यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,293 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (510) · उद्योग, निवेश एवं MSME (467) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (296) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (295) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (277) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (189) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (142) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (117)
चर्चा में क्यों: OpenAI द्वारा एंटरप्राइज AI इंटीग्रेशन के लिए एक सहायक कंपनी (subsidiary) स्थापित करने की घोषणा से भारतीय IT सेवा प्रदाताओं के रेवेन्यू मॉडल में बदलाव आने की संभावना है।
भारतीय IT कंपनियों के P/E रेशियो (Price-to-Earnings ratio) 2008-09 के वित्तीय संकट के समान निचले स्तर की ओर बढ़ रहे हैं। OpenAI की नई सहायक कंपनी का लक्ष्य एंटरप्राइज प्रोसेस मैनेजमेंट (enterprise process management) है, जो भारतीय IT कंपनियों के पारंपरिक हेडकाउंट-आधारित निष्पादन मॉडल (headcount-based execution model) को चुनौती देती है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यभारतीय IT कंपनियों के P/E ratios 2008-09 के फाइनेंशियल क्राइसिस (financial crisis) के दौरान देखे गए स्तरों के करीब पहुंच रहे हैं।
विज्ञान-तकनीकOpenAI एंटरप्राइज AI इंटीग्रेशन के लिए विशेष रूप से एक सब्सिडियरी (subsidiary) स्थापित कर रहा है।
तथ्यIT सेक्टर में हालिया स्टॉक बुयानसी (stock buoyancy) का कारण रुपये की कमजोरी को माना जा रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय आईटी सेवा उद्योग के पारंपरिक श्रम-प्रधान व्यावसायिक मॉडल पर जनरेटिव एआई (Generative AI) और स्वचालित उद्यम प्रक्रिया प्रबंधन (Automated Enterprise Process Management) के प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
बिजनेस मॉडल में बदलाव: हेडकाउंट-आधारित बिलिंग से वैल्यू-आधारित AI इंटीग्रेशन सेवाओं की ओर बदलाव
वैल्यूएशन में उतार-चढ़ाव: ग्लोबल AI डिसरप्शन और घरेलू IT सेक्टर के P/E रेशियो के बीच संबंध
करेंसी डायनेमिक्स: शॉर्ट-टर्म स्टॉक उछाल बनाम लॉन्ग-टर्म AI व्यवधान पर रुपये की गिरावट का असर
मुख्य शब्द: जेनरेटिव AI · एंटरप्राइज इंटीग्रेशन · पी/ई रेशियो · श्रम-प्रधान मॉडल · राजस्व क्षमता
चर्चा में क्यों: हरियाणा कैबिनेट ने ₹5 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने के लिए 'मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2026' को मंजूरी दी और एग्रीगेटर फ्लीट (aggregator fleets) के लिए स्वच्छ ईंधन अनिवार्य करने हेतु हरियाणा मोटर व्हीकल्स रूल्स के तहत नए नियम पारित किए।
यह नीति ₹5 लाख करोड़ के निवेश और 10 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखती है। नए नियमों के अनुसार, NCR क्षेत्रों में एग्रीगेटर फ्लीट (aggregator fleets) में जोड़े जाने वाले सभी वाहनों को 1 जनवरी, 2026 तक CNG या इलेक्ट्रिक/बैटरी से चलने वाले विकल्पों पर आधारित होना अनिवार्य है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यMake in Haryana Industrial Policy 2026 में ₹5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
तथ्यइस पॉलिसी का लक्ष्य 10 लाख नौकरियां पैदा करना और एक्सपोर्ट्स (exports) को बढ़ावा देना है।
तथ्यNCR में एग्रीगेटर fleet वाहनों को 1 जनवरी, 2026 तक CNG या इलेक्ट्रिक/बैटरी-ऑपरेटेड विकल्पों पर चलना अनिवार्य होगा।
संस्थाहरियाणा मोटर व्हीकल रूल्स (Haryana Motor Vehicles Rules) एग्रीगेटर लाइसेंसिंग और फ्यूल मैंडेट्स (fuel mandates) को नियंत्रित करते हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में राज्य-संचालित औद्योगिक नीतियों और पर्यावरणीय नियमों के माध्यम से आर्थिक विकास और सतत शहरी गतिशीलता को एक साथ कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है, इस पर चर्चा कीजिए।
इंसेंटिव स्ट्रक्चर: औद्योगिक विकास के लिए कैपिटल सब्सिडी और कड़े पर्यावरण अनुपालन खर्चों के बीच संतुलन
रेगुलेटरी एनफोर्समेंट: NCR में प्राइवेट एग्रीगेटर फ्लीट्स के लिए ईंधन अनुपालन की निगरानी में चुनौतियां
नौकरी सृजन: पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग से हाई-टेक R&D-सपोर्टेड इंडस्ट्रियल हब्स की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: कैपिटल सब्सिडी · सस्टेनेबल मोबिलिटी · औद्योगिक नीति · एग्रीगेटर लाइसेंसिंग · निवेश-आधारित विकास
चर्चा में क्यों: अमेरिकी रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात से जुड़े प्रतिबंधों पर अस्थायी छूट का प्रस्ताव दिया है, जिसके बाद GIFT Nifty में लगभग 1% की वृद्धि हुई।
अमेरिका ने वैश्विक आपूर्ति बढ़ाने और कच्चे तेल की कीमतों के दबाव को कम करने के लिए ईरानी तेल निर्यात पर प्रतिबंधों में अस्थायी छूट (waiver) का प्रस्ताव दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश का ध्यान वर्तमान संघर्ष को समाप्त करने पर केंद्रित है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यअमेरिका ने विशेष रूप से ईरानी तेल निर्यात से संबंधित प्रतिबंधों पर अस्थायी छूट (waiver) का प्रस्ताव दिया।
तथ्यईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि देश का ध्यान चल रहे संघर्ष को समाप्त करने पर है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक प्रतिबंधों का भारत जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के राजकोषीय स्वास्थ्य और महंगाई प्रबंधन पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
बाहरी झटके की संवेदनशीलता: कच्चे तेल पर भारी आयात निर्भरता मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक बदलावों के प्रति संवेदनशील बनाती है
मौनेटरी पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: अस्थिर ऊर्जा लागत के बीच महंगाई नियंत्रण और औद्योगिक विकास की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: भू-राजनीतिक जोखिम · क्रूड ऑयल में उतार-चढ़ाव · उभरते बाजार · प्रतिबंधों से छूट · रिस्क एपेटाइट
चर्चा में क्यों: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने निवेशकों के लिए भौतिक सोने के स्वामित्व का डिजिटल प्रतिनिधित्व प्रदान करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (Electronic Gold Receipts - EGRs) लॉन्च किए हैं।
EGRs, SEBI द्वारा विनियमित वॉल्ट्स (vaults) में जमा सोने द्वारा समर्थित, भौतिक सोने के स्वामित्व का डिजिटल प्रतिनिधित्व हैं। इस प्रणाली का उद्देश्य निवेश के लचीले आकार के साथ-साथ चोरी, भंडारण और शुद्धता जैसी पारंपरिक चिंताओं को दूर करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाNSE: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया।
संस्थाSEBI: Securities and Exchange Board of India (बाजारों को रेगुलेट करता है)।
तथ्यEGRs: फिजिकल गोल्ड ओनरशिप का डिजिटल रिप्रेजेंटेशन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGRs) की शुरुआत किस प्रकार भारत के स्वर्ण बाजार को औपचारिक रूप दे सकती है और पूंजी बाजारों में वित्तीय समावेशन को बढ़ा सकती है, इस पर चर्चा कीजिए।
लिक्विडिटी और व्यवहारिक बाधाएं: रिटेल इन्वेस्टर्स को फिजिकल पजेशन से डिजिटल रिसीट पर शिफ्ट करना
रेगुलेटरी ओवरसाइट: SEBI-रेगुलेटेड वॉल्ट्स में फिजिकल गोल्ड की पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करना
मार्केट इंटीग्रेशन: सोने में पारंपरिक भावनात्मक भरोसे को आधुनिक फाइनेंशियल मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स से जोड़ना
मुख्य शब्द: वित्तीय समावेशन · कैपिटल मार्केट्स · एसेट टोकनाइजेशन · बाज़ार में पारदर्शिता · लिक्विडिटी
चर्चा में क्यों: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने SMVT बेंगलुरु–लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई और बेंगलुरु और मुंबई के बीच आगामी वंदे भारत स्लीपर सेवा की घोषणा की।
