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भाग I · स्था. 11.2025 
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अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स — यूपीएससी

यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,296 नोट्स, रोज़ अपडेट।

पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (510) · उद्योग, निवेश एवं MSME (470) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (296) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (295) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (277) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (189) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (142) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (117)

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIप्रीलिम्स + मेन्स

यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने विनिर्माण क्षेत्रों (manufacturing sectors) में संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता (structural excess capacity) की जांच करने के लिए भारत, चीन और अन्य देशों के खिलाफ सेक्शन 301 जांच शुरू की है

चर्चा में क्यों: यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने विनिर्माण क्षेत्रों (manufacturing sectors) में संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता (structural excess capacity) की जांच करने के लिए भारत, चीन और अन्य देशों के खिलाफ सेक्शन 301 जांच शुरू की है।

USTR की जांच स्वामित्व प्रोफाइल, उत्पादन स्तर, नीतिगत समर्थन और वैश्विक बाजार हिस्सेदारी पर केंद्रित है। यह जांच सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद शुरू की गई है, जिसने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा शुरू किए गए पिछले टैरिफ शासन (tariff regime) को रद्द कर दिया था।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अधिनियम / विधेयकUS Trade Act की Section 301 USTR को अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस (unfair trade practices) की जांच करने और उन पर प्रतिक्रिया देने की अनुमति देती है।
  • संस्थाUSTR: यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (United States Trade Representative)।
  • तथ्ययह जांच मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्ट्रक्चरल एक्सेस कैपेसिटी (structural excess capacity) को लक्षित करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक विनिर्माण क्षेत्र में 'संरचनात्मक अधिशेष क्षमता' (structural excess capacity) के निहितार्थों और भारत के संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों पर इसके प्रभाव का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • ट्रेड प्रोटेक्शनिज्म: नॉन-टैरिफ बैरियर्स के लिए सेक्शन 301 का इस्तेमाल
  • मार्केट डिस्टॉर्शन: ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पिटिटिवनेस पर स्टेट-लेड इंडस्ट्रियल सब्सिडी का असर
  • डिप्लोमैटिक फ्रिक्शन: घरेलू मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ और इंटरनेशनल ट्रेड कंप्लायंस के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: स्ट्रक्चरल एक्सेस कैपेसिटी · व्यापार संरक्षणवाद · धारा 301 · मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर · बाज़ार में गड़बड़ी

स्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स ↗+1 और खबरें इस विषय पर
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लोकसभा ने वित्त विधेयक (Finance Bill) को मंजूरी दे दी है, जिसमें टैक्स कंप्लायंस (tax compliance) को सरल बनाने

चर्चा में क्यों: लोकसभा ने वित्त विधेयक (Finance Bill) को मंजूरी दे दी है, जिसमें टैक्स कंप्लायंस (tax compliance) को सरल बनाने, मुकदमेबाजी को कम करने और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए संशोधन शामिल हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले आदेशों को पुन: मान्य करने और रद्द किए गए मामलों को फिर से खोलने के प्रावधानों का बचाव किया। यह विधेयक कर भुगतान न करने पर गिरफ्तारी के प्रावधानों को हटाता है और पुनर्मूल्यांकन नोटिस (reassessment notices) के लिए 30 दिनों की प्रतिक्रिया अवधि प्रदान करता है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यफाइनेंस बिल (Finance Bill) पुनर्मूल्यांकन नोटिस (reassessment notices) के लिए 30 दिनों की प्रतिक्रिया विंडो प्रदान करता है।
  • तथ्ययह बिल टैक्स न चुकाने पर गिरफ्तारी के प्रावधानों को हटाता है।
  • तथ्ययह बिल ओवरसीज एजुकेशन रिमिटेंस (overseas education remittances) और टूर पैकेजेस पर सोर्स पर होने वाले टैक्स कलेक्शन को कम करता है।
  • तथ्यइस बिल के तहत जीवन रक्षक दवाओं (life-saving drugs) पर कस्टम ड्यूटी छूट प्रदान की गई है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में कर अनुपालन को सरल बनाने और मुकदमों को कम करने से व्यापार करने की सुगमता (Ease of Doing Business) को कैसे बढ़ावा मिल सकता है और कर उत्तोलन (Tax Buoyancy) में कैसे सुधार हो सकता है, चर्चा कीजिए।

  • प्रशासनिक दक्षता: राजस्व वसूली को आसान बनाने के लिए पुराने आदेशों के पुनर्मूल्यांकन के जरिए मुकदमेबाजी कम करना
  • राजकोषीय नीति के ट्रेड-ऑफ: जीवन रक्षक दवाओं पर टैक्स छूट और निरंतर राजकोषीय राजस्व की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस: निवेशकों के लिए बेहतर टैक्स व्यवस्था बनाने हेतु गिरफ्तारी के प्रावधानों को हटाना

मुख्य शब्द: ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस · टैक्स कंप्लायंस · राजकोषीय नीति · मुकदमेबाजी में कमी · टैक्सेशन रिफॉर्म

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भारत सरकार ने दिवालियापन समाधान प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और दिवालिया कंपनियों के समाधान में होने वाली देरी को कम करने के लिए 'इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्ट्सी कोड (अमेंडमेंट) बिल, 2025' पेश किया है

चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने दिवालियापन समाधान प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने और दिवालिया कंपनियों के समाधान में होने वाली देरी को कम करने के लिए 'इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्ट्सी कोड (अमेंडमेंट) बिल, 2025' पेश किया है।

यह विधेयक 150 दिनों की एक विशिष्ट समय-सीमा के साथ एक नई लेनदार-आधारित समाधान प्रक्रिया (creditor-led resolution process) पेश करता है। इस संशोधन का उद्देश्य व्यवस्था को दंडात्मक दृष्टिकोण से बदलकर लेनदारों और देनदारों के बीच शासन और सहयोग को प्रोत्साहित करने वाले दृष्टिकोण की ओर ले जाना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • अधिनियम / विधेयकइन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्ट्सी कोड (Amendment) बिल, 2025।
  • तथ्यनए लेनदार-नेतृत्व वाले रिज़ॉल्यूशन प्रोसेस (creditor-led resolution process) में 150 दिनों की समय सीमा शामिल है।
  • तथ्यइस संशोधन का उद्देश्य इन्सोल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन (insolvency resolution) प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: दिवाला और दिवाला संहिता (IBC) में प्रस्तावित संशोधनों से भारत में व्यापार करने की सुगमता (ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस) को कैसे बढ़ावा मिल सकता है और यह देश के ऋण पारिस्थितिकी तंत्र (क्रेडिट इकोसिस्टम) को किस प्रकार बेहतर बना सकता है, चर्चा कीजिए।

  • लेनदार-देनदार डायनेमिक्स: भरोसे को बढ़ावा देने के लिए दंडात्मक उपायों से गवर्नेंस-आधारित सहयोग की ओर बदलाव
  • समयबद्ध समाधान: कैपिटल लिक्विडिटी सुधारने के लिए इन्सॉल्वेंसी कार्यवाही में होने वाली देरी को दूर करना
  • संस्थागत दक्षता: कॉर्पोरेट ठहराव की अवधि को कम करने के लिए समाधान प्रक्रिया को सरल बनाना

मुख्य शब्द: इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्ट्सी कोड · क्रेडिटर-लेड रेज़ोल्यूशन · ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस · कॉरपोरेट गवर्नेंस · कैपिटल लिक्विडिटी

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भारत सरकार ने 100 एयरपोर्ट्स को विकसित करने और 441 एयरोडोम्स (aerodromes) को सहायता प्रदान करने के लिए ₹28,840 करोड़ के बजट के साथ संशोधित UDAN योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत एयरलाइन सब्सिडी का बोझ अब सरकारी खजाने (exchequer) पर आएगा

चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने 100 एयरपोर्ट्स को विकसित करने और 441 एयरोडोम्स (aerodromes) को सहायता प्रदान करने के लिए ₹28,840 करोड़ के बजट के साथ संशोधित UDAN योजना को मंजूरी दी है, जिसके तहत एयरलाइन सब्सिडी का बोझ अब सरकारी खजाने (exchequer) पर आएगा।

सरकार ने अन-सर्व्ड एयरस्ट्रिप्स (unserved airstrips) से 100 हवाई अड्डों के विकास के लिए विस्तारित UDAN योजना हेतु ₹28,840 करोड़ आवंटित किए हैं। इसके अतिरिक्त, दूरस्थ क्षेत्रों में लास्ट-माइल कनेक्टिविटी (last-mile connectivity) को बेहतर बनाने के लिए 200 हेलीपैड हेतु ₹3,661 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यसंशोधित UDAN योजना के लिए कुल बजट ₹28,840 करोड़ है।
  • तथ्यइस योजना का लक्ष्य अनसर्व्ड एयरस्ट्रिप्स (unserved airstrips) से 100 एयरपोर्ट्स विकसित करना है।
  • तथ्यसरकार ने 200 हेलीपैड्स के लिए ₹3,661 करोड़ आवंटित किए।
  • तथ्ययह योजना लगभग 441 एयरोड्रोम (aerodromes) के संचालन का समर्थन करती है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: उड़ान (UDAN) योजना के विस्तार और हेलीपैड में निवेश किस प्रकार क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुगम बना सकता है और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में संतुलित आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकता है, चर्चा कीजिए।

