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भाग I · स्था. 11.2025 
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अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,306 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (511) · उद्योग, निवेश एवं MSME (471) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (298) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (298) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (278) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (189) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (142) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (119)

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

APSRTC के MD, एम.टी

चर्चा में क्यों: APSRTC के MD, एम.टी. कृष्ण बाबू ने बताया कि 'स्त्री शक्ति' योजना ने महिला यात्रियों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि करके APSRTC की वित्तीय स्थिरता को मजबूत किया है।

APSRTC की योजना PM e-Bus Sewa योजना के तहत 1,050 इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की है। राज्य सरकार ने आंध्र प्रदेश में सड़क विकास के लिए ₹3,000 करोड़ आवंटित किए हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • योजनाPM e-Bus सेवा: इलेक्ट्रिक बसें तैनात करने के लिए केंद्र सरकार की एक योजना।
  • तथ्यAPSRTC 1,050 इलेक्ट्रिक बसों को खरीदने की योजना बना रहा है।
  • तथ्यआंध्र प्रदेश में सड़क विकास के लिए ₹3,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
  • संस्थाAPSRTC: आंध्र प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन।
मेन्स के लिए

प्रश्न: स्त्री शक्ति जैसी लक्षित सामाजिक योजनाओं के सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों की वित्तीय स्थिरता में किस प्रकार योगदान दे सकती हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • रेवेन्यू डाइवर्सिफिकेशन: ऑपरेशनल कॉस्ट की भरपाई के लिए महिला राइडरशिप बढ़ाना
  • इंफ्रास्ट्रक्चर ट्रांजिशन: पीएम ई-बस सेवा के तहत इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाना
  • राजकोषीय आवंटन: राज्य सड़क विकास फंड और सार्वजनिक परिवहन आधुनिकीकरण के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: वित्तीय स्थिरता · सार्वजनिक परिवहन · जेंडर-इन्क्लूसिव मोबिलिटी · इलेक्ट्रिक मोबिलिटी · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साउथ कोस्ट रेलवे (SCoR) ज़ोन के निर्माण कार्य के जल्द शुरू होने की घोषणा की

चर्चा में क्यों: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साउथ कोस्ट रेलवे (SCoR) ज़ोन के निर्माण कार्य के जल्द शुरू होने की घोषणा की।

साउथ कोस्ट रेलवे ज़ोन का मुख्यालय विशाखापट्टनम में होगा और इसके लिए बजट से ₹10,134 करोड़ आवंटित किए गए हैं। प्रमुख परियोजनाओं में हैदराबाद-चेन्नई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और एर्रुपलेम-नंबुर तथा कोटिपल्ली-नरसपुर रेल लाइनें शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • स्थानSouth Coast Railway (SCoR) ज़ोन का मुख्यालय: विशाखापट्टनम।
  • तथ्यSCoR ज़ोन के लिए बजट आवंटन: ₹10,134 करोड़।
  • तथ्यप्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट: हैदराबाद-चेन्नई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर।
  • तथ्यवर्तमान में निर्माणाधीन रेलवे लाइनें: एर्रुपलेम-नंबुर और कोटिपल्ली-नरसपुर।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में रेलवे क्षेत्रों के विस्तार और उच्च गति वाले गलियारों (high-speed corridors) के क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और औद्योगिक विकास के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: हैदराबाद और चेन्नई जैसे प्रमुख इंडस्ट्रियल हब्स के बीच ट्रांजिट समय को कम करना
  • क्षेत्रीय कनेक्टिविटी: स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए आंध्र प्रदेश में मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट लिंक को बेहतर बनाना
  • राजकोषीय आवंटन: हाई-स्पीड रेल बनाम पारंपरिक रेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर कैपिटल एक्सपेंडिचर का संतुलन

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय एकीकरण · पूंजीगत व्यय · मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट · लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर · इकोनॉमिक कॉरिडोर

स्रोत: द हिंदू ↗+1 और खबरें इस विषय पर
GS3अर्थव्यवस्था › पूंजी बाज़ार एवं SEBIप्रीलिम्स

भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक टैरिफ (Tariff) को कम करने के लिए भारत और यू.एस

चर्चा में क्यों: भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक टैरिफ (Tariff) को कम करने के लिए भारत और यू.एस. के बीच हुए समझौते के बाद BSE सेंसेक्स और निफ्टी में भारी उछाल आया।

इस व्यापार समझौते के तहत भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ (Tariffs) को 50% से घटाकर 18% कर दिया गया। 3 फरवरी, 2026 को शुरुआती कारोबार के दौरान BSE सेंसेक्स (Sensex) में 5% से अधिक की उछाल आई और निफ्टी (Nifty) लगभग 5% तक बढ़ गया।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यनए ट्रेड डील के तहत भारतीय सामानों पर यू.एस. टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है।
  • तथ्य3 फरवरी, 2026 को BSE Sensex और Nifty दोनों में 5% से अधिक की बढ़त देखी गई।
  • तथ्यटेक्सटाइल और लेदर सेक्टर को टैरिफ कटौती के प्राथमिक लाभार्थियों के रूप में पहचाना गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: द्विपक्षीय व्यापार समझौतों और शुल्क कटौती किस प्रकार भारत में पूंजी बाजार की अस्थिरता और निर्यात-उन्मुख विनिर्माण क्षेत्रों के विकास को प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • मार्केट सेंटीमेंट: ट्रेड पॉलिसी में बदलाव और इक्विटी मार्केट्स में निवेशकों के भरोसे के बीच संबंध
  • सेक्टोरल असमानता: टेक्सटाइल और लेदर जैसे एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड उद्योगों को घरेलू केंद्रित सेक्टर्स के मुकाबले असमान लाभ
  • ट्रेड-ऑफ विश्लेषण: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग हितों की सुरक्षा के साथ पारस्परिक टैरिफ कटौती में संतुलन

