यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,306 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (511) · उद्योग, निवेश एवं MSME (471) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (298) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (298) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (278) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (189) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (142) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (119)
चर्चा में क्यों: केरल सरकार अंगामली-सबरी रेलवे प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर रही है। यह कदम कैबिनेट द्वारा अतिरिक्त फंड की मंजूरी और KIIFB को इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश देने के बाद उठाया गया है।
इस परियोजना के अंतर्गत अंगामली को सबरीमाला से जोड़ने वाली 110 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन का निर्माण शामिल है। इसका प्रस्ताव सबसे पहले 1997 में दिया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य तीर्थयात्रियों के लिए कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और केरल के पूर्वी हिस्से में आर्थिक विकास को गति देना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानअंगमली-सबरी रेलवे प्रोजेक्ट केरल में स्थित है।
संस्थाKIIFB (Kerala Infrastructure Investment Fund Board) वह संस्था है जिसे भूमि अधिग्रहण (land acquisition) के लिए फंडिंग और उसे गति देने का काम सौंपा गया है।
तथ्यरेलवे लाइन की कुल लंबाई 110 किलोमीटर है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में धार्मिक पर्यटन की रसद संबंधी मांगों और क्षेत्रीय आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करने में अंगमली-सबरी जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं किस प्रकार सहायक हो सकती हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
लॉजिस्टिक बॉटलनेक: भारी मात्रा में तीर्थयात्रियों की आवाजाही के साथ क्षेत्रीय माल और यात्री आवाजाही के बीच संतुलन
राजकोषीय संघवाद: सेंट्रल फंडिंग के मुकाबले इंफ्रास्ट्रक्चर को तेज़ करने में स्टेट-लेड इन्वेस्टमेंट फंड्स (KIIFB) की भूमिका
मुख्य शब्द: इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · भूमि अधिग्रहण · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · आर्थिक विकास
चर्चा में क्यों: एक इकोनॉमिक टाइम्स (Economic Times) के लेख में भारत की वर्तमान बैंकिंग प्रणाली में व्यक्तिगत संपर्क (personal touch) और ग्रामीण पहुंच की कमी को दूर करने के लिए बैंकों के विलय और नए दृष्टिकोण अपनाने की वकालत की गई है।
लेख में 9,000 निजी बैंक शाखाओं की मौजूदगी का उल्लेख किया गया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचने में विफलता पर भी प्रकाश डाला गया है। इसमें नरसिम्हन पैनल के उस सुझाव का संदर्भ दिया गया है, जिसमें बैंकों को कम संस्थानों में समेकित करने और देशव्यापी शाखाओं की संख्या बढ़ाने की बात कही गई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यवर्तमान में भारत में 9,000 प्राइवेट बैंक शाखाएं हैं।
संस्थानारसिम्हन पैनल: बैंकों के विलय की सिफारिश की ताकि कम संस्थानों के साथ विस्तारित ब्रांच नेटवर्क (branch networks) बनाया जा सके।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बैंक विलय और संरचनात्मक सुधार किस प्रकार ग्रामीण भारत में बैंकिंग सेवाओं के 'व्यक्तिगत स्पर्श' को बनाए रखते हुए वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ कर सकते हैं, चर्चा कीजिए।
पहुँच बनाम दक्षता: कम सेवा वाले आबादी के लिए फिजिकल एक्सेस की ज़रूरत और ग्रामीण ब्रांचों के रखरखाव की भारी लागत के बीच संतुलन
स्ट्रक्चरल कंसोलिडेशन: बड़े पैमाने पर संस्थागत स्थिरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं की स्थानीय सेवा आवश्यकताओं के बीच संतुलन का आकलन
मुख्य शब्द: वित्तीय समावेशन · बैंक विलय · ग्रामीण ऋण · नरसिम्हन पैनल · बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर
चर्चा में क्यों: FT Global 500 लिस्ट में भारतीय कंपनियों के मार्केट वैल्यू और रैंकिंग में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसमें चार कंपनियां टॉप-500 से बाहर हो गई हैं।
FT Global 500 सूची में शामिल 14 भारतीय कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन दिसंबर 2007 से अब तक 150 बिलियन डॉलर घटकर लगभग 440 बिलियन डॉलर रह गया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) अभी भी 80वें स्थान पर बनी हुई है, जबकि सरकारी कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्प (IOC) और यूनिटेक (Unitech) इस सूची से बाहर हो गई हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यरिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) को FT Global 500 लिस्ट में 80वें स्थान पर रखा गया है।
तथ्यसूचीबद्ध 14 भारतीय कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) गिरकर लगभग $440 बिलियन रह गया।
तथ्यइंडियन ऑयल कॉर्प (IOC) और यूनिटेक (Unitech) पूरी तरह से FT ग्लोबल 500 लिस्ट से बाहर हो गए हैं।
तथ्यFT Global 500 लिस्ट में 169 कंपनियों के साथ US टॉप पर रहा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक रैंकिंग में भारतीय फर्मों के बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटलाइजेशन) में होने वाले उतार-चढ़ाव के कारकों का विश्लेषण कीजिए और भारत के निवेश प्रोफाइल पर इसके निहितार्थों का मूल्यांकन कीजिए।
मार्केट में उतार-चढ़ाव: ग्लोबल मैक्रोइकोनॉमिक शिफ्ट्स का भारी उद्योगों और सरकारी कंपनियों की वैल्यूएशन पर असर
कैपिटल फ्लाइट: घरेलू नीति में बदलाव और 2007 से मार्केट कैपिटलाइजेशन में गिरावट के बीच संबंध का आकलन
मुख्य शब्द: मार्केट कैपिटलाइजेशन · ग्लोबल रैंकिंग · निवेश प्रोफाइल · राज्य संचालित उद्यम · आर्थिक मूल्यांकन
चर्चा में क्यों: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Meity) ने PCs और सर्वर्स जैसे IT हार्डवेयर के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत 7,500 करोड़ रुपये आवंटित करने की योजना बनाई है।
सरकार ने IT हार्डवेयर निर्माण के लिए 7,500 करोड़ रुपये के परिव्यय (outlay) की योजना बनाई है। विदेशी कंपनियों को चार वर्षों में 500 करोड़ रुपये का निवेश करना होगा, जबकि घरेलू कंपनियों के लिए पांच वर्षों में लगभग 20 करोड़ रुपये की सीमा निर्धारित की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
योजनाIT हार्डवेयर के लिए PLI स्कीम में पर्सनल कंप्यूटर और सर्वर्स सहित उत्पादों को शामिल किया गया है।
तथ्यPLI स्कीम के तहत IT हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रस्तावित आउटले (outlay) 7,500 करोड़ रुपये है।
तथ्यविदेशी कंपनियों के लिए निवेश की थ्रेशोल्ड (threshold) सीमा चार वर्षों में 500 करोड़ रुपये है।
तथ्यघरेलू फर्मों के लिए निवेश की सीमा पांच वर्षों में लगभग 20 करोड़ रुपये है।
संस्थाइलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Meity) इस योजना के लिए नोडल मंत्रालय है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने के लक्ष्य में उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं के योगदान का विश्लेषण कीजिए।
सप्लाई चेन रेज़िलिएंस: महत्वपूर्ण IT हार्डवेयर कंपोनेंट्स पर आयात निर्भरता कम करना
राजकोषीय ट्रेड-ऑफ: डायरेक्ट फ़िस्कल आउटलेज़ और लॉन्ग-टर्म मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी गेन्स के बीच संतुलन
इन्सेंटिव में अंतर: घरेलू बनाम विदेशी फर्मों के लिए अलग-अलग इन्वेस्टमेंट थ्रेशोल्ड को संबोधित करना
