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भाग I · स्था. 11.2025 
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अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,306 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (511) · उद्योग, निवेश एवं MSME (471) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (298) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (298) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (278) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (189) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (142) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (119)

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वित्त मंत्री द्वारा केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया गया

चर्चा में क्यों: वित्त मंत्री द्वारा केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया गया, जिसमें राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Discipline) और दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में वृद्धि पर जोर दिया गया।

केंद्रीय बजट 2026-27 सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (Public Capital Expenditure) को बढ़ाने के लिए ऋण-जीडीपी अनुपात (Debt-to-GDP ratio) में गिरावट पर जोर देता है। इसके मुख्य फोकस क्षेत्रों में अंतर्देशीय जलमार्ग, रेयर अर्थ कॉरिडोर (Rare Earth Corridors) और पुराने औद्योगिक क्लस्टर्स (Legacy Industrial Clusters) का पुनरुद्धार शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्ययूनियन बजट 2026-27 में कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के लिए फंड जुटाने हेतु घटते डेट-टू-GDP रेशियो (Debt-to-GDP ratio) को प्राथमिकता दी गई है।
  • स्थानRare Earth Corridors और इनलैंड वाटरवेज़ (inland waterways) को प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट एरिया के रूप में पहचाना गया है।
  • तथ्यबजट में लीगेसी इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स (legacy industrial clusters) को पुनर्जीवित करने और छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को समर्थन देने के लिए विशिष्ट प्रावधान शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में राजकोषीय विवेक और रणनीतिक बुनियादी ढांचा निवेश किस प्रकार एक साथ ऋण स्थिरता और औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता को प्राप्त करने में सहायक हो सकते हैं, चर्चा कीजिए।

  • फ़िस्कल-ग्रोथ नेक्सस: इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की भारी कैपिटल ज़रूरतों के साथ डेट-टू-जीडीपी लक्ष्यों को संतुलित करना
  • इंडस्ट्रियल रिवाइटलाइजेशन: SME कॉम्पिटिटिवनेस सुधारने के लिए पुराने क्लस्टर्स की स्ट्रक्चरल इनएफिशिएंसी को दूर करना
  • स्ट्रेटेजिक रिसोर्स सिक्योरिटी: हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के लिए क्रिटिकल मिनरल्स सुरक्षित करने हेतु रेयर अर्थ कॉरिडोर का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: राजकोषीय अनुशासन · पूंजीगत व्यय · ऋण-जीडीपी अनुपात · इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

स्रोत: द हिंदू ↗+9 और खबरें इस विषय पर
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केंद्रीय बजट 2026 में स्वास्थ्य सेवा और लाइफ साइंसेज (Life Sciences) को प्राथमिकता दी गई है

चर्चा में क्यों: केंद्रीय बजट 2026 में स्वास्थ्य सेवा और लाइफ साइंसेज (Life Sciences) को प्राथमिकता दी गई है। इसमें मानसिक स्वास्थ्य के एकीकरण और बायोफार्मास्यूटिकल्स (Biopharmaceuticals) में अनुसंधान पर जोर दिया गया है, ताकि भारत को किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।

केंद्रीय बजट 2026 मानसिक स्वास्थ्य के लिए डिजिटल काउंसलिंग सेवाओं के विस्तार और उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल के साथ एकीकृत करने पर केंद्रित है। इसका लक्ष्य स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों के कौशल विकास (skilling) और बायोफार्मास्यूटिकल्स, क्लिनिकल ट्रायल और डेटा-आधारित डायग्नोस्टिक्स में अनुसंधान के लिए निवेश करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्ययूनियन बजट 2026 हेल्थकेयर, लाइफ साइंसेज और मेंटल हेल्थ इनिशिएटिव्स पर केंद्रित है।
  • विज्ञान-तकनीकबजट बायोफार्मास्यूटिकल्स (biopharmaceuticals), क्लिनिकल ट्रायल्स (clinical trials) और डेटा-ड्रिवन डायग्नोस्टिक्स (data-driven diagnostics) में रिसर्च पर जोर देता है।
  • योजनाप्राइमरी केयर के साथ मानसिक स्वास्थ्य एकीकरण के लिए डिजिटल काउंसलिंग सेवाओं का विस्तार।
मेन्स के लिए