मुख्य शब्द: कैपिटल मार्केट्स · व्यापार उदारीकरण · टैरिफ में कटौती · निर्यात-उन्मुख विकास · निवेशकों का भरोसा

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासमेन्स

ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण महिलाओं के उद्यमिता (Entrepreneurship) को बढ़ावा देने के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY NRLM) के अगले वित्तीय चक्र की समीक्षा कर रहा है

चर्चा में क्यों: ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण महिलाओं के उद्यमिता (Entrepreneurship) को बढ़ावा देने के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY NRLM) के अगले वित्तीय चक्र की समीक्षा कर रहा है।

DAY NRLM ने 10 करोड़ से अधिक परिवारों को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) में संगठित किया है। यह कार्यक्रम आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए ग्राम संगठनों (VOs) और क्लस्टर-स्तरीय संघों (CLFs) पर केंद्रित है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • योजनाDAY NRLM ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) के अंतर्गत एक कार्यक्रम है।
  • तथ्यDAY NRLM ने 10 करोड़ से अधिक परिवारों को SHGs में संगठित किया है।
  • संस्थाDAY NRLM के तहत राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए विलेज ऑर्गेनाइजेशन्स (VOs) और क्लस्टर-लेवल फेडरेशन्स (CLFs) प्रमुख संरचनाएं हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) भारत में ग्रामीण महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण में किस प्रकार योगदान देता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • मार्केट एक्सेस गैप: SHG उत्पादों के लिए मार्केटिंग सपोर्ट की कमी से कमर्शियल स्केलेबिलिटी में बाधा
  • वित्तीय नवाचार: पारंपरिक माइक्रो-क्रेडिट से इक्विटी और वेंचर कैपिटल मॉडल की ओर बदलाव
  • गवर्नेंस रिस्क: SHG और CLF संरचनाओं के भीतर फंड के दुरुपयोग को संबोधित करना

मुख्य शब्द: सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण · स्वयं सहायता समूह · क्लस्टर-लेवल फेडरेशन · वेंचर कैपिटल · ग्रामीण उद्यमिता

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स

भारत की आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) 2025-26 में तमिलनाडु को सबसे तेज़ी से बढ़ती राज्य अर्थव्यवस्था के रूप में पहचाना गया है

चर्चा में क्यों: भारत की आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) 2025-26 में तमिलनाडु को सबसे तेज़ी से बढ़ती राज्य अर्थव्यवस्था के रूप में पहचाना गया है, जिसने 2024-25 में 11.19% की वास्तविक वृद्धि (Real Growth) दर्ज की है।

तमिलनाडु ने 2024-25 में 11.19% की वास्तविक विकास दर (real growth rate) हासिल की, जिससे यह सबसे तेजी से बढ़ती राज्य अर्थव्यवस्था बन गई। राज्य ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में अपने नेतृत्व और भारत के विजन 2047 (Vision 2047) में अपने योगदान के लिए उल्लेखनीय है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यतमिलनाडु की 2024-25 में रियल ग्रोथ रेट (Real growth rate) 11.19% रही।
  • स्थानतमिलनाडु ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का एक प्रमुख हब है।
  • तथ्यइकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में तमिलनाडु को सबसे तेज़ी से बढ़ती राज्य अर्थव्यवस्था के रूप में मान्यता दी गई है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: तमिलनाडु के औद्योगिक नेतृत्व में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और भारत के 'विजन 2047' लक्ष्यों को प्राप्त करने में इसकी भूमिका का मूल्यांकन कीजिए।

  • औद्योगिक विविधीकरण: ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स के बीच तालमेल
  • इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास: औद्योगिक उत्पादकता पर शहरी विकास और सामाजिक कल्याण का प्रभाव
  • सस्टेनेबिलिटी इंटीग्रेशन: औद्योगिक उत्पादन और पर्यावरणीय सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: वास्तविक विकास · औद्योगिक विविधता · विज़न 2047 · मैन्युफैक्चरिंग हब · इकोनॉमिक सर्वे

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)मेन्स

विशेषज्ञों ने 16वें वित्त आयोग की वर्टिकल डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम (Vertical Distribution Scheme) की आलोचना करते हुए इसे तमिलनाडु के लिए अनुचित बताया है

चर्चा में क्यों: विशेषज्ञों ने 16वें वित्त आयोग की वर्टिकल डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम (Vertical Distribution Scheme) की आलोचना करते हुए इसे तमिलनाडु के लिए अनुचित बताया है, बावजूद इसके कि इसके हिस्से में मामूली बढ़ोतरी हुई है।

16वें वित्त आयोग की वर्टिकल डिस्ट्रीब्यूशन (vertical distribution) योजना के तहत दक्षिणी राज्यों की संयुक्त हिस्सेदारी में कमी देखी गई, जबकि उत्तरी राज्यों की हिस्सेदारी में वृद्धि हुई। वर्टिकल डिवोल्यूशन (vertical devolution) में केरल और कर्नाटक ने सबसे अधिक विकास दर दर्ज की, जिसमें केरल, हरियाणा के बाद दूसरे स्थान पर रहा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्य16th वित्त आयोग (Finance Commission) के तहत वर्टिकल डिवोल्यूशन (vertical devolution) ग्रोथ रेट्स में केरल, हरियाणा के बाद दूसरे स्थान पर रहा।
  • तथ्यतमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना ने सब्सिडी के लिए लाभार्थियों की पहचान करने हेतु IT-enabled डेटा एनालिसिस को लागू किया है।
  • संस्था16th वित्त आयोग फंड्स के वर्टिकल (vertical) और हॉरिजॉन्टल (horizontal) वितरण को निर्धारित करता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: 16वें वित्त आयोग के ऊर्ध्वाधर और क्षैतिज हस्तांतरण मानदंडों का दक्षिणी राज्यों की राजकोषीय स्वायत्तता पर पड़ने वाले प्रभावों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • राजकोषीय असंतुलन: वर्टिकल डिस्ट्रीब्यूशन में उत्तर और दक्षिण के राज्यों के हिस्सों के बीच अंतर
  • डेटा-आधारित गवर्नेंस: तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में IT-इनेबल्ड लाभार्थी पहचान की सफलता

