यूपीएससी सिविल सेवा GS3 (अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा) के अर्थव्यवस्था भाग से जुड़ी हर ख़बर, परीक्षा के नज़रिए से: चर्चा में क्यों, पृष्ठभूमि, प्रीलिम्स के तथ्य, अभ्यास प्रश्न और मेन्स प्रश्न। अब तक 2,231 नोट्स, रोज़ अपडेट।
पाठ्यक्रम के विषय: बुनियादी ढांचा (ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, रेलवे) (496) · उद्योग, निवेश एवं MSME (447) · पूंजी बाज़ार एवं SEBI (293) · मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग (291) · विकास, महंगाई एवं वृहद आर्थिक संकेतक (269) · राजकोषीय नीति, बजट एवं कर (GST) (185) · रोज़गार एवं समावेशी विकास (135) · बाहरी क्षेत्र, व्यापार एवं FDI (115)
चर्चा में क्यों: ISRO के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड में अंशकालिक, गैर-आधिकारिक निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।
एस. सोमनाथ और आनंद महिंद्रा को 20 अगस्त, 2026 से शुरू होने वाली चार साल की अवधि के लिए निदेशक के रूप में नियुक्त/पुनर्नियुक्त किया गया है। केंद्रीय बोर्ड में आधिकारिक (सरकारी) और गैर-आधिकारिक दोनों सदस्य शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाRBI केंद्रीय बोर्ड: भारतीय रिज़र्व बैंक की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था।
पदएस. सोमनाथन: ISRO के पूर्व अध्यक्ष और चाणक्य विश्वविद्यालय के चांसलर।
तथ्यनिर्देशक का कार्यकाल: S. Somanathan और Anand Mahindra की नियुक्ति चार साल के कार्यकाल के लिए है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: प्रभावी मौद्रिक नीति के कार्यान्वयन हेतु भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के केंद्रीय बोर्ड में अंतरिक्ष और उद्योग जैसे विविध क्षेत्रों से गैर-आधिकारिक निदेशकों को शामिल करने के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: दूरसंचार विभाग (DoT) ने दुरुपयोग को रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से प्रति ग्राहक नए SIM कार्डों की संख्या नौ तक सीमित करने का निर्देश जारी किया है।
दूरसंचार विभाग (DoT) ने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (TSPs) को प्रति व्यक्ति नौ SIM कार्ड से अधिक के नए कनेक्शनों को अस्वीकार करने का निर्देश दिया है। सत्यापन हेतु डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) का उपयोग किया जाएगा, और निर्धारित सीमा से अधिक कनेक्शन वाले ग्राहकों के विवरण हेतु 23 अगस्त से उनके फोटोग्राफ उपलब्ध होंगे।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थादूरसंचार विभाग (DoT): भारत में दूरसंचार नियमों के लिए नोडल निकाय।
विज्ञान-तकनीकDigital Intelligence Platform (DIP): DoT द्वारा ग्राहक डेटा और SIM सीमाओं को सत्यापित करने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक प्लेटफॉर्म।
तथ्यप्रति उपभोक्ता के लिए मोबाइल कनेक्शन की निर्धारित सीमा नौ निर्धारित की गई है।
तथ्यदूरसंचार ऑपरेटरों को 30 नवंबर तक इन तकनीकी उपायों के कार्यान्वयन को पूरा करना होगा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए भारत में मोबाइल कनेक्शनों के विनियमन के महत्व पर चर्चा कीजिए।
मल्टीपल सिम के सुरक्षा संबंधी प्रभाव
DIP की तकनीकी भूमिका
सुरक्षा के साथ व्यक्तिगत प्राइवेसी को संतुलित करना
आगे का रास्ता: मज़बूत KYC नियम
मुख्य शब्द: राष्ट्रीय सुरक्षा · साइबरक्राइम · डिजिटल गवर्नेंस · KYC कंप्लायंस · रेगुलेटरी फ्रेमवर्क
चर्चा में क्यों: RBI द्वारा FCNR(B) योजना को समय से पूर्व बंद करने के पश्चात बॉन्ड यील्ड (Bond yields) में उछाल आया और यह 6.52% तक पहुंच गया, जो मौद्रिक नीति में बदलाव के प्रति बाजार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने FCNR(B) योजना को समय से पूर्व समाप्त कर दिया, जिससे इसकी अवधि में एक माह की कटौती हुई। इस निर्णय के परिणामस्वरूप बॉन्ड यील्ड में 6.31% से बढ़कर 6.52% की वृद्धि दर्ज की गई। कठोर मौद्रिक नीति के संकेतों के बावजूद, HDFC बैंक ने डॉलर बॉन्ड के माध्यम से सफलतापूर्वक $1.75 बिलियन जुटाए।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक नीति और FCNR(B) योजना के प्रबंधन के लिए उत्तरदायी है।
तथ्यFCNR(B) योजना की अवधि में कटौती के बाद बॉन्ड यील्ड 6.52% तक पहुँच गई।
तथ्यHDFC Bank ने तीन और पांच साल के डॉलर बॉन्ड के माध्यम से $1.75 बिलियन जुटाए।
विज्ञान-तकनीकFCNR(B): Foreign Currency Non-Resident (Bank) योजना गैर-निवासियों को विदेशी मुद्रा में धनराशि जमा करने की अनुमति देती है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के रुख और तरलता प्रबंधन उपकरणों का भारत में बॉन्ड यील्ड (ऋण प्रतिफल) और पूंजी बाजार की स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: SEBI ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) के ऑनबोर्डिंग की प्रक्रिया को गति देनेके उद्देश्य से, पावर ऑफ अटॉर्नी (PoA) दस्तावेजों के लिए नोटरीकरण, अपोस्टिलिसेशन या कांसुलरइज़ेशन की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित 'पॉवर ऑफ अटॉर्नी' (PoA) दस्तावेजों की अनुमति देने हेतु यह नियम लागू किया है। इस पहल का उद्देश्य प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर अनुपालन संबंधी बाधाओं को कम करना और वैश्विक पूंजी के लिए बाजार पहुंच को सुव्यवस्थित करना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाSEBI: भारत में प्रतिभूतियों और पूंजी बाजारों का प्राथमिक नियामक।
तथ्यFPI: Foreign Portfolio Investors वे संस्थाएं हैं जो शेयरों और बॉन्ड जैसे भारतीय वित्तीय परिसंपत्तियों में निवेश करती हैं।
विज्ञान-तकनीकApostillisation: Hague Convention के सदस्य देशों में उपयोग किए जाने वाले दस्तावेजों के प्रमाणीकरण का एक रूप।
तथ्यडिजिटल रूप से हस्ताक्षरित PoA दस्तावेजों के संबंध में नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: नियामक अनुपालन के सरलीकरण और प्रौद्योगिकी को अपनाने से वैश्विक पूंजी के लिए भारत की एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थिति को किस प्रकार सुदृढ़ किया जा सकता है, चर्चा कीजिए।
ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस
कैपिटल मार्केट लिक्विडिटी
फाइनेंस में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
FDI/FPI को आकर्षित करना
मुख्य शब्द: रेगुलेटरी ईज़ · कैपिटल मार्केट · डिजिटल ऑनबोर्डिंग · अनुपालन की बाधाएं · ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस
चर्चा में क्यों: एक अध्ययन से यह तथ्य सामने आया है कि सट्टा व्यापार पर अंकुश लगाने के लिए SEBI द्वारा किए गए नियामक उपायों के परिणामस्वरूप, वित्त वर्ष 2026 में 88% व्यक्तिगत व्यापारियों को ₹91,685 करोड़ का नुकसान हुआ।
वित्त वर्ष 2026 में, 88% व्यक्तिगत व्यापारियों को कुल ₹91,685 करोड़ का घाटा हुआ। नवंबर 2024 में SEBI द्वारा लागू किए गए उपायों के कारण, व्यक्तिगत भागीदारी वित्त वर्ष 2025 के 1 करोड़ से घटकर 18% की गिरावट के साथ 88 लाख व्यापारियों तक सीमित हो गई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाSEBI (Securities and Exchange Board of India) भारत में प्रतिभूति बाजार (securities market) का प्राथमिक नियामक है।
तथ्यव्यक्तिगत व्यापारियों की भागीदारी FY25 में 1 करोड़ से घटकर FY26 में 88 लाख रह गई।
तथ्यरिपोर्ट की गई अवधि के दौरान नए प्रवेशों में 40% की गिरावट आई, जबकि निकास (exits) बढ़कर लगभग 46 लाख तक पहुंच गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूंजी बाजारों में खुदरा भागीदारी पर विनियामक उपायों के प्रभाव और सट्टा जोखिमों से लघु निवेशकों की सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: दुबई चैम्बर्स ने Agentic AI के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने और दुबई एवं भारत के बीच व्यापार एवं निवेश को प्रोत्साहित करनेके उद्देश्य से NASSCOM और FKCCI के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
दुबई चैम्बर्स ने बेंगलुरु में NASSCOM और FKCCI के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए। वर्ष 2016 और 2025 के मध्य दुबई से भारत में निवेश $9.3 बिलियन तक पहुंच गया, जिससे 55,000 से अधिक रोजगार सृजित हुए।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्य2016 और 2025 के बीच दुबई द्वारा भारत में कुल निवेश $9.3 बिलियन रहा।
तथ्य2016-2025 की अवधि के दौरान दुबई के निवेशों ने भारत में 55,274 रोजगार सृजित किए।
विज्ञान-तकनीकAgentic AI से तात्पर्य उन AI प्रणालियों से है जो स्वायत्त और लक्ष्य-उन्मुख (goal-oriented) कार्यों में सक्षम होती हैं।
संस्थाNASSCOM: प्रौद्योगिकी और बिजनेस प्रोसेस मैनेजमेंट उद्योग के लिए भारत की प्रमुख व्यापारिक संस्था।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एजेंटिक एआई (Agentic AI) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के युग में भारत की आर्थिक वृद्धि के संदर्भ में भारत-यूएई आर्थिक सहयोग के महत्व की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: भारत सरकार ने खुदरा कीमतों में हो रही वृद्धि को स्थिर करने और आपूर्ति-पक्ष के झटकों (supply-side shocks) के प्रबंधन हेतु 10 लाख टन कच्चे चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति प्रदान की है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने 31 अक्टूबर तक शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति 'टैरिफ रेट कोटा' (TRQ) के अंतर्गत प्रदान की। थोक उपभोक्ताओं (जो प्रति माह 10 टन से अधिक का उपयोग करते हैं) पर स्टॉकहोल्डिंग सीमाएं लागू की गईं, जिसके तहत 1 सितंबर से 30 नवंबर तक स्टॉक को 15 दिनों की खपत तक सीमित कर दिया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यआयात कोटा: 10 लाख टन कच्ची चीनी।
तथ्यरिटेल चीनी की कीमतों में साल-दर-साल लगभग 13% की वृद्धि हुई।
तथ्यस्टॉकहोल्डिंग सीमा: थोक उपभोक्ताओं के लिए 15 दिनों की खपत तक सीमित।
संस्थाखाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) चीनी और खाद्य प्रसंस्करण नियमों की देखरेख करता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय कृषि बाजार में खाद्य सुरक्षा और मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने में आयात-निर्यात नीतियों और स्टॉकहोल्डिंग विनियमों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए विलंबित आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा और दंड के संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया गया है, जो कर अनुपालन और हानि को आगे ले जाने (loss carry-forward) के नियमों को प्रभावित करता है।
निर्धारण वर्ष (AY) 2026-27 के लिए, विलंबित रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2026 निर्धारित की गई है। विलंब से रिटर्न दाखिल करने वाले करदाताओं पर ₹5,000 का विलंब शुल्क (यदि आय ₹5 लाख से कम है, तो ₹1,000) और बकाया कर पर 1% मासिक ब्याज देय होगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यAY 2026-27 के लिए विलंबित आयकर रिटर्न (income tax return) जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2026 है।
तथ्यविलंब शुल्क (Late filing fee) ₹5,000 है, जिसे ₹5 लाख से कम आय वाले व्यक्तियों के लिए घटाकर ₹1,000 कर दिया गया है।
तथ्यविलंब से फाइलिंग करने वाले (Late filers) पूंजीगत, व्यावसायिक और F&O नुकसान को आगे ले जाने (carry forward) की क्षमता खो देते हैं।
तथ्यरिटर्न्स का E-verification 30 दिनों के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के राजकोषीय स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने में समयबद्ध कर-अनुपालन के महत्व और स्वैच्छिक अनुपालन पर कर दंड के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: लोकसभा ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A में संशोधन करने हेतु एक विधेयक पारित किया है, ताकि नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) को UPI लेनदेन के लिए शुल्क लेने की अनुमति प्रदान की जा सके।