प्रश्न: केंद्रीय बजट 2026 में स्वास्थ्य सेवा और जीवन विज्ञान (लाइफ साइंसेज) पर केंद्रित दृष्टिकोण किस प्रकार भारत को किफायती चिकित्सा देखभाल और अनुसंधान के क्षेत्र में एक वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित कर सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर: मजबूत क्लीनिकल ट्रायल फ्रेमवर्क और डेटा-आधारित डायग्नोस्टिक क्षमताओं की ज़रूरत
  • ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट: पब्लिक-प्राइवेट-एकेडेमिया कोलैबोरेशन के जरिए लाइफ साइंसेज में स्किल गैप को कम करना
  • स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच: प्राइमरी हेल्थकेयर मॉडल में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़ना

मुख्य शब्द: ज्ञान आधारित समाज · बायोफार्मास्युटिकल्स · क्लिनिकल ट्रायल · डेटा-ड्रिवन डायग्नोस्टिक्स · क्षमता निर्माण · प्राइमरी केयर इंटीग्रेशन

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केंद्र सरकार ने 2026-27 के केंद्रीय बजट में विभिन्न सिंचाई, ग्रामीण सड़कों और शहरी विकास परियोजनाओं के लिए ₹3,752.09 करोड़ आवंटित किए हैं

चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने 2026-27 के केंद्रीय बजट में विभिन्न सिंचाई, ग्रामीण सड़कों और शहरी विकास परियोजनाओं के लिए ₹3,752.09 करोड़ आवंटित किए हैं।

केंद्रीय बजट 2026-27 में पोलावरम सिंचाई परियोजना (Polavaram Irrigation Project) के लिए ₹3,320 करोड़ और अमरावती एकीकृत शहरी विकास कार्यक्रम (Amaravati Integrated Urban Development Program) के लिए ₹432.09 करोड़ शामिल किए गए हैं। अतिरिक्त फंडिंग में ए.पी. ग्रामीण सड़क परियोजना (A.P. Rural Roads Project) के लिए ₹500.99 करोड़ और ए.पी. रोड्स एंड ब्रिजेज रिकंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट (AP Roads & Bridges Reconstruction Project) के लिए ₹350 करोड़ शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्य2026-27 के बजट में पोलावरम इरिगेशन प्रोजेक्ट (Polavaram Irrigation Project) के लिए ₹3,320 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
  • तथ्यअमरावती इंटीग्रेटेड अर्बन डेवलपमेंट प्रोग्राम (Amaravati Integrated Urban Development Program) के लिए ₹432.09 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
  • तथ्यAP क्लाइमेट रेज़िलिएंट ज़ीरो बजट नेचुरल फार्मिंग प्रोजेक्ट के लिए ₹155.32 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
  • तथ्यA.P. Rural Roads Project के लिए ₹500.99 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विकासशील क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास और जलवायु-अनुकूल कृषि को गति देने में केंद्रीय बजटीय आवंटन के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • राजकोषीय संघवाद: केंद्र की फंडिंग प्राथमिकताओं और क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों के बीच संतुलन
  • क्लाइमेट अडैप्टेशन: राज्य स्तरीय कृषि ढाँचों में ज़ीरो-बजट नेचुरल फार्मिंग को शामिल करना

मुख्य शब्द: राजकोषीय आवंटन · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · सिंचाई परियोजनाएं · क्लाइमेट रेजिलिएंस · केंद्रीय बजट

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केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में खनन, प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्रों को मजबूती देने के लिए रेयर अर्थ कॉरिडोर (Rare Earth Corridors - RECs) और हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (High Speed Rail Corridors

चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश में खनन, प्रसंस्करण और विनिर्माण क्षेत्रों को मजबूती देने के लिए रेयर अर्थ कॉरिडोर (Rare Earth Corridors - RECs) और हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (High Speed Rail Corridors - HSRCs) को समर्थन देने की योजना की घोषणा की है।