मुख्य शब्द: प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव · आयात प्रतिस्थापन · मैन्युफैक्चरिंग हब · विदेशी प्रत्यक्ष निवेश · इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग
चर्चा में क्यों: DIPAM सचिव अरुणीश चावला ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए सरकार का ₹80,000 करोड़ का विनिवेश (disinvestment) और एसेट मोनेटाइजेशन (asset monetisation) का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है लेकिन इसे हासिल किया जा सकता है।
निवेश और सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में सरकार की हिस्सेदारी कम करने (stake dilution) के संबंध में उद्योग जगत से फीडबैक मांग रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने समर्पित रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) के माध्यम से सरकारी फर्मों की रियल एस्टेट संपत्तियों को रीसायकल करने का प्रस्ताव दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाDIPAM: डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (Department of Investment and Public Asset Management)।
तथ्यFY27 के लिए विनिवेश (disinvestment) और एसेट मोनेटाइजेशन (asset monetisation) का लक्ष्य: ₹80,000 करोड़।
विज्ञान-तकनीकREITs: Real Estate Investment Trusts का उपयोग केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (Central Public Sector Enterprises) के पास मौजूद लैंड एसेट्स (Land Assets) से वैल्यू अनलॉक करने के लिए किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (CPSEs) के राजकोषीय स्वास्थ्य को अनुकूलित करने और सरकारी राजस्व को बढ़ाने में परिसंपत्ति मुद्रीकरण (Asset Monetisation) और रियल एस्टेट निवेश ट्रस्टों (REITs) की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
कैपिटल रीसाइक्लिंग: इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट के लिए नॉन-कोर लैंड एसेट्स को लिक्विड कैपिटल में बदलना
मार्केट सेंटीमेंट: सरकारी फर्मों के वैल्यूएशन और ऑपरेशनल ऑटोनॉमी पर
चर्चा में क्यों: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States) ने एक व्यापार समझौते की व्यापक रूपरेखा तैयार कर ली है, जिसमें भारत का लक्ष्य मकॉर्न (corn) और सोयाबीन जैसे प्रमुख कमोडिटीज पर टैरिफ बनाए रखकर अपने छोटे किसानों की सुरक्षा करना है।
छोटे किसानों के हितों की रक्षा के लिए भारत से मकई (corn), सोयाबीन और सोयमील पर टैरिफ बनाए रखने की उम्मीद है। इसके विपरीत, भारत बादाम, अखरोट, पिस्ता, सेब, नाशपाती, बेरीज, फल, सब्जियां, वाइन और स्पिरिट्स पर टैरिफ कम कर सकता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारत प्रस्तावित US ट्रेड डील में कॉर्न, सोयाबीन और सोयमील पर टैरिफ बनाए रखने की संभावना है।
तथ्यभारत बादाम, अखरोट, पिस्ता, सेब, नाशपाती और बेरीज़ पर टैरिफ (tariffs) कम कर सकता है।
तथ्यइस ट्रेड डील में फलों, सब्जियों, वाइन और स्पिरिट्स के लिए व्यापार बाधाओं (trade barriers) को कम करना शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं के दौरान व्यापार उदारीकरण और लघु एवं सीमांत किसानों के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने में भारत के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
खाद्य सुरक्षा बनाम व्यापार उदारीकरण: अमेरिकी निर्यात के लिए मार्केट एक्सेस और छोटे किसानों के लिए घरेलू मूल्य स्थिरता के बीच संतुलन
असिमेट्रिक ट्रेड डायनेमिक्स: अमेरिकी एग्रोबिजनेस और भारत के खंडित कृषि परिदृश्य के बीच के अंतर को दूर करना
मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · छोटे और सीमांत किसान · टैरिफ प्रोटेक्शन · मार्केट एक्सेस · व्यापार नीति
चर्चा में क्यों: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत-U.एस. इंटरिम एग्रीमेंट (Interim Agreement) में संवेदनशील वस्तुओं को शामिल नहीं किया गया है, ताकि विभिन्न क्षेत्रों के लिए शुल्क-मुक्त प्रवेश प्रदान करने के साथ-साथ भारतीय किसानों को कोई नुकसान न हो।
यह समझौता भारतीय बाजार में कई क्षेत्रों के लिए शुल्क-मुक्त प्रवेश (duty-free entry) प्रदान करता है और रत्न, हीरे, फार्मास्युटिकल उत्पादों, विमान के पुर्जों और मशीनरी के पुर्जों पर टैरिफ को कम करता है। भारत को मसालों, चाय, कॉफी और विभिन्न नट्स एवं तेलों सहित कृषि निर्यात पर टैरिफ में कटौती से भी लाभ मिलता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यइंडिया-U.एस. इंटरिम एग्रीमेंट (Interim Agreement) में जेम्स, डायमंड्स और फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स के लिए ड्यूटी-फ्री एंट्री शामिल है।
तथ्यभारतीय कृषि निर्यात के लिए टैरिफ में कटौती के अंतर्गत मसाले, चाय, कॉफी, कोपरा, नारियल और नारियल तेल शामिल हैं।
तथ्ययह समझौता विमान के पुर्जों (aircraft parts) और मशीनरी के पुर्जों (machinery parts) के लिए टैरिफ में कटौती को कवर करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के संदर्भ में औद्योगिक वस्तुओं के व्यापार उदारीकरण और घरेलू कृषि हितों के संरक्षण के बीच निहित समझौतों (trade-offs) का विश्लेषण कीजिए।
मार्केट डिस्टॉर्शन: सस्ते आयातित कृषि उत्पादों से घरेलू कीमतों पर असर का जोखिम
स्ट्रेटेजिक ट्रेड: ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट से औद्योगिक विकास और ग्रामीण आजीविका की सुरक्षा के बीच संतुलन
नेगोशिएशन लेवरेज: मार्केट एक्सेस के लिए कृषि निर्यात टैरिफ में कटौती को एक टूल के रूप में इस्तेमाल करना
मुख्य शब्द: व्यापार उदारीकरण · टैरिफ में कटौती · मार्केट एक्सेस · द्विपक्षीय व्यापार · कृषि निर्यात
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने बुनाई, प्रोसेसिंग और टेक्निकल टेक्सटाइल (Technical Textiles) में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक नई एकीकृत कपड़ा नीति (Integrated Textile Policy) की घोषणा की है।
इस नीति में ब्याज में छूट (interest subventions), पूंजीगत सब्सिडी और आधुनिकीकरण एवं विस्तार के लिए अनुदान जैसे प्रोत्साहन शामिल हैं। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा इस क्षेत्र को चार वर्षों के समर्थन के बाद इसकी घोषणा की गई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानतमिलनाडु: राज्य सरकार द्वारा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पॉलिसी (Integrated Textile Policy) की घोषणा।
तथ्यपॉलिसी फोकस: वीविंग, प्रोसेसिंग और टेक्निकल टेक्सटाइल्स।
तथ्यप्रदान किए गए प्रोत्साहन: इंटरेस्ट सब्वेंशन (interest subventions), कैपिटल सब्सिडी (capital subsidies) और मॉडर्नाइजेशन ग्रांट्स (modernization grants)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राज्य-आधारित औद्योगिक नीतियां वैश्विक तकनीकी वस्त्र (technical textiles) मूल्य श्रृंखला में भारत की स्थिति को किस प्रकार सुदृढ़ कर सकती हैं, चर्चा कीजिए।
इंसेंटिव स्ट्रक्चर: कैपिटल सब्सिडी और लंबे समय के इंडस्ट्रियल मॉडर्नाइजेशन लक्ष्यों के बीच संतुलन
सेक्टोरल शिफ्ट: पारंपरिक बुनाई से हाई-वैल्यू टेक्निकल टेक्सटाइल की ओर बदलाव
इन्वेस्टमेंट क्लाइमेट: मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्राइवेट कैपिटल को आकर्षित करने में राज्य-विशिष्ट नीतियों की भूमिका
मुख्य शब्द: औद्योगिक नीति · टेक्निकल टेक्सटाइल्स · कैपिटल सब्सिडी · वैल्यू चेन · मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव्स
चर्चा में क्यों: IIT मद्रास और यूनिकॉर्न इंडिया वेंचर्स ने डीप टेक स्टार्टअप्स को पूंजी प्रदान करने के लिए ₹600 करोड़ का IIT मद्रास यूनिकॉर्न फ्रंटियर फंड I लॉन्च किया है।