यह विधेयक भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 में संशोधन का प्रस्ताव करता है। वर्तमान में, UPI के कारण NPCI को प्रतिवर्ष ₹20,000 करोड़ तक का व्यय होता है। सरकार का लक्ष्य कम मूल्य वाले भुगतानों को निःशुल्क रखना है, जबकि अन्य भुगतानों के लिए शुल्क अधिरोपित करने की संभावना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
अधिनियम / विधेयकPayment and Settlement Systems Act, 2007: भारत में इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणालियों को नियंत्रित करता है।
संस्थाNPCI: भारत में रिटेल भुगतान और सेटलमेंट सिस्टम संचालित करने वाला अंब्रेला संगठन।
तथ्यUPI की वार्षिक लागत: वर्तमान में ₹20,000 करोड़ तक अनुमानित है।
विज्ञान-तकनीकUPI: NPCI द्वारा विकसित एक रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम।
मेन्स के लिए
प्रश्न: यूपीआई (UPI) पर लेनदेन शुल्क लागू करने के वित्तीय समावेशन और भारत के डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे की स्थिरता पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: Equirus ब्रोकरेज की रिपोर्ट के अनुसार, निरंतर सुधारों के माध्यम से भारत 2036 तक 20 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक पहुँच सकता है, जिससे ऐसे उच्च विकास लक्ष्यों की व्यवहार्यता पर बहस छिड़ गई है।
यह रिपोर्ट $20 ट्रिलियन के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु 14.2% की मुद्रा वृद्धि दर और 3-3.6% की मुद्रा अधिमूल्यन (currency appreciation) का अनुमान प्रस्तुत करती है। इसके प्रमुख प्रेरक कारकों में शहरी शासन, सेवा क्षेत्र, मानव पूंजी और पूंजी बाजार में सुधार शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यअनुमानित लक्ष्य: 2036 तक $20 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था।
तथ्यअनुमानित रुपया वृद्धि दर: 14.2%।
तथ्यअनुमानित मुद्रा अधिमूल्यन (Currency Appreciation): 3-3.6%।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत को 2036 तक 20 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए आवश्यक संरचनात्मक सुधारों का समालोचनात्मक परीक्षण कीजिए, जिसमें मानव पूंजी और शहरी शासन की चुनौतियों को संबोधित किया गया हो।
सेवा और कैपिटल मार्केट में स्ट्रक्चरल सुधार
ह्यूमन कैपिटल डेवलपमेंट
शहरी शासन की चुनौतियां
चीन के ग्रोथ मॉडल के साथ तुलनात्मक विश्लेषण
मुख्य शब्द: संरचनात्मक सुधार · मानव पूंजी · ग्रोथ ट्रेजेक्टरी · कैपिटल मार्केट्स · शहरी शासन
चर्चा में क्यों: SEBI ने BSE Sensex क्लोजिंग ऑक्शन में हेरफेर करने के लिए JPMorgan की एक इकाई और एक स्थानीय फर्म पर प्रतिबंध लगाया है, जो नव-परिचल्पित ऑक्शन-आधारित मूल्य निर्धारण प्रणाली की संवेदनशीलता को रेखांकित करता है।
SEBI ने Copthall Mauritius Investment Ltd. (JPMorgan इकाई) और Mansi Share से अनुचित लाभ के रूप में ₹37 मिलियन ($386,000) जब्त किए हैं। यह हेरफेर BSE Sensex Index को प्रभावित करने के उद्देश्य से 13 अगस्त को क्लोजिंग ऑक्शन विंडो के दौरान किया गया था।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाSEBI: Securities and Exchange Board of India, भारत में प्रतिभूतियों और पूंजी बाजारों का प्राथमिक नियामक।
तथ्यभारतीय शेयर बाजार का मूल्यांकन लगभग $5.1 ट्रिलियन है।
स्थानBSE Sensex: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स।
विज्ञान-तकनीकनीलामी-आधारित प्रणाली (Auction-based system): शेयरों की समापन कीमत निर्धारित करने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक तंत्र, जो वैश्विक मानकों के अनुरूप है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: उच्च-आवृत्ति व्यापार (High-frequency trading) और परिष्कृत बाजार हेरफेर की तकनीकों के दौर में बाजार की अखंडता बनाए रखने में नियामकों के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: विदेशी निवेशकों द्वारा की गई व्यापक बिकवाली के पश्चात, SEBI विदेशी संस्थागत पूंजी को आकर्षित करनेके उद्देश्य से तरल शेयरों (liquid stocks) के लिए संपार्श्विक आवश्यकताओं (collateral requirements) को 15%-20% तक कम करने की योजना बना रहा है।
SEBI का उद्देश्य अत्यधिक तरल शेयरों के लिए संपार्श्विक आवश्यकताओं को 15% से 20% तक कम करना है। इन सुधारों का लक्ष्य उस प्रवृत्ति का मुकाबला करने के लिए है जिसमें विदेशी स्वामित्व 17 वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया और अक्टूबर 2024 से जून 2026 के बीच भारतीय इक्विटी में 50 बिलियन डॉलर से अधिक की बिक्री हुई।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाSEBI: भारत में प्रतिभूतियों और पूंजी बाजारों का प्राथमिक नियामक।
तथ्यरिपोर्टिंग अवधि तक भारतीय इक्विटी में विदेशी स्वामित्व 17 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया।
तथ्यअक्टूबर 2024 और जून 2026 के बीच विदेशियों द्वारा $50 बिलियन से अधिक मूल्य के भारतीय इक्विटीज (equities) बेचे गए।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विदेशी संस्थागत निवेश (FII) को आकर्षित करने में पूंजी बाजार सुधारों के महत्व और भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता पर उनके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: वैश्विक तेल की कीमतों में वृद्धि के बीच रुपये को डॉलर के मुकाबले स्थिर करनेके लिए RBI ने लगातार नौ सत्रों तक विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये की कमजोरी को नियंत्रित करनेके लिए विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया। यह कार्रवाई ऊर्जा की बढ़ती लागत और उसके परिणामस्वरूप भारतीय इक्विटी सूचकांकों में आई गिरावट के कारण की गई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक नीति और विदेशी मुद्रा भंडार के प्रबंधन के लिए उत्तरदायी है।
तथ्यरुपये को स्थिर करनेके लिए RBI ने लगातार नौ व्यापारिक सत्रों (trading sessions) तक हस्तक्षेप किया।
