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भाग I · स्था. 11.2025 
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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 1,347 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंग (491) · अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन) (337) · जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधान (228) · परमाणु एवं नई ऊर्जा तकनीक (181) · रक्षा तकनीक (106) · बौद्धिक संपदा अधिकार (4)

Defence Acquisition Council ने Armed Forces के लिए Rs 52,000 करोड़ के प्रस्तावों को दी मंजूरी

चर्चा में क्यों: रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने भारतीय सशस्त्र बलों की UAV और मिसाइल प्रणालियों की क्षमताओं को आधुनिक बनाने के लिए 52,000 करोड़ रुपये के खरीद पैकेज को मंजूरी दी है।

रक्षा अधिग्रहण समिति (DAC) ने एंटी-UAV प्रणालियों, मिसाइल प्रणालियों और मानव रहित हवाई प्रणालियों (unmanned aerial systems) के अधिग्रहण को स्वीकृति प्रदान की है। विशिष्ट अनुमोदनों में मल्टी इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM), नेवल शिपबोर्न अनमैन्ड एरियल सिस्टम (NSUAS) और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम के लिए एक लैंड बेस्ड टेस्टिंग फैसिलिटी (LBTF) शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाDefence Acquisition Council (DAC): भारत में प्रमुख रक्षा खरीद को मंजूरी देने वाली सर्वोच्च संस्था।
  • विज्ञान-तकनीकNSUAS: समुद्री निगरानी के लिए डिज़ाइन किया गया Naval Shipborne Unmanned Aerial System।
  • विज्ञान-तकनीकLBTF: Electric Propulsion Systems के लिए विशेष रूप से Land Based Testing Facility।
  • तथ्यDAC द्वारा अनुमोदित कुल खरीद मूल्य: Rs 52,000 करोड़।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की समुद्री और स्थलीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए मानवरहित प्रणालियों (unmanned systems) और विद्युत प्रणोदन (electric propulsion) के क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकी प्रगति के महत्व पर चर्चा कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

IIT Madras और Kanpur ने July 2026 के लिए Cybersecurity डिग्री लॉन्च की

चर्चा में क्यों: भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुरक्षित करनेके उद्देश्य से, IIT Madras और IIT Kanpur ने जुलाई 2026 से शुरू होने वाले चार वर्षीय बैचलर ऑफ साइबरसिक्योरिटी (B.Cyber.) पाठ्यक्रम को शुरू करने के लिए साझेदारी की है।

यह कार्यक्रम जुलाई 2026 से प्रारंभ होने वाली चार वर्षीय स्नातक डिग्री है। इसमें महत्वपूर्ण संगठनों के पेशेवरों के साथ वास्तविक परियोजनाओं (live projects) से संबंधित दो वर्षीय 'फील्ड डिप्लॉयमेंट प्रोफेशनल प्रोजेक्ट' शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकB.Cyber. program: IIT Madras और IIT Kanpur द्वारा शुरू किया गया एक चार वर्षीय स्नातक (undergraduate) डिग्री प्रोग्राम।
  • तथ्यField Deployment Professional Project: B.Cyber. पाठ्यक्रम का एक दो-वर्षीय घटक जिसमें लाइव प्रोजेक्ट्स शामिल हैं।
  • संस्थाIIT Madras और IIT Kanpur: साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रम पर सहयोग करने वाले प्राथमिक शैक्षणिक संस्थान।
मेन्स के लिए

प्रश्न: बदलते वैश्विक साइबर खतरों के विरुद्ध भारत के महत्वपूर्ण सूचना बुनियादी ढांचे (critical information infrastructure) की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विशिष्ट साइबर सुरक्षा शिक्षा के महत्व पर चर्चा कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स

FSSAI ने पेय पदार्थों के उन ब्रांडों को नोटिस जारी किए हैं जिन्होंने स्थापित नियामक मानकों के बिना अपने उत्पादों को 'energy drinks' के रूप में गलत तरीके से ब्रांडेड किया था

चर्चा में क्यों: FSSAI ने पेय पदार्थों के उन ब्रांडों को नोटिस जारी किए हैं जिन्होंने स्थापित नियामक मानकों के बिना अपने उत्पादों को 'energy drinks' के रूप में गलत तरीके से ब्रांडेड किया था।

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) भारत में खाद्य सुरक्षा हेतु प्राथमिक नियामक निकाय है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पेय पदार्थ ऊर्जा का 'सृजन' नहीं कर सकता है, और नारियल पानी जैसे स्वस्थ विकल्प अधिक टिकाऊ हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाFSSAI: सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करने के लिए Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत गठित।
  • तथ्यFSSAI भारत में सभी खाद्य और पेय उत्पादों के लेबलिंग, विनिर्माण और वितरण को विनियमित करता है।
  • विज्ञान-तकनीकEnergy drinks में अक्सर कैफीन और taurine का उच्च स्तर होता है, जो सुरक्षा सीमाओं के अधीन होते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में तेजी से बढ़ते कार्यात्मक खाद्य और पेय पदार्थ (functional food and beverage) बाजार को विनियमित करने में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु उचित उपायों का सुझाव दीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

2.5 लाख भारतीयों ने नए Aadhaar App के जरिए 2 दिनों में अपडेट किए Email IDs

चर्चा में क्यों: UIDAI ने डिजिटल पहचान प्रबंधन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आधार ऐप में एक ऐसा फीचर लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से उपयोगकर्ता सीधे अपना ईमेल आईडी अपडेट कर सकेंगे।

UIDAI की नई सुविधा Android और iOS पर Aadhaar App के माध्यम से निःशुल्क ईमेल आईडी अपडेट करने की अनुमति प्रदान करती है। यह सेवा 1 जुलाई, 2026 से शुरू होनेवाले छह महीने की अवधि के लिए उपलब्ध होने के लिए निर्धारित है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाUIDAI: Aadhaar संख्या जारी करने और Unique Identification Authority of India के डेटाबेस के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार नोडल एजेंसी।
  • तथ्यविशेषता के लॉन्च के पहले दो दिनों के भीतर 2.5 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने अपने ईमेल ID अपडेट किए।
  • विज्ञान-तकनीकAadhaar App: एक मोबाइल एप्लिकेशन जो मोबाइल नंबर, पते और ईमेल ID को अपडेट करने के लिए सेल्फ-सर्विस सुविधाएँ प्रदान करता है।
  • तथ्यनया ईमेल अपडेट फीचर 1 जुलाई, 2026 से सक्रिय होने के लिए निर्धारित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: स्व-सेवा डिजिटल पहचान अपडेट के एकीकरण से 'डिजिटल इंडिया' मिशन और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के समावेश में किस प्रकार योगदान मिलता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

सरकार ने Apple और Google को 3 बैटरी मैनेजमेंट ऐप्स हटाने का निर्देश दिया

चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने ई-रिक्शा की बैटरियों को रिमोट के माध्यम से निष्क्रिय करने के जोखिम को देखते हुए Apple और Google को तीन बैटरी प्रबंधन ऐप (BAT-BMS, Lossigy, Epoch Li-ion) हटाने का निर्देश दिया है।