मंत्री ने बेंगलुरु को हैदराबाद और चेन्नई से जोड़ने वाले बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की मंजूरी की घोषणा की। हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार का लक्ष्य लगभग 7,000 किलोमीटर तक पहुंचना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यहाई-स्पीड रेल नेटवर्क के लिए लक्ष्य विस्तार लगभग 7,000 किलोमीटर है।
स्थाननई एक्सप्रेस ट्रेन SMVT बेंगलुरु और लोकमान्य तिलक टर्मिनस को जोड़ती है।
विज्ञान-तकनीकबेंगलुरु को हैदराबाद और चेन्नई से जोड़ने के लिए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: दक्षिण भारत में उच्च गति वाली रेल और आधुनिक एक्सप्रेस सेवाओं के विस्तार से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक एकीकरण को कैसे सुदृढ़ किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
लॉजिस्टिक एफिशिएंसी: बेंगलुरु और मुंबई जैसे प्रमुख इंडस्ट्रियल हब्स के बीच ट्रांजिट समय में कमी
इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधा: हाई-स्पीड स्लीपर सेवाओं के लिए विशेष मेंटेनेंस सुविधाओं की ज़रूरत
क्षेत्रीय एकीकरण: आर्थिक कॉरिडोर को बढ़ावा देने के लिए बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के जरिए बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई को जोड़ना
मुख्य शब्द: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी · हाई-स्पीड रेल · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी · आर्थिक एकीकरण
चर्चा में क्यों: विशेष मुख्य सचिव एम.टी. कृष्ण बाबू ने उन दावों को खारिज कर दिया है कि PM eBus Sewa योजना के तहत APSRTC में 750 इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत से निजीकरण होगा।
आंध्र प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (APSRTC) को PM eBus Sewa योजना के तहत 750 इलेक्ट्रिक बसें प्राप्त हो रही हैं। यह परियोजना ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (Gross Cost Contract - GCC) मॉडल पर आधारित है। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से लगभग ₹1,774 करोड़ की प्रोत्साहन राशि (incentives) दी जा रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
योजनाPM eBus सेवा: स्वच्छ और टिकाऊ शहरी सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक केंद्रीय योजना।
तथ्यPM eBus Sewa स्कीम के तहत APSRTC को लगभग ₹1,774 करोड़ की इंसेंटिव (incentives) मिलने की उम्मीद है।
तथ्यफ्लीट विस्तार में आंध्र प्रदेश के लिए 750 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं।
तथ्यGross Cost Contract (GCC) मॉडल: इलेक्ट्रिक बस फ्लीट के लिए उपयोग किया जाने वाला ऑपरेशनल मॉडल।
मेन्स के लिए
प्रश्न: सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे के विकास में 'ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट' (Gross Cost Contract) मॉडल, आधुनिकीकरण की आवश्यकता और सार्वजनिक क्षेत्र के रोजगार के संरक्षण के बीच संतुलन को किस प्रकार स्थापित करता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी: पब्लिक सर्विस मैंडेट के साथ प्राइवेट फ्लीट मैनेजमेंट को बैलेंस करना
लेबर प्रोटेक्शन: इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ते बदलाव के दौरान नौकरी की असुरक्षा को कम करना
राजकोषीय स्थिरता: EV ट्रांज़िशन की भारी कैपिटल कॉस्ट को कम करने के लिए सेंट्रल ग्रांट्स का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट · पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप · सस्टेनेबल मोबिलिटी · राजकोषीय प्रोत्साहन · श्रम संरक्षण
चर्चा में क्यों: चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CPCL) ने आयात पर निर्भरता कम करने के लिए अपनी मनाली रिफाइनरी में ₹1,600 करोड़ की बेस स्टॉक प्रोडक्शन यूनिट (Base Stocks Production Unit) का निर्माण शुरू कर दिया है।
CPCL अपनी मनाली रिफाइनरी में ग्रुप II और III लुब्रिकेंट बेस ऑयल (lubricant base oils) उत्पादन के लिए एक यूनिट स्थापित कर रहा है। इस परियोजना में ₹1,600 करोड़ का निवेश शामिल है और इसमें हाइड्रोक्रैकर (Hydrocracker) और कैटालिटिक डीवैक्सिंग यूनिट्स (Catalytic Dewaxing Units) का अपग्रेडेशन किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यमनाली रिफाइनरी में नई बेस स्टॉक प्रोडक्शन यूनिट की लागत ₹1,600 करोड़ है।
तथ्ययह यूनिट Group II और III लुब्रिकेंट बेस ऑयल (lubricant base oils) का उत्पादन करेगी।
संस्थाCPCL (Chennai Petroleum Corporation Limited) वह इकाई है जो प्रोडक्शन यूनिट स्थापित कर रही है।
तथ्यइस प्रोजेक्ट में Hydrocracker Unit और Catalytic Dewaxing Unit का अपग्रेड शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: घरेलू स्नेहक आधार तेल (lubricant base oil) उत्पादन के विस्तार से डाउनस्ट्रीम पेट्रोलियम क्षेत्र में आयात निर्भरता को कम करने के भारत के लक्ष्य में किस प्रकार योगदान मिलता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
इंपोर्ट सब्स्टिट्यूशन: स्पेशलाइज्ड लुब्रिकेंट बेस ऑयल्स के स्थानीय उत्पादन से विदेशी मुद्रा के बाहर जाने को कम करना
इंफ्रास्ट्रक्चर सिनर्जी: CPCL की प्रोडक्शन यूनिट्स और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के ल्यूब प्लांट के बीच एकीकरण
कैपेसिटी विस्तार: हाइड्रोक्रैकर और कैटालिटिक डीवैक्सिंग यूनिट अपग्रेड के जरिए रिफाइनरी थ्रूपुट बढ़ाना
मुख्य शब्द: आयात प्रतिस्थापन · डाउनस्ट्रीम पेट्रोलियम · औद्योगिक निवेश · मैन्युफैक्चरिंग क्षमता · सप्लाई चेन लोकलाइजेशन
चर्चा में क्यों: मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में भारी उछाल आने से रुपया 5% से अधिक गिर गया, जिसके बाद भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने रुपये को स्थिर करने के लिए अरबों डॉलर के हस्तक्षेप (Intervention) के साथ कदम उठाया।
मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण भारतीय रुपये में 5% की गिरावट आई, जिसके बाद रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। RBI ने तेल आयातकों के लिए क्रेडिट लाइन प्रदान की और मुद्रा के गिरते स्तर को रोकने के लिए डॉलर के भंडार का उपयोग किया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यरुपये की वैल्यू में गिरावट: मिडिल ईस्ट (Middle East) संघर्ष की शुरुआत से अब तक 5% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
संस्थाभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI): तेल आयातकों को क्रेडिट लाइन्स प्रदान करके हस्तक्षेप किया।
तथ्यआर्थिक कारक: तेल की कीमतों में उछाल, बढ़ते चालू खाता घाटा (current account deficit) और विदेशी निवेशकों के बहिर्गमन (outflows) से जुड़ा मूल्यह्रास (Depreciation)।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान भारत के चालू खाता पर बाहरी झटकों के प्रभाव और मुद्रा की अस्थिरता के प्रबंधन में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
बाहरी भेद्यता: कच्चे तेल के लिए आयात पर भारी निर्भरता भू-राजनीतिक झटकों के दौरान करंट अकाउंट डेफिसिट को और बढ़ा देती है
मौनेटरी पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: करेंसी स्टेबलाइजेशन और घरेलू महंगाई व कैपिटल फ्लाइट के दबाव के बीच संतुलन
कॉस्ट-पुश महंगाई: कच्चे माल और शिक्षा सेवाओं के आयात की लागत में गिरावट के कारण हुई बढ़ोतरी
मुख्य शब्द: चालू खाता घाटा · करेंसी में उतार-चढ़ाव · बाहरी झटके · मौनेटरी इंटरवेंशन · कॉस्ट-पुश महंगाई
चर्चा में क्यों: पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) के बोर्ड ने अपने CMD को REC लिमिटेड के साथ विलय (merger) के लिए सरकार से मंजूरी मांगने के लिए अधिकृत किया है, ताकि एक विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग इकाई बनाई जा सके।
