यूपीएससी सिविल सेवा GS2 (राजव्यवस्था · शासन · अंतर्राष्ट्रीय संबंध) के अंतर्राष्ट्रीय संबंध भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 3,324 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: भारत के द्विपक्षीय संबंध (2741) · दूसरे देशों की नीतियों का भारत पर असर (207) · भारत एवं पड़ोसी देश (173) · क्षेत्रीय एवं वैश्विक समूह (QUAD, BRICS, SCO, G20...) (111) · अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं एवं एजेंसियां (UN, WTO, IMF...) (86) · प्रवासी भारतीय (6)
चर्चा में क्यों: रक्षा, आर्थिक सुरक्षा और एक मुक्त एवं खुले भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग के लिए एक रूपरेखा को औपचारिक रूप देने हेतु नई दिल्ली में 16वां वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री सने ताकाइची ने रणनीतिक सहयोग पर चर्चा करने हेतु एक बैठक की। इस चर्चा के मुख्य केंद्र बिंदु संयुक्त सैन्य अभ्यास, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी उद्यम और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाएं शामिल थे। दोनों राष्ट्रों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता हेतु एक-दूसरे को पारस्परिक समर्थन देने का संकल्प लिया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदनरेन्द्र मोदी: भारत के प्रधानमंत्री।
पदसाने ताकाइची: जापान की प्रधानमंत्री।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनUN Security Council: वीटो पावर वाले पांच स्थायी सदस्यों (P5) में से एक।
तथ्यनई दिल्ली में 16वां वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी किस प्रकार एक 'मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत' क्षेत्र को बनाए रखने और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए एक आधारशिला के रूप में कार्य करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक तालमेल: नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के ज़रिए एकतरफा समुद्री विस्तारवाद का मुकाबला
तकनीकी संप्रभुता: बाहरी सप्लाई चेन पर निर्भरता कम करने के लिए महत्वपूर्ण तकनीकों में जॉइंट वेंचर्स
बहुपक्षीय आकांक्षाएं: वैश्विक वोटिंग वेट बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता हेतु आपसी समर्थन
मुख्य शब्द: रणनीतिक साझेदारी · मुक्त और खुला इंडो-पैसिफिक · आर्थिक सुरक्षा · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस · बहुपक्षवाद
चर्चा में क्यों: सुरक्षा चिंताओं के कारण भारत द्वारा सिंधु जल संधि (IWT) में भागीदारी निलंबित करने के कदम के पश्चात, पाकिस्तान ने भारत को इस संधि में अपनी भागीदारी स्थगित न करने की चेतावनी दी है।
सिंधु जल संधि (IWT) वर्ष 1960 में भारत और पाकिस्तान के मध्य सिंधु नदी के संसाधनों के वितरण को विनियमित करनेके उद्देश्य से संपन्न हुई थी। भारत ने हाल ही में पाकिस्तानी समूहों से उत्पन्न सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए इस संधि के ढांचे में अपनी भागीदारी को निलंबित कर दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनसिंधु जल संधि (IWT): भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हस्ताक्षरित एक जल-साझाकरण संधि।
तथ्यIWT भारत को सिंधु, चेनाब और झेलम तथा पाकिस्तान को रावी, ब्यास और सतलुज जैसी तीन बारहमासी नदियों के वितरण को नियंत्रित करती है।
स्थानसिंधु नदी: यह तिब्बती पठार से निकलती है और भारत, पाकिस्तान और चीन से होकर बहती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बढ़ते सुरक्षा तनावों के बावजूद, सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष प्रबंधन के एक तंत्र के रूप में किस प्रकार कार्य करती है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
हाइड्रो-पॉलिटिकल तनाव: IWT के तहत अंतरराष्ट्रीय संधि की जिम्मेदारियों और घरेलू जल सुरक्षा की जरूरतों के बीच संतुलन
सुरक्षा-जल नेक्सस: सीमा पर तनाव बढ़ने के दौरान पानी के इंफ्रास्ट्रक्चर का दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल
मुख्य शब्द: जल-राजनीति · संघर्ष प्रबंधन · वॉटर डिप्लोमेसी · रणनीतिक लाभ · संधि अनुपालन
चर्चा में क्यों: रूस-यूक्रेन संघर्ष के बढ़ते तनाव के बीच, रूस द्वारा कीव पर 11 घंटे का व्यापक ड्रोन और मिसाइल हमला किया गया, जिसमें 21 नागरिकों की मृत्यु हो गई।
रूस द्वारा कीव पर किए गए हमले के दौरान 74 मिसाइलें और 496 ड्रोन दागे गए। इस हमले का लक्ष्य सैन्य और ऊर्जा बुनियादी ढांचे दोनों को निशाना बनाना था, जिसके परिणामस्वरूप आवासीय भवनों को व्यापक क्षति हुई और नागरिक हताहत हुए।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यरूस ने कीव पर एक ही 11 घंटे के हमले में 74 मिसाइलें और 496 ड्रोन दागे।
स्थानकीव, यूक्रेन की राजधानी है।
पदव्लादिमीर पुतिन रूसी संघ के राष्ट्रपति हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रूस-यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में, नागरिक बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल युद्ध के प्रभाव तथा आधुनिक शहरी युद्ध के मानवीय निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
मुख्य शब्द: असिमेट्रिक वॉरफेयर · स्ट्रेटेजिक बॉम्बिंग · सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर · भू-राजनीतिक तनाव में बढ़ोतरी · मानवीय प्रभाव
चर्चा में क्यों: चीन ने मल्टीमॉडल परिवहन कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करनेके लिए CPEC मॉडल के अनुरूप कुनमिंग को बांग्लादेश और म्यांमार से जोड़ने वाले एक नए आर्थिक गलियारे की योजना की घोषणा की है।
इस परियोजना का उद्देश्य चीन के कुनमिंग से बांग्लादेशी बंदरगाहों तक बहुपक्षीय परिवहन संपर्क स्थापित करना है। यह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के मॉडल पर आधारित है और BCIM आर्थिक गलियारे के संबंध में पूर्व में हुई चर्चाओं पर आधारित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानकुनमिंग: चीन के युन्नान प्रांत का एक प्रमुख शहर, जो दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है।
संस्थाCPEC: China-Pakistan Economic Corridor, चीन की Belt and Road Initiative (BRI) की एक प्रमुख परियोजना।