तथ्यGoldman Sachs ने Shiprocket के स्टॉक डेब्यू के दौरान 40 लाख से अधिक शेयर खरीदे।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विनिमय दर की अस्थिरता के प्रबंधन में भारतीय रिज़र्व बैंक की भूमिका तथा घरेलू मुद्रास्फीति एवं इक्विटी बाजारों पर इसके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: RBI की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) ने निरंतर बनी हुई मुद्रास्फीति की चुनौतियों और अनुमानित मुख्य मुद्रास्फीति (headline inflation) के उच्चतम स्तर को देखते हुए नीतिगत दर को 5.25% पर अपरिवर्तित रखा।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की बैठक 3 से 5 अगस्त के मध्य आयोजित की गई। नीतिगत दर 5.25% पर स्थिर बनी हुई है। अनुमान है कि मुख्य मुद्रास्फीति (headline inflation) वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही में 5.9% के शिखर पर पहुँच जाएगी और वित्त वर्ष 2027 के लिए मुख्य मुद्रास्फीति (core inflation) 4.3% रहने का अनुमान है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यRBI पॉलिसी रेट: अगस्त की बैठक तक 5.25%।
तथ्यअनुमानित हेडलाइन मुद्रास्फीति का शिखर: Q3 2026-27 में 5.9%।
तथ्यFY27 के लिए अनुमानित मुख्य मुद्रास्फीति (core inflation): 4.3%।
पदसंजय मल्होत्रा: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एक अस्थिर व्यापक आर्थिक परिवेश में मुद्रास्फीति नियंत्रण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करने में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के समक्ष आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: SEBI अध्यक्ष ने अक्षम और महंगी अंडरराइटिंग प्रणालियों के समाधान तथा पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं में सुधार हेतु SME IPO नियमों की समीक्षा की घोषणा की है।
SEBI लघु और मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए विशेष रूप से IPO नियमों की समीक्षा कर रहा है ताकि लागत में कमी लाई जा सके। नियामक भारत से वैश्विक कोष प्रबंधन (global fund management) को समर्थन देने के लिए पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (PMS) के नियमों में संशोधन करने पर भी विचार कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाSEBI: Securities and Exchange Board of India भारत में प्रतिभूति बाजार (securities market) का प्राथमिक नियामक है।
तथ्यSME Platform: लघु और मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने हेतु एक समर्पित मंच।
विज्ञान-तकनीकपोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS): किसी व्यक्ति के निवेश पोर्टफोलियो का एक पेशेवर प्रबंधन।
मेन्स के लिए
प्रश्न: एसएमई (SMEs) के लिए आईपीओ (IPO) नियमों को सुव्यवस्थित करना किस प्रकार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा दे सकता है और भारतीय पूंजी बाजारों को और अधिक गहरा बना सकता है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: IndiGo की वेबसाइट पर तकनीकी विफलताएँ देखी गईं, जबकि साथ ही यह एयरलाइन बाजार में प्रभुत्व के संबंध में Competition Commission of India (CCI) द्वारा की जा रही प्रतिस्पर्धा-विरोधी जाँच का सामना कर रही है।
IndiGo भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) दिसंबर माह में हुई उड़ानों के निरस्तीकरण और व्यवधानों की जांच कर रहा है, जिसके कारण देश भर के हवाई अड्डों पर अव्यवस्था उत्पन्न हुई थी।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाCompetition Commission of India (CCI): Competition Act, 2002 को लागू करने के लिए उत्तरदायी वैधानिक निकाय।
तथ्यIndiGo वर्तमान में भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन कैरियर है।
विज्ञान-तकनीकएयरलाइन वेबसाइटों पर तकनीकी समस्याएँ ऑनलाइन बुकिंग और चेक-इन सिस्टम में सेवा व्यवधान का कारण बन सकती हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विमानन क्षेत्र में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए बाजार प्रभुत्व को विनियमित करने में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का विस्तार करते हुए इसमें ₹1.20 लाख तक की वार्षिक आय वाले लाभार्थियों को शामिल किया है, जिससे 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित होंगे।
कर्नाटक सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की समीक्षा की और ₹32,000 से ₹1.20 लाख के बीच वार्षिक आय वाले लाभार्थियों को इसमें सम्मिलित करने का निर्णय लिया है। यह निर्णय एक ऐसी समीक्षा के उपरांत लिया गया है, जिसमें इस विशिष्ट आय वर्ग के अंतर्गत लगभग 23.14 लाख लाभार्थियों की पहचान की गई है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यकर्नाटक सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लिए संशोधित वार्षिक आय सीमा ₹1.20 लाख है।
तथ्ययह योजना कर्नाटक राज्य के 20 लाख से अधिक लोगों को लाभान्वित करती है।
संस्थापेंशन वितरण का आदेश जारी करने के लिए राजस्व विभाग (Revenue Department) नोडल निकाय है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए गरीबी को कम करने और आर्थिक समावेश सुनिश्चित करने में समावेशी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बिहार में प्रमुख रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं और चार-लेन राजमार्ग विस्तार को स्वीकृति प्रदान की है।
कैबिनेट ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को 9,450 करोड़ रुपये की लागत पर स्वीकृति प्रदान की है। इसके अतिरिक्त, बिहार में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा खंड को अनुमानित 3,590.73 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत किया जाएगा।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यरेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं की कुल लागत: Rs 9,450 करोड़।
स्थानNH-22 का अपग्रेडेशन बिहार में मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा खंड को कवर करता है।
तथ्यNH-22 के उन्नयन की लागत: Rs 3,590.73 करोड़।
स्थानआंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लिए रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाने के 'गति शक्ति' विजन में बहु-मोडल परिवहन बुनियादी ढांचे का विस्तार किस प्रकार योगदान देता है, चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: MMRDA ने मुंबई महानगर क्षेत्र में भूमि दबाव और बुनियादी ढांचे के तनाव को कम करने के उद्देश्य से नवी मुंबई एयरपोर्ट के निकट 'मुंबई 3.0' नामक एक विशाल शहरी विस्तार परियोजना की घोषणा की है।