इस पहल में कुरनूल, धोने और गुंतकल से गुजरने वाले RECs और HSRCs का विकास शामिल है। केंद्र ने हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स के लिए टैक्स हॉलिडे (tax holidays) की पेशकश की और आंध्र प्रदेश में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए निरंतर फंडिंग जारी रखने का प्रस्ताव दिया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यआंध्र प्रदेश में हाई स्पीड रेल कॉरिडोर (HSRCs) Kurnool, Dhone और Guntakal से होकर गुजरेंगे।
  • तथ्यकेंद्र ने विशेष रूप से हाइपरस्केल डेटा सेंटर्स (hyperscale data centres) के लिए टैक्स हॉलीडे (tax holidays) की पेशकश की।
  • तथ्यइस प्रोजेक्ट का उद्देश्य Rare Earth Corridors (RECs) के माध्यम से माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में विशिष्ट औद्योगिक गलियारों और उच्च गति वाली रेल बुनियादी ढांचे का विकास किस प्रकार क्षेत्रीय आर्थिक विकास और औद्योगिक विविधीकरण को उत्प्रेरित कर सकता है, चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स दक्षता: मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाने के लिए HSRCs के जरिए औद्योगिक सामानों के ट्रांजिट समय में कमी
  • रिसोर्स सिक्योरिटी: आयात पर निर्भरता कम करने के लिए रेयर अर्थ मिनरल्स की घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करना
  • फ़िस्कल इंसेंटिव्स: डेटा सेंटर्स के लिए टैक्स हॉलिडे और लंबे समय के इंफ्रास्ट्रक्चर मेंटेनेंस खर्च के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: इंडस्ट्रियल कॉरिडोर · दुर्लभ अर्थ मिनरल्स · हाई-स्पीड रेल · राजकोषीय प्रोत्साहन · क्षेत्रीय विकास

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-2027 में भारत की विरासत और सांस्कृतिक स्थलों के साथ डिजिटल तकनीक को जोड़ने के लिए 'नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड' (National Destination Digital Knowledge Grid) का प्रस्ताव रखा है

चर्चा में क्यों: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-2027 में भारत की विरासत और सांस्कृतिक स्थलों के साथ डिजिटल तकनीक को जोड़ने के लिए 'नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड' (National Destination Digital Knowledge Grid) का प्रस्ताव रखा है।

यह पहल ऐतिहासिक स्मारकों के दस्तावेजीकरण के लिए 3D लेजर स्कैन का उपयोग करने का प्रस्ताव करती है। इसका लक्ष्य प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइडों को कौशल विकास (upskill) प्रदान करना है। इस बजट में इमर्सिव स्टोरीटेलिंग (immersive storytelling) और तकनीक का उपयोग करके सार्वजनिक पहुंच के लिए 15 पुरातात्विक स्थलों का विकास भी शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यनेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड (National Destination Digital Knowledge Grid) का लक्ष्य 3D लेजर स्कैन्स का उपयोग करके ऐतिहासिक स्थलों का दस्तावेजीकरण करना है।
  • तथ्यबजट में स्टैंडर्डाइज्ड ट्रेनिंग के जरिए आइकॉनिक टूरिस्ट साइट्स पर 10,000 गाइड्स को अपस्किलिंग करने का प्रस्ताव है।
  • तथ्यइस पहल में इमर्सिव स्टोरीटेलिंग (immersive storytelling) के साथ सार्वजनिक पहुंच के लिए 15 पुरातात्विक स्थलों (archaeological sites) को विकसित करना शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: डिजिटल प्रौद्योगिकियों और इमर्सिव स्टोरीटेलिंग (immersive storytelling) का एकीकरण भारत की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकता है, चर्चा कीजिए।

  • डिजिटल प्रिजर्वेशन: हेरिटेज साइट्स के भौतिक क्षरण को कम करने के लिए 3D लेजर स्कैन का उपयोग
  • स्किल गैप: टूर गाइड्स के लिए ट्रेनिंग को स्टैंडर्ड बनाना ताकि सटीक ऐतिहासिक जानकारी दी जा सके
  • एक्सेसिबिलिटी: पुरातात्विक स्थलों तक सार्वजनिक पहुंच और संरक्षण की जरूरतों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन · सांस्कृतिक विरासत · इमर्सिव स्टोरीटेलिंग · कौशल विकास · विरासत संरक्षण