स्थानBCIM: Bangladesh-China-India-Myanmar corridor, एक प्रस्तावित क्षेत्रीय कनेक्टिविटी परियोजना।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में क्षेत्रीय आर्थिक गलियारे बनाने की चीन की रणनीति भू-राजनीतिक गतिशीलता और बुनियादी ढांचा कनेक्टिविटी को किस प्रकार प्रभावित करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
भू-राजनीतिक लाभ: पड़ोसी देशों में रणनीतिक निर्भरता बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का इस्तेमाल
कनेक्टिविटी बनाम कर्ज: भाग लेने वाले देशों की राजकोषीय संप्रभुता को प्रभावित करने वाला 'डेट-ट्रैप डिप्लोमेसी' का जोखिम
क्षेत्रीय एकीकरण: मल्टीमॉडल ट्रेड बढ़ाने की संभावना बनाम चीन-केंद्रित ट्रेड ब्लॉक्स बनने का जोखिम
मुख्य शब्द: मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट · रणनीतिक कनेक्टिविटी · बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव · भू-राजनीतिक प्रभाव · क्षेत्रीय एकीकरण
चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने 1 जुलाई, 2026 से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय नागरिकों के लिए पासपोर्ट और वाणिज्यिक सेवाओं के शुल्क ढांचे में संशोधन किया है।
शुल्क संशोधन भारत के अबू धाबी स्थित दूतावास, दुबई स्थित भारत के वाणिज्य दूतावास और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित सभी भारतीय वाणिज्यिक आवेदन केंद्रों (ICACs) पर लागू होगा। इन सेवाओं के लिए 'Alhind Tours and Travels LLC' को नए आउटसोर्सिंग भागीदार के रूप में नियुक्त किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाICAC: Indian Consular Application Centres पासपोर्ट और वीजा सेवाओं की सुविधा प्रदान करने वाली आउटसोर्स इकाइयाँ हैं।
तथ्यशुल्क संशोधन प्रभावी तिथि: 1 जुलाई, 2026।
स्थानUAE: संयुक्त अरब अमीरात, भारतीय श्रम और निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में भारतीय प्रवासियों के कल्याण के प्रबंधन में कांसुलर सेवाओं को सुदृढ़ करने और आउटसोर्सिंग मॉडल की प्रासंगिकता का विश्लेषण कीजिए।
डायस्पोरा कल्याण: प्रवासी श्रमिकों के लिए सुलभ और किफायती कांसुलर सपोर्ट की ज़रूरत और बढ़ती सर्विस कॉस्ट के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: कौंसुलर सर्विसेज · भारतीय डायस्पोरा · आउटसोर्सिंग मॉडल · सेवा वितरण · द्विपक्षीय संबंध
चर्चा में क्यों: महबूबा मुफ्ती ईरान के सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार में सम्मिलित होने के लिए तेहरान की यात्रा पर हैं, वहीं भारत ने पाकिस्तान में एक 125 वर्ष पुराने गुरुद्वारे को ध्वस्त किए जाने की निंदा की है।
तेहरान जाने वाले भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय राज्य मंत्री (बाह्य मामले) पबित्रा मार्गरीता और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन कर रहे हैं। साथ ही, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने व्हाट्सएप द्वारा आगामी 'यूजरनेम' सुविधा के कार्यान्वयन के संबंध में उसे तीन दिवसीय नोटिस जारी किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदपबित्र मार्गरीटा: केंद्रीय राज्य मंत्री, विदेश मंत्रालय।
स्थानतेहरान: ईरान की राजधानी।
तथ्यWhatsApp यूजरनेम फीचर: डेटा गोपनीयता/सुरक्षा के लिए IT मंत्रालय की जांच के अधीन।
स्थानगुरुद्वारा विध्वंस: यह पाकिस्तान में हुआ।
मेन्स के लिए
प्रश्न: क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा सहयोग के संदर्भ में ईरान के साथ भारत के राजनयिक जुड़ाव के महत्व की चर्चा कीजिए।
भू-राजनीतिक संतुलन: 'लुक वेस्ट' पॉलिसी और समुद्री सुरक्षा के साथ ईरान के साथ संबंधों को संभालना
डिजिटल संप्रभुता: प्लेटफॉर्म इनोवेशन और यूजर प्राइवेसी और डेटा लोकलाइजेशन के बीच संतुलन
सॉफ्ट पावर डिप्लोमेसी: दक्षिण एशिया में क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों का उपयोग
मुख्य शब्द: डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट · डिजिटल संप्रभुता · क्षेत्रीय स्थिरता · भू-राजनीतिक संतुलन
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने महत्वपूर्ण खनिजों में चीन के प्रभुत्व को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की सुदृढ़ता के लिए एक जोखिम के रूप में रेखांकित किया और जापान के साथ भारत की बढ़ती सेमीकंडक्टर भागीदारी पर बल दिया।
भारत का सेमीकंडक्टर मिशन भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में एकीकृत करने का लक्ष्य रखता है। मंत्री ने COVID-19 महामारी के दौरान चीन द्वारा लगाए गए निर्यात प्रतिबंधों को महत्वपूर्ण खनिजों के भौगोलिक संकेंद्रण से उत्पन्न होने वाले जोखिमों के प्राथमिक उदाहरण के रूप में उद्धृत किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यIndia Semiconductor Mission: भारत को सेमीकंडक्टर निर्माण और डिजाइन के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करनेकी एक सरकारी पहल।
पदपीयूष गोयल: वाणिज्य और उद्योग मंत्री, भारत सरकार।
विज्ञान-तकनीकमहत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals): उच्च-तकनीकी इलेक्ट्रॉनिक्स और हरित ऊर्जा के लिए आवश्यक सामग्री जैसे Lithium, Cobalt और Rare Earth Elements।
मेन्स के लिए
प्रश्न: महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं में चीन के प्रभुत्व का भारत की तकनीकी संप्रभुता पर पड़ने वाले प्रभावों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण की आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।
सप्लाई चेन की कमजोरी: लिथियम और कोबाल्ट जैसे ज़रूरी मिनरल्स के लिए सिंगल-सोर्स भौगोलिक केंद्रों पर भारी निर्भरता
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी निर्भरता को कम करने की ज़रूरत
मुख्य शब्द: सप्लाई चेन रेजिलिएंस · महत्वपूर्ण खनिज · तकनीकी संप्रभुता · भौगोलिक संकेंद्रण · रणनीतिक स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: अत्यधिक वर्षा और बादल फटने के कारण 12 जिलों में व्यापक क्षति होने के कारण केंद्र सरकार ने असम में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की, जो El Niño के प्रभावों के जोखिम को रेखांकित करता है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और किरेन रिजीजू ने राहत कार्यों के समन्वय हेतु असम के अधिकारियों के साथ बैठक की। आपदा प्रतिक्रिया के अंतर्गत बुनियादी ढांचे की क्षति की मरम्मत और बाढ़ शमन के लिए State Disaster Response Force (SDRF) और National Disaster Response Force (NDRF) को शामिल किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाNDRF: National Disaster Response Force, गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के अधीन कार्य करती है।