मुख्य शब्द: वर्टिकल डिवोल्यूशन · राजकोषीय संघवाद · क्षैतिज वितरण · वित्त आयोग · सब्सिडी · डेटा-आधारित गवर्नेंस

कर्नाटक के आईटी-बीटी मंत्री, प्रियंक खड़गे ने 'ऑरेंज इकोनॉमी' (AVGC सेक्टर) में राज्य के नेतृत्व और एनिमेशन एवं गेमिंग के लिए इसके लंबे समय से चले आ रहे नीतिगत ढांचे (Policy Framework) पर प्रकाश डाला

चर्चा में क्यों: कर्नाटक के आईटी-बीटी मंत्री, प्रियंक खड़गे ने 'ऑरेंज इकोनॉमी' (AVGC सेक्टर) में राज्य के नेतृत्व और एनिमेशन एवं गेमिंग के लिए इसके लंबे समय से चले आ रहे नीतिगत ढांचे (Policy Framework) पर प्रकाश डाला।

कर्नाटक में 300 से अधिक AVGC स्टूडियो हैं जिन्होंने हॉलीवुड प्रोडक्शंस पर काम किया है। राज्य का लक्ष्य 2028 के अंत तक इस क्षेत्र में 50,000 से अधिक रोजगार पैदा करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यकर्नाटक में 300 से अधिक AVGC स्टूडियो हैं।
  • तथ्यराज्य का लक्ष्य 2028 के अंत तक AVGC सेक्टर में 50,000 से अधिक नौकरियां पैदा करना है।
  • स्थानबेंगलुरु GAFX 2026 को फरवरी में एशिया के सबसे बड़े AVGC एक्सपो (exposition) के 7वें संस्करण के रूप में आयोजित किया जाना निर्धारित है।
  • तथ्यAVGC सेक्टर में एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स (Visual Effects), गेमिंग और कॉमिक्स शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: 'ऑरेंज इकोनॉमी' (नारंगी अर्थव्यवस्था) का विकास भारत के डिजिटल सामग्री और रचनात्मक उद्योगों के लिए एक वैश्विक केंद्र बनने के लक्ष्य में किस प्रकार योगदान दे सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • स्किल गैप: हाई-एंड विजुअल इफेक्ट्स और गेमिंग इंजन में विशेष वोकेशनल ट्रेनिंग की ज़रूरत
  • इंफ्रास्ट्रक्चर डिमांड: हाई-स्पीड डेटा सेंटर और स्पेशलाइज्ड रेंडरिंग फार्म्स की ज़रूरत
  • इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी: वैश्वीकृत डिजिटल मार्केट में स्वदेशी क्रिएटिव कंटेंट की सुरक्षा में चुनौतियां

मुख्य शब्द: ऑरेंज इकोनॉमी · AVGC सेक्टर · डिजिटल कंटेंट · क्रिएटिव इंडस्ट्रीज · नौकरी सृजन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) को मिनिरत्न कैटेगरी-I (Miniratra Category-I) का दर्जा दिया है

चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) को मिनिरत्न कैटेगरी-I (Miniratra Category-I) का दर्जा दिया है, ताकि इसकी परिचालन स्वायत्तता और निवेश क्षमताओं को बढ़ाया जा सके।

यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) एक रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (DPSU) है, जो चार वर्षों के भीतर एक लाभदायक इकाई में परिवर्तित हो गया है। मिनीरत्न-I (Miniratna-I) का दर्जा कंपनी के बोर्ड को बिना पूर्व सरकारी मंजूरी के ₹500 करोड़ तक का पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) करने की अनुमति देता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थायंत्र इंडिया लिमिटेड (Yantra India Limited) एक डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (DPSU) है।
  • तथ्यMiniratna Category-I स्टेटस के तहत ₹500 करोड़ तक का कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) बिना सरकार की पूर्व अनुमति के किया जा सकता है।
  • पदराजनाथ सिंह वर्तमान में भारत के Defence Minister हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSUs) को 'मिनीरात्न' का दर्जा प्रदान करना 'आत्मनिर्भर भारत' के उद्देश्यों और औद्योगिक स्वदेशीकरण में किस प्रकार योगदान देता है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • ऑपरेशनल ऑटोनॉमी: पूंजीगत खर्च और मॉडर्नाइजेशन प्रोजेक्ट्स के लिए नौकरशाही की बाधाएं कम करना
  • राजकोषीय जवाबदेही: रणनीतिक रक्षा खरीद में वित्तीय स्वतंत्रता और निगरानी की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • स्वदेशीकरण पर जोर: R&D में स्वायत्त निवेश के जरिए घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को तेज़ करना

मुख्य शब्द: मिनीरत्न स्टेटस · पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग · स्वदेशीकरण · पूंजीगत व्यय · ऑपरेशनल ऑटोनॉमी · आत्मनिर्भर भारत

PRSI चर्चा के वक्ताओं ने MSME विकास और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए यूनियन बजट-2026 की प्रशंसा की

चर्चा में क्यों: PRSI चर्चा के वक्ताओं ने MSME विकास और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए यूनियन बजट-2026 की प्रशंसा की।