  • राजकोषीय स्थिरता: एयरलाइन ऑपरेशंस के लिए सीधी सरकारी सब्सिडी और लंबे समय के इंफ्रास्ट्रक्चर मेंटेनेंस खर्च के बीच संतुलन
  • लास्ट-माइल कनेक्टिविटी: भौगोलिक रूप से कटे हुए और दूरदराज के इलाकों तक पहुँचने के लिए हेलीपैड के जरिए मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट को जोड़ना

मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · लास्ट-माइल कनेक्टिविटी · राजकोषीय आवंटन · टियर-2 और टियर-3 विकास · इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार

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भारत सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के साथ लागू होने के लिए इनकम टैक्स रूल्स 2026 को अधिसूचित किया है

चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के साथ लागू होने के लिए इनकम टैक्स रूल्स 2026 को अधिसूचित किया है। इसका उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना और करदाताओं के बीच विश्वास बढ़ाना है।

नए नियम 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे और इनके साथ एक एकीकृत 'टैक्स ईयर' (Tax Year) के साथ पुनर्गठित ITR फॉर्म पेश किए जाएंगे। प्रमुख बदलावों में शिक्षा भत्ता कटौती (education allowance deductions) में वृद्धि और PAN कोट करने की आवश्यकताओं के लिए उच्च सीमा शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यइनकम टैक्स रूल्स 2026, 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे।
  • तथ्यइन नियमों को अपडेटेड इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act), 2025 के साथ लागू किया गया है।
  • तथ्यइन बदलावों में एक एकीकृत 'Tax Year' और नए डिज़ाइन वाले ITR फॉर्म शामिल हैं।
  • तथ्यइन नियमों में PAN कोट करने की आवश्यकताओं के लिए उच्च थ्रेशोल्ड (thresholds) और शिक्षा भत्ता (education allowance) कटौती में वृद्धि शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कर नियमों को सरल बनाने और प्रशासनिक सहानुभूति किस प्रकार कर अनुपालन को बढ़ाने और करदाता एवं राज्य के बीच विश्वास को सुदृढ़ करने में सहायक हो सकती है, चर्चा कीजिए।

  • प्रशासनिक दक्षता: स्टॉक एक्सचेंज कंप्लायंस और व्यक्तिगत करदाताओं के लिए सरल रिपोर्टिंग के बीच संतुलन
  • भरोसा बनाना: स्वैच्छिक अनुपालन और ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस को बेहतर बनाने के लिए प्रक्रियात्मक रुकावटों को कम करना

मुख्य शब्द: टैक्स कंप्लायंस · राजकोषीय नीति · ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस · प्रशासनिक सहानुभूति · टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स

HSBC ने मार्च 2026 के लिए फ्लैश इंडिया कंपोजिट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) में 56.5 की गिरावट दर्ज की है

चर्चा में क्यों: HSBC ने मार्च 2026 के लिए फ्लैश इंडिया कंपोजिट परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) में 56.5 की गिरावट दर्ज की है, जो निजी क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में सुस्ती का संकेत देता है।

फ्लैश इंडिया कंपोजिट PMI फरवरी में 58.9 से गिरकर मार्च में 56.5 पर आ गया। मैन्युफैक्चरिंग PMI घटकर 53.8 रह गया, जबकि ऊर्जा संकट और बाजार में अस्थिरता के कारण इनपुट लागत 45 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यFlash India Composite PMI: 50 से ऊपर की रीडिंग विस्तार (expansion) का संकेत देती है, जबकि 50 से नीचे का स्तर संकुचन (contraction) को दर्शाता है।
  • तथ्यमैन्युफैक्चरिंग PMI: फरवरी में 56.9 से गिरकर मार्च में 53.8 हो गया।
  • तथ्यइनपुट कॉस्ट (Input costs): मार्च 2026 में तेल, ऊर्जा, भोजन, एल्युमीनियम, स्टील और केमिकल्स सहित 45 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।
  • संस्थाHSBC: वह संस्था जो Flash India Composite Purchasing Managers' Index जारी करने के लिए जिम्मेदार है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक ऊर्जा झटकों और इनपुट लागत की अस्थिरता का भारत के विनिर्माण क्षेत्र और निजी क्षेत्र के विकास पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • मार्जिन कंप्रेशन: कंपीटीटिवनेस बनाए रखने के लिए कंपनियां मुनाफे के मार्जिन को कम करके बढ़ती इनपुट कॉस्ट को झेल रही हैं
  • बाहरी संवेदनशीलता: वैश्विक ऊर्जा झटकों और मार्केट वोलाटिलिटी के प्रति घरेलू मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट की संवेदनशीलता

मुख्य शब्द: परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स · इनपुट लागत · मैन्युफैक्चरिंग आउटपुट · महंगाई का दबाव · बाज़ार में उतार-चढ़ाव

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भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए रिटर्निंग ऑफिसर्स के तबादले और तैनाती को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए रिटर्निंग ऑफिसर्स के तबादले और तैनाती को मंजूरी दी है।

निर्वाचन आयोग (ECI) ने भवनपुर निर्वाचन क्षेत्र सहित पश्चिम बंगाल के लिए रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है। NDA के घटक दल, BJP को पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए 27 सीटें आवंटित की गई हैं। असम, केरल और पुडुचेरी के लिए चुनाव 9 अप्रैल, 2026 को निर्धारित हैं, जबकि मतगणना 4 मई, 2026 को होगी।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाECI: यह वह संस्था है जो रिटर्निंग ऑफिसर्स (Returning Officers) के ट्रांसफर और पोस्टिंग को मंजूरी देने के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यBJP: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए 27 सीटें आवंटित कीं।
  • तथ्यपुडुचेरी: 30 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 23 मार्च, 2026 को समाप्त हुई।
  • तथ्यचुनाव की तारीखें: असम, केरल और पुडुचेरी के चुनाव 9 अप्रैल, 2026 के लिए तय किए गए हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: रिटर्निंग अधिकारियों के प्रबंधन और प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया की शुचिता सुनिश्चित करने में चुनाव आयोग की भूमिका के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • प्रशासनिक तटस्थता: राजनीतिक रूप से संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों में रिटर्निंग ऑफिसर्स का गैर-पक्षपाती आचरण सुनिश्चित करना
  • लॉजिस्टिक कोऑर्डिनेशन: अलग-अलग भौगोलिक इलाकों में एक साथ होने वाले बहु-राज्य चुनावों और गिनती की प्रक्रियाओं का प्रबंधन

मुख्य शब्द: भारत निर्वाचन आयोग · रिटर्निंग ऑफिसर · लोकतांत्रिक प्रक्रिया · प्रशासनिक तटस्थता · चुनावी अखंडता

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सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं के कारण

चर्चा में क्यों: सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं के कारण, 10-वर्षीय बेंचमार्क गवर्नमेंट बॉन्ड यील्ड (Government Bond Yield) बढ़कर 6.83% पर पहुंच गई।

10-वर्षीय बेंचमार्क गवर्नमेंट बॉन्ड यील्ड (Government Bond Yield) 6.83% तक पहुंच गई, जो जनवरी 2025 के बाद से इसका उच्चतम स्तर है। यह उछाल बैंकों के लिए ओवरनाइट बोरोइंग कॉस्ट (Overnight Borrowing Cost) में हुई महत्वपूर्ण वृद्धि के साथ हुआ।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यमार्च 2026 तक 10-वर्षीय बेंचमार्क गवर्नमेंट बॉन्ड यील्ड (yield) 6.83% तक पहुंच गई।
  • तथ्ययील्ड में उछाल कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और ग्लोबल सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंताओं से प्रेरित था।
  • तथ्ययील्ड में यह उछाल अक्टूबर 2023 के बाद से एक दिन में हुई सबसे बड़ी वृद्धि थी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय ब्याज दरों के रुझानों का भारत की घरेलू बॉन्ड यील्ड और बैंकिंग तरलता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • मौनेटरी ट्रांसमिशन: ओवरनाइट बोरोइंग कॉस्ट बढ़ने का कमर्शियल बैंक की लेंडिंग कैपेसिटी पर असर
  • एक्सटर्नल शॉक: ग्लोबल क्रूड प्राइस में उतार-चढ़ाव और डोमेस्टिक सॉवरेन बॉन्ड यील्ड के बीच संबंध
  • पॉलिसी स्टैंड: हाई यील्ड वोलेटिलिटी के दौरान मार्केट सेंटीमेंट को मैनेज करने में RBI की भूमिका

मुख्य शब्द: बॉन्ड यील्ड · मौनेटरी पॉलिसी · लिक्विडिटी मैनेजमेंट · बाहरी झटके · ओवरनाइट बोरोइंग

स्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स ↗+1 और खबरें इस विषय पर

पूर्व चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच द्वारा जताई गई चिंताओं के बाद

चर्चा में क्यों: पूर्व चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच द्वारा जताई गई चिंताओं के बाद, SEBI ने अपने बोर्ड और कर्मचारियों के लिए हितों के टकराव (conflict-of-interest) से जुड़े कड़े नियमों का प्रस्ताव दिया है।