संस्थाSDRF: State Disaster Response Force, NDRF का राज्य-स्तरीय समकक्ष है।
विज्ञान-तकनीकएल नीनो (El Niño): एक जलवायु पैटर्न जिसमें पूर्वी और मध्य प्रशांत महासागर के सतही जल का तापमान बढ़ जाता है।
तथ्यअसम के 12 जिलों को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बाढ़ जोखिम और क्षति का सामना करने वाले क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूर्वोत्तर भारत में मानसून चक्र पर अल नीनो (El Niño) के प्रभाव का विश्लेषण कीजिए और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आपदा लचीलेपन को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
जलवायु संवेदनशीलता: ब्रह्मपुत्र बेसिन में बादल फटने की अधिक आवृत्ति और अनियमित बारिश के पैटर्न
इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन: बड़े पैमाने पर बाढ़ की स्थिति के दौरान SDRF और NDRF के बीच ऑपरेशनल सिनर्जी को सुव्यवस्थित करना
इंफ्रास्ट्रक्चर रेजिलिएंस: हाई-रिस्क फ्लड ज़ोन में क्लाइमेट-रेज़िलिएंट ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन नेटवर्क की ज़रूरत
मुख्य शब्द: क्लाइमेट रेजिलिएंस · आपदा प्रबंधन · एल नीनो · अंतर-एजेंसी समन्वय · बाढ़ नियंत्रण
चर्चा में क्यों: EU राजदूत हेरवे डेलफिन ने संकेत दिया है कि भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता (FTA) पूर्णता के निकट है, जिसके 2024 के अंत तक हस्ताक्षरित होने और 2027 की शुरुआत में कार्यान्वित होने की संभावना है।
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) वार्ता को गहन रणनीतिक हितों के अनुरूप बनानेउद्देश्य के साथ 2022 में पुन: प्रारंभ किया गया था। वर्तमान में, लगभग 6,000 यूरोपीय कंपनियाँ भारत में निवेश कर रही हैं, जो देश को एक प्रमुख विनिर्माण और निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करती हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनIndia-EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ के बीच टैरिफ को कम करने और निवेश को सुगम बनाने के उद्देश्य से एक द्विपक्षीय व्यापार समझौता।
तथ्य2024 की रिपोर्टिंग अवधि तक, वर्तमान में 6,000 यूरोपीय फर्में भारत में निवेश कर रही हैं।
तथ्यभारत-EU FTA के कार्यान्वयन का लक्ष्य 2027 की शुरुआत के लिए निर्धारित किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) किस प्रकार भारत के विनिर्माण आधार में विविधता लाने और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था में भारत की स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए एक रणनीतिक उपकरण के रूप में कार्य कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन: EU-इंडिया इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन के जरिए सिंगल-सोर्स मैन्युफैक्चरिंग हब्स पर निर्भरता कम करना
रेगुलेटरी अलाइनमेंट: एक्सपोर्ट आसान बनाने के लिए भारतीय मैन्युफैक्चरिंग और EU के एनवायरनमेंटल/लेबर रेगुलेशंस के बीच मानकों को एक समान करना
भू-राजनीतिक स्थिति: एकतरफा ट्रेड पॉलिसी के खिलाफ नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका को मजबूत करना
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · नियम-आधारित व्यवस्था · मैन्युफैक्चरिंग हब · व्यापार उदारीकरण · निवेश का माहौल
चर्चा में क्यों: भारत और पाकिस्तान ने प्रत्यावर्तन की सुविधा के लिए 2008 के 'कौंसुलर एक्सेस' समझौते के अंतर्गत नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूचियों का आदान-प्रदान किया।
भारत ने पाकिस्तान में अपनी सजा पूरी कर चुके 188 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की रिहाई का अनुरोध किया है। यह विनिमय 2008 के 'कौंसुलर एक्सेस' (Consular Access) समझौते के अनुसार प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अंतर्राष्ट्रीय संगठनकौंसुलर एक्सेस पर समझौता (2008): भारत और पाकिस्तान के बीच एक द्विपक्षीय संधि जो कैदियों के साथ व्यवहार और कौंसुलर अधिकारों को नियंत्रित करती है।
तथ्य188: भारत द्वारा वर्तमान में प्रत्यावर्तन (repatriation) के लिए अनुरोधित भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों की संख्या।
पदविदेश मंत्रालय (MEA): कैदी विनिमय और कांसुलर एक्सेस अनुरोधों को संभालने वाला नोडल मंत्रालय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक स्थिरता बनाए रखने में कैदी विनिमय और कांसुलर पहुंच के तंत्र किस प्रकार एक उपकरण के रूप में कार्य करते हैं, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
डिप्लोमैटिक लेवरेज: द्विपक्षीय सहयोग और भरोसा बनाने के लिए कैदियों की वापसी को एक बैरोमीटर के रूप में इस्तेमाल करना
मानवीय दायित्व: अंतर्राष्ट्रीय कांसुलर कानून के मूल सिद्धांत के रूप में डिटेनियों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करना
सुरक्षा-डिप्लोमेसी नेक्सस: सीमा सुरक्षा चिंताओं और मछुआरों के लिए ह्यूमानीटैरियन कॉरिडोर की ज़रूरत के बीच संतुलन
चर्चा में क्यों: ईरान ने तनाव कम करने और जमी हुई संपत्तियों के प्रबंधन हेतु कतर और पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थता में हस्ताक्षरित एक नए MoU की निगरानीकरने के लिए अमेरिका के साथ एक संचार चैनल की घोषणा की है।
इस समझौता ज्ञापन (MoU) में 60 दिनों की युद्धविराम अवधि और होर्मुज जलडमरूमध्य को पुनः खोलने का प्रावधान शामिल है। ईरान की योजना जमी हुई संपत्तियों में से $6 बिलियन के एक हिस्से का उपयोग आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए करने की है। तेहरान और वाशिंगटन के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता को सुगम बनानेके लिए कतर और पाकिस्तान द्वारा इस समझौते की मध्यस्थता की गई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य: फारस की खाड़ी में एक रणनीतिक जलमार्ग, जो वैश्विक तेल पारगमन के लिए महत्वपूर्ण है।