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यह लेख स्वतंत्रता के बाद की स्थिरता से लेकर डिजिटलाइजेशन और ग्रीन ग्रोथ जैसी आधुनिक प्राथमिकताओं तक, भारत के केंद्रीय बजट (Union Budget) के विकास को दर्शाता है

चर्चा में क्यों: यह लेख स्वतंत्रता के बाद की स्थिरता से लेकर डिजिटलाइजेशन और ग्रीन ग्रोथ जैसी आधुनिक प्राथमिकताओं तक, भारत के केंद्रीय बजट (Union Budget) के विकास को दर्शाता है।

केंद्रीय बजट का विकास विभिन्न युगों के माध्यम से हुआ है: आर.के. शनमुखम चेट्टी ने शरणार्थियों के पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित किया; सी.डी. देशमुख ने खाद्य सुरक्षा पर जोर दिया; और 1990 के दशक में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में उदारीकरण (Liberalization) की ओर बदलाव देखा गया। हालिया बजट ग्रीन ग्रोथ (Green Growth), यूथ पावर (Youth Power) और वित्तीय क्षेत्र सहित सात क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यसी.डी. देशमुख के बजट ने 'Grow More Food' अभियान पर जोर दिया।
  • तथ्यहालिया यूनियन बजट की प्राथमिकताओं में ग्रीन ग्रोथ (Green Growth), यूथ पावर (Youth Power) और फाइनेंशियल सेक्टर (Financial Sector) शामिल हैं।
  • तथ्य1990 के दशक में मनमोहन सिंह के नेतृत्व में उदारीकरण (liberalization) और संरचनात्मक सुधारों (structural reforms) की ओर बदलाव आया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: स्वतंत्रता के पश्चात से वर्तमान युग तक भारत के केंद्रीय बजट के विकास का विश्लेषण कीजिए कि किस प्रकार यह राष्ट्र की बदलती सामाजिक-आर्थिक प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करता है। चर्चा कीजिए।

  • राजकोषीय फोकस में बदलाव: प्राथमिक उत्पादन और खाद्य सुरक्षा से नॉलेज इकोनॉमी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर बदलाव
  • संरचनात्मक परिवर्तन: राज्य-नेतृत्व वाले स्थिरीकरण से बाजार-नेतृत्व वाले उदारीकरण और समावेशी विकास लक्ष्यों तक का विकास
  • आधुनिक राजकोषीय प्राथमिकताएं: मुख्य बजट ढांचे में पर्यावरणीय स्थिरता (ग्रीन ग्रोथ) और मानव पूंजी (यूथ पावर) का एकीकरण

मुख्य शब्द: राजकोषीय विकास · आर्थिक उदारीकरण · संरचनात्मक सुधार · समावेशी विकास · ग्रीन ग्रोथ · नॉलेज इकोनॉमी

इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (IEEFA) और JMK रिसर्च एंड एनालिसिस ने बताया है कि अक्टूबर 2025 तक ACC PLI योजना ने अपनी लक्ष्य क्षमता का केवल 2.8% हासिल किया है

चर्चा में क्यों: इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (IEEFA) और JMK रिसर्च एंड एनालिसिस ने बताया है कि अक्टूबर 2025 तक ACC PLI योजना ने अपनी लक्ष्य क्षमता का केवल 2.8% हासिल किया है।

एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (ACC PLI) योजना का कुल परिव्यय ₹18,100 करोड़ है। चीनी आयात पर निर्भरता कम करने के लिए निर्धारित महत्वाकांक्षी लक्ष्यों के मुकाबले, अक्टूबर 2025 तक केवल 1.4 GWh क्षमता स्थापित की गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनाACC PLI: भारत में EVs के लिए एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरियों के निर्माण के उद्देश्य से ₹18,100 करोड़ की एक स्कीम।
  • तथ्यअक्टूबर 2025 तक, ACC PLI स्कीम ने अपनी टारगेट कैपेसिटी का केवल 2.8% (1.4 GWh इंस्टॉल्ड) हासिल किया है।
  • संस्थाIEEFA: इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस (Institute for Energy Economics and Financial Analysis)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना के अंतर्गत उन्नत रसायन सेल (ACC) क्षेत्र में विद्यमान बाधाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए और ईवी बैटरी विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर बॉटलनैक: फैसिलिटी कंस्ट्रक्शन और मैन्युफैक्चरिंग सेटअप के लिए अवास्तविक टाइमलाइन्स
  • रेगुलेटरी बाधा: बैटरी कंपोनेंट्स के लिए डोमेस्टिक वैल्यू एडिशन की शर्तों को पूरा करने में मुश्किलें
  • सप्लाई चेन रिस्क: PLI इंसेंटिव्स के बावजूद चीनी आयात पर भारी निर्भरता जारी