यह विलय मूल्यांकनकर्ताओं (valuers) द्वारा निर्धारित शेयर एक्सचेंज अनुपात (share exchange ratio) पर आधारित है और इससे PFC की सरकारी कंपनी के रूप में स्थिति बनी रहेगी। विलय के बाद बनने वाली इकाई बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, नवीकरणीय ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर लेंडिंग पर ध्यान केंद्रित करेगी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाPFC: पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन भारत में एक प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग संस्थान है।
तथ्यविलय के बाद PFC का सरकारी कंपनी (government company) के रूप में स्टेटस बरकरार रहेगा।
तथ्यविलय की गई इकाई (entity) पावर जनरेशन, ट्रांसमिशन और रिन्यूएबल एनर्जी पर ध्यान केंद्रित करेगी।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के ऊर्जा संक्रमण लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विद्युत और बुनियादी ढांचा वित्तपोषण क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के एकीकरण के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
कैपिटल एफिशिएंसी: इंफ्रास्ट्रक्चर लेंडिंग में इकोनॉमीज़ ऑफ स्केल से प्रति-यूनिट फाइनेंसिंग लागत कम करना
स्ट्रेटेजिक अलाइनमेंट: नेशनल ग्रिड स्टेबिलिटी के लिए रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर पर एकीकृत फोकस
रेगुलेटरी ओवरसाइट: पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग के क्षेत्र में कॉम्पिटिशन और ट्रांसपेरेंसी सुनिश्चित करना
मुख्य शब्द: इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग · सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम · इकोनॉमीज़ ऑफ स्केल · ऊर्जा ट्रांज़िशन · पूंजी का निवेश
चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने 99.9% शुद्धता वाले चांदी के आयात और अर्ध-निर्मित उत्पादों (semi-manufactured products) को 'प्रतिबंधित' श्रेणी में डाल दिया है, जिसके बाद आयात शुल्क में 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है।
सरकार ने 99.9% शुद्धता वाले चांदी के आयात और विशिष्ट अर्ध-निर्मित उत्पादों (semi-manufactured products) पर प्रतिबंध लगा दिया है। सोने और चांदी पर आयात शुल्क (Import duties) को हाल ही में 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यसोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी गई है।
तथ्य99.9% शुद्धता वाले सिल्वर इम्पोर्ट्स (Silver imports) अब 'restricted' कैटेगरी के अंतर्गत आते हैं।
संस्थाRBI-authorized बैंकों और बुलियन एक्सचेंजों को नामांकित सिल्वर आयात के लिए संभावित चैनलों के रूप में पहचाना गया है।
अंतर्राष्ट्रीय संगठनUAE Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) में व्यापार प्रवाह के लिए टैरिफ कोटा (tariff quota) मैकेनिज्म शामिल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कीमती धातुओं पर आयात प्रतिबंधों और बढ़ी हुई शुल्कों के भारत के घरेलू बुलियन बाजार और व्यापार गतिशीलता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
मार्केट डिस्टॉर्शन: सप्लाई कम होने से फिजिकल सिल्वर के घरेलू प्रीमियम में बढ़ोतरी की संभावना
ट्रेड डायवर्जन: UAE CEPA टैरिफ कोटा मैकेनिज्म जैसे क्षेत्रीय चैनलों के ज़रिए व्यापार प्रवाह में बदलाव
रेगुलेटरी बदलाव: सिल्वर की खरीद के लिए RBI-अधिकृत बैंकों जैसी नामांकित एजेंसियों की ओर बदलाव
मुख्य शब्द: आयात पर पाबंदियां · व्यापार नीति · बुलियन मार्केट · टैरिफ कोटा · ट्रेड डायवर्जन
चर्चा में क्यों: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने 2026 में भारतीय इक्विटी मार्केट से 2.2 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड निकासी दर्ज की है, जो 2025 के आउटफ्लो (outflows) से काफी अधिक है।
केवल मई 2026 में ही FPIs द्वारा 27,000 करोड़ रुपये निकाले गए। वैश्विक विकास की अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) के कारण मार्च 2026 में सर्वाधिक 1.17 लाख करोड़ रुपये का बहिर्वाह (outflow) दर्ज किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्य2026 में FPI का कुल आउटफ्लो (outflow) 2.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
तथ्यमार्च 2026 में FPI आउटफ्लो (outflow) बढ़कर 1.17 लाख करोड़ रुपये के शिखर पर पहुंच गया।
तथ्यमई 2026 में FPI विड्रॉल (withdrawal) 27,000 करोड़ रुपये था।
तथ्यFPI की बिकवाली के कारण अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में काफी गिरावट आई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के पूंजी बाजारों और भारतीय रुपये की स्थिरता पर प्रत्यक्ष विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) की अस्थिरता के प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
रिस्क एपेटाइट में बदलाव: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से उभरते बाजारों में निवेश कम हो रहा है
मुख्य शब्द: पूंजी का पलायन · पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट · करेंसी की वैल्यू में गिरावट · उभरते बाजार · मार्केट में उतार-चढ़ाव
चर्चा में क्यों: सार्वजनिक परिवहन और मेट्रो रेल प्रणालियों को बढ़ावा देने के प्रयासों ने नीतिगत उद्देश्यों और जमीनी स्तर पर उनके कार्यान्वयन के बीच मौजूद संरचनात्मक कमियों को उजागर किया है, विशेष रूप से हैदराबाद मेट्रो के दूसरे चरण जैसी रुकी हुई परियोजनाओं के संदर्भ में।
यह लेख हैदराबाद मेट्रो के दूसरे चरण और मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट सिस्टम (MMTS) नेटवर्क सहित कई रुकी हुई परियोजनाओं की पहचान करता है। राज्य सरकार वर्तमान में रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) की संभावनाओं पर विचार कर रही है, हालांकि शहरी परिवेश के लिए इसकी उपयुक्तता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यहैदराबाद मेट्रो का दूसरा फेज और Multi-Modal Transport System (MMTS) को रुके हुए प्रोजेक्ट्स (stalled projects) के रूप में पहचाना गया है।
स्थानराज्य सरकार द्वारा शहरी कनेक्टिविटी के लिए Rapid Rail Transit System (RRTS) की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय शहरों में सुदृढ़ नीतिगत उद्देश्यों के बावजूद, व्यापक गति मेट्रो (Mass Rapid Transit Systems) प्रणालियों के कार्यान्वयन में आने वाली संरचनात्मक और वित्तीय बाधाओं का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए।
फंडिंग गैप: मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम में कम निवेश से प्रोजेक्ट्स का काम रुका हुआ
तकनीकी उपयुक्तता: घने शहरी इलाकों में रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) की संदिग्ध व्यवहार्यता
खरीद में बाधाएं: विस्तार के लिए मंजूरी और नए ट्रेन सेट खरीदने में देरी
मुख्य शब्द: मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम्स · इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधाएं · अर्बन मोबिलिटी · नीति-कार्यान्वयन का अंतर · मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट
चर्चा में क्यों: प्रधानमंत्री ने चालू खाता घाटा (current account deficit) बढ़ने के बीच रुपये को स्थिर करने और विदेशी भंडार की रक्षा के लिए नागरिकों से स्वेच्छा से सोने की खपत कम करने का आग्रह किया।
वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) में कम मात्रा के बावजूद भारत का स्वर्ण आयात लगभग 72 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। सरकार मांग को नियंत्रित करने के लिए गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (Gold Monetization Scheme) के विस्तार और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds) को बढ़ावा देने पर विचार कर रही है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यवित्त वर्ष 2026 (FY26) में भारत का गोल्ड इम्पोर्ट लगभग $72 बिलियन तक पहुंच गया।
योजनागोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (Gold Monetization Scheme): सोने के निवेश को औपचारिक माध्यमों (formal avenues) में लाने के लिए सरकार की एक पहल।