सूचना प्रौद्योगिकी सचिव, एस. कृष्णन ने ई-रिक्शा बैटरी प्रणालियों को दूरस्थ रूप से निष्क्रिय करने में सक्षम अनुप्रयोगों (apps) को हटाने की पुष्टि की है। इस कार्रवाई का उद्देश्य यात्रियों के लिए सुरक्षा खतरों को रोकना और ऐप स्टोर की अखंडता सुनिश्चित करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यहटाए जाने के लिए लक्षित ऐप्स: BAT-BMS, Lossigy, और Epoch Li-ion।
  • पदS Krishnan भारत के IT सचिव के रूप में कार्यरत हैं।
  • विज्ञान-तकनीकइन ऐप्स को ई-रिक्शा के लिए रिमोट बैटरी प्रबंधन/डिसेबलिंग में सक्षम पाया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में बढ़ते इलेक्ट्रिक वाहन बुनियादी ढांचे पर साइबर-भौतिक खतरों के निहितार्थों और तृतीय-पक्ष अनुप्रयोग पारिस्थितिकी तंत्र (third-party application ecosystems) को विनियमित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)प्रीलिम्स

8 साल बाद, BepiColombo 2026 में Mercury की कक्षा में पहुंचेगा

चर्चा में क्यों: ESA और JAXA का संयुक्त मिशन, बेपीकोलोम्बो (BepiColombo) अंतरिक्ष यान, आठ वर्षों की यात्रा के पश्चात नवंबर 2026 में बुध की कक्षा में प्रवेश करने के लिए निर्धारित है।

BepiColombo, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और जापानी एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) के मध्य एक सहयोगात्मक मिशन है। यह विशेष रूप से बुध ग्रह की कक्षा में स्थापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया दूसरा मिशन है, जो इस ग्रह के भू-विज्ञान, चुंबकीय क्षेत्र और रासायनिक संरचना से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करेगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकBepiColombo: बुध ग्रह के अध्ययन के लिए ESA (यूरोप) और JAXA (जापान) द्वारा एक संयुक्त अंतरिक्ष मिशन।
  • तथ्यBepiColombo बुध की कक्षा में परिक्रमा करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया दूसरा मिशन है।
  • तथ्यअंतरिक्ष यान के नवंबर 2026 में बुध की कक्षा में प्रवेश करने का लक्ष्य है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सौरमंडल की गतिशीलता के प्रति मानवीय समझ को उन्नत करने में ग्रहों की खोज अभियानों के महत्व और अंतरिक्ष अन्वेषण में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

पदार्थ विज्ञान विशेषज्ञ उमेश वाघमारे को भारत की वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार नीति का नेतृत्व करनेके लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है

चर्चा में क्यों: पदार्थ विज्ञान विशेषज्ञ उमेश वाघमारे को भारत की वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार नीति का नेतृत्व करनेके लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है।

उमेश वाघमारे बेंगलुरु स्थित जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) में प्रोफेसर हैं। वे अभय करंडिकर का स्थान लेंगे, जो नीति आयोग में स्थानांतरित हो गए हैं, जबकि राजेश गोखले ने अप्रैल 2024 से पूर्व अतिरिक्त प्रभार संभाला था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • पदउमेश वाघमारे: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के सचिव।
  • संस्थाJNCASR: जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च बेंगलुरु में स्थित है।
  • तथ्यशांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार: भारत में विज्ञान और प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता देता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में एक सुदृढ़ अनुसंधान एवं विकास (R&D) पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने और प्रयोगशाला अनुसंधान तथा औद्योगिक अनुप्रयोग के बीच की खाई को पाटने में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

IIT गांधीनगर को कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से EVs

चर्चा में क्यों: IIT गांधीनगर को कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उद्देश्य से EVs, AI बुनियादी ढांचे और ट्रेनों के लिए एक स्वदेशी शीतलन समाधान 'Advanced Chill Tech' विकसित करने हेतु एक सीड ग्रांट प्राप्त हुई है।

IIT गांधीनगर के शोधकर्ताओं को 'फ्रिक्शन स्टिर चैनलिंग' (friction stir channeling) तकनीक का उपयोग करके शीतलन तकनीक (cooling technology) विकसित करने हेतु 20 लाख रुपये का सीड ग्रांट प्रदान किया गया है। यह तकनीक एक एकल धातु की प्लेट के भीतर एकीकृत आंतरिक शीतलन चैनल निर्मित करती है, जो पारंपरिक ब्रेजिंग (brazing) विधियों का विकल्प प्रदान करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकAdvanced Chill Tech: धातु की प्लेटों में आंतरिक कूलिंग चैनल बनाने के लिए friction stir channeling का उपयोग करता है।
  • तथ्यस्वदेशी कूलिंग तकनीक के विकास के लिए IIT Gandhinagar को Rs 20 लाख की सीड ग्रांट (Seed grant) प्रदान की गई।
  • विज्ञान-तकनीकअनुप्रयोग: इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), उच्च-प्रदर्शन इलेक्ट्रॉनिक्स, AI बुनियादी ढांचे और ट्रेनों के लिए कूलिंग।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्यों को प्राप्त करने और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने में स्वदेशी थर्मल प्रबंधन प्रौद्योगिकियाँ किस प्रकार योगदान दे सकती हैं? विश्लेषण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

भारतीय आईटी मंत्रालय ने धोखाधड़ी, फिशिंग और प्रतिरूपण (impersonation) के जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से Telegram और Signal को उनके उपयोगकर्ता नाम (username) संबंधी सुविधाओं के संबंध में नोटिस जारी किए हैं

चर्चा में क्यों: भारतीय आईटी मंत्रालय ने धोखाधड़ी, फिशिंग और प्रतिरूपण (impersonation) के जोखिमों को कम करने के उद्देश्य से Telegram और Signal को उनके उपयोगकर्ता नाम (username) संबंधी सुविधाओं के संबंध में नोटिस जारी किए हैं।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) संदेश भेजने वाले प्लेटफार्मों पर 'यूज़रनेम' (username) सुविधा की समीक्षा कर रहा है। सरकार ने ऑनलाइन घोटालों को रोकनेके उद्देश्य से Meta से परामर्श प्रक्रिया लंबित रहने तक WhatsApp यूज़रनेम सुविधा को स्थगित करने का अनुरोध किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाMeitY (Ministry of Electronics and Information Technology) भारत में IT नियमों के लिए नोडल मंत्रालय है।
  • विज्ञान-तकनीकPhishing: एक साइबर हमला जिसमें पीड़ितों को पासवर्ड या क्रेडिट कार्ड नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी प्रदान करने के लिए धोखा दिया जाता है।
  • तथ्यTelegram और Signal वैश्विक स्तर पर उपयोग किए जाने वाले एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर गुमनाम डिजिटल पहचानों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा कीजिए और उपयोगकर्ता की गोपनीयता तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने में सरकार की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।