SEBI ने शीर्ष अधिकारियों के लिए अपनी संपत्ति और देनदारियों का सार्वजनिक रूप से खुलासा करने और एक डिजिटल रिकज़ल (recusal) प्रक्रिया लागू करने का प्रस्ताव दिया है। नियामक ने लागत कम करने के लिए फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) के लिए नेट बेसिस पर ट्रेड सेटलमेंट करने की योजना को भी मंजूरी दी है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाSEBI: Securities and Exchange Board of India.
  • तथ्यFPIs: ट्रांजैक्शन कॉस्ट (transaction costs) को कम करने के लिए नेट बेसिस (net basis) पर ट्रेड सेटल करने की अनुमति है।
  • तथ्यडिजिटल रिक्यूजल (Digital recusal) प्रोसेस: SEBI बोर्ड के सदस्यों और कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित।
  • तथ्यसोशल इम्पैक्ट फंड्स (Social impact funds): रिटेल पार्टिसिपेशन (retail participation) बढ़ाने के लिए स्वीकृत उपाय।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में पूंजी बाजारों और नियामक निकायों की सत्यनिष्ठा को सुदृढ़ करने में सुदृढ़ 'हितों के टकराव' (conflict-of-interest) के ढाँचों के महत्व की चर्चा कीजिए।

  • संस्थागत ईमानदारी: मार्केट रेगुलेटर्स में जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए व्यक्तिगत हितों के टकराव को कम करना
  • मार्केट एफिशिएंसी: नेट सेटलमेंट मैकेनिज्म के जरिए FPIs के लिए ट्रांजैक्शन कॉस्ट कम करना
  • पारदर्शिता के नियम: वैधानिक निकायों में जवाबदेही के लिए अनिवार्य संपत्ति खुलासा एक टूल

मुख्य शब्द: हितों का टकराव · कैपिटल मार्केट की ईमानदारी · नेट सेटलमेंट · नियामक निगरानी · पारदर्शिता · FPI

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कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के बोर्ड ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) में अपनी 25% तक की हिस्सेदारी बेचने और नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के बोर्ड ने ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) में अपनी 25% तक की हिस्सेदारी बेचने और नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना को मंजूरी दी है।

कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के बोर्ड ने SECL में 25% तक की हिस्सेदारी के विनिवेश (divestment) को मंजूरी दी है। बोर्ड ने सिंगापुर में एक इंटरमीडिएट होल्डिंग कंपनी (IHC) बनाकर महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) के विदेशी परिसंपत्ति अधिग्रहण की संभावनाओं को तलाशने को भी मंजूरी दी है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यCIL बोर्ड ने SECL में 25% तक की हिस्सेदारी के विनिवेश (divestment) को मंजूरी दी।
  • संस्थाCoal India Limited (CIL) South Eastern Coalfields Limited (SECL) का प्रमोटर है।
  • स्थानक्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) की खरीद के लिए सिंगापुर में एक इंटरमीडिएट होल्डिंग कंपनी (Intermediate Holding Company - IHC) बनाई जाएगी।
  • तथ्यDivestment को Offer for Sale (OFS) और नए equity shares जारी करके पूरा किया जाएगा।
मेन्स के लिए

प्रश्न: पूंजी और संसाधन सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) द्वारा विनिवेश और विदेशी परिसंपत्ति अधिग्रहण की रणनीतियों के रणनीतिक निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

  • कैपिटल इन्फ्यूजन: कोयला खनन में तकनीकी अपग्रेड के लिए विनिवेश से प्राप्त राशि का इस्तेमाल
  • रिसोर्स सिक्योरिटी: ओवरसीज IHCs के जरिए महत्वपूर्ण खनिजों को हासिल कर सप्लाई चेन रिस्क को कम करना
  • मार्केट डायनेमिक्स: CIL के वैल्यूएशन और मार्केट पोजीशन पर इक्विटी इश्यू का असर

मुख्य शब्द: विनिवेश · बिक्री के लिए उपलब्ध · क्रिटिकल मिनरल्स · पूंजी का निवेश · सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में आश्वासन दिया कि भारत के आर्थिक आधार (Economic Fundamentals) और पेट्रोलियम

चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में आश्वासन दिया कि भारत के आर्थिक आधार (Economic Fundamentals) और पेट्रोलियम, उर्वरक और कोयले के रणनीतिक भंडार ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध से होने वाले व्यवधानों का सामना करने के लिए पर्याप्त हैं।

लगातार तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण भारतीय रुपया अपने अब तक के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। सरकार आपूर्ति में होने वाली बाधाओं को कम करने के लिए पेट्रोलियम, उर्वरक और कोयले के रणनीतिक भंडार (strategic reserves) को बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यभारतीय रुपया उन मुद्राओं में शामिल है जो तेल की कीमतों में निरंतर वृद्धि के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील (exposed) हैं।
  • तथ्यभारत पेट्रोलियम, फर्टिलाइज़र और कोयले के लिए स्ट्रैटेजिक रिज़र्व (Strategic Reserves) बनाए रखता है।
  • पदनरेंद्र मोदी: भारत के प्रधानमंत्री।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों का भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए और व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में रणनीतिक आरक्षितों की भूमिका की व्याख्या कीजिए।

  • बाहरी भेद्यता: वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन शॉक के प्रति भारतीय रुपये का अधिक एक्सपोजर
  • स्ट्रेटेजिक बफर: भू-राजनीतिक संघर्षों से पैदा होने वाले तत्काल इन्फ्लेशन दबाव को कम करने में विविध रिज़र्व की भूमिका
  • राजकोषीय लचीलापन: आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती आयात लागत के बीच घरेलू आर्थिक विकास लक्ष्यों को संतुलित करना

मुख्य शब्द: आर्थिक बुनियादी सिद्धांत · रणनीतिक भंडार · भू-राजनीतिक जोखिम · मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता · ऊर्जा सुरक्षा

GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEप्रीलिम्स

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देश के बाद

चर्चा में क्यों: केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देश के बाद, महाराष्ट्र राज्य सरकार ने व्यवसायों और सामुदायिक रसोई (Community Kitchens) को समर्थन देने के लिए कमर्शियल LPG की आपूर्ति में 20% की वृद्धि की है।

आपूर्ति में वृद्धि का लक्ष्य संकट-पूर्व स्तर के 50% तक पहुँचना है। अतिरिक्त आपूर्ति के लिए प्राथमिकता होटलों, रेस्तरां, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों, रियायती कैंटीन और सामुदायिक रसोई (Community Kitchens) को दी गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यमहाराष्ट्र में कमर्शियल LPG की सप्लाई में 20% की वृद्धि हुई।
  • तथ्यटारगेट सप्लाई लेवल संकट से पहले के स्तर का 50% है।
  • संस्थाकेंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आपूर्ति बढ़ाने के लिए निर्देश जारी किया।
  • तथ्यप्रायोरिटी सेक्टर्स (Priority sectors) में होटल्स, रेस्टोरेंट्स और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में औद्योगिक विकास और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और आतिथ्य क्षेत्र के लिए ऊर्जा सब्सिडी के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • राजकोषीय ट्रेड-ऑफ: सब्सिडी वाली ऊर्जा लागत और राजकोषीय घाटा प्रबंधन के बीच संतुलन
  • सप्लाई चेन रेजिलिएंस: फूड प्रोसेसिंग और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर महंगाई के दबाव को कम करना
  • रेगुलेटरी कोऑर्डिनेशन: संसाधन आवंटन में केंद्र के मंत्रालयों और राज्य सरकारों के बीच अंतर-सरकारी सहयोग

मुख्य शब्द: ऊर्जा सब्सिडी · औद्योगिक विकास · राजकोषीय नीति · संसाधन आवंटन · MSME को समर्थन

GS3अर्थव्यवस्था › पूंजी बाज़ार एवं SEBIप्रीलिम्स

वैश्विक व्यापक आर्थिक चुनौतियों (Macroeconomic headwinds) और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US Treasury yields) में बढ़ोतरी के कारण

चर्चा में क्यों: वैश्विक व्यापक आर्थिक चुनौतियों (Macroeconomic headwinds) और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US Treasury yields) में बढ़ोतरी के कारण, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने 2026 में भारतीय इक्विटी से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि निकाली।

वर्ष 2026 में FPIs ने भारतीय इक्विटी से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की। यह बिकवाली फरवरी 2026 में भारी निवेश (Inflows) की अवधि के बाद हुई। इसके मुख्य कारणों में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US Treasury yields) में वृद्धि, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और प्रॉफिट-टेकिंग (Profit-taking) शामिल हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्य2026 में भारतीय इक्विटी से FPI आउटफ्लो (outflows) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
  • तथ्यफरवरी 2026 के दौरान इनफ्लो (inflows) में उछाल के बाद मार्च 2026 में FPI सेल-ऑफ (sell-off) देखा गया।
  • तथ्यबढ़ती US Treasury yields और भू-राजनीतिक अनिश्चितता (geopolitical uncertainty) को पूंजी के बहिर्वाह (capital outflows) के प्राथमिक कारणों के रूप में उद्धृत किया गया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और भू-राजनीतिक तनाव जैसे वैश्विक व्यापक आर्थिक चरों (macroeconomic variables) के भारत के पूंजी बाजारों की स्थिरता और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) प्रवाह पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • कैपिटल फ्लाइट रिस्क: अमेरिकी इंटरेस्ट रेट में उतार-चढ़ाव के प्रति इमर्जिंग मार्केट इक्विटीज की उच्च संवेदनशीलता
  • मैक्रोइकोनॉमिक वोलाटिलिटी: तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और जियोपॉलिटिकल अस्थिरता का घरेलू निवेश सेंटिमेंट पर असर

मुख्य शब्द: विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट · पूंजी का बाहर जाना · मैक्रोइकोनॉमिक हेडविंड्स · मार्केट में उतार-चढ़ाव · यील्ड कोरिलेशन