यह फंड रोबोटिक्स, स्पेस टेक, डिफेंस टेक और सेमीकंडक्टर्स में विशेषज्ञता रखने वाले 25 से अधिक स्टार्टअप्स में निवेश करने के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य इन स्टार्टअप्स को 'वैली ऑफ डेथ' (valley of death) चरण से सफलतापूर्वक पार करने और IPO के लिए तैयार होने में मदद करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यIIT Madras Unicorn Frontier Fund I: डीप टेक स्टार्टअप्स के लिए ₹600 करोड़ का फंड।
तथ्यलक्ष्य क्षेत्र: रोबोटिक्स, स्पेस टेक, डिफेंस टेक और सेमीकंडक्टर्स।
संस्थाIIT मद्रास रिसर्च पार्क (Research Park): फंड लॉन्च के लिए सहयोगी संस्था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने और उच्च पूंजी-प्रधान उद्योगों के लिए 'घाटी की मृत्यु' (valley of death) की चुनौतियों से निपटने में 'डीप टेक' (deep tech) फंड्स के महत्व पर चर्चा कीजिए।
कैपिटल गैप: सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक में हाई R&D लागत शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स के लिए बाधा बन रही है
इकोसिस्टम सिनर्जी: लैब इनोवेशन और कमर्शियल स्केलेबिलिटी के बीच की दूरी कम करने के लिए एकेडमिक रिसर्च पार्क्स का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: डीप टेक · डेथ वैली · स्टार्टअप इकोसिस्टम · पूंजी का निवेश · सेमीकंडक्टर्स
चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने भारत की रणनीतिक खनिज आपूर्ति श्रृंखला (Strategic Mineral Supply Chain) को मजबूत करने के लिए आंध्र प्रदेश सहित चार दक्षिणी राज्यों में रेयर अर्थ कॉरिडोर (Rare Earth Corridors - RECs) के लिए समर्थन की घोषणा की है।
आंध्र प्रदेश में भारत के कुल मोनाजाइट (Monazite) भंडार का 30% हिस्सा मौजूद है। राज्य सरकार टाइटेनियम-आधारित औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की योजना बना रही है और इसके लिए एटॉमिक मिनरल्स डायरेक्टोरेट (Atomic Minerals Directorate) की देखरेख में एक पायलट प्रोजेक्ट हेतु खनन अधिकार प्राप्त करने का प्रयास कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यआंध्र प्रदेश में भारत के 30% मोनेज़ाइट (monazite) भंडार हैं।
संस्थाएटॉमिक मिनरल्स डायरेक्टोरेट (Atomic Minerals Directorate): खनिज अन्वेषण (mineral exploration) की निगरानी करने वाली नियामक संस्था।
स्थानRare Earth Corridors (RECs): आंध्र प्रदेश सहित चार दक्षिणी राज्यों में प्रस्तावित।
तथ्यAP मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन: खनिज विकास की देखरेख करने वाली राज्य संस्था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की रणनीतिक खनिज स्वायत्तता और औद्योगिक आत्मनिर्भरता की दिशा में 'दुर्लभ मृदा गलियारों' (Rare Earth Corridors) के विकास के महत्व पर चर्चा कीजिए।
सप्लाई चेन सुरक्षा: हाई-टेक और ग्रीन एनर्जी सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण मिनरल्स पर आयात निर्भरता कम करना
रेगुलेटरी फ्रेमवर्क: खनिज अन्वेषण और पर्यावरण सुरक्षा व परमाणु सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच संतुलन
इंडस्ट्रियल क्लस्टरिंग: टाइटेनियम-आधारित मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए राज्य-विशिष्ट खनिज भंडारों का लाभ उठाना
चर्चा में क्यों: केरल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (KSERC) ने उपभोक्ताओं को मिलने वाले मुआवजे और सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान को सुव्यवस्थित करने के लिए बिजली वितरण लाइसेंस धारकों हेतु एक 'ऑटोमैटिक कंपनसेशन मैकेनिज्म' (automatic compensation mechanism) का प्रस्ताव दिया है।
KSERC ने वितरण लाइसेंसधारी प्रदर्शन नियमों (distribution licensee performance regulations) में संशोधन का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में संशोधित मुआवजा दरें और उपभोक्ता शिकायतों के समाधान के लिए विशिष्ट समय सीमा शामिल है। इस संबंध में एक सार्वजनिक सुनवाई 25 फरवरी को निर्धारित की गई है।
तथ्यप्रस्तावित तंत्र: पावर डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसधारकों के लिए ऑटोमैटिक मुआवजा।
तथ्यपब्लिक हियरिंग की तारीख: 25 फरवरी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विद्युत वितरण क्षेत्र में उपभोक्ता अधिकारों और जवाबदेही को बढ़ाने में स्वचालित मुआवजा तंत्र (automatic compensation mechanisms) किस प्रकार सहायक हो सकते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी ओवरसाइट: यूटिलिटी ऑपरेशनल कॉस्ट और उपभोक्ताओं के निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति के अधिकार के बीच संतुलन
अकाउंटेबिलिटी फ्रेमवर्क: सेवा विफलताओं के लिए विवेकाधीन शिकायत निवारण से नियम-आधारित ऑटोमेटेड मुआवजे की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: रेगुलेटरी ओवरसाइट · उपभोक्ता अधिकार · जवाबदेही · ऑटोमैटिक मुआवजा · इंफ्रास्ट्रक्चर गवर्नेंस
चर्चा में क्यों: रेल सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए, साउथ सेंट्रल रेलवे (SCR) को 'कवच 4.0' ट्रैक के 1,242 किमी के लिए मंजूरी मिली है, जो एक स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम (Automatic Train Protection System) है।
कवच 4.0 एक स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम (ATP) है। साउथ सेंट्रल रेलवे (SCR) ने पहले ही 627 किलोमीटर ट्रैक पर इस सिस्टम को तैनात कर दिया है। इसके अतिरिक्त, 1,242 किलोमीटर के लिए मंजूरी दी गई है और 410 किलोमीटर वर्तमान में टेंडरिंग चरण में हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
विज्ञान-तकनीककवच (Kavach): भारत में विकसित एक स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम (ATP)।
तथ्यSCR ने 1,242 किमी Kavach 4.0 ट्रैक को मंजूरी दी है, जिसमें से 410 किमी वर्तमान में टेंडरिंग फेज में है।
तथ्यतेलंगाना राज्य ने 1,115 किलोमीटर से अधिक रेल लाइनों का विद्युतीकरण किया है।
तथ्यतेलंगाना के काजीपेट में ₹521 करोड़ की रोलिंग स्टॉक (rolling stock) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगभग पूरी होने वाली है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 'कवच' जैसी स्वदेशी सुरक्षा प्रौद्योगिकियों की तैनाती किस प्रकार परिचालन दक्षता और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण में सहायक हो सकती है, चर्चा कीजिए।
सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर: ऑटोमेटेड प्रोटेक्शन सिस्टम्स के जरिए ट्रेन हादसों में मानवीय गलती को कम करना
मैन्युफैक्चरिंग लोकलाइजेशन: कज़ीपेट में डोमेस्टिक रोलिंग स्टॉक उत्पादन के जरिए आयात पर निर्भरता कम करना
लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी: विद्युतीकरण के जरिए दूरदराज के क्षेत्रों को नेशनल रेल नेटवर्क से जोड़ना
मुख्य शब्द: स्वदेशी तकनीक · ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन · रोलिंग स्टॉक · इंफ्रास्ट्रक्चर का आधुनिकीकरण · ऑपरेशनल सेफ्टी
चर्चा में क्यों: वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन (supply chain diversification) के प्रयासों के हिस्से के रूप में, 2024-25 में विभिन्न क्षेत्रों में चीन से भारत के आयात में कमी आई है।
चीन से भारत के उर्वरक, रसायन, लोहा और इस्पात, तथा मानव निर्मित धागे (man-made yarn) के आयात में गिरावट देखी गई। इसके विपरीत, चीन से मोबाइल फोन का आयात काफी कम हो गया, जबकि चीन को होने वाले निर्यात में भारी वृद्धि हुई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यआयात के वे सेक्टर जिनमें गिरावट देखी गई है: फर्टिलाइजर्स (fertilizers), केमिकल्स (chemicals), आयरन और स्टील (iron and steel), और मैन-मेड यार्न (man-made yarn)।
तथ्यमोबाइल फोन व्यापार का ट्रेंड: आयात में महत्वपूर्ण गिरावट के साथ निर्यात में भारी बढ़ोतरी।
तथ्यसरकारी नीति का उद्देश्य: एकल स्रोतों पर निर्भरता कम करने के लिए सप्लाई चेन (supply chains) का विविधीकरण।
मेन्स के लिए