मुख्य शब्द: प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव · एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल · वैल्यू एडिशन · आयात प्रतिस्थापन · EV इकोसिस्टम

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भारत सरकार ने एक ट्रांसशिपमेंट और डिफेंस हब स्थापित करने के लिए ₹72,000 करोड़ के 'होलिस्टिक डेवलपमेंट ऑफ ग्रेट निकोबार आइलैंड' प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने एक ट्रांसशिपमेंट और डिफेंस हब स्थापित करने के लिए ₹72,000 करोड़ के 'होलिस्टिक डेवलपमेंट ऑफ ग्रेट निकोबार आइलैंड' प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।

इस परियोजना में एक एकीकृत शहर-राज्य (integrated city-state) शामिल है, जिसमें एक अंतरराष्ट्रीय कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल, एक ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और 3.5 लाख से अधिक लोगों के लिए एक टाउनशिप होगी। इस परियोजना का नेतृत्व नीति आयोग द्वारा किया जा रहा है और इसका कार्यान्वयन अंडमान और निकोबार द्वीप समूह एकीकृत विकास निगम (Andaman and Nicobar Islands Integrated Development Corporation) द्वारा किया जा रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यप्रोजेक्ट की लागत: ₹72,000 करोड़।
  • संस्थानीति आयोग इस प्रोजेक्ट के लिए मुख्य नोडल बॉडी है।
  • संस्थाअंडमान और निकोबार द्वीप समूह एकीकृत विकास निगम (Andaman and Nicobar Islands Integrated Development Corporation) कार्यान्वयन निकाय है।
  • स्थानग्रेट निकोबार द्वीप अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में स्थित है।
  • पर्यावरणप्रभावित होने वाले स्वदेशी जनजातियों में शोम्पेन (Shompen) और निकोबारी (Nicobarese) शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा विकास और स्वदेशी अधिकारों एवं पारिस्थितिक अखंडता के संरक्षण के बीच उत्पन्न होने वाले द्वंद्व का विश्लेषण कीजिए।

  • पारिस्थितिक गिरावट: अंडमान सागर में जैव विविधता और कोरल रीफ के स्वास्थ्य का संभावित नुकसान
  • आदिवासी लोगों के अधिकार: शोम्पेन और निकोबारीस जनजातियों की पारंपरिक जीवनशैली और भूमि अधिकारों के लिए खतरा
  • प्रक्रियात्मक पारदर्शिता: पर्यावरण क्लीयरेंस प्रक्रियाओं में नियमों के उल्लंघन और पारदर्शिता की कमी के आरोप

मुख्य शब्द: पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र · स्वदेशी अधिकार · ट्रांसशिपमेंट हब · सतत विकास · प्रक्रियात्मक पारदर्शिता

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पोलेस्टार मैरीटाइम लिमिटेड ने जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी में तैनात करने के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) से 60 टन क्षमता के दो बैटरी-इलेक्ट्रिक ग्रीन टग्स (Green Tugs) का ऑर्डर दिया है

चर्चा में क्यों: पोलेस्टार मैरीटाइम लिमिटेड ने जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी में तैनात करने के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) से 60 टन क्षमता के दो बैटरी-इलेक्ट्रिक ग्रीन टग्स (Green Tugs) का ऑर्डर दिया है।