योजनाSovereign Gold Bonds: फॉर्मल गोल्ड एवेन्यूज (formal gold avenues) में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकारी इंस्ट्रूमेंट।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कीमती धातुओं के सांस्कृतिक उपभोग के प्रतिमानों का भारत के चालू खाता स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों और इस मांग को नियंत्रित करने में राजकोषीय उपायों की प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।
रिजर्व प्रेशर: ज़्यादा सोना आयात करने से चालू खाता घाटा बढ़ रहा है और रुपये में उतार-चढ़ाव आ रहा है
सांस्कृतिक-आर्थिक टकराव: गहरी जड़ों वाली परंपराओं से जुड़ी मांग को रोकने के लिए कस्टम ड्यूटी का इस्तेमाल करना मुश्किल
फॉर्मलाइजेशन रणनीति: घरेलू सप्लाई को स्थिर करने के लिए फिजिकल गोल्ड होल्डिंग्स को सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में शिफ्ट करना
मुख्य शब्द: चालू खाता घाटा · विदेशी मुद्रा भंडार · गोल्ड मोनेटाइजेशन · राजकोषीय नीति · बाहरी व्यापार
चर्चा में क्यों: लगातार विदेशी पूंजी के बाहर जाने (outflows) और कम शुद्ध FDI निवेश के कारण भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.14 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।
USD/INR जोड़ी 96.14 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँचने के बाद 95.64 पर रिकवर हुई। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 3.20 प्रतिशत बढ़कर 109.20 USD प्रति बैरल हो गईं। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को 187.46 करोड़ रुपये मूल्य के इक्विटी खरीदे।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यUSD/INR रिकॉर्ड लो: 96.14।
तथ्यब्रेंट क्रूड की कीमत: USD 109.20 प्रति बैरल।
तथ्यFII इक्विटी खरीद: Rs 187.46 करोड़।
तथ्यडॉलर इंडेक्स में वृद्धि: 0.47 प्रतिशत।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय रुपये के अवमूल्यन में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और भारत के विदेशी ऋण तथा महंगाई पर इसके निहितार्थों का मूल्यांकन कीजिए।
कैपिटल फ्लाइट: फॉरेक्स रिजर्व पर लगातार विदेशी पूंजी के बाहर जाने का असर
ट्रेड इम्बैलेंस: बढ़ते ब्रेंट क्रूड रेट और चालू खाता घाटा के बीच संबंध
इन्वेस्टमेंट में उतार-चढ़ाव: घरेलू मार्केट की स्थिरता पर FII इक्विटी मूवमेंट का असर
मुख्य शब्द: पूंजी का बाहर जाना · विदेशी प्रत्यक्ष निवेश · चालू खाता घाटा · करेंसी की वैल्यू में गिरावट · फॉरेक्स रिजर्व
चर्चा में क्यों: कोयला मंत्रालय और DIPAM को 'अल्टरनेटिव मैकेनिज्म' (AM) से मंजूरी मिली है, जिसके तहत कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) को IPO के जरिए महानदी कोलफील्ड्स (MCL) में अपनी हिस्सेदारी 25% तक कम करने की अनुमति दी गई है।
कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) महानदी कोलफील्ड्स (MCL) की मूल कंपनी (Parent Company) है। सरकार ने ऑफर फॉर सेल (OFS) और IPO, FPO या QIP के माध्यम से नई पूंजी जुटाकर, CIL द्वारा MCL की हिस्सेदारी में अधिकतम 25% की कमी (Dilution) लाने की मंजूरी दी है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यCoal India Limited द्वारा MCL में हिस्सेदारी (stake) का अधिकतम डाइल्यूशन (dilution) 25% तक सीमित है।
तथ्यMCL, Coal India Limited (CIL) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (wholly owned subsidiary) है।
विज्ञान-तकनीकफंड जुटाने के रास्तों में SEBI द्वारा अनुमोदित IPO, FPO और Qualified Institutional Placements (QIP) शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में औद्योगिक विकास और राजकोषीय स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) के विनिवेश और पूंजी बाजार की भागीदारी के महत्व का विश्लेषण कीजिए।
कैपिटल इन्फ्यूजन: कोल माइनिंग सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए इक्विटी मार्केट्स का इस्तेमाल
स्वामित्व का बदलाव: रणनीतिक ऊर्जा संपत्तियों में सार्वजनिक निगरानी और निजी पूंजी की कुशलता के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: विनिवेश · बिक्री के लिए उपलब्ध · कैपिटल मार्केट · पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग · इक्विटी डाइल्यूशन
चर्चा में क्यों: SEBI और CBDT ने फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) के लिए PAN आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए स्पष्टीकरण जारी किए हैं, ताकि ऑनबोर्डिंग से जुड़ी चिंताओं को दूर किया जा सके।
CBDT ने स्पष्ट किया है कि कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म (Common Application Form) पर अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता (authorized signatory) का नाम प्रतिनिधि करदाता (representative assessee) की जानकारी के लिए पर्याप्त है। विभाग ने FPIs के लिए वैकल्पिक संपर्क जानकारी की अनुमति देकर पते और संपर्क से संबंधित अनुपालन (compliance) को भी आसान बना दिया है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यFPIs: Foreign Portfolio Investors को भारतीय सिक्योरिटीज में निवेश करने की अनुमति है।
तथ्यकॉमन एप्लीकेशन फॉर्म (Common Application Form): इसे प्रतिनिधि करदाताओं (representative assessees) के लिए PAN आवंटन के लिए उपयोग किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए विनियामक अनुपालन को सरल बनाना किस प्रकार भारत के पूंजी बाजार की गहराई और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ा सकता है, चर्चा कीजिए।
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: PAN आवंटन में प्रशासनिक बाधाओं से विदेशी पूंजी के प्रवाह में देरी
ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस: सख्त KYC नियमों और इन्वेस्टर ऑनबोर्डिंग एफिशिएंसी के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: कैपिटल मार्केट · फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट · रेगुलेटरी कंप्लायंस · ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस · टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन
चर्चा में क्यों: भारत की सरकारी ईंधन रिटेलर्स (IOC, HPCL, BPCL) ने वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से हुए नुकसान की भरपाई के लिए, चार साल में पहली बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है।
इंडियन ऑयल कॉर्प (Indian Oil Corp), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प (Hindustan Petroleum Corp) और भारत पेट्रोलियम कॉर्प (Bharat Petroleum Corp) भारत के 90% से अधिक ईंधन स्टेशनों को नियंत्रित करते हैं। कीमतों में हुई वृद्धि क्रमशः संबंधित ईंधनों के लिए 3.4% और 3.2% की वृद्धि को दर्शाती है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यIOC, HPCL और BPCL मिलकर भारत के 90% से अधिक फ्यूल स्टेशनों को नियंत्रित करते हैं।
तथ्यपेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई।
तथ्यकीमतों में वृद्धि क्रमशः 3.4% और 3.2% है।
संस्थाइंडियन ऑयल कॉर्प (Indian Oil Corp), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प (Hindustan Petroleum Corp) और भारत पेट्रोलियम कॉर्प (Bharat Petroleum Corp) सरकारी स्वामित्व वाले ईंधन रिटेलर हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में होने वाली अस्थिरता का भारत के राजकोषीय घाटे पर पड़ने वाले प्रभाव और मुद्रास्फीति के दबाव को कम करने में घरेलू मितव्ययता उपायों की प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय दबाव: सब्सिडी की ज़रूरतों और रिटेल ईंधन की कीमतें नियंत्रित रखने की ज़रूरत के बीच संतुलन
बाहरी भेद्यता: आयातित कच्चे तेल पर भारी निर्भरता घरेलू कीमतों की स्थिरता और महंगाई को प्रभावित कर रही है
मितव्ययिता के ट्रेड-ऑफ: आर्थिक उत्पादकता और लॉजिस्टिकल एफिशिएंसी के मुकाबले वर्क-फ्रॉम-होम और यात्रा प्रतिबंधों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: राजकोषीय घाटा · महंगाई का दबाव · क्रूड ऑयल में उतार-चढ़ाव · मितव्ययिता के उपाय · ऊर्जा सुरक्षा