केंद्रीय बजट-2026 में ₹10,000 करोड़ का ग्रोथ फंड और 'कॉरपोरेट मित्र' पहल शामिल है। इसमें आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए चिप निर्माण, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के लिए फंडिंग का भी प्रावधान है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यग्रोथ फंड (Growth Fund): Union Budget-2026 में MSME सपोर्ट के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित।
  • संस्थाकॉरपोरेट मित्र (Corporate Mitras): MSMEs को संस्थागत सहायता प्रदान करने वाली एक पहल।
  • योजनाTreDS: MSMEs को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाने वाला मैकेनिज्म (Mechanism)।
  • तथ्यबजट में चिप्स मैन्युफैक्चरिंग, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के लिए फंडिंग शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के औद्योगिक विकास में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के महत्व पर चर्चा कीजिए और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में 'ट्रेड्स' (TReDS) और 'ग्रोथ फंड्स' जैसे राजकोषीय उपायों की प्रभावशीलता का मूल्यांकन कीजिए।

  • क्रेडिट एक्सेसिबिलिटी: सूक्ष्म उद्यमों के लिए पूंजी की उच्च लागत और कोलैटरल की आवश्यकताओं को दूर करना
  • सप्लाई चेन इंटीग्रेशन: MSMEs को अनौपचारिक इकाइयों से एकीकृत हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर मैन्युफैक्चरिंग हब में बदलना
  • फ़िस्कल मल्टीप्लायर: ग्रामीण और अर्ध-शहरी इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ के ग्रोथ फंड का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: MSME · आत्मनिर्भरता · राजकोषीय नीति · औद्योगिक विकास · टीआरडीएस · कॉरपोरेट मित्र

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

U.S.-India Strategic Partnership Forum (USISPF) ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत किया है

चर्चा में क्यों: U.S.-India Strategic Partnership Forum (USISPF) ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत किया है। इस दौरान उन्होंने सीमा शुल्क (customs) में सुधार, क्लाउड सेवाओं के लिए टैक्स प्रोत्साहन और AI एवं डेटा केंद्रों में निवेश पर विशेष जोर दिया।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और लॉजिस्टिक्स के लिए महत्वपूर्ण उपायों को शामिल किया गया है। USISPF ने क्लाउड सेवाओं के लिए सीमा शुल्क सुधार और टैक्स इंसेंटिव्स (tax incentives) को विकास के प्रमुख कारकों के रूप में पहचाना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्ययूनियन बजट 2026-27 में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट करने के लिए विशिष्ट उपायों को शामिल किया गया है।
  • तथ्यबजट में क्लाउड सर्विसेज (cloud services) के लिए विशेष टैक्स इंसेंटिव्स (tax incentives) का प्रावधान है।
  • तथ्यUSISPF ने AI, IT और डेटा सेंटर्स में निवेश को प्रमुख ग्रोथ एनेबलर्स (growth enablers) के रूप में रेखांकित किया।
  • संस्थाUSISPF: U.S.-India Strategic Partnership Forum.
मेन्स के लिए

प्रश्न: तकनीकी रूप से संचालित सुधार और सीमा शुल्क सुगमीकरण किस प्रकार अर्धचालक (सेमीकंडक्टर) और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में एक वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में भारत की स्थिति को सुदृढ़ कर सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: AI-आधारित उद्योगों के लिए हाई-कैपेसिटी डेटा सेंटर और स्थिर बिजली की ज़रूरत
  • रेगुलेटरी ईज़: आयातित इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के लैंडेड कॉस्ट को कम करने पर कस्टम सुधारों का असर
  • कैपिटल फ्लो: बड़े पैमाने पर औद्योगिक मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट के लिए कैपिटल इंटरमीडिएशन को मजबूत करना

मुख्य शब्द: व्यापार सुगमता · कैपिटल इंटरमीडिएशन · सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम · क्लाउड सेवाएँ · निवेश आकर्षण

केरल स्टार्टअप मिशन (KSUM) ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में अपनी एक दशक की प्रगति की रिपोर्ट दी है

चर्चा में क्यों: केरल स्टार्टअप मिशन (KSUM) ने स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में अपनी एक दशक की प्रगति की रिपोर्ट दी है, जिसमें रोबोटिक्स और ड्रोन के क्षेत्र में विशिष्ट तकनीकी नवाचारों पर प्रकाश डाला गया है।

केरल स्टार्टअप मिशन (KSUM) ने अपनी स्थापना के समय से अब तक 7,800 से अधिक स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान की है। इसके द्वारा समर्थित प्रमुख संस्थाओं में जेनरोबोटिक्स (Genrobotics - रोबोटिक एक्सोस्केलेटन तकनीक), फ्यूजलेज इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड (Fuselage Innovations Private Ltd - ड्रोन तकनीक) और यूनिक वर्ल्ड रोबोटिक्स (Unique World Robotics - UWR) शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यKSUM ने अपनी शुरुआत से अब तक 7,800 से अधिक स्टार्टअप्स को सपोर्ट दिया है।
  • योजनाStartup Infinity: KSUM द्वारा विशेष रूप से एक्सपैट्स (Expats) के लिए डिज़ाइन किया गया एक प्रोग्राम।
  • योजनाफ्रीडम स्क्वायर (Freedom Square): छात्र उद्यमिता (student entrepreneurship) के लिए KSUM द्वारा बनाया गया एक समर्पित स्थान।
  • योजनाStartup Pod: workation कल्चर को बढ़ावा देने के लिए KSUM की एक पहल।
मेन्स के लिए

प्रश्न: केरल स्टार्टअप मिशन जैसे राज्य-संचालित मिशन भारत में शैक्षणिक अनुसंधान और वाणिज्यिक औद्योगिक अनुप्रयोग के बीच के अंतराल को पाटने में किस प्रकार सहायक हो सकते हैं, चर्चा कीजिए।