Skyroot Aerospace भारत के प्रथम निजी कक्षीय रॉकेट, Vikram-1 को प्रक्षेपित करने के लिए तैयार है

चर्चा में क्यों: Skyroot Aerospace भारत के प्रथम निजी कक्षीय रॉकेट, Vikram-1 को प्रक्षेपित करने के लिए तैयार है, जो भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के व्यावसायीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

एक निजी भारतीय अंतरिक्ष कंपनी, स्काईरूट एयरोस्पेस (Skyroot Aerospace) ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में सात मंजिला 'विक्रम-1' रॉकेट का अनावरण किया। इस रॉकेट को निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में 350 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकVikram-1: Low Earth Orbit (LEO) मिशनों के लिए डिज़ाइन किया गया भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट।
  • तथ्यपेलोड क्षमता: Vikram-1 को 350 किलोग्राम तक के वजन वाले उपग्रहों को प्रक्षेपित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • स्थानसतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC): यह आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित है और इसे प्राथमिक अंतरिक्षपोर्ट के रूप में उपयोग किया जाता है।
  • विज्ञान-तकनीकVikram-S: Skyroot Aerospace द्वारा नवंबर 2022 में प्रक्षेपित एक सफल पूर्ववर्ती सब-ऑर्बिटल रॉकेट।
मेन्स के लिए

प्रश्न: स्काईरूट एयरोस्पेस जैसे निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के खिलाड़ियों के उद्भव किस प्रकार अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के वैश्विक केंद्र बनने के भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप हैं? चर्चा कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आगामी 12 महीनों के दौरान वित्तीय संस्थानों के लिए AI-सक्षम साइबर खतरों को प्राथमिक जोखिम के रूप में पहचाना है

चर्चा में क्यों: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने आगामी 12 महीनों के दौरान वित्तीय संस्थानों के लिए AI-सक्षम साइबर खतरों को प्राथमिक जोखिम के रूप में पहचाना है, जो कथित जोखिम और वास्तविक तैयारियों के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर को रेखांकित करता है।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण से यह तथ्य स्पष्ट हुआ है कि 95% वित्तीय संस्थान एआई-सक्षम साइबर खतरों को सर्वाधिक जोखिम के रूप में देखते हैं। हालांकि, इन संस्थानों में से केवल 5% ने ही ऐसे खतरों का मुकाबला करने के लिए एक परिपक्व बुनियादी ढांचे की उपलब्धता की सूचना दी है, जबकि साइबर सुरक्षा के लिए वे अत्यधिक रूप से तृतीय-पक्ष विक्रेताओं (third-party vendors) पर निर्भर हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो बैंकिंग क्षेत्र को विनियमित करने और मौद्रिक नीति के लिए उत्तरदायी है।
  • तथ्य95% वित्तीय संस्थान AI-सक्षम साइबर खतरों को अगले 12 महीनों के लिए प्रमुख जोखिम के रूप में पहचानते हैं।
  • तथ्यकेवल 5% संस्थानों ने AI-driven साइबर हमलों के विरुद्ध तैयारी के परिपक्व चरण (mature stage) की सूचना दी।
  • विज्ञान-तकनीकAI-सक्षम साइबर खतरे परिष्कृत Phishing, Malware और डेटा उल्लंघन करने के लिए Machine Learning और स्वचालित प्रणालियों के उपयोग से संबंधित हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय वित्तीय प्रणाली की अखंडता के लिए एआई-सक्षम साइबर खतरों से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा कीजिए और संस्थागत लचीलेपन को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

संयुक्त राष्ट्र के 40 विशेषज्ञों के एक स्वतंत्र पैनल ने चेतावनी दी है कि AI का तीव्र विकास वैज्ञानिक समझ और नीतिगत ढांचे से आगे निकल रहा है

चर्चा में क्यों: संयुक्त राष्ट्र के 40 विशेषज्ञों के एक स्वतंत्र पैनल ने चेतावनी दी है कि AI का तीव्र विकास वैज्ञानिक समझ और नीतिगत ढांचे से आगे निकल रहा है, जिसके कारण तत्काल वैश्विक नियामक ढाँचों की आवश्यकता है।

इस पैनल में AI जोखिमों के मूल्यांकन हेतु नियुक्त 40 अंतर-क्षेत्रीय विशेषज्ञ शामिल हैं। सह-अध्यक्ष योशुआ बेंगियो और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तकनीकी विकास और सरकारी निरीक्षण के मध्य विद्यमान अंतराल पर बल दिया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकAI की क्षमताएं वर्तमान में वैज्ञानिक समझ और सरकारी नीति अनुकूलन की गति से आगे निकल रही हैं।
  • संस्थाUN स्वतंत्र पैनल में 40 क्रॉस-रीजनल विशेषज्ञ शामिल हैं।
  • पदYoshua Bengio ने AI जोखिमों पर UN के स्वतंत्र पैनल के सह-अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: तकनीकी प्रगति की तीव्र गति और वैज्ञानिक आम सहमति के अभाव को देखते हुए, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के लिए एक वैश्विक विनियामक ढांचा स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स + मेन्स

मेयो क्लिनिक के शोधकर्ताओं ने 'REDMOD' विकसित किया है

चर्चा में क्यों: मेयो क्लिनिक के शोधकर्ताओं ने 'REDMOD' विकसित किया है, जो एक AI प्रणाली है और यह वर्तमान नैदानिक विधियों की तुलना में नियमित CT स्कैन से अग्नाशय के कैंसर (pancreatic cancer) का काफी पहले पता लगाने में सक्षम है।

REDMOD AI, CT स्कैन में ऊतकों की बनावट और घनत्व का विश्लेषण करने के लिए रेडियोमिक्स (radiomics) का उपयोग करता है। इसने भविष्य के 73% अग्नाशय के कैंसर की सटीक पहचान की, जिसमें नैदानिक निदान से औसतन 16 महीने पहले कैंसर का पता लगाया गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकREDMOD: Mayo Clinic द्वारा अग्नाशय के कैंसर (pancreatic cancer) का शीघ्र पता लगाने के लिए विकसित एक AI सिस्टम।
  • विज्ञान-तकनीकRadiomics: एक ऐसी तकनीक जो छिपे हुए बायोमार्कर्स (biomarkers) की पहचान करने के लिए मेडिकल इमेजिंग से भारी मात्रा में डेटा निकालती है।
  • तथ्यREDMOD ने नैदानिक निदान (clinical diagnosis) से औसतन 16 महीने पहले भविष्य के 73% अग्नाशय के कैंसर (pancreatic cancers) की पहचान की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: चिकित्सा इमेजिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रेडियोमिक्स (radiomics) का एकीकरण किस प्रकार प्रारंभिक चरण के ऑन्कोलॉजी (कैंसर विज्ञान) में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है और भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों को कैसे बेहतर बना सकता है, चर्चा कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने एंथ्रोपिक (Anthropic) के Claude Fable 5 और Mythos 5 AI मॉडलों पर निर्यात प्रतिबंध हटा दिए हैं