चर्चा में क्यों: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) सोने में निवेश की पारदर्शिता और सुलभता को बढ़ाने के लिए 18 मई से इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGRs) की ट्रेडिंग शुरू करने जा रहा है।
EGRs, सेबी (Securities and Exchange Board of India) की देखरेख में विनियमित वॉल्ट्स में रखे गए भौतिक सोने के डिजिटल रूप हैं। ये अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शुद्धता मानकों के अनुसार 1 ग्राम से लेकर 1 किलोग्राम तक के मूल्यवर्ग में उपलब्ध हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यNSE EGR ट्रेडिंग शुरू होने की तारीख: 18 मई।
संस्थाSEBI: EGRs के लिए रेगुलेटेड वॉल्ट्स (regulated vaults) की निगरानी करने वाली रेगुलेटरी बॉडी।
तथ्यEGR डिनोमिनेशन (denominations): 1 ग्राम से 1 किलोग्राम तक की रेंज में उपलब्ध।
विज्ञान-तकनीकEGRs: रेगुलेटेड वॉल्ट्स (regulated vaults) में रखे गए फिजिकल गोल्ड के डिजिटल रिप्रेजेंटेशन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGRs) की शुरुआत किस प्रकार स्वर्ण बाजार को औपचारिक रूप दे सकती है और निवेशकों के संरक्षण को सुदृढ़ कर सकती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
मार्केट फॉर्मलाइजेशन: अनऑर्गनाइज्ड फिजिकल गोल्ड ट्रेडिंग से रेगुलेटेड डिजिटल एसेट्स की ओर बदलाव
इन्वेस्टर प्रोटेक्शन: SEBI-रेगुलेटेड वॉल्टिंग के जरिए चोरी और शुद्धता विवादों के जोखिमों को कम करना
प्राइस डिस्कवरी: भारत के लिए सोने की कीमतों में पारदर्शिता के लिए ग्लोबल बेंचमार्क स्थापित करने की संभावना
मुख्य शब्द: बाज़ार का फॉर्मलाइजेशन · एसेट टोकनाइजेशन · रेगुलेटरी ओवरसाइट · प्राइस डिस्कवरी · पारदर्शिता
चर्चा में क्यों: SEBI ने कमोडिटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग को सुव्यवस्थित करने के लिए क्लोज-टू-मनी (CTM) ऑप्शन सीरीज को खत्म करने और प्रोडक्ट एडवाइजरी कमेटी (PAC) की अनिवार्य बैठकों की आवृत्ति (frequency) को कम करने का प्रस्ताव दिया है।
SEBI ने विक्रेताओं के लिए मूल्य जोखिम (price risk) और खरीदारों के लिए मार्जिन की चुनौतियों को कम करने के उद्देश्य से CTM विकल्पों को हटाने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में गैर-कृषि वस्तुओं के लिए PAC बैठकों की संख्या को साल में दो बार से घटाकर एक बार करने की बात शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
संस्थाSEBI: भारत में सिक्योरिटीज और कमोडिटी मार्केट के लिए प्राथमिक रेगुलेटर।
तथ्यगैर-कृषि वस्तुओं के लिए PAC की बैठकों को प्रति वर्ष दो से घटाकर एक करने का प्रस्ताव।
मेन्स के लिए
प्रश्न: डेरिवेटिव्स बाजार में विनियामक हस्तक्षेपों के माध्यम से निवेशक संरक्षण और बाजार की तरलता एवं दक्षता के बीच संतुलन स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा कीजिए।
मार्केट रिस्क: कमोडिटी मार्केट्स में ऑप्शन सेलर्स के लिए कीमतों में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता को कम करना
रेगुलेटरी एफिशिएंसी: ओवरसाइट फ्रीक्वेंसी और नॉन-एग्रीकल्चरल कमोडिटी ट्रेडिंग की ऑपरेशनल डिमांड्स के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: मार्केट में उतार-चढ़ाव · रेगुलेटरी ओवरसाइट · डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग · प्राइस रिस्क · लिक्विडिटी मैनेजमेंट
चर्चा में क्यों: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद से धोलेरा को जोड़ने वाली ₹20,667 करोड़ की सेमी-हाई-स्पीड डबल रेल लाइन परियोजना के लिए कैबिनेट की मंजूरी की घोषणा की।
यह परियोजना अहमदाबाद (सरखेज) को धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन और ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी से जोड़ती है। कैबिनेट ने सतह पर मिलने वाले कोयले और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं के लिए ₹37,500 करोड़ की योजना को भी मंजूरी दी है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यअहमदाबाद-धोलेरा सेमी-हाई-स्पीड डबल रेल लाइन प्रोजेक्ट की लागत: ₹20,667 करोड़।
स्थानधोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (Dholera Special Investment Region) और ग्रीनफील्ड इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी गुजरात में स्थित हैं।
तथ्यसरफेस कोल और लिग्नाइट गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स स्कीम की लागत: ₹37,500 करोड़।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अहमदाबाद-धोलेरा रेल लाइन जैसी एकीकृत बहु-मोडल बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भारत में औद्योगिक विकास और लॉजिस्टिक्स दक्षता को कैसे उत्प्रेरित कर सकती हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
लॉजिस्टिक्स सिनर्जी: ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ाने के लिए इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स और पोर्ट्स के बीच ट्रांजिट समय कम करना
एनर्जी ट्रांजिशन: क्लीनर एनर्जी मिक्स की ओर बढ़ते हुए स्थिर इंडस्ट्रियल पावर के लिए कोल गैसिफिकेशन का इस्तेमाल
मुख्य शब्द: मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी · इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स · लॉजिस्टिक्स हब · इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास · गैसिफिकेशन
चर्चा में क्यों: औसत से कम मानसून की चिंताओं के बीच, घरेलू आपूर्ति को स्थिर करने और कीमतों में होने वाली बढ़ोतरी को रोकने के लिए भारत सरकार ने 30 सितंबर तक चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी है।
निर्यात पर यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इसमें वे शिपमेंट शामिल नहीं हैं जो पहले से ही पारगमन (transit) में हैं या खाद्य सुरक्षा के लिए सरकार के साथ हुए समझौतों के अंतर्गत आते हैं। यह निर्णय 2021-22 के रिकॉर्ड शिपमेंट के बाद से चीनी निर्यात में आई भारी गिरावट के बाद लिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यभारत में चीनी निर्यात पर प्रतिबंध 30 सितंबर तक प्रभावी है।
तथ्ययह प्रतिबंध अन्य देशों के साथ विशेष रूप से खाद्य सुरक्षा (Food Security) के लिए किए गए सरकारी समझौतों को शामिल नहीं करता है।
तथ्य2021-22 में रिकॉर्ड शिपमेंट अवधि के बाद चीनी निर्यात (Sugar exports) में भारी गिरावट देखी गई।
स्थानएल निनो (El Nino) वेदर पैटर्न्स को औसत से कम मानसून के लिए एक कारक के रूप में उद्धृत किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के कृषि क्षेत्र में घरेलू खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने और निर्यात-आधारित विकास को बनाए रखने के बीच निहित समझौतों (trade-offs) का विश्लेषण कीजिए।
कीमतों में उतार-चढ़ाव: घरेलू महंगाई नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन
क्लाइमेट वल्नरेबिलिटी: मानसून पर निर्भर फसलों की पैदावार और एक्सपोर्ट स्टेबिलिटी पर एल निनो का असर
मुख्य शब्द: खाद्य सुरक्षा · निर्यात-आयात संतुलन · कीमत स्थिरीकरण · मानसून की अनिश्चितता · व्यापार नीति
चर्चा में क्यों: SEBI ने अनुपालन (compliance) को सरल बनाने और बाजार की दक्षता बढ़ाने के लिए डेरिवेटिव्स मार्केट के नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत विशिष्ट CTM तंत्रों और पुराने डिस्क्लोजर मानदंडों (disclosure norms) को हटाने की बात कही गई है।
SEBI ने कमोडिटी डेरिवेटिव्स में 'क्लोज टू द मनी' (CTM) ऑप्शन सीरीज मैकेनिज्म को हटाने और गैर-कृषि अनुबंधों (non-agricultural contracts) के लिए अनिवार्य प्रोडक्ट एडवाइजरी कमेटी की बैठकों को कम करने का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में समाचार पत्रों में दिए जाने वाले डिस्क्लोजर (disclosures) को वेबसाइट-आधारित डिस्क्लोजर से बदलने और व्यवधानों के दौरान एक्सपायरी तारीखों को समायोजित करने के लिए एक्सचेंजों को लचीलापन देने की बात शामिल है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाSEBI: Securities and Exchange Board of India.