  • इंसेंटिव अलाइनमेंट: हाई-रिस्क डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए पब्लिक फंडिंग और प्राइवेट इक्विटी की ज़रूरतों के बीच संतुलन
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: राज्य स्तर पर रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए स्पेशलाइज्ड टेस्टिंग लैब्स की ज़रूरत

मुख्य शब्द: स्टार्टअप इकोसिस्टम · डीप-टेक इनोवेशन · राज्य-नेतृत्व वाला विकास · वर्केशन कल्चर · उद्यमिता

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय इतिहास में पहली बार किसी सप्ताहांत (weekend) पर केंद्रीय बजट 2026 पेश किया

चर्चा में क्यों: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारतीय इतिहास में पहली बार किसी सप्ताहांत (weekend) पर केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। बजट के नीतिगत प्रभावों को सरल बनाने के लिए इसके साथ 'पॉकेट-साइज पॉलिटिक्स' (Pocket-size politics) कार्टून सीरीज भी साझा की गई।

केंद्रीय बजट 2026 की घोषणा 1 फरवरी, 2026 को की गई। बजट भाषण की अवधि 85 मिनट थी। नागरिकों पर राजकोषीय नीति (Fiscal Policy) के प्रभावों को दर्शाने के लिए इसमें सौम्यदीप सिन्हा द्वारा बनाए गए कार्टूनों की एक श्रृंखला भी शामिल की गई थी।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्ययूनियन बजट 2026 का भाषण 85 मिनट तक चला।
  • तथ्यबजट 1 फरवरी, 2026 को पेश किया गया, जो भारतीय इतिहास में पहला वीकेंड प्रेजेंटेशन (weekend presentation) था।
  • पदनिर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: लोकतांत्रिक भागीदारी और आर्थिक साक्षरता को सुनिश्चित करनेके लिए जटिल राजकोषीय नीतियों को जन-उपभोग हेतु सरल बनाना क्यों महत्वपूर्ण है? चर्चा कीजिए।

  • सूचना की असमानता: जटिल फिस्कल शब्दावली के कारण जमीनी स्तर पर मैक्रोइकोनॉमिक बदलावों को समझना मुश्किल
  • कम्युनिकेशन रणनीति: पॉलिसी बनाने और जन जागरूकता के बीच की दूरी कम करने के लिए विजुअल मीडिया का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: राजकोषीय पारदर्शिता · आर्थिक साक्षरता · सार्वजनिक संवाद · नीति का सरलीकरण

स्रोत: द हिंदू ↗+2 और खबरें इस विषय पर

भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 2026-27 के बजट में एक नया कानून घोषित किया है

चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 2026-27 के बजट में एक नया कानून घोषित किया है, जिसके तहत विदेशी कंपनियों को हाई-एंड आईफोन (iPhone) मशीनरी के स्वामित्व पर टैक्स से छूट दी जाएगी।

यह छूट उन विदेशी कंपनियों पर लागू होती है जो अनुबंध निर्माताओं (contract manufacturers) को मशीनरी प्रदान करती हैं और यह अवधि पांच वर्षों के लिए है। यह नीति विशेष रूप से उन फैक्ट्रियों को लक्षित करती है जो कस्टम-बॉन्डेड क्षेत्रों (customs-bonded areas) के भीतर स्थित हैं, जिन्हें भारत की सीमा शुल्क सीमा (customs border) के बाहर माना जाता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यहाई-एंड iPhone मशीनरी की ओनरशिप पर टैक्स छूट 2030-31 टैक्स ईयर तक वैध है।
  • स्थानयह छूट केवल कस्टम-बॉन्डेड एरिया (customs-bonded areas) के भीतर स्थित फैक्ट्रियों पर लागू होती है।
  • संस्थायह पॉलिसी 2026-27 के वार्षिक बजट के हिस्से के रूप में पेश की गई थी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पूंजीगत वस्तुओं पर राजकोषीय प्रोत्साहन और कर छूट किस प्रकार इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र बनने के भारत के महत्वाकांण को गति दे सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • इंसेंटिव स्ट्रक्चर: विदेशी फर्मों के लिए टैक्स छूट और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ के लक्ष्य के बीच संतुलन
  • रेगुलेटरी परिमीटर: ट्रेड कंप्लायंस बनाए रखते हुए टैक्स लायबिलिटी कम करने के लिए कस्टम-बॉन्डेड एरिया का इस्तेमाल

मुख्य शब्द: राजकोषीय प्रोत्साहन · इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग · कैपिटल गुड्स · कस्टम-बॉन्डेड एरिया · विदेशी प्रत्यक्ष निवेश

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

IIT-गांधीनगर के शोधकर्ताओं ने औद्योगिक उपयोग के लिए सब-नैनोमीटर सटीकता के साथ अणुओं को अलग करने हेतु पॉलीऑक्सोमेटलेट (POM) क्लस्टर्स का उपयोग करके एक सिंथेटिक मेंब्रेन (Synthetic Membrane) विकसित किया है

चर्चा में क्यों: IIT-गांधीनगर के शोधकर्ताओं ने औद्योगिक उपयोग के लिए सब-नैनोमीटर सटीकता के साथ अणुओं को अलग करने हेतु पॉलीऑक्सोमेटलेट (POM) क्लस्टर्स का उपयोग करके एक सिंथेटिक मेंब्रेन (Synthetic Membrane) विकसित किया है।