चर्चा में क्यों: अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने एंथ्रोपिक (Anthropic) के Claude Fable 5 और Mythos 5 AI मॉडलों पर निर्यात प्रतिबंध हटा दिए हैं, क्योंकि कंपनी ने विशिष्ट राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी कमियों का समाधान कर दिया है।

Anthropic के Claude Fable 5 और Mythos 5 मॉडलों को पूर्व में अमेरिकी वाणिज्य विभाग द्वारा निलंबित कर दिया गया था। AI मॉडलों में संभावित सुरक्षा भेद्यताओं से संबंधित चिंताओं के समाधान के पश्चात इस प्रतिबंध को हटा लिया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकAnthropic: एक US-आधारित AI सुरक्षा और अनुसंधान कंपनी, जो Claude श्रृंखला के Large Language Models के लिए जानी जाती है।
  • संस्थाUS Department of Commerce: वह संघीय एजेंसी जो उन्नत AI सहित दोहरे उपयोग (dual-use) वाली प्रौद्योगिकियों के निर्यात को विनियमित करने के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यClaude Fable 5 और Mythos 5: विशिष्ट उन्नत AI मॉडल जो राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण निर्यात प्रतिबंधों के अधीन हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: जनरेटिव एआई (Generative AI) की तीव्र प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों तथा दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकियों (dual-use technologies) पर अंतर्राष्ट्रीय निर्यात नियंत्रण की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।

ICEYE ने आपदा प्रबंधन और सुरक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने हेतु भारत से संप्रभु सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) प्रणालियों को विकसित और प्रक्षेपित करने के लिए Agnikul Cosmos के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं

चर्चा में क्यों: ICEYE ने आपदा प्रबंधन और सुरक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने हेतु भारत से संप्रभु सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) प्रणालियों को विकसित और प्रक्षेपित करने के लिए Agnikul Cosmos के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।

ICEYE एक वैश्विक SAR पृथ्वी अवलोकन कंपनी है जो संप्रभु उपग्रह तकनीक (sovereign satellite technology) में विशेषज्ञता रखती है। Agnikul Cosmos, IIT Madras द्वारा समर्थित एक स्टार्टअप है जो Agnibaan प्रक्षेपण यान का उपयोग करता है, जिसमें पुन: प्रयोज्य 3D-प्रिंटेड इंजन शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकSAR (Synthetic Aperture Radar): एक प्रकार का रडार जो वस्तुओं या क्षेत्रों की उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली 2D या 3D छवियां प्रदान कर सकता है।
  • विज्ञान-तकनीकAgnibaan: Agnikul Cosmos द्वारा विकसित एक उप-कक्षीय प्रक्षेपण यान (sub-orbital launch vehicle), जिसमें 3D-printed इंजनों का उपयोग किया गया है।
  • पदAgnikul Cosmos: IIT Madras में इनक्यूबेट किया गया एक भारतीय स्पेस-टेक स्टार्टअप।
  • तथ्यSAR तकनीक पारंपरिक ऑप्टिकल सेंसर के विपरीत बादलों, धुएं और अंधेरे के पार इमेजिंग करने में सक्षम है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: संप्रभु सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) क्षमताओं का विकास भारत के आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

BPCL द्वारा कानूनी चुनौती के दौरान राष्ट्रीय एथेनॉल सम्मिश्रण नीति में व्यवधान को रोकनेके लिए

चर्चा में क्यों: BPCL द्वारा कानूनी चुनौती के दौरान राष्ट्रीय एथेनॉल सम्मिश्रण नीति में व्यवधान को रोकनेके लिए, उच्चतम न्यायालय ने वर्ष 2025-26 हेतु एथेनॉल आपूर्ति आवंटन पर यथास्थिति (status quo) बनाए रखने का निर्देश दिया है।

उच्चतम न्यायालय ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के एक आदेश के विरुद्ध दायर अपील के संबंध में केंद्र सरकार और 23 डिस्टिलरियों को नोटिस जारी किए हैं। न्यायालय का यह हस्तक्षेप न्यायिक कार्यवाही के दौरान इथेनॉल सम्मिश्रण लक्ष्यों की निरंतरता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यइथेनॉल सम्मिश्रण लक्ष्य: यथास्थिति विशेष रूप से 2025-26 की आपूर्ति आवंटन अवधि पर लागू होती है।
  • संस्थाBPCL: Bharat Petroleum Corporation Limited, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।
  • विज्ञान-तकनीकइथेनॉल: गन्ने और टूटे चावल जैसी फसलों से प्राप्त शर्करा के किण्वन (fermentation) द्वारा उत्पादित एक अल्कोहल, जिसका उपयोग जैव ईंधन (biofuel) के रूप में किया जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के इथेनॉल सम्मिश्रण लक्ष्यों की प्राप्ति में आने वाली चुनौतियों का परीक्षण कीजिए और जैव ईंधन क्षेत्र में नीतिगत निरंतरता सुनिश्चित करने में न्यायिक हस्तक्षेप की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

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महाराष्ट्र सरकार ने गोपनीयता के उल्लंघन और अनधिकृत निगरानी को रोकने के लिए AI-संचालित स्मार्ट चश्मों हेतु दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: महाराष्ट्र सरकार ने गोपनीयता के उल्लंघन और अनधिकृत निगरानी को रोकने के लिए AI-संचालित स्मार्ट चश्मों हेतु दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति के गठन की घोषणा की है।

महाराष्ट्र सरकार एक माह के भीतर एक विशेषज्ञ समिति का गठन करेगी, जो पहनने योग्य AI उपकरणों (wearable AI devices) के लिए कानूनी सुरक्षा उपायों की सिफारिश करेगी। यह पहल संवेदनशील स्थानों पर इन उपकरणों के निगरानी हेतु दुरुपयोग की संभावना से उत्पन्न चिंताओं के प्रत्युत्तर में की जा रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकAI-powered स्मार्ट ग्लासेस: ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और डेटा संग्रह के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को एकीकृत करने वाले वियरेबल डिवाइस।
  • अधिनियम / विधेयकDigital Personal Data Protection Act (DPDP Act): व्यक्तिगत डेटा गोपनीयता और उल्लंघनों के संबंध में शिकायतों को नियंत्रित करने वाला प्राथमिक भारतीय कानून।
  • तथ्यमहाराष्ट्र सरकार: पहनने योग्य (wearable) AI तकनीक के लिए नियामक ढांचा शुरू करने वाली राज्य इकाई।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित पहनने योग्य उपकरणों (wearable devices) द्वारा व्यक्तिगत गोपनीयता के समक्ष उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और भारत में एक सुदृढ़ विनियामक ढांचे की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।

भारत ने कलपक्कम में एक फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (Fast Breeder Test Reactor) से प्राप्त परमाणु ऊष्मा द्वारा संचालित विश्व की पहली पायलट हाइड्रोजन उत्पादन इकाई का शुभारंभ किया है

