बचाव अभियान का उद्देश्य Swift Observatory के परिचालन जीवन को कम से कम पांच वर्षों तक बढ़ाना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरिक्ष अन्वेषण में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) के महत्व और कक्षीय बुनियादी ढांचे के रखरखाव एवं स्थिरता सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: National Testing Agency (NTA) द्वारा इलेक्ट्रॉनिक कदाचार को रोकनेके लिए कड़ी सुरक्षा के साथ 21 जून, 2026 को NEET (UG) पुन: परीक्षा आयोजित की जा रही है।
NEET (UG) पुन: परीक्षा के लिए 22 लाख से अधिक उम्मीदवार पंजीकृत हैं। NTA ने 95,000 परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी, जैमर और मॉक ड्रिल सहित सुरक्षा उपाय तैनात किए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाNTA: National Testing Agency एक स्वायत्त निकाय है जो NEET और JEE जैसी प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं के संचालन के लिए उत्तरदायी है।
तथ्यNEET (UG) पुन: परीक्षा 21 जून, 2026 के लिए निर्धारित है।
तथ्यपरीक्षा का आयोजन English और 12 भारतीय भाषाओं में किया जाता है।
तथ्यपुनः परीक्षण (re-test) के लिए 95,000 से अधिक परीक्षा कक्षों में प्रत्येक के लिए दो निरीक्षक (invigilators) तैनात किए गए हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की अखंडता बनाए रखने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और तकनीकी कदाचार को रोकने के लिए उचित उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: Google DeepMind ने अत्यधिक स्वायत्त AI एजेंटों से उत्पन्न होने वाले जोखिमों के प्रबंधन हेतु एक नया 'AI नियंत्रण रोडमैप' प्रस्तुत किया है, जिसके अंतर्गत इन एजेंटों को संभावित 'इनसाइडर थ्रेट' (आंतरिक खतरे) के रूप में माना जाएगा।
Google DeepMind ने AI सुरक्षा हेतु 'डिफेंस-इन-डेप्थ' (defense-in-depth) रणनीति प्रस्तुत की है। इस ढांचे में एक आंतरिक निगरानी प्रोटोटाइप शामिल है, जिसे स्वायत्त AI प्रणालियों में संदिग्ध व्यवहार और अनपेक्षित परिणामों की पहचान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकDefense-in-depth: अनधिकृत पहुंच या असामाजिक व्यवहार से सुरक्षा के लिए सुरक्षा की कई परतों का उपयोग करने वाली एक सुरक्षा रणनीति।
विज्ञान-तकनीकAI Alignment: AI प्रणालियों के लक्ष्यों और व्यवहारों को मानवीय मूल्यों और इरादों के अनुरूप सुनिश्चित करने की प्रक्रिया।
विज्ञान-तकनीकGoogle DeepMind: Alphabet Inc. की एक सहायक कंपनी जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अनुसंधान में विशेषज्ञता रखती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अत्यधिक स्वायत्त एआई (AI) एजेंटों के नैतिक और सुरक्षा निहितार्थों पर चर्चा कीजिए और उनकी अनियंत्रित गतिविधियों को कम करने के लिए एक बहुस्तरीय 'डिफेंस-इन-डेप्थ' (defense-in-depth) ढांचे की आवश्यकता का मूल्यांकन कीजिए।
चर्चा में क्यों: मोदी सरकार ने वैश्विक स्तर पर कार्यरत भारतीय शोधकर्ताओं को वापस आने और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों पर कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करके 'ब्रेन ड्रेन' (प्रतिभा पलायन) को रोकने हेतु 'प्रधानमंत्री रिसर्च चेयर स्कीम 2026' शुरू की है।
यह योजना उन्नत कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा सहित उच्च-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लक्षित करती है। वित्तीय सहायता और अनुसंधान बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए सात प्रमुख भारतीय संस्थानों को अग्रणी केंद्रों के रूप में नामित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनाप्रधानमंत्री रिसर्च चेयर योजना 2026: वैश्विक स्तर पर कार्यरत भारतीय शोधकर्ताओं को घरेलू संस्थानों में वापस लानेकी पहल।
तथ्यइस योजना के लक्षित क्षेत्रों में उन्नत कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर्स, ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा शामिल हैं।