GS3अर्थव्यवस्था › पूंजी बाज़ार एवं SEBIप्रीलिम्स

सेबी (SEBI) विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए सेटलमेंट नियमों में ढील देने और मार्केट इंटरमीडियरीज के लिए 'फिट एंड प्रॉपर' (fit and proper) मानदंडों में बदलाव के प्रस्तावों पर विचार कर रहा है

चर्चा में क्यों: सेबी (SEBI) विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए सेटलमेंट नियमों में ढील देने और मार्केट इंटरमीडियरीज के लिए 'फिट एंड प्रॉपर' (fit and proper) मानदंडों में बदलाव के प्रस्तावों पर विचार कर रहा है।

SEBI अपनी पांचवीं बोर्ड बैठक आयोजित कर रहा है, जिसकी अध्यक्षता तुहिन कांत पांडे कर रहे हैं। प्रमुख प्रस्तावों में FPIs को उसी दिन के कैश मार्केट ट्रेड के लिए नेट फंड्स की अनुमति देना और मध्यस्थों (Intermediaries) के लिए 'फिट एंड प्रॉपर पर्सन' (fit and proper person) मानदंडों में संशोधन शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • संस्थाSEBI: भारत में सिक्योरिटीज और कैपिटल मार्केट्स का प्राथमिक रेगुलेटर।
  • तथ्यFPIs: फंडिंग कॉस्ट कम करने के लिए उन्हें सेम-डे कैश मार्केट ट्रेड्स (same-day cash market trades) के लिए नेट फंड्स की अनुमति देने का प्रस्ताव है।
  • तथ्यFit and Proper Criteria: प्रस्तावित बदलाव में इंटरमीडियरीज (intermediaries) के लिए डिस्क्वालिफिकेशन के रूप में वाइंडिंग-अप प्रोसीडिंग्स (winding-up proceedings) के संदर्भ को खत्म करने का प्रस्ताव शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के लिए निपटान मानदंडों (settlement norms) में ढील देने से भारतीय पूंजी बाजारों में तरलता और परिचालन दक्षता किस प्रकार सुदृढ़ हो सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।

  • लिक्विडिटी बढ़ाना: FPIs के लिए फंडिंग लागत कम करना ताकि सेम-डे कैश मार्केट सेटलमेंट की एफिशिएंसी बेहतर हो सके
  • रेगुलेटरी ओवरसाइट: इंटरमीडियरी की ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए 'फिट एंड प्रॉपर' क्राइटेरिया को संतुलित करना और पुराने डिस्क्वालिफिकेशन को हटाना

मुख्य शब्द: कैपिटल मार्केट लिक्विडिटी · रेगुलेटरी ओवरहॉल · फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट · ऑपरेशनल एफिशिएंसी · मार्केट इंटरमीडियरीज

भारत सरकार IDBI बैंक के निजीकरण को सुविधाजनक बनाने के लिए इसके पब्लिक फ्लोट (Public Float) को बढ़ाने हेतु ऑफर फॉर सेल (OFS) विकल्प पर विचार कर सकती है

चर्चा में क्यों: भारत सरकार IDBI बैंक के निजीकरण को सुविधाजनक बनाने के लिए इसके पब्लिक फ्लोट (Public Float) को बढ़ाने हेतु ऑफर फॉर सेल (OFS) विकल्प पर विचार कर सकती है।

IDBI बैंक में वर्तमान में सार्वजनिक फ्लोट (Public Float) केवल 5.29% है, जिसमें भारत सरकार की हिस्सेदारी 45.48% और LIC की हिस्सेदारी 49.24% है। सरकार का लक्ष्य 60.72% हिस्सेदारी को विनिवेश (Divest) करना है और इसके लिए KPMG को ट्रांजैक्शन एडवाइजर (Transaction Advisor) नियुक्त किया गया है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यIDBI Bank का वर्तमान पब्लिक फ्लोट (Public Float) 5.29% है।
  • तथ्यभारत सरकार के पास IDBI Bank में 45.48% की हिस्सेदारी है।
  • तथ्यLIC के पास IDBI Bank में 49.24% की हिस्सेदारी है।
  • तथ्यKPMG को विनिवेश (disinvestment) के लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजर (Transaction Advisor) नियुक्त किया गया है।
  • तथ्यसरकार IDBI Bank में 60.72% की हिस्सेदारी बेचने (divest) की योजना बना रही है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण से जुड़ी चुनौतियों और रणनीतिक विनिवेश में 'विक्रय प्रस्ताव' (OFS) की भूमिका का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • वैल्यूएशन में बाधा: कम फ्री फ्लोट और हाई प्रमोटर कंसंट्रेशन से फेयर मार्केट वैल्यूएशन मुश्किल हो रहा है
  • रेगुलेटरी जटिलता: विनिवेश के उद्देश्य से GOI और LIC को पब्लिक शेयरहोल्डर्स के रूप में पुनर्वर्गीकृत करना
  • मार्केट लिक्विडिटी: सेकेंडरी मार्केट ट्रेडिंग और इन्वेस्टर सेंटीमेंट पर हाई-कॉन्संट्रेशन ओनरशिप का असर

मुख्य शब्द: रणनीतिक विनिवेश · बिक्री के लिए उपलब्ध · पब्लिक फ्लोट · निजीकरण · कैपिटल मार्केट्स

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स

तेलंगाना सरकार ने डेवलपर्स को अधिक लचीलापन प्रदान करने के लिए बिल्डिंग रूल्स, 2012 में संशोधन किया है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने डेवलपर्स को अधिक लचीलापन प्रदान करने के लिए बिल्डिंग रूल्स, 2012 में संशोधन किया है, जिसके तहत हाई-राइज स्ट्रक्चर्स (high-rise structures) को फिर से परिभाषित किया गया है और सेटबैक आवश्यकताओं (setback requirements) में ढील दी गई है।

तेलंगाना नगर प्रशासन और शहरी विकास (MA&UD) विभाग ने 'बिल्डिंग रूल्स, 2012' में संशोधन किया है। प्रमुख बदलावों के अंतर्गत, अब 21 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली संरचनाओं को 'हाई-राइज बिल्डिंग' (high-rise buildings) के रूप में परिभाषित किया गया है। इसके साथ ही, 750 वर्ग मीटर से 2000 वर्ग मीटर तक के भूखंडों पर स्थित 18 मीटर से 21 मीटर के बीच की इमारतों के लिए 'ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स' (Transferable Development Rights - TDR) की अनुमति दी गई है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यहाई-राइज बिल्डिंग की परिभाषा: तेलंगाना में 21 मीटर से अधिक ऊँची संरचनाएं।
  • तथ्यTDR पात्रता: 750 वर्ग मीटर से 2000 वर्ग मीटर के प्लॉट पर स्थित 18 मीटर और 21 मीटर के बीच की इमारतें।
  • संस्थाMA&UD डिपार्टमेंट: यह तेलंगाना में बिल्डिंग रूल्स, 2012 में संशोधन के लिए जिम्मेदार निकाय है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: तेलंगाना जैसे तेजी से विकसित होते राज्यों में भवन मानदंडों में ढील और टी.डी.आर. (TDR) के उपयोग से शहरी आकृति विज्ञान (अर्बन मॉर्फोलॉजी) और रियल एस्टेट की गतिशीलता पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।

  • अर्बन डेंसिटी मैनेजमेंट: इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता के साथ बढ़ा हुआ फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) संतुलित करना
  • रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: पब्लिक सेफ्टी और वेंटिलेशन पर कम सेटबैक आवश्यकताओं के जोखिम
  • आर्थिक उत्प्रेरक: शहरी आवास में निजी निवेश को तेज़ करने के लिए अप्रूवल प्रक्रिया को आसान बनाना

मुख्य शब्द: ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स · शहरी रूपरेखा · फ्लोर एरिया रेशियो · रियल एस्टेट रेगुलेशन · इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स

विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव खर्च की निगरानी के दौरान, चुनाव आयोग ने एक राज्य में ₹75.03 करोड़ मूल्य की नकदी, शराब

चर्चा में क्यों: विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव खर्च की निगरानी के दौरान, चुनाव आयोग ने एक राज्य में ₹75.03 करोड़ मूल्य की नकदी, शराब, ड्रग्स और मुफ्त उपहारों (freebies) को जब्त किया।

चुनाव आयोग ने ₹75.03 करोड़ मूल्य का माल और नकदी जब्त कर लिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने 234 विधानसभा क्षेत्रों में 136 सामान्य पर्यवेक्षकों (General Observers), 40 पुलिस पर्यवेक्षकों और 151 व्यय पर्यवेक्षकों की तैनाती की पुष्टि की है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यजब्त किए गए कैश, शराब, ड्रग्स और फ्रीबीज (freebies) का कुल मूल्य: ₹75.03 करोड़।
  • तथ्यतैनात किए गए व्यय पर्यवेक्षकों (Expenditure Observers) की संख्या: 151।
  • तथ्यनिगरानी किए गए विधानसभा क्षेत्रों (Assembly segments) की कुल संख्या: 234।
  • पदअर्चना पटनायक: चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (Chief Electoral Officer)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अवैध प्रलोभनों पर अंकुश लगाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा किए गए उपायों का विश्लेषण कीजिए।