चर्चा में क्यों: भारत ने कलपक्कम में एक फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (Fast Breeder Test Reactor) से प्राप्त परमाणु ऊष्मा द्वारा संचालित विश्व की पहली पायलट हाइड्रोजन उत्पादन इकाई का शुभारंभ किया है।

यह सुविधा तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR) में स्थित है। यह प्रत्यक्ष कार्बन उत्सर्जन या विद्युत पर निर्भरता के बिना स्वच्छ हाइड्रोजन उत्पादन हेतु कॉपर-क्लोरीन थर्मोकेमिकल चक्र का उपयोग करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकFast Breeder Test Reactor (FBTR): एक ऐसा परमाणु रिएक्टर जो अपने उपभोग की तुलना में अधिक विखंडनीय सामग्री (fissile material) का उत्पादन करता है।
  • विज्ञान-तकनीककॉपर-क्लोरीन थर्मोकेमिकल चक्र: हाइड्रोजन उत्पादन की एक विधि जो बिजली के बजाय ऊष्मा का उपयोग करती है।
  • स्थानIGCAR: यह तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित है और परमाणु अनुसंधान के लिए एक प्रमुख केंद्र है।
  • तथ्ययह सुविधा प्रत्यक्ष कार्बन उत्सर्जन के बिना हाइड्रोजन का उत्पादन करती है, जो इसे steam methane reforming से अलग करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: हाइड्रोजन उत्पादन के साथ परमाणु ऊर्जा के एकीकरण से भारत की कार्बन मुक्त औद्योगिक अर्थव्यवस्था की ओर संक्रमण में किस प्रकार तेजी आ सकती है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

जगन्नाथ नायक को DRDO में मिसाइल एवं रणनीतिक प्रणाली (MSS) के महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है

चर्चा में क्यों: जगन्नाथ नायक को DRDO में मिसाइल एवं रणनीतिक प्रणाली (MSS) के महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है, जहाँ वे भारत की उन्नत मिसाइल और निर्देशित ऊर्जा हथियार प्रणालियों की देखरेख करेंगे।

35 से अधिक वर्षों के अनुभव के धनी वैज्ञानिक जगन्नाथ नायक, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के MSS प्रभाग का कार्यभार संभालेंगे। वे विशेष रूप से भारत की प्रथम निर्देशित ऊर्जा हथियार (DEW) प्रणाली के विकास से जुड़े रहे हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाDRDO: Defence Research and Development Organisation, रक्षा मंत्रालय की R&D शाखा है।
  • विज्ञान-तकनीकDirected Energy Weapons (DEW): वे प्रणालियाँ जो लक्ष्यों को क्षति पहुँचाने के लिए केंद्रित विद्युत चुंबकीय ऊर्जा (lasers, microwaves) का उपयोग करती हैं।
  • पदDG MSS: DRDO के भीतर मिसाइल एवं रणनीतिक प्रणाली (Missiles & Strategic Systems) प्रभाग के प्रमुख।
मेन्स के लिए

प्रश्न: आधुनिक युद्ध कौशल में निर्देशित ऊर्जा हथियारों (DEW) के महत्व और रणनीतिक प्रणालियों में तकनीकी संप्रभुता प्राप्त करने में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

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भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में उपभोक्ता विश्वास को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी के पीड़ितों के मुआवजे के लिए अपने ढांचे में संशोधन किया है

चर्चा में क्यों: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने डिजिटल वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में उपभोक्ता विश्वास को सुदृढ़ करनेके उद्देश्य से डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी के पीड़ितों के मुआवजे के लिए अपने ढांचे में संशोधन किया है।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का संशोधित ढांचा अनधिकृत डिजिटल लेनदेन के मामलों में ग्राहकों और वित्तीय संस्थानों की देयता पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य डिजिटल भुगतान की सुगमता और धोखाधड़ी के जोखिमों को कम करने के लिए सुदृढ़ सुरक्षा उपायों के बीच संतुलन स्थापित करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक प्रणाली और बैंकिंग क्षेत्र को विनियमित करने के लिए उत्तरदायी है।
  • तथ्यडिजिटल भुगतान धोखाधड़ी: भारत के तेजी से विस्तारित UPI और डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे में एक बढ़ती चिंता।
  • विज्ञान-तकनीकपारिस्थितिक सीमाएँ (Ecological thresholds): वे सीमाएँ जिनके पार एक पारिस्थितिकी तंत्र पर्यावरणीय तनाव या संसाधन की कमी से उबरने में असमर्थ हो जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: डिजिटल भुगतान धोखाधड़ी मुआवजे के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के संशोधित ढांचे के संदर्भ में, डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और सुदृढ़ उपभोक्ता संरक्षण की आवश्यकता के बीच संतुलन के प्रयासों का विश्लेषण कीजिए।

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दिल्ली सरकार ने मार्च 2030 तक शहर के 30% बेड़े को विद्युतीकृत करने के लिए एक नई EV नीति की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: दिल्ली सरकार ने मार्च 2030 तक शहर के 30% बेड़े को विद्युतीकृत करने के लिए एक नई EV नीति की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की ओर संक्रमण करना है।

यह नीति इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों, तिपहिया वाहनों और हल्के वाणिज्यिक वाहनों की ओर संक्रमण को अनिवार्य करती है। इसमें मार्च 2028 के पश्चात नए पेट्रोल/CNG दोपहिया वाहनों के पंजीकरण पर प्रतिबंध और 30,000 सार्वजनिक चार्जिंग बिंदुओं का लक्ष्य शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यDelhi EV Policy का लक्ष्य: मार्च 2030 तक शहर के वाहन बेड़े का 30% हिस्सा इलेक्ट्रिक होना।
  • तथ्यपंजीकरण प्रतिबंध: मार्च 2028 के बाद नए पेट्रोल या CNG दोपहिया वाहनों पर रोक।
  • तथ्यआधारभूत संरचना लक्ष्य: 30,000 से अधिक सार्वजनिक चार्जिंग पॉइंट स्थापित करना।
मेन्स के लिए

प्रश्न: शहरी केंद्रों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (विद्युत गतिशीलता) की ओर संक्रमण में आने वाली चुनौतियों का परीक्षण कीजिए और डीकार्बोनाइजेशन (कार्बन उत्सर्जन में कमी) के लक्ष्यों को प्राप्त करने में बुनियादी ढांचे की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)प्रीलिम्स

तुंगुस्का घटना को क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं के प्रभाव के विरुद्ध ग्रहों की रक्षा रणनीतियों के लिए एक ऐतिहासिक उदाहरण के रूप में रेखांकित किया जा रहा है

चर्चा में क्यों: तुंगुस्का घटना को क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं के प्रभाव के विरुद्ध ग्रहों की रक्षा रणनीतियों के लिए एक ऐतिहासिक उदाहरण के रूप में रेखांकित किया जा रहा है।