संस्थायोजना के कार्यान्वयन के लिए सात प्रमुख संस्थानों को अग्रणी केंद्र (lead centers) के रूप में नामित किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उच्च-तकनीकी क्षेत्रों में वित्तीय प्रोत्साहन और अनुसंधान कुर्सियों की उपलब्धता के बावजूद, 'ब्रेन ड्रेन' (प्रतिभा पलायन) को रोकने में भारत के समक्ष आने वाली संरचनात्मक और प्रणालीगत चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: दिल्ली सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की ओर संक्रमण को गति देनेके उद्देश्य से अप्रैल 2028 से नए इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) वाले दोपहिया वाहनों और CNG ऑटो रिक्शा पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
दिल्ली सरकार की योजना अप्रैल 2028 से नए ICE दोपहिया वाहनों और CNG ऑटो-रिक्शाओं पर प्रतिबंध लागू करने की है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य शहरी वायु प्रदूषण को कम करना और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों (ZEV) को अनिवार्य बनाना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यदिल्ली में नए ICE दोपहिया वाहनों और CNG ऑटो पर प्रतिबंध अप्रैल 2028 से लागू होने वाला है।
विज्ञान-तकनीकZEV (Zero Emission Vehicles) उन वाहनों को संदर्भित करता है जो टेलपाइप उत्सर्जन शून्य उत्पन्न करते हैं, जिनमें मुख्य रूप से EVs और हाइड्रोजन फ्यूल सेल वाहन शामिल हैं।
स्थानICE वाहनों के विरुद्ध इस विशिष्ट नियामक प्रतिक्रिया के लिए दिल्ली प्राथमिक क्षेत्राधिकार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दिल्ली जैसे शहरी केंद्रों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों (ZEV) की ओर संक्रमण को गति देने में विनियामक शासनों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री मोदी कोलकाता में समुद्री सुरक्षा और घरेलू जहाज निर्माण को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से स्वदेश निर्मित तीन नौसैनिक प्लेटफार्मों (Dunagiri, Sanshodhak, और Agray) का लोकार्पण करेंगे।
इन प्लेटफार्मों का अभिकल्प भारतीय नौसेना के 'वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो' द्वारा तैयार किया गया था और इनका निर्माण 'गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स' (GRSE) द्वारा किया गया। ये पोत समुद्री युद्ध, जल-सर्वेक्षण और पनडुब्बी-रोधी युद्ध की क्षमताओं से सुसज्जित हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकDunagiri, Sanshodhak, और Agray भारतीय नौसेना के स्वदेशी रूप से निर्मित फ्रंटलाइन प्लेटफॉर्म हैं।
संस्थाWarship Design Bureau भारत में नौसैनिक जहाजों के डिजाइन के लिए एक विशिष्ट निकाय है।
पदGarden Reach Shipbuilders & Engineers (GRSE) एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (Public Sector Undertaking) है जो नौसेना जहाज निर्माण (naval shipbuilding) में संलग्न है।
स्थानकोलकाता 21 जून, 2024 को कमीशनिंग समारोह का स्थल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: स्वदेशी जहाज निर्माण को बढ़ावा देना किस प्रकार भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान और इसकी रणनीतिक समुद्री सुरक्षा संरचना में योगदान देता है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्रालय ने कोलकाता-श्रेणी के जहाजों को ऊर्जा प्रदान करने के लिए 12 स्वदेशी 1.25 MW गैस टर्बाइन जनरेटरों हेतु भारत फोर्ज लिमिटेड के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे घरेलू समुद्री विनिर्माण को सुदृढ़ किया जाएगा।
रक्षा मंत्रालय ने 1.25 MW के 12 गैस टर्बाइन जनरेटरों के लिए भारत फोर्ज लिमिटेड को लगभग 425 करोड़ रुपये का अनुबंध प्रदान किया है। इन इकाइयों को कोलकाता-श्रेणी के जहाजों को ऊर्जा प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है और इन्हें रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 की 'बाय (इंडियन)' श्रेणी के अंतर्गत अधिग्रहित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
विज्ञान-तकनीकKolkata-class ships: भारतीय नौसेना द्वारा संचालित गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर का एक वर्ग।
तथ्यअनुबंध मूल्य: 1.25 MW के 12 गैस टर्बाइन जनरेटर सेटों के लिए लगभग Rs 425 करोड़।
संस्थाBharat Forge Limited: समुद्री गैस टरबाइन व्यवसाय में प्रवेश करने वाली एक भारतीय निर्माता।
अधिनियम / विधेयकDefence Acquisition Procedure (DAP) 2020: भारत में रक्षा उपकरणों की खरीद को नियंत्रित करने वाला ढांचा।