  • संस्थागत निगरानी: रियल-टाइम कैंपेन खर्च की निगरानी में व्यय पर्यवेक्षकों की भूमिका
  • रेगुलेटरी एनफोर्समेंट: गैर-मौद्रिक फ्रीबीज़ और अवैध सामानों की पहचान और ज़ब्ती में चुनौतियां

मुख्य शब्द: चुनाव खर्च · पारदर्शिता · जवाबदेही · अवैध प्रलोभन · चुनाव की निगरानी

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स

भू-राजनीतिक तनाव और पूंजी के बहिर्गमन (Capital Outflow) के कारण भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.73 के नए निचले स्तर पर पहुंच गया

चर्चा में क्यों: भू-राजनीतिक तनाव और पूंजी के बहिर्गमन (Capital Outflow) के कारण भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.73 के नए निचले स्तर पर पहुंच गया, जिसके बाद भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने फॉरेक्स मार्केट में हस्तक्षेप किया।

ईरान युद्ध की शुरुआत के बाद से रुपया 2.5% से अधिक गिर गया है। व्यापारियों ने इस गिरावट के लिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) के निरंतर बहिर्गमन और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को जिम्मेदार ठहराया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यईरान युद्ध की शुरुआत से अब तक रुपया 2.5% से अधिक गिर गया है।
  • संस्थाभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मुद्रा की गिरावट को कम करने के लिए हस्तक्षेप किया।
  • तथ्यलक्ष्मी अय्यर (Bajaj Finserv) ने 94-95/$ के स्तरों की ओर संभावित कमजोरी (weakness) का अनुमान लगाया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय रुपये की अस्थिरता को प्रभावित करने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और बाहरी झटकों के प्रबंधन में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की हस्तक्षेप रणनीतियों की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कीजिए।

  • कैपिटल फ्लाइट: घरेलू लिक्विडिटी पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लगातार बाहर निकलने का असर
  • एक्सटर्नल शॉक वल्नरेबिलिटी: मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल अस्थिरता और कच्चे तेल से जुड़ी महंगाई के बीच संबंध
  • मौनेटरी पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: हाई ऑयल प्राइस के दौर में महंगाई लक्ष्यों के मुकाबले करेंसी स्टेबिलिटी को संतुलित करना

मुख्य शब्द: विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट · करेंसी की वैल्यू में गिरावट · भू-राजनीतिक जोखिम · मौनेटरी इंटरवेंशन · पूंजी का बाहर जाना

स्रोत: इकोनॉमिक टाइम्स ↗+1 और खबरें इस विषय पर
GS3अर्थव्यवस्था › उद्योग, निवेश एवं MSMEमेन्स

फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइन्स (FIA) और प्रमुख एयरलाइन्स (IndiGo, Air India, SpiceJet) सरकार के उस निर्देश का विरोध कर रही हैं

चर्चा में क्यों: फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइन्स (FIA) और प्रमुख एयरलाइन्स (IndiGo, Air India, SpiceJet) सरकार के उस निर्देश का विरोध कर रही हैं, जिसमें एयरलाइन्स से यह मांग की गई है कि वे कम से कम 60% सीटें मुफ्त चयन (free selection) के लिए आरक्षित करें।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइन्स (FIA) का तर्क है कि सीट चयन शुल्क राजस्व का एक वैध स्रोत है। एयरलाइन्स का दावा है कि 60% मुफ्त सीट का अनिवार्य नियम, राजस्व की भरपाई के लिए हवाई किराए में वृद्धि करने के लिए मजबूर करेगा।

प्रीलिम्स बिंदु (1)
  • तथ्यसरकारी निर्देश के अनुसार एयरलाइन्स को कम से कम 60% सीटें फ्री सिलेक्शन (free selection) के लिए आवंटित करनी होंगी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य निर्धारण और सेवा प्रतिबंधों का विमानन क्षेत्र की व्यावसायिक व्यवहार्यता पर पड़ने वाले प्रभाव और उपभोक्ता कल्याण पर इसके आगामी प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • मार्केट डिस्टॉर्शन: मार्केट-ड्रिवन प्राइसिंग मैकेनिज्म में हस्तक्षेप से यात्रियों के लिए बेस फेयर बढ़ने की संभावना
  • राजस्व की हानि: सीट सिलेक्शन फीस जैसे सहायक राजस्व स्रोतों में कमी से एयरलाइंस की मुनाफे और विस्तार पर असर
  • रेगुलेटरी ट्रेड-ऑफ: प्राइवेट एविएशन संस्थाओं की ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी और उपभोक्ता संरक्षण के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: सहायक राजस्व · मार्केट-आधारित प्राइसिंग · उपभोक्ता कल्याण · रेगुलेटरी इंटरवेंशन · व्यावसायिक व्यवहार्यता

GS3अर्थव्यवस्था › पूंजी बाज़ार एवं SEBIप्रीलिम्स

SEBI ने फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPI) नियमों के अनुपालन में विफल रहने और UK स्थित फर्मों की रेगुलेटरी स्थिति की जांच न करने के कारण जेपी मॉर्गन (JP Morgan) पर 34 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है

चर्चा में क्यों: SEBI ने फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPI) नियमों के अनुपालन में विफल रहने और UK स्थित फर्मों की रेगुलेटरी स्थिति की जांच न करने के कारण जेपी मॉर्गन (JP Morgan) पर 34 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

SEBI ने JP Morgan पर उन चार UK स्थित फर्मों को कैटेगरी II FPI लाइसेंस देने के लिए जुर्माना लगाया है, जो UK के फाइनेंशियल कंडक्ट अथॉरिटी (Financial Conduct Authority) के साथ पंजीकृत नहीं थीं। बैंक 2019 के नियमों में बदलाव के बाद रेगुलेटरी स्टेटस की पुष्टि करने में भी विफल रहा और विलय (merger) के बाद महत्वपूर्ण बदलावों की रिपोर्टिंग में देरी की।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • संस्थाSEBI: भारत का प्राथमिक securities market रेगुलेटर।
  • तथ्यJP Morgan पर कंप्लायंस फेलियर्स (compliance failures) के लिए 34 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
  • तथ्यFPI कैटेगरी में Category I और Category II लाइसेंस शामिल हैं।
  • स्थानफाइनेंशियल कंडक्ट अथॉरिटी (Financial Conduct Authority): UK की एक रेगुलेटरी बॉडी।
मेन्स के लिए

प्रश्न: विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) से उत्पन्न जोखिमों के विरुद्ध भारत के पूंजी बाजार की अखंडता बनाए रखने में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा सुदृढ़ विनियामक निरीक्षण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।

  • रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: ऑफशोर संस्थाओं के ज़रिए घरेलू नियमों को दरकिनार करने वाले फर्मों के जोखिम
  • सूचना की असमानता: मार्केट ट्रांसपेरेंसी को प्रभावित करने वाले मटेरियल बदलावों की रिपोर्टिंग में देरी
  • एन्फोर्समेंट की प्रभावशीलता: ग्लोबल बैंकिंग में निवेशक कॉन्फिडेंस के साथ दंडात्मक उपायों का संतुलन

मुख्य शब्द: रेगुलेटरी कंप्लायंस · विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट · मार्केट इंटीग्रिटी · सिक्योरिटीज रेगुलेशन · पारदर्शिता

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटन क्षेत्र के लिए ₹3,000 करोड़ के निवेश की योजना की घोषणा की और 2025-26 के लिए राज्य की अनुमानित 8.3% आर्थिक वृद्धि पर प्रकाश डाला

चर्चा में क्यों: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटन क्षेत्र के लिए ₹3,000 करोड़ के निवेश की योजना की घोषणा की और 2025-26 के लिए राज्य की अनुमानित 8.3% आर्थिक वृद्धि पर प्रकाश डाला।

हिमाचल प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) के अनुसार, वर्ष 2025-26 के लिए 8.3% की आर्थिक वृद्धि और प्रति व्यक्ति आय में 9.8% की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में हरोली में बल्क ड्रग पार्क और कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • तथ्यहिमाचल प्रदेश के लिए 2025-26 का अनुमानित आर्थिक विकास (projected economic growth): 8.3%।
  • तथ्यहिमाचल प्रदेश के लिए 2025-26 के लिए अनुमानित प्रति व्यक्ति आय में 9.8% की वृद्धि का अनुमान है।
  • स्थानBulk Drug Park का स्थान: हरोली, हिमाचल प्रदेश।
  • तथ्यहिमाचल प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र में नियोजित निवेश: ₹3,000 करोड़।
  • स्थानकांगड़ा एयरपोर्ट: पर्यटन और ग्रीन इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए विस्तार की योजना।
मेन्स के लिए

प्रश्न: हिमाचल प्रदेश जैसे हिमालयी राज्यों की आर्थिक वृद्धि को गति देने में बुनियादी ढांचा विकास और पर्यटन संवर्धन की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • लॉजिस्टिक सिनर्जी: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को टूरिज्म से जोड़ना
  • औद्योगिक विविधीकरण: बल्क ड्रग पार्क्स जैसे भारी औद्योगिक हब और पारिस्थितिक संरक्षण के बीच संतुलन
  • राजकोषीय रणनीति: प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि के लिए राज्य-आधारित निवेश का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: इकोनॉमिक सर्वे · प्रति व्यक्ति आय · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · पर्यटन को बढ़ावा देना · इंडस्ट्रियल क्लीयरेंस