30 जून, 1908 को रूस के साइबेरिया क्षेत्र में एक विशाल वायु-विस्फोट हुआ, जिससे लाखों वृक्ष नष्ट हो गए। वैज्ञानिक इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं कि इसका स्रोत एक पथ क्षुद्रग्रह था या कोई धूमकेतु, जिसके परिणामस्वरूप आधुनिक ग्रह रक्षा प्रणालियों का विकास हुआ।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकतुंगुस्का घटना: 30 जून, 1908 को साइबेरिया में एक विशाल वायुमंडलीय विस्फोट।
  • संस्थाNASA का Planetary Defense Coordination Office: क्षुद्रग्रहों (asteroids) के खतरों की निगरानी और उनके शमन के लिए उत्तरदायी।
  • विज्ञान-तकनीकDART (Double Asteroid Redirection Test): एक मिशन जिसे क्षुद्रग्रहों (asteroids) को विक्षेपित करने के लिए 'काइनेटिक इम्पैक्टर्स' का परीक्षण करने हेतु डिज़ाइन किया गया है।
  • तथ्यइस घटना को एक 'airburst' के रूप में वर्णित किया गया है, जहाँ वस्तु जमीन से टकराने के बजाय वायुमंडल में ही विस्फोटित हो गई थी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: आधुनिक ग्रह रक्षा रणनीतियों को आकार देने में टंगुस्का घटना के महत्व और क्षुद्रग्रह-प्रेरित आपदाओं के शमन के लिए आवश्यक तकनीकी आवश्यकताओं का विश्लेषण कीजिए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रणनीतिक R&D परियोजनाओं के लिए वित्तीय निष्पादन को सुव्यवस्थित करने हेतु DRDO को वित्तीय शक्तियों का प्रत्यायोजन (DFP-2026) जारी किया

चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रणनीतिक R&D परियोजनाओं के लिए वित्तीय निष्पादन को सुव्यवस्थित करने हेतु DRDO को वित्तीय शक्तियों का प्रत्यायोजन (DFP-2026) जारी किया।

DFP-2026 ढांचा विशेष रूप से प्रोजेक्ट कुशा, AGNI श्रृंखला ICBM, नेत्रा एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम और एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) सहित उच्च-प्राथमिकता वाली परियोजनाओं को लक्षित करता है। इसका उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों में स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के उत्पादन और समावेश की प्रक्रिया को गति देना है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • विज्ञान-तकनीकप्रोजेक्ट Kusha: भारत की लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम का विकास।
  • विज्ञान-तकनीकAGNI श्रृंखला: भारत की मध्यम-सीमा और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBMs) की श्रृंखला।
  • विज्ञान-तकनीकNetra: DRDO द्वारा विकसित एक Airborne Early Warning and Control System (AEW&C)।
  • विज्ञान-तकनीकAMCA: Advanced Medium Combat Aircraft, स्वदेशी लड़ाकू विमान विकास के लिए एक प्रमुख परियोजना।
  • संस्थाDRDO: Defence Research and Development Organisation, रक्षा मंत्रालय के अधीन।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वित्तीय शक्तियों के सुव्यवस्थितिकरण और खरीद शक्तियों के विकेंद्रीकरण से भारत में उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों के स्वदेशी उत्पादन को कैसे गति मिल सकती है, इस पर चर्चा कीजिए।

कनाडाई एयरोस्पेस निर्माता, Firan Technology Group (FTG) ने उन्नत एवियोनिक्स और कॉकपिट इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन हेतु हैदराबाद में अपनी पहली भारतीय विनिर्माण इकाई का उद्घाटन किया है

चर्चा में क्यों: कनाडाई एयरोस्पेस निर्माता, Firan Technology Group (FTG) ने उन्नत एवियोनिक्स और कॉकपिट इलेक्ट्रॉनिक्स के उत्पादन हेतु हैदराबाद में अपनी पहली भारतीय विनिर्माण इकाई का उद्घाटन किया है।

FTG एक कनाडाई एयरोस्पेस इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता है जो भारत में अपना चौथा वैश्विक विनिर्माण केंद्र स्थापित कर रहा है। यह इकाई हैदराबाद स्थित GMR एयरोस्पेस एंड इंडस्ट्रियल पार्क में स्थित है और इसे GHASL (जो GHIAL की एक सहायक कंपनी है) द्वारा 'बिल्ट-टू-सूट' (BTS) इकाई के रूप में विकसित किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकAvionics का तात्पर्य विमानों और अंतरिक्ष यानों में नेविगेट करने, संचार करने और वाहन को नियंत्रित करने के लिए उपयोग की जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों से है।
  • स्थानहैदराबाद भारत का एक प्रमुख एयरोस्पेस हब है, जहाँ GMR Aerospace and Industrial Park स्थित है।
  • तथ्य2024 तक, FTG की हैदराबाद इकाई इसका चौथा वैश्विक विनिर्माण केंद्र है।
  • पदGHIAL (GMR Hyderabad International Airport Limited), GHASL की सहायक कंपनी की मूल इकाई (parent entity) है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: FTG जैसे वैश्विक एयरोस्पेस निर्माताओं के आगमन से भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल और एक सुदृढ़ घरेलू रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में होने वाले योगदान का विश्लेषण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

IIT Ropar, Syngenta और Google ने कृषि संबंधी चुनौतियों

चर्चा में क्यों: IIT Ropar, Syngenta और Google ने कृषि संबंधी चुनौतियों, जैसे फसल स्वास्थ्य और मृदा बुद्धिमत्ता (soil intelligence) के लिए AI-आधारित समाधान विकसित करने हेतु एक राष्ट्रीय AI हैकाथॉन 'Hackcore 2026' का शुभारंभ किया है।

यह पहल शैक्षणिक संस्थान (IIT Ropar), निजी तकनीकी क्षेत्र (Google) और कृषि-व्यवसाय (Syngenta) के मध्य एक रणनीतिक साझेदारी को समाहित करती है। इसका मुख्य केंद्र कीट प्रबंधन, जलवायु-अनुकूल कृषि और जैविक उत्पादों को अपनाने हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के अनुप्रयोगों पर केंद्रित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकHackcore 2026: कृषि प्रौद्योगिकी पर केंद्रित एक राष्ट्रीय AI हैकाथॉन।
  • संस्थाIIT Ropar: शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय महत्व का संस्थान।
  • तथ्यप्रतिभागियों को Annam.AI और Syngenta से Google Cloud Credits और मेंटरशिप प्राप्त होगी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के विविध कृषि-जलवायु क्षेत्रों में कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण किस प्रकार जलवायु लचीलेपन और खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ कर सकता है, चर्चा कीजिए।

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केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) के साथ आधुनिक तकनीक के एकीकरण हेतु AICTE द्वारा अनुमोदित AI और डेटा साइंस में B.Tech कार्यक्रम शुरू किया है

चर्चा में क्यों: केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) के साथ आधुनिक तकनीक के एकीकरण हेतु AICTE द्वारा अनुमोदित AI और डेटा साइंस में B.Tech कार्यक्रम शुरू किया है।