तथ्यMoU में शामिल ईरान की जमी हुई संपत्ति का मूल्य लगभग $6 बिलियन है।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनकतर और पाकिस्तान ने ईरान और US के बीच अप्रत्यक्ष संचार चैनल के लिए मध्यस्थ के रूप में कार्य किया।
तथ्यMoU में स्थायी शांति समझौते की सुविधा के लिए 60 दिनों की युद्धविराम अवधि निर्दिष्ट की गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व के संघर्षों को कम करने में क्षेत्रीय मध्यस्थों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर ईरान-अमेरिका राजनयिक जुड़ाव के भू-राजनीतिक निहितार्थों का मूल्यांकन कीजिए।
भू-राजनीतिक लाभ: समुद्री सुरक्षा और आर्थिक दबाव के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल
डिप्लोमैटिक मेडिएशन: सीधे द्विपक्षीय राजनयिक गतिरोध को दूर करने में थर्ड-पार्टी मेडिएशन (कतर/पाकिस्तान) की प्रभावशीलता
आर्थिक प्रतिबंध: ईरान की घरेलू खरीद पर फ्रीज की गई संपत्ति का असर और एकतरफा आर्थिक दबाव की सीमाएं
मुख्य शब्द: तनाव कम करना · भू-राजनीतिक मध्यस्थता · समुद्री सुरक्षा · ऊर्जा सुरक्षा · प्रतिबंध शासन
चर्चा में क्यों: रूस ने यूक्रेन द्वारा अपने ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किए गए ड्रोन हमलों के कारण उत्पन्न घरेलू ईंधन की कमी को कम करनेके लिए भारत से पेट्रोल का आयात शुरू किया है।
रूस ने दो टैंकरों के माध्यम से भारत से कम से कम 60,000 मीट्रिक टन गैसोलीन का आयात किया है। क्रेमलिन ने रिफाइनरी को हुई क्षति की भरपाईकरनेके लिए बेलारूस से होने वाली आपूर्ति सहित मासिक आयात को 400,000 टन तक बढ़ाने की योजना बनाई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारत और बेलारूस से रूस का नियोजित मासिक पेट्रोल आयात लक्ष्य 400,000 मीट्रिक टन है।
तथ्य60,000 मीट्रिक टन गैसोलीन की प्रारंभिक खेप दो टैंकरों के माध्यम से परिवहन की गई थी।
स्थानबेलारूस पूर्वी यूरोप में एक भू-आबद्ध (landlocked) देश है जो प्रस्तावित आयात आपूर्ति श्रृंखला (import supply chain) का हिस्सा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक ऊर्जा व्यापार की बदलती गतिशीलता और भू-राजनीतिक संघर्ष किस प्रकार भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को नया आकार दे रहे हैं, चर्चा कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी पैराडॉक्स: प्रमुख वैश्विक ऊर्जा निर्यातक होने के बावजूद रूस की भारतीय ईंधन पर निर्भरता
भू-राजनीतिक पुनर्गठन: क्षेत्रीय संघर्षों के बीच पारंपरिक ऊर्जा प्रभुत्व से रणनीतिक व्यापार निर्भरता की ओर बदलाव
सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन: ग्लोबल हाइड्रोकार्बन सप्लाई चेन में एक महत्वपूर्ण स्टेबलाइजर के रूप में भारत की भूमिका
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · द्विपक्षीय व्यापार · भू-राजनीतिक पुनर्गठन · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस · हाइड्रोकार्बन व्यापार
चर्चा में क्यों: उच्च-स्तरीय राजनयिक जुड़ाव में निरंतरता सुनिश्चित करनेके लिए भारत सरकार ने विदेश सचिव विक्रम मिस्री का कार्यकाल जुलाई 2027 तक बढ़ा दिया है।
विक्रम मिस्री वर्तमान में भारत के विदेश सचिव हैं। उनके विस्तारित कार्यकाल के दौरान यूरोपीय संघ (EU) और संयुक्त राज्य अमेरिका (US) के साथ महत्वपूर्ण वार्ताएं शामिल हैं, जिसमें मध्य पूर्व के तनावों पर भारत के रुख का प्रबंधन भी सम्मिलित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदविदेश सचिव: विदेश मंत्रालय (MEA) में सर्वोच्च पदस्थ करियर राजनयिक।
तथ्यविक्रम मिस्री का कार्यकाल विस्तार जुलाई 2027 तक वैध है।
संस्थाविदेश मंत्रालय (MEA): भारत की विदेश नीति और राजनयिक संबंधों के लिए प्राथमिक रूप से जिम्मेदार निकाय।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के दीर्घकालिक रणनीतिक हितों और द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं के संदर्भ में विदेश मंत्रालय में प्रशासनिक निरंतरता के महत्व पर चर्चा कीजिए।
डिप्लोमैटिक निरंतरता: EU और USA के साथ बहु-वर्षीय ट्रेड नेगोशिएशंस के दौरान स्थिर पॉलिसी कम्युनिकेशन सुनिश्चित करना
स्ट्रेटेजिक अलाइनमेंट: प्रमुख वैश्विक शक्तियों के साथ संबंध बनाए रखते हुए मध्य पूर्व के संघर्षों पर भारत के रुख में संतुलन
नौकरशाही स्थिरता: भू-राजनीतिक बदलाव के दौरान संस्थागत मेमोरी बनाए रखने के लिए प्रमुख राजनयिक भूमिकाओं में टर्नओवर कम करना
मुख्य शब्द: राजनयिक निरंतरता · रणनीतिक स्वायत्तता · संस्थागत स्मृति · द्विपक्षीय व्यापार · भू-राजनीतिक नेविगेशन
चर्चा में क्यों: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण स्थापित करने और संभावित रूप से शुल्क लगाने के अपने इरादे का संकेत दिया है, जो अमेरिका के नेतृत्व वाले अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मानदंडों को चुनौती देता है।
ईरान का दावा है कि यदि मध्य अगस्त तक कोई स्थायी समझौता नहीं होता है, तो वह जहाजों के मार्ग निर्धारित करने और शुल्क अधिरोपित करने का अधिकार सुरक्षित रखेगा। संयुक्त राज्य अमेरिका का यह तर्क है कि अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों को अवरुद्ध नहीं किया जा सकता और न ही उन पर शुल्क लगाया जा सकता है, जो 17 जून के ज्ञापन की ईरान द्वारा की गई व्याख्या के विपरीत है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूम (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
तथ्यईरान और अमेरिका के बीच अंतरिम समझौता 60 दिनों की अवधि के लिए जलडमरूमध्य से मुक्त आवाजाही की अनुमति देता है।
तथ्य17 जून का ज्ञापन वर्तमान में समुद्री मार्ग के लिए रूपरेखा के रूप में कार्य करता है, हालांकि तेहरान और वाशिंगटन के बीच इसकी व्याख्याएं भिन्न हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान द्वारा नियंत्रण के दावे के वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों पर पड़ने वाले भू-राजनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
एनर्जी सिक्योरिटी रिस्क: फार्सियन गल्फ से ग्लोबल मार्केट्स तक तेल और LNG ट्रांजिट में संभावित रुकावट
