गुजरात सरकार ने 2030 तक ओवरहेड बिजली वितरण को अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क में बदलने के लिए 'गुजरात वायर-फ्री सिटी मिशन' को मंजूरी दी है
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चर्चा में क्यों
गुजरात सरकार ने 2030 तक ओवरहेड बिजली वितरण को अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क में बदलने के लिए 'गुजरात वायर-फ्री सिटी मिशन' को मंजूरी दी है।
पृष्ठभूमि
गुजरात वायर-फ्री सिटी मिशन का लक्ष्य 2030 तक राज्य के सभी शहरों को 'वायर-फ्री' बनाना है। इस पहल के तहत भूमिगत केबल नेटवर्क (underground cable networks) की ओर बढ़ने के लिए शुरुआती निवेश के रूप में 500 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है।
प्रीलिम्स के लिए तथ्य
- तथ्यगुजरात वायर-फ्री सिटी मिशन (Gujarat Wire-Free City Mission) के लिए शुरुआती निवेश 500 करोड़ रुपये है।
- तथ्यगुजरात के सभी शहरों को वायर-फ्री (wire-free) बनाने का लक्ष्य वर्ष 2030 है।
- स्थानइस मिशन को गुजरात सरकार द्वारा लागू किया जा रहा है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: तेजी से विकसित होते भारतीय शहरों में बिजली वितरण नेटवर्क को भूमिगत (undergrounding) करने से शहरी लचीलेपन और आपदा प्रबंधन में किस प्रकार सहायता मिलती है, इसका विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
- रेज़िलिएंस फैक्टर: चरम मौसम की घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाली बिजली कटौती को कम करना
- अर्बन एस्थेटिक्स: ओवरहेड हाई-टेंशन तारों से होने वाली विजुअल क्लटर और खतरों में कमी
- मेंटेनेंस लॉजिस्टिक्स: घने शहरी इलाकों में ओवरहेड लाइन्स के मुकाबले अंडरग्राउंड फॉल्ट्स को ठीक करने की जटिलता
मुख्य शब्द: अर्बन रेज़िलिएंस · इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट · आपदा न्यूनीकरण · बिजली वितरण · सतत शहरीकरण
अर्थव्यवस्था पर और नोट्स
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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।