यह कार्यक्रम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा अनुमोदित है। इसका उद्देश्य पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण को सुगम बनाना और विशेष रूप से भारतीय भाषाओं के लिए AI मॉडल विकसित करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाAICTE: भारत में तकनीकी शिक्षा को अनुमोदित और विनियमित करने वाली वैधानिक संस्था।
  • विज्ञान-तकनीकभारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS): एक ऐसा ढांचा जो पारंपरिक भारतीय ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान के साथ एकीकृत करता है।
  • तथ्यB.Tech कार्यक्रम भारतीय भाषाओं के लिए AI विकास और पांडुलिपि डिजिटलीकरण पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge Systems) के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) का एकीकरण सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और आधुनिक तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने में किस प्रकार सहायक हो सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

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Mindgrove Technologies और Prama India ने आयातित सिलिकॉन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से CCTV और सुरक्षा उत्पादों में स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए Vision SoC चिप्स को एकीकृत करने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं

चर्चा में क्यों: Mindgrove Technologies और Prama India ने आयातित सिलिकॉन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से CCTV और सुरक्षा उत्पादों में स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए Vision SoC चिप्स को एकीकृत करने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं।

IIT मद्रास रिसर्च पार्क स्थित माइंडग्रोव टेक्नोलॉजीज (Mindgrove Technologies), विजन सिस्टम-ऑन-चिप (SoC) डिजाइन में विशेषज्ञता रखती है। प्रमा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (Prama India Private Limited) के साथ यह साझेदारी वीडियो निगरानी और सुरक्षा उत्पादों के पोर्टफोलियो में इन स्वदेशी चिप्स को तैनात करने पर केंद्रित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकSoC (System-on-Chip): एक एकीकृत सर्किट (integrated circuit) जो किसी कंप्यूटर या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के सभी घटकों को एक ही चिप में एकीकृत करता है।
  • संस्थाIIT Madras Research Park: भारत में deep-tech startups के लिए एक टेक्नोलॉजी इनक्यूबेटर और रिसर्च हब।
  • तथ्यMindgrove Technologies: एक भारतीय स्टार्टअप जो विजन-आधारित अनुप्रयोगों के लिए स्वदेशी सेमीकंडक्टर डिजाइन पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और तकनीकी संप्रभुता के संदर्भ में एक स्वदेशी सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › अंतरिक्ष तकनीक (ISRO, मिशन)प्रीलिम्स

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) जाने वाले प्रथम भारतीय

चर्चा में क्यों: अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) जाने वाले प्रथम भारतीय, ग्रुप कैप्टन शुभंशु शुक्ला ने अपने मिशन के अनुभवों का विवरण देते हुए 'द सेकंड ऑर्बिट' (The Second Orbit) शीर्षक से एक पुस्तक प्रकाशित की है।

ग्रुप कैप्टन शुभंशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले प्रथम भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। उनकी पुस्तक, 'द सेकंड ऑर्बिट', क्रू ड्रैगन कैप्सूल में उनकी यात्रा के तकनीकी मिशन विवरणों और व्यक्तिगत अनुभवों, दोनों को समाहित करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • विज्ञान-तकनीकशुभंशु शुक्ला: अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) जाने वाले पहले भारतीय।
  • विज्ञान-तकनीकCrew Dragon: पाठ में उल्लिखित ISS मिशन के लिए उपयोग किया जाने वाला अंतरिक्ष यान।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की बढ़ती मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमताओं के महत्व और अगली पीढ़ी के वैज्ञानिकों को प्रेरित करने में व्यक्तिगत अंतरिक्ष यात्रियों के अनुभवों की भूमिका पर चर्चा कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स

IISc बेंगलुरु के एक शोध पत्र ने CVPR 2026 आयोजन के अंतिम चरण में प्रवेश किया है

चर्चा में क्यों: IISc बेंगलुरु के एक शोध पत्र ने CVPR 2026 आयोजन के अंतिम चरण में प्रवेश किया है, जो 'डेटासेट डिस्टिलेशन' के माध्यम से AI प्रशिक्षण लागत और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की एक पद्धति को प्रदर्शित करता है।

'रीथिंकिंग डेटासेट डिस्टिलेशन: हार्ड ट्रुथ्स अबाउट सॉफ्ट लेबल्स' शीर्षक वाले शोध पत्र का लेखन IISc बेंगलुरु के CDS विभाग की एक टीम द्वारा किया गया है। यह शोध पत्र गणना संबंधी लागत और पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम करने के उद्देश्य से, लघु डेटासेट का उपयोग करके उच्च AI मॉडल सटीकता प्राप्त करने पर केंद्रित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकCVPR: कंप्यूटर विजन और पैटर्न रिकग्निशन के लिए एक प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन।
  • संस्थाIISc Bengaluru: एक स्वायत्त सार्वजनिक अनुसंधान विश्वविद्यालय और भारत में उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए एक प्रमुख संस्थान।
  • तथ्यDataset Distillation: Deep learning models को प्रशिक्षित करने के लिए आवश्यक डेटा की मात्रा को प्रदर्शन बनाए रखते हुए कम करने की एक तकनीक।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कुशल एआई (AI) प्रशिक्षण मॉडलों में होने वाली प्रगति किस प्रकार भारत के सतत तकनीकी विकास और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों में योगदान दे सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › IT, AI, सेमीकंडक्टर एवं कंप्यूटिंगप्रीलिम्स + मेन्स

वैश्विक AI उद्योग वर्तमान में उन्नत चिप पैकेजिंग के क्षेत्र में एक गंभीर उत्पादन बाधा का सामना कर रहा है, जिसमें वर्तमान में TSMC का वर्चस्व है

चर्चा में क्यों: वैश्विक AI उद्योग वर्तमान में उन्नत चिप पैकेजिंग के क्षेत्र में एक गंभीर उत्पादन बाधा का सामना कर रहा है, जिसमें वर्तमान में TSMC का वर्चस्व है, बावजूद इसके कि अमेरिका द्वारा CHIPS Act जैसे विधायी प्रयास किए गए हैं।

उन्नत चिप पैकेजिंग AI हार्डवेयर विकास के लिए एक विशिष्ट किंतु अनिवार्य तकनीक है। यद्यपि अमेरिकी CHIPS अधिनियम का उद्देश्य घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है, तथापि ताइवान में पैकेजिंग क्षमताओं का संकेंद्रण Nvidia और Intel जैसी कंपनियों के लिए एक रणनीतिक और औद्योगिक अवरोध (चोक पॉइंट) बना हुआ है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकTSMC: एक ताइवानी सेमीकंडक्टर फाउंड्री और दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिपमेकर।
  • विज्ञान-तकनीकCHIPS Act: घरेलू सेमीकंडक्टर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और टैक्स क्रेडिट प्रदान करने वाला अमेरिकी कानून।
  • तथ्यNvidia और Intel क्रमशः GPU और माइक्रोप्रोसेसर बाजारों में प्रमुख वैश्विक खिलाड़ी हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: उन्नत चिप पैकेजिंग जैसी विशिष्ट सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकियों के संकेंद्रण से वैश्विक एआई (AI) पारिस्थितिकी तंत्र के लिए उत्पन्न होने वाली भू-राजनीतिक और आर्थिक संवेदनशीलता का विश्लेषण कीजिए।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माण उत्सर्जन को कम करने के लिए कम-कार्बन वाले लाइमस्टोन कल्पित क्ले सीमेंट (LC3) का उपयोग करने वाली पहली बड़े पैमाने की सिविल इंजीनियरिंग परियोजना बन गई है