तथ्यBuy (Indian) श्रेणी: DAP 2020 के तहत स्वदेशी उत्पादों के लिए एक खरीद प्राथमिकता।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया 2020 के अंतर्गत 'बाय (इंडियन)' नीति किस प्रकार समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' पहल में योगदान देती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: अमरावती क्वांटम वैली (AQV) ने अपने क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी (QRF) में स्व-निर्मित रेफ्रिजरेटर को 4 केल्विन (-269°C) तक ठंडा करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
मेधा टावर्स स्थित क्वांटम रेफरेंस फैसिलिटी (QRF) क्वांटम प्रौद्योगिकियों के लिए एक राष्ट्रीय परीक्षण केंद्र (टेस्टबेड) के रूप में कार्य करती है। यह परियोजना क्वांटम हार्डवेयर और क्रायोजेनिक सिस्टम विकसित करने के उद्देश्य से आंध्र प्रदेश सरकार, Qbit Force और Qubitech के मध्य एक सहयोगात्मक प्रयास है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकQuantum Reference Facility (QRF): क्रायोजेनिक सिस्टम, वैक्यूम इंजीनियरिंग और क्वांटम कंट्रोल सिस्टम के परीक्षण के लिए एक राष्ट्रीय टेस्टबेड।
तथ्यइस सुविधा ने क्वांटम हार्डवेयर परीक्षण के लिए 4 Kelvin (-269°C) का तापमान प्राप्त किया।
स्थानAmaravati Quantum Valley (AQV) आंध्र प्रदेश में स्थित है।
विज्ञान-तकनीकक्रायोजेनिक सिस्टम: क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए आवश्यक अत्यंत निम्न तापमान उत्पन्न करने हेतु उपयोग की जाने वाली तकनीकें।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के तकनीकी आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने में स्वदेशी क्वांटम हार्डवेयर और क्रायोजेनिक बुनियादी ढांचे के विकास के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: एक भारतीय न्यायालय ने टेलीग्राम (Telegram) प्लेटफॉर्म पर चिकित्सा प्रवेश परीक्षा के लीक हुए प्रश्नों की बिक्री के कारण सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखा है।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने उक्त ऐप को अवरुद्ध कर दिया है और इसे ऐप स्टोर से हटा दिया है। न्यायालय ने टेलीग्राम की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उचित प्रक्रिया के अभाव और सरकार के दावों को गलत बताते हुए तर्क दिए गए थे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थासूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY): भारत की IT नीति और साइबर सुरक्षा के लिए नोडल मंत्रालय।
तथ्यTelegram: एक क्लाउड-आधारित इंस्टेंट मैसेजिंग सेवा जो MTProto प्रोटोकॉल का उपयोग करती है।
विज्ञान-तकनीकApp Store/Play Store: डिजिटल वितरण प्लेटफॉर्म जहाँ ऐप्स को होस्ट किया जाता है और प्लेटफॉर्म-विशिष्ट नीतियों द्वारा विनियमित किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और निजता के अधिकार के बीच संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर अवैध सामग्री के प्रसार को रोकने के राज्य के दायित्व से जुड़ी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत ने वर्ष 2045 तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 GW तक बढ़ाने की व्यापक योजना बनाई है, वहीं IAEA ने भारत के शून्य-दुर्घटना वाले सुरक्षा रिकॉर्ड की पुष्टि की है।
भारत का लक्ष्य 21 वर्षों की अवधि के भीतर अपनी परमाणु क्षमता को 8 GW से बढ़ाकर 100 GW करने का है। वियना स्थित IAEA की 'इंसिडेंट एंड इमरजेंसी सेंटर' वैश्विक परमाणु सुरक्षा की निगरानी करती है और फुुकुशिमा आपदा जैसी घटनाओं के प्रति समन्वित प्रतिक्रियाओं का प्रबंधन करती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यभारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य: 2045 तक 100 GW।
संस्थाIAEA Incident and Emergency Centre वियना, ऑस्ट्रिया में स्थित है।
विज्ञान-तकनीकIAEA (International Atomic Energy Agency) परमाणु क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक वैश्विक मंच है।
तथ्यभारत की वर्तमान परमाणु क्षमता: 8 GW।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत द्वारा 2045 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 गीगावाट तक बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना में निहित चुनौतियों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।