तथ्यकमोडिटी डेरिवेटिव्स में 'Close to the Money' (CTM) ऑप्शन सीरीज मैकेनिज्म को हटाने का प्रस्ताव।
तथ्यएक्सचेंजेस द्वारा समाचार पत्रों में दिए जाने वाले डिस्क्लोजर (disclosures) को वेबसाइट-आधारित डिस्क्लोजर से बदलने का प्रस्ताव।
तथ्यप्रस्तावित बदलावों पर सार्वजनिक कमेंट्स (comments) के लिए 4 जून तक आमंत्रित किए गए हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में डेरिवेटिव्स बाजारों के लिए विनियामक अनुपालन को सरल बनाने से बाजार की दक्षता और निवेशक संरक्षण को कैसे बढ़ावा मिल सकता है, चर्चा कीजिए।
रेगुलेटरी आर्बिट्रेज: कम अनुपालन बोझ और हाई-फ़्रीक्वेंसी ट्रेडिंग की मज़बूत निगरानी के बीच संतुलन
सूचना की असमानता: रियल-टाइम पारदर्शिता के लिए फिजिकल न्यूज़पेपर से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलाव
चर्चा में क्यों: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने रुपये की गिरावट को रोकने के लिए वित्त मंत्रालय को भारतीय बॉन्ड पर विदेशी निवेशकों के लिए टैक्स में महत्वपूर्ण कटौती की सिफारिश की है।
गुरुवार के सत्र के दौरान भारतीय रुपया 95.9575 प्रति अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। इस रिपोर्ट के बाद, 10-वर्षीय बेंचमार्क बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) में 2 bps की गिरावट आई और यह 7.03% पर आ गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यरुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर: 1 अमेरिकी डॉलर के लिए 95.9575।
तथ्य10-year benchmark बॉन्ड yield: 7.03% (रिपोर्ट के बाद)।
संस्थाRBI: ग्लोबल मानदंडों (global norms) के अनुरूप टैक्स में कटौती की सिफारिश की।
संस्थावित्त मंत्रालय: विदेशी निवेश के प्रवाह को आकर्षित करने के लिए RBI की सिफारिश पर विचार कर रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय अर्थव्यवस्था में विनिमय दर को स्थिर करने और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश को आकर्षित करने में राजकोषीय और मौद्रिक हस्तक्षेपों की भूमिका की चर्चा कीजिए।
एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव: रुपये की गिरावट का आयात लागत और बाहरी कर्ज चुकाने पर असर
कैपिटल फ्लो डायनेमिक्स: विदेशी निवेश के इनफ्लो और 'हॉट मनी' की अस्थिरता के जोखिमों के बीच संतुलन
ग्लोबल अलाइनमेंट: बॉन्ड मार्केट की गहराई बढ़ाने के लिए टैक्स स्ट्रक्चर को अंतरराष्ट्रीय मानकों के साथ जोड़ना ज़रूरी
मुख्य शब्द: एक्सचेंज रेट मैनेजमेंट · विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट · बॉन्ड यील्ड · मौनेटरी पॉलिसी · राजकोषीय प्रोत्साहन
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने 'मधिप्पुमिंगु मगलिर थिट्टम' योजना की ओर बढ़ने की तैयारी करते हुए 'कलैग्नार मगलिर उरिमाइ थोगाई' कार्यक्रम के पुनर्गठन (Restructuring) चरण की घोषणा की है।
'कलाईग्नर मगलिर उरिमै थोगाई' कार्यक्रम वर्तमान में तमिलनाडु में पात्र महिला परिवार प्रमुखों को ₹1,000 की मासिक अनुदान राशि प्रदान करता है। प्रस्तावित 'मधिप्पुमिगु मगलिर थिट्टम' योजना का उद्देश्य 21 वर्ष से अधिक आयु की उन महिलाओं के लिए इस अनुदान को बढ़ाकर ₹2,500 करना है, जिनके परिवार की आय ₹2.5 लाख से कम है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यकलैग्नार मगलिर उरिमै थोगाई: पात्र महिला परिवार प्रमुखों को वर्तमान में ₹1,000 की मासिक ग्रांट (Grant) दी जाती है।
तथ्यमधिप्पुमिगु मगलिर थिट्टम (Madhippumigu Magalir Thittam): 21 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए ₹2,500 की ग्रांट (grant) देने का प्रस्ताव।
तथ्यनई स्कीम के लिए पात्रता मानदंड: परिवार की आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए।
स्थानतमिलनाडु: राज्य सरकार महिलाओं के ग्रांट प्रोग्राम (women's grant program) के पुनर्गठन को लागू कर रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में लैंगिक रूप से समावेशी आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) और लक्षित सामाजिक योजनाओं की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
राजकोषीय स्थिरता: मासिक भुगतान में बढ़ोतरी और लंबी अवधि के राज्य बजट आवंटन के बीच संतुलन
समावेशन मेट्रिक्स: ग्रामीण इलाकों में लीकेज रोकने के लिए 'परिवार के मुखिया' की सटीक पहचान सुनिश्चित करना
चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने 30 सितंबर, 2026 तक सभी प्रकार के चीनी निर्यात पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके कारण बलरामपुर चीनी और धमपुर शुगर जैसी कंपनियों के चीनी स्टॉक के शेयरों में गिरावट आई है।
यह प्रतिबंध ITC (HS) कोड 1701 14 90 और 1701 99 90 के तहत कच्ची, सफेद और परिष्कृत चीनी (refined sugar) पर लागू होता है। इस प्रतिबंध के अंतर्गत टैरिफ रेट कोटा (tariff rate quota) समझौतों के तहत यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका (US) को होने वाले निर्यात शामिल हैं, जबकि पहले से जारी शिपमेंट को विशिष्ट शर्तों के तहत अनुमति दी गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यशुगर एक्सपोर्ट बैन 30 सितंबर, 2026 तक प्रभावी रहेगा।
तथ्यBan ITC (HS) कोड 1701 14 90 और 1701 99 90 को कवर करता है।
तथ्यBan में टैरिफ रेट कोटा (tariff rate quota) समझौतों के तहत यूरोपीय संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका को होने वाले निर्यात शामिल हैं।
तथ्यघरेलू चीनी उत्पादन लगातार दूसरे वर्ष खपत से कम रहने की उम्मीद है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के कृषि वस्तु बाजारों में घरेलू खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने और निर्यात क्षमता को अधिकतम करने के बीच निहित समझौतों (trade-offs) का विश्लेषण कीजिए।
सप्लाई-डिमांड असंतुलन: वैश्विक मांग के बावजूद घटती गन्ने की पैदावार से घरेलू कमी पैदा हो रही
ट्रेड पॉलिसी में टकराव: टैरिफ रेट कोटा कमिटमेंट्स और घरेलू कीमतों को स्थिर रखने के लक्ष्यों के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: खाद्य सुरक्षा · व्यापार नीति · कमोडिटी रेगुलेशन · सप्लाई चेन मैनेजमेंट · कीमत स्थिरीकरण
चर्चा में क्यों: SEBI ने म्यूचुअल फंड्स को रिडेम्पशन (Redemptions) और रिसीवेबल्स (Receivables) के बीच समय के अंतर को मैनेज करने के लिए इंट्राडे बोरोइंग (Intraday borrowing) के व्यापक उपयोग की अनुमति देने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
SEBI ने पहचान की है कि म्यूचुअल फंड्स को निर्धारित कट-ऑफ समय से पहले रिडेम्पशन (redemptions) और अन्य देनदारियों को पूरा करने के लिए इंट्राडे बरोइंग (intraday borrowing) की आवश्यकता होती है। नियामक ने नोट किया कि इंट्राडे बरोइंग पर वर्तमान सीमाएं फंड मैनेजरों की उसी दिन ट्रेड निष्पादित करने की क्षमता को सीमित करती हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाSEBI: Securities and Exchange Board of India (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड)।
तथ्यफंड आउटफ्लो (fund outflows) और रिसीवेबल्स (receivables) के बीच टाइमिंग मिसमैच को दूर करने के लिए इंट्राडे बरोइंग (Intraday borrowing) का प्रस्ताव दिया गया है।
तथ्यRedemptions को निर्धारित कट-ऑफ समय से पहले पूरा किया जाना चाहिए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: म्यूचुअल फंड्स के लिए इंट्राडे उधार (intraday borrowing) में विनियामक परिवर्तनों से भारतीय पूंजी बाजारों में तरलता प्रबंधन और निवेशक संरक्षण को किस प्रकार सुदृढ़ किया जा सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
लिक्विडिटी मैनेजमेंट: रिडेम्पशन आउटफ्लो और एसेट रिसीवेबल्स के बीच टाइमिंग मिसमैच को दूर करना
ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी: सेम-डे सेटलमेंट विंडो के दौरान फंड मैनेजर्स के लिए ट्रेड एग्जीक्यूशन की बाधाएं कम करना
रिस्क मिटिगेशन: फंड मैनेजमेंट में बढ़ी फ्लेक्सिबिलिटी और इंट्राडे लेवरेज से होने वाले सिस्टमैटिक रिस्क के बीच संतुलन
चर्चा में क्यों: RBI के अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया है कि वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index - CPI) 4.6% के अनुमान से ऊपर जा सकता है। इस कारण 2026 की दूसरी छमाही (H2) में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