प्रश्न: चीन पर आयात निर्भरता को कम करने और अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं (सप्लाई चेन) में विविधता लाने के भारत के प्रयासों के रणनीतिक और आर्थिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
ट्रेड इम्बैलेंस: इलेक्ट्रॉनिक्स में इंपोर्ट-हैवी से एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड डायनेमिक्स की ओर बदलाव को मैनेज करना
सप्लाई चेन रेजिलिएंस: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और वैकल्पिक सोर्सिंग के जरिए सिंगल-सोर्स डिपेंडेंसी के जोखिमों को कम करना
भू-राजनीतिक तालमेल: महत्वपूर्ण कच्चे माल के संबंध में व्यापार की जरूरतों और राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंताओं के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: सप्लाई चेन में विविधता लाना · व्यापार निर्भरता · आयात प्रतिस्थापन · रणनीतिक स्वायत्तता · व्यापार संतुलन
चर्चा में क्यों: नीति आयोग के CEO बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम ने आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव को 'एक्सेलेरेटिंग सस्टेनेबल स्टेट एनर्जी ट्रांजिशन' (Accelerating Sustainable State Energy Transition - ASSET) ब्लूप्रिंट सौंपा है। इसका उद्देश्य आंध्र प्रदेश को नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का एक प्रमुख केंद्र बनाना है।
ASSET ब्लूप्रिंट का लक्ष्य 2035 तक 35 GW सौर ऊर्जा, 12 GW पवन ऊर्जा और 55-60 GWh ऊर्जा भंडारण क्षमता (Energy Storage Capacity) प्राप्त करना है। इसमें 2035 तक बिजली खरीद लागत को घटाकर 3.90 से 4% करने के लिए लगभग ₹3.40 लाख करोड़ के निवेश की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यASSET ब्लूप्रिंट के लक्ष्य: 35 GW सोलर, 12 GW विंड और 55-60 GWh एनर्जी स्टोरेज कैपेसिटी।
तथ्य2035 तक बिजली खरीद लागत (power purchase cost) में ₹3.90 से 4% की अनुमानित कमी।
तथ्यअनुमानित आवश्यक निवेश: ₹3.40 लाख करोड़।
पदबी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम नीति आयोग के CEO हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के दीर्घकालिक नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में राज्य-विशिष्ट ऊर्जा संक्रमण रूपरेखाओं (energy transition blueprints) की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
इन्वेस्टमेंट गैप: राज्य स्तर के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹3.40 लाख करोड़ जुटाने हेतु मजबूत PPP फ्रेमवर्क की ज़रूरत है
एक्सपोर्ट क्षमता: घरेलू खपत से क्षेत्रीय रिन्यूएबल एनर्जी एक्सपोर्टर बनने की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: नवीकरणीय ऊर्जा · ऊर्जा ट्रांज़िशन · डिकार्बोनाइजेशन · इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट · ऊर्जा सुरक्षा
चर्चा में क्यों: ऑयलफील्ड्स (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) अमेंडमेंट बिल पारित होने के बाद, भारत सरकार ने OALP-X ऑयल और गैस एकरेज ऑफरिंग के लिए बोली जमा करने की समय सीमा को बढ़ाकर 29 मई, 2026 कर दिया है।
OALP-X राउंड के तहत घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए विभिन्न बेसिनों में 25 ब्लॉक उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि OALP-X को बढ़ा दिया गया है, लेकिन डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड (Discovered Small Field - DSF) के चौथे राउंड और विशेष कोल-बेड मीथेन (Coal-bed Methane - CBM) राउंड की समय सीमा 18 फरवरी, 2026 ही रहेगी।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यOALP-X के तहत तेल और गैस उत्पादन के लिए विभिन्न बेसिनों में 25 ब्लॉक्स उपलब्ध हैं।
तथ्यOALP-X बिड सबमिशन के लिए विस्तारित डेडलाइन 29 मई, 2026 है।
तथ्यDiscovered Small Field (DSF) और coal-bed methane (CBM) राउंड्स के लिए डेडलाइन 18 फरवरी, 2026 है।
अधिनियम / विधेयकOilfields (Regulation and Development) Amendment Bill नए उदारवादी नियमों (liberalised rules) का विधायी आधार है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: खुली क्षेत्र लाइसेंसिंग नीति (OALP) भारत की ऊर्जा सुरक्षा में किस प्रकार योगदान देती है और आयात पर निर्भरता कम करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
रेगुलेटरी बदलाव: ऑयलफील्ड्स संशोधन बिल के तहत उदार नियमों का निजी निवेश पर असर
ऊर्जा सुरक्षा: घरेलू उत्पादन लक्ष्यों और ग्लोबल सप्लाई चेन की अस्थिरता के बीच संतुलन
भूवैज्ञानिक बाधाएं: बेसिन-विशिष्ट एक्सप्लोरेशन रिस्क बनाम इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट लागत
मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · ओपन एक्रेज लाइसेंसिंग पॉलिसी · आयात प्रतिस्थापन · उदारीकरण · हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन
चर्चा में क्यों: अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) ने जनवरी 2026 में विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट (Vizhinjam International Seaport) पर रिकॉर्ड-तोड़ कंटेनर थ्रूपुट और परिचालन बेंचमार्क दर्ज किए हैं।
विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट (Vizhinjam International Seaport) ने जनवरी 2026 में 62 जहाजों के माध्यम से 1,23,092 ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स (TEUs) को हैंडल किया। इसने 30.12 कंटेनर लिफ्ट प्रति घंटा की ग्रॉस क्रेन रेट (GCR) हासिल की, जिससे यह वॉल्यूम के आधार पर वैश्विक स्तर पर 83वें स्थान पर पहुंच गया।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यविझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट (Vizhinjam International Seaport) ने जनवरी 2026 में 1,23,092 TEUs को हैंडल किया।
तथ्यपोर्ट ने 30.12 कंटेनर लिफ्ट प्रति घंटा की ग्रॉस क्रेन रेट (Gross Crane Rate - GCR) हासिल की।
तथ्यजनवरी 2026 में वॉल्यूम के आधार पर विझिनजम पोर्ट (Vizhinjam port) दुनिया के कंटेनर पोर्ट्स में 83वें स्थान पर रहा।
स्थानविझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट (Vizhinjam International Seaport) केरल में स्थित है।
संस्थायह पोर्ट PPP मॉडल के तहत अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) द्वारा संचालित किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विझिनजम जैसे गहरे पानी के बंदरगाहों का विकास भारत की समुद्री व्यापार महत्वाकांक्षाओं और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में किस प्रकार योगदान देता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: हाई ग्रॉस क्रेन रेट्स से ट्रांसशिपमेंट के लिए टर्नअराउंड टाइम कम हो रहा है
भौगोलिक लाभ: प्राकृतिक गहराई और ब्रेकवाटर्स जिससे ड्रेजिंग लागत कम हो जाती है
PPP मॉडल: बड़े पैमाने पर समुद्री इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए प्राइवेट कैपिटल का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: ट्रांसशिपमेंट · समुद्री बुनियादी ढांचा · PPP मॉडल · लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी · डीप-वॉटर पोर्ट
चर्चा में क्यों: पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) ने भारतीय रेलवे द्वारा बिना पूरी बर्थ के RAC टिकटों पर पूरा किराया वसूलने की आलोचना की है। कमेटी ने इसके लिए आंशिक रिफंड (Partial Refund) देने और 'सुपरफास्ट' ट्रेनों के वर्गीकरण की समीक्षा करने की सिफारिश की है।
लोक लेखा समिति (PAC) ने सिफारिश की है कि भारतीय रेलवे उन यात्रियों को आंशिक किराया वापस करे जो पूरा शुल्क चुकाते हैं लेकिन उन्हें RAC श्रेणी के तहत केवल साझा बर्थ (shared berth) मिलता है। समिति ने यह लक्ष्य भी प्रस्तावित किया है कि ट्रेनें 2030 तक लगातार 100 किमी प्रति घंटा की गति प्राप्त करें।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यPAC ने 2030 तक ट्रेनों के लिए 100 किमी प्रति घंटा (kmph) की निरंतर गति की सिफारिश की।