मैरीटाइम कानून विवाद: अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में ईरान के क्षेत्रीय दावों और 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' के सिद्धांत के बीच तनाव
भू-राजनीतिक लाभ: पश्चिमी हितों के खिलाफ कूटनीतिक और आर्थिक दबाव के लिए ईरान द्वारा समुद्री चोकपॉइंट्स का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: नौवहन की स्वतंत्रता · चोकपॉइंट डिप्लोमेसी · ऊर्जा सुरक्षा · समुद्री संप्रभुता · भू-राजनीतिक तनाव
चर्चा में क्यों: केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने भारतीय सिनेमा की चुनौतियों और वैश्विक सॉफ्ट पावर में इसकी भूमिका के समाधान हेतु प्रसून जोशी के नेतृत्व में एक अध्ययन समूह का गठन किया है।
अध्ययन समूह की अध्यक्षता प्रसार भारती के अध्यक्ष और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अब तक के सर्वाधिक कार्यकाल वाले अध्यक्ष, प्रसून जोशी द्वारा की जा रही है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने उद्योग के निरीक्षण को सुव्यवस्थित करने हेतु राज्य सरकारों के साथ एक मॉडल सिनेमा विनियमन भी साझा किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाCBFC: Central Board of Film Certification भारत में फिल्मों को प्रमाणित करने के लिए उत्तरदायी एक वैधानिक निकाय है।
संस्थाप्रसार भारती: भारत का सार्वजनिक सेवा प्रसारक, जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन आता है।
पदप्रसून जोशी: प्रसार भारती के अध्यक्ष और पूर्व CBFC अध्यक्ष।
तथ्यRRR: 2023 के Academy Awards में सर्वश्रेष्ठ मूल गीत (Best Original Song) का पुरस्कार जीता।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय फिल्म उद्योग को सॉफ्ट पावर के प्रक्षेपण के एक उपकरण के रूप में किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में विनियामक तंत्र की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
सॉफ्ट पावर की सीमा: मुख्यधारा के वैश्विक बाजारों के बजाय प्रवासी भारतीयों के बीच भारतीय सिनेमा की अधिक व्यूअरशिप
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: फिल्म रेगुलेशन में राज्य की स्वायत्तता और इंडस्ट्री की ग्रोथ के लिए यूनिफाइड नेशनल मॉडल के बीच संतुलन
संस्थागत बाधा: क्षेत्रीय सिनेमा की वैश्विक पहुंच के सामने आने वाली संरचनात्मक चुनौतियों के व्यवस्थित विश्लेषण की ज़रूरत
मुख्य शब्द: सॉफ्ट पावर · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क · सांस्कृतिक कूटनीति · पब्लिक सर्विस ब्रॉडकास्टिंग · सिनेमा रेगुलेशन
चर्चा में क्यों: केरल सरकार ने इडुक्की, वायनाड और कासरगोड में एयरस्ट्रिप्स (airstrips) की स्थापना हेतु एक तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता अध्ययन (techno-economic feasibility study) आयोजित करने के लिए KRDCL को परियोजना प्रबंधन सलाहकार (project management consultant) नियुक्त किया है।
इस अध्ययन का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान विमानन कनेक्टिविटी और आपातकालीन परिवहन को सुगम बनाना है। इस परियोजना के अंतर्गत लघु विमानों और हेलीकॉप्टर संचालन की व्यवहार्यता का आकलन करने हेतु RITES (परिवहन परामर्शदाता) और KIIFCON (संयुक्त उद्यम) के मध्य साझेदारी शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाKRDCL: Kerala Rail Development Corporation Limited को नियुक्त परियोजना प्रबंधन सलाहकार (project management consultant) बनाया गया है।
स्थानIdukki, Wayanad और Kasaragod वे तीन जिले हैं जिन्हें एयरस्ट्रिप व्यवहार्यता (feasibility) के लिए चिन्हित किया गया है।
तथ्ययह अध्ययन लघु विमान और हेलीकॉप्टर संचालन के लिए तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने और ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ाने के उद्देश्य से भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में क्षेत्रीय विमानन बुनियादी ढांचे के विकास के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
लॉजिस्टिक बॉटलनेक: पश्चिमी घाट की कठिन भौगोलिक स्थिति एयरस्ट्रिप निर्माण के लिए इंजीनियरिंग और पर्यावरणीय चुनौतियां पैदा कर रही है
डिजास्टर रेजिलिएंस: वायनाड और इडुक्की जैसे लैंडस्लाइड-प्रोन जिलों में 'गोल्डन ऑवर' रिस्पॉन्स टाइम कम करना
मुख्य शब्द: तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता · एविएशन कनेक्टिविटी · आपदा प्रबंधन · क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर · पश्चिमी घाट
चर्चा में क्यों: अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय (US Supreme Court) ने 6-3 के बहुमत से जन्मसिद्ध नागरिकता के अधिकार को बरकरार रखा है, जिसके अंतर्गत माता-पिता की आप्रवासन स्थिति (immigration status) पर विचार किए बिना अमेरिकी भूमि पर जन्मे बच्चों के अधिकारों की रक्षा की गई है।
अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने 6-3 के बहुमत से जन्मसिद्ध नागरिकता को प्रतिबंधित करने के प्रयास को रद्द करने का निर्णय दिया है। यह निर्णय यह सुनिश्चित करता है कि अमेरिकी भूमि पर जन्मे बच्चों को उनके माता-पिता की कानूनी स्थिति की परवाह किए बिना नागरिकता प्रदान की जाएगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकजन्मसिद्ध नागरिकता: वह संवैधानिक सिद्धांत जो किसी देश के क्षेत्र में जन्मे बच्चों को नागरिकता प्रदान करता है।
तथ्यअमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का निर्णय 6-3 के बहुमत से लिया गया था।
पदराजा कृष्णमूर्ति: अमेरिकी कांग्रेस सदस्य जिन्होंने संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर निर्णय का समर्थन किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक प्रवास के बदलते प्रतिमानों और द्वितीय पीढ़ी के प्रवासियों के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के संदर्भ में जन्मसिद्ध नागरिकता के महत्व पर चर्चा कीजिए।
संवैधानिक अखंडता: इमिग्रेशन पॉलिसी में कार्यकारी हस्तक्षेप के खिलाफ 14वें संशोधन के सिद्धांतों का संरक्षण
डेमोग्राफिक इम्पैक्ट: लंबे समय से ग्रीन कार्ड बैकलॉग और वीज़ा लिमिटेशन का सामना कर रहे भारतीय डायस्पोरा के लिए इसके परिणाम
कानूनी मिसाल: नागरिकता के मापदंडों को फिर से परिभाषित करने के कार्यकारी प्रयासों पर न्यायिक निगरानी को मजबूत करना