यह परियोजना रायगढ़ जिले के 124 गाँवों में फैले 323.44 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को कवर करती है। इसमें ब्रुकफील्ड (Brookfield) की ओर से $12 बिलियन का निवेश शामिल है और इसमें वर्ष 2026-27 तक बुनियादी ढांचा विकास हेतु ₹4,000 करोड़ का आवंटन सम्मिलित है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानप्रस्तावित Mumbai 3.0 शहरी केंद्र के लिए रायगढ़ जिला प्रस्तावित स्थान है।
तथ्ययह परियोजना 323.44 वर्ग किमी के क्षेत्र को कवर करती है।
संस्थाMMRDA (Mumbai Metropolitan Region Development Authority) इस परियोजना के लिए नोडल एजेंसी है।
तथ्यइस परियोजना को Brookfield से $12 बिलियन के निवेश का समर्थन प्राप्त है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के महानगरों में तीव्र शहरीकरण और बुनियादी ढाँचे के दबाव को प्रबंधित करनेके लिए उपग्रह शहरी केंद्रों (सैटेलाइट अर्बन सेंटर्स) के निर्माण से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और अवसरों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सिटी गैस वितरण संस्थाओं को सब्सिडी प्रदान करके घरेलू पाइपड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों की प्रक्रिया को गति देनेके लिए एक योजना की घोषणा की है।
इस योजना का उद्देश्य शहर गैस वितरण संस्थाओं के लिए पुनर्भुगतान अवधि (payback period) को 10 वर्षों से घटाकर 3 वर्ष करना है। वर्तमान में, भारत में 1.74 करोड़ PNG कनेक्शन उपलब्ध हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यवर्तमान में भारत में 1.74 करोड़ घरेलू पाइपड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन हैं।
तथ्यनई योजना का उद्देश्य गैस वितरण संस्थाओं के लिए पेबैक अवधि (payback period) को 10 वर्ष से घटाकर 3 वर्ष करना है।
विज्ञान-तकनीकPNG, घरेलू उपयोग के लिए LPG सिलेंडरों की तुलना में एक स्वच्छ और सुरक्षित विकल्प है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के स्वच्छ ऊर्जा की ओर संक्रमण में पाइपयुक्त प्राकृतिक गैस (PNG) बुनियादी ढांचे के विस्तार के महत्व और ग्रामीण-शहरी ऊर्जा समानता पर इसके प्रभाव की चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: अमेरिका, इजरायल और ईरान के मध्य भू-राजनीतिक तनाव ने तेल और गैस की आपूर्ति को बाधित कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप ऊर्जा की कमी को पूरा करनेके लिए वैश्विक स्तर पर कोयले की खपत में भारी वृद्धि हुई है।
थुंगेला रिसोर्सेज (दक्षिण अफ्रीका) ने कोयले की बढ़ती मांग के कारण अपने अर्ध-वार्षिक लाभ में दोगुनी वृद्धि दर्ज की है। इसके प्रमुख आयातक देशों में चीन, भारत, जापान और कई दक्षिण-पूर्वी एशियाई एवं यूरोपीय देश शामिल हैं। उच्च कोयला कीमतों से लाभान्वित होने वाले प्रमुख निर्यातक देशों में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और रूस शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यमांग में उछाल के बावजूद कोयले की कीमतें तेल की तुलना में सस्ती बनी हुई हैं।
स्थानThungela Resources दक्षिण अफ्रीका स्थित एक थर्मल कोयला उत्पादक है।
तथ्यप्रमुख कोयला निर्यातकों में इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और रूस शामिल हैं।
मेन्स के लिए
प्रश्न: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक संघर्षों का वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की ओर संक्रमण पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: RBI ने ब्याज दर संचरण (interest rate transmission) को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से फ्लोटिंग-रेट होम लोन के रिसेट चक्र को वार्षिक से घटाकर प्रति तीन माह करने का एक मसौदा प्रस्तावित किया है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) का यह प्रस्ताव फ्लोटिंग-रेट गृह ऋणों के लिए प्रत्येक तीन माह में ब्याज दरों को पुन: निर्धारित करने का लक्ष्य रखता है। इस मसौदा प्रस्ताव में 11 सितंबर, 2026 तक सार्वजनिक टिप्पणियों को आमंत्रित किया गया है, तथा इसे 1 अप्रैल, 2027 से लागू करने की योजना है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
संस्थाRBI: भारत का केंद्रीय बैंक जो मौद्रिक नीति और बैंकिंग विनियमन के लिए उत्तरदायी है।
तथ्यप्रस्तावित पुन: निर्धारण आवृत्ति: प्रत्येक तीन महीने (पूर्व में वार्षिक)।
तथ्यअनुप्रयोज्यता: विशेष रूप से गृह ऋण (home loans) को लक्षित करता है; व्यक्तिगत और ऑटो ऋण (personal and auto loans) को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
तथ्यप्रवासन की समय सीमा: मौजूदा उधारकर्ताओं को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 1 अप्रैल, 2029 तक माइग्रेट करना होगा।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा गृह ऋणों के लिए ब्याज दर पुन: निर्धारण चक्र (interest rate reset cycle) को छोटा करने के प्रस्ताव का भारत में अधिक कुशल मौद्रिक नीति संचरण (monetary policy transmission) में योगदान कैसे होता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: कोटक महिंद्रा बैंक ने अपने प्रथम ऋण निर्गम (debt issuance) के माध्यम से सफलतापूर्वक $2.1 बिलियन जुटाए हैं, जो भारतीय कॉर्पोरेट बॉन्डों के प्रति वैश्विक निवेशकों की प्रबल रुचि को रेखांकित करता है।
कोटक महिंद्रा बैंक ने S&P द्वारा 'BBB' रेटिंग प्राप्त पांच वर्षीय बॉन्ड की कीमत 5.47% निर्धारित की है। इस निर्गम के दौरान अंतरराष्ट्रीय परिसंपत्ति प्रबंधकों और पेंशन फंडों से 2.1 बिलियन डॉलर की चरम मांग दर्ज की गई। SEBI वर्तमान में कॉर्पोरेट बॉन्ड वितरण ढांचे को परिष्कृत करने के लिए एक परामर्श पत्र तैयार कर रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यकोटक महिंद्रा बैंक के पांच-वर्षीय बॉन्ड की कीमत 5.47% निर्धारित की गई।
संस्थाS&P (Standard & Poor's) ने बॉन्ड के लिए 'BBB' रेटिंग प्रदान की।
