सत्याधीशसत्याधीश
SatyaDheesh
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
ताज़ा करने के लिए खींचें
भाग I · स्था. 11.2025 
SatyaDheesh
सत्याधीश
भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
लाइव

UPI और RuPay ट्रांजेक्शन पर अब बैंक नहीं ले पाएंगे चार्ज

GS3अर्थव्यवस्था · विज्ञान-तकनीक · पर्यावरण · सुरक्षा· मौद्रिक नीति, RBI एवं बैंकिंग· प्रीलिम्स + मेन्स·

डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा (Digital Public Infrastructure) और वित्तीय समावेशन: लेनदेन लागत के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण GS3 विषय।

चर्चा में क्यों

भारत सरकार ने पेमेंट एंड सेटलमेंट एक्ट, 2007 में संशोधन अधिसूचित किए हैं, जिसके तहत बैंकों के लिए ₹2,000 तक के UPI ट्रांजेक्शन और RuPay डेबिट कार्ड भुगतान पर शुल्क लेना प्रतिबंधित कर दिया गया है।

पृष्ठभूमि

अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी बैंक या सिस्टम प्रदाता ₹2,000 तक के UPI लेनदेन या RuPay-आधारित डेबिट कार्ड भुगतान पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शुल्क नहीं लगा सकता है। यह संशोधन पिछले प्रावधानों में बदलाव करता है ताकि बड़े ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगाने की संभावना बनी रहे, जिस पर वर्तमान में अंतिम निर्णय लंबित है।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • अधिनियम / विधेयकपेमेंट एंड सेटलमेंट एक्ट, 2007 (Payment and Settlement Act, 2007)।
  • तथ्य₹2,000 तक के UPI ट्रांजेक्शन पर बैंक चार्ज से छूट दी गई है।
  • तथ्यRuPay-पावर्ड डेबिट कार्ड पेमेंट्स पर बैंक चार्ज नहीं लिए जाएंगे।
  • संस्थायूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (Unified Payments Interface - UPI) भुगतान का एक निर्धारित इलेक्ट्रॉनिक मोड है।

प्रीलिम्स अभ्यास प्रश्न

भारत में लेनदेन शुल्क (transaction charges) के संबंध में अधिसूचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. सरकार ने ₹2,000 से अधिक के लेनदेन के लिए शुल्क संरचना को पहले ही अंतिम रूप दे दिया है।
  2. RuPay-संचालित डेबिट कार्ड भुगतान बैंक शुल्कों से मुक्त हैं।
  3. बैंकों के लिए ₹2,000 तक के UPI लेनदेन पर शुल्क लेना प्रतिबंधित है।
  1. (a)केवल 2
  2. (b)केवल 3
  3. (c)केवल 1 और 3
  4. (d)केवल 2 और 3
उत्तर देखें

उत्तर: (d) केवल 2 और 3 — कथन 2 और 3 सही हैं। कथन 1 गलत है: सरकार ने अभी तक इस सीमा से अधिक के लेनदेन के लिए शुल्क संरचना का निर्णय नहीं लिया है।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारत में यूपीआई (UPI) जैसी डिजिटल भुगतान प्रणालियों पर लेनदेन शुल्क के नियमन के वित्तीय समावेशन और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास पर पड़ने वाले निहितार्थों का विश्लेषण कीजिए।

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗यह भी: GS2 · ई-गवर्नेंस एवं नागरिक सेवाएं

अर्थव्यवस्था पर और नोट्स

सभी अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स →

कोई गलती या कोई कमी?

किसी नोट में गलती दिखे, या तैयारी के लिए कोई टॉपिक, फॉर्मेट या पीडीएफ चाहिए, तो हमें लिखें। हम हर मेल पढ़ते हैं और गलतियाँ जल्दी ठीक करते हैं।

गलती बताएँ →कुछ और चाहिए? बताएँ →[email protected]

यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।