मुख्य शब्द: संवैधानिकवाद · जन्मसिद्ध नागरिकता · इमिग्रेशन पॉलिसी · न्यायिक समीक्षा · डायस्पोरा अधिकार
चर्चा में क्यों: क्षेत्र में व्यापक तनाव के बाद, प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने क्षेत्रीय स्थिरता और जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौवहन की स्वतंत्रता पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने क्षेत्रीय मुद्दों और BRICS शिखर सम्मेलन पर चर्चा करने के लिए एक दूरभाष वार्ता की। इस चर्चा में होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता के महत्व और क्षेत्रीय संघर्षों के समाधान में कूटनीति की भूमिका पर विशेष बल दिया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानहॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): एक रणनीतिक चोकपॉइंट जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
संस्थाBRICS: एक अंतर-सरकारी संगठन जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं (2024 में विस्तारित)।
तथ्यईरान: कच्चे तेल का एक प्रमुख आपूर्तिकर्ता और मध्य पूर्व की ऊर्जा सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा के संदर्भ में होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्व और मध्य पूर्व में नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने की अनिवार्यता का विश्लेषण कीजिए।
ऊर्जा सुरक्षा जोखिम: मध्य पूर्वी तेल पर भारी निर्भरता होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बाधाओं के प्रति भारत को संवेदनशील बनाती है
भू-राजनीतिक संतुलन: 'स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी' बनाए रखते हुए ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जटिल समीकरणों को संभालना
बहुपक्षीय कूटनीति: क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने और एकपक्षीय क्षेत्रीय आक्रामकता का मुकाबला करने के लिए BRICS प्लेटफॉर्म का उपयोग
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · नौवहन की स्वतंत्रता · ऊर्जा सुरक्षा · क्षेत्रीय स्थिरता · बहुपक्षवाद
चर्चा में क्यों: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आयरलैंड की EU काउंसिल अध्यक्षता से पूर्व व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने पर चर्चा करने के लिए आयरलैंड की विदेश मंत्री हेलेन मैकएन्टी के साथ वार्ता की।
आयरलैंड 1 जुलाई, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक यूरोपीय संघ की परिषद की अध्यक्षता संभालेगा। भारत और आयरलैंड के मध्य आयोजित चर्चा मुख्य रूप से व्यापार, शिक्षा और बहुपक्षीय क्षेत्रों में निरंतर साझेदारी पर केंद्रित रही।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
पदएस. जयशंकर: विदेश मंत्री, भारत सरकार।
पदहेलेन मैकएन्टी: आयरलैंड की विदेश मंत्री।
संस्थायूरोपीय संघ की परिषद (Council of the European Union): यूरोपीय संघ के प्राथमिक निर्णय लेने वाले निकायों में से एक।
तथ्ययूरोपीय संघ की परिषद (Council of the European Union) की अध्यक्षता आयरलैंड के पास: 1 जुलाई, 2026 से 31 दिसंबर, 2026 तक।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की 'लुक वेस्ट' नीति और बहुपक्षीय महत्वाकांक्षाओं के संदर्भ में यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के साथ भारत के गहरे होते द्विपक्षीय संबंधों के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
रणनीतिक विविधीकरण: EU सदस्य देशों के साथ संबंध मजबूत करके एकल बाजारों पर निर्भरता कम करना
मल्टीलैटरल सिनर्जी: यूरोपीय व्यापार और शिक्षा नीतियों में भारत के हितों की वकालत के लिए आयरलैंड की EU प्रेसिडेंसी का लाभ उठाना
ट्रेड-एजुकेशन नेक्सस: द्विपक्षीय व्यापार को आसान बनाने के लिए एजुकेशनल एक्सचेंज को सॉफ्ट-पावर टूल के रूप में इस्तेमाल करना
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय सहयोग · बहुपक्षवाद · सॉफ्ट पावर · ट्रेड डिप्लोमेसी · EU प्रेसिडेंसी
चर्चा में क्यों: अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित भारत की 11,000-मेगावाट की सियांग मेगा बांध परियोजना को स्थानीय स्वदेशी जनजातियों के साथ विश्वास की कमी और चीन द्वारा ऊपरी प्रवाह (अपस्ट्रीम) में बांध निर्माण संबंधी चिंताओं के कारण विलंब का सामना करना पड़ रहा है।
इस परियोजना का उद्देश्य अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी पर 11,000 MW बिजली उत्पादन करना है। इसका अभिकल्पना चीन द्वारा तिब्बत में किए जा रहे तीव्र बांध निर्माण के प्रतिकार करने तथा घरेलू जल सुरक्षा एवं बाढ़ की समस्याओं के समाधान हेतु की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यसियांग मेगा डैम की प्रस्तावित क्षमता 11,000 MW है।
स्थानसियांग नदी अरुणाचल प्रदेश राज्य में स्थित है।
विज्ञान-तकनीकजलविद्युत परियोजनाएं भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों के प्रमुख घटक हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: हिमालयी क्षेत्र में सीमा पार नदियों पर बांध निर्माण के भू-राजनीतिक और पारिस्थितिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए तथा राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और स्वदेशी अधिकारों के बीच संतुलन स्थापित करने की चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
भू-राजनीतिक तनाव: तिब्बत में चीन द्वारा अपस्ट्रीम बांध निर्माण से भारत के डाउनस्ट्रीम जल अधिकारों और पारिस्थितिक स्थिरता को खतरा
सामाजिक संघर्ष: प्रोजेक्ट के निष्पादन में आदिवासी समुदायों का विस्थापन और ज़मीन का नुकसान भरोसे की कमी पैदा कर रहा है
पारिस्थितिक जोखिम: हिमालयी जैव विविधता और नदी पारिस्थितिकी तंत्र पर बड़े पैमाने की हाइड्रोइलेक्ट्रिक परियोजनाओं का संभावित प्रभाव
मुख्य शब्द: सीमा पार जल विवाद · जल-हेजेमनी · स्वदेशी अधिकार · ऊर्जा सुरक्षा · पारिस्थितिक स्थिरता
चर्चा में क्यों: वर्ष 2026 में ईरान युद्ध के कारण भारतीय रुपये के मूल्य में तीव्र गिरावट आई और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया, जिसके परिणामस्वरूप Foreign Portfolio Investment (FPI) का व्यापक बहिर्वाह हुआ।