तथ्यकमेटी ने 55 kmph से कम गति पर चलने वाली ट्रेनों को 'Superfast' के रूप में वर्गीकृत किए जाने पर चिंता व्यक्त की।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के विस्तारित रेल नेटवर्क में यात्री-केंद्रित सेवा वितरण सुनिश्चित करनेके लिए रेल किराया संरचना और गति वर्गीकरण के युक्तिकरण की आवश्यकता का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
उपभोक्ता अधिकार: फुल फेयर पेमेंट और RAC के तहत आंशिक बर्थ आवंटन के बीच अंतर
ऑपरेशनल एफिशिएंसी: 2030 तक लगातार 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल करने की तकनीकी व्यवहार्यता
रेगुलेटरी ओवरसाइट: 'सुपरफास्ट' ट्रेन कैटेगरी में पारदर्शी मानदंड की ज़रूरत ताकि किराया और स्पीड में अंतर न हो
मुख्य शब्द: लोक लेखा समिति · यात्री अधिकार · इंफ्रास्ट्रक्चर का युक्तिकरण · सेवा वितरण · किराया ढांचा
चर्चा में क्यों: केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 15वें वित्त आयोग (Finance Commission) के ग्रामीण स्थानीय निकायों के अनुदान के हिस्से के रूप में तेलंगाना की ग्राम पंचायतों को ₹259.36 करोड़ की पहली किस्त जारी की है।
केंद्र सरकार ने तेलंगाना की ग्राम पंचायतों को ₹259.36 करोड़ जारी किए हैं। यह फंडिंग 15वें वित्त आयोग के ग्रामीण स्थानीय निकायों (Rural Local Bodies - RLB) अनुदान का हिस्सा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए धन मिलने में देरी का कारण ग्राम पंचायत चुनावों का स्थगन था।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यतेलंगाना ग्राम पंचायतों को पहले ट्रेंच (tranche) के रूप में ₹259.36 करोड़ जारी किए गए।
संस्थाRLB ग्रांट्स जारी करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय जिम्मेदार निकाय है।
तथ्यवित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए फंडिंग रुक गई थी।
संस्था15th वित्त आयोग के अनुसार, Rural Local Bodies (RLB) के लिए ग्रांट्स फंडिंग का स्रोत हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ग्रामीण स्थानीय निकायों की राजकोषीय क्षमता को सुदृढ़ करने में वित्त आयोग के अनुदानों के महत्व और ग्रामीण विकास पर चुनावी विलंब के प्रभावों की चर्चा कीजिए।
राजकोषीय स्वायत्तता: बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ग्राम पंचायतों की सेंट्रल ग्रांट्स पर निर्भरता
गवर्नेंस में रुकावट: ग्रामीण विकास प्रोजेक्ट्स की निरंतरता पर देरी से होने वाले स्थानीय चुनावों का असर
मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · विकेंद्रीकृत योजना · स्थानीय शासन · ग्राम पंचायत · वित्त आयोग
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु कैबिनेट ने औद्योगिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ₹34,237.39 करोड़ के 15 निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
कैबिनेट ने केन्स सर्किट लिमिटेड (Kaynes Circuit Limited), जॉनसन इलेक्ट्रिक (Johnson Electric) और एवरवान कोठारी फुटवियर लिमिटेड (Evervan Kothari Footwear Limited) सहित कंपनियों से निवेश को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य लगभग 55,000 लोगों के लिए रोजगार पैदा करना है और इनमें जहाज निर्माण, सौर ऊर्जा और कार निर्माण से संबंधित पहल शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यतमिलनाडु कैबिनेट द्वारा स्वीकृत कुल निवेश: ₹34,237.39 करोड़।
तथ्यअनुमानित रोजगार सृजन: 55,000 लोग।
तथ्यनिवेश के लिए प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र: शिपबिल्डिंग, सोलर एनर्जी और कार मैन्युफैक्चरिंग।
चर्चा में क्यों: बिहार के ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने राज्य के ऊर्जा बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए लखीसराय में एक सोलर एनर्जी और बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) की घोषणा की।
बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) ने लखीसराय के कजरा में 185 MW सौर ऊर्जा और 282 MWh बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए एक PPA (Power Purchase Agreement) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना का लक्ष्य जनवरी 2027 तक 301 MW सौर ऊर्जा और 523 MWh बैटरी स्टोरेज क्षमता जोड़ना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यप्रोजेक्ट क्षमता: लखीसराय के कजरा में 185 MW सोलर एनर्जी और 282 MWh बैटरी स्टोरेज।
तथ्यलक्ष्य परिचालन तिथि (Target operational date): जनवरी 2027।
संस्थाBSPGCL: बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड।
संस्थाBSPHCL: बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सौर ऊर्जा के साथ बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के एकीकरण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
ग्रिड स्टेबिलिटी: बड़े पैमाने पर बैटरी स्टोरेज क्षमता के जरिए सोलर पावर की अनिश्चितता को कम करना
डीकार्बोनाइजेशन: ग्लोबल वार्मिंग लक्ष्यों को पूरा करने के लिए स्टेट पावर ग्रिड्स की कार्बन इंटेंसिटी कम करना
चर्चा में क्यों: ओडिशा, हरियाणा, गुजरात, केरल और तमिलनाडु सहित कई राज्यों ने चिंता जताई है कि 16वें वित्त आयोग (Finance Commission) की 41% वर्टिकल डिवोल्यूशन रेट (vertical devolution rate) राज्यों के राजकोषीय दबाव के बजाय केंद्र के हितों को प्राथमिकता देती है।
16वें वित्त आयोग ने ऊर्ध्वाधर हस्तांतरण दर (vertical devolution rate) को 41% पर बनाए रखा है। आयोग ने तर्क दिया कि आपातकालीन स्थितियों के लिए सेस (cess) और सरचार्ज आवश्यक हैं, लेकिन उन्होंने मानक कराधान पर उनके दीर्घकालिक प्रभाव को भी स्वीकार किया।
तथ्यडेवोल्यूशन (Devolution) में वृद्धि की मांग करने वाले राज्य: ओडिशा, हरियाणा, गुजरात, केरल और तमिलनाडु।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय अर्थव्यवस्था में राज्यों की राजकोषीय स्वायत्तता और संघीय संतुलन पर सेस (Cesses) और अधिभार (Surcharges) के प्रभाव का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
राजकोषीय असंतुलन: सेस और सरचार्ज का राज्यों को न मिलना और टैक्स पूल में उनके हिस्से में कमी
संवैधानिक टकराव: केंद्र की आपातकालीन राजकोषीय जरूरतों और राज्यों की समान वर्टिकल डिवोल्यूशन की मांग के बीच विवाद
मुख्य शब्द: वर्टिकल डिवोल्यूशन · राजकोषीय संघवाद · सेस और सरचार्ज · टैक्स डिवोल्यूशन · राजकोषीय स्वायत्तता
चर्चा में क्यों: बेंगलुरु ईस्ट सिटी कॉर्पोरेशन, हुडी फ्लाईओवर प्रोजेक्ट के लिए फंडिंग सुरक्षित करने और TDR के प्रति जमीन मालिकों के विरोध को दूर करने के लिए लैंड वैल्यू कैप्चर (Land Value Capture - LVC) को एक तंत्र के रूप में तलाश रहा है।
ईस्ट सिटी कॉर्पोरेशन के अतिरिक्त आयुक्त, लोखंडे स्नेहल सुधाकर ने पाया कि भूमि मालिकों द्वारा नकद मुआवजे के बदले ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स (TDR) को स्वीकार करने से हुडी फ्लाईओवर का काम विलंबित हो गया है। टाउन प्लानिंग विभाग को बुनियादी ढांचे से होने वाली भूमि मूल्य वृद्धि को सार्वजनिक परियोजनाओं में पुन: निवेश करने के लिए LVC की व्यवहार्यता पर रिपोर्ट देने का काम सौंपा गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यLVC: एक ऐसा मैकेनिज्म (mechanism) जिसके तहत सरकार सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण जमीन की वैल्यू में होने वाली बढ़ोतरी की वसूली करती है।
तथ्यTDR (Transferable Development Rights) का उपयोग भूमि अधिग्रहण के लिए नकद मुआवजे के विकल्प के रूप में किया जा रहा है।