इस नवाचार में 'POMbranes' का उपयोग किया गया है। ये लचीली और स्थिर पतली फिल्में (thin films) हैं, जो 'टेल्स' (tails) से जुड़े पॉलीऑक्सोमेटैलेट क्लस्टर्स (polyoxometalate clusters) द्वारा बनाई जाती हैं। ये क्लस्टर्स स्वयं को व्यवस्थित करके ऐसे फिल्टर बनाते हैं जिनमें सटीक आकार के छेद होते हैं। इनका उपयोग अणुओं को उनके आकार और वजन के आधार पर अलग करने के लिए किया जाता है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • विज्ञान-तकनीकPOMmembranes: पॉलीऑक्सोमेटलेट (polyoxometalate) क्लस्टर्स से बने सिंथेटिक मेंब्रेन (Synthetic membranes)।
  • विज्ञान-तकनीकमैकेनिज्म: POM क्लस्टर्स और उनसे जुड़े 'tails' खुद को व्यवस्थित करके सब-नैनोमीटर प्रिसिजन (sub-nanometer precision) के साथ फिल्टर्स में बदल लेते हैं।
  • तथ्यकार्य: वर्तमान में उपलब्ध मेंब्रेन (membranes) की तुलना में अधिक सटीकता के साथ आकार और वजन, दोनों के आधार पर अणुओं को अलग करना।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में औद्योगिक विनिर्माण और रासायनिक प्रसंस्करण के क्षेत्र में नैनो-तकनीकी और सिंथेटिक झिल्लियों (सिंथेटिक मेंब्रेन) में होने वाली प्रगति किस प्रकार क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती है, चर्चा कीजिए।

  • प्रिसिजन इंजीनियरिंग: हाई-प्योरिटी केमिकल मैन्युफैक्चरिंग के लिए सब-नैनोमीटर फिल्ट्रेशन क्षमताएं
  • मटेरियल साइंस: पारंपरिक मेम्ब्रेन टेक्नोलॉजी के लिए स्केलेबल विकल्प के रूप में सेल्फ-असेंबलिंग POM क्लस्टर्स

मुख्य शब्द: नैनोटेक्नोलॉजी · सिंथेटिक मेंब्रेन · पॉलीऑक्सोमेटैलेट · मॉलिक्यूलर सेपरेशन · मटेरियल साइंस

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स

भारत सरकार ने बैगेज रूल्स, 2026 (Baggage Rules, 2026) अधिसूचित किए हैं

चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने बैगेज रूल्स, 2026 (Baggage Rules, 2026) अधिसूचित किए हैं, जिसके तहत भारत आने वाले यात्रियों के लिए ड्यूटी-फ्री आयात की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दी गई है।

नए नियम भारतीय मूल के निवासियों और पर्यटकों पर लागू होते हैं जो हवाई मार्ग या समुद्र के रास्ते आ रहे हैं। विदेशी मूल के पर्यटकों को अब ₹15,000 की पिछली सीमा के बजाय ₹25,000 तक की ड्यूटी-फ्री क्लीयरेंस (duty-free clearance) की अनुमति दी जाएगी।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यभारतीय मूल के निवासियों और पर्यटकों के लिए ड्यूटी-फ्री लिमिट: ₹75,000।
  • तथ्यविदेशी मूल के पर्यटकों के लिए ड्यूटी-फ्री लिमिट: ₹25,000।
  • तथ्यमहिला यात्रियों के लिए ज्वेलरी की वजन सीमा (विदेश में 1 वर्ष से अधिक समय से रहने वाले): 40 ग्राम।
  • तथ्यअन्य व्यक्तियों के लिए (1 वर्ष से अधिक समय से विदेश में रहने वाले) ज्वेलरी की वजन सीमा: 20 ग्राम।
  • तथ्यBaggage Rules, 2026 की प्रभावी तिथि: 2 फरवरी, 2026।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के व्यापार संतुलन और विलासितापूर्ण वस्तुओं के आयात के विनियमन पर शुल्क-मुक्त सामान की सीमा में संशोधन के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • ट्रेड पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: प्रवासी भारतीयों के लिए यात्रा आसान बनाने और हाई-वैल्यू लग्जरी गुड्स के संभावित लीकेज के बीच संतुलन
  • राजस्व बनाम अनुभव: कस्टम राजस्व संग्रह और यात्री क्लीयरेंस की सुगमता के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: कस्टम ड्यूटी · बगेज रूल्स · व्यापार नीति · आयात नियमन · ड्यूटी-फ्री अलाउंस

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

केंद्रीय बजट 2026 में कंटेनर निर्माण इकोसिस्टम (ecosystem) स्थापित करने के लिए ₹10,000 करोड़ के निवेश और शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Shipping Corporation of India) द्वारा नए जहाज खरीदने के लिए ₹1,700 करोड़ का प्रस्ताव दिया गया है

चर्चा में क्यों: केंद्रीय बजट 2026 में कंटेनर निर्माण इकोसिस्टम (ecosystem) स्थापित करने के लिए ₹10,000 करोड़ के निवेश और शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (Shipping Corporation of India) द्वारा नए जहाज खरीदने के लिए ₹1,700 करोड़ का प्रस्ताव दिया गया है।

केंद्रीय बजट 2026 में कंटेनर निर्माण इकोसिस्टम के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा, शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) द्वारा समुद्री जहाजों की खरीद के लिए ₹1,700 करोड़ से अधिक की राशि दी गई है। सरकार का लक्ष्य कुल कार्गो में इनलैंड और कोस्टल शिपिंग की हिस्सेदारी को 6% से बढ़ाकर 12% करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यलक्ष्य: कुल कार्गो में इनलैंड और कोस्टल शिपिंग के हिस्से को 6% से बढ़ाकर 12% करना।
  • तथ्यएलोकेशन: वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के लिए ₹10,000 करोड़।
  • तथ्यएलोकेशन: नए ओशन-गोइंग वेसल्स (ocean-going vessels) खरीदने के लिए शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) को ₹1,700 करोड़ से अधिक का आवंटन।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अंतर्देशीय और तटीय शिपिंग क्षेत्र के विस्तार से लॉजिस्टिक बाधाओं को कम करने और भारत के बहु-आयामी परिवहन (मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट) लक्ष्यों में योगदान देने की क्षमता का विश्लेषण कीजिए।