2 जनवरी से 30 जून, 2026 के मध्य भारतीय रुपया USD के मुकाबले 90.12 से गिरकर 94.60 हो गया। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें अप्रैल 2025 में $67.72 प्रति बैरल से बढ़कर अप्रैल 2026 में $114.48 प्रति बैरल हो गईं।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यभारतीय रुपया का मूल्य: 2 जनवरी से 30 जून, 2026 के बीच USD के मुकाबले 90.12 से गिरकर 94.60 हो गया।
तथ्यकच्चे तेल की कीमतों में उछाल: अप्रैल 2025 में $67.72/barrel से बढ़कर अप्रैल 2026 में $114.48/barrel हो गई।
तथ्यFPI Outflow: Foreign Portfolio Investors ने जनवरी-जून 2026 के दौरान Rs 2,12,872 करोड़ की निकासी की।
तथ्यNifty 50 का प्रदर्शन: 30 जून, 2025 को 25,517.05 से गिरकर 30 जून, 2026 को 23,865.75 हो गया।
संस्थाPetroleum Planning & Analysis Cell (PPAC) भारत के ऑयल बास्केट (oil basket) की कीमतों पर डेटा प्रदान करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक संघर्षों का भारत के बाह्य क्षेत्र और घरेलू पूंजी बाजारों की स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
करेंसी की संवेदनशीलता: ग्लोबल ऑयल प्राइस शॉक और USD की मजबूती के प्रति रुपये की हाई सेंसिटिविटी
कैपिटल फ्लाइट रिस्क: भू-राजनीतिक अनिश्चितता और तेजी से होने वाले FPI विड्रॉल के बीच संबंध
ट्रेड डेफिसिट का दबाव: एनर्जी इनपुट्स की बढ़ती आयात लागत से करंट अकाउंट बैलेंस प्रभावित हो रहा है
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक जोखिम · पूंजी का पलायन · चालू खाता घाटा · करेंसी की वैल्यू में गिरावट · ऊर्जा सुरक्षा · मार्केट में उतार-चढ़ाव
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची की भारत की पहली यात्रा (जुलाई 2026) भारत-प्रशांत सहयोग और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी परियोजनाओं पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने का संकेत देती है।
जापान की प्रधानमंत्री सनाई ताकाइची ने 1 जुलाई, 2026 को प्रधानमंत्री के रूप में अपनी प्रथम आधिकारिक यात्रा के लिए नई दिल्ली का दौरा किया। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य केंद्र हिंद-प्रशांत सहयोग, महत्वपूर्ण एवं उभरती प्रौद्योगिकियां और भविष्य के तेल संकटों को रोकने हेतु ऊर्जा लचीलापन सुनिश्चित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदसाने ताकाइची: जुलाई 2026 तक जापान की प्रधानमंत्री।
तथ्यभारत-जापान शिखर सम्मेलन का मुख्य केंद्र: Indo-Pacific सहयोग और महत्वपूर्ण/उभरती प्रौद्योगिकियां।
तथ्यऊर्जा लचीलापन (Energy resilience): चर्चाओं में भविष्य के तेल संकटों को कम करने के लिए एक संभावित समझौते पर विचार शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच एक मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने में भारत-जापान साझेदारी के महत्व का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी: मल्टी-अलाइनमेंट के साथ गहरे द्विपक्षीय सुरक्षा और टेक्नोलॉजी सहयोग के बीच संतुलन
सप्लाई चेन रेजिलिएंस: सिंगल-सोर्स क्रिटिकल मिनरल्स और उभरते टेक कंपोनेंट्स पर निर्भरता कम करना
एनर्जी सिक्योरिटी: ग्लोबल ऑयल प्राइस में उतार-चढ़ाव को कम करने और मैरीटाइम एनर्जी लेन्स सुनिश्चित करने के लिए कोलैबोरेटिव फ्रेमवर्क
चर्चा में क्यों: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने क्षेत्रीय भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी की पुन: पुष्टि की और इंडो-पैसिफिक कमांड की स्थिति स्पष्ट की।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने स्पष्ट किया कि US इंडो-पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर 'पैसिफिक कमांड' किए जाने के बावजूद रक्षा साझेदारी सक्रिय बनी हुई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौते के लिए चल रही वार्ता पूर्णता के निकट है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
पदसर्जियो गोर: भारत में वर्तमान अमेरिकी राजदूत।
संस्थाPacific Command: इसका नाम US Indo-Pacific Command से बदलकर रखा गया है।
तथ्यभारत-US व्यापार वार्ता वर्तमान में पूर्णता के अंतिम चरणों में है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से हिंद-प्रशांत क्षेत्र की उभरती भू-राजनीतिक गतिशीलता के प्रबंधन में इसके महत्व का विश्लेषण कीजिए।
रणनीतिक तालमेल: साझा समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग के जरिए क्षेत्रीय वर्चस्व का मुकाबला
ट्रेड फ्रिक्शन: संरक्षणवादी घरेलू नीतियों और द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने के लक्ष्य के बीच संतुलन
भू-राजनीतिक अस्थिरता: लंबी अवधि की रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए अनिश्चित क्षेत्रीय गतिशीलता को संभालना
मुख्य शब्द: रणनीतिक स्वायत्तता · इंडो-पैसिफिक · रक्षा सहयोग · द्विपक्षीय व्यापार · भू-राजनीतिक तालमेल
चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने सूखा प्रभावित जिलों को पेयजल उपलब्ध कराने हेतु 'जल जीवन मिशन' के अंतर्गत 'येट्टिनाहोल' परियोजना को शामिल करने के लिए केंद्र से 4,708.14 करोड़ रुपये की मांग की है।
कर्नाटक सरकार ने केंद्र सरकार से 4,708.14 करोड़ रुपये के विशिष्ट अनुदान का अनुरोध किया है। येट्टिनाहोल परियोजना का उद्देश्य दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में लगभग 75 लाख की जनसंख्या को पेयजल उपलब्ध कराना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
योजनाजल जीवन मिशन: प्रत्येक ग्रामीण घर में कार्यात्मक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की एक पहल।
तथ्यकर्नाटक सरकार ने येट्टिनाहोल (Yettinahole) परियोजना के लिए ₹4,708.14 करोड़ के विशिष्ट आवंटन का अनुरोध किया है।
स्थानयेट्टिनाहोल परियोजना: दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में स्थित, सूखा प्रभावित जिलों को लक्षित करती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में अंतर-राज्यीय और अंतर-राज्यीय जल प्रबंधन के समक्ष आने वाली चुनौतियों तथा क्षेत्रीय जल संकट के समाधान में केंद्रीय योजनाओं की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय संघवाद: राज्य-विशिष्ट इंफ्रास्ट्रक्चर मांगों और राष्ट्रीय मिशनों के तहत केंद्र के फंड के आवंटन के बीच टकराव
अंतर-राज्यीय जल विवाद: प्रोजेक्ट लागू करने में कानूनी और राजनीतिक बाधाएं जो डाउनस्ट्रीम और अपस्ट्रीम जल अधिकारों को प्रभावित करती हैं
इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: केंद्र की फंडिंग के बावजूद सूखा प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीण जल आपूर्ति इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाना मुश्किल
मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · जल शासन · अंतर-राज्यीय जल विवाद · ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर · जल जीवन मिशन
चर्चा में क्यों: अमेरिकी कोषाले सचिव स्कॉट बेसेंट का 'अमेरिकन इकोनॉमिक स्टेटक्राफ्ट' सिद्धांत संरक्षणवाद और आत्मनिर्भरता की ओर झुकाव का संकेत देता है, जो भारत की आयात-निर्भर आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए एक चुनौती उत्पन्न करता है।
यह सिद्धांत राष्ट्रों को मुक्त व्यापार से हटकर आवश्यक वस्तुओं का घरेलू उत्पादन करने का समर्थन करता है। यह विशिष्ट अमेरिकी व्यापार कानूनों का उपयोग करता है: ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 122, ट्रेड एक्सपेंशन एक्ट 1962 की धारा 232, और ट्रेड एक्ट 1974 की धारा 301।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीकदुर्लभ मृदा खनिज (Rare-earth minerals): उच्च-तकनीकी इलेक्ट्रॉनिक्स और हरित ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के लिए आवश्यक घटक।
तथ्यबल्क ड्रग्स और दुर्लभ-पृथ्वी खनिजों (rare-earth minerals) के लिए चीन पर भारत की अत्यधिक निर्भरता इस सिद्धांत के तहत एक प्रमुख भेद्यता है।
संस्थाWTO Appellate Body: वह निकाय जिसकी कार्यक्षमता को एकपक्षीय आर्थिक कूटनीति (unilateral economic statecraft) की ओर झुकाव से प्रभावित किया जा रहा है।
अधिनियम / विधेयकTrade Expansion Act of 1962 की धारा 232: इसका उपयोग अमेरिका द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर आयात पर टैरिफ लगाने के लिए किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं द्वारा 'आर्थिक कूटनीति' (economic statecraft) और संरक्षणवाद की ओर बढ़ते झुकाव का भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' के लक्ष्यों और वैश्विक व्यापार एकीकरण पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
सप्लाई चेन की कमजोरी: बल्क ड्रग्स और रेयर-अर्थ मिनरल्स के लिए चीन के आयात पर भारी निर्भरता रणनीतिक बाधाएं पैदा करती है
बहुपक्षीय क्षरण: WTO अपीलीय निकाय का कमजोर होना विकासशील देशों के लिए नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यापार की प्रभावशीलता को कम करता है
मुख्य शब्द: आर्थिक कूटनीति · संरक्षणवाद · सप्लाई चेन रेजिलिएंस · नियम-आधारित व्यवस्था · ट्रेड फ्रैगमेंटेशन
चर्चा में क्यों: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने घोषणा की कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौता अपने अंतिम चरण (99% पूर्ण) में है, जिसमें उन्होंने इस समझौते को सुगम बनाने में उच्च-स्तरीय राजनयिक संबंधों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
यह रिपोर्ट किया गया है कि भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता 99% पूर्ण हो चुकी है। यह समझौता अमेरिका और भारत के बीच उच्च-स्तरीय राजनयिक जुड़ाव के माध्यम से सुगम बनाया जा रहा है। Quad के विदेश मंत्रियों के फिलीपींस में बैठक होने निर्धारित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यरिपोर्ट के अनुसार, 2024 तक U.S.-India व्यापार वार्ता 99% पूर्ण हो चुकी है।
संस्थाQuad: भारत, USA, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक रणनीतिक सुरक्षा संवाद।
स्थानफिलीपींस: आगामी Quad विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबान मेजबान देश।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते किस प्रकार भारत की 'मेक इन इंडिया' पहल और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
ट्रेड इम्बैलेंस: भारतीय सेवाओं के लिए मार्केट एक्सेस सुरक्षित करते हुए अमेरिका के लगातार ट्रेड डेफिसिट को दूर करना
भू-राजनीतिक लाभ: क्वाड की समुद्री सुरक्षा और आर्थिक ढांचे को मजबूत करने के लिए व्यापार रियायतों का इस्तेमाल
रेगुलेटरी अलाइनमेंट: सीमा पार निवेश को आसान बनाने के लिए श्रम, पर्यावरण और डिजिटल ट्रेड पर मानकों में तालमेल
मुख्य शब्द: द्विपक्षीयता · व्यापार उदारीकरण · रणनीतिक स्वायत्तता · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस · डिप्लोमैटिक लेवरेज
चर्चा में क्यों: वर्ष 2025 के लक्ष्य के बावजूद, भारत-U.एस. द्विपक्षीय व्यापार समझौता (BTA) महत्वपूर्ण विलंब का सामना कर रहा है, जिसके कारण अब एक अंतरिम रूपरेखा समझौते (interim framework agreement) की ओर झुकाव देखा जा रहा है।
भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने प्रारंभ में शरद ऋतु 2025 तक एक व्यापक व्यापार समझौता (BTA) अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा था। फरवरी 2026 में, एक अंतरिम व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा समझौता हस्ताक्षरित किया गया, जिसके कार्यान्वयन की नियोजित अवधि अप्रैल-मई 2026 निर्धारित की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यBTA: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता (Bilateral Trade Agreement)।
तथ्यफरवरी 2026 में अंतरिम व्यापार समझौता ढांचा (Interim trade deal framework) हस्ताक्षरित किया गया।
तथ्यव्यापक BTA पूर्णता का प्रारंभिक लक्ष्य शरद ऋतु 2025 (सितंबर-नवंबर 2025) निर्धारित किया गया था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के अंतिम रूप देने में बाधक बनने वाली संरचनात्मक और भू-राजनीतिक चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी डाइवर्जेंस: भारत की संरक्षणवादी कृषि नीतियों और मार्केट एक्सेस के लिए अमेरिकी मांगों के बीच टकराव
ट्रेड डेफिसिट का तनाव: द्विपक्षीय बातचीत को प्रभावित करने वाले बढ़ते व्यापार असंतुलन पर लगातार चिंताएं
इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी की बाधाएं: फार्मास्युटिकल पेटेंट सुरक्षा और डेटा लोकलाइजेशन की आवश्यकताओं में विसंगतियां
मुख्य शब्द: द्विपक्षीय व्यापार समझौता · व्यापार घाटा · मार्केट एक्सेस · नियामकीय अंतर · आर्थिक डिप्लोमेसी