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भारत का जमीनी सत्य अभिलेख
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भाग I · स्था. 11.2025 
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13 दिसंबर, 2025 को आयोजित नेशनल लोक अदालत के दौरान गुंटूर जिले ने 23,287 सिविल मामलों को सुलझाकर एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया

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चर्चा में क्यों

13 दिसंबर, 2025 को आयोजित नेशनल लोक अदालत के दौरान गुंटूर जिले ने 23,287 सिविल मामलों को सुलझाकर एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।

पृष्ठभूमि

गुंटूर जिला न्यायपालिका ने कुल ₹576.85 करोड़ की समझौता राशि के साथ 23,287 मामलों का निपटारा किया। इन कार्यवाही का नेतृत्व जस्टिस चीकटी मानवेंद्रनाथ रॉय और जस्टिस राव रघुनंदन राव ने किया, जबकि जज बी. साई कल्याण चक्रवर्ती ने अध्यक्षता की।

प्रीलिम्स के लिए तथ्य

  • तथ्यगुंतूर जिले में एक नेशनल लोक अदालत (National Lok Adalat) सत्र में 23,287 मामलों का निपटारा किया गया।
  • तथ्यगुंटूर जिले में कुल सेटलमेंट राशि ₹576.85 करोड़ तक पहुंच गई।

मेन्स के लिए

प्रश्न: भारतीय न्यायिक प्रणाली में मुकदमों के लंबित होने की समस्या को कम करने और 'वैकल्पिक विवाद समाधान' (ADR) के सिद्धांत को बढ़ावा देने में लोक अदालतों की भूमिका का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर के आयाम

  • न्यायिक दक्षता: कोर्ट के बाहर होने वाले समझौतों के जरिए औपचारिक अदालतों पर बोझ कम करना
  • न्याय तक पहुँच: आम मुकदमतदारों के लिए कम लागत वाले और समयबद्ध विवाद समाधान की सुविधा
  • सुलह मॉडल: विरोध वाले मुकदमेबाजी से सिविल विवादों के सौहार्दपूर्ण निपटारे की ओर बदलाव

मुख्य शब्द: वैकल्पिक विवाद समाधान · न्यायिक लंबित मामले · सुलह · लीगल सर्विसेज अथॉरिटी · न्याय तक पहुँच

पूरी खबर पढ़ें →इस नोट में गलती बताएँनोट्स कैसे बनते हैंस्रोत: द हिंदू ↗

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यह नोट सत्यधीश के समाचार फ़ीड से स्वचालित रूप से तैयार किया गया है और यूपीएससी सीएसई पाठ्यक्रम से जुड़ा है। उत्तर में उपयोग करने से पहले तथ्यों का मूल रिपोर्ट या पीआईबी से मिलान करें।