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स

तेलंगाना सरकार ने अपना 2026-27 का बजट पेश किया है, जिसमें बढ़ती मांग के बावजूद ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹21,285 करोड़ का आवंटन बरकरार रखा गया है

चर्चा में क्यों: तेलंगाना सरकार ने अपना 2026-27 का बजट पेश किया है, जिसमें बढ़ती मांग के बावजूद ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹21,285 करोड़ का आवंटन बरकरार रखा गया है।

तेलंगाना सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹21,285 करोड़ का आवंटन किया है। इसमें मुख्य निवेश पंपड स्टोरेज हाइड्रोपावर प्लांट (Pumped Storage Hydel Power Plants), बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और जनजातीय किसानों के लिए सोलर पंप-सेट पर किए जाएंगे।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यतेलंगाना के ऊर्जा क्षेत्र के लिए 2026-27 का बजट आवंटन ₹21,285 करोड़ है।
  • योजनाइन्दिरा सौरा गिरी जल विकास योजना (Indira Soura Giri Jala Vikasam scheme) जनजातीय किसानों के लिए सोलर पंप-सेट प्रदान करती है।
  • विज्ञान-तकनीकबजट में पंपड स्टोरेज हाइड्रोपावर प्लांट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम में निवेश शामिल है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: किसी राज्य के राजकोषीय बजट में औद्योगिक ऊर्जा मांगों और कृषि सब्सिडी के बीच संतुलन स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।

  • राजकोषीय बाधा: उच्च-विकास वाली औद्योगिक ऊर्जा जरूरतों और सब्सिडी वाली कृषि बिजली जरूरतों के बीच संतुलन
  • इंफ्रास्ट्रक्चर गैप: ग्रिड को स्थिर करने के लिए पम्प्ड हाइड्रो और बैटरी सिस्टम जैसे रिन्यूएबल स्टोरेज की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: राजकोषीय आवंटन · नवीकरणीय ऊर्जा · कृषि सब्सिडी · ऊर्जा सुरक्षा · पंपड स्टोरेज

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)मेन्स

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने अक्षय ऊर्जा क्षेत्र को नियंत्रित करने के लिए बिजली अधिनियम, 2003 (Electricity Act

चर्चा में क्यों: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने अक्षय ऊर्जा क्षेत्र को नियंत्रित करने के लिए बिजली अधिनियम, 2003 (Electricity Act, 2003) के तहत विस्तारित अधिकार देने के लिए भारतीय संसद की समिति से अनुरोध किया है।

MNRE बिजली अधिनियम, 2003 (Electricity Act, 2003) के तहत 'केंद्र सरकार' के रूप में मान्यता प्राप्त करना चाहता है, ताकि वह बिजली बाजारों, टैरिफ निर्धारण और नवीकरणीय खरीद दायित्वों (Renewable Purchase Obligations) की निगरानी कर सके। इस प्रस्ताव का उद्देश्य MNRE और विद्युत मंत्रालय (Ministry of Power) के बीच वर्तमान निगरानी विभाजन को सुव्यवस्थित करना है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यMNRE का लक्ष्य: 2030 तक 500 GW की नॉन-फॉसिल (non-fossil) क्षमता।
  • अधिनियम / विधेयकElectricity Act, 2003: ग्रिड-कनेक्टेड रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) को नियंत्रित करने वाला वर्तमान कानून।
  • संस्थाMNRE: मंत्रालय ने बड़े हाइड्रोपावर और अन्य रिन्यूएबल्स (renewables) पर विस्तारित प्रशासनिक निगरानी की मांग की है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के 2030 के गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र हेतु एक एकीकृत प्रशासनिक ढांचे की संस्थागत आवश्यकता का विश्लेषण कीजिए।

  • संस्थागत टकराव: MNRE और बिजली मंत्रालय के बीच ओवरलैपिंग अधिकार नीतिगत तालमेल को प्रभावित कर रहे हैं
  • रेगुलेटरी स्ट्रीमलाइनिंग: मार्केट स्टेबिलिटी सुनिश्चित करने के लिए सेंट्रलाइज्ड टैरिफ निर्धारण और रिन्यूएबल परचेज ऑब्लिगेशंस
  • पॉलिसी इंटीग्रेशन: एक एकीकृत रिन्यूएबल एडमिनिस्ट्रेटिव स्ट्रक्चर के तहत बड़े हाइड्रोपावर को शामिल करना

मुख्य शब्द: संस्थागत निगरानी · रिन्यूएबल परचेज ऑब्लिगेशंस · नीतिगत सामंजस्य · गैर-जीवाश्म क्षमता · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

GS3अर्थव्यवस्था › राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST)प्रीलिम्स

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होने वाले नए इनकम टैक्स नियमों की घोषणा की है

चर्चा में क्यों: सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होने वाले नए इनकम टैक्स नियमों की घोषणा की है, जिसके तहत हैदराबाद और अन्य निर्धारित शहरी समूहों (Urban Agglomerations) में वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए HRA छूट को बढ़ाकर 50% कर दिया गया है।

CBDT के नियमों के अनुसार, हैदराबाद और कुछ विशिष्ट शहरी समूहों (urban agglomerations) के लिए HRA छूट को 40% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया है। यदि किराया ₹1,00,000 से अधिक है, तो करदाताओं को मकान मालिक का विवरण देना अनिवार्य है। HRA की गणना निम्नलिखित में से जो भी न्यूनतम हो, उसके आधार पर की जाएगी: नियोक्ता द्वारा प्रदान किया गया HRA, वास्तविक किराया घटा 10% वेतन, या मेट्रो शहरों के लिए मूल वेतन (basic salary) का 50%।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यहैदराबाद और निर्धारित अर्बन एग्लोमरेशन (urban agglomerations) के लिए HRA छूट को 40% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया है।
  • तथ्ययदि किराया ₹1,00,000 से अधिक है, तो टैक्सपेयर्स के लिए लैंडलॉर्ड की जानकारी देना अनिवार्य है।
  • संस्थासेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) वह संस्था है जो इन नियमों को जारी करने के लिए जिम्मेदार है।
  • तथ्यHRA कैलकुलेशन फैक्टर्स में वास्तविक किराया (actual rent) में से सैलरी का 10% घटाकर निकाला जाता है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मकान किराया भत्ता (HRA) छूट के संशोधन और अधिक कठोर रिपोर्टिंग आवश्यकताओं के माध्यम से कर राजस्व संग्रहण और कर्मचारी कल्याण के बीच संतुलन की प्रक्रिया का विश्लेषण कीजिए।

  • अनुपालन का बोझ: मकान मालिक के विवरण की मांग से अनौपचारिक रेंटल मार्केट के लिए मुश्किलें पैदा हो सकती हैं
  • राजकोषीय नीति: शहरी निवासियों के लिए टैक्स छूट और प्रत्यक्ष टैक्स राजस्व बढ़ाने की ज़रूरत के बीच संतुलन

मुख्य शब्द: टैक्स छूट · राजकोषीय नीति · अनुपालन · डायरेक्ट टैक्स · अर्बन एग्लॉमरेशन

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगमेन्स

कोटक सिक्योरिटीज के अनिद्य बनर्जी ने रेखांकित किया कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और FPI के बड़े पैमाने पर बाहर निकलने (outflows) के कारण भारतीय रुपये में कमजोरी आ रही है

चर्चा में क्यों: कोटक सिक्योरिटीज के अनिद्य बनर्जी ने रेखांकित किया कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और FPI के बड़े पैमाने पर बाहर निकलने (outflows) के कारण भारतीय रुपये में कमजोरी आ रही है।

तीन सप्ताह की अवधि में FPI आउटफ्लो के माध्यम से भारतीय बाजारों से लगभग $10 बिलियन बाहर निकल गए। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मुद्रा की अस्थिरता को कम करने के लिए हस्तक्षेप कर रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यFPI आउटफ्लो: तीन सप्ताह की अवधि में भारतीय बाजारों से लगभग $10 बिलियन बाहर निकल गए।
  • संस्थाRBI: करेंसी की अस्थिरता (volatility) को कम करने के लिए हस्तक्षेप करने वाली सेंट्रल बैंक।
  • तथ्यरुपये की कमजोरी के मुख्य कारण: कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और लगातार हो रहा विदेशी निवेश का बहिर्गमन (foreign outflows)।
मेन्स के लिए

प्रश्न: कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और पूंजी के बहिर्वाह (capital flight) का भारत की मौद्रिक नीति और भारतीय रुपये की स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • मौनेटरी पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: तेल आयात से महंगाई नियंत्रण और करेंसी की गिरावट के बीच संतुलन
  • कैपिटल फ्लाइट डायनेमिक्स: घरेलू लिक्विडिटी और एक्सचेंज रेट स्टेबिलिटी पर FPI आउटफ्लो का असर
  • स्ट्रक्चरल बनाम वोलाटिलिटी: क्या रुपये की गिरावट अस्थायी घबराहट है या लंबे समय के स्ट्रक्चरल बदलाव?