संस्थाबेंगलुरु में LVC कार्यान्वयन की चुनौतियों पर रिपोर्टिंग के लिए टाउन प्लानिंग डिपार्टमेंट (Town Planning Department) जिम्मेदार संस्था है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भूमि मूल्य कैप्चर (Land Value Capture - LVC) किस प्रकार निजी भूमि स्वामियों के अधिकारों और शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बीच संतुलन स्थापित करते हुए एक सतत वित्तपोषण मॉडल के रूप में कार्य कर सकता है? चर्चा कीजिए।
राजकोषीय स्वायत्तता: राज्य पर सीधा राजकोषीय बोझ बढ़ाए बिना सार्वजनिक वस्तुओं के लिए निजी प्रशंसा का लाभ उठाना
संपत्ति के अधिकार का विवाद: संवैधानिक संपत्ति के अधिकार और बुनियादी ढांचे की जरूरतों के लिए राज्य की एमिनेट डोमेन शक्ति के बीच संतुलन
रेगुलेटरी बॉटलनैक: मनमानी लैंड-वैल्यू असेसमेंट रोकने और न्यायसंगत मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए मजबूत वैल्यूएशन फ्रेमवर्क की ज़रूरत
चर्चा में क्यों: केरल कैबिनेट ने तीर्थयात्रियों के परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अंगमली-एरुमली सबरी रेलवे प्रोजेक्ट (Angamaly–Erumely Sabari Railway Project) के लिए ₹1,900 करोड़ की फंडिंग को मंजूरी दी है।
केरल कैबिनेट ने इस परियोजना को मंजूरी दे दी है, जिसमें राज्य सरकार 50% फंड प्रदान करेगी। एर्नाकुलम, इडुक्की और पतनमथिट्टा जिलों को जोड़ने वाली रेल लाइन के लिए शेष धनराशि जुटाने की जिम्मेदारी केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) को सौंपी गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
स्थानसबरी रेलवे प्रोजेक्ट केरल के एर्नाकुलम, इडुक्की और पतनमथिट्टा जिलों के शहरों को जोड़ता है।
संस्थाKIIFB (Kerala Infrastructure Investment Fund Board) वह संस्था है जो प्रोजेक्ट के लिए शेष फंड जुटाने के लिए जिम्मेदार है।
तथ्यकेरल राज्य सरकार ने प्रोजेक्ट की कुल लागत का 50% फंड देने पर सहमति जताई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सबरी रेलवे जैसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक पर्यटन की आवश्यकताओं और क्षेत्रीय आर्थिक विकास एवं लॉजिस्टिक दक्षता के बीच संतुलन स्थापित करने की संभावनाओं का विश्लेषण कीजिए।
लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: समर्पित रेल कॉरिडोर के जरिए तीर्थयात्रियों की भीड़ कम करना
इकोनॉमिक मल्टीप्लायर: इडुक्की और पथनमथिट्टा जिलों में स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना
राजकोषीय संघवाद: इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग में राज्य-नेतृत्व वाले इन्वेस्टमेंट फंड्स (KIIFB) की भूमिका
मुख्य शब्द: इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · पब्लिक-प्राइवेट फंडिंग · पर्यटन लॉजिस्टिक्स · राजकोषीय निवेश
चर्चा में क्यों: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने दिसंबर में उड़ानें रद्द होने के बाद हवाई किराए में बढ़ोतरी के लिए बाजार में अपनी स्थिति का दुरुपयोग करने के कथित आरोप में इंडिगो (IndiGo) के खिलाफ जांच शुरू की है।
CCI की जांच इस आरोप पर केंद्रित है कि इंडिगो (IndiGo) के कदमों के कारण यात्रियों के पास सीमित विकल्प बचे और उन्हें अधिक कीमतें चुकानी पड़ीं। यह जांच डायरेक्टर जनरल द्वारा की जाएगी और 90 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने की उम्मीद है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
अधिनियम / विधेयकCompetition Act, 2002: भारत में प्रतिस्पर्धा विरोधी प्रथाओं (anti-competitive practices) और बाजार में प्रभुत्व के दुरुपयोग (abuse of market dominance) को नियंत्रित करने वाला प्राथमिक कानून।
तथ्यCCI की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट 90 दिनों के भीतर जमा होने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उचित मूल्य निर्धारण और उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करनेके लिए विमानन क्षेत्र में बाजार प्रभुत्व को विनियमित करने में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
मार्केट कंसंट्रेशन: एविएशन में एंट्री के लिए ऊंचे बैरियर्स से ओलिगोपोलिस्टिक प्राइसिंग स्ट्रक्चर बन रहा है
रेगुलेटरी ओवरसाइट: एयरलाइंस की ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी और प्रेडेटरी प्राइसिंग व डोमिनेंस एब्यूज को रोकने के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: बाज़ार में दबदबा · प्रतिस्पर्धा विरोधी प्रथाएं · उपभोक्ता संरक्षण · ओलिगोपोलिस्टिक मार्केट · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क
चर्चा में क्यों: केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ड्यूटी-फ्री अलाउंस (Duty-free allowance) की सीमा बढ़ाकर ₹75,000 कर दी है, ताकि यात्रा और व्यापार के प्रवाह को आसान बनाया जा सके।
CBIC ने भारतीय निवासियों और भारतीय मूल के यात्रियों के लिए शुल्क-मुक्त सीमा (duty-free limit) को बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया है। भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों को ₹25,000 का अलग से भत्ता मिलता है, जबकि एयरलाइन क्रू सदस्यों को ₹2,500 का भत्ता आवंटित किया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
संस्थाCBIC: सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स।
तथ्यभारतीय निवासियों/भारतीय मूल के यात्रियों के लिए ड्यूटी-फ्री लिमिट: ₹75,000।
तथ्यभारत आने वाले विदेशी पर्यटकों के लिए ड्यूटी-फ्री लिमिट: ₹25,000।
तथ्यएयरलाइन क्रू मेंबर्स के लिए ड्यूटी-फ्री अलाउंस (Duty-free allowance): ₹2,500।
तथ्यपात्रता के लिए, आइटम व्यक्ति के पास या उनके साथ मौजूद bona fide सामान (baggage) में होने चाहिए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: निर्यात और आयात के विनियामक तंत्र के संदर्भ में, यात्रा की सुगमता को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्यों और अनियंत्रित आयात से घरेलू उद्योगों की सुरक्षा की आवश्यकता के बीच संतुलन स्थापित करने में शुल्क-मुक्त भत्तों (duty-free allowances) के संशोधन की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
रेवेन्यू ट्रेड-ऑफ: उपभोक्ता सुविधा और कस्टम ड्यूटी कलेक्शन में संभावित नुकसान के बीच संतुलन
रेगुलेटरी ओवरसाइट: हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक्स की कमर्शियल-स्केल तस्करी रोकने के लिए पर्सनल बैगेज की निगरानी में चुनौतियां
मुख्य शब्द: सीमा शुल्क · व्यापार सुगमता · अप्रत्यक्ष कराधान · ड्यूटी-फ्री अलाउंस · CBIC
चर्चा में क्यों: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन रानीपेट में ₹9,000 करोड़ के कार निर्माण प्लांट का उद्घाटन करने वाले हैं। यह भारत में JLR के लग्जरी मॉडल बनाने वाला पहला प्लांट होगा।
यह प्लांट JLR और Tata Motors के बीच एक संयुक्त उद्यम (Joint Venture) है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण में विशेषज्ञता रखता है। अनुमान है कि इससे इस क्षेत्र में लगभग 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यरानीपेट में स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की अनुमानित प्रोजेक्ट कॉस्ट ₹9,000 करोड़ है।
तथ्यइस सुविधा से लगभग 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
तथ्यJLR, Tata Motors के स्वामित्व वाला एक ब्रांड है जो इलेक्ट्रिक वाहनों (electric vehicles) में विशेषज्ञता रखता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: ऑटोमोटिव विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर बढ़ते झुकाव ने भारत के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में किस प्रकार योगदान दिया है, इसका विश्लेषण कीजिए।
एम्प्लॉयमेंट मल्टीप्लायर: मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में 5,000 नौकरियों और उससे जुड़े अप्रत्यक्ष आजीविका का निर्माण