संस्थाSEBI वह नियामक संस्था है जो कॉर्पोरेट बॉन्ड वितरण पर एक परामर्श पत्र (consultation paper) तैयार कर रही है।
तथ्यएक बेसिस पॉइंट (bps) 0.01 प्रतिशत बिंदु के बराबर होता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में कॉर्पोरेट बॉन्ड बाजार को गहरा करने के महत्व और खुदरा भागीदारी बढ़ाने में विनियामक सुधारों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: कर्नाटक सरकार ने 'कोड ऑन वेजेज, 2019' के अनुरूप मई 2026 के लिए निर्धारित न्यूनतम मजदूरी संशोधनों की समीक्षा करने हेतु एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया है।
उप-समिति का नेतृत्व उप-मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर द्वारा किया जा रहा है और इसमें सात अन्य मंत्री शामिल हैं। यह समीक्षा 13 अगस्त को हुई कैबिनेट की विचार-विमर्श के उपरांत, मजदूरी संहिता, 2019 (Code on Wages, 2019) पर आधारित है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
अधिनियम / विधेयकCode on Wages, 2019: न्यूनतम मजदूरी, मजदूरी और बोनस को सरल और सार्वभौमिक बनाने के उद्देश्य से एक केंद्रीय विधान।
तथ्यन्यूनतम मजदूरी संशोधन के लिए अधिसूचना 22 मई, 2026 के लिए निर्धारित है।
संस्थाकैबिनेट उप-समिति (Cabinet Sub-committee): मंत्रियों का एक छोटा समूह जिसे अंतिम कैबिनेट निर्णय से पहले विशिष्ट मुद्दों की विस्तार से जांच करने के लिए नियुक्त किया जाता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में औद्योगिक विकास और श्रम कल्याण पर न्यूनतम मजदूरी संशोधनों के प्रभाव की चर्चा कीजिए। श्रम संहिता, 2019 इन परस्पर विरोधी हितों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए किस प्रकार लक्षित है? विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: VB-G RAM जी. अधिनियम के कारण ग्रामीण रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण गिरावट आई है, जो जुलाई 2025 की तुलना में 40% से अधिक कम हो गई है।
VB-G RAM जी. अधिनियम के अंतर्गत केंद्र सरकार के रोजगार गारंटी कानूनों के तहत रोजगार सृजन में 40% की गिरावट दर्ज की गई है। जुलाई 2026 के लिए अंतिम आंकड़े लगभग 9 करोड़ व्यक्ति-दिवस होने का अनुमान है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यVB-G RAM G Act के तहत रोजगार सृजन में जुलाई 2025 की तुलना में 40% से अधिक की गिरावट आई है।
तथ्यजुलाई 2026 के लिए अनुमानित रोजगार लगभग 9 करोड़ व्यक्ति-दिन है।
संस्थाVB-G RAM G Act केंद्र सरकार का रोजगार गारंटी कानून है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: रोजगार गारंटी योजनाओं में विधायी परिवर्तनों का ग्रामीण आजीविका और कृषि कार्यबल की सामाजिक-आर्थिक स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: India Ratings & Research (Ind-Ra) ने मुद्रास्फीति के दबाव और बाहरी झटकों के कारण वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए भारत की GDP वृद्धि दर में गिरावट का अनुमान लगाते हुए इसे 6.8% प्रक्षेपित किया है।
Ind-Ra ने अनुमान लगाया है कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की विकास दर वित्त वर्ष 2026 के 7.6% से घटकर वित्त वर्ष 2027 में 6.8% हो जाएगी। इसके प्रमुख कारकों में पश्चिम एशिया के संघर्ष से उत्पन्न मुद्रास्फीति, कृषि पर एल नीनो (El Niño) का प्रभाव और कच्चे तेल की अनुमानित कीमत $85 प्रति बैरल शामिल हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यInd-Ra ने FY27 के लिए अनुमानित GDP वृद्धि दर 6.8% बताई है।
तथ्यअनुमानित कच्चे तेल की कीमत: $85 प्रति बैरल।
तथ्यअनुमानित रुपया-डॉलर विनिमय दर: ₹93.98।
तथ्यअनुमानित चालू खाता घाटा (CAD): GDP का 1.5%।
तथ्यअनुमानित खुदरा मुद्रास्फीति: 4.9%।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत की अनुमानित जीडीपी (GDP) में मंदी के लिए उत्तरदायी बाह्य और जलवायु कारकों का विश्लेषण कीजिए तथा खाद्य एवं ईंधन मुद्रास्फीति को कम करने के लिए आवश्यक उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: राज्य के जहाज निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देनेकेरल सरकार ने ₹5,000 करोड़ की जहाज ब्लॉक निर्माण परियोजना के लिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) को 18.16 एकड़ भूमि पट्टे पर दी है।
केरल सरकार ने रामनथुरुथ में 18.16 एकड़ भूमि को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) को पट्टे पर दिया है। इस परियोजना में ₹5,000 करोड़ का निवेश शामिल है और इससे लगभग 2,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यCochin Shipyard Limited (CSL) एक प्रमुख भारतीय जहाज निर्माण और मरम्मत कंपनी है।
तथ्यपरियोजना का निवेश ₹5,000 करोड़ आंका गया है।
स्थानकेरल में शिप ब्लॉक निर्माण परियोजना के लिए रामनथुरुथ को विशिष्ट स्थल के रूप में नामित किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के समुद्री बुनियादी ढांचे के विकास और रोजगार सृजन में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और राज्य-नेतृत्व वाले औद्योगिक निवेश के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: जुलाई 2026 में भारत के कच्चे तेल के आयात बिल में 41% की महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई, जो भारत के व्यापार संतुलन पर वैश्विक मूल्य अस्थिरता के प्रभाव को रेखांकित करती है।
जुलाई 2026 में, भारत का कच्चे तेल का आयात बिल 13.7 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो वार्षिक आधार पर 41% की वृद्धि दर्शाता है। कच्चे तेल की टोकरी की औसत कीमत 82.04 डॉलर प्रति बैरल रही, जबकि तेल और गैस का कुल शुद्ध आयात बिल बढ़कर 11.2 बिलियन डॉलर हो गया।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यजुलाई 2026 में भारत का कच्चा तेल आयात बिल: $13.7 बिलियन।
तथ्यजुलाई 2026 में कच्चे तेल का आयात आयतन: 21.4 मिलियन मीट्रिक टन।
तथ्यजुलाई 2026 में औसत कच्चे तेल की टोकरी की कीमत: $82.04 प्रति बैरल।
तथ्यजुलाई 2026 में पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात: 5.5 MMT।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में होने वाली अस्थिरता का भारत के चालू खाता घाटे पर पड़ने वाले प्रभावों का विश्लेषण कीजिए और ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए उपयुक्त उपायों का सुझाव दीजिए।
