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पूंजी बाजार और IPO संरचनाएं: 'ऑफर फॉर सेल (OFS) और बाजार तरलता पर GS3 का एक केस स्टडी।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अपने IPO के प्रस्ताव आकार को घटाकर 12.64 करोड़ शेयरों कर दिया है, जिसका लक्ष्य 17 सितंबर से 22,662 करोड़ रुपये जुटाना है।
NSE IPO पूर्णतः मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 1,700-1,785 रुपये के मूल्य बैंड पर 12.64 करोड़ शेयरों की 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) पर आधारित है। ऊपरी मूल्य बैंड पर, इस IPO का मूल्यांकन 22,561.57 करोड़ रुपये है, जो इसे हुंडई मोटर इंडिया के 2024 के निर्गम के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा IPO बनाता है।
National Stock Exchange (NSE) IPO के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उत्तर: (b) केवल 1 और 3 — कथन 1 और 3 सही हैं। कथन 2 गलत है: IPO पूरी तरह से 'Offer for Sale' से बना है और इसमें कोई 'fresh issue' घटक नहीं है।
Q. बड़े आईपीओ (IPO) में 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) घटकों के महत्व और भारत में पूंजी निर्माण एवं बाजार तरलता पर उनके निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर के आयाम
कीवर्ड: Capital Markets · Offer for Sale · IPO · Market Capitalization · Liquidity
यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।