EV ट्रांज़िशन: हाई-टेक इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट के लिए लग्जरी इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रोडक्शन की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: औद्योगिक निवेश · इलेक्ट्रिक व्हीकल्स · रोजगार सृजन · मैन्युफैक्चरिंग हब · विदेशी प्रत्यक्ष निवेश
चर्चा में क्यों: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए नौवां केंद्रीय बजट पेश किया, जिसमें व्यय योजनाओं और राजकोषीय घाटा (fiscal deficit) के अनुमानों को रेखांकित किया गया है।
केंद्रीय बजट 2026 की घोषणा 1 फरवरी, 2026 को की गई। वित्त वर्ष 2025 (FY25) के लिए आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) में मजबूत घरेलू आर्थिक आधारों के आधार पर GDP विकास दर 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान लगाया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यFY25 के लिए GDP ग्रोथ प्रोजेक्शन: 6.8% से 7.2%।
पदनिर्मला सीतारमण: केंद्रीय वित्त मंत्री।
तथ्ययूनियन बजट 2026, वित्त वर्ष 2025-26 को कवर करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक राजकोषीय अनिश्चितताओं के बीच भारत की अनुमानित जीडीपी वृद्धि को बनाए रखने में सुदृढ़ घरेलू आर्थिक आधारों के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय अनुशासन: राजकोषीय घाटा लक्ष्यों के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च का संतुलन
ग्रोथ ड्राइवर्स: कंजम्पशन-लेड से इन्वेस्टमेंट-लेड ग्रोथ मॉडल की ओर बदलाव
मैक्रोइकोनॉमिक स्टेबिलिटी: हाई GDP ग्रोथ बनाए रखते हुए महंगाई को मैनेज करना
चर्चा में क्यों: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने किसानों और छोटे व्यापारियों को लाभ पहुँचाने के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा अनब्रांडेड कच्चे तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) को खत्म करने के फैसले का स्वागत किया है।
वित्त मंत्रालय ने बिना प्रोसेस्ड तंबाकू (unprocessed tobacco) के लिए उत्पाद शुल्क (excise duty) संरचना स्पष्ट की है। इसके तहत रिटेल स्तर पर बिकने वाले थोक और बिना ब्रांड वाले तंबाकू पर टैक्स को शून्य कर दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य सरकारी राजस्व की सुरक्षा करते हुए तंबाकू कराधान में स्पष्टता और पारदर्शिता लाना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यरिटेल लेवल पर बिकने वाले बल्क और अनब्रांडेड टोबैको पर एक्साइज ड्यूटी को घटाकर जीरो कर दिया गया है।
संस्थावित्त मंत्रालय: अनप्रोसेस्ड टोबैको (unprocessed tobacco) के लिए एक्साइज ड्यूटी स्ट्रक्चर को स्पष्ट करने के लिए जिम्मेदार।
स्थानआंध्र प्रदेश: राज्य सरकार टैक्स में कटौती का समर्थन कर रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कच्चे कृषि उत्पादों पर उत्पाद शुल्क के युक्तिकरण (rationalization) के माध्यम से किसान कल्याण और राज्य के राजस्व सृजन के उद्देश्यों के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
राजस्व संरक्षण: कच्चे माल के लिए टैक्स छूट और राज्य की राजकोषीय सेहत बनाए रखने के बीच संतुलन
मार्केट ट्रांसपेरेंसी: छोटे व्यापारियों को बचाने के लिए अनब्रांडेड तंबाकू सप्लाई चेन में टैक्स की उलझन कम करना
मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · टैक्स रेशनलाइजेशन · रेवेन्यू न्यूट्रलिटी · कृषि कमोडिटी व्यापार
चर्चा में क्यों: दक्षिण पश्चिमी रेलवे (SWR) को कर्नाटक में 61 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए अमृत स्टेशन योजना (Amrit Station Scheme) के तहत ₹2,110 करोड़ का आवंटन प्राप्त हुआ है।
दक्षिण पश्चिम रेलवे के वित्त वर्ष 2026-27 के बजट को बढ़ाकर ₹7,748 करोड़ कर दिया गया है। नेटवर्क विस्तार और विद्युतीकरण के हिस्से के रूप में, 2014 से अब तक कर्नाटक में 1,750 किलोमीटर नई पटरियाँ बिछाई गई हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाअमृत स्टेशन स्कीम (Amrit Station Scheme): रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए केंद्र सरकार की एक पहल।
तथ्यवित्त वर्ष 2026-27 के लिए SWR बजट: ₹7,748 करोड़।
तथ्य2014 से कर्नाटक में बिछाई गई नई पटरियाँ: 1,750 किमी।
तथ्यकर्नाटक में पुनर्विकास (Redevelopment) के लिए निर्धारित स्टेशनों की संख्या: 61।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के रेलवे बुनियादी ढांचे में मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने और यात्री अनुभव को बेहतर बनाने में 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के योगदान का विश्लेषण कीजिए।
लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: बड़े हब्स पर टर्नअराउंड टाइम कम करना और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुधारना
अर्बन इंटीग्रेशन: स्टेशन रीडेवलपमेंट के साथ लोकल अर्बन प्लानिंग और हेरिटेज प्रिजर्वेशन के बीच संतुलन
इकोनॉमिक मल्टीप्लायर: बेहतर रेल-आधारित लॉजिस्टिक्स और पैसेंजर फ्लो के जरिए क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देना
मुख्य शब्द: इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी · लॉजिस्टिक्स दक्षता · अमृत स्टेशन स्कीम · क्षेत्रीय कनेक्टिविटी
चर्चा में क्यों: अमेरिकी सरकार द्वारा भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क (Import Tariffs) कम करने के निर्णय से कर्नाटक के विनिर्माण (Manufacturing) और सेवा क्षेत्रों में निर्यात आधारित विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
अमेरिका ने कपड़ों, MSMEs, एयरोस्पेस, ऑटो कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर्स, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि उत्पादों सहित भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ (Tariff) कम करने का लक्ष्य रखा है। इस कदम से भारतीय निर्यातकों के लिए वैश्विक विमर्श का केंद्र 'कॉस्ट आर्बिट्रेज' (Cost Arbitrage) से बदलकर 'वैल्यू-लेड इनोवेशन' (Value-led Innovation) होने की उम्मीद है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यटैरिफ में कटौती से कर्नाटक के गारमेंट, एयरोस्पेस और ऑटो कंपोनेंट्स निर्माताओं पर प्रभाव पड़ता है।
तथ्यइस पॉलिसी का उद्देश्य इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे उभरते सेक्टर्स को लाभ पहुँचाना है।
तथ्यGlobal Capability Centres (GCCs) को ट्रेड शिफ्ट (trade shift) के लाभार्थी सेक्टर के रूप में पहचाना गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: व्यापार नीति में बदलाव और टैरिफ में कटौती किस प्रकार भारत के विनिर्माण क्षेत्र को लागत-आधारित प्रतिस्पर्धा से मूल्य-आधारित नवाचार की ओर परिवर्तित कर सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
मार्केट एक्सेस: हाई-एंड टेक्नोलॉजी मार्केट्स में प्रवेश आसान बनाने के लिए व्यापार की बाधाएं कम करना
स्ट्रक्चरल शिफ्ट: मैन्युफैक्चरिंग में लो-कॉस्ट आर्बिट्रेज से वैल्यू-लेड इनोवेशन की ओर बदलाव
क्षेत्रीय प्रभाव: इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के हब के रूप में कर्नाटक की भूमिका
मुख्य शब्द: एक्सपोर्ट-लेड ग्रोथ · कॉस्ट आर्बिट्रेज · वैल्यू-आधारित इनोवेशन · मार्केट एक्सेस · व्यापार नीति
चर्चा में क्यों: केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिपिंग क्षमताओं को मजबूत करने के लिए भारत कंटेनर शिपिंग लाइन (BCSL) की स्थापना और बंदरगाह विस्तार परियोजनाओं (Port Expansion Projects) के वित्तपोषण के लिए MoUs पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस पहल के अंतर्गत भारत कंटेनर शिपिंग लाइन (BCSL) की स्थापना और VOCPA, IRFC और SMFCL के बीच एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) शामिल है। इस परियोजना का उद्देश्य VOCPA में आउटर हार्बर प्रोजेक्ट (Outer Harbour Project) को वित्तपोषित करना और एक घरेलू स्तर पर आधारित कंटेनर इकोसिस्टम विकसित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाIRFC: Indian Railway Finance Corporation पोर्ट विस्तार परियोजनाओं (port expansion projects) के वित्तपोषण में शामिल है।