  • लॉजिस्टिकल डीकन्जेशन: कार्गो को जल आधारित परिवहन में शिफ्ट करके सड़क और रेल का दबाव कम करना
  • मैन्युफैक्चरिंग इंटीग्रेशन: आयात पर निर्भरता कम करने के लिए घरेलू कंटेनर उत्पादन को मैरीटाइम लॉजिस्टिक्स से जोड़ना
  • मॉडल शिफ्ट एफिशिएंसी: प्रति-यूनिट ट्रांसपोर्ट लागत कम करने के लिए रोड-हैवी लॉजिस्टिक्स से मल्टी-मॉडल फ्रेमवर्क की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट · लॉजिस्टिक भीड़ कम करना · समुद्री बुनियादी ढांचा · मॉडल शिफ्ट · घरेलू मैन्युफैक्चरिंग

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)मेन्स

विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवा के लिए अपर्याप्त आवंटन और मरीजों द्वारा किए जाने वाले भारी खर्च (out-of-pocket expenses) तथा मेडिकल महंगाई की समस्या को हल करने में विफल रहने के कारण केंद्रीय बजट 2026-27 की आलोचना की है

चर्चा में क्यों: विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवा के लिए अपर्याप्त आवंटन और मरीजों द्वारा किए जाने वाले भारी खर्च (out-of-pocket expenses) तथा मेडिकल महंगाई की समस्या को हल करने में विफल रहने के कारण केंद्रीय बजट 2026-27 की आलोचना की है।

केंद्रीय बजट 2026-27 में कैंसर की दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) को खत्म करने जैसे उपायों को शामिल किया गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सहित विशेषज्ञों ने तर्क दिया है कि कुल कीमत अधिक होने के कारण ये उपाय मरीजों के लिए लागत कम करने में विफल रहे हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्ययूनियन बजट 2026-27 फार्मास्यूटिकल्स और AYUSH सिस्टम पर केंद्रित है।
  • तथ्य2026-27 के बजट में कैंसर की दवाओं पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (BCD) को खत्म कर दिया गया है।
  • संस्थाइंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association - IMA) भारत में डॉक्टरों का एक प्रोफेशनल बॉडी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में शुल्क छूट जैसे राजकोषीय हस्तक्षेपों के बावजूद, 'आउट-ऑफ-पॉकेट' (जेब से होने वाले) व्यय को कम करने में आने वाली चुनौतियों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • प्राइस-एक्सेस गैप: बेसिक कस्टम्स ड्यूटी हटाने के बावजूद कैंसर दवाओं की ऊंची रिटेल कीमतें जारी हैं
  • इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी: प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा और सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर में कम निवेश से ग्रामीण इलाकों में पहुंच सीमित होती है
  • रेगुलेटरी फोकस: घरेलू मेडिकल इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए क्लिनिकल रिसर्च क्षमताओं और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को मजबूत करना

मुख्य शब्द: अपनी जेब से किया गया खर्च · मेडिकल महंगाई · प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा · राजकोषीय आवंटन · सार्वजनिक स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) और NHSRCL यात्रा के समय को कम करने के लिए हैदराबाद और पुणे

चर्चा में क्यों: दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) और NHSRCL यात्रा के समय को कम करने के लिए हैदराबाद और पुणे, बेंगलुरु और चेन्नई के बीच एलिवेटेड हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (Elevated high-speed rail corridors) बनाने की योजना बना रहे हैं।

इन कॉरिडोर में स्वतंत्र एलिवेटेड एलाइनमेंट (Elevated Alignments) और अहमदाबाद-मुंबई 'बुलेट ट्रेन' प्रोजेक्ट के समान स्टैंडर्ड गेज ट्रैक का उपयोग किया जाएगा। निर्धारित यात्रा समय में हैदराबाद-बेंगलुरु के लिए 1 घंटा 55 मिनट और हैदराबाद-चेन्नई के लिए 2.5 घंटे शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यहैदराबाद-बेंगलुरु हाई-स्पीड रेल के लिए लक्षित यात्रा समय: 1 घंटा 55 मिनट।
  • तथ्यहैदराबाद-चेन्नई हाई-स्पीड रेल के लिए लक्षित यात्रा समय: 2.5 घंटे।
  • विज्ञान-तकनीकहाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में स्टैंडर्ड गेज (Standard Gauge) ट्रैक का उपयोग किया जाएगा।
  • संस्थाNHSRCL (National High Speed Rail Corporation Limited) हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट्स के लिए नोडल एजेंसी है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: दक्षिण भारत में उच्च गति वाली रेल गलियारों का विकास क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और औद्योगिक विकास को कैसे उत्प्रेरित कर सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े टेक हब्स के बीच ट्रांजिट समय में कमी
  • अर्बन डीकन्जेशन: घनी आबादी वाले कॉरिडोर में लैंड एक्विजिशन विवादों को कम करने के लिए एलिवेटेड अलाइनमेंट

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · लॉजिस्टिक्स दक्षता · अर्बन मोबिलिटी

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जल शक्ति मंत्रालय ने रिपोर्ट दी है कि प्रशासनिक अनियमितताओं के कारण जल जीवन मिशन के लिए आवंटित ₹67,600 करोड़ के बजट और अनुमानित ₹17,000 करोड़ के वास्तविक खर्च के बीच एक बड़ा अंतर पाया गया है

चर्चा में क्यों: जल शक्ति मंत्रालय ने रिपोर्ट दी है कि प्रशासनिक अनियमितताओं के कारण जल जीवन मिशन के लिए आवंटित ₹67,600 करोड़ के बजट और अनुमानित ₹17,000 करोड़ के वास्तविक खर्च के बीच एक बड़ा अंतर पाया गया है।