मुख्य शब्द: पूंजी का पलायन · मौनेटरी पॉलिसी · एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव · करेंट अकाउंट की गतिशीलता · FPI आउटफ्लो

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स

मूडिस रेटिंग्स (Moody's Ratings) ने चेतावनी दी है कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता संघर्ष भारत के लिए मुद्रा के मूल्य में गिरावट

चर्चा में क्यों: मूडिस रेटिंग्स (Moody's Ratings) ने चेतावनी दी है कि ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता संघर्ष भारत के लिए मुद्रा के मूल्य में गिरावट, अधिक महंगाई और चालू खाता घाटा (current account deficit) बढ़ने का कारण बन सकता है।

बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण मार्च 2026 में बजाज फाइनेंस के शेयरों में 18% की गिरावट दर्ज की गई। मूडीज रेटिंग्स (Moody's Ratings) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को संभावित आपूर्ति व्यवधान और तेल की कीमतों में उछाल के लिए एक महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में रेखांकित किया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यमार्च 2026 के महीने में बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) के शेयरों में 18% की गिरावट आई।
  • स्थानहोर्मुज जलडमरूमध्य: एक प्रमुख समुद्री मार्ग जिसे मूडीज़ (Moody's) द्वारा आपूर्ति में व्यवधान के जोखिम के रूप में उद्धृत किया गया है।
  • संस्थामूडीज़ रेटिंग्स (Moody's Ratings): मध्य पूर्व संघर्ष के भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में चेतावनी जारी की।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक संघर्षों के संदर्भ में भारत की अर्थव्यवस्था की संवेदनशीलता का ऊर्जा सुरक्षा और बाह्य व्यापार संतुलन के विशेष संदर्भ में विश्लेषण कीजिए।

  • बाहरी व्यापार में तनाव: मध्य पूर्वी तेल पर भारी आयात निर्भरता से करंट अकाउंट डेफिसिट बढ़ रहा है
  • मौनेटरी दबाव: करेंसी की गिरावट और ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावट से महंगाई का खतरा
  • होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा चिंताओं के कारण फाइनेंशियल सर्विसेज में मार्केट वोलाटिलिटी और जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम

मुख्य शब्द: चालू खाता घाटा · आयातित महंगाई · ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक जोखिम · सप्लाई चेन में रुकावट

GS3अर्थव्यवस्था › बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDIमेन्स

ईरान में चल रहा संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असमान प्रभाव डाल रहा है, जिससे पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं पर ऊर्जा की उच्च लागत का असर पड़ रहा है

चर्चा में क्यों: ईरान में चल रहा संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असमान प्रभाव डाल रहा है, जिससे पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं पर ऊर्जा की उच्च लागत का असर पड़ रहा है, जबकि भारत और चीन इस स्थिति का लाभ रूसी तेल सुरक्षित करने के लिए उठा रहे हैं।

बढ़ती तेल कीमतों के कारण नॉर्वे, कनाडा और रूस को विजेता के रूप में पहचाना गया है। इसके विपरीत, अमेरिका, यूके और यूरोप को उच्च ऊर्जा लागत और महंगाई से नुकसान झेलना पड़ रहा है। दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, बांग्लादेश और फिलीपींस में ईंधन की राशनिंग और स्कूलों के बंद होने की खबरें आ रही हैं।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यइरान युद्ध के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से नॉर्वे, कनाडा और रूस को फायदा हो रहा है।
  • तथ्यदक्षिण कोरिया, श्रीलंका, बांग्लादेश और फिलीपींस में ईंधन की राशनिंग (fuel rationing) और स्कूलों को बंद किया जा रहा है।
  • तथ्यमिडल ईस्ट में व्यवधानों के बीच भारत और चीन, रूस से तेल की बढ़ी हुई आपूर्ति सुरक्षित कर रहे हैं।
मेन्स के लिए

प्रश्न: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक संघर्षों का वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और प्रमुख एवं उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार गतिशीलता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

  • एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव: मध्य पूर्वी तेल पर भारी आयात निर्भरता पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई बढ़ा रही है
  • स्ट्रेटेजिक प्रोक्योरमेंट: भारत और चीन रियायती रूसी एनर्जी सप्लाई हासिल करने के लिए जियोपॉलिटिकल बदलावों का फायदा उठा रहे हैं
  • आर्थिक असमानता: विकासशील देशों को ईंधन राशनिंग और स्कूल बंद होने जैसी गंभीर घरेलू मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · भू-राजनीतिक जोखिम · व्यापार की गतिशीलता · महंगाई का दबाव · सप्लाई चेन में रुकावट

GS3अर्थव्यवस्था › मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंगप्रीलिम्स

भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये में आ रही गिरावट को देखते हुए

चर्चा में क्यों: भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये में आ रही गिरावट को देखते हुए, यह उम्मीद की जा रही है कि RBI विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप जारी रखेगा ताकि रुपये को मजबूती प्रदान की जा सके।

RBI ने मार्च 2026 के दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में 15 बिलियन डॉलर से अधिक की बिक्री की है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि यदि हस्तक्षेप (intervention) कम होता है, तो रुपया 92.50 प्रति डॉलर के करीब बंद हो सकता है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यRBI ने मार्च 2026 में forex मार्केट में $15 बिलियन से अधिक की बिक्री की।
  • तथ्यअनुमानित रुपया क्लोजिंग प्राइस: 92.50 प्रति डॉलर।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और वस्तु कीमतों के झटकों के बीच विनिमय दर की अस्थिरता के प्रबंधन में भारतीय रिज़र्व बैंक की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • मौनेटरी पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: महंगाई नियंत्रण और करेंसी की स्थिरता बनाए रखने की ज़रूरत के बीच संतुलन
  • एक्सटर्नल शॉक्स: वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और जियोपॉलिटिकल अस्थिरता के प्रति भारतीय रुपये की संवेदनशीलता

मुख्य शब्द: एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव · फॉरेक्स इंटरवेंशन · मौनेटरी पॉलिसी · भू-राजनीतिक जोखिम · करेंसी की वैल्यू में गिरावट

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासप्रीलिम्स + मेन्स

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025' के लिए फंड आवंटित कर दिया है

चर्चा में क्यों: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025' के लिए फंड आवंटित कर दिया है।

केंद्रीय बजट में इस मिशन के केंद्र के हिस्से के लिए ₹95,652 करोड़ आवंटित किए गए हैं। जहाँ 27 राज्य प्रावधान कर रहे हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री ने 24 राज्यों के लिए कुल ₹31,000 करोड़ से अधिक के आवंटन की घोषणा की।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यमिशन के लिए केंद्र के हिस्से का यूनियन बजट आवंटन: ₹95,652 करोड़।
  • तथ्यइस मिशन के लिए 24 राज्यों/UTs द्वारा आवंटित कुल फंड: ₹31,000 करोड़ से अधिक।
  • योजनाविकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025।
  • पदशिवराज सिंह चौहान: केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में समावेशी विकास और ग्रामीण रोजगार प्राप्त करने में 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' के महत्व पर चर्चा कीजिए।

  • राजकोषीय संघवाद: राज्यों के लिए फंडिंग के मानक आवंटन फॉर्मूले तय करने में जटिलता
  • रोज़गार सृजन: स्ट्रक्चर्ड गारंटी-आधारित योजनाओं के ज़रिए ग्रामीण अंडरएम्प्लॉयमेंट को दूर करना
  • संस्थागत समन्वय: ग्रामीण आजीविका मिशनों के लिए केंद्र-राज्य वित्तीय प्रतिबद्धताओं को जोड़ना

मुख्य शब्द: ग्रामीण रोजगार · राजकोषीय संघवाद · समावेशी विकास · मानक आवंटन · आजीविका मिशन

GS3अर्थव्यवस्था › पूंजी बाज़ार एवं SEBIप्रीलिम्स

SBI म्यूचुअल फंड ने ओपन ऑफर सेल (OFS) के जरिए मौजूदा शेयरधारकों को लिक्विडिटी (तरलता) प्रदान करने के लिए एक इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) हेतु ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है

चर्चा में क्यों: SBI म्यूचुअल फंड ने ओपन ऑफर सेल (OFS) के जरिए मौजूदा शेयरधारकों को लिक्विडिटी (तरलता) प्रदान करने के लिए एक इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) हेतु ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया है।

SBI म्यूचुअल फंड ने दिसंबर 2025 समाप्त होने वाले नौ महीनों के लिए 3,251 करोड़ रुपये का राजस्व और 2,433 करोड़ रुपये का टैक्स के बाद लाभ (profit after tax) दर्ज किया है। इस IPO में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अमुंडी इंडिया होल्डिंग द्वारा आयोजित ओपन ऑफर सेल (OFS) शामिल है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • तथ्यSBI Mutual Fund का रेवेन्यू: 3,251 करोड़ रुपये (दिसंबर 2025 को समाप्त होने वाले नौ महीनों में)।
  • तथ्यSBI Mutual Fund का टैक्स के बाद मुनाफा (profit after tax): 2,433 करोड़ रुपये (दिसंबर 2025 को समाप्त होने वाले नौ महीनों में)।
  • संस्थाAmundi India Holding, SBI Mutual Fund के शेयरों के लिए Open Offer Sale (OFS) में एक पार्टनर है।
  • तथ्यIPO को मौजूदा शेयरधारकों को लिक्विडिटी (liquidity) प्रदान करने के लिए एक Open Offer Sale (OFS) के रूप में स्ट्रक्चर किया गया है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत के विकसित होते वित्तीय परिदृश्य में घरेलू बचत को जुटाने और पूंजी बाजार की गहराई को बढ़ावा देने में म्यूचुअल फंड की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

  • मार्केट कंसंट्रेशन: बड़े एसेट मैनेजर्स का दबदबा रिटेल इन्वेस्टर के चुनाव को प्रभावित कर रहा है
  • लिक्विडिटी डायनेमिक्स: शेयरहोल्डर इक्विटी और मार्केट स्टेबिलिटी पर ओपन ऑफर सेल्स का असर