तथ्यBCSL: भारत कंटेनर शिपिंग लाइन (Bharat Container Shipping Line) की स्थापना कंटेनर सेगमेंट में राष्ट्रीय शिपिंग को मजबूत करने के लिए की गई है।
स्थानVOCPA: आउटर हार्बर प्रोजेक्ट (Outer Harbour Project) और त्रिपक्षीय MoU में शामिल पोर्ट।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एक राष्ट्रीय कंटेनर शिपिंग लाइन की स्थापना किस प्रकार भारत के समुद्री रसद (maritime logistics) को सुदृढ़ कर सकती है और विदेशी शिपिंग लाइनों पर निर्भरता को कम कर सकती है, इस पर चर्चा कीजिए।
लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी: डोमेस्टिकली एंक्वर्ड कंटेनर इकोसिस्टम के जरिए टर्नअराउंड टाइम और लागत में कमी
रणनीतिक स्वायत्तता: राष्ट्रीय कार्गो मूवमेंट के लिए विदेशी स्वामित्व वाली शिपिंग लाइन्स पर निर्भरता कम करना
इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: समुद्री व्यापार को बढ़ावा देने के लिए पोर्ट विस्तार को नेशनल शिपिंग क्षमताओं के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: मैरिटाइम लॉजिस्टिक्स · रणनीतिक स्वायत्तता · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · सप्लाई चेन इंटीग्रेशन · व्यापार सुगमता
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत तेलंगाना के लिए केंद्र सरकार द्वारा 4.5 लाख घरों की मंजूरी की घोषणा की।
तेलंगाना के लिए PMAY परियोजना के अंतर्गत ₹4,350 करोड़ की कुल लागत से 1.3 लाख शहरी इकाइयां और 3 लाख ग्रामीण घर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय बजट में अन्वेषण और अनुसंधान (Exploration and Research) के लिए परमाणु खनिज निदेशालय (Atomic Minerals Directorate) को ₹406 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाPMAY: प्रधानमंत्री आवास योजना (Pradhan Mantri Awas Yojana) का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी गरीबों को आवास प्रदान करना है।
तथ्यतेलंगाना PMAY आवंटन: ₹4,350 करोड़ की लागत से 4.5 लाख घर (1.3 लाख शहरी, 3 लाख ग्रामीण)।
संस्थाएटॉमिक मिनरल्स डायरेक्टोरेट फॉर एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च (Atomic Minerals Directorate for Exploration and Research) को केंद्रीय बजट में ₹406 करोड़ प्राप्त हुए।
संस्थाARCI, CDFD और NIAB को लगभग ₹3,000 करोड़ की फंडिंग मिली।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में ग्रामीण-शहरी प्रवास को कम करने और समावेशी बुनियादी ढांचा विकास को बढ़ावा देने में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) जैसी आवास योजनाओं की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
शहरी-ग्रामीण असमानता: शहरी केंद्रों की ओर होने वाले संकटपूर्ण पलायन को रोकने के लिए आवास की कमी को दूर करना
राजकोषीय संघवाद: राज्यों की बुनियादी ढांचा जरूरतों और केंद्र के बजट आवंटन के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: समावेशी विकास · ग्रामीण-शहरी पलायन · आवास की कमी · इंफ्रास्ट्रक्चर विकास · राजकोषीय आवंटन
चर्चा में क्यों: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए समझौते के बाद, भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ (tariff) को 25% से घटाकर 18% करने पर आशा व्यक्त की है।
अमेरिकी सरकार ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ (Tariff) को 25% से घटाकर 18% करने की घोषणा की है। यह समझौता राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई एक फोन कॉल के माध्यम से हुआ है, जबकि व्यापार समझौते के विशिष्ट विवरण अभी लंबित हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यभारतीय एक्सपोर्ट्स पर यू.एस. टैरिफ में कमी: 25% से घटकर 18%।
पदनिर्मला सीतारमण: वित्त मंत्री, भारत सरकार।
पदडोनाल्ड ट्रंप: प्रेसिडेंट ऑफ द यूनाइटेड स्टेट्स।
पदनरेंद्र मोदी: भारत के प्रधानमंत्री।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पारस्परिक शुल्क कटौती और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों से भारत के निर्यात-आधारित विकास और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (Global Value Chains) में उसकी स्थिति पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
ट्रेड बैलेंस: भारत के चालू खाता घाटे पर कम अमेरिकी टैरिफ का असर
पारस्परिकता की गतिशीलता: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार उदारीकरण के बीच संतुलन
मार्केट एक्सेस: अमेरिकी इकोनॉमी में भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए बड़ा मार्केट शेयर हासिल करने की संभावना
मुख्य शब्द: निर्यात आधारित विकास · पारस्परिक टैरिफ · व्यापार उदारीकरण · द्विपक्षीय व्यापार · करेंट अकाउंट
चर्चा में क्यों: केंद्रीय बजट 2026-27 में NRI निवेश को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें निवेश की सीमा में वृद्धि और विदेशी प्रेषण (overseas remittances) पर TCS दरों में कटौती शामिल है, ताकि सीमा पार वित्तीय गतिविधियों को सुगम बनाया जा सके।
केंद्रीय बजट 2026-27 में संपत्ति की बिक्री के लिए सरल टैक्स कंप्लायंस (Tax Compliance) और पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट स्कीम (PIS) फ्रेमवर्क के माध्यम से निवेश के विस्तारित विकल्पों को शामिल किया गया है। यह विशेष रूप से विदेशी प्रेषण (Overseas Remittances) पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दरों को कम करके UAE में रहने वाले NRIs को लक्षित करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्ययूनियन बजट 2026-27 में NRIs के लिए निवेश की सीमा (investment limits) में बढ़ोतरी शामिल है।
विज्ञान-तकनीकPIS (Portfolio Investment Scheme) फ्रेमवर्क NRIs द्वारा डायरेक्ट इक्विटी इन्वेस्टमेंट की अनुमति देता है।
तथ्यबजट ओवरसीज रेमिटेंस (overseas remittances) पर TCS (Tax Collected at Source) की दरों को कम करता है।
तथ्यबजट NRI द्वारा प्रॉपर्टी की बिक्री के लिए टैक्स कंप्लायंस (tax compliance) को सरल बनाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सीमा पार वित्तीय नियमों और एनआरआई (NRI) निवेश ढांचे के सरलीकरण से भारत के पूंजी प्रवाह को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ इसके आर्थिक संबंधों को कैसे मजबूत किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
कैपिटल मोबिलिटी: लिक्विडिटी और इनवर्ड FDI/FPI फ्लो बढ़ाने के लिए TCS और प्रशासनिक बाधाओं को कम करना
रेगुलेटरी अलाइनमेंट: NRI प्रॉपर्टी ट्रांजेक्शन को आसान बनाने के लिए घरेलू टैक्स कंप्लायंस को अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ जोड़ना
मुख्य शब्द: पूंजी का प्रवाह · रेमिटेंस पॉलिसी · पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट · राजकोषीय नीति · सीमा पार निवेश
चर्चा में क्यों: नीतीश कुमार सरकार ने आगामी वित्त वर्ष के लिए बिहार राज्य का बजट पेश किया, जिसमें ज्ञान, विज्ञान और आकांक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया गया है।
बिहार सरकार ने ₹3.47 लाख करोड़ का बजट पेश किया है, जो 2025-26 में आवंटित ₹3.17 लाख करोड़ से अधिक है। इस बजट में सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए ₹7,724 करोड़ शामिल हैं और इसमें मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना पर विशेष ज़ोर दिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यआगामी वर्ष के लिए बिहार राज्य का बजट: ₹3.47 लाख करोड़।