चर्चा में क्यों: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माण उत्सर्जन को कम करने के लिए कम-कार्बन वाले लाइमस्टोन कल्पित क्ले सीमेंट (LC3) का उपयोग करने वाली पहली बड़े पैमाने की सिविल इंजीनियरिंग परियोजना बन गई है।

LC3 तकनीक का विकास भारतीय IITs और EPFL (स्विट्जरलैंड) के बीच एक वैश्विक साझेदारी के माध्यम से किया गया है। यह पारंपरिक पोर्टलैंड सीमेंट की तुलना में CO2 उत्सर्जन को लगभग 40% तक कम करती है, जबकि यह समान प्रदर्शन और स्थायित्व सुनिश्चित करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकLC3: Limestone Calcined Clay Cement पारंपरिक पोर्टलैंड सीमेंट का एक कम-कार्बन विकल्प है।
  • तथ्यLC3 तकनीक पारंपरिक सीमेंट की तुलना में CO2 उत्सर्जन को लगभग 40% कम कर देती है।
  • संस्थाEPFL: École Polytechnique Fédérale de Lausanne एक स्विस अनुसंधान संस्थान है जो LC3 विकास में शामिल है।
  • स्थाननोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) भारत में इस तकनीक को अपनाने वाला पहला बड़े पैमाने का प्रोजेक्ट है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत द्वारा 2070 तक 'नेट जीरो' उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने की प्रतिबद्धता में LC3 जैसे निम्न-कार्बन निर्माण सामग्री को अपनाने से किस प्रकार योगदान मिल सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

GS3विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी › जैव प्रौद्योगिकी एवं स्वास्थ्य अनुसंधानप्रीलिम्स + मेन्स

अतार्किक औषधि संयोजनों और नियामक निरीक्षण संबंधी चिंताओं के कारण, UPSC ने प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम में फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन्स (FDCs) को सम्मिलित किया है

चर्चा में क्यों: अतार्किक औषधि संयोजनों और नियामक निरीक्षण संबंधी चिंताओं के कारण, UPSC ने प्रारंभिक परीक्षा के पाठ्यक्रम में फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन्स (FDCs) को सम्मिलित किया है।

निश्चित-खुराक संयोजन (FDCs) एक ही निर्माण में दो या अधिक सक्रिय घटकों को समाहित करते हैं। किसी संयोजन को 'अतार्किक' तब माना जाता है जब इस बात का कोई वैज्ञानिक प्रमाण न हो कि वे घटक पृथक रूप से कार्य करने की तुलना में एक साथ मिलकर अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकFDCs: ऐसे फॉर्मूलेशन जिनमें एक ही उत्पाद में दो या अधिक सक्रिय तत्व (active ingredients) शामिल होते हैं।
  • तथ्यअतार्किक FDCs: वे संयोजन जिनमें सहक्रियात्मक चिकित्सीय प्रभावों के लिए वैज्ञानिक रूप से स्थापित तर्क का अभाव होता है।
  • संस्थानियामक निरीक्षण: औषधि प्राधिकरण भारत में असुरक्षित या तर्कहीन फॉर्मूलेशन की समीक्षा और निषेध करते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशंस (FDCs) की निगरानी में आने वाली विनियामक चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और तर्कसंगत औषधि उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

ISRO के अध्यक्ष वी

चर्चा में क्यों: ISRO के अध्यक्ष वी. नारायणन ने मानव सुरक्षा और तकनीकी सुधारों को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से गगनयान के प्रथम मानव रहित परीक्षण उड़ान में संभावित विलंब की घोषणा की है, जिसके अब Q3 2027 तक होने की संभावना है।

गगनयान मिशन भारत का प्रथम मानवयुक्त अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम है। ISRO वर्तमान में मिशन की अखंडता सुनिश्चित करने हेतु PSLV रॉकेट और NavIC उपग्रहों से संबंधित तकनीकी बाधाओं का समाधान कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकGaganyaan: भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन, जिसका लक्ष्य तीन सदस्यीय चालक दल को 400 km की कक्षा में ले जाना है।
  • विज्ञान-तकनीकPSLV: Polar Satellite Launch Vehicle, ISRO का एक वर्कहॉर्स रॉकेट जिसका उपयोग विभिन्न उपग्रह मिशनों के लिए किया जाता है।
  • विज्ञान-तकनीकNavIC: Navigation with Indian Constellation, भारत की स्वतंत्र क्षेत्रीय उपग्रह नेविगेशन प्रणाली।
  • पदV Narayanan: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वर्तमान अध्यक्ष।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के लिए गगनयान जैसे स्वदेशी मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के विकास में निहित तकनीकी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस ↗+1 और खबरें इस विषय पर
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ISRO ने भारत की भारी-लिफ्ट और नेविगेशन क्षमताओं को सुदृढ़ करनेके लिए प्रमुख प्रोपल्शन और इनर्शियल सिस्टम इकाइयों का नेतृत्व करनेके लिए N

चर्चा में क्यों: ISRO ने भारत की भारी-लिफ्ट और नेविगेशन क्षमताओं को सुदृढ़ करनेके लिए प्रमुख प्रोपल्शन और इनर्शियल सिस्टम इकाइयों का नेतृत्व करनेके लिए N. Jayan और Joji J. Chaman को नियुक्त किया है।

एन. जयान को लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर (LPSC) का निदेशक और जोजी जे. चमन को ISRO इनर्शियल सिस्टम्स यूनिट (IISU) का निदेशक नियुक्त किया गया है। ये नियुक्तियाँ 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी होंगी। यह निर्णय GSLV Mk III के लिए क्रायोजेनिक प्रोपल्शन के क्षेत्र में जयान के नेतृत्व और उत्कृष्ट योगदान के पश्चात लिया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • विज्ञान-तकनीकLPSC: अंतरिक्ष मिशनों के लिए लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम के विकास के लिए जिम्मेदार ISRO केंद्र।
  • विज्ञान-तकनीकGSLV Mk III: भारत का भारी-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल जो Geostationary Transfer Orbit (GTO) तक भारी पेलोड ले जाने में सक्षम है।
  • विज्ञान-तकनीकIISU: ISRO की वह इकाई जो नेविगेशन और ओरिएंटेशन के लिए इनर्शियल सेंसर और स्पेस रोबोटिक्स पर केंद्रित है।
  • पदN. Jayan: VSSC में क्रायोजेनिक प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी विकास के पूर्व प्रमुख।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत के आत्मनिर्भरता के लक्ष्यों को प्राप्त करने में स्वदेशी तरल प्रणोदन (liquid propulsion) और जड़त्वीय नेविगेशन प्रणालियों (inertial navigation systems) के महत्व पर चर्चा कीजिए।

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