ये टग्स केंद्र सरकार के ग्रीन टग ट्रांजिशन प्रोग्राम (Green Tug Transition Programme - GTTP) का हिस्सा हैं और शून्य प्रत्यक्ष उत्सर्जन के लिए बैटरी-इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन (battery-electric propulsion) से लैस हैं। इनका निर्माण कोचीन यार्ड में CSL और उडुपी-CSL (Udupi-CSL) के संयुक्त प्रयासों से घरेलू स्तर पर प्राप्त बैटरियों का उपयोग करके किया जा रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाकोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Limited) भारत की एक प्रमुख शिपबिल्डिंग इकाई है।
  • योजनाGreen Tug Transition Programme (GTTP) का लक्ष्य हार्बर ऑपरेशंस के लिए ज़ीरो-इमिशन (zero-emission) टग्स तैनात करना है।
  • तथ्यऑर्डर किए गए टग्स (tugs) की बोलार्ड पुल (bollard pull) क्षमता 60 टन है।
  • तथ्यCSL की कुल ऑर्डर बुक में वर्तमान में 17 टग्स (tugs) शामिल हैं, जिनमें से छह ग्रीन टग्स (green tugs) हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: हरित समुद्री प्रणोदन (green maritime propulsion) की ओर संक्रमण भारत के डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों के साथ किस प्रकार संरेखित होता है और घरेलू बैटरी आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • सप्लाई चेन बॉटलनैक: घरेलू बैटरी उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण मिनरल्स पर भारी निर्भरता
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: प्रमुख मैरीटाइम हब्स पर स्पेशल चार्जिंग पोर्ट्स और ग्रिड कैपेसिटी की ज़रूरत
  • तकनीकी बदलाव: इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन की भारी शुरुआती लागत और लंबे समय में उत्सर्जन में कमी के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: डीकार्बोनाइजेशन · ग्रीन मैरीटाइम · घरेलू मैन्युफैक्चरिंग · सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर · ऊर्जा ट्रांज़िशन

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केरल राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को औद्योगिक दर्जा (Industrial Status) देने पर विचार कर रही है

चर्चा में क्यों: केरल राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र को औद्योगिक दर्जा (Industrial Status) देने पर विचार कर रही है, ताकि हितधारकों को कम बिजली शुल्क और कम ब्याज वाले ऋण जैसे लाभ प्रदान किए जा सकें।

उद्योग मंत्री पी. राजीव ने 'केरल में समावेशी और सुलभ पर्यटन को बढ़ावा देने में उद्योगों की भूमिका' नामक एक सम्मेलन के दौरान इस कदम का प्रस्ताव रखा। सरकार ने पर्यटन समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए व्यवसायों को खाली घरों का उपयोग करने की अनुमति देने हेतु नियमों में संशोधन भी किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यकेरल सरकार पर्यटन सेक्टर (tourism sector) को इंडस्ट्रियल स्टेटस (industrial status) देने पर विचार कर रही है।
  • तथ्यप्रस्तावित लाभों में टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स (tourism stakeholders) के लिए कम बिजली शुल्क और कम ब्याज वाले लोन शामिल हैं।
  • तथ्यनियमों में संशोधन व्यवसायों को पर्यटन समावेशिता (tourism inclusivity) के लिए खाली घरों का उपयोग करने की अनुमति देते हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पर्यटन क्षेत्र को औद्योगिक दर्जा प्रदान करना केरल जैसे राज्य में समावेशी आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचा विकास को कैसे उत्प्रेरित कर सकता है, चर्चा कीजिए।

  • राजकोषीय प्रोत्साहन तालमेल: MSME स्तर की पर्यटन इकाइयों के लिए ऑपरेशनल कॉस्ट कम करने हेतु इंडस्ट्रियल पावर टैरिफ का लाभ उठाना
  • एसेट ऑप्टिमाइजेशन: स्थानीय हॉस्पिटैलिटी क्षमता और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए खाली पड़े रिहायशी संपत्तियों का उपयोग
  • इनक्लूसिविटी फ्रेमवर्क: कमर्शियल टूरिज्म विस्तार और विविध जनसांख्यिकीय समूहों के लिए सुलभ इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: समावेशी विकास · इंडस्ट्रियल स्टेटस · MSME प्रोत्साहन · एसेट यूटिलाइजेशन · पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर

GS3 के अन्य विषय

कृषि · विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी · पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी · आपदा प्रबंधन · आंतरिक सुरक्षा

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