जल जीवन मिशन ने 12.52 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों को नल से जल के कनेक्शन से जोड़ दिया है, जिससे भारत की लगभग 81% ग्रामीण आबादी को कवर किया गया है। गुजरात में, इस योजना में वित्तीय अनियमितताओं के कारण ₹120.65 करोड़ के नुकसान की रिपोर्ट सामने आई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यजल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के लिए 2026-27 का आवंटन: ₹67,600 करोड़।
  • तथ्यनल के पानी से जुड़े ग्रामीण परिवार: 12.52 करोड़ से अधिक।
  • तथ्यमिशन द्वारा कवर की गई ग्रामीण आबादी का प्रतिशत: लगभग 81%।
  • संस्थाजल शक्ति मंत्रालय: जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के लिए नोडल मंत्रालय।
मेन्स के लिए

प्रश्न: जल जीवन मिशन जैसी व्यापक ग्रामीण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में राजकोषीय अनुशासन और गुणवत्ता आश्वासन सुनिश्चित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • जवाबदेही में कमी: मज़बूत निगरानी के अभाव से वित्तीय लीकेज और राज्य स्तर के क्रियान्वयन में घटिया निर्माण
  • राजकोषीय अक्षमता: प्रशासनिक अनियमितताओं के कारण बजट आवंटन और वास्तविक खर्च में भारी अंतर

मुख्य शब्द: राजकोषीय अनुशासन · सार्वजनिक जवाबदेही · इंफ्रास्ट्रक्चर गवर्नेंस · रिसाव रोकना · ग्रामीण विकास

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दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने क्षमता और कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 18 रेल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Rail Infrastructure Projects) को गति दी है

चर्चा में क्यों: दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने क्षमता और कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 18 रेल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (Rail Infrastructure Projects) को गति दी है।

SCR परियोजनाएं कुल 1,763.26 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करती हैं, जिनकी अनुमानित लागत ₹27,342.44 करोड़ है। प्रमुख परियोजनाओं में सिकंदराबाद-वादी सेक्शन पर चौथी लाइन और 417.88 किलोमीटर लंबी मुदखेड-धोने लाइन शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्य18 फास्ट-ट्रैक्ड रेल प्रोजेक्ट्स की कुल लागत: ₹27,342.44 करोड़।
  • तथ्यतेलंगाना और AP में रेल प्रोजेक्ट्स की कुल लंबाई: 1,763.26 किमी।
  • तथ्यसिकंदराबाद-वादी सेक्शन पर थर्ड-लाइन एक्सपेंशन (173.40 km) की लागत: ₹5,012 करोड़।
  • तथ्यमुदखेड़-धोने लाइन (417.88 km) की लागत: ₹4,686.09 करोड़।
  • स्थानबिबिनगर-गुंतूर और मोटुमारी-विष्णुपुरम: चल रही डबल लाइन प्रोजेक्ट्स के स्थान।
मेन्स के लिए

प्रश्न: दक्कन क्षेत्र में रेलवे बुनियादी ढांचे के विस्तार के क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और औद्योगिक विकास के लिए महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के इंडस्ट्रियल हब्स के बीच ट्रांजिट समय को कम करना
  • लास्ट-माइल कनेक्टिविटी: कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों के लिए फ्रेट मूवमेंट को बढ़ावा देना
  • राजकोषीय व्यय: उच्च-लागत वाले इंफ्रास्ट्रक्चर एग्जीक्यूशन और लंबे समय के आर्थिक ROI के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · लॉजिस्टिक्स दक्षता · माल ढुलाई · आर्थिक एकीकरण

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)मेन्स

तेलंगाना सरकार रीजनल रिंग रोड और मेट्रो रेल विस्तार जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार के बजट में विशिष्ट आवंटन की कमी के कारण

चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार रीजनल रिंग रोड और मेट्रो रेल विस्तार जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार के बजट में विशिष्ट आवंटन की कमी के कारण, 2026-27 के लिए एक सतर्क बजट की योजना बना रही है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट में तेलंगाना की प्रमुख परियोजनाओं के लिए कोई विशिष्ट फंड आवंटित नहीं किया गया है। राज्य को विकास योजनाओं और FRBM एक्ट द्वारा निर्धारित राजकोषीय घाटा (fiscal deficit) की सीमाओं के बीच संतुलन बनाए रखना होगा।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अधिनियम / विधेयकFRBM एक्ट: यह कानून राज्यों और केंद्र (Union) के लिए राजकोषीय घाटा (fiscal deficit) की सीमाओं और राजकोषीय जिम्मेदारी को नियंत्रित करता है।
  • तथ्यरीजनल रिंग रोड और मेट्रो रेल विस्तार को फंडिंग की आवश्यकता वाले प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के रूप में पहचाना गया है।
  • पदनिर्मला सीतारमण: भारत की केंद्रीय वित्त मंत्री (Union Finance Minister)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में जब केंद्र सरकार द्वारा बजटीय आवंटन सीमित होता है, तब राज्य सरकारों के समक्ष उत्पन्न होने वाली राजकोषीय चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए। यह भी स्पष्ट कीजिए कि FRBM अधिनियम विकासात्मक आकांक्षाओं और राजकोषीय अनुशासन के बीच संतुलन कैसे स्थापित करता है?

  • राजकोषीय स्वायत्तता: राज्य के बुनियादी ढांचे के महत्वाकांक्षी लक्ष्यों और सीमित केंद्रीय राजकोषीय हस्तांतरण के बीच तनाव
  • राजस्व विविधीकरण: फंडिंग की कमी को पूरा करने के लिए राज्यों द्वारा नॉन-टैक्स रेवेन्यू स्ट्रीम तलाशना ज़रूरी
  • संघीय टकराव: क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं पर केंद्रीकृत बजट प्राथमिकताओं का असर

मुख्य शब्द: राजकोषीय घाटा · FRBM एक्ट · राजकोषीय संघवाद · राजस्व सृजन · इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग

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