मुख्य शब्द: पूंजी निर्माण · लिक्विडिटी प्रोविजन · एसेट मैनेजमेंट · मार्केट डेप्थ · संस्थागत निवेश

GS3अर्थव्यवस्था › विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतकप्रीलिम्स + मेन्स

ईरान संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के कारण भारत में खाना पकाने वाली गैस की भारी कमी और कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है

चर्चा में क्यों: ईरान संघर्ष के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के कारण भारत में खाना पकाने वाली गैस की भारी कमी और कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से LPG की आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है, जिसके कारण रेस्तरां और टाइल निर्माण क्षेत्रों में व्यापार बंद हो गया है। हालांकि भारत के पास रणनीतिक कच्चे तेल के भंडार (strategic crude reserves) मौजूद हैं, लेकिन LPG के लिए उसके बराबर का बफर स्टॉक नहीं है। इस कारण LPG ट्रकों की चोरी में वृद्धि हुई है और इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की मांग में भारी उछाल आया है।

प्रीलिम्स बिंदु (3)
  • तथ्यहोर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री चोकपॉइंट (chokepoint)।
  • तथ्यLPG: Liquefied Petroleum Gas, वर्तमान में भारत में सप्लाई चेन (supply chain) में रुकावटों का सामना कर रही है।
  • तथ्यस्ट्रैटेजिक क्रूड रिज़र्व (Strategic Crude Reserves): भारत इन्हें बनाए रखता है, लेकिन LPG के लिए इसके बराबर का बफर स्टॉक नहीं है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा में निहित कमजोरियों का परीक्षण कीजिए और एलपीजी जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों के लिए आपूर्ति श्रृंखला के विविधीकरण हेतु आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।

  • सप्लाई चेन की कमजोरी: ऊर्जा आयात के लिए खास समुद्री चोकपॉइंट्स पर भारी निर्भरता
  • बफर की कमी: कच्चे तेल की तुलना में रणनीतिक LPG भंडार का अभाव
  • आर्थिक असर: ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव का MSMEs और खाद्य सुरक्षा पर प्रभाव

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · सप्लाई चेन रेज़िलिएंस · रणनीतिक रिजर्व · मैरीटाइम चोकपॉइंट्स · आर्थिक भेद्यता

GS3अर्थव्यवस्था › रोज़गार एवं समावेशी विकासमेन्स

एक रिपोर्ट में भारत के युवाओं के उच्च शिक्षा स्तर और असंतुलित श्रम बाजार (Labor Market) के कारण वेतनभोगी नौकरियां पाने में उनकी असमर्थता के बीच बढ़ते अंतर को रेखांकित किया गया है

चर्चा में क्यों: एक रिपोर्ट में भारत के युवाओं के उच्च शिक्षा स्तर और असंतुलित श्रम बाजार (Labor Market) के कारण वेतनभोगी नौकरियां पाने में उनकी असमर्थता के बीच बढ़ते अंतर को रेखांकित किया गया है।

भारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि हालांकि शिक्षा तक पहुंच और नामांकन में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है, लेकिन स्नातकों को अपने द्वारा सीखे गए कौशल और उपलब्ध नौकरी के अवसरों के बीच तालमेल की कमी (mismatch) का सामना करना पड़ रहा है।

प्रीलिम्स बिंदु (2)
  • तथ्यभारत में दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है।
  • तथ्यवर्तमान आर्थिक विकास मॉडल स्किल-इंटेंसिव सेवाओं (skill-intensive services) पर केंद्रित है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: वर्तमान सेवा-प्रधान आर्थिक मॉडल के संदर्भ में, भारत के युवाओं के बीच शैक्षिक उपलब्धि और रोजगार क्षमता के बीच मौजूद विसंगति के पीछे के संरचनात्मक कारणों का विश्लेषण कीजिए।

  • स्किल-मिसमैच: एकेडमिक करिकुलम और इंडस्ट्री की तकनीकी जरूरतों के बीच अंतर
  • संरचनात्मक असंतुलन: विकास मॉडल श्रम-प्रधान मैन्युफैक्चरिंग के बजाय हाई-एंड सर्विसेज को बढ़ावा देता है
  • लेबर मार्केट फ्रिक्शन: शिक्षा से फॉर्मल सैलरीड एम्प्लॉयमेंट में जाने में आने वाली कठिनाई

मुख्य शब्द: स्ट्रक्चरल अनएम्प्लॉयमेंट · स्किल-मिसमैच · लेबर मार्केट की गतिशीलता · मानव पूंजी · सेवा-आधारित विकास

GS3अर्थव्यवस्था › बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे)प्रीलिम्स + मेन्स

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट ने भारत की 1960 के दशक की उन कोयला गैसीफिकेशन (Coal Gasification) योजनाओं पर दोबारा गौर करने के लिए प्रेरित किया है जिन्हें छोड़ दिया गया था, साथ ही वर्तमान नेशनल कोल गैसीफिकेशन मिशन (National Coal Gasification Mission) पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है

चर्चा में क्यों: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट ने भारत की 1960 के दशक की उन कोयला गैसीफिकेशन (Coal Gasification) योजनाओं पर दोबारा गौर करने के लिए प्रेरित किया है जिन्हें छोड़ दिया गया था, साथ ही वर्तमान नेशनल कोल गैसीफिकेशन मिशन (National Coal Gasification Mission) पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है।

नेशनल कोल गैसिफिकेशन मिशन (National Coal Gasification Mission) की शुरुआत 2021 में 2030 तक 100 मिलियन टन कोयले को गैसीफाई करने के लक्ष्य के साथ की गई थी। इस मिशन के तहत प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए 85,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना है।

प्रीलिम्स बिंदु (4)
  • योजनानेशनल कोल गैसीफिकेशन मिशन (National Coal Gasification Mission): प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम करने के लिए 2021 में लॉन्च किया गया।
  • तथ्यलक्ष्य: 2030 तक 100 मिलियन टन कोयले को गसीफाई (Gasify) करना।
  • तथ्यनिवेश: कोल गैसिफिकेशन मिशन (Coal Gasification Mission) के लिए 85,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • पदसैयद हुसैन ज़हीर: RRLH के डायरेक्टर के रूप में 1960 के दशक में कोयला गैसीफिकेशन (coal gasification) योजना का प्रस्ताव दिया।
मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत की ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा मिश्रण की ओर संक्रमण में कोयला गैसीकरण किस प्रकार एक रणनीतिक उपकरण के रूप में कार्य कर सकता है, इसका समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

  • एनर्जी सिक्योरिटी: भू-राजनीतिक संघर्षों के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में होने वाली रुकावटों से संवेदनशीलता कम करना
  • तकनीकी बदलाव: घरेलू कोयला भंडार के इस्तेमाल और डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों के बीच संतुलन
  • राजकोषीय आवंटन: लंबी अवधि के इंफ्रास्ट्रक्चर लाभ के मुकाबले 85,000 करोड़ रुपये के निवेश की व्यवहार्यता का आकलन

मुख्य शब्द: ऊर्जा सुरक्षा · कोल गैसीफिकेशन · आयात प्रतिस्थापन · डीकार्बोनाइजेशन · रणनीतिक स्वायत्तता

केंद्रीय कैबिनेट ने विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने के लिए 100 प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने हेतु भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) को मंजूरी दी है

चर्चा में क्यों: केंद्रीय कैबिनेट ने विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने के लिए 100 प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने हेतु भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) को मंजूरी दी है।

BHAVYA योजना के तहत 100 औद्योगिक पार्कों के लिए ₹33,660 करोड़ का परिव्यय (outlay) निर्धारित किया गया है। यह योजना 100 से 1,000 एकड़ के बीच के आकार वाले पार्कों के लिए प्रति एकड़ ₹1 करोड़ तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है।

प्रीलिम्स बिंदु (5)
  • योजनाBHAVYA: भारत औद्योगिक विकास योजना।
  • तथ्यBHAVYA स्कीम के लिए कुल परिव्यय ₹33,660 करोड़ है।
  • तथ्यलक्ष्य 100 प्लग-एंड-प्ले (plug-and-play) इंडस्ट्रियल पार्क्स विकसित करना है।
  • तथ्यवित्तीय सहायता प्रति एकड़ ₹1 करोड़ तक प्रदान की जाती है।
  • तथ्यलक्षित रोजगार सृजन का लक्ष्य लगभग 15 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां है।
मेन्स के लिए

प्रश्न: प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्कों का विकास किस प्रकार भारत की विनिर्माण क्षमताओं को गति दे सकता है और बड़े पैमाने पर रोजगार की चुनौतियों का समाधान कर सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।

  • इंफ्रास्ट्रक्चर बॉटलनैक: रेडी-टू-यूज़ इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए MSMEs के जेस्टेशन पीरियड को कम करना
  • एम्प्लॉयमेंट मल्टीप्लायर: इंडस्ट्रियल पार्क विकास को सीधे नौकरी सृजन और स्थानीय कौशल विकास से जोड़ना
  • राजकोषीय दक्षता: मैन्युफैक्चरिंग में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए प्रति-एकड़ वित्तीय सहायता का लाभ उठाना

मुख्य शब्द: प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर · मैन्युफैक्चरिंग क्षमता · नौकरी सृजन · औद्योगिक विकास · पूंजीगत परिव्यय

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