चर्चा में क्यों: रक्षा मंत्रालय ने 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के अंतर्गत घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देनेके उद्देश्य से 405 वस्तुओं की छठी स्वदेशीकरण सूची अधिसूचित की है।
रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशीकरण हेतु 405 रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण वस्तुओं की एक सूची जारी की है। इन वस्तुओं के लिए अनुमानित व्यावसायिक क्षमता लगभग 3,070 करोड़ रुपये है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यछठी स्वदेशीकरण सूची (indigenisation list) में 405 रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण वस्तुएं शामिल हैं।
तथ्यअधिसूचित सूची की अनुमानित व्यावसायिक क्षमता ₹3,070 करोड़ है।
योजनाAatmanirbhar Bharat विनिर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली एक व्यापक पहल है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: 'आत्मनिर्भर भारत' पहल के अंतर्गत रक्षा विनिर्माण के स्वदेशीकरण से भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और आर्थिक विकास को मिलने वाले योगदान का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: 'मिशन समुद्र' के अंतर्गत एक प्रमुख समुद्री द्वार स्थापित करनेके उद्देश्य से केरल ने विझिनजम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह पर पूर्ण EXIM परिचालन शुरू कर दिया है।
विझिनजम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह की क्षमता 2.3 मिलियन TEUs (Twenty-foot Equivalent Units) है। इसे राज्य के समुद्री विजन के अंतर्गत लॉजिस्टिक्स पार्कों, क्रूज टर्मिनलों और शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए एक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
स्थानविझिनजम पोर्ट केरल राज्य में स्थित है।
तथ्यइस बंदरगाह की क्षमता 2.3 million TEU है।
योजनामिशन Samudra केरल के समुद्री बुनियादी ढांचे (maritime infrastructure) को विकसित करने के उद्देश्य से राज्य की एक पहल है।
तथ्ययह बंदरगाह अंतर्राष्ट्रीय EXIM (निर्यात-आयात) संचालन को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: विझिंजम जैसे गहरे पानी के बंदरगाहों का विकास किस प्रकार भारत के समुद्री व्यापार को सुदृढ़ कर सकता है और 'ब्लू इकोनॉमी' (नीली अर्थव्यवस्था) के लक्ष्यों में किस प्रकार योगदान दे सकता है, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: माल ढुलाई की बढ़ती लागत के बावजूद, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात में भारी उछाल के कारण जुलाई में भारत का वस्तु निर्यात रिकॉर्ड 44.24 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।
जुलाई माह में, भारत का वस्तु निर्यात 44.24 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो वार्षिक आधार पर 19.6% की वृद्धि दर्शाता है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में 57.4% की भारी वृद्धि के साथ यह 5.9 बिलियन डॉलर हो गया, जबकि इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात में 17.7% की वृद्धि के साथ यह 12.24 बिलियन डॉलर दर्ज किया गया।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यजुलाई में भारत का वस्तु निर्यात रिकॉर्ड $44.24 बिलियन तक पहुंच गया।
तथ्यजुलाई में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 57.4% बढ़कर लगभग $5.9 बिलियन हो गया।
तथ्यचीन को निर्यात में वार्षिक आधार पर 64.57% की वृद्धि के साथ $2.2 बिलियन दर्ज किया गया।
तथ्यइंजीनियरिंग सामान का निर्यात 17.7% बढ़कर $12.24 बिलियन हो गया।
तथ्यमध्य पूर्व को निर्यात 8.6% बढ़कर $5.7 बिलियन हो गया।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत के व्यापारिक निर्यात (merchandise exports) की वृद्धि में योगदान देने वाले कारकों और समुद्री व्यापार पर वैश्विक भू-राजनीतिक व्यवधानों द्वारा उत्पन्न चुनौतियों का विश्लेषण कीजिए।
वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स की ओर बदलाव
बाज़ारों का विविधीकरण (आसियान, अफ्रीका)
फ्रेट कॉस्ट और जियोपॉलिटिकल डेडलॉक का असर
लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर की चुनौतियां
मुख्य शब्द: मालसमान निर्यात · वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स · मार्केट डाइवर्सिफिकेशन · माल ढुलाई लागत · भू-राजनीतिक व्यवधान
चर्चा में क्यों: JPMorgan ने चेतावनी दी है कि भू-राजनीतिक तनाव, उर्वरक की कमी और El Niño जैसी जलवायु घटनाओं के कारण वैश्विक खाद्य मुद्रास्फीति 2027 तक 5% तक पहुँच सकती है।
JPMorgan के अनुसार, 2027 की शुरुआत तक वैश्विक खाद्य मुद्रास्फीति की दर 5% रहने का अनुमान है। इसके प्रमुख कारकों में मध्य पूर्व के तनाव, उर्वरक आपूर्ति की बाधाएं और मौसम के पैटर्न पर एल नीनो (El Niño) का प्रभाव शामिल है। भारत के संदर्भ में, प्राथमिक जोखिम उच्च उर्वरक लागत और मानसून पर निर्भरता हैं।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
तथ्यJPMorgan ने 2027 तक खाद्य मुद्रास्फीति (food inflation) का अनुमान 5% लगाया है।
विज्ञान-तकनीकएल नीनो (El Niño): एक जलवायु पैटर्न जिसमें पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के सतही जल का तापमान बढ़ जाता है।
तथ्यप्रमुख जोखिम कारक: उर्वरक की कमी और मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनाव।
मेन्स के लिए
प्रश्न: वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और जलवायु परिवर्तन भारत की खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों की चर्चा कीजिए।
किसानों की आय पर प्रभाव
मानसून पर निर्भरता के जोखिम
क्लाइमेट-रेज़िलिएंट एग्रीकल्चर की ज़रूरत
ग्लोबल सप्लाई चेन की कमज़ोरियाँ
मुख्य शब्द: खाद्य महंगाई · क्लाइमेट-रेज़िलिएंट एग्रीकल्चर · सप्लाई चेन में रुकावट · मानसून पर निर्भरता · भू-राजनीतिक जोखिम