RBI ने फरवरी से ब्याज दरों पर यथास्थिति (status quo) बनाए रखी है। हालांकि कुछ अर्थशास्त्रियों ने 2026 की दूसरी छमाही में दो बार दरें बढ़ाने की भविष्यवाणी की है, लेकिन 5 जून की बैठक में दरों को यथावत रखने पर आम सहमति है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यFY27 के लिए CPI का अनुमान: 4.6%।
तथ्यRBI का स्टेटस क्वो (status quo) पीरियड: फरवरी से जून 2026।
मेन्स के लिए
प्रश्न: अस्थिर महंगाई वाले परिवेश में, आर्थिक विकास की आवश्यकता और महंगाई लक्ष्य निर्धारण के बीच संतुलन स्थापित करने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
मौनेटरी पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: CPI को नियंत्रित करने के लिए हाई इंटरेस्ट रेट और औद्योगिक विकास के लिए क्रेडिट उपलब्धता के बीच संतुलन
महंगाई का दबाव: RBI के रेपो रेट के रास्ते पर CPI के अनिश्चित उतार-चढ़ाव का असर
चर्चा में क्यों: भारतीय सरकार ने गिरते रुपये को स्थिर करने और विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने के लिए सोने और चांदी पर आयात शुल्क (Import Tariffs) को बढ़ाकर लगभग 15 प्रतिशत कर दिया है।
भारत ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क (Import Duty) बढ़ाकर लगभग 15 प्रतिशत कर दिया है। यह कदम मध्य पूर्व युद्ध के कारण तेल की कीमतों में हुई वृद्धि और उसके परिणामस्वरूप डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट के जवाब में उठाया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यसोने और चांदी पर आयात शुल्क (Import tariffs) बढ़ाकर लगभग 15 प्रतिशत कर दिया गया है।
तथ्यरुपये की गिरावट (depreciation) तेल की आपूर्ति में व्यवधान और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से जुड़ी है।
पदप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैलेंस ऑफ पेमेंट्स (Balance of Payments) के दबाव को कम करने के लिए नागरिकों से सोने की खरीदारी से बचने का आग्रह किया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक भू-राजनीतिक संघर्षों का भारत के भुगतान संतुलन पर पड़ने वाले प्रभाव और घरेलू मुद्रा को स्थिर करने में आयात शुल्क समायोजन की प्रभावकारिता का विश्लेषण कीजिए।
मौनेटरी इंटरवेंशन: ट्रेड डेफिसिट मैनेजमेंट और कीमती धातुओं की घरेलू मांग के बीच संतुलन
एक्सटर्नल शॉक वल्नरेबिलिटी: मिडिल ईस्ट से जुड़े कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति रुपये की उच्च संवेदनशीलता
मुख्य शब्द: भुगतान संतुलन · विदेशी मुद्रा भंडार · इंपोर्ट टैरिफ · करेंसी की वैल्यू में गिरावट · व्यापार घाटा
चर्चा में क्यों: अमेरिकी श्रम विभाग (DOL) ने उच्च कौशल वाले आप्रवासन (immigration) को सीमित करने के लिए H-1B वीजा धारकों के लिए सख्त वेतन आवश्यकताओं और शुल्कों का प्रस्ताव दिया है।
DOL के प्रस्ताव में H-1B और रोजगार-आधारित श्रेणियों के लिए न्यूनतम वेतन आवश्यकताओं को 21% से 33% तक बढ़ाने की बात शामिल है। इसमें नए H-1B वीजा प्रवेशकों पर $100,000 का शुल्क लगाने और 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' (duration of status) प्रणाली को निश्चित प्रवेश अवधि से बदलने का भी सुझाव दिया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यH-1B वीजा धारकों के लिए प्रस्तावित न्यूनतम वेतन में 21% से 33% तक की वृद्धि का प्रस्ताव है।
तथ्यनए H-1B वीजा प्रवेशकों के लिए प्रस्तावित शुल्क $100,000 है।
विज्ञान-तकनीक'Duration of status' सिस्टम अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए वर्क ऑप्शंस (work options) का वर्तमान फ्रेमवर्क है।
संस्थाDepartment of Labor (DOL) वह अमेरिकी संस्था है जो इन इमिग्रेशन बदलावों का प्रस्ताव दे रही है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रतिबंधात्मक आप्रवासन नीतियां और उच्च-कुशल वीजा विनियम वैश्विक प्रतिभा गतिशीलता और प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
लेबर मार्केट में गड़बड़ी: ग्लोबल हाई-स्किल्ड टैलेंट पूल्स तक सीमित पहुंच के कारण इनोवेशन कम होने की संभावना
रेगुलेटरी फ्रिक्शन: राष्ट्रीय श्रम संरक्षण लक्ष्यों और वैश्वीकृत टेक इकोनॉमी की मांगों के बीच टकराव
मुख्य शब्द: श्रम गतिशीलता · हाई-स्किल माइग्रेशन · रेगुलेटरी बाधाएं · मानव पूंजी · व्यापार बाधाएं
चर्चा में क्यों: पूंजी के बहिर्गमन (Capital Outflow) और अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़ी ऊर्जा की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.7450 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
केंद्र सरकार ने मुद्रा को स्थिर करने के लिए कीमती धातुओं के आयात पर टैरिफ (Tariffs) लागू किया, जबकि RBI ने निरंतर जारी रहने वाले मुद्रास्फीति के दबाव के खिलाफ संभावित हस्तक्षेप का संकेत दिया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यरुपये का अब तक का सबसे निचला स्तर: मई 2026 तक 1 USD के लिए 95.7450।
पदसंजय मल्होत्रा: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर।
तथ्यरुपये को स्थिर करने के लिए कीमती धातुओं के आयात पर टैरिफ (Tariffs) लागू किए गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय रुपये के अवमूल्यन में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और मुद्रा को स्थिर करने में मौद्रिक एवं राजकोषीय हस्तक्षेपों की प्रभावकारिता का मूल्यांकन कीजिए।
एक्सटर्नल शॉक वल्नरेबिलिटी: घरेलू ऊर्जा कीमतों और फॉरेक्स रिजर्व पर भू-राजनीतिक संघर्षों का असर
मौनेटरी पॉलिसी ट्रेड-ऑफ्स: महंगाई नियंत्रण और अस्थायी सप्लाई-साइड शॉक के बीच संतुलन
राजकोषीय हस्तक्षेप: करेंसी वैल्यू को स्थिर करने में कीमती धातुओं पर इंपोर्ट टैरिफ की प्रभावशीलता
मुख्य शब्द: मौनेटरी पॉलिसी · फॉरेक्स रिजर्व · महंगाई का दबाव · सप्लाई शॉक · करेंसी की वैल्यू में गिरावट
चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर सीमा शुल्क (Customs Duty) बढ़ाकर 15% कर दिया है, जिसके कारण MCX सिल्वर फ्यूचर्स में उछाल आया है और यह 2,95,805 रुपये/किलोग्राम तक पहुंच गया है, जबकि गोल्ड फ्यूचर्स 1,62,648 रुपये/10 ग्राम तक पहुंच गया है।
भारत सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर सीमा शुल्क (Customs Duty) बढ़ाकर 15% कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, जुलाई 2026 डिलीवरी के लिए MCX सिल्वर फ्यूचर्स में 6% की वृद्धि हुई और यह 2,95,805 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। साथ ही, गोल्ड फ्यूचर्स में भी 6% की बढ़त देखी गई और यह 1,62,648 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यMCX सिल्वर फ्यूचर्स जुलाई 2026 डिलीवरी के लिए Rs 2,95,805 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए।
तथ्यगोल्ड फ्यूचर्स (Gold futures) की कीमत बढ़कर 10 ग्राम पर 1,62,648 रुपये हो गई।
तथ्यसोने और चांदी के आयात पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 15% कर दी गई है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: कीमती धातुओं पर बढ़ते आयात शुल्क का घरेलू महंगाई और भारतीय खुदरा निवेशकों के निवेश व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय नीति का ट्रेड-ऑफ: लक्ज़री इम्पोर्ट से रेवेन्यू जनरेशन और घरेलू कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच संतुलन
मार्केट सेंटीमेंट: कमोडिटी मार्केट्स में अचानक ड्यूटी बढ़ने का स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग और हेजिंग व्यवहार पर असर
मुख्य शब्द: राजकोषीय नीति · इंपोर्ट ड्यूटी · कमोडिटी मार्केट्स · कीमतों में उतार-चढ़ाव · पूंजी निर्माण
चर्चा में क्यों: वर्ष 2025 में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) द्वारा 18.9 बिलियन डॉलर की रिकॉर्ड निकासी दर्ज किए जाने के कारण वैश्विक मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारत की हिस्सेदारी में गिरावट आई है।
भारतीय बेंचमार्क लगभग 20.6 का प्राइस-अर्निंग (P/E) मल्टीपल बनाए रखते हैं। भारत वर्तमान में वैश्विक मार्केट कैप रैंकिंग में पांचवें स्थान पर है, जहाँ उसे ताइवान और दक्षिण कोरिया से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्य2025 में भारतीय इक्विटी से FPI आउटफ्लो रिकॉर्ड $18.9 बिलियन तक पहुंच गया।
तथ्यभारतीय बेंचमार्क P/E मल्टीपल लगभग 20.6 है।