चर्चा में क्यों: भारतीय शेयर बाजार में जेन-जी (Gen-Z) और युवाओं की बढ़ती भागीदारी के कारण महत्वपूर्ण वित्तीय हानि हुई है, जो खुदरा निवेश व्यवहार में निहित जोखिमों को रेखांकित करती है।
30 वर्ष से कम आयु के निवेशक अब भारत के कुल निवेशक आधार का 37.9% हिस्सा हैं, जो पांच वर्ष पूर्व 23.5% था। वित्त वर्ष 2025 (FY25) में, इन युवा निवेशकों में से 91% को वित्तीय हानि हुई, जिसमें शुद्ध हानि 1.05 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यभारत में 30 वर्ष से कम आयु के निवेशक कुल निवेशक आधार का 37.9% हिस्सा हैं।
तथ्यजून 2026 तक भारत में Demat खातों की संख्या 23 करोड़ को पार कर गई।
तथ्यभारतीय निवेशकों की औसत आयु मार्च 2020 में 38 से घटकर जून 2026 में 33 हो गई।
तथ्यवित्त वर्ष 2025 में युवा निवेशकों द्वारा शुद्ध हानि 1.05 लाख करोड़ रुपये से अधिक रही।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय युवाओं के बीच रिटेल ट्रेडिंग में तीव्र वृद्धि के कारकों और पूंजी बाजारों में सूचना की विषमता (information asymmetry) के निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: NSE और BSE ने F&O-पात्र शेयरों के लिए क्लोजिंग तंत्र को 10-मिनट की नीलामी में परिवर्तित कर दिया है, जिससे विकल्पों (options) के व्यापारियों के लिए मूल्य निर्धारण और समय क्षय (time decay) प्रभावित हुआ है।
F&O-पात्र शेयरों के लिए निरंतर व्यापार दोपहर 3:15 बजे समाप्त हो जाता है, जिसके पश्चात दोपहर 3:28 से 3:30 बजे के मध्य क्लोजिंग ऑक्शन (समापन नीलामी) आयोजित की जाती है। अंतिम मूल्य दोपहर 3:35 बजे तक प्रकाशित कर दिया जाता है, जबकि इक्विटी डेरिवेटिव्स का व्यापार दोपहर 3:40 बजे तक निरंतर जारी रहता है।
प्रीलिम्स बिंदु (4)
तथ्यऑक्शन विंडो बंद होने का समय: 3:28 PM से 3:30 PM।
तथ्यनिरंतर व्यापार (Continuous trading) समाप्त: 3:15 PM।
तथ्यइक्विटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग का समापन: 3:40 PM।
तथ्यमूल्य निर्धारण: नीलामी मूल्य 3% के बैंड के भीतर हो सकता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारतीय पूंजी बाजारों में बाजार की कार्यप्रणाली और मूल्य निर्धारण तंत्र में होने वाले परिवर्तन, निवेशकों के व्यवहार और बाजार की दक्षता को किस प्रकार प्रभावित करते हैं, इसका विश्लेषण कीजिए।
चर्चा में क्यों: SEBI ने स्पष्ट किया है कि विवेकाधीन पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (PMS) के ग्राहक व्यक्तिगत ऋण के लिए अपनी प्रतिभूतियों को संपार्श्विक (collateral) के रूप में गिरवी रख सकते हैं।
SEBI ने PMS में प्रतिभूतियों के स्वामित्व के संबंध में 'शेयर इंडिया सिक्योरिटीज' को एक अनौपचारिक मार्गदर्शन पत्र जारी किया है। यह स्पष्टीकरण PMS विनियम, 2020 के विनियमन 23(8) के अनुरूप है, जो प्रबंधकों को ग्राहकों की ओर से ऋण लेने से प्रतिबंधित करता है, किंतु ग्राहकों द्वारा शुरू किए गए बंधक (pledges) की अनुमति प्रदान करता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
संस्थाSEBI (Securities and Exchange Board of India) भारत में प्रतिभूति बाजार (securities market) का प्राथमिक नियामक है।
तथ्यPMS Regulations, 2020 का Regulation 23(8), पोर्टफोलियो प्रबंधकों को ग्राहकों की ओर से ऋण लेने से प्रतिबंधित करता है।
तथ्यविवेकाधीन PMS में क्लाइंट्स द्वारा सेवा के माध्यम से खरीदे गए प्रतिभूतियों (securities) का कानूनी स्वामित्व उनके पास ही रहता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: भारत में पोर्टफोलियो प्रबंधन सेवाओं (PMS) के ढांचे में निवेशक संरक्षण और पारदर्शिता के महत्व पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: व्यापारियों से इसकी कार्यप्रणाली के संबंध में प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर, SEBI लगभग 200 शेयरों के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम (CAS) की समीक्षा कर रहा है।
CAS को 3 अगस्त को लगभग 200 शेयरों की समापन कीमतें निर्धारित करने हेतु एक नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से शुरू किया गया था। SEBI वर्तमान में यह निर्धारित करने के लिए व्यापारियों की प्रतिक्रिया का विश्लेषण कर रहा है कि क्या संरचनात्मक परिवर्तनों की आवश्यकता है।
प्रीलिम्स बिंदु (3)
विज्ञान-तकनीकCAS: SEBI द्वारा नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से विशिष्ट शेयरों की समापन कीमतें निर्धारित करने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक तंत्र।
संस्थाSEBI: भारत में प्रतिभूतियों और पूंजी बाजारों का प्राथमिक नियामक।
तथ्यवर्तमान में CAS लगभग 200 स्टॉक्स पर लागू होता है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: पूंजी बाजारों में पारदर्शी मूल्य निर्धारण तंत्र के महत्व और बाजार की अखंडता सुनिश्चित करने में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की भूमिका पर चर्चा कीजिए।
चर्चा में क्यों: बेंगलुरु-चेन्नई औद्योगिक गलियारे के तुमकुरु नोड की प्रगति की घोषणा बड़े और मध्यम उद्योग मंत्री द्वारा की गई, जिसका उद्देश्य औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन करना है।
तुमकुरु नोड 1,736 एकड़ के क्षेत्र में विस्तृत है और इसका लक्ष्य ₹7,000 करोड़ का निवेश आकर्षित करना है। अनुमान है कि इससे 88,000 से अधिक रोजगार सृजित होंगे, जिसमें जिंदल एल्युमिनियम 151 एकड़ की भूमि पर मुख्य निवेशक (एंकर इन्वेस्टर) के रूप में कार्य करेगा।
प्रीलिम्स बिंदु (5)
तथ्यतुमकुरु नोड: औद्योगिक विकास के लिए 1,736 एकड़ क्षेत्र निर्धारित किया गया है।
तथ्यनिवेश लक्ष्य: Tumakuru Node के लिए ₹7,000 करोड़।
तथ्यवर्तमान प्रगति: 30% भौतिक और 20% वित्तीय प्रगति प्राप्त हुई है।
संस्थाबेंगलुरु–चेन्नई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर: भारत के इंडस्ट्रियल कॉरिडोर नेटवर्क का एक प्रमुख घटक।
योजनाBHAVYA पहल: इसका उद्देश्य भारत भर में 16 स्मार्ट शहरों का विकास करना है।
मेन्स के लिए
प्रश्न: बेंगलुरु-चेन्नई जैसे औद्योगिक गलियारों के विकास से भारत में क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण और औद्योगिक विकास को मिलने वाले योगदान पर चर्चा कीजिए।