तथ्यग्लोबल मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारत पांचवें स्थान पर है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय इक्विटी बाजारों में प्रत्यक्ष विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) प्रवाह की अस्थिरता में योगदान देने वाले कारकों का विश्लेषण कीजिए और घरेलू पूंजी स्थिरता को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
लिक्विडिटी रिस्क: हाई P/E मल्टीपल्स के दौरान ग्लोबल सेंटीमेंट और कैपिटल फ्लाइट के प्रति संवेदनशीलता
स्ट्रक्चरल शिफ्ट: ईस्ट एशियन मार्केट्स में सेमीकंडक्टर-आधारित रैलियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा
पॉलिसी ट्रेड-ऑफ: हाई वैल्यूएशन आकर्षण और टिकाऊ, लंबे समय के कैपिटल इनफ्लो की ज़रूरत के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: प्राइस-अर्निग मल्टीपल · फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स · पूंजी का बाहर जाना · मार्केट कैपिटलाइजेशन · उभरते बाजार
चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने 11 मई को शराब पर आधारित एक नया एक्साइज सिस्टम (Excise regime) लागू किया है। इसका उद्देश्य सामाजिक लागत (Social costs) के आधार पर टैक्स लगाना और अधिक अल्कोहल वाली शराब के सेवन को हतोत्साहित करना है।
कर्नाटक स्टेट बेवरेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (KSBCL) शराब की मात्रा और एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) के आधार पर स्वचालित रूप से कीमतों की गणना करेगा। वर्ष 2024-25 में शराब की सामाजिक लागत (Social Cost) ₹1,200 प्रति लीटर अनुमानित है, जिसके 2028-29 तक ₹2,000 प्रति लीटर तक बढ़ने का अनुमान है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यकर्नाटक में शराब की सोशल कॉस्ट (Social cost) 2028-29 तक ₹2,000 प्रति लीटर तक पहुँचने का अनुमान है।
संस्थाKSBCL (Karnataka State Beverage Corporation Ltd.) नई व्यवस्था के तहत कीमतों की गणना के लिए जिम्मेदार संस्था है।
स्थाननया एक्साइज रिजीम (excise regime) विशेष रूप से कर्नाटक राज्य के लिए है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में 'सामाजिक लागत' के आधार पर शराब पर कर लगाने की प्रक्रिया किस प्रकार सार्वजनिक स्वास्थ्य और व्यवहारिक परिवर्तन के लिए एक राजकोषीय उपकरण के रूप में कार्य करती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय-स्वास्थ्य संबंध: शराब से जुड़ी समस्याओं पर सार्वजनिक स्वास्थ्य खर्च कम करने के लक्ष्य के साथ राज्य के राजस्व सृजन में संतुलन
प्राइस इलास्टिसिटी: कम कीमत वाली शराब की कीमतों में बढ़ोतरी का हाशिए पर रहने वाले वर्गों पर असर बनाम प्रीमियम लेबल की कीमतों में गिरावट
मुख्य शब्द: राजकोषीय नीति · सामाजिक लागत · उत्पाद शुल्क · सार्वजनिक स्वास्थ्य · बिहेवियरल इकोनॉमिक्स
चर्चा में क्यों: ICRA Ltd ने अनुमान लगाया है कि ऑटो फ्यूल और घरेलू LPG पर अंडर-रिकवरी (under-recoveries) के कारण इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), BPCL और HPCL को रोजाना 1,000 करोड़ रुपये से 1,200 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा है।
उच्च वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के बावजूद, पेट्रोल, डीजल और LPG की घरेलू कीमतों में लगातार कम बने रहने के कारण यह नुकसान हो रहा है। सरकार ने ईंधन की लागत के बोझ के एक हिस्से को कम करने के लिए उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में कटौती करके हस्तक्षेप किया है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यICRA Ltd ने भारतीय OMCs के लिए प्रतिदिन 1,000 करोड़ रुपये से 1,200 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया है।
तथ्यअंडर-रिकवरी (Under-recoveries) का कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की उच्च कीमतों और घरेलू ईंधन की कम कीमतों के बीच का अंतर है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव के बीच ईंधन की वहनीय कीमतों को बनाए रखने में भारतीय तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के समक्ष आने वाली राजकोषीय और परिचालन संबंधी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय दबाव: OMC के प्रॉफिट मार्जिन में गिरावट के कारण एक्साइज ड्यूटी में कटौती के जरिए सरकारी हस्तक्षेप की ज़रूरत
मार्केट डिस्टॉर्शन: ग्लोबल क्रूड लागत और घरेलू रिटेल कीमतों के बीच का अंतर कॉर्पोरेट सॉल्वेंसी को प्रभावित कर रहा है
सब्सिडी की स्थिति: उपभोक्ताओं के लिए ईंधन सस्ता रखना और सार्वजनिक क्षेत्र के OMCs की वित्तीय सेहत बनाए रखने के बीच संतुलन
मुख्य शब्द: कम वसूली · राजकोषीय घाटा · उत्पाद शुल्क · मार्केट में उतार-चढ़ाव · सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
चर्चा में क्यों: SEBI ने BofA Securities India को इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) नियमों के उल्लंघन के आरोपों को सुलझाने का आदेश दिया है। यह आरोप डिजिटल डेटाबेस बनाए रखने में विफलता और 'चाइनीज वॉल' (Chinese wall) मानदंडों के उल्लंघन से संबंधित हैं।
SEBI की जांच 2024 में हुई एक शेयर बिक्री के कारण शुरू हुई, जिसमें आरोप है कि BofA Securities India ने संभावित निवेशकों से अपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (Unpublished Price-Sensitive Information) साझा की थी। इस फर्म पर इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) नियमों के लिए अनिवार्य डिजिटल डेटाबेस बनाए रखने में विफल रहने का भी आरोप लगाया गया है।
प्रीलिम्स बिंदु (2)
तथ्यBofA Securities India पर 2024 के शेयर सेल के दौरान 'Chinese wall' मानदंडों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।
तथ्ययह उल्लंघन इनसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) नियमों के लिए आवश्यक डिजिटल डेटाबेस बनाए रखने में विफलता से संबंधित था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूंजी बाजारों में बाजार की अखंडता बनाए रखने और इनसाइडर ट्रेडिंग (अन्तर्वर्ती व्यापार) को रोकने में 'चाइनीज वॉल्स' (Chinese walls) और डिजिटल ऑडिट ट्रेल्स के महत्व पर चर्चा कीजिए।
सूचना की असमानता: पसंदीदा इन्वेस्टर्स को प्राइस-सेंसिटिव डेटा लीक होने का जोखिम
रेगुलेटरी ओवरसाइट: रियल-टाइम कंप्लायंस मॉनिटरिंग के लिए ऑटोमेटेड डिजिटल डेटाबेस की ज़रूरत
संस्थागत अखंडता: सलाहकार और ट्रेडिंग शाखाओं के बीच हितों का टकराव प्रबंधन
मुख्य शब्द: इनसाइडर ट्रेडिंग · चाइनीज वॉल · मार्केट इंटीग्रिटी · कीमत-संवेदनशील जानकारी · रेगुलेटरी कंप्लायंस
चर्चा में क्यों: तमिलनाडु सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की योजना की घोषणा की है, जो प्रति माह 500 यूनिट से कम बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं पर लागू होगी। इस निर्णय से राज्य पर वार्षिक सब्सिडी का बोझ काफी बढ़ जाएगा।
तमिलनाडु ऊर्जा विभाग ने तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (TNPDCL) को ₹1,730 करोड़ की अतिरिक्त टैरिफ सब्सिडी देने का निर्देश दिया है। इस कदम से चालू वित्त वर्ष के लिए घरेलू उपभोक्ताओं को दी जाने वाली वार्षिक टैरिफ सब्सिडी ₹10,100 करोड़ के आंकड़े को पार करने की उम्मीद है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यमुफ्त बिजली योजना उन घरेलू उपभोक्ताओं पर लागू होती है जो मासिक 500 यूनिट से कम बिजली का उपयोग करते हैं।
तथ्यतमिलनाडु में वार्षिक घरेलू उपभोक्ता टैरिफ सब्सिडी (Domestic Consumer Tariff Subsidy) ₹10,100 करोड़ से अधिक होने की उम्मीद है।
संस्थाTNPDCL (Tamil Nadu Power Distribution Corporation Limited) वह संस्था है जो टैरिफ सब्सिडी (tariff subsidy) मुआवजा प्राप्त करती है।
तथ्ययह नई स्कीम राज्य के वार्षिक सब्सिडी बोझ को लगभग ₹2,000 करोड़ तक बढ़ा देती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय राज्यों में घरेलू उपभोक्ताओं को बड़े पैमाने पर बिजली सब्सिडी प्रदान करने के राजकोषीय निहितार्थों और सामाजिक-आर्थिक समझौतों (trade-offs) का विश्लेषण कीजिए।
राजकोषीय दबाव: बढ़ता राज्य कर्ज और सब्सिडी के बढ़ते खर्चों से बजट पर दबाव
इक्विटी बनाम एफिशिएंसी: बिजली तक सार्वभौमिक पहुंच और टिकाऊ टैरिफ स्ट्रक्चर की ज़रूरत के बीच संतुलन
रेवेन्यू लीकेज: पात्र लाभार्थियों की पहचान करने और घरेलू कनेक्शनों के कमर्शियल इस्तेमाल को रोकने में चुनौतियां
मुख्य शब्द: राजकोषीय संघवाद · सब्सिडी · सार्वजनिक वित्त · ऊर्जा सुरक्